Colossians
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कुलुस्सियों का ता’अर्रुफ़
हिस्सा 1: ‘आम ता’अर्रुफ़
कुलुस्सियों की किताब का ख़ाका
- सलाम, शुक्र और दु’आ (1:1-12)
- मसीह के शख़्स और काम
- नजात और छुटकारा(1:13-14)
- मसीह: पोशीदा ख़ुदा की तस्वीर, और वह जो पूरी मख़लूक़ात पर ग़ालिब है (1:15-17)
- मसीह कलीसिया का सिर है, और कलीसिया उस पर यक़ीन करती है (1:18-2:7)
- इमानदारी की आज़माइश
- झूठे उस्तादों के ख़िलाफ़ इन्तिबाह (2:8-19)
- सच्ची दीनदारी शख़्त क़ानून और अटूट रिवायतें नहीं हैं (2:20-23)
- ता’लीम और ज़िन्दगी
- मसीह में ज़िन्दगी(3:1-4)
- पुरानी और नयी ज़िन्दगी(3:5-17)
- मसीही ख़ानदान (3:18-4:1)
- मसीही सुलूक (4:2-6)
- ख़ात्मा और सलाम
- पौलुस तुख़िकुस और उनेसमुस का शुक्र करता है (4:7-9)
- पौलुस अपने साथियों से सलाम भेजता है (4:10-14)
- पौलुस लौदीकिया में अर्ख़िप्पुस और मसीही लोगों को हिदायात देता है (4:15-17)
- पौलुस का ज़ाती सलाम (4:18)
कुलुस्सियों की किताब किसने लिखी?
पौलुस ने कुलुस्सियों की किताब लिखी। पौलुस तरसुस शहर से था। वह अपनी शुरु’आती ज़िन्दगी में शाऊल की शक्ल में जाना जाता था। मसीही बनने से पहले, पौलुस एक फ़रीसी था। उसने मसीही लोगों को सताया। मसीही बनने के बा’द, उसने पूरे रोमी सल्तनत में यिसू’ के बारे में लोगों को बताते हुए कई बार सफ़र किया।
पौलुस ने यह ख़त रोम के क़ैदख़ाने में रहते हुए लिखा।
कुलुस्सियों की किताब किस बारे में है?
पौलुस ने यह ख़त एशिया माइनर के शहर कुलुस्से में ईमानदारों को लिखा। इस ख़त का ख़ास मक़सद झूठे उस्तादों के ख़िलाफ़ ख़ुशख़बरी का बचाव करना था। उसने यिसू’ की ता’रीफ ख़ुदा की तस्वीर, सभी चीज़ों को क़ाइम रखने वाला, और कलीसिया के सिर के तौर पर करते हुए ऐसा किया। पौलुस उन्हें समझाना चाहा कि ख़ुदा के नज़दीक उनको क़ुबूल करने के लिए सिर्फ़ मसीह की ज़रूरत है।
इस किताब के उनवान का तर्जुमा कैसा होना चाहिए?
मुतर्जिमीन अपने रिवायती उनवान “कुलुस्सियों” के ज़रिए’ इस किताब को पुकारना चुन सकते हैं। या वे एक वाज़ेह उनवान को चुन सकते हैं, जैसे “कुलुस्से में कलीसिया के लिए पौलुस का ख़त,” या “कुलुस्से में मसीही लोगों के लिए एक ख़त।”(देखें: INVALID translate/translate-names)
हिस्सा 2: ख़ास मज़हबी और सक़ाफ़ती तसव्वुरात
कौन से मज़हबी मसाएल थे जिनसे कुलुस्से में कलीसिया जद्द-ओ-जहद कर रही है?
कुलुस्से की कलीसिया में, झूठे उस्ताद थे। उनकी सहीह ता’लीम ना-मा’लूम है। लेकिन उन्होंने शायद अपने पैरोकारों को फ़रिश्तों की ‘इबादत करना और मज़हबी तक़ारीब के बारे में सख्त क़वानीन की पाबन्दी करना सिखाया। उन्होंने शायद यह भी सिखाया कि किसी शख़्स का ख़तना किया जाना ज़रूरी है और सिर्फ़ कुछ ख़ास क़िस्म का खाना खा सकता है। पौलुस ने कहा कि ये ग़लत ता’लीमात इन्सानों के ज़हन से आई हैं न कि ख़ुदा से।
पौलुस ने आसमान और ज़मीन का तसव्वुर का इस्ते’माल कैसे किया?
इस ख़त में, पौलुस अक्सर आसमान को “ऊपर” कहता है। उसने इसे ज़मीन से मुमताज़ किया, जिसे पाक कलाम “नीचे” होने की बात करता है। इस तसव्वुर का मक़सद मसीही लोगों को इस तरह से जीना सिखाना था जो ऊपर आसमान में रहने वाले ख़ुदा की ‘इज़्ज़त करते हैं। पौलुस यह नहीं सिखा रहा है कि ज़मीन या जिस्मानी दुनिया बुरी है। (देखें: बुराई, बदकार, बदकारी )
हिस्सा 3: तर्जुमे के ख़ास मसाएल
कैसे “पाक” और “तक़दीस” ख़यालात को ULT में कुलुस्सियों में ज़ाहिर किया गया है?
सहीफ़े मुख़तलिफ़ अल्फ़ाज़ में से किसी एक को इशारा करने के लिए ऐसे अल्फ़ाज़ का इस्ते’माल करते हैं। इस वजह से, मुतर्जमीन के लिए अक्सर उनके वर्ज़न में उनका अच्छी तरह से पेश करना मुश्किल होता है। कुलुस्सियों में, ये अल्फ़ाज़ ‘आमतौर पर मसीही लोगों के लिए उनके ज़रिए’ भरे गये किसी ख़ास किरदार के बगैर एक सादा हवाले का इशारा देते हैं। इसलिए ULT में कुलुस्सियों “ईमानदारों” या “वो लोग जो उस पर यक़ीन करते हैं” का इस्ते’माल करता है।” (देखें: 1:2, 12, 26)
क्या यिसू’ पैदा किया हुआ था या वह अबदी है?
यिसू’ एक पैदा किया हुआ नहीं था, लेकिन हमेशा ख़ुदा की हैसियत से मौजूद रहा। यिसू’ एक इंसान भी बन गया। कुलुस्सियों 1:15 में उलझन का इम्कान है जहाँ वह कहता है कि यिसू’ “सारी तख़लीक़ का पहलौठा है।” इस बयान का मतलब है कि यिसू’ तमाम मख़लूक़ात पर ग़ालिब है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह पहली चीज़ थी जिसे ख़ुदा ने बनाया था। तर्जुमा करने वालों को होशियार होना चाहिए तक़लीद न दें कि यिसू’ एक तख़लीक़ सुदा वजूद है।
पौलुस का इज़हार “मसीह में”, “ख़ुदावन्द में”, वग़ैरह से क्या मतलब है?
पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ बहुत क़रीबी रिश्ते के ख़याल का इज़हार करना था। इस तरह के इज़हार के बारे में मज़ीद तफ्सीलात के लिए रोमियों की किताब का ता’अर्रुफ़ देखें।
कुलुस्सियों की किताब की मतन में ख़ास मसाएल क्या हैं?
मुन्दर्जा ज़ेल आयात के लिए, किताब-ए-मुक़द्दस के कुछ जदीद वर्ज़न पुराने वर्ज़न से मुख़तलिफ़ हैं। ULT तहरीर में जदीद पढ़ाई है और पुरानी पढ़ाई को हाशिये में रखा गया है। अगर किताब-ए-मुक़द्दस का तर्जुमा ‘आम इलाक़े में मौजूद है, तो मुतर्जमीन को उन वर्ज़न में पाई गई पढ़ाई का इस्ते’माल करने पर ख़याल करना चाहिए। अगर नहीं, तो मुतर्जमीन को जदीद पढ़ाई का ‘अमल करने का मशविरा दिया जाता है।
- “हमारे बाप ख़ुदा की तरफ़ से तुम पर फ़ज़ल और सलामती हो” (1: 2)। कुछ पुराने वर्ज़न में तवील पढ़ाई होती है: हमारे बाप ख़ुदा और ख़ुदावन्द यिसू’ मसीह की तरफ़ से तुमको फ़ज़ल और सलामती”
- “इपफ़्रास, “हमारा अज़ीज़ साथी ख़ादिम, जो हमारी तरफ़ से मसीह का वफ़ादार ख़ादिम है” (1:7)। कुछ पुराने वर्ज़न “तुम्हारे लिए” पढ़ते हैं: “इपफ़्रास, हमारा अज़ीज़ साथी ख़ादिम, तुम्हारे लिए मसीह का एक वफ़ादार ख़ादिम है।”
- “बाप, जिसने तुमको नूर में ईमानदारों की मीरास में हिस्सेदारी करने के क़ाबिल बनाया है।” (1:12)। कुछ पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं, “बाप, जिसने हमें नूर में मीरास में हिस्सेदारी के क़ाबिल बनाया है।”
- “उसके बेटे में हमें नजात हासिल है” (1:14)। कुछ पुराने वर्ज़न में लिखा है, “उसके बेटे में हमें उसके ख़ून के ज़रिए’ से नजात हासिल है।”
- “और हमारे सभी गुनाहों को मु’आफ़ कर दिया” (2:13)। कुछ पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं: “और तुम्हारे सभी गुनाहों को मु’आफ़ कर दिया।”
- “मसीह जब ज़ाहिर होता है, जो तुम्हारी ज़िन्दगी है” (3:4)। कुछ पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं, “मसीह जब ज़ाहिर होता है, जो हमारी ज़िन्दगी है।”
- “यह इन चीज़ों के लिए है कि ख़ुदा का ग़ज़ब नाफ़रमानी के फ़रज़न्दों पर आ रहा है” (3: 6)। ULT, UST और कई दीगर जदीद वर्ज़न इस तरह से पढ़ते हैं। हालांकि, कुछ जदीद और पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं, “यह इन चीज़ों के लिए है कि ख़ुदा का ग़ज़ब आ रहा है।”
- “मैंने उसे तुम्हारे पास इसलिए भेजा, कि तुम हमारे बारे में मामलात को जान सको” (4:8)। कुछ पुराने वर्ज़न में पढ़ते हैं, “मैंने उसे तुम्हारे पास इसलिए भेजा, कि वह तुम्हारे बारे में मामलात को जान सके।”
(देखें: INVALID translate/translate-textvariants )
Colossians 1
कुलुस्सियों 01 ‘आम नुक़ते
साख़्त और वज़ाकारी
एक ‘आम ख़त की तरह, पौलुस तीमुथियुस और ख़ुद का ता’अर्रुफ़ करते हुए आयत 1-2 में अपने ख़त की शुरु’आत करता है।
पौलुस इस बाब का ज़्यादातर हिस्सा दो मज़मूनों के गिर्द लिखता है: मसीह कौन है, और मसीह ने मसीही लोगों के लिए क्या किया है।
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
पोशीदा सच
पौलुस इस बाब में एक “पोशीदा सच” का हवाला देता है। ख़ुदा के मन्सूबों में कलीसिया का किरदार एक बार ना-मा’लूम था। लेकिन ख़ुदा ने अब इसका इन्किशाफ़ कर दिया है। इसका एक हिस्सा ख़ुदा के मन्सूबों में यहूदियों के साथ बराबर हैसियत रखने वाली ग़ैर-क़ौमों को शामिल करता है। (देखें: ज़ाहिर करना, ज़ाहिर करना, ज़ाहिर किया, मुकाशिफ़ा )
इस बाब में ख़ास अजज़ा-ए-कलाम
मसीही ज़िन्दगी के लिए तसावीर
पौलुस मसीही ज़िन्दगी का ज़िक्र करने के लिए कई मुख़तलिफ़ तसावीर का इस्ते’माल करता है। इस बाब में, वह “चलना” और “फल देना” की तसावीर का इस्ते’माल करता है। (देखें: फल, फलों, फलदार, बेफल )
इस बाब में तर्जुमे की दीगर मुम्किन मुश्किलात
तज़ाद
