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आमाल की किताब का तआर्रुफ़
हिस्सा 1: आम तआर्रुफ़
आमाल की किताब का बैरूनी ख़ाका - कलीसिया का आग़ाज़ और उसकी ख़िदमतगुज़ारी (1:1-41)
1.येरूशलेम में इब्तिदाई कलीसिया (2:42-6:7) 1.सताव का बढ़ना और स्तिफुनुस का शहीद होना (6:8-7:60) 1.कलीसिया पर सताव और फिलिप्पुस की ख़िदमत(8:1-40) 1.पतरस की ख़िदमत और सब से पहले ग़ैर कौम से ईमान लाये हुए मसीही लोग (9:32 -12:24) 1.पौलुस रसूल का ग़ैर कौम की तरफ़ जाना, यहूदियों की शरीयत, येरूशलेम में कलीसिया के रहनुमाओं की मजलिस (12:25-16:5) 1.मरकज़ी बहीरा-ए-रोम और एशिया माइनर के इलाक़े में कलीसिया का फैलाव (16:6 -19:20) 1.पौलुस येरूशलेम की तरफ़ सफ़र करता और रोम में कैदी हो जाता है (19:21-28:31)
अमाल की किताब किसकी बाबत है?
आमाल की किताब इब्तिदाई कलीसिया की कहानी बताती है इस बतोर कि बेशुमार लोग ईमानदार बन गए- यह रूहुल क़ुदुस की क़ुव्वत को बताती है जो इब्तिदाई मसीहियों की मदद करता है – इस किताब के वाक़ियात तब से शुरू होते हैं जब से कि येसू आसमान पर गया और बाद में लगभग तीस साल तक अपने खादिमों की रहनुमाई करता रहा –
इस किताब का उन्वान किसतरह तर्जुमा किया जाना चाहिए था?
मुतरजिमीन इस किताब को रिवायती तोर से “रसूलों के आमाल” का चुनाव कर सकते हैं या ऐसा उन्वान चुन सकते हैं जो ज़ियादा साफ़ हो, मिसाल बतोर “रसूलों के वसीले से रूहुल क़ुदुस के काम”-
किसने आमाल कि किताब को किसने लिखा?
येह कि ताब अपने मुसन्निफ़ का नाम नहीं बताती – किसी तरह यह किताब थियोफुलुस को मुखातब किया गया गया है जिसने लूका की इंजील को भी मुखाताब किया -किताब के कुछ हिस्सों में मुसन्निफ़ लफ्ज़ “हम” का इस्तेमाल करता है ,जो इस बात का इशारा करता है कि मुसन्निफ़ पौलुस रसूल के साथ सफ़र किया है - कई एक उलमा ऐसा सोचते हैं कि लुका ही वह शख्स है जिस ने पौलुस के साथ सफ़र किया था – इस लिए इब्तिदाई मसीही दौर से यह रिवायत चली आरही है कि आमाल की किताब और लूका की इंजील दोनों का मुसन्निफ़ लूका ही है -
लूका एक तिब्बी डॉक्टर था -उसके लिखने का तरीका बताता है कि वह एक तालीमयाफ़ता शख्स था- वह गालिबन एक ग़ैर कौम से था -उसने कई एक वाक़ियात को देखा था जिनको उस ने आमाल की किताब में बयान किया -
हिस्सा2: ज़रुरी मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वुरात
कलीसिया क्या है? कलीसिया उन लोगों की जमाअत है जो मसीह येसू पर ईमान रखती है - कलीसिया मे यहूदी और ग़ैर यहूदी दोनों शामिल हैं-इस इक्ताब के वाक़ियात ज़ाहिर करते हैं कि ख़ुदा कलीसिया की मदद कर रहा था ,उसने इमानदारों को कुव्वत दी थी कि उसके रूहुल क़ुदुस के वसीले से रास्त्बाज़ी की ज़िन्दगी गुज़ारे.
हिस्सा 3: ज़रूरी तरजुमे के मुआमले
आमाल की किताब की इबारत में कौनसे बड़े मामलात पाए जाते हैं?
आमाल की किताब के बहुत ज़ियादा मायने खेज़ मतनी मामले यह हैं:
मंदिरजा-ए-ज़ेल आयतें बाइबिल के पुराने तर्जुमों में नहीं पाए जाते – मगर वह बाइबिल के क़दीम नुसखों में नहीं गिने जाते -कुछ मौजूदा तर्जुमों में आयातों को कौसीन निशानात ([]) में कर रखा है -ULT और UST ने उन्हें सफ़्हा के आख़िर में (सब से नीचे) लिखे शरह में डाल रखा है.
*”फिलिप्पुस ने कहा अगर तू पूरे दिल से ईमान लाता है तो ,बतिस्मा ले सकता है” इथोपिया के वजीर ने जवाब में कहा ,”मैं ईमान लाता हूँ कि येसू मसीह ख़ुदा का बेटा है’”(आमाल 8:37). *” मगर देखा गया कि सीलास को वहां रहना अच्छा लगा.” (आमाल 15:34) * “और हम ने चाहा कि अपनी शरीयत के मुताबिक उसकी अदालत करें मगर लूसियास सरदार ने आकर उसे बड़ी ज़बरदस्ती से हमारे हातों से छीन ले गया, और उसके मुद्दइयों को हुकुम दिया कि तेरे पास जाएं.” (आमाल 24:6b-8a) * “जब उसने यह कहा तो यहूदी आपस में बहुत बहस करते चले गए” (आमाल 28:29)
मुन्दिर्जा-ए-ज़ेल आयतों में जो असली इबारत में कहा गया था वह ग़ैर यक़ीनी है -मुतरर्जमीन के लिए ज़रूरी है कि सहीह इबारत का तर्जुमा करें ULT के पास पहली इबारत है मगर फ़ुट नोट में आप दूसरी इबारत को भी शामिल करें- *”वह लोग येरूशलेम से लौटे” (आमाल 12:25)-कुछ तर्जुमे इसतरह पढ़े गए “वह येरूशलेम को लौटे”(या वहाँ लौटे)- * “वह उनकी बर्दाश्त करता रहा” (आमाल 13:18)- * कुछ तर्जुमे इस तरह पढ़े गए –“उसने उनकी परवाह की –“ * “यह वही खुदावंद फ़रमाता है जो दुनया के शुरू से इन बातों की ख़बर देता आया है” कुछ क़दीम तर्जुमे इस तरह पढ़े गए : यह वही बातें हैं जो खुदावंद कहता है जिसके सारे काम क़दीमुल अय्याम से जाने गए हैं –“
(see:INVALID translate/translate-textvariants)
Acts 1
आमाल 01 आम हशिये
तरतीब और बनावट
यह बाब एक वाक़िये को कलमबंद करता है जो आम तोर से “सऊद फ़रमाना” बतोर जाना जाता है जब येसू फिर से ज़िन्दा होने के बाद आसमान पर वापस गया-उसकी “दुबारा आमद” तक वह फिर से वापस नहीं आएगा-(देखें आसमान, बादल, बादलों, आसमानी और जी उठना )
UST ने जो अलफ़ाज़ मुरत्तब किया है “अज़ीज़ थियुफुलुस”वह दुसरे अलफ़ाज़ से अलग है-यह इसलिए कि अंग्रेज़ी बोलने वाले अक्सर अलफ़ाज़ को इस तरहसे शुरू करते हैं -हो सकता है आप इस किताब की शुरुआत उस तरह से करना चाहेंगे जिस तरह आपकी तहजीब में किया जाता है-
कुछ मुतरजमीन इबारत के बाक़ी जगहों की बनिस्बत सफ़्हा के बाएँ तरफ़ पुराने अहद नामे का हवाला पेश करते हैं ULT ज़बूर का दो हवाला पेश करते हुए 1:20 में इस तरह करता है
इस बाब में दो ख़ास तसव्वुरात
“बपतिस्मा देना” इस बाब में लफ्ज़ बपतिस्मा -दो मायने पेश करता है-यह युहन्ना के पानी के बपतिस्मे का और रूहुल क़ुदुस के बपतिस्मे का हवाला पेश करता है (आमाल 1:5).(देखें:बपतिस्मा देना, बपतिस्मा लिया, बपतिस्मा )
“उस ने ख़ुदा की बादशाही की बाबत कही”
कुछ उलमा यकीन करते हैं कि जब येसू ने “ख़ुदा की बादशाही की बाबत बात की” तो उसने समझाया था कि ख़ुदा की बादशाही उस के मरने से पहले क्यूँ नहीं आई थी दीगर लोग यकीन करते हैं कि ख़ुदा की बादशाही उस वक़्त शुरू हुई थी जब येसू ज़िन्दा था और यहां येसु समझा रहा था कि वह एक नए तरीक़े से शुरू हो रहा था -
बारह शागिर्द
मुन्दिर्जा-ए-ज़ेल बारह शागिर्दों की फ़ेहरिस्त है:
मत्ती में: शमोन (पतरस), अन्द्र्यास,ज़ब्दी का बेटा याक़ूब,ज़ब्दी बेटा युहन्ना फिलुप्पुस,बर्तुल्माई,तोमा, मत्ती, हल्फ़ई का बेटा याक़ूब तद्दै, शमोन क़नानी और यहूदा इस्करयूती -
मरकुस में
शमोन (पतरस), अन्दर्यास,ज़बदी का बेटा याक़ूब और ज़ब्दी का बेटा युहन्ना (जिनका नाम बुआनर्गिस याने गरज के बेटे रखा),फिलिप्पुस,बर्तुल माई, मत्ती, तोमा, हलफ़ई का बेटा याक़ूब,तद्दै,शमोन क़नानी और यहूदा इसकरयूती-
लूकामें:
शमोन (पतरस), अन्दर्यास याक़ूब,युहन्ना,फिलिप्पुस,बर्तुल्माई मत्ती,तोमा ,हलफई का बेटा याक़ूब और शमोन (जो ज़ेलोतिस कहलाता था)और याक़ूब का बेटा यहूदा और यहूदा इसकरयूती
तद्दै ग़ालिबन वही शख्स है जो यहूदा कहलाता है ,यानि याक़ूब का बेटा -
हक़लदमा
यह इबरानी या अरामी ज़ुबान में एक मुहावरा है-लूक़ा ने यूनानी अलफ़ाज़ का इस्तेमाल किया ताकि उस के क़ारिईन जानें कि वह कैसे लगते हैं और फिर उसने कहा कि वह क्या मायने रखते हैं -आपको ग़ालिबन अपनी ज़ुबान में उसी तरह से तलफ्फुज़ करनी चाहिए और फिर मायने समझानी चाहिए –(देखें:INVALID translate/translate-transliterate)
Acts 1:1
τὸν μὲν πρῶτον λόγον ἐποιησάμην
इससे पहले की किताब लूक़ा कि इंजील है -
ὦ Θεόφιλε
लूका ने आमाल की किताब को एक शख्स को मुख़ तब करके लिखा जिस का नाम थियोफुलुस था -कुछ तर्जुमे अपनी तहज़ीब का पालन करते हुए एक ख़त लिखने बतोर मुख़ातब हुआ और आगाज़ी जुमला लिखा “अज़ीज़ थियोफुलुस” थियोफ़िलुस के मायने हैं “ख़ुदा का दोस्त”(देखें:INVALID translate/translate-names)
Acts 1:2
ἄχρι ἧς ἡμέρας…ἀνελήμφθη
यह येसु के आसमान पर सऊद फरमाने का हवाला पेश करता है-मुताबादिल तर्जुमा: “उस दिन तक जिस में ख़ुदा ने उसको आसमान उठालिया” या उस दिन तक जब वह आसमान पर उठालिया गया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
ἐντειλάμενος…διὰ Πνεύματος Ἁγίου
रूहुल क़ुदुस ने येसु की रहनुमाई की कि वह अपने शागिर्दों को कुछ बातों की नसीहत करे -
Acts 1:3
μετὰ τὸ παθεῖν αὐτὸν
यह येसु का हवाला देता है उसके सलीब पर दुःख उठाने और मौत सहने का -
οἷς…παρέστησεν ἑαυτὸν ζῶντα
येसु अपने रसूलों और दीगर कई एक शागिरदों पर ज़ाहिर हुआ -
Acts 1:4
यहां लफ्ज़ “वह” येसु का हवाला देता है -सिवाए इसके कि जहाँ दुसरे तरीक़े से यह लफ्ज़ “तुम“का इस्तेमाल हुआ है वह आमाल की किताब में जमा के सेगे में है –(देखेँ :INVALID translate/figs-you)
यह वाक़िया 40 दिनों के दौरान वाक़े हुआ जब येसू मुर्दों में से ज़िन्दा होने के बाद अपने ईमानदारों पर ज़ाहिर हुआ -
καὶ συναλιζόμενος
जब येसू अपने रसूलों के साथ एक साथ मुलाक़ात कर रहा था -
τὴν ἐπαγγελίαν τοῦ Πατρὸς
यह रूहुल क़ुदुस का एक हवाला है -मुताबादिल तर्जुमा :”वह रूहुल क़ुदुस जिसे भेजने के लिए बाप ने वायदा किया था”(देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ἣν
अगर आप ने इस से पहले के मुआवरे का तर्जुमा “रुहुल क़ुदुस” अलफ़ाज़ को शामिल करने के लिए किया है तो आप “कौनसे” के लफ्ज़ से “किसको” में बदल सकते हैं-मुताबादिल तर्जुमा: “किसकी बाबत येसू ने कहा”
Acts 1:5
Ἰωάννης μὲν ἐβάπτισεν ὕδατι;…ἐν Πνεύματι βαπτισθήσεσθε Ἁγίῳ
येसु मुकाबला करता है कि किसतरह युहन्ना ने लोगों को पानी का बपतिस्मा दिया और किसतरह ख़ुदा इमानदारों को रूहुल क़ुदुस का बपतिस्मा देगा -
Ἰωάννης μὲν ἐβάπτισεν ὕδατι
युहन्ना ने सचमुच में लोगों को पानी का बपतिस्मा दिया
ὑμεῖς…βαπτισθήσεσθε
इसको अमली शकल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:”ख़ुदा तुमको बपतिस्मा देगा “(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 1:6
यहां लफ्ज़ “वह” येसू के रसूलों का हवाला पेश करता है -
εἰ ἐν τῷ χρόνῳ τούτῳ, ἀποκαθιστάνεις τὴν βασιλείαν τῷ Ἰσραήλ
क्या तू इसी वक़्त इस्राईल को बादशाही फिर अता करेगा -
Acts 1:7
χρόνους ἢ καιροὺς
मुमकिन मायने हैं :1) “वक्तों” और “मीआदों” मुखतलिफ़ औक़ात का हवाला पेश करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “वक़्त का आम दौर या ख़ास तारीख़” या 2) दो अलफ़ाज़ बुनयादी तोर से हम मायने हैं -मुताबादिल तर्जुमा: “सही वक़्त”(देखें:INVALID translate/figs-doublet)
Acts 1:8
λήμψεσθε δύναμιν,…καὶ ἔσεσθέ μου μάρτυρες,
रसूल क़ुवत हासिल करेंगे जो उन्हें येसू की गवाही देने के क़ाबिल बनाएगा-मुताबादिल तर्जुमा:ख़ुदा तुमको कुव्वत बख्शेगा कि तुम ....मेरे गवाह बनो
ἕως ἐσχάτου τῆς γῆς
मुमकिन मायने हैं 1) ”तमाम दुनया में” या 2”ज़मीन के उन तमाम मक़ामात में जो बहुत दूर पाए जाते हैं (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 1:9
βλεπόντων αὐτῶν
उनके देखते देखते -रसूल येसू को ऊपर जाते देख रहे थे क्यूंकि येसू आसमान पर उठालिया गया -मुताबदिल तर्जुमा:”जब वह आसमान पर नज़र कर रहे थे”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
ἐπήρθη
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:“वह आसमान पर चढ़ गया” या ख़ुदा ने उसको आसमान पर उठा लिया”(देखें INVALID translate/figs-activepassive)
νεφέλη ὑπέλαβεν αὐτὸν ἀπὸ τῶν ὀφθαλμῶν αὐτῶν
एक बादल ने उसको नज़रों से छिपा लिया ताकि वह आगे को उसे देख न सकें
Acts 1:10
ἀτενίζοντες…εἰς τὸν οὐρανὸν
आसमान पर टकटकी लगाकर देखना या “आसमान पर ताकते रहना”
Acts 1:11
ἄνδρες, Γαλιλαῖοι
फ़रिश्ते रसूलों से गलीली बतोर मुखातब होते हैं -
ἐλεύσεται ὃν τρόπον
येसु आसमान पर फिर से वैसे ही लौटेगा जिस तरह बादलों ने आसमान पर उठाए जाने के वक़्त उसे छिपा लिया था -
Acts 1:12
τότε ὑπέστρεψαν
रसूल वापस लौट गए
Σαββάτου ἔχον ὁδόν
यह उस फ़ासिले का हवाला देता है जो रब्बियों के रिवायत के मुताबिक़ है ,यानि एक शख्स को सबत के दिन चलने की इजाज़त थी-मुतबादिल तर्जुमा: लगभग एक किलोमीटर दूर तक”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 1:13
καὶ ὅτε εἰσῆλθον
जब वह अपनी मंजिल पर पहुंचे -12 वें आयत कहती है वह येरूशलेम लौट रहे थे -
τὸ ὑπερῷον
घर के बालाख़ाने का कमरा
Acts 1:14
οὗτοι πάντες ἦσαν…ὁμοθυμαδὸ
इस का मतलब है कि रसूल और ईमानदारों ने एक मुश्तारिक मख्सूसियत और मक़सद को बांटा और उन के दरमियान कोई झगड़ा नहीं था -
προσκαρτεροῦντες…τῇ προσευχῇ
इसका मतलब यह है कि शागिर्द लगातार एक साथ मिलकर मुतवातिर दुआ करते थे -
Acts 1:15
यह वाक़िया उस दौरान वाक़े हुआ जब पतरस और दीगर ईमानदार सब मिलकर एक साथ बालाख़ाने में रहते थे -
ἐν ταῖς ἡμέραις
यह अलफ़ाज़ कहानी के एक नए हिस्से की शुरुआत को निशाँन दिही करते हैं -येसु के सऊद फ़रमाने के बाद जबकि शागिर्द बालाख़ाने में मिला करते थे यह उस वक़्त के दौर का हवाला पेश करते हैं -मुतबादिल तर्जुमा: “उस वक़्त के दौरान”(देखें:INVALID translate/writing-newevent)
ἑκατὸν εἴκοσι
एक सौ बीस लोग (देखें:INVALID translate/translate-numbers)
ἐν μέσῳ τῶν ἀδελφῶν
यहां लफ्ज़ “भाइयों”उन तमाम साथी इमानदारों को ज़ाहिर करता है जिस में मर्द और औरतें दोनों शामिल हैं -
Acts 1:16
ἔδει πληρωθῆναι τὴν Γραφὴν
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “वह बातें जो हम ने सहीफों में पढ़ींउन का वाक़े होना लाज़मी है” (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
διὰ στόματος Δαυεὶδ
यहाँ लफ्ज़ “ज़ुबानी”उन अलफ़ाज़ को ज़ाहिर करता है जो दाऊद ने लिखे -मुतबादिल तर्जुमा: “दाऊद के ज़रीए लिखे गए अलफ़ाज़” (देखें INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 1:17
18 से 19 आयतों में मुसन्निफ़ पढ़ने वाले के गोशा -ए-गुमनामी की इतला देता है कि किसतरह यहूदा इस्करयूती की मौत हुई और लोगों ने उस खेत को क्या कह करजहाँ वह मरा था- यह पतरस कि तक़रीर का हिस्सा नहीं है –(देखें:INVALID translate/writing-background)
हालाँकि पतरस तमाम कौम के लोगों से मुखाताब है यहां लफ्ज़ “हम” सिर्फ़ रसूलों को ज़ाहिर करता है (देखें :INVALID translate/figs-exclusive)
17 वीं आयत में पतरस इमानदारों के लिए अपनी तक़रीर को जरी रखता है जो उसने [आमाल1:16]में शुरू किया था (../01/16.md).
Acts 1:18
οὗτος…οὖν
अलफ़ाज़ “यह शख्स” यहूदा इस्करयूती को ज़ाहिर करता है -
μισθοῦ τῆς ἀδικίας
बदकारी की कमाई का मतलब जो बुरा काम उस ने किया उस से मुताल्लिक़ है-अलफ़ाज़ “उसकी बदकारी” यहूदा इस्करयूती की येसु के साथ फरेब कारी की बाबत हैजब उसने उसे लोगों के हवाला कियौर लोगों ने उसे मार डाला –(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
πρηνὴς γενόμενος, ἐλάκησεν μέσος, καὶ ἐξεχύθη πάντα τὰ σπλάγχνα αὐτοῦ
यह ख़याल दिलाता है कि यहूदा एक ऊंचे मक़ाम से गिर गया बनिस्बत इसके कि उसका नीचे गिर जाना गिर पड़ना इतना संजीदा था कि उसकी अंतड़ियों के बाहर निकलने का सबब बना -कलाम की दीगर इबारतें बयान करती हैं कि उसने खुद को फांसी लगा ली थी –(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 1:19
Χωρίον Αἵματος
येरूशलेम में रहने वाले लोगों ने जब सुना कि यहूदा कैसी मौत मरा था तो उनहोंने जिस खेत में वह दफ़न था उसका दूसरा नाम दिया -
Acts 1:20
यहूदा पर गुज़रे वाक़ियात की बिना पर जिसे पतरस ने अभी बयान किया था वह इस से मुताल्लिक़ दाऊद के दो ज़बूरों का हवाला देता है जो इस आयत के आखिर में ख़तम होता है -
पतरस इमानदारों के लिए अपनी तक़रीर जारी रखता है जो उसने [आमाल1:16]में शुरू किया था (../01 /16 .md).
γέγραπται γὰρ ἐν βίβλῳ Ψαλμῶν
इसको अमली शकल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: क्यूँकि ज़बुर में दाऊद ने लिखा कि” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
γενηθήτω ἡ ἔπαυλις αὐτοῦ ἔρημος, καὶ μὴ ἔστω ὁ κατοικῶν ἐν αὐτῇ
इन दोनों मुहावरों के मायने बुनयादी तोर से एक जैसे हैं -एक ही ख़याल को फ़रक अलफ़ाज़ के साथ दुहराते हुए दूसरा मुहावरा पहले के मायने पर ज़ोर देता है –(देखें:INVALID translate/figs-parallelism)
γενηθήτω ἡ ἔπαυλις αὐτοῦ ἔρημος
मुमकिन मायने हैं : 1) लफ्ज़ “खेत”उस खेत की तरफ़ इशारा करता है जहाँ यहूदा दफ़न था या 2)यह कि लफ्ज़ “खेत” यहूदा के रहने की जगह का इशारा करता है और उसकी खानदानी नसल के लिए मिसाली नज़रिया है -
γενηθήτω…ἔρημος
ख़ाली होजाना
Acts 1:21
यहां लफ्ज़ “हम”रसूलों की तरफ़ इशारा है जिस में सामईन लोग शामिल नहीं हैं जिन से पतरस मुखातब है –(देखें:INVALID translate/figs-exclusive)
इमानदारों के लिए पतरस ने जो तक़रीर [आमाल 1:16] में शुरू की थी उसको वह ख़त्म करता है (../01/16. Md)-
δεῖ οὖν
कलाम की बिना पर जो यहुदा ने किया उसका हवाला पेश किया- पतरस जमाअत से पूछता है कि उन्हें क्या करना चाहिए -
εἰσῆλθεν καὶ ἐξῆλθεν ἐφ’ ἡμᾶς ὁ Κύριος Ἰησοῦς
लोगों की एक जमाअत के बीच अन्दर बाहर होना एक मिसाली नज़रिया है जो उस जमाअत का एक हिस्सा था-मुताबदिल तर्जुमा: “खुदावंद येसू हमारे दार्मियान रहता है” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 1:22
ἀρξάμενος ἀπὸ τοῦ βαπτίσματος Ἰωάννου ἕως τῆς ἡμέρας ἧς ἀνελήμφθη ἀφ’ ἡμῶν, μάρτυρα τῆς ἀναστάσεως αὐτοῦ σὺν ἡμῖν, γενέσθαι ἕνα τούτων
नए रसूल की तक़र्रुरी के लिए जो इन अलफ़ाज़ से शुरू हुआ “चाहिए कि ....एक मर्द हमारे साथ रहे”वह यहां 21 आयत में ख़त्म होता है -फ़े’एल का मुब्तदा “चाहिए कि” इसतरह से है , “एक मर्द’ यहाँ जुमले का तहलील शुदा शक्ल है: “चाहिए कि ...कि एक मर्द जो हमारे साथ रहे ... युहन्ना के बपतिस्मे से लेकर ...हमारे साथ उसके जी उठने का गवाह बने”
ἀρξάμενος ἀπὸ τοῦ βαπτίσματος Ἰωάννου
इस्म “बपतिस्मे” को फ़े”एल बतोर तर्जुमा किया जा सकता है - मुमकिन मायने है: 1)जब से कि युहन्ना ने येसु को बपतिस्मा दिया वहां से आगाज़ करते हुए” या 2) जब से कि युहन्ना ने लोगों को बपतिस्मा दिया वहाँ से आग़ाज़ करते हुए” (देखें:INVALID translate/figs-abstractnouns)
ἕως τῆς ἡμέρας ἧς ἀνελήμφθη ἀφ’ ἡμῶν
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुताबादिल तर्जुमा: ”उस दिन तक जब से कि येसु हम से विदा हुआ और आसमान पर चढ़ गया” या “उस दिन तक जब से कि ख़ुदा ने हमारे बीच में से उठा लिया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
μάρτυρα τῆς ἀναστάσεως αὐτοῦ σὺν ἡμῖν, γενέσθαι
शुरू करना ज़रुरी है कि हमारे साथ उसके जी उठने का गवाह बने
Acts 1:23
ἔστησαν δύο
यहां जो लफ्ज़ है “वह” उन तमाम ईमानदारों को इशारा करता है जो वहां हाज़िर थे – मुतबादिल तर्जुमा: “उनहोंने दो मरदों को पेश किया जिन्हों ने ज़रूरत को पूरा किया जिस की फेहरिस्त पतरस ने बनाई थी (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Ἰωσὴφ τὸν καλούμενον Βαρσαββᾶν, ὃς ἐπεκλήθη Ἰοῦστος
इसको अमली शक्ल में तर्जुमा किया जा सकता था -मुताबदिल तर्जुमा:एक यूसुफ़ को जो बरसबा कहलाता और जिसका लक़ब यूसितुस है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/translate-names)
Acts 1:24
προσευξάμενοι, εἶπαν
यहाँ जो लफ्ज़ है “वह”उन तमाम ईमानदारों को इशारा करता है जो वहां हाज़िर थे मगर वह गालिबन रसूलों में से एक था जिस ने यह अलफ़ाज़ कहे थे -मुतबादिल तर्जुमा: रसूलों ने एक साथ मिलकर दुआ की और एक रसूल ने कहा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
σὺ Κύριε, καρδιογνῶστα πάντων
यहाँ जो लफ्ज़ “दिल” है वह ख़यालात और मक़ासिद को ज़ाहिर करता है - मुतबादिल तर्जुमा: ऐ खुदावंद ,तू जो सब के दिलों और मक़ासिद को जानता है (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 1:25
λαβεῖν τὸν τόπον τῆς διακονίας ταύτης καὶ ἀποστολῆς
यहां जो लफ्ज़ “रिसालत” हैवह किस तरह की “ख़िदमत” है उसे वाज़ेह करता है -मुतबादिल तर्जुमा:ताकि इस रिसालत की ख़िदमत में यहूदा की जगह ले” या “रसूल बतोर ख़िदमत करने के लिए यहूदा की जगह ले सके – (देखें:INVALID translate/figs-doublet)
ἀφ’ ἧς παρέβη Ἰούδας
यहाँ जो इज़हार का लफ्ज़ है “छोड़कर”इस के मायने हैं कि यहूदा ने अपनी ख़िदमत गुज़ारी छोड़ दी थी-मुतबादिल तरजुमा: जिसे यहूदा ने पूरा करना बंद कर दिया था”-
πορευθῆναι εἰς τὸν τόπον τὸν ἴδιον
यह मुहावरा यहूदा कि मौत का हवाला पेश करता है ग़ालिबन मौत के बाद उसकी अदालत के फ़ैसले की बाबत- मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी जगह जाना जहां का वह था” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)
Acts 1:26
ἔδωκαν κλήρους αὐτοῖς
यूसुफ़ और मत्तियाह के बीच फ़ैसला करने के लिए रसूलों ने कुरा डाला -
ἔπεσεν ὁ κλῆρος ἐπὶ Μαθθίαν
और कुरा से ज़ाहिर हुआ कि मत्तियाह को यहूदा की जगह लेनी चाहिए -
συνκατεψηφίσθη μετὰ τῶν ἕνδεκα ἀποστόλων
इसको अमली शल्क में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: ईमानदारों ने लिहाज़ किया कि मत्तियाह दीगर ग्यारह् रसूलों में शुमार है (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 2
आमाल 02 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे नज़्म के हर एक लकीर को दायें रखते हैं बनिस्बत इबारत के बाक़ी जगहों पर ताकि पढने में आसानी हो -ULT नज़्म के साथ ऐसा करता है जो 2:17-21, 25-28, 34-35 में पुराने अहद नामे से लिया गया है -
कुछ तर्जुमे पुराने अहद्नामे के हवालाजात को सफ़्हा में दायें से कुछ दूर रखते हैं बनिस्बत इबारत के बाकी जगहों पर -ULT हवालाजात को 2:31 ऐसा करता है -
इस बाब में जिन वाक़ियात का बयान है वह आम तोर से “पेंतिकुस्त” के हैं -बहुत से लोगों का एत्काद है कि कलीसिया के वजूद का आग़ाज़ तब हुआ जब इस बाब में ईमानदारों के अन्दर रूहुल क़ुदुस सुकूनत करने लगा था-
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
जुबानें
लफ्ज़ “जुबानें’इस बाब में दो मायने रखते हैं -लूक़ा बयान करता है कि कौनसी चीज़ आसमान से नाजिल हुई (आमाल 2:3) जुबानें जो आग की लपटें जैसी दिखाई देती थीं -यह “एक शोले की ज़ुबान” से फ़रक़ था- यानी एक ज़ुबान जैसा आग का टुकड़ा -लूक़ा भी लफ्ज़ “ग़ैर ज़बानें” का इस्तेमाल करता है यह बयान करने के लिए जो लोगों ने रूहुल क़ुदुस से भर जाने के बाद बोला ([आमाल 2:4] (../02/04 md)).
ज़माने का आख़िर
कोई भी यकीनी तोर से नहीं जानता कि ज़माने का आख़िर कब से शुरू हुआ (2:17)-आपका तर्जुमा इस से ज़ियादा नहीं कहना चाहिए जितना कि ULT इस की बाबत कहे –(देखें:आखरी दिन, आख़िरी दिनों, बा’द के दिनों
बपतिस्मा देना
लफ्ज़ “बपतिस्मा देना” इस बाब में मसीही बपतिस्मे को ज़ाहिर करता है(आमाल 2:38 -41)- हालांकि जो वाकिया [2:1-11] (./01.md) में बयान किया गया है वह रूहुल क़ुदुस की बाबत है जिसे देने का वायदा येसू ने [आमाल 1:5]में किया था (../../आमाल/01/05.md) लफ्ज़ बपतिस्मा देना यहां उस वाकिये का हवाला नहीं देता –(देखें बपतिस्मा देना, बपतिस्मा लिया, बपतिस्मा
योएल नबी की नबुवत
बहुत सारी बातें जो योएल नबी ने कही थीं वह पेंतिकुस्त के दिन वाक़े हुईं (आमाल 2:17-18)-(देखें:नबी , नबी , नबूव्वत ,नबूव्वतें ,नबीया , नबीय )
करामात और निशानात
यह अलफ़ाज़ ज़ाहिर करते हैं कि सिर्फ़ खुदा ही इन्हें अंजाम दे सकता है जिन्हें येसू ने अंजाम दिया इसलिए शागिर्दों ने कहा कि वह ख़ुदा है -
Acts 2:1
यह एक नया वाक़िया है;अब यह पेंतिकुस्त का दिन है, यानी फ़सह से 50 दिन बाद -
यहाँ लफ्ज़ “वह” रसूलों को और दीगर 120 लोगों को ज़ाहिर करता है जो लूक़ा [आमाल1:15] में बयान करता है(../01/15.md)-
Acts 2:2
ἄφνω
यह लफ्ज़ एक वाक़िये का हवाला देता है जो तवक्को बिना वाक़े होजाता है -
ἐγένετο…ἐκ τοῦ οὐρανοῦ ἦχος
मुमकिन मायने हैं : 1) “आसमान” वह मक़ाम जहां ख़ुदा सुकूनत करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “एक आवाज़ आसमान से सुनाई दी” या 2) “आसमान” नीले आसमान को भी ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “एक आवाज़ आसमान से आई”
ἦχος, ὥσπερ φερομένης πνοῆς βιαίας
एक आवाज़ जैसे ज़ोर की आंधी का सन्नाटा होता है -
ὅλον τὸν οἶκον
यह एक घर हो सकता है या एक बड़ी इमारत हो सकती है -
Acts 2:3
ὤφθησαν αὐτοῖς…γλῶσσαι ὡσεὶ πυρός
यह हो सकता है कि असलियत में जीभें या आग न हों मगर यह उस तरह की सी लगती थीं-मुमकिन मायने हैं 1) जीभें जैसी कि लग रही थीं कि आग से बनी हों -या 2) छोटे आग के शोले जो जीभें जसी लग रही थीं-जब आग छोटी जगह पर जलती है जैसे कि चिराग पर तो उस की शक्ल एक जीभ जैसी लगती है - देखें:INVALID translate/figs-simile)
διαμεριζόμεναι…καὶ ἐκάθισεν ἐφ’ ἕνα ἕκαστον αὐτῶν
इस का मतलब यह है कि “आग जैसी जीभें” फैल गई ताकि वह हर एक शख्स पर जाकर ठहर जाए -
Acts 2:4
ἐπλήσθησαν πάντες Πνεύματος Ἁγίου, καὶ
इस को अमली तोर पर बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “जितने लोग वहां पर थे वह सब के सब रूहुल क़ुदुस से भर गए” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
λαλεῖν ἑτέραις γλώσσαις
वह ग़ैर ज़ुबानें बोल रहे थे जो वह पहले से नहीं जानते थे-
Acts 2:5
यहाँ लफ्ज़ “वह सब” ईमानदारों को ज़ाहिर करता है: लफ्ज़ “उसका” उस हर एक शख्स को जो भीड़ में मौजूद था- 5 आयत उस गोशा-ए-गुमनामी से आए हुए ला तेदाद यहूदी लोगों की इतला देता है जो येरूशलेम में रहते थे,उन में से कई लोग वहां मौजूद थे जहां यह वाक़िया हुआ था – (देखें:INVALID translate/writing-background)
ἄνδρες εὐλαβεῖς
यहाँ “ख़ुदा परस्त” लोग उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो ख़ुदा की इबादत में दीनदार थे और तमाम यहूदी शरीयत की इताअत करते थे-
παντὸς ἔθνους τῶν ὑπὸ τὸν οὐρανόν
दुनया कि हर एक कौम -लफ्ज़ “हर एक” एक मुबालिग़ा जो इस बात पर जोर देता है कि लोग फ़रक फ़रक कौमों से आए- मुतबादिल तर्जुमा: “मुख्तलिफ़ कौम से बहुत से लोग” (देखें INVALID translate/figs-hyperbole)
Acts 2:6
γενομένης δὲ τῆς φωνῆς ταύτης
यह उस आवाज़ की तरफ़ इशारा करता है जो कि एक तेज़ आंधी का सन्नाटा हो- मुताबदिल तर्जुमा: “जब उनहोंने इस आवाज़ को सुना” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
τὸ πλῆθος
ला तादाद लोगों की भीड़
Acts 2:7
ἐξίσταντο δὲ πάντες καὶ ἐθαύμαζον
यह दोनों अलफ़ाज़ एक ही मायने पेश करते हैं -दोनों ही हैरत कि शिद्दत पर जोर देते हैं -मुतबादिल तर्जुमा: “उनहोंने बहुत बहुत ताज्जुब किया”(देखें:INVALID translate/figs-doublet)
οὐχ ἰδοὺ, ἅπαντες οὗτοί εἰσιν οἱ λαλοῦντες Γαλιλαῖοι
लोगों ने यह सवाल अपनी हैरत ज़ाहिर करने के लिए पूछा- यह सवाल ग़ुल पुकार में बदल सकता था-मुतबादिल तर्जुमा: “फिर क्यूँकर हम गलीलियों में से हर एक अपने अपने वतन की बोली सुनता है!”(देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-exclamations)
Acts 2:8
καὶ πῶς ἡμεῖς ἀκούομεν ἕκαστος τῇ ἰδίᾳ διαλέκτῳ ἡμῶν, ἐν ᾗ ἐγεννήθημεν
मुमकिन मायने हैं:1) यह एक मुबालिग़ा आमेज़ सवाल है जो ज़ाहिर करता है किवह लोग कितने हैरत ज़दा थे – या 2) यह एक हकीकी सवाल है जिस का जवाब लोगों को चाहिए था – (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
τῇ ἰδίᾳ διαλέκτῳ ἡμῶν, ἐν ᾗ ἐγεννήθημεν
हमारी अपनी ज़ुबान में जो हम ने पैदाइश से सीखा था
Acts 2:9
Πάρθοι,…Μῆδοι,…Ἐλαμεῖται
यह लोगों की जमा अतों (क़बीलों) के नाम हैं (देखें:INVALID translate/translate-names)
τὴν Μεσοποταμίαν, Ἰουδαίαν;…Καππαδοκίαν, Πόντον,…Ἀσίαν;
यह मुल्क के बड़े बड़े इलाकों के नाम हैं (देखें:INVALID translate/translate-names)
Acts 2:10
Φρυγίαν,…Παμφυλίαν, Αἴγυπτον,…Λιβύης…Κυρήνην
यह मुल्क के बड़े बड़े इलाकों के नाम हैं (देखें:INVALID translate/translate-names)
Acts 2:11
Κρῆτες…Ἄραβες
यह लोगों की जमा अतों (क़बीलों) के नाम हैं (देखें:INVALID translate/translate-names)
προσήλυτοι
यहूदी मज़हब से ईमान लाए हुए लोग
Acts 2:12
ἐξίσταντο…καὶ διηποροῦντο
यह दोनों अलफ़ाज़ एक ही मायने पेश करते हैं -दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि लोग समझ नहीं पाए थे कि वहां क्या हो रहा था -मुतबादिल तर्जुमा:”ताज्जुब किया और उलझन में पड़ गए” (देखें:INVALID translate/figs-doublet)
Acts 2:13
γλεύκους μεμεστωμένοι εἰσίν
कुछ लोग ईमानदारों पर इलज़ाम लगाने लगे कि वह बहुत ज़ियादा शराब के नशे में थे- मुतबादिल तर्जुमा: ”वह नशे की हालत में थे” (देखेंINVALID translate/figs-idiom)
γλεύκους
यह वह शराब है जो खमीरा करने के तरीके से तय्यार किया जाता था
Acts 2:14
पतरस अपनी तक़रीर पेंतिकुस्त के दिन यहूदियों के लिए पेश करना शुरू करता है-
σταθεὶς…σὺν τοῖς ἕνδεκα
तमाम रसूल पतरस के बयान के तआवुन में खड़े हो गए थे -
ἐπῆρεν τὴν φωνὴν αὐτοῦ
यह “ऊंची आवाज़ में बात करने” के लिए एक मुहावरा है- (देखें:rc:/ /en/ta/man/translate/figs – idiom)
τοῦτο ὑμῖν γνωστὸν ἔστω
इस के मायने यह हैं कि पतरस यह समझाने की कोशिश करता है जो लोगों ने गवाही दी थी-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “इसे जानो” या “मुझे इसे समझाने दें” (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
ἐνωτίσασθε τὰ ῥήματά μου
पतरस जो कुछ कह रहा था उसका हवाला भी दे रहा था -मुताबदिल तर्जुमा: जो मैं कख रहा हूँ उसे गौर से सुनें” (देखेंINVALID translate/figs-metonymy)
Acts 2:15
γὰρ…ὥρα τρίτη τῆς ἡμέρας
अभी तो सुबह के नौ बजे हैं -पतरस अपने सुनने वालों से तवक्को कर रहा था कि लोगों को यह मालूम होना चाहिए था कि इतनी जलदी सुबह में कोई नशा नहीं करता –(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 2:16
यहाँ पतरस उन्हें पुराने अहद नामे से योएल नबी की किताब से एक इबारत का हवाला देता है जो ग़ैर ज़ बानों से मुताल्लिक वाक़े हो रहा था जिस में ईमानदार बात कर रहे थे -यह नज़्म की सूरत में और एक हवाला बतोर भी लिखा गया है-
τοῦτό ἐστιν τὸ εἰρημένον διὰ τοῦ προφήτου Ἰωήλ
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा:”यह वह बात है जो योएल नबी की मारिफ़त कही गई है” या “यह वह बात है जिसे योएल नबी ने फ़रमाया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 2:17
ἔσται
“ऐसा होने वाला है” या “यह वह है जिसे मैं करूंगा”
ἐκχεῶ ἀπὸ τοῦ Πνεύματός μου ἐπὶ πᾶσαν σάρκα
यहाँ जो लफ्ज़ है “डालूँगा’ जिस का मतलब है फ़राख दिली से और कसरत से - मुतबादिल तर्जुमा: “मैं अपनी रूह तमाम बशर पर कसरत से उन्डेलूँगा” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:18
पतरस योएल नबी का हवाला देना जारी रखता हैं -
τοὺς δούλους μου, καὶ ἐπὶ τὰς δούλας
मेरे ख़ादिम और ख़ादिमा दोनों नबुवत करेंगे -यह अलफ़ाज़ जोर देते हैं कि ख़ुदा अपनी रूह अपने सब ख़ादिमों पर उंडेलेगा यानी मर्द और औरत दोनों पर -
ἐκχεῶ ἀπὸ τοῦ Πνεύματός μου
यहाँ लफ्ज़ “उंडेला जाना” मतलब है फ़राख दिली और कसरत से-देखें कि आप ने इसे [आमाल 2:17] में किस तरह से तर्जुमा किया है (../02/17.md)-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं अपनी रूह में से तमाम लोगों को कसरत से दूंगा” देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:19
ἀτμίδα καπνοῦ
मोटा धुआं या “धुएं का बादल”
Acts 2:20
पतरस योएल नबी की किताब से हवाला देना बंद करता है -
ὁ ἥλιος μεταστραφήσεται εἰς σκότος
इस का मतलब यह है कि सूरज उजला (उजाला) दिखाई देने के बदले तारीक दिखाई देगा- मुतबादिल तर्जुमा: ”सूरज अँधेरा हो जाएगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
ἡ σελήνη εἰς αἷμα
इस मतलब यह है कि चाँद खून कि तरह बिलकुल लाल नज़र आएगा-मुतबादिल तर्जुमा “चाँद लाल रंग का नज़र आएगा” (देखेंINVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-ellipsis)
ἡμέραν…τὴν μεγάλην καὶ ἐπιφανῆ
अलफ़ाज़ “जलील” और “अज़ीम” एक ही मायने पेश करते हैं और ख़ुदा की अज़मत की शिद्दत पर ज़ोर देते हैं-मुतबादिल तर्जुमा “बहुत बड़ा दिन”(देखें:INVALID translate/figs-doublet)
ἐπιφανῆ
अज़ीम और जलील
Acts 2:21
πᾶς ὃς ἂν ἐπικαλέσηται τὸ ὄνομα Κυρίου σωθήσεται
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद उन सब को बचाएगा जो उसे पुकारते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 2:22
पतरस यहूदियों से मुखाताब होकर अपनी तक़रीर को जरी रखता है जो उसने आमाल [1:16]में शुरू किया था (../01/16.md)-
ἀκούσατε τοὺς λόγους τούτους
जो मैं कहने पर हूँ उस को तवज्जोह से सुनें
ἀποδεδειγμένον ἀπὸ τοῦ Θεοῦ εἰς ὑμᾶς δυνάμεσι, καὶ τέρασι, καὶ σημείοις
इस का मतलब यह है कि ख़ुदा ने साबित किया कि उस ने अपने काम के लिए येसु को मुक़र्रर किया- और उसने अपने बहुत से मोजिजों के ज़रिये साबित किया कि वह कौन था -
Acts 2:23
τῇ, ὡρισμένῃ βουλῇ καὶ προγνώσει τοῦ Θεοῦ
इस्म “मुक़र्ररा इंतज़ाम” और “इल्म-ए-साबिक़” को अफ़आल बतोर भी तर्जुमा किया जा सकता है – इस का मतलब यह है कि ख़ुदा ने मुक़र्ररा इंतज़ाम और वह पहले से जनता था कि येसु के साथ क्या होने वाला है -मुतबादिल तर्जुमा: “इस लिए कि ख़ुदा ने मंसूबा किया कि और वह पहले से सब कुछ जानता था कि क्या होने वाला है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
τοῦτον…ἔκδοτον
मुमकिन मायने: 1) “तू ने येसू को उस के दुशमनों के हवाला किया” या 2) यहूदा ने येसू को फरेब दिया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
διὰ χειρὸς ἀνόμων, προσπήξαντες ἀνείλατε
हालाँकि “बे शरा’” लोगों ने हक़ीक़त में येसू को मस्लूब किया,पतरस भीड़ पर इलज़ाम लगा रहा है कि उन्हों ने उसको मारा क्यूंकि उनहोंने उसके मौत की मांग करी थी -
διὰ χειρὸς ἀνόμων
यहाँ “हाथों” बे शरा’ लोगों के कामों को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “बे शरा’ लोगों के कामों के ज़रिये” या “बे शरा लोगों ने जो किया” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ἀνόμων
मुमकिन मायने हैं: 1)ग़ैर ईमानदार यहूदियों ने जो येसू पर जुरमों का इलज़ाम लगाया था 2) रोमी सिपाहियों ने जो येसू को मस्लूब करने का काम अंजाम दिया था-
Acts 2:24
ὃν ὁ Θεὸς ἀνέστησεν
यहाँ जिलाया जाना मुहावरा है उस के लिए जो मर गया है फिर से ज़िन्दा होने का सबब बन्ना-मुतबादिल तर्जुमा: “मगर ख़ुदा ने उसको फिर से जिलाया” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
λύσας τὰς ὠδῖνας τοῦ θανάτου
पतरस मरने कि बाबत कहता है जैसे कि मौत एक शख्स के लिए दर्दनाक तरीके से बाँध कर ले जाना और उसको गुलाम बतोर पकड़े रहना-वह ख़ुदा कि बाबत बात करता है कि उसने मौत का काम तमाम कर दिया,जो बंधन मसीह को बाँधे हुए थी उसको उसने तोड़ दिया- मुताबदिल तर्जुमा: “मौत के दर्द का खातिमा कर देना”- (देखें:INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-personification)
κρατεῖσθαι αὐτὸν ὑπ’ αὐτοῦ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा “मौत के लिए उसे रोके रहना”(देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
κρατεῖσθαι αὐτὸν ὑπ’ αὐτοῦ
पतरस मसीह कि बाबत बात करता है वह मुर्दा बना रहा जैसे कि एक शख्स को गुलाम बतोर पकड़े रहते हैं – मुताबदिल तर्जुमा: “उसके लिए मुर्दा बना रहना” (देखें: INVALID translate/figs-personification)
Acts 2:25
यहां पतरस दाऊद के लिखे एक ज़बूर कि इबारत का बयान करता है जो येसू की मस्लूबियत और क़यामत से मुताल्लिक़ है जबकि पतरस कहता है कि दाऊद ने यह अलफ़ाज़ येसू की बाबत कहे -अलफ़ाज़ “मैं” और “मेरा” येसू के लिए है और अलफ़ाज़ “खुदावंद” और “वह” ख़ुदा के लिए इस्तेमाल है -
ἐνώπιόν μου
अपने सामने -मुतबादिल तर्जुमा: “मेरी हाज़री में’ या “मेरे साथ” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-idiom)
ἐκ δεξιῶν μού
ताकि किसी के “दहनी तरफ़” अक्सर इस का मतलब होता है मदद और सहारा देने की हालत में- मुतबादिल तर्जुमा: “दहनी तरफ़” या “मेरी मदद के लिए मेरे साथ” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-idiom)
μὴ σαλευθῶ
यहां लफ्ज़ “जुम्बिश’ का मतलब है तकलीफ़ में होना -इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: “लोग मुझे तकलीफ़ देने का सबब नहीं बनेंगे” या “मुझे कोई तकलीफ़ नहीं होगी” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 2:26
ηὐφράνθη ἡ καρδία μου, καὶ ἠγαλλιάσατο ἡ γλῶσσά μου
लोग “दिल” को जज़्बात का मरकज़ समझते और “ज़ुबान” को उन जज़्बात की आवाज़ बतोर -मुतबादिल तर्जुमा: “मैं खुश और शादमान हुआ” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
ἡ σάρξ μου κατασκηνώσει ἐπ’ ἐλπίδι
जिस्म लफ्ज़ के मुमकिन मायने हैं 1)वह जो मरता है एक जिस्म है-मुतबादिल तर्जुमा: “हालाँकि मैं सिर्फ़ एक जिस्म हूँ फिर भी मेरा भरोसा सिर्फ़ ख़ुदा पर है” या 2) उसकी कामिल शख्सियत के लिए पूरी उम्मीद -मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ख़ुदा पर भरोसा करते हुए जिऊंगा” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 2:27
जबकि पतरस ख़ रहा है कि दाऊद ने येसू कि बाबत यह अलफ़ाज़ कहे , अलफ़ाज़ “मेरा” “मुक़द्दस” और ‘मुझे” यह येसु कि बाबत है और “तुम” और “तुम्हारा” ख़ुदा लके लिए इस्तेमाल हुआ है-
पतरस दाऊद के अलफ़ाज़ का हवाला देना ख़त्म कयता है-
οὐδὲ δώσεις τὸν Ὅσιόν σου ἰδεῖν διαφθοράν
लफ्ज़ मसीहा,येसु खुद को हवाला देता है “अपने मुक़द्दस” अलफ़ाज़ के साथ-मुतबादिल तर्जुमा: “न अपने मुक़द्दस के सड़ने की नौबत पहुँचने देगा” (देखें:INVALID translate/figs-123person)
ἰδεῖν διαφθοράν
यहां लफ्ज़ ‘देखना” इसका मतलब है किसी का तजुर्बा करना- यहां लफ्ज़ “सड़ना” मरने के बाद उसके जिस्म का तहलील होने को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “सड़जाना’ (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 2:28
ὁδοὺς ζωῆς
रास्ते जो ज़िन्दगी कि तरफ़ जाते हैं
πληρώσεις με εὐφροσύνης μετὰ τοῦ προσώπου σου
यहां लफ्ज़ “दीदार” ख़ुदा की हुज़ूरी को ज़ाहिर करता है - मुतबादिल तर्जुमा: ”जब मैं तुझे देखता हूँ तो बहुत खुश होता हूँ” या “जब मैं तेरी हुज़ूरी में होता हूँ तो बहुत खुश होता हूँ” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
εὐφροσύνης
शादमानी , ख़ुशी
Acts 2:29
आयत 29 और 30 में अलफ़ाज़ “वह” “उसका” और “उसे” दाऊद की तरफ़ इशारा है -आयत 31 में पहला “वह” के लिए है दाऊद के लिए है और हवाले के बीच में “वह” और “उसका” मसीह को ज़ाहिर करता है-
पतरस अपनी तक़रीर को अपने अतराफ़ खड़े हुए यहूदियों और येरूशलेम के ईमानदारों के लिए जारी रखता है जो उस ने आमाल1:16 में शुरू किया था-
ἀδελφοί, ἐξὸν
मेरे साथी यहूदियो, मैं ....
