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मरकुस की इन्ज़ील का तार्रुफ़

हिस्सा 1: आम तार्रुफ़

मरकुस की किताब का ख़ाका
  1. तार्रुफ़ (1:1-13)
  2. गलील में येसू की ख़िदमत -इब्तदाई ख़िदमत (1:14-3:6)
  3. येसू लोगों में ज़्यादा मक़बूल हो जाता है (3:7-5:43) -गलील से दूर मुन्तक़िल होना और फिर वापस लौटना (6:1-8:26)
  4. येरूशलेम की तरफ़ बढ़ना, येसू ने अपनी मौत की पेशीनगोई को कई दफ़ा दोहराया, शागिर्दां ने ग़लत समझा, और येसू उनको समझाता है कि उसकी पैरवी करना कितना मुश्किल है (8:27-10:52)
  5. ख़िदमत के आख़िरी अययाम और यरूशलीम में आख़िरी तनाज़अ की तैयारी (11:1-13:37)
  6. मसीह की मौत और ख़ाली क़ब्र (14:1-16:8)
मरकुस की किताब किस बारे में है?

मरकुस की इन्जील नये अहदनामे की चार किताबों में से एक है जो येसू मसीह की ज़िन्दगी का बयान करती है। इनजी ल के मुसन्निफ़ीन ने येसू के मुख़्तलिफ़ पहलुओं की बाबत लिखा कि येसू कौन था और उसने क्या किया। मरकुस ने ज़्यादातर येसू के दुख उठाने और सलीब पर मौत की बाबत लिखा। उसने ऐसा अपने क़ारिईन की हौसला अफ़ज़ाई के लिए लिखा जिन पर ज़ुल्म किया जा रहा था। मरकुस ने कुछ यहूदी रिवायात और अरामी अल्फाज़ों की भी वज़ाहत की। यह इस बात की निशानदेही हो सकती है कि मरकुस को उसके पहले क़ार ईन ज़्यादातर ग़ैर यहूदी होने की तवक्क़ो थी।

इस किताब का उनवान कैसे तजुर्मा किया जाना चाहिए?

मुतरजिमीन इस किताब को इसके रिवायती उनवान “मरकुस की इन्जील” या “मरकुस की मा’रिफ़त इन्जील” कहने का इन्तख़ाब कर सकते हैं। वो एक वाज़ेह उनवान भी मुन्तख़िब कर सकते हैं जैसा कि “येसू मसीह की ख़ुशख़बरी जो मरकुस ने लिखा”।(देखें:INVALID translate/translate-names)

मरकुस की किताब किसने लिखी ?

किताब मुसन्निफ़ का नाम नहीं देती है। ताहम, इब्तदाई मसीही दौर से, ज़्यादातर मसीहियों का ख़्याल है कि मुसन्निफ़ मरकुस था। मरकुस को यूहन्ना मरकुस के तौर भी जाना जाता था। वह पतरस का क़रीबी दोस्त था। हो सकता है मरकुस ने मुशाहदा न किया हो कि येसू ने क्या कहा और किया। लेकिन बहुत से आलिमों का ख़्याल है कि मरकुस ने अपनी इन्जील में वही लिखा जो पतरस ने येसू की बाबत उसे बताया।

हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसववुरात

येसू की ता’लीम के तरीक़े क्या थे?

लोगों ने येसू को एक रब्बी के तौर पर शुमार किया। रब्बी ख़ुदा के क़ानून का एक उस्ताद होता है। येसू ने इस्राइल में दीगर मज़हबी असातिज़ा के मुशाबह तरीक़ों में ता’लीम दी। उसके तालिबे इल्म थे जो उसके पीछे चले, वह जहाँ कहीं भी गया। इन तुलबा’ को शार्गिद कहा जाता था। वह अक्सर तम्सीलों को बताया। तम्सील वो कहानियाँ हैं जो अख़्लाक़ी सबक़ सिखाती हैं।(देखेंः शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत और शागिर्द, शागिर्दों और तमसील ,तमसीलों )

हिस्सा 3: अहम तर्जुमा के मसाएल

इन्जील ए मुतफिक़ा क्या हैं?

मत्ती, मरकुस, और लूका की इन्जील को इन्जीले मुतफिक़ा कहते हैं क्योंकि उनमें कई मिलते जुलते हिस्से हैं। लफ़्ज “मुत्तफ़िक़” का मतलब है “एक साथ देखना”। इबारतों को “मुत्तवाज़ी” समझा जाता है जब वो यक्सां हों या तक़रीबन दो या तीन इन्जीलों के दरमियान यक्सां हों। मुत्वाज़ी हिस्सों का तर्जुमा करते वक्त मुतर्जमीन को यक्सां लफ़्जों का इस्तेमाल करना चाहिए और उन्हें मुमकिन तौर पर यक्सां बनाना चाहिए।

येसू ख़ुद का हवाला “इब्न ए आदम” के तौर पर क्यों देता है?

इन्जीलों में, येसू ख़ुद को “इब्न ए आदम” बुलाता है। यह दानीएल का हवाला है 7:13-14. इस हिस्से में एक शख़्स “इब्न ए आदम” के तौर पर बयान किया गया है। इसका मतलब यह है कि वह शख़्स था जो इन्सान की तरह दिखता था। ख़ुदा ने इब्न ए आदम को इख़्तयार दिया कि वह क़ौमों पर हमेशा हुकूमत करे। और सब लोग हमेशा उसकी इबादत करें।

येसू के वक्त के यहूदी “इब्न ए आदम” का इस्तेमाल एक ख़िताब के तौर पर किसी के लिए नहीं करते थे। लिहाज़ा येसू ने इसे ख़ुद के लिए इस्तेमाल किया कि उनको समझने में मदद मिले कि वह वाक़ई कौन था।(देखें:इब्न-ए-आदम , इब्न-ए-आदम , )

कई ज़ुबानों में ख़िताब “इब्न ए आदम” का तर्जुमा करना मुश्किल हो सकता है। क़ा रईन लफ़्जी तर्जुमे को ग़लत समझ सकते हैं। मुतरज मीन किसी मुतबादिल पर ग़ौर कर सकते हैं जैसे कि “एक इन्सान”। ख़िताब की वज़ाहत के लिए एक हाशि या शामिल करना भी मददगार साबित हो सकता है।

मरकुस क्यों अक्सर ऐसी शराअतों का इस्तेमाल करता है जो वक्त के मुख़्तसर मुद्दतों का इशारा करते हैं?

मरकुस की इन्ज़ील 42 दफ़ा लफ़्ज “फ़िलफ़ोर” का इस्तेमाल करती है। मरकुस इन वाक़िआत को ज़्यादा दिलचस्प और शोख़ बनाने के लिए करता है। यह क़ारी को फ़ौरी तौर पर एक वाक़िये से दूसरे की तरफ़ लेजाता है।

मरकुस की किताब की इबारत में अहम मसाएल क्या हैं?

ज़ैल में दर्ज आयात बाइबल के पुराने तर्जुमे में पाये जाते है लेकिन सबसे ज़दीद तर्जुमे में शामिल नहीं किये गये हैं। मुतर्जमीन को मश्वरा दिया जाता है कि इन आयतों को शामिल न करें। ताहम, अगर मुतर्जमीन के इलाक़े में बाइबल के ऐसे पुराने तर्जुमे मौजूद है जिनमें एक या उससे ज़्यादा ऐसी आयात शामिल हैं तो मुतर्जमीन उन्हें शामिल कर सकते हैं। अगर उन्हें शामिल किया जाता है तो उन्हें मुरब्बा ब्रेकेट ([]) के अन्दर रखा जाना चाहिए ताकि वो इस बात की निशानदेही करें कि शायद वो मरकुस के असल इन्जील में नहीं थे।

  • “अगर किसी के सुनने के कान हों तो सुन ले।” (7:16)
  • “जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती।”(9:44)
  • “जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती।”(9:46)
  • “तब इस मज़्मून का वो नविश्ता कि वो बदकारों में गिना गया पूरा हुआ(15:28)

    ज़ैल में दर्ज पारा इब्तदाई दस्तावेजों में नहीं पाया जाता। ज़्यादातर बाइबल इस पारे को शामिल करती हैं, लेकिन जदीद बाइबलें इसे ब्रेकेट में रखती हैं ([]) किसी तरीक़े से ज़ाहिर करती हैं कि यह पारा मरकुस की इन्ज़ील के असल में नहीं हो सकता था। मुतर्जमीन को मश्वरा दिया जाता है कि बाइबल के जदीद तर्जुमें की तरह कुछ करें।

  • “हफ़्ते के पहले रोज़ जब वो सबेरे जी उठा, तो पहले मरियम मगदलीनी को जिसमें से उसने सात बदरूहें निकाली थीं दिखाई दिया। उसने जाकर उसके साथियों को, जो मातम करते और रोते थे ख़बर दी। उन्होंने ये सुनकर के वो जीता है और उसने उसे देखा है, यक़ीन न किया। इसके बाद वो दूसरी सूरत में उनमें से दो को जब वो देहात की तरफ़ पैदल जा रहे थे दिखाई दिया। उन्होंने भी जाकर बाकी लोगों को ख़बर दी, मगर उन्होंने उनका भी यक़ीन न किया। फिर वो उन ग्यारह को भी, जब खाना खाने बैठे थे दिखाई दिया, और उसने उनकी बेऐतिक़ादी और सख़्त दिली पर उनकी मलामत की, क्योंकि जिन्होंने उसके जी उठने के बाद उसे देखा था उन्होंने उनका यक़ीन न किया था। और उसने उनसे कहा, “तुम तमाम दुनिया में जाकर सारी ख़ल्क़ के सामने इन्ज़ील की मनादी करो। जो ईमान लाए और बपतिस्मा ले वो नज़ात पाएगा, और जो ईमान न लाए वो मुजरिम ठहराया जाएगा। और ईमान लाने वालों के दर्मियान ये मोजिज़े होंगे, वो मेरे नाम से बदरूहों को निकालेंगे, नई नई ज़बानें बोलेंगे, साँपों को उठा लेंगे, और अगर कोई हलाक करने वाली चीज़ पीएँगे तो उन्हें कुछ ज़रर न पहुँचेगा, वो बीमारों पर हाथ रखेंगे तो अच्छे हो जाऐंगे। ग़रज़ ख़ुदावन्द येसू उनसे कलाम करने के बाद आसमान पर उठाया गया, और ख़ुदा की दहनी तरफ बैठ गया। फिर उन्होंने निकल कर हर जगह मनादी की, और ख़ुदावन्द उनके साथ काम करता रहा, और कलाम को उन मोजिज़ों के वसीले से जो साथ साथ होते थे साबित करता रहा” (16:9-20)

(देखें:INVALID translate/translate-textvariants)

Mark 1

मरकुस 01 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ रखती हैं तकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 1:2-3 की शायरी में करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

“तू मुझे पाक साफ़ कर सकता है”

कोढ़ एक खाल की बीमारी थी जिसने एक शख़्स को नापाक और मुनासिब तरीके से ख़ुदा की इबादत करने के नाक़ाबिल बना दिया। येसू लोगों को जिस्मानी तौर पर “पाक साफ़ ” या सेहतमन्द साथ साथ रुहानी तौर पर “पाक साफ़ ” या ख़ुदा के साथ सही बनाने के क़ाबिल है।(देखें:साफ़,साफ़ सुथरा,साफ़ किया ,साफ़ करना ,साफ़ होना ,धुलना ,धुलाई ,धोया ,गन्दा )

“ख़ुदा की बादशाही क़रीब है”

उलमा इस पर बहस करते है कि “ख़ुदा की बादशाही” उस वकत मौज़ूद थी या ऐसी चीज़ है जो अब भी आ रही है। अंग्रेजी तर्जुमे अक्सर “हाथ में” जुमले का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह मुतर्जमीन के लिए मुश्किलात पैदा कर सकती है। दूसरे तर्जुमे “आ रहा है” और “क़रीब आ गया है” ज़ुमले का इस्तेमाल करते है।

Mark 1:1

मरकुस की किताब यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले जो येसू मसीह को बपतिस्मा देता है उसके आने की यसायाह नबी की पेशीनगोई के साथ शुरु’ होती है। मुसन्निफ़ मरकुस है, यूहन्ना मरकुस के तौर पर भी जाना जाता है, मरियम नामी कई ख़वातीन में से एक का बेटा है जिनका चारो इन्जीलों में ज़िक्र किया गया है। वह बरनबास का भतीजा भी है।

Υἱοῦ Θεοῦ

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Mark 1:2

πρὸ προσώπου σου

यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है “तुम से पहले (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

προσώπου σου…τὴν ὁδόν σου

यहाँ लफ़्ज “तेरे” येसू मसीह से मुराद है और वाहिद है। जब आप उसका तर्जुमा करें, “तेरे” इस्म ए ज़मीर का इस्तेमाल करें क्योंकि यह नबी की तरफ से एक इक्तबास है, और उसने येसू का नाम इस्तेमाल नहीं किया। (देखें: INVALID translate/figs-you)

ὃς

यह पैग़म्बर से मुराद है।

κατασκευάσει τὴν ὁδόν σου

यह काम ख़ुदावन्द की आमद के लिए लोगों की तैयारी ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तरजुमाः “लोगों को तेरी आमद के लिए तैयार करेगा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 1:3

φωνὴ βοῶντος ἐν τῇ ἐρήμῳ

यह एक जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “बयाबान में पुकारने वाले की आवाज सुनाई देती है” या “वो बयाबान में पुकारने वाले की आवाज सुनते हैं”

ἑτοιμάσατε τὴν ὁδὸν Κυρίου, εὐθείας ποιεῖτε τὰς τρίβους αὐτοῦ

इन दोनों ज़ुमलों का मतलब एक ही है। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

ἑτοιμάσατε τὴν ὁδὸν Κυρίου

ख़ुदावन्द के लिए रास्ता तैयार करो। यह काम ख़ुदावन्द के पैग़ाम के लिए, जब वह आए तैयार होने की नुमाइन्दगी करता है। लोग ऐसा अपने गुनाहों की तौबा के ज़रिए करते हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “ख़ुदावन्द का पैग़ाम सुनने के लिए तैयार हो जब वह आता है” या तौबा करो और तैयार हो ख़ुदावन्द के आने के लिए” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 1:4

इन आयतों में “वह”, “उसे”, और “उसका” यूहन्ना का हवाला देते हैं।

ἐγένετο Ἰωάννης

इस बात को यक़ीनी बनाएं कि आपके क़ारअीन को यह समझ आए यूहन्ना वह रसूल था जिसके बाबत यसायाह नबी ने पिछली आयत में ज़िक्र किया था।

Mark 1:5

πᾶσα ἡ Ἰουδαία χώρα καὶ οἱ Ἱεροσολυμεῖται πάντες

अल्फ़ाज़ “पूरे मुल्क” ऐसे लोगों के लिए एक इस्तआरा है जो मुल्क में रहते हैं और एक तजनीस है जो लोगों की एक बड़ी तादाद से मुराद है, हर एक शख़्स से नहीं। मुतबादिल तर्जुमाः “यहूदिया और यरूशलेम से तमाम लोग” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ἐβαπτίζοντο ὑπ’ αὐτοῦ ἐν τῷ Ἰορδάνῃ ποταμῷ, ἐξομολογούμενοι τὰς ἁμαρτίας αὐτῶν

उन्होंने यह काम एक ही वक़्त में किया। लोगों को बपतिस्मा दिया गया क्योंकि उन्होंने अपने गुनाहों से तौबा किया था। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “जब उन्होंने अपने गुनाहों से तौबा किया, यूहन्ना ने उन्हें दरया ए यरदन में बपतिस्मा दिया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 1:7

ἐκήρυσσεν

यूहन्ना ने ऐलान किया

οὗ οὐκ εἰμὶ ἱκανὸς, κύψας λῦσαι τὸν ἱμάντα τῶν ὑποδημάτων αὐτοῦ

यूहन्ना यह दिखाने के लिए एक ख़ादिम से ख़ुद को तश्बीह दे रहा है कि येसू कितना अज़ीम है। मुतबादिल तर्जुमाः “मैं उसके जूते उतारने जैसे हक़ीर काम के लायक़ नहीं हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὸν ἱμάντα τῶν ὑποδημάτων αὐτοῦ

उस वक़्त में जब येसू ज़मीन पर था, लोग अक्सर सैन्डल पहनते थे जो चमड़े के बने हुए थे और चमड़े के पट्टे के साथ उनके पावं से बँधे हुए थे।

κύψας

नीचे झुकना

Mark 1:8

αὐτὸς δὲ βαπτίσει ὑμᾶς ἐν Πνεύματι Ἁγίῳ

यह इस्तआरा यूहन्ना के पानी के बपतिस्मे की मुस्तक़बिल में रूह-उल-क़ुद्स के बपतिस्मे से तश्बीह देता है। इसका मतलब है कि यूहन्ना का बपतिस्मा उनके गुनाहों को सिर्फ अलामत के तौर पर साफ करता है। रूह-उल-क़ुद्स की तरफ़ से बपतिस्मा वाक़ई उनके गुनाहों को साफ़ करेगा। अगर मुमकिन है यहाँ दोनो के दर्मियान मुवाज़ना रखने के लिए “बपतिस्मा” के लिए उसी लफ़्ज का इस्तेमाल करें जो आपने यूहन्ना के बपतिस्मे के लिए इस्तेमाल किया है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 1:9

ἐγένετο ἐν ἐκείναις ταῖς ἡμέραις

यह कहानी के सिलसिले में एक नये वाक़अे को निशानज़द करता है। (देखें : INVALID translate/writing-newevent)

ἐβαπτίσθη…ὑπὸ Ἰωάννου

इसे जेर ए आमाल की सूरत में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “यूहन्ना ने उसे बपतिस्मा दिया”। (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 1:10

τὸ Πνεῦμα ὡς περιστερὰν καταβαῖνον ἐπ’ αὐτόν

मुमकिन मायने 1) यह एक तर्ज़ ए इज़हार है, और रूह एक परिन्दे की शक्ल में येसू पर उतरा, आसमान से ज़मीन की तरफ़ उतरता है या 2) रूह लफ़्जी तौर पर एक कबूतर की तरह येसू पर उतरा। (देखें : INVALID translate/figs-simile)

Mark 1:11

φωνὴ ἐγένετο ἐκ τῶν οὐρανῶν

यह ख़ुदा के बोलने को ज़ाहिर करता है। बाज़ औक़ात लोग ख़ुदा का सीधा हवाला देने से गुरेज़ करते हैं क्योंकि वह उसका एहतराम करते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “ख़ुदा ने आसमान से बोला” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-euphemism)

ὁ Υἱός…ὁ ἀγαπητός

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। बाप येसू को उसके अब्दी महब्बत की वजह से अपना “प्यारा बेटा” बुलाता है।(देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Mark 1:12

येसू के बपतिस्मे के बाद, वह 40 दिन के लिए बयाबान में है और फिर अपने शागिर्दां को सिखाने और बुलाने गलील को जाता है।

αὐτὸν ἐκβάλλει

येसू को बाहर जाने के लिए मजबूर किया

Mark 1:13

ἦν ἐν τῇ ἐρήμῳ

वह बयाबान में ठहरा रहा

τεσσεράκοντα ἡμέρας

40 दिन (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

ἦν μετὰ

वह दर्मियान में था

Mark 1:14

μετὰ…τὸ παραδοθῆναι τὸν Ἰωάννην

यूहन्ना के क़ैदख़ाने में डाले जाने के बाद। इसे जेर ए आमाल की सूरत में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “उनके यूहन्ना को गिरफ्तार करने के बाद” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

κηρύσσων τὸ εὐαγγέλιον

तमाम लोगों को ख़ुशख़बरी की बाबत बताना

Mark 1:15

πεπλήρωται ὁ καιρὸς

अब वक़्त है

ἤγγικεν ἡ Βασιλεία τοῦ Θεοῦ

तक़रीबन वक़्त हो गया है कि ख़ुदा अपने लोगों पर हुकूमत करना शुरु’ करे

Mark 1:16

εἶδεν Σίμωνα καὶ Ἀνδρέαν

येसू ने शमौन और अन्द्रियास को देखा

ἀμφιβάλλοντας ἐν τῇ θαλάσσῃ

इस बयान का मुकम्मल मायने बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मछली पकड़ने के लिए पानी में जाल डालना” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 1:17

δεῦτε ὀπίσω μου

मेरे पीछे आओ या “मेरे साथ आओ”

ποιήσω ὑμᾶς γενέσθαι ἁλιεῖς ἀνθρώπων

इस इस्तआरा का मतलब है शमौन और अन्द्रियास लोगों को ख़ुदा का हक़ीक़ी पैग़ाम सिखाऐंगे, चुनांचे दूसरे भी येसू की पैरवी करेंगे। मुतबादिल तर्ज़ुमाः मैं तुम्हें मेरे वास्ते आदमियों को पकड़ना सिखाऊंगा जैसे तुम मछली पकड़ते हो” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 1:19

ἐν τῷ πλοίῳ

यह यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इस कश्ती के मालिक याक़ूब और यूहन्ना थे - मुतबादिल तर्जुमा : “उनकी कश्ती में”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)

καταρτίζοντας τὰ δίκτυα

जालों की मरम्मत करना

Mark 1:20

ἐκάλεσεν αὐτούς

वाज़े तौर पर यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि येसू ने याक़ूब और यूहन्ना को क्यों बुलाया। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “उनको अपने साथ आने के लिए बुलाया”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τῶν μισθωτῶν

नौकर जो उनके लिए काम करते थे

ἀπῆλθον ὀπίσω αὐτοῦ

याक़ूब और यूहन्ना येसू के साथ गये।

Mark 1:21

येसू कफ़रनहूम शहर के इबादतख़ाने में सब्त के दिन ता’लीम देता है। एक बदरूह को एक आदमी में से निकालकर कर वह गलील के इर्द गिर्द तमाम क़रीबी इलाक़ों में लोगों को हैरान कर देता है।

εἰσπορεύονται εἰς Καφαρναούμ

कफ़रनहूम पहुँचे

Mark 1:22

ἦν γὰρ διδάσκων αὐτοὺς ὡς ἐξουσίαν ἔχων, καὶ οὐχ ὡς οἱ γραμματεῖς

“ता’लीम” का ख़्याल वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है “साहिब-ए-इख़्तियार” और “फ़क़ीहों” के बाबत बात करते वक़्त। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि वह उनको फ़क़ीहों की तरह नहीं, बल्के साहिब-ए-इख़्तियार की तरह ता’लीम देता था” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 1:24

τί ἡμῖν καὶ σοί, Ἰησοῦ Ναζαρηνέ?

बदरूहें यह ख़तीबाना सवाल पूछती हैं मतलब येसू को उनके साथ मुदाख़लत करने के लिए कोई वजह नहीं है और उनकी ख्वाहिश है कि वह उन्हें छोड़ दे। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “येसू नासरी, हमें अकेला छोड़ दे! तुझको हमारे साथ मुदाख़लत करने के लिए कोई वजह नहीं है। (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἦλθες ἀπολέσαι ἡμᾶς

बदरूहें येसू से एहतियाज करते हुए यह ख़तीबाना सवाल पूछती हैं कि वह उन्हें नुकसान न पहुँचाए। मुतबादिल तर्जुमा : “हमें हलाक न कर”! (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 1:26

σπαράξαν αὐτὸν

यहाँ लफ़्ज “उसे” उस आदमी से मुराद है जो बदरूह की गिरफ्त में था।

φωνῆσαν φωνῇ μεγάλῃ

वह बदरूह है जो चिल्ला रही है, न कि आदमी।

Mark 1:27

συνζητεῖν πρὸς αὐτοὺς λέγοντας, τί ἐστιν τοῦτο? διδαχὴ καινή κατ’ ἐξουσίαν!…ὑπακούουσιν αὐτῷ!

लोगों ने दो सवालात का इस्तेमाल यह ज़ाहिर करने के लिए कि वो कितने हैरान थे। सवालात अस्तअजाब के तौर पर बयान किये जा सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : उन्होंने एक दूसरे से कहा, “यह हैरत अंगेज है! वह एक नई ता’लीम देता है, और वह इख़्तियार के साथ बोलता है!...और वो उसका हुक्म मानते हैं!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἐπιτάσσει

लफ़्ज “वो” येसू से मुराद है।

Mark 1:29

बदरूह में गिरफ्त आदमी को शिफ़ा देने के बाद, येसू ने शमौन की सास और तमाम दूसरे लागों को शिफ़ा दिया।

Mark 1:30

ἡ δὲ πενθερὰ Σίμωνος κατέκειτο πυρέσσουσα

लफ़्ज “अब” शमौन की सास की कहानी में तार्रुफ़ करता है और उसकी बाबत पस मंज़री मालुमात देता है। (देखेंः INVALID translate/writing-participants और INVALID translate/writing-background)

Mark 1:31

ἤγειρεν αὐτὴν

उसके खड़े होने की वजह बना या “उसे बिस्तर से बाहिर निकलने के क़ाबिल बना दिया”

ἀφῆκεν αὐτὴν ὁ πυρετός

आप वाज़ेह करना चाहे तो कर सकते हैं कि उसे किसने शिफ़ा दिया। मुतबादिल तर्ज़ुमाः येसू ने उसे तप से शिफ़ा दी। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

διηκόνει αὐτοῖς

आप वाज़ेह करना चाहे तो कर सकते हैं कि उसने खाना पेश किया। मुतबादिल तर्जुमा : उसने उन्हें खाना और मशरूबात फ़राहम किया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 1:32

यहाँ लफ़्ज “उसके” और “वह” येसू का हवाला देते हैं।

πάντας τοὺς κακῶς ἔχοντας καὶ τοὺς δαιμονιζομένους

लफ़्ज “सब” एक मुबालग़ा आराई है जो आने वाले लोगों की अज़ीम ता’दाद पर ज़ोर देता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “कई जो बीमार थे या बदरूहों की गिरफ़्त में थे। (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 1:33

ἦν ὅλη ἡ πόλις ἐπισυνηγμένη πρὸς τὴν θύραν

लफ़्ज “शहर” उन लोगों के लिए एक इस्तआरा है जो शहर में रहते हैं। यहाँ लफ़्ज “सारा” शायद एक तजनीस है जो इस पर ज़ोर देता है कि शहर से ज़्यादातर लोग जमा’ हुए थे। मुतबादिल तर्जुमा : “शहर से तमाम लोग दरवाज़े के बाहर जमा हुए” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 1:35

यहाँ अल्फ़ाज़ “उसने” और “उसे” येसू से मुराद हैं।

येसू लोगों को शिफ़ा देने के दर्मियान दुआ के लिए वक़्त निकालता है। उसके बाद वह सारे गलील के शहरों में मनादी करने, शिफ़ा देने, और बदरूहों को निकालने जाता है।

ἔρημον τόπον

एक जगह जहाँ वह अकेला हो सकता है

Mark 1:36

Σίμων καὶ οἱ μετ’ αὐτοῦ

यहाँ “उसके” शमौन का हवाला देता है। उसके साथ अन्द्रियास, याकू़ब, यूहन्ना और मुमकिन तौर पर दूसरे लोग भी शामिल हैं।

Mark 1:37

πάντες ζητοῦσίν σε

लफ़्ज “सब लोग” एक मुबालग़ा आराई है जो उन तमाम लोगों पर ज़ोर देता है जो येसू को ढूँड रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “कई लोग तुझे ढूँढ रहे हैं” (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 1:38

यहाँ अल्फ़ाज़ “उसने” और “मैं” येसू से मुराद हैं।

ἄγωμεν ἀλλαχοῦ

हमें किसी दूसरे जगह जाने की जरूरत है। यहाँ येसू लफ़्ज “हमें” का इस्तेमाल शमौन, अन्द्रियास, याकूब और यूहन्ना के साथ ख़ुद का हवाला देने के लिए करता है।

Mark 1:39

ἦλθεν…εἰς ὅλην τὴν Γαλιλαίαν

लफ़्ज “तमाम” एक मुबालग़ा आराई है जो इस पर ज़ोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया है कि येसू अपनी ख़िदमत के दौरान कई मक़ामात पर गया। मुतबादिल तर्जुमा : “वह गलील के बहुत से मक़ामात पर गया” (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 1:40

ἔρχεται πρὸς αὐτὸν λεπρὸς, παρακαλῶν αὐτὸν καὶ γονυπετῶν λέγων αὐτῷ

एक कोढ़ी येसू के पास आया। वह झुका और येसू से मिन्नत कर रहा था और कहा

ἐὰν θέλῃς, δύνασαί με καθαρίσαι

पहले जुमले में, अल्फ़ाज “मुझे पाक साफ़ कर” दूसरे जुमले की वजह से समझा जाता है। मुतबादिल तरजुमा : “अगर तू मुझे पाक साफ़ करना चाहे, तो मुझे पाक साफ़ कर सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

θέλῃς

चाहत या “ख्वाहिश”

δύνασαί με καθαρίσαι

बाइबल के ज़माने में, एक शख़्स जिसको किसी तरह की जिलद की बीमारी थी उसे नापाक समझा जाता था जब तक कि उसकी खाल इस हद तक शिफ़ा न पाले कि और अफ़ूनत से पाक न हो। मुतबादिल तर्जुमा : “तू मुझे शिफ़ा दे सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 1:41

σπλαγχνισθεὶς

यहाँ लफ़्ज “तरस” एक मुहावरा है जिसके मायने हैं दूसरों की जरूरतों के जज़्बे को एहसास करना। “येसू ने उस पर तरस खाया” या “येसू ने उस आदमी के लिए तरस महसूस किया, लिहाजा वह” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

θέλω

यह बयान करना मददगार हो सकता है जो येसू करने की चाहत रखता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मैं चाहता हूँ कि तू पाक साफ़ हो जा” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 1:43

यहाँ लफ़्ज “उसे” उस कोढ़ी से मुराद है जिसे यिसू ने शिफ़ा दी ।

Mark 1:44

ὅρα μηδενὶ, μηδὲν εἴπῃς

यक़ीनन किसी से कुछ न कहना

σεαυτὸν δεῖξον τῷ ἱερεῖ

येसू ने आदमी से कहा कि ख़ुद को काहिन को दिखाए ताकि काहिन उसकी खाल को देख सके और यह देखे कि उसका कोढ़ वाक़ई चला गया था। मूसा के शरियत का यह मुतालबा था कि अपने आप को काहिन के सामने पेश करें अगर वो नापाक रहे हो लेकिन अब कोई नापाकी न हो। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

σεαυτὸν δεῖξον

लफ़्ज “अपने आप को” यहाँ कोढ़ी की खाल की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अपनी खाल दिखा” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

μαρτύριον αὐτοῖς

आपकी ज़ुबान में अगर मुमकिन है, तो इस्म ए ज़मीर “उनको” का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर है। मुमकिन मायने 1) “काहिनों को गवाही” या 2) लोगों को गवाही।”

Mark 1:45

ὁ δὲ ἐξελθὼν

लफ़्ज “वो” उस आदमी से मुराद है जिसे येसू ने शिफ़ा दी।

ἤρξατο…διαφημίζειν τὸν λόγον

यहाँ “ख़बरें वसीअ पैमाने पर फैलना” कई मक़ामों पर लोगों को इस बाबत बताने के लिए एक इस्तआरा है कि क्या हुआ था। मुतबादिल तर्जुमा : “कई मक़ामों पर इस बाबत बताना शुरू किया कि येसू ने क्या किया था”(देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ὥστε

उस आदमी ने ख़बर को इतना ज़्यादा फैलाया कि

ὥστε μηκέτι αὐτὸν δύνασθαι φανερῶς εἰς πόλιν εἰσελθεῖν

यह उस आदमी के ख़बर को इतना ज़्यादा फैलाने का नतीजा था। यहाँ “खुलकर” एक इस्तआरा है “आम तौर पर” के लिए। येसू शहरों में दाखिल न हो सका क्योंकि बहुत से लोगो ने उसके इर्द गिर्द भीड़ कर दिया। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “येसू आम तौर पर और कस्बों में दाखिल न हो सका” या “येसू इस तरह कस्बों में दाखिल न हो सका कि तमाम लोग उसे देख पाते”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐρήμοις τόποις

वीरान मक़ामों या “वो मक़ाम जहाँ कोई नहीं रहता था”

πάντοθεν

लफ़्ज “हर जगह” एक मुबालग़ा है जिसका इस्तेमाल इस पर जोर देने के लिए किया गया है कि किस तरह बहुत से मक़ामात से लोग आए। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “पूरे इलाके से” (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 2

मरकुस 02 आम हाशिये

इस बाब के ख़ास तसव्वुरात

“गुनाहगार”

जब येसू के जमाने के लोग गुनाहगारों की बाबत बोलते थे, तो वे उन लोगों की बाबत बोल रहे थे जिन्होंने मूसा की शरिअत की फ़रमान बरदारी नहीं की और उसकी बजाए चोरी और जिन्सी गुनाहों की तरह के गुनाहों का इरतिकाब किया। जब येसू ने कहा कि वह “गुनाहगारों” को बुलाने आया है, उसका मतलब था कि सिरफ़ वही लोग उसके पैरोकार हो सकते हैं जो ईमान रखते हैं कि वो गुनाहगार हैं। यही सच है चाहे वो ऐसा न समझें जैसा कि ज़्यादातर लोग “गुनाहगारों” के तौर पर सोचते हैं। (देखें:गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

रोज़े और जश्न

लोग रोज़े रखते, या एक तवील वक़्त के लिए खाना नहीं खाते, जब वो उदास होते या ख़ुदा को दिखा रहे होते कि अपने गुनाहों के लिए उन्हें अफ़सोस था। जब वो ख़ुश होते, जैसा शादियों के दौरान, वो जश्न मनाते या खाना खाते जहाँ वो ज़्यादा खाना खाते। (देखें:रोज़ा, रोज़े, रोज़ा रखा, रोज़ा, रोज़ा रखना )

इस बाब में अहम अन्दाज ए इज़हार

ख़तीबाना सवाल

यहूदी रहनुमाओं ने यह दिखाने के लिए ख़तीबाना सवालों का इस्तेमाल किया कि जो येसू ने कहा और किया उस वजह से वो ख़फा थे और वो ईमान नहीं रखते थे कि वह ख़ुदा का बेटा था (मरकुस 2:7). येसू ने यहूदी रहनुमाओं को यह दिखाने के लिए उनका इस्तेमाल किया कि वो मुतकब्बर थे (मरकुस 2:25-26). (देखें : INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 2:1

गलील भर में मनादी और लोगों की शिफ़ायाबी के बाद येसू कफ़रनहूम को वापस जाता है जहाँ वह एक मफ़्लूज आदमी को शिफ़ा देता है और उसके गुनाह मुआफ़ करता है।

ἠκούσθη ὅτι ἐν οἴκῳ ἐστίν

इसे जेर ए आमाल की सूरत में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “वहाँ के लोगों ने सुना कि वो अपने घर में ठहरा था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 2:2

καὶ συνήχθησαν πολλοὶ

लफ़्ज “वहाँ” उस घर से मुराद है जिसमें येसू कफ़रनहूम में ठहरा था। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “तमाम लोग वहाँ जमा हो गये” या “तमाम लोग उस घर पर आये” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

μηκέτι χωρεῖν, μηδὲ τὰ

यह घर के अन्दर कोई जगह न होने का हवाला देता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “उनके लिए अन्दर कोई जगह नहीं थी” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐλάλει αὐτοῖς τὸν λόγον

येसू ने उन्हें अपना पैगाम सुनाया

Mark 2:3

αἰρόμενον ὑπὸ τεσσάρων

उनमें से चार उसे ले जा रहे थे। ऐसा लगता है कि उस गिरोह के अन्दर चार से ज़ायद लोग थे जो उस आदमी को येसू के पास लाए थे।

φέροντες…παραλυτικὸν

एक आदमी को ला रहे थे जो चलने या अपनी बाहों का इस्तेमाल करने के काबिल नहीं था

Mark 2:4

μὴ δυνάμενοι προσενέγκαι αὐτῷ

जहाँ येसू था उसके क़रीब न जा सके

ἀπεστέγασαν τὴν στέγην…χαλῶσι

येसू जहाँ रहता था वहाँ के घर मिट्टी के बने हुए चौरस छत वाले थे और खपरैल से ढँके हुए थे। छत में एक सुराख़ बनाने के अमल को ज़्यादा वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है या ज़्यादा आम बनाया जा सकता है नतीजतन आपकी ज़बान में इसे समझा जा सकता है। मुतबादिल तरजुमा : “उन्होंने जहाँ येसू था उसके ऊपर के छत के हिस्से से खपरैल हटा दिए। और जब उन्होंने मिट्टी के छत को निकाल डाला, तब उन्होंने उस चार पाई को लटका दिया” जिसपर मरीज़ लेटा था या “उन्होंने जहाँ येसू था उसके ऊपर छत में एक सुराख़ बनाया, और फिर उसे लटका दिया”

Mark 2:5

ἰδὼν…τὴν πίστιν αὐτῶν

लोगों के ईमान को देखकर। मुमकिन मायने 1) सिर्फ उन लोगों का ईमान था जो मफ़्लूज आदमी को लाये थे या 2) वह मफ़्लूज आदमी और जो उसे येसू के पास लाये थे सब ईमान रखते थे। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τέκνον

यहाँ लफ़्ज “बेटा” दिखाता है कि येसू उस आदमी की इस कदर परवाह करता है जैसा बाप एक बेटे के लिए। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मेरे बेटे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἀφέωνται σου αἱ ἁμαρτίαι

अगर मुमकिन हो तो इसका तर्जुमा इस तरीके से करें कि येसू वाज़ेह तौर पर नहीं कहता है कि इन्सान के गुनाह कौन माफ़ करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तेरे गुनाह चले गये” या “तुझे अपने गुनाहों के लिए अदा नहीं करना है” या “तेरे गुनाह तेरे खिलाफ़ शुमार नहीं करते”

Mark 2:6

διαλογιζόμενοι ἐν ταῖς καρδίαις αὐτῶν

यहाँ “उनके दिल” लोगों के ख़्यालात के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “ख़ुद को सोच रहे थे”(देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 2:7

τί οὗτος οὕτως λαλεῖ?

फ़क़ीहों ने अपना गुस्सा दिखाने के लिए इस सवाल का इस्तेमाल किया कि येसू ने कहा “तेरे गुनाह मुआफ़ हुए”। मुतबादिल तर्ज़ुमाः इस आदमी को इस तरह बात नहीं करना चाहिए!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

τίς δύναται ἀφιέναι ἁμαρτίας, εἰ μὴ εἷς ὁ Θεός

फ़क़ीहों ने इस सवाल का इस्तेमाल किया यह कहने के लिए कि सिर्फ़ ख़ुदा गुनाह मुआफ़ कर सकता है, फिर येसू को नहीं कहना चाहिए “तेरे गुनाह मुआफ़ हुए।” मुतबादिल तर्ज़ुमाः “सिर्फ़ ख़ुदा ही गुनाह मुआफ़ कर सकता है!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 2:8

τῷ πνεύματι αὐτοῦ

अपने अन्दरूनी वजूद में या “ख़ुद में”

διαλογίζονται ἐν ἑαυτοῖς

फ़क़ीहों में से हर एक अपने आप में सोच रहा था, वह एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे।

τί ταῦτα διαλογίζεσθε ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν

येसू इस सवाल का इस्तेमाल फ़क़ीहों को बताने के लिए करता है कि जो वो सोच रहे हैं ग़लत है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “जो तुम सोच रहे हो वह ग़लत है।” या “यह न सोचो कि मैं कुफ़्र बक रहा हूँ।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ταῦτα…ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν

लफ़्ज “दिलों” उनके अन्दरूनी ख़्यालात और ख्वाहिशात के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह तुम्हारे ख़ुद के अन्दर” या “ये बातें” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 2:9

τί ἐστιν εὐκοπώτερον, εἰπεῖν τῷ παραλυτικῷ…ἆρον τὸν κράβαττόν σου καὶ περιπάτει?

येसू इस सवाल का इस्तेमाल फ़क़ीहों को इस बाबत सोचने के लिए इस्तेमाल करता है कि किस बात से साबित हो सकता है कि वह गुनाह मुआफ़ कर सकता था या नहीं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मैंने मफ़्लूज आदमी से ये कहा, “तेरे गुनाह मुआफ़ हुए।” तुम सोच सकते हो कि यह कहना ज़्यादा मुश्किल है कि “उठ, अपनी चारपाई उठाकर चल फिर,” क्योंकि मैं उसे शिफ़ा दे सकता हूँ या नहीं इस का सबूत इससे दिया जायेगा कि वह उठकर चलता है या नहीं।” या “तुम सोच सकते हो कि मफ़्लूज आदमी से यह कहना आसान है कि “तेरे गुनाह मुआफ़ हुए” या यह कहना कि “उठ, अपनी चारपाई उठाकर चल फिर।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 2:10

ἵνα δὲ εἰδῆτε

लेकिन ताकि तुम जान सको। लफ़्ज “तुम” फ़क़ीहों और भीड़ से मुराद है।

ὅτι ἐξουσίαν ἔχει ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου

येसू “इब्न ए आदम” के तौर पर अपना हवाला देता है।मुतबादिल तर्ज़ुमाः “कि मैं इब्न ए आदम हूँ और मुझे इख़्तियार है” (देखें:INVALID translate/figs-123person)

Mark 2:12

ἔμπροσθεν πάντων

जबकि वहाँ सब लोग देख रहे थे

Mark 2:13

जबकि वहाँ सब लोग देख रहे थे येसू गलील की झील के नज़दीक ता’लीम दे रहा था, और वह लावी को अपनी पैरवी करने के लिए बुलाता है।

τὴν θάλασσαν

यह वही गलील का झील है जो गन्नेसरत की झील के नाम से भी मशहूर है।

ὁ ὄχλος ἤρχετο πρὸς αὐτόν

लोग वहाँ गये जहाँ वो था

Mark 2:14

Λευεὶν τὸν τοῦ Ἁλφαίου

हलफ़ई लावी का बाप था। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 2:15

यह अब दिन में बाद का वक़्त है, और येसू खाने के लिए लावी के घर में है।

τῇ οἰκίᾳ αὐτοῦ

लावी का घर

ἁμαρτωλοὶ

लोग जो मूसा के शरीअत की फ़रमानबरदारी नहीं करते थे लेकिन जैसा दूसरों ने सोचा बहुत बड़े गुनाहों का इरतिकाब किया

ἦσαν γὰρ πολλοὶ, καὶ ἠκολούθουν αὐτῷ

मुमकिन मायने 1) “क्योंकि वहाँ कई महसूल लेने वाले और गुनाहगार थे जिन्होंने येसू की पैरवी की” या 2) येसू के बहुत से शागिर्द थे और उन्होंने उसकी पैरवी की।”

Mark 2:16

μετὰ τῶν τελωνῶν καὶ ἁμαρτωλῶν ἐσθίει?

फ़क़ीहों और फ़रीसियों ने इस सवाल को यह दिखाने के लिए पूछा कि वो येसू की मेज़बानी को रद्द करते थे। यह एक बयान के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “उसे गुनाहगारों और महसूल लेने वालों के साथ नहीं खाना चाहिए!”(देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 2:17

येसू इस बात का जवाब देता है जो फ़क़ीहों ने उसके शागिर्दों से महसूल लेने वालों और गुनाहगारों के साथ उसके खाने के बाबत कहा था।

λέγει αὐτοῖς

उसने फ़क़ीहों से कहा

οὐ χρείαν ἔχουσιν οἱ ἰσχύοντες ἰατροῦ, ἀλλ’ οἱ κακῶς ἔχοντες

येसू ने बीमार लोगों और डॉक्टरों के बाबत इस कहावत का इस्तेमाल उन्हें यह सिखाने के लिए किया कि सिर्फ़ वही लोग जो जानते हैं कि वह गुनाहगार हैं , यह महसूस करते हैं कि कि उन्हें येसू की ज़रूरत है।(देखें:INVALID translate/writing-proverbs)

ἰσχύοντες

सेहतमन्द

οὐκ ἦλθον καλέσαι δικαίους, ἀλλὰ ἁμαρτωλούς

येसू को अपने सुनने वालों से यह समझने की तवक्को है कि वह उन लोगों के लिए आया है जो मदद चाहते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मैं उन लोगों के लिए आया जो यह समझते हैं कि वो गुनाहगार हैं, न कि उनके लिए जो यक़ीन रखते हैं वो रास्तबाज़ हैं। (देखें:INVALID translate/figs-irony)

ἀλλὰ ἁμαρτωλούς

अल्फ़ाज “मैं बुलाने आया हूँ” को इससे पहले जुमले से समझा गया है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “लेकिन मैं गुनाहगारों को बुलाने आया हूँ” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 2:18

येसू यह ज़ाहिर करने के लिए तम्सील बताता है कि उसके शागिर्दों को रोज़ा क्यों नहीं रखना चाहिए जबकि वह उनके साथ है। (देखें:INVALID translate/figs-parables)

οἱ Φαρισαῖοι νηστεύοντες…οἱ μαθηταὶ τῶν Φαρισαίων

ये दोनों जुमले एक ही गिरोह के लोगों का हवाला देते हैं, लेकिन दूसरा ज़्यादा मख़्सूस है। दोनों फ़रीसी फ़िर्क़े के पैरोकारों का हवाला देते हैं, लेकिन वह फ़रीसियों के रहनुमाओं पर तवज्जोह नहीं देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “फ़रीसियों के शागिर्द रोज़ा रख रहे थे.....फ़रीसियों के शागिर्द”

ἔρχονται

कुछ आदमी। इस जुमले का तर्जुमा वजाहत के बग़ैर करना सबसे बेहतर है कि वो आदमी कौन हैं। अगर आपकी ज़ुबान में आपको ज़्यादा मख़्सूस होना है, तो मुमकिन मायने हैं 1) ये आदमी यूहन्ना के शागिर्दों या फ़रीसियों के शागिर्दों में से नहीं थे या 2) ये आदमी यूहन्ना के शागिर्दों में से थे।

ἔρχονται καὶ λέγουσιν αὐτῷ

आये और येसू से बोले

Mark 2:19

μὴ δύνανται οἱ υἱοὶ τοῦ νυμφῶνος ἐν ᾧ ὁ νυμφίος μετ’ αὐτῶν ἐστιν νηστεύειν?