एक तज़ाद एक सच्चा जुमला है जो कुछ नामुम्किन का ज़िक्र करता ज़ाहिर होता है। आयत 24 एक तज़ाद है: “अब मैं तुम्हारे लिए अपनी मुसीबतों में ख़ुश हूँ।” परेशान होने पर लोग अमूमन ख़ुश नहीं होते हैं। लेकिन आयत 25-29 में पौलुस वज़ाहत करता है कि उसकी मुसीबत अच्छी क्यों है। ([कुलुस्सियों 1:24] (../../col/01/24.md))
Colossians 1:1
हालाँकि यह ख़त पौलुस और तीमुथियुस की तरफ़ से कुलुस्से के ईमानदारों के लिए है, लेकिन बा’द में ख़त में पौलुस वाज़ेह करता है कि वह मुसन्निफ़ हैं। सबसे ज़्यादा मुम्किन था कि तीमुथियुस उसके साथ था और पौलुस ने जो अल्फ़ाज़ बोले थे, उन्हें लिख दिया। इस ख़त के दौरान “हम,” “हमारे”, और “हमारे” जैसे अल्फ़ाज़ में कुलुस्सियों शामिल हैं, जब तक कि दूसरी सूरत में कलमबन्द न किया जाए। अल्फ़ाज़ “तुम,” “तुम्हारा,” और “तुम्हारा” कुलुस्से के ईमानदारों का हवाला देते हैं और इसलिए जमा’ हैं जब तक कि दूसरी सूरत में कलमबन्द न किया जाए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive और INVALID translate/figs-you)
ἀπόστολος Χριστοῦ Ἰησοῦ διὰ θελήματος Θεοῦ
जिसे ख़ुदा ने मसीह यिसू’ का रसूल होने के लिए चुना
Colossians 1:3
εὐχαριστοῦμεν…τοῦ Κυρίου ἡμῶν…πάντοτε
इन अल्फ़ाज़ में कुलुस्सियों शामिल नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
Colossians 1:4
ἀκούσαντες
पौलुस अपने सामा’ईन को बाहर कर रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
τὴν πίστιν ὑμῶν ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
मसीह यिसू’ में आपका ईमान
Colossians 1:5
διὰ τὴν ἐλπίδα τὴν ἀποκειμένην ὑμῖν ἐν τοῖς οὐρανοῖς
यहाँ “यक़ीनी उम्मीद” का मतलब है कि रास्तबाज़ ख़ुद’ऐतमाद से क्या उम्मीद कर सकता है, या’नी, उन चीज़ों को जो ख़ुदा ने तमाम ईमानदारों के लिए करने का वा’दा किया है। इन चीज़ों के बारे में बात की जाती है गोया वे जिस्मानी चीज़ें थीं जिन्हें ख़ुदा ईमानदारों को बा’द में देने के लिए आसमान में रख रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि तुम यक़ीनी हो कि ख़ुदा, जो आसमान में है, कई अच्छे काम करेगा जो उसने तुमसे वा’दा किया है” (देखें INVALID translate/figs-metonymy)
τῷ λόγῳ τῆς ἀληθείας, τοῦ εὐαγγελίου
मुम्किन मतलब हैं 1) “सच के बारे में पैग़ाम, ख़ुशख़बरी” या 2) “सच्चा पैग़ाम, ख़ुशख़बरी।”
Colossians 1:6
ἐστὶν καρποφορούμενον καὶ αὐξανόμενον
यहाँ फल “नतीजा” या “अन्जाम” के लिए एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस ख़ुशख़बरी के अच्छे नताइज मिल रहे हैं, ज़्यादा से ज़्यादा” या “इस ख़ुशख़बरी के बढ़ते हुए नताइज बरामद हो रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν παντὶ τῷ κόσμῳ
यह दुनिया के उस हिस्से को ‘आम करने का हवाला है, जिसके बारे में वे जानते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनिया भर में” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
τὴν χάριν τοῦ Θεοῦ ἐν ἀληθείᾳ
ख़ुदा का सच्चा फ़ज़ल
Colossians 1:7
ἡμῶν…ἡμῶν
लफ़्ज़ “हमारे” में कुलुस्सियों शामिल नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἐμάθετε ἀπὸ Ἐπαφρᾶ, τοῦ ἀγαπητοῦ συνδούλου ἡμῶν, ὅς
ख़ुशख़बरी। यह वही है जो तुमने इपफ़्रास से सीखा है, जो हमारा अज़ीज़ साथी ख़ादिम है और जो या “ख़ुशख़बरी। यह वही है जो हमारे ‘अज़ीज़ साथी ख़ादिम इपफ़्रास ने तुमको सिखाया है। वह”
Ἐπαφρᾶ, τοῦ ἀγαπητοῦ συνδούλου ἡμῶν, ὅς ἐστιν πιστὸς ὑπὲρ ἡμῶν διάκονος τοῦ Χριστοῦ
यहाँ “हमारी ओर से” का मतलब है कि इपफ़्रास मसीह के लिए काम कर रहा था जो कि पौलुस ने ख़ुद किया होता अगर वह क़ैदख़ाने में नहीं होता।
Ἐπαφρᾶ
वह आदमी जिसने कुलुस्से में लोगों को ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान किया (देखें: INVALID translate/translate-names)
Colossians 1:8
ἡμῖν
“हमें” लफ़्ज़ में कुलुस्सियों शामिल नहीं है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
τὴν ὑμῶν ἀγάπην ἐν Πνεύματι
पौलुस पाक रूह की बात करता है गोया वह एक ऐसा मक़ाम था जिसमें ईमानदार लोग क़ायम थे। मुतबादिल तर्जुमा: “कैसे पाक रूह ने तुमको ईमानदारों से मुहब्बत करने के लिए क़ाबिल बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:9
क्योंकि रूह ने उन्हें दूसरों से मुहब्बत करने के लिए क़ाबिल बनाया है, पौलुस उनके लिए दु’आ करता है और उन्हें बताता है यहाँ वह उनके लिए कैसे दु’आ करता है।
διὰ τοῦτο
क्योंकि पाक रूह ने तुमको दीगर ईमानदारों से मुहब्बत करने के क़ाबिल बनाया है
ἡμεῖς…ἠκούσαμεν…καὶ αἰτούμενοι
लफ़्ज़ “हम” में कुलुस्सियों शामिल नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἀφ’ ἧς ἡμέρας ἠκούσαμεν
जिस दिन से इपफ़्रास ने हमें ये बातें बताई हैं
ἵνα πληρωθῆτε τὴν ἐπίγνωσιν τοῦ θελήματος αὐτοῦ
पौलुस कुलुस्से के ईमानदारों की बात करता है गोया वे डिब्बे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “यह कि ख़ुदा तुमको उससे भरेगा जो तुमको जानने की ज़रूरत है ताकि तुम उसकी ख़्वाहिश पूरी कर सको” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν πάσῃ σοφίᾳ καὶ συνέσει πνευματικῇ
, ताकि पाक रूह तुमको ‘अक़्लमन्द बना दे और यह समझने के क़ाबिल हो कि ख़ुदा तुमसे क्या करवाना चाहता है
Colossians 1:10
περιπατῆσαι
लफ़्ज़ “हम” में कुलुस्सियों शामिल नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
περιπατῆσαι ἀξίως τοῦ Κυρίου
यहाँ घूमना ज़िन्दगी में सुलूक का अलामत है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम दु’आ कर रहे हैं कि जिस तरह से ख़ुदा तुमसे उम्मीद करेगा, तुम वैसे ही रहोगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
εἰς πᾶσαν ἀρεσκείαν
उन तरीक़ों से जो ख़ुदावन्द को ख़ुश करेंगे
καρποφοροῦντες
पौलुस कुलुस्से के ईमानदारों की बात कर रहा है गोया वे पेड़ या पौदे थे। जैसा कि एक पौदा बढ़ता है और फलता है, इसलिए ईमानदारों को भी ख़ुदा को बेहतर जानने और अच्छे ‘अमल करने के लिए हासिल करना है (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:11
δυναμούμενοι
लफ़्ज़ “हम” पौलुस और तीमुथियुस का हवाला देता है लेकिन कुलुस्सियों को नहीं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
εἰς πᾶσαν ὑπομονὴν καὶ μακροθυμίαν
पौलुस कुलुस्से के ईमानदारों की बात करता है गोया ख़ुदा उन्हें साबितक़दमी और सब्र के मक़ाम पर ले जाएगा। हक़ीक़त में, वह दु’आ कर रहा है कि वे कभी भी ख़ुदा पर भरोसा करना बंद नहीं करेंगे और वे पूरी तरह से सब्र रखेंगे क्योंकि वे उसकी ‘इज़्ज़त करते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:12
ἱκανώσαντι ὑμᾶς εἰς τὴν μερίδα
तुमको बताने की इजाज़त दी है
ἱκανώσαντι ὑμᾶς
यहाँ पौलुस अपने पढ़ने वालों पर ख़ुदा के फ़ज़ल पाने वाले की शक्ल में तवज्जोह कर रहा है। लेकिन उसका मतलब यह नहीं है कि उन बरकतों में ख़ुद उसका का कोई हिस्सा नहीं है।
τοῦ κλήρου
ख़ुदा ने ईमानदारों से जो वा’दा किया है, उसे हासिल करना इस तरह की बात है गोया कि वह ख़ानदान के किसी फ़र्द से मीरास और दौलत हासिल कर रहा हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν τῷ φωτί
यह ख़याल अगली आयत में अंधेरे की हुकूमत के ख़याल के मुख़्तलिफ़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी मौजूदगी के जलाल में” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:13
पौलुस उन तरीक़ों के बारे में बात करता है जिनमें मसीह शानदार है।
ὃς ἐρρύσατο ἡμᾶς
ख़ुदा ने हमें बचाया है
τῆς ἐξουσίας τοῦ σκότους
यहाँ अंधेरा बुराई का इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो बुरी ताक़तें जिन्होंने हमें क़ाबू किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῦ Υἱοῦ τῆς ἀγάπης αὐτοῦ
फ़र्ज़न्द यिसू’ के लिए एक ख़ास उनवान है, ख़ुदा का फ़र्ज़न्द। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)
Colossians 1:14
ἐν ᾧ
पौलुस अक्सर बोलता है गोया ईमानदार यिसू’ मसीह “में” या ख़ुदा “में” थे। इसे एक नए जुमले की शुरु’आत की शक्ल में तर्जुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसके ज़रिए’ से” या “अपने फ़र्ज़न्द के ज़रिए’ से” या “अपने फ़र्ज़न्द की वजह से” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἔχομεν τὴν ἀπολύτρωσιν, τὴν ἄφεσιν τῶν ἁμαρτιῶν