καὶ ἐτελεύτησεν καὶ ἐτάφη
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह मर गया था और लोगों ने उसे दफ़न किया था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 2:30
ἐκ καρποῦ τῆς ὀσφύος αὐτοῦ, καθίσαι ἐπὶ τὸν θρόνον αὐτοῦ
ख़ुदा दाऊद की नसल से दाऊद के तख़्त पर एक शख्स को बिठाएगा- मुतबादिल तर्जुमा: ख़ुदा दाऊद की नस्ल से एक शख्स को मुक़र्रर करेगा कि दाऊद के मक़ाम पर बादशाह हो- देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ἐκ καρποῦ τῆς ὀσφύος αὐτοῦ
यहां जो “फल” (पेट का फल) का लफ्ज़ है वह “उसका जिस्म” जो पैदा करता है उसे ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी नसल में से एक” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:31
οὔτε ἐνκατελείφθη εἰς ᾍδην
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसको आलम -ए- अर्वाह में नहीं छोड़ा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
οὔτε ἡ σὰρξ αὐτοῦ εἶδεν διαφθοράν
यहां लफ्ज़ “देखो” का मतलब है किसी चीज़ का तजुर्बा करना- लफ्ज़ सड़ना मौत के बाद उसके जिस्म के तहलील होने को ज़ाहिर करता है-देखें कि आप ने इसे आमाल 2:27 में किसतरह तर्जुमा किया है- मुतबादिल तर्जुमा “न ही उसके जिस्म के सड़ने कि नौबत आई ,न ही इतनी मुद्दत तक मुर्दा पड़ा रहा कि वह सड़ जाए (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 2:32
यहां दूसरा लफ्ज़ “यह” शागिर्दों कि तरफ़ इशारा करता है जो रुहुल क़ुदुस के हासिल करने के बाद ग़ैर ज़ुबान बोल रहे थे - लफ्ज़ “हम” शागिर्दों और उन गवाहों कि तरफ़ इशारा करता है जो येसू के जी उठने के बाद मौजूद थे (देखें:INVALID translate/figs-exclusive)
ἀνέστησεν ὁ Θεός
यह एक मुहावरा है -मुतबादिल तर्जुमा: “फिर से ज़िन्दा रहने के लिए ख़ुदा ने उसको सबब बनाया” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:33
τῇ δεξιᾷ…τοῦ Θεοῦ ὑψωθεὶς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तरजुमा: “इस लिए कि ख़ुदा ने येसु को अपनी दाहनी तरफ़ बिठाया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
τῇ δεξιᾷ…τοῦ Θεοῦ ὑψωθεὶς
ख़ुदा कि दहनी तरफ़ होना यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है कि मसीह ख़ुदा बतोर ख़ुदा के इख्तियार के साथ हुकूमत करेगा -मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह ख़ुदा का दर्जा रखता है” ( देखें:INVALID translate/figs-idiom)
ἐξέχεεν…ὃ
यहाँ जो अलफ़ाज़ “उंडेला गया” इस का मतलब है येसु जो ख़ुदा है , उसने इस वाक़िये को होने दिया- यह मुक़द्दर है जो इसे ईमानदारों को अपनी रूह देने के ज़रिये करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “उसने इन बातों को होने दिया कि” (देखें:INVALID translate/figs-idiom और INVALID translate/figs-explicit)
ἐξέχεεν
यहाँ जो अलफ़ाज़ हैं “उंडेला गया” इस का मतलब है फ़राख दिली और कसरत से देना -आप देखें कि आपने इसी तरह के मुहावरे को [आमाल 2:17] (../02/17 md) में किस तरह तर्जुमा किया है -मुतबादिल तर्जुमा: ”कसरत से दिया गया”(देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:34
पतरस दुबारा दाऊद के एक ज़बूर का हवाला देता है इस ज़बूर में दाऊद खुद के बाबत कुछ नहीं कहता-“खुदावंद” और मेरा ख़ुदा की तरफ़ इशारा करता है ; “मेरे खुदावंद” और “तुम्हारे”येसू कि तरफ़ जो मसीहा है -
पतरस यहूदियों से मुखातब अपनी तक़रीर को जो उसने आमाल 1:16 में शुरू किया था उसे ख़त्म करता है-
κάθου ἐκ δεξιῶν μου
“ख़ुदा के दहनी तख़्त पर” बैठना ख़ुदा की तरफ़ से एक बड़ी इज़्ज़त और इख्तियार हासिल करने का एक अमली मिसाल है -मुतबादिल तर्जुमा: “इज़्ज़त के मक़ाम पर मेरी दहनी तरफ़ बैठो” (देखें:INVALID translate/translate-symaction)
Acts 2:35
ἕως ἂν θῶ τοὺς ἐχθρούς σου ὑποπόδιον τῶν ποδῶν σου
इसका मतलब है कि ख़ुदा मसीहा के दुश्मनों को पूरी तरह से शिकस्त देगा और उनको उसके मातहत कर देगा-मुतबादिल तर्जुमा: “जब तक कि मैं तेरे सारे दुश्मनों पर फतेह्मंद न कर दूँ” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 2:36
πᾶς οἶκος Ἰσραὴλ
यह तमाम बनी इस्राईल कौम को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “हरेक इस्राईली” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:37
यहां लफ्ज़ “वह” भीड़ के उन लोगों को ज़ाहिर करता है जिनसे पतरस मुखातब था-
पतरस कि तक़रीर को यहूदियों ने सुना और उन के सवालों का पतरस ने जवाब दिया-
ἀκούσαντες
जब लोगों ने सुना जो पतरस ने उनसे कहा था-
κατενύγησαν τὴν καρδίαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: पतरस के अलफ़ाज़ से उन के दिलों पर चोट लगी- (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
κατενύγησαν τὴν καρδίαν
इस का मतलब यह है कि लोगों ने खुद को खतावार महसूस किया और बहुत ग़मगीन हुए -मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत ज़ियादा परेशान हुए” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 2:38
βαπτισθήτω
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “बपतिस्मा लो” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
ἐπὶ τῷ ὀνόματι Ἰησοῦ Χριστοῦ
के नाम से यहां पर “इख्तियार के लिए” एक मजाज़ है ,मुत्बादिल तर्जुमा: “येसु मसीह के इख्तियार के ज़रिये से” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 2:39
πᾶσι τοῖς εἰς μακρὰν
इस का मतलब है या तो 1) ”तमाम लोग जो बहुत दूर रहते हैं” या फिर 2) वह तमाम लोग जो खुदा से बहुत दूर हैं -
Acts 2:40
यह कहानी का आखरी हिस्सा है जो पेंतिकुस्त के दिन वाक़े हुआ था – 42 आयत से एक नए हिस्से की शुरुआत होती है जो बताती है कि किस तरह ईमानदारों ने पेतिकुस्त के बाद ईमान कि ज़िन्दगी जीना जारी रखा – (देखें:INVALID translate/writing-endofstory)
διεμαρτύρατο, καὶ παρεκάλει αὐτοὺς
पतरस ने संजीदा तोर से उनसे कहा और उनसे दरखास्त की- यहां अलफ़ाज़ “जता जता कर” और “नसीहत करके” उसी मायने को पेश करते और ज़ोर देते हैं कि पतरस नेउन्हें सख्ती से जतायाकि जो कुछ उसने कहा था उस पर अमल करें- मुतबादिल तर्जुमा: “उसने उन्हें सख्ती से जताया” (देखें:INVALID translate/figs-doublet)
σώθητε ἀπὸ τῆς γενεᾶς τῆς σκολιᾶς ταύτης
तर्ज़ -ए- अमल यह है कि ख़ुदा “इस “तेढ़ी कौम” को सज़ा देगा- मुतबादिल तर्जुमा:खुद को उस सज़ा से बचाओ जिस में यह शरारती लोग मुबतला होंगे “(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 2:41
οἱ…ν ἀποδεξάμενοι τὸν λόγον αὐτοῦ
यहाँ जो लफ्ज़ है “हासिल किया” इस का मतलब है कि जो कुछ पतरस ने कहा था वह सब सच था-मुतबादिल तर्जुमा: “उनहोंने पतरस की बातों का यकीन किया” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
ἐβαπτίσθησαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पतरस ने उन्हें बपतिस्मा दिया”-(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
προσετέθησαν ἐν τῇ ἡμέρᾳ ἐκείνῃ, ψυχαὶ ὡσεὶ τρισχίλιαι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उस दिन 3000 “जानें” ईमानदारों के साथ शामिल हो गए”- (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
ψυχαὶ ὡσεὶ τρισχίλιαι
यहाँ लफ्ज़ “जानें” लोगों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “लगभग 3000 लोग” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 2:42
κλάσει τοῦ ἄρτου
रोटी उन के खाने का हिस्सा था - मुमकिन मायने हैं : 1) यह किसी भी खाने को ज़ाहिर करता हैजिसे वह मिलकर खाते हों -मुताबादिल तर्जुमा “मिलकर खाना खाना या 2) यह उस खाने का भी हवाला देता है जो मसीह की मौत और उसके जी उठने की यादगारी में खाई जाती है-मुतबादिल तर्जुमा “आशाए रब्बानी को मिलकर खाना”-(देखें:INVALID translate/translate-numbers)
Acts 2:43
ἐγίνετο δὲ πάσῃ ψυχῇ φόβος
यहां पर जो “खौफ़” का लफ्ज़ है यह ख़ुदा के लिए बड़ी इज़्ज़त और जलाल को ज़ाहिर करता है – जान से मतलब है पूरी शख्सियत -मतबादिल तर्जुमा: हर एक शख्स ने ख़ुदा के लिए एक शदीद जलाल का महसूस किया –“(देखेंINVALID translate/figs-synecdoche)
πολλά τε τέρατα καὶ σημεῖα διὰ τῶν ἀποστόλων ἐγίνετο
मुमकिन मायने हैं 1)”रसूलों ने कई एक मोजिजात और निशानात अंजाम दिए” या 2)”ख़ुदा ने रसूलों के ज़रिये कई एक मोजिज़े और निशानात ज़ाहिर किये” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
τέρατα καὶ σημεῖα
मोजिज़ाना काम और फौक़ुल फ़ितरत वाक़ियात-देखें कि आप ने इसे आमाल 2:22.में किस तरह तर्जुमा किया -
Acts 2:44
πάντες δὲ οἱ πιστεύοντες ἦσαν ἐπὶ τὸ αὐτὸ
मुमकिन मायने हैं 1) सब लोगों ने एक ही बात पर एत्काद किया-“ 2) ईमान लाये हुए तमाम लोग एक ही जगह पर रहते थे”
εἶχον ἅπαντα κοινά
उनकी सब चीज़ों में एक दुसरे के साथ शरीक थे
Acts 2:45
κτήματα καὶ τὰς ὑπάρξεις
ज़मीन और दीगर चीजें जिन के वह मालिक थे
διεμέριζον αὐτὰ πᾶσιν
यहाँ लफ्ज़ उनकी उस नफा को ज़ाहिर करता है जो अपनी जाएदाद और मिल्कियत बेच कर उन्हें हासिल होता था-मुत्बादिल तर्जुमा:नफा को आपस में तक़सीम कर लेते थे- (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
καθότι ἄν τις χρείαν εἶχεν
अपनी जाएदाद और मिलकियत बेच कर उन्हें जो नफा हासिल होता था उन्हें अपनी अपनी ज़रूरत के मुताबिक आपस में बाँट लिया करते थे-
Acts 2:46
προσκαρτεροῦντες ὁμοθυμαδὸν
मुमकिन मायने हैं 1) “वह लगातार आपस में एक जगह जमा होते थे” या 2) एक जैसा बर्ताव के लिए उन्हों ने इस रिफ़ाक़त को जारी रखा”
κλῶντές…κατ’ οἶκον ἄρτον
रोटी उनके खाने का एक हिस्सा था -मुतबादिल तर्जुमा:वन मिलकर अपने घरों में खाना खाया करते थे” देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
ἐν ἀγαλλιάσει καὶ ἀφελότητι καρδίας
यहाँ दिलेक शख्स के जज़्बात के लिए मजाज़ है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुशी के साथ और हलीमी के साथ” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 2:47
αἰνοῦντες τὸν Θεὸν καὶ ἔχοντες χάριν πρὸς ὅλον τὸν λαόν
ख़ुदा की तारीफ़ करना- जमाअत के तमाम लोगों ने इसे मंजूर किया -
τοὺς σῳζομένους
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: उन्हें जिनको खुदावंद ने बचाया था (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 3
आमाल 03 आम हाशिये
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
ख़ुदा का मुआहदा अब्रहाम के साथबांह गया
यह बाब हमें समझाता है कि येसू यहूदियों के लिए आया था ताकि अहद का वह हिस्सा जो उसने अब्रहाम से बाँधा था उसे पूरा करे-पतरस ने सोचा कि यहूदी वह लोग थे जो सचमुच येसु को हलाक करने के सजावार थे मगर उस ने
दीगर मुमकिन तर्जुमा ,इस बाब में मुश्किलात
तुम ने छुडाया
वह रोमी थे जिन्होंने येसू को म्हालाक किया था मगर उन्हों ने इस लिए उसे हलाक किया था क्यूंकि यहूदी उसे पकड़ कर रोमियों के पास लाये थे और उनसे हलाक करने को कहा था -इस सबब से पतरस ने सोचा कि यह वह हैं जो येसु को हलाक करने के सज़ावार हैं मगर वह उन से कहता है कि वह पहले के लोग हैं जिन के लिए ख़ुदा ने येसू को भेजा और उसके शागिर्दों ने उन्हें तौबा के लिए दावत दी (लूका 3:26).(देखें:तौबा करके , तौबा, फिराया, तौबा )
Acts 3:1
दूसरी आयत लंगड़े शख्स की बाबत गोशा -ए- गुमनामी की इतला पेश करती है- (देखें:INVALID translate/writing-background)
एक दिन पतरस और युहन्ना मंदिर को जाते हैं-
εἰς τὸ ἱερὸν
वह मंदिर की इमारत के अन्दर नहीं गए थे जहां सिर्फ़ काहिनों को जाने की इजाज़त थी- मुतबादिल तर्जुमा: “मंदिर के बरामदे में” या मंदिर के इलाके में”
Acts 3:2
τις ἀνὴρ, χωλὸς ἐκ κοιλίας μητρὸς αὐτοῦ ὑπάρχων, ἐβαστάζετο, ὃν ἐτίθουν καθ’ ἡμέραν πρὸς τὴν θύραν τοῦ ἱεροῦ, τὴν λεγομένην Ὡραίαν
इस को अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है - मुतबादिल तर्जुमा: हरदिन लोग इस शख्स को जो जन्म से लंगड़ा था ले आते थे और उस खूबसूरत दरवाज़े पर बैठा देते थे –(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
χωλὸς
चल नहीं सकता था
Acts 3:4
ἀτενίσας…Πέτρος εἰς αὐτὸν σὺν τῷ Ἰωάννῃ εἶπεν
पतरस और युहन्ना ने उस शख्स पर नज़र करी,मगर सिर्फ़ पतरस ने बोला -
ἀτενίσας…εἰς αὐτὸν
मुमकिन मायने हैं 1)”बराह ए रास्त उस पर नज़र की” या 2)”एक मक़सद को लेकर उस पर नज़र की” देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 3:5
ὁ…ἐπεῖχεν αὐτοῖς
यहाँ जो लफ्ज़ है देखा जिस का मतलब है किसी बात के लिए गौर से देखना- मुतबादिल तर्जुमा: “लंगड़े शख्स ने उन पर टकटकी लगा कर देखा”
Acts 3:6
ἀργύριον καὶ χρυσίον
यह अलफ़ाज़ पैसे की बाबत ज़ाहिर करते हैं-(देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ὃ…ἔχω
यह समझा गया था कि पतरस इस काबिल था कि उस शख्स को शिफ़ा दे सके- (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
ἐν τῷ ὀνόματι Ἰησοῦ Χριστοῦ
यहाँ लफ्ज़ “नाम” कुव्वत और इख्तियार को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा येसु मसीह के इख्तियार के साथ – (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 3:7
ἤγειρεν αὐτόν
पतरस ने उसको खड़ा कर दिया
Acts 3:8
εἰσῆλθεν…εἰς τὸ ἱερὸν
वह मंदिर की इमारत के अन्दर नहीं गए थे जहां सिर्फ़ काहिनों को जाने की इजाज़त थी- मुतबादिल तर्जुमा: “मंदिर के बरामदे में” या मंदिर के इलाके में
Acts 3:10
ἐπεγίνωσκον…ὅτι αὐτὸς ἦν ὁ
पहचाना गया कि यह वही शख्स था “वह उसी शख्स बतोर पहचाना गया”
τῇ Ὡραίᾳ Πύλῃ
मंदिर के किसी एक मद्खल के इलाके पर यह नाम था -देखें कि आपने इसी मिलते जुलते मुहावरे का आमाल 3:2- में किसतरह से तर्जुमा किया-
ἐπλήσθησαν θάμβους καὶ ἐκστάσεως
यहाँ पर अलफ़ाज़ “दंग” और “हैरान”एक ही मायने पेश करते और लोगों के हैरानियत की सख्ती को पेश करते हैं -मुतबादिल तर्जुमा: ”वहनिहायत ही हैरान थे” (देखें;INVALID translate/figs-doublet)
Acts 3:11
“उस बरामदा की तरफ़ जो सुलेमान का कहलाता है”इस मुहावरे से साफ़ ज़ाहिर है कि वह मंदिर के अन्दर नहीं थे जहां सिर्फ़ काहिनों को दाखिल होने की इजाज़त थी -यहाँ अलफ़ाज़ “हमको” और “हम” पतरस और युहन्ना को ज़ाहिर करता है,भीड़ को नहीं जिन से पतरस बात कर रहा था –(देखें:INVALID translate/figs-exclusive)
उस शख्स की शिफ़ा के बाद जो चल नहीं सकता था पतरस लोगों से बात करता है-
τῇ στοᾷ τῇ καλουμένῃ Σολομῶντος
सुलेमान का बरामदा: यह पैदल चलने वाला रासता ठ जो चारों तरफ खम्बों और दीवारों के सहारे एक छत से ढका हुआ था ,इसे लोगों ने सुलेमान के मरने के बाद यह नाम दिया -
ἔκθαμβοι
निहायत ही हैरान होना
Acts 3:12
ἰδὼν δὲ, ὁ Πέτρος
यहाँ पर लफ्ज़ “यह” लोगों की हैरानगी को ज़ाहिर करता है -
ἄνδρες, Ἰσραηλεῖται
ऐ इस्राईलियो- पतरस भीड़ से मुखातब हो रहा था-
τί θαυμάζετε
पतरस इस बात पर जोर देने के लिए पूछता है कि जो कुछ वाक़े हुआ इससे उन्हें ताज्जुब नहीं करनी चाहिए -मुतबादिल तर्जुमा: “तुम क्यूँ ताज्जुब करते हो’ (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
ἡμῖν τί ἀτενίζετε, ὡς ἰδίᾳ δυνάμει ἢ εὐσεβείᾳ πεποιηκόσιν τοῦ περιπατεῖν αὐτόν
इस बात पर ज़ोर देने के लिए पतरस यह सवाल करता है कि आपको नहीं सोच न चाहिए कि वह और युहन्ना ने मिलकर उस आदमी को अपनी काबिलियत से शिफ़ा दी -इसको दो बयानात बतोर लिखा जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “हम को इतनी ताज्जुब से मत देखो- हमने अपने करामत से या खुदा परस्ती से इस शख्स को चलता नहीं किया-“ (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
ἡμῖν…ἀτενίζετε
इस का मतलब यह है कि लोग गरज़ से बिना रुके उनकी तरफ़ देख रहे थे -मुतबादिल तर्जुमा: “हमारी तरफ़ ग़ौर करो” या हमारी तरफ़ देखो” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 3:13
पतरस यहूदियों से मुखातब अपनी तक़रीर जारी रखता है जो उस ने आमाल 3:12.में शुरू किया था-
ἠρνήσασθε κατὰ πρόσωπον Πειλάτου
यहाँ यह मुहावरा “उसके सामने” का मतलब है “उसकी हुज़ूरी में” मुतबादिल तर्जुमा: “पिलातुस की मौजूदगी में इनकार किया हुआ” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
κρίναντος ἐκείνου ἀπολύειν
जब पिलातुस ने येसू को छोड़ देने का इरादा किया था
Acts 3:14
ᾐτήσασθε ἄνδρα, φονέα χαρισθῆναι ὑμῖν
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूंकि पिलातुस को एक डाकू को रिहा करना था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 3:15
यहाँ लफ्ज़ हम सिर्फ़ पतरस और युहन्ना को शामिल करता है -देखें:INVALID translate/figs-exclusive)
Ἀρχηγὸν τῆς ζωῆς
यह येसु की बाबत है-मुमकिन मायने हैं -1) “वह जो लोगों को अब्दी ज़िन्दगी देता है” या 2) “ज़िन्दगी का हुक्मरान” 3) “ज़िन्दगी का मालिक” या 4) “वह जो लोगों को ज़िन्दगी की रहनुमाई करता है” (देखें:INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 3:16
καὶ
यह लफ्ज़ “अब” सामईन का तवज्जोह उस लंगड़े शख्स पर ले जाता है
ἐστερέωσεν τὸ ὄνομα αὐτοῦ
उसे अच्छा किया
Acts 3:17
καὶ νῦν
यहां पतरस सामईन का तवज्जोह लंगड़े शख्स पर ले जाता है और उन से बराह -ए- रास्त बात करता है -
κατὰ ἄγνοιαν ἐπράξατε
मुमकिन मायने हैं 1) कि लोग नहीं जानते थे कि येसू ही मसीहा था या 2) कि वह लोग क्या कर रहे थे उसकी अहमियत को नहीं समझते थे -
Acts 3:18
ὁ…Θεὸς…προκατήγγειλεν διὰ στόματος πάντων τῶν προφητῶν
जब नबियों ने बोला हालांकि उन केज़रिये ख़ुदा ही बात कर रहा था क्यूंकि उस ने उन्हें बोलने के लिए कहा था क्या बोलना है - मुताबदिल तर्जुमा: ‘ख़ुदा ने तमाम नबियों के बोलने के ज़रिये पेश्बिनी की कि उन्हें क्या बोलना है”
ὁ…Θεὸς…προκατήγγειλεν
“ख़ुदा ने वक़्त से पहले बात की” या “ख़ुदा ने वाक़े होने से पहले उन्हें बताया”
στόματος πάντων τῶν προφητῶν
यहाँ लफ्ज़ “ज़ुबानी” नबियों के अलफ़ाज़ को ज़ाहिर करता है जिन्हों ने बोला और लिखा-मुतबादिल तर्जुमा ‘नबियों की वह तमाम बातें” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 3:19
καὶ ἐπιστρέψατε
और खुदवानद की तरफ़ फिरो – यहाँ “फिरो’ खुदावंद का हुक्म मानना शुरू करने के लिए एक मजाज़ है-मुतबादिल तर्जुमा: “और खुदावंद का हुक्म मानना शुरू करो”(देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
πρὸς τὸ ἐξαλειφθῆναι ὑμῶν τὰς ἁμαρτίας
यहां मिटाया जाना गया मुआफ़ी के लिए एक मजाज़ है -गुनाहों की बाबत जो बताया गया है वह किताब में लिखे गए हैं और ख़ुदा उन्हें किताब में से मिटाता है जब वह उन्हें मुआफ़ करता है -इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि तुम्हारे गुनाह मिटाए जाएं जो तुम ने ख़ुदा खिलाफ के किये थे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 3:20
ἀπὸ προσώπου τοῦ Κυρίου
खुदावंद की हुज़ूरी से ताजगी के दिन -मुमकिन मायने हैं 1) “वह दिन जब ख़ुदा तुम्हारी रूहों को कुव्वत बख्शे” या “वह दिनजब ख़ुदा तुम्हें बेदार करे”
καιροὶ ἀναψύξεως ἀπὸ προσώπου τοῦ Κυρίου
यहाँ पर अलफ़ाज़ “खुदावंद के हुज़ूर”खुद खुदावंद के लिए एक मजाज़ है - मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद की तरफ़ से” (देखे:INVALID translate/figs-metonymy)
ἀποστείλῃ τὸν προκεχειρισμένον ὑμῖν Χριστὸν
ताकि वह फिर से मसीह को भेजे -यह मसीह की दुबारा आमद को ज़ाहिर करता है -
τὸν προκεχειρισμένον ὑμῖν
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “जिसको उसने तुम्हारे लिए मुक़र्रर किया है- (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 3:21
22 -23 आयतों में पतरस मूसा का हवाला देता है जो उसने मसीहा के आने से पेश्तर कहा था-
पतरस अपनी तक़रीर जारी रखता है जो उस ने आमाल 3:12 में मंदिर के इलाके में खड़े होकर यहूदियों से मुखातब होकर शुरू किया था-
ὃν δεῖ οὐρανὸν μὲν δέξασθαι
उसको आसमान में उस वक़्त तक रहना ज़रुर है -पतरस आसमान की बात करता है जैसे कि वह एक शख्स है जो येसु को अपने घर में इस्तिकबाल करता है –(देखें:INVALID translate/figs-personification)
δεῖ οὐρανὸν μὲν δέξασθαι, ἄχρι
इसका मतलब यह है कि येसू को आसमान में रहना ज़रूरी है इसलिए कि यह ख़ुदा ने मंसूबा किया है
ἄχρι χρόνων ἀποκαταστάσεως πάντων
मुमकिन मायने हैं: 1) “उस वक़्त तक जब तक कि सारी चीज़ें बहाल न हो जाएं” या 2) “उस वक़्त तक जब तक कि हरेक चीज़ क़ायम न होंगी जो उसने पहले से ही फ़रमाया था”
ὧν ἐλάλησεν ὁ Θεὸς διὰ στόματος τῶν ἁγίων ἀπ’ αἰῶνος αὐτοῦ προφητῶν
जब नबियों ने बहुत पहले से ही नबुवत कर चुके थे तो वह ऐसा था जैसे ख़ुदा खुद बोल रहा था इसलिए कि ख़ुदा ने खुद कहा था कि क्या बोलना है -मुतबादिल तर्जुमा:उन बातों की बाबत जो ख़ुदा ने बहुत पहले कहा था यह कहकर कि उसके पाक नबी उन की बाबत बोलें-
στόματος τῶν ἁγίων…αὐτοῦ προφητῶν
यहाँ जो लफ्ज़ “ज़ुबानी” है नबियों के उन अल्फाज्को ज़ाहिर करता है जो बोला गया और लिखा गया-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के पाक नबियों केअलफ़ाज़” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 3:22
προφήτην…ἀναστήσει…ἐκ τῶν ἀδελφῶν ὑμῶν, ὡς ἐμέ
तुम्हारे ही भाइयों में से एक सच्चा नबी पैदा होगा और हर कोई उस्की बाबत मालूम करेगा -
τῶν ἀδελφῶν ὑμῶν
तेरे कौम में से
Acts 3:23
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “जो शख्स उस नबी की नहीं सुनेगा ख़ुदा उसको नेस्त -ओ-नाबूद करेगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 3:24
यहूदियों से मुखातब पतरस अपनी तक़रीर को ख़तम करता है जो उसने आमाल 3:12-में शुरू किया था-
καὶ πάντες δὲ οἱ προφῆται
दरअसल तमाम अंबिया- “हाँ” यहाँ यह लफ्ज़ ज़ोर देने को शामिल करता है जो पीछे से चला आरहा है
ἀπὸ Σαμουὴλ καὶ τῶν καθεξῆς
समूएल नबी से शुरू करते हुए पिछले नबियों तक जारी रहा जिन्हों ने उसके बाद कलाम किया -
τὰς ἡμέρας ταύτας
इन दिनों में या “वह बातें जो हाल में वाक़े हो रहें हैं”
Acts 3:25
ὑμεῖς ἐστε οἱ υἱοὶ τῶν προφητῶν, καὶ τῆς διαθήκης
यहाँ जो लफ्ज़ “औलाद” है उन वारिसों को ज़ाहिर करता है जो नबियों के कहे मुताबिक और अहद के वायदे के मुताबिक हासिल करेंगे- मुतबादिल तर्जुमा:यौम नबियों के वारिस और अहद के वारिस हो” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
ἐν τῷ σπέρματί σου
तुम्हारी औलाद के सबब से
ἐνευλογηθήσονται πᾶσαι αἱ πατριαὶ τῆς γῆς
यहाँ जो लफ्ज़ “खानदान” है लोगों की जमाअत कौमों को ज़ाहिर करता है-इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा:मैं दुनया के तमाम घरानों को बरकत दूंगा” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 3:26
ἀναστήσας ὁ Θεὸς τὸν παῖδα αὐτοῦ
उसके बाद जब से कि ख़ुदा ने येसू को अपना खादिम बनाया और उसको शोरत दी
τὸν παῖδα αὐτοῦ
यह येसू को ज़ाहिर करता है जो मसीहा कहलाता है -
τῷ ἀποστρέφειν ἕκαστον ἀπὸ τῶν πονηριῶν ὑμῶν
यहाँ “बदियों से फेर कर” यह अलफ़ाज़ एक मजाज़ है किसी को कुछ करने से रोकने के लिए- मुतबादिल तर्जुमा: “हरेक को उनकी बदियों से रोकने के लिए” या हर एक को उन की बदियों से तौबा करने के लिए –(देखें:INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 4
आमाल 04 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे गीत की हरेक लकीर को सफहा के दाहनी तरफ़ इबारत के बाक़ी जगहों से से दूर रखते हैं ताकि पढने में आसानी हो- ULT नज्मों के साथ ऐसा करता है जहाँ 4:25-26 में पुराने अहद्नामे का हवाला दिता गया है ..