येसू इस सवाल का इस्तेमाल उनको वह याद दिलाने के लिए करता है जो वह पहले से जानते हैं और उनकी हौसला आफ़जाई के लिए कि यह उसके और उसके शागिर्दों के लिए इस्तेमाल हो। मुतबादिल तर्जुमा : “बराती रोज़ा नहीं रखते जब तक दुल्हा उनके साथ है। बल्कि वो जश्न मनाते हैं।”

Mark 2:20

ἀπαρθῇ…ὁ νυμφίος

इसे ज़ेर ए अमल की सूरत में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “दूल्हा चला जायेगा”(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἀπαρθῇ ἀπ’ αὐτῶν…νηστεύσουσιν

लफ़्ज “उनसे” और “वो” बारातियों का हवाला देते हैं।

Mark 2:21

οὐδεὶς ἐπίβλημα ῥάκους ἀγνάφου ἐπιράπτει ἐπὶ ἱμάτιον παλαιόν

पुराने कपड़े पर कोरे कपड़े का पैवन्द पुराने कपड़ें के सुराख़ को और बदतर बना देगा अगर कोरे कपड़े का टुकड़ा अब तक सिकुड़ न गया हो। कोरा कपड़ा और पुरानी पोशाक दोनों बर्बाद हो जाएंगे। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 2:22

येसू दूसरा तम्सील बताना शुरू करता है। यह नयी मय को नयी मश्कों में भरने की बजाय पुरानी मश्कों में भरने के बारे में हैं। (देखें:INVALID translate/figs-parables)

οἶνον νέον

अंगूर का रस। यह उस मय से मुराद है जो अभी तक ख़मीरशुदा नहीं है। अगर अंगूर आपके इलाक़े में नामालूम है तो फल के रस के लिए आम लफ़्ज का इस्तेमाल करें।

ἀσκοὺς παλαιούς

यह उन मश्कों का हवाला देता है जिनको कई दफ़ा इस्तेमाल किया जा चुका है।

ἀσκοὺς

यह जानवरों की खाल से बनाए गये थैले थे। इन्हें “मय का थैला” या “खाल का थैला” भी कहा जा सकता है।

ῥήξει ὁ οἶνος τοὺς ἀσκούς

नयी मय ख़मीरशुदा होकर फैलती है, तो यह पुराने नाज़ुक मश्कों को फाड़ने का सबब होगा।

ἀπόλλυται

बर्बाद हो जायेगा

ἀσκοὺς καινούς

नयी मश्कें या “नयी मय की थैली”। यह उन मश्कों का हवाला देती हैं जिनका कभी इस्तेमाल नयी किया गया है।

Mark 2:23

येसू फ़रीसियों को किताबे मुक़द्दस से एक मिशाल देता है यह ज़ाहिर करने के लिए कि क्यों शागिर्दों का सब्त के दिन बालें तोड़ना ग़लत नहीं था।

τίλλοντες τοὺς στάχυας

दूसरों के ज़मीन से बालें तोड़ने और खाने को चोरी नहीं समझा जाता था। सवाल ये था कि ऐसा सब्त के दिन करना रवा था कि नहीं। शागिर्दों ने अनाज की बालें तोड़ लिए उनके अन्दर के गूदों या बीजों को खाने के लिए। यह मुकम्मल मायने जानने के लिए कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “अनाज की बालें तोड़ना और उनके बीज खाना” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τοὺς στάχυας

“बालें” गेंहूँ के पौदे का बालातर हिस्सा हैं, जो लम्बे घास की एक क़िस्म है। पका अनाज या बीज पौदे के बालियों में होता है

Mark 2:24

फ़रीसियों ने उस बाबत एक सवाल पूछा जो शागिर्द कर रहे थे (आयत 23)

ποιοῦσιν τοῖς Σάββασιν ὃ οὐκ ἔξεστιν

दूसरों की ज़मीन में बालें तोड़ना और खाना (आयत 23) चोरी नहीं समझा जाता था। सवाल ये था कि ऐसा सब्त के दिन करना रवा था कि

ἴδε, τί ποιοῦσιν τοῖς Σάββασιν ὃ οὐκ ἔξεστιν?

फ़रीसियों ने येसू की मज़म्मत करने के लिए एक सवाल पूछा। इसका तर्जुमा एक बयान के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “देखो! वह सब्त के बाबत यहूदियों का क़ानून तोड़ रहे हैं।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἴδε

इस पर नज़र डालें या “सुनें”। इस लफ़्ज का इस्तेमाल किसी की तवज्जो हासिल करने के लिए या कुछ दिखाने के लिए किया जाता था। अगर आपकी ज़बान में ऐसा लफ़्ज है जिसे किसी की तवज्जों हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो आप उसे यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं।

Mark 2:25

येसू एक सवाल पूछने के जरिए फ़रीसियों को डाँटना शुरू करते हैं।

λέγει αὐτοῖς

येसू ने फ़रीसियों से कहा

οὐδέποτε ἀνέγνωτε τί ἐποίησεν Δαυεὶδ…οἱ μετ’ αὐτοῦ?

येसू ने यह सवाल फ़क़ीहों और फ़रीसियों को कुछ याद दिलाने के लिए पूछा जो दाऊद ने सब्त के दिन किया था। सवाल काफ़ी तवील है, लिहाजा यह दो जुमले में तक़्सीम किया जा सकता है। (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

οὐδέποτε ἀνέγνωτε τί ἐποίησεν Δαυεὶδ…αὐτὸς

इसे एक हुक्म के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “याद करो कि तुमने इस बाबत क्या पढ़ा जो दाऊद ने किया.....हुए।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἀνέγνωτε τί…Δαυεὶδ

येसू पुराने अहदनामे से दाऊद की बाबत पढ़ने का हवाला देता है। इसका तर्जुमा पोशीदा मालुमात ज़ाहिर करने कि लिए किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “किताबे मुकद्दस में पढ़ो दाऊद क्या” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 2:26

येसू उस सवाल को ख़त्म करता है जो उसने आयत 25 में पूछना शुरू किया था।

πῶς εἰσῆλθεν εἰς τὸν οἶκον τοῦ Θεοῦ…τοῖς σὺν αὐτῷ οὖσιν?

इसका एक अलैहदा बयान के तौर पर इज़हार किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “वह ख़ुदा के घर में गया....और अपने साथियों को भी दीं। (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

πῶς εἰσῆλθεν

लफ़्ज “उसने” दाऊद से मुराद है।

τοὺς ἄρτους τῆς Προθέσεως

यह उन बारह रोटियों का हवाला देता है जो पुराने अहदनामें के जमाने में एक कुर्बानी की सूरत में ख़ेमे या हैकल के अन्दर सोने की मेज पर रखे जाते थे।

Mark 2:27

τὸ Σάββατον διὰ τὸν ἄνθρωπον ἐγένετο

येसू वाज़े करता है कि ख़ुदा ने सब्त क्यों क़ायम किया। इसे ज़ेर ए अमल की सूरत में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “ख़ुदा ने सब्त इन्सान के लिए बनाया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

τὸν ἄνθρωπον

आदमी या “लोग” या “लोगों की जरूरतें”। यह लफ़्ज यहाँ आदमी और औरत दोनों से मुराद है। (देखें:INVALID translate/figs-gendernotations)

οὐχ ὁ ἄνθρωπος διὰ τὸ Σάββατον

अल्फ़ाज “बना है” को पिछले जुमले से समझा गया है। उन्हें यहाँ दोहराया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “इन्सान सब्त के लिए नहीं बना था” या “ख़ुदा ने इन्सान को सब्त के लिए नहीं बनाया” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 3

मरकुस 03 आम हाशिये

इस बाब के ख़ास तसव्वुरात

“सब्त”

सब्त के दिन काम करना मूसा की शरीअत के ख़िलाफ़ था। फ़रीसियों का ईमान था सब्त के दिन एक शख्स को शिफ़ा देना “काम” था, लिहाजा उन्होंने कहा कि येसू ने ग़लत किया जब उसने एक शख़्स को सब्त के दिन शिफ़ा दी ।(देखें:शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

“रूह के ख़िलाफ़ कुफ़्र”

यक़ीनी तौर पर कोई नहीं जानता किन आमाल को लोग अंजाम देते हैं या किस लफ़्ज को कहते हैं जब वो गुनाह का इरतिकाब करते हैं। ताहम, वह शायद रूह उल कुद्स और उसके काम की तौहीन करते हैं। रूह उल कुद्स के काम का कुछ हिस्सा लोगों को समझाना है कि वो गुनाहगार हैं और ख़ुदा से मुआफ़ी की जरूरत है। लिहाजा जो कोई गुनाहगार को रोकने की कोशिश नहीं करता वह शायद रूह के ख़िलाफ कुफ़्र का इरतिकाब कर रहा है।(देखेंः कुफ़्र, कुफ़्र, ना हक़, किया कुफ़्र करना, कुफ़्र और पाक रूह, ख़ुदा की रूह, ख़ुदावन्द की रूह, रूह )

इस बाब में दूसरे तर्जुमें के मुश्किलात

बारह शागिर्द

बारह शागिर्दों की फे़हरिस्त ज़ैल में दर्ज हैः

मत्ती मेंः

शमौन (पतरस), अन्द्रियास, ज़ब्दी का बेटा याक़ूब, ज़ब्दी का बेटा यूहन्ना, फ़िलिप्पुस, बरतुल्माई, तोमा, मत्ती, हलफ़ई का बेटा याक़ूब, तद्दी, शमाऊन जे़लोतेस और यहूदाह इस्करियोती।

मरकुस मेंः

शमाऊन (पतरस), अन्द्रियास, ज़ब्दी का बेटा याक़ूब और ज़ब्दी का बेटा यूहन्ना (जिसका नाम उसने बुआनर्गिस यानी गरज के बेटे रखा), फ़िलिप्पुस, बरतुल्माई, मत्ती, तोमा, हलफ़ई का बेटा याक़ूब, तद्दी, शमाऊन जे़लोतेस और यहूदाह इस्करियोती।

लूका मेंः

शमौन (पतरस), अन्द्रियास, याक़ूब, यूहन्ना, फ़िलिप्पुस, बरतुल्माई, मत्ती, तोमा, हलफ़ई का बेटा याक़ूब, तद्दी, शमौ न (जो जे़लोतेस कहलाता था), याक़ूब का बेटा यूहूदाह, और यहूदाह इस्करियोती।

तद्दी और यहूदाह शायद एक ही शख़्स हैं, याक़ूब का बेटा।

भाइयों और बहनों

ज़्यादातर लोग उन्हें “भाई” या “बहन” बुलाते हैं जिनके एक ही वालिदेन हैं और उनकी ज़िन्दगी में सबसे अहम लोगों के तौर पर उन्हें सोचते हैं। कई लोग उन्हें भी “भाई” या “बहन” बुलाते हैं जिनके वालिदीन के वालिदीन एक हैं। इस बाब में यिसू कहता है कि उसके लिए सबसे ज़्यादा अहम लोग वो हैं जो ख़ुदा की फ़रमाबरदारी करते हैं। (देखें:भाई, भाइयों )

Mark 3:1

येसू सब्त के दिन इबादतख़ाने में एक शख़्स को शिफ़ा देता है और जाहिर करता है कि फ़रीसियों ने जो सब्त के क़वानैन के साथ किया है उसके बाबत वह कैसा महसूस करता है। फ़रीसियों और हेरोदियों ने येसू को मौत देने का मन्सूबाबन्दी करना शुरू कर दिया।

ἄνθρωπος, ἐξηραμμένην ἔχων τὴν χεῖρα

एक आदमी जिसका हाथ सूखा हुआ था

Mark 3:2

παρετήρουν αὐτὸν, εἰ τοῖς Σάββασιν θεραπεύσει αὐτόν

कुछ लोगों ने येसू को क़रीब से देखा कि वह सूखे हाथ वाले आदमी को शिफ़ा देगा

παρετήρουν αὐτὸν

फ़रीसियों में से बा’ज़। बाद में मरकुस 3:6, इन लोगों को फ़रीसियों के तौर पर शिनाख्त किया गया है।

ἵνα κατηγορήσωσιν αὐτοῦ

अगर येसू उस दिन उस आदमी को शिफ़ा देने वाला था, तो फ़रीसी उस पर सब्त के दिन काम करने का शरीअत को तोड़ने का इल्जाम आयद करते। मुतबादिल तर्जुमा : “ताकि वो उस पर ज़ुल्म करने का इल्जाम लगा सकते” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 3:3

εἰς τὸ μέσον

इस भीड़ के दर्मियान

Mark 3:4

ἔξεστιν τοῖς Σάββασιν ἀγαθοποιῆσαι…ἢ ἀποκτεῖναι?

येसू ने यह उनसे मुक़ाबले के लिए कहा। वह चाहता था कि वो इस बात का इक़रार करें के सब्त के दिन लोगों को शिफ़ा देना रवा है। (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

τοῖς Σάββασιν ἀγαθοποιῆσαι ἢ κακοποιῆσαι, ψυχὴν σῶσαι ἢ ἀποκτεῖναι

इन दोनों जुमले का मतलब यक्सां है सिवाये इसके कि दूसरा ज़्यादा शदीद है। (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

κακοποιῆσαι, ψυχὴν σῶσαι ἢ ἀποκτεῖναι

“यह जायज़ है” इसे दोहराना मददगार साबित हो सकता है, यह सवाल है कि येसू दोबारा एक दूसरे अन्दाज़ में पूछ रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “ज़िन्दगी बचाना जायज़ है या मारना” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ψυχὴν

यह जिस्मानी ज़िन्दगी का हवाला देता है और एक शख़्स के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “किसी को मरने से” या “किसी की ज़िन्दगी” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

οἱ δὲ ἐσιώπων

लेकिन उन्होंने उसे जवाब देने से इनकार कर दिया

Mark 3:5

περιβλεψάμενος

येसू ने चारों तरफ़ नज़र किया

συνλυπούμενος

ग़मगीन हो गया

ἐπὶ τῇ πωρώσει τῆς καρδίας αὐτῶν

यह इस्तआरा बयान करता है कि किस तरह फ़रीसी ना रज़ामन्द थे एक ऐसे आदमी पर तरस खाने के लिए जिसका हाथ सूख गया था। मुतबादिल तर्जुमा : क्योंकि वो आदमी पर तरस खाने के लिए रज़ामन्द न थे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἔκτεινον τὴν χεῖρα σου

अपना हाथ बढ़ा

ἀπεκατεστάθη ἡ χεὶρ αὐτοῦ

इसे ज़ेर ए अमल की सूरत में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “येसू ने उसका हाथ बहाल कर दिया” या “येसू ने उसका हाथ उस तरह बना दिया जिस तरह पहले था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 3:6

συμβούλιον ἐποίουν

एक मन्सूबा बनाना शुरू किया

τῶν Ἡρῳδιανῶν

यह एक गै़र रस्मी सियासी जमात का नाम है जो हेरोद अन्तिपास का हिमायत करते थे।

ὅπως αὐτὸν ἀπολέσωσιν

वे किस तरह येसू को मार सकते थे

Mark 3:7

लोगों का बड़ा हुजूम येसू के पीछे चलता है, और वह तमाम लोगों को शिफ़ा देता है।

τὴν θάλασσαν

यह गलील के झील का हवाला देता है।

Mark 3:8

τῆς Ἰδουμαίας

यह वो इलाका है जो पहले एदोम के नाम से जाना जाता था, जो यहूदिया सूबे के आधे जनूबी हिस्से को अहाता करता था।

ὅσα ἐποίει

यह उन मोजिज़ात का हवाला देता है जो येसू अंजाम दे रहा था। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “अज़ीम मोजिज़ात जो यिसू अंजाम दे रहा था”

ἦλθον πρὸς αὐτόν

वहाँ आये जहाँ येसू था

Mark 3:9

आयत 9 बताता है कि उसके चारों तरफ़ एक बड़ी भीड़ की वजह से येसू ने अपने शागिर्दों से क्या करने के लिए कहा। आयत 10 बताता है क्यों ऐसी बड़ी भीड़ उसके इर्द गिर्द थी। वाक़यात को उसी तरतीब में पेश करने के लिए जैसे वो हुई हैं, इन आयात में दी गयी मालूमात को दोबारा तरतीब दिया जा सकता है जैसा कि UST में। (देखें:INVALID translate/figs-events)

εἶπεν τοῖς μαθηταῖς αὐτοῦ, ἵνα πλοιάριον…μὴ θλίβωσιν αὐτόν

जैसा कि बड़ी भीड़ येसू की तरफ़ आगे बढ़ रही थी, वह उनसे कुचल जाने के ख़तरे में था। वह उसे दानिस्ता तौर पर नहीं कुचलते। सिर्फ़ ये था कि वहाँ बहुत लोग थे।

Mark 3:10

πολλοὺς γὰρ ἐθεράπευσεν, ὥστε…ἵνα αὐτοῦ ἅψωνται ὅσοι εἶχον μάστιγας

यह बताता है कि येसू के इर्द गिर्द क्यों तमाम लोगों की भीड़ जमा हो रही थी कि उसे ऐसा लगा कि वो उसे कुचल सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “क्योंकि येसू ने बहुत से लोगों को शिफ़ा बख़्शी थी.....उसे छू लें” (देखें:INVALID translate/writing-connectingwords)

πολλοὺς γὰρ ἐθεράπευσεν

लफ़्ज “कई” बड़ी ता’दाद में लोगों का हवाला देता है जिन्हें येसू ने पहले ही शिफ़ा दिया था। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “क्योंकि उसने बहुत लोगों को शिफ़ा दी थी ” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐπιπίπτειν αὐτῷ, ἵνα αὐτοῦ ἅψωνται ὅσοι εἶχον μάστιγας

उन्होंने ऐसा किया क्योंकि उनका यक़ीन था कि येसू को छूने से वो अच्छे हो जायेंगे। वाजे तौर पर इसका इजहार किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “सब बीमार लोग सरगर्मी से धक्के मारते हुए आगे बढ़कर उसे छूने की कोशिश कर रहे थे ताकि वो शिफ़ा पाएं” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 3:11

αὐτὸν ἐθεώρουν

येसू को देखा

προσέπιπτον αὐτῷ καὶ ἔκραζον λέγοντα

यहाँ “वो” नापाक रूहों से मुराद है। ये वही हैं जो उन लोगों से चीजें करवाने का सबब हैं जो उनकी कब्जे में हैं। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “जिन लोगों को उन्होंने कब्जे में किया था वो उनको उसके आगे गिराती और उसके आगे चीखें मारती” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

προσέπιπτον αὐτῷ

नपाक रूहें येसू के आगे इस वजह से नहीं गिरीं कि वो उससे प्यार करती थीं या उसकी इबादत करना चाहती थीं। वो उसके आगे गिरी क्योंकि वो उससे डरती थीं।

σὺ εἶ ὁ Υἱὸς τοῦ Θεοῦ

येसू का नापाक रूहों पर इख़्तियार है क्योंकि वह “ख़ुदा का बेटा” है।

ὁ Υἱὸς τοῦ Θεοῦ

यह येसू का एक अहम ख़िताब है। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Mark 3:12

πολλὰ ἐπετίμα αὐτοῖς

येसू ने नापाक रूहों को सख़्ती से हुक्म दिया

μὴ αὐτὸν φανερὸν ποιήσωσιν

ज़ाहिर न करें कि वह कौन था

Mark 3:13

येसू उन मर्दों को मुन्तखिब करता है जिन्हें वह अपने रसूल बनाना चाहता है।

Mark 3:14

ἵνα ὦσιν μετ’ αὐτοῦ, καὶ ἵνα ἀποστέλλῃ αὐτοὺς κηρύσσειν

तकि वो उसके साथ रहें और वह उनको पैग़ाम की मनादी करने को भेजे

Mark 3:16

ἐπέθηκεν ὄνομα τῷ Σίμωνι, Πέτρον

मुसन्न्फ़ि बारह रसूलों के नाम की फ़ेहरिस्त का आग़ाज़ करता है। फ़ेहरिस्त में शमौन पहला आदमी है।

Mark 3:17

ἐπέθηκεν αὐτοῖς

जुमला “जिन का” ज़ब्दी के बेटे याक़ूब और उसके भाई यूहन्ना दोनों का हवाला देते हैं।

ὀνόματα Βοανηργές, ὅ ἐστιν υἱοὶ βροντῆς

येसू ने उन्हें यह पुकारा क्योंकि वो गरज की मानिन्द थे। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “नाम बुआनर्गिस जिसका मतलब है गरज के बेटे ” (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 3:18

Θαδδαῖον

यह एक आदमी का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 3:19

ὃς καὶ παρέδωκεν αὐτόν

जिसने येसू को पकड़वा दिया। लफ़्ज “जिसने” यहूदाह इस्करयोती से मुराद है।

Mark 3:20

καὶ ἔρχεται εἰς οἶκον

फिर येसू उस घर में गया जहाँ वह रह रहा था।

μὴ δύνασθαι αὐτοὺς μηδὲ ἄρτον φαγεῖν

लफ़्ज “रोटी” खाने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू और उसके शागिर्द कुछ भी न खा सके” या “वो कुछ भी न खा सके” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

Mark 3:21

ἐξῆλθον κρατῆσαι αὐτόν

उसके ख़ानदान के अरकान घर गये ताकि वो उसे पकड़ लें और उनके साथ उसे घर जाने के लिए मजबूर करें।

ἔλεγον γὰρ

लफ़्ज “वो” के मुमकिन मायने 1) उसके रिश्तेदार या 2) भीड़ में से बाज़ लोग।

ἐξέστη

येसू का ख़ानदान इस मुहावरे का इस्तेमाल यह बयान करने के वास्ते करता है कि वह उनके ख़्याल में किस तरह काम कर रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “पागल” या “बेख़ुद” है (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 3:22

ἐν τῷ ἄρχοντι τῶν δαιμονίων, ἐκβάλλει τὰ δαιμόνια

येसू बदरूहों को बालज़बूल के ताकत से निकालता है, जो बदरूहों का सरदार है।

Mark 3:23

येसू एक तम्सील के जरिए वज़ाहत करता है कि क्यों लोगों का ऐसा ख़्याल रखना बेवक़ूफ़ी है कि येसू शैतान के काबू में है।(देखें:INVALID translate/figs-parables)

προσκαλεσάμενος αὐτοὺς

येसू ने लोगों को उसके पास आने के लिए कहा

πῶς δύναται Σατανᾶς Σατανᾶν ἐκβάλλειν?

फ़क़ीहों के यह कहने के जवाब में कि वो बालजबूल की मदद से बदरूहें निकालता है, येसू ने यह ख़तीबाना सवाल पूछा। यह सवाल एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “शैतान ख़ुद को नहीं निकाल सकता!” या “शैतान अपनी ख़ुद की बदरूहों के ख़िलाफ नहीं जाता!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 3:24

ἐὰν βασιλεία ἐφ’ ἑαυτὴν μερισθῇ

लफ़्ज “सल्तनत” उन लोगों के लिए इस्तआरा है जो सल्तनत में रहते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “अगर एक सल्तनत में रहने वाले लोग एक दूसरे के ख़िलाफ तक़सीम हो जायें” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

οὐ δύναται σταθῆναι

यह जुमला एक इस्तआरा है कि लोग अब मुत्तहिद नहीं होंगे और वह गिर जाएंगे। मुतबादिल तरजुमा : “बर्दाश्त नहीं कर सकते” या “गिर जाएंगे” (देखेंः INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-litotes)

Mark 3:25

οἰκία

यह एक इस्तआरा है उन लागों के लिए जो एक घर में रहते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “ख़ानदान” या “क़बीला” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 3:26

εἰ ὁ Σατανᾶς ἀνέστη ἐφ’ ἑαυτὸν καὶ ἐμερίσθη

लफ़्ज “ख़ुद” एक मअकूस ज़मीर है जो शैतान से मुराद है, और यह उसके बदरूहों के लिए एक इस्तआरा भी है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “अगर शैतान और उसकी बदरूहें एक दूसरे से लड़ते” या “अगर शैतान और उसकी बदरूहें एक दूसरे के ख़िलाफ खड़े होते और तक्सीम हो जाते” (देखेंः INVALID translate/figs-rpronouns और INVALID translate/figs-metonymy)

ἐμερίσθη, οὐ δύναται στῆναι

यह एक इस्तआरा है जिसका मतलब है कि वह बर्दाश्त नहीं कर सकता और गिर जाएगा। मुतबादिल तर्जुमा : “मुत्तहिद रहना ख़त्म हो जाएगा” या “बर्दाश्त नहीं कर सकता और ख़ातिमा हो गया है” या “गिरेगा और ख़ातिमा हो गया है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 3:27

διαρπάσει

किसी शख़्स के क़ीमती अस्बाब और माल चोरी करने के लिए

Mark 3:28

ἀμὴν, λέγω ὑμῖν

इससे ज़ाहिर होता है कि मुनदरजा ज़ैल बयान ख़ास तौर पर सच और अहम है।

τοῖς υἱοῖς τῶν ἀνθρώπων

इस इज़हार का इस्तेमाल लोगों की इन्सानियत पर ज़ोर देने के लिए किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “लोग”

βλασφημήσωσιν

कहना

Mark 3:30

ἔλεγον

लोग कह रहे थे

πνεῦμα ἀκάθαρτον ἔχει

यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है नापाक रूह के कब्जे में होना। मुतबादिल तर्जुमा : “नापाक रूह के कब्ज़े में है” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 3:31

καὶ ἔρχονται ἡ μήτηρ αὐτοῦ καὶ οἱ ἀδελφοὶ αὐτοῦ

फिर येसू की माँ और उसके भाई आए

ἀπέστειλαν πρὸς αὐτὸν καλοῦντες αὐτόν

उन्होंने किसी को यह बताने के लिए अन्दर भेजा कि वो बाहिर थे और ये कि वह उनके पास बाहिर आये

Mark 3:32

ζητοῦσίν σε

तुझे पूछ रहे हैं

Mark 3:33

τίς ἐστιν ἡ μήτηρ μου, καὶ οἱ ἀδελφοί μου?

येसू इस सवाल का इस्तेमाल लोगों को सिखाने के लिए करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः मैं तुम्हें बताऊँगा कि वाक़ई में मेरी माँ और भाई कौन हैं” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 3:35

ὃς…ἂν ποιήσῃ…οὗτος…ἐστίν

जो कोई ................ हैं

οὗτος ἀδελφός μου καὶ ἀδελφὴ καὶ μήτηρ ἐστίν

यह एक इस्तआरा है जिसका मतलब है कि येसू के शागिर्द येसू के रूहानी ख़ानदान से ताल्लुक रखते हैं। यह उसके जिस्मानी ख़ानदान से ताल्लुक रखने के मुकाबले ज़्यादा अहम है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह शख़्स मेरे लिए भाई, बहन, या माँ की तरह है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 4

मरकुस 04 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

मरकुस 4:3-10 एक तम्सील बनाती है। इस तम्सील की वज़ाहत 4:14-23 में की गयी है।

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ रखती हैं तकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 4:12 की शायरी में करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

तम्सीलें

यह तम्सीलें मुख़्तसर कहानियाँ थीं जो येसू ने बताया कि लोग आसानी से उस सबक़ को समझते जो वह उन्हें सिखाने की कोशिश कर रहा था। वह इसलिए भी कहानियाँ बताता था ताकि जो उसपर ईमान नहीं लाना चाहते थे वह सच्चाई को समझें।

Mark 4:1

जैसा कि येसू ने झील के किनारे एक कश्ती से ता’लीम दिया, उसने उन्हें ज़मीनों की तम्सील बताई। (देखें:INVALID translate/figs-parables)

τὴν θάλασσαν

यह गलील की झील है।

Mark 4:3

ἀκούετε! ἰδοὺ…ὁ σπείρων

तवज्जो दें! एक काश्तकार (किसान)

σπεῖραι

वो तमाम बीज जो काश्तकार ने बोये जिनकी बाबत यहाँ कहा गया है गोया एक ही बीज हैं। “उसके बीज”

Mark 4:4

ἐν τῷ σπείρειν, ὃ μὲν ἔπεσεν παρὰ τὴν ὁδόν

जब वह ज़मीन पर बीज फेंक दिया। मुख़्तलिफ़ तहज़ीबों में लोग मुख़्तलिफ़ तरीक़ों से बीज बोते हैं। इस तम्सील में बीज को उस ज़मीन पर फेंकने के ज़रिए बोया गया था जिसे उगाने के लिए तैयार किया था।

ὃ μὲν…κατέφαγεν αὐτό

वो तमाम बीज जो काश्तकार ने बोये जिनकी बाबत यहाँ कहा गया है गोया एक ही बीज हैं। “कुछ बीज.......चुग लिया”

Mark 4:5

ἄλλο…οὐκ εἶχεν…ἐξανέτειλεν…τὸ μὴ ἔχειν

वो तमाम बीज जो काश्तकार ने बोये जिनकी बाबत यहाँ कहा गया है गोया एक ही बीज हैं। “दूसरे बीज........ मिट्टी न मिली........न मिलने के सबब से.....जल्द उग आया”

ἐξανέτειλεν

वह बीज जो पथरीली ज़मीन पर गिरा जल्दी उगना शुरू हुआ

γῆν

यह उस ढीली ज़मीन से मुराद है जिसमें आप बीज बो सकते हैं।

Mark 4:6

ἐκαυματίσθη

यह नन्हें पौदों से मुराद है। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “इसने नन्हें पौदों को जला दिया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

διὰ τὸ μὴ ἔχειν ῥίζαν ἐξηράνθη

क्योंकि नन्हें पौदों की जड़ें नहीं थी, वो सूख गये

Mark 4:7

ἄλλο…συνέπνιξαν αὐτό…οὐκ ἔδωκεν

वो तमाम बीज जो काश्तकार ने बोये जिनकी बाबत यहाँ कहा गया है गोया एक ही बीज हैं। देखें आपने इसे मरकुस 4:3. में किस तरह तर्जुमा किया है। “दूसरे बीज........ दबा लिया.........फल न लाया”े

Mark 4:8

αὐξανόμενα, καὶ ἔφερεν εἰς τριάκοντα, καὶ ἓν ἑξήκοντα, καὶ ἓν ἑκατόν

हर पौदे के अनाज पैदावार की तादाद को एक ही बीज से मुकाबला किया जा रहा है जिस से यह बढ़ें हैं। जुमलों को मुख़्तसर करने के लिए हज़्फ़ इबारत का इस्तेमाल किया गया है लेकिन उन्हें लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “कुछ पौदों ने जितना बीज शख़्स ने लगाया था उसका तीस गुना पैदा किया, कुछ ने अनाज का साठ गुना पैदा किया, और कुछ ने अनाज का सौ गुना पैदा किया” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

τριάκοντα…ἑξήκοντα…ἑκατόν

30 ... 60 ...100. इन्हें आ’दाद के तौर पर भी लिखा जा सकता है। (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

Mark 4:9

ὃς ἔχει ὦτα ἀκούειν, ἀκουέτω

येसू जोर दे रहा है कि उसने जो अभी अभी कहा है वह अहम है और समझने व अमल में लाने के लिए कोशिश करना पड़ सकता है। जुमला “कान हों” यहाँ समझाने और इताअत करने की ख्वाहिश के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो भी सुनने की ख्वाहिश रखता है, सुने” या “जो भी समझने की ख्वाहिश रखता है, वो समझे और इताअत करे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ὃς ἔχει…ἀκουέτω

चूंकि येसू अपने सामईन से बराहे रास्त बात कर रहा है, आप यहाँ ज़मीरे हाज़िर का इस्तेमाल करने की तरजीह दे सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : अगर तुम सुनने की ख्वाहिश रखते हो सुनो” या “अगर तुम समझने की ख्वाहिश रखते हो, समझो और इताअत करो” (देखें:INVALID translate/figs-123person)

Mark 4:10

ὅτε ἐγένετο κατὰ μόνας

इसका यह मतलब नहीं है कि येसू मुकम्मल तौर पर अकेला था, बल्कि भीड़ चली गयी थी और येसू सिर्फ बारह और कुछ क़रीबी पैरोकारों के साथ था।

Mark 4:11

ὑμῖν…δέδοται

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। “ख़ुदा ने तुम्हें दिया है” या “मैंने तुम्हें दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἐκείνοις…τοῖς ἔξω

मगर वो जो तुम्हारे दर्मियान नहीं हैं। यह उन तमाम लोगों से मुराद है जो बारहों के या येसू के दूसरे करीबी पैरोकारों के दर्मियान से नहीं थे।

ἐν παραβολαῖς τὰ πάντα γίνεται

यह बयान किया जा सकता है कि येसू लोगों को तम्सीलें देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैंने सब कुछ तम्सीलों में बोला है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 4:12

βλέποντες…ἀκούοντες

ऐसा अंदाज़ा लगाया जाता है कि उन लोगों की बाबत बोल रहा है जो वह उन को ज़ाहिर करता है देखते हैं और जो वह उन्हें बताता है सुनते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “जब वो देखते हैं जो मैं कर रहा हूँ ... जब वो सुनते हैं जो मैं कह रहा हूँ” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

βλέπωσι καὶ μὴ ἴδωσιν

येसू लोगों की बाबत कहता है कि दरअसल में वही देखते हैं जो देखते और समझते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “वो देखते हैं और समझते नहीं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπιστρέψωσιν

ख़ुदा की तरफ़ रुजू लाएं। यहाँ “रुजू” “तौबा” के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “वो तौबा करें” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 4:13

येसू अपने पैरोकारों से जमीनों के तम्सील की वज़ाहत करता है और उन्हें एक चिराग़ का इस्तेमाल यह ज़ाहिर करने की बाबत बताता है कि छुपी हुई चीज़ें मालूम हो जाएंगी।

καὶ λέγει αὐτοῖς

फिर येसू ने अपने शागिर्दों से कहा

οὐκ οἴδατε τὴν παραβολὴν ταύτην, καὶ πῶς πάσας τὰς παραβολὰς γνώσεσθε?

येसू कितना उदास था कि उसके शागिर्द उसके तम्सील को न समझ सके, यह ज़ाहिर करने के लिए इस सवाल का इस्तेमाल किया। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर तुम इस तम्सील को नहीं समझ सकते, ख़्याल करो कि तुम्हारे लिए दूसरे तमाम तम्सीलों को समझना कितना मुश्किल होगा।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 4:14

ὁ σπείρων

बीज बोने वाला किसान की नुमाइन्दगी करता है

τὸν λόγον

“कलाम” ख़ुदा के पैगाम की नुमाइन्दगी करता है। पैग़ाम को बोना इसकी ता’लीम देने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “वह जो लोगों को ख़ुदा के पैग़ाम की ता’लीम देता है” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 4:15

οὗτοι δέ εἰσιν οἱ παρὰ τὴν ὁδὸν

बा’ज़ लोग सड़क के किनारे गिरे बीजों की मानिन्द हैं या “बाज़ लोग उस राह की मानिन्द हैं जहाँ कुछ बीज गिरे”

τὴν ὁδὸν

राह

ὅταν ἀκούσωσιν

“इसे” यहाँ “कलाम” या “ख़ुदा का पैग़ाम” से मुराद है।

Mark 4:16

οὗτοί εἰσιν…οἱ

और ब़ाज लोग बीजों की मानिन्द हैं। येसू वजाहत करना शुरु करता है कि किस तरह बाज़ लोग उन बीजों की मानिन्द हैं जो पथरीली ज़मीन पर गिरे। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 4:17

οὐκ ἔχουσιν ῥίζαν ἐν ἑαυτοῖς

यह उन छोटे पौदों से तश्बीह है जिनकी जड़ें ज़्यादा गहरी नहीं। इस इस्तआरे का मतलब है कि वो लोग पहले जोश में थे जब कलाम क़बूल किया, लेकिन वह सन्जीदगी से इसके लिए वक़फ़ नहीं थे। मुतबादिल तर्जुमा : “और वह उन नन्हें पौदों की मानिन्द हैं जिनकी जड़ें नहीं हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

οὐκ…ῥίζαν

यह एक मुबालग़ा आराई है जो ज़ोर देता है कि पौदे किस तरह सतही थे। (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

γενομένης θλίψεως ἢ διωγμοῦ διὰ τὸν λόγον

इसकी वज़ाहत करना मददगार साबित हो सकता है कि मुसीबत आती है क्योंकि लोगों ने ख़ुदा के पैग़ाम पर ईमान लाया। मुतबादिल तर्जुमा : “मुसीबत या जुल्मो सितम आते हैं क्योंकि उन्होंने ख़ुदा के कलाम पर ईमान लाया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

σκανδαλίζονται

इस तम्सील में, “ठोकर” मतलब “ख़ुदा के पैग़ाम पर ईमान रखना बन्द करदेना” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 4:18

ἄλλοι εἰσὶν οἱ εἰς τὰς ἀκάνθας σπειρόμενοι

येसू वज़ाहत करना शुरु करता है कि किस तरह बाज़ लोग उन बीजों की मानिन्द हैं जो झाड़ियों में गिरे। मुतबादिल तर्जुमा : “और दूसरे लोग उन बीजों की मानिन्द हैं जो झाड़ियों में बोये गये थे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 4:19

αἱ μέριμναι τοῦ αἰῶνος

इस ज़िन्दगी के ख़दशात या “इस मौज़ूदा ज़िन्दगी की फ़िक्रें”

ἡ ἀπάτη τοῦ πλούτου

दौलत के लिए ख्वाहिशात

εἰσπορευόμεναι, συνπνίγουσιν τὸν λόγον

जैसा के येसू उन लोगों के बाबत बातें करना जारी रखता है जो झाड़ियों में गिरे बीजों की मानिन्द हैं, वह वज़ाहत करता है कि ख्वाहिशात और ख़दषात कलाम के साथ ज़िन्दगी में क्या करते हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “दाखिल होकर उनकी ज़िन्दगी में ख़ुदा के पैगाम को दबा देते हैं जिस तरह झाड़ियाँ नन्हें पौदों को दबा देती हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἄκαρπος γίνεται

कलाम उनमें फ़सल को पैदा नहीं करता

Mark 4:20

ἐκεῖνοί εἰσιν οἱ ἐπὶ τὴν γῆν τὴν καλὴν σπαρέντες

यिसू वज़ाहत करना शुरु करता है कि किस तरह बाज़ लोग उन बीजों की मानिन्द हैं जो अच्छी ज़मीन में बोये गये थे। मुतबादिल तर्जुमा : “उन बीजों की मानिन्द जो अच्छी ज़मीन में बोये गये थे। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

τριάκοντα, καὶ ἓν ἑξήκοντα, καὶ ἓν ἑκατόν

यह उस पौदों से मुराद है जो अनाज (फल) पैदा करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “कुछ तीस गुना अनाज पैदा करतें हैं, कुछ साठ गुना अनाज पैदा करतें हैं, और कुछ सौ गुना अनाज पैदा करतें हैं” या “कुछ जो बोया गया था उसका तीस गुना अनाज पैदा करते हैं, कुछ जो बोया गया था उसका साठ गुना अनाज पैदा करते हैं, कुछ जो बोया गया था उसका सौ गुना अनाज पैदा करते हैं” (देखेंः INVALID translate/figs-ellipsis और INVALID translate/translate-numbers)

Mark 4:21

καὶ ἔλεγεν αὐτοῖς

येसू ने भीड़ से कहा

μήτι ἔρχεται ὁ λύχνος ἵνα ὑπὸ τὸν μόδιον τεθῇ, ἢ ὑπὸ τὴν κλίνην?

इस सवाल को एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “तुम यक़ीनन चिराग़ का इस्तेमाल इसलिए नहीं करते कि घर के अन्दर टोकरी के नीचे या पलंग के नीचे रखा जाए!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 4:22

οὐ γάρ ἐστιν κρυπτὸν, ἐὰν μὴ ἵνα φανερωθῇ…ἔλθῃ εἰς φανερόν

इसे अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि हर चीज़ जो छिपी है जाना जाएगा, और हर चीज़ जो पोशीदा है ज़ाहिर की जाएगी” (देखें:INVALID translate/figs-litotes)

οὐ…ἐστιν κρυπτὸν…οὐδὲ ἐγένετο ἀπόκρυφον

ऐसा कुछ नहीं है जो छिपा है ... ऐसा कुछ नहीं है जो पोशीदा है। दोनों जुमलों का मानी यक्सां है। येसू ज़ोर दे रहा है कि हर चीज़ जो पोशीदा है जानी जाएगी । (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

Mark 4:23

εἴ τις ἔχει ὦτα ἀκούειν, ἀκουέτω

येसू ज़ोर दे रहा है कि उसने जो अभी अभी कहा है वह अहम है और समझने व अमल में लाने के लिए कोशिश करना पड़ सकता है। जुमला “सुनने के कान” यहाँ समझने और इताअत करने की ख्वाहिश के लिए एक इस्तआरा है। देखें आपने इसे मरकुस 4:9. में किस तरह तर्जुमा किया है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो भी सुनने की ख्वाहिश रखता है, सुने” या “जो भी समझने की ख्वाहिश रखता है, वो समझे और इताअत करे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

εἴ τις…ἀκουέτω

चूंकि येसू अपने सामईन से बराहे रास्त बात कर रहा है, आप यहाँ ज़मीरे हाज़िर का इस्तेमाल करने की तरजीह दे सकते हैं। देखें आपने इसे मरकुस 4:9. में किस तरह तर्जुमा किया है। मुतबादिल तर्जुमा : अगर तुम सुनने की ख्वाहिश रखते हो सुनो” या “अगर तुम समझने की ख्वाहिश रखते हो, समझो और इताअत करो” (देखें:INVALID translate/figs-123person)

Mark 4:24

ἔλεγεν αὐτοῖς

येसू ने भीड़ से कहा

ἐν ᾧ μέτρῳ μετρεῖτε

मुमकिन मायने 1) येसू एक लफ़्जी पैमाईश और दूसरों को फ़य्याज़ी से देने की बाबत बात कर रहा है या 2) यह एक इस्तआरा है जिस में येसू “समझ” की बाबत कह रहा है गोया इसकी “पैमाइश” की जा रही थी। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

μετρηθήσεται ὑμῖν, καὶ προστεθήσεται ὑμῖν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा आपके लिए उस तादाद की पैमाइश करेगा, और वह इसे आप में शामिल करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 4:25

δοθήσεται αὐτῷ…καὶ ὃ ἔχει ἀρθήσεται ἀπ’ αὐτο

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : जिसको ख़ुदा और ज़्यादा देगा... उससे ख़ुदा ज़ियादा ले लेगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 4:26

येसू फिर लोगों को ख़ुदा की बादशाही की वज़ाहत के लिए तम्सीलें बताता है, जिसकी वज़ाहत बाद में वह अपने शागिर्दों से करता है। (देखें:INVALID translate/figs-parables)

οὕτως…ἄνθρωπος βάλῃ τὸν σπόρον

येसू ख़ुदा की बादशाही की तश्बीह एक बीज बोने वाले किसान से देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक किसान की तरह जो बीज बोता है” (देखें:INVALID translate/figs-simile)

Mark 4:27

καθεύδῃ καὶ ἐγείρηται, νύκτα καὶ ἡμέραν

ये वह है जो इन्सान आदतन करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह हर रात सोता है और हर रोज़ उठता है” या “वह हर रात सोता है और अगले दिन उठता है”

ὡς οὐκ οἶδεν αὐτός

अगरचे इन्सान नहीं जानता कि बीज की कलें किस तरह निकलती और उगती हैं

Mark 4:28

χόρτον

शाख़ें या कलें

στάχυν

शाख़ का सिर या पौदे का वह हिस्सा जिसमें फल लगता है

Mark 4:29

εὐθὺς ἀποστέλλει τὸ δρέπανον

यहाँ “दरांती” एक इस्तआरा है जो किसान या उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया है जिन्हें किसान अनाज की कटनी के लिए बाहर भेजता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह फ़िलफ़ौर अनाज की कटनी के लिए दरांती लेकर खलिहान पर जाता है” या “वह फ़िलफ़ौर लोगों को दरांती के साथ अनाज की कटनी के लिए खलिहान पर भेजता है” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

δρέπανον

एक ख़मदार हल या तेज दरांती अनाज की कटनी के वास्ते इस्तेमाल होता था

ὅτι παρέστηκεν ὁ θερισμός

यहाँ जुमला “आ पहुँचा” एक मुहावरा है जो अनाज के कटनी के लिए पक जाने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि अनाज कटनी के वास्ते तैयार हो चुका है”(देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 4:30

πῶς ὁμοιώσωμεν τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ, ἢ ἐν τίνι αὐτὴν παραβολῇ θῶμεν?

येसू ने यह सवाल इस वजह से पूछा कि उसके सामअीन इस बाबत सोचें कि ख़ुदा की बादशाही क्या है। मुतबादिल तर्जुमा : “इस तम्सील के ज़रिए मैं वज़ाहत कर सकता हूँ कि ख़ुदा की बादशाही किसकी मानिन्द है” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 4:31

ὅταν σπαρῇ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जब कोई इसे बोता है” या “जब कोई इसे लगाता है।”

Mark 4:32

ποιεῖ κλάδους μεγάλους

राई के दरख़्त को इस तौर पर बयान किया गया है कि यह अपनी शाख़ों के फैलाने का सबब है। मुतबादिल तर्जुमा : “बड़ी शाख़ों वाला” (देखें:INVALID translate/figs-personification)

Mark 4:33

ἐλάλει αὐτοῖς τὸν λόγον

कलाम यहाँ “ख़ुदा के पैग़ाम” के लिए एक मिज़ाज़ मार्सल है। लफ़्ज “उनको” हुजूम से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसने उनको ख़ुदा के पैग़ाम की ता’लीम दी” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

καθὼς ἠδύναντο ἀκούειν

और अगर वो कुछ समझने के क़ाबिल थे, वह उन्हें मज़ीद बताता रहा

Mark 4:34

κατ’ ἰδίαν

इसका मतलब है कि वह भीड़ से दूर था, लेकिन उसके शागिर्द अब भी उसके साथ थे।

ἐπέλυεν πάντα

यहाँ “सब बातों” एक मुबालग़ा आराई है। उसने अपने तमाम तम्सीलों की वज़ाहत की। मुतबादिल तर्जुमा : “ उसने अपने तमाम तम्सीलों की वज़ाहत की” (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 4:35

येसू और उसके शागिर्द जैसे ही हुजूम से बचने के लिए कश्ती में सवार होते है, एक ज़बरदस्त तूफ़ान उठता है। उसके शागिर्द यह देखकर ख़ौफ़ज़दा होते हैं कि हवा और पानी भी इसका हुक्म मानते हैं।

λέγει αὐτοῖς

येसू ने अपने शागिर्दों से कहा

τὸ πέραν

गलील की झील के पार या “झील के पार”

Mark 4:37

γίνεται λαῖλαψ μεγάλη ἀνέμου

यहाँ “उठीं” एक मुहावरा है “शुरू होने” के लिए। मुतबादिल तर्जुमा : “एक शदीद तूफ़ान उठने लगा” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ἤδη γεμίζεσθαι τὸ πλοῖον

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि क़श्ती पानी से भर रही थी। मुतबादिल तर्जुमा : “कश्ती पानी से भर जाने के ख़तरे में थी” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 4:38

τῇ πρύμνῃ

यह कश्ती का पिछला हस्सा है। “क़श्ती का अक़ब”

ἐγείρουσιν αὐτὸν

लफ़्ज “वो” शागिर्दों से मुराद है। अगली आयत में इसी ख़्याल का मवाज़िना करें, आयत 39, “वह उठा” “वह” येसू से मुराद है।

οὐ μέλει σοι ὅτι ἀπολλύμεθα?