इस्म “फ़िदिया” और “मु’आफ़ी” का तर्जुमा फ़ा’अल की शक्ल में किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें छुड़ाया जाता है; हमारे गुनाहों को मु’आफ़ कर दिया जाता है” या “ख़ुदा हमें मख़लसी देता है; वह हमारे गुनाहों को मु’आफ़ कर देता है” (देखें: INVALID Translate/figs-abstractnouns)
Colossians 1:15
ὅς ἐστιν εἰκὼν τοῦ Θεοῦ τοῦ ἀοράτου
उसका बेटा पोशीदा ख़ुदा की तस्वीर है। यहाँ “तस्वीर” का मतलब उस चीज़ की रहनुमाई नहीं है जो दिखाई दे रही है। इसके बजाय, यहाँ “तस्वीर” का मतलब है कि फ़र्ज़न्द को जानने के ज़रिए’, हम सीखते हैं कि ख़ुदा बाप किस तरह का है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
πρωτότοκος πάσης κτίσεως
इज़हार “पहलौठा” का ज़िक्र ये नहीं है कि यिसू’ कब पैदा हुआ था। इसके बजाय, यह ख़ुदा बाप के अबदी फ़र्ज़न्द की शक्ल में उनकी हालत का हवाला देता है। इस मतलब में, “पहलौठा” एक इस्ति’आरा मतलब “सबसे ख़ास” है। यिसू’ ख़ुदा का सबसे ख़ास और बेमिशाल फ़र्ज़न्द है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा का बेटा, सारी तख़लीक़ में सबसे ख़ास” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
πάσης κτίσεως
इस्म “तख़लीक़” का तर्जुमा एक फ़े’अल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह सब जिसे ख़ुदा ने ख़ल्क़ किया” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Colossians 1:16
ὅτι ἐν αὐτῷ ἐκτίσθη τὰ πάντα
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि उसके लिए ख़ुदा ने सभी चीज़ों को ख़ल्क़ किया” या “ख़ुदा ने फ़र्ज़न्द को सभी चीज़ों को ख़ल्क़ करने के लिए सबब बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τὰ πάντα δι’ αὐτοῦ καὶ εἰς αὐτὸν ἔκτισται
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। ख़ुदा ने फ़र्ज़न्द को फ़र्ज़न्द की शान के लिए सभी चीज़ों को ख़ल्क़ करने का सबब बनाया। मुतबादिल तर्जुमा: “उसके ज़रिए’ और उसके लिए ख़ुदा ने सभी चीज़ों को ख़ल्क़ किया” या “ख़ुदा ने उसे अपने लिए सभी चीज़ें ख़ल्क़ करने के लिए सबब बनाया” (देखें:)
Colossians 1:17
αὐτός ἐστιν πρὸ πάντων
यह वह है जो सभी चीज़ों से पहले वज़ूद में था
τὰ πάντα ἐν αὐτῷ συνέστηκεν
यहाँ पौलुस फ़र्ज़न्द की बात कर रहा है कि वह तमाम चीज़ों को क़ाबू कर रहा है गोया कि वह जिस्मानी शक्ल से उन्हें एक साथ रखे हुए है। “वह सब कुछ एक साथ रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:18
αὐτός ἐστιν ἡ κεφαλὴ
यिसू’ मसीह, ख़ुदा का फ़र्ज़न्द, सिर है
αὐτός ἐστιν ἡ κεφαλὴ τοῦ σώματος, τῆς ἐκκλησίας
पौलुस कलीसिया पर यिसू’ की हालत के बारे में बात करता है गोया वह इन्सानी जिस्म पर सिर था। जैसे सिर जिस्म पर हुकूमत करता है, वैसे ही यिसू’ कलीसिया पर हुकूमत करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ ἀρχή
बुनियादी इख़्तियार। वह पहला सदर या बानी है।
πρωτότοκος ἐκ τῶν νεκρῶν
यिसू’ मरने वाला और ज़िन्दगी में वापस आने वाला पहला शख़्स है, फिर कभी नहीं मरने के लिए।
Colossians 1:20
διὰ τοῦ αἵματος τοῦ σταυροῦ αὐτοῦ
यिसू’ के सलीब पर ख़ून बहाने के ज़रिए’
τοῦ αἵματος τοῦ σταυροῦ αὐτοῦ
यहाँ “ख़ून” सलीब पर मसीह की मौत का मतलब है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 1:21
पौलुस यह वाज़ेह करता है कि ख़ुदा ने अब यह ज़ाहिर कर दिया है कि मसीह अपनी पाकीज़गी के लिए ग़ैर-क़ौमों के ईमानदारों के गुनाहों का तबादला करता है।
καὶ ὑμᾶς ποτε
एक वक़्त था जब तुम कुलुस्से के ईमानदार भी
ἀπηλλοτριωμένους
ऐसे लोग थे जिन्हें ख़ुदा नहीं जानता था या “ख़ुदा को दूर धकेल दिया था”
Colossians 1:22
παραστῆσαι ὑμᾶς ἁγίους, καὶ ἀμώμους, καὶ ἀνεγκλήτους, κατενώπιον αὐτοῦ
पौलुस कुलुस्सियों का ज़िक्र कर रहा है गोया यिसू’ ने उन्हें जिस्मानी शक्ल से साफ़ किया था, उन्हें साफ़ कपड़े पहनाए, और उन्हें ले जाकर ख़ुदा बाप के सामने खड़ा किया। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἀμώμους, καὶ ἀνεγκλήτους
पौलुस दो अल्फ़ाज़ का इस्ते’माल करता है जिनका मतलब तकमील के ख़याल पर ज़ोर देने के लिए तक़रीबन एक जैसे है। मुतबादिल तर्जुमा: “कामिल” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)
κατενώπιον αὐτοῦ
मक़ाम का इज़हार “ख़ुदा की नज़र में” या “ख़ुदा के ज़हन में” के लिए है (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:23
τοῦ κηρυχθέντος
कि ईमानदारों ने ‘ऐलान किया (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν πάσῃ κτίσει τῇ ὑπὸ τὸν οὐρανόν
दुनिया के हर शख्स को
οὗ ἐγενόμην ἐγὼ Παῦλος διάκονος
पौलुस हक़ीक़त में ख़ुदा का ख़ादिम था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुशख़बरी, जो मैं, पौलुस, ख़ुदा का ‘ऐलान करके ख़ुदा की ख़िदमत करता हूं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 1:24
ἀνταναπληρῶ τὰ ὑστερήματα τῶν θλίψεων τοῦ Χριστοῦ ἐν τῇ σαρκί μου
पौलुस दुख के बारे में बोलता है जिसका वह मुसलसल तजरुबा करता है। हो सकता है वह यहाँ इकरार कर रहा हो कि यहाँ बहुत तकलीफ़ हो रही है कि मसीह के दोबारा आने से पहले उसे और दीगर तमाम मसीही लोगों को बर्दाश्त करना होगा, और यह कि मसीह रूहानी एहसास से इन मुसीबतों का सामना करने में उनके साथ शामिल होता है। पौलुस का यक़ीनी तौर से ये मतलब नहीं है कि अकेले मसीह की मुसीबतें ईमानदारों के लिए नजात देने के लिए काफ़ी नहीं थीं।
ἀνταναπληρῶ…ἐν τῇ σαρκί μου
पौलुस अपने जिस्म के बारे में बात करता है गोया वह एक बर्तन था जो मुसीबत बर्दाश्त कर सकती था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὑπὲρ τοῦ σώματος αὐτοῦ, ὅ ἐστιν ἡ ἐκκλησία
पौलुस अक्सर कलीसिया के बारे में, तमाम मसीही ईमानदारों की जमा’अत की बात करता है, गोया यह मसीह का जिस्म था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 1:25
πληρῶσαι τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
इसका मतलब ख़ुदा की ख़ुशख़बरी के पैग़ाम के मक़सद को सामने लाना है, जो यह है कि इसका ‘ऐलान और ईमान किया जाए। “ख़ुदा का कलाम” यहाँ ख़ुदा की तरफ़ से पैग़ाम का एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने जो हिदायत दी है उसके फ़रमाबरदार होना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 1:26
τὸ μυστήριον τὸ ἀποκεκρυμμένον
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह पोशीदा सच्चाई है जिसे ख़ुदा ने छिपाया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἀπὸ τῶν αἰώνων καὶ ἀπὸ τῶν γενεῶν
“ज़माने” और “नसलें” लफ़्ज़ दुनिया की तख़लीक़ से वक़्त की मुद्दत का ज़िक्र करते हैं जब तक कि ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान नहीं किया गया था।
νῦν…ἐφανερώθη
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अब ख़ुदा ने इसे ज़ाहिर कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Colossians 1:27
τὸ πλοῦτος τῆς δόξης τοῦ μυστηρίου τούτου
पौलुस ख़ुदा के बारे में इस पोशीदा हक़ीक़त की क़ीमत की बात करता है गोया यह मवादी दौलत का ख़जाना था। “दौलत” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Χριστὸς ἐν ὑμῖν
पौलुस ईमानदारों की बात करता है गोया वे हक़ीक़ी बर्तन थे जिसमें मसीह मौजूद है। यह मसीह के साथ ईमानदारों की इत्तेहाद का इज़हार करने के उनके तरीक़ों में से एक है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ ἐλπὶς τῆς δόξης
इसलिए तुम ‘ऐतमाद के साथ ख़ुदा के जलाल में शरीक होने की उम्मीद कर सकते हो
Colossians 1:28
ἡμεῖς καταγγέλλομεν, νουθετοῦντες…διδάσκοντες…παραστήσωμεν
इन अल्फ़ाज़ में कुलुस्सियों शामिल नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
νουθετοῦντες πάντα ἄνθρωπον
हम सभी को इन्तिबाह करते हैं
ἵνα παραστήσωμεν πάντα ἄνθρωπον
तुमको यह वाज़ेह करने की ज़रूरत हो सकती है कि वे किस शख़्स को पेश करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि हम ख़ुदा को हर शख़्स को पेश कर सकें” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
τέλειον
मुकम्मल होना रूहानी शक्ल से पुख़्ता होने का एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “रूहानी शक्ल से पुख़्ता” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2
कुलुस्सियों 02 ‘आम नुक़ते
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
ख़तना और बपतिस्मा
आयात 11-12 में, पौलुस पुराने ‘अहदनामे का निशान ख़तना और नये ‘अहदनामे का निशान बपतिस्मा दोनों का इस्ते’माल करता है ताकि ये ज़ाहिर किया जा सके मसीही किस तरह मसीह के साथ मुत्तहद और गुनाह से आज़ाद किए गए हैं।