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
इत्तिहाद
इब्तिदाई मसीही लोग बहुत ज़ियादा चाहते थे कि मुत्तहिद रहें -वह एक ही एत्काद चाहते थे और जो कुछ उन के पास था उससे दूसरों की ज़रुरत के मुताबिक मदद करना चाहते थे -
“निशानात और करामात”
यह मुहावरा उन बातों को ज़ाहिर करता है जो सिर्फ़ ख़ुदा कर सकता है -मसीही लोग चाहते थे कि वह वही करे जो खुदा कर सकता हैताकि लोग ईमान लें कि उन्हों ने जो येसू कि बाबत कहा वह सच था-
कोने के सिरे का पत्थर
कोने के सिरे का पत्थर पहला पत्थर हुआ करता था जो लोग एक इमारत को तामीर करने से पहले बुन्याद बतोर रखते थे- यह किसी चीज़ के ख़ास हिस्से के लिए एक मजाज़ या मिसाल बतोर है जिस पर सारी चीज़ मुनहसिर होती है – जब यह कहा जाता है कि येसू कोने के सिरे का पत्थर है तो इस का मतलब यह है कि कलीसिया में येसु को छोड़ और कोई चीज़ ज़ियादा अहमियत नहीं रखती यह भी कि कलीसिया से मुताल्लिक हर एक चीज़ येसू पर मुनहसिर है -देखें: INVALID translate/figs-metaphor और ईमान )
”आसमान के नीचे ज़मीन के ऊपर और कोई नाम नहीं दिया गया जिस से कि लोग नजात पा सकें”(आमाल 4:12)-इन अलफ़ाज़ के साथ पतरस कह रहा था कि ज़मीन पर कोई और शख्स न अब तक हुआ है और न होगा जो लोगों को नाजात दे सके -
Acts 4:1
पतरस ने जनम के लंगड़े को जब शिफ़ा दे दी थी उसके बाद मज़हबी रहनुमाओं ने पतरस और युहन्ना दोनों को गिरफ़तार कर लेते हैं-
ἐπέστησαν αὐτοῖς
उन पर चढ़ आए या “उनके पास आए”
Acts 4:2
διαπονούμενοι
सदूकी ख़ास तोर से सख्त रंजीदा थे-जो कुछ पतरस और युहन्ना ने किया और कहा उस की बाबत बहुत गुस्सा थे क्यूंकि सदूकी क़यामत पर ईमान नहीं रखते –(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
καταγγέλλειν ἐν τῷ Ἰησοῦ τὴν ἀνάστασιν, τὴν ἐκ νεκρῶν
पतरस और युहन्ना कह रहे थे किख़ुदा लोगों को मुर्दों में से ज़िन्दा करेगा जिसतरह उसने येसू को मुर्दों में से ज़िन्दा किया था -इसको इस तरह से तर्जुमा करें कि येसु की क़यामत और लोगों की आम क़यामत का हवाला दोनों को पेश कर सके-
τὴν ἐκ νεκρῶν
उन तमाम लोगों के बीच जो मर चुके थे-यह मज़ा हिरा उन तमाम मुर्दा लोगों को बयान करता है जो ज़मीन के अन्दर पाए जाते हैं -उन में से वापस आने के लिए ज़िन्दा होना कहा जाता है -
Acts 4:3
ἐπέβαλον αὐτοῖς
सरदार काहिनों और सदूकियों ने पतरस और यूहन्ना को गिरफ्तार कर लिया -
ἦν γὰρ ἑσπέρα
यह एक आम रिवायत थी कि रात के वक़्त में लोगों से सवाल न पूछे -
Acts 4:4
ἀριθμὸς τῶν ἀνδρῶν
यह सिर्फ़ आदमियों को ज़ाहिर करता है और यह शामिल नहीं करता कि कितने औरतों और बच्चे ईमान लाए -ईमान लेन वालों कि तादाद
ἐγενήθη…ὡς χιλιάδες πέντε
ईमान लाने वालों की तादाद 5000 तक पहुंच गई
Acts 4:5
यहाँ जो लफ्ज़ “उनका” है वह यहूदियों की कुल जमाअत को ज़ाहिर करता है
पतरस और युहन्ना ने बे खौफ़ होकर हाकिमों के सवालात का जवाब दिया -
ἐγένετο
यह मुहावरा जो यहाँ पर इस्तेमाल हुआ है वह निशाँ के लिए है जहां से अमल शुरू होता है -अगर आप्की ज़ुबान मेंमें ऐसा करने का तरीका है तो यहां उसे करने के लिए धियान दें -
τοὺς ἄρχοντας, καὶ τοὺς πρεσβυτέρους, καὶ τοὺς γραμματεῖς
यह सनेहिद्रिन की तरफ़ इशारा करता है जो यहूदियों की सदर अदालत है , इसमें तीन तरह के जमाअत के लोग शामिल हैं –(देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 4:6
Ἰωάννης, καὶ Ἀλέξανδρος
यह दो शख्स सरदार काहिन के ख़ानदान के अफराद थे -यह वह युहन्ना नहीं था जो शागिर्द था -
Acts 4:7
ἐν ποίᾳ δυνάμει
तुम यह काम किस इख्तियार से किया
ἐν ποίῳ ὀνόματι
यहाँ जो लफ्ज़ “नाम” का है वह इख्तियारको ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “किस के इख़्तियार से” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 4:8
τότε Πέτρος πλησθεὶς Πνεύματος Ἁγίου
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है देखें कि आप ने इसको आमाल2:4 -में किसतरह तर्जुमा किया है -मुतबादिल तर्जुमा: पतरस रूहुल क़ुदुस से भरा हुआ था और उसने” देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 4:9
εἰ ἡμεῖς σήμερον ἀνακρινόμεθα…ἐν τίνι οὗτος σέσωσται
पतरस इस सवाल को पूछता हैयह साफ़ करने के लिए यह हकीकी सबब था कि उनका मुक़दमा हो रहा था – मुतबादिल तर्जुमा: अगर आज ... हमसे उस एहसान की बाबत बाज़ पुरस की जाती है तो यह आदमी क्यूँकर अच्छा हो गया”(देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
ἡμεῖς σήμερον ἀνακρινόμεθα
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: “आज के दिन तुम हम से सवाल कर रहे हो” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν τίνι οὗτος σέσωσται
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: “आज के दिन तुम हम से सवाल कर रहे हो” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 4:10
γνωστὸν ἔστω πᾶσιν ὑμῖν καὶ παντὶ τῷ λαῷ Ἰσραὴλ
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: “आज के दिन तुम हम से सवाल कर रहे हो” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
πᾶσιν ὑμῖν καὶ παντὶ τῷ λαῷ Ἰσραὴλ
आप के लिए कौन हम से सवाल कर रहा है और तमाम इस्राईल के लोगों के लिए
ἐν τῷ ὀνόματι Ἰησοῦ Χριστοῦ τοῦ Ναζωραίου
यहाँ जो “नाम” का लफ्ज़ है वह इक़तिदार और इख़ तियार को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “येसू मसीह नासिरी की कुव्वत से” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ὃν ὁ Θεὸς ἤγειρεν ἐκ νεκρῶν
यहाँ एक मजाज़ के लिए किसी के उठने का सबब है जो मरकर फिर से जी उठने के लिए मारा है – मुतबादिल तर्जुमा: “जिस को ख़ुदा ने फिर से जीने दिया” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 4:11
यहाँ जो लफ्ज़ “हम” है वह पतरस और उस के अलावा दीगर लोगों को जिन के साथ वह बात करता है ज़ाहिर करता है- (देखें:INVALID translate/figs-inclusive)
यहूदी मज़हबी रहनुमाओं के लिए पतरस ने जो तक़रीर आमाल4:8.में शुरू किया था उसको ख़तम करता है-
οὗτός ἐστιν ὁ λίθος…ὁ γενόμενος εἰς κεφαλὴν γωνίας
पतरस ज़बूर से हवाला दे रहा है-यह एक मजाज़ है जिस के मायने हैं,मज़हबी रहनुमा,जैसे मे’मार लोग जिन्होंने येसू का इनकार किया,मगर ख़ुदा उसे अपनी बादशाही में निहायत अहम् बनाएगा जिस तरह एक इमारत में कोने के सिरे का पत्थर अहम् होता है(देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
κεφαλὴν
यहाँ लफ्ज़ “सिरा” जिस के मायने हैं “निहायत ही अहम्” या “मरकज़-ए-हयात”
ὑμῶν, τῶν οἰκοδόμων
तुम लोग जो मे’मार हो इनकार किया है या तुम लोगों ने मे’मार होने के नाते इसतरह इंकार किया जैसे उसकी कोई क़ीमत ही नहीं”
Acts 4:12
καὶ οὐκ ἔστιν ἐν ἄλλῳ οὐδενὶ
इस्म “नजात” को फ़े’ल का सेग़ा बतोर तर्जुमा किया जा सकता है - इसको असबाती तोर पर बयान किया जा सकता है - मुतबादिल तर्जुमा: “वह एक ही शख्स है जो बचा सकता है” (देखें:INVALID translate/figs-abstractnouns)
οὐδὲ γὰρ ὄνομά ἐστιν ἕτερον ὑπὸ τὸν οὐρανὸν τὸ δεδομένον ἐν ἀνθρώποις
इस को अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:”आसमान के तले ज़मीन पर आदमियों में कोई नाम नहीं दिया गया”(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
οὐδὲ…ὄνομά…ἕτερον…δεδομένον ἐν ἀνθρώποις
“आदमियों के बीच ...कोई नाम” यह मुहावरा येसु की शख्सियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:आसमान के तले , आदमियों के बीच किसी और का नाम दिया गया जिस से ...” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ὑπὸ τὸν οὐρανὸν
यह दुनया के हर जगह को ज़ाहिर करने का एक तरीका है-मुतबादिल तर्जुमा: “दुनया में” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
ἐν ᾧ δεῖ σωθῆναι ἡμᾶς
इसको अमली शक्ल में भी बयान किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: “जो हमें बचा सकता है” या “वह शख्स जो हमें बचा सके” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 4:13
यहाँ दूसरी मिसाल “उन” के लिए जो इस्तिमाल हुआ है वह पतरस और युहन्ना को ज़ाहिर करता है- इस हिस्से में दीगर तमाम जगहों पर “उन” का जो इस्तेमाल है वह यहूदियों को ज़ाहिर करता है -
τὴν τοῦ Πέτρου παρρησίαν καὶ Ἰωάννου
यहाँ जो ख़ुलासा करने वाला इस्म “दिलेरी” है वह पतरस युहन्ना ने यहूदी रहनुमाओं को जिस तरीके से जवाब दिया था उसे ज़ाहिर करता है और इसे एक मुताल्लिक़ फे’ल सिफ़त बतोर तर्जुमा किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “जिस दिलेरी से पतरस और युहन्ना ने कहा” या पतरस और युहन्ना कितने दिलेर थे-(देखें:INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-abstractnouns)
παρρησίαν
बे – खौफ़ होकर
καταλαβόμενοι ὅτι ἄνθρωποι ἀγράμματοί εἰσιν καὶ ἰδιῶται
यहूदी रहनुमाओं ने इसे “पहचाना” क्यूंकि पतरस और युहन्ना ने जिस तरीके से बोला-(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
καὶ καταλαβόμενοι
और समझा
ἄνθρωποι ἀγράμματοί…ἰδιῶτα
अलफ़ाज़ “मामूली” और ग़ैर तालीमयाफ़ता यह दोनों एक ही मायने पेश करते हैं -यह इस बात पर जोर देता है कि पतरस और यूहन्ना ने यहूदी शरीयत की कोई इब्तिदाई तालीम हासिल नहीं की-(द्सेखें:INVALID translate/figs-doublet)
Acts 4:14
τόν…ἄνθρωπον…τὸν τεθεραπευμένον
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:वह शख्स जिसको पतरस युहन्ना ने शिफ़ा दी थी –(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
οὐδὲν εἶχον ἀντειπεῖν
पतरस और युहन्ना ने जो एक आदमी को शिफ़ा दी थी उस के खिलाफ़ में कुछ नहीं कहना है-यहाँ लफ्ज़ “यह” पतरस और युहन्ना ने जो किया था उस को ज़ाहिर करता है-
Acts 4:15
αὐτοὺς
यह पतरस और युहन्ना की बाबत है-
Acts 4:16
τί ποιήσωμεν τοῖς ἀνθρώποις τούτοις
यहूदी रहनुमाओं ने यह सवाल नाकामी का एहसास करते हुए पूछा क्यूंकि वह न समझ सके कि पतरस और युहन्ना के साथ क्या करना है-मुतबादिल तर्जुमा: “हम इन लोगों के साथ कुछ नहीं कर सकते!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
γὰρ γνωστὸν σημεῖον γέγονεν δι’ αὐτῶν, πᾶσιν τοῖς κατοικοῦσιν Ἰερουσαλὴμ φανερόν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:हर एक शख्स के लिए जो येरूशलेम में रहता है जानता है कि उनहोंने एक ग़ैर मामूली मोजिज़ा अंजाम दिया है” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
πᾶσιν τοῖς κατοικοῦσιν Ἰερουσαλὴμ
यह एक इस्ते’माम है -यह मुबालिगा भी हो सकता है यह बताने के लिए कि रहनुमा सोच रहे थे कि यह एक बड़ा मसला है- मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत से लोग जो येरूशलेम में रहते हैं” या “लोग जो तमाम येरूशलेम में रहते हैं” (देखेंINVALID translate/figs-hyperbole)
Acts 4:17
ἵνα μὴ ἐπὶ πλεῖον διανεμηθῇ
यहाँ लफ्ज़ “वह” पतरस और युहन्ना के किसी भी मोजिज़े या तालीम को ज़ाहिर करता है जो वह अंजाम देने को जारी रखेंगे- मुतबादिल तर्जुमा: “इस बतोर कि इस मोजिज़े की ख़बर आगे न फैले” या “इस बतोर कि और ज़ियादा लोग इस मोजिज़े कि बाबत न जाने” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
μηκέτι λαλεῖν ἐπὶ τῷ ὀνόματι τούτῳ μηδενὶ ἀνθρώπων
यहाँ लफ्ज़ “नाम” येसु की शख्सियत को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “यह शख्स येसु की बाबत कोई और ज़ियादा बात न करे”(देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 4:19
यहाँ लफ्ज़ “हम” पतरस और युहन्ना को ज़ाहिर करता है मगर उनको नहीं जिनसे वह दोनों मुखातब हैं –(देखें:INVALID translate/figs-exclusive)
εἰ δίκαιόν ἐστιν ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
यहां जो मुहावरा है “ख़ुदा की नज़र में यह ख़ुदा की पाक मरजी को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “जबकि ख़ुदा सोचे कि यह सही है” (देखेंINVALID translate/figs-metonymy)
Acts 4:21
आयत 22 उस लंगड़े शख्स के उम्र की बाबत गोशा -ए-गुमनामी की इतला देता है जो शिफ़ायाब हुआ था-देखें:INVALID translate/writing-background)
οἱ δὲ προσαπειλησάμενοι
यहूदी रहनुमाओं ने फिर से पतरस और युहन्ना को सज़ा देने की धमकी दी -
μηδὲν εὑρίσκοντες τὸ πῶς κολάσωνται αὐτούς
हालांकि यहूदी रहनुमाओं ने पतरस और युहन्ना को धमकी दी फिर भी उन्हों ने लोगों की भीड़ की वजह से सज़ा देने के लिए कोई सबब ढूँढ नहीं पाए -
ἐπὶ τῷ γεγονότι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: “पतरस और युहन्ना ने जो कुछ किया उसके सबब से” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 4:22
ὁ ἄνθρωπος, ἐφ’ ὃν γεγόνει τὸ σημεῖον τοῦτο τῆς ἰάσεως
वह शख्स जिसको पतरस और युहन्ना ने मोजिज़ाना तरीक़े से शिफ़ा दी थी
Acts 4:23
मिलकर बातचीत करना,लोगों ने पुराने अहद्नामे से दाऊद के ज़बूर का हवाला दिया- यहाँ लफ्ज़ “वह लोग” दीगर ईमानदारों की तरफ़ इशारा करता है मगर पतरस और युहन्ना को नहीं-
ἦλθον πρὸς τοὺς ἰδίους
मुहावरा “उनके अपने लोग” दीगर इमानदारों को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “दुसरे ईमानदारों के पास गए” (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 4:24
ὁμοθυμαδὸν ἦραν φωνὴν πρὸς τὸν Θεὸν
अपनी आवाज़ ऊँची करना बोलने के लिए एक मजाज़ है –“उन्हों ने मिलकर ख़ुदा से बात करना शुरू किया” (देखें: : https://git.door43.org/STR/ur-deva_ta/src/branch/master/translate/figs-idiom/01.md)
Acts 4:25
ὁ τοῦ πατρὸς ἡμῶν, διὰ Πνεύματος Ἁγίου στόματος Δαυεὶδ παιδός σου εἰπών
इस का मतलब यह है कि रूहुल क़ुदुस ने दाऊद से बातें कीं या लिखवाया जो ख़ुदा ने कहा-
τοῦ πατρὸς ἡμῶν…στόματος Δαυεὶδ παιδός σου
यहाँ लफ्ज़ “ज़ुबानी’ उन अलफ़ाज़ को ज़ाहिर करता है जो दाऊद ने कहे या लिखे- मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे बाप अपने खादिम दाऊद की ज़ुबानी” (देखेंINVALID translate/figs-metonymy)
τοῦ πατρὸς ἡμῶν…Δαυεὶδ
यहाँ लफ्ज़ “बाप” “बापदादा/” (बुज़ुर्ग) को ज़ाहिर करता है
ἵνα τί ἐφρύαξαν ἔθνη, καὶ λαοὶ ἐμελέτησαν κενά
यह एक मुबालिग़ा आमेज़ सवाल है जो ख़ुदा की मुख़ालिफ़त की बे–असरी पर ज़ोर देता है- मुतबादिल तर्जुमा: ग़ैर कौम के लोगों ने क्यूँ धूम मचाई -और उम्मतों ने क्यूं बातिल ख़याल किये ?” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
λαοὶ ἐμελέτησαν κενά
यह “ग़ैर ज़रूरी बातें” ख़ुदा की मुख़ालफ़त के मनसूबे बान्धते हैं -मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों का बातिल ख़याल बांधना यह ख़ुदा क्ले खिलाफ है”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
λαοὶ
उम्मतों
Acts 4:26
ईमानदार लोग दाऊद बादशाह के हवालाजात जो ज़बूर से थे उन्हें खतम करते हैं जो उन्हों ने आमाल 4:25.
παρέστησαν οἱ βασιλεῖς τῆς γῆς καὶ οἱ ἄρχοντες συνήχθησαν ἐπὶ τὸ αὐτὸ κατὰ τοῦ Κυρίου
इन दो लकीरों के मायने बुनयादी तोर से एक जैसी हैं यह दो लकीरें ज़मीन के हाकिमों की ख़ुदा से मुख़ालि फ़त की मिली जुली कोशिश पर ज़ोर देते हैं-(देखें:INVALID translate/figs-parallelism)
παρέστησαν…συνήχθησαν
इन दो मुहावरों के मायने हैं कि उन्हों ने अपनी फ़ौज कोएक जंग लड़ने के लिए एक साथ मिला लिया -मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हों ने अपनी फ़ौज को एक साथ ...इकठ्ठा किया” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
κατὰ τοῦ Κυρίου, καὶ κατὰ τοῦ Χριστοῦ αὐτοῦ
यहाँ लफ्ज़ “खुदावंद” ख़ुदा को ज़ाहिर करता है -ज़बूरों में लफ्ज़ “मसीह” मसीहा या ख़ुदा के माम्सूह को ज़ाहिर करता है -
Acts 4:27
ईमानदार लोग दुआ करना जारी रखते हैं
ἐν τῇ πόλει ταύτῃ
यह शहर येरूशलेम को ज़ाहिर करता है
τὸν ἅγιον παῖδά σου Ἰησοῦν
येसू जो वफ़ादारी से तुम्हारी ख़िदमत करता है
Acts 4:28
ποιῆσαι ὅσα ἡ χείρ σου, καὶ ἡ βουλὴ σου προώρισεν
यहाँ लफ्ज़ “हाथ” का इस्तेमाल हुआ है इस के मायने हैं ख़ुदा की कुव्वत -इस के अलावा मुहावरा “तेरी क़ुदरत और तेरी मसलिहत से ठहर गया था” यह ख़ुदा की कुव्वत और मंसूबे को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:”ताकि जो कुछ तेरी कुदरत और तेरी मसलिहत से ठहर गया था उसे अमल में ले आये –(देखेंINVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 4:29
ईमानदार अपनी दुआ को ख़तम करते हैं जो उन्हों ने आमाल 4:24.में शुरू किया था -
ἔπιδε ἐπὶ τὰς ἀπειλὰς αὐτῶν
यहाँ यह अलफ़ाज़ “अब उनकी .....को देख” यह ख़ुदा से दरखास्त है कि वह गौर करे कि किस तरीक़े से यहूदी रहनुमाओं ने ईमानदारों को धमकी दी थी: मुतबादिल तर्जुमा: “गौर कर कि उन्हों ने हम को सज़ा देने के लिए किसतरह धमकी दी” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
μετὰ παρρησίας πάσης λαλεῖν τὸν λόγον σου
लफ्ज़ “कलाम” यहां पर ख़ुदा के पैग़ाम के लिए एक मजाज़ है -इस पेचीदा इस्म “दिलेरी” को मुताल्लिक़ फ़े’ल बतोर तर्जुमा किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:”अपने पैग़ाम को दिलेरी से सुनाओ” या जब तुम पैग़ाम सुनाते हो तो दिलेर हो जाओ-(देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 4:30
τὴν χεῖρά σου, ἐκτείνειν σε εἰς ἴασιν
यहाँ लफ्ज़ “हाथ” ख़ुदा की कुव्वत को ज़ाहिर करता है- “यह ख़ुदा से दरखास्त है यह बताने के लिए कि वह कितना कादिर है -मुतबादिल तर्जुमा: “जब तू शिफ़ा देने को अपना हाथ बढ़ाए”- (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
διὰ τοῦ ὀνόματος τοῦ ἁγίου παιδός σου, Ἰησοῦ
यहाँ लफ्ज़ “नाम” कुव्वत और इख्तियार को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: अपने पाक खादिम येसू की कुव्वत के ज़रिये- (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
τοῦ ἁγίου παιδός σου, Ἰησοῦ
येसू जो वफ़ादारी से तेरी ख़िदमत करता है-देखें कि आप ने इस को आमाल 4:27.में किस तरह तर्जुमा किया है
Acts 4:31
ἐσαλεύθη ὁ τόπος
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “वह जगह ...हिल गया”(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
ἐπλήσθησαν ἅπαντες τοῦ Ἁγίου Πνεύματος
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -देखें आप ने इसे आमाल 2:4.में किसतरह तर्जुमा किया है-मुतबादिल तर्जुमा: “रुहुल क़ुदुस ने सब को भर दिया” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 4:32
ἦν καρδία καὶ ψυχὴ μία
यहाँ लफ्ज़ “दिल” ख़यालात को ज़ाहिर करता है और लफ्ज़ “जान” जज़्बात को ज़ाहिर करता है -यह दोनों मिलकर कुल शख्सियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जिन बातों को चाहा उसी तरीके से सोचा भी” देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
ἦν αὐτοῖς πάντα κοινά
अपने माल -ओ- असबाब को एक दुसरे के साथ बांटते थे -देखें कि आप ने इसे [आमाल 2:44] (../02/44.md).में किसतरह तर्जुमा किया है
Acts 4:33
χάρις τε μεγάλη ἦν ἐπὶ πάντας αὐτούς
मुमकिन मायने हैं: 1)कि ख़ुदा ईमानदारों को कसरत से बरकत दिए जा रहा था 2)कि लोग येरूशलेम में बड़ी तादाद में इमानदारों को पकड़ते जारहे थे -
Acts 4:34
ὅσοι…κτήτορες χωρίων ἢ οἰκιῶν ὑπῆρχον
लफ्ज़ “सब” यहाँ पर एक इस्ते’माम है -मुतबादिल तर्जुमा: “ बहुत से लोग जो अपने ज़मीन या घरों के मालिक थे या किसी जाएदाद के मालिक थे -देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
κτήτορες χωρίων ἢ οἰκιῶν ὑπῆρχον
ज़मीन या घरों के मालिक थे
τὰς τιμὰς τῶν πιπρασκομένων
इसको अमली शक्ल में बयान्किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: जो पैसे उन्हें हासिल थे वह उनके माल ओ असबाब बेचे जाने से थे- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 4:35
ἐτίθουν παρὰ τοὺς πόδας τῶν ἀποστόλων
इस का मतलब यह हुआ कि वह अपने पैसे रसूलों के क़दमों में रखते थे -मुताबदिल तर्जुमा: “रसूलों को पेश करते थे या रसूलों को दे देते थे” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
διεδίδετο…ἑκάστῳ, καθότι ἄν τις χρείαν εἶχεν
इस्म “ज़रुरत” को एक फ़े’ल बतोर तर्जुमा किया जा सकता है-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: वह पैसों को हरेक ईमानदार में उसकी ज़रुरत के मुताबिक़ बाँट दिया करते थे- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 4:36
लूका बरनबास को कहानी में तआरुफ़ करता है –(देखें: INVALID translate/writing-participants)
υἱὸς παρακλήσεως
रसूल इस नाम का इस्तेमाल यह बताने केव लिए करते थे यूसुफ़ एक शख्स था जो दूसरों कों कि हौसला अफ़ज़ाई करता था – (नसीहत) “का बेटा”यहाँ पर एक मजाज़ है जोएक शख्स के बर्ताव या सीरत को बयान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है -मुतबादिल तर्जुमा:“हौसलाअफ़ज़ाई करने वाला” या वह जो हौसला अफ़ज़ाई करता है” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 4:37
ἔθηκεν παρὰ τοὺς πόδας τῶν ἀποστόλων
इस का मतलब यह है कि वह पैसों को रसूलों के सामने पेश करते थे -देखें कि आप ने इसे आमाल 4:35.में किसतरह तर्जुमा किया है-मुताबदिल तर्जुमा: “उसे रसूलों को पेश किया” या “रसूलों को दिया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 5
आमाल 05 आम हाशिये
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
“शैतान ने तुम्हारे दिलों को उभारा कि रूहुल क़ुदुस से झूट बोले”
कोई भी यक़ीनी तोर से नहीं जानता था कि हननियाह और सफ़ीरा सच मुच मसीही थे जब उनहोंने ज़मीन की बेचीं हुई क़ीमत की बाबत झूट बोलने का फ़ैसला किया-(आमाल 5:1-10),क्यूंकि लूका नहीं कहता -किसित्ढ़ पतरस जानता था कि उन्हों ने ईमानदारों से झूट बोला और वह जानता था कि उनहोंने शैतान की सुनी और उसपर अमल किया
जब उन्हों ने इमानदारों से झूट बोला तो रूहुल क़ुदुस से भी झूट बोला-इसी लिए रूहुल क़ुदुस ईमान दारों के अन्दर रहता है -
Acts 5:1
कहानी को जारी रखते हुए कि किसतरह से नए मसीही अपनी चीज़ों को दुसरे ईमानदारों के साथ शरीक करते थे, लूका दो ईमानदारों हननियाह और सफ़ीरा के बारे में बताता है- (देखें:INVALID translate/writing-background)
δέ
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी की लकीर के एक वक्फ़े को निशान दिही करने के लिए इस्तेमाल हुआ है ताकि कहानी के एक नए हिस्से को बयान करे -
Acts 5:2
συνειδυίης καὶ τῆς γυναικός
उसकी बीवी भी जानती थी कि बेचीं गई क़ीमत के कुछ पैसे उसके शोहर ने रख छोड़ा है -
παρὰ τοὺς πόδας τῶν ἀποστόλων ἔθηκεν
इसका मतलब यह है कि उनहोंने रसूलों को बिकाओ के पैसे पेश किये थे -देखें कि आप ने इसे आमाल 4:35 में किसतरह तर्जुमा किया था -मुताबादिल तर्जुमा:”उसे रसूलों के सामने ले आए” या “उसे रसूलों के सामने पेश किया”- (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
Acts 5:3
अगर आपकी ज़ुबान मुबालिगा आमेज़ सवालात का इस्तेमाल नहीं करता हो तो इसको इज़हार बतोर लाफ्ज़ी बयान कर सकते हैं-
διὰ τί ἐπλήρωσεν ὁ Σατανᾶς τὴν καρδίαν σου, ψεύσασθαί σε τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον, καὶ νοσφίσασθαι ἀπὸ τῆς τιμῆς τοῦ χωρίου
पतरस इस सवाल का इस्तेमाल हनन्याह को मलामत करने के लिए इस्तेमाल करता है -मुतबादिल तर्जुमा:तुम्हें शैतान को मौक़ा नहीं देनी चाहिए वह तुम्हारे दिल को ज़मीन के मामले में झूट बोलने पर आमादा करे –(देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
ἐπλήρωσεν ὁ Σατανᾶς τὴν καρδίαν σου
यहाँ लफ्ज़ “दिल” मरजी और जज़्बात के लिए एक मजाज़ है , मुहावरा शैतान ने तुम्हारा दिल बदी से भर दिया है यह भी एक मजाज़ है -इन मजाज़ोन के मुमकिन मायने हैं 1)”शैतान ने पूरी तरह से तुमको काबू मेंमें करलिया है” या 2) “शैतान ने तुमको कायल कर दिया है –(देखें:INVALID translate/figs-metonymyऔर INVALID translate/figs-metaphor)
ψεύσασθαί σε τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον, καὶ νοσφίσασθαι ἀπὸ τῆς τιμῆς
यह ईशारा करता है कि हनन्याह ने रसूलों से कहा कि वह अपनी ज़मीन को बेचने के बाद जो रक़म उसने हासिल किया उस पूरी रक़म को दे रहा था –(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 5:4
οὐχὶ μένον σοὶ ἔμενεν, καὶ πραθὲν ἐν τῇ σῇ ἐξουσίᾳ ὑπῆρχεν
पतरस इस सवाल को हनन्याह को मलामत करने के लिए इस्तेमाल करता है -मुतबादिल तर्जुमा:जब वह बिका नहीं था क्या वह तुम्हारे काबू में नहीं था?’ (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
ἔμενεν
जबकि तुम ने उसे बेचा नहीं था
πραθὲν ἐν τῇ σῇ ἐξουσίᾳ ὑπῆρχεν
पतरस इस सवाल को हनन्याह को मलामत करने के लिए इस्तेमाल करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “उसको बेचने के बाद जो तुम ने हासिल किया उसपर तुम्हारा काबू था”- (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
πραθὲν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:तुम्हारे उसे बेचने के बाद”(देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
τί ὅτι ἔθου ἐν τῇ καρδίᾳ σου τὸ πρᾶγμα τοῦτο
पतरस ने इस सवाल को हनन्याह को मलामत करने के लिए इस्तेमाल किया था-यहाँ लफ्ज़ “दिल” मरजी और जज़्बात को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको यह काम करने के लिए नहीं सोचना चाहिए था” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:5
πεσὼν ἐξέψυξεν
यहाँ “उसका दम निकल गया” इसका मतलब है “उसका आख़री दम निकल गया” और हलीमी तरीके से कहना यह है कि वह मर गया-हनन्याह गिर पड़ा क्यूंकि वह मर गया था;वह गिर पड़ा इस लिए नहीं मारा था- मुतबादिल तर्जुमा: ”मर गया और वह ज़मीन पर गिर पड़ा” (देखें:INVALID translate/figs-euphemism)
Acts 5:7
ἡ γυνὴ αὐτοῦ…εἰσῆλθεν
हनन्याह की बीवी “सफ़ीरा अन्दर आई”
τὸ γεγονὸς
यह कि उसका शौहर मर गया था
Acts 5:8
τοσούτου
“क्या इतने को ही” यह पैसों कि उस रक़म को ज़ाहिर करता है जो हन्नयाह ने रसूलों को दिए थे-
Acts 5:9
यहाँ लफ्ज़ तुम जमा का सेग़ा है और यह हनन्याह और सफ़ीरा दोनोंकी तरफ़ इशारा करता है-(देखें:INVALID translate/figs-you)
यह हनन्याह और सफ़ीरा की कहानी का आखरी हिस्सा है-
τί ὅτι συνεφωνήθη ὑμῖν πειράσαι τὸ Πνεῦμα Κυρίου
पतरस इस सवाल को सफ़ीरा को मलामत करने के लिए पूछता है- मुतबादिल तर्जुमा: तुम दोनों को मिलकर राज़ी नहीं होना चाहिए था कि खुदावंद कि रूह को आज़माए!” (देखें:INVALID translate/figs-rquestion)
συνεφωνήθη ὑμῖν
तुम दोनों मिलकर राज़ी हुए हो
πειράσαι τὸ Πνεῦμα Κυρίου
यहां लफ्ज़ “आज़माना” का मतलब है चिनौती देना या साबित करना -वह यह देखने की कोशिश कर रहे थेकि झूट बोलने के ज़रिये बगैर सज़ा पाए यूंही निकल सकते थे-
οἱ πόδες τῶν θαψάντων τὸν ἄνδρα σου
यहाँ जो मुहावरा है “क़दमों” यह लोगों को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा:वह लोग जिन्होंने तुम्हारे शौहर को दफ़नाए थे –(देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 5:10
ἔπεσεν…πρὸς τοὺς πόδας αὐτοῦ
इसका मतलब यह है कि जब वह मरी थी तो पतरस के सामने ज़मीन पर गिर पड़ी थी -इस फ़िकरे से उलझन में पड़ने की ज़रूरत नहीं है कि एक शख्स हलीमी का इज़हार करते हुए किसी के क़दमों में गिर पड़ता है -
ἐξέψυξεν
यहाँ “दम तोड़ दिया” के मायने “उसके आखरी दम तोड़ने से” है और कहने का शरीफाना तरीका है कि वह “मर गई”- देखें कि आप ने एक ऐसे ही फिकरे का आमाल 5:5.(देखें:INVALID translate/figs-euphemism)
Acts 5:12
यहाँ पर अलफ़ाज़ “वह” और “वह” इमानदारों को ज़ाहिर करता है -
कलीसिया के इब्तिदाई दिनों में क्या हुआ इसे लूका बयान करना जारी रखता है -
διὰ δὲ τῶν χειρῶν τῶν ἀποστόλων, ἐγίνετο σημεῖα καὶ τέρατα πολλὰ
या “रसूलों के हाथों से निशान और बहुत से अजीब काम लोगों में ज़ाहिर होते थे” इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:”रसूलों ने बहुत से करामात और अजीब काम लोगों के दरमियान अंजाम दिए” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
σημεῖα καὶ τέρατα
फ़ौकुल फ़ितरत वाक़ियात और मोजिज़ाना काम-देखें कि आप ने इसे आमाल 2:22 किस तरह तर्जुमा किया था -
διὰ…τῶν χειρῶν τῶν ἀποστόλων
यहाँ लफ्ज़ “हातों” रसूलों की तरफ़ इशारा करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “रसूलों के ज़रिये” (देखें:INVALID translate/figs-synecdoche)
Στοᾷ Σολομῶντος
यह ढका हुआ चलने का रासता था जिसमें लाइन से खम्बे गढ़े हुए थे जो छतों को सहारा दे रहे थे -और सुलेमान के मरने के बाद लोगों ने इसे सुलेमान का बरामदा नाम दिया था- देखें कि आपने इसे आमाल 3:11में किसतरह तर्जुमा किया है -
Acts 5:13
ἐμεγάλυνεν αὐτοὺς ὁ λαός
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “लोग बड़े लिहाज़ के साथ इमानदारों की बड़ाई करते थे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 5:14
यहाँ लफ्ज़ वहन लोगों की तरफ़ इशारा है जो येरूशलेम में रहते थे-
μᾶλλον…προσετίθεντο πιστεύοντες τῷ Κυρίῳ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है –“कसरत से आ मिले” देखें कि आपने इसे [आमाल 2:41] (../02/41.md).में किसतरह तर्जुमा किया “और ज़ियादा लोग खुदावंद पर ईमान लाते रहे” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 5:15
ἡ σκιὰ ἐπισκιάσῃ τινὶ αὐτῶν
पतरस की शोहरत से यह दलालत हुई कि उस का साया भी अगर किसी मरीज़ पर पड़ जाए वह शिफ़ा पा जाता था – (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 5:16
ὀχλουμένους ὑπὸ πνευμάτων ἀκαθάρτων
यहाँ तक कि जो बदरूहों के सताए हुए लोग थे वह भी ठीक होजाते थे
ἐθεραπεύοντο ἅπαντες
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उन सब को शिफ़ा बख्शी या “रसूलों ने उन सब को शिफ़ा दी”-
Acts 5:17
मज़हबी रहनुमाओं ने ईमानदारों को सताना शुरू कर दिया-
δὲ
यहाँ एक फ़रक कहानी शुरू हो जाती है -आप इसे इस तरीके से तर्जुमा कर सकते हैं जिसतरह आप की ज़ुबान में मुक़ाबिल बयान का तआरुफ़ किया जाता है -
ἀναστὰς…ὁ ἀρχιερεὺς
यहाँ जो मुहावरा है “उठे”इस के मायने हैं कि सरदार काहिनों ने काररवाई करने का फ़ैसला लिया- इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपनी जगह से उठे -मुतबादिल तर्जुमा:सरदार काहिनों ने कानूनी काररवाई की- (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ἐπλήσθησαν ζήλου
खुलासा करने वाला इस्म “हसद” को एक सिफ़त बतोर तर्जुमा किया जा सकता है-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: वह बहुत ज़ियादा हसद करने लगे- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 5:18
ἐπέβαλον τὰς χεῖρας ἐπὶ τοὺς ἀποστόλους
इस का मतलब यह है कि वह रसूलों को जबरन गिरफ्तार करने लगे -उन्हों ने मुहाफ़िज़ों को ऐसा करने का हुक्म दिया-मुतबादिल तर्जुमा:मुहाफिजोंने रसूलों को गिरफ्तार किया- (देखें: INVALID translate/figs-idiom और INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:19
यहाँ अलफ़ाज़ “उनको” और “उनहोंने” य्ह्रासूलों की तरफ़ इशारा करता है-
Acts 5:20
ἐν τῷ ἱερῷ
यह मुहावरा यहाँ पर हैकल के सहन को ज़ाहिर करता है न कि हैकल की इमारत को जहां सिर्फ़ काहिनों को जाने की इजाज़त थी -मुतबादिल तर्जुमा: “हैकल के सहन में” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
πάντα τὰ ῥήματα τῆς ζωῆς ταύτης
यहाँ पर लफ्ज़ “बातें”उस पैगाम के लिए एक मजाज़ है जिसे रसूलों ने पहले ही मनादी करी थी- मुमकिन मायने हैं 1) “यह तमाम अब्दी ज़िन्दगी के पैगामात” या 2)नई ज़िन्दगी की राह का पैग़ाम- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:21
εἰς τὸ ἱερὸν
वह हैकल के सेहन के अन्दर गए न कि हैकल की इमारत के अन्दर जहां सिर्फ़ काहिनों को जाने की इजाज़त थी-मुतबादिल तर्जुमा: हैकल के सेहन के अन्दर – (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
ὑπὸ τὸν ὄρθρον
जब उजाला होने लगा -हालांकि फ़रिश्ता उनको रात के वक़्त कैदखाने से बाहर ले जा रहा था, सूरज तुलू’ हो रहा था उस वक़्त रसूल हैकल के सेहन में पहुंचे -
ἀπέστειλαν εἰς τὸ δεσμωτήριον ἀχθῆναι αὐτούς
यह इशारा करता है कि कोई न कोई क़ैद खाने को गया -मुतबादिल तर्जुमा: “किसी को क़ैदखाने भेजा गया कि रसूलों को ले आए” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
Acts 5:23
ἔσω οὐδένα εὕρομεν
अलफ़ाज़ “किसी ने भी” रसूलों को ज़ाहिर करता है यह इशारा करता है कि रसूलों के अलावा क़ैदखाने में और कोई नहीं था -मुताबदिल तर्जुमा: “हम ने उनको कैदखाने के अन्दर नहीं पाया”- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 5:24
यहाँ लफ्ज़ “तुम” जमा का सेग़ा है और यह जेल का दारोगा और सरदार कहिनों को ज़ाहिर करता है –(देखें: INVALID translate/figs-you)
διηπόρουν
वह बहुत हैरान हुए या “वह बहुत उलझन में पड़ गए”
περὶ αὐτῶν
बातों से मुताल्लिक़ यह है कि उन्हों ने जब यह सुना या “इन बातों से मुताल्लिक़”
τί ἂν γένοιτο τοῦτο
और अंजाम बतोर जो वाक़े होने को था
Acts 5:25
ἐν τῷ ἱερῷ, ἑστῶτες
और वह हैकल की इमारत के हिस्से में नहीं गए जहां सिर्फ़ काहिनों को जाने की इजाज़त थी -मुताबदिल तर्जुमा: “हैकल के सेहन खाने पर खड़े होकर”(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
Acts 5:26
इस हिस्से में लफ्ज़ “वह” दरोगा और दीगर अफ़सरान कि तरफ़ इशारा करता है-इस मुहावरे में वह डर रहे थे कि कि कहीं लोग उनको पत्थरों से हमला न कर बैठें-लफ्ज़ “उन्हें” दरोगा और अफसरान को ज़ाहिर करता है -दीगर तमाम “उन्हें” के अलफ़ाज़ रसूलों की बाबत-यहाँ “तुम” का कफ़ज़ जमा का सेग़ा है जो रसूलों की बाबत है- (देखें: INVALID translate/figs-you)
दरोगा और अफ़सरान ने रसूलों को यहूदियों की सदर अदालत के सामने ले आए -
ἐφοβοῦντο
वह डरे हुए थे
Acts 5:27
ἐπηρώτησεν αὐτοὺς ὁ ἀρχιερεὺς
सरदार काहिन ने उन से सवाल किया - लफ्ज़ “दरयाफ़त करना” के मायने हैंयह जान्ने के लिए सवाल पूछना कि सच क्या है -
Acts 5:28
ἐπὶ τῷ ὀνόματι τούτῳ
यहाँ लफ्ज़ “नाम” येसू की शख्सियत को ज़ाहिर करता है – देखें कि आप ने इसे आमाल 4:17 में किसतरह तर्जुमा किया है-मुतबादिल तर्जुमा:”आगे को यह शख्स येसू की बाबत बात न करना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
πεπληρώκατε τὴν Ἰερουσαλὴμ τῆς διδαχῆς ὑμῶν
शहर के बहुत से लोगों को तालीम देना ऐसा कहा जाएगा कि शहर को किसी एक तालीम से भर देना -मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ने तमाम येरूशलेम में अपनी तालीम फैलादी” या तुम ने उसकी बाबत तालीम को पूरे येरूशलेम में फैला दी-(देखें:INVALID translate/figs-metaphor)
βούλεσθε ἐπαγαγεῖν ἐφ’ ἡμᾶς τὸ αἷμα τοῦ ἀνθρώπου τούτου
यहाँ लफ्ज़ “खून” मौत के लिए एक मजाज़ है और किसी के खून का इलज़ाम दूसरों पर डालने के लिए भी एक कहावत है- मुतबादिल तर्जुमा: “क्या तुम उस शख्स का खून हमारी गर्दन पर रखना चाहते हो “? (देखें:INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 5:29
यहाँ लफ्ज़ “हम” रसूलों की तरफ़ इशारा करता है न कि सामईन की तरफ़ –(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἀποκριθεὶς…Πέτρος καὶ οἱ ἀπόστολοι
पतरस तमाम रसूलों की तरफ़ से बोल रहा था जब उसने ज़ेल के अलफ़ाज़ बोले थे-
Acts 5:30
ὁ Θεὸς τῶν πατέρων ἡμῶν ἤγειρεν Ἰησοῦν
यहाँ लफ्ज़ “जिलाया” एक मजाज़ है - मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे बाप दादा के ख़ुदा ने येसू को फिर से जिलाया” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)
κρεμάσαντες ἐπὶ ξύλου
यहाँ पतरस सलीब का हवाला देने के लिए लफ्ज़ “दरख़्त” का इस्तेमाल करता है क्यूंकि वह लकड़ी का बना हुआ था -मुतबादिल तर्जुमा: “उसको एक सलीब पर लटकाकर” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:31
τοῦτον ὁ Θεὸς…ὕψωσεν, τῇ δεξιᾷ αὐτοῦ
“ख़ुदा की दाहनी तरफ़ तख़्त निशीन” होना ख़ुदा से एक बड़ी इज़्ज़त और इख्तियार हासिल करने का एक तमसीली (इशारती) अमल है-मुतबादिल तर्जुमा:ख़ुदा ने उसको अपने नज़दीक एक ऊँचा मक़ाम अता किया-(देखें: INVALID translate/translate-symaction)
τοῦ δοῦναι μετάνοιαν τῷ Ἰσραὴλ καὶ ἄφεσιν ἁμαρτιῶν
अलफ़ाज़ “तौबा” और “मुआफ़ी” को फ़े’ल में तर्जुमा किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “बनी इसराईल को तौबा का एक मौक़ा दे और ख़ुदा उनके गुनाहों को मुआफ़ करे” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
τῷ Ἰσραὴλ
लफ्ज़ “इस्राईल” यहूदी लोगों कि तरफ़ इशारा करता है- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:32
τοῖς πειθαρχοῦσιν αὐτῷ
जो लोग ख़ुदा के इख्तियार में सोंपे गए हैं
Acts 5:33
गमलिएल अदालत के अरकान से मुखातब होता है
Acts 5:34
Γαμαλιήλ, νομοδιδάσκαλος τίμιος παντὶ τῷ λαῷ
लूका गमलिएल का तआरुफ़ करता है और उसकी बाबत गोशा -ए-गुमनामी की इतला’ पेश करता है –(देखें: INVALID translate/writing-participants और INVALID translate/writing-background)
τίμιος παντὶ τῷ λαῷ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: जिसकी तमाम लोग इज़्ज़त करते थे – (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐκέλευσεν ἔξω…τοὺς ἀνθρώπους ποιῆσαι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मुहाफ़िज़ों को हुक्म दिया कि रसूलों को बाहर ले जाए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 5:35
προσέχετε
की बाबत होशियारी से सोचो या “के बाबत होशियार रहो” गमलिएल उन्हें ख़बरदार कर रहा था कि ऐसा कुछ न करें जो बाद में अफ़सोस करना पड़े-
Acts 5:36
ἀνέστη Θευδᾶς
मुमकिन मायने हैं 1) “थियुदास ने बग़ावत की थी” या 2) ” थियुदास उठ खड़ा हुआ”
λέγων εἶναί τινα
दावा किया कि कोई बहुत ख़ास है
ὃς ἀνῃρέθη
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों ने उसे हलाक कर दिया” (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
πάντες ὅσοι ἐπείθοντο αὐτῷ διελύθησαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “जो उस के पीछे चल रहे थे वह सब के सब तित्तर बित्तर हो गए” या “जो उसके पीछे चल रहे थे सब फ़रक़ सिम्त पर चले गए- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐγένοντο εἰς οὐδέν
इस का मतलब यह है कि जो उन्हों ने मंसूबा बाँधा था उसके मुताबिक कर नहीं पाए
Acts 5:37
μετὰ τοῦτον
थ्युदास के बाद
ἐν ταῖς ἡμέραις τῆς ἀπογραφῆς
इस्म नवीसी के दौरान
ἀπέστησε λαὸν ὀπίσω αὐτοῦ
इसका मतलब यह है कि उसने कुछ लोगों को उभारा कि उसके साथ रोमी सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत करे-मुतबादिल तर्जुमा: “उसने बहुत से लोगों को अपनी तरफ़ कर लिया” या “लोगों को क़ायल किया कि उसकी बग़ावत में उसके साथ शरीक हो जाएं” देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 5:38
गमलिएल सदर अदालत के लोगों से मुखातब अपनी तक़रीर बंद करता है -हालांकि लोगों ने रसूलों को मारा था और हुक्म दिया था कि येसू कि बाबत तालीम न दें औ उन्हें जाने दिया था -मगर रसूलों ने मनादी करना जारी रखा
ἀπόστητε ἀπὸ τῶν ἀνθρώπων τούτων καὶ ἄφετε αὐτούς
गमलिएल यहूदियों से कह रहा है कि आगे को रसूलों को सज़ा न दी जाए और न उन्हें क़ैद में डाला जाए –(देखें INVALID translate/figs-explicit)
ἐὰν ᾖ ἐξ ἀνθρώπων, ἡ βουλὴ αὕτη ἢ τὸ ἔργον τοῦτο
अगर लोगों ने यह मंसूबा बांधा है या यह काम कर रहे हैं -
καταλυθήσεται
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “कोई न कोई इसका ख़ात्मा कर देगा- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 5:39
εἰ…ἐκ Θεοῦ ἐστιν
यहाँ लफ्ज़ “वह” “इस मंसूबे या काम”की तरफ़ इशारा करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “अगर ख़ुदा ने इस मंसूबे की तजवीज़ की है” या ‘इन लोगों को हुक्म दिया गया है कि इस काम को करे” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
ἐπείσθησαν δὲ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुताबादिल तर्जुमा: “सो गम्लिएल ने उन्हें नसीहत दी (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 5:40
यहाँ पहला लफ्ज़ “वह” अदालत के मेमबरान की तरफ़ इशारा करता है और दीगर अलफ़ाज़ ,”उन्हें” और “वह” रसूलों की तरफ़ इशारा करता है-
προσκαλεσάμενοι τοὺς ἀποστόλους, δείραντες
अदालत के अरकान ने शायद मंदिर के मुहाफ़िज़ों को यह सब करने लिए हुक्म दिया हो –(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
λαλεῖν ἐπὶ τῷ ὀνόματι τοῦ Ἰησοῦ
यहाँ “नाम” येसू के इख्तियार को ज़ाहिर करता है -देखें कि आप ने इसी मुहावरे का [आमाल 4:18] (../04/18.md).में किसतरह तर्जुमा किया है-मुतबादिल तर्जुमा: “येसू का नाम लेकर बात न करना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:41
κατηξιώθησαν ὑπὲρ τοῦ ὀνόματος ἀτιμασθῆναι
रसूल खुश हुए क्यूंकि ख़ुदा ने उन्हें ऐसा होने दिया कि वह यहूदी रहनुमाओं के ज़रिये बे इज़्ज़त किये गए- इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: ख़ुदा ने उन्हें इस काबिल समझा कि येसू के नाम की ख़ातिर बे इज़्ज़त किये जाएं –(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ὑπὲρ τοῦ ὀνόματος
यहाँ “नाम” येसू की तरफ़ इशारा करता है -मुतबादिल तर्जुमा: ”येसू के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 5:42
πᾶσάν τε ἡμέραν
उस दिन के बाद हर दिन यह मुहावरा एक निशान बतोर होता था कि रसूल आने वाले दिन की बदौलत हर दिन क्या किया -
ἐν τῷ ἱερῷ καὶ κατ’ οἶκον
वह हैकल की इमारत के अन्दर नहीं गये थे जहां सिर्फ़ काहिनों को जाने की इजाज़त थी- मुतबादिल तर्जुमा: “हैकल के सेहन में जहां फ़रक़ फ़रक़ लोगों के घर थे-“ (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 6
आमाल 06 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
बेवाओं के मेज़ की ख़िदमत
येरूशलेम के ईमानदार उन औरतों को रोज़ाना खाना बांटते थे जिन के शौहर मर चुके थे -यह सारी औरतें यहूदियों से थीं,मगर उन में से कुछ यहूदिया में रहती थीं और वह इब्रानी बोलती थीं और जो ग़ैर कौमों के इलाके में रहती थीं वह यूनानी बोलती थीं-जिन बेवाओं को खाना दिया जाता था वह इब्रानी बोलने वाली बेवाएं थीं न कि यूनानी बोलने वाली औरतें -सो ख़ुदा को खुश करने के लिए कलीसिया के रहनुमाओं ने यूनानी बोलने वाले ख़ादिमों को मुक़र्रर किया कि उनको भी खाना नसीब हो - इन ख़ादिमों में से एक जिस का नाम स्तिफुनुस था जो यूनानी बोल सकता था
दीगर मुमकिन तर्जुमा -इस बाब में मुश्किलात
“उस का चेहरा फ़रिश्ता जैसा था”
कोई भी नहीं यकीनी तोर से नहीं जनता था कि स्तिफुनुस का चेहरा फरिशते जैसा होने का क्या राज़ था-इसलिए कि लूका हमें नहीं बताता है -इसलिए तर्जुमे के लिए सब से अच्छा यह होगा कि इसकी बाबत ULT को देखें -
Acts 6:1
यह कहानी के नए हिस्से की शुरुआत है -कहानी को समझने के लिए लूका कुछ अहम् गोशा -ए- गुमनामी की इतला देता है (देखें: INVALID translate/writing-background)
ἐν δὲ ταῖς ἡμέραις ταύταις
गौर करें कि आप की ज़ुबान में खानी के नए हिस्सों को तआरुफ़ किया गया है-(देखें: INVALID translate/writing-newevent)
πληθυνόντων
मसीहियों का शुमार बढ़ता ही जा रहा था
Ἑλληνιστῶν
कुछ यहूदी थे जो रोमी सल्तनत के किसी बाहिरी इलाके में बस रहे थे -और वह यूनानी ज़ुबान बोलते हुए पले बढ़े थे-उनकी ज़ुबान और तहज़ीब उन लोगों से फरक़ थी जो इस्राएल में पले बढ़े थे -
τοὺς Ἑβραίους
यह लोग यहूदी थे जो इस्राईल में पले बढ़े थे ,इन की ज़ुबान इब्रानी या अरामी थी -अब तक कलीसिया में सिर्फ़ यहूदी और यहूदियत से मसीह में आए हुए लोगों की थी -
αἱ χῆραι
औरत जिस का शौहर मर चुका है
παρεθεωροῦντο…αἱ χῆραι αὐτῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “इब्रानी ईमानदार यूनानी बेवाओं को नज़र अंदाज़ कर रहे थे –(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
παρεθεωροῦντο
नज़र अंदाज़ किया जाना या “भूल जाना”-बहुतसे ऐसे थें जिन को मदद की ज़रूरत थी क्यूंकि उनमें से कुछ छूट जाते थे
διακονίᾳ τῇ καθημερινῇ
जो पैसे रसूलों को दी जाती थी उस का एक हिस्सा इब्तिदाई कलीसिया के बेवाओं के लिए खाने का सामान खरीदने में इस्तेमाल होता था-
Acts 6:2
यहाँ लफ्ज़ तुम ईमानदारों को ज़ाहिर करता है -यहाँ अलफ़ाज़ “हमें” और “हम” 12 रसूलों को ज़ाहिर करता है – जहां ज़रूरत हो वहाँ आप की ज़ुबान में खारिज या मुस्तस्ना के सेगे का इस्तेमाल करें-(देखें: INVALID translate/figs-you और INVALID translate/figs-exclusive)
οἱ δώδεκα
यह ग्यारा रसूलों को और मत्तियाह को ज़ाहिर करता है जिसको आमाल1:26 में यहूदा के बदले में चुना गया था -
τὸ πλῆθος τῶν μαθητῶν
तमाम शागिर्द या तमाम ईमानदार
καταλείψαντας τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
यह एक मुबालिगा है ताकि ख़ुदा के कलाम की तालीम की ख़िदमत की अहमियत पर ज़ोर दे सके-मुतबादिल तर्जुमा: “मनादी करना और कलाम की तालीम देना बंद करो” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
διακονεῖν τραπέζαις
यह एक मुहावरा है जिस का मतलब यह है कि दीगर ख़िदमत के साथ साथ लोगों को खिलाओ-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 6:3
ἄνδρας…πλήρεις Πνεύματος καὶ σοφίας
मुमकिन मायने हैं 1) उन खादिमों की तीन खासियतें हैं --- एक अच्छी शोहरत (नेकनामी),रूह से भरे हुए,और हिकमत से भरे हुए या 2)उनमें दो खासियतें होने के सबब से नेकनाम थे ---वह रूह से भरे हुए थे और ख़ुदा की हिकमत से भरे हुए थे -
ἄνδρας…μαρτυρουμένους
खादिम जिन्हें लोग जानते थे कि वह अच्छे हैं या “खादिम जिनपर लोगों का भरोसा था”
ἐπὶ τῆς χρείας ταύτης
वह इस काम को अंजाम देने के ज़िम्मेवार होंगे
Acts 6:4
τῇ διακονίᾳ τοῦ λόγου
और मालूमात जोड़ने पर मदद मिल सकती है – मुतबादिल तर्जुमा: “तालीम की ख़िदमत और मनादी की ख़िदमत” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
Acts 6:5
ἤρεσεν ὁ λόγος ἐνώπιον παντὸς τοῦ πλήθους
तमाम शागिर्दों को उनकी सलाह पसंद आई
Στέφανον,…καὶ Πνεύματος Ἁγίου, καὶ Φίλιππον, καὶ Πρόχορον, καὶ Νικάνορα
यह यूनानी नाम हैं और सलाह यह थी किजितने भी चुने जाएं वह यूनानी बोलने वाले यहूदी मसीही हों –(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
προσήλυτον
एक गर कौम का शख्स जो यहूदी बन गया था
Acts 6:6
ἐπέθηκαν αὐτοῖς τὰς χεῖρας
यह एक बरकत के देने और सात लोगो को जो मुक़र्रर हुए थे उन्हें ज़िम्मेदारी और इख्तियार सौंपे जाने को ज़ाहिर किया गया है –(देखें: INVALID translate/translate-symaction)
Acts 6:7
यह आयत कलीसिया की तरक्की पर एक मौजूदा इतला पेश करता है-
λόγος τοῦ Θεοῦ ηὔξανεν
मुसन्निफ़ मसीहियों का शुमार बढ़ने की बाबत बात करता जो ख़ुदा के कलाम पर ईमान लाए थे और यह ख़ुदा का कलाम खुद ही फैलता जा रहा था -मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों का शुमार जो ख़ुदा के कलाम पर ईमान लाए थे बढ़ता जा रहा था” या उन लोगों का शुमार जो ख़ुदा के पैग़ाम पर ईमान लाए थे बढ़ती जारही थी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὑπήκουον τῇ πίστει
नए ईमान की तालीम के पीछे चले
τῇ πίστει
मुमकिन मायने हैं 1) येसू पर भरोसे का खुशखबरी का पैग़ाम या 2) कलीसिया की तालीम या 3) मसीही तालीम
Acts 6:8
यह आयतें स्तिफुनुस की बाबत और दीगर लोगों की बाबत गोशा -ए- गुमनामी की इतला देता है जो कहानी को समझने के लिए अहम् है –(देखें: INVALID translate/writing-background)
यह कहानी के नए हिस्से की शुरुआत है -
Στέφανος δὲ
कहानी के इस हिस्से में स्तिफुनुस को ख़ास किरदार बतोर तआरुफ़ करता है –(देखें: INVALID translate/writing-participants)
Στέφανος…πλήρης χάριτος καὶ δυνάμεως, ἐποίει
अलफ़ाज़ “फ़ज़ल” और “कुव्वत”यहाँ पर ख़ुदा की तरफ़ से कुव्वत को ज़ाहिर करता है इसको वाजेह तोर पर बयान किया जा सकता है - मुताबदिल तर्जुमा: ख़ुदा स्तिफुनुस को ताक़त देता जा रहा था -देखे: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 6:9
συναγωγῆς, τῆς λεγομένης Λιβερτίνων
आजाद्लोग जो गालिबन पहले गुलाम थे फ़रक फरक जगहों से तालुक रखते थे -यह साफ़ नहीं है कि अगर दुसरे लोग जिन कि फेहरिस्त दी गयी है यह हैकल से ताल्लुक रखते थे या यूँही स्तिफुनुस के साथ बहस में शामिल थे -
συνζητοῦντες τῷ Στεφάνῳ
स्तिफुनुस के साथ बहस करना
Acts 6:10
यहाँ जो लफ्ज़ “हम” है वह उन लोगों को ज़ाहिर करता है जिन्हें झूट बोलने के लिए रागिब किया गया था -लफ्ज़ “वह” पीछे उन लीगों को ज़ाहिर करता है जो हैकल से आजाद्लोग थे जिन का ज़िकर आमाल 6:9.(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
गोशा -ए- गुमनामी की इतला जो [आमाल 6:8] (../06/08.md) में शुरू हुआ था वह 10 आयत तक जारी रहता है -
οὐκ ἴσχυον ἀντιστῆναι
इस मुहावरे का मतलब है जो कुछ उस ने झूटी बात कहीउसे साबित न कर सका -मुतबादिल तर्जुमा: “उस के खिलाफ में बहस न कर सके”
Πνεύματι
यह रूहुल क़ुदुस को ज़ाहिर करता है
Acts 6:11
ἄνδρας λέγοντας
इस झूटी गवाह के लिए उन्हें पैसे दिए गए थे -मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ लोगों को झूट बोलना था और कहना था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ῥήματα βλάσφημα εἰς
कुफ़्र की बातें
Acts 6:12
हरेक लफ्ज़ “वह लोग” का इस्तेमाल हैकल के उन आज़ाद लोगों की तरफ़ इशारा करता है जिस का ज़िक्र आमाल 6:9.में किया गया है -वह लोग झूठी गवाह के लिए और अदालत को भड़काए जाने के लिए ज़िम्मेवार थे जिनमें सदूकी और बुज़ुर्ग और दीगर लोग शामिल थे- यहाँ लफ्ज़ हम झूठे गवाह को ज़ाहिर करता है जो गवाही देने के लिए लाए गए थे- (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
συνεκίνησάν…τὸν λαὸν, καὶ τοὺς πρεσβυτέρους, καὶ τοὺς γραμματεῖς
अवाम ,बुज़ुर्ग और फ़क़ीही लोग स्तिफुनुस पर बहुत नाराज़ हुए
συνήρπασαν αὐτὸν
उस्को पकड़ कर गिरफ्तार करलिया ताकि वह छूटने न पाए
Acts 6:13
οὐ παύεται λαλῶν
मगर स्तीफुनुस लगातार बोलता रहा
Acts 6:14
παρέδωκεν ἡμῖν
मुहावरा “बदल डालेगा” मतलब है सोंपा गया था-मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे बाप दादा ने सिखाया” (देखें: INVALID translate/figs-idiomऔर INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 6:15
ἀτενίσαντες εἰς αὐτὸν
यह एक मजाज़ है जिसका मतलब है किसी इरादे से उस पर घूर कर देखना :यहाँ “आँखें” नज़र के लिए एक मजाज़ है- मुतबादिल तर्जुमा: “किसी इरादे से उसे देखा” या “उसपर घूरने लगे” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ὡσεὶ πρόσωπον ἀγγέλου
यह मुहावरा उसके चेहरे को एक फ़रिश्ते से मवाज़िना करता है मगर ख़ास तोर से यह नहीं कहता कि इन में क्या आम बात है –(देखें: INVALID translate/figs-simile)
Acts 7
आमाल 07 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे नज़्म के हरेक लाइन को बाक़ी की इबारत से दाहिने से दूर रखते हैं ताकि पढने में आसानी हो-ULT नज़म के साथ ऐसा करता है जिसे पुराने अहद्नामे से हवाला लिया गया है-देखें 7:42-43 और 49-50.