शागिर्दों ने यह सवाल अपना ख़ौफ़ ज़ाहिर करने के लिए पूछा। इस सवाल को एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुझे तवज्जोह देने की ज़रूरत है कि क्या हो रहा है, हम मरने वाले हैं!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἀπολλύμεθα

लफ़्ज “हम” येसू और उसके शागिर्दों शामिल करता है।(देखेंः INVALID translate/figs-inclusive)

Mark 4:39

σιώπα, πεφίμωσο

ये दोनों जुमले यक्सां हैं और इस पर ज़ोर देने के लिए इस्तेमाल किए गये हैं कि येसू हवा और पानी से क्या कराना चाहता था। (देखें:INVALID translate/figs-doublet)

γαλήνη μεγάλη

झील के ऊपर एक अज़ीम सकूत या “झील के ऊपर एक बड़ा अम्न”

Mark 4:40

καὶ εἶπεν αὐτοῖς

और येसू ने अपने शागिर्दों से कहा

τί δειλοί ἐστε? οὔπω ἔχετε πίστιν

येसू अपने शागिर्दों से ये सवालात इस सबब से करता है कि वो इस पर ग़ौर करें कि जब वह उनके साथ है तो वे ख़ौफ़जदा क्यों हैं। इन सवालात को बयानात के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें ख़ौफ़जदा नहीं होना चाहिए। तुम्हें ज़्यादा ईमान की ज़रूरत है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 4:41

τίς ἄρα οὗτός ἐστιν, ὅτι καὶ ὁ ἄνεμος καὶ ἡ θάλασσα ὑπακούει αὐτῷ?

शागिर्दों ने यह सवाल जो यिसू से किया था उस पर हैरतज़दा होकर पूछा। इस सवाल को बयान के तौर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह आदमी कोई आम आदमी की तरह नहीं है, हवा और पानी भी उसका हुक्म मानते हैं!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 5

मरकुस 05 आम हाशिये

इस बाब में मुमकिन तर्जुमा के मुश्किलात

“तलीता कूमी”

अल्फ़ाज़ “तलीता कूमी” (मरकुस 5:41).अरामी जुबान से हैं। मरकुस उन्हें इस तरह लिखता है जैसे उनकी आवाज़ है और फिर उनका तर्जुमा करता है। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

Mark 5:1

येसू के उस अज़ीम तूफ़ान को साकिन करने के बाद, वह एक आदमी को शिफ़ा देता है जिसमें कई बदरूहें थीं, लेकिन गिरासीन के मक़ामी लोग इस शिफ़ायाबी से ख़ुश नहीं हैं, और उन्होंने येसू से चले जाने की मिन्नत की

ἦλθον

यहाँ लफ़्ज “वो” येसू और उसके शागिर्दों से मुराद है।

τῆς θαλάσσης

यह गलील की झील से मुराद है।

τῶν Γερασηνῶν

यह नाम गिरासीन के बाशिन्दों से मुराद है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 5:2

ἐν πνεύματι ἀκαθάρτῳ

यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है कि वह आदमी एक नापाक रूह के “क़ाबू” या “क़ब्जे” में है। मुतबादिल तर्जुमा : “नापाक रूह के क़ाबू में” या “जिस पर नापाक रूह का क़ब्जा हो” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 5:4

αὐτὸν πολλάκις…δεδέσθαι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “लोगों ने कई दफ़ा उसे बाँधा गया था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

τὰς πέδας συντετρῖφθαι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा “उसने अपनी बेड़ियों को टुकड़े टुकड़े किया था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

πέδαις

धात के टुकड़े जो लोग क़ैदियों के बाजुओं और टाँगों के गिर्द लपेट कर उसे ज़ंजीर के साथ ऐसी चीज में लगाते जो हिलती नहीं या क़ैदी हिला नहीं सकते थे

οὐδεὶς ἴσχυεν αὐτὸν δαμάσαι

यह आदमी इतना ताक़तवर था कि कोई उसे काबू न कर सका। मुतबादिल तर्जुमा :“वह इतना ताक़तवर था कि किसी में इतनी ताक़त नहीं थी कि उसे क़ाबू में करे”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)

αὐτὸν δαμάσαι

उसे क़ाबू में करे

Mark 5:5

κατακόπτων ἑαυτὸν λίθοις

अक्सर जब एक शख़्स बदरूह के क़ब्जे में होता है, तो बदरूह उस शख़्स को ख़ुद को तबाह करने का सबब बनेगा जैसे कि ख़ुद को काटना या ज़ख़्मी करलेना -

Mark 5:6

καὶ ἰδὼν τὸν Ἰησοῦν ἀπὸ μακρόθεν

जब आदमी ने पहली दफ़ा येसू को देखा, येसू कश्ती से बाहर निकल रहा होगा। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

προσεκύνησεν

इसका मतलब है कि वो एहतराम और इज्ज़त के वास्ते येसू के सामने झुका, न कि इबादत के लिए।

Mark 5:7

वाक़यात को उसी तरतीब में पेश करने के लिए जैसे वो हुई हैं, इन दो आयात में दी गयी मा’लूमात को दोबारा तरतीब दिया जा सकता है जैसा कि UST में। (देखें : INVALID translate/figs-events)

κράξας

नपाक रूह चिल्लाया

τί ἐμοὶ καὶ σοί Ἰησοῦ, Υἱὲ τοῦ Θεοῦ τοῦ Ὑψίστου?

नपाक रूह यह सवाल ख़ौफ़ज़दा होकर पूछता है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू ख़ुदा तआला के फ़र्ज़न्द, मुझे अकेला छोड़ दे! मेरे साथ मुदाख़िलत करने की तेरे पास कोई वजह नहीं है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Ἰησοῦ…μή με βασανίσῃς

येसू नापाक रूहों को अज़ाब में डालने की ताक़त रखता है।

Υἱὲ τοῦ Θεοῦ τοῦ Ὑψίστου

यह येसू के लिए अहम ख़िताब है। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ὁρκίζω σε τὸν Θεόν

यहाँ येसू से दख़्वास्त करते हुए नापाक रूह ख़ुदा की क़सम दे रहा है। ग़ौर करें कि आपकी जुबान में इस क़िस्म की दरख़्वास्त किस तरह की जाती है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं ख़ुदा के सामने तुझसे मिन्नत करता हूँ” या “मैं ख़ुदा की क़सम देता हूँ और तुझसे मिन्नत करता हूँ”

Mark 5:9

ἐπηρώτα αὐτόν

और येसू ने नापाक रूह से कहा

λέγει αὐτῷ, Λεγιὼν ὄνομά μοι, ὅτι πολλοί ἐσμεν.

एक रूह यहाँ बहुत के लिए बात कर रहा था। वह उनकी बाबत बोला गोया वो एक लश्कर थे, 6000 सिपाहियों की एक रोमी फ़ौजी इकाई। मुतबादिल तर्जुमा : और रूह ने उससे कहा, “हमें एक फ़ौज कह, क्योंकि हममें से बहुत इस आदमी के अन्दर हैं।” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 5:12

παρεκάλεσαν αὐτὸν

नापाक रूहों ने येसू से मिन्नत किया

Mark 5:13

ἐπέτρεψεν αὐτοῖς

इसे वाज़ेह तौर पर बयान करना मददगार साबित हो सकता है के येसू ने उन्हें क्या करने की इजाज़त दी। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “येसू ने नापाक रूहों को इजाज़त दे दी जिसके लिए उन्होंने इजाज़त माँगि थी ” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

εἰς τὴν θάλασσαν, ὡς δισχίλιοι, καὶ ἐπνίγοντο ἐν τῇ θαλάσσῃ

इसे आप एक अलग जुमला बना सकते हैंः “झील में। वहाँ तक़रीबन दो हज़ार सूअर थे, और वे झील में डूब गये”

ὡς δισχίλιοι

तक़रीबन 2,000 सूअर (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

Mark 5:14

εἰς τὴν πόλιν καὶ εἰς τοὺς ἀγρούς

इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है कि मर्दों ने उन लोगों को ख़बर दी जो शहर और देहाती इलाक़ों में थे। मुतबादिल तरजुमा : “शहर और देहात के लोगों को” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 5:15

τὸν λεγεῶνα

यह कई बदरूहों का नाम था जो उस आदमी के अन्दर थे। देखें आपने इसे मरकुस 5:9. में किस तरह तर्जुमा किया है

σωφρονοῦντα

यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है कि वह वाज़ेह तौर पर सोच रहा है। मुतबादिल तर्जुमा : “आम ज़हन” या “वाज़ेह तौर पर सोचना” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ἐφοβήθησαν

लफ़्ज “वो” लोगों के उस गिरोह से मुराद है जो निकलकर ये माजरा देखने को आए जो हुआ था।

Mark 5:16

οἱ ἰδόντες, πῶς ἐγένετο

वे लोग जिन्होंने इस वाकिये का मुशाहदा किया था

Mark 5:18

ὁ δαιμονισθεὶς

अगरचे वह आदमी अब बदरूह के क़ब्जे में नहीं था, फिर भी उसे इस तरीके से बयान किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह आदमी जो बदरूह के क़ब्ज़े में रहा था”

Mark 5:19

καὶ οὐκ ἀφῆκεν αὐτόν

येसू ने उस आदमी को क्या करने की इजाज़त नहीं दी इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : लेकिन उसने उस आदमी को अपने साथ आने की इजाज़त न दी” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 5:20

τῇ Δεκαπόλει

यह एक इलाक़े का नाम है जिसका मायनी हैं दस शहर। यह गलील की झील के जुनूब मशरिक़ी पर वाक़े है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

πάντες ἐθαύμαζον

इसे बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि लोग हैरान क्यों थे। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “तमाम लोग हैरान थे, जिन्होंने सुना कि उस आदमी ने क्या कहा”(देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 5:21

गिरासीनियों के इलाक़े में बदरूह से गिरफ्त आदमी को शिफ़ा देने के बाद, येसू और उसके शागिर्द झील के पार वापस कफ़रनहूम को गये जहाँ इबादतख़ाने के सरदारों में से एक येसू से अपनी बेटी की शिफ़ा के लिए कहता है।

τὸ πέραν

इस जुमले में मालूमात शामिल करना मददगार साबित हो सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “झील के दूसरी तरफ” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

παρὰ τὴν θάλασσαν

झील के किनारे पर या “किनारे पर”

τὴν θάλασσαν

यह गलील की झील है।

Mark 5:22

Ἰάειρος

यह आदमी का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 5:23

ἐπιθῇς τὰς χεῖρας

हाथ रखना एक नबी या उस्ताद के किसी पर अपना हाथ रखने से और शिफ़ा या बरकत देने से मुराद है। इस सूरत में, याईर यिसू से अपनी बेटी की शिफ़ा के लिए कह रहा है।

ἵνα σωθῇ καὶ ζήσῃ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “और उसे शिफ़ा दे और उसे ज़िन्दा कर” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 5:24

καὶ ἀπῆλθεν μετ’ αὐτοῦ

पस येसू याईर के साथ गया। येसू के शागिर्द भी उसके साथ गये। मुतबादिल तर्जुमा : “पस येसू और उसके शागिर्द याईर के साथ गये” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

συνέθλιβον αὐτόν

इसका मतलब वो येसू के इर्द गिर्द जमा हुए और ख़ुद को येसू के क़रीब होने के लिए दबाया।

Mark 5:25

जबकि येसू उस आदमी के 12 साल की बेटी को शिफ़ा देने के लिए अपने रास्ते पर है, एक औरत जो 12 साल से बीमार रहती है, अपनी शिफ़ायाबी के लिए येसू को छूने के ज़रिए मुदाख़िलत करती है।

καὶ γυνὴ οὖσα

फिर निशानदेही करता है कि इस औरत का कहानी में तार्रूफ़ कराया जा रहा है। ग़ौर करें कि आपकी ज़ुबान में किस तरह कहानी में लोगों का तार्रूफ़ कराया जाता है। (देखें:INVALID translate/writing-participants)

ἐν ῥύσει αἵματος δώδεκα ἔτη

औरत को खुला ज़ख़्म नहीं था , बल्कि, उसके माहाना ख़ून का बहाव बन्द नहीं होता था। आपकी ज़बान में इस हालत का हवाला देने के लिए एक शायस्ता तरीक़ा हो सकता है। (देखें:INVALID translate/figs-euphemism)

δώδεκα ἔτη

12 साल से (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

Mark 5:26

εἰς τὸ χεῖρον ἐλθοῦσα

उसकी बीमारी बदतर हो गयी थी या “उसके ख़ून जारी रहना बढ़ गया था

Mark 5:27

τὰ περὶ τοῦ Ἰησοῦ

वो येसू की बाबत ख़बर सुनी थी कि वह किस तरह लोगों को शिफ़ा देता था। मुतबादिल तर्जुमा : “कि येसू लोगों को शिफ़ा देता था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τοῦ ἱματίου

बैरूनी कपड़े या कोट

Mark 5:28

σωθήσομαι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “यह मुझे शिफ़ा देगा” या “उसकी ताक़त मुझे शिफ़ा देगी” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 5:29

ἴαται ἀπὸ τῆς μάστιγος

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : ““बीमारी उसे छोड़ चुकी थी” या “वो अब बीमार नहीं थी” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 5:30

τὴν ἐξ αὐτοῦ δύναμιν ἐξελθοῦσαν

जब औरत ने येसू को छुआ, येसू ने उसे शिफ़ा देते हुए अपनी ताक़त को महसूस किया। येसू लोगों को शिफ़ा देने या जब उसने औरत को शिफ़ा दिया तो ख़ुद अपनी कोई ताकत नहीं खोई थी । मुतबादिल तर्जुमा : “कि उसके शिफ़ायाबी ताक़त ने औरत को शिफ़ा दी ”

Mark 5:31

τὸν ὄχλον συνθλίβοντά σε

इसका मतलब वो येसू के इर्द गिर्द जमा हुए और ख़ुद को येसू के क़रीब होने के लिए दबाया। देखें आपने इसे मरकुस 5:24. में किस तरह तर्जुमा किया है।

Mark 5:33

προσέπεσεν αὐτῷ

उसके सामने झुकी। वह येसू के सामने इज्ज़त और इताअत गुज़ारी के अमल के तौर पर झुकी।

εἶπεν αὐτῷ πᾶσαν τὴν ἀλήθειαν

जुमला “पूरी सच्चाई” उसने किस तरह उसे छुआ और अच्छी हुई से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : उसे पूरी सच्चाई बताई कि किस तरह उसने उसे छुआ” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 5:34

θυγάτηρ

येसू इस लफ़्ज को उस औरत का एक ईमानदार के तौर पर हवाला देने के लिए तश्बीहन इस्तेमाल कर रहा है।

ἡ πίστις σου

तेरा मुझ में ईमान

Mark 5:35

ἔτι αὐτοῦ λαλοῦντος

जबकि येसू कह रहा था

ἔρχονται ἀπὸ τοῦ ἀρχισυναγώγου

मुमकिन मायने 1) ये लोग याईर के घर से आये थे या 2) याईर ने पहले इन लोगों को येसू से मिलने का हुक्म दिया था या 3) ये लोग उस आदमी के तरफ़ से भेजे गये थे जो याईर की गैर मौजूदगी में इबादतख़ाने के सरदार के तौर पर सदारती कर रहा था।

τοῦ ἀρχισυναγώγου

“इबादतख़ाने का सरदार” याईर है।

λέγοντες

इबादतख़ाना, याईर को कह रहा है

τί ἔτι σκύλλεις τὸν διδάσκαλον?

इस सवाल को एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अब उस्ताद को तक्लीफ़ देना बेकार है।” या “अब उस्ताद को तक्लीफ़ देने की कोई ज़रूरत नहीं है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

τὸν διδάσκαλον

यह येसू से मुराद है

Mark 5:36

वाकियात को उसी तरतीब में पेश करने के लिए जैसे वो हुई हैं, आयात 37 और 38 में दी गयी मालूमात को दोबारा तरतीब दिया जा सकता है जैसा कि UST में। (देखेंः INVALID translate/figs-events और INVALID translate/translate-versebridge)

μόνον πίστευε

अगर ज़रूरी हो, आप बयान कर सकते हैं कि येसू याईर से क्या एतिक़ाद रखने का हुक्म दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा : फ़क़त एतिक़ाद रख मैं तेरी बेटी को ज़िन्दा कर सकता हूँ”

Mark 5:37

οὐκ ἀφῆκεν

येसू ने इजाज़त नहीं दी

μετ’ αὐτοῦ συνακολουθῆσαι

अपने साथ आने के लिए। यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि वो कहाँ जा रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “याईर के घर अपने साथ के लिए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 5:38

θεωρεῖ

येसू ने देखा

Mark 5:39

λέγει αὐτοῖς

येसू ने उन लोगों से कहा जो रो रहे थे

τί θορυβεῖσθε καὶ κλαίετε?

येसू ने उनसे यह सवाल उनके ईमान की कमी को देखने में मददगार होने के वास्ते पूछा। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : यह परेशान होने और रोने का वक़्त नहीं है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

τὸ παιδίον οὐκ ἀπέθανεν, ἀλλὰ καθεύδει

येसू सोने के लिए आम लफ़्ज का इस्तेमाल करता है, और तर्जुमे में भी यही होना चाहिए।

Mark 5:40

κατεγέλων αὐτοῦ

येसू सोने के लिए आम लफ़्ज का इस्तेमाल करता है (आयत 39)। क़ारईन को यह समझना चाहिए कि जो लोग येसू को सुनते है, उस पर हँसते हैं क्योंकि वो सच में एक सोते हुए शख़्स और एक मुर्दा शख़्स के दर्मियान फ़र्क़ नहीं जानते और उनका ऐसा ख़्याल है कि वह नहीं जानता।

ἐκβαλὼν πάντας

तमाम दूसरे लोगों को घर से बाहर भेजा

τοὺς μετ’ αὐτοῦ

यह पतरस, याक़ूब, और यूहन्ना से मुराद है।

εἰσπορεύεται ὅπου ἦν τὸ παιδίον

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि बच्ची कहाँ है। मुतबादिल तर्जुमा : “कमरे के अन्दर गया जहाँ लड़की पड़ी थी” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 5:41

ταλιθὰ, κοῦμ!

यह एक अरामी जुमला है, जो येसू छोटी लड़की से उसकी जुबान में कहा। इन अल्फ़ाज को अपने हरूफे तहज्जी के तौर पर लिखें। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

Mark 5:42

ἦν…ἐτῶν δώδεκα

वह 12 साल की थी (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

Mark 5:43

διεστείλατο αὐτοῖς πολλὰ ἵνα μηδεὶς γνοῖ τοῦτο, καὶ

इसे एक बराहे रास्त इक्तबास के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसने उन्हें सख़्ती से हुक्म दिया, “ये कोई न जाने!” फिर” या “उसने उन्हें सख़्ती से हुक्म दिया जो मैंने किया है इस बाबत किसी से न कहना” (देखें:INVALID translate/figs-quotations)

διεστείλατο αὐτοῖς πολλὰ

उसने उन्हें सख़्ती से हुक्म दिया

καὶ εἶπεν δοθῆναι αὐτῇ φαγεῖν

इसे एक बराहे रास्त इक्तबास के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “और उसने उनसे कहा, उसे कुछ खाने को दिया जाए।” (देखें:INVALID translate/figs-quotations)

Mark 6

मरकुस 06 आम हाशिये

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

“तेल से मसह”

मशरिक के क़रीब जमाना -ए- क़दीम में लोग बीमार लोगों के ऊपर जैतून का तेल डालकर उन्हें शिफ़ा देने की कोशिश करते थे।

Mark 6:1

येसू अपने आबाई शहर वापस जाता है जहाँ उसे क़बूल नहीं किया जाता।

τὴν πατρίδα αὐτοῦ

यह नासरत के क़स्बे से मुराद है, जहाँ येसू पला बढ़ा और जहाँ उसका ख़ानदान रहता था। इसके यह मानी नहीं है कि उसकी वहाँ ज़मीन थी।

Mark 6:2

τίς ἡ σοφία ἡ δοθεῖσα τούτῳ

यह सवाल, जो गै़र फ़आल तामीर पर मुश्तमिल है, फ़आल की सूरत में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्या है यह हिक्मत जो उसने हासिल की है?”

διὰ τῶν χειρῶν αὐτοῦ γινόμεναι

यह जुमला ज़ोर देता है कि येसू ख़ुद मोजिज़ात करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “कि वह ख़ुद काम करता है”

Mark 6:3

οὐχ οὗτός ἐστιν ὁ τέκτων, ὁ υἱὸς τῆς Μαρίας, καὶ ἀδελφὸς Ἰακώβου, καὶ Ἰωσῆτος, καὶ Ἰούδα, καὶ Σίμωνος? καὶ οὐκ εἰσὶν αἱ ἀδελφαὶ αὐτοῦ ὧδε πρὸς ἡμᾶς?

ये सवालात एक बयान के तौर पर लिखे जा सकते है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह सिर्फ़ एक आम बढ़ई है! हम उसे और उसके ख़ानदान को जानते हैं। हम उसकी माँ मरियम को जानते हैं। हम उसके छोटे भाईयों याक़ूब, योसेस, यहूदाह और शमौन को जानते हैं। और उसकी छोटी बहनें जो हमारे हाँ रहती हैं।” (देखेंः INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/translate-names)

Mark 6:4

αὐτοῖς

हुजूम को

οὐκ ἔστιν προφήτης ἄτιμος, εἰ μὴ

यह जुमला मुश्बत मसावी के लिए दोहरे मनफ़ी का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक नबी को हमेशा इज्जत बख़्शी जाती है, सिवाय” या “सिर्फ़ एक ही जगह नबी को इज्जत नहीं बख़्शी जाती, वह है” (देखें:INVALID translate/figs-doublenegatives)

Mark 6:5

ὀλίγοις ἀρρώστοις, ἐπιθεὶς τὰς χεῖρας

नबी और उस्ताद शिफ़ा या बरकत देने के लिए लोगों के ऊपर अपने हाथ रखते थे। इस सूरत में, येसू लोगों को शिफ़ा दे रहा था।

Mark 6:7

आयात 8 और 9 में ये सू के हिदायात को जो उसने अपने शागिर्दों से क्या करने को कहा और जो नहीं करने को कहा से अलाहिदा करने के लिए दोबारा तरतीब दिया जा सकता है, जैसा कि UST में। (देखें:INVALID translate/translate-versebridge)

येसू अपने शागिर्दों को मनादी और शिफ़ा देने के लिए दो दो के जोड़ों में भेजा।

προσκαλεῖται τοὺς δώδεκα

यहाँ लफ़्ज “बुलाया” का मायने हैं कि उसने बारह को उसके पास आने के लिए तलब किया।

δύο δύο

दो दो या “जोड़ों में” (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

Mark 6:8

μὴ ἄρτον

यहाँ “रोटी” आम तौर पर खाने के लिए एक मिज़ाज़ मार्सल है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “कोई खाना नहीं” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

Mark 6:10

ἔλεγεν αὐτοῖς

येसू ने बारहों से कहा

μένετε ἕως ἂν ἐξέλθητε ἐκεῖθεν

यहाँ “उसी में रहो” रोज़ उसी घर में वापस जाकर खाने और सोने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसी घर में खाओ और सोओ जब तक तुम वहाँ से रवाना न हो” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 6:11

εἰς μαρτύριον αὐτοῖς

उनके ख़िलाफ़ गवाही के तौर पर। इसकी वज़ाहत करना मददगार साबित हो सकता है कि किस तरह यह अमल उनके वास्ते गवाही था। “उनको एक गवाही के तौर पर। ऐसा करके आप यह गवाही देंगे कि उन्होंने तुम्हारा इस्तक़बाल नहीं किया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 6:12

ἐξελθόντες

लफ़्ज “उन्होंने” बारह से मुराद है और येसू को शामिल नहीं करता है। यह भी बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि वो मुख़्तलिफ़ शहरों में गये। मुतबादिल तर्जुमा : “वो मुख़्तलिफ़ शहरों में गये” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

μετανοῶσιν

यहाँ “तौबा” एक इस्तआरा है जिसका मतलब है कुछ करना बन्द करें। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “गुनाह करना बन्द करो” या “अपने गुनाहों से तौबा करो” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 6:13

δαιμόνια πολλὰ ἐξέβαλλον

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि उन्होंने लोगों के अन्दर से बदरूहों को निकाला। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “ उन्होंने लोगों के अन्दर से बहुत सी बदरूहों को निकाला।

Mark 6:14

जब हेरोदेस येसू के मोजिजों की बाबत सुनता है, इस ख़्याल से फ़िक्र करता है, कि किसी ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले को मुर्दों में से ज़िन्दा कर दिया है। (हेरोदेस यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के क़त्ल का सबब था)

ἤκουσεν ὁ βασιλεὺς Ἡρῴδης

लफ़्ज “यह” उन तमाम चीज़ों से मुराद है जो येसू और उसके शागिर्द मुख़्तलिफ़ शहरों में कर रहे थे, जिसमें बदरूहें निकालना और लागों को शिफ़ा देना शामिल था।

ἔλεγον, ὅτι Ἰωάννης ὁ βαπτίζων ἐγήγερται

बाज़ लोग कह रहे थे कि येसू यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला था। इसे मज़ीद वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “बाज़ कह रहे थे, वह यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला है जो हमारे दरमियान था” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Ἰωάννης ὁ βαπτίζων ἐγήγερται

उठा यहाँ “दोबारा ज़िन्दा रहने की वजह” के लिए एक मुहावरा है। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला दोबारा ज़िन्दा कर दिया गया है” या “ख़ुदा ने यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले को दोबारा जिन्दा कर दिया है” (देखेंः INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 6:15

ἄλλοι δὲ ἔλεγον, ὅτι Ἠλείας ἐστίν

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि क्यों बाज़ लोगों का ख़्याल था कि वह एलियाह है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “बा’ज़ दूसरो ने कहा “वह एलियाह है”, जिसे ख़ुदा ने दोबारा भेजने का वायदा किया था” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 6:16

आयत 17 में मुसन्न्फ़ि हेरोदेस की बाबत पेस मंज़री मालूमात देना शुरू करता है और यह भी कि क्यों उसने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का सिर कटवाया। (देखें:INVALID translate/writing-background)

ὃν ἐγὼ ἀπεκεφάλισα

यहाँ हेरोदेस लफ़्ज “मैंने” का इस्तेमाल करता है जो उसी से मुराद है। लफ़्ज “मैंने” हेरोदेस के सिपाहियों के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “जिसका सिर काटने को मैंने अपने सिपाहियों को हुक्म दिया था” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἠγέρθη

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “दोबारा जिन्दा हो गया है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 6:17

ὁ Ἡρῴδης, ἀποστείλας ἐκράτησεν τὸν Ἰωάννην, καὶ ἔδησεν αὐτὸν ἐν φυλακῇ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हेरोदेस यूहन्ना को गिरफ्तार करने के वास्ते अपने सिपाहियों को भेजा और उसे बाँधकर क़ैद खाने में डाल दिया था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἀποστείλας

लाने का हुक्म दिया

διὰ Ἡρῳδιάδα

हेरोदियास के सबब से

τὴν γυναῖκα Φιλίππου, τοῦ ἀδελφοῦ αὐτοῦ

उसके भाई फ़िलिपुस की बीवी। हेरोदेस का भाई फ़िलिपुस वह फ़िलिपुस नहीं है जो आमाल की किताब में एक मुबश्शर था या वो फ़िलिपुस जो येसू के बारह शागिर्दों में से एक था। (देखें:INVALID translate/translate-names)

ὅτι αὐτὴν ἐγάμησεν

क्योंकि हेरोदेस ने उससे शादी कर ली थी

Mark 6:19

ἤθελεν αὐτὸν ἀποκτεῖναι, καὶ οὐκ ἠδύνατο

हेरोदियास इस जुमले की मोज़ू है और “वह” एक इस्तआरा है क्योंकि वह किसी और से यूहन्ना को क़त्ल कराना चाहती थी। मुतबादिल तर्जुमा : “वह उसे कत्ल करने के लिए किसी को चाहती थी, मगर वह उसे क़त्ल न करा सकी” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 6:20

ὁ γὰρ Ἡρῴδης ἐφοβεῖτο τὸν Ἰωάννην, εἰδὼς

इन दो जज़ू को मज़ीद वाज़ेतौर पर ज़ाहिर करने के लिए मुख़्तलिफ़ तरीक़े से मुन्सलिक किया जा सकता है कि क्यों हेरोदेस यूहन्ना से डरता था। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “क्योंकि हेरोदेस यूहन्ना से डरता था क्योंकि वह उसे नबी जानता था” (देखें:INVALID translate/writing-connectingwords)

εἰδὼς αὐτὸν ἄνδρα δίκαιον

हेरोदेस जानता था कि यूहन्ना रास्तबाज़ था

ἀκούσας αὐτοῦ

यूहन्ना को सुन रहा

Mark 6:21

मुसन्निफ़ हेरादेस और यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के सिर कटवाने की बाबत पेस मंज़री मालूमात देना जारी रखता है। (देखें:INVALID translate/writing-background)

δεῖπνον ἐποίησεν, τοῖς μεγιστᾶσιν αὐτοῦ…τῆς Γαλιλαίας

यहाँ लफ़्ज “वह” हेरोदेस से मुराद है और उसके ख़ादिम के लिए एक इस्तआरा है जिसे उसने ज़ियाफ़त के लिए हुक्म दिया होगा। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “उसने अपने अफ़्सरान.....गलील के..... वास्ते ज़ियाफ़त की” या “उसने अपने अफ़्सरान .....गलील के ....अपने साथ खाने और ज़ियाफ़त करने का दावत दी ”

δεῖπνον

एक रस्मी खाना या ज़ियाफ़त

Mark 6:22

αὐτοῦ Ἡρῳδιάδος

लफ़्ज “उसी” एक मअकूस ज़मीर है जिसका इस्तेमाल यह ज़ोर देने के वास्ते किया गया है कि यह मायने खैज़ है कि हेरोदियास की ख़ुद की बेटी थी जिसने रात के खाने में रक़्स किया था। (देखें:INVALID translate/figs-rpronouns)

εἰσελθούσης

कमरे के अन्दर आई

Mark 6:23

ἐάν με αἰτήσῃς…τῆς βασιλείας μου

अगर तू कुछ माँगती है तो मांग ले मैं तुझे अपनी आधी सल्तनत तक दे दूँगा

Mark 6:24

ἐξελθοῦσα

कमरे के बाहर गयी

Mark 6:25

πίνακι

एक लकड़ी के तख्ते पर या “एक बड़ी लकड़ी की थाली पर”

Mark 6:26

διὰ τοὺς ὅρκους καὶ τοὺς συνανακειμένους

हल्फ का मज़मून, और हल्फ़ और रात के खाने के मेहमानों के दर्मियान ताल्लुक़ वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि उसके रात के खाने के मेहमानों ने उसे हल्फ करते हुए सुन लिया था कि वह जो कुछ भी माँगेगी उसे दे देगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 6:28

ἐπὶ πίνακι

एक थाल में

Mark 6:29

ἀκούσαντες, οἱ μαθηταὶ αὐτοῦ

जब यूहन्ना के शागिर्द

Mark 6:30

शागिर्दों के मनादी और शिफ़ा करके वापस आने के बाद, वो कहीं तन्हा रहने के लिए गये, मगर वहाँ कई लोग थे जो येसू की ता’लीम सुनने को आये। जब देर हो जाता है, वह लोगों को खाना खिलाता है और फिर सभी को दूर भेज देता है और वह तन्हा दुआ करता है।

Mark 6:31

ἔρημον τόπον

एक जगह जहाँ कोई अफ़राद नहीं

ἦσαν…οἱ ἐρχόμενοι καὶ οἱ ὑπάγοντες πολλοί

इसका मतलब है कि लोग मुसलसल रसूलों के पास आ रहे थे और फिर उनसे दूर जा रहे थे।

οὐδὲ…εὐκαίρουν

लफ़्ज “उनसे” रसूलों से मुराद है।

Mark 6:32

καὶ ἀπῆλθον

यहाँ लफ़्ज “उनको” रसूलों और येसू दोनों को शामिल करता है।

Mark 6:33

εἶδον αὐτοὺς ὑπάγοντας

लेगों ने येसू और रसूलों को जाते देखा

πεζῇ

लोग ज़मीन पर पैदल जा रहे हैं, जो इससे बरअक्स है कि किस तरह शागिर्द कश्ती में गये।

Mark 6:34

εἶδεν πολὺν ὄχλον

येसू ने एक बड़े हुजूम को देखा

ἦσαν ὡς πρόβατα μὴ ἔχοντα ποιμένα

येसू लोगों की तश्बीह भेड़ से देता है जो उलझन में रहते हैं जब उनकी रहनुमाई के लिए उनका कोई चरवाहा नहीं होता। (देखें:INVALID translate/figs-simile)

Mark 6:35

καὶ ἤδη ὥρας πολλῆς γενομένης

इसका मतलब है दिन में देर हो चुकी थी। मुतबादिल तर्जुमा : “जब देर हो रहा था” या “देर दोपहर में” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ἔρημός ἐστιν ὁ τόπος

यह ऐसे जगह से मुराद है जहाँ कोई अफ़राद नहीं हैं। देखें कि आपने इसे मरकुस 6:31. में किस तरह तर्जुमा किया है।

Mark 6:37

ὁ δὲ ἀποκριθεὶς εἶπεν αὐτοῖς

मगर येसू ने जवाब दिया और अपने शागिर्दों से कहा

ἀπελθόντες, ἀγοράσωμεν δηναρίων διακοσίων ἄρτους, καὶ δώσομεν αὐτοῖς φαγεῖν?

शागिर्दों ने यह सवाल किया यह कहने के लिए कि किसी भी सूरत में उनकी माली हालात इस क़ाबिल नहीं कि इतने बड़े हुजूम के लिए काफ़ी खाना खरीद सके। मुतबादिल तर्जुमा : “हम इस हुजूम को खिलाने के लिए काफ़ी खाना नहीं खरीद सकते चाहे हमारे पास दो सौ दीनार हों ! (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

δηναρίων διακοσίων

200 दीनार। लफ़्ज “दीनार” की वाहिद सूरत “दीनारिस” है”। एक दीनारिस रोमी चाँदी का सिक्का था जिसकी क़ीमत एक रोज़ की मज़दूरी थी । (देखेंः INVALID translate/translate-bmoney औरः INVALID translate/translate-numbers)

Mark 6:38

ἄρτους

आटे का लोंदा जिसे एक सूरत देकर पकाया गया है

Mark 6:39

τῷ χλωρῷ χόρτῳ

घास का बयान उस रंग के लफ़्ज से करें जो आपकी जुबान में सेहतमंद घास के लिए इस्तेमाल होता हो, जो सब्ज रंग हो या नहीं भी हो सकता है।

Mark 6:40

πρασιαὶ, κατὰ ἑκατὸν καὶ κατὰ πεντήκοντα

यह हर गिरोह में लोगों की तादाद से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “बा’ज़ गिरोह में पचास अफ़राद और दूसरे बा’ज़ गिरोह में तक़रीबन सौ अफ़राद” (देखेंः INVALID translate/translate-numbers औरः INVALID translate/figs-explicit)

Mark 6:41

ἀναβλέψας εἰς τὸν οὐρανὸν

इसका मतलब है उसने आसमान की तरफ़ नज़र की , जो उस जगह से वाबस्ता है जहाँ ख़ुदा रहता है।

εὐλόγησεν

उसने एक बरकत की दुआ कही या “शुक्रगुज़ारी की”

καὶ τοὺς δύο ἰχθύας ἐμέρισεν πᾶσιν

उसने दो मछलियों को तक्सीम किया ताकि हर एक को कुछ हासिल हो सके

Mark 6:43

ἦραν

मुमकिन मायने 1) “शागिर्दों ने उठा लिया” या 2) “लोगों ने उठा लिया”।

κλάσματα δώδεκα κοφίνων πληρώματα

टूटे हुए रोटी के टुकड़ों की बारह भरी टोकरियाँ

δώδεκα κοφίνων

12 टोकरियाँ (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

Mark 6:44

πεντακισχίλιοι ἄνδρες

5,000 मर्द (देखें:INVALID translate/translate-numbers)

ἦσαν οἱ φαγόντες τοὺς ἄρτους, πεντακισχίλιοι ἄνδρες

ख़वातीन और बच्चों की तादाद शुमार नहीं की गयी थी। अगर यह न समझा जाय कि ख़वातीन और बच्चे वहाँ मौजूद थे, इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “और वहाँ पाँच हजार मर्द थे जिन्होंने राटियाँ खायीं उन्होंने ख़वातीन और बच्चों को शुमार ही नहीं किया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 6:45

εἰς τὸ πέραν

यह गलील की झील से मुराद है। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “गलील की झील के दूसरी तरफ़” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Βηθσαϊδάν

यह गलील की झील के शुमाली किनारे का एक शहर है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 6:46

ἀποταξάμενος αὐτοῖς

जब लोग जा चुके थे

Mark 6:48

जबकि शागिर्द झील पार करने की कोशिश कर रहे थे एक तूफान उठता है। येसू को पानी पर चलते हुए देखना उन्हें ख़ौफ़ज़दा कर देता है। वो नहीं समझते कि येसू किस तरह तूफान को पुरसकून कर सकता है।

τετάρτην φυλακὴν

यह सुब्ह के 3 बजे और आफ़ताब तुलू होने के दर्मियान का वक़्त है

Mark 6:49

φάντασμά

एक मुर्दा शख्स की रूह या किसी दूसरे क़िस्म की रूह

Mark 6:50

θαρσεῖτε…μὴ φοβεῖσθε

इन दोनों जुमलों का मानी यक्सां है, शागिर्दों पर ज़ोर देता है कि उन्हें ख़ौफ़ खाने की जरूरत नहीं है। अगर जरूरी हो तो वह एक में मुत्तहिद हो सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरा ख़ौफ़ न करो!” (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

Mark 6:51

λείαν ἐν ἑαυτοῖς ἐξίσταντο

अगर आपको ज़्यादा मख़्सूस होना ज़रूरी है, यह बयान किया जा सकता है कि वो किस चीज़ से हैरान थे। मुतबादिल तर्जुमा : “वह पूरे तौर पर हैरान थे कि उसने क्या किया था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 6:52

ἐπὶ τοῖς ἄρτοις

यहाँ जुमला “रोटियाँ” उसका हवाला है जब येसू ने रोटियों को बढ़ा दिया। मुतबादिल तर्जुमा : “इसका क्या मानी था जब येसू ने रोटियाँ बढ़ा दीं” या “इसका क्या मानी था जब येसू ने चंद रोटियों को बेशुमार कर दिया” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἦν αὐτῶν ἡ καρδία πεπωρωμένη

सख़्त दिल होना इतना ज़िद्दी होने की नुमाइन्दगी है कि समझ न पाये। मुतबादिल तर्जुमा : “वो इतने ज़िद्दी थे कि समझ न सकते थे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 6:53

जब येसू और उसके शागिर्द कश्ती में गनेसरत पहुँचे, लोग उसे देखते हैं और शिफ़ा के वास्ते लोगों को उसके पास लाते हैं। वो जहाँ कहीं जाते हैं यही होता है।

Γεννησαρὲτ

यह गलील की झील का शुमाल मग़रिबी इलाके का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 6:55

περιέδραμον ὅλην τὴν χώραν

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि क्यों वो इलाके से होकर दौड़ते रहे। मुतबादिल तर्जुमा : वो दूसरों को यह बताने कि येसू वहाँ था सारे इलाक़े में चारों तरफ़ दौड़े” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

περιέδραμον…ἤκουον

लफ़्ज “वो” शागिर्दों से नहीं बल्कि उन लोगों से मुराद है जिन्होंने येसू को पहचान लिया।

τοὺς κακῶς ἔχοντας

यह जुमला लोगों का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “बीमार लोग” (देखें:INVALID translate/figs-nominaladj)

Mark 6:56

ὅπου ἂν εἰσεπορεύετο

जहाँ कहीं येसू दाखिल हुआ

ἐτίθεσαν

यहाँ “वो” लोगों से मुराद है। यह येसू के शागिर्दों से मुराद नहीं है।

τοὺς ἀσθενοῦντας

यह जुमला लोगों का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “बीमार लोग” (देखें:INVALID translate/figs-nominaladj)

παρεκάλουν αὐτὸν

मुमकिन मायने 1) बीमारों ने उससे मिन्नत की” या 2) लोगों ने उससे मिन्नत की।”

ἅψωνται

लफ़्ज़ “उनको” बीमारों से मुराद है।”

τοῦ κρασπέδου τοῦ ἱματίου αὐτοῦ

उसके लिबास का किनारा या “उसके कपड़ों का किनारा”

ὅσοι ἂν

वो तमाम जो

Mark 7

मरकुस 07 आम हाशिये

तरतीब और वज़ाकारी

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ रखती हैं तकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 7:6-7 की शायरी में करता है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

हाथ धोना

फ़रीसी कई चीज़ों को धोते थे जो मैली नहीं थीं क्योंकि उनकी कोशिश थी कि ख़ुदा ख़्याल करे कि वो अच्छे हैं। वो खाने से क़ब्ल अपने हाथ धोते, जब उनके हाथ मैले नहीं होते फ़िर भी। और अगरचे मूसवी शरियत ने भी ऐसा नहीं कहा कि उन्हें इस तरह करना है। येसू ने उनसे कहा कि वो ग़लत थे और लोग सहीह चीज़ें सोचने और करने के ज़रिए ख़ुदा को ख़ुश करते हैं। (देखेंः शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत औरः साफ़,साफ़ सुथरा,साफ़ किया ,साफ़ करना ,साफ़ होना ,धुलना ,धुलाई ,धोया ,गन्दा )

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमों के मुश्किलात

“इफ़्फ़त्तह”

यह एक अरामी लफ़्ज है। मरकुस ने इसे यूनानी हरूफ़ का इस्तेमाल करते हुए लिखा जिस तरह इसकी आवाज है और फिर इसके मायने का वज़ाहत की । (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

Mark 7:1

येसू फ़रीसियों और फ़क़ीहों की मलामत करता है।

συνάγονται πρὸς αὐτὸν

येसू के इर्द गिर्द जमा हुए

Mark 7:2

आयात 3 और 4 में, मुसन्न्फ़ि फ़रीसियों के धोने की बाबत पस मंज़री की मालूमात यह जाहिर करने के वास्ते देता है कि क्यों येसू के शागिर्दों के खाने से क़ब्ल हाथ न धोने से फ़रीसियों को परेशानी थी। इस मालूमात को समझना आसान बनाने के वास्ते दोबारा तरतीब दिया जा सकता है जैसा कि UST में। (देखेंः INVALID translate/writing-background और INVALID translate/translate-versebridge)

ἰδόντες

फ़रीसियों और फ़क़ीहों ने देखा

τοῦτ’ ἔστιν ἀνίπτοις

लफ़्ज़ “बग़ैर धोए” वज़ाहत करता है कि क्यों शागिर्दों के हाथ नापाक थे। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह कि, उन हाथों के साथ जो उन्होंने नहीं धोया” या “यह कि, उन्होंने अपने हाथ नहीं धोए थे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 7:3

τῶν πρεσβυτέρων

यहूदी बुजुर्ग अपने मुआशरे के रहनुमा थे और लोगों के मुन्सिफ़ भी थे।

Mark 7:4

χαλκίων

ताँबे की केतलियाँ या “धात के ज़र्फ़”

Mark 7:5

διὰ τί οὐ περιπατοῦσιν οἱ μαθηταί σου κατὰ τὴν παράδοσιν τῶν πρεσβυτέρων, ἀλλὰ κοιναῖς χερσὶν ἐσθίουσιν τὸν ἄρτον?