इस बाब में तर्जुमे की दीगर मुम्किन मुश्किलात
जिस्म
यह एक पेचीदा मसला है। “जिस्म” मुम्किन तौर पर हमारी गुनाह गार फ़ितरत का इस्ति’आरा है। पौलुस यह नहीं सिखा रहा है कि इन्सान का जिस्मानी हिस्सा गुनाहआलूदा है। पौलुस यह सिखाता हुआ ज़ाहिर होता है कि, जबकि मसीही ज़िन्दा हैं (“जिस्म में”), हम गुनाह करते रहेंगे। लेकिन हमारी नई फ़ितरत हमारे पुरानी फ़ितरत के ख़िलाफ़ लड़ रही होगी। जिस्मानी बदन का हवाला देने के लिए पौलुस इस बाब में “जिस्म” का भी इस्ते’माल करता है।
ना-ज़ाब्ता मा’लूमात
पौलुस इस बाब में कई मसाएल का ज़िक्र करता है जो कुलुस्से में कलीसिया के बारे में मा’लूमात देते हैं। मतन को हक़ीक़ी तफ़्सीलात पर ग़ैर-यक़ीनी रहने की इजाज़त देना सबसे अच्छा है। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Colossians 2:1
पौलुस कुलुस्से और लौदीकिया में ईमानदारों को यह समझने के लिए मुसलसल हौसला अफ़्ज़ाई करता है कि मसीह ख़ुदा है और वह ईमानदारों में रहता है, इसलिए उन्हें उसी तरह से जीना चाहिए जैसे उन्होंने उसे हासिल किया।
ἡλίκον ἀγῶνα ἔχω ὑπὲρ ὑμῶν
पौलुस ने ख़ुशख़बरी को समझने और उनकी पाकीज़गी को बढ़ाने में बहुत ज़्यादा कोशिश की है।
τῶν ἐν Λαοδικίᾳ
यह कुलुस्से के बहुत क़रीब एक शहर था जहाँ एक कलीसिया भी थी जिसके लिए पौलुस दु’आ कर रहा था।
ὅσοι οὐχ ἑόρακαν τὸ πρόσωπόν μου ἐν σαρκί
यहाँ “जिस्म में चेहरा” एक मज़मू’ई तौर पर शख़्स की नुमाइनदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे सभी जिन्होंने मुझे कभी ज़ाती तौर से नहीं देखा” या “वे सभी जिन्हें मैं कभी रू-ब-रू नहीं मिला” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Colossians 2:2
ἵνα…αἱ καρδίαι αὐτῶν
अगरचे वह एक अलग ज़मीर का इस्ते’माल करता हो, पौलुस गलातियों को शामिल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि उनका दिल और तुम्हारा” (देखें: INVALID translate/figs-pronouns)
συμβιβασθέντες
इसका मतलब है एक दूसरे के साथ क़रीबी ता’अल्लुकात में लाये गए।
πᾶν πλοῦτος τῆς πληροφορίας τῆς συνέσεως
पौलुस एक ऐसे शख़्स की बात करता है जो पूरी तरह से यक़ीनी है कि अच्छी ख़बर सच है गोया वह शख़्स जिस्मानी चीज़ों से मालामाल था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῦ μυστηρίου τοῦ Θεοῦ
यह वह ‘इल्म है जो सिर्फ़ ख़ुदा के ज़रिए’ ज़ाहिर किया जा सकता है।
Χριστοῦ
यिसू’ मसीह ख़ुदा के ज़रिए’ ज़ाहिर पोशीदा सच्चाई है।
Colossians 2:3
ἐν ᾧ εἰσιν πάντες οἱ θησαυροὶ τῆς σοφίας καὶ γνώσεως ἀπόκρυφοι
सिर्फ़ मसीह ही ख़ुदा के सच्चे ‘इल्म-ओ-‘इरफ़ान को ज़ाहिर कर सकता है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मसीह में ‘इल्म-ओ-‘इरफ़ान के सभी ख़ज़ाने छिपाए हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
οἱ θησαυροὶ τῆς σοφίας καὶ γνώσεως
पौलुस ख़ुदा के ‘इल्म-ओ-‘इरफ़ान की बात करता है गोया वे जिस्मानी दौलत थे। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत क़ीमती ‘इल्म-ओ-‘इरफ़ान” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τῆς σοφίας καὶ γνώσεως
इन अल्फ़ाज़ का मतलब बुनियादी तौर से यहाँ एक ही बात है। पौलुस उनका इस्ते’माल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि सभी रूहानी समझ मसीह से आती हैं। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
Colossians 2:4
παραλογίζηται
इसका मतलब है कि कोई शख़्स किसी ऐसी चीज़ पर ईमान करने का सबब बनता है जो सच नहीं है, इसलिए वह उस ईमान पर ‘अमल करता है, और नतीजतन नुक़सान उठाता है।
πιθανολογίᾳ
ऐसी तक़रीर जो एक शख़्स को मुख़्तलिफ़ तरह से सोचने पर मज़बूर करेगी
Colossians 2:5
τῇ σαρκὶ ἄπειμι
इन्सान का जिस्म, या जिस्मानी बदन, शख़्स के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे साथ जिस्मानी शक्ल में मौजूद नहीं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τῷ πνεύματι σὺν ὑμῖν εἰμι
रूह में किसी के साथ होना उस शख़्स के बारे में मुसलसल सोचने का एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं मुसलसल तुम्हारे बारे में सोचता हूं” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
τὴν τάξιν
चीज़ों को ठीक से करना
τὸ στερέωμα…πίστεως ὑμῶν
किस तरह कुछ भी नहीं और कोई भी तुमको ईमान करने से रोक नहीं सकता है
Colossians 2:6
ἐν αὐτῷ περιπατεῖτε
एक राह पर चलना एक इस्ति’आरा है कि कोई शख़्स अपनी ज़िन्दगी कैसे जीता है। अल्फ़ाज़ “उस में” मसीह के साथ क़रीबी ता’अल्लुक़ होने का ज़िक्र करते हैं और ऐसा करने से उसे ख़ुशी होती है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी ज़िन्दगी को उस तरह से जिएँ जैसे वह तुमको चाहता है” या “जिएँ ताकि लोग यह देख सकें कि तुम उससे मुतअल्लिक़ हो” (देखें INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:7
ἐρριζωμένοι…ἐποικοδομούμενοι…βεβαιούμενοι…περισσεύοντες
ये अल्फ़ाज़ समझाते हैं कि इसका मतलब क्या है “उस में चलना।” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ἐρριζωμένοι…ἐν αὐτῷ
पौलुस मसीह में सच्चे ईमान के साथ एक शख़्स की बात करता है गोया वह शख़्स गहरी जड़ों के साथ सख़्त ज़मीन में उगने वाला दरख़्त था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐποικοδομούμενοι ἐν αὐτῷ
पौलुस मसीह में सच्चे ईमान के साथ एक शख़्स की बात करता है गोया वह शख़्स एक ‘इमारत थी जिसकी एक मज़बूत बुनियाद है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
βεβαιούμενοι τῇ πίστει
हर चीज़ के लिए यिसू’ पर यक़ीन करो
καθὼς ἐδιδάχθητε
यह तख़ल्लुस के बगैर या उस्ताद पर ध्यान देने के बगैर सबसे अच्छा कहा गया है, जो इपफ़्रास ([कुलुस्सियों 1: 7] (../ 01 / 07.md) था। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा तुमने सीखा वैसा ही” या “जैसा उन्होंने तुमको सिखाया वैसा ही” या “जैसा उन्होंने तुमको सिखाया है”
περισσεύοντες ἐν εὐχαριστίᾳ
पौलुस शुक्रगुज़ारी की बात करता है गोया यह ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें एक शख़्स ज़्यादा हासिल कर सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के लिए बहुत शुक्रगुज़ार रहें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:8
पौलुस ईमानदारों से गुज़ारिश करता है कि वे होशियार रहें कि वे दूसरों के अल्फ़ाज़ और क़वानीन की ओर न जाएं क्योंकि कुछ भी ख़ुदा की उस मा’मूरी में इज़ाफ़ा नहीं कर सकता है जो ईमानदारों के पास मसीह में है।
βλέπετε
यक़ीनी करें कि
ὑμᾶς ἔσται ὁ συλαγωγῶν
जिस तरह से कोई शख्स झूठी ता’लीमों पर भरोसा कर सकता है (क्योंकि वे झूठी बातों पर भरोसा करते हैं या ग़लत चीज़ों से मुहब्बत करते हैं) गोया कि किसी ने ज़बरदस्ती उस शख्स को जिस्मानी तौर से पकड़ा हो और उसे रख लिया हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τῆς φιλοσοφίας
मज़हबी अक़ीदे और ख़यालात जो ख़ुदा के कलाम से नहीं हैं, बल्कि ख़ुदा और ज़िन्दगी के बारे में इन्सान के ख़यालात पर मुनहस्सिर हैं
κενῆς ἀπάτης
पौलुस झूठे ख़यालात की बात करता है जो कुछ भी पैदा नहीं करते हैं और बगैर क़ीमत के हैं गोया वे उनमें ख़ाली डिब्बे हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὴν παράδοσιν τῶν ἀνθρώπων…τὰ στοιχεῖα τοῦ κόσμου
यहूदी रिवायतें और बुतपरस्त (ग़ैर-क़ौमें) दोनों के ईमान के निज़ाम बेकार हैं। “दुनिया की ताक़तें” शायद बुरी रूहों का हवाला देते हैं जो दुनिया पर हुकूमत करने का दा’वा करते थे और जो लोगों के ज़रिए’ मुहब्बत किए जाते थे। लेकिन कुछ तर्जुमान “दुनिया के ताक़तों” को दुनिया के बारे में लोगों की बुनियादी ता’लीमात की शक्ल में देखते हैं।
Colossians 2:9
ἐν αὐτῷ κατοικεῖ πᾶν τὸ πλήρωμα τῆς Θεότητος σωματικῶς
ख़ुदा की तमाम फ़ितरत मसीह में जिस्मानी शक्ल में रहती है
Colossians 2:10
ἐστὲ ἐν αὐτῷ πεπληρωμένοι
पौलुस लोगों की बात करता है गोया वे बर्तन थे जिसमें ख़ुदा ने मसीह को रखा है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम मसीह में कामिल हो गए हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὅς ἐστιν ἡ κεφαλὴ πάσης ἀρχῆς καὶ ἐξουσίας
मसीह हर दूसरे हाकिम पर हाकिम है (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:11
ἐν ᾧ καὶ περιετμήθητε