ऐसा ज़ाहिर होता है कि 8:1 इस बाब के बयान का एक हिस्सा है
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“स्तिफुनुस ने कहा”
स्तिफुनुस ने बहुत मुख़्तसर तोर से बनी इस्राईल कि तारख़ कही-“ख़ास तोर से उसने उन दिनों की बाबत तवज्जोह दिलाया कि किस तरह बनी इस्राईल ने उन रहनुमाओं का इनकार किया जिन्हें ख़ुदा ने उनकी रहनुमाई के लिए चुना था -कहानी के आखिर में उसने कहा कि यहूदी रहनुमाओं ने भी येसू का इनकार किया उन बुरे इस्राईलियों की तरह जिनको ख़ुदा ने उनके रहनुमा बतोर मुक़र्रर किया था
”रूहुल्कुदुस से भरा हुआ” रूहल क़ुदुस पूरी तरह से स्तिफुनुस को क़ाबू किये हुए था ताकि वह उतना ही बोले जितना कि उनके सामने बोलने की ज़रूरत थी -
झलक दिखाना
जब एक मुसन्निफ़ कुछ बोलता है तो यह ज़रूरी नहीं कि सारी बातें उसीवक़्त कह दे बल्कि बाद में भी बोल सकता है इसे झलक दिखाना कहते हैं-लूका शाऊल का बयान करता है जो पौलुस के नाम से जाना जाता है हालाँकि कहानी के इस हिस्से में वह ख़ास शख्स नहीं है मगर इस लिए कि आमाल कि की किताब के बाक़ी हिस्सों में वह ख़ास शख्स है
इस बाब में ख़ास तकरीरी तस्वीर
मालूमात के इशारे
स्तिफुनुस उन यहूदियों से बात कर रहा था जो मूसा की शरियत से बखूबी वाकिफ़ थे- इसलिए उसने अपने सुनने वालों को वह बातें नहीं बताएँ जिन्हें वह पहले से ही जानते थे-मगर आप को कुछ चीजें समझाने की ज़रुरत है ताकि आप के क़ारिईन समझ सके कि स्तिफुनुस क्या कह रहा था-मिसाल के तोर पर आप को यह शरह करने की ज़रोरत है कि जब यूसुफ़ के भाइयों ने उसे “मिसर के सौदागरों के हाथ बेच दिया” (आमाल 7:9),तो यूसुफ़ निस्र में गुलाम होने को जा रहा था –(देखें:INVALID translate/figs-explicit)
मजाज़
स्तिफुनुस कह रहा था कि यूसुफ़ ने “तमाम मिसर” पर और फ़िरोन के तमाम घराने पर हुकूमत की (देखें:INVALID translate/figs-metonymy
दीगर मुमकिन तर्जुमा-इस बाब की मुश्किलात -
गोशा -ए- गुमनामी का इल्म
यहूदी रहनुमा जिन से स्तिफुनुस मुखातब था पहले से ही इन वाक़ियात को जानते थे -वह यहभी जानते थे कि मूसा ने पैदाइश कि किताब में क्या लिखा था-अगर आप की ज़ुबान में पैदाइश की किताब का तरजुम नहीं हुआ है तो आप के कारिईन को स्तिफुनुस की बातें समझने में मुश्किल ही जाएंगी-
Acts 7:1
लफ्ज़ “हम” यह स्तिफुनुस और यहूदी सदर अदालत के लोगों दोनों को ज़ाहिर करता है जिन से वह बात कर रहा था -लफ्ज़ “तुम्हारा” यह वाहिद है और अब्रहाम की तरफ़ इशारा करता है (देखें: INVALID translate/figs-you)
स्तिफुनुस की बाबत खानी का हिस्सा जो आमाल 6:8,में शुरू हुआ था वह जारी रहता है -स्तिफुनुस अपना जवाब शुरू करता है जो सरदार काहिन और सदर अदालत के लोगो ने इस्राईल की तारीख़ की बाबत सवाल उठाया था -इन में से कई एक तारीख़ की बातें तौरेत में लिखी हुई हैं-
Acts 7:2
ἀδελφοὶ καὶ πατέρες, ἀκούσατε
स्तिफुनुस अदालत के लोगों के लिए खैर मकदम करने में इनायत किये हुए खान्दांकी तरह बहुत इज्ज़तदार था-
Acts 7:4
चौथी आयत में “वह” , “उसका’ और “उसे” अब्रहाम की तरफ़ इशारा करता है -पांचवें आयत में “वह” और वह ख़ुदा को ज़ाहिर करता है मगर लफ्ज़ उसे अब्रहाम के लिए है-
यहाँ लफ्ज़ “तुम” यहूदी सदर अदालत और सामईन को ज़ाहिर करता है-(देखें: INVALID translate/figs-you)
Acts 7:5
οὐκ ἔδωκεν…ἐν αὐτῇ
उसने उन में से किसी को नहीं दिया
οὐδὲ βῆμα ποδός
इस मुहावरे के लिए मुमकिन मायने हैं 1)खड़े होने के लिए काफ़ी ज़मीन थी या 2) एक क़दम उठाने केलिए काफी ज़मीन थी-मुतबादिल तर्जुमा: “ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
εἰς κατάσχεσιν αὐτὴν, καὶ τῷ σπέρματι αὐτοῦ μετ’ αὐτόν
अब्रहाम के अपने लिए और अपनी नसल को देने के लिए
Acts 7:6
ἐλάλησεν…οὕτως ὁ Θεὸς
यह बयान करने के लिए मुफीद होगा कि पहली आयत में इसका ज़िक्ज्र ज़्यादा है -मुतबादिल तर्जुमा: “बाद में ख़ुदा ने अब्रहाम से कहा”
ἔτη τετρακόσια
400 साल (देखें: INVALID translate/translate-numbers)
Acts 7:7
τὸ ἔθνος…κρινῶ ἐγώ
कौम उसमें बसे लोगों को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा:”मैं कौमों के लोगोंका इंसाफ़ करूंगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τὸ ἔθνος ᾧ ἐὰν δουλεύσωσιν
कौम जो इसी जगह मेरी इबादत करेगी
Acts 7:8
ἔδωκεν αὐτῷ διαθήκην περιτομῆς
यहुदी लोग समझ गए थे कि यह मुआहदा अब्रहाम के लिए ज़रूरी था कि अपने ख़ानदान के तमाम फ़र्ज़न्द -ए- नारीना का खतना कराए-मुतबादिल तर्जुमा: अब्रहाम के साथ एक मुआहदा किया कि अपने ख़ानदान के लडकों का खतना कराए-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
οὕτως ἐγέννησεν τὸν Ἰσαὰκ
अब्रहाम के नसल की कहानी का तर्जुमा
Ἰακὼβ τοὺς
“याकूब कई एक बेटों का बाप बन गया” स्तिफुनुस ने इस कहानी को मुख़्तसर किया –(देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
Acts 7:9
οἱ πατριάρχαι
याक़ूब के बड़े बेटे या “यूसुफ़ के बड़े भाई”
ἀπέδοντο εἰς Αἴγυπτον
यहूदी जानते थे कि उन के बाप दादाओं ने मिसर में यूसुफ़ को गुलाम होने लिए बेच दिया था-मुतबादिल तर्जुमा: “गुलाम बतोर मिसर में उसको बेच दिया था” देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἦν…μετ’ αὐτοῦ
यह किसी को मदद करने के लिए एक मजाज़ है-मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी मदद की” (देखें INVALID translate/figs-idiom)
Acts 7:10
ἐπ’ Αἴγυπτον
यह मिसर के लोगों की तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मिसर के तमाम लोगों पर” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ὅλον τὸν οἶκον αὐτοῦ
यह उसकी तमाम मिलकियत और जायदाद को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक चीज़ जो उसकी अपनी थी” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:11
ἦλθεν…λιμὸς
एक काल पड़ा-ज़मीन ने अपनी पैदावार बंद कर दी थी-
οἱ πατέρες ἡμῶν
यह याकूब और उसके बेटों की तरफ़ इशारा करता है जो यहूदियों के बाप दादा थे- (देखें INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:12
σιτία
अनाज उस ज़माने में एक आम खुराक थी-
τοὺς πατέρας ἡμῶν
यहाँ यह मुहावरा याक़ूब के बेटों ,यानि यूसुफ़ के बड़े भाइयों की तरफ़ इशारा करता है
Acts 7:13
ἐν τῷ δευτέρῳ
उनकी अगली मुलाक़ात पर- (देखें: INVALID translate/translate-ordinal)
ἀνεγνωρίσθη
यूसुफ़ अपने भाइयों पर ज़ाहिर हुआ उनके अपने भाई की पहचान बतोर -
φανερὸν ἐγένετο τῷ Φαραὼ τὸ γένος Ἰωσήφ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “फ़िरोन पहचान गया था कि वह यूसुफ़ का ख़ानदान था” (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 7:14
ἀποστείλας
अपने भाइयों को कनान वापस भेजा या “अपने भाइयों को वापस घर भेजा”
Acts 7:15
ἐτελεύτησεν
यह यकीन रखें कि यहाँ ऐसा नहीं लगता कि मिसर पहुँचते ही याकूब की मौत होगई थी- मुतबादिल तर्जुमा: “आखिरकार याकूब मर गया”
αὐτὸς καὶ οἱ πατέρες ἡμῶν
याकूब और उसके बेटे जो हमारे बापदादा बने-
Acts 7:16
καὶ μετετέθησαν…καὶ ἐτέθησαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “याकूब की नसल याक़ूब और उसके बेटों के मुर्दा जिस्म को कनान ले गए और वहाँ उन्हें दफनाया गया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τιμῆς ἀργυρίου
पैसों के साथ
Acts 7:17
लफ्ज़ “हम’ शामिल करता है स्तिफुनुस और उसके सामईन को –(देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
कुछ त्र्जुमों में यह कहना मुफीद होगा कि बनी इस्राईल का शुमार बढ़ता गया यह कहने से पहले कि किये गए वायदे का वक़्त आपहुंचा था-
ἤγγιζεν ὁ χρόνος τῆς ἐπαγγελίας
वह वक़्त नज़दीक था कि अब्रहाम से किये गए अपने वायदे को ख़ुदा पूरा करेगा -
Acts 7:18
ἀνέστη βασιλεὺς ἕτερος
दूसरा बादशाह हुकूमत करने लगा था
ἐπ’ Αἴγυπτον
लफ्ज़ मिसर मिसर के लोगों की तरफ़ इशारा करता है- मुताबदिल तर्जुमा: “मिसर के लोग” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ὃς οὐκ ᾔδει τὸν Ἰωσήφ
लफ्ज़ यूसुफ़ यहाँ पर यूसुफ़ की शोहरत को ज़ाहिर करता है: “कौन नहीं जानता कि यूसुफ़ ने मिसर के कोगों की मदद करी थी” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:20
ἐν ᾧ καιρῷ ἐγεννήθη Μωϋσῆς
यह कहानी में मूसा का तआरुफ़ कराता है- (देखें: INVALID translate/writing-participants)
ἦν ἀστεῖος τῷ Θεῷ
यह मुहावरा एक मजाज़ है जिस के मायने हैं मूसा बहत हसीन था- (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ἀνετράφη
इसको अमली शक्ल मर बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उसके मांबाप ने उसकी परवरिश की” या उसके मांबाप ने उसकी परवाह की-(देखें INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 7:21
ἐκτεθέντος δὲ αὐτοῦ
मूसा को “फ़िरोन के सख्त हुक्म के सबब से “बाहर रखा गया” इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब उसके मांबाप ने उसको बाहर रखा हुआ था” या जब उनहोंने उसे छोड़ दिया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἡ θυγάτηρ Φαραὼ, καὶ ἀνεθρέψατο αὐτὸν ἑαυτῇ εἰς υἱόν
उसने उसकी बहुत अच्छी ख़िदमत की जैसा कि हर एक मां अपने बेटे के लिए करती है-अपने ज़ुबान के आम अलफ़ाज़ का इस्तेमाल करें जिस से ज़ाहिर हो कि मां चाहती है कि उसका बेटा तनद्रुरुसत जवान बने-
εἰς υἱόν
जैसे कि वह उसका अपना बेटा था
Acts 7:22
ἐπαιδεύθη Μωϋσῆς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता जा सकता है - मुतबादिल तर्जुमा: मिस्रियों ने मूसा को तालीमयाफ्ता बनाया – (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
πάσῃ σοφίᾳ Αἰγυπτίων
यह एक मुबलिगा है इस बात पर ज़ोर देने के लिए कि मूसा की तालीम व तरबियत मिसर के सब से अच्छे स्कूल में हुई थी- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
δυνατὸς ἐν λόγοις καὶ ἔργοις αὐτοῦ
अपने कलाम और अमल में मुअस्सिर या “जो कुछ उसने कहा और किया वह असरकारक था”
Acts 7:23
ἀνέβη ἐπὶ τὴν καρδίαν αὐτοῦ
यहाँ दिल अक्ल के लिए एक मजाज़ है- मुहावरा “उसके दिल में यह आया” एक इस्तलाह है जिस के मायने हैं किसी बात का फ़ैसला करना-मुतबादिल तर्जुमा: “यह उस के दिल में आया” या “उसने फ़ैसला किया’ (देखें INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-idiom)
ἐπισκέψασθαι τοὺς ἀδελφοὺς αὐτοῦ, τοὺς υἱοὺς Ἰσραήλ
यह उसके लोगों को ज़ाहिर करता है न कि सिर्फ़ उसके ख़ानदान को-मुतबादिल तर्जुमा: देखें कि उस के अपने लोग और बनी इस्राईल कैसे थे”- देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:24
καὶ ἰδών τινα ἀδικούμενον, ἠμύνατο καὶ ἐποίησεν ἐκδίκησιν τῷ καταπονουμένῳ, πατάξας τὸν Αἰγύπτιον
सिलसिले को दोबारा तरतीब देते हुए इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “एक मिसरी इस्राईली को ज़ियादती करते देखकर मूसा ने बचाओ किया और मिसरी को मारते हुए इस्राईली से बदला लिया जो उस पर ज़ुल्म करता था-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
πατάξας τὸν Αἰγύπτιον
मूसने इतनी सख्ती से मिसरी को मारा कि वह मर गया-
Acts 7:25
ἐνόμιζεν
उसने तसव्वुर किया
διὰ χειρὸς αὐτοῦ δίδωσιν σωτηρίαν αὐτοῖς
यहाँ हाथ मूसा के अमल को ज़ाहिर करता है: मुतबादिल तर्जुमा: “जो मूसा कर रहा था उस से वह उन्हें बाचा रहा था” या “वह मूसा के तरीक -ए- अमल का इस्तेमाल कर रहा था ताकि उन्हें बचाए” देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:26
यहां लफ्ज़ “हमको” बनी इस्राईल की तरफ़ इशारा करता है मगर मूसा को शामिल नहीं करता-(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
αὐτοῖς μαχομένοις
सामईन को ख़ुरूज के बयानात से मालूम होगा कि यह दो लोग थे- मगर स्तिफुनुस इन की वज़ाहत नहीं करता- (देखें INVALID translate/figs-explicit)
συνήλλασσεν αὐτοὺς εἰς εἰρήνην
उन्की सुलाह कराता है
ἄνδρες, ἀδελφοί ἐστε
मूसा इस्राईलियों से मुखातब था जो लड़ रहे थे
ἱνα τί ἀδικεῖτε ἀλλήλους
मूस ने यह सवाल पोछा ताकि वह अपनी लड़ाई बन्द करे- मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको एक दुसरे को ज़ख़्मी नहीं करनी चाहिए!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 7:27
τίς σε κατέστησεν ἄρχοντα καὶ δικαστὴν ἐφ’ ἡμῶν?
उस शक्स ने यह सवाल मूसा को मलामत करने के लिए इस्तेमाल किया: “तुम्हारा हम पर कोई इख्तियार नहीं!’ (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 7:28
μὴ ἀνελεῖν με σὺ θέλεις, ὃν τρόπον ἀνεῖλες ἐχθὲς τὸν Αἰγύπτιον
उस शख्स ने इस सवाल को मूसा को ख़बरदार करने के लिए इस्तेमाल किया और गालिबन दुसरे लोग जानते थे कि मूसा ने मिसरी का क़त्ल किया था-
Acts 7:29
स्तिफुनुस के सुनने वाले पहले से ही जानते थे कि मू ने एक मिद्यानी औरत से शादी की थी जब वह मिसर से फरार हुआ था- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἐν τῷ λόγῳ τούτῳ
इशारा किया हुआ इतला है कि मूसा समझ गया था कि बनी इस्राईल इस बात से वाकिफ़ थे कि एक दिन पहले उसने एक मिसरी को हलाक किया था –([आमाल 7:28] (../07/28.md)).(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:30
καὶ πληρωθέντων ἐτῶν τεσσεράκοντα
40 साल गुज़र गए थे- इस पूरे अरसे में मूसा मिद्याँ में रह रहा था- मुतबादिल तर्जुमा: “चालीस साल बाद मूसा मिसर से रवाना हुआ” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ὤφθη…ἄγγελος
स्तिफुनुस के सुनने वाले जानते थे कि ख़ुदा ने फरिश्तों के ज़रिये बातें कीं-UST इसकी शरह करता है- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:31
ἐθαύμασεν τὸ ὅραμα
मूसा हैरान था कि आग की लपेटों में झासी जल क्यूँ नहीं जाती -यह बात स्तिफुनुस के सुनने वाले पहले से जानते थे- मुतबादिल तर्जुमा: “इस लिए कि झाडी जल नहीं रही थी” देखें: INVALID translate/figs-explicit)
προσερχομένου δὲ αὐτοῦ κατανοῆσαι
इस कामतलब यह हो सकता है कि मूसा ने पहले ही नजदीक जाकर जांचा परखा होगा-
Acts 7:32
ἐγὼ ὁ Θεὸς τῶν πατέρων σου
मैं तुम्हारे बाप दादा का ख़ुदा हूँ जिसकी तुमने इबादत की थी-
ἔντρομος δὲ γενόμενος, Μωϋσῆς οὐκ ἐτόλμα κατανοῆσαι
इसका मतलब यह हो सकता है कि मूसा खौफ़ के मारे पीछे हट गया था जब उसने ख़ुदा की आवाज़ सुनी थी-
ἔντρομος…γενόμενος, Μωϋσῆς
मूसा डर के मारे काँप रहा था-इसे साफ़ तोर से कहा जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: मूसा खौफ़ के मारे थर थरा रहा था- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:33
λῦσον τὸ ὑπόδημα
ख़ुदा ने मूसा से यह इसलिए कहा ताकि वह ख़ुदा को इज़्ज़त दे सके-(देखें: INVALID translate/translate-symaction)
ὁ γὰρ τόπος ἐφ’ ᾧ ἕστηκας γῆ ἁγία ἐστίν
इशारा किया हुआ इतला यह है कि जहां ख़ुदा की मौजूदगी है वह जगह अचानक लिहाज़ रखने वाला हो जाता है या ख़ुदा के ज़रिये मुक़द्दस कर दिया जाता है- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:34
ἰδὼν, εἶδον
वाक़ई में देखी- लफ्ज़ यक़ीनन देखने के अमल को शामिल करके उस पर ज़ोर देता है-
τοῦ λαοῦ μου
लफ्ज़ “मेरा” जोर देता है कि यह लोग ख़ुदा से ताल्लुक रखते हैं-मुतबादिल तर्जुमा:“अब्रहाम , इसहाक़ और याक़ूब की नसल ‘
κατέβην ἐξελέσθαι αὐτούς
शख्सी तो से उन्हें छुटकारा देगा
νῦν δεῦρο
तय्यार रहो -ख़ुदा यहां पर हुक्म का इस्तेमाल करता है-
Acts 7:35
आयत 35 -38 उन मुहावरों से ताल्लुक रखते हुए सिलसिले हैं जो मूसा की तरफ़ इशारा करते हैं – हरेक मुहावरा इस तरह के बयान से शुरू होता है -जैसे “यह मूसा”या “यही मूसा” या “यही वह शख्स है” या “यही वह मूसा है” अगर मुमकिन हो तो ऐसे ही बयान का इस्तेमाल करें जो मूसा पर जोर दे सके-बनी इस्राईल के मिसर छोड़ने के बाद उनहोंने चालीस साल बयाबान में खुदा का वायदा किया हुआ मुल्क में लेजाने से पहले मारे मारे फिरते हुए गुज़ारा -
τοῦτον τὸν Μωϋσῆν, ὃν ἠρνήσαντο
य्ह पीछे उन वाक़ियात की तरफ़ ले जाता है जो आमाल 7:27-28.में क़लमबंद है-
λυτρωτὴν
छुडाने वाला
σὺν χειρὶ ἀγγέλου τοῦ ὀφθέντος αὐτῷ ἐν τῇ βάτῳ
“हाथ” यहां परउस अमल के लिए मजाज़ है जो एक शख्स के ज़रिये निभाया जाता है-इस मुआमले में फ़रिश्ते ने मूसा को हुक्म दिया कि मिसर लौट जाए-स्तिफुनुस बतात है कि अगरचे फ़रिश्ते के जिस्मानी हाथ थे – आप को वाजेह करने की ज़रूरत है कि फ़रिश्ते ने सच मुच में क्या किया-मुतबादिल तर्जुमा: “फ़रिश्ते के अमल के ज़रिये” या “ फ़रिश्ते के होते हुए ...झाड़ी के ज़रिये हुक्म दिया गया कि वह मिसर को लौट जाए-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:36
ἔτη τεσσεράκοντα
स्तेफुनुस के सुननेवाले जानते थे कि बनी इस्राईल चालीस साल बयाबान में गुज़ारे-मुतबादिल तर्जुमा:उन चालीस सालों के दौरान जब इस्राईली लोग बयाबान में रहते थे-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 7:37
προφήτην…ἀναστήσει
एक शख्स को एक नबी बनाया
ἐκ τῶν ἀδελφῶν ὑμῶν
तुम्हारे अपने लोगों के बीच में से
Acts 7:38
40 वें आयत का हावाला मूसा की तहरीरों में से है -
οὗτός ἐστιν ὁ γενόμενος ἐν τῇ ἐκκλησίᾳ
यही वह शख्स मूसा है जो बनी इस्राईल में से था
οὗτός ἐστιν ὁ γενόμενος
मुहावरा “यही वह शख्स” पूरी इबारत में मूसा की बाबत है-
ὃς ἐδέξατο λόγια ζῶντα δοῦναι ὑμῖν
वह ख़ुदा है जिस ने उन अलफ़ाज़ को दिए- मुतबादिल तर्जुमा: “यही वह शख्स है जिस से ख़ुदा ने ज़िन्दा कलाम किया ताकि हमें दे सके”
λόγια ζῶντα
मुमकिन मायने हैं 1) “एक पैग़ाम जो क़ायम रहता है” या “कलाम जो ज़िन्दगी बख्शता है-“ (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:39
ἀπώσαντο
यह मजाज़ मूसा के लिए उनकी इनकारी पर जोर देता है- मुतबादिल तर्जुमा:उनहोंने रहनुमा बतोर उसका इनकार किया- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐστράφησαν ἐν ταῖς καρδίαις αὐτῶν
यहाँ “दिलों” एक मजाज़ है लोगों के खयालात के लिए-दिल से कुछ क्स्रने का मतलब है कुछ खवाहिश करना-मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हों ने पीछे जाने की ख्वाहिश की” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:41
जब उन्हों ने वापस मिसर जाने का फ़ैसला लिया-
ἐμοσχοποίησαν
यहाँ स्तिफुनुस नबी आमोस का हवाला पेश करता है-
ἐμοσχοποίησαν…εἰδώλῳ…τοῖς ἔργοις τῶν χειρῶν αὐτῶν
स्तिफुनुस के सुनने वाले जानते थे कि सोने का बछड़ा जो उन्हों ने बनाया वह एक बुत था-मुतबादिल तर्जुमा: उनहोंने जो मूरत बनाई वह एक बछड़े के शक्ल की थी- (देखें: @)
Acts 7:42
ἔστρεψεν…ὁ Θεὸς
यह तमाम मुहावरे वही एक सोने के बछड़े की तरफ़ इशारा करते हैं-
παρέδωκεν αὐτοὺς
ख़ुदा उन की तरफ़ फिरा -यह किरदार ज़ाहिर करता है कि ख़ुदा लोगों से खुश नहीं था और आगे से उन कि मदद नहीं करेगा- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनको सुधारना बंद किया” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
τῇ στρατιᾷ τοῦ οὐρανοῦ
उन्हें छोड़ दिया
βίβλῳ τῶν προφητῶν
असली मुहावरों के लिए मुमकिन मायने हैं 1)सिर्फ़ तारे या 2) सूरज चाँद सितारे -
σφάγια καὶ θυσίας προσηνέγκατέ μοι, ἔτη τεσσεράκοντα ἐν τῇ ἐρήμῳ, οἶκος Ἰσραήλ
यह ज़ाहिरा तोर से कई एक पुराने अहद नामे के नाबियों की तहरीरों का मजमुआ है जो एक ही मक्तूब में मुश्तमिल है- इसमें आमोस की किताब की तहरीर भी शामिल है-
οἶκος Ἰσραήλ
ख़ुदा ने बनी इस्राईल को यह जताने के लिए कि यह सवाल किया कि उनहोंने अपनी कुर्बानियोंके साथउसकी इबादत नहीं की- मुतबादिल तर्जुमा: “ऐ इस्राईल तुम ने मेरी इज़्ज़त नहीं की जब तुम ने ज़बीहे और कुर्बानियां गुज़रानीं ... (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 7:43
यह पूरी इस्राईल कौम को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “ऐ इस्राईल के घराने’ (देखें: @)
नबी आमोस कि किताब का हवाला यहाँ जारी रहता है-
ἀνελάβετε
स्तिफुनुस सरदार काहिनों और अदालत के लोगों को जवाब देना जारी रखता है जो उसने [आमाल 7:2] (../07/02.md)-
σκηνὴν τοῦ Μολὸχ
यह इशारा किया गया है कि जब वोह बयाबान में सफ़र करते थे तो वह इन बुतों को अपने साथ रखते थे- मुतबादिल तर्जुमा: तुम उसको अपने साथ जगह जगहलिए फिरते थे” (देखें: @)
ὸ ἄστρον τοῦ θεοῦ…Ῥαιφάν
वह ख़ेमा जो झूठे मोलिक देवता के लिए घर बना
τοὺς τύπους οὓς ἐποιήσατε
वह तारा जो झूठे देवता रिफ़ान की पहचान है -
μετοικιῶ ὑμᾶς ἐπέκεινα Βαβυλῶνος
उनहोंने मौलिक देवता के मूरत या सनम बनाए और रिफ़ान के भी ताकि उनकी परस्तिश करें-
Acts 7:44
ἡ σκηνὴ τοῦ μαρτυρίου
पास मैं तुम्हें बाबुल के परे लेजाकर वहां बसाऊंगा-यह ख़ुदा के इंसाफ़ का अमल होगा-
Acts 7:45
ἣν…εἰσήγαγον, διαδεξάμενοι οἱ πατέρες ἡμῶν μετὰ Ἰησοῦ
वह ख़ेमा जहाँ अहद का संदूक रखा रहता था उसके अन्दर दस अहकाम की तख्तियां रखी रहती थीं-
τῇ κατασχέσει τῶν ἐθνῶν, ὧν ἐξῶσεν ὁ Θεὸς ἀπὸ προσώπου τῶν πατέρων ἡμῶν
मुहावरा “यशौ के मातहत” इस का मतलब यह है कि उनके बापदादा ने यह सारे काम यशौ की रहनुमाई में होकर किया- मुतबादिल तर्जुमा: “उसी ख़ेमे को हमारे बापदादा अगले बुबुज़ुर्गों से हासिल करके यशौ के साथ ले आए”
τῇ κατασχέσει τῶν ἐθνῶν…ὁ Θεὸς ἀπὸ προσώπου τῶν πατέρων ἡμῶν
यह जुमला कहता है कि क्यूँ हमारे बापदादा मुल्क ज़मीन की मिलकियत को हासिल करने पाए थे -मुतबादिल तर्जुमा: “जिस वक़्त उन कौमों की मिलकियत पर क़ब्ज़ा किया जिनको ख़ुदा ने हमारे बापदादा के सामने निकाल दिया”
τῶν ἐθνῶν
यहाँ यह अलफ़ाज़ “हमारे बापदादा के सामने” बापदादा की मौजूदगी को ज़ाहिर करता है -मुमकिन मायने हैं 1) जिसतरह हमारे बापदादा ने देखा ,ख़ुदा ने उनसे ज़मीन ले ली और उन्हें बाहर भगा दिया” या “जब हमारे बापदादा आए ख़ुदा ने मुल्क को कौमों से ले लिया और उनको वहां से भगा दिया-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ὧν ἐξῶσεν
यह उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो बनी इस्राईल से पहले मुल्क में रहते थे- मुतबादिल तर्जुमा:लोग जो पहले से ही यहाँ रहते थे” (देखें: @)
Acts 7:46
σκήνωμα τῷ οἴκῳ Ἰακώβ
उनको मजबूर किया कि मुल्क को छोड़ दे
Acts 7:47
अहद के संदूक के लिए घर जहां याकूब का ख़ुदा सुकूनत कर सके- दाऊद अहद के संदूक के लिए एक मुस्तक़िल मुकाम येरूशलेम में चाहता था न कि एक ख़ेमे में-
Acts 7:48
χειροποιήτοις
आयत 49 और 50 में स्तिफुनुस यासायाह नबी की किताब से हवाला पेश करता है- हवाले में ख़ुदा खुद की बाबत बात करता है -
Acts 7:49
ὁ οὐρανός μοι θρόνος, ἡ δὲ γῆ ὑποπόδιον τῶν ποδῶν μου
हाथ पूरी शख्सियत के लिए एक मुकम्मल ताक़त है -मुतबादिल तर्जुमा: ”लोगों का बनाया हुआ” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ποῖον οἶκον οἰκοδομήσετέ μοι
नबी ख़ुदा की मजुदगी की बड़ाई का मवाज़िना कर रहा है कि इंसान के लिए कितना नामुमकिन है कि वह ख़ुदा के लिए एक मक़ाम तय्यार करे ताकि वह ज़मीन पर सुकूनत कर सके -जबकि सारी ज़मीन उसके लिए कुछ भी नहीं है क्यूंकि ज़मीन उसके पांव के तले की चौकी है कि आराम करे-
τίς τόπος τῆς καταπαύσεώς μου
ख़ुदा यह सवाल यह बताने के लिए पूछता है कि इंसान के लिए ख़ुदा की परवाह करने की कोशिश कितना बे-फ़ाइदा है-मुतबादिल तर्जुमा: “तुम मेरे लिए कैसा घर बनाओगे जो मेरे लिए मुनासिब हो!”(देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 7:50
οὐχὶ ἡ χείρ μου ἐποίησεν ταῦτα πάντα
ख़ुदा यह सवाल यह बताने के लिए पूछता है कि एक इंसान ख़ुदा के लिए कोई आराम किज्घ का इंतज़ाम नहीं कर सकता- मुतबादिल तर्जुमा: “कोई आराम की जगह मेरे लिए इतनी काफ़ी नहीं है!” (देखे: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 7:51
ख़ुदा यह सवाल यह बताने के लिए पूछता है इंसान ने कोई भी चीज़ पैदा नहीं करी-मुतबादिल तर्जुमा: “मेरे हाथों ने इन सब चीज़ों को बनाया है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
σκληροτράχηλοι
एक सख्त मलामत के साथ स्तिफुनुस अपना जवाब सरदार काहिनों और अदालत के लोगों के सामने ख़तम करता है जो उसने [आमाल 7:2] (../07/02.md) में शुरू क्या था-
σκληροτράχηλοι
स्तिफुनुस ने यहूदी रहनुमाओं को मलामत करते हुए उनकी पह्चान बताई -
ἀπερίτμητοι καρδίαις καὶ τοῖς ὠσίν
इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी गर्दनें सख्त थीं बल्कि वह “ज़िद्दी” थे (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 7:52
τίνα τῶν προφητῶν οὐκ ἐδίωξαν οἱ πατέρες ὑμῶν
यहूदी लोग नम्ख्तून लोगों से ख़ुदा के नाफ़र्मान लोग बतोर नफ़रत करते थे-स्तिफुनुस “दिलों और कानों” का इस्तेमाल करता है यह जताने के लिए कि यहूदी रहनुमाओं ने किसतरह नाफ़रमानी करके या ख़ुदा की न सुनकर ग़ैर कौम जैसा बर्ताव किया- मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने इताअत करने और सुनने से इनकार किया”- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Δικαίου
स्तिफुनुस ने यह जताने के लिए उन से सवाल किया कि उन्हों ने अपने बाप दादा की गलतियों से कोई सीख नहीं ली-मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे बाप दादाओं ने हरेक नबी को सताया था!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
ὑμεῖς προδόται καὶ φονεῖς ἐγένεσθε
यह मसीह यानी मसीहा की तरफ़ इशारा करता है-
φονεῖς
तुम ने उसे भी धोका दिया और उसे हलाक किया-
Acts 7:53
τὸν νόμον εἰς διαταγὰς ἀγγέλων
एक रास्त्बाज़ के क़ातिल या “मसीह के कातिल”-
Acts 7:54
हमारे बापदादाओं को फरिश्तों के ज़रिए पाई हुई शरीयत
ἀκούοντες δὲ ταῦτα
सदर अदालत के लोग स्तिफुनुस के अलफ़ाज़ पर रद्देअमल पेश करते हैं-
διεπρίοντο
अब यहाँ नुक़ता -ए- इनक़िलाब शुरू होता है; तक़रीर ख़त्म होती है और सदर अदालत के अरकान रद्देअमल पेश करते हैं-
ἔβρυχον τοὺς ὀδόντας ἐπ’ αὐτόν
“जी में जल जाना” एक शख्स को बे-हद गुस्सा दिलाने के लिए एक मजाज़ है -मुतबादिल तर्जुमा: “बेहद गुस्से से भर गए” या “निहायत गज़बनाक हुए” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
Acts 7:55
ἀτενίσας εἰς τὸν οὐρανὸν
यह रददेअमल स्तिफुनुस पर सख्त गज़बनाक होने या उसपर कीना बुग़ज़ रखने को ज़ाहिर करता है-मुत्क़बादिल तर्जुमा: “वह इतने गुस्से हुए कि एक साथ मिलकर दांत पीसने लगे” या “स्तिफुनुस को देखकर अपनी दान्तें आगे पीछे करने लगे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
εἶδεν δόξαν Θεοῦ
आसमान की तरफ़ नज़र की-यह ज़ाहिर होता है कि सिर्फ़ स्तिफुनुस ने इस रोया को देखा और भीड़ में से किसी ने भी नहीं-
καὶ Ἰησοῦν ἑστῶτα ἐκ δεξιῶν τοῦ Θεοῦ
लोग आम तोर से ख़ुदा के जलाल को एक चमकदार रौशनी बतोर ही तजुर्बा करते हैं- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की तरफ़ से एक चमकीली रौशनी देखी:(देखें INVALID translate/translate-symaction)
Acts 7:56
Υἱὸν τοῦ Ἀνθρώπου
“ख़ुदा की दाहनी खड़ा हुआ देखना एक मिसाली अमल है ख़ुदा की तरफ़ से बड़ी इज़्ज़त और इख्तियार को हासिल करना- मुतबादिल तर्जुमा: “और उस ने येसू को ख़ुदा के पास इज़्ज़त और इख्तियार के मक़ाम पर देखा” (देखें: @)
Acts 7:57
συνέσχον τὰ ὦτα αὐτῶν
इस्तिफुनुस येसू को “इब्न आदम” का लक़ब पेश करता है-
Acts 7:58
ἐκβαλόντες ἔξω τῆς πόλεως
उन्हों ने अपने कान बंद कर लिए-उन्हों ने ऐसा इस लिए किया कि इस्तिफुनुस जो कहना चाहता था वह उसे सुनना नहीं चाहते थे – (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
τὰ ἱμάτια
उन्हों ने जबरन इस्तिफुनुस को शहर से बाहर खीँच कर ले गए-
παρὰ τοὺς πόδας
यहां कपड़ों से मतलब है चोगा,चादर या कुरता वगैरा जो वह गरम रहने के लिए पहन्ते थे- ऐसे ही उनके जेकेट या कोट भी काम में लाते थे -
νεανίου
सामने -उनहोंने इन सब को साउल के पांव के पास रख दिया कि उनकी रखवाली करे-
Acts 7:59
साउल उस वक्त गालिबन 30 साल के लगभग था
δέξαι τὸ πνεῦμά μου
यहाँ स्तिफुनुस की कहानी ख़तम होती है-
Acts 7:60
θεὶς δὲ τὰ γόνατα
मेरी रूह को कबूल कर- अगर इस जुमले में “बराए महरबानी” जोड़ दिया जाए तो फ़ाइदेमंद होगा यह बताने के लिए कि यह एक दरख्वास्त थी-मुत्क़बादिल तर्जुमा: बराए मेहरबानी मेरी रूह को कबूल कर”-
μὴ στήσῃς αὐτοῖς ταύτην τὴν ἁμαρτίαν
यह ख़ुदा के लिए मखसूस होने का एक अमल है-(देखें: INVALID translate/figs-litotes)
ἐκοιμήθη
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “इस गुनाह के लिए तू इन्हें मुआफ़ कर”- (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)
Acts 8
यहाँ लफ्ज़ “सोगया” मरने के लिए सख्त मफहूम को नर्म अलफ़ाज़ में बयान करने का तरीका है-मुतबादिल तर्जुमा: “मर गया” (देखें: @)
Acts 8:1
आमाल 08 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे नज़्म ककी हरेक लाइन को इबारत के दहनी तरफ़ से आगे रखते ताकि पड़ने में आसानी हो-ULT पुराने अहद नामे के नज़मों के साथ ऐसा करता है जो 8:32-33 में हवाला दिया गया है -
पहली आयत का पहला जुमला सातवें बाब के वाक़ियात के बयान को ख़त्म करता है-लूका अपनी तारीख़ के नए हिस्से को इन अलफ़ाज़ से शुरू करता है:सो “उसी दिन से शुरू हुआ”
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
रूहुल क़ुदुस का हासिल करना
इस बाब में पहली बार लूका बयान करता है कि लोगों ने रूहुल क़ुदुस हासिल किया (आमाल 8:15-19)-रूहुल क़ुदुस ने पहले ही ईमानदारों को ग़ैर ज़बानें बोलने के क़ाबिल बनाया था कि बीमारों को शिफ़ा दे , एक तबका बतोर रहेऔर उसने स्तिफुनुस को भी भर दिया था -मगर जब यहूदियों ने ईमानदारों को क़ैद खाने में डालना सुरु किया तो जो ईमानदार येरूशलेम छोड़ सकते थे उनहोंने छोड़ा और येसू कि बाबत बताने लगे -और जिन्होंने येसु की बाबत सुना उन को रूहुल क़ुदुस भी हासिल हुआ -कलीसिया के रहनुमा जानते थे कि वह लोग सचमुच ईमानदार बन चुके थे-
मनादी की
आमाल की किताब के दिगर बाब से ज़ियादा इस बाब में कलाम की मनादी यानी खुश खबरी की मनादी का ज़िक्र पाया जाता है ,यहकी येसू ही मसीह है –“मनादी” का लफ्ज़ यूनानी है जिस के मायने हैं किसी की बाबत खुशखबरी सुनाना -
यह आप के सुनने वालों के लिए फ़ाइदेमंद होगा कि स्तिफुनुस की बाबत कहानी के हिस्सों को एक आयत का पुल बतोर इस्तेमाल करते हुए आगे बढाएं जिसतरह UST करता है –(देखें: @)
ἐγένετο…ἐν ἐκείνῃ τῇ ἡμέρᾳ, διωγμὸς μέγας ἐπὶ τὴν ἐκκλησίαν, τὴν ἐν Ἱεροσολύμοις. πάντες δὲ διεσπάρησαν κατὰ τὰς χώρας τῆς Ἰουδαίας καὶ Σαμαρείας, πλὴν τῶν ἀποστόλων
इन आयतों में कहानी स्तिफुनुस से आगे बढ़कर साउल की तरफ़ जाती है-पहली आयत का
ἐκείνῃ τῇ ἡμέρᾳ
पहली आयत का यह हिस्सा सताव कि बाबत गोशा -ए-गुमनामी कि इतला है जो स्तिफुनुस की मौत के बाद शुरु हुई-यह तीसरी आयत में हमें समझाता है कि साउल ईमानदारों को क्यूँ सता रहा था-(देखें: @)
πάντες…διεσπάρησαν
जिस दिन स्तिफुनुस मराउस दिन को ज़ाहिर करता है-(आमाल 7:59-60)- .