यहाँ चलना “फ़रमांबरदारी” के लिए एक इस्तआरा है। येसू के इख़्तियार पर ऐतराज करने के वास्ते फ़रीसियों और फ़क़ीहों ने यह सवाल पूछा। इसे दो बयानात के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तेरे शागिर्द बुजुर्गों की रिवायत की नाफ़रमानी करते हैं! उन्हें हमारी रिवायात का इस्तेमाल करते हुए अपने हाथ धोने चाहिए।” (देखेंः INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-metaphor)

ἄρτον

यह आम तौर पर खाने की नुमाइन्दगी करने के लिए एक मिज़ाज़ मार्सल है। मुतबादिल तर्जुमा : “खाना” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

Mark 7:6

यहाँ येसू यसायाह नबी का इक़तबास करता है, जिसने कई साल पहले पाक नाविश्ते लिखे थे।

τοῖς χείλεσίν

यहाँ “होंट” बोलने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “जिसके ज़रिए वो कहते है” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἡ δὲ καρδία αὐτῶν πόρρω ἀπέχει ἀπ’ ἐμοῦ

यहाँ “दिल” एक शख़्स के ख़्यालात या जज़्बात से मुराद है। यह कहने का एक तरीका है कि लोग वाक़ई ख़ुदा पर निसार नहीं हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “लेकिन वाक़ई वो मुझसे महब्बत नहीं करते” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-idiom)

Mark 7:7

μάτην δὲ σέβονταί με

वे मुझे बेकार की इबादत नज्र करते हैं या “वो बेकार में मेरी इबादत करते हैं”

Mark 7:8

येसू फ़रीसियों और फ़क़ीहों की मलामत करना जारी रखता है।

ἀφέντες

इताअत करने से इनकार

κρατεῖτε

मजबूती से पकड़ना या “सिर्फ़ रखना”

Mark 7:9

καλῶς ἀθετεῖτε τὴν ἐντολὴν τοῦ Θεοῦ…τὴν παράδοσιν ὑμῶν τηρήσητε

ख़ुदा के हुक्म को तर्क कर देने के वजह से येसू इस तन्ज़िया बयान का इस्तेमाल अपने सामईन से करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हारा ख़्याल है कि तुमने ख़ुदा के हुक्म को रद्द करके अच्छा किया है ताकि तुम अपने रिवायात क़ायम रख सको, मगर जो तुमने किया है बिल्कुल भी अच्छा नहीं किया है” (देखें:INVALID translate/figs-irony)

καλῶς ἀθετεῖτε τὴν ἐντολὴν τοῦ Θεοῦ…τὴν παράδοσιν ὑμῶν τηρήσητε

किस तरह चालाकी से तुम रद्द करते हो

Mark 7:10

ὁ κακολογῶν πατέρα

जो लानत करता है

θανάτῳ τελευτάτω

ज़रूर क़त्ल किया जाए

ὁ κακολογῶν πατέρα ἢ μητέρα θανάτῳ τελευτάτω

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हुक्मरान उस शख़्स को जरूर क़त्ल करें जो अपने वालिद या वालिदा की बाबत बुरा बोलता हो” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 7:11

κορβᾶν, (ὅ ἐστιν δῶρον), ὃ ἐὰν ἐξ ἐμοῦ ὠφεληθῇς

फ़क़ीहों कि रिवायत में लिखा था कि एक दफ़ा रक़म या दूसरी चीज़ हैकल में देने का वायदा कर दिया गया तो , उसे किसी दूसरे मक़सद के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते थे।

κορβᾶν

क़ुर्बान यहाँ एक इब्रानी लफ़्ज है जो उन चीज़ों का हवाला देता है जो लोग ख़ुदा को देने का वायदा करते हैं। मुतर्जमीन अक्सर इसकी नक़ल हरूफ़ी में उस जुबान के हरूफ़ तहज्जी का इस्तेमाल करते है जिसमें इसका तर्जुमा करना होता है। बाज़ मुतर्जमीन इसके मायने का तर्जुमा करते हैं, और फिर मरकुस की वज़ाहत को छोड़ देते हैं। मुतबादिल तरजुमा “ख़ुदा के वास्ते तोहफ़ा है” या “ख़ुदा से ताल्लुक रखता है” (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

δῶρον

यह जुमला इब्रानी लफ़्ज “कुर्बान” के मानी की वज़ाहत करता है। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मरकुस ने इसके मायने की वज़ाहत की ताकि उसके ग़ैर यहूदी क़ारईन समझ सकें जो येसू ने कहा। मुतबादिल तर्जुमा : “मैंने इसे ख़ुदा को दे दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 7:12

आयात 11 और 12 में, येसू ज़ाहिर करता है कि किस तरह फ़रीसी , लोगों को ता’लीम देते हैं कि उन्हें उनके वालिदेन की इज़्ज़त के लिए ख़ुदा के हुकम की इताअत नहीं करनी है। आयत 11 में येसू बताता है कि फ़रीसी लोगों को उनके जागीरों के बाबत क्या कहने की इजाज़त देते हैं, और आयत 12 में वह बताता है कि किस तरह यह फ़रीसियों का लोगों को उनके वालिदेन की मदद की तरफ़ रवैया ज़ाहिर करता है। इस मालूमात को दोबारा तरतीब दिया जा सकता है पहला फ़रीसियों का रवैया लोगों को उनके वालिदेन की मदद की तरफ़ और फिर किस तरह यह रवैया ज़ाहिर होता है कि फ़रीसी लोगों को उनके जागीरों के बाबत क्या कहने की इजाज़त देते हैं।(देखें:INVALID translate/translate-versebridge)

οὐκέτι ἀφίετε αὐτὸν οὐδὲν ποιῆσαι τῷ πατρὶ ἢ τῇ μητρί

अगर उन्हें जो वालिदेन को देना था उसे ख़ुदा को देने का वायदा करें, ऐसा करने के ज़रिए, फ़रीसी लोगों को अपने वालिदेन को फ़राहम न करने की इजाज़त दे रहे हैं। आप इन अल्फ़ाज को तरतीब दे सकते है, आयत 11 में उन अल्फ़ाज से पहले जो “जो भी फा़इदा” से शुरू होते हैं : “तुम एक शख़्स को अपने वालिदेन के लिए मज़ीद कुछ भी करने की इजाज़त नहीं देते जब वो ये कहता है “जो भी फ़ाइदा तुम्हें मुझसे पहुँच सकता था वो कुर्बान हो चुका।” (कुर्बान का मायने हैं “ख़ुदा को नज्र कर दिया गया”) (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 7:13

ἀκυροῦντες

मन्सूख़ या दूर हो चुका

παρόμοια τοιαῦτα πολλὰ ποιεῖτε

तुम इस तरह की बहुत सी दूसरी चीज़ें भी कर रहे हो

Mark 7:14

येसू हुजूम को एक तम्सील बताता है उनको यह समझने में मदद के लिए कि वह फ़रीसियों और फ़क़ीहों से क्या कहता आ रहा है।

προσκαλεσάμενος

येसू ने बुलाया

ἀκούσατέ μου πάντες καὶ σύνετε

अल्फ़ाज “सुनो” और “समझो” मुताल्लुका हैं। येसू उनको यह ज़ोर देने के लिए साथ इस्तेमाल करता है कि उसके सामईन क़रीबी तवज्जो दें कि वह क्या कह रहा है। (देखें:INVALID translate/figs-doublet)

σύνετε

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि येसू उनको क्या समझाने के लिए बता रहा है। मुतबादिल तर्जुमा : “समझने की कोशिश करो जो मैं तुम्हें बताने वाला हूँ” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 7:15

οὐδέν…ἔξωθεν τοῦ ἀνθρώπου

येसू इस बाबत बोल रहा है कि एक शख़्स क्या खाता है। यह इसके बरअक्स है कि “जो शख़्स से बाहर आता है” मुतबादिल तर्जुमा : बाहर से कुछ भी नहीं जो एक शख़्स खा सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τὰ ἐκ τοῦ ἀνθρώπου ἐκπορευόμενά

यह उन चीज़ों से मुराद है जो एक शख़्स करता या कहता है। यह इसके बरअक्स है कि “एक शख़्स के बाहर क्या है जो उसमें दाखिल होता है।” मुतबादिल तर्जुमा : “एक शख़्स में से बाहर वही आता है जो वह कहता या करता है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 7:17

शागिर्द अब भी नहीं समझे कि येसू ने फ़क़ीहों, फ़रीसियों, और हुजूम से अभी क्या कहा। येसू अपने मानी का उनसे और मुकम्मल तौर पर वज़ाहत करता है।

καὶ

इस लफ़्ज का इस्तेमाल अहम कहानी से हटने के लिए एक निशानदेही के तौर पर किया गया है। येसू अब अपने शागिर्दों के साथ एक घर में हुजूम से दूर है।

Mark 7:18

येसू अपने शागिर्दों को एक सवाल करने के जरिए ता’लीम देना शुरू करता है।

οὕτως καὶ ὑμεῖς ἀσύνετοί ἐστε?

येसू इस सवाल का इस्तेमाल अपनी मायूसी का इज़हार करने के लिए करता है कि वो समझते नहीं। इसका इज़हार एक बयान के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरे इतना कहने और करने के बाद मैं तुमसे उम्मीद करता हूँ कि तुम समझोगे।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 7:19

येसू सवाल को ख़त्म करता है जो वह शागिर्दों को ता’लीम देने कके लिए कर रहा है।

ὅτι…εἰς τὸν ἀφεδρῶνα ἐκπορεύεται?

यह सवाल का आख़िर है जो आयत 18 में इन अल्फ़ाज से शुरू होता है “क्या तुम नहीं समझते”। येसू इस सवाल का इस्तेमाल अपने शागिर्दों को कुछ सिखाने के लिए करता है जो उन्हें पहले ही जानना चाहिए था। इसका इज़हार एक बयान के तौर पर किया जा सकता है। “तुम्हें पहले ही समझना चाहिए था कि जो कुछ एक शख़्स के अन्दर बाहर से दाख़िल होता है उसे नापाक नहीं कर सकता, क्योंकि यह उसके दिल में नहीं जा सकता, बल्कि उसके पेट में जाता है और मज़्बले से निकल जाता है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

οὐκ εἰσπορεύεται αὐτοῦ εἰς τὴν καρδίαν

यहाँ “दिल” एक शख़्स के अंदरूनी वजूद या जहन के लिए इस्तआरा है। यहाँ यिसू का मतलब है कि खाना एक शख़्स के किरदार को मुतासिर नहीं करता। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “यह उसके ज़हन में नहीं जा सकता” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

οὐκ εἰσπορεύεται

यहाँ “यह” उस से मुराद है जो शख़्स के अन्दर जाता है, यह कि, जो एक शख़्स खाता है।

(καθαρίζων πάντα τὰ βρώματα

वाज़े तौर पर इसकी वज़ाहत करना मददगार साबित हो सकता है कि इस जुमले का मानी क्या है। मुतबादिल तर्जुमाः “तमाम खाने की चीज़ें पाक हैं, मतलब यह है कि लोग कोई भी खाना खा सकते हैं बग़ैर इसके कि ख़ुदा खाने वाले को नापाक समझे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 7:20

ἔλεγεν

येसू ने कहा

τὸ ἐκ τοῦ ἀνθρώπου ἐκπορευόμενον, ἐκεῖνο κοινοῖ τὸν ἄνθρωπον

एक शख़्स को वह नापाक करता है जो उसके अन्दर से आता है

Mark 7:21

ἐκ τῆς καρδίας…οἱ διαλογισμοὶ οἱ κακοὶ ἐκπορεύονται

यहाँ “दिल” एक शख़्स के अंदरूनी वजूद या जहन के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “अंदरूनी वजूद से, बुरे ख़्यालात” या “ज़हन से, बुरे ख़्यालात आते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 7:22

ἀσέλγεια

नफ़्स परस्ती के ख़्वाहिशात पर क़ाबू न करना

Mark 7:23

ἔσωθεν ἐκπορεύεται

यहाँ लफ़्ज “अन्दर” एक शख़्स के दिल का बयान करता है। मुतबादिल तरजुमा : “एक शख़्स के दिल के अन्दर से आते हैं” या “एक शख़्स के ख़्यालात के अन्दर से आते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 7:24

जब येसू सूर को जाता है, वह एक ग़ैरयहूदी औरत की बेटी को शिफ़ा देता है जिसका ईमान ग़ैरमामूली था।

Mark 7:25

εἶχεν…πνεῦμα ἀκάθαρτον

यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है कि वो नापाक रूह के क़ब्ज़े में थी। मुतबादिल तर्जुमा : “एक नापाक रूह के क़ब्ज़े में थी” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

προσέπεσεν

झुकी। यह एक इज्ज़त और इताअत गुज़ारी का अमल है।

Mark 7:26

ἡ δὲ γυνὴ ἦν Ἑλληνίς, Συροφοινίκισσα τῷ γένει

लफ़्ज “अब” अहम कहानी से हटने के लिए एक निशानदेही करता है, जिस तरह यह जुमला हमें औरत की बाबत पेस मंज़री मालूमात देता है। (देखें:INVALID translate/writing-background)

Συροφοινίκισσα

यह उस औरत की क़ौमियत का नाम है। वह सीरिया के सूरूफ़ेनेकी इलाके में पैदा हुई थी। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 7:27

ἄφες πρῶτον χορτασθῆναι τὰ τέκνα; οὐ γάρ ἐστιν καλόν…τοῖς κυναρίοις βαλεῖν

यहाँ येसू यहूदियों की बाबत कहता है गोया वो बच्चे हैं और ग़ैरयहूदियों को गोया वो कुत्ते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “पहले बनी इस्राईल को सेर होने दे। क्योंकि लड़कों की रोटी लेकर ग़ैर यहूदियों को डालना जो कुत्तों की मानिन्द हैं, अच्छा नहीं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἄφες πρῶτον χορτασθῆναι τὰ τέκνα

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमें सबसे पहले बनी इस्राईल को खिलाना चाहिए” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἄρτον

यह आम तौर पर खाने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुराक” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

τοῖς κυναρίοις

यह छोटे कुत्तों से मुराद है जिन्हें पालतू जानवरों के तौर पर रखा जाता है।

Mark 7:29

ὕπαγε

येसू इशारा कर रहा था कि उसे मज़ीद रुकने और अपनी बेटी की मदद करने को पूछने की ज़रूरत नहीं थी। वह इसे कर देगा। मुतबादिल तर्जुमा : “तू जा सकती है” या “तू सलामती से घर जा सकती है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐξελήλυθεν τὸ δαιμόνιον, ἐκ τῆς θυγατρός σου

येसू ने उस औरत की बेटी से नापाक रूह को निकाल दिया था। इसे वाज़ेह तौर पर ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैने तेरी बेटी से बदरूह को निकाल दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 7:31

सूर में लोगों को शिफ़ा देने के बाद, येसू गलील की झील को जाता है। वहाँ वह एक बहरे को शिफ़ा देता है जिस से लोग हैरान होते हैं।

πάλιν ἐξελθὼν ἐκ τῶν ὁρίων Τύρου

सूर का इलाका छोड़ा

ἀνὰ μέσον τῶν ὁρίων

मुमकिन मायने 1) “इलाके में” जैसा कि येसू दिकापुलिस के इलाके में झील पर है या 2) “इलाके में से” जैसा कि येसू झील पर जाने के लिए दिकापुलिस के इलाके में से होकर गया।

Δεκαπόλεως

यह एक इलाके का नाम है जिसका मानी है दस शहर। यह गलील की झील के जुनूब मषरिक में वाक़े है। देखें कि आपने इसे मरकुस 5:20. में किस तरह तर्जुमा किया है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 7:32

φέρουσιν

और लोग लाए गए

κωφὸν

जे सुनने के क़ाबिल न था

παρακαλοῦσιν αὐτὸν ἵνα ἐπιθῇ αὐτῷ τὴν χεῖρα

नबी और उस्ताद शिफ़ा या बरकत देने के लिए लोगों के ऊपर अपने हाथ रखते थे। इस सूरत में, लोग येसू से एक आदमी को शिफ़ा देने की मिन्नत कर रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “उन्होंने येसू से अपना हाथ उस आदमी पर रखकर उसे शिफ़ा देने की मिन्नत की” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 7:33

ἀπολαβόμενος αὐτὸν

येसू उस आदमी को ले गया

ἔβαλεν τοὺς δακτύλους αὐτοῦ εἰς τὰ ὦτα αὐτοῦ

येसू अपनी ख़ुद की उंगलियाँ उस आदमी के कानों में रख रहा है।

πτύσας, ἥψατο τῆς γλώσσης αὐτοῦ

येसू थूकता है और फ़िर उस आदमी के ज़बान को छूता है।

πτύσας

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि येसू अपनी उंगलियों पर थूकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अपनी उंगलियों पर थूकने के बाद” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 7:34

ἀναβλέψας εἰς τὸν οὐρανὸν

इसके मायने हैं कि उसने आसमान की तरफ़ नज़र की, जो उस जगह से वाबस्ता है जहाँ ख़ुदा रहता है।

ἐφφαθά

यहाँ मुसन्न्फ़ि एक अरामी लफ़्ज के जरिए किसी चीज़ का हवाला देता है। यह लफ़्ज हरूफ़ तहज्जी के ज़रिए जैसा है आपकी ज़बान में नक़ल किया जाना चाहिए। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

ἐστέναξεν

इसके मायने हैं कि उसने आहें भरी या उसने एक तवील गहरी सांस छोड़ा जिसे सुना जा सकता था। यह शायद उस आदमी के लिए येसू की हमदर्दी को ज़ाहिर करता है।

λέγει αὐτῷ

आदमी से कहा

Mark 7:35

ἠνοίγησαν αὐτοῦ αἱ ἀκοαί

इसका मानी है वह सुनने के क़ाबिल था। मुतबादिल तर्जुमा : “उसके कान खुल गये थे और वह सुनने के क़ाबिल हो गया था” या “वह सुनने के क़ाबिल था”

ἐλύθη ὁ δεσμὸς τῆς γλώσσης αὐτοῦ

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू ने दूर कर दिया जो उसकी ज़बान को बोलने से रोक रहा था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 7:36

ὅσον…αὐτοῖς διεστέλλετο, αὐτοὶ

यह उनको हुक्म देते हुए उसका हवाला देता है कि उसने जो किया है इसकी बाबत किसी को न बताएं। मुतबादिल तर्जुमा : “जितना वो उनको किसी को न बताने का हुक्म देता रहा” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

μᾶλλον περισσότερον

उतना ही ज़ियादा चौड़ाई से या “ज़ियादा”

Mark 7:37

ὑπέρ περισσῶς ἐξεπλήσσοντο

निहायत हैरान थे या “इन्तहाई हैरान थे” या “बेहद हैरान थे”

τοὺς κωφοὺς…ἀλάλους

ये लोगों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “बहरे लोग ... गूँगे लोग” या “लोग जो सुन नहीं सकते ... लोग जो बोल नहीं सकते” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 8

मरकुस 08 आम हाशिये

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

रोटी

जब येसू ने एक मोजिज़ा किया और लोगों की एक बड़ी भीड़ को रोटियाँ फ़राहम की, शायद उन्हें ख़्याल आया जब ख़ुदा ने इस्राईल के लोगों के लिए मोजिज़ाना तौर पर रोटियाँ फ़राहम किया जब वो बयाबान में थे।

ख़मीर वह जुज़ है जो रोटी पकाने से क़ब्ल उसे बढ़ाने का सबब बनता है। इस बाब में, येसू ख़मीर को एक इस्तआरे के तौर पर इस्तेमाल करता है उन चीज़ों के लिए जो लोगो के ख़्याल, बोली, और अमल के तरीक़े बदलता है। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

“ज़िनाकार नस्ल”

जब येसू ने लोगों को एक “ज़िनाकार नस्ल” कहा, वह उनको बता रहा था कि वो ख़ुदा से वफ़ादार नहीं थे। (देखेंः ईमानदार, इमानदारी, बे-ईमान, बे-ईमानी और ख़ुदा की क़ौम , मेरे लोग )

इस बाब में अहम अन्दाज ए इज़हार

ख़तीबाना सवाल

येसू ने कई ख़तीबाना सवालात का इस्तेमाल शागिर्दों को ता’लीम देने (मरकुस 8:17-21) और लोगों को डाँटने मरकुस 8:12) दोनों तौर पर किया। (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमा के मुश्किलात

तज़ाद

तज़ाद एक हक़ बयान है जो कुछ नामुमकिन बयान को ज़ाहिर करता है। येसू एक तज़ाद को इस्तेमाल करता है जब वो कहता है, “जो कोई अपनी जान बचाना चाहे वो उसे खोएगा, और जो कोई मेरी ख़ातिर अपनी जान खोएगा, वो उसे बचाएगा” (मरकुस 8:35-37).

Mark 8:1

एक अज़ीम भूकी हुजूम येसू के साथ है। वह उन्हें सात रोटियों और चंद मछलियों का इस्तेमाल करके खिलाता है इससे क़ब्ल कि येसू और उसके शागिर्द क़श्ती में सवार होकर दूसरी जगह को जाते।

ἐν ἐκείναις ταῖς ἡμέραις

इस जुमले का इस्तेमाल कहानी में एक नए वाक़ये के तार्रूफ़ के वास्ते किया गया है। (देखें:INVALID translate/writing-newevent)

Mark 8:2

ἤδη ἡμέραι τρεῖς προσμένουσίν μοι, καὶ οὐκ ἔχουσιν τι φάγωσιν

यह तीसरा दिन है ये लोग बराबर मेरे साथ हैं, और इनके पास कुछ खाने को नहीं

Mark 8:3

ἐκλυθήσονται

मुमकिन मायने 1) लफ़्ज़ी , “वो आरिजी तौर पर होश खो सकते हैं” या 2) मुबालग़ा आराई, “वो कमज़ोर हो सकते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 8:4

πόθεν τούτους δυνήσεταί τις ὧδε χορτάσαι ἄρτων ἐπ’ ἐρημίας?

शागिर्द हैरत ज़ाहिर कर रहे हैं के येसू उनसे काफ़ी खाना लाने के क़ाबिल होने की तवक्क़ो करेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “यह जगह इतनी वीरान है कि यहाँ हमें इन लोगों के वास्ते काफ़ी खाना हासिल करने की कोई जगह नहीं है!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἄρτων

रोटियाँ आटे का लोंदा हैं जिन्हें एक शक्ल दिया गया है और पकाया गया है।

Mark 8:5

ἠρώτα αὐτούς

येसू ने शागिर्दों से पूछा

Mark 8:6

παραγγέλλει τῷ ὄχλῳ ἀναπεσεῖν ἐπὶ τῆς γῆς

इसे एक रास्त इक्तबास के तौर पर लिखा जा सकता है। “येसू ने भीड़ को हुक्म दिया, “ज़मीन पर बैठ जाएँ” (देखें:INVALID translate/figs-quotations)

ἀναπεσεῖν

अपनी ज़बान के लफ़्ज का इस्तेमाल करें कि लोग किस तरह दस्तूर के मुवाफ़िक बैठकर या लेटकर खाते हैं जहाँ मेज नहीं होता।

Mark 8:7

καὶ εἶχαν

यहाँ लफ़्ज “उनके” येसू और उसके शागिर्दों से मुराद है।

εὐλογήσας αὐτὰ

येसू ने मछली के लिए शुक्रिया किया

Mark 8:8

ἔφαγον

लोगों ने खाया

ἦραν

शागिर्दों ने उठाया

περισσεύματα κλασμάτων ἑπτὰ σπυρίδας

यह मछली और रोटी के उन टूटे टुकड़ों से मुराद है जो लोगों के खाने के बाद बच गये थे। मुतबादिल तर्जुमा : “बचे हुए रोटी और मछली के टुकड़े, जिनसे सात टोकरे भर गये” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:9

καὶ ἀπέλυσεν αὐτούς

इसे वाज़ेह करना मददगार साबित हो सकता है कि कब उसने उन्हें रुख़्सत किया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:10

ἦλθεν εἰς τὰ μέρη Δαλμανουθά

इसे वाज़ेह करना मददगार साबित हो सकता है कि किस तरह वो दलमनूता पहुँचे। मुतबादिल तर्जुमा : “वो गलील की झील से कश्ती में सवार होकर दलमनूता पहुँचे। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Δαλμανουθά

यह गलील की झील के शुमाल मग़रिबी किनारे पर एक जगह का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 8:11

दलमनूता में, येसू फ़रीसियों को निशान देने से इनकार करता है इससे क़ब्ल कि वह और उसके शागिर्द क़श्ती में सवार होकर चलते हैं।

ζητοῦντες παρ’ αὐτοῦ

के लिए वो उसे तलब करते हैं

σημεῖον ἀπὸ τοῦ οὐρανοῦ

वे एक निशान चाहते थे जो यह साबित करे कि येसू की ताक़त और इख़्तियार ख़ुदा के तरफ़ से थे। मुमकिन मायने 1) लफ़्ज “आसमान” ख़ुदा के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा के तरफ़ से एक निशानी” या 2) लफ़्ज “आसमान” फ़लक से मुराद है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “फ़लक से एक निशानी” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

πειράζοντες αὐτόν

फरीसियों ने येसू से यह साबित करवाने के ज़रिए कि वो ख़ुदा के तरफ़ से था उसे आज़माने की कोशिश की। कुछ मालूमात वाज़े किए जा सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “यह साबित करने के वास्ते कि ख़ुदा ने उसे भेजा है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:12

ἀναστενάξας τῷ πνεύματι αὐτοῦ

इसका मायने हैं कि उसने आहें भरी या उसने एक तवील गहरी सांस छोड़ा जिसे सुना जा सकता था। यह शायद येसू की गहरी उदासी को ज़ाहिर करता है कि फ़रीसियों ने उस पर ईमान लाने से इनकार कर दिया। देखें आपने इसे मरकुस 7:34. में किस तरह तर्जुमा किया है।

τῷ πνεύματι αὐτοῦ

ख़ुद में

τί ἡ γενεὰ αὕτη ζητεῖ σημεῖον?

येसू उनको डाँट रहा है। इस सवाल को एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “इस नस्ल को निशान का तलब नहीं करना चाहिए।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἡ γενεὰ αὕτη

जब येसू “इस नस्ल” की बाबत बोलता है, वह उस वक़्त में रहने वाले लोगों का हवाला दे रहा है। इस गिरोह में फ़रीसी भी शामिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम और इस नस्ल के लोग” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

εἰ δοθήσεται…σημεῖον

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं निशान नहीं दूँगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 8:13

ἀφεὶς αὐτοὺς, πάλιν ἐμβὰς

येसू के शागिर्द उसके साथ गये। कुछ मालूमात को वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह उनको छोड़ दिया, फिर से अपने शागिर्दों के साथ क़श्ती में सवार हुआ” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

εἰς τὸ πέραν

यह गलील के झील का बयान करता है, जिसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “झील के दूसरी तरफ़” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:14

जबकि येसू और उसके शागिर्द कश्ती में हैं, उनमें फ़रीसियों और हेरोदेस के दर्मियान समझ की कमी को लेकर एक बहस हुई अगरचे उन्होंने कई निशानियाँ देखी थीं।

καὶ

यहाँ इस लफ़्ज का इस्तेमाल अहम कहानी से हटने के लिए एक निशानदेही के तौर पर किया गया है। यहाँ मुसन्निफ़ पस मंज़री मालूमात बताता है कि शागिर्द रोटियाँ लाना भूल गये थे। (देखें:INVALID translate/writing-background)

εἰ μὴ ἕνα ἄρτον

मनफ़ी फ़िक़रा “ज़्यादा नहीं” का इस्तेमाल यह ज़ोर देने के लिए किया गया है कि उनके पास कितनी कम रोटी थी। मुतबादिल तर्जुमा : “सिर्फ़ एक रोटी” (देखें:INVALID translate/figs-litotes)

Mark 8:15

ὁρᾶτε, βλέπετε

इन दोनों इस्तिलाहों के एक आम मानी है और यहाँ जोर देने के लिए दोहराया गया है। इन्हें मुत्तहिद किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “देखते रहो” (देखें:INVALID translate/figs-doublet)

τῆς ζύμης τῶν Φαρισαίων καὶ τῆς ζύμης Ἡρῴδου

यहाँ येसू अपने शागिर्दों से एक इस्तआरे में बात कर रहा है जो वो नहीं समझते। येसू फ़रीसियों और हेरोदेस की ता’लीम को ख़मीर से तश्बीह दे रहा है, मगर आपको इसकी वज़ाहत नहीं करनी चाहिए जब आप इसका तर्जुमा करें क्योंकि शागिर्दों ने ख़ुद इसे नहीं समझा। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 8:16

ὅτι ἄρτους οὐκ ἔχουσιν

इस बयान में, यह कहना मददगार साबित हो सकता है कि “यह” जो येसू ने कहा उससे मुराद है। मुतबादिल तरजुमा : “उसने ज़रूर कहा होगा कि क्योंकि हमारे पास रोटी नहीं है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἄρτους οὐκ ἔχουσιν

लफ़्ज “नहीं” एक मुबालगा़ आराई है। शागिर्दों के पास एक रोटी थी (मरकुस 8:14), लेकिन यह बिल्कुल कोई रोटी न होने से ज़्यादा मुख़्तलिफ़ नहीं था। (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

Mark 8:17

τί διαλογίζεσθε ὅτι ἄρτους οὐκ ἔχετε?

यहाँ येसू अपने शागिर्दों की हल्की सी मलामत कर रहा है क्योंकि उन्हें समझ जाना चाहिए था कि वह किस बाबत बात करता रहा है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें ऐसा ख़्याल नहीं करना चाहिए कि मैं असल रोटी की बात कर रहा हूँ।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

οὔπω νοεῖτε, οὐδὲ συνίετε?

इन सवालात का मानी यक्सां है और एक साथ यह जोर देने के लिए इस्तेमाल किया है कि वो नहीं समझते। इसे एक सवाल या एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्या तुम अब भी नहीं समझते?” या “अब तक तुम्हें जानना और समझना चाहिए जो बातें मैं कहता और करता हूँ।” (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

πεπωρωμένην ἔχετε τὴν καρδίαν ὑμῶν?

यहाँ “दिल” एक शख़्स के ज़हन के लिए एक इस्तआरा है। जुमला “दिल इतने सुस्त हो गये हैं” एक इस्तआरा है कि वो कुछ समझने के क़ाबिल या आरज़ूमन्द नहीं हैं। येसू एक सवाल का इस्तेमाल शागिर्दों को डाँटने के लिए करता है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हारी सोच इतनी सुस्त हो गयी है!” या “तुम मेरा मतलब समझने में इतने सुस्त हो!” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy औरः INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 8:18

ὀφθαλμοὺς ἔχοντες, οὐ βλέπετε? καὶ ὦτα ἔχοντες, οὐκ ἀκούετε? καὶ οὐ μνημονεύετε?

यिसू अपने शागिर्दों की हल्की सी मलामत करना जारी रखता है। ये सवालात बयानों के तौर पर लिखे जा सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हारी आँखें हैं, मगर तुम समझते नहीं जो देखते हो। तुम्हारे कान हैं, मगर तुम समझते नहीं जो सुनते हो। तुम्हें याद रखना चाहिए।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 8:19

τοὺς πεντακισχιλίους

यह उन 5,000 अफ़राद से मुराद है जिन्हें येसू ने खिलाया था। मुतबादिल तर्जुमा : “5,000 अफ़राद” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/translate-numbers)

πόσους κοφίνους κλασμάτων πλήρεις ἤρατε?

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है जब उन्होंने टुकड़ों की टोकरियाँ जमा कीं। मुतबादिल तरजुमा : “सब के खाने के बाद तुमने रोटी के टूटे टुकड़ों से भरी कितनी टोकरियाँ जमा की” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:20

τοὺς τετρακισχιλίους

यह उन 4,000 अफ़राद से मुराद है जिन्हें यिसू ने खिलाया था। मुतबादिल तर्जुमा : “4,000 अफ़राद” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/translate-numbers)

πόσων σπυρίδων πληρώματα κλασμάτων ἤρατε?

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है जब उन्होंने इसे जमा किया। मुतबादिल तर्जुमा : “सब के खाने के बाद तुमने रोटी के टूटे टुकड़ों से भरी कितनी टोकरियाँ जमा की” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:21

πῶς οὔπω συνίετε?

येसू अपने शागिर्दों की न समझने के लिए हल्की सी मलामत करता है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जमा : “अब तक तुम्हें समझना चाहिए जो बातें मैं कहता और करता हूँ।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 8:22

जब येसू और उसके शागिर्द बैतसैदा में क़श्ती से बाहर आए, येसू एक अन्धे आदमी को शिफ़ा देता है।

Βηθσαϊδάν

यह गलील की झील के शुमाली किनारे पर एक शहर है। देखें आपने इस शहर का नाम मरकुस 6:45 में किस तरह तर्जुमा किया है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

ἵνα αὐτοῦ ἅψηται

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि वो क्यों चाहते थे के येसू आदमी को छुए। मुतबादिल तर्जुमा : “उसकी शिफ़ा के लिए उसे छुए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:23

πτύσας εἰς τὰ ὄμματα αὐτοῦ…ἐπηρώτα αὐτόν

जब येसू ने उस आदमी की आँखों में थूका ... येसू ने आदमी से पूछा

Mark 8:24

ἀναβλέψας

आदमी ने नजर उठाई

βλέπω τοὺς ἀνθρώπους, ὅτι ὡς δένδρα ὁρῶ περιπατοῦντας

आदमी ने मर्दों को चलते हुए देखा, अभी तक वो उसे साफ़ नहीं हैं, इस वजह से वह उनको दरख़्तों से तश्बीह देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हाँ, मैं लोगों को देखता हूँ! वे चल रहे हैं, मगर मैं उन्हें वाज़ेह तौर पर नहीं देख सकता। वो दरख़्तों की मानिन्द नज़र आ रहे हैं” (देखें:INVALID translate/figs-simile)

Mark 8:25

εἶτα πάλιν ἐπέθηκεν

फ़िर येसू दोबारा

καὶ διέβλεψεν καὶ ἀπεκατέστη

जुमला “उस की नज़र बहाल हो गयी” को ज़ेर ए अमल के तौर पर लिखा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा :“आदमी की नज़र बहाल करना, और फ़िर आदमी ने अपनी आँखें खोलीं” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 8:27

येसू और उसके शागिर्द क़ैसरिया फ़िलिप्पी के गाँवों की तरफ़ जाते हुए इस बाबत बात करते है कि येसू कौन है और उसके साथ क्या होगा।

Mark 8:28

οἱ δὲ εἶπαν αὐτῷ λέγοντες

उन्होंने उसे यह कहते हुए, जवाब दिया

Ἰωάννην τὸν Βαπτιστήν

शागिर्द जवाब देते हैं कि यह वो था जो कि बाज़ लोग कहते थे कि यिसू था। इसे ज़्यादा वाज़ेह तौर पर ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “बाज़ लोग कहते हैं कि तू यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἄλλοι…ἄλλοι

लफ़्ज “दूसरे” दूसरे लोगों से मुराद है। यह येसू के सवाल का उनके जवाबात से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “दूसरे कहते हैं कि तू .... दूसरे कहते है कि तू” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 8:29

αὐτὸς ἐπηρώτα αὐτούς

येसू ने अपने शागिर्दों से पूछा

Mark 8:30

ἐπετίμησεν αὐτοῖς ἵνα μηδενὶ λέγωσιν περὶ αὐτοῦ

येसू नहीं चाहता था कि वो किसी को बताएं के वो मसीह था। इसे ज़्यादा वाज़ेह किया जा सकता है। इसे एक रास्त इक्तबास के तौर पर भी लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू ने उनको आगाह किया कि किसी से न बताए कि वो मसीह है” या “येसू ने उनको आगाह किया, “किसी से न बताना कि मैं मसीह हूँ” (देखेंः INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-quotations)

Mark 8:31

τὸν Υἱὸν τοῦ Ἀνθρώπου

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ἀποδοκιμασθῆναι ὑπὸ τῶν πρεσβυτέρων…καὶ μετὰ τρεῖς ἡμέρας ἀναστῆναι

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “बुज़ुर्ग और सरदार काहिन और फ़क़ीह उसे रद्द करें, और लोग उसे क़त्ल करें, और तीन दिन बाद वह जी उठे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 8:32

παρρησίᾳ τὸν λόγον ἐλάλει

उसने यह इस तरीके से कहा जिसे समझना आसान था

ἤρξατο ἐπιτιμᾶν αὐτῷ

इब्न ए आदम के साथ क्या होगा इन बातों के कहने की वजह से पतरस ने ये सू की मलामत की। इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “इन बातों को कहने की वजह से उसकी मलामत करने लगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:33

पतरस की मलामत करने के बाद क्योंकि वह नहीं चाहता था कि येसू मरे और जी उठे, येसू अपने शागिर्दों और हुजूम दोनों को बताता है कि किस तरह उसकी पैरवी करें।

ὕπαγε ὀπίσω μου, Σατανᾶ, ὅτι οὐ φρονεῖς

येसू का मतलब है कि पतरस शैतान की तरह अदाकारी कर रहा है क्योंकि पतरस येसू को वह अन्जाम देने से रोक रहा है जो ख़ुदा ने उसे करने के वास्ते भेजा है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरे सामने से दूर हट, क्योंकि तू शैतान की तरह अदाकारी कर रहा है! तू तरतीब नहीं कर रहा है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ὕπαγε ὀπίσω μου

मेरे सामने से दूर हो

Mark 8:34

ὀπίσω μου ἀκολουθεῖν

यहाँ येसू की पैरवी करना उसके शागिर्दों में से एक होने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरा शागिर्द हो” या “मेरे शागिर्दों में से एक हो” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἀπαρνησάσθω ἑαυτὸν

अपनी ख़्वाहिशात के हवाले नहीं होना चाहिए या “अपनी ख़ुदी से ज़रूर इन्कार करे”

ἀράτω τὸν σταυρὸν αὐτοῦ, καὶ ἀκολουθείτω μοι

अपनी सलीब उठाए और मेरे पीछे चले। सलीब दुख और मौत की नुमाइन्दगी करता है। सलीब उठाना दुख उठाने और मौत के लिए तैयार रहने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “दुख उठाने और मौत तक मेरा फ़रमाँबरदार रहे” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

ἀκολουθείτω μοι

यहाँ येसू की पैरवी करना उसकी फ़रमाँबरदारी करने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरी इताअत करो” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 8:35

ὃς γὰρ ἐὰν θέλῃ

जो कोई भी चाहता है

τὴν ψυχὴν

यह जिस्मानी ज़िन्दगी और रूहानी ज़िन्दगी दोनों से मुराद है।

ἕνεκεν ἐμοῦ καὶ τοῦ εὐαγγελίου

मेरी ख़ातिर और इन्जील की ख़ातिर। येसू उन लोगों की बाबत बात कर रहा है जो येसू और इन्जील की पैरवी के सबब से अपनी जान खो देते हैं। इसे वाज़े तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि वह मेरी पैरवी करता है और दूसरों को इन्जील बताता है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 8:36

τί γὰρ ὠφελεῖ ἄνθρωπον, κερδήσῃ τὸν κόσμον ὅλον καὶ ζημιωθῆναι τὴν ψυχὴν αὐτοῦ?

इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “एक शख़्स अगर सारी दुनिया को हासिल करे, इससे उसे फ़ाइदा नहीं होगा अगर वह अपनी ज़िन्दगी को ज़ब्त करता है”(देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

κερδήσῃ τὸν κόσμον ὅλον καὶ ζημιωθῆναι τὴν ψυχὴν αὐτοῦ

इसका इज़हार एक शर्त के तौर पर किया जा सकता है जो लफ़्ज “अगर” से शुरू होता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर वह सारी दुनिया को हासिल करता है, और फ़िर अपनी ज़िन्दगी को ज़ब्त करता है”

κερδήσῃ τὸν κόσμον ὅλον

अल्फाज़ “सारी दुनिया” अज़ीम दौलत के लिए मुबालग़ा आराई हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “हर वो चीज़ हासिल होना जिसकी उसे कभी चाहत थी” (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

ζημιωθῆναι

किसी चीज़ को ज़ब्त करना उसे खो देना है या उसे कोई दूसरा शख़्स लेकर चला जाए।

Mark 8:37

τί γὰρ δοῖ ἄνθρωπος ἀντάλλαγμα τῆς ψυχῆς αὐτοῦ?

इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ऐसी कोई चीज़ नहीं है जो एक शख़्स अपनी ज़िन्दगी के बदले दे सकता है।” या “कोई भी अपनी ज़िन्दगी के बदले कुछ नहीं दे सकता।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

τί…δοῖ ἄνθρωπος

अगर आपकी ज़बान में “देना” में किसी क़बूल करने वाले की ज़रूरत होती है, तो “ख़ुदा” एक क़बूल करने वाले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक शख़्स ख़ुदा को क्या दे सकता है”

Mark 8:38

ἐπαισχυνθῇ με καὶ τοὺς ἐμοὺς λόγους

मेरे और मेरे पैग़ाम की ख़ातिर शर्मिन्दा

ἐν τῇ γενεᾷ ταύτῃ, τῇ μοιχαλίδι καὶ ἁμαρτωλῷ

येसू इस नस्ल को “ज़िनाकार”कहता है, मतलब कि वो ख़ुदा के साथ अपने ताल्लुक़ में वफ़ादार नहीं हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “लोगों की इस नस्ल में जिन्होंने ख़ुदा के ख़िलाफ ज़िनाकारी की है और बहुत गुनाहगार हैं” या “लोगों की इस नस्ल में जिन्होंने ख़ुदा के साथ बेवफ़ाई की है और बहुत गुनाहगार हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ὅταν ἔλθῃ

जब वह वापस आता है

ἐν τῇ δόξῃ τοῦ Πατρὸς αὐτοῦ

जब येसू वापस आयेगा उसका जलाल उसके बाप की मानिन्द होगा।

μετὰ τῶν ἀγγέλων τῶν ἁγίων

पाक फ़रिश्तों के साथ

Mark 9

मरकुस 09 आम हाशिये

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

“सूरत बदलना”

किताबे मुक़द्दस अक्सर ख़ुदा के जलाल को एक अज़ीम, शानदार नूर के तौर पर बयान करता है। जब लोग इस नूर को देखते हैं, वो ख़ौफ़जदा होते हैं। मरकुस इस बाब मे कहता है कि येसू के लिबास इस जलाली नूर में चमकें ताकि उसके पैरोकार देख सकें कि येसू वाक़ई इब्न ए ख़ुदा है। उसी वक्त, ख़ुदा ने उनसे कहा कि येसू उसका बेटा है। (देखेंः जलाल,जलाल से मा’मूर, ता’रीफ़, ता'रीफ़ करता है और डर, डरता, डरा हुआ )

इस बाब में अहम अन्दाज़ ए इज़हार

मुबालग़ा

येसू ने वो बातें कहीं जिससे उसको उम्मीद नहीं थी कि उसके शागिर्द लफ़्ज़ी तौर पर समझें। जब उसने कहा, “अगर तेरा हाथ तुझे ठोकर खिलाने का सबब हो, तो उसे काट डाल” (मरकुस 9:43), वह मुबालग़ा आराई कर रहा था ताकि वो जानें के उन्हें ऐसी किसी भी चीज़ से दूर रहना चाहिए जो उनके लिए गुनाह का सबब हो, चाहे वह ऐसी चीज़ हो जिसको वो प्यार करते हों या ज़रूरी समझते हों।

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमा के मुश्किलात

एलियाह और मूसा

एलियाह और मूसा अचानक येसू, याक़ूब, यूहन्ना, और पतरस के सामने ज़ाहिर हुए और फ़िर ग़ायब हो गये। उन चारों ने एलियाह और मूसा को देखा, और क्योंकि एलियाह और मूसा ने येसू से बातें कीं, क़ारी को समझना चाहिए कि एलियाह और मूसा जिस्मानी तौर पर ज़ाहिर हुए।

“इब्न ए आदम”

येसू इस बाब में ख़ुद का हवाला “इब्न ए आदम” के तौर पर देता है (मरकुस 9:31). आपकी ज़बान लोगों को ख़ुद की बाबत बोलने की इजाज़त न भी दे सकती है गोया वो किसी और की बाबत बात कर रहे थे। (देखेंः इब्न-ए-आदम , इब्न-ए-आदम , और INVALID translate/figs-123person)

तज़ाद

तज़ाद एक हक़ बयान है जो कुछ नामुमकिन बयान को ज़ाहिर करता है। येसू एक तज़ाद का इस्तेमाल करता है जब वो कहता है, “अगर कोई अव्वल होना चाहे, तो वह सबसे पिछला और सबका ख़ादिम बने” (मरकुस 9:35).

Mark 9:1

येसू अभी लोगों और उसके शागिर्दों से उसकी पैरवी करने की बाबत बातें कर रहा था। छः दिन बाद, यिसू अपने तीन शागिर्दों के साथ एक पहाड़ पर जाता है जहाँ आरज़ी तौर पर उसकी सूरत बदल जाती है जिस तरह वह एक दिन ख़ुदा की बादशाही में नज़र आएगा।

ἔλεγεν αὐτοῖς

येसू ने अपने शागिर्दों से कहा

τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ ἐληλυθυῖαν ἐν δυνάμει

ख़ुदा की बादशाही की आमद ख़ुदा को एक बादशाह के तौर पर ज़ाहिर करने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ख़ुद को अज़ीम ताक़त वाले बादशाह के तौर पर ज़हिर करता है” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 9:2

κατ’ ἰδίαν μόνους

मुसन्निफ़ यहाँ मअकूस ज़मीर “ख़ुद” का इस्तेमाल यह ज़ोर देने के लिए करता है कि वो तन्हाई में थे और सिर्फ़ येसू, पतरस, याक़ूब, और यूहन्ना पहाड़ पर गये। (देखें:INVALID translate/figs-rpronouns)

μετεμορφώθη ἔμπροσθεν αὐτῶν

जब उन्होंने उस पर नज़र की , उसकी सूरत मुख़्तलिफ़ थी जो पहले हुआ करती थी।

μετεμορφώθη

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसकी सूरत बदल गयी” या “वो बहुत मुख़्तलिफ़ नज़र आया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἔμπροσθεν αὐτῶν

उनके सामने या “ताकि वो उसे वाज़ेह तौर पर देख सकें”

Mark 9:3

στίλβοντα

रोशन या “ताबदार।” येसू के लिबास इतने सफेद थे कि उनमें से नूर निकल रहा था।

λείαν

जितना मुमकिन हो या ज़्यादा से ज़्यादा

οἷα γναφεὺς ἐπὶ τῆς γῆς οὐ δύναται οὕτως λευκᾶναι

ब्लीचिंग ऊन को कुदरती सफ़ेद बनाने की तरकीब बयान करता है और भी सफ़ेद ब्लीच और अमोनिया के तरह के कीमियाई मरकबात के इस्तेमाल के ज़रिए। मुतबादिल तर्जुमा : “उससे भी ज़्यादा सफ़ेद जितना कि ज़मीन पर कोई भी शख़्स उतना सफ़ेद कर सकता था”

Mark 9:4

ὤφθη…Ἠλείας σὺν Μωϋσεῖ

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि ये मर्द कौन हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “दो नबी जो तवील अरसे पहले रह चुके हैं, एलियाह और मूसा, नज़र आए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἦσαν συνλαλοῦντες

यहाँ लफ़्ज “वो” एलियाह और मूसा से मुराद है।

Mark 9:5

ἀποκριθεὶς ὁ Πέτρος λέγει τῷ Ἰησοῦ

पतरस ने येसू से कहा। यहाँ लफ़्ज “जवाब दिया” का इस्तेमाल गुफ़तगू में पतरस का तआर्रूफ़ करने के लिए किया गया है। पतरस सवाल का जवाब नहीं दे रहा था।

καλόν ἐστιν ἡμᾶς ὧδε εἶναι

यह वाज़ेह नहीं है के “हमारे” सिर्फ़ पतरस, याक़ूब, और यूहन्ना से मुराद है या फिर यह वहाँ मौजूद हर एक से मुराद है जिसमें येसू, एलियाह, और मूसा भी शामिल हैं। अगर आप तर्जुमा कर सकते है ताकि दोनों इन्तख़ाब मुमकिन हों, तो ऐसा ही करें। (देखेंः INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-inclusive)

σκηνάς

सादा, आरज़ी जगह जिसमें बैठें या सोएं

Mark 9:6

οὐ γὰρ ᾔδει τί ἀποκριθῇ; ἔκφοβοι γὰρ ἐγένοντο

यह जुमला मोतरज़ा पतरस, याक़ूब, और यूहन्ना के बाबत पेस मंजरी मालूमात देता है। (देखें:INVALID translate/writing-background)

ἔκφοβοι…ἐγένοντο

वो काफ़ी ख़ौफ़ज़दा थे या “वो काफ़ी डरे हुए थे”

Mark 9:7

ἐγένετο…ἐπισκιάζουσα

ज़ाहिर हुआ और साया किया

καὶ ἐγένετο φωνὴ ἐκ τῆς νεφέλης

यहाँ ““एक आवाज आई” किसी के बोलने के लिए एक इस्तआरा है। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है कि कौन बोला। मुतबादिल तर्जुमा : “फिर कोई बादलों में से बोला” या “फिर ख़ुदा बादलों में से बोला” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-explicit)

οὗτός ἐστιν ὁ Υἱός μου, ὁ ἀγαπητός, ἀκούετε αὐτοῦ

ख़ुदा बाप अपने “प्यारे बेटे”, इब्न ए ख़ुदा के लिए अपनी महब्बत का इज़हार करता है।

ὁ Υἱός…ὁ ἀγαπητός

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है, इब्न ए ख़ुदा। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Mark 9:8

περιβλεψάμενοι

यहाँ “उन्होंने” पतरस, याक़ूब, और यूहन्ना से मुराद है।

Mark 9:9

διεστείλατο αὐτοῖς ἵνα μηδενὶ…εἰ μὴ ὅταν ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου ἐκ νεκρῶν ἀναστῇ

यह इशारा करता है कि जो उन्होंने देखा था उसकी बाबत वह उन्हें लोगों को बताने की इजाज़त दे रहा है सिर्फ़ उसके मुर्दों में से जी उठने के बाद। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐκ νεκρῶν ἀναστῇ

मुर्दों में से जी उठा। यह उसके दोबारा ज़िन्दा होने की बात करता है। जुमला “मुर्दे” का मुराद “मुर्दा लोगों” से है और मौत के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “मौत से जी उठा” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 9:10

ἐκ νεκρῶν ἀναστῆναι

मुर्दों में से जी उठना। यह उसके दोबारा ज़िन्दा होने की बात करता है। जुमला “मुर्दे” का मुराद “मुर्दा लोगों” से है और मौत के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “मौत से जी उठना” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

καὶ τὸν λόγον ἐκράτησαν πρὸς ἑαυτοὺς

यहाँ “मुआमले को ख़ुद तक ही रखा” एक मुहावरा है जिसके मायने हैं उन्होंने जो देखा था इसकी बाबत किसी को नहीं बताया। मुतबादिल तर्जुमा : “उन्होंने जो देखा था उसकी बाबत किसी को नहीं बताया” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 9:11

अगरचे पतरस, याक़ूब, और यूहन्ना हैरत करते रहे कि कि येसू का “मुर्दां में से जी उठने” का मतलब क्या हो सकता है, इसकी बजाए उन्होंने उससे एलियाह की आमद के बाबत पूछा।

ἐπηρώτων αὐτὸν

लफ़्ज “उन्होंने” पतरस, याकूब, और यूहन्ना से मुराद है।

λέγουσιν οἱ γραμματεῖς ὅτι Ἠλείαν δεῖ ἐλθεῖν πρῶτον?