पौलुस उन लोगों की बात कर रहा है जो मसीह से ता’अल्लुक़ रखते हैं गोया वे मसीह के जिस्म के अंदर थे। इसे भी फ़’आल बनाया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तुम बपतिस्मा में कलीसिया में शामिल हुए, तो ख़ुदा ने आपका ख़तना किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
περιτομῇ ἀχειροποιήτῳ
इस इस्ति’आरे के साथ, पौलुस का कहना है कि ख़ुदा ने मसीही ईमानदारों को अपने लिए एक तरह से क़ाबिल-ए-क़ुबूल किया है जिससे वह ख़तना की याद दिलाता है, वह रस्म जिसके ज़रिए’ से इब्रानी मर्द बच्चों को इस्राईल के क़बीले में शामिल गया था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:12
συνταφέντες αὐτῷ ἐν τῷ βαπτισμῷ
पौलुस बपतिस्मा लेने और ईमानदारों की मजलिस में शामिल होने की बात करता है गोया यह मसीह के साथ दफ़न किया जा रहा है। इसे फ़’आल बनाया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने तुमको मसीह के साथ दफ़न किया जब तुम बपतिस्मा में कलीसिया में शामिल हुए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν ᾧ…συνηγέρθητε
इस इस्ति’आरा के साथ, पौलुस ईमानदारों की नई रूहानी ज़िन्दगी की बात करता है कि ख़ुदा ने मसीह को फिर से ज़िन्दा करके मुम्किन बनाया। इसे फ़’आल की शक्ल में बनाया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि तुम ख़ुद को मसीह में शामिल कर चुके हो, ख़ुदा ने तुमको ऊपर उठाया” या “उसमें ख़ुदा ने तुमको फिर से जीने का सबब बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
συνηγέρθητε
यहाँ ऊपर उठाना एक मुहावरा है जो कोई मर गया है उसे फिर से ज़िन्दा होने का सबब बनाने के लिए। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने तुम्हें ऊपर उठाया” या “ख़ुदा ने तुम्हें फिर से जीने का सबब बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-idiom)
Colossians 2:13
ὑμᾶς νεκροὺς ὄντας
पौलुस ख़ुदा से ग़ैर-ज़िम्मेदारी की बात करता है गोया वह मौत हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तुम कुलुस्से के ईमानदार ख़ुदा को जवाब देने में ना-क़ाबिल थे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὑμᾶς νεκροὺς ὄντας…συνεζωοποίησεν ὑμᾶς
इस इस्ति’आरे के साथ पौलुस नई रूहानी ज़िन्दगी में आने की बात करता है गोया वह जिस्मानी तौर से ज़िन्दगी में वापस आ रहा हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
νεκροὺς…ἐν τοῖς παραπτώμασιν καὶ τῇ ἀκροβυστίᾳ τῆς σαρκὸς ὑμῶν
तुम दो तवारीख़ में मुर्दा थे: 1) तुम रूहानी शक्ल से मुर्दा थे, मसीह के ख़िलाफ़ गुनाह की ज़िन्दगी जी रहे थे और 2) तुम्हारा मूसा की शरी’अत के मुताबिक़ ख़तना नहीं किया गया था।
χαρισάμενος ἡμῖν πάντα τὰ παραπτώματα
उसने हमें, यहूदियों और तुम ग़ैर-क़ौमों दोनों को, हमारे सभी गुनाहों को मु’आफ़ कर दिया
Colossians 2:14
ἐξαλείψας τὸ καθ’ ἡμῶν χειρόγραφον τοῖς δόγμασιν, ὃ ἦν ὑπεναντίον ἡμῖν
जिस तरह से ख़ुदा हमारे गुनाहों को मु’आफ़ करता है, पौलुस उसी तरह से बोलता है गोया वह एक शख़्स था, जिस पर बहुत से लोगों का पैसा या माल बक़ाया है, वह उस क़र्ज़ का हिसाब ख़त्म कर देता है, ताकि उन्हें उसे वापस अदायगी न करना पड़े। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:15
ἐδειγμάτισεν ἐν παρρησίᾳ
रोमी वक़्त में, रोमी फ़ौजों के लिए फ़तह की नुमाइश होना एक ‘आम मशक़ थी, जब वे घर लौटते थे, तो उन सभी क़ैदियों को मुज़ाहिरा करते थे जिन्हें उन्होंने पकड़ा था और जो सामान उन्हें मिला था। ख़ुदा बुरी ताक़तों और इख़्तियारात पर फ़ातेह था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν αὐτῷ
यहाँ “सलीब” का मतलब मसीह की सलीबी मौत से है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 2:16
ἐν βρώσει, καὶ ἐν πόσει
मूसा की शरी’अत में शामिल है कि कोई क्या खा और पी सकता है। “क्योंकि तुम क्या खाते हो या क्या पीते हो”
ἐν μέρει ἑορτῆς, ἢ νουμηνίας, ἢ Σαββάτων
मूसा की शरी’अत ने ख़ुशी करने, ‘इबादत करने और क़ुर्बानी देने के दिनों को मुक़र्रर किया। “जिस तरह से तुम फ़सह के दिनों या नए चाँद या सब्त का दिन मनाते हो”
Colossians 2:17
ἅ ἐστιν σκιὰ τῶν μελλόντων, τὸ δὲ σῶμα τοῦ Χριστοῦ
एक साया एक चीज़ की शक्ल को ज़ाहिर करता है, लेकिन यह ख़ुद कोई चीज़ नहीं है। इसी तरह, ‘ईद, जश्न और सब्त हमें इस बारे में कुछ दिखाते हैं कि ख़ुदा लोगों को कैसे बचाएगा, लेकिन वे चीजें लोगों को नहीं बचाती हैं। नजात देने वाला मसीह है। मुतबादिल तर्जुमा: “ ये उनकी साये की मानिन्द हैं जो होगा, लेकिन हक़ीक़त मसीह है” या “ये नजात देने वाले के साये की तरह हैं जो आएंगे, लेकिन नजात देने वाला मसीह हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:18
μηδεὶς ὑμᾶς καταβραβευέτω
यहाँ पौलुस झूठे उस्तादों का हवाला देता है गोया वे एक खेल मुक़ाबले में दाग़दार मुन्सिफ़ थे जो ईमानदारों को उनके हक़दार इन’आमात जीतने से नाइन्साफ़ी से नाक़ाबिल ठहराएंगे, जो उनके लिए इन’आम जीतने के लायक़ हैं, और वह मसीह को एक शख़्स को बचाने की बात करता है गोया मसीह इस तरह के मुक़ाबले जीतने वाले को इन’आम दे रहा था । मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी ... तुम्हें इन’आम जीतने से नाक़ाबिल न करे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
θέλων…ταπεινοφροσύνῃ
लफ़्ज़ “हलीमी” ‘अमल के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है जो दूसरों को सोचने पर मज़बूर करता है कि एक हलीम है। मुतबादिल तर्जुमा: “कौन चाहता है कि तुम चीज़ों को यह ज़ाहिर करने के लिए करो कि तुम हलीम हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἃ ἑόρακεν ἐμβατεύων
यहाँ पौलुस ऐसे लोगों के बारे में बोलता है जो ख़ुदा से ख़्वाब और रोया देखने का दा’वा करते हैं और जो उनके बारे में फ़ख़्र से बात करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
φυσιούμενος ὑπὸ τοῦ νοὸς τῆς σαρκὸς αὐτοῦ
यहाँ पौलुस कहता है कि सोचने के गुनाहगार तरीक़े किसी शख़्स को मग़रूर बनाते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी जिस्मानी सोच के ज़रिए’ से ख़ुद को फुलाता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
φυσιούμενος
यहाँ एक शख़्स जो ग़ुरूर करता है की बात होती है गोया वह एक ऐसी चीज़ है जिसमें किसी ने हवा फूँक दी ताकि यह उससे बड़ा हो जाए। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῦ νοὸς τῆς σαρκὸς αὐτοῦ
यहाँ जिस्म का ख़याल का मतलब गुनाहगार इन्सानी फ़ितरत के लिए है। “गुनाहगार ख़याल वह फ़ितरतन सोचता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:19
οὐ κρατῶν τὴν κεφαλήν
मसीह पर भरोसा न करने वाले शख़्स के बारे में कहा जाता है कि अगर वे सिर पर मज़बूती से पकड़ नहीं रखते हैं। मसीह के बारे में कहा जाता है गोया वह एक जिस्म का सिर था। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मज़बूती से मसीह को नहीं पकड़ता है, जो एक जिस्म के सिर की मानिन्द है” या “वह मसीह से नहीं जुड़ता है, जो जिस्म के सिर की मानिन्द है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐξ οὗ πᾶν τὸ σῶμα διὰ τῶν ἁφῶν καὶ συνδέσμων ἐπιχορηγούμενον καὶ συμβιβαζόμενον
पौलुस कलीसिया की बात करता है, जो कि मसीह के ज़रिए’ हुकूमत और बाइख़्तियार की जाती है, गोया यह एक इन्सानी जिस्म था। मुतबादिल तर्जुमा: “यह सिर से है जिसे ख़ुदा पूरे जिस्म को अपने जोड़ों और पट्ठों में फ़राहम करता है और इसे एक साथ रखता है” (देखें INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 2:20
εἰ ἀπεθάνετε σὺν Χριστῷ ἀπὸ τῶν στοιχείων τοῦ κόσμου
इस इस्ति’आरे के साथ, पौलुस एक ऐसे शख़्स की शक्ल में किसी ईमानदार की बात करता है जो रूहानी शक्ल से मसीह के साथ मुत्तहद है: जैसे कि मसीह मर गया, तो रास्तबाज़ रूहानी की शक्ल से मर गया है; जैसे कि मसीह ज़िन्दगी में वापस आ गया है, इसलिए रास्तबाज़ रूहानी ज़िन्दगी में वापस आ गया है, या’नी ख़ुदा के लिए रद्द-ए-‘अमल (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὡς ζῶντες ἐν κόσμῳ δογματίζεσθε
सोचो कि तुमको दुनिया की ख़्वाहिशों का ‘अमल करना चाहिए
τοῦ κόσμου
दुनिया के लोगों के गुनाहगार अकसरियत के ख़यालात, ख़्वाहिशात और मफ़रूज़ात (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 2:21
बयान बाज़ी का सवाल जो 20 वीं आयत में “तुम दुनिया के लिए बतौर पाबन्द क्यों ज़िन्दगी बसर करते हो” अल्फ़ाज़ के साथ शुरू’ होकर यहाँ ख़त्म होता है।
μὴ ἅψῃ! μηδὲ γεύσῃ! μηδὲ θίγῃς!