πλὴν τῶν ἀποστόλων
लफ्ज़ “सब’ ईमानदारों कि एक बड़ी तादाद को ज़ाहिर करने के लये एक इस्ते’माम है जिन्हों ने सताओ के सबब से येरूशलेम को छोड़ा- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 8:2
ἄνδρες εὐλαβεῖς
यह बयान दलालत करता है कि रसूलों ने येरूशलेम को नहीं छोड़ा हालांकि वह भी बड़ी सताव का तजुर्बा कर रहे थे-
ἐποίησαν κοπετὸν μέγαν ἐπ’ αὐτῷ
खुदा परस्त लोग या “वह लोग जो ख़ुदा का खौफ़ मानते थे”
Acts 8:3
σύρων τε ἄνδρας καὶ γυναῖκας
बहुत ज़ियादा उसकी मौत का मातम मनाया
κατὰ τοὺς οἴκους
शाऊल ज़बरदस्ती से यहूदी ईमानदारों को उनके घरों से उठा ले जाता था और उन्हें कैदखाने में डलवाता था-
σύρων τε ἄνδρας καὶ γυναῖκας
एक एक घर से
ἄνδρας καὶ γυναῖκας
आदमियों और औरतों को ज़बरदस्ती से
Acts 8:4
यह उन मरदों और औरतों को ज़ाहिर करता है जो येसू पर ईमान लाए थे- (देखें: @)
διασπαρέντες
यह फिलिप्पुस की कहानी को शुरू करता है जिसको लोगों ने एक मुह्तमिम (डीकन)बतोर चुना था-(आमाल 6:5)-
τὸν λόγον
ईमानदारों का परागंदा होने का सबब था सताव जो पहले ही बयान किया गया था- इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा:”जिन पर बहुत बड़ा सताव हुआ था और चले गए थे”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 8:5
κατελθὼν εἰς τὴν πόλιν τῆς Σαμαρείας
यह “पैग़ाम” के लिए एक मजाज़ है -आप को इसे वजाहत करने की ज़रुरत है कि यह पैग़ाम येसू की बाबत खुशखबरी का पैग़ाम है-मुतबादिल तर्जुमा:”येसू की बाबत पैग़ाम- (देखें: @ और @)
τὴν πόλιν τῆς Σαμαρείας
मुहावरा “नीचे जाकर” का इस्तेमाल यहाँ इसलिए हुआ है क्यूँकि सामरिया येरूशलेम की ढलान पर बसा हुआ था-
ἐκήρυσσεν αὐτοῖς τὸν Χριστόν
मुमकिन मायने हैं 1) लूका क़ारिईन से यह मालूम किये जाने का तवक्को रखता था कि वह किस शहर की बाबत लिख रहा था-मुतबादिल तर्जुमा:”सामरिया में सामरिया का ख़ास शहर” 2) लूका क़ारीईन से यह मालूम किये जाने का तवक्को नहीं कर रहा था कि वह किस शहर कि बाबत लिख रहा था-मुतबादिल तर्जुमा: “सामरिया में एक शहर”
Acts 8:6
δὲ οἱ ὄχλοι
मज़मून “मसीह” येसु को जो मसीहा है ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:उनको बताया कि येसू ही मसीहा है- देखें: @)
προσεῖχον
सामरिया शहर में जब बहुत से लोग ईमान लाए -जगह का नाम आमाल 8:5- में वाज़ेह कर दिया गया है -
Acts 8:7
ἐχόντων πνεύματα ἀκάθαρτα
फिलिप्पुस से लोग इस सबब से मुतास्सिर हुए क्यूंकि वह उनके बीच बहुत से मोजिज़े दिखाता था-
Acts 8:8
ἐγένετο δὲ πολλὴ χαρὰ ἐν τῇ πόλει ἐκείνῃ
जिन लोगों में या “जो लोग बाद रूहोंके ज़रिये काबू किये जा रहे थे”
Acts 8:9
मुहावरा “वह शहर”उन लोगों की तरफ़ इशारा करता है जो नजात पाकर खुशियाँ मना रहे थे-मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए शहर के लोग खुशियाँ मना रहे थे” (देखें INVALID translate/writing-background)
ἀνὴρ δέ τις ὀνόματι Σίμων
फिलिप्पुस की कहानी में शमोन का तआरुफ़ किया गया है- यह आयत शमोन की बाबत शुरूआती गोशा -ए-गुमनामी की इतला देती है कि वह सामरर्यों के बीच में कौन था –(देखें: INVALID translate/writing-participants)
τῇ πόλει
कहानी में एक नए शख्स के तआरुफ़ करने का एक तरीका है -आपकी ज़ुबान में हो सकता है कि कहानी के बीच में एक नए शख्स के तआरुफ़ के लिए फ़रक अलफ़ाज़ हों – (देखें INVALID translate/writing-background)
Acts 8:10
सामरिया में शहर (आमाल 8:5)
πάντες
फिलिप्पुस की कहानी में शमोन का तआरुफ़ किया गया है- यह आयत शमोन की बाबत शुरूआती गोशा -ए-गुमनामी की इतला देन जारी रखती है कि वह सामरर्यों के बीच में कौन था –(देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
ἀπὸ μικροῦ ἕως μεγάλου
लफ्ज़ “सब” एक इस्ते’माम है -मुताबदिल तर्जुमा: “सामरिया से कई लोग” या “शहर के बहुत से सामरी” (देखें: INVALID translate/figs-merism)
οὗτός ἐστιν ἡ Δύναμις τοῦ Θεοῦ, ἡ καλουμένη Μεγάλη
यह दोनों मुहावरे हरेक शख्स को ज़ाहिर करता है एक सिरे से लेकर दुसरे सिरे तक- मुतबादिल तर्जुमा: “इस में कोई हर्ज नहीं कि वह कितने अहम् थे”-(देखें: @)
ἡ Δύναμις τοῦ Θεοῦ, ἡ καλουμένη Μεγάλη
लोग कह रहे थे कि शमोन जादूगर के पास इलाही ताक़त है जो कि एक बड़ी ताक़त बतोर जाना जाता है-
Acts 8:11
मुमकिन मायने हैं 1) ख़ुदा का एक ताक़तवर नुमाइनदा या 2) ख़ुदा या 3)बड़ी ताक़त वाला शख्स या 4)और एक फ़रिश्ता इसपर भी मौसूम शुदा लफ्ज़ साफ़ नहीं है- सब से अच्छा तो यह है कि इसको सादगी से तर्जुमा करें “ख़ुदा की बड़ी ताक़त”
Acts 8:12
फिलिप्पुस की कहानी में शमोन का तआरुफ़ किया गया है- यह आयत शमोन की बाबत गोशा -ए- गुमनामी की इतला को ख़तम करती है कि वह सामरियों के बीच में कौन था –(देखें: @)
ἐβαπτίζοντο
These verses give more information about Simon and some of the Samaritans coming to believe in Jesus.
Acts 8:13
ὁ…Σίμων…αὐτὸς ἐπίστευσεν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”फिलिप्पुस ने उन्हें बपतिस्मा दिया” या “फिलिप्पुस ने नए ईमानदारों को बपतिस्मा दिया” – (देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)
βαπτισθεὶς
लफ्ज़ “वह खुद” यहाँ पर यह जोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया है कि शमोन ईमान ले आया था-मुतबादिल तर्जुमा:शमों भी उन में से एक था जो ईमान ले आए थे- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
θεωρῶν τε σημεῖα
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “फिलिप्पुस ने शमोन को बपतिस्मा दिया -देखें: @)
Acts 8:14
इसे एक नया जुमला बतोर शुरू किया जा सकता था-मुतबादिल तर्जुमा: “जब उसने देखा”
ἀκούσαντες δὲ οἱ ἐν Ἱεροσολύμοις ἀπόστολοι
लूका इस ख़बर को जारी रखता है जो सामरिया में हो रहा था-
ἡ Σαμάρεια
यह निशानात सामरियों की कहानी के नए हिस्से की शुरुआत है जिस में यह लोग ईमानदार बन जाते हैं-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
δέδεκται
यह उन बहुत से लोगों को ज़ाहिर करता है जो ईमानदार बन चुके थे ,पूरे सामरिया जिले में – (देखें: @)
Acts 8:15
οἵτινες καταβάντες
ईमान लाए थे या “मसीह को कबूल किये थे”
καταβάντες
जब पतरस और युहन्ना वहां पहुंचे
προσηύξαντο περὶ αὐτῶν
यह मुहावरा यहाँ पर इसलिए इस्तेमाल किया गया है क्यूंकि सामरिया येरूशलेम की ढलान पर वाक़े है-
ὅπως λάβωσιν Πνεῦμα Ἅγιον
पतरस और युहन्ना ने सामरिया के ईमानदारों के लिए दुआ की-
Acts 8:16
μόνον…βεβαπτισμένοι ὑπῆρχον
ताकि सामरिया के ईमानदार रूहुलक़ुदुस हासिल कर सकें-
μόνον…βεβαπτισμένοι ὑπῆρχον εἰς τὸ ὄνομα τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “सिर्फ़ फिलिप्पुस ने ही सामरिया के ईमानदारों को बपतिस्मा दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 8:17
ἐπετίθεσαν τὰς χεῖρας ἐπ’ αὐτούς
यहाँ “नाम” इख्तियार को ज़ाहिर करता है और उसके नाम से बपतिस्मा दिया जाना मतलब यह है कि उसके इख्तियार के मातहत बपतिस्मा देना- मुतबादिल तर्जुमा: उन्हों ने सिर्फ़ इसलिए बपतिस्मा लिया था ताकि वह खुदावंद येसू के शागिर्द बन सकें- (देखें @)
ἐπετίθεσαν τὰς χεῖρας ἐπ’ αὐτούς
लफ्ज़ “उन्हें”सामरी लोगों को ज़ाहिर करता है जिन्हों ने स्तिफुनुस के इंजील के पैग़ाम को सुन कर येसु पर ईमान लाए थे-
Acts 8:18
διὰ τῆς ἐπιθέσεως τῶν χειρῶν τῶν ἀποστόλων δίδοται τὸ Πνεῦμα
यह तमसीली अमल बतलाता है कि पतरस और युहन्ना चाहते थे कि ख़ुदा उन इमानदारों को रूहुल क़ुदुस इनायत करे-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 8:19
ἵνα ᾧ ἐὰν ἐπιθῶ τὰς χεῖρας, λαμβάνῃ Πνεῦμα Ἅγιον
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: रसूलों ने लोगों पर अपने हाथ रखने के ज़रिये रूहुल क़ुदुस इनायत कराया-(देखें: @)
Acts 8:20
कि मैं किसी को भी रूहुल क़ुदुस दे सकता हूँ जिस पर मैं हाथ रखूं -
τὸ ἀργύριόν σου, σὺν σοὶ εἴη εἰς ἀπώλειαν
यहाँ अलफ़ाज़ उसे ,तुम्हारे ,तुम यहसब शमोन कि बाबत है-
τὴν δωρεὰν τοῦ Θεοῦ
तेरे रूपये तेरे साथ गारत हों
Acts 8:21
οὐκ ἔστιν σοι μερὶς οὐδὲ κλῆρος ἐν τῷ λόγῳ τούτῳ
यहाँ यह उस काबिलियत को ज़ाहिर करता है कि किसी पर हाथ रखे जाने के ज़रिये उसको रूहुल क़ुदुस दिया जाए-
ἡ γὰρ καρδία σου οὐκ ἔστιν εὐθεῖα
लफ्ज़ “हिस्सा” और “बख़रा” एक ही मायने रखते हैं औए ज़ोर देने के लिए इसतेमाल किये जाते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “इस काम में तुम हिस्सा नहीं ले सकते” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 8:22
ἡ ἐπίνοια τῆς καρδίας σου
यहाँ “दिल” एक शख्स के ख़यालात या मक़ासिद के लिए एक मजाज़ है -मुतबादिल तर्जुमा: “तेरा दिल खालिस नहीं है” या तेरी सोच के मक़ासिद दुरुस्त नहीं हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τῆς κακίας…ταύτης
यहाँ “दिल” एक शख्स के ख़यालात के लिए एक मजाज़ है-मुतबादिल तर्जुमा: “जिस मक़सद को लेकर तुम काम करते हो” या जो कुछ तुम करने के लिए सोचते थे” (देखें: @)
εἰ ἄρα ἀφεθήσεταί
यह बुरे ख़यालात
Acts 8:23
εἰς…χολὴν πικρίας
हो सकता है वह मुआफ़ करने को तय्यार है
σύνδεσμον ἀδικίας
यहाँ “कड़वाहट के ज़हर में” बहुत ज़ियादा हसद करने के लिए एक मजाज़ है -यह हसद को ज़ाहिर करता है जिस का ज़ाइका कड़वा और ज़हरीला है जो किसी से हसद कर बैठता है- मुतबादिल तर्जुमा:”सख्त हासिद” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 8:24
मुहावरा “नारास्ती का बंद” इसतरह बताया जाता है कि जैसे कि गुनाह शमोन को रोक सकता है या क़ैद में कर सकता है -यह एक मजाज़ है जिस के मायने हैं कि शमोन खुद को गुनाह करने से रोक नहीं पाया-मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए कि तुम लगातार गुनाह करते जाते हो तुम एक कैदी जसे हो” या तुम गुनाह करने के मामले में एक कैदी जैसे हो- (देखें: @)
ὅπως μηδὲν ἐπέλθῃ ἐπ’ ἐμὲ
यहाँ लफ्ज़ “तुम” पतरस और युहन्ना को ज़ाहिर करता है-
ὅπως μηδὲν ἐπέλθῃ ἐπ’ ἐμὲ
इसको दुसरे तरीके से भी बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जो बात तुम ने मेरे हक़ में कही ... होसकता है कि वह मुझ पर पेश न आए”
Acts 8:25
यह शमोन के साथ उसके पैसे भी ग़ारत होने की बाबत पतरस की मलामत को ज़ाहिर करता है -
διαμαρτυράμενοι
य्ह्य्हान शमोन और सामरियों की कहानी के हिस्से का ख़ात्मा है -
λαλήσαντες τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
पतरस और युहन्ना ने समरियों को बताया कि वह येसू से मुताल्लिक शख्सी तोर से क्या जानते थे-
πολλάς…κώμας τῶν Σαμαρειτῶν
कलाम का लफ्ज़ यहां पर “पैग़ाम”के लिए एक मजाज़ है- “पतरस और युहन्ना ने सामरियों को येसू से मुताल्लिक़ कलाम सुनाकर समझाया”- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 8:26
यहाँ “बहुत से गाँव”उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो उनमें बसे हुए थे-मुतबादिल तर्जुमा: “सामरिया के बहुत से गाँव के लोगों को”- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
आयत 27 उस आदमी की बाबत गोशा-ए-गुमनामी की इतला देती है जो इथोपिया से था (देखें: INVALID translate/writing-background)
δὲ
यह फिलिप्पुस और इथोपिया से आए हुए शख्स की बाबत कहानी का हिस्सा शुरू होता है-
ἀνάστηθι καὶ πορεύου
यह धियान कराता है कहानी में एक तर्जुमे की-(देखें: INVALID translate/writing-newevent)
τὴν καταβαίνουσαν ἀπὸ Ἰερουσαλὴμ εἰς Γάζαν
यह अफ़आल जोर देने के लिए मिलकर काम करते हैं ताकि वह एक लंबे सफ़र की शुरुआत के लिए तय्यार हो जाए जिसके लिए थोड़ा वक़्त लगेगा-मुतबादिल तर्जुमा: “सफ़र के लिए तय्यार होना”
αὕτη ἐστὶν ἔρημος
मुहावरा “को जाती है”का इस्तेमाल यहाँ पर इसलिए हुआ है क्यूंकि गुज़्ज़ा को जाने वाला रासता येरूशलेम से निचाई पर है -
Acts 8:27
ἰδοὺ
कई एक उलमा का मानना है कि लूका ने अपनी राए इस में जोड़ दी है ताकि उस इलाके का बयान करे जिस में से फिलिप्पुस होकर सफ़र करेगा-(देखें: INVALID translate/writing-participants)
εὐνοῦχος
लफ्ज़ “देखो” हमको कहानी में एक नए शख्स की बाबत होशियार करता है -आपकी जबान में भी ऐसा करने के लिए कोई तरीका ज़रूर होगा-(देखें: @)
Κανδάκης
खोजा पर जोर इस लिए दिया गया है कि वह इथोपिया की सरकार का एक ख़ास वजीर था-उसकी जिस्मानी हालत खस्सी करने की बाबत ज़ियदा कुछ बताया नहीं गया है-
ὃς ἐληλύθει προσκυνήσων εἰς Ἰερουσαλήμ
लफ्ज़ “कन्दाके” यह इथोपिया की मालिकाओं का लक़ब था-यह बिलकुल वैसा ही है जैसे लाफ्ग्ज़ फ़िरोन मिसर के बादशाहों के लिए इस्तेमाल किया जाता था- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 8:28
τοῦ ἅρματος
यह इशारा करता है कि वह एक ग़ैर कौम का था जिस ने ख़ुदा पर ईमान लाया और वह यरुशलेम इस लिए आया था कि यहूदियों के हैकल में जाकर इबादत करे-मुताबदिल तर्जुमा: “वह येरूशलेम में ख़ुदा की इबादत के लिए आया था-“ (देखें: @)
ἀνεγίνωσκεν τὸν προφήτην Ἠσαΐαν
मुमकिन तोर से “चौ पहिया गाड़ी” या “बगघी” इस सयाक़ -ए- इबारत में ज़ियादा मुनासिब लफ्ज़ है-रथ तो आम तोर से लड़ाई के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सवारी है जो ज़ियदा दूर के सफ़र के लिए इस्तेमाल नहीं होता-रथ में लोग खड़े होकर भी सवारी करते हैं-
Acts 8:29
κολλήθητι τῷ ἅρματι τούτῳ
यह पुराने अहद नामे की किताब यसायाह है-मुतबादिल तर्जुमा:”यसायाह नबी की किताब से पढ़ रहा था” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 8:30
ἀναγινώσκοντος Ἠσαΐαν τὸν προφήτην
फिलिप्पुस समझ गया था कि इस का मतलब यह है कि वह शख्स जो रथ में सवार है पास में बैठने को कह रहा है-मुताबदिल तर्जुमा: “इस रथ में बैठे शख्स के साथ हमराह होना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἆρά…γινώσκεις ἃ ἀναγινώσκεις
यह पुराने अहद्नामे की किताब यसायाह है-मुतबादिल तर्जुमा: “यसायाह नबी की किताब से पढ़ते हुए”(देखें: @)
Acts 8:31
πῶς…δυναίμην ἐὰν μή τις ὁδηγήσει με
इथोपिया का यह शख्स पढने में तेज़ तो था मगर उस में रूहानी पहचान की कमी थी-मुतबादिल तर्जुमा: “जो तू पढ़ता है क्या तू उसे समझता भी है?”
παρεκάλεσέν…τὸν Φίλιππον, ἀναβάντα καθίσαι σὺν αὐτῷ
इस सवाल को पुर जोर तरिके से बयान करने के लिए पुछा गया कि वह किसी की मदद के बगैर समझ नहीं सकता था- मुतबादिल तर्जुमा: “यह मुझ से क्यूंकर हो सकता है कि जब तक कोई मुझे हिदायत न करे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 8:32
यहाँ यह इशारा किया गया है कि फिलिप्पुस को मंज़ूर था कि उसे कलाम को समझाने के लिए उस के साथ बैठ कर सफ़र करे-(देखें: @)
ὡς ἀμνὸς ἐναντίον τοῦ κείραντος αὐτὸν ἄφωνος
यह एक इबारत है यसायाह नबी की किताब से-यहाँ जो अलफ़ाज़ “वह” और “उसे” है यह मसीहा को ज़ाहिर करता है-
Acts 8:33
ἐν τῇ ταπεινώσει, ἡ κρίσις αὐτοῦ ἤρθη
एक काटने छांटने वाला वह शख्स होता है जो भेड़ों के ऊन काटता है ताकि उस का इस्तेमाल हो सके -
τὴν γενεὰν αὐτοῦ τίς διηγήσεται
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “उस की पस्त हाली में उसका इंसाफ़ नहीं हुआ” या “उसपर इलज़ाम लगाने वालों के सामने उसने खुद को हलीम किया और नाइंसाफ़ी सही” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
αἴρεται ἀπὸ τῆς γῆς ἡ ζωὴ αὐτοῦ
इस सवाल को जोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया कि उस की नसल नहीं होगी -मुताबदिल तर्जुमा: “कौन उसकी नसल का हाल बयान करेगा क्यूंकि वहां कोई न होगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 8:34
δέομαί σου
यह उस की मौत की तरफ़ इशारा करता है- इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: ”लोगों ने उसको मारा” या “लोगों ने ज़मीन से उसकी ज़िन्दगी लेली” (देखें: @)
Acts 8:35
τῆς Γραφῆς ταύτης
बराए मेहरबानी मुझसे कहिये
Acts 8:36
ἐπορεύοντο κατὰ τὴν ὁδόν
यह पुराने अहद्नामे में यसायाह की किताब को ज़ाहिर करता है- मुताबदिल तर्जुमा: “यसायाह के मक्तूब में” (देखें: @)
τί κωλύει με βαπτισθῆναι
उन्हों ने सड़क पर अपनी सफ़र जारी रखा
Acts 8:38
ἐκέλευσεν στῆναι τὸ ἅρμα
ख़ोजा इस सवाल को इस तरीके से इस्तेमाल करता है जैसे कि वह फिलिप्पुस से बपतिस्मे की इजाज़त मांग रहा हो-मुतबादिल तर्जुमा: “बराए मेहरबानी मुझे बपतिस्मा लेने की इजाज़त दे” (देखें: @)
Acts 8:39
रथ के हांकने वाले से रुकने को कहा
οὐκ εἶδεν αὐτὸν οὐκέτι ὁ εὐνοῦχος
यह फिलिप्पुस और इथोपिया के शख्स की बाबत कहानी का आखरी हिस्सा है- फिलिप्पुस की कहानी क़ैसरिया में जाकर ख़त्म हो जाती है-
Acts 8:40
Φίλιππος…εὑρέθη εἰς Ἄζωτον
ख़ोजे ने फिलिप्पुस को दुबारा नहीं देखा
διερχόμενος
एथोपिया के शख्स का जहां बपतिस्मा हुआ था और अश्दूद में जहां पर उसने सफ़र खत्म किया उस दरमियान क्या हुआ इस का कोई इशारा नहीं है-क्यूंकि वह गुज़्ज़ा के रास्ते में ही ग़ैब हो चुका था और दोबारा अश्दूद में नज़र आया था-
τὰς πόλεις πάσας
यह अश्दूद शहर चारों तरफ़ के इलाके को ज़ाहिर करता है-
Acts 9
उस इलाके के तमाम शहरों को
Acts 9:1
आमाल 09 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“रासता”
यक़ीनी तोर से कोई नहीं जानता कि किसने सब से पहले ईमान लाए हुए लोगों को ईमानदार बुलाना शुरू किया-“रास्ते के पीछे चलने वाले”-यह गालिबन वह है जो ईमानदारों ने खुद को जताना शुरू किया था -क्यूंकि बाइबिल अक्सर ऐसे शख्स की बात करती है जो रास्ते पर चल रहा हो और अगर वह सच्चाई का रस्ता हो तो ईमानदार “खुदावंद की राह पर चल रहे होते है” इस तरह से जीते हुए कि ख़ुदा को खुश कर सके-
“दमिश्क के हैक्लों के लिए खुतूत”
“खुतूत” वह कानूनी काग़ज़ात थे जो गालिबन पौलुस ने इजाज़त बतोर सरदार काहिनों से मांग लिये थे ताकि मसीहियों को पकड़ कर क़ैदखाने में डाल सके-दमिश्क के हैकल के रहनुमाओं को यहाँ तक कि रोमी अफ़सरों को भी ख़त की इज़्ज़त करनी थी क्यूंकि वह सरदार काहिन की तरफ़ से थी-इन सबको यहाँ तक कि आम यहूदियों को भी मसिहियों को सताने की इजाज़त थीक्यूंकि मसीही लोग मज़हबी कानून को तोड़ते थे-
इस बाब के दीगर मुमकिन तरजुमे के मुश्किलात
जब साऊल की मुलाक़ात येसू से हुई तो साउल ने क्या देखा
यह साफ़ है कि साउल ने एक तेज़ रौशनी देखी थी और इस रौशनी के सबब से वह अपने घोड़े पर से नीचे ज़मीन पर गिर पड़ा था-कुछ लोग सोचते हैं कि साउल जानता था कि वह खुदावंद था जो एक इंसानी शक्ल को देखे बगैर उससे बात कर रहा था क्यूंकि बाइबिल अक्सर ख़ुदा को रौशनी बतोर और रौशनी में रहने बतोर पेश करती है-दीगर लोग सोचते हैं कि बाद में उसकी ज़िन्दगी में वह यह कह सका कि मैं ने खुदावंद येसू को देखा है मतलब यह कि यहाँ उसने उसे इंसानी शक्ल में देखा था-
यह आयतें हमको पिछली बातों की इतला देती हैं कि स्तिफुनुस के संगसार किये जाने के बाद से लेकर अब तक क्या करता चला आरहा था-यहाँ लफ्ज़ “उसे” सरदार काहिन को और “वह” साउल की तरफ़ इशारा करता है- (देखें: @)
ἔτι ἐμπνέων ἀπειλῆς καὶ φόνου εἰς τοὺς μαθητὰς
कहानी साउल और उसकी नजात की तरफ़ ले जाती है-
Acts 9:2
πρὸς τὰς συναγωγάς
इस्म “हलाक” को फ़े’ल बतोर भी तर्जुमा किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: अभी भी वह धमकियां देता रहा यहां तक कि शागिर्दों को हलाक करने की सोचता रहा- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐάν τινας εὕρῃ
यह हैकल के लोगों की तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “हैकल में लोगों के लिए” या “हैकल के रहनुमाओं के लिए” (देखें: @)
τῆς ὁδοῦ, ὄντας
जब वह किसी को पाए या “अगर वह किसी को पाता है”-
τῆς ὁδοῦ
जो लोग येसू मसीह की तालीम के पीछे चलते हैं-
δεδεμένους ἀγάγῃ εἰς Ἰερουσαλήμ
यह तरीक़ उस ज़माने के मसीहियों के लिए एक लक़ब बातो ज़ाहिर होता है
Acts 9:3
वह उन्हें कैदियों बतोर येरूशलेम लेकर जा सकता था-पौलुस का मक़सद गिनती बढ़ाने के ज़रिये साफ़ हो सकता था ताकि यहूदी रहनुमा उन का इंसाफ़ करे और उन्हें सज़ा दे- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἐν…τῷ πορεύεσθαι
सरदार काहिन ने जब साउल को खुतूत दे दिए तो साउल दमिश्क के लिए निकल पड़ा-
ἐγένετο
साउल येरूशलेम से रवाना हुआ और अब दमिश्क कि राह पर था-
τε αὐτὸν περιήστραψεν φῶς ἐκ τοῦ οὐρανοῦ
यह एक मज़ाहरा है जो कहानी में बदलाव ले आता है यह दिखाने के लिए कि अब कुछ फ़रक़ होने जा रहा है- (देखें: INVALID translate/writing-newevent)
ἐκ τοῦ οὐρανοῦ
एज तेज़ रौशनी आसमान से उसके आसपास चमकी-
Acts 9:4
πεσὼν ἐπὶ τὴν γῆν
मुमकिन मायने हैं :1)जन्नत जहां ख़ुदा रहता है- या 2) आसमान- पहले मायने को तरजीह दी जाती है-अगर आपकी ज़ुबान में कोई फ़रक लफ्ज़ है तो उस के लिए इस मायने का इस्तेमाल करें-
τί με διώκεις
मुमकिन मायने हैं 1) यह कि “साउल ने खुद को जमीन पर गिराया” या “तेज़ रौशनी के सबब से वह ज़मीन पर गिर पड़ा” या 3) “साउल ज़मीन पर इस बतोर गिरा जैसे कोई बेहोश होकर गिर पड़ता है-“ साउल का गिरना एक हादसा नहीं था-
Acts 9:5
यह मुबालिगा आमेज़ सवाल साउल के लिए मलामत को शिरकत देता है -कुछ ज़बानों में एक बयान बहुत ही असली लगता है (AT): “तुम मुझे सता रहे हो!” या एक हुक्म बतोर(AT): “मुझे सताना बंद करो!” (देखें: @)
τίς εἶ, κύριε
हरेक “तुम” का लफ्ज़ जो यहाँ इस्तेमाल हुआ है वह वाहिद है-
Acts 9:6
ἀλλὰ ἀνάστηθι καὶ εἴσελθε εἰς τὴν πόλιν
साउल नहीं पहचान रहा था कि येसु ख़ुदावंद है मगर वह इस लक़ब का इस्तेमाल करता है इसलिए कि उसने समझा कि वह किसी फौक़ुलफ़ितरत कुव्वत रखने वाले से बात कर रहा था -
λαληθήσεταί σοι
उठकर दमिश्क शहर को जा
Acts 9:7
ἀκούοντες μὲν τῆς φωνῆς, μηδένα δὲ θεωροῦντες
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कोई न कोई तुझे बताएगा”(देखें: @)
μηδένα δὲ θεωροῦντες
उन्होंने आवाज़ तो सुनी मगर किसी को नहीं देखा-
Acts 9:8
ἀνεῳγμένων…τῶν ὀφθαλμῶν αὐτοῦ
मगर किसी को नहीं देखा-ज़ाहिरा तोर से सिर्फ़ साऊल नेतेज़ रौशनी का तजुरबा किया-
οὐδὲν ἔβλεπεν
यह इशारा करता है कि उसने अपनी आँखें बंद करली थीं क्यूंकि रौशनी बहुत ज़ियादा तेज़ थी- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 9:9
ἦν…μὴ βλέπων
वह कुछ नहीं देख सकता था-साउल अंधा हो चुका था
οὐκ ἔφαγεν οὐδὲ ἔπιεν
अँधा था या “कुछ भी देख नहीं सकता था”
Acts 9:10
यह बयान नहीं किया गया है कि चाहे उसने इबादत बतोर न खाने पीने को चुना या उसे भूक को फरो करने की ख्वाहिश थी क्यूंकि वह अपनी हालत से बहुत ज़ियादा दुखी हो चुका था-यह बेहतर होगा कि सबब को तरजीह न दी जाए-
ἦν δέ
साउल की कहानी जारी रहती है मगर लूका एक और शख्स का तआरुफ़ कराता है जिस का नाम हननिया है-यह वह हननियाह नहीं है जो इस से पहले आमाल 5:3में मर चुका था-आप इस नाम का तर्जुमा उसी तरीके से कर सकते हैं जिस तरह आप ने आमाल5:1-में किया था- हालाँकि नए अहद्नामे में एक यहूदा से ज़ियादा का ज़िक्र किया गया है उसी तरह यह सिर्फ़ इस यहूदा का भी ज़ाहिर होना है- (देखें: INVALID translate/writing-participants)
ὁ…εἶπεν
यह हननियाह का तआरुफ़ एक नया किरदार बतोर करता है- (देखें: @)
Acts 9:11
πορεύθητι ἐπὶ τὴν ῥύμην τὴν καλουμένην Εὐθεῖαν
हननियाह ने कहा
οἰκίᾳ Ἰούδα
उस गली में चला जा जो सीधा कहलाता है
Σαῦλον ὀνόματι Ταρσέα
यह यहूदा वह शागिर्द नहीं है जिसने येसू को धोका दिया था बल्कि यह दमिश्क में उस घर का मालिक था जहाँ साउल ठहरा हुआ था -
Acts 9:12
ἐπιθέντα αὐτῷ χεῖρας
तर्सुस शहर से एक शख्स जिस का नाम साउल था या “तर्सुस का साउल”
ἀναβλέψῃ
यह साउल को एक रूहानी बरकत देने की एक निशानी थी- (देखें: @)
Acts 9:13
ἁγίοις σου
एक बार फिर वह बीनाई की ताक़त हासिल कर सकता है -
Acts 9:14
ὧδε…ἐξουσίαν…δῆσαι πάντας
यहाँ मुक़द्दस लोग मसीहियों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “येरूशलेम के लोग जो तुझ पर एत्काद रखते हैं” -
τοὺς ἐπικαλουμένους τὸ ὄνομά σου
यह ज़ाहिर करता है कि वक़्त के हिसाब से देखा जाए तो ताक़त और इख्तियार की मिक़दार जो साउल को दी गई थी वह यहूदियों तक ही महदूद थी-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 9:15
σκεῦος ἐκλογῆς ἐστίν μοι οὗτος
यहाँ तुम्हारा नाम येसु को ज़ाहिर करता है-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τοῦ βαστάσαι τὸ ὄνομά μου
चुना हुआ वसीला ऐसे शख्स को ज़ाहिर करता है जिस ने ख़िदमत के लिए खुद को ख़ुदा के सुपर्द कर दिया हो-मुताबादिल तर्जुमा: मैं ने उसे चुना है कि वह मेरी ख़िदमत करे- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 9:16
ὑπὲρ τοῦ ὀνόματός μου
यह पेहचान के लिए एक मज़ाहिरा है या येसू के लिए बोलना- मुतबादिल तर्जुमा: “इस बतोर कि वह मेरे बारे में बोल सके” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 9:17
यह “लोगों को मेरे बारे में बताने के लिए” एक मजाहिरे के मायने हैं- (देखें: INVALID translate/figs-you)
लफ्ज़ तुम यहाँ पर वाहिद है और पौलुस को ज़ाहिर करता है- (देखें: @)
ἀπῆλθεν δὲ Ἁνανίας καὶ εἰσῆλθεν εἰς τὴν οἰκίαν
हनन्याह उस घर पर जाता है जहां साउल ठहरा हुआ था-साउल के शिफ़ा पा जाने के बाद कहानी का तबादला हनन्याह से साउल कि तरफ़ पीछे चला जाता है-
ἐπιθεὶς ἐπ’ αὐτὸν τὰς χεῖρας
यह बयान करना फ़ाइदामंद साबित होगा कि साउल के उस घर में दाखिल होने से पहले हननयाह वहां गया- मुताबादिल तर्जुमा: जब हनन्याह ने वह घर ढूँढ लिया जहां साउल रहता था तो वह वहां गया और अन्दर दाखिल हुआ-
ὅπως ἀναβλέψῃς καὶ πλησθῇς Πνεύματος Ἁγίου
हनन्याह ने अपने हाथ उसपर रखे-यह साउल को बरकत देने की निशानी थी-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 9:18
ἀπέπεσαν…ὡς λεπίδες
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”मुझे भेजा है ताकि तू दोबारा बीनाई हासिल करे और तू रूहुल क़ुदुस से भर जाए-(देखे: @)
ἀνέβλεψέν
एक ऐसी चीज़ जो मछली के छिलके जैसे नज़र आते थे नीचे गिरे-
ἀναστὰς ἐβαπτίσθη
फिर वह दुबारा से देख सकता था
Acts 9:20
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:वह उठा और हनन्याह ने उसको बपतिस्मा दिया- (देखें: @)
Υἱὸς τοῦ Θεοῦ
यहाँ जो सिर्फ़ दूसरी बार “वह” का जिक्र है येसू खुदा के बेटे को ज़ाहिर करता है -पहला “वह”और “दीगर वह” साउल की बाबत है-
Acts 9:21
πάντες οἱ ἀκούοντες
यह येसू के लिए एक अहम् लक़ब है-(देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
οὐχ οὗτός ἐστιν ὁ πορθήσας ἐν Ἰερουσαλὴμ τοὺς ἐπικαλουμένους τὸ ὄνομα τοῦτο
लफ्ज़ “सब” एक इस्ते’माम है- मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हों ने उसको सुना” या “बहुत से लोग जिन्हों ने उसको सुना” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
τὸ ὄνομα τοῦτο
यह एक मुबालिगा आमेज़ और मनफ़ी सवाल है जो इस बात पर जोर देता है कि साउल हकीक़त में वह शख्स था जिस ने ईमानदारों को सताया था-मुतबादिल तर्जुमा:”यह वह शख्स है जिस ने येरूशलेम में उन लोगों को बर्बाद किया था जो येसू का नाम लेते थे!” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 9:22
συνέχυννεν τοὺς Ἰουδαίους
यहाँ नाम येसू को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: ”येसु का नाम”
Acts 9:23
वह बे -दिल हो गए इस बतोर कि वह कोई रासता न निकाल सके कि शाऊल को बहस में हराए कि येसू ही मसीहा था-
οἱ Ἰουδαῖοι
लफ्ज़ “उसे” इस इबारत में साउल को ज़ाहिर करता है-
Acts 9:24
ἐγνώσθη δὲ τῷ Σαύλῳ ἡ ἐπιβουλὴ αὐτῶν
यह यहूदियों के रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा”
παρετηροῦντο…καὶ τὰς πύλας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मगर किसी ने उनका मंसूबा साउल को बता दिया” या “मगर उनकी साज़िश साउल को मालूम हो गई” (देखें: @)
Acts 9:25
οἱ μαθηταὶ αὐτοῦ
शहर के चारों तरफ़ एक दीवार थी-जो फाटक बने हुए उन्हीं से लोग आमतोर से अन्दर बाहर आया जाया करते थे -
διὰ τοῦ τείχους, καθῆκαν αὐτὸν, χαλάσαντες ἐν σπυρίδι
लोग जो येसु की बाबत साउल के पैग़ाम पर ईमान लाए थे और उसकी तालीम के पीछे चल रहे थे-
Acts 9:26
उसको एक टोकरी के ज़रिये दीवार के नीचे करने के लिए रस्सी का इस्तेमाल किया-
καὶ πάντες ἐφοβοῦντο αὐτόν
यहाँ अलफ़ाज़ “वह” और “उसे” साउल को ज़ाहिर करता है मगर एक बार -और “वह” उनसे कहा कैसे” 27आयत में बरनबास को ज़ाहिर करता है-
Acts 9:27
ἐπαρρησιάσατο ἐν τῷ ὀνόματι τοῦ Ἰησοῦ
यहाँ “वह सब उस से” एक इस्ते’माम है -मगर यह मुमकिन है की यह हर एक शख्स को ज़ाहिर करता हो -मुतबादिल तर्जुमा:मगर वह उस से डरते थे-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 9:28
ἦν μετ’ αὐτῶν
यह कहने का तरीका है कि उसने मनादी की या बे खौफ़ होकर येसू मसीह की खुशखबरी की तालीम दी मुतबादिल तर्जुमा:येसू की बाबत पगां का खुल्लम खुल्ला प्रचार किया- (देखें: @)
ἐν τῷ ὀνόματι τοῦ Κυρίου
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस को ज़ाहिर करता है- लफ्ज़ उनको गालिंबन रसूलों और येरूशलेम में दीगर शागिर्दों को ज़ाहिर करता है
Acts 9:29
συνεζήτει πρὸς τοὺς Ἑλληνιστάς
मुमकिन मायने हैं : 1)यह सादगी के साथ खुदावंद येसू की तरफ़ इशारा करता है और कहता है जिसकी बाबत पौलुस ने कहा- मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद येसू कि बाबत” या 2) “नाम” इख्तियार के लिया एक मजाज़ है-मुताबदिल तर्जुमा: खुदावंद येसू मसीह के इख्तियार के मातहत” या “उस इख्तियार के मातहत जो खुदावंद येसू ने उसको दिए” (देखें: @)
Acts 9:30
οἱ ἀδελφοὶ
साउल उन यहूदियों से ताल्लुकात रहना चाहा जो यूनानी बोलते थे-
κατήγαγον αὐτὸν εἰς Καισάρειαν
अलफ़ाज़ “भाइयों” येरूशलेम के ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-
ἐξαπέστειλαν αὐτὸν εἰς Ταρσόν
मुहावरा “---में ले गए” का इस्तेमाल यहाँ इसलिए हुआ है क्यूंकि क़ैसरिया येरूशलेम के ढलान पर है -
Acts 9:31
क़ैसरिया एक बंदरगाह था -सो भाइयों ने गालिबन साउल को जहाज़ के रास्ते से तर्सुस को भेज दिया-(देखें: @)
31 आयत एक ऐसा बयान है जो कलीसिया की तरक्की का मौजूदा बेयोरा पेश करता है-
ἡ…ἐκκλησία καθ’ ὅλης τῆς Ἰουδαίας, καὶ Γαλιλαίας, καὶ Σαμαρείας
32 आयत में कहानी साउल से तबादला होकर पतरस की बाबत कहानी के नए हिस्से में पहुंचाती है-
εἶχεν εἰρήνην
यह वाहिद कलीसिया के लिए पहला इस्तेमाल है एक मक़ामी जमाअत से ज़ियादा को ज़ाहिर करने के लिए -यहाँ लफ्ज़ “वह” पूरे इस्राईल में जमाअत के तमाम ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-
οἰκοδομουμένη
चैन्न से रहने लगे- इसका मतलब यह है कि सताव जो स्तिफुनुस की मौत से शुरु हुआ था वह ख़तम होगया-
πορευομένη τῷ φόβῳ τοῦ Κυρίου
करने वाला (कारिंदा) या तो ख़ुदा था या रूहुल क़ुदुस-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनकी मदद करी कि वह तरक्की करे”-या “रूहुल क़ुदुस ने उनको बढ़ाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τῇ παρακλήσει τοῦ Ἁγίου Πνεύματος
चलना यहाँ पर “गुज़र बसर करने” के लिए एक मजाज़ है- मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावनद की इततिबा में ज़िन्दगी गुज़ारना” या लगातार खुदावंद को इज़्ज़त बख्शना- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 9:32
ἐγένετο δὲ
रूहुल कुदुस की तसल्ली और कुव्वत के साथ जो उनकी हौसला अफज़ाई करता था-
διὰ πάντων
यह मुहावरा कहानी के एक नए हिस्से की निशान दिही के लिए इस्तेमाल हुआ है – (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
κατελθεῖν
इमानदारों से पतरस की मुलाक़ात के लिए यह एक इस्ते’माम है जो यहूदिया ,गलील और सामरिया के कई मकामों में ईमानदारों के साथ है- (देखें: @)
Λύδδα
मुहावरा “में पहुंचा” का इस्तेमाल यहाँ इसलिए हुआ है क्यूंकि लुद्दा दीगर जगहों की बनिस्बत नीचे के इलाके में है जहां पतरस सफ़र कर रहा था-
Acts 9:33
εὗρεν…ἐκεῖ ἄνθρωπόν τινα
लुद्दा एक शहर है जो 18 किलोमीटर की दूरी पर याफ़ा के जुनूबी मशरिक़ में वाक़े है- यह शहर पुराने अहद नामे और मौजूदा इस्राईल में लाद कहलाता था
ἄνθρωπόν τινα ὀνόματι Αἰνέαν
पतरस जान भूज कर एक मफ्लूज को ढूँढ नहीं रहा था मगर ऐसा उसके साथ हुआ- मुताबादिल तर्जुमा: वहां पतरस एक शख्स से मिला-
κατακείμενον ἐπὶ κραβάττου, ὃς ἦν παραλελυμένος
यह आयत कहानी में एनयास नाम के एक नए किरदार का तआरुफ़ कराती है- (देखें: INVALID translate/writing-background)
παραλελυμένος
यह ऐनयासकि बाबत गोशा -ए- गुम्नामी की इतला है – (देखें: @)
Acts 9:34
στρῶσον σεαυτῷ
चलने से माज़ूर, गालिबन कमर से नीचे हिल नहीं सकता था-
Acts 9:35
πάντες οἱ κατοικοῦντες Λύδδα καὶ τὸν Σαρῶνα
उठ आप अपना बिस्तर बिछा
Λύδδα καὶ τὸν Σαρῶνα
यह एक इस्ते’माम है जो वहां के बहुत से लोगों को को ज़ाहिर करता है- मुताबदिल तर्जुमा: शारोन के लुद्दा में जो लोग रहते थे -या “बहुत से लोग जो लुद्दा और शारोन में रहते थे” (देखें: @)
εἶδαν αὐτὸν
लुद्दा शहर शारोन के मैदानी इलाके में वाक़े था
οἵτινες ἐπέστρεψαν ἐπὶ τὸν Κύριον
बयान करने के लिए यह फ़ाइदेमंद होगा कि उन्हों ने देखा कि वह शख्स शिफ़ा पा गया था-मुतबादिल तर्जुमा: “उस शख्स को देखा जिस को पतरस ने शिफ़ा दी थी-“
Acts 9:36
यहाँ “खुदावंद की तरफ़ रुजू’ लाए”खुदावंद के पीछे चलना शुरू करने के लिए एक मजाज़ है-मुतबादिल तर्जुमा: “और उन्हों ने अपने गुनाहों से तौबा की और खुदावंद के पीछे चलना शुरू किया” (देखें: INVALID translate/writing-background)
यह आयतें उस औरत की बाबत गोशा ए गुमनामी कि इतला देते हैं जिसका नाम तबीथा था-(देखें: @)
δέ…ἦν
लूका पतरस से मुताल्लिक़ एक नए वाक़िये के साथ कहानी को जारी रखता है-
Ταβειθά, ἣ διερμηνευομένη λέγεται, Δορκάς
यह कहानी में एक नए हिस्से का तआरुफ़ करता है-(देखें: INVALID translate/translate-names)
πλήρης ἔργων ἀγαθῶν
अरामी ज़ुबान में उस का नाम तबीथा है ,और यूनानी ज़ुबान में उस का नाम दोरकास है -इन दोनों के नाम का मतलब है “हिरनी’ मुतबादिल तर्जुमा: “यूनानी ज़ुबान में उसका नाम दोरकास था” (देखें: @)