नबूवत में पेशनगोई थी कि एलियाह आसमान से दोबारा आएगा। फिर मसीह, जो इब्न ए आदम है, हुक्मरानी और बादशाही करने आएगा। शागिर्द उलझन में हैं कि किस तरह इब्न ए आदम मर सकता है और फिर जी उठ सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “फ़क़ीह क्योंकर कहते हैं कि मसीह आने से क़ब्ल एलियाह आना ज़रूर है?” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 9:12

Ἠλείας μὲν ἐλθὼν πρῶτον ἀποκατιστάνει πάντα

यह कहने के जरिए, येसू क़ायम करता है कि एलियाह पहले आएगा।

πῶς γέγραπται…ἐξουδενηθῇ?

येसू इस सवाल का इस्तेमाल अपने शागिर्दों को यह याद दिलाने के लिए करता है कि किताब ए मुक़द्दस भी यही सिखाता है कि इब्न ए आदम ज़रूर दुख उठाए और हक़ीर किया जाए। इसका इज़हार एक बयान के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर मैं चाहता हूँ कि तुम ग़ौर करो कि इब्न ए आदम की बाबत क्या लिखा है। किताब ए मुकद्दस बयान करता है कि वह ज़रूर बहुत से दुख उठाएगा और नफ़रत किया जाएगा।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἐξουδενηθῇ

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “लोग उसे नफ़रत करेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 9:13

ἐποίησαν αὐτῷ ὅσα ἤθελον

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि लोगों ने एलियाह के साथ क्या किया। मुतबादिल तर्जुमा : “हमारे रहनुमाओं ने उसके साथ बहुत बदसलूकी की, जैसे वो करना चाहते थे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 9:14

जब पतरस, याकूब, यूहन्ना, और येसू पहाड़ से नीचे आए, उन्होंने फ़क़ीहों को दूसरे शागिर्दों के साथ बहस करते हुए पाया।

ἐλθόντες πρὸς τοὺς μαθητὰς

यिसू, पतरस, याकूब, और यूहन्ना दूसरे शागिर्दों के पास वापस आये जो उनके साथ पहाड़ पर नहीं गये थे।

εἶδον ὄχλον πολὺν περὶ αὐτοὺς

येसू और उन तीनों शागिर्दों ने एक बड़ा हुजूम दूसरे शागिर्दों के इर्द गिर्द देखा

γραμματεῖς συνζητοῦντας πρὸς αὐτούς

फ़क़ीह दूसरे शागिर्दों के साथ बहस कर रहे थे जो येसू के साथ नहीं गये थे।

Mark 9:15

ἐξεθαμβήθησαν

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि क्यों वो हैरान थे। मुतबादिल तर्जुमा : “हैरान थे कि येसू आ गया था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 9:17

इसकी वज़ाहत के लिए कि फ़क़ीह दूसरे शागिर्दों के साथ किस बाबत बहस कर रहे थे, एक बदरूह से गिरफ़त आदमी का बाप येसू को बताता है कि उसने शागिर्दों से कहा कि उसके बेटे में से बदरूह को निकाल दें, मगर वो न कर सके। फिर येसू लड़के से बदरूह को निकालता है। बाद में शागिर्द पूछते हैं कि क्यों वे बदरूह निकालने में क़ाबिल नहीं थे।

ἔχοντα πνεῦμα

इसका मानी है कि लड़का एक नापाक रूह के क़ब्ज़े में था। “उसमें नापाक रूह थी” या “वह नापाक रूह के क़ब्ज़े में था” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 9:18

ἀφρίζει

एक ऐंठन, या ज़ब्ती, एक शख़्स को सांस लेने या निगलने में दुश्वारी का सबब बन सकता है। यह मुँह से सफेद झाग आने का सबब बनता है। अगर आपकी ज़बान में उसे बयान करने का तरीक़ा है, आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “उसके मुँह से कफ़ आता है”

ξηραίνεται

वह सख़्त हो जाता है या “उसका जिस्म बेलचक हो जाता है”

οὐκ ἴσχυσαν

यह शागिर्दों का हवाला देता है जो लड़के से बद रूह को निकालने में नाक़ाबिल रहे। मुतबादिल तर्जुमा : “वो इसे उसके बाहर न निकाल सके” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 9:19

ὁ…ἀποκριθεὶς αὐτοῖς

अगरचे यह लड़के का बाप था जिसने येसू से दरख़्वास्त की, येसू पूरे हुजूम को जवाब देता है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू ने हुजूम को जवाब दिया”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ὦ γενεὰ ἄπιστος

ऐ बेऐतिक़ाद क़ौम। येसू भीड़ को यह कहता है जैसे वह उनको जवाब देना शुरू करता है।

ἕως πότε πρὸς ὑμᾶς ἔσομαι?…ἀνέξομαι ὑμῶν?

येसू इन सवालात को अपनी मायूसी ज़ाहिर करने के वास्ते करता है। दोनों सवालात का मानी यक्सां है। उन्हें बयानों के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं तुम्हारी बेऐतिक़ादी से थक गया हूँ” या “तुम्हारा बेऐतिक़ाद मुझे थका देता है! मुझे हैरत है कि मैं कब तक तुम्हें बर्दाश्त करूँगा।” (देखेंः INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-parallelism)

ἀνέξομαι ὑμῶν

तुम्हें बर्दाश्त करूँ या “तुम्हारे साथ रहूँ”

φέρετε αὐτὸν πρός με

लड़के को मेरे पास लाओ

Mark 9:20

τὸ πνεῦμα

यह नापाक रूह से मुराद है। देखें आपने इसे मरकुस 9:17 में किस तरह तर्जुमा किया है।

συνεσπάραξεν αὐτόν

यह एक शर्त है जहाँ एक शख़्स को अपने जिस्म पर काबू नहीं है, और उसका जिस्म निहायत ज़ोर से हिलता है।

Mark 9:21

ἐκ παιδιόθεν

चूंकि वह एक छोटा बच्चा था। इसे एक जुमले की सूरत में बयान करना मददगार साबित हो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह बचपन से ही इस तरह है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 9:22

σπλαγχνισθεὶς

तरस खाओ

Mark 9:23

εἰ δύνῃ?

येसू ने दोहराया जो उस आदमी ने उससे कहा था। मुतबादिल तरजुमा : “क्या तू मुझ से कहता है “अगर मैं क़ाबिल हूँ”?” या “तू ऐसा क्यों कहता है “अगर मैं क़ाबिल हूँ”?” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

εἰ δύνῃ?

येसू ने इस सवाल को उस आदमी के शक़ की मलामत के लिए इस्तेमाल किया। इसका इज़हार एक बयान के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुझे मुझ से नहीं कहना चाहिए, “अगर तू क़ाबिल है।” या “तू कहता है अगर मैं क़बिल हूँ। बिल्कुल मैं क़ाबिल हूँ।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

πάντα δυνατὰ τῷ πιστεύοντι

ख़ुदा उन लोगों के वास्ते कुछ भी कर सकता है जो उसमें ईमान रखते हैं

τῷ πιστεύοντι

शख़्स के लिए या “किसी के लिए”

τῷ πιστεύοντι

यह ख़ुदा में ईमान से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा में ईमान रखता है”

Mark 9:24

βοήθει μου τῇ ἀπιστίᾳ

येसू से वह आदमी अपनी बेऐतिक़ादी पर फ़तह पाने और उसके ईमान को बढ़ाने के लिए मदद माँग रहा है। मुतबादिल तर्जुमाः “मेरी मदद कर जब मैं ईमान न रखूँ” या “मेरी मदद कर कि मैं ज़ियादा ईमान रखूँ”

Mark 9:25

ἐπισυντρέχει ὄχλος

इसका मतलब है कि और ज़ियादा लोग उस तरफ़ दौड़ रहे थे जहाँ येसू था और हुजूम वहाँ बढ़ता जा रहा था।

τὸ ἄλαλον καὶ κωφὸν πνεῦμα

अल्फाज़ “गूँगा” और “बहरा” की वज़ाहत की जा सकती है। मुतबादिल तर्जुमा : “तू नापाक रूह, तू जो लड़के को बोलने और सुनने में नाक़बिल होने का सबब है”

Mark 9:26

κράξας

नपाक रूह चिल्ला उठी

πολλὰ σπαράξας, αὐτόν

निहायत जोर से लड़के को हिलाया

ἐξῆλθεν

यह मफ़हूम है कि रूह लड़के में से निकल आई। मुतबादिल तर्जुमा : “लड़के से निकल आई” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐγένετο ὡσεὶ νεκρὸς

लड़के के ज़हूर का तश्बीह एक मुर्दा शख़्स से दिया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “लड़का मुर्दा नज़र आया” या “लड़का एक मुर्दा शख़्स की मानिन्द नज़र आया” (देखें:INVALID translate/figs-simile)

ὥστε τοὺς πολλοὺς

ताकि कई लोग

Mark 9:27

κρατήσας τῆς χειρὸς αὐτοῦ

इसका मतलब है येसू ने लड़के का हाथ अपने हाथों से पकड़ा। मुतबादिल तर्जुमा : “लड़के को हाथ से पकड़ा” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ἤγειρεν αὐτόν

उसे उठ खड़े होने में मदद की

Mark 9:28

κατ’ ἰδίαν

इसका मतलब है वो तन्हा थे।

ἐκβαλεῖν αὐτό

नपाक रूह को बाहर निकाला। यह लड़के में से रूह को निकालने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “नापाक रूह को लडके में से बाहर निकाल” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 9:29

τοῦτο τὸ γένος ἐν οὐδενὶ δύναται ἐξελθεῖν, εἰ μὴ ἐν προσευχῇ καὶ νηστεία

अल्फ़ाज “सकती” और “सिवा” दोनों मनफ़ी अल्फ़ाज़ हैं। कुछ ज़बानों में अस्बाती बयान ज़्यादा क़ुदरती है। मुतबादिल तर्जुमा : “इस क़िस्म को सिर्फ़ दुआ के जरिए निकाला जा सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-doublenegatives)

τοῦτο τὸ γένος

यह नापाक रूहों का बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “इस क़िस्म की नापाक रूह” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 9:30

बदरूह में गिरफ़त लड़के को शिफ़ा देने के बाद, यिसू और उसके शागिर्द उस घर को रवाना होते है जहाँ वो ठहरे हैं। वह अपने शागिर्दों को तन्हाई में ता’लीम देने के लिए वक़्त निकालता है।

κἀκεῖθεν ἐξελθόντες

येसू और उसके शागिर्द उस इलाके से रवाना हुए

παρεπορεύοντο διὰ

सफ़र किया या “गुज़रे”

Mark 9:31

ἐδίδασκεν γὰρ τοὺς μαθητὰς αὐτοῦ

येसू अपने शागिर्दों को हुजूम से दूर, निजी तौर पर ता’लीम दे रहा था। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि वह अपने शागिर्दों को ज़ाती तौर पर ता’लीम दे रहा था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου παραδίδοται

इसका तर्जुमा ज़ेर ए अमल के तौर पर किया जा सकता है। “कोई इब्न ए आदम को हवाले कर देगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου

यहाँ येसू ख़ुद का इब्न ए आदम के तौर पर हवाला देता है। यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। “मैं, इब्न ए आदम” (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

εἰς χεῖρας ἀνθρώπων

यहाँ “हाथ” क़ाबू के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “आदमियों के क़ब्ज़े में” या “ताकि आदमी उस पर क़ब्ज़ा करने के क़ाबिल होंगे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἀποκτανθεὶς, μετὰ τρεῖς ἡμέρας ἀναστήσεται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वो उसे क़त्ल करेंगे और तीन दिन बीतने के बाद, वह” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 9:32

ἐφοβοῦντο αὐτὸν ἐπερωτῆσαι

वे येसू को पूछने से डरते थे कि उसके बयान का मानी क्या है। मुतबादिल तर्जुमाः “वो उससे पूछने से डरते थे कि इसका मानी क्या है”

Mark 9:33

जब वो कफ़रनहूम में आये, येसू अपने शागिर्दों को हलीम ख़ादिम होने के बाबत ता’लीम देता है। (देखें:INVALID translate/writing-newevent)

ἦλθον εἰς

वो पहुँचे। लफ़्ज “वो” येसू और उसके शागिर्दों से मुराद है।

διελογίζεσθε

तुम एक दूसरे से बहस करते थे

Mark 9:34

οἱ…ἐσιώπων

वो ख़ामोश थे क्योंकि वो येसू को बताने से शर्मिन्दा थे जो वो बहस कर रहे थे। मुतबादिल तरजुमा : “वो ख़ामोश थे क्योंकि वो शर्मिन्दा थे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τίς μείζων

यहाँ “सबसे बड़ा” शागिर्दों के दर्मियान सबसे बड़ा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “उनके दर्मियान कौन सबसे बड़ा था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 9:35

εἴ τις θέλει πρῶτος εἶναι, ἔσται πάντων ἔσχατος

यहाँ अल्फ़ाज़ “अव्वल” और “आख़िर” एक दूसरे के मुख़ालिफ़ हैं। येसू कहता है “सबसे ज़्यादा अहम” होना “अव्वल” होने की तरह है और “सबसे कम अहम” होना “आख़िर” होने की तरह है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर कोई चाहता है कि ख़ुदा उसको तमाम लोगों में सब से अहम शख़्स समझे, तो उसे ख़ुद को तमाम लोगों में सब से कम अहम शख़्स समझना चाहिए” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

πάντων

तमाम लागों में ........... तमाम लोगों में

Mark 9:36

ἐν μέσῳ αὐτῶν

उनके दर्मियान। लफ़्ज “उनके” भीड़ से मुराद है।

ἐναγκαλισάμενος αὐτὸ

इसका मतलब है कि उसने बच्चे को गले लगाया या उसे उठाया और अपनी गोद में रखा

Mark 9:37

ἓν τῶν τοιούτων παιδίων

एक बच्चा इसकी तरह

ἐπὶ τῷ ὀνόματί μου

इसका मतलब है येसू के प्यार की ख़ातिर कुछ करना। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि वह मुझे प्यार करता है” या “मेरी ख़ातिर” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

τὸν ἀποστείλαντά με

यह ख़ुदा से मुराद है, जिसने उसे ज़मीन पर भेजा। मुतबादिल तरजुमा : “ख़ुदा, जिसने मुझे भेजा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 9:38

ἔφη αὐτῷ ὁ Ἰωάννης

यूहन्ना ने येसू से कहा

ἐκβάλλοντα δαιμόνια

बदरूहें निकालना। यह लोगों से बदरूहें निकालने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमाः “लोगों से बदरूहें निकालना” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐν τῷ ὀνόματί σου

यहाँ “नाम” येसू इख़्तियार और क़ुदरत से वाबस्ता है। मुतबादिल तरजुमा : “तेरे नाम के इख़्तियार से” या “तेरे नाम की क़ुदरत से” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

οὐκ ἠκολούθει ἡμῖν

इसका मानी है कि वह उनके शागिर्दों के गिरोह में से नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह हम में से नहीं है” या “वह हमारे साथ नहीं चलता है”(देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 9:40

οὐκ ἔστιν καθ’ ἡμῶν

हमारा मुख़ालिफ़त नहीं कर रहा

ὑπὲρ ἡμῶν ἐστιν

इसका वाज़ेह तौर पर वज़ाहत किया जा सकता है कि इसका मानी क्या है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसी मक़सद को हासिल करने की कोशिश कर रहा है जो हम कर रहे हैं”

Mark 9:41

ποτίσῃ ὑμᾶς ποτήριον ὕδατος ἐν ὀνόματι, ὅτι Χριστοῦ ἐστε

येसू किसी को एक प्याला पानी देने की बाबत बात करता है एक मिसाल के तौर पर कि किस तरह एक शख़्स दूसरे की मदद कर सकता है। यह किसी भी तरीके से किसी की मदद करने के लिए एक इस्तआरा है। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

οὐ μὴ ἀπολέσῃ

यह मनफ़ी जुमला अस्बाती मानी पर ज़ोर देता है। कुछ ज़बानों में, मुश्बत बयान का इस्तेमाल करना ज़्यादा कुदरती है। मुतबादिल तर्जुमा : “ज़रूर हासिल करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-litotes)

Mark 9:42

μύλος

एक बड़ा, गोल पत्थर जिसे अनाज को आटा पीसने के लिए इस्तेमाल किया जाता है

Mark 9:43

ἐὰν σκανδαλίσῃ σε ἡ χείρ σου

यहाँ “हाथ” कुछ गुनाह करने की ख्वाहिश रखने के लिए एक इस्तआरा है जो आप अपने हाथ से करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर आप अपने एक हाथ से कोई गुनाह करना चाहते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

κυλλὸν εἰσελθεῖν εἰς τὴν ζωὴν

टुंडा होना और फिर ज़िन्दगी में दाख़िल होना या “ज़िन्दगी में दाख़िल होने से क़ब्ल टुंडा होना”

εἰσελθεῖν εἰς τὴν ζωὴν

मरना और फिर हमेशा की ज़िन्दगी के आग़ाज़ को ज़िन्दगी में दाख़िल होने के तौर पर बयान किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमेशा की ज़िन्दगी में दाख़िल होना” या “मरना और हमेशा की ज़िन्दगी का आग़ाज़ करना” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

κυλλὸν

जख़्मी होने या हटा देने के नतीजतन जिस्म का एक हिस्सा ग़ायब होना। यहाँ एक हाथ ग़ायब होने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “बग़ैर हाथ के” या “एक हाथ खोकर”

εἰς τὸ πῦρ τὸ ἄσβεστον

जहाँ आग नहीं बुझाई जा सकती

Mark 9:45

ἐὰν ὁ πούς σου σκανδαλίζῃ σε

यहाँ लफ़्ज “पाँव” कुछ गुनाह करने की ख्वाहिश रखने के लिए एक इस्तआरा है जो आप अपने पाँव से करेंगे जैसे जहाँ आप जाना नहीं चाहते ऐसी जगह जाना। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर आप अपने एक पाँव से कोई गुनाह करना चाहते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

εἰσελθεῖν εἰς τὴν ζωὴν χωλὸν

लंगड़ा होना और फिर ज़िन्दगी में दाख़िल होना या “ज़िन्दगी में दाख़िल होने से क़ब्ल लंगड़ा होना”

εἰσελθεῖν εἰς τὴν ζωὴν

मरना और फिर हमेशा की ज़िन्दगी के आग़ाज़ को ज़िन्दगी में दाख़िल होने के तौर पर बयान किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमेशा की ज़िन्दगी में दाख़िल होना” या “मरना और हमेशा की ज़िन्दगी का आग़ाज़ करना” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

χωλὸν

आसानी से चलने में नाक़ाबिल। यहाँ यह अच्छे से चल पाने के क़ाबिल न होने से मुराद है एक पाँव के ग़ायब होने के सबब से। मुतबादिल तर्जुमा : “एक पाँव के बग़ैर” या “एक पाँव खोकर”

βληθῆναι εἰς τὴν Γέενναν

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “कि ख़ुदा तुझे जहन्नुम में डाल दे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 9:47

ἐὰν ὁ ὀφθαλμός σου σκανδαλίζῃ σε, ἔκβαλε αὐτόν

यहाँ लफ़्ज “आँख” एक इस्तआरा है या तो 1) किसी चीज़ पर नजर करते हुए गुनाह करने की ख्वाहिश रखना। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर तू किसी चीज़ पर नजर डालने के जरिए गुनाह करना चाहता है, तो अपनी आँख निकाल दे” या 2) जो तुमने देखा है उसके सबब से गुनाह की ख्वाहिश हो रही है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो तुमने देखा है अगर उसके सबब से गुनाह की ख्वाहिश हो रही है, अपनी आँख निकाल दे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

μονόφθαλμον εἰσελθεῖν εἰς τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ, ἢ δύο ὀφθαλμοὺς ἔχοντα

यह एक शख़्स के जिस्मानी बदन से मुराद है जब वह फ़ौत होता है। एक शख़्स अपने जिस्मानी बदन को अब्दियत में लेकर नहीं जाता। मुतबादिल तर्जुमा : “दुनिया में दो आँखों के साथ रहने के बजाय एक ही आँख के साथ रहकर ख़ुदा की बादशाही में दाख़िल होना” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

βληθῆναι εἰς τὴν Γέενναν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “कि ख़ुदा तुझे जहन्नुम में डाले” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 9:48

ὅπου ὁ σκώληξ αὐτῶν οὐ τελευτᾷ

इस बयान का मानी वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “जहाँ कीड़े जो लोगों को खाते हैं नहीं मरते” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 9:49

πᾶς…πυρὶ ἁλισθήσεται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा सबको आग से नमकीन करेगा” या “जिस तरह नमक क़ुर्बानी को पाक करता है, ख़ुदा हर एक को दुख सहने की इजाज़त देने के ज़रिए पाक करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

πυρὶ ἁλισθήσεται

यहाँ “आग” दुख के लिए एक इस्तआरा है, और लोगों पर नमक रखना उनको पाक करने के लिए एक इस्तआरा है। इस तरह “आग से नमकीन किया जाएगा” एक इस्तआरा है, दुख के जरिए पाक किए जाने का। मुतबादिल तर्जुमा : “दुख की आग में पाक किया जाएगा” या “पाक होने के सबब से दुख उठाएगा जिस तरह कुर्बानी नमक से पाक की जाती है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 9:50

ἄναλον γένηται

इसका नमकीन जाएक़ा

ἐν τίνι αὐτὸ ἀρτύσετε?

इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम इसे दोबारा नमकीन नहीं बना सकते” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἀρτύσετε

दोबारा नमकीन जाएक़ा

ἔχετε ἐν ἑαυτοῖς ἅλα

येसू एक दूसरे के लिए अच्छी चीज़ें करने को कहता है गोया अच्छी चीज़ें नमक था जो लोग रखते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “एक दूसरे के साथ अच्छा करो, जिस तरह नमक खाने में जाएक़े का इज़ाफ़ा करता है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10

मरकुस 10 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

कुछ तर्जुमे पुराने अहदनामें के इक़्तबासात को बाक़ी मतून से दहनी तरफ़ रखती हैं तकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 10:7-8 की इक़्तबासी तसव्वुर में करती है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वु रात

तलाक़ की बाबत येसू की ता’लीम

फ़रीसी एक रास्ता तलाश रहे थे येसू से यह कहलवाने के लिए कि मूसवी शरिअत को तोड़ना अच्छा है, इस वजह से उन्होंने उससे तलाक़ की बाबत पूछा। येसू यह ज़ाहिर करने के लिए कि फ़रीसी तलाक़ की बाबत ग़लत तालीम देते हैं बताता है, कि किस तरह ख़ुदा ने असल में शादी को इरादा किया

इस बाब में अहम अन्दाज ए इज़हार

इस्तआरा

इस्तआरात ज़ाहिरी अशया की तस्वीरें हैं जो मुतकल्लिम पोशीदा सच्चाई की वज़ाहत के लिए इस्तेमाल करता है। जब येसू ने कहा “जो प्याला मैं पीने को हूँ”, वह उस दर्द की बाबत बात कर रहा था जो वह सलीब पर सहने वाला था गोया यह प्याले में एक तल्ख़, ज़हरीला रक़ीक़ हो।

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमा के मुश्किलात

तज़ाद

तज़ाद एक हक़ बयान है जो कुछ नामुमकिन बयान को ज़ाहिर करता है। येसू एक तज़ाद का इस्तेमाल करता है जब वह कहता है, “जो तुम्हारे दर्मियान बड़ा बनने की ख्वाहिश रख्ता है वो तुम्हारा ख़ादिम बने” (मरकुस 10:43).

Mark 10:1

येसू और उसके शागिर्द कफ़रनहूम से रवाना होने के बाद, येसू फ़रीसियों और अपने शागिर्दों को भी याद दिलाता है, कि ख़ुदा वाक़ई शादी और तलाक़ में क्या उम्मीद करता है।

ἐκεῖθεν ἀναστὰς

येसू के शागिर्द उसके साथ सफर कर रहे थे। वो कफ़रनहूम से रुख़्सत हो रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू और उसके शागिर्द कफ़रनहूम से रुख़्सत हुए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

καὶ πέραν τοῦ Ἰορδάνου

और दरिया ए यरदन की दूसरी तरफ़ की ज़मीन पर या “और दरिया ए यरदन का मशरिक़ी इलाक़ा”

πάλιν ἐδίδασκεν αὐτούς

लफ़्ज़ “उनको” हुजूम से मुराद है।

εἰώθει

उसका दस्तूर था या “उसने अक्सर किया”

Mark 10:3

τί ὑμῖν ἐνετείλατο Μωϋσῆς?

मूसा ने उनके बाप दादा को शरियत दिया, जिसकी पैरवी करने की उन्हें अब भी तवक़क़ो थी। मुतबादिल तर्जुमा : “इस की बाबत मूसा ने तुम्हारे बाप दादा को क्या हुक्म दिया”

Mark 10:4

βιβλίον ἀποστασίου

यह एक कागज़ था जो कहता था कि वह औरत अब उसकी बीवी नहीं रही।

Mark 10:5

ὁ δὲ Ἰησοῦς εἶπεν αὐτοῖς…ἔγραψεν ὑμῖν τὴν ἐντολὴν ταύτην

कुछ ज़बानों में मुतकल्ल्मि यह कहने के लिए कि कौन बोल रहा है, एक इक्तबासी दख़ल नहीं देते। बल्कि वो मुकम्मल इक्तबास के शुरू या आख़िर में कहते हैं कि कौन बोल रहा है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू ने उनसे कहा “यह था क्योंकि ..... हुक्म लिखा था।” (देखें:INVALID translate/writing-quotations)

πρὸς τὴν σκληροκαρδίαν ὑμῶν, ἔγραψεν ὑμῖν τὴν ἐντολὴν ταύτην

इस वक़्त से काफ़ी पहले, मूसा ने यह क़ानून यहूदियों और उनकी नस्ल के लिए लिखा क्योंकि उनके दिल सख़्त थे। येसू के दौर के यहूदियों का दिल भी सख़्त था, इस सबब से येसू ने उनको अल्फ़ाज “तुम्हारे” और तुम” इस्तेमाल करके शामिल किया। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि तुम्हारे बाप दादा और तुम्हारे दिल सख़्त थे इस सबब से उसने यह क़ानून लिखा”

τὴν σκληροκαρδίαν ὑμῶν

यहाँ “दिलों” एक शख़्स के अन्दरूनी वजूद या ज़हन के लिए एक इस्तआरा है। जुमला “सख़्त दिल” एक इस्तआरा है “ज़िद” के लिए। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हारा ज़िद” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10:6

ἐποίησεν αὐτούς

ख़ुदा ने लोगों को बनाया

Mark 10:7

येसू इक्तबास करना जारी रखता है जो ख़ुदा ने पैदाइश की किताब में कहा।

ἕνεκεν τούτου

पस या “इस सबब से”

Mark 10:8

οἱ δύο εἰς σάρκα μίαν

जुसू इक्तबास करना ख़त्म करता है जो ख़ुदा ने पैदाइश की किताब में कहा।।

οὐκέτι εἰσὶν δύο, ἀλλὰ μία σάρξ

यह उनके शौहर और बीवी के तौर पर करीबी इत्तहाद की वज़ाहत के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “दो लोग एक शख़्स की मानिन्द हैं” या “वो अब दो नहीं रहे, बल्कि मिलकर वो एक जिस्म हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10:9

ὃ οὖν ὁ Θεὸς συνέζευξεν, ἄνθρωπος μὴ χωριζέτω

जुमला “जिसे ख़ुदा ने जोड़ा है” किसी भी शादी शुदा जोड़े से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “पस चूँकि शौहर और बीवी को ख़ुदा ने जोड़ा है, कोई भी उन्हें अलग न करे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 10:10

καὶ εἰς

जब येसू और उसके शागिर्द

εἰς τὴν οἰκίαν

येसू के शागिर्द उससे ज़ाती तौर पर बात कर रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “घर में तन्हा थे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

περὶ τούτου ἐπηρώτων αὐτόν

लफ़्ज “यह” उस गुफ़्तगू से मुराद है जो येसू ने अभी फ़रीसियों के साथ तलाक़ की बाबत किया था।

Mark 10:11

ὃς ἂν

कोई भी जो

μοιχᾶται ἐπ’ αὐτήν

यहाँ “उसके” उस पहली औरत से मुराद है जिसके साथ उसकी शादी हुई थी।

Mark 10:12

μοιχᾶται

इस हालात में वह अपने पहले शौहर के ख़िलाफ़ ज़िना करती है। मुतबादिल तर्जुमा :“वह उसके ख़िलाफ़ ज़िना करती है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 10:13

जब शागिर्दों ने लोगों की येसू के पास बच्चों को लाने के लिए मलामत की, वह बच्चों को बरकत देता है और शागिर्दों को याद दिलाता है कि ख़ुदा की बादशाही में दाख़िल होने के वास्ते लोगों को ज़रूर एक बच्चे की मानिन्द हलीम होना चाहिए।

καὶ προσέφερον

अब लोग ला रहे थे। यह कहानी में अगला वाक़िया है। (देखें:INVALID translate/writing-newevent)

αὐτῶν ἅψηται

इसका मतलब है कि यिसू ने उनको अपने हाथों से छुआ और बरकत दिया। मुतबादिल तर्जुमा : “वह उनको अपने हाथों से छुए और बरकत दे” या “वह उन पर अपना हाथ रखे और उन्हें बरकत दे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐπετίμησαν αὐτοῖς

लोगों की मलामत की

Mark 10:14

ἰδὼν…ὁ Ἰησοῦς

लफ़्ज “ये” शागिर्दों की लोगों के मलामत से मुराद है जो वह येसू के पास बच्चे लाने वालो को कर रहे थे

ἠγανάκτησεν

ख़फ़ा हुआ

ἄφετε τὰ παιδία ἔρχεσθαι πρός με, καὶ μὴ κωλύετε αὐτά

इन दो जुज़ों के मायने यक्सां हैं , ज़ोर देने कि लिए दोहराया गया है। बाज़ ज़बानों में इस पर दूसरे तरीक़े से जोर देना ज़्यादा क़ुदरती है। मुतबादिल तर्जुमा “यक़ीनन बच्चों को मेरे पास आने की इजाज़त दो” (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

μὴ κωλύετε

यह दोहरा मनफ़ी है। बाज़ ज़बानों में अस्बाती बयान का इस्तेमाल ज़्यादा क़ुदरती है। मुतबादिल तर्जुमा : “इजाज़त दो” (देखें:INVALID translate/figs-doublenegatives)

τῶν γὰρ τοιούτων ἐστὶν ἡ Βασιλεία τοῦ Θεοῦ

बादशाही का लोगों से ताल्लुक़ रखना बादशाही में उन्हें शामिल होने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमाः “ख़ुदा की बादशाही में वो लोग शामिल हैं जो उनकी मानिन्द हैं” या “क्योंकि सिर्फ़ उनकी तरह के लोग ख़ुदा की बादशाही के रुकन हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10:15

ὃς ἂν μὴ δέξηται…παιδίον, οὐ μὴ εἰσέλθῃ εἰς αὐτήν

अगर कोई बच्चे की तरह क़बूल ..... उसमें हरगिज़ दाख़िल न होगा

ὡς παιδίον

येसू तश्बीह दे रहा है किस तरह लोगों को ख़ुदा की बादशाही क़बूल करना है और किस तरह बच्चे उसे क़बूल करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “उसी तरह जैसे एक बच्चा करेगा”

μὴ δέξηται τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ

ख़ुदा को एक बादशाह के तौर पर क़बूल नहीं करेंगे

οὐ μὴ εἰσέλθῃ εἰς αὐτήν

लफ़्ज “यह” ख़ुदा की बादशाही से मुराद है।

Mark 10:16

ἐναγκαλισάμενος αὐτὰ

उसने बच्चों को गले लगाया

Mark 10:17

ἵνα ζωὴν αἰώνιον κληρονομήσω

यहाँ आदमी “क़बूल करने को” इस तरह कहता है गोया इसका “वारिस” था।” क़बूल करने की अहमियत पर ज़ोर देने के लिए इस इस्तआरे का इस्तमाल किया गया है। फिर, यहाँ “वारिस” का यह मानी नहीं है कि किसी को पहले मरना पड़ेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “हमेशा की ज़िन्दगी हासिल करने के लिए” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10:18

τί με λέγεις ἀγαθόν?

येसू यह सवाल उस आदमी को याद दिलाने के लिए करता है कोई आदमी इस कदर नेक नहीं है जैसा ख़ुदा नेक है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἀγαθὸς, εἰ μὴ εἷς ὁ Θεός

नेक। सिर्फ़ ख़ुदा नेक है

Mark 10:19

μὴ…ψευδομαρτυρήσῃς

किसी के ख़िलाफ़ झूटी गवाही न दे या “किसी की बाबत अदालत में झूट न बोल”

Mark 10:21

ἕν σε ὑστερεῖ

एक बात की तुझ में कमी है। यहाँ “कमी” कुछ करने की ज़रूरत के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक काम तुझे करने की जरूरत है” या “एक काम है जो तूने अब तक न किया” या (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

δὸς τοῖς πτωχοῖς

यहाँ लफ़्ज “यह” उन चीज़ों से मुराद है जो वह फ़रोख़्त करता है और उसे फ़रोख़्त करके जो रक़म हासिल करता है उसके लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “रक़म ग़रीबों को दे दे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

τοῖς πτωχοῖς

यह ग़रीब लोगों से मुराद है। मुतबादिल तरजुमा : “ग़रीब लोग” (देखें:INVALID translate/figs-nominaladj)

θησαυρὸν

दौलत, क़ीमती चीज़ें

Mark 10:22

ἔχων κτήματα πολλά

कई चीज़ों का मालिक था

Mark 10:23

πῶς δυσκόλως

यह बहुत मुश्किल है

Mark 10:24

ὁ δὲ Ἰησοῦς πάλιν ἀποκριθεὶς λέγει αὐτοῖς

येसू ने दोबारा अपने शागिर्दों से कहा

τέκνα, πῶς

मेरे बच्चों, किस तरह। येसू उन्हें इस तरह ता’लीम दे रहा है जिस तरह एक बाप अपने बच्चों को ता’लीम देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेंरे दोस्तों , किस तरह”

πῶς δύσκολόν ἐστιν

यह बहुत मुश्किल है

Mark 10:25

εὐκοπώτερόν ἐστιν…εἰς τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ εἰσελθεῖν

येसू जोर देने के लिए एक मुबालग़ा आराई का इस्तेमाल करता है कि दौलतमन्द लोगों का ख़ुदा की बादशाही में दाख़िल होना कितना मुश्किल है।(देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

εὐκοπώτερόν ἐστιν κάμηλον

यह एक नामुमकिन हालत की बाबत कहता है। अगर आप इसे अपनी ज़बान में इस तरीक़े से बयान नहीं कर सकते, इसे एक ग़ैर हक़ीक़ी हालत के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक ऊँट के लिए यह आसान होगा” (देखें:INVALID translate/figs-hypo)

τρυμαλιᾶς ῥαφίδος

सूई का सुराख़। यह सिलाई की सूई के आख़िर में एक छोटे से सुराख़ से मुराद है जो ज़ाबिता में से होकर धागा गुज़रता है।

Mark 10:26

οἱ δὲ περισσῶς ἐξεπλήσσοντο

शागिर्द थे

καὶ τίς δύναται σωθῆναι?

इसे एक बयान के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर ऐसा है, फ़िर कोई भी नजात नहीं पा सकता!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 10:27

παρὰ ἀνθρώποις ἀδύνατον, ἀλλ’ οὐ παρὰ Θεῷ

समझे हुए मा’लूमात को फ़राहम किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “लोगों के लिए यह नामुमकिन है कि ख़ुद को नजात कर सकें, लेकिन ख़ुदा उनका नजात कर सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 10:28

ἰδοὺ, ἡμεῖς ἀφήκαμεν πάντα καὶ ἠκολουθήκαμέν σοι

यहाँ लफ़्ज “देख” आगे आने वाले अल्फ़ाज़ की तरफ़ तवज्जो लेने के लिए इस्तेमाल किया गया है। दूसरे तरीक़ों से इसी तरह के जोर का इज़हार किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमने तो सब कुछ छोड़ दिया और तेरे पीछे हो लिए हैं”

ἀφήκαμεν πάντα

सब कुछ पीछे छोड़ दिया है

Mark 10:29

ἢ ἀγροὺς

या ज़मीन का टुकड़ा या “या ज़मीन जो उसकी मिल्कियत है”

ἕνεκεν ἐμοῦ

मेरे सबब से या “मेरे लिए”

τοῦ εὐαγγελίου

इन्जील की मनादी के लिए

Mark 10:30

ἐὰν μὴ λάβῃ

येसू एक जुमले को ख़त्म करता है जो इन अल्फ़ाज के साथ शुरू होता है “ऐसा कोई नहीं है जिसने छोड़ दिया हो। “हर एक जिसने घर, या भाई, या बहन, या माँ, या बाप, या बच्चों, या ज़मीन को मेरी ख़ातिर, और इन्जील की ख़ातिर छोड़ दिया हो, वोह दस गुना पाएगा” (देखेंः INVALID translate/figs-doublenegatives और INVALID translate/figs-litotes)

ἐν τῷ καιρῷ τούτῳ

इस ज़िन्दगी या “इस ज़माने”

ἀδελφοὺς, καὶ ἀδελφὰς, καὶ μητέρας, καὶ τέκνα

आयत 29 में फ़ेहरिस्त की तरह, यह आम तौर पर ख़ानदान का बयान करता है। आयत 30 में लफ़्ज “बाप” ग़ायब है, मगर यह अहम तौर पर मायने नहीं बदलता।

μετὰ διωγμῶν, καὶ ἐν τῷ αἰῶνι τῷ ἐρχομένῳ, ζωὴν αἰώνιον

इसे दोबारा अल्फ़ाज दिया जा सकता है ताकि ख़ुलासा इस्म “ज़ुल्मो सितम” के ख़्याल “अज़ीयत” फ़े’एल के साथ ज़ाहिर हों। क्योंकि जुमला काफ़ी तवील और पेचीदा है, “पाएंगे” को दोहराया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगरचे लोग उनको अज़ीयत करते हैं, आने वाले दुनिया में, वो हमेशा की ज़िन्दगी हासिल करेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἐν τῷ αἰῶνι τῷ ἐρχομένῳ

मुस्तक़बिल की दुनिया में या “मुस्तक़बिल में”

Mark 10:31

ἔσονται πρῶτοι ἔσχατοι, καὶ ἔσχατοι πρῶτοι

यहाँ अल्फ़ाज “अव्वल” और “आख़िर” एक दूसरे के मुख़ालिफ़ हैं। येसू “अहम” होने को “अव्वल” होना कहता है और “ग़ैर अहम” होने को “आख़िर” होना कहता है।” मुतबादिल तर्जुमाः “जो अहम हैं ग़ैर अहम होंगे और वो जो ग़ैर अहम हैं अहम होंगे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἔσχατοι πρῶτοι

जुमला “आख़िर” उन लोगों से मुराद है जो “आख़िर” हैं। इस जजू में समझे गये फ़आल को भी फ़राहम किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “वो जो आख़िर हैं अव्वल होंगे” (देखेंः INVALID translate/figs-nominaladj और INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 10:32

ἦσαν δὲ ἐν τῇ ὁδῷ…ἦν προάγων αὐτοὺς ὁ Ἰησοῦς

येसू और उसके शागिर्द रास्ते पर चल रहे थे .... और येसू अपने शागिर्दों के आगे था

οἱ…ἀκολουθοῦντες

वो जो उनके पीछे चल रहे थे। बाज़ लोग येसू और उसके शागिर्दों के पीछे चल रहे थे।

Mark 10:33

ἰδοὺ

देखो या “सुनो” या “तवज्जोह दो जो मैं तुम्हें बताने वाला हूँ”

ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου παραδοθήσεται

येसू ख़ुद की बाबत बोल रहा है। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं, इब्न ए आदम,” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου παραδοθήσεται τοῖς

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “कोई इब्न ए आदम को हवाले कर देगा” या “वो इब्न ए आदम को हवाले कर देंगे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

κατακρινοῦσιν

लफ़्ज़ “वो” सरदार काहिन और फ़क़ीहों से मुराद है।

παραδώσουσιν αὐτὸν τοῖς ἔθνεσιν

उसे गैर यहूदियों के क़ब्ज़े मे रखो”

Mark 10:34

ἐμπαίξουσιν

वो ठट्ठा करेंगे लोग ठट्ठा करेंगे”

ἀποκτενοῦσιν

उसे क़त्ल करो

ἀναστήσεται

यह मुर्दों में से जी उठने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह मुर्दों में से जी उठेगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 10:35

θέλομεν…αἰτήσωμέν…ἡμῖν

ये अल्फ़ाज़ सिर्फ़ याकूब और यूहन्ना से मुराद हैं। (देखें:INVALID translate/figs-exclusive)

Mark 10:37

ἐν τῇ δόξῃ σου

जब तू जलाल में हो। मुहावरा “तेरे जलाल में” जब येसू जलाल पाएगा और अपनी बादशाही पर हुक़ूमत करेगा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “जब तू अपनी बादशाही में हुकूमत करे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 10:38

οὐκ οἴδατε

तुम नहीं समझते

πιεῖν τὸ ποτήριον ὃ ἐγὼ πίνω

यहाँ “प्याला” येसू के दुख सहने से मुराद है। अक्सर दुख सहने का हवाला एक प्याले से पीने से दिया जाता है। मुतबादिल तर्जुमा : “दुख का वो प्याला पियो जो मैं पिऊँगा” या “दुख के उस प्याले से पियो जिससे मैं पिऊँगा” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ βάπτισμα ὃ ἐγὼ βαπτίζομαι βαπτισθῆναι

यहाँ “बपतिस्मा” और बपतिस्मा लेना दुख की नुमाइन्दगी करता है। जिस तरह पानी शख़्स को बपतिस्मे के दौरान साया करता है, उसी तरह दुख येसू को मग़लूब करेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “दुख का वह बपतिस्मा बर्दाश्त करो जो मैं करूँगा” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10:39

δυνάμεθα

वो इस तरीक़े से जवाब देते है, मतलब कि वो उसी प्याले से पीने और उसी बपतिस्में को बर्दाश्त करने क़ाबिल हैं। (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

πίεσθε

तुम भी वैसे ही पियोगे

Mark 10:40

τὸ δὲ καθίσαι ἐκ δεξιῶν μου…οὐκ ἔστιν ἐμὸν δοῦναι

मगर मैं वह नहीं हूँ जो लोगों को मेरी दहनी तरफ़ या मेरी बाईं तरफ़ बैठने की इजाज़त देता हूँ

ἀλλ’ οἷς ἡτοίμασται

मगर वो जगह उन लोगों के लिए हैं जिनके लिए उन्हें तैयार किया गया है। लफ़्ज “यह” उसके दहनी तरफ़ या उसके बाईं तरफ़ की जगह से मुराद है।