पौलुस हवाला दे रहा है कि दीगर लोग कुलुस्सियों को क्या बता रहे हैं। “तो तुम उन पर ईमान क्यों करते हो, जब वे कहते हैं, 'न हाथ लगाओ , न ज़ायक़ा लो और न ही छुओ?” या “तुमको उनका कहना नहीं मानना चाहिए जब वे कहते हैं, 'न हाथ लगाओ, न ज़ायक़ा लो, न छुओ'“
Colossians 2:23
ἅτινά ἐστιν λόγον μὲν ἔχοντα σοφίας ἐν ἐθελοθρησκείᾳ καὶ ταπεινοφροσύνῃ, ἀφειδίᾳ σώματος
ये क़वानीन गैर ईमानदार लोगों को ‘अक़्लमन्द लगते हैं क्योंकि वे उन लोगों को इजाज़त देते हैं जो हलीम दिखाई देने के लिए उनकी पैरवी करते हैं, क्योंकि वे अपने ख़ुद के जिस्म को चोट पहुंचाते हैं
οὐκ ἐν τιμῇ τινι πρὸς πλησμονὴν τῆς σαρκός
तुम्हारी इन्सानी ख़्वाहिशात की पैरवी करना छोड़ने में तुम्हारी मदद नहीं करते
Colossians 3
कुलुस्सियों 03 ‘आम नुक़ते
साख़्त और वज़ाकारी
इस बाब का दूसरा हिस्सा इफ़िसियों 5 और 6 से मुतवाज़ी है।
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
पुराने और नए शख्सियत
पुराने और नए शख्सियत का मतलब पुराने और नए इन्सान की मानिन्द है। लफ़्ज़ “बूढ़ा आदमी” शायद गुनाहगार फ़ितरत का हवाला देता है जिसके साथ एक शख़्स पैदा होता है। “नया आदमी” वह नई फ़ितरत या नई ज़िन्दगी है जिसे ख़ुदा एक शख़्स को मसीह में ईमान करने के बा’द देते हैं। (देखें: गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना और ईमान )
इस बाब में दीगर मुम्किन तर्जुमे की मुश्किलात
किरदार
पौलुस कई चीज़ों को अपने पढ़ने वालों को आगे बढ़ाने या बचने के लिए तरग़ीब देता है वे ‘आमाल नहीं बल्कि किरदार की सिफ़तें हैं। इस वजह से, उनका तर्जुमा करना मुश्किल हो सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
“ऊपर वाली चीज़ें”
जहाँ ख़ुदा सुकूनत करता है, उसे अक्सर “ऊपर” क़ायम होने की शक्ल में तसव्वुर किया जाता है। पौलुस “ऊपर की चीज़ों की तलाश” के लिए और “ऊपर की चीज़ों के बारे में सोचने” के लिए कहता है। उसका मतलब है कि मसीही लोगों को आसमानी और ख़ुदा की चीज़ों के बारे में सोचना और खोजना चाहिए।
Colossians 3:1
पौलुस ईमानदारों को हिदायत देते है कि क्योंकि वे मसीह के साथ एक है, इसलिए उन्हें कुछ चीज़ें नहीं करनी चाहिए।
εἰ οὖν
यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है “क्योंकि।” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
συνηγέρθητε τῷ Χριστῷ
यहाँ ऊपर उठाना एक मुहावरा है किसी को जो मर गया है दोबारा ज़िन्दा करने का सबब बनाने के लिए। मुम्किन मतलब हैं 1) क्योंकि ख़ुदा ने मसीह को फिर से ज़िन्दा होने का सबब बनाया है, ख़ुदा ने पहले ही कुलुस्से में ईमानदारों को नई रूहानी ज़िन्दगी दी है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने तुमको नई ज़िन्दगी दी है क्योंकि तुम मसीह से ता’अल्लुक़ रखते हो” या 2) क्योंकि ख़ुदा ने मसीह को फिर से ज़िन्दा करने का सबब बनाया है, कुलुस्से में ईमानदारों को पता चल सकता है कि मरने के बा’द वे मसीह के साथ ज़िन्दा रहेंगे, और पौलुस उन ईमानदारों के दोबारा ज़िन्दा होने के बारे में बात कर सकता है गोया यह पहले ही हो चुका है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम यह यक़ीनी कर सकते हो कि ख़ुदा तुमको ज़िन्दगी देगा जैसा कि उसने मसीह को फिर से ज़िन्दा करने का सबब बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-pastforfuture और INVALID translate/figs-idiom)
τὰ ἄνω
आसमान में चीज़ें
Colossians 3:3
ἀπεθάνετε γάρ
जैसा कि मसीह हक़ीक़त में मर गया, इसलिए ख़ुदा ने कुलुस्से के ईमानदारों को मसीह के साथ मरने की शक्ल में गिना। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ ζωὴ ὑμῶν κέκρυπται σὺν τῷ Χριστῷ ἐν τῷ Θεῷ
पौलुस लोगों के ज़िन्दगी के बारे में बात करता है गोया वे ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें बर्तनों में छिपाया जा सकता है और ख़ुदा की बात करता है गोया वह एक बर्तन था। मुतबादिल तर्जुमा: मुम्किन मतलब हैं 1) “गोया ख़ुदा ने तुम्हारी ज़िन्दगी ले ली है और इसे ख़ुदा की मौजूदगी में मसीह के साथ पोशीदा कर दिया है” या 2) “सिर्फ़ ख़ुदा ही जानता है कि तुम्हारी हक़ीक़ी ज़िन्दगी हक़ीक़त में क्या है, और जब वह मसीह को ज़ाहिर करेगा तो वह इसे ज़ाहिर करेगा।” “(देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:4
ἡ ζωὴ ὑμῶν
मसीह वह है जो ईमानदारों को रूहानी ज़िन्दगी देता है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 3:5
ἀκαθαρσίαν
नापाक सुलूक
πάθος
मजबूत, जिन्सी ख़्वाहिश
τὴν πλεονεξίαν, ἥτις ἐστὶν εἰδωλολατρία
लालच, जो बुतपरस्त की मानिन्द है या “लालची मत बनो क्योंकि वह बुतपरस्ती की मानिन्द है”
Colossians 3:6
ἡ ὀργὴ τοῦ Θεοῦ
ख़ुदा का ग़ज़ब उनके ख़िलाफ़ जो लोग बुराई करते हैं, जैसा कि ज़ाहिर होता है कि वह उनको सज़ा देने के लिए क्या करता है।
Colossians 3:7
ἐν οἷς καὶ ὑμεῖς περιεπατήσατέ
पौलुस उस तरह की बात करता है जिस तरह से किसी शख़्स के साथ सुलूक होता है गोया वह एक सड़क या राह है जिस पर एक शख़्स चलता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ये वो चीज़ें हैं जो तुम करते थे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὅτε ἐζῆτε ἐν τούτοις
मुम्किन मतलब हैं 1) “जब तुम इन चीज़ों का मशक़ करते थे” या 2) “जब तुम ख़ुदा की नाफ़रमानी करने वाले लोगों के बीच रहते थे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:8
κακίαν
बद ‘आमाल करने की ख़्वाहिश
βλασφημίαν
तक़रीर से दूसरों को तकलीफ़ देती थी
αἰσχρολογίαν
वो अल्फ़ाज़ जो हलीम बातचीत में शामिल नहीं होते हैं
ἐκ τοῦ στόματος ὑμῶν
यहाँ “मुँह” बात करने के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। “आपकी बात में” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 3:9
पौलुस ईमानदारों को मुसलसल बताता रहता है कि कैसे जीना है और उन्हें याद दिलाता है कि मसीही लोगों को सभी के साथ एक ही मे’यार के मुताबिक़ सुलूक करना चाहिए।
ἀπεκδυσάμενοι τὸν παλαιὸν ἄνθρωπον σὺν ταῖς πράξεσιν αὐτοῦ
यहाँ पौलुस एक मसीही को अपनी पुरानी गुनाहगार ज़िन्दगी को मुस्तरद करने की बात कर रहा है गोया यह एक पुराना कपड़ा था जिसे वह एक नया लिबास पहनने के लिए उतार देता है। पौलुस जैसे इस्राईलियों के लिए इख़लाक़ी सिफ़्तों की बात करना बहुत ‘आम था गोया वे कपड़े के टुकड़े थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:10
καὶ ἐνδυσάμενοι τὸν νέον
यहाँ पौलुस एक मसीही को अपनी पुरानी गुनाहगार ज़िन्दगी को मुस्तरद करने की बात कर रहा है गोया यह एक पुराना लिबास था जिसे वह नया लिबास पहनने के लिए उतारता है (आयत 9)। पौलुस जैसे इस्राईलियों के लिए इख़लाक़ी सिफ़्तों की बात करना बहुत ‘आम था गोया वे कपड़े के टुकड़े थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
εἰκόνα
यह यिसू’ मसीह का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 3:11
οὐκ ἔνι Ἕλλην καὶ Ἰουδαῖος, περιτομὴ καὶ ἀκροβυστία, βάρβαρος, Σκύθης, δοῦλος, ἐλεύθερος
ये शराइत उन लोगों की अक़साम की मिसालें हैं जो पौलुस कहता है कि ख़ुदा के लिए कोई मायने नहीं रखता है। ख़ुदा हर शख़्स को एक जैसे देखता है, नसल, मज़हब, क़ौमियत या मु’आशरती हैसियत से नहीं। मुतबादिल तर्जुमा: “क़ौम, मज़हब, रिवायत और मु’आशरती हैसियत कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
βάρβαρος
एक ग़ैर-मुल्क़ी जो मक़ामी रिवायत को नहीं जानता है
Σκύθης
यह स्कूतिया की सरज़मीं से कोई है, जो रोमन सल्तनत के बाहर था। यूनानियों और रोमियों ने इस लफ़्ज़ का इस्ते’माल किसी ऐसे शख़्स के लिए किया जो एक ऐसी जगह पर बढ़ता था जहाँ हर वक़्त हर कोई बुरे काम करता था।
ἀλλὰ πάντα καὶ ἐν πᾶσιν Χριστός