Acts 9:37
ἐγένετο δὲ ἐν ταῖς ἡμέραις ἐκείναις
खैरात और अच्छे काम किया करती थी
λούσαντες…αὐτὴν
यह उस वक़्त का ज़िक्र है जब पतरस याफ़ा में था -इअको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यह उस वक्त हुआ जब पतरस नजदीक के इलाके में था” (देखें: @)
ἔθηκαν ἐν ὑπερῴῳ
यह उसके दफ़न के लिए नहलाना धुलाना वगैरा था-
Acts 9:38
ἀπέστειλαν δύο ἄνδρας πρὸς αὐτὸν
यह आरज़ी तोर से मय्यत की तय्यारी के दौरान मुर्दा लाश को पेश करना होता है -
Acts 9:39
εἰς τὸ ὑπερῷον
शागिर्दों ने दो लोगों को भेजा कि पतरस को बुला लाए-
πᾶσαι αἱ χῆραι
दोरकास की मुदा लाश मकान के छत पर पड़ी हुई थी-
χῆραι
यह मुमकिन है कि उस शहर की तमाम बेवाएं वहां मौजूद थीं होंगी जबकि वह कोई बड़ा शहर नहीं था
μετ’ αὐτῶν οὖσα
औरतें जिन के शौहर मर चुके थे लिहाज़ा मदद कि ज़रुरत थी
Acts 9:40
जब वह शागिर्दों के साथ उस वक़्त तक ज़िन्दा थी
ἐκβαλὼν…ἔξω πάντας
तबीथा की कहानी 42 आयत में ख़तम होती है-43 आयत हम से कहती है कि कहानी के ख़तम होने के बाद पतरस के साथ क्या हुआ- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 9:41
δοὺς…αὐτῇ χεῖρα, ἀνέστησεν αὐτήν
जितने लोग कमरे में मौजूद थे उन सब को कमरे से बाहर जाना पड़ा- पतरस ने कहा कि हर कोई कमरे से बाहर चले जाएं ताकि वह अकेले में तबीथा के लिए दुआ कर सके
τοὺς ἁγίους καὶ τὰς χήρας
पतरस ने उसको अपने हाथों में उठाया और उसको खड़े होने में मदद की-
Acts 9:42
γνωστὸν δὲ ἐγένετο καθ’ ὅλης τῆς Ἰόππης
बेवाएं मुमकिन तोर से ईमानदार रही होंगीं मगर ख़ास तोर से इसका ज़िक्र नहीं किया गया क्यूंकि तबीथा उन के लिए सब से ज़ियादा अहम् थी -
ἐπίστευσαν…ἐπὶ τὸν Κύριον
यह तबीथा को मुर्दों में से जिलाने का पतरस के मोजिज़े को ज़ाहिर करता है-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:“याफ़ा के पूरे इलाके के लोगों में यह बात फैल गयी” (देखें: @)
Acts 9:43
ἐγένετο
लोग खुदावंद येसू की खुशखबरी पर ईमान लाए -
Σίμωνι, βυρσεῖ
यहाँ यह कहानी ख़तम होती है और कहानी में अगले वाक़िये की शुरुआत के लिए तआरुफ़ कराता है- (देखें: INVALID translate/writing-newevent)
Acts 10
शमोन नाम का एक शख्स था जो जानवरों के चमड़ों का दब्बाग़ था-
Acts 10:1
आमाल 10 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
नापाक
यहूदियों का एत्काद था कि अगर वह किसी ग़ैर कौम के साथ खाना खाते हैं तो वह ख़ुदा की नज़र में उनके साथ नापाक हो जाएंगे-यह इसलिये कि फरीसियों ने इस के खिलाफ में शरीयत बनाई क्यूंकि वह लोगों को ग़ैर कौमों के साथ खाने से दूर रख सके जिस से कि मूसा की शरीयत के मुताबिक नापाक न हों-मूसा कि शरीयत ने कुछ खानों को नापाक ठहराया-मगर यह नहीं कहा गया कि ख़ुदा के लोग ग़ैर कौमों के यहाँ न जाएं और उनके साथ न खाएं –(देखें: INVALID translate/writing-background और @)
बपतिस्मा और रूहुल क़ुदुस
जो लोग पतरस की सुन रहे थे उनपर रूहुल क़ुदुस “नाज़िल” हुई -इससे यह ज़ाहिर हुआ कि जिसतरह यहूदी ईमानदारों ने ईमान लाते वक़्त रूहुल क़ुदुस हासिल किया था उसी तरह ग़ैर कौम भी रूहुल क़ुदुस हासिल करेंगे-उसके बाद ग़ैर कौमों ने बपतिस्मा लिया-
यह आयतें कुरनेलियुस की बाबत गोशा -ए- गुमनामी की इत्तला देते हैं-(देखें: @)
ἀνὴρ δέ τις
यह कुरनेलियुस की बाबत खानी के हिस्से की शुरुआत है-
ὀνόματι Κορνήλιος, ἑκατοντάρχης ἐκ Σπείρης τῆς καλουμένης Ἰταλικῆς
यह तारीक़ के इस हिस्से के लिए एक नए शख्स की तआरुफ़ का एक तरीका था- (देखें: @)
Acts 10:2
εὐσεβὴς καὶ φοβούμενος τὸν Θεὸν
उस का नाम कुरनेलियुस था-वह रोमी फ़ौज के इतालवी दस्ते में 100 सिपाहियों के ऊपर एक अफसर था- आमाल वह एक ख़ुदा परस्त शख्स था जो ज़िन्दा ख़ुदा कि इबादत किया करता था-वह ख़ुदा पर इमां लाया था और अपनी ज़िन्दगी में खुदा की इज़्ज़त की तलाश करता और उसकी इबादत करता था-
φοβούμενος τὸν Θεὸν
यहाँ लफ्ज़ “इबादत की” एक इज़्ज़त के गहरे ख़याल और जलाल को ज़ाहिर करता है-
δεόμενος τοῦ Θεοῦ διὰ παντός
लफ्ज़ “लगातार” एक इस्ते’माम है-मुतबादिल तर्जुमा: “उसने ख़ुदा से बहुत दुआएं कीं” या “वह मुस्तअद्दी से दुआ करता था”- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
Acts 10:3
ὥραν ἐνάτην
दोपहर के तीन बजे- यह आम तोर से यहूदियों के दोपहर के नमाज़ का वक़्त है-
εἶδεν…φανερῶς
कुरनेलियुस ने साफ़ तोर से देखा
Acts 10:4
αἱ προσευχαί σου, καὶ αἱ ἐλεημοσύναι σου, ἀνέβησαν εἰς μνημόσυνον ἔμπροσθεν τοῦ Θεοῦ
यह ज़ाहिर करता है कि उसकी खैरात और दुआएं ख़ुदा के ज़रिये क़बूल की जा चुकी थीं-मुतबादिल तर्जुमा:”ख़ुदा ने तेरी दुआएं और तेरी खैरात ... यादगारी के लिए ख़ुदा के हुज़ूर पहुँचीं-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 10:6
βυρσεῖ
एक शख्स जो जानवरों की खाल से चमड़े बनाता था-
Acts 10:7
ὡς δὲ ἀπῆλθεν ὁ ἄγγελος ὁ λαλῶν αὐτῷ
जब फ़रिश्ता चला गया तो उसका का रोया ख़तम हुआ-
στρατιώτην εὐσεβῆ τῶν προσκαρτερούντων αὐτῷ
उसने एक सिपाही को बुलाया जो उसकी ख़िदमत करता था वह भी ख़ुदा की इबादत किया करता था-ऐसा रोमी फ़ौज में बहुत ही कम देखा गया है-सो कुनेलियुस के दीगर सिपाही ख़ुदा की इबादत नहीं करते थे-
εὐσεβῆ
एक सिफत है यह बताने के लिए कि वह खुदा की इबादत करता था और उसकी ख़िदमत करता था-
Acts 10:8
ἐξηγησάμενος ἅπαντα αὐτοῖς
कुरनेलियुस ने अपने रोया की बाबत अपने दो नौकरों को और अपने सिपाहियों में से एक को बताया-
ἀπέστειλεν αὐτοὺς εἰς τὴν Ἰόππην
अपने दो नौकरों और एक सिपाही को याफा भजा-
Acts 10:9
यहाँ लफ्ज़ “वह”कुरनेलियुस के दो नौकरों और एक सिपाही को ज़ाहिर करता है जो उस के मातहत थे-(आमाल 10:7)-
कहानी कुरनेलियुस से तबादला होती है ताकिहमें बताए कि ख़ुदा पतरस से क्या करा रहा है-
περὶ ὥραν ἕκτην
12 बजे के लगभग
ἀνέβη…ἐπὶ τὸ δῶμα
घरों की छतें हमवार थीं और लोग अक्सर फ़रक फ़रक तरीके से उन पर काम करते थे-
Acts 10:10
παρασκευαζόντων…αὐτῶν
लोगों का खाना पकाना ख़तम होने से पहले
ἐγένετο ἐπ’ αὐτὸν ἔκστασις
ख़ुदा ने पतरस को एक रोया दी या उस ने एक रोया देखी- (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 10:11
θεωρεῖ τὸν οὐρανὸν ἀνεῳγμένον
यह पतरस के रोया की शुरुआत थी- य्हेक नया जुमला हो सकता है-
ὡς ὀθόνην μεγάλην, τέσσαρσιν ἀρχαῖς
एक चीज़ जिस में सब तरह के जानवर समाए हुए थे एक बड़ा चौकोर की शक्ल में चादर दिखाई देता था-
τέσσαρσιν ἀρχαῖς καθιέμενον
उसके चारों कोने बंधे हुए थे या ‘उसके चारों कोने उंचाई पर से लटकाए गए थे”
Acts 10:12
πάντα τὰ τετράποδα, καὶ ἑρπετὰ τῆς γῆς, καὶ πετεινὰ τοῦ οὐρανοῦ
अगली आयत में पतरस के जवाब के मुताबिक यह इशारा किया जा सकता है कि मूसा की शरियत के हुक्म के मुताबिक उन में से कुछ को नहीं खाना था-मुतबादिल तर्जुमा: जानवर और परिंदे जिन्हें मूसा की शरियत मना करती है कि ना खाए- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 10:13
ἐγένετο φωνὴ πρὸς αὐτόν
कौन शख्स पतरस से बात कर रहा था इसकी सराहत नहीं की गयी है-गालिबन आवाज़ ख़ुदा की थी -हलान्कि यह भी मुमकिन है कि वह ख़ुदा का फ़रिश्ता रहा हो- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 10:14
μηδαμῶς
मैं ऐसा नहीं करूँगा
οὐδέποτε ἔφαγον πᾶν κοινὸν καὶ ἀκάθαρτον
यह ज्ज्हिर किया गया है कि उस चादर में कुछ जानवर थे जो मूसा की शरियत के मुताबिक नापाक और हराम ठहराए गए थे कि मसीह के मरने से पहले ईमानदारों के ज़रिये न खाया जाए- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 10:15
ἃ ὁ Θεὸς ἐκαθάρισεν
अगर बात करने वाला ख़ुदा है तो वह खुद को सेग़ा -ए- ग़ाइब में पेश कर रहा था-मुतबादिल तर्जुमा: “जो मुझ ख़ुदा ने पाक ठहराया”-(देखें: INVALID translate/figs-123person)
Acts 10:16
τοῦτο…ἐγένετο ἐπὶ τρίς
यह वैसा नहीं है जो कुछ पतरस ने देखा वैसा ही तीन बार वाक़े’ हुआ-गालिबन इस मुहावरे का मतलब यह हो सकता है ,”जो कुछ ख़ुदा ने पाक ठहराया उसे नापाक न कहना,” ऐसा तीन बार कहा गया हो-किसी तरह तफ़सील से समझाने की कोशिश के बदले यह कहना सही होगा कि “यह तीन बार वाक़े हुआ-
Acts 10:17
διηπόρει ὁ Πέτρος
इसका मतलब यह है कि पतरस ने जो रोया देखा उसे समझने में दिक्क़त पेश आ रही थी-
ἰδοὺ
लफ्ज़ “देखो” यहाँ हमको होशियार कराता है कि हैरत वाली इतला पर धियान दें जो आगे बयान किया गया है- इस मामले में दो लोग फाटक पर खड़े हुए थे-
ἐπέστησαν ἐπὶ τὸν πυλῶνα
घर के फाटक पर खड़े हुए थे -यह इशारा करता है कि इस घर की एक दीवार थी जिसपर फाटक लगे थे किं अन्दर दाखिल हों- (देखें:INVALID translate/figs-explicit)
διερωτήσαντες τὴν οἰκίαν
यह उन लोगों के घर पहुँचने से पहले वाक़े हुआ-इसे आयत से पहले बयान किया जा सकता था जिसतरह UST करता है -
Acts 10:18
φωνήσαντες
पतरस की बाबत पूछने के दौरान कुरनेलियुस के लोग बाहर रुके रहे
Acts 10:19
διενθυμουμένου περὶ τοῦ ὁράματος
पतरस के रोया की बाबत मायने समझकर ताज्जुब करने लगे -
τὸ Πνεῦμα
रूहुल क़ुदुस
ἰδοὺ
धियान दें,क्यूंकि जो मैं कहने जा रहा हूँ वह सच और अहम् है: तीन
ἄνδρες τρεῖς ζητοῦσιν σε
कुछ क़दीम नुसखों में लोगों की गिनती फ़रक है- देखें: INVALID translate/translate-textvariants)
Acts 10:20
κατάβηθι
घर के छत से नीचे जाओ
πορεύου σὺν αὐτοῖς, μηδὲν διακρινόμενος
पतरस के लिए फितरती होगा वह उन के साथ न जाए,क्यूंकि वह लोग अजनबी थे और वह ग़ैर कौम के थे-
Acts 10:21
ἐγώ εἰμι ὃν ζητεῖτε
मैं वही शख्स हूँ जिस की तुम रह देख रहे हो
Acts 10:22
अलफ़ाज़ “वह लोग” और “उनके” यहाँ कुरनेलियुस के दो नौकर और सिपाहियों को ज़ाहिर करता है- (आमाल 10:7)-
Κορνήλιος, ἑκατοντάρχης ἀνὴρ δίκαιος, καὶ φοβούμενος τὸν Θεὸν, μαρτυρούμενός τε ὑπὸ ὅλου τοῦ ἔθνους τῶν Ἰουδαίων, ἐχρηματίσθη ὑπὸ ἀγγέλου ἁγίου, μεταπέμψασθαί σε εἰς τὸν οἶκον αὐτοῦ, καὶ ἀκοῦσαι ῥήματα παρὰ σοῦ
इसको कई जुमलों में तक़सीम किया जा सकता है और अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है जिस तरह UST करता है- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
φοβούμενος τὸν Θεὸν
यहाँ इबादत का लफ्ज़ बहुत गहरी इज़्ज़त और जलाल का एहसास कराता है-
ὅλου τοῦ ἔθνους τῶν Ἰουδαίων
यहां लोगों कि तादाद को लफ्ज़ तमाम के साथ मुबालिगा किया हुआ है ताकि इस बात पर जोर दे सके कि यह शख्स यहूदियों के दरमियान कितनी दूर तक जाना पहचाना है- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
Acts 10:23
εἰσκαλεσάμενος οὖν αὐτοὺς ἐξένισεν
कैसरिया तक का सफ़र उन के लिए बहुत लम्बा था कि उस दोपहर से वह शुरू करते -
ἐξένισεν
उसके मेहमान बतर रह
τινες τῶν ἀδελφῶν τῶν ἀπὸ Ἰόππης
यह उन ईमानदारों को ज़ाहिर करता है जो याफा में रहते थे
Acts 10:24
τῇ…ἐπαύριον
यह दूसरा दिन था जब उनहोंने याफा छोड़ा- क़ैसरिया तक का सफ़र उन के लिए एक दिन से ज़ियादा था-
ὁ δὲ Κορνήλιος ἦν προσδοκῶν αὐτοὺς
कुरनेलियुस उन का तवक्को करता था
Acts 10:25
ὡς…τοῦ εἰσελθεῖν τὸν Πέτρον
जब पतरस घर में दाखिल हुआ -
πεσὼν ἐπὶ τοὺς πόδας, προσεκύνησεν
उसने घुटने टेके और अपना चेहरा पतरस के पैरों के पास कर दिया- पतरस की इज़्ज़त करते हुए उस ने एसा किया- (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
πεσὼν
वह जान बूझ कर मुंह के बल ज़मीन पर लेटा रहा यह जताने के लिए कि वह इबादत कर रहा है-
Acts 10:26
ἀνάστηθι, καὶ ἐγὼ…ἄνθρωπός εἰμι
यह एक छोटी सी मलामत थी कुरनेलियुस के लिउए या उसके सुधार के लिए कि वह पतरस के सामने न झुके- मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसा करना बंद करो क्यूंकि मैं भी तो तुम्हारी तरह इंसान हूँ”
Acts 10:27
लफ्ज़ “उसे” यहां पर कुरनेलियुस के लिए है-अलफ़ाज़ “तुम” और “तुम सब” यह जमा का सेगा है जो कुरनेलियुस और ग़ैर कौम के लोगों को ज़ाहिर करता है जो वहां पर जमा थे- (देखें: INVALID translate/figs-you)
पतरस उन लोगों से मुखातब है जो कुरनेलियुस के घर में जमा थे-
συνεληλυθότας πολλούς
बहुत से ग़ैर कौम के लोग एक साथ जमा थे-यह ज़ाहिर करता है कि जिन लोगों को कुनेलियुस ने जमा किया था वह ग़ैर कौम के थे- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 10:28
ὑμεῖς ἐπίστασθε
पतरस कुरनेलियुस और बुलाए गए मेहमानों से मुखातब था-
ἀθέμιτόν ἐστιν ἀνδρὶ Ἰουδαίῳ
यह एक यहूदी शख्स के लिए मना है- यह यहूदी मज़हबी शरीयत को ज़ाहिर करता है-
ἀλλοφύλῳ
यह उन लोगों की बाबत है जो यहूदी नहीं थे और ख़ास तोर से वहां के नहीं थे जहां वह रहते थे-
Acts 10:30
आयत 31 और 32 में कुरनेलियुस वह बातें कहता है जो फ़रिश्ते ने उस से कहा था जो वह नवें पहर में उस पर ज़ाहिर हुआ था- लफ्ज़ “तुम” और “तुम्हारा” यह वाहिद का सेगा है- लफ्ज़ “हम” यहाँ पर पतरस को शामिल नहीं करता- (देखें: INVALID translate/figs-you)
कुरनेलियुस पतरस के सवाल का जवाब देता है
ἀπὸ τετάρτης ἡμέρας
कुरनेलियुस पतरस से बात करने पहले तीसरी रात के एक दिन पहले का ज़िकर करता है - बाइबिल की तहजीब मौजूदा दिन को पेश करता है ,इस लिए अबसे तीन रात पहले का मतलब हुआ”चार दिन पहले – मौजूदा मगरिबी तहजीब हाल के दिन को हिसाब में नन्हीं लाती-सो कई एक मगरिबी तर्जुमों में पढ़ा जाता है , “तीन दिन पहले”-
προσευχόμενος
कुछ क़दीम उलमा सादगी से “दुआ करने” के बजाए कहते हैं ,”रोज़ा रखना और दुआ करना” (देखें: INVALID translate/translate-textvariants)
τὴν ἐνάτην
आम तोर से दोपहर के तीन बजे का वक़्त यहूदियों के लिए ख़ुदा से दुआ करने का वक़्त होता है-
Acts 10:31
εἰσηκούσθη σου ἡ προσευχὴ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: ख़ुदा ने तुम्हारी दुआ सुन ली है-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐμνήσθησαν ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
ख़ुदा के धियान में तुमको लाया जाता है-इस का मतलब यह नहीं कि ख़ुदा भूल गया था-
Acts 10:32
μετακάλεσαι Σίμωνα, ὃς ἐπικαλεῖται Πέτρος
शमोन जो पतरस भी कहलाता है उस से कहना कि वह तुम्हारे पासा आए-
Acts 10:33
ἐξαυτῆς
अभी इसी वक़्त
σύ τε καλῶς ἐποίησας παραγενόμενος
यह इज़हार पतरस को उस के आने के लिए हलीमी से शुक्रिया कहने का एक तरीका है-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं सचमुच तुम्हारे अआने का शुक्रगुज़ार हूँ-
ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
“यह” ख़ुदा कि मौजूदगी को ज़ाहिर करता है-
τὰ προστεταγμένα σοι ὑπὸ τοῦ Κυρίου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद ने तुझसे बोलने के लिए कहा है” (देखें; INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 10:34
पतरस कुरनेलियुस के घर में सब से बोलना शुरू करता है-
ἀνοίξας δὲ Πέτρος τὸ στόμα εἶπεν
पतरस ने उन से मौखाताब होकर बोलना शुरू किया -
ἐπ’ ἀληθείας
इस का मतलब यह है कि वह जो कुछ बोलने जा रहा था यह जानना खास तोर से अहम् है-
οὐκ ἔστιν προσωπολήμπτης ὁ Θεός
ख़ुदा कुछ लोगों पर मेहरबान नहीं होता -
Acts 10:35
ὁ φοβούμενος αὐτὸν καὶ ἐργαζόμενος δικαιοσύνην, δεκτὸς αὐτῷ ἐστιν
वह हर किसी को कबूल करता है जो उसकी इबादत करते और रास्त्बाज़ी के काम करता है -
φοβούμενος
लफ्ज़ इबादत करता है यहाँ पर गहरी इज़्ज़त और जलाल को महसूस करता है-
Acts 10:36
लफ्ज़ उसे यहाँ पर येसू को ज़ाहिर करता है-
पतरस लगातार कुनेलियुस और उसके मेहमानों के सामने अपनी तक़रीर जारी रखता है -
οὗτός ἐστιν πάντων Κύριος
यहाँ “तमाम” का मतलब तमाम लोगों से है -
Acts 10:37
καθ’ ὅλης τῆς Ἰουδαίας
लफ्ज़ “तमाम” एक इस्ते’माम है-मुतबादिल तर्जुमा: “सारे यहूदिया” या “यहूदिया के बहुत सी जगहों में” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
μετὰ τὸ βάπτισμα ὃ ἐκήρυξεν Ἰωάννης
युहन्ना के लोगों को तौबा की मनादी करने और उन्हें बपतिस्मा देने के बाद
Acts 10:38
Ἰησοῦν τὸν ἀπὸ Ναζαρέθ, ὡς ἔχρισεν αὐτὸν ὁ Θεὸς Πνεύματι Ἁγίῳ καὶ δυνάμει
यह लम्बा जुमला, जोआयत 36 से शुरू होता है इसको कई एक जुमलों में छोटा किया जा सकता है जिसतरह UST में है-“तुम सब की बाबत जानते हो”- तुम खुद ही जानते हो ...एलान किया गया-तुम वाक़ियात को जानते हो ....कुव्वत के साथ-“
ἔχρισεν αὐτὸν ὁ Θεὸς Πνεύματι Ἁγίῳ καὶ δυνάμει
रूहुल क़ुदुस और ख़ुदा की कुव्वत की बाबत ऐसा कहा गया है जो कि एक शख्स पर उंडेला जा सकता है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
πάντας τοὺς καταδυναστευομένους ὑπὸ τοῦ διαβόλου
लफ्ज़ “सब” एक इस्ते’माम है-मुतबादिल तर्जुमा: “जो इब्लीस के हाथों ज़ुल्म उठाते थे” या “बहुत से लोग जो इब्लीस के हाथों ज़ुल्म सहते थे” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
ὁ Θεὸς ἦν μετ’ αὐτοῦ
मजाज़ “उसके साथ था” इसके मायने हैं “मदद कर रहा था”- (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 10:39
अल्फाज़ “हम” और “हम”यहाँ पतरस और रसूलों और दीगर ईमान दरों को ज़ाहिर करता है जो येसु के साथ थे जब वह ज़मीन पर था-अलफ़ाज़ “वह” और “उसे”यहाँ येसु को ज़ाहिर करता है-(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἔν…τῇ χώρᾳ τῶν Ἰουδαίων
यह ख़ास तोर से उस वक़्त यहूदिया की बाबत है
κρεμάσαντες ἐπὶ ξύλου
यह दूसरा मज़हिरा जो मस्लूबियत की बाबत है-मुतबादिल तर्जुमा: “काठ की सलीब पर मेखों से जड़ना-“
Acts 10:40
τοῦτον ὁ Θεὸς ἤγειρεν
यहां एक मजाज़ को उठा लेना है किसी के लिए जो मर गया था फिर से ज़िनदा होने के लिए-मुतबादिल तर्जुमा:ख़ुदा ने उसको फिर से ज़िन्दा किया-(देखें: INVALID translate/figs-idiom)
τῇ τρίτῃ ἡμέρᾳ
उसके मरने के तीन दिन बाद
ἔδωκεν αὐτὸν ἐμφανῆ γενέσθαι
मुर्दों में से जिलाए जाने के बाद बहुत से लोगों पर ज़ाहिर किया कि उसे देखें-
Acts 10:41
ἐκ νεκρῶν
उन तमाम लोगों के बीच में से जो मर गए थे- यह मजाहिरा उन तमाम मुर्दा लोगों का बयान करता हैजो ज़मीन के नीचे पाए जाते हैं-
Acts 10:42
यहाँ लफ्ज़ “हमें” शामिल करता है पतरस और ईमानदारों को- “यह” उसके सामईन को खारिज करता है- (देखें INVALID translate/figs-exclusive)
कुरनेलियुस के घर में पतरस जो हर एक से मुखातब होकर उसकी तक़रीर ख़त्म होती है जो उस ने आमाल 10:34-
ὅτι οὗτός ἐστιν ὁ ὡρισμένος ὑπὸ τοῦ Θεοῦ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा ने इस येसू को चुना-“ (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ζώντων καὶ νεκρῶν
यह उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो अभी भी जी रहे हैं और लोग जो मर चुके हैं - मुतबादिल तर्जुमा:”लोग जो जी रहे है और लोग जो मर चुके हैं” (देखें: INVALID translate/figs-nominaladj)
Acts 10:43
τούτῳ πάντες οἱ προφῆται μαρτυροῦσιν
तमाम अंबिया येसु की गवाही देते हैं
ἄφεσιν ἁμαρτιῶν λαβεῖν…πάντα τὸν πιστεύοντα εἰς αὐτὸν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”ख़ुदा हर एक का गुनाह मुआफ़ करेगा और जो येसू ने किया उस पर ईमान लाता है-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
διὰ τοῦ ὀνόματος αὐτοῦ
यहाँ “उसका नाम” येसू के कामों को ज़ाहिर करता है -उसका नाम के मायने हैं ख़ुदा जो बचाता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उसके ज़रिये से जो ख़ुदा ने उनके लिए किया” (देखें INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 10:44
ἐπέπεσε τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον
यहाँ लफ्ज़ “गिरा” का मतलब है “अचानक वाक़े हुआ” मुतबादिल तर्जुमा: “रूहुल क़ुदुस अचानक से आया”
πάντας τοὺς ἀκούοντας
यहाँ लफ्ज़ “सब” उन तमाम ग़ैर कौमों को ज़ाहिर करता हैं जो कुरनेलियुस के घर पर पतरस की सुन रहे थे-
Acts 10:45
ἡ δωρεὰ τοῦ Ἁγίου Πνεύματος
यह खुद रूहुलक़ुदुस को ज़ाहिर करता है जो उन्हें दिया गया था-
τοῦ Ἁγίου Πνεύματος ἐκκέχυται
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने रूहुल क़ुदुस को नाजिल किया”- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐκκέχυται
रूहुल क़ुदुस के लिए कहा गया है कि वह लोगों पर नाज़िल किया जासकता था- यह एक बख्शिश के तोर पर है -मुतबादिल तर्जुमा: “बख्शिश बतोर दिया गया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ δωρεὰ
मुफ़्त इनाम
καὶ ἐπὶ τὰ ἔθνη
यहाँ “भी” उस सच्चाई को ज़ाहिर करता है कि रूहुल क़ुदुस पहले से ही यहूदी ईमानदारों को दिया गया था-
Acts 10:46
अलफ़ाज़ वह और उसे पतरस को ज़ाहिर करता है-
यह कुरनेलियुस की बाबत कहानी के हिस्से का आखिर है-
αὐτῶν λαλούντων γλώσσαις, καὶ μεγαλυνόντων τὸν Θεόν
यह बोले जाने वाली जुबानें थीं जो यहूदी लोग जानते थे कि ग़ैर कौम के लोग हक़ीक़त में ख़ुदा कि हम्द ओ तारीफ़ कर रहे थे-
Acts 10:47
μήτι τὸ ὕδωρ δύναται κωλῦσαί τις τοῦ μὴ βαπτισθῆναι τούτους, οἵτινες τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον ἔλαβον, ὡς καὶ ἡμεῖς
पतरस इस सवाल का इस्तेमाल करता है यहूदी मसीहियों को कायल करने के लिए कि ग़ैर कौम के ईमानदारों को बपतिस्मा दिया जाना चाहिए-मुतबादिल तर्जुमा: “इन में से कोई भी बपतिस्मे से महरूम न रह जाए!हमें उन्हें बपतिस्मा दे देनी चाहिये क्यूंकि उन्हों ने क़बूल किया है...हम!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 10:48
προσέταξεν…αὐτοὺς…βαπτισθῆναι
यह ज़ाहिर था कि वह यहूदी मसीही थे जो ग़ैर कौम के मसीहियों को बपतिस्मा देते- मुत्बादिल तर्जुमा: “पतरस ने ग़ैर कौम के मसिहियों को हुक्म दिया कि यहूदी मसीहियों से बपतिस्मा क़बूल करें” या “पतरस ने यहूदी मसीहियों को हुक्म दिया कि वह ग़ैर कौम के मसीहियों को बप्तिस्मा दें-“ (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν τῷ ὀνόματι Ἰησοῦ Χριστοῦ βαπτισθῆναι
यहाँ “येसु मसीह के नाम में” ज़ाहिर करता है कि बपतिस्मे कि ज़रूरत इस लिए थी क्यूंकि वह लोग मसीह पर ईमान लाए हुए थे- मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें येसु मसीह के नाम से बपतिस्मा दिया जाए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11
आमाल 11 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“ग़ैर कौमों ने भी ख़ुदा का कलाम क़बूल किया था”
लगभग सारे इब्तिदाई ईमानदार यहूदी थे- लूका इस बाब में लिख रहा है कि बहुत से ग़ैर कौम के लोगों ने येसू पर ईमान लाना शुरू कर दिया था-उनहोंने एत्काद किया कि येसु की बाबत जो पैग़ाम सुनाया गया था वह सच था सो उन्हों ने ख़ुदा का कलाम कबूल करना शुरू कर दिया-येरूशलेम के कुछ ईमानदारों ने भरोसा नहीं किया कि ग़ैर कौम से आए मसीही सच मुच येसु के पीछे चलेंगे-सो पतरस उन के पास गया और जो उस के साथ वाक़े हुआ था उनसे बयान किया कि किसतरह से उन्हों ने ख़ुदा का कलाम क़बूल किया था और रूहुल क़ुदुस हासिल की थी -
Acts 11:1
यह कहानी में नए वाक़िये कि शुरुआत है-
पतरस येरूशलेम आता है और वहां के यहूदी ईमान दारों से बात करना शुरू करता है-
δὲ
यह कहानी के एक नए हिस्से को दिखाता है- (देखें: INVALID translate/writing-newevent)
οἱ…ἀδελφοὶ
मुहावरा “भाइयों” यहाँ यहूदिया के ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-
οἱ ὄντες κατὰ τὴν Ἰουδαίαν
जो सूबा -ए- यहूदिया में थे
ἐδέξαντο τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
यह इज़हार इस हक़ीक़त को ज़ाहिर करता है कि गैरकौमों ने येसु से मुताल्लिक इंजील के पैग़ाम पर ईमान ले आए- मुतबादिल तर्जुमा:”येसू से मुताल्लिक़ ख़ुदा के पैग़ाम पर ईमान ले आए-“(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:2
ἀνέβη…εἰς Ἰερουσαλήμ
येरूशलेम मुल्क -ए- इस्राईल के किसी भी जगह से लगभग ऊंचाई पर बसा हुआ है सो बनी इस्राईल के लिए आम बात थी कि वह येरूशलेम से और में का इस्तेमाल करते थे-
οἱ ἐκ περιτομῆς
यह हवाला कुछ यहूदियों के लिए है जिन कि राए थी कि हर एक ईमानदार का खतना होना चाहिए था-मुतबादिल तर्जुमा: “येरूशलेम में कुछ यहूदी ईमानदार थे जो चाहते थे कि हर एक मसीह के पीछे चलने वाले का खतना होना चाहिए”- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:3
ἄνδρας, ἀκροβυστίαν ἔχοντας
मुहावरा “ना मख्तून लोग” ग़ैर कौमों को ज़ाहिर करता है-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
συνέφαγεν αὐτοῖς
यहूदियों के लिए यह यहूदी रिवायत के खिलाफ था कि ग़ैर कौमों के साथ मिलकर खाना खाए-
Acts 11:4
पतरस ने यहूदियों को अपनी रोया के बारे में बताया और यह भी बताया कि कुरनेलियुस के घर में क्या हुआ था-
ἀρξάμενος…Πέτρος ἐξετίθετο
पतरस ने यहूदी ईमानदारों की नुक्ताचीनी नहीं की बल्कि दोस्ताना तोर से समझाने के तरीके से रद्देअमल पेश किया-
καθεξῆς
हक़ीक़त में जो हुआ
Acts 11:5
ὡς ὀθόνην μεγάλην
चादर जिस में बहुत सारे जानवर थे वह एक बहुत बड़ी चादर थी-देखें कि आप ने इसे [आमाल 10:11] (../10/11.md)-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
τέσσαρσιν ἀρχαῖς
उसके चारों कोनों के साथ मुअतत्तल किये हुए या “एक बड़ी चादर की तरह चारों कोनों से ऊँचाई पर लटकती हुई” देखें कि आप ने इसे [आमाल 10:11] (../10/11.md)-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
Acts 11:6
τετράποδα τῆς γῆς
पतरस के जवाब से यह ज़ाहिर हो सकता है कि मूसा की शरीयत में हुक्म दिया गया है कि यं में से कुछ को नहीं खा सकते-देखें कि आप ने इसी मुहावरे को आमाल10:12.में किसतरह तर्जुमा किया है-मुतबादिल तर्जुमा:”जानवर और परिंदे जो मूसा की शरीयत में खाने के लिए मना किया हुआ था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
θηρία
यह गालिबन उन जानवरों को ज़ाहिर करता है जिन्हें लोग नहीं पालते या पाल नहीं सकते या काबू में नहीं करते या नहीं कर सकते-
ἑρπετὰ
यह रेंगने वाले जानवर हैं
Acts 11:7
ἤκουσα…φωνῆς
यह ज़ाहिर नहीं किया गया है कि कौन बोल रहा था –“आवाज़” गालिबन ख़ुदा की थी-हालाँकि यह मुमकिन है कि यह ख़ुदा का एक फ़रिश्ता भी रहा हो-देखें कि आप ने इसे यानी “एक आवाज़” को [आमाल10:13] (../10/13.md)-किसतरह तर्जुमा किया है –(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 11:8
μηδαμῶς
यह मैं नहीं करूंगा-देखें कि आप ने [आमाल10:14] (../10/14.md) में इसे किसतरह तर्जुमा किया है-
κοινὸν ἢ ἀκάθαρτον οὐδέποτε εἰσῆλθεν εἰς τὸ στόμα μου
ज़ाहिर तोर से उस चादर में वही जानवर थे जो पुराने अह्द्नामे में यहूदी शरीयत के मुताबिक उन के खाने के लिए मना था-इसको अस्बाती तोर से ऐसा कहा जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:मैं ने सिर्फ़ पाक और हलाल जानवरों का गोश्त ही खाया है-(देखें:INVALID translate/figs-metonymyऔरINVALID translate/figs-doublenegatives) पुराने अहद नामे के
ἀκάθαρτον
पुराने अहद नामे के यहूदी शरीयत में एक शख्स रिवायती तोर से कई एक तरीके से नापाक होता है जैसे कि फुलां मना किये हुए जानवरों का गश्त खाना
Acts 11:9
ἃ ὁ Θεὸς ἐκαθάρισεν, σὺ μὴ κοίνου
यह उन जानवरों को ज़ाहिर करता है जो उस चादर में थे- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:10
τοῦτο…ἐγένετο ἐπὶ τρίς
यह आवाज़ हर बार उसी तरह नहीं थे जब इसे तीन बार दुहराया गया था-गालिबन इस के मायने यह हैं कि “जिसे ख़ुदा ने पाक ठहराया उसे नापाक न कहो”यह अलफ़ाज़ तीन बार दुहराए गए थे-इसे कहने का सब से अच्छा तरीका यह है कि “ऐसा तीन मर्तबा वाक़े हुआ” बजाए इस के कि तफ़सील में समझाया जाए-ऐसा तीन बार हुआ के लिए देखें कि आप ने आमाल10:16-में किसतरह तर्जुमा किया-
Acts 11:11
यहाँ “हम” पतरस और याफा के ईमानदारों को ज़ाहिर करता है – यह यरुशलेम में उसके मौजूदा सामईन को शामिल नहीं करता- (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἰδοὺ
यह लफ्ज़ हमको खानी में नए लोगों की बाबत ख़ बरदार करता है- आपकी ज़ुबान में ऐसा करने के लिए एक तरीका हो सकता है
ἐξαυτῆς
फ़ौरन या “उसी ऐन वक़्त पर”
ἀπεσταλμένοι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:“किसी ने उनको भेजा था”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 11:12
μηδὲν διακρίναντα
इससे मुझे कोई सरोकार नहीं होनी चाहिए कि वह लोग ग़ैर कौम के थे
ἦλθον…σὺν ἐμοὶ…οἱ ἓξ ἀδελφοὶ οὗτοι
यह छे भाई क़ैसरिया को मेरव साथ चले
οἱ ἓξ ἀδελφοὶ οὗτοι
यह छे यहूदी ईमानदार भाई
εἰς τὸν οἶκον τοῦ ἀνδρός
यह कुरनेलियुस के घर को ज़ाहिर करता है
Acts 11:13
Σίμωνα, τὸν ἐπικαλούμενον Πέτρον
शमोन जो पतरस भी कहलाता है-द्वेखें कि आप ने इसी मुहावरे को आमाल10:32-में किसतरह तर्जुमा लिया है-
Acts 11:14
πᾶς ὁ οἶκός σου
यह उस के घराने के तमाम लोगों को ज़ाहिर करता है- मुतबदिल तर्जुमा: “हर एक शख्स जो तुम्हारे घर में रहता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:15
यहाँ लफ्ज़ “हमपर” पतरस ,रसूल और कई एक यहूदी ईमानदारों को ज़ाहिर करता है जिन्हों ने पेंतिकुस्त के दिन रूहुल क़ुदुस हासिल किये थे-(देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
ἐν…τῷ ἄρξασθαί με λαλεῖν, ἐπέπεσεν τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον ἐπ’ αὐτοὺς
यह ज़ाहिर करता है कि पतरस ने बोलना बंद नहीं किया था बल्कि कुछ और कहना चाहता था-
ἐπέπεσεν τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον ἐπ’ αὐτοὺς, ὥσπερ καὶ ἐφ’ ἡμᾶς ἐν ἀρχῇ
पतरस ने कहानी को छोटा करने के लिए कुछ बातों को छोड़ दिया- मुतबदिल तर्जुमा: रूहुल क़ुदुस ग़ैर कौम के ईमानदारों पर उतरा जिस तरह से यहूदी ईमानदारों पर पेतिकुस्त के दिन उतरा था-(देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
ἐν ἀρχῇ
पतरस पेंतिकुस्त के दिन का हवाला दे रहा था
Acts 11:16
ὑμεῖς…βαπτισθήσεσθε ἐν Πνεύματι Ἁγίῳ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुमको रूहुल क़ुदुस से बपतिस्मा देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 11:17
लफ्ज़ “उन्हें” या “उनको” कुरनेलियुस और ग़ैर कौम के मेहमान और उसके घराने को ज़ाहिर करता है पतरस उन्हें ग़ैर कौम नहीं कहता जिसतरह वह येरूशलेम में यहूदी ईमानदारों को यहूदी नहीं कहता-लफ्ज़ वह यहूदी ईमानदारों की बाबत है जिन से पतरस ने बात की थी-लफ्ज़ “हमारे लिए”तमाम यहूदी ईमानदारों को शामिल करता है- (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
पतरस अपनी ताक्रेर को ल्खातं करता है (जो उस ने आमाल11:4)शुरू किया था- उसने यहूदियों से अपने रोया की बाबत और कुरनेलियुस के घर में जो कुछ हुआ था उसके बारे में बताया था-
εἰ οὖν τὴν ἴσην δωρεὰν ἔδωκεν αὐτοῖς ὁ Θεὸς, ὡς καὶ ἡμῖν πιστεύσασιν ἐπὶ τὸν Κύριον Ἰησοῦν Χριστόν, ἐγὼ τίς ἤμην δυνατὸς κωλῦσαι τὸν Θεόν
पतरस इस सवाल का इस्तेमाल यह जोर देने के लिए करता है कि सिर्फ़ वही ख़ुदा का हुक्म बजा ला रहा है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब से ख़ुदा ने उनको दिया ...मैं ने फ़ैसला किया है कि मैं ख़ुदा की मज़ाहिमत नहीं कर सकता था!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
τὴν ἴσην δωρεὰν
पतरस रूहुल क़ुदुस की नेमतों को ज़ाहिर करता है -
Acts 11:18
ἡσύχασαν
उन्हों ने पतरस के साथ बहस नहीं किया
καὶ τοῖς ἔθνεσιν ὁ Θεὸς τὴν μετάνοιαν εἰς ζωὴν ἔδωκεν
ख़ुदा ने तौबा इनायत की जो ग़ैर कौमों को भी ज़िन्दगी कि तरफ़ ले जाती है -यहाँ ज़िन्दगी हमेशा कि ज़िन्दगी को ज़ाहिर करता है -पेचीदा इस्म “तौबा” और “ज़िन्दगी” अफ़आल बतोर तर्जुमा किया जा सकता है ,”तौबा करो” और “ज़िन्दगी जियो”-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने ग़ैर कौमों को भी ऐसा होने दिया कि तौबा करें और हमेशा कि ज़िन्दगी जिएँ” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 11:19
कुका बताता है कि उन ईमानदारों का क्या हुआ जो स्तिफुनुस के संगसार किये जाने के बाद येरूशलेम छोड़ कर भाग गए थे-
οὖν
यह कहानी के एक नए हिस्से का तआरुफ़ कराता है (देखें: INVALID translate/writing-newevent)
οἱ…διασπαρέντες ἀπὸ τῆς θλίψεως τῆς γενομένης ἐπὶ Στεφάνῳ, διῆλθον
यहूदियों ने येसु के मानने वालों को सताना शुरू कर दिया क्यूंकि स्तिफुनुस ने कहा था और वह काम किया जो यहूदी नहीं चाहते थे-इस सताव के सबब से बहुत से येसु के पीछे चलने वाले येरूशलेम को छोड़ दिया और फ़रक फ़रक जगहों में चले गए-
οἱ…διῆλθον
जो लोग फ़रक फ़रक मंजिल की तरफ़ चले गए थे
διασπαρέντες ἀπὸ τῆς θλίψεως
इसको अमली शक्ल में भी तर्जुमा किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: जिन्हें यहूदी लोग सताते जा रहे थे उन्हों ने येरूशलेम को छोड़ दिया-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τῆς θλίψεως τῆς γενομένης ἐπὶ Στεφάνῳ
स्तिफुनुस ने जो कहा और किया इस सबब से सताव वाक़े हुआ-
εἰ μὴ μόνον Ἰουδαίοις
ईमानदार लोग सोच रहे थे कि ख़ुदा का पैग़ाम सिर्फ़ यहूदियों के लिए था न कि ग़ैर कौमों के लिए-
Acts 11:20
ἐλάλουν καὶ πρὸς τοὺς Ἑλληνιστάς
यह यूनानी बोलने वाले लोग ग़ैर कौम से थे ,यहूदी नहीं थे- मुतबादिल तर्जुमा: “उसने ग़ैर कौमों से भी बात की जो यूनानी बोलते थे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 11:21
ἦν χεὶρ Κυρίου μετ’ αὐτῶν
ख़ुदा का हाथ उसकी ताक़तवर मदद को ज़ाहिर करता है- मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा अपनी कुव्वत से उन ईमानदारों को असर कारक तरीके से मनादी के लिए इस्तेमाल कर रहा था” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐπέστρεψεν ἐπὶ τὸν Κύριον
यहां “खुदावंद की तरफ़ फिरे” एक मजाज़ है खुदावंद के पीछे चलना शुरू करने के लिए- मुतबादिल तर्जुमा: और उन्हों ने अपने गुनाहों का इक़रार किया और खुदावंद के पीछे चलने लगे- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 11:22
इन आयतों में लफ्ज़ “वह” बरनबास को ज़ाहिर करता है-लफ्ज़ “वह सब” येरूशलेम की कलीसिया के ईमान दारों की बाबत है- अलफ़ाज़ “उन्हें” और ‘उनके’ नये ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-([आमाल11:20] (../11/20.md)).