ἡτοίμασται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “ख़ुदा ने इसे तैयार किया है” या “ख़ुदा ने उनको तैयार किया है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 10:41

ἀκούσαντες,

लफ़्ज “ये” याक़ूब और यूहन्ना के येसू के दहनी और बाईं तरफ़ बैठने कि लिए पूछने से मुराद है।

Mark 10:42

προσκαλεσάμενος αὐτοὺς ὁ Ἰησοῦς

येसू ने अपने शागिर्दों को बुलाया

οἱ δοκοῦντες ἄρχειν τῶν ἐθνῶν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुमकिन मायने 1) लोग आम तौर पर इन लोगों को ग़ैर यहूदियों के हुक्मरान समझते हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “वो जिन्हें लोग ग़ैर यहूदियों के हुक्मरान समझते हैं” या 2) ग़ैर यहूदी इन लोगों को अपना हुक्मरान समझते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “वो जिन्हें ग़ैर यहूदी अपना हुक्मरान समझते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

κατακυριεύουσιν

काबू होना या इख्तियार जताना

κατεξουσιάζουσιν

उनके इख़्तियार का दिखावा। इसका मतलब है कि वो अपने इख़्तियार को एक दबंग तरीके से दिखाते या इस्तेमाल करते हैं।

Mark 10:43

οὐχ οὕτως δέ ἐστιν ἐν ὑμῖν

यह के ग़ैर यहूदियों के हुक्मरानों की बाबत पिछली आयत से मुराद है। इसें वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर उनकी तरह न बनो” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

μέγας γενέσθαι

इन्तहाई एहतराम वाले बनो

Mark 10:44

εἶναι πρῶτος

यह सबसे ज़्यादा अहम होने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “सबसे ज़्यादा अहम होना” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 10:45

γὰρ ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου οὐκ ἦλθεν διακονηθῆναι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंके इब्न ए आदम इसलिए नहीं आया कि लोग उसकी ख़िदमत करें” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

διακονηθῆναι, ἀλλὰ διακονῆσαι

लोगों से ख़िदमत लेने के लिए, बल्कि लोगों की ख़िदमत करने के लिए

ἀντὶ πολλῶν

बहुत से लोगों के लिए

Mark 10:46

जैसा के येसू और उसके शागिर्द यरूशलीम की तरफ़ चलना जारी रखते हैं, येसू अन्धे बरतिमाई को शिफ़ा देता है, जो फिर उनके साथ चलता है।

ὁ υἱὸς Τιμαίου, Βαρτιμαῖος, τυφλὸς προσαίτης

एक अन्धा फ़क़ीर बनाम बरतिमाई बिन तिमाई। बरतिमाई एक आदमी का नाम है। तिमाई उसके बाप का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 10:47

ἀκούσας ὅτι Ἰησοῦς…ἐστιν

बरतिमाई लोगों को कहते सुना था कि यह येसू था। मुतबादिल तर्जुमा : “जब उसने लोगों को कहते सुना के यह येसू था” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Υἱὲ Δαυεὶδ

यिसू इब्न ए दाऊद कहलाता है क्येंकि वह बादशाह दाऊद की नस्ल से है। मुतबादिल तर्जुमा : “तू जो मसीह है दाऊद की नस्ल से है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 10:48

ἐπετίμων…πολλοὶ

कई लोगों ने मलामत किया

πολλῷ μᾶλλον

और भी ज़ियादा

Mark 10:49

εἶπεν, φωνήσατε αὐτόν

इसका तर्जुमा जेर ए अमल के या रास्त इक़तबास के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसे बुलाने के लिए दूसरों को हुक्म दिया” या “उन्हें हुक्म दिया, उसे यहाँ आने के लिए कहो” (देखेंः INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-quotations)

φωνοῦσι

लफ़्ज “उन्होंने” हुजूम से मुराद है

θάρσει

हिम्मत रख या “ख़ौफ़ न कर”

φωνεῖ σε

येसू तुझे बुलाता है

Mark 10:50

ἀναπηδήσας

उछल पड़ा

Mark 10:51

ἀποκριθεὶς αὐτῷ

अन्धे आदमी को जवाब दिया

ἀναβλέψω

देखने के क़ाबिल होना

Mark 10:52

ἡ πίστις σου σέσωκέν σε

इस मुहावरे को उस आदमी के ईमान पर ज़ोर डालने के लिए इस तरीक़े से लिखा गया है। येसू आदमी को शिफ़ा देता है क्योंके उसने ईमान रखा कि येसू उसे शिफ़ा दे सकता है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “मैं तुझे शिफ़ा दे रहा हूँ क्योंके तूने मुझ पर ईमान रखा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἠκολούθει αὐτῷ

वह येसू के पीछे चला

Mark 11

मरकुस 11 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ रखती हैं तकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 11:9-10, 17, की शायरी में करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

गधा और गधे का बच्चा
येसू एक जानवर पर सवार होकर यरूशलेम में दाख़िल होता है। इस तरीक़े से वह एक बादशाह की मानिन्द था जो एक अहम जंग फ़तह करने के बाद शहर में दाख़िल हुआ हो। पुराने अहदनामे में भी इस्राईल के बादशाह गधे की सवारी करते थे। दूसरे बादशाह घोड़ों की सवारी करते थे। पस येसू ज़ाहिर कर रहा था कि वो इस्राईल का बादशाह था और वह दूसरे बादशाहों की तरह नहीं था।

मत्ती, मरकुस, लूका, और यूहन्ना सब ने इस वाक़िये की बाबत लिखा है। मत्ती और मरकुस ने लिखा कि शागिर्दों ने येसू के लिए एक गधा लाए। यूहन्ना ने लिखा कि येसू ने एक गधा पाया। लूका ने लिखा कि वो उसके लिए गधे का बच्चा लाए। सिर्फ़ मत्ती ने लिखा कि वहाँ एक गधा और गधे का बच्चा दोनों थे। यक़ीनी तौर पर कोई नहीं जानता कि येसू गधे पर सवारी किया या गधे के बच्चे पर। इन में से हर एक वाक़ियात को जिस तरह वो ULT में ज़ाहिर होते हैं बग़ैर ऐसी किसी कोशिश की कि सब बिल्कुल एक ही बात कहें, तर्जुमा करना सबसे बेहतर है। (देखें: मत्ती 21:1-7 and मरकुस 11:1-7 and लूका 19:29-36 and यूहन्ना 12:14-15)

Mark 11:1

καὶ ὅτε ἐγγίζουσιν εἰς Ἱεροσόλυμα, εἰς Βηθφαγὴ καὶ Βηθανίαν πρὸς τὸ Ὄρος τῶν Ἐλαιῶν

जब येसू और उसके शागिर्द यरूशलीम के क़रीब आये, वो जैतून के पहाड़ के क़रीब बैतफ़िगे और बैतअन्नियाह को आये। वो यरूशलेम के क़रीबी इलाके बैतफ़िगे और बैतअन्नियाह में आये हैं।

Βηθφαγὴ

यह गाँव का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 11:2

τὴν κατέναντι ὑμῶν

हमसे आगे

πῶλον

यह एक नौजवान गधे से मुराद है जो इतना बड़ा है कि एक आदमी को ले जा सके।

ἐφ’ ὃν οὐδεὶς ἀνθρώπων οὔπω ἐκάθισεν

इसे जेर ए अमल के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “जिसकी अब तक किसी ने सवारी नहीं की” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 11:3

τί ποιεῖτε τοῦτο?

इसे वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है कि लफ़्ज “यह” का क्या मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा “तुम क्यों इसे खोल रहे हो और गधे के बच्चे को ले जा रहे हो” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

αὐτοῦ χρείαν ἔχει

इसकी ज़रूरत है

εὐθὺς αὐτὸν ἀποστέλλει πάλιν ὧδε

येसू इसे फ़ौरी तौर पर वापस भेज देगा जब उसका इस्तेमाल ख़त्म होगा। मुतबादिल तर्जुमा : “उसे फ़िल्फ़ोर वापस भेज देगा जब उसको इसकी ज़रूरत नहीं होगी” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 11:4

ἀπῆλθον

दो शागिर्द गये

πῶλον

यह एक नौजवान गधे से मुराद है जो इतना बड़ा है कि एक आदमी को ले जा सके। देखें कि आपने इसे मरकुस 11:2 में किस तरह तर्जुमा किया है।

Mark 11:6

οἱ…εἶπον

उन्होंने जवाब दिया

καθὼς εἶπεν ὁ Ἰησοῦς

जिस तरह येसू ने उन्हें जवाब देने को कहा था। यह उससे मुराद है कि किस तरह येसू ने उन्हें गधे के बच्चे को लेते वक़्त लोगों के सवालों का जवाब देने को कहा था-

ἀφῆκαν αὐτούς

इसका मतलब है कि उन्होंने उनको वह करने की इजाज़त दे दी जो वो कर रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “उनको गधा उनके साथ ले जाने दो” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 11:7

ἐπιβάλλουσιν αὐτῷ τὰ ἱμάτια αὐτῶν, καὶ ἐκάθισεν ἐπ’ αὐτόν

अपने कपड़े उस पर डाल दिए ताकि येसू उसकी सवारी कर सके। एक गधे या घोड़े की सवारी करना आसान है जब एक कम्बल या इस तरह का कुछ उस पर रखा हो। इस सूरत में, शागिर्दों ने अपने कपड़े उस पर डाल दिए।

τὰ ἱμάτια

कोट या “लिबास”

Mark 11:8

πολλοὶ τὰ ἱμάτια αὐτῶν ἔστρωσαν εἰς τὴν ὁδόν

अहम लोगों के सामने रास्ते में उनके एहतराम के लिए लिबास बिछाना रिवायत था। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तमाम लोगों ने रास्ते पर उसके एहतराम कि लिए अपने लिबास फैला दिए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἄλλοι δὲ στιβάδας κόψαντες ἐκ τῶν ἀγρῶν

अहम लोगों के सामने रास्ते में उनके एहतराम के लिए खजूर की डालियाँ बिछाना रिवायत था। मुतबादिल तर्जुमा : “दूसरों ने भी उसके एहतराम के लिए रास्ते में डालियाँ फैला दीं जो उन्होंने खेतों से काटकर लाया था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 11:9

οἱ…ἀκολουθοῦντες

जो उसके पीछे चले

ὡσαννά

इस लफ़्ज़ के मायने हैं “हमें बचाओ”, मगर लोग इसे ख़ुशी से तब भी चिल्लाते थे जब वो ख़ुदा की हम्द करना चाहते थे। आप इसको किस तरह इस्तेमाल किया गया है उसके मुताबिक उसका तर्जुमा कर सकते हैं, या आप अपने ज़बान के हरूफ़ इस्तेमाल करके “होश’ना” लिख सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा की हम्द हो” (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

εὐλογημένος ὁ ἐρχόμενος

यह येसू का हवाला दे रहा है। इसे वाज़े तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मुबारक है तू, वह” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐν ὀνόματι Κυρίου

ख़ुदावन्द के इख़्तियार के लिए यह एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदावन्द का इख़्तियार” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

εὐλογημένος

ख़ुदा बरकत दे

Mark 11:10

εὐλογημένη ἡ ἐρχομένη βασιλεία τοῦ πατρὸς ἡμῶν, Δαυείδ

मुबारक है हमारे बाप दाऊद की आने वाली बादशाही। यह येसू के आने और एक बादशाह के तौर पर हुकूमत करने से मुराद है। लफ़्ज “मुबारक” का एक फ़ेअल अमल के तौर पर तर्जुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तेरी आने वाली बादशाही मुबारक हो” या “खुदा तुझे बरकत दे जब तू अपनी आने वाली बादशाही में हुकूमत करे” (देखेंः INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

τοῦ πατρὸς ἡμῶν, Δαυείδ

यहाँ दाऊद कि नस्ल जो हुकूमत करेगी का हवाला ख़ुद दाऊद के तौर पर दिया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमारे बाप दाऊद की सबसे अज़ीम नस्ल” या “दाऊद की सबसे अज़ीम नस्ल हुकूमत करेगी” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ὡσαννὰ ἐν τοῖς ὑψίστοις

मुमकित मायने 1) “ख़ुदा की हम्द हो जो आसमान पर है” या 2) “वो जो आसमान में हैं “होशाना” चिल्लाए।”

τοῖς ὑψίστοις

यहाँ आसमान “सबसे ऊँची जगह” के तौर पर कहा गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “सबसे ऊँचे आसमान” या “आसमान” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 11:11

ὀψίας ἤδη οὔσης τῆς ὥρας

क्योंके दिन को देर हो चुका था

ἐξῆλθεν εἰς Βηθανίαν μετὰ τῶν δώδεκα

वह और उसके बारह शागिर्द यरूशलेम से रवाना होकर बैतअन्नियाह को गये

Mark 11:12

ἐξελθόντων αὐτῶν ἀπὸ Βηθανίας

जब वो बैतअन्नियाह से यरूशलीम को वापस जा रहे थे

Mark 11:13

यह होता है जब येसू और उसके शागिर्द यरूशलीम की तरफ़ चल रहे थे

εἰ…τι εὑρήσει ἐν αὐτῇ

अगर उसमें कोई फल होता

οὐδὲν εὗρεν εἰ μὴ φύλλα

इसका मतलब है कि उसे कोई अंजीर नहीं मिला। मुतबादिल तर्जुमा : “उसे सिर्फ़ पत्ते मिले, और दरख़्त पर कोई अंजीर नहीं मिला” (देखेंः INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-litotes)

ὁ…καιρὸς

साल का वक़्त

Mark 11:14

εἶπεν αὐτῇ, μηκέτι εἰς τὸν αἰῶνα, ἐκ σοῦ μηδεὶς καρπὸν φάγοι

येसू अंजीर के दरख़्त से बोलता है और इस पर ला’नत करता है। (देखें:INVALID translate/figs-apostrophe)

εἶπεν αὐτῇ

वो दरख़्त से बोला

ἤκουον οἱ μαθηταὶ αὐτοῦ

लफ़्ज़ “उससे” येसू का दरख़्त से बात करने से मुराद है।

Mark 11:15

ἔρχονται

येसू और उसके शागिर्द आए

ἤρξατο ἐκβάλλειν τοὺς πωλοῦντας καὶ τοὺς ἀγοράζοντας ἐν τῷ ἱερῷ

येसू इन लोगों को हैकल से बाहर भगा रहा है। इसे वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़रीद और फ़रोख़्त करने वालों को हैकल के बाहर भगाना शुरू किया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τοὺς πωλοῦντας καὶ τοὺς ἀγοράζοντας

वो लोग जो ख़रीद और फ़रोख़्त कर रहे थे

Mark 11:17

ख़ुदा ने अपने कलाम में पहले कहा था, यसायाह नबी के ज़रिए, कि उसका हैकल सब क़ौमों के लिए दुआ का घर होगा।

οὐ γέγραπται, ὅτι ὁ οἶκός μου, οἶκος προσευχῆς κληθήσεται πᾶσιν τοῖς ἔθνεσιν?

येसू यहूदी रहनुमाओं की मलामत उनके हैकल के ग़लत इस्तेमाल करने की वजह से कर रहा है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह किताब ए मुक़द्दस में लिखा गया है कि ख़ुदा ने कहा, “मैं चाहता हूँ कि मेरा घर ऐसा घर कहलाए जिसमें सब कौमों के लोग दुआ कर सकें।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ὑμεῖς δὲ ἐποιήσατε αὐτὸν σπήλαιον λῃστῶν

येसू लोगों को डाकुओं से तश्बीह देता है और हैकल का डाकुओं की खोह से। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर तुम डाकुओं की तरह हो जो मेरे घर को डाकुओं की खोह में तब्दील कर दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

σπήλαιον λῃστῶν

एक गुफ़ा जहाँ डाकू छिपते हैं

Mark 11:18

ἐζήτουν πῶς

वो एक तरीक़ा तलाश कर रहे थे

Mark 11:19

ὅταν ὀψὲ ἐγένετο

शाम के वक़्त में

ἐξεπορεύοντο ἔξω τῆς πόλεως

येसू और उसके शागिर्द शहर से चले गए

Mark 11:20

येसू अंजीर के दरख़्त के मिसाल का इस्तेमाल शागिर्दों को ख़ुदा पर ईमान रखने को याद दिलाने के लिए करता है

παραπορευόμενοι

रास्ते पर चल रहे थे

τὴν συκῆν ἐξηραμμένην ἐκ ῥιζῶν

इस बयान को वाज़ह करने के लिए तर्जुमा करें कि दरख़्त मुर्दा हो गया। मुतबादिल तर्जुमा : “अंजीर का दरख़्त जड़ से सूख गया और मुर्दा हो गया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐξηραμμένην

सूख गया

Mark 11:21

ἀναμνησθεὶς ὁ Πέτρος

यह बयान करना मददगार हो सकता है जो पतरस ने याद रखा। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “पतरस को याद था कि येसू ने अंजीर के दरख़्त से क्या कहा था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 11:22

ἀποκριθεὶς ὁ Ἰησοῦς λέγει αὐτοῖς

येसू ने अपने शागिर्दों को जवाब दिया

Mark 11:23

ἀμὴν, λέγω ὑμῖν

मैं तुमसे सच कहता हूँ। जुमला जो येसू ने आगे कहा उस पर ज़ोर में इज़ाफ़ा करता है

ὃς ἂν εἴπῃ

अगर कोई कहता है

μὴ διακριθῇ ἐν τῇ καρδίᾳ αὐτοῦ, ἀλλὰ πιστεύῃ

यहाँ “दिल” एक शख़्स के ज़हन या अन्दरूनी वजूद के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर वह अपने दिल में सच्चा ईमान रखता है” या “अगर वह शक न करता हो और ईमान रखता हो” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἔσται αὐτῷ

ख़ुदा कर देगा

Mark 11:24

διὰ τοῦτο λέγω ὑμῖν

पस मैं तुम से कहता हूँ

ἔσται ὑμῖν

इसे समझा गया है के यह होगा क्योंके ख़ुदा से जो तुम माँगोगे उसे फ़राहम करेगा। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “ख़ुदा वह तुम्हें देगा” (देखें:INVALID translate/writing-connectingwords)

Mark 11:25

ὅταν στήκετε προσευχόμενοι

ख़ुदा से दुआ करते वक्त खड़ा होना इब्रानी तहज़ीब में आम है।। मुतबादिल तर्जुमा : “जब तुम दुआ करो”

εἴ τι ἔχετε κατά τινος

जो भी शिकायत तुम्हें किसी के ख़िलाफ़ हो। यहाँ लफ़ज़ “जो भी” किसी भी शिकायत से मुराद है जो तुम किसी के ख़िलाफ़ रखते हो क्योंके उसने तुम्हारे ख़िलाफ़ गुनाह किया या तुम किसी से ख़फ़ा हो।

Mark 11:27

अगले दिन जब येसू हैकल को वापस आया, वह सरदार काहिनों, फ़क़ीहों, और बुज़ुर्गों के उसके सर्राफ़ों को हैकल के इलाक़े से बाहर निकालने की बाबत सवाल का एक जवाब, उनसे दूसरा सवाल करने के ज़रिए देता है, जिसका जवाब वो नहीं देने का इरादा रखते थे।

ἔρχονται…εἰς

येसू और उसके शागिर्द आये

ἐν τῷ ἱερῷ περιπατοῦντος αὐτοῦ

इसका मतलब है कि येसू हैकल के अन्दर चल रहा था, वह हैकल के अन्दर जा नहीं रहा था।

Mark 11:28

ἔλεγον αὐτῷ

लफ़्ज़ “वो” सरदार काहिनों, फ़क़ीहों, और बुजुर्गों से मुराद है।

ἐν ποίᾳ ἐξουσίᾳ ταῦτα ποιεῖς? ἢ, τίς σοι ἔδωκεν τὴν ἐξουσίαν ταύτην, ἵνα ταῦτα ποιῇς?

मुमकिन मायने 1) इन दोनों सवालात के मायने यक्सां हैं और येसू के इख़्तियार पर सख़्त सवाल करने के वास्ते पूछे गये हैं और इस वजह से मुत्तहिद किए गये हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “किसने तुझे इख़्तियार दिया है कि इन कामों को करे?” 2) वो दो मुख़्तलिफ़ सवाल हैं, पहला इख़्तियार की फ़ितरत की बाबत और दूसरा यह किसने उसे दिया। (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

ταῦτα ποιεῖς

अल्फ़ाज “इन कामों” येसू का हैकल के अन्दर फ़रोख़्त करने वालो की तख़्तियाँ उलट देने और सरदार काहिन और फ़क़ीहों के ता’लीम के ख़िलाफ़ बोलने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमाः “वो काम जो तूने कल यहाँ किए थे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 11:29

ἀποκρίθητέ μοι

मुझे जवाब दो

Mark 11:30

τὸ βάπτισμα τὸ Ἰωάννου

वह बपतिस्मा जो यूहन्ना ने अन्जाम दिया

ἐξ οὐρανοῦ ἦν ἢ ἐξ ἀνθρώπων

यह आसमान की तरफ़ से मुख़तार था या इन्सान की तरफ़ से

ἐξ οὐρανοῦ

यहाँ “आसमान” ख़ुदा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा से” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἐξ ἀνθρώπων

लोगों से

Mark 11:31

ἐὰν εἴπωμεν, ἐξ οὐρανοῦ

यह यूहन्ना के बपतिस्मे के माख़ज़ से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर हम कहें, “यह आसमान से था”, (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐξ οὐρανοῦ

यहाँ “आसमान” ख़ुदा से मुराद है। देखें कि आपने इसे मरकुस 11:30 में किस तरह तर्जुमा किया है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा से” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

οὐκ ἐπιστεύσατε αὐτῷ

लफ़्ज़ “उसको” यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले से मुराद है।

Mark 11:32

ἀλλὰ εἴπωμεν, ἐξ ἀνθρώπων

यह यूहन्ना के बपतिस्मे के माख़ज़ से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “लेकिन अगर हम कहें, “यह इन्सान की तरफ़ से था,” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐξ ἀνθρώπων

लोगों से

ἀλλὰ εἴπωμεν, ἐξ ἀνθρώπων…ἦν.

मज़हबी रहनुमाओं का मतलब था कि अगर उन्होंने इसका जवाब दिया तो उन्हें लोगों से दुख मिलेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “लेकिन अगर हम कहें, “इन्सान से” “वह अच्छा नहीं होगा।” या “लेकिन हम कहना नहीं चाहते कि यह इन्सान की तरफ़ से था।” (देखेंः INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐφοβοῦντο τὸν ὄχλον

मुसन्निफ़, मरकुस, वज़ाहत करता है कि क्यों मज़हबी रहनुमाओं ने यह कहना नहीं चाहा कि यूहन्ना का बपतिस्मा इन्सान की तरफ़ से था। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। “उन्होंने इसे एक दूसरे से कहा क्योंके उन्हें लोगों का ख़ौफ़ था” या “वो कहना नहीं चाहते थे कि यूहन्ना का बपतिस्मा इन्सान की तरफ़ से था क्योंके उन्हें लोगों से ख़ौफ़ था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 11:33

οὐκ οἴδαμεν

यह यूहन्ना के बपतिस्मे से मुराद है। यह समझा हुआ मालूमात फ़राहम किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “हम नहीं जानते कि यूहन्ना का बपतिस्मा कहाँ से था” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 12

मरकुस 12 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ़ रखती हैं तकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 12:10-11, 36, की शायरी में करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में अहम अन्दाज़ ए इज़हार

ग़ैर हक़ीक़ी हालात

ग़ैर हक़ीक़ी हालात वो हालात हैं जो असल में हुए नहीं हैं। लोग इस तरह के हालात को इस वजह से बयान करते हैं ताकि वो सीखें कि उनके सामईन का क्या ख़्याल है अच्छा और बुरा या सही और ग़लत। (देखें:INVALID translate/figs-hypo)

Mark 12:1

येसू यह तम्सील सरदार काहिनों, फ़क़ीहों, और बुजुर्गों के ख़िलाफ़ बोलता है। (देखें:INVALID translate/figs-parables)

καὶ ἤρξατο αὐτοῖς ἐν παραβολαῖς λαλεῖν

यहाँ लफ़्ज़ “उनसे” सरदार काहिनों, फ़क़ीहों, और बुज़ुर्गों से मुराद है जिन से येसू पिछले बाब में बात कर रहा था।

περιέθηκεν φραγμὸν

उसने ताकिस्तान के चारों तरफ़ आहाता घेरा। यह एक झाऊ की क़तार, बाड़, या पत्थर की दीवार हो सकती थी।

ὤρυξεν ὑπολήνιον

इसका मतलब है कि उसने पत्थर में एक हौज़ खोदा, जो कि मय बनाने की मशीन का पायान हिस्सा था जिसे निचोड़े हुए अंगूर का रस जमा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। मुतबादिल तर्जुमा : “पत्थर में एक हौज़ खोदा मय की मशीन के लिए” या “उसने एक हौज़ बनाया मय की मशीन से रस जमा करने के लिए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐξέδετο αὐτὸν γεωργοῖς

मालिक अब भी ताकिस्तान का मालिक था, लेकिन उसने अंगूर उगाने वालों को इसका ख़्याल रखने की इजाजत दी । जब अंगूर पक गये, उन्हें उनमें से कुछ मालिक को देना था और बाकी रख लेना था।

Mark 12:2

τῷ καιρῷ

यह फल के मौसम से मुराद है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जब अंगूरों को जमा करने का वक़त आया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:3

καὶ λαβόντες αὐτὸν

मगर अंगूर उगाने वाले नौकर को पकड़ लिया

κενόν

इसके मायने हैं उन्होंने उसे कोई भी फल नहीं दिया। मुतबादिल तर्जुमा : “बिना किसी अंगूर के” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:4

ἀπέστειλεν πρὸς αὐτοὺς

ताकिस्तान का मालिक अंगूर उगाने वालों के पास भेजा

κἀκεῖνον ἐκεφαλίωσαν

इसे और वाज़े जौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उन्होंने उसे सिर पर पीटा और ख़ौफ़नाक तरीक़े से जख़्मी कर दिया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:5

ἄλλον…πολλοὺς ἄλλους

ये जुमले दूसरे नौकरों से मुराद हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “फिर एक और नौकर ....... कई दूसरे नौकर” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 12:6

υἱὸν ἀγαπητόν

इसका मतलब है कि यह मालिक का बेटा है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसका प्यारा बेटा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:7

ὁ κληρονόμος

यह मालिक का वारिस है, जो अपने बाप के फ़ौत होने के बाद ताकिस्तान का वारिस होगा। मुतबादिल तर्जुमा : “मालिक का वारिस” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἡ κληρονομία

किराएदार ताकिस्तान को “मीरास” के तौर पर हवाला दे रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “यह ताकिस्तान”

Mark 12:8

λαβόντες

अंगूर उगाने वालों ने बेटे को पकड़ लिया

Mark 12:9

τί οὖν ποιήσει ὁ κύριος τοῦ ἀμπελῶνος?

येसू एक सवाल पूछता है फिर लोगों को सिखाने के लिए जवाब देता है। इस सवाल को एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “पस मैं तुम्हें बताऊँगा कि ताकिस्तान का मालिक क्या करेगा।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

οὖν

येसू ने तम्सील बताना ख़त्म किया और अब लोगों से पूछ रहा है कि उनके ख़्याल में आगे क्या होगा। (देखें:INVALID translate/writing-connectingwords)

ἀπολέσει

क़त्ल

δώσει τὸν ἀμπελῶνα ἄλλοις

लफ़्ज़ “दूसरे” मुराद है उन दूसरे अंगूर उगाने वालों से जो ताकिस्तान का ख़्याल रखेंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “वह ताकिस्तान को अंगूर उगानेवालों को दे देगा कि इसका ख़्याल करें” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:10

यह पाक नविश्ता ख़ुदा के कलाम में काफ़ी पहले लिखा गया था।

οὐδὲ τὴν Γραφὴν ταύτην ἀνέγνωτε:

येसू लोगों को किताब ए मुकद्दस के एक हिस्से की याद दिलाता है। वह यहाँ एक ख़तीबाना सवाल का इस्तेमाल करता है उनकी मलामत करने के लिए। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यक़ीनन तुमने यह पाक नविश्ता पढ़ा है।” या “तुम्हें यह पाक नविश्ता याद होना चाहिए।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἐγενήθη εἰς κεφαλὴν γωνίας

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदावन्द ने कोने का पत्थर बना दिया”

Mark 12:11

παρὰ Κυρίου ἐγένετο αὕτη

ख़ुदावन्द ने यह किया है”

ἔστιν θαυμαστὴ ἐν ὀφθαλμοῖς ἡμῶν

यहाँ “हमारी नज़र में” देखने के लिए आता है, जो लोगों की राए के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमने इसे देखा है और सोचते हैं कि यह अजीब है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 12:12

ἐζήτουν αὐτὸν κρατῆσαι

ये सरदार काहिनों, फ़क़ीहों, और बुज़ुर्गां का हवाला दे रहे हैं। इस गिरोह को “यहूदी रहनुमाओं” के तौर पर हवाला दिया जा सकता है।

ἐζήτουν

चाहते थे

καὶ ἐφοβήθησαν τὸν ὄχλον

वो ख़ौफज़दा थे कि हुजूम उनके साथ क्या करेगी अगर उन्होंने येसू को गिरफ़तार किया। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “लेकिन वो डरे कि भीड़ उनके साथ क्या करेगी अगर उन्होंने उसे गिरफ़तार किया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

πρὸς αὐτοὺς

उनपर इल्ज़ाम लगाने के लिए

Mark 12:13

येसू को फँसाने की एक कोशिश में, बाज़ फ़रीसियों और हेरोदियों, और फिर सदूकियों ने सवालात के साथ येसू के पास आये।

καὶ ἀποστέλλουσιν

फिर यहूदी रहनुमाओं ने भेजा

τῶν Ἡρῳδιανῶν

यह एक ग़ैर रस्मी सियासी पार्टी का नाम था जो हेरोद अन्तिपास की हिमायत करती थी।

ἵνα αὐτὸν ἀγρεύσωσιν

यहाँ मुसन्निफ़ “उसे फँसाने” के तौर पर येसू को धोके में डालने का बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसे धोका देने” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 12:14

ἐλθόντες, λέγουσιν

यहाँ “उन्होंने” उनसे मुराद है जो फ़रीसियों और हेरोदियों के दर्मियान से भेजे गये थे।

οὐ μέλει σοι περὶ οὐδενός

इसका मतलब है येसू फ़िक्रमन्द नहीं है। इसके बजाय मनफ़ी फ़ेएल को तरमीम कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तू दूसरों के ख़्यालात की परवाह नहीं करता” या “तू लोगों की मेहरबानी हासिल करने का फ़िक्रमन्द नहीं है” (देखें:INVALID translate/figs-litotes)

Mark 12:15

ὁ…εἰδὼς αὐτῶν τὴν ὑπόκρισιν

वे मुनाफ़िक़त का बरताव कर रहे थे। इसकी ज़्यादा वाज़ेह तौर पर वज़ाहत की जा सकती है। येसू जानता था कि वो असल में जानना नहीं चाहते थे कि ख़ुदा उनसे क्या चाहता था कि वो करें” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τί με πειράζετε?

येसू यहूदी रहनुमाओें की मलामत करता है क्योंकि वो उसे धोका देने की कोशिश कर रहे थे। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं जानता हूँ कि तुम मुझसे कुछ ग़लत कहलवाना चाहते हो ताकि तुम मुझ पर इल्ज़ाम लगा सको।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

δηνάριον

इस सिक्के की क़ीमत एक दिन की मज़दूरी थी। (देखें:INVALID translate/translate-bmoney)

Mark 12:16

οἱ δὲ ἤνεγκαν

फ़रीसियों और हेरोदियों ने एक दीनार लाया

ἡ εἰκὼν…καὶ ἡ ἐπιγραφή

तस्वीर और नाम

οἱ…εἶπαν αὐτῷ, Καίσαρος.

यहाँ “क़ैसर का” उसके सूरत और नक़श से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “उन्होंने कहा, “वो क़ैसर की सूरत और नक़श हैं” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 12:17

τὰ Καίσαρος ἀπόδοτε Καίσαρι

येसू ता’लीम दे रहा है कि उसके लोग जिज़या देने के ज़रिए हुकूमत की ज़रूर इज़ज़त करें। यह अन्दाज़ ए इज़हार क़ैसर को रोमी हुकूमत से बदल कर और वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो चीज़ें रोमी हुकूमत से ताल्लुक़ रखती हैं उन्हें रोमी हुकूमत को दो” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

καὶ…τῷ Θεῷ

समझे गये फ़ाल को फ़राहम किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “और ख़ुदा को दो” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐξεθαύμαζον ἐπ’ αὐτῷ

येसू ने जो कहा उस पर वो हैरान थे। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “उन्होंने उस पर और जो उसने कहा था ताज्जुब किया। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:18

οἵτινες λέγουσιν ἀνάστασιν μὴ εἶναι

यह जुमला वज़ाहत करता है कि सदूक़ी कौन थे। इसे और वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “जो कहते हैं कि क़यामत नहीं होगी” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:19

Μωϋσῆς ἔγραψεν ἡμῖν, ὅτι ἐάν τινος ἀδελφὸς ἀποθάνῃ

सदूकी इक़तबास कर रहे हैं जो मूसा ने शरिअत में लिखा था। मूसा का इक़तबास एक नारास्त इक़तबास के तौर पर ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “मूसा ने हमारे लिए लिखा कि अगर एक आदमी का भाई फ़ौत हो जाता है” (देखें:INVALID translate/figs-quotations)

ἔγραψεν ἡμῖν

हम यहूदियों के लिए लिखा। सदूकी यहूदियों का एक गिरोह थे। उन्होंने यहाँ लफ़्ज़ “हम” का इस्तेमाल ख़ुद के और तमाम यहूदियों के लिए किया है।

λάβῃ ὁ ἀδελφὸς αὐτοῦ τὴν γυναῖκα

उस आदमी को अपने भाई की बीवी से शादी करनी चाहिए

ἐξαναστήσῃ σπέρμα τῷ ἀδελφῷ αὐτοῦ

अपने भाई के लिए औलाद दे। उस आदमी का पहला औलाद उसके मरहूम भाई की औलाद समझा जाएगा, और उसकी नस्ल उसके मरहूम भाई की नस्ल समझी जाएगी। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “एक औलाद पैदा करे जो मरहूम भाई की औलाद समझा जाएगा। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:20

ἑπτὰ ἀδελφοὶ ἦσαν

सदूक़ी एक ऐसे हालात की बाबत बात कर रहे हैं जो वाक़ई में हुआ नहीं क्योंके वो चाहते है कि येसू उन्हें बताए कि उसके ख़्याल में क्या सहीह और क्या ग़लत है। मुतबादिल तर्जुमा : “फ़रज़ करो कि सात भाई थे” (देखें:INVALID translate/figs-hypo)

ὁ πρῶτος

पहला भाई

ὁ πρῶτος ἔλαβεν γυναῖκα

पहले ने एक औरत से शादी की। यहाँ शादी करने को उसे “लेने” के तौर पर कहा गया है।

Mark 12:21

ὁ δεύτερος…ὁ τρίτος

ये अदद हर एक भाई का हवाला देते हैं और ऐसे ही जाहिर किये जा सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “दूसरा भाई ....... तीसरा भाई” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ὁ δεύτερος ἔλαβεν αὐτήν

दूसरे ने उससे शादी की। यहाँ शादी करने को उसे “लेने” के तौर पर कहा गया है।

ὁ τρίτος ὡσαύτως

इसकी वज़ाहत करना मददगार साबित हो सकता है के “इसी तरह” के मानी क्या है। मुतबादिल तर्जुमा : “तीसरे भाई ने उससे शादी की जिस तरह उसके दूसरे भाई ने किया था, और वह भी बेऔलाद मर गया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:22

οἱ ἑπτὰ

यह सभी भाईयों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “सात भाई” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

οἱ ἑπτὰ οὐκ ἀφῆκαν σπέρμα

उस औरत से हर एक भाई ने शादी की और फिर उससे कोई औलाद होने के क़ब्ल वह मर गया। इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “आख़िर में उन सातों भाईयों ने एक एक करके उससे शादी की, मगर किसी को भी उससे औलाद नहीं हुई, और एक एक करके वो मर गये” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:23

ἐν τῇ ἀναστάσει, ὅταν ἀναστῶσιν, τίνος αὐτῶν ἔσται γυνή

सदूक़ी उस सवाल से यिसू को आज़मा रहे हैं। अगर आपके क़ारईन इसे मालूमात के लिए एक दरख़्वास्त की तरह समझ सकते हैं तो इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “अब हमें बता कि क़यामत में वो किसकी बीवी होगी, जब सारे जी उठेंगे।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 12:24

οὐ διὰ τοῦτο πλανᾶσθε…τὴν δύναμιν τοῦ Θεοῦ?

येसू सदूक़ियों की मलामत करता है क्योंके वो ख़ुदा की शरिअत की बाबत ग़लत हैं। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “तुम ग़लत हो क्योंके ............. ख़ुदा की क़ुदरत को।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ εἰδότες τὰς Γραφὰς

इसका मतलब वो नहीं समझते कि पुराने अहदनामें के पाक नविश्तों में क्या लिखा गया है।

τὴν δύναμιν τοῦ Θεοῦ

ख़ुदा कितनी कुदरत वाला है

Mark 12:25

ὅταν γὰρ…ἀναστῶσιν

यहाँ लफ़्ज “वो” इस मिसाल के भाईयों और उस औरत से मुराद है।

ἀναστῶσιν

नींद से जागना या उठना मुर्दों में से जिन्दा हो जाने के लिए एक इस्तआरा है। (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἐκ νεκρῶν

उन सब के दर्मियान से जो मर चुके हैं। यह इज़हार दुनिया में तमाम मुर्दा लोगों को एक साथ बयान करता है। उनके दर्मियान से उठना दोबारा ज़िन्दा होने की बात करता है।

οὔτε γαμοῦσιν οὔτε γαμίζονται

वो शादी नहीं करते, और शादी में दिए नहीं जाते

γαμίζονται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “और उनको कोई शादी में नहीं देता है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

τοῖς οὐρανοῖς

यह उस जगह से मुराद है जहाँ ख़ुदा रहता है।

Mark 12:26

ὅτι ἐγείρονται

इसका इजहार एक फ़आल ए अमल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “जो उठते है” या “जो दोबारा जीने के लिए उठते हैं” INVALID translate/figs-activepassive)

τῇ βίβλῳ Μωϋσέως

किताब जो मूसा ने लिखा

τοῦ βάτου

यह मूसा की किताब के हिस्से से मुराद है जो इस बाबत बताता है जब ख़ुदा ने मूसा से एक जलती झाड़ी में बात किया जो भसम नहीं हो रही थी। मुतबादिल तरजुमा “वह हिस्सा जो जलती झाड़ी की बाबत है” या “जलती झाड़ी की बाबत अल्फ़ाज़ ” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τοῦ βάτου

यह एक झाऊ, एक लकड़ीदार पौदे से मुराद है जो एक दरख़्त के मुकाबले छोटा होता है।

πῶς εἶπεν αὐτῷ ὁ Θεὸς

उसकी बाबत जब ख़ुदा ने मूसा से बातें की

ἐγὼ ὁ Θεὸς Ἀβραὰμ…Ἰσαὰκ…Ἰακώβ

इसका मानी है कि अब्राहम, इसहाक़ , और याकूब ख़ुदा की इबादत करते हैं। ये मर्द जिस्मानी तौर पर फ़ौत हो चुके हैं, मगर वो अब भी रूहानी तौर पर जिन्दा हैं और ख़ुदा की इबादत करते हैं।

Mark 12:27

οὐκ…Θεὸς νεκρῶν, ἀλλὰ ζώντων

यहाँ “मुर्दों” उन लोगों से मुराद है जो मर चुके हैं, और “जिन्दों” उन लागों से मुराद है जो जिन्दा हैं। अल्फ़ाज़ “ख़ुदा” को भी दूसरे जुमले में वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मुर्दों का ख़ुदा नहीं, बल्कि जिन्दों का ख़ुदा” (देखेंः INVALID translate/figs-nominaladj और INVALID translate/figs-ellipsis)

ζώντων

इसमें वो लोग शामिल हैं जो रूहानी और जिस्मानी तौर पर ज़िन्दा हैं।

πολὺ πλανᾶσθε

यह बयान करना मददगर साबित हो सकता है कि वो ग़लत फ़हमी में हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “जब तुम कहते हो कि मुर्दें जी नहीं उठते, तुम ग़लत कहते हो” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

πολὺ πλανᾶσθε

मुकम्मल तौर पर ग़लत या “बहुत ग़लत”

Mark 12:28

ἐπηρώτησεν αὐτόν

फ़क़ीह ने येसू से पूछा

Mark 12:29

πρώτη ἐστίν

सबसे अहम का मुराद सबसे अहम हुक्म से है। मुतबादिल तर्जुमा : “सबसे अहम हुक्म है” (देखें:INVALID translate/figs-nominaladj)

ἄκουε, Ἰσραήλ, Κύριος ὁ Θεὸς ἡμῶν Κύριος εἷς ἐστιν

ऐ इस्राईल सुन! ख़ुदावन्द हमारा ख़ुदा एक ही ख़ुदावन्द है

Mark 12:30

ἐξ ὅλης τῆς καρδίας σου, καὶ ἐξ ὅλης τῆς ψυχῆς σου, καὶ ἐξ ὅλης τῆς διανοίας σου, καὶ ἐξ ὅλης τῆς ἰσχύος σου

यहाँ “दिल” और “जान” एक शख़्स के अन्दरूनी वजूद के लिए इस्तआरा हैं। इन चारों जुमलों का इस्तेमाल एक साथ “मुकम्मल तौर पर” या “पुर ख़ुलूसी” के मतलब के लिए किया गया है। (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-doublet)

Mark 12:31

ἀγαπήσεις τὸν πλησίον σου ὡς σεαυτόν

येसू इस तर्ज़ ए इज़हार का इस्तेमाल तश्बीह देने के लिए करता है कि किस तरह लोगों को एक दूसरे से महब्बत रखना है उसी महब्बत के साथ जिस तरह वो ख़ुद के साथ महब्बत रखते हैं”। मुतबादिल तर्जुमाः “अपने पड़ोसी से उतना महब्ब्त रख जितना महब्ब्त तू ख़ुद से रखता है” (देखें:INVALID translate/figs-simile)

τούτων

यहाँ लफ़्ज़ “ये” उन दो हुक्मों से मुराद है जो येसू ने अभी लोगों को बताया था।

Mark 12:32

καλῶς, Διδάσκαλε

अच्छा जवाब, उस्ताद या “बहुत ख़ूब, उस्ताद”

εἷς ἐστιν

इसका मानी है ख़ुदा सिर्फ़ एक है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा सिर्फ़ एक है” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)”

οὐκ ἔστιν ἄλλος

लफ़्ज “ख़ुदा” पिछले जुमले से समझा गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “कि दूसरा कोई ख़ुदा नहीं है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 12:33

ἐξ ὅλης τῆς καρδίας…ἐξ ὅλης τῆς συνέσεως…ἐξ ὅλης τῆς ἰσχύος

यहाँ “दिल” शख़्स के ख़्यालात, एहसासात, और अन्दरूनी वजूद के लिए इस्तआरा है। इन तीनों जुमलों का इस्तेमाल एक साथ “मुकम्मल तौर पर” या “पुर ख़ुलूसी” के मतलब के लिए किया गया है।” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ ἀγαπᾶν τὸν πλησίον ὡς ἑαυτὸν

यह तर्ज़ ए इज़हार तश्बीह देता है कि किस तरह लोगों को एक दूसरे से महब्बत रखना है उसी महब्बत के साथ जिस तरह वो ख़ुद के साथ महब्बत रखते हैं”। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “अपने पड़ोसी से उतना महब्ब्त रख जितना महब्ब्त तू ख़ुद से रखता है” (देखें:INVALID translate/figs-simile)

περισσότερόν ἐστιν

इस मुहावरे का मानी है कि बाज़ चीज़ें बाज़ दूसरी चीज़ों से ज़्यादा अहम हैं। इस सूरत में, ये दोनों अहकाम ख़ुदा को सोख़्तनी कुर्बानियों और ज़बीहों के मुक़ाबले ज़्यादा मक़बूल हैं। इसे वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मसावी समझना ज़्यादा अहम है” या “मसावी समझना ख़ुदा को खुश करने से ज़्यादा मक़बूल हैं (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 12:34

οὐ μακρὰν εἶ ἀπὸ τῆς Βασιλείας τοῦ Θεοῦ

इसे मुसबत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। यहाँ येसू उस आदमी की बाबत बोलता है जो ख़ुदा को एक बादशाह के तौर पर क़बूल करने को, जिस्मानी तौर पर ख़ुदा की बादशाही के क़रीब रहने को तैयार होता है गोया यह एक फ़ित्री जगह हो। मुतबादिल तर्जुमा : “तू ख़ुदा को बादशाह क़बूल करने के क़रीब है” (देखेंः INVALID translate/figs-litotes और INVALID translate/figs-metaphor)

οὐδεὶς…ἐτόλμα

इसे मुश्बत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “हर एक ख़ौफ़ में था” (देखें:INVALID translate/figs-litotes)

Mark 12:35

ἀποκριθεὶς ὁ Ἰησοῦς ἔλεγεν διδάσκων ἐν τῷ ἱερῷ

कुछ अरसा गुज़र गया है और येसू अब हैकल में है। यह पिछली गुफ़्तगू का हिस्सा नहीं है। मुतबादिल तर्जुमाः “बाद में, जब येसू हैकल के इलाके में ता’लीम दे रहा था, उसने लोगों से कहा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

πῶς λέγουσιν οἱ γραμματεῖς ὅτι ὁ Χριστὸς, υἱὸς Δαυείδ ἐστιν?