कुछ भी नहीं मसीह के हुकूमत से बाहर रखा या छोड़ा गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह सबसे ख़ास हैं और अपने सभी लोगों में रहता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Colossians 3:12
ὡς ἐκλεκτοὶ τοῦ Θεοῦ ἅγιοι καὶ ἠγαπημένοι
इसे फ़’आल बनाया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों की शक्ल में जिन्हें ख़ुदा ने ख़ुद के लिए चुना है, जिन्हें वह अकेले उनके लिए ज़िन्दा देखना चाहता है, और जिनसे वह मुहब्बत करता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐνδύσασθε…σπλάγχνα οἰκτιρμοῦ, χρηστότητα, ταπεινοφροσύνην, πραΰτητα, μακροθυμίαν
“दिल” जज़्बात और रवैये के लिए एक इस्ति’आरा है। यहाँ यह बात इस तरह की गयी है जैसे उसके कुछ जज़्बात और रवैये होते हैं, और गोया यह पहनने के लिए लिबास थे। मुतबादिल तर्जुमा: “रहम करने वाला, मेहरबान, हलीम, मु’अज़्ज़िज़, और सब्रदार दिल रख्खें” या “ रहमदिल, मेहरबान, हलीम, मु’अज़्ज़िज़ और सब्रदार हों” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:13
ἀνεχόμενοι ἀλλήλων
एक दूसरे के साथ सब्र रखें या “एक दूसरे को क़ुबूल करें यहाँ तक कि जब तुम एक दूसरे को मायूस करते हो”
χαριζόμενοι ἑαυτοῖς
एक दूसरे के साथ इससे बेहतर सुलूक करें तुम्हारे लिए जिस सुलूक के वो मुस्तहक़ हों
πρός…ἔχῃ μομφήν
क़यासी इस्म “शिकायत” को “शिकायत करना” बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “के ख़िलाफ़ शिकायत करने की एक वजह है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Colossians 3:14
τὴν ἀγάπην, ὅ ἐστιν σύνδεσμος τῆς τελειότητος
यहाँ “कामिलियत का पटका” किसी ऐसी चीज़ का इस्ति’आरा है जो लोगों के बीच कामिल इत्तेहाद का सबब बनता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे से मुहब्बत करो क्योंकि यह तुमको पूरी तरह से मुत्तहद करेगा। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:15
ἡ εἰρήνη τοῦ Χριστοῦ βραβευέτω ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν
पौलुस उस सलामती की बात करता है जो मसीह देता है गोया वह एक हाकिम था। मुम्किन मतलब हैं1) “सब कुछ करो ताकि तुम एक दूसरे के साथ सलामती से ता’अल्लुक़ रख सको” या 2) “ख़ुदा को तुम्हारे दिल में सलामती देने की इजाज़त दो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν
यहाँ “दिलों” लोगों के ज़हनों या अन्दरूनी वजूद के लिए मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे ज़हन में” या “तुम्हारे अंदर” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 3:16
ὁ λόγος τοῦ Χριστοῦ ἐνοικείτω ἐν ὑμῖν
पौलुस मसीह के कलाम की बात करता है गोया वह दीगर लोगों के अंदर रहने में क़ाबिल शख़्स था। “मसीह का कलाम” यहाँ मसीह की ता’लीमात के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह की ता’लीमात के फ़रमाबरदार बनो” या “हमेशा मसीह के वा’दों पर भरोसा करो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)
νουθετοῦντες ἑαυτοὺς
एक दूसरे को होशियार और हौसला अफ़्ज़ाई करो
ψαλμοῖς, ὕμνοις, ᾠδαῖς πνευματικαῖς
ख़ुदा की हम्द करने के लिए तमाम क़िस्म के गीतों के साथ
ἐν τῇ χάριτι, ᾄδοντες ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν
यहाँ “दिलों” लोगों के ज़हन या अन्दरूनी होने का एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने ज़हन में शुक्रगुज़ारी के साथ गाएं” या “गाएं और शुक्रगुज़ार रहें” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 3:17
ἐν λόγῳ ἢ ἐν ἔργῳ
बोलने में या अदाकारी में
ἐν ὀνόματι Κυρίου Ἰησοῦ
यहाँ एक शख़्स के नाम पर अदाकारी करना अदाकारी के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है जो दीगर लोगों को उस शख़्स के बारे में अच्छी तरह से सोचने में मदद करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द यिसू’ की ‘इज़्ज़त करने के लिए” या “ताकि दीगर लोग जान सकें कि तुम ख़ुदावन्द यिसू’ के हो और उसके बारे में अच्छा सोचते हो” या “गोया ख़ुदावन्द यिसू’ ख़ुद ये कर रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
δι’ αὐτοῦ
मुम्किन मतलब हैं 1) क्योंकि उसने बड़े काम किए हैं या 2) क्योंकि उसने लोगों के लिए ख़ुदा से बात करना मुम्किन कर दिया है, और इसलिए उसका शुक्र अदा करें। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:18
पौलुस फिर बीवियों, शौहरों, बच्चों, बापों, ग़ुलामों और मालिकों को कुछ ख़ास हिदायात देता है।
αἱ γυναῖκες, ὑποτάσσεσθε τοῖς
बीवियों, फ़रमाबरदारी करो
ἀνῆκεν
यह मुनासिब है या “यह सही है”
Colossians 3:19
μὴ πικραίνεσθε πρὸς
के साथ शख़्त मत बनो या “के साथ ग़ुस्सा मत करो”
Colossians 3:21
μὴ ἐρεθίζετε τὰ τέκνα ὑμῶν
बेफ़ायदा तौर से अपने बच्चों को नाराज़ न करो
Colossians 3:22
ὑπακούετε…τοῖς κατὰ σάρκα κυρίοις
अपने इन्सानी मालिकों की फ़रमाबरदारी करो
πάντα…μὴ ἐν ὀφθαλμοδουλεία, ὡς ἀνθρωπάρεσκοι
बातें। सिर्फ़ तब ही न माने जब आपका मालिक देख रहा हो, गोया तुमको सिर्फ़ लोगों को ख़ुश करने की ज़रूरत है
ἐν ἁπλότητι καρδίας
दिल यहाँ एक शख़्स के ख़यालात या इरादों के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “सभी ईमानदार इरादों के साथ” या “ईमानदारी के साथ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 3:23
ὡς τῷ Κυρίῳ
जैसा कि तुम ख़ुदावन्द के लिए काम करोगे
Colossians 3:24
τὴν ἀνταπόδοσιν τῆς κληρονομίας
अपने इन’आम की शक्ल में विरासत
κληρονομίας
ईमानदारों से ख़ुदा ने जो वा’दा किया है, उसे हासिल करना इस तरह की बात है गोया वह ख़ानदान के किसी फ़र्द से मीरास और दौलत हासिल कर रहा हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 3:25
ὁ…ἀδικῶν, κομιεῖται ὃ ἠδίκησεν
जुमले “जुर्माना वसूल करें” का मतलब है सज़ा दी जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “जो कोई भी नारास्ती करता है, उसे सज़ा दी जाएगी” या “जो कोई ऐसा काम करता है जो नारास्त है उसे ख़ुदा सज़ा देगा”
ἀδικῶν
जो कोई सरगरमी से किसी भी क़िस्म का ग़लत काम करता है
οὐκ ἔστιν προσωπολημψία
क़यासी इस्म “तरफ़दारी” को फ़े’अल “एहसान करना” के साथ ज़ाहिर किया जा सकता है। कुछ लोगों की तरफ़दारी करना उनका मुख्तलिफ़ मे’यारात की बुनियाद पर फ़ैसला करना है, इसलिए नतीज़ा दूसरों के मुक़ाबले उनके लिए बेहतर है जो वही काम करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा किसी की तरफ़दारी नहीं करता” या “ख़ुदा सभी का फ़ैसला एक ही मे’यार से करता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Colossians 4
कुलुस्सियों 04 ‘आम नुक़ते
साख़्त और वज़ाकारी
[कुलुस्सियों 4:1] (../../col/04/01/md) इसका ता’अल्लुक़ बाब 4 के बजाय बाब 3 के उनवानात से है।
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
“मेरे अपने हाथ में”
क़दीम नज़दीक मशरिक़ में मुसन्निफ़ का बात करना और किसी और के ज़रिए’ उनकी बातों को लिखना ‘आम था। नए ‘अहदनामे के बहुत से ख़तूत इस तरह लिखे गए थे। पौलुस ने अंतिम सलाम ख़ुद लिखा है।
इस बाब में तर्जुमे की दीगर मुम्किन मुश्किलात
पोशीदा सच्चाई
पौलुस इस बाब में एक “पोशीदा सच्चाई” का हवाला देता है। ख़ुदा के मन्सूबों में कलीसिया का किरदार एक बार नामा’लूम था। लेकिन ख़ुदा ने अब इसका इन्किशाफ़ कर दिया है। इसका एक हिस्सा ख़ुदा के मन्सूबों में यहूदियों के साथ बराबर की हैसियत रखने वाली ग़ैर-क़ौमों को शामिल करता है। (देखें: ज़ाहिर करना, ज़ाहिर करना, ज़ाहिर किया, मुकाशिफ़ा )
Colossians 4:1
मालिकों से बात करने के बा’द, पौलुस कुलुस्से की कलीसिया में मुख़्तलिफ़ क़िस्म के ईमानदारों के लिए अपनी ख़ास हिदायतों को ख़त्म करता है।