ὦτα τῆς ἐκκλησίας
यहाँ “कान” वाक़िये की बाबत ईमानदारों के सुनने की सलाहियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कलीसिया के ईमानदार” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:23
ἰδὼν τὴν χάριν τὴν τοῦ Θεοῦ
देखा कि ख़ुदा ने ईमानदारों के साथ किसतरह मेहर बानी से पेश आया
παρεκάλει πάντας
वह उनकी लगातार हौसला अफज़ाई करता रहा
προσμένειν τῷ Κυρίῳ
ताकि खुदावंद के वफ़ादार बने रहें या “खुदावंद पर लगातार भरोसा करते रहें”
τῇ προθέσει τῆς καρδίας
यहाँ “दिल“ एक शख्स की मरजी और ख्वाहिश को ज़ाहिर करती है- मुताबदिल तर्जुमा : “उन कि पूरी मरजी के साथ” या मुकम्मल मख्सूसियत के साथ-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:24
πλήρης Πνεύματος Ἁγίου
जिसतरह बरनबास ने रूहुल्कुदुस की इताअत की रूहुल्कुदुस ने उसको अपने काबू में रखा-
προσετέθη ὄχλος ἱκανὸς τῷ Κυρίῳ
यहाँ शामिल हुए के मायने हैं वह उसी बात पर ईमान लाए ,एत्काद किया जिस तरह दीगर लोगों ने किया था-मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत से और लोग खुदावंद पर ईमान लाए”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 11:25
यहाँ लफ्ज़ “वह” बरनबास की बाबत है और “उसे” साउल को ज़ाहिर करता है-
ἐξῆλθεν…εἰς Ταρσὸν
तर्सुस के शहर के बाहर
Acts 11:26
καὶ εὑρὼν
गालिबन बरनबास को थोड़ा सा वक़्त लगा कि साउल को एक जगह पर ठहराए-
ἐγένετο
यह कहानी में एक नए वाक़िये को शुरू करता है- (देखें: INVALID translate/writing-newevent)
αὐτοῖς…συναχθῆναι ἐν τῇ ἐκκλησίᾳ
बरनबास और शाऊल कलीसिया में एक साथ मिल गए
χρηματίσαι…ἐν Ἀντιοχείᾳ τοὺς μαθητὰς, Χριστιανούς
यह ज़ाहिर करता है कि दुसरे लोग इस नाम से ईमानदार कहलाए-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: अन्ताकिया के लोग शागिर्दों को मसीही कह कर पुकारने लगे-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
πρώτως ἐν Ἀντιοχείᾳ
पहली बार अन्ताकिया में
Acts 11:27
यहाँ लूका अन्ताकिया में एक नबुवत की बाबत गोशा -ए- गुमनामी की इतला देता है-
δὲ
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी की लाइन में वक्फे के निशान केलिए इस्तेमाल हुआ है-
κατῆλθον ἀπὸ Ἱεροσολύμων…εἰς Ἀντιόχειαν
अन्ताकिया की बनिस्बत येरूशलेम उंचाई पर बसा हुआ है इस लिए इस्राईलियों के लिए एक आम बात थी कि येरूशलेम को जाना या वहां से नीचे उतरना ,इसतरह की बात करे-
Acts 11:28
ὀνόματι Ἅγαβος
जिस का नाम अग्बुस था
ἐσήμανεν διὰ τοῦ Πνεύματος
रूहुल क़ुदुस के ज़रिये नबुवत करता था
λιμὸν μεγάλην μέλλειν ἔσεσθαι
एक बहुत बड़ा आकाल पड़ेगा
ἐφ’ ὅλην τὴν οἰκουμένην
यह एक इस्ते’माम है दुनया के हिस्से को ज़ाहिर करने के लिए जिस में वह दिलचस्पी रखते थे -मुताबदिल तर्जुमा: “तमाम दुनया की आबादी में” या “पूरे रोमी सल्तनत में” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
ἐπὶ Κλαυδίου
लूका के सामईन जानते थे कि उस ज़माने में रोम कि सल्तनत में क्लोदियुस हुकूमत करता था-मुतबादिल तर्जुमा: “जब क्लोदियुस रोमी सल्तनत का बादशाह था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/translate-names)
Acts 11:29
अलफ़ाज़ “वह“ और “वह सब” अन्ताकिया की कलीसिया के इमानदारों को ज़ाहिर करता है (आमाल 11:27)-
δὲ
यह लफ्ज़ एक वाकिये कि निशानी को ज़ाहिर करता है क्यूंकि पहले कुछ वाक़िया हुआ था- इस मामले में अग्बुस की नबुवत के सबब से या अकाल के सबब से उन्हों ने कुछ पैसे भेजे थे-
καθὼς εὐπορεῖτό τις
जो ज़ियादा अमीर थे उन्हों ने ज़ियादा पैसे भेजे और जो गरीब थे उन्हों ने कम पैसे भेजे-
ἐν τῇ Ἰουδαίᾳ ἀδελφοῖς
यहूदिया के ईमानदार
Acts 11:30
διὰ χειρὸς Βαρναβᾶ καὶ Σαύλου
हाथ जो एक ऐसे अमल को ज़ाहिर करता है जो पूरी शख्सियत के साथ अंजाम दे- मुतबादिल तर्जुमा: बरनबास और साउल के हाथ उन पैसों को भिजवाया –(देखें INVALID translate/figs-idiom)
Acts 12
आमाल 12 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
12 बाब बताता है कि हेरोद बादशाह को क्या हुआ जब बरनबास साऊल को तर्सुस से ला रहा था और वह अन्ताकिया येरूशलेम से यहूदिया में पैसे पहुंचाने जा रहे थे (11:25-30)- हेरोदेस ने कई एक कलीसिया के रहनुमाओं को हलाक किया,और पतरस को क़ैद में डलवाया-मगर ख़ुदा ने पतरस को क़ैद से बचाया -हेरोद ने क़ैद के मुहाफ़िज़ों को हलाक किया ,और फिर ख़ुदा ने हेरोद को मारा- बाब की आखरी आयत में लूका बताता है कि किस तरह पौलुस और साऊल अन्ताकिया को लौटे-
इस बाब के ज़रूरी तक़रीर के बाहरी शक्ल
तजस्सुम
ख़ुदा का कलाम जैसे उसे एक ज़िन्दा चीज़ बताई गई जो बढ़ सकता था और बहुत हो सकता था-(देखें: ख़ुदा का कलाम,ख़ुदा के कलामों ,यहोवा का कलाम ,ख़ुदावन्द का कलाम ,पाक कलाम ,किताब-ए-मुक़द्दस और INVALID translate/figs-personification)
Acts 12:1
यह हेरोदेस ने जो याकूब को हलाक किया उसकी बाबत पीछे की कहानी की इतला है-(देखें: INVALID translate/writing-background)
यहाँ नया सताव शुरू होता है ,पहले याक़ूब की मौत और फिर पतरस का क़ैद होना और फिर छुटकारा-
δὲ
यह कहानी के नए हिस्से की शुरुआत है –(देखें: INVALID translate/writing-newevent)
κατ’ ἐκεῖνον…τὸν καιρὸν
यह आकाल के दौर को ज़ाहिर करता है
ἐπέβαλεν…τὰς χεῖρας…τινας
इस का मतलब है कि हेरोद ने और इमानदारों को गिरफ्तार किया-देखें कि आप ने इसे आमाल 5:18.में किसतरह तर्जुमा किया -मुतबादिल तर्जुमा: “गिरफ़्तारी के लिए सिपाही भेजे”(देखें: INVALID translate/figs-idiom)
τινας τῶν ἀπὸ τῆς ἐκκλησίας
सिर्फ़ याक़ूब और पतरस का ज़िक्र किया गया है जो ज़ाहिर है कि यह येरूशलेम की कलीसिया के रहनुमा थे- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
κακῶσαί
इमानदारों को दुःख उठाने की ग़रज़ से
Acts 12:2
ἀνεῖλεν δὲ Ἰάκωβον, τὸν ἀδελφὸν Ἰωάννου, μαχαίρῃ
यह बताता है कि किसतरह याक़ूब को हलाक किया गया-
ἀνεῖλεν…Ἰάκωβον
मुमकिन मायने हैं 1)हेरोद ने खुद याक़ूब का क़त्ल किया - या उसने अपने एक सिपाही को क़त्ल करने का हुक्म दिया-मुतबादिल तर्जुमा: “हेरोद ने हुक्म दिया और उनहोंने याक़ूब को क़त्ल किया” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 12:3
यहाँ लफ्ज़ “उसने” हेरोद की बाबत है([आमाल 12:1] (../12/01.md))-
ἰδὼν δὲ ὅτι ἀρεστόν ἐστιν τοῖς Ἰουδαίοις
याक़ूब कि क़त्ल के बाद जब हेरोदेस ने देखा कि यह बात यहूदी रहनुमाओं को पसंद आई तो
ἀρεστόν ἐστιν τοῖς Ἰουδαίοις
यहूदी रहनुमाओं को खुश करने के लिए
ὅτι…ἐστιν
हेरोदेस ने यह किया या यह वाक़िया हुआ
ἡμέραι τῶν Ἀζύμων
यह यहूदी मज़हबी ईद फ़सह के दौरान ए वक़्त को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “वह ईद जिसमें यहूदी लोग अख़मीरी रोटी खाया करते थे”
Acts 12:4
τέσσαρσιν τετραδίοις στρατιωτῶν
सिपाहियों की चार गिरोह-हरेक गिरोह में चार सिपाही पतरस की निगेहबानी के लिए थे -एक गिरोह एक वक़्त में अपनी जिम्मेवारी निभाता था- 24घंटों को चार तबादलों में तकसीम कर दिया गया था-हरबार दो सिपाही दहने बाएं होते थे और दो सिपाही मद्खल पर पहरा देते थे -
βουλόμενος…ἀναγαγεῖν αὐτὸν τῷ λαῷ
हेरोदेस ने मंसूबा बाँधा था कि पतरस का फ़ैसला लोगों के सामने करेंगे -या हेरोदेस ने फ़ैसला किया किया कि पतरस का फ़ैसला यहूदी लोगों के सामने करेंगे-
Acts 12:5
ὁ μὲν οὖν Πέτρος ἐτηρεῖτο ἐν τῇ φυλακῇ
यह ज़ाहिर करता है कि सिपाही लगातार क़ैद में पतरस की मुहाफिज़त करते थे-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: इसलिए सिपाही क़ैद में पतरस की निगहबानी करते थे- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-explicit)
προσευχὴ…ἦν ἐκτενῶς γινομένη ὑπὸ τῆς ἐκκλησίας πρὸς τὸν Θεὸν περὶ αὐτοῦ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:”येरूशलेम में ईमानदारों की जमाअत दिल ओ जान से उसके लिए दुआ कर रही थी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐκτενῶς
लगातार और मख्सूसियत के साथ
Acts 12:6
ἤμελλεν προαγαγεῖν αὐτὸν ὁ Ἡρῴδης τῇ νυκτὶ ἐκείνῃ
कि हेरोदेस ने जो उसके सर काटने का फ़ैसला लिया था वह रद्द होजाए-मुतबादिल तर्जुमा: जो वाक़िया हुआ उसके एक दिन पहले का था जब पतरस को क़ैद से बाहर लाया जाना था ताकि उस पर मुक़द्दमा चले और फिर उसका सर काटा जाए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
δεδεμένος ἁλύσεσιν δυσίν
दो जंजीरों से बाँधा गया था या “दो जंजीरों से जकड़ा गया था” हरेक ज़ंजीर दो सिपाहियों से जुडी हुई थी जोपतरस के दायें बाएं थे-
ἐτήρουν τὴν φυλακήν
दो सिपाही क़ैदखाने के दरवाज़े पर पहरा दे रहे थे
Acts 12:7
अल्फाज़ “उसे” और “उसके” पतरस की बाबत है
ἰδοὺ
यह अलफ़ाज़ हमें धियान देने के लिए चौकन्ना करते हैं एक हैरत अंगेज़ इतला का जो नीचे दिए गए हैं-
ἐπέστη
उससे आगे या उसके आसपास
ἐν τῷ οἰκήματι
क़ैद खाने के कमरे में
πατάξας…τοῦ Πέτρου
फ़रिश्ते ने पतरस को थपकी दी या “फ़रिश्ते ने पतरस को जगाया”- पतरस ज़ाहिर तोर से गहरी नींद में सो रहा था तो यह ज़रूरी था कि उसको जगाया जाए-
ἐξέπεσαν αὐτοῦ αἱ ἁλύσεις ἐκ τῶν χειρῶν
फ़रिश्ते ने पतरस के जिस्म में से उन जंजीरों को बगैर उन्हें छूए गिरा दिया-
Acts 12:8
ἐποίησεν…οὕτως
पतरस ने वही किया जो फ़रिश्ते ने उसे करने को कहा था या “पतरस ने फ़रिश्ते की बात मानी”
Acts 12:9
यहां लफ्ज़ वह पतरस को ज़ाहिर करता है -अलफ़ाज़ “वह” और “वह दोनों” पतरस और फ़रिश्ते को ज़ाहिर करता है -
οὐκ ᾔδει
वह समझ नहीं पाया
ἀληθές ἐστιν τὸ γινόμενον διὰ τοῦ ἀγγέλου
इसको फ़े’एल की शक्ल में बदला जा सकता है – मुताबदिल तर्जुमा: “फ़रिश्ते के काम बिलकुल हक़ीक़त थे” या “जो कुछ फ़रिश्ते ने किया वैसा ही सच मुच हुआ” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 12:10
διελθόντες δὲ πρώτην φυλακὴν καὶ δευτέραν
यह ज़ाहिर था कि सिपाही न पतरस को और न फ़रिश्ते को देख पा रहे थे जब वह क़ैद खाने से छूटकर जा रहे थे-मुतबादिल तर्जुमा: “पहले और दुसरे मुहाफ़िज़ों ने उनको नहीं देखा जब वह बाहर निकल रहे थे,और फिर” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
διελθόντες
जा रहे थे
καὶ δευτέραν
लफ्ज़ “मुहाफ़िज़” को पहले के मुहावरे से समझा गया है-मुताबदिल तर्जुमा: “और दुसरे मुहाफ़िज़”(देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
ἦλθαν ἐπὶ τὴν πύλην τὴν σιδηρᾶν
पतरस और फ़रिश्ता लोहे के फाटक पर आए
τὴν φέρουσαν εἰς τὴν πόλιν
जो शहर की तरफ़ खुलता था या “कैदखाने से शहर की तरफ़ जाता था-“
ἥτις αὐτομάτη ἠνοίγη αὐτοῖς
यहाँ “अपने आपसे”के मायने हैं न पतरस ने और न फ़रिश्ते ने उस फाटक को खोला-मुताबदिल तर्जुमा: “फाटक झूल कर्र उनके लिए खुल गया” या “फाटक आप ही उनके लिए खुल गया” (देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)
προῆλθον ῥύμην μίαν
एक कूचा की तरफ़ चले गए
εὐθέως ἀπέστη…ἀπ’ αὐτοῦ
फ़ौरन पतरस से अलग हो गया या “अचानक ग़ैब हो गया”
Acts 12:11
καὶ ὁ Πέτρος ἐν ἑαυτῷ γενόμενος
यह एक मजाज़ है -मुतबादिल तर्जुमा:”जब पतरस पूरी तरह से जागा और चौकन्ना हुआ” या पतरस को एहसास हुआ कि हक़ीक़त में क्या हुआ था-(देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ἐξείλατό με ἐκ χειρὸς Ἡρῴδου
यहाँ “हेरोदेस का हाथ” “हेरोदेस के इख्तियार” को या “हेरोदेस के मंसूबे” को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: उसने मुझे हेरोदेस के चुंगल से जो उसने मंसूबा किया था उस से बचाया”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐξείλατό με
मंझे बचाया
πάσης τῆς προσδοκίας τοῦ λαοῦ τῶν Ἰουδαίων
यहाँ अलफ़ाज़ “यहूदी लोग” गालिबन ख़ास तोर से यहूदी रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा “वह तमाम बातें जो यहूदी रहनुमाओं ने सोचा कि मेरे साथ गुज़रेगी” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 12:12
συνιδών
वह इस बात से वाकिफ़ हुआ कि ख़ुदा ने ख़ुदा ने उसे छुड़ाया था-
Ἰωάννου, τοῦ ἐπικαλουμένου Μάρκου
युहन्ना जो मरकुस कहलाता था- इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुताबदिल तर्जुमा: युहन्ना को लोग मरकुस कहकर बुलाते थे-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 12:13
यहाँ अलफ़ाज़ “वह” और “उसकी” सब उस लौंडी को ज़ाहिर करता है जिस का नाम रुदी था- यहाँ लफ़ज़ “वह” और “वह सब” उन लोगोंकि बाबत है जो घर के अन्दर दुआ कर रहे थे-(आमाल12:12)-
κρούσαντος…αὐτοῦ
पतरस ने दरवाज़ा खटखटाया-दरव्वाज़े पर खटखट करना यह एक आम यहूदी रिवाज था ताकि दुसरे लोग जानें कि आप अन्दर आना चाहते हैं- आप अपनी तहज़ीब के मुताबिक इसे बदल सकते हैं-
τὴν θύραν τοῦ πυλῶνος
बाहर के दरवाज़े पर या “मद्ख़ल पर जो सड़क की तरफ़ से आँगन की तरफ़”
προσῆλθε…ὑπακοῦσαι
दरवाज़े पर आई यह पूछने के लिए कि कौन खटखटा रहा था-
Acts 12:14
ἀπὸ τῆς χαρᾶς
इसलिए कि वह बहुत ज़ियादा खुश थी या “हद से ज़ियादा जोश ओ खरोश में होना”
οὐκ ἤνοιξεν τὸν πυλῶνα
दरवाज़ा नहीं खोला या ‘दरवाज़ा खोलना भूल गई”
εἰσδραμοῦσα
आप यह कहने को तरजीह दे सकते है “वह दौड़ती हुई घर के कमरे में गयी-
ἀπήγγειλεν
उसने उन से कहा या “उसने कहा”
ἑστάναι…πρὸ τοῦ πυλῶνος
दरवाज़े के बाहर खड़ा है -पतरस अभी भी बाहर खड़ा था-
Acts 12:15
μαίνῃ
लोगोंने न सिर्फ़ उसकी बात का यकीन नहीं किया बल्कि उसको यह कहकर डांटने लगे कि तू दीवानी है मुताबदिल तर्जुमा: ”तू दीवानी है”
ἡ…διϊσχυρίζετο οὕτως ἔχειν
उसने कायल किया कि उस ने जो कहा वह सच था-
οἱ…ἔλεγον
उनहोंने जवाब दिया
ὁ ἄγγελός ἐστιν αὐτοῦ
जो तुमने देखा है वह पतरस का फ़रिश्ता है-कुछ यहूदी मुहाफ़िज़ फ़रिश्तों पर ईमान रखते हैं इसलिए उनहोंने सोचा कि पतरस का फ़रिश्ता उनके पास आया था-
Acts 12:16
यहाँ अलफ़ाज़ “वह” और “उनका” घर के लोगों को ज़ाहिर करता है-अलफ़ाज़ “वह’ और “वह” पतरस कि बाबत है-
ὁ δὲ Πέτρος ἐπέμενεν κρούων
लफ्ज़ “जारी रहा” के मायने हैं कि पतरस उस वक़्त तक खट खटाता रहा जब तक कि घर के अन्दर उनकी बातचीत ख़तम नहीं हुई
Acts 12:17
ἀπαγγείλατε…ταῦτα
वह सारी बातें कहीं
τοῖς ἀδελφοῖς
दीगर ईमानदार
Acts 12:18
लफ्ज़ “उसे” यहाँ पर पतरस को ज़ाहिर करता है-जबकि लफ्ज़ वह हेरोदेस कि बाबत है-
δὲ
यह लफ्ज़ कहानी की लकीर में एक वक्फ़े के निशान के लिए इस्तेमाल किया गया है- वक़्त गुज़रता गया; अब यह दूसरा दिन है-
γενομένης…ἡμέρας
सुबह में
ἦν τάραχος οὐκ ὀλίγος ἐν τοῖς στρατιώταις, τί ἄρα ὁ Πέτρος ἐγένετο
यह मुहावरा इस पर जोर देने केलिए इस्तेमाल किया है कि हक़ीक़त में क्या हुआ था-इसको अस्बाती तोर से कहा जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: वहां सिपाहियों के बीच बहुत बड़ा हंगामा हुआ कि पतरस को क्या हो गया था- (देखें: INVALID translate/figs-litotes)
ἦν τάραχος οὐκ ὀλίγος ἐν τοῖς στρατιώταις, τί ἄρα ὁ Πέτρος ἐγένετο
यहाँ खुलासा करने वाले इस्म हंगामा को “बेचैन” या “परेशान” के लफ़्ज़ों से भी ज़ाहिर किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा: “सिपाही इस बात पर परेशान थे कि पतरस को क्या हो हो गया था- (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 12:19
Ἡρῴδης δὲ ἐπιζητήσας αὐτὸν καὶ μὴ εὑρὼν
हेरोदेस ने पतरस को ढूँढने की कोशिश की मगर उसको ढूंढ नहीं पाया-
Ἡρῴδης δὲ ἐπιζητήσας αὐτὸν
मुमकिन मायने हैं 1) “जब हेरोदेस ने सुना कि पतरस जेल से ग़ैब है तो वह खुद ही उसे ढूँढने के लिए जेल में गया” या 2) जब पतरस ने सुना कि पतरस जेल से ग़ैब है तो उस ने सिपाही भेजे कि क़ैद खाने में जाकर उसकी तलाश की जाए-
ἀνακρίνας τοὺς φύλακας, ἐκέλευσεν ἀπαχθῆναι
रोमी सरकार में यह आम बात थी कि कैदी जब मुहाफ़िज़ों के हाथ से छूट जाते थे तो उनको सज़ा ए मौत मिलती थी -
καὶ κατελθὼν
मुहावरा “नीचे गए” का इस्तेमाल यहाँ पर इसलिए है कि क़ैसरिया यहूदिय से निचाई पर है-
Acts 12:20
लूका हेरोदेस की ज़िन्दगी का दूसरा वाकिया शुरू करता है-
δὲ
यह लफ्ज़ यहाँ पर कहानी में अगले वाकिये के अलामत के तोर पर इस्तेमाल किया गया है-(देखें: INVALID translate/writing-newevent)
ὁμοθυμαδὸν…παρῆσαν πρὸς αὐτόν
यहाँ लफ्ज़ ”वह” एक इस्तेमाम है- ग़ैर मुशाबा तोर से सूर और सीदा ले लोग हेरोदेस के पास गए-मुतबादिल तर्जुमा: लोग जो सूर और सैदा की नुमाइंदगी कर रहे थे एक साथ मिलकर हेरोदेस के पास बात करने को गए- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
πείσαντες Βλάστον
इन लोगों ने ब्लास्तुस को अपनी तरफ़ कर लिया-
Βλάστον
ब्लास्तुस एक नायब था या हेरोदेस बादशाह का एक अफ़सर था- (देखें: INVALID translate/translate-names)
ᾐτοῦντο εἰρήνην
यह लोग सुलह चाहते थे
τὸ τρέφεσθαι αὐτῶν τὴν χώραν ἀπὸ τῆς βασιλικῆς
वह गालिबन इस खुराक को ख़रीदा था-मुतबादिल तर्जुमा: सूर और सैदा के लोगउन लोगों से खुराक ख़रीद लिए जिस में हेरोदेस हुकूमत करता था-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
τὸ τρέφεσθαι αὐτῶν
यह ज़ाहिर है कि हेरोदेस ने खुराक के इस रसद के लिए पाबंदी लगाईं थी क्यूंकि वह सूर और सैदा के लोगों से नाराज़ था- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 12:21
τακτῇ…ἡμέρᾳ
यह गालिबन वह दिन था जिस में हेरोदेस उन नुमाइंदों से मिलने के लिए राज़ी हो गया था-मुताबदिल तर्जुमा: “उस दिन जब हेरोदेस उन से मिलने के लिए राज़ी हो गया था”-
ἐσθῆτα βασιλικὴν
कीमती पोशाक जो दलील से साबित करेगा कि वह बादशाह था
καθίσας ἐπὶ τοῦ βήματος
यह वह जगह थी जहां हेरोदेस शुरू में लोगों सेव मुखातब था जो उसे देखने के लिए आए थे-
Acts 12:22
हेरोदेस की बाबत यह कहानी का आखरी हिस्सा है-
Acts 12:23
παραχρῆμα…ἄγγελος
उसी वक़्त एक फ़रिश्ता या “जब लोग हेरोदेस की तारीफ़ कर रहे थे ,एक फ़रिश्ता”
ἐπάταξεν αὐτὸν
हेरोदेस ईज़ारसां होगया या “हेरोदेस बहुत बीमार पड़ गया”-
οὐκ ἔδωκεν τὴν δόξαν τῷ Θεῷ
हेरोदेस ने उन लोगों से अपनी इबादत कराई बनिस्बत इसके कि उन से कहता कि ख़ुदा की इबादत करो-यहाँ कीड़े
γενόμενος σκωληκόβρωτος, ἐξέψυξεν
यहाँ कीड़े जो जिस्म के अन्दर पाए जाते हैं उन्हें ज़ाहिर करता है, गालिबन आँतों के कीड़े- इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कीड़ों ने हेरोदेस के पेट के अन्दर की चीज़ों को खा लिया और वह मर गया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 12:24
आयत 24 जारी रखती है तारीख़ को आयत 23 और 25 से ,तारीख को जारी रखता है आयत 11:30 से-(देखें: INVALID translate/writing-endofstory)
ὁ…λόγος τοῦ Θεοῦ ηὔξανεν καὶ ἐπληθύνετο
ख़ुदा के कलाम को इस तरह बताया गया है जैसे कि वह एक ज़िन्दा पौदा था जो तरक्क़ी करता गया और फैलता गया- मुतबादिल तर्जुमा: ख़ुदा का पैग़ाम और जगहों में ज़ियादा फैलता गया और बहुत से लोग उस पर ईमान ले आए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὁ…λόγος τοῦ Θεοῦ
पैग़ाम जो ख़ुदा ने येसू की बाबत भेजा
Acts 12:25
πληρώσαντες τὴν διακονίαν
यह पीछे इस बात को ज़ाहिर करता है जब अन्ता किया में लोग ईमानदारों से पैसे ले आए आमाल 11:29-30 मुतबादिल तर्जुमा:येरूशलेम रहनुमाओं को वह पैसे पहुंचा दिए गए-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ὑπέστρεψαν εἰς Ἰερουσαλὴμ
वह येरूशलेम से अन्ताकिया को वापस गए-मुतबादिल तर्जुमा: बरनबास और साऊल अन्ताकिया वापस गए-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 13
आमाल 13 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे पुराने अहद्नामे के हवालाजात को सफ्हे के दाईं तरफ़ दूसरी इबारत से दूर रखते हैं -ULT तीन हवालाजात के लिए जो ज़बूर से लिए गए हैं 13:33-35 में इसतरह करता है
कुछ तर्जुमे नज्मों के हरेक लाइन को इबारत से हटाकर दहनी तरफ़ रखता है ताकि पढ़ने वालों को आसानी हो-ULT नज्मों के साथ ऐसा करता हैजो पुराने अहद्नामे से 13:41 में लिए गए हैं
यह बाब जो आमाल की किताब का दूसरा आधा हिस्सा है शुरू होता है-लूक़ा पतरस कि बनिस्बत पौलुस के बारे में ज़ियादा लिखता है और यह बयान करता है यह्दियों को नहीं बल्कि ग़ैर कौमों को जिन्हें ईमानदार लोग येसू के बारे में पैग़ाम सुनाते थे
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
ग़ैर कौमों के लिए रौशनी
बाइबिल अक्सर ग़ैर रास्त्बाज़ लोगों की बाबत बात करती है लोग वह नहीं करते जिससे ख़ुदा खुश होता है मतलब यह कि वह तारीकी में चलते हैं-बाइबिल रौशनी की बात करती है जिस पर चलकर लोग रास्त्बाज़ बन सकते हैं और अपने बुरे कामों को समझ कर ,जानकर ख़ुदा की इताअत शुरू कर सकते हैं-यहूदी तमाम ग़ैर कौमों को तारीकी में चलने वाले बतोर लिहाज़ करते थे मगर पौलुस और बर्नाबास ने ग़ैर कौमों में मनादी की जैसे कि वह उनके लिए जिस्मानी रौशनी लेकर आए थे-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor और रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )
Acts 13:1
पहली आयत अन्ताकिया की कालीसिया के लोगों की बाबत पिछली कहानी पेश करती है-यहाँ पहला लफ्ज़ “वह” गालिबन उन पांच रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है मगर यह दीगर ईमानदारों को भी शामिल करता है- अगले अलफ़ाज़ “वह” और “उनके’ गालिबन दुसरे तीन रहनुमाओं की बाबत है जिस में बरनबास और साउल बल्कि दीगर ईमानदार भी शामिल हैं- (देखें: INVALID translate/writing-background)
लूका बताना शुरू करता है उन मिशनरी सफ़र की बाबत जिस के लिए अन्ताकिया की कलीसिया ने बरनबास और साउल को भेजा-
δὲ ἐν Ἀντιοχείᾳ κατὰ τὴν οὖσαν ἐκκλησίαν
उस ज़माने में अन्ताकिया की कलीसिया में
Συμεὼν…Νίγερ…Λούκιος…Μαναήν
इस काम के लिए मर्द लोग हुआ करते थे-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Ἡρῴδου τοῦ τετράρχου σύντροφος
मनहीम गालिबन हेरोदेस के साथ पला बढ़ा था या उसका नज़दीकी दोस्त था-
Acts 13:2
ἀφορίσατε…μο
मेरी ख़िदमत ले लिए मुक़र्रर करो
προσκέκλημαι αὐτούς
यहाँ जो फ़े’एल है उसके मायने हैं ख़ुदा ने उनको यह काम करने के लिए चुना-
Acts 13:3
ἐπιθέντες τὰς χεῖρας αὐτοῖς
उन लोगों के सिरों पर हाथ रखे जिनको ख़ुदा ने अपनी ख़िदमत के लिए चुना इस अमल ने बताया कि रहनुमा इस बात से राज़ी हुए कि रूहुल्कुदुस ने बरनबास और साउल को इस काम के लिए बुलाया-(देखें: INVALID translate/translate-symaction)
ἀπέλυσαν
इन मरदों को भेजो या इन मरदों को मेरे काम के लिए भेजो ताकि रूहुल क़ुदुस ने जिस काम को करने के लिए कहा है उसको करे-
Acts 13:4
यहाँ अलफ़ाज़ “वह’, “वह दोनों”और उनके यह सब बरनबास और सिलास को ज़ाहिर करते हैं-
οὖν
यह लफ्ज़ एक वाकिये को बताता है जो पहले के वाकिये के सबब से हु था- इस मामले में इससेपहले का वाक़िया यह था कि बरनबास और साउल रूहल क़ुदुस की हिदायत से अलग हुए थे-
κατῆλθον
यह मुहावरा “नीचे गए”यहाँ इस लिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि सिलोकिया अन्ताकिया से नीचे की तरफ़ है
Σελεύκιαν
एक शहर समुन्दर के पास
Acts 13:5
Σαλαμῖνι
सलमिस शहर कुप्रुस के बंदरगाह पर वाक़े था
κατήγγελλον τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
ख़ुदा का कलाम यहाँ पर “ख़ुदा के पैग़ाम” के लिए एक तमसील है- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के पैग़ाम की मनादी की”- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
συναγωγαῖς τῶν Ἰουδαίων
मुमकिन मायने हैं 1) ”सलमिस शहर में जहां बरनबास और साउल ने मनादी की थी वहां बहुत से यहूदियों के हैकल थे- या 2) बरनबास और साउल ने सलमिस के हैकल से मनादी करना शुरू किया था और उन तमाम हैकलों में मनादी करना जारी रखा जिनको उन्हों ने कुप्रुस के बंदरगाह के चारों तरफ़ सफ़र करते वक़्त पाया था-
εἶχον δὲ καὶ Ἰωάννην, ὑπηρέτην
मरकुस जो युहन्ना कहलाता है उनके साथ उनकी मदद कर रहा था
ὑπηρέτην
मददगार
Acts 13:6
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस, सिलास और युहन्ना मरकुस कि बाबत है-अलफ़ाज़ “यह शख्स” “सेरगियुस पौलुस’ की तरफ़ इशारा करता है- पहला लफ्ज़ “वह” सेरगियुस पौलुस की बाबत है जो सूबेदार है और दूसरा लफ्ज़ “वह” एलिमास जो (बर येसू भी कहलाता है) जादूगर है-
ὅλην τὴν νῆσον
वह टापू के किनारे से होते हुए पार गुज़रे और जिस भी शहर में पहुँचते थे हरेक शहर में इंजील का पैग़ाम पहुँचाया-
Πάφου
कुप्रुस के टापू पर एक बड़ा शहर जहां सूबेदार रहता था-
εὗρον
यहाँ “पाया” का मतलब है बागैर इन्तिज़ार किये वह उसके पास चले आए- मुताबदिल तर्जुमा: “उन्हों ने मुलाक़ात की” या “वह चले आए’
ἄνδρα, τινὰ μάγον
एक ख़ास शख्स जो जादूगरी की मश्क़ करता है या “एक शख्स जो फौक़ुल फ़ितरत जादूई हुनर की मश्क़ करता है”-
ᾧ ὄνομα Βαριησοῦς
बर येसू के मायने हैं “येसू का बेटा” मगर इस आदमी और येसू के बीच कोई रिश्ता नहीं है – क्यूंकि उन दिनों में येसू नाम एक आम नाम था-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 13:7
σὺν
अक्सर के साथ था या “अक्सरउसकी रिफाक़त में था-
ἀνθυπάτῳ
यह रोमी रियासत का एक हाकिम के ओहदे पर था-मुतबादिल तर्जुमा: “गवर्नर”
ἀνδρὶ συνετῷ
यह सेर्गियुस पौलुस की बाबत गोशा -ए- गुमनामी की इतला है-(देखें: INVALID translate/writing-background)
Acts 13:8
Ἐλύμας ὁ μάγος
यह बर -येसू था जो कि जादूगर भी कहलाता था- (देखें: INVALID translate/translate-names)
οὕτως…μεθερμηνεύεται τὸ ὄνομα αὐτοῦ
वह जो था वह यूनानी में कहलाता था
ἀνθίστατο…αὐτοῖς…ζητῶν διαστρέψαι
कोशिश करके उनको फिरने से रोका गया या “कोशिश करके फिरने के ज़रिये ऊन्हें रोकने की हर मुमकिन कोशिश की गई”
ζητῶν διαστρέψαι τὸν ἀνθύπατον ἀπὸ τῆς πίστεως
यहाँ “किसी से फिरना” एक मजाज़ है किसी को क़ायल करने के लिए कि फलां काम न करे-मुताबदिल तर्जुमा: “गवरनर को रागिब करने की कोशिश की कि इंजील के पैग़ाम पर ईमान न लाए-“ (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 13:9
लफ्ज़ “उसे” जादूगर एलिमास को ज़ाहिर करता है जो बर येसू भी कहलाता है (आमाल13:6-8)-
पाफुस के टापू में जब पौलुस ने एलिमास से बात करना शुरू किया-
Σαῦλος…ὁ καὶ Παῦλος
साउल जो उसका यहूदी नाम और “पौलुस” जो उस का रोमी नाम था- जब वह एक रोमी अफसर से बात कर रहा था तो उसने अपना रोमी नाम इस्तेमाल किया-मुतबादिल तर्जुमा: “साऊल जो अब पौलुस कहलाता था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἀτενίσας εἰς αὐτὸν
उस पर टक लगाकर देखा
Acts 13:10
υἱὲ διαβόλου
पौलुस कह रहा है यह शख्स शैतान जैसा काम कर रहा है: “ऐ इब्लीस के फ़र्ज़न्द” या “तुम इब्लीस के जैसे नक़ल करते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ὦ πλήρης παντὸς δόλου καὶ πάσης ῥᾳδιουργίας
तू जो तमाम मक्कारी और शरारत से भरा हुआ और हर तरह की नेकी का दुशमन है,तुम हमेशा लोगों को ईमान लेन से रोकते हो-
ῥᾳδιουργίας
इस सयाक़ -ए- इबारत में इस के मायने हैं सुस्त होना और ख़ुदा की शरीयत के पीछे मुस्तअद्दी से न चलना -
ἐχθρὲ πάσης δικαιοσύνης
पौलुस एलिमास को इब्लीस की जमाअत में शामिल कर रहा है-जिसतरह इब्लीस ख़ुदा का एक दुशमन है और रास्त्बाज़ी के खिलाफ है ,वैसे ही एलीमास भी था-
οὐ παύσῃ διαστρέφων τὰς ὁδοὺς τοῦ Κυρίου τὰς εὐθείας
पौलुस इस सवाल को इस्तेमाल करता है कि ख़ुदा की मुख़ालफ़त करने पर एलिमास की मलामत करे-म्ताबादिल तर्जुमा: “तुम हमेशा कहते हो कि खुदावंद ख़ुदा की सच्चाई झूटी है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
τὰς ὁδοὺς τοῦ Κυρίου τὰς εὐθείας
यहाँ “सीधी राहों”सच्चाई के रास्ते की तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद की सच्ची राहें-“ (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 13:11
अलफ़ाज़ “तुम” और “उसे’ एलिमास जादूगर कि तरफ़ इशारा करता है- लफ्ज़ “वह” सेर्गियुस पौलुस सूबेदार की बाबत है जो (पाफुस का गवरनर) है-
पौलुस एलिमास से बात करना बंद करता है-
χεὶρ Κυρίου ἐπὶ σέ
यहाँ “हाथ” ख़ुदा की कुव्वत को बताता है और “तुम पर” यह सज़ा को ज़ाहिर करता है- मुत्बादिल तर्जुमा: “खुदावंद तुझको सज़ा देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἔσῃ τυφλὸς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:“ख़ुदा तुझे अँधा कर देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
μὴ βλέπων τὸν ἥλιον
एलीमास पूरी तरह से अँधा हो जाएगा यहाँ तक कि वह सूरज को भी न देख सकेगा- मुतबादिल तर्जुमा: “यहाँ तक कि तुम सूरज को भी देख सकोगे”
ἄχρι καιροῦ
वक़्त -ए- मुक़र्ररा तक या ख़ुदा के ठहराए हुए वक़्त तक-
ἔπεσεν ἐπ’ αὐτὸν ἀχλὺς καὶ σκότος
एलिमास की आँखों में कोहरा छा गया और अँधेरा होगया या , एलिमास की आँखें धुन्द्ला गयीं और फिर वह कुछ नहीं देख सकता था-
περιάγων
एलिमास चारों तरफ़ ढूँढता फिरा या “एलिमास चाहता था कि कोई उसे लिए फिरे और”
Acts 13:12
ἀνθύπατος
यह रोम के एक सूबे में गवर्नर के ओहदे पर था:मुतबादिल तर्जुमा: “गवर्नर”
ἐπίστευσεν
वह येसू पर ईमान ले आया
ἐκπλησσόμενος ἐπὶ τῇ διδαχῇ τοῦ Κυρίου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: खुदावंद की बाबत तालीम ने उसको अछम्बा कर दिया था: (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 13:13
आयत 13 और 14 कहानी के इस हिस्से की बाबत पीछे की कहानी की इतला देते हैं- “पौलुस और उसके साथी” बरनबास और युहन्ना मरकुस थे (उसको युहन्ना भी कहा जाता है)इस आयत के बाद से आमाल की किताब में साउल को पौलुस कहा गया है-पौलुस का नाम फेहरिस्त में पहले रखा गया जो इशारा करता है कि वह जमाअत का रहनुमा बन चुका था- तर्जुमे में इसी तरतीब को रखा जाना ज़रूरी है- (देखें: INVALID translate/writing-background)
यह पौलुस की बाबत अन्ताकिया और पिस्दिया में कहानी का एक नया हिस्सा है-
δὲ
यह कहानी के एक नए हिस्से की शुरुआत के लिए निशान दिही करता है-
ἀναχθέντες…ἀπὸ τῆς Πάφου
पाफुस से कश्ती के ज़रिये सफ़र करते हुए
ἦλθον εἰς Πέργην τῆς Παμφυλίας
पिरगा पहुंचे जो पम्फिलिया में है
Ἰωάννης δὲ ἀποχωρήσας ἀπ’ αὐτῶν
मगर युहन्ना पौलुस और बरनबास से जुदा हो गया
Acts 13:14
Ἀντιόχειαν τὴν Πισιδίαν
वह पिरगा से चलकर पिस्दिया के अन्ताकिया में पहुंचे-
Acts 13:15
μετὰ δὲ τὴν ἀνάγνωσιν τοῦ νόμου καὶ τῶν προφητῶν
“शरीयत और अंबिया” यहूदी नविश्तों के हिस्से माने जाते हैं जिन्हें पढ़ा जाता था-मुतबादिल तर्जुमा:शरीयत की किताब और नबियों की किताबों में से किसी के पढ़े जाने के बाद-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ἀπέστειλαν…πρὸς αὐτοὺς λέγοντες
लिसी ने बोलने के लिए कहला भेजा या “किसी एक से बोलने को कहा”
ἀδελφοί
“भाइयों” कहने का यह रिवाज हैकल में लोगों के ज़रिये इस्तेमाल किया गया जो पौलुस और बरनबास की तरफ़ यहूदी साथी बतोर इशारा करता है-
εἴ τίς ἐστιν ἐν ὑμῖν λόγος παρακλήσεως
अगर आप लोग हमारी हौसला अफज़ाई के लिए कुछ कहना चाहते हों
λέγετε
बराए मेहरबानी कुछ बोलिए या “बराए मेहरबानी हमसे कुछ कहिये”
Acts 13:16
पहला लफ्ज़ “वह” पौलुस की तरफ़ इशारा करता है-दूसरा लफ्ज़ “वह” यह ख़ुदा की बाबत है-यहाँ लफ्ज़ हमारा पौलुस और उसके साथी यहूदियों के लिए है-अल्फाज़ “वह’ और “उनको” यह इस्राईलियों की तरफ़ इशारा है –(देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
अन्ताकिया के पिस्दिया में हैकल के लोगों को मुखाताब करके पौलुस अपनी तक़रीर शुरू करता है-वह उन बातों से शुरू करता है जो इस्राईल कि तारीख़ में वाक़े हुए-
κατασείσας τῇ χειρὶ
वह अपने हाथ हिलाने के ज़रिये इशारा किया कि वह बोलने के लिए तय्यार है-मुतबादिल तर्जुमा:पौलुस ने खड़े होकर और हाथ से इशारा करके कहा- (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
οἱ φοβούμενοι τὸν Θεόν
यह ग़ैर कौमों को ज़ाहिर करता है जो यहूदियत को क़बूल कर लिया था- “तुम जो इस्राईली नहीं हो मगर ख़ुदा परस्त हो-“
τὸν Θεόν, ἀκούσατε
ख़ुदा मेरी सुन या “ऐ ख़ुदा तू सुन ले कि मैं तुझ से क्या कहना चाहता हूँ”-
Acts 13:17
ὁ Θεὸς τοῦ λαοῦ τούτου Ἰσραὴλ
इस उम्मत -ए- इस्राईल के ख़ुदा ने
τοὺς πατέρας ἡμῶν
हमारे बाप दादा को
τὸν λαὸν ὕψωσεν
उनको शुमार में बहुत बढ़ाया (सर बुलंद) किया-
μετὰ βραχίονος ὑψηλοῦ
यह ख़ुदा की बड़ी कुव्वत को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “बड़ी कुव्वत के साथ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐξ αὐτῆς
मुल्क -ए- मिसर से निकालकर ले आया
Acts 13:18
ἐτροποφόρησεν αὐτοὺς
इसका मतलब यह है कि “ख़ुदा ने उनकी बर्दाश्त की” कुछ तरजुमों में एक फ़रक लफ्ज़ है जिस के मायने हैं : “उसने उनकी परवाह की” मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनकी ना फ़रमानी को बर्दाश्त किया” या “ख़ुदा ने उनकी परवाह की”
Acts 13:19
यहाँ लफ्ज़ “वह” ख़ुदा को ज़ाहिर करता है- अलफ़ाज़ “उनका मुल्क” वह मुल्क जिसमें साथ कौमें रहती थीं वह पहले ही से क़ब्ज़ा हो चुका था-लफ्ज़ उनको यह बनी इस्राईल की बाबत है-लफ्ज़ “हमारा” पौलुस और उसके सामईन को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
ἔθνη
यहाँ लफ्ज़ कौमें फ़रक़ फ़रक़ लोगों की जमाअत को ज़ाहिर करता है और न कि जुग़राफ़िया की सरहदों को-
Acts 13:20
ὡς ἔτεσι τετρακοσίοις καὶ πεντήκοντα
450 साल से भी ज़ियादा लगे पूरा करने के लिए
ἕως Σαμουὴλ προφήτου
समूएल नबी के ज़माने तक
Acts 13:21
यहां जो हवाला है वह समुएल की तारीख़ से और पुराने अहद नामे के ईताम के ज़बूर से लिया गया है-
ἔτη τεσσεράκοντα
कि चालीस साल तक उनका बादशाह रहे
Acts 13:22
μεταστήσας αὐτὸν
इस इज़हार का मतलब है कि ख़ुदा ने शाऊल को बादशाह बन्ने से रोका-मुताबदिल तर्जुमा: “शाऊल को बादशाह बन्ने से रद्द किया गया-“
ἤγειρεν τὸν Δαυεὶδ αὐτοῖς εἰς βασιλέα
ख़ुदा ने दाऊद को उनका बादशाह बन्ने के लिए चुना
βασιλέα
इस्राईल का बादशाह या “बनी इस्राईलियों पर बादशाह”
ᾧ…εἶπεν
दाऊद की बाबतख़ुदा ने इसतरह कहा
εὗρον
मैं ने जांचा है कि
ἄνδρα κατὰ τὴν καρδίαν μου
इस इज़हार का मतलब है कि, “ यह वह शख्स है जिसे मैं चाहता हूँ-“ (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 13:23
यहाँ जो हवाला है वह इन्जीलों से लिया गया है-
τούτου…ἀπὸ τοῦ σπέρματος
दाऊद की नसल से-इसे जुमले के शुरू में इस बात पर जोर देने के लिए रखा गया है कि नाजात्दाहिंदा को दाऊद के नसल में से ही एक शख्स को होना चाहिए था-(आमाल13:22)-
ἤγαγεν τῷ Ἰσραὴλ
यह बनी इस्राईल को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “बनी इस्राईल को दिया गया” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
κατ’ ἐπαγγελίαν
जिसतरह ख़ुदा ने वायदा किया था वह उसको करेगा-
Acts 13:24
βάπτισμα μετανοίας
आप लफ्ज़ “तौबा” को फ़े’एल बतोर “तौबा करने” के मायने में तर्जुमा कर सकते हैं- मुतबादिल तर्जुमा: “तौबा का बपतिस्मा” या “वह बपतिस्मा जिस के लिए लोगों ने दरख्वास्त किया जब वह अपने गुनाहों से तौबा करना चाहते थे”- (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 13:25
τί ἐμὲ ὑπονοεῖτε εἶναι?