येसू इस सवाल का इस्तेमाल करता है कि लोग गहराई में उस ज़बूर की बाबत सोचें जिसको वो इक़तबास करने वाला है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “ग़ौर करो फ़क़ीह क्यों कहते हैं कि मसीह दाऊद का बेटा है।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

υἱὸς Δαυείδ

दाऊद की नस्ल

Mark 12:36

αὐτὸς Δαυεὶδ

लफ़्ज “ख़ुद” दाऊद से मुराद है और जो उसने कहा और उस पर ज़ोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह दाऊद था जो” (देखें:INVALID translate/figs-rpronouns)

ἐν τῷ Πνεύματι τῷ ἁγίῳ

इसके मायने हैं कि वह रूह उल क़ुद्स से मुतासिर था। यह कि, दाऊद ने रूह उल क़ुद्स की हिदायत से कहा। मुतबादिल तर्जुमा : “रूह उल क़ुद्स से मुतासिर होकर” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

εἶπεν…εἶπεν ὁ Κύριος τῷ Κυρίῳ μου

यहाँ दाऊद ख़ुदा को “ख़ुदावन्द” कहता है और मसीह को “मेरे ख़ुदावन्द।” इसे ज़्यादा वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मसीह की बाबत कहा, “ख़ुदावन्द ख़ुदा ने मेरे ख़ुदावन्द से कहा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

κάθου ἐκ δεξιῶν μου

येसू एक ज़बूर का इक़तबास कर रहा है। यहाँ ख़ुदा मसीह से बोल रहा है। “ख़ुदा के दहनी तरफ़” बैठना ख़ुदा से अज़ीम एहतराम और इख़्तियार हासिल करने के लिए एक अलामती अमल है। मुतबादिल तर्जुमा “मेरे पास ता’ज़ीम की जगह में बैठ” (देखें:INVALID translate/translate-symaction)

ἕως ἂν θῶ τοὺς ἐχθρούς σου ὑποκάτω τῶν ποδῶν σου

इस इक्तबास में, ख़ुदा दुश्मनों को शिकस्त देने की बाबत बोल रहा है जैसे उन्हें पाँव के नीचे की चौकी बनाए। मुतबादिल तर्जुमा “जब तक मैं मुकम्मल तौर पर तेरे दुश्मनों को शिकस्त न दे दूँ” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 12:37

λέγει αὐτὸν, Κύριον

यहाँ लफ़्ज “उसे” मसीह से मुराद है।

καὶ πόθεν υἱός αὐτοῦ ἐστιν?

इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है।मुतबादिल तर्जुमा : “पस ग़ौर करो कि किस तरह मसीह दाऊद की नस्ल हो सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 12:38

ἀσπασμοὺς ἐν ταῖς ἀγοραῖς

इस्म “सलाम” का इज़हार फ़ेएल “सलाम” से किया जा सकता है। ये सलाम ज़ाहिर करते हैं के लोग फ़क़ीहों का एहतराम करते थे। मुतबादिल तर्जुमा : “बाज़ारों में एहतराम की सलामी की चाह” या “लोग उन्हें बाज़ारों में एहतराम के साथ सलाम करें” (देखेंः INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:40

οἱ κατεσθίοντες τὰς οἰκίας τῶν χηρῶν

यहाँ येसू फक़ीहों का बेवाओं को धोका देना और उनके घरों को चुराना उनके घरों को “खा जाने” के तौर पर बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वो उनके घरों को उनसे चुरा लेने के मक़सद से बेवाओं को धोका देते हैं” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

τὰς οἰκίας τῶν χηρῶν

अल्फ़ाज़ “बेवाओं” और “घरों” बातरतीब बेसहारा लोगों और एक शख़्स के तमाम अहम मिल्कियात के लिए मिज़ाज़ मार्सल हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “बेसहारा लोगों से सब कुछ” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

οὗτοι λήμψονται περισσότερον κρίμα

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “ख़ुदा यक़ीनन उन्हें ज़्यादा मज़म्मत के साथ सज़ा देगा” या “ख़ुदा यक़ीनन उन्हे सख़्त सज़ा देगा”(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

λήμψονται περισσότερον κρίμα

लफ़्ज़ “ज़ियादा” एक तश्बीह की तरफ़ इशारा करता है। यहाँ तश्बीह दूसरे मर्दों से है जिन्हें सज़ा दी गयी है। मुतबादिल तर्जुमा : “दूसरे लागों के मुकाबले ज़ियादा मज़म्मत मिलेगी” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 12:41

अब भी हैकल इलाक़े में, येसू बेवा के हदिये की क़ीमत पर तब्सरा करता है।

τοῦ γαζοφυλακίου

यह सन्दूक़ , जो हर एक इस्तेमाल कर सकता था, हैकल के हदिये इसमें रखते थे।

Mark 12:42

λεπτὰ δύο

दो छोटे ताँबे के सिक्के। ये दस्तियाब सबसे कम कीमत के सिक्के थे। (देखें:INVALID translate/translate-bmoney)

ἐστιν κοδράντης

बहुत थोड़ी कीमत। एक दमड़ी की कीमत बहुत कम है। “दमड़ी” का तर्जुमा आपकी ज़बान में सबसे छोटे सिक्के के नाम से करें अगर आपके पास एक है जिसकी कीमत बहुत कम है।

Mark 12:43

आयत 43 में येसू कहता है कि बेवा ने अमीर लोगों के मुक़ाबले हदियें में ज़ियादा रक़म डाला है, और आयत 44 में वह ऐसा कहने की वजह बताता है। मा’लूमात को दोबारा तरतीब दिया जा सकता है ताकि येसू वजह पहले बताता है फिर कहता है कि बेवा ने ज़ियादा डाला, जैसा कि UST में ।(देखें:INVALID translate/translate-versebridge)

προσκαλεσάμενος

येसू ने बुलाया

ἀμὴν, λέγω ὑμῖν

यह इशारा करता है कि अगला बयान ख़ुसूसी तौर पर सहीह और अहम है। देखें आपने इसे मरकुस 3:28 में किस तरह तर्जुमा किया है।

πάντων…τῶν βαλλόντων εἰς

तमाम दूसरे लोग जो रक़म डालते हैं

Mark 12:44

τοῦ περισσεύοντος

ज़ियादा दौलत, कई क़ीमती चीज़ें

τῆς ὑστερήσεως αὐτῆς

कमी या “थोड़ा जो उसके पास था”

τὸν βίον αὐτῆς

ज़िन्दा रहने के वास्ते”

Mark 13

मरकुस 13 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ रखती हैं ताकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 13:24-25, की शायरी में करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

मसीह की वापसी

येसू ने इस बाबत काफ़ी कुछ कहा कि उसके वापस आने के पहले क्या होगा (मरकुस 13:6-37). उसने अपने पैरोकारों से कहा कि दुनिया में बुरी चीज़ें होंगी और उनके साथ भी बुरी चीज़ें वाक़े होंगी, मगर उनको उसकी वापसी के लिए किसी भी वक़त तैयार रहने की ज़रूरत है।

Mark 13:1

जैसे वो हैकल का इलाक़ा छोड़ते है, येसू अपने शागिर्दों को बताता है कि मुस्तक़बिल में शानदार हैकल जो हेरोदेस अज़ीम ने ता’मीर किया है उसके साथ क्या होगा।

ποταποὶ λίθοι καὶ ποταπαὶ οἰκοδομαί

“पत्थर” उन पत्थरों से मुराद है जिनसे इमारतें ता’मीर की जाती थीं। मुतबादिल तर्जुमा : “शानदार इमारतें और शानदार पत्थर जिससे वो बनें हैं” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:2

βλέπεις ταύτας τὰς μεγάλας οἰκοδομάς? οὐ μὴ…λίθος

इस सवाल का इस्तेमाल इमारत की तरफ़ तवज्जोह देने के लिए किया गया है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “इन इमारतों पर नज़र करो! एक पत्थर नहीं” या “तुम अब इन अज़ीम इमारतों को देखते हो, लेकिन एक भी पत्थर नहीं” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

οὐ μὴ ἀφεθῇ ὧδε λίθος ἐπὶ λίθον, ὃς οὐ μὴ καταλυθῇ

यह मफ़हूम है कि दुश्मन सिपाही पत्थरों को उखाड़ देंगे। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा “एक पत्थर के ऊपर दूसरा नहीं बचेगा, क्योंके दुश्मन के सिपाही आएंगे और इन इमारतों को बर्बाद कर देंगे” (देखेंः INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 13:3

शागिर्दों के हैकल की बर्बादी की बाबत सवालात के जवाब में और क्या होने जा रहा था, येसू उनको बताता है कि मुस्तक़बिल में क्या होने जा रहा था।

καὶ καθημένου αὐτοῦ εἰς τὸ Ὄρος τῶν Ἐλαιῶν κατέναντι τοῦ ἱεροῦ…Πέτρος

इसे वाज़ेह तौर पर ज़ाहिर किया जा सकता है कि येसू और उसके शागिर्द है जैतून के पहाड़ पर चलकर गये थे। मुतबादिल तर्जुमा : “जैतून के पहाड़ पर पहुँचने के बाद, जो हैकल के मुख़ालिफ़ तरफ़ है, येसू बैठ गया। फिर पतरस” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

κατ’ ἰδίαν

जब वो तन्हा थे

Mark 13:4

ταῦτα ἔσται…μέλλῃ…συντελεῖσθαι

यह उससे मुराद है जो येसू ने अभी हैकल के पत्थरों की बाबत कहा था जो होगा। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हैकल की इमारतों के साथ ये बातें होंगी .... हैकल के इमारतों के साथ होने वाली हैं” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ὅταν…ταῦτα…πάντα

कि ये सब बातें

Mark 13:5

λέγειν αὐτοῖς

अपने शागिर्दों से

ὑμᾶς πλανήσῃ

यहाँ “तुम्हें गुमराह करता है” जो सच नहीं है उसे यक़ीन करने के लिए किसी को क़ायल करने के वास्ते एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें धोका देता है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 13:6

πολλοὺς πλανήσουσιν

यहाँ “गुमराह करना” जो सच नहीं है उसे यक़ीन करने के लिए किसी को क़ायल करने के वास्ते एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “वो बहुत से लोगों को धोका देंगे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπὶ τῷ ὀνόματί μου

मुमकिन मायने 1) “मेरे इख़्तियार का दावा करना” या 2) दावा करना कि ख़ुदा ने उन्हें भेजा।” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἐγώ εἰμι

मैं मसीह हूँ

Mark 13:7

ἀκούσητε πολέμους καὶ ἀκοὰς πολέμων

जंग की आवाजें और जंग की ख़बरें। मुमकिन मायने 1) “नज़दीक जंग की आवाज़ और दूर जंग की ख़बर सुनो” या 2) “जंग की आवाज जो शुरू हो चुकी और उन जंग की बाबत ख़बर जो शुरू होने वाले हैं”

ἀλλ’ οὔπω τὸ τέλος

मगर अब तक ख़ातिमा नहीं है या “मगर ख़ातिमा अभी नहीं होगा” या “मगर ख़ातिमा बाद में होगा”

τὸ τέλος

यह शायद दुनिया के ख़ातिमे से मुराद है। (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:8

ἐγερθήσεται…ἐπ’

इस मुहावरे का मानी है एक दूसरे के ख़िलाफ़ लड़ना। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़िलाफ़ लड़ेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

βασιλεία ἐπὶ βασιλείαν

अल्फ़ाज़ “खड़े होंगे” पिछले जुमले से समझे गये हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “सल्तनत के ख़िलाफ़ सल्तनत खड़े होंगे” या “एक सल्तनत के लोग दूसरे सल्तनत के लोगों से लड़ेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ἀρχὴ ὠδίνων ταῦτα

येसू इन तबाहियों को दर्द ए ज़ह की इब्तिदा बतोर तशबीह देता है क्योंकि उसके बाद ज़ियादा शदीद बातें होंगी। मुतबादिल तर्जुमा : “ये वाक़िआत औरत के दुख के पहले दर्द की मानिन्द होंगे जब वह बच्चा पैदा करने वाली होती है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 13:9

βλέπετε δὲ ὑμεῖς ἑαυτούς

इसके लिए तैयार रहना कि लोग तुम्हारे साथ क्या करेंगे

παραδώσουσιν ὑμᾶς εἰς συνέδρια

तुम्हें ले जाएंगे और तुम्हें अदालतों के हवाले करेंगे

δαρήσεσθε

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “लोग तुम्हें पीटेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἐπὶ…σταθήσεσθε

इसके मायने हैं मुक़ददमा चलाया जाना और फ़ैसला किया जाना। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम पर मुक़ददमा चलाया जाएगा” या “तम्हें मुक़ददमे में लाया जाएगा और फ़ैसला किया जाएगा” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ἕνεκεν ἐμοῦ

मेरी ख़ातिर या “मेरे सबब से”

εἰς μαρτύριον αὐτοῖς

इसके मायने हैं वो येसू की बाबत गवाही देंगे। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरी बाबत उनको गवाही दोगे” या “तुम उन्हें बेरी बाबत बताओगे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:10

καὶ εἰς πάντα τὰ ἔθνη πρῶτον δεῖ κηρυχθῆναι τὸ εὐαγγέλιον

येसू अभी भी उन बातों की बाबत बोल रहा है जिनका इख़्तताम आने से क़ब्ल होना ज़रूर है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “मगर ज़रूर है कि इख़्तताम से पहले सब क़ौमों में इन्जील की मनादी की जाए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:11

παραδιδόντες

यहाँ इसके मायने हैं लोगों को हाकिमों के हवाले करना। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “तुम्हें हाकिमों को सौंपेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ἀλλὰ τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον

अल्फ़ाज़ “बोलेंगे” पिछले जुमले से समझा गया है। मुतबादिल तर्जुमा : ““मगर रूह उल क़ुद्स तुम्हारे ज़रिए बोलेगा” (देखेंः

Mark 13:12

παραδώσει ἀδελφὸς ἀδελφὸν εἰς θάνατον

एक भाई दूसरे भाई को लोगों के हवाले कर देगा जो उसका क़त्ल करेंगे या “भाई अपने भाईयों को लोगों के हवाले कर देंगे जो उनका क़त्ल करेंगे।” यह कई दफ़ा कई मुख़्तलिफ़ लोगों के साथ होगा। येसू सिर्फ़ एक शख़्स और उसके भाई की बाबत नहीं बोल रहा है।

ἀδελφὸς ἀδελφὸν

यह भाईयों और बहनों दोनों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “लोग ...उनके भाई बहन” (देखें:INVALID translate/figs-gendernotations)

πατὴρ τέκνον

अल्फ़ाज़ “मौत के हवाले कर देंगे” पिछले जुमले से समझे गये हैं। इसके मायने हैं कि बाज़ वालिद अपने बच्चों को पकड़वाएंगे, और यह धोका उनके बच्चों के क़त्ल किए जाने का सबब होगा। मुतबादिल तर्जुमा : “वालिद अपने बच्चों को मौत के हवाले कर देंगे” या “वालिद अपने बच्चों के साथ धोका करेंगे, उनको क़त्ल किए जाने के लिए हवाले करके”

ἐπαναστήσονται τέκνα ἐπὶ γονεῖς

इसके मायने हैं कि बच्चे अपने वालिदेन की मुख़ालिफ़त करेंगे और उनके साथ धोका करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “ बच्चे अपने वालिदेन की मुख़ालिफ़त करेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

θανατώσουσιν αὐτούς

इसके मायने हैं कि हाकिम वालिदेन को मौत की सज़ा देंगे। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हाकिमों के ज़रिए वालिदेन मौत की सजा का सबब बनेंगे” या “हाकिम लोग वालिदेन को क़त्ल करेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 13:13

ἔσεσθε μισούμενοι ὑπὸ πάντων

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हर एक तुमसे नफ़रत करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

διὰ τὸ ὄνομά μου

येसू एक इस्तआरा “मेरे नाम” का इस्तेमाल ख़ुद का हवाला देने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरे सबब से” या “मुझ में ईमान रखने की वजह से” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ…ὑπομείνας εἰς τέλος, οὗτος σωθήσεται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो आख़िर तक बर्दाश्त करेगा, उस शख़्स को ख़ुदा नजात देगा” या “ख़ुदा उसे नजात देगा जो आख़िर तक बर्दाश्त करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ…ὑπομείνας εἰς τέλος

यहाँ लफ़्ज “बर्दाश्त” दुख के दौरान भी ख़ुदा से वफ़ादार रहना जारी रखने की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो कोई दुख उठाता है और आख़िर तक वफ़ादार बना रहता है” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

εἰς τέλος

मुमकिन मायने 1) “अपने ज़िन्दगी के आख़िर तक” या 2) “मुसीबत के वक़्त के आख़िर तक”

Mark 13:14

τὸ βδέλυγμα τῆς ἐρημώσεως

यह जुमला दानिएल की किताब से है। उसके सामईन इस हिस्से और उस नबूबत से जो मकरूह चीज़ हैकल में दाख़िल होकर उसे नजिस करता है से वाक़िफ़ रहे होंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “मकरूह चीज़ जो ख़ुदा की चीजों को नजिस करता है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἑστηκότα ὅπου οὐ δεῖ

येसू के सामईन यह जानते होंगे कि यह हैकल से मुराद है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हैकल में खड़ा होना, जहाँ उसे नहीं खड़ा होना चाहिए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ὁ ἀναγινώσκων νοείτω

यह येसू नहीं बोल रहा है। मत्ती ने कारईन का तवज्जोह हासिल करने के लिए यह इज़ाफ़ा किया, ताकि वो इस तन्बीह को सुनें। मुतबादिल तर्जुमा : “जो कोई भी इसकी तिलावत कर रहा है इस तन्बीह को तवज्जोह दे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:15

ἐπὶ τοῦ δώματος

जहाँ येसू रहता था वहाँ घरों के छत चौरस थे और लोग उस पर ख़ड़े हो सकते थे।

Mark 13:16

μὴ ἐπιστρεψάτω εἰς τὰ ὀπίσω

यह अपने घर को वापस आने से मुराद है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “अपने घर वापस न लौटे” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

ἆραι τὸ ἱμάτιον αὐτοῦ

अपना सामान लेने

Mark 13:17

ταῖς ἐν γαστρὶ ἐχούσαις

यह शायस्तगी से किसी को हामिला कहने का तरीक़ा है। मुतबादिल तर्जुमा : “हामिला हों (देखें:INVALID translate/figs-euphemism)

Mark 13:18

προσεύχεσθε…ἵνα

दुआ करो कि ये वक़्त या दुआ करो कि ये बातें”

χειμῶνος

जाड़ों का मौसम या “जाड़ा, बरसात का मौसम।” यह साल के उस वक़्त से मुराद है जब सर्द और नाख़ुशगवार और सफ़र के लिए मुश्किल हो।

Mark 13:19

οἵα οὐ γέγονεν τοιαύτη

जो अब तक कभी हुआ उससे ज़ियादा। यह बयान करता है कि कितना अज़ीम और ख़ौफ़नाक मुसीबत होगा। ऐसा मुसीबत कभी नहीं हुआ जितना ख़ौफ़नाक यह होगा।

οὐ μὴ γένηται

और जो कभी दोबारा होगा उससे ज़ियादा या “और उस मुसीबत के बा’द, फिर दोबारा इस तरह का मुसीबत नहीं होगा”

Mark 13:20

ἐκολόβωσεν…τὰς ἡμέρας

वक़्त घटा दिया है। यह इख़्तसास करना मददगार साबित हो सकता है कि किस “दिनों” का हवाला दिया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “दुख के दिनों को घटा दिया है” या “दुख के वक़्त को घटा दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

οὐκ ἂν ἐσώθη πᾶσα σάρξ

लफ़्ज़ “बशर” लोगों से मुराद है, और “बचता” जिस्मानी नजात से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “कोई नहीं बचता” या “हर एक मर जाता” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

διὰ τοὺς ἐκλεκτοὺς

बरग़ुज़ीदों की मदद की ख़ातिर

τοὺς ἐκλεκτοὺς, οὓς ἐξελέξατο

जुमला “वो जिनको उसने मुन्तख़ब किया” का वही मायने है जो “बरग़ुज़ीदा” का। साथ वो ज़ोर देते है कि इन लोगों को ख़ुदा ने मुन्तख़ब किया। (देखें:INVALID translate/figs-doublet)

Mark 13:21

आयत 21 में येसू एक हुक्म देता है, और आयत 20 में वह हुक्म की वजह बताता है। इसे दोबारा तरतीब दिया जा सकता है वजह पहला, और हुक्म दूसरा, जैसा UST में। (देखें:INVALID translate/translate-versebridge)

Mark 13:22

ψευδόχριστοι

लोग जो मसीह होने का दावा करते हैं

πρὸς τὸ ἀποπλανᾶν

धोका देने के मक़सद से या “धोका देने की उम्मीद कर रहे” या “धोका देने की कोशिश कर रहे हैं ”

πρὸς τὸ ἀποπλανᾶν εἰ δυνατὸν τοὺς ἐκλεκτούς

जुमला “यहाँ तक कि बरगुज़ीदा” इशारा करता है कि झूटा मसीह और झूटे नबी बाज़ लोगों को धोका देने की तवक़क़ो करेंगे, मगर उन्हें मा’लूम न होगा कि वे बरगु़ज़ीदों को धोका देने के क़ाबिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “लोगों को धोका देने के वास्ते, और कि बरगु़ज़ीदों को धोका देने, अगर यह मुमकिन हो तो” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

τοὺς ἐκλεκτούς

वो लोग जिन्हें ख़ुदा ने मुन्तख़ब किया है

Mark 13:23

ὑμεῖς δὲ βλέπετε

ख़बरदार रहो या “होशयार रहो”

προείρηκα ὑμῖν πάντα

यिसू उनको तन्बीह करने के लिए ये बातें बताया। मुतबादिल तर्जुमा : “मैंने तुम्हें तन्बीह करने के लिए ये सब बातें वक़्त से पहले ही बता दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:24

ὁ ἥλιος σκοτισθήσεται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “सूरज तारीक हो जाएगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ἡ σελήνη οὐ δώσει τὸ φέγγος αὐτῆς

यहाँ चाँद को इस तरह बताया गया है गोया यह ज़िन्दा था और किसी दूसरे को कुछ देने के क़ाबिल था। मुतबादिल तर्जुमा : “चाँद रोशनी न देगा” या “चाँद तारीक हो जाएगा” (देखें:INVALID translate/figs-personification)

Mark 13:25

οἱ ἀστέρες ἔσονται ἐκ τοῦ οὐρανοῦ πίπτοντες

इसके मायने यह नहीं है कि वो ज़मीन पर गिरेंगे बल्कि वो वहाँ से गिरेंगे जहाँ अब हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “आसमान के सितारे अपनी जगह से गिर जाएंगे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

αἱ δυνάμεις αἱ ἐν τοῖς οὐρανοῖς σαλευθήσονται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “आसमान की क़ुव्वतें हिलाई जाएंगी” या “ख़ुदा उन क़ुव्वतों को हिलाएगा जो आसमान में हैं” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

αἱ δυνάμεις αἱ ἐν τοῖς οὐρανοῖς

आसमानों की ताक़तवर चीज़ें। मुमकिन मायने 1) यह सूरज चाँद और सितारों से मुराद है या 2) यह ताक़तवर रूहानी मख़्लूक से मुराद है।

ἐν τοῖς οὐρανοῖς

आसमान में

Mark 13:26

τότε ὄψονται

लोग देखेंगे

μετὰ δυνάμεως πολλῆς καὶ δόξης

क़ुव्वती और जलाली

Mark 13:27

ἐπισυνάξει

लफ़्ज़ “वह” ख़ुदा से मुराद है और उसके फ़िरिश्तों के लिए एक इस्तआरा है, गोया वो वही हैं जो बरगु़ज़ीदों को जमा करेंगे। मुतबादिल तरजुमा : “वो जमा करेंगे” या “उसके फ़रिश्ते जमा करेंगे” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

τῶν τεσσάρων ἀνέμων

सारी ज़मीन को “चार हवाओं” के तौर पर कहा गया है”, जो चारों सिम्त से मुराद हैः शुमाल, जुनूब, मशरिक, और मग़रिब। मुतबादिल तर्जुमा : “शुमाल, जुनूब, मशरिक़ , और मग़रिब” या “ज़मीन के सारे हिस्से” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἀπ’ ἄκρου γῆς ἕως ἄκρου οὐρανοῦ

इन दोनों इन्तहाओं को ज़ोर देने के लिए दिया गया है कि बरगु़ज़ीदों को पूरी ज़मीन से जमा किया जाएगा। मुतबादिल तर्जुमा : “ज़मीन के हर जगह से” (देखें:INVALID translate/figs-merism)

Mark 13:28

येसू यहाँ दो मुख़्तसर तम्सीलों को देता है लोगों को याद दिलाने के लिए कि आगाह रहें जब वो बातें हों जिनकी वो वज़ाहत करता आया है। (देखें:INVALID translate/figs-parables)

ὁ κλάδος αὐτῆς ἁπαλὸς γένηται, καὶ ἐκφύῃ τὰ φύλλα

मुहावरा “डाली” अंजीर के दरख़्त की डालियों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमाः “इसकी डालियाँ नर्म होतीं और उनके पत्ते निकलते हैं”

ἁπαλὸς

सब्ज़ और नर्म

ἐκφύῃ τὰ φύλλα

यहाँ अंजीर के दरख़्त को इस तरह कहा गया है गोया यह ज़िन्दा और ख़ुशी से इसके पत्ते उगाने के क़ाबिल था। मुतबादिल तर्जुमा : “इसके पत्तों में कलें निकलना शुरू होता है” (देखें:INVALID translate/figs-personification)

τὸ θέρος

साल का गर्म हिस्सा या उगने का मौसम

Mark 13:29

ταῦτα

यह मुसीबत के दिन से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “ये बातें जो मैंने अभी बयान किया है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἐγγύς ἐστιν

इब्न ए आदम क़रीब है

ἐπὶ θύραις

इस मुहावरे के मायने हैं कि वह बहुत क़रीब है और तक़रीबन पहुँच गया है, एक मुसाफ़िर का हवाला देता है जो शहर के दरवाज़े के क़रीब पहुँच गया है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “और तक़रीबन यहाँ है” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 13:30

ἀμὴν, λέγω ὑμῖν

यह इशारा करता है कि अगला बयान ख़ुसूसी तौर पर अहम है। देखें कि आपने इसे मरकुस 3:28 में किस तरह तर्जुमा किया है।

οὐ μὴ παρέλθῃ

यह शायस्तगी से किसी मरने वाले की बाबत बात करने का तरीक़ा है। मुतबादिल तर्जुमा : “नहीं मरेंगे” या “ख़त्म नहीं होंगे” (देखें:INVALID translate/figs-euphemism)

μέχρις οὗ ταῦτα πάντα

मुहावरा “ये बातें” मुसीबत के दिन से मुराद हैं।

Mark 13:31

ὁ οὐρανὸς καὶ ἡ γῆ

इन दोनों इन्तहाओं को आसमान का हवाला देने के लिए दिया गया है, जिसमें सूरज, चाँद, सितारे, और सय्यारे, और पूरी ज़मीन शामिल है। मुतबादिल तर्जुमा : “आसमान, ज़मीन, और हर शय जो उनमे है” (देखें:INVALID translate/figs-merism)

παρελεύσονται

वजूद ख़त्म हो जाएगा। यहाँ यह मुहावरा दुनिया के ख़त्म होने से मुराद है।

οἱ…λόγοι μου οὐ μὴ παρελεύσονται

यिसू कहता है कि अल्फ़ाज़ अपनी ताक़त नहीं खोते गोया वो ऐसी चीजें थीं जो कभी भी जिस्मानी तौर पर न मरेंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “मेरे अल्फ़ाज़ कभी भी अपनी ताक़त नहीं खोएंगे” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 13:32

τῆς ἡμέρας ἐκείνης ἢ τῆς ὥρας

यह उस वक़त से मुराद है जब इब्न ए आदम वापस आएगा। मुतबादिल तर्जुमा : “वह दिन या वह घड़ी जब इब्न ए आदम वापस आएगा” या “उस दिन या वह घड़ी जब मैं वापस आऊँगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

οὐδεὶς οἶδεν; οὐδὲ οἱ ἄγγελοι ἐν οὐρανῷ, οὐδὲ ὁ Υἱός, εἰ μὴ ὁ Πατήρ

ये अल्फ़ाज़ उनमें से बा’ज़ को इख़्तसास करते हैं जो नहीं जानते कि इब्न ए आदम वापस आएगा, बाप से मुख़्तलिफ़, जो नहीं जानते। मुतबादिल तर्जुमा : “कोई नहीं जानता- न आसमान के फ़रिश्ते, न बेटा-मगर बाप” या “ न आसमान के फ़रिश्ते, न बेटा जानता है, कोई नहीं मगर बाप जानता है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

οἱ ἄγγελοι ἐν οὐρανῷ

यहाँ “आसमान” उस जगह से मुराद है जहाँ ख़ुदा रहता है।

εἰ μὴ ὁ Πατήρ

“बाप” को उसी लफ़्ज से तर्जुमा करना सबसे बेहतर है जिसे आपकी ज़बान कुदरती तौर पर एक इन्सानी बाप के लिए इस्तेमाल करती है। यह एक हज़्फ़ इबारत भी है, जो बयान करता है कि बाप जानता है कि बेटा कब वापस आएगा। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर सिर्फ़ बाप जानता है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 13:33

πότε ὁ καιρός ἐστιν

इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है कि “वक़्त” यहाँ क्या हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जब ये तमाम वाक़िआत होंगे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 13:34

ἑκάστῳ τὸ ἔργον αὐτοῦ

हर एक को बता रहा है कि उसे क्या करना चाहिए

Mark 13:35

ἢ ὀψὲ

वह शाम में वापस आ सकता है

ἀλεκτοροφωνίας

मुर्ग़ एक परिन्दा है जो सुब्ह के वक़त बहुत जल्द एक बुलन्द आवाज़ के ज़रिए “बाँग” देता है।

Mark 13:36

εὕρῃ ὑμᾶς καθεύδοντας

यहाँ येसू तैयार न रहने को “सोता हुआ” कहता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें अपनी वापसी के लिए तैयार न पाए” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 14

मरकुस 14 आम हाशिये

तरतीब और बनावट

कुछ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतून से दहनी तरफ़ रखती हैं ताकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा 14:27, 62, की शायरी में करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

जिस्म और ख़ून को खाना

मरकुस 14:22-25 येसू का अपने पैरोकारों के साथ आख़िरी खाने का बयान करता है। इस वक़्त, येसू ने उनको बताया कि जो वो खा और पी रहे थे वो उसका जिस्म और ख़ून था। तक़रीबन सभी मसीही कलीसियाएं “अशा ए रब्बानी” “मुतबर्रिक अजज़ा” या “पाक शिराकत” इस खाने की याद में मनाती हैं।

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमें के मुश्किलात

अब्बा, बाप

”अब्बा” एक अरामी लफ़्ज है जो यहूदी अपने बाप के लिए इस्तेमाल करते थे। मरकुस इसे उसी तरह लिखता है जिस तरह इसकी आवाज़ है और फिर इसका तर्जुमा करता है। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

“इब्न ए आदम”

येसू इस बाब में ख़ुद का हवाला “इब्न ए आदम” के तौर पर देता है (मरकुस 14:20). आपकी ज़बान में लोगों को ख़ुद की बाबत बोलने की इजाज़त न भी दे सकती है गोया वो किसी और की बाबत बोल रहे थे। (देखेंः इब्न-ए-आदम , इब्न-ए-आदम , और INVALID translate/figs-123person)

Mark 14:1

फ़सह के दो दिन पहले, सरदार काहिन और फ़कीह येसू को क़त्ल करने के लिए ख़ुफ़िया मन्सूबा बन्दी कर रहे हैं।

ἐν δόλῳ

लोगों के बग़ैर देखे

Mark 14:2

ἔλεγον γάρ

लफ़ज़ “वो” सरदार काहिनों और फ़क़ीहों से मुराद है।

μὴ ἐν τῇ ἑορτῇ

यह उनका येसू का ईद के दौरान गिरफ़तार नहीं करने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमें इसे ईद के दौरान नहीं करना चाहिए” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 14:3

अगरचे बाज़ ख़फ़ा थे कि येसू के मसह के लिए तेल इस्तेमाल किया गया था, येसू कहता है कि उस औरत ने उसके जिस्म को मरने से पहले दफ़्न होने के लिए मसह कर दिया है।

Σίμωνος τοῦ λεπροῦ

यह आदमी पहले कोढ़ी था मगर अब बीमार नहीं था। यह आदमी शमौन पतरस और शमौन ज़ेलोतेस से मुख़्तलिफ़ है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

κατακειμένου αὐτοῦ

येसू की तहज़ीब में, जब लोग खाने के लिए जमा होते थे, वो अपनी पहलू पर झुकते थे, एक छोटी मेज के पास ख़ुद को एक तकिये का सहारा देते थे।

ἀλάβαστρον

यह एक घड़ा है जो संग ए मरमर से बना है। संग ए मरमर एक बेशक़ीमती ज़र्द-सफ़ेद पत्थर था। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ूबसूरत सफ़ेद पत्थर का घड़ा” (देखें:INVALID translate/translate-unknown)

ἀλάβαστρον μύρου, νάρδου πιστικῆς πολυτελοῦς

जिसमें क़ीमती, ख़ुशबूदार इत्र था जिसे जटामासी कहते थे। जटामासी बहुत क़ीमती, ख़ुशबूदार तेल था जो इत्र बनाने में इस्तेमाल किया जाता था। (देखें:INVALID translate/translate-unknown)

αὐτοῦ τῆς κεφαλῆς

येसू के सिर पर

Mark 14:4

εἰς τί ἡ ἀπώλεια αὕτη τοῦ μύρου γέγονεν?

उन्होंने यह सवाल औरत का येसू पर इत्र डालने में अपनी नामंज़ूरी का इज़हार करने के लिए किया । इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह निहायत शदीद है कि उसने वह इत्र बर्बाद कर दिया!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 14:5

ἠδύνατο…τοῦτο τὸ μύρον πραθῆναι

मरकुस अपने क़ारिईन को दिखाना चाहता है कि वो जो वहाँ मौजूद थे दौलत की बाबत ज़ियादा फ़िक्रमंद थे। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “हम इस इत्र को फ़रोख़्त कर सकते थे” या “वो इस इत्र को फ़रोख़्त कर सकती थी” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

δηναρίων τριακοσίων

300 दीनार। दीनार रोमी चाँदी के सिक्के हैं। देखें : INVALID translate/translate-bmoney और INVALID translate/translate-numbers

δοθῆναι τοῖς πτωχοῖς

मुहावरा “ग़रीब” ग़रीब लोगों से मुराद है। यह इत्र को फ़रोख़्त करके रक़म गरीबों को देने से मुराद है। मुतबादिल तरजुमा : “ग़रीब लोगों को दिया गया रक़म” (देखेंः INVALID translate/figs-ellipsis और INVALID translate/figs-nominaladj)

Mark 14:6

τί αὐτῇ κόπους παρέχετε?

येसू इस औरत के अमल पर सवालात करने के लिए मेहमानों की मलामत करता है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें उसको परेशान नहीं करना चाहिए!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 14:7

τοὺς πτωχοὺς

यह ग़रीब लोगों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “ग़रीब लोग” (देखें:INVALID translate/figs-nominaladj)

Mark 14:9

ἀμὴν…λέγω ὑμῖν

यह इशारा करता है कि अगला बयान ख़ुसूसी तौर पर सहीह और अहम है। देखें कि आपने इसे मरकुस 3:28 में किस तरह तर्जुमा किया है।

ὅπου ἐὰν κηρυχθῇ τὸ εὐαγγέλιον

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “जहाँ कहीं भी मेरे पैरोकार इन्जील की मनादी करते हैं (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

ὃ ἐποίησεν αὕτη, λαληθήσεται

जो इस औरत ने किया है उसे बताया जाएगा

Mark 14:10

औरत का येसू को इत्र से मसह करने के बाद, यहूदा येसू को सरदार काहिनों के हवाले करने का वादा करता है।

ἵνα αὐτὸν παραδοῖ αὐτοῖς

यहूदा ने अब तक येसू को उनके हवाले नहीं किया है, बल्कि वह उनके साथ इन्तज़ामात करने गया। मुतबादिल तर्जुमाः “उनके साथ इन्तज़ाम करने के वास्ते कि वह येसू को उनके हवाले कर देगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

αὐτὸν παραδοῖ

येसू को उनके पास लाना ताकि वो उसे पकड़ सकें

Mark 14:11

οἱ δὲ ἀκούσαντες

इसे वाज़ेह तौर पर बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि सरदार काहिनों ने क्या सुना। मुतबादिल तर्जुमा : “जब सरदार काहिनों ने सुना कि वह उनके लिए क्या करने को तैयार था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:12

येसू अपने दो शागिर्दों को फ़सह के खाने की तैयारी के लिए भेजता है।

ὅτε τὸ Πάσχα ἔθυον

ईद ए फ़तीर के शुरुआत में, एक बर्रे को ज़बह करने का रिवाज था। मुतबादिल तर्जुमा : “जब फ़सह के बर्रे को ज़बह करने का रिवाज था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

φάγῃς τὸ Πάσχα

यहाँ “फ़सह” फ़सह के खाने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “फ़सह खाने” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 14:13

κεράμιον ὕδατος βαστάζων

पानी का बड़ा घड़ा ले जाते हुए

Mark 14:14

ὁ διδάσκαλος λέγει, ποῦ ἐστιν τὸ κατάλυμά μου…μετὰ τῶν μαθητῶν μου φάγω?

इसे एक बिल्वास्ता इक़तबास के तौर पर लिखा जा सकता है। इसका तर्जुमा एक शायस्ता दरख़्वास्त के तौर पर करें। मुतबादिल तर्जुमा : “हमारा उस्ताद जानना चाहता है कि मेंहमानख़ाना कहाँ है जहाँ वह अपने शागिर्दों के साथ फ़सह खा सकता है।” (देखें:INVALID translate/figs-quotations)

τὸ κατάλυμά

ज़ायरीन के लिए कमरा

Mark 14:15

ἐκεῖ ἑτοιμάσατε ἡμῖν

उन्हें येसू और उसके शागिर्दों के लिए खाना खाने की तैयारी करनी थी। मुतबादिल तर्जुमा : “हमारे लिए वहाँ खना तैयार करो” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:16

ἐξῆλθον οἱ μαθηταὶ

दो शागिर्द गये

καθὼς εἶπεν

जैसा येसू ने कहा था

Mark 14:17

उस शाम जैसे येसू और उसके शागिर्द फ़सह खाते हैं, येसू उनको बताता है कि उनमें से एक उसे पकड़वाएगा।

ἔρχεται μετὰ τῶν δώδεκα

यह बयान करना मददगार साबित हो सकता है कि वो कहाँ आए। मुतबादिल तर्जुमाः “वह बारह के साथ उस घर को आया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:18

ἀνακειμένων

येसू के तहज़ीब में, जब लोग खाने के लिए जमा होते, वो एक छोटे मेज़ के पास तकिये का सहारा लगाकर अपने पहलू की तरफ़ झुकते थे।

ἀμὴν, λέγω ὑμῖν

यह इशारा करता है कि अगला बयान ख़ुसूसी तौर पर सहीह और अहम है। देखें कि आपने इसे मरकुस 3:28 में किस तरह तर्जुमा किया है।

Mark 14:19

εἷς κατὰ εἷς

इसके मायने हैं कि “एक एक करके” हर शागिर्द ने उसे पूछा।

μήτι ἐγώ?

मुमकिन मायने 1) यह वो सवाल था जिसके लिए शागिर्दों को जवाब में न सुनने का तवक़क़ो था या 2) यह एक ख़तीबाना सवाल था जिसको जवाब की ज़रूरत नहीं था। मुतबादिल तर्जुमाः “यक़ीनन वो मैं नहीं हूँ जो तुझे पकड़वाएगा!” (देखेंः INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:20

εἷς τῶν δώδεκα

तुम बारह में से वह एक है, वो अभी

ἐμβαπτόμενος μετ’ ἐμοῦ εἰς τὸ τρύβλιον

येसू के तहज़ीब में, लोग अक्सर रोटी को चटनी या तेल के साथ मिली जड़ी बूटियों में एक मुश्तरका कटोरे में डुबाकर खाते थे।

Mark 14:21

ὅτι ὁ μὲν Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου ὑπάγει, καθὼς γέγραπται περὶ αὐτοῦ

यहाँ येसू उन पाक नविश्तों का हवाला दे रहा है जो उसकी मौत की बाबत नबूबत करते हैं। अगर आपके पास आपकी ज़बान में मौत की बाबत बात करने का शायस्ता तरीक़ा है, इसे यहाँ इस्तेमाल करें। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि इब्न ए आदम उस तरीक़े से मरेगा जैसा किताब ए मुक़द्दस में लिखा है”

δι’ οὗ ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου παραδίδοται

इसे ज़ियादा बराहे रास्त तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “कौन इब्न ए आदम को पकड़वाता है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:22

ἄρτον

यह एक चौरस बेख़मीरी रोटी थी , जो फ़सह खाने के एक हिस्से के तौर पर खाया जाता था।

ἔκλασεν

इसका मानी है कि उसने रोटी को लोगों के खाने के लिए टुकड़ों में तोड़ा। मुतबादिल तरजुमा : “टुकड़ों में तोड़ा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

λάβετε, τοῦτό ἐστιν τὸ σῶμά μου

यह रोटी लो। यह मेरा जिस्म है। अगरचे ज़ियादातर समझते हैं के इसके मायने हैं कि रोटी येसू के जिस्म की अलामत है और वह असल गोश्त नहीं है, इस बयान को लफ़्जी तर्जुमा करना सबसे बेहतर है। (देखें:INVALID translate/writing-symlanguage)

Mark 14:23

λαβὼν ποτήριον

यहाँ “प्याला” मय के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसने मय का प्याला लिया” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

Mark 14:24

τοῦτό ἐστιν τὸ αἷμά μου τῆς διαθήκης, τὸ ἐκχυννόμενον ὑπὲρ πολλῶν

यह अहद गुनाहों की मुआफ़ी के लिए है। इसे और वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह मेरा ख़ून है जो अहद की तस्दीक़ करता है, वह ख़ून जो बहाया जाता है ताकि बहुतेरों के गुनाहों की मुआफ़ी हो सके” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

τοῦτό ἐστιν τὸ αἷμά μου

यह मय मेरा ख़ून है। अगरचे ज़ियादातर समझते हैं कि इसके मायने हैं कि ख़ून येसू के ख़ून की अलामत है और वह असल ख़ून नहीं है, इस बयान को लफ़्जी तर्जुमा करना सबसे बेहतर है। (देखें:INVALID translate/writing-symlanguage)

Mark 14:25

ἀμὴν, λέγω ὑμῖν

यह इशारा करता है कि अगला बयान ख़ुसूसी तौर पर सहीह और अहम है। देखें कि आपने इसे मरकुस 3:28 में किस तरह तर्जुमा किया है।

τοῦ γενήματος τῆς ἀμπέλου

मय। यह मय का हवाला देने के लिए बयानिया तरीक़ा है।

καινὸν

मुमकिन मायने 1) “फिर” या 2) “एक नए तरीक़े में”

Mark 14:26

ὑμνήσαντες

हम्दिया तराना एक किस्म का गीत है। उनके लिए पुराने अहदनामे से ज़बूर गाना रिवायती था।

Mark 14:27

λέγει αὐτοῖς ὁ Ἰησοῦς

येसू ने अपने शागिर्दों से कहा

σκανδαλισθήσεσθε

यह एक मुहावरा है जिसके मायने हैं छोड़ना। मुतबादिल तर्जुमा : “मुझे छोड़ देंगे” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

πατάξω

क़त्ल करना। यहाँ “मैं ख़ुदा से मुराद है।

τὰ πρόβατα διασκορπισθήσονται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “मैं भेड़ों को परागन्दा करुँगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 14:28

येसू पतरस को वाज़ेह तौर पर बताता है कि वह उसका इन्कार करेगा। पतरस और सारे शागिर्दों को यक़ीन है कि वो येसू का इनकार नहीं करेंगे।

ἐγερθῆναί με

इस मुहावरे के मानी है कि ख़ुदा येसू को दोबारा ज़िन्दा करेगा उसके मर जाने के बाद। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा मुझे मुर्दां में से उठाता है” या “ख़ुदा मुझे दोबारा ज़िन्दा करता है” (देखेंः INVALID translate/figs-idiom और INVALID translate/figs-activepassive)

προάξω ὑμᾶς

मैं तुमसे पहले जाऊँगा

Mark 14:29

εἰ καὶ πάντες σκανδαλισθήσονται, ἀλλ’ οὐκ ἐγώ

मैं नहीं का मुकम्मल तौर पर इज़हार “मैं ठोकर नहीं खाऊँगा” किया जा सकता है। जुमला “ठोकर नहीं खाऊँगा” एक दोहरा मनफ़ी है और एक अस्बाती माय नी लाता है। अगर ज़रूरी हो इसका इज़हार मुस्बत तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “चाहे हर एक तुझे छोड़ दे, मैं तेरे साथ रहूँगा” (देखेंः INVALID translate/figs-ellipsis और INVALID translate/figs-doublenegatives)

Mark 14:30

ἀμὴν, λέγω σοι

यह इशारा करता है कि अगला बयान ख़ुसूसी तौर पर सहीह और अहम है। देखें कि आपने इसे मरकुस 3:28 में किस तरह तर्जुमा किया है।

ἀλέκτορα φωνῆσαι

मुर्ग़ एक परिन्दा है जो सुब्ह के वक़त बहुत जल्द बुलाता है। वो जो बुलन्द आवाज़ करता है “बाँग” है।

ἢ δὶς

दो दफ़ा

σὺ…με ἀπαρνήσῃ

तू कहेगा कि तू मुझे नहीं जानता

Mark 14:31

ἐὰν δέῃ με συναποθανεῖν

यहाँ तक कि अगर मुझे मरना होगा

ὡσαύτως…καὶ πάντες ἔλεγον

इसके मायने हैं कि सब शागिर्दों ने वही बात कही जो पतरस ने कहा।

Mark 14:32

जब वो जैतून के पहाड़ पर गतसमनी जाते हैं, येसू अपने तीन शागिदों का हौसला आफ़ज़ाई करता है कि वो जागते रहें जब वह दुआ करता है। दो दफ़ा उसने उन्हें जगाया, और तीसरी दफ़ा वो उनसे कहता है कि उठें क्योंकि पकड़वाने का वक़्त हो गया है।

ἔρχονται εἰς χωρίον

लफ़्ज “वो” येसू और उसके शागिर्दों से मुराद है।

Mark 14:33

ἐκθαμβεῖσθαι

दुख से मग़लूब हुआ

ἀδημονεῖν

लफ़्ज “निहायत” येसू के अपनी जान के बहुत परेशान कुन होने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “इन्तहाई परेशान” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 14:34

ἐστιν ἡ ψυχή μου

येसू ख़ुद को “जान” के तौर पर कहता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं हूँ” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

ἕως θανάτου

यिसू मुबालग़ा आराई कर रहा है क्योंकि वह इस क़दर मुसीबत और दुख महसूस करता है कि वह मरने वाला है, अगरचे वह जानता है कि वह नहीं मरेगा जब तक कि सूरज तुलू नहीं होता। (देखें:INVALID translate/figs-hyperbole)

γρηγορεῖτε

जब येसू दुआ करता था शागिर्दों को चौकस रहना था। इसका यह मायने नहीं है कि उनसे तवक़क़ो था कि वो येसू को दुआ करते हुए देखें।

Mark 14:35

εἰ δυνατόν ἐστιν

इसके मायने हैं कि अगर ख़ुदा ऐसा होने की इजाज़त देगा। मुतबादिल तर्जुमा ; “अगर ख़ुदा इसकी इजाज़त देगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

παρέλθῃ…ἡ ὥρα

यहाँ “ये घड़ी” येसू के दुख के वक़्त से मुराद है, दोनों अब बाग में और बाद में। मुतबादिल तर्जुमा : “कि उसे दुख के इस वक़्त से न गुज़रना पड़े” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:36

Ἀββά

एक लफ़्ज़ जिससे यहूदी बच्चे अपने वालिद को ख़िताब करते थे। चूँकि इसके बाद “बाप” आया है, सबसे बेहतर यही है कि इस लफ़ज़ का नक़ल हरूफ़ी किया जाए। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

ὁ Πατήρ

यह ख़ुदा के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

παρένεγκε τὸ ποτήριον τοῦτο ἀπ’ ἐμοῦ

येसू अपने दुख की बाबत कहता है कि उसे यह ज़रूर बर्दाश्त करना है गोया यह एक प्याला हो। (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἀλλ’ οὐ τί ἐγὼ θέλω, ἀλλὰ τί σύ

येसू ख़ुदा से वो करने को कह रहा है जो वह चाहता है न कि जो येसू चाहता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर वह न कर जो मैं चाहता हूँ, वह कर जो तू चाहता है” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 14:37

εὑρίσκει αὐτοὺς καθεύδοντας

लफ़्ज़ “उन्हें” पतरस, याकूब, और यूहन्ना से मुराद है।

Σίμων, καθεύδεις? οὐκ ἴσχυσας μίαν ὥραν γρηγορῆσαι?