τὸ δίκαιον καὶ τὴν ἰσότητα
इन अल्फ़ाज़ का मतलब तकरीबन एक ही बात है और उन चीज़ों पर ज़ोर देने के लिए इस्ते’माल किया जाता है जो इख़लाक़ी शक्ल से सही हैं। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
καὶ ὑμεῖς ἔχετε Κύριον ἐν οὐρανῷ
ख़ुदा चाहता है कि दुनियावी मालिक और उसके ग़ुलाम के बीच मुहब्बत का रिश्ता हो, जिस तरह से, आसमानी मालिक, अपने दुनियावी ग़ुलामों से मुहब्बत करता है, जिसमें दुनियावी ग़ुलामों के मालिक भी शामिल हैं।
Colossians 4:2
यहाँ लफ़्ज़ “हमें” पौलुस और तीमुथियुस का हवाला देता है, लेकिन कुलुस्सियों का नहीं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
पौलुस ईमानदारों को कैसे जीना और बोलना है, इस बारे में मुसलसल हिदायात देता रहता है।
τῇ προσευχῇ προσκαρτερεῖτε
ईमानदारी से दु’आ करते रहो या “मुसलसल दु’आ करते रहो”
Colossians 4:3
ὁ Θεὸς ἀνοίξῃ…θύραν
किसी के लिए एक दरवाज़ा खोलना उस शख़्स को कुछ करने का मौक़ा देने का एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा मौक़ा ‘अता करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἀνοίξῃ…θύραν τοῦ λόγου
हमें उसके पैग़ाम का ‘ऐलान करने का मौक़ा दें
τὸ μυστήριον τοῦ Χριστοῦ
यह यिसू’ मसीह की ख़ुशख़बरी का हवाला देता है, जिसे मसीह के आने से पहले नहीं समझा गया था।
δι’ ὃ…δέδεμαι
यहाँ “जंजीर” क़ैदख़ाने में होने का एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह यिसू’ मसीह के पैग़ाम का ‘ऐलान करने के लिए है कि मैं अब क़ैदख़ाने में हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Colossians 4:4
ἵνα φανερώσω αὐτὸ
दु’आ करें कि मैं यिसू’ मसीह के पैग़ाम को वाज़ेह शक्ल से बोलने में क़ाबिल हो सकूँ
Colossians 4:5
ἐν σοφίᾳ περιπατεῖτε πρὸς τοὺς ἔξω
चलने का ख़याल अक्सर किसी की ज़िन्दगी की शुरू’आत के ख़याल के लिए इस्ते’माल किया जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस तरह से जियें कि जो ईमानदार नहीं हैं वे देखेंगे कि तुम अक्लमन्द हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὸν καιρὸν ἐξαγοραζόμενοι
किसी चीज़ को “छुड़ाने” का मतलब है कि उसे उसके सही मालिक के पास बहाल करना। यहाँ वक़्त को ऐसी चीज़ की शक्ल में बोला जाता है जिसे फिर से क़ायम किया जा सकता है और इसका इस्ते’माल ख़ुदा की ख़िदमत के लिए किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने वक़्त के साथ सबसे अच्छी चीज़ें जो तुम कर सकते हो करो” या “वक़्त को इसके सबसे अच्छे इस्ते’माल के लिए डालें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 4:6
ὁ λόγος ὑμῶν πάντοτε ἐν χάριτι, ἅλατι ἠρτυμένος
नमक के साथ खाना उन अल्फ़ाज़ के लिए एक इस्ति’आरा है जो दूसरों को सिखाते हैं और दूसरों को सुनने में लुत्फ़ मिलता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी बातचीत को हमेशा मेहरबान और दिलकश रहने दो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
εἰδέναι πῶς δεῖ ὑμᾶς…ἀποκρίνεσθαι
ताकि तुम जान सको कि किसी को भी यिसू’ मसीह के बारे में सवालों का जवाब किस तरह देना है या “ताकि तुम हर शख़्स के साथ अच्छा सुलूक करने के क़ाबिल हो सको”
Colossians 4:7
उनेसमुस कुलुस्से में फ़िलेमोन का ग़ुलाम था। उसने फ़िलेमोन से पैसे चुराए थे और रोम को भाग गया था जहाँ वह पौलुस की ख़िदमत के ज़रिए’ से मसीही बन गया था। अब तुख़िकुस और उनेसमुस, कुलुस्से के लिए पौलुस के ख़त ला रहे हैं।
पौलुस कुछ लोगों के बारे में ख़ास हिदायात के साथ-साथ इफ़रादी ईमानदारों को भी सलाम और मुबारकबाद देता है।
τὰ κατ’ ἐμὲ
सब कुछ जो मेरे साथ हो रहा है
σύνδουλος
साथी ख़ादिम। हालाँकि, पौलुस एक आज़ाद शख़्स है, वह ख़ुद को मसीह के ख़ादिम की शक्ल में देखता है और तुख़िकुस को एक साथी ख़ादिम की शक्ल में देखता है।
Colossians 4:8
τὰ περὶ ἡμῶν
ये अल्फ़ाज़ कुलुस्सियों को शामिल नहीं करते। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
παρακαλέσῃ τὰς καρδίας ὑμῶν
दिल को कई जज़्बात का मरकज़ माना जाता था। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको हौसला दे सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Colossians 4:9
τῷ πιστῷ καὶ ἀγαπητῷ ἀδελφῷ
पौलुस उनेसमुस को एक साथी मसीही और मसीह का ख़ादिम कहता है।
γνωρίσουσιν
तुख़िकुस और उनेसमुस बताएंगे
πάντα…τὰ ὧδε
वे कुलुस्से के ईमानदारों को वह सब बताएंगे जो उस वक़्त हो रहा है जहां पौलुस हाल में रह रहा है। रिवायत कहती है कि पौलुस इस वक़्त घर में गिरफ़्तार या क़ैदख़ाने में रोम में था।
Colossians 4:10
Ἀρίσταρχος
वह इफ़िसुस में पौलुस के साथ क़ैदख़ाने में था जब पौलुस ने कुलुस्सियों को यह ख़त लिखा था।
ἐὰν ἔλθῃ
अगर मरकुस आता है
Colossians 4:11
Ἰησοῦς, ὁ λεγόμενος Ἰοῦστος
यह एक आदमी है जिसने भी पौलुस के साथ काम किया है।
οἱ ὄντες ἐκ περιτομῆς οὗτοι, μόνοι συνεργοὶ εἰς τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ
पौलुस यहूदियों को हवाला देने के लिए यहाँ “ख़तना” का इस्ते’माल करता है क्योंकि, पुराने ‘अहदनामे की शरी’अत के तहत, सभी मर्द यहूदियों का ख़तना किया जाना था। मुतबादिल तर्जुमा: “ये तीनों ही सिर्फ़ ऐसे यहूदी ईमानदार हैं जो मेरे साथ काम कर रहे हैं जो मसीह यिसू’ के ज़रिए’ से ख़ुदा को बादशाह के तौर पर मुनादी करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐκ περιτομῆς οὗτοι, μόνοι
इन मर्दों– अरिस्तर्ख़ुस, मरकुस और यूस्तुस- तन्हा मख़तून
Colossians 4:12
लौदीकिया और हियरापुलिस, कुलुस्से के नज़दीक के शहर थे।
Ἐπαφρᾶς
इपफ़्रास वह शख़्स था जिसने कुलुस्से ([कुलुस्सियों 1:7] (../ 01/07.md) में लोगों को ख़ुशख़बरी सुनाई थी।
ὁ ἐξ ὑμῶν
तुम्हारे शहर या “तुम्हारे अपने साथी शहर के बाशिंदे” से
δοῦλος Χριστοῦ Ἰησοῦ
यिसू’ मसीह का एक पुर’अज़म शागिर्द
πάντοτε ἀγωνιζόμενος ὑπὲρ ὑμῶν ἐν ταῖς προσευχαῖς
संजीदगी से तुम्हारे लिए दु’आ करता है
σταθῆτε τέλειοι καὶ πεπληροφορημένοι
तुम पुख़्तगी और ख़ुद ‘ऐतिमादी से खड़े हो सको
Colossians 4:13
μαρτυρῶ…αὐτῷ, ὅτι ἔχει πολὺν πόνον ὑπὲρ ὑμῶν
मैंने देखा है कि उसने तुम्हारे लिए बहुत मेहनत की है
Colossians 4:14
Δημᾶς
यह पौलुस के साथ एक और हम ख़ादिम है।
Colossians 4:15
τοὺς…ἀδελφοὺς
यहाँ इसका मतलब है साथी मसीही, जिनमें ‘औरत और आदमी दोनों शामिल हैं।
ἐν Λαοδικίᾳ
एक शहर जो कुलुस्से के बहुत क़रीब था जहाँ एक कलीसिया भी थी
Νύμφαν, καὶ τὴν κατ’ οἶκον αὐτῆς ἐκκλησίαν
नुम्फ़ास नाम की एक ‘औरत ने एक घर कलीसिया की मेजबानी की। मुतबादिल तर्जुमा: “नुम्फ़ास और ईमानदारों की जमा’अत जो उसके घर में मिलते हैं”
Colossians 4:17
εἴπατε Ἀρχίππῳ, βλέπε τὴν διακονίαν ἣν παρέλαβες ἐν Κυρίῳ, ἵνα αὐτὴν πληροῖς.
नुम्फ़ास नाम की एक ‘औरत ने एक घर कलीसिया की मेजबानी की। मुतबादिल तर्जुमा: “नुम्फ़ास और ईमानदारों की जमा’अत जो उसके घर में मिलती है”
Colossians 4:18
पौलुस अपने ख़त को अपनी तहरीर में लिखे सलाम के साथ बंद करता है।
μνημονεύετέ μου τῶν δεσμῶν
पौलुस ज़ंजीरों की बात करता है जब उसका मतलब होता है उसका क़ैद। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे याद रखें और मेरे लिए दु’आ करें जबकि मैं क़ैदख़ाने में हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-you)
ἡ χάρις μεθ’ ὑμῶν
यहाँ “फ़ज़ल” ख़ुदा के लिए बयान है, जो फ़ज़ल दिखाता है या ईमानदारों के लिए मेहरबानी के काम करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं दु’आ करता हूँ कि हमारा ख़ुदावन्द यिसू’ मसीह तुम सभी के लिए मेहरबानी से काम करता रहेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)