लोगों को सोचने पर मजबूर करने के लिए युहन्ना ने इस सवाल को पूछा कि वह कौन था- मुतबादिल तर्जुमा: इस बारे में सोचो कि मैं कौन हूँ-(देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
οὐκ εἰμὶ ἐγώ
युहन्ना मसीहा कि तरफ़ इशारा कर रहा था ,जिस की तरफ़ वह उम्मीद लगाए हुए थे कि आएगा-मुताबदिल तर्जुमा: “मैं मसीहा नहीं हूँ-“ (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἀλλ’ ἰδοὺ
यह इस अहमियत पर जोर देता है कि वह आगे क्या कहेगा-
ἔρχεται μετ’ ἐμὲ
यह भी मसीहा को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “मसीहा बहुत जल्द आईगा’ (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
οὗ οὐκ εἰμὶ ἄξιος τὸ ὑπόδημα τῶν ποδῶν λῦσαι
मैं उसकी जूती का तस्मा खोलने के भी लायक़ नहीं हूँ – मसीहा यूहन्ना से बहुत बड़ा है यहां तक कि वह उस के लिए छोटे से छोटा , गिरा हुआ काम भी करने लायक़ नहीं सोच सकता-
Acts 13:26
लफ्ज़ “वह” और “उनका” यहूदियों को ज़ाहिर करता है जो येरूशलेम में रहते थे- यहाँ लफ्ज़ “हमारे लिए” पौलुसऔर उसके तमाम सामईन को शामिल करता है जो हैकल में मौजूद थे- (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
ἀδελφοί, υἱοὶ γένους Ἀβραὰμ, καὶ οἱ ἐν ὑμῖν φοβούμενοι τὸν Θεόν
पौलुस अपने यहूदी सामईन और ग़ैर कौम से यहूदियत को कबूल किये लोगों से मुखातब है उन्हें याद दिलाने के लिए कि ज़िन्दा ख़ुदा की इबादत के लिए उनकी ख़ास औकात क्या है-
ὁ λόγος τῆς σωτηρίας ταύτης ἐξαπεστάλη
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने इस नजात की बाबत पैग़ाम भेज दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τῆς σωτηρίας ταύτης
लफ्ज़ “नजात” को फ़े’एल “बचाना’ के मायने में भी तर्जुमा किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा लोगों को बचाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 13:27
τοῦτον ἀγνοήσαντες
नहीं पहचाना कि यह शख्स येसू वही था जिसको ख़ुदा ने उन्हें बचाने के लिए भेजा था-
τὰς φωνὰς τῶν προφητῶν
यहां लफ्ज़ “फ़तवा’ नबियों के पैग़ाम को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “नबियों की बातें” या “नबियों के पैग़ाम” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τὰς…ἀναγινωσκομένας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कोई शख्स जिसको पढता है”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τὰς φωνὰς τῶν προφητῶν…ἐπλήρωσαν
उनहोंने सचमुच वही किया जैसे कि नबियों की किताबों में नबियों ने कहा था-
Acts 13:28
यहां लफ्ज़ “वह” यहूदी लोगों और उनके मज़हबी रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है जो येरूशलेम में थे- लफ्ज़ “उसे’ यह येसू कि बाबत है-
μηδεμίαν αἰτίαν θανάτου εὑρόντες
उन्हें कोई सबब नहीं मिला क्यूँ कोई येसू को हलाक करना चाहेगा
ᾐτήσαντο Πειλᾶτον
लफ्ज़ “मांग लिया” यहाँ एक मज़बूत लफ्ज़ जिस के मायने हैं मांग करना , दरख्वास्त करना या किसी कि वकालत करना-
Acts 13:29
ὡς δὲ ἐτέλεσαν πάντα τὰ περὶ αὐτοῦ γεγραμμένα
जब उन्हों ने येसू के साथ वह सब कुछ किया जो नबियों ने कहा था कि उस के साथ क्या कुछ होगा-
καθελόντες ἀπὸ τοῦ ξύλου
यह कहना फ़ाइदेमंद साबित होगा कि यह सब होने से पहले येसू मरा- मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हों ने येसू को हलाक किया और उसके मरने के बाद सलीब से उतारा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἀπὸ τοῦ ξύλου
सलीब से- यह एक दूसरा तरीका था कि लोग उस वक़्त सलीब को ज़ाहिर करते थे- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 13:30
ὁ δὲ Θεὸς ἤγειρεν αὐτὸν
मगर इशारा करता है एक मज़बूत इम्तियाज़ का कि लोगों ने क्या किया और ख़ुदा ने क्या किया-
ἤγειρεν αὐτὸν ἐκ νεκρῶν
उसको मुर्दों में से जिलाया- “मुर्दों में से” का मतलब यह है कि येसु मरा था-
ἤγειρεν αὐτὸν
यहाँ जिलाने के लिए एक मजाज़ है उस के लिए जो मर गया था ताकि वह दुबारा से ज़िन्दा हो जाए-मुतबादिल तर्जुमा: “उसको दोबारा ज़िन्दा होने का सबब बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ἐκ νεκρῶν
उन सब के बीच जो मर गए थे -यह इज़हार उन तमाम मुर्दा लोगों को बयान करता है जो ज़मीन के असफ़ल में पाए जाते हैं-उनमें से किसी को जिलाना यह बताता है कि वह शख्स दोबारा से ज़िन्दा है-
Acts 13:31
ὃς ὤφθη ἐπὶ ἡμέρας πλείους τοῖς συναναβᾶσιν αὐτῷ ἀπὸ τῆς Γαλιλαίας εἰς Ἰερουσαλήμ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “शागिर्द लोग जो येसू के साथ गालील से लेकर येरूशलेम तक सफ़र किये थे बहुत दिनों के लिए उसको देखा था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἡμέρας πλείους
हम दीगर नबियों की किताबों से जानते हैं कि यह 40 दिन की मीयाद थी- इस का तर्जुमा करें “बहुत दिन” इस बतोर कि वह वक़्त कि लम्बाई के मुनासिब हो-
νῦν εἰσιν μάρτυρες αὐτοῦ πρὸς τὸν λαόν
अब लोगों को येसू की बाबत गवाही दे रहे हैं या “अब लोगों को येसू की बाबत बता रहे हैं “
Acts 13:32
यहाँ दूसरा हवाला है यसायाह नबी की किताब में से-
καὶ
यह लफ्ज़ एक वाक़िये की निशान दिही करता है जो वाक़े हुआ था-इस मामले में पहले के वाकिये में ख़ुदा येसू को मुरदों में से जिला रहा है-
τοὺς πατέρας
हमारे बाप दादा-पौलुस अभी भी यहूदियों और ग़ैर कौम से आए ईमानदारों से बात कर रहा है जो पिसदिया के अन्ताकिया के हैकल में मौजूद थे-यह यहूदियों के जिस्मानी बाप दादा थे और ख़ुदा कि तरफ़ रुजू लाए हुए लोगों के रूहानी बाप दादा थे-
Acts 13:33
ἐκπεπλήρωκεν τοῖς τέκνοις ἡμῶν, ἀναστήσας
इस जुमले के हिस्सों को आप को दुबारा से तरतीब देने कि ज़रुरत है जो 32 आयत से शुरू होता है- “ख़ुदा ने येसू को जिला कर हमारी औलाद के लिए उसी वायदे को पूरा किया जो उसने हमारे बाप दादा से किया था” (देखें: INVALID translate/translate-versebridge)
τοῖς τέκνοις ἡμῶν
हमारे लिए, वह जो हमारे बापदादा की औलाद हैं पौलुस अभी भी यहूदियों और ग़ैर कौम से आए ईमानदारों से बात कर रहा है जो पिसदिया के अन्ताकिया के हैकल में मौजूद थे-यह यहूदियों के जिस्मानी बाप दादा थे और ख़ुदा कि तरफ़ रुजू लाए हुए लोगों के रूहानी बाप दादा थे-
ἀναστήσας Ἰησοῦν
यहाँ जिलाए जाने के लिए एक मजाज़ है किसी के लिए जो मर गया था दोबारा से ज़िन्दा होने के लिए-मुतबादिल तर्जुमा: “येसू को दोबारा ज़िन्दा करने के ज़रिये” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ὡς…ἐν τῷ ψαλμῷ γέγραπται τῷ δευτέρῳ
यह वह बात है जो दुसरे ज़बूर में लिखा हुआ है-
τῷ ψαλμῷ…τῷ δευτέρῳ
ज़बूर 2 बाब
Υἱός…γεγέννηκά σε
यहां अहम् लक़ब हैं जो येसू और ख़ुदा के बीच रिश्ते को बयान करता है- (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)
Acts 13:34
ὅτι δὲ ἀνέστησεν αὐτὸν ἐκ νεκρῶν, μηκέτι μέλλοντα ὑποστρέφειν εἰς διαφθοράν, οὕτως εἴρηκεν
येसू को दुबारा से ज़िन्दा करने की बाबत ख़ुदा ने यह अल्फाज़ कहे ताकि वह फिर से कभी न मरे-
ἐκ νεκρῶν
उन सब के बीच में से जो मर गए हैं-यह इज़हार उन तमाम मुर्दा लोगों को साथ लेकर बयान करता है जो ज़मीन के असफल में पाए जाते हैं- उन के बीच में से वापस आने का मतलब है दोबारा से ज़िन्दा होना-
τὰ ὅσια…τὰ πιστά
कुछ बरकतें
Acts 13:35
διότι καὶ ἐν ἑτέρῳ λέγει
पौलुस के सामईन समझ गए होंगे कि यह ज़बूर मसीहा की बाबत लिखा हुआ है-मुतबादिल तर्जुमा: “दुसरे दाऊद के ज़बूर में वह भी मसीहा कि बाबत कहता है- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
καὶ…λέγει
दाऊद यह भी कहता है- दाऊद ज़बूर 16 का मुसन्निफ़ है जिस से यह हवाला लिया गया है-
οὐ δώσεις τὸν Ὅσιόν σου ἰδεῖν διαφθοράν
मुहावरा “सड़ने की नौबत” यह “सड़न” के लिए एक मजाज़ है- मुताब्दिल तर्जुमा: तू अपने पाक जिस्म को सड़ने नहीं देगा”- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
οὐ δώσεις
यहाँ दाऊद ख़ुदा से बात कर रहा है
Acts 13:36
ἰδίᾳ γενεᾷ
उसकी ज़िन्दगी के औक़ात में
ὑπηρετήσας τῇ τοῦ Θεοῦ βουλῇ
ख़ुदा ने वही किया जो वह उस से कराना चाहता था या जो ख़ुदा को मंज़ूर था वही किया-
ἐκοιμήθη
यह मौत का हवाला देने का एक हलीमी तरीका था-मुतबादिल तर्जुमा: “वह मर गया’ (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)
προσετέθη πρὸς τοὺς πατέρας αὐτοῦ
उसके बापदादा के साथ दफ़नाया गया था जो मर गए थे-
εἶδεν διαφθοράν
मुहावरा “सड़ने की नौबत पहुंची” एक मजाज़ है “उसके जिस्म के सड़ जाने के लिए-” मुताबदिल तर्जुमा: “उसका जिस्म सड़ गया था” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 13:37
ὃν δὲ
मगर येसू जिसका
ὁ Θεὸς ἤγειρεν
यहाँ जिलाए जाने के लिए एक मजाज़ है किसी के लिए जो मर गया था दोबारा से ज़िन्दा होने के लिए-मुतबादिल तर्जुमा: “येसू को दोबारा ज़िन्दा करने के ज़रिये” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
οὐκ εἶδεν διαφθοράν
मुहावरा “सड़ने की नौबत न पहुंची”यह कहने का एक तरीका है कि “उसका जिस्म नही सड़ा” मुतबादिल तर्जुमा: “नहीं सड़ा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 13:38
यहां लफ्ज़ “उसे” येसू को ज़ाहिर करता है -
γνωστὸν…ἔστω ὑμῖν
इसको जानो या “यह तुम्हारे लिए जानना ज़रूरी है-
ἀδελφοί
पौलुस इस इस्तिलाह का इस्तेमाल करता है वह उसके भाई थे और यहूदियत के काइल थे-इस अमर पर देखा जाए तो वह मसीही ईमानदार नहीं थे-मुताबदिल तर्जुमा: “मेरे इस्राईली भाइयो और दीगर दोस्तो”-
ὅτι διὰ τούτου, ὑμῖν ἄφεσις ἁμαρτιῶν καταγγέλλεται
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “येसू के वसीले से तुमको गुनाहों की मुआफ़ी की ख़बर दी जाती है “-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἄφεσις ἁμαρτιῶν
मबलिगा इस्म “मुआफ़ी” को फ़े’ल बतोर तर्जुमा किया जा सकता है “मुआफ़ करना” मुताबदिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा तुम्हारे गुनाहों को मुआफ़ कर सकता है-(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 13:39
ἐν τούτῳ πᾶς ὁ πιστεύων
उसके ज़रिये हर एक शख्स जो ईमान लाता है या “हरेक शख्स जो उस पर ईमान रखता है”
ἐν τούτῳ πᾶς ὁ πιστεύων δικαιοῦται
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “येसू हरेक शख्स को जो ईमान लाता है रास्त्बाज़ ठहराता है”- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 13:40
तमाम गुनाहों को
उसके पैग़ाम में हैकल के लोगों को पौलुस हबकुक नबी की किताब का हवाला पेश करता है- यहाँ लफ्ज़ “मैं” ख़ुदा को ज़ाहिर करता है-
βλέπετε
पिस्डिया के अन्ताकिया के हैकल में पौलुस अपनी तक़रीर को ख़तम करता है जो उस ने आमाल 13:16-
τὸ εἰρημένον ἐν τοῖς προφήταις
यह ज़ाहिर है कि पौलुस के पैग़ाम की बाबत उन्हें होशियार रहना चाहिए-मुतबादिल तर्जुमा: “जो मैं ने कहा उसकी बाबत ख़बरदार रहें” (देखें: @)
Acts 13:41
ἴδετε, οἱ καταφρονηταί
ताकि जो कुछ नबियों ने तुम्हारे हक़ में कहा
θαυμάσατε
तौहीन होगी या “तुम जो मज़हका उड़ाते हो’
καὶ ἀφανίσθητε
हैरत ज़दा हो जाओ या “ताज्जुब करो’
ἔργον ἐργάζομαι
फिर मर जाओ
ἐν ταῖς ἡμέραις ὑμῶν
कुछ करने जा रहा हूँ या “एक काम कर रहा हूँ”
ἔργον ὃ
तुम्हारी ज़िन्दगी के दौरान
ἐάν τις ἐκδιηγῆται ὑμῖν
मैं क्यच कर रहा हूँ जिस से
Acts 13:42
ἐξιόντων δὲ
यहाँ तक कि अगर कोई तुमको इसकी बाबत बताता है
ἐξιόντων δὲ, αὐτῶν παρεκάλουν
जब पौलुस और बरनबास विदा हो रहे थे
τὰ ῥήματα ταῦτα
तो उनसे दरख्वास्त की
Acts 13:43
λυθείσης δὲ τῆς συναγωγῆς
यहाँ “अलफ़ाज़” उस पैग़ाम को ज़ाहिर करता है जो पौलुस ने दिए-मुताबदिल तर्जुमा: “वही पैग़ाम” (देखें: @)
προσηλύτων
मुमकिन मायने हैं :1) “जब पौलुस और बरनबास ने उस जगह को छोड़ा तब यह दुबारा बयान करता है” देखें आयत 42- या 2)पौलुस और बरनबास ने मीटिंग ख़तम होने से पहले वहाँ से निकल लिए और यह बाद में होता है-
οἵτινες προσλαλοῦντες αὐτοῖς, ἔπειθον αὐτοὺς
यह ग़ैर यहूदी लोग थे जिन्हों ने यहूदियत को क़बूल किया था-
προσμένειν τῇ χάριτι τοῦ Θεοῦ
और पौलुस और बरनबास ने उन लोगों से बात की और उनको सख्त ताकीद की-
Acts 13:44
यह ज़ाहिर है कि वह पौलुस के पैग़ाम पर ईमान ले आए कि येसू ही मसीहा है-मुतबादिल तर्जुमा:लगातार भरोसा करने के लिए कि ख़ुदा अपनी रहमत से,येसु ने जो किया उस के वसीले से लोगों के गुनाह मुआफ़ करता है- (देखें: @)
σχεδὸν πᾶσα ἡ πόλις
यहां लफ्ज़ “उसे” यह पौलुस की बाबत है-
ἀκοῦσαι τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
यहां “शहर’’ शहर के लोगों को ज़ाहिर करता है-यह मुहावरा खुदावंद के कलाम का जो लोगों ने जवाब दिया उस को बताने के लिए इस्तेमाल किया गया है-मुताबदिल तर्जुमा; “लगभग शहर के सारे लोग”-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 13:45
οἱ Ἰουδαῖοι
यह ज़ाहिर होता है कि पौलुस और बरनबास ही थे जिन्हों ने खुदावंद का कलाम पेश किया-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस और बरनबास की बातों को सुनने के लिए जो खुदवानन्द येसू की बाबत थी-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ἐπλήσθησαν ζήλου
यहाँ लफ्ज़ “यहूदियों” यहूदी रहनुमाओं को ज़ाहिर कर्र्ता है-मुताबदिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἀντέλεγον
यहाँ हसद करना इस तरह से बताया गया है जैसे कि एक शख्स जलन से भर जाता है-मुताबदिल तर्जुमा: “बहुत ज़ियादा हसद करने वाले हो गए-(देखें: @)
τοῖς ὑπὸ Παύλου λαλουμένοις
मुक़ाबला किया या “मुख़ालिफ़ हुए”
Acts 13:46
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: जो बात पौलुस ने कही-(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἦν ἀναγκαῖον
पहले दो लफ़्ज़ों की मिसालें “तुम” जमा के सेगे हैं और यहूदियों को ज़ाहिर करते हैं जिन से पौलुस बात कर रहा है-यहाँ अलफ़ाज़ “हम” और “हमारे” पौलूस और बरनबास को ज़ाहिर करता है मगर उन्हें नहीं जो भीड़ में मौजूद थे- पौलुस का हवाला पुराने अहद्नामे के यसायाह नबी की किताब से था- असली इबारत में लफ्ज़ “मैं” ख़ुदा को ज़ाहिर करता है और लफ्ज़“तुम” वाहिद है और वह मसीहा को ज़ाहिर करता है-यहाँ पौलुस और बरनबास यह कहना चाह रहे थे कि हवाला भी उनकी ख़िदमत गुज़री को ज़ाहिर करता है (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ὑμῖν…ἀναγκαῖον πρῶτον λαληθῆναι τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
यह ज़ाहिर है कि ख़ुदा ने हुक्म दिया था कि ऐसा किया जाए: मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हुक्म दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐπειδὴ ἀπωθεῖσθε αὐτὸν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- “ख़ुदा का कलाम “ख़ुदा की तरफ़ से पैग़ाम” के लिएएक मिसाल है- मुतबादिल तर्जुमा: कि पहले हम ख़ुदा की तरफ़ से पैगाम पेश करते हैं या सब से पहले हम तुमको ख़ुदा का कलाम सुनाते हैं-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὐκ ἀξίους κρίνετε ἑαυτοὺς τῆς αἰωνίου ζωῆς
उनका ख़ुदा का कलाम सुनने से इनकार यह बताता है कि वह किसी दूसरी चीज़ की तरफ़ मायल होगये-मुतबादिल तर्जुमा: जबकि तुम ने ख़ुदा के कलाम को रदद किया- (देखें: @)
στρεφόμεθα εἰς τὰ ἔθνη
तुम ने जता दिया है कि तुम हमेशा की ज़िन्दगी के लायक़ नहीं हो या “अपने आपको हमेशा की ज़िन्दगी के ना क़ाबिल ठहराते हो”
Acts 13:47
εἰς φῶς
हम ग़ैर कौमों के पास जाएंगे-पौलुस और बरनबास ज़ाहिर कर रहे थे कि वह ग़ैर कौमों में मनादी करेंगे-मुतबादिल तर्जुमा: हम तुम लोगों से विदा लेंगे और ग़ैर कौमों में मनादी करना शुरू करेंगे-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
εἰς σωτηρίαν ἕως ἐσχάτου τῆς γῆς
यहाँ जो पौलुस येसू कि सच्चाई की बाबत बता रहा था ऐसा लग रहा था कि वह एक रौशनी थी जो लोगों को सच्चाई दिखा रहीं थी- (देखें; INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 13:48
ἐδόξαζον τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
पेचीदा लफ्ज़ “नजात’ को फ़े’एल के साथ बचाने के मायने में तर्जुमा कि जा सकता है-मुहावरा “ज़मीन की इन्तहा” यह दुनया के हर जगह को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा दुनया के हर जगह के लोगों से कहो कि मैं उन्हें बचाना चाहता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
ὅσοι ἦσαν τεταγμένοι εἰς ζωὴν αἰώνιον
यहाँ कलाम येसु के पैग़ाम को ज़ाहिर करता है जिसपर वह ईमान लाए थे- मुतबादिल तर्जुमा: खुदावंद येसु के पैग़ाम के लिए ख़ुदा की तारीफ़ की (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 13:49
διεφέρετο…ὁ λόγος τοῦ Κυρίου δι’ ὅλης τῆς χώρας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जितने हमेशा की ज़िन्दगी के लिए मुक़र्रर किये गए थे वह सब ईमान ले आए” या वह सब लोग जिनको ख़ुदा ने हमेशा की ज़िन्दगी हासिल करने के लिए चुना था- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 13:50
यहाँ कलाम येसु की बाबत पैग़ाम को ज़ाहिर करता है इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “जो ईमान लाए थे उन्हों ने खुदावंद के कलाम को उस पूरे इलाके में फैलाया” या “जो ईमान लाए थे वह उस इलाके के हर जगह में गए और दूसरों को येसू के पैग़ाम की बाबत बताया” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-activepassive)
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस और बरनबास की बाबत है-
οἱ…Ἰουδαῖοι
यहाँ पिसदिया के अन्ताकिया में पौलुस और बरनबास का वक़्त ख़तम होता है और अब वह इकुनियुम को जाते हैं-
παρώτρυναν
यह गालिबन यहूदियों के रहनुमाओं को जहीर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
τοὺς πρώτους
क़ायल हुए या “हंगामा बरपा किया”
ἐπήγειραν διωγμὸν ἐπὶ τὸν Παῦλον καὶ Βαρναβᾶν
अजहद ख़ास लोग
ἐξέβαλον αὐτοὺς ἀπὸ τῶν ὁρίων αὐτῶν
उन्हों ने अजहद ख़ास लोगों और औरतों को कायल किया कि पौलुस और बरनबास को सताए -
Acts 13:51
ἐκτιναξάμενοι τὸν κονιορτὸν τῶν ποδῶν ἐπ’ αὐτοὺς
पौलुस और बरनबास को अपने शहर से बाहर निकाल दिया
Acts 13:52
οἵ…μαθηταὶ
यह एक मिसाली अमल था बे ईमान लोगों को इशारा करने के लिए कि ख़ुदा ने ने उन्हें रद्द कर दिया था और उन्हें सज़ा दी थी- (देखें: @)
Acts 14
यह गालिबन पिसदिया के अन्ताकिया में नए ईमानदारों की तरफ़ इशारा करता है -यह वाक़िया तब हुआ जब पौलुस और सिलास ने शहर छोड़ा ही था-
Acts 14:1
आमाल 14 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“ख़ुदा के फ़ज़ल का पैग़ाम”
येसू का पैग़ाम ,जो येसू पर ईमान लाते हैं उनपर ख़ुदा अपना फ़ज़ल इनायत करेगा- (देखें: @ और @)
ज़ियुस और हरमेस
रोमी सल्तनत में ग़ैर कौम के लोग बहुत से फ़रक़ फ़रक़ झूठे देवताओं की परस्तिश करते थे जिनका सच मुच में कोई वजूद नहीं था-पौलुस और बरनबास ने उनसे कहा कि “ज़िन्दा ख़ुदा” पर ईमान लाएं-(देखें: @)
दीगर मुमकिन तर्जुमा ,इस बाब के मुश्किलात
“ज़रुर है कि हम बहुत सी मसिबतें सह कर ख़ुदा की बादशाही में दाखिल हों-”
येसू ने अपनी मौत से पहले अपने शागिर्दों से कहा था कि जो उस के पीछे चलेंगे वह दुःख उठाएंगे- पौलुस इसी बात को दुसरे अलफ़ाज़ में इस्तेमाल करके बता रहा था-
ἐγένετο δὲ, ἐν Ἰκονίῳ
पौलुस और बरनबास की कहानी शबीह में जारी है-
λαλῆσαι οὕτως
मुमकिन मायने जो यहाँ पर हैं : 1)”यह इकुनियुम में वाक़े हुए” या 2) “हस्बे मामूल इकुनियुम में”
Acts 14:2
οἱ…ἀπειθήσαντες Ἰουδαῖοι
ऐसी जानदार तक़रीर की-यह बयान करना फ़ाइदामंद होगा कि उन्हों ने येसू की बाबत पैग़ाम पेश किया-मुतबादिल तर्जुमा: “येसू की बाबत पैग़ाम बड़े ही जोश के साथ पेश किया”-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἐπήγειραν…τὰς ψυχὰς τῶν ἐθνῶν
यह ज़ाहिर करता है कि कुछ यहूदियों ने येसु के पैग़ाम को क़बूल नहीं किया-
τὰς ψυχὰς
ग़ैर कौम के लोग इसे सुनकर बहुत ही ग़ज़बनाक हुए उसी तरह से जैसे साकिन पानी पर पत्थर फेंक कर शोरिश पैदा किया जाता है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τῶν ἀδελφῶν
यहां लफ्ज़ “दिलों” लोगों को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “ग़ैर कौम” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 14:3
यहाँ “भाइयों” पौलुस और बरनबास और नए ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-
μὲν οὖν…διέτριψαν
यहां लफ्ज़ “वह” ख़ुदावंद की तरफ़ इशारा करता है-
τῷ μαρτυροῦντι τῷ λόγῳ τῆς χάριτος αὐτοῦ
इसपर भी वह लोग वहीँ पर टिके रहे-पौलुस और बरनबास इकुनियुम में ठहरे रहे ताकि बहुत से लोग जो ईमान लाए थे उनकी मदद कर सके-आमाल14:1-लफ्ज़ “पस” को हटाया जा सकता है अगर इबारत के लिए परेशानी पैदा करती है-
τῷ λόγῳ τῆς χάριτος αὐτοῦ
इज़हार किया गया कि पैग़ाम जो उसके फ़ज़ल कि बाबत था वह सच था
διδόντι σημεῖα καὶ τέρατα γίνεσθαι διὰ τῶν χειρῶν αὐτῶν
खुदावंद के फ़ज़ल की बाबत पैग़ाम
διὰ τῶν χειρῶν αὐτῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस और बरनबास को निशानात और मोजिज़ात अंजाम देने के ज़रिये-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 14:4
ἐσχίσθη…τὸ πλῆθος τῆς πόλεως
यहां “हाथ” इन दो शख्सों की मरज़ी और कोशिश को ज़ाहिर करती है जो रूहुल क़ुदुस के ज़रिये से रहनुमाई किये जाते थे-मुतबादिल तर्जुमा:पौलुस और बरनबास की ख़िदमत गुज़ारी के ज़रिये-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἦσαν σὺν τοῖς Ἰουδαίοις
यहाँ “शहर” शहर में रहने वाले लोगों की तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “शहर के अक्सर लोग बटे हुए थे” या शहर के बहुत से लोग एक दुसरे से मुत्तफ़िक़ नहीं थे” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
σὺν τοῖς ἀποστόλοις
यहूदियों कि मदद की या “यहूदियों के साथ मुत्तफ़िक़ हुए” पहली जमाअत का ज़िक्र किया गया है कि वह फ़ज़ल के पैग़ाम से राज़ी नहीं हुए-
τοῖς ἀποστόλοις
दूसरी जमा अत का ज़िक्र है कि वह फ़ज़ल की बाबत पैग़ाम से राज़ी हुए-इस फ़े‘एल को दोबारा बयान करना फ़ाइदामंद हो सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “रसूलों की तरफ़ हो गए” (देखें: @)
Acts 14:5
लूका पौलुस और बरनबास कि तरफ़ इशारा करता है -यहाँ रसूलों का इस्तेमाल एक आम ख़याल “जो भेजे गए” बतोर किया जा सकता है-
यहां “वह” का लफ्ज़ पौलुस और बरनबास के लिए है-
ὑβρίσαι καὶ λιθοβολῆσαι αὐτούς
इकुनियुम के यहूदी रहनुमाओं को क़ायल करने की कोशिश की- यहां लफ्ज़ कोशिश की ज़ाहिर करता है कि उन्हों ने रसूलों के शहर छोड़ने से पहले उन्हें पूरी तरह से आमादा न कर सके -
Acts 14:6
τῆς Λυκαονίας
पौलुस और बरनबास को मारने और उन्हें हलाक करने की गरज़ से उन्हें संगसार करने लगे -
Λύστραν
एशिया माइनर का एक ज़िला (देखें: INVALID translate/translate-names)
Δέρβην
एशिया माइनर का एक शहर जुनूबी इकुनियुम और दरिबे का शुमाल –(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 14:7
κἀκεῖ εὐαγγελιζόμενοι ἦσαν
एशिया माइनर का एक शहर जुनूबी इकुनियुम और लुसतरा (देखें: @)
Acts 14:8
जहां पौलुस और बरनबास ने खुशखबरी की मनादी जारी रखी-
पहला लफ्ज़ “वह” उस लंगड़े शख्स की तरफ़ इशारा करता है ; दूसरा लफ्ज़ “वह” पौलुस की बाबत है-लफ्ज़ “उसे” उस लंगड़े शख्स के लिए है-
τις ἀνὴρ…ἐκάθητο
पौलुस और बरनबास अभी लुस्तरा में हैं-
ἀδύνατος…τοῖς ποσὶν
यह कहानी में एक नए शख्स का तआरुफ़ कराता है (देखें: @)
χωλὸς ἐκ κοιλίας μητρὸς αὐτοῦ
पांव से लाचार था या वह पांव से चल फिर नहीं सकता था-
χωλὸς
वह जनम का लंगड़ा था
Acts 14:9
ὃς ἀτενίσας αὐτῷ
एक शख्स जो चल नहीं सकता
ἔχει πίστιν τοῦ σωθῆναι
पौलस ने बराहे रास्त उसपर नज़र की
Acts 14:10
ἥλατο
पेचीदा इस्म “ईमान” फ़े‘एल “यक़ीन करने” के मायने में तर्जुमा किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यक़ीन किया कि येसू उसको शिफ़ा दे सकता है’ या यक़ीन किया कि येसू उसको ठीक कर सकता है- (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/translate-names)
Acts 14:11
ὃ ἐποίησεν Παῦλος
उछल कर चलने फिरने लगा-यह ज़ाहिर करता है कि उसके पैर पूरी तरह से शिफ़ायाब हो गए-
ἐπῆραν τὴν φωνὴν αὐτῶν
यह पौलुस के लंगड़े शख्स को शिफ़ा देने की बाबत है -
οἱ θεοὶ…κατέβησαν πρὸς ἡμᾶς
बड़ी आवाज़ से कहना यहाँ पर चिल्ला कर बताना है -मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हों ने ऊँची आवाज़ से कहा” (See: INVALID translate/figs-idiom)
Λυκαονιστὶ
लोगों कि एक बड़ी तादाद ने यकीन किया कि पौलुस और बरनबास उनके कफ़िराना देवता हैं जो आसमान से नीचे उतर आए हैं-मुताबदिल तर्जुमा: “हमारे लिए आसमान से देवता उतर आए हैं” (देखें: INVALID translate/translate-names)
ὁμοιωθέντες ἀνθρώποις
उनकी अपनी लुकाउनिया की बोली में-लुस्तरा के लोग लुकाउनिया और यूनानी ज़बान भी बोलते थे-
Acts 14:12
Δία
इन लोगों का एत्काद था कि देवताओं को अपनी ज़ाहिरी शक्ल बदलनी पड़ती है ताकि वह इंसानों जैसे नज़र आए-
Ἑρμῆν
ज़ीउस दीगर तमाम कफ़िराना देवताओं का बादशाह था –(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 14:13
ὅ τε ἱερεὺς τοῦ Διὸς, τοῦ ὄντος πρὸ τῆς πόλεως…ἐνέγκας
हरमेस भी कफ़िराना देवता था जो ज़ीउस और दीगर देवताओं क की तरफ़ से लोगों तक पैग़ाम पहुंचाता था- (देखें: @)
ταύρους καὶ στέμματα
एक पुजारी की बाबत मज़ीद मालूमात फ़राहम करना फ़ाइदामंद होगा- मुतबादिल तर्जुमा: ‘शहर के बाहर एक मंदिर था जहां लोग ज़ियुस की पूजा करते थे-पुजारी जो मंदिर में ख़िदमत करता था उसने जब पौलुस और बरनबास के कामों की बाबत सुना तो वह ले आया” (देखें: @)
ἐπὶ τοὺς πυλῶνας
बैल ज़बह किये गए थे फूलों का हार लाया गया था कि पौलुस और बरनबास के गले में पहनाया जाए या ज़बह के लिए बैलों के ऊपर डाला जाए-
ἤθελεν θύειν
शहर के फाटक अक्सर शहर के लोगों के जमा होने के लिए इस्तेमाल किया जाता था-
Acts 14:14
οἱ ἀπόστολοι Βαρναβᾶς καὶ Παῦλος
चाहते थे कि पौलुस और बरनबास के लिए क़ुर्बानी चढ़ाएं जिसतरह ज़ियुस और हरमेस के लिए चढ़ाया करते थे-
διαρρήξαντες τὰ ἱμάτια ἑαυτῶν
लूका यहाँ पर गालिबन “रसूल” का लफ्ज़ इस्तेमाल कर रहा है एक आम ख़याल बतोर कि “वह जो भेजे गए हैं”-
Acts 14:15
ἄνδρες, τί ταῦτα ποιεῖτε
यह एक मिसाली अमल था यह दिखाने के लिए कि वह गहराई से शल होगये थे और भीड़ संजीदा तोर से उनके लिए क़ुर्बानी चढ़ाना चाहते थे-
ταῦτα ποιεῖτε
बरनबास और पौलुस इस बात के लिए लोगों को डांटते जा रहे थे- मुतबादिल तर्जुमा: “लोगो तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए!” (देखें: @)
καὶ ἡμεῖς ὁμοιοπαθεῖς ἐσμεν ὑμῖν ἄνθρωποι
हमारे सामने झुक रहे हो
ὁμοιοπαθεῖς…ὑμῖν
इस बयान के ज़रिये पौलुस और बरनबास खुद के लिए कह रहे हैं कि वह देवता नहीं हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “हम भी तुम्हारे हम तबीयत इंसान हैं-हम देवता नहीं हैं!”
ἀπὸ τούτων τῶν ματαίων ἐπιστρέφειν ἐπὶ Θεὸν ζῶντα
किसी तरह जैसे तुम हो
Θεὸν ζῶντα
यहाँ “की तरफ़ ... फिरो” एक मजाज़ है जिस के मायने हैं फ़लां काम करना बंद करो और फ़लां काम करना शुरु करो- मुत्बदिल तर्जुमा: इन झूठे देवताओं को पूजना बंद करो और इस के बदले में ज़िन्दा ख़ुदा की इबादत करना शुरू करो – (देखें: @)
Acts 14:16
ἐν ταῖς παρῳχημέναις γενεαῖς
वह ख़ुदा जो सच मुच मौजूद है या “वह ख़ुदा जो ज़िन्दा है”-
πορεύεσθαι ταῖς ὁδοῖς αὐτῶν
जो अगले ज़माने से था या “जो अब तक है”
Acts 14:17
एक रास्ते पर चलना, या एक राह पर चलना एक मजाज़ है किसी की ज़िन्दगी में जीने के लिए-मुतबादिल तर्जुमा: “उनकी ज़िन्दगी जीने के लिए एक रासता जो वह चाहते थे” या “वह सब करने के लिए जो वह चाहते थे” (देखें: @)
οὐκ ἀμάρτυρον αὑτὸν ἀφῆκεν
पौलुस और बरनबास भीड़ से ब्बात करना जारी रखते हैं जो लुस्तरा शहर के बाहर जमा थी-([आमाल 14:8] (../14/08.md))-
ἀγαθουργῶν
इसको अस्बाती शक्ल में भी बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: ख़ुदा ने यक़ीनी तोर से एक गवाह छोड़ा है ,या ख़ुदा ने हक़ीक़त में गवाही दी है-(देखें: @)
ἐμπιπλῶν τροφῆς καὶ εὐφροσύνης τὰς καρδίας ὑμῶν
जिसतरह हक़ीक़त के ज़रिये दिखाया गया
Acts 14:18
μόλις κατέπαυσαν τοὺς ὄχλους τοῦ μὴ