येसू शमौन पतरस की सोने के लिए मलामत करता है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “शमौन, तू सोया है जबकि मैंने तुझे जागने के लिए कहा था। क्या तू एक घड़ी भी मेरे साथ न जाग सका।” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 14:38

ἵνα μὴ ἔλθητε εἰς πειρασμόν

येसू आज़माइश में पड़ने की बात कहता है गोया यह दाख़िल होने की जिस्मानी जगह हो। मुतबादिल तर्जुमा : “कि तुम आज़माइश में न पड़ो” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ μὲν πνεῦμα πρόθυμον, ἡ δὲ σὰρξ ἀσθενής

येसू शमौन पतरस को तन्बीह करता है कि वह इतना ताक़तवर नहीं है कि अपनी ताक़त से वह कर ले जो करना चाहता है। मुतबादिल तर्जुमा “तुम अपनी रूह में तैयार हो, मगर तुम जो करना चाहते हो उसे करने के लिए काफ़ी कमज़ोर हो” या “तुम करना चाहते हो जो मैं कहता हूँ, मगर तुम कमज़ोर हो”

τὸ…πνεῦμα…ἡ…σὰρξ

यह पतरस के दो मुख़्तलिफ़ पहलुओं का हवाला देता है। “रूह” उसके अन्दरूनी ख्वाहिशात हैं। “जिस्म” इन्सानी काबिलियत और ताकत है। (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

Mark 14:39

τὸν αὐτὸν λόγον εἰπών

दोबारा दुआ किया जो उसने पहले दुआ किया था

Mark 14:40

εὗρεν αὐτοὺς καθεύδοντας

लफ़्ज “उन्हें” पतरस, याकूब, और यूहन्ना से मुराद है।

ἦσαν γὰρ αὐτῶν οἱ ὀφθαλμοὶ καταβαρυνόμενοι

यहाँ मुसन्निफ़ एक सोते हुए शख़्स की बात करता है जिसकी “भारी आँखें” थीं जिसे अपनी आँखें खुला रखने में मुश्किल हो रहा था। मुतबादिल तर्जुमा : “वो इस क़दर नींद से भरे थे कि उन्हें अपनी आँखें खोलने में मुश्किल हो रही थी ” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 14:41

ἔρχεται τὸ τρίτον

येसू चला गया और दोबारा दुआ की। फिर वह उनके पास तीसरी दफ़ा’ वापस आया। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमाः “फिर वह गया और दोबारा दुआ की। वह तीसरी दफ़ा’ वापस आया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

καθεύδετε τὸ λοιπὸν καὶ ἀναπαύεσθε.

येसू अपने शागिर्दो को नहीं जागते रहने और दुआ करने के लिए मलामत करता है। अगर जरूरी हो इस ख़तीबाना सवाल को एक बयान के तौर पर भी तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “तुम अब तक सो रहे और आराम कर रहे हो!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

ἦλθεν ἡ ὥρα

यिसू के दुख और पकड़वाए जाने का वक़्त शुरू होने को है।

ἰδοὺ

सुनो!

παραδίδοται ὁ Υἱὸς τοῦ Ἀνθρώπου

यिसू अपने शागिर्दों को तन्बीह करता है कि उसका पकड़वाने वाला नज़दीक आ रहा है। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “मैं, इब्न ए आदम, पकड़वाया जा रहा हूँ” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 14:43

आयत 44 पेश मंजरी मालूमात देता है कि किस तरह यहूदा ने यहूदी रहनुमाओं के साथ यिसू को पकड़वाने का इन्तजाम किया था। (देखें:INVALID translate/writing-background)

यहूदा यिसू को एक बोसा के साथ पकड़वाता है, और सब शागिर्द भाग जाते हैं।

Mark 14:44

δὲ ὁ παραδιδοὺς αὐτὸν

यह यहूदा से मुराद है।

αὐτός ἐστιν

यहाँ “जिसका” उस आदमी से मुराद है जिसे यहूदा शिनाख़त करने जा रहा था। मुतबादिल तर्जुमा : “वही है जिसे तुम चाहते हो” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:45

κατεφίλησεν αὐτόν

यहूदा ने उसे बोसा दिया

Mark 14:46

ἐπέβαλαν τὰς χεῖρας αὐτῶν καὶ ἐκράτησαν αὐτόν

इन दोनों मुहावरों का यक्सां मानी यह ज़ोर देने क लिए है कि उन्होंने उसे पकड़ लिया। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू को पकड़ा और उसे गिरफ़तार कर लिया” या “पकड़ लिया” (देखें:INVALID translate/figs-parallelism)

Mark 14:47

τῶν παρεστηκότων

जो नज़दीक खड़ा था

Mark 14:48

ἀποκριθεὶς ὁ Ἰησοῦς εἶπεν αὐτοῖς

येसू ने हुजूम से कहा

ὡς ἐπὶ λῃστὴν ἐξήλθατε μετὰ μαχαιρῶν καὶ ξύλων συνλαβεῖν με?

येसू हुजूम की मलामत कर रहा है। इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “यह बेहूदा काम है कि तुम मुझे यहाँ तलवारें और लाठियाँ लेकर पकड़ने आए हो, गोया मैं एक डाकू हूँ!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 14:49

ἀλλ’ ἵνα

मगर यह इस वास्ते हुआ है कि

Mark 14:50

ἀφέντες αὐτὸν…πάντες

यह शागिर्दों से मुराद है।

Mark 14:51

σινδόνα

सन के पौदे से बना हुआ रेशा

κρατοῦσιν αὐτόν

जब आदमियों ने उसे पकड़ा तो वह अदमी भाग गया

Mark 14:52

ὁ δὲ καταλιπὼν τὴν σινδόνα

जैसा कि आदमी भागने की कोशिश कर रहा था, दूसरों ने उसे रोकने की कोशिश में उसके कपड़े को पकड़ लिया होगा।

Mark 14:53

सरदार काहिनों, फ़क़ीहों, और बुजुर्गों की भीड़ येसू को सरदार काहिन के पास लाने के बाद, पतरस नज़दीक से देखता है जबकि बा’ज़ येसू के ख़िलाफ़ झूटी गवाही देने के लिए खड़े हैं।

συνέρχονται πάντες οἱ ἀρχιερεῖς, καὶ οἱ πρεσβύτεροι, καὶ οἱ γραμματεῖς

इसे दोबारा तरतीब दिया जा सकता है ताकि समझना आसान हो। “सब सरदार काहिन, बुज़ुर्ग, और फ़क़ीह वहाँ एक साथ जमा हुए थे”

Mark 14:54

καὶ

इस लफ़्ज़ का इस्तेमाल कहानी में एक तब्दीली लाने के लिए किया गया है जैसे मुसन्निफ़ हमें पतरस की बाबत बताना शुरू करता है।

ἕως ἔσω εἰς τὴν αὐλὴν τοῦ ἀρχιερέως

जैसा कि पतरस येसू के पीछे पीछे गया, वह सरदार काहिन के दीवानख़ाने पर रुका। इसे वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “और वह सरदार काहिन के दीवानख़ाने तक गया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ἦν συνκαθήμενος μετὰ τῶν ὑπηρετῶν

पतरस उन प्यादों के साथ बैठा जो दीवानख़ाने में काम कर रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “वह दीवानख़ाने में प्यादों के साथ बैठा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:55

δὲ

यह लफ़्ज यहाँ कहानी में तब्दीली लाने के लिए इस्तेमाल किया गया है जैसा कि मुसन्न्फ़ि हमें येसू पर मुक़ददमा चलाए जाने की बाबत बताना जारी रखता है।

εἰς τὸ θανατῶσαι αὐτόν

वो लोग वह नहीं थे जो येसू को क़त्ल करेंगे, बल्कि, वो किसी को यह करने का हुक्म देंगे। मुतबादिल तर्जुमा : “वो येसू को कत्ल कर सकते थे” या “उनके पास येसू को कत्ल करने के लिए कोई हो सकता था” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

οὐχ ηὕρισκον

उन्हें येसू के ख़िलाफ़ गवाही नहीं मिली जिस के साथ वो उसे कत्ल के लिए मुजरिम क़रार देते। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर उन्हें कोई गवाही नहीं मिली जिससे उसे मुजरिम करार देते” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:56

ἐψευδομαρτύρουν κατ’ αὐτοῦ

यहाँ झूटी गवाही बोलने को बयान किया गया है गोया यह एक जिस्मानी चीज़ हो जिसे कोई ले जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसके ख़िलाफ झूटी गवाही बोलने के ज़रिए उस पर इल्ज़ाम लगाया” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

ἴσαι αἱ μαρτυρίαι οὐκ ἦσαν

इसे अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है। “मगर उनकी गवाही एक दूसरे के बरख़िलाफ़ थी”

Mark 14:57

ἐψευδομαρτύρουν κατ’ αὐτοῦ

यहाँ झूटी गवाही बोलने को बयान किया गया है गोया यह एक जिस्मानी चीज़ हो जिसे कोई ले जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसके ख़िलाफ़ झूटी गवाही बोलने के जरिए उस पर इल्ज़ाम लगाया” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 14:58

ἡμεῖς ἠκούσαμεν αὐτοῦ λέγοντος

हमने येसू को कहते सुना। लफ़ज़ “हमने” उन लोगों से मुराद है जो येसू के ख़िलाफ़ झूटी गवाहियाँ लाए और यह उन लोगों को शामिल नहीं करता जिससे वो बात कर रहे हैं। (देखें:INVALID translate/figs-exclusive)

τὸν χειροποίητον

यहाँ “हाथों” मर्दों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमाः “मर्दों के ज़रिए बना ... बगै़र मर्द की मदद के” या “मर्दों के ज़रिए बनाया गया .... बगै़र मर्द की मदद के” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)

διὰ τριῶν ἡμερῶν

तीन दिन में। इसका मतलब है कि हैकल तीन दिन के दौरान ता’मीर होगा।

ἄλλον…οἰκοδομήσω

यहाँ लफ़्ज “हैकल” को पिछले जुमले से समझा गया है। इसे दोहराया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “दूसरा हैकल ता’मीर करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 14:59

οὐδὲ…ἴση ἦν

एक दूसरे के बरख़िलाफ़ था। इसे अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है।

Mark 14:60

जब येसू ने जवाब दिया कि वह मसीह है, सरदार काहिन और सब रहनुमाओं नें वहाँ उसकी मज़म्मत की जिस तरह कोई मरने के लाइक़ हो।

ἀναστὰς…εἰς μέσον

येसू ख़फ़ा शुदा हुजूम के दर्मियान उनसे बोलने के लिए खड़ा होता है। इसका तर्जुमा यह ज़ाहिर करने के लिए करें कि कौन मौजूद था जब येसू बोलने को खड़ा हुआ। मुतबादिल तर्जुमाः “सरदार काहिनों, फ़क़ीहों और बुजुर्गों के दर्मियान खड़ा हुआ” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

οὐκ ἀποκρίνῃ οὐδέν? τί οὗτοί σου καταμαρτυροῦσιν?

सरदार काहिन येसू से जो गवाहों ने कहा उसकी बाबत मा’लूमात के लिए नहीं पूछ रहा है। वह येसू से जो गवाहों ने कहा उसे ग़लत साबित करने को कह रहा है। मुतबादिल तर्जुमाः “क्या तू जवाब नहीं देगा? ये आदमी जो तेरे ख़िलाफ़ गवाही दे रहे हैं इसके जवाब में तू क्या कहता है?” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:61

ὁ…Υἱὸς τοῦ Εὐλογητοῦ

यहाँ ख़ुदा को “अल हमीद” कहा गया है। “बेटा” को उसी लफ़्ज से तर्जुमा करना सबसे बेहतर है जिसे आपकी ज़बान क़ुदरती तौर पर एक इन्सानी बाप के “बेटे” के लिए इस्तेमाल करती है। मुतबादिल तर्जु मा : “अल हमीद का बेटा” या “ख़ुदा का बेटा” (देखेंः INVALID translate/figs-nominaladj और INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Mark 14:62

ἐγώ εἰμι

इसका शायद दोहरा मानी हैः 1) सरदार काहिन के सवाल का जवाब देना और 2) ख़ुद को कहना “मैं हूँ”, जो ख़ुदा पुराने अहदनामे में ख़ुद को कहता है।

ἐκ δεξιῶν καθήμενον τῆς δυνάμεως

यहाँ “क़ादिर” एक इस्तआरा है और ख़ुदा की नुमाइन्दगी करता है। “ख़ुदा के दहनी तरफ़” बैठना ख़ुदा से अज़ीम एहतराम और इख़्तियार हासिल करने के लिए एक अलामती अमल है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह क़ादिर ए मुतलक़ ख़ुदा के साथ एहतराम की जगह में बैठता है” (देखेंः INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/translate-symaction)

ἐρχόμενον μετὰ τῶν νεφελῶν τοῦ οὐρανοῦ

यहाँ बादलों का बयान येसू के साथ के तौर पर किया गया है जब वह वापस आता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जब वह आसमान के बादलों में से नीचे आता है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 14:63

διαρρήξας τοὺς χιτῶνας αὐτοῦ

सरदार काहिन ने ख़ास ग़रज़ से अपने कपड़े फाड़े जो येसू ने कहा उस पर अपना गुस्सा और ग़ज़ब ज़ाहिर करने के लिए। मुतबादिल तर्जुमा : “गुस्से में अपने कपड़े फाड़ डाले”

τί ἔτι χρείαν ἔχομεν μαρτύρων?

इसे एक बयान के तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा “हमें यक़ीनन कोई ज़ियादा लोगों की ज़रूरत नहीं है जो इस आदमी के ख़िलाफ़ गवाही दें!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)

Mark 14:64

ἠκούσατε τῆς βλασφημίας

यह जो येसू ने कहा से मुराद है, जिसे सरदार काहिन ने कुफ़र कहा। मुतबादिल तर्जुमाः “तुमने सुना जो कुफ़र इसने कहा है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

οἱ…πάντες

कमरे में सारे लोग

Mark 14:65

ἤρξαντό τινες ἐμπτύειν

कमरे में बा’ज़ लोग

περικαλύπτειν αὐτοῦ τὸ πρόσωπον

उन्होंने उसके चेहरे को एक कपड़े से ढका या आँखें पट्टी से बन्द कर दी, ताकि वह देख न सके। मुतबादिल तर्जुमाः “उसके चेहरे को आँखों पर पट्टी बाँधकर बन्द करना” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

προφήτευσον

उन्होंने यह कहकर उसका मज़ाक़ उड़ाया कि नबुव्वत करके बताए कि उसे कौन मार रहा था। मुतबादिल तर्जुमा :“नबुव्व्त करके बता कि तुझे किसने मारा?” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

οἱ ὑπηρέται

वो मर्द जो हाकिम के घर के प्यादे थे

Mark 14:66

जिस तरह येसू ने पेशीनगोई किया था, पतरस येसू का तीन दफ़ा मुर्ग बाँग देने से क़ब्ल इन्कार करता है।

κάτω ἐν τῇ αὐλῇ

दीवानख़ाने में बाहर

μία τῶν παιδισκῶν τοῦ ἀρχιερέως

सरदार काहिन के लिए लौंडियाँ काम करती थीं। मुतबादिल तर्जुमाः “लौंडियों में से एक जो सरदार काहिन के लिए काम करती थीं” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:68

ἠρνήσατο

इसके मायने हैं कुछ दावा करना जो सच नहीं है। इस सूरत में, पतरस कह रहा था कि जो लौंडी ने उसकी बाबत कहा सच नहीं है।

οὔτε οἶδα, οὔτε ἐπίσταμαι σὺ τί λέγεις

दोनों “जानना” और “समझना” का यहाँ यक्सा मानी है। मायने को ज़ोर में इज़ाफ़ा के लिए दोहराया गया है जो पतरस कह रहा है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं वाक़ई नहीं समझता कि तू क्या बात कर रही है” (देखें:INVALID translate/figs-doublet)

Mark 14:69

ἡ παιδίσκη

यह वही लौंडी है जिसने पहले पतरस की शिनाख़त की थी।

ἐξ αὐτῶν

लोग पतरस का येसू के शागिर्दों में से एक होने की शिनाख़त कर रहे थे। इसे ज़ियादा वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू के शागिर्दों में से एक” या “उनमें से एक जो उस आदमी के साथ था जिसे गिरफ़्तार किया गया है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 14:71

ἀναθεματίζειν

अगर आपकी ज़बान में आपको उस शख़्स का नाम देना है जो किसी को लानत करता है, ख़ुदा का बयान करें। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा से कहना कि उसे लानत करे” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 14:72

εὐθὺς…ἀλέκτωρ ἐφώνησεν

मुर्ग़ एक परिन्दा है जो सुब्ह के वक़त बहुत जल्द बांग देता है। वो जो बुलन्द आवाज़ निकालता है उसे “बाँग देना” कहते हैं ।

ἐκ δευτέρου

यहाँ दूसरा एक अदद तौसीफ़ी है। (देखें:INVALID translate/translate-ordinal)

ἐπιβαλὼν

इस मुहावरे के मायने हैं वह दुख से मग़लूब हो गया था और अपने जज़बात पर क़ाबू खो दिया था। मुतबादिल तर्जुमाः “वह दुख से मग़लूब हो गया था” या “वह अपने जज़बात पर क़ाबू खो दिया था” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

Mark 15

मरकुस 15 आम हाशिये

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

“हैकल का पर्दा दो हिस्सों

में तक़्सीम हो गया था”

हैकल में पर्दा एक अहम अलामत था जो यह ज़ाहिर करता था कि लोगों को किसी की ज़रूरत थी जो उनके लिए ख़ुदा से बात करे। वो ख़ुदा से बराहे रास्त बात न कर सकते थे क्योंकि सब लोग गुनाहगार हैं और ख़ुदा गुनाह से नफ़रत करता है। ख़ुदा ने यह ज़ाहिर करने के लिए पर्दे को तक़्सीम कर दिया कि येसू के लोग अब ख़ुदा से बराह रास्त बात कर सकते हैं क्योंकि येसू ने उनके गुनाहों के लिए अदा कर दिया है।

कब्र

वह कब्र जिसमें येसू को दफ़्न किया गया था (मरकुस 15:46) इस किस्म का कब्र था जिसमें दौलतमन्द खानदानों के यहूदी अपने मुर्दे दफ़्न करते थे। यह पहाड़ में काटा गया एक असल क़ब्र था। इसमें पास में एक चौरस जगह थी जहाँ वो जिस्म को तेल और मसाले लगाने के बाद रख सकते थे और कपड़े में लपेटते थे। फिर वो उस कब्र के सामने एक बड़ा पत्थर लुढ़का देते थे ताकि कोई अन्दर देख या दाख़िल न हो सके।

इस बाब में अहम अन्दाज ए इज़हार
तंज़

दोनों येसू की इबादत करने की ज़ाहिर दारी करके (मरकुस 15:19) और एक बादशाह से बात करने की ज़ाहिरदारी करके (मरकुस 15:18), सिपाहियों और यहूदियों ने यह ज़ाहिर किया कि वो येसू से नफरत करते थे और ईमान नहीं रखते थे कि वो इब्न ए ख़ुदा था। (देखेंः INVALID translate/figs-irony और निन्दा, मज़ाक़ करता, मज़ाक़ करके, मज़ाक़, हँसी करनेवाला, मज़ाक़ करनेवालों, हँसी उड़ाने, इल्ज़ाम लगाते, मज़ाक़ करने लगे, नफ़रत करते, ठट्ठे में उड़ाया )

इस बाब में दूसरे तर्जुमे के मुश्किलात

इलोही, इलोही, लमा शबक़तनी?

यह जुमला अरामी में है। मरकुस इसकी आवाज़ को यूनानी हरूफ़ इस्तेमाल करके लिखने के ज़रिए इसकी नक़ल हरूफ़ी करता है। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

Mark 15:1

जब सरदार काहिनों, बुजुर्गों, फ़क़ीहों, और अदालत नें येसू को पिलातुस के हवाले किया, उन्होंने यिसू पर बहुत बुरी बातों का इल्ज़ाम लगाया। जब पीलातुस ने पूछा कि क्या जो उन्होने कहा सच था, येसू ने उसे जवाब नहीं दिया।

δήσαντες τὸν Ἰησοῦν, ἀπήνεγκαν

उन्होंने येसू को बन्धवाने का हुक्म दिया, मगर यह प्यादे थे जिन्होंने दरअसल उसे बाँधा और ले गये। मुतबादिल तर्जुमा : “उन्होंने येसू को बन्धवाने का हुक्म दिया, और फिर उसे ले जाया गया” या “उन्होंने येसू को बाँधने के लिए प्यादों को हुक्म दिया और फिर उसे ले गये” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

παρέδωκαν Πειλάτῳ

वो येसू को पिलातुस के पास ले गये और येसू का क्ब्जा उस पर मुन्तकिल किया।

Mark 15:2

σὺ λέγεις

मुमकिन मायने 1) ऐसा कहने के ज़रिए, येसू पिलातुस से कह रहा था कि येसू नहीं, बल्कि पिलातुस वह था जो उसे यहूदियों का बादशाह कह रहा था। मुतबादिल तर्जुमा : “तू ख़ुद ऐसा कहता है” या 2) ऐसा कहने के ज़रिए, येसू ने इशारा किया कि वह यहूदियों का बादशाह था। मुतबादिल तर्जुमा : “हाँ, जैसा तूने कहा, मैं हूँ” या “हाँ, जैसा तूने कहा वही है” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:3

κατηγόρουν αὐτοῦ…πολλά

येसू पर बहुत चीज़ों का इल्ज़ाम लगा रहे थे या “कह रहे थे कि येसू ने बहुत बुरे काम किये थे”

Mark 15:4

ὁ δὲ Πειλᾶτος πάλιν ἐπηρώτα αὐτὸν

पीलातुस ने येसू से दोबारा पूछा

οὐκ ἀποκρίνῃ οὐδέν?

इसे अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्या तेरे पास जवाब है”

ἴδε

देख या “सुन” या “तवज्जोह दे जो मैं तुझे बताने वाला हूँ”

Mark 15:5

ὥστε θαυμάζειν τὸν Πειλᾶτον

यह पीलातुस को हैरान किया कि येसू ने जवाब नहीं दिया और ख़ुद की हिमायत न किया।

Mark 15:6

पिलातुस, यह उम्मीद करते हुए कि हुजूम येसू को मुन्तख़ब करेगी, एक क़ैदी को रिहाई देने की पेशकश करता है, मगर हुजूम उसके बजाए बरअब्बा को मांग लेती है ।

δὲ

इस लफ़्ज का इस्तेमाल अहम कहानी से हटने के लिए एक निशानदेही के तौर पर किया गया है। जैसा मुसन्न्फ़ि पीलातुस का ईद के मौक़े पर एक क़ैदी को रिहाई देने के रिवायत और बरअब्बा की बाबत पसमंजरी मा’लूमात बताने की तरफ़ तब्दीली करता है। (देखें:INVALID translate/writing-background)

Mark 15:7

ἦν δὲ ὁ λεγόμενος Βαραββᾶς, μετὰ τῶν στασιαστῶν δεδεμένος

उस वक़्त वहाँ एक आदमी बनाम बरअब्बा था, जो दूसरे आदमियों के साथ क़ैदखाने में था। उसने कई क़त्ल किये थे जब उसने रोमी हुकूमत के ख़िलाफ़ बग़ावत की थी -

Mark 15:8

αἰτεῖσθαι καθὼς ἐποίει αὐτοῖς

यह ईद के मौके पर पिलातुस का एक क़ैदी को रिहाई देने से मुराद है। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उनके लिए एक क़ैदी की रिहाई करना जैसा उसने माज़ी में किया था” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:10

ἐγίνωσκεν γὰρ ὅτι διὰ φθόνον παραδεδώκεισαν αὐτὸν οἱ ἀρχιερεῖς

यह पस मंज़री मालूमात है इस बाबत कि येसु को क्यूं पिलातुस के हवाले किया गया था (देखें:INVALID translate/writing-background)

διὰ φθόνον…οἱ ἀρχιερεῖς

वो येसू से हसद करते थे, शायद इस वजह से कि तमाम लोग उसकी पैरोकारी कर रहे थे और उसके शागिर्द बन रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “सरदार काहिन येसू से रश्क करते थे। इस वजह से कि वो” या “सरदार काहिन येसू से इसलिए रश्क करते थे क्यूँकी वह लोगों के दर्मियान मक़बूल हो चुका था - (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:11

ἀνέσεισαν τὸν ὄχλον

मुसन्न्फ़ि सरदार काहिनों की बाबत कहता है कि वो हुजूम को उभारते और उन्हें मजबूर कर रहे थे गोया हुजूम किसी चीज़ का कटोरा थे और वो हलचल मचा रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा : “हुजूम को उभारा” या “हुजूम को मजबूर किया” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

μᾶλλον…ἀπολύσῃ

येसू के बदले में उन्होंने बरअब्बा के रिहाई की दरख़्वास्त की। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू के बदले में रिहा किया” (देखें:INVALID translate/figs-ellipsis)

Mark 15:12

हुजूम ने येसू के लिए मौत माँगा, पस पिलातुस उसे सिपाहियों के हवाले कर दिया, जिन्होंने उसका मज़ाक उड़ाया, उसे काँटों का ताज पहनाया, उसे मारा और मस्लूब करने ले गये।

τί οὖν ποιήσω λέγετε τὸν Βασιλέα τῶν Ἰουδαίων?

पिलातुस पूछता है कि अगर वो उनके लिए बरअब्बा को छोड़ दे तो येसू के साथ क्या करे। इसे वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अगर मैं बरअब्बा को रिहा करूँ, फिर यहूदियों के बादशाह के साथ क्या करूँ” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:14

ὁ δὲ Πειλᾶτος ἔλεγεν αὐτοῖς

पिलातुस ने हुजूम से कहा

Mark 15:15

τῷ ὄχλῳ τὸ ἱκανὸν ποιῆσαι

हुजूम को ख़ुश करने के जरिए जो वह उस से करवाना चाहते थे

τὸν Ἰησοῦν φραγελλώσας

पिलातुस ने दरअसल येसू को कोड़े नहीं लगाया बल्कि उसके सिपाहियों ने किया।

φραγελλώσας

कोड़े मारे। “कोड़े” मारना ख़ास तौर पर एक दर्दनाक चाबुक से पीटना है।

καὶ παρέδωκεν…ἵνα σταυρωθῇ

पिलातुस ने अपने सिपाहियों से कहा येसू को ले जाकर मस्लूब करें। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अपने सिपाहियों से कहा उसे ले जाए और उसे मस्लूब करे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 15:16

τῆς αὐλῆς, ὅ ἐστιν πραιτώριον

यह था जहाँ रोमी सिपाही येरूशलेम में रहते थे, और जहाँ येरूशलेम में होने के दौरान हाकिम ठहरता था। मुतबादिल तर्जुमा : “सिपाहियों या हाकिम की रिहाईश गाह का दीवानखाना”

ὅλην τὴν σπεῖραν

सिपाहियों की सारी पलटन

Mark 15:17

ἐνδιδύσκουσιν αὐτὸν πορφύραν

अर्ग़वानी रंग शाही लोग पहनते थे। सिपाहियों का ईमान न था कि यिसू बादशाह था। उन्होंने उसका मज़ाक उड़ाने के लिए इस तरीक़े के कपड़े पहनाए क्योंकि दूसरों ने कहा के वह यहूदियों का बादशाह था।

ἀκάνθινον στέφανον

पुरख़ार शाख़ों से बना एक ताज

Mark 15:18

Χαῖρε, Βασιλεῦ τῶν Ἰουδαίων

हाथ उठाकर “आदाब” कहने की सलामी सिर्फ़ रोमी शहन्शाह को सलाम करने के लिए इस्तेमाल होता था। सिपाहियों का ईमान न था कि यिसू यहूदियों का बादशाह था। मगर उन्होंने उसका मज़ाक उड़ाने के लिए इस तरह कहा। (देखें:INVALID translate/figs-irony)

Mark 15:19

καλάμῳ

एक छड़ी या “एक सरकंडा”

τιθέντες τὰ γόνατα

एक शख़्स जो झुकता है अपने घुटने झुकाता है, पस जो झुकते है उन्हें कभी कभी “अपना घुटना झुकाना” कहते हैं। मुतबादिल तर्जुमाः “घुटना झुकाया” या “घुटने पर आया” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 15:21

ἀγγαρεύουσιν…ἵνα ἄρῃ τὸν σταυρὸν αὐτοῦ

रोमी क़ानून के मुताबिक़ , एक सिपाही उस आदमी को जिसके ऊपर उसे ठहराया गया था उसे सड़क पर बोझ लेकर चलने के लिए मजबूर कर सकता था। इस सूरत में, उन्होंने शमौन को येसू की सलीब लेकर चलने के लिए मजबूर किया।

ἀπ’ ἀγροῦ

शहर के बाहर से

καὶ ἀγγαρεύουσιν, παράγοντά…τὸν πατέρα Ἀλεξάνδρου καὶ Ῥούφου

यह उस आदमी की बाबत पस मंज़री मा’लूमात है जिसे सिपाहियों ने येसू की सलीब लेकर चलने के लिए मजबूर किया था। भके

Σίμωνα…Ἀλεξάνδρου…Ῥούφου

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Κυρηναῖον

यह एक जगह का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 15:22

सिपाही येसू को गुलगुता लाते हैं, जहाँ वो उसे दीगर दो के साथ मस्लूब करते हैं।

Κρανίου Τόπος

खोपड़ी या “खोपड़ी की जगह।” यह एक जगह का नाम है। इसके मायने यह नहीं है कि वहाँ बहुत सी खोपड़ियाँ हैं। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Κρανίου

एक खोपड़ी सिर की हड्डियाँ है, या एक सिर बग़ैर किसी गोश्त के।

Mark 15:23

ἐσμυρνισμένον οἶνον

इसकी वज़ाहत ब्यान करना मददगार साबित हो सकता है कि मुर्र एक दर्द के हाजत की दवा है। मुतबादिल तर्जुमाः “मय के साथ मिली हुई एक दवा जिसे मुर्र कहते थे” या “मय के साथ मिली हुई एक दर्द के हाजत की दवा जिसे मुर्र कहते थे” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:25

ὥρα τρίτη

तीसरा यहाँ एक अदद तौसीफ़ी है। यह सुब्ह के नौ बजने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “सुब्ह के नौ बजे” (देखें:INVALID translate/translate-ordinal)

Mark 15:26

τῆς αἰτίας αὐτοῦ

वह जुर्म जिसे करने का वह उस पर इल्ज़ाम लगा रहे थे-

Mark 15:27

ἕνα ἐκ δεξιῶν καὶ ἕνα ἐξ εὐωνύμων αὐτοῦ

इसे ज़ियादा वाज़ेह तौर पर लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “सलीब पर एक को उसके दहनी तरफ़ और एक सलीब पर उसके बाईं तरफ़” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:29

κινοῦντες τὰς κεφαλὰς αὐτῶν

यह एक अमल है जो लोग यह ज़ाहिर करने के लिए करते कि उन्होंने येसू को रद्द किया था।

οὐὰ

यह मज़ाक की एक चीख़ है। अपनी ज़बान के मुनासिब चीख़ का इस्तेमाल करें। (देखें:INVALID translate/figs-exclamations)

ὁ καταλύων τὸν ναὸν καὶ οἰκοδομῶν ἐν τρισὶν ἡμέραις

लोग येसू को वो हवाला देते है जिसका उसने पहले नबुव्वत किया था कि वह करेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “तूने कहा था कि तू हैकल को तबाह कर देगा और इसे तीन दिनों में ता’मीर कर देगा” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:31

ὁμοίως

यह हवाला है उस तरीके का जो येसू के पास से गुज़रते हुए लोग उसका मज़ाक उड़ाने के लिए कर रहे थे।

ἐμπαίζοντες πρὸς ἀλλήλους

ख़ुद में येसू की बाबत मज़ाक उड़ाने की बातें कर रहे थे

Mark 15:32

ὁ Χριστὸς, ὁ Βασιλεὺς Ἰσραὴλ καταβάτω

रहनुमाओें ने ईमान नहीं लाया के येसू ही मसीह, इस्राईल का बादशाह है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह ख़ुद को मसीह और इस्राईल का बादशाह कहता है। पस उसे उतर आने दे” या “अगर वो वाक़ई मसीह और इस्राईल का बादशाह है, उसे उतर आना चाहिए” (देखें:INVALID translate/figs-irony)

πιστεύσωμεν

इसके मायने हैं येसू में ईमान रखना। मुतबादिल तर्जुमा : “उस में ईमान रखो” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

ὠνείδιζον

मज़ाक उड़ाया, तौहीन की

Mark 15:33

दोपहर में तमाम मुल्क में तीन बजे तक अँधेरा छा गया, जब येसू एक बड़ी आवाज से चिल्लाकर दम छोड़ देता है। जब येसू दम छोड़ता है, मक़दिस का पर्दा ऊपर से नीचे तक फटकर दो टुकड़े हो जाता है।

ὥρας ἕκτης

यह दोपहर या 12 बजे से मुराद है।

σκότος ἐγένετο ἐφ’ ὅλην τὴν γῆν

यहाँ मुसन्निफ़ बाहर तारीक हो जाने की वज़ाहत बयान करता है गोया तारीकी एक लहर की मानिन्द थी जो ज़मीन पर मुन्तक़िल हुई। मुतबादिल तर्जुमा : “सारे मुल्क में अँधेरा छा गया ” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Mark 15:34

τῇ ἐνάτῃ ὥρᾳ

यह दोपहर के तीन बजे से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “दोपहर में तीन बजे” या “दोपहर में वस्त में”

Ἐλωῒ, Ἐλωῒ, λεμὰ σαβαχθάνει

ये अरामी अल्फ़ाज हैं जो आपकी ज़बान में उसी तरह की आवाज़ के साथ नक़ल की जानी चाहिए। (देखें:INVALID translate/translate-transliterate)

ἐστιν μεθερμηνευόμενον

यानी

Mark 15:35

καί τινες τῶν παρεστηκότων, ἀκούσαντες ἔλεγον

इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है कि जो येसू ने कहा उन्होंने ग़लत समझा। मुतबादिल तर्जुमा : “जब जो वहाँ खड़े थे उनमें से बाज़ ने उसके अल्फ़ाज सुने, वो ग़लत समझे और बोले” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:36

ὄξους

सिरका

καλάμῳ

छड़ी। यह एक सरकंडा था जो रेड़ का बना हुआ था।

ἐπότιζεν αὐτόν

येसू को दिया। आदमी ने सरकंडे को पकड़े रखा ताकि येसू स्पंज से मय को पी सके। मुतबादिल तर्जुमा : “येसू के पास ऊपर उठाया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:38

τὸ καταπέτασμα τοῦ ναοῦ ἐσχίσθη εἰς δύο

मरकुस ज़ाहिर कर रहा है कि ख़ुदा ने ख़ुद ही मक़दिस के पर्दे को फाड़ दिया। इसका तर्जुमा ज़ेर ए अमल के तौर पर किया जा सकता है। “ख़ुदा ने मक़दिस के पर्दे को दो हिस्सों में तक़्सीम कर दिया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 15:39

ὁ κεντυρίων

यह सूबेदार है जो उन सिपाहियों की निगरानी करता था जो येसू को मस्लूब कर रहे थे।

ὁ παρεστηκὼς ἐξ ἐναντίας αὐτοῦ

यहाँ “सामना किया” एक मुहावरा है जिसका मानी है किसी की तरफ़ नजर करना। मुतबादिल तर्जुमा : “जो येसू के सामने खड़ा था” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

ὅτι οὕτως ἐξέπνευσεν

किस तरह येसू दम छोड़ा या “जिस तरीके से येसू ने दम छोड़ा”

Υἱὸς Θεοῦ

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें:INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Mark 15:40

ἀπὸ μακρόθεν θεωροῦσαι

दूर से देखती थीं

ἡ Ἰακώβου τοῦ μικροῦ καὶ Ἰωσῆ μήτηρ

जिनमे याकूब की और ... योसेस की माँ थी। इसे मोतरज़ा के बग़ैर भी लिखा जा सकता है।

Ἰακώβου τοῦ μικροῦ

छोटा याकूब। इस आदमी का हवाला “छोटे” के तौर पर दिया गया है शायद उसे दूसरे याकूब नाम के आदमी से फ़र्क करने के लिए

Ἰωσῆ

यह योसेस वह शख़्स नहीं था जैसा यिसू का छोटा भाई। देखें कि आपने इसे मरकुस 6:3 में किस तरह तर्जुमा किया है।

Σαλώμη

सलोमी एक औरत का नाम है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

Mark 15:41

αἳ ὅτε ἦν ἐν τῇ Γαλιλαίᾳ ἠκολούθουν αὐτῷ…αὐτῷ εἰς Ἱεροσόλυμα

यिसू जब गलील में था ये औरतें उसके पीछे चलीं ..... उसके साथ यरूशलीम को। यह उस औरत की बाबत पस मंज़री मा’लूमात है जो दूर से मस्लूबियत को देखती थी। (देखें:INVALID translate/translate-names)

συναναβᾶσαι αὐτῷ εἰς Ἱεροσόλυμα

येरूशलेम इस्राईल में दूसरे किसी भी जगह के मुकाबले ज़ियादा ऊँचा था, पस लोगों के लिए यह कहना आम था कि वो येरूशलेम की तरफ़ ऊपर को जा रहे हैं और यहाँ से नीचे जा रहे हैं।

Mark 15:42

अरमतियाह का यूसुफ़ जो पिलातुस से येसू का जिस्म माँगता है, जिसे वह कपड़े में लपेटता है और एक कब्र में रखता है।

ὀψίας γενομένης

यहाँ शाम को इस तरह कहा गया है गोया यह कोई चीज़ हो जो एक जगह से दूसरे जगह “आने” के क़ाबिल थी। मुतबादिल तर्जुमा : “शाम हो गयी थी” या “शाम का वक़्त था” (देखें:INVALID translate/writing-background)

Mark 15:43

ἐλθὼν Ἰωσὴφ ὁ ἀπὸ Ἁριμαθαίας, εὐσχήμων

जुमला “वहाँ आया” यूसुफ़ के पिलातुस के पास आने से मुराद है, जिसकी वज़ाहत पस मंज़री मालूमात देने के बाद की गयी है, मगर उसके आने का हवाला पहले ज़ोर देने और कहानी में उसके तार्रूफ़ में मदद करने के लिए दिया गया है। आपकी ज़बान में ऐसा करने का मुख़्तलिफ़ तरीका हो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “अरमतियाह का यूसुफ़ इज़्ज़तदार शख्स था” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)

Ἰωσὴφ ὁ ἀπὸ Ἁριμαθαίας

अरमतियाह का यूसुफ़। यूसुफ़ एक आदमी का नाम है, और अरमतियाह उस जगह का नाम है वो जहाँ का है। (देखें:INVALID translate/writing-participants)

εὐσχήμων βουλευτής…τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ

यह यूसुफ़ के बाबत पेस मंजरी मालूमात है। (देखें:INVALID translate/translate-names)

εἰσῆλθεν πρὸς τὸν Πειλᾶτον

पिलातुस के पास गया या “वहाँ गया जहाँ पिलातुस था”

ᾐτήσατο τὸ σῶμα τοῦ Ἰησοῦ

इसे वाज़े तौर पर बयान किया जा सकता है कि वह जिस्म को लेना चाहता था ताकि वह उसे दफ़्न कर सके” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:44

ὁ δὲ Πειλᾶτος ἐθαύμασεν εἰ ἤδη τέθνηκεν; καὶ προσκαλεσάμενος τὸν κεντυρίωνα

पीलातुस ने लोगों को कहते सुना था कि यिसू मर चुका था। इससे वह हैरान हुआ, पस वह सूबेदार से पूछा कि अगर यह सच था। इसे वाज़ेह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमाः “पीलातुस हैरान था जब उसने सुना कि यिसू पहले ही मर चुका है, पस उसने सूबेदार को बुलाया” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)

Mark 15:45

ἐδωρήσατο τὸ πτῶμα τῷ Ἰωσήφ

वह यूसुफ़ को येसू का जिस्म लेने की इजाज़त दिया

Mark 15:46

σινδόνα

महीन चादर एक कपड़ा है जो सन के पौदे के रेशे से बना है। देखें आपने इसे मरकुस 14:51 में किस तरह तर्जुमा किया है।

καθελὼν αὐτὸν…καὶ προσεκύλισεν λίθον

आपको यह वाज़ेह करने की ज़रूरत हो सकती है कि यूसुफ़ शायद दूसरों की मदद लिया था जब उसने येसू के जिस्म को सलीब से नीचे उतारा, कब्र के लिए तैयार किया, और कब्र को बन्द किया। मुतबादिल तर्जुमा : “वह और दूसरों ने उसे उतारा ... पत्थर लुढ़का दिया” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

μνήματι ὃ ἦν λελατομημένον ἐκ πέτρας

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक कब्र जिसे किसी ने पहले से चट्टान में खोद रखा था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

λίθον ἐπὶ

एक बड़ा चौरस पत्थर सामने

Mark 15:47

Ἰωσῆτος

यह योसेस वह शख़्स नहीं था जैसा येसू का छोटा भाई। देखें कि आपने इसे मरकुस मरकुस 6:3 में किस तरह तर्जुमा किया है।

ἐθεώρουν ποῦ τέθειται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वह जगह जहाँ यूसुफ़ और दूसरों ने येसू के जिस्म को दफ़्न किया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 16

मरकुस 16 आम हाशिये

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वुरात

कब्र

वह कब्र लिसमें येसू को दफ़्न किया गया था (मरकुस 15:46) इस क़िस्म का कब्र था जिसमें दौलतमन्द ख़ानदानों के यहूदी अपने मुर्दे दफ़्न करते थे। यह पहाड़ में काटा गया एक असली क़बर था। इसमें पास में एक चौरस जगह थी जहाँ वो जिस्म को तेल और मसाले लगाने के बाद रख सकते थे और कपड़े में लपेटते थे। फिर वो उस कब्र के सामने एक बड़ा पत्थर लुढ़का देते थे ताकि कोई अन्दर देख या दाख़िल न हो सके।

इस बाब में दूसरे तर्जुमे के मुश्किलात

सफ़ेद लिबास में मुलब्बस एक नौजवान आदमी

मत्ती, मरकुस, लूका, और यूहन्ना सब ने सफ़ेद लिबास में औरतों के साथ येसू के कब्र पर फ़रिश्तों की बाबत लिखा। मुसन्निफ़ीन में से दो ने उनको मर्द कहा, मगर वो इस वजह से कि वो इन्सानी शक्ल में थे। मुसन्निफ़ीन में से दो ने दो फिरिश्तों की बाबत लिखा, मगर दूसरे दो मुसन्निफ़ीन ने उनमें से एक की बाबत लिखा। इन में से हर एक वाक़िये को जिस तरह वो ULT में ज़ाहिर होते हैं इबारत को ऐसा बनाने की कोशिश के बगैर सब बिल्कुल एक ही बात कहें, तर्जुमा करना सबसे बेहतर है। (देखें: मत्ती 28:1-2 and मरकुस 16:5 and लूका 24:4 and यूहन्ना 20:12)

Mark 16:1

हफ़्ते के पहले रोज़, औरतें जल्दी आईं क्योंकि वो येसू के जिस्म को मसाले से मसह करने की तवक़क़ो करती हैं। वो एक नौजवान आदमी को देखकर हैरान हैं जो उन्हें बताता है कि येसू ज़िन्दा है, मगर वो ख़ौफ़ज़दा हैं और किसी को नहीं बतातीं

καὶ διαγενομένου τοῦ Σαββάτου

वह है, सब्त के बाद, हफ़्ते का सातवां रोज़, ख़त्म हुआ था और हफ़्ते का पहला रोज़ शुरू हुआ था।

Mark 16:4

ἀποκεκύλισται ὁ λίθος

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “किसी ने पत्थर लुढ़का दिया था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

Mark 16:6

ἠγέρθη

फ़रिश्ता ताकीदी से बयान कर रहा है कि येसू मुर्दों में से जी उठा है। इसका तर्जुमा ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “वो उठ गया है!” या “ख़ुदा ने उसे मौत से उठा दिया है!” या “उसने ख़ुद को मौत से उठा दिया है!” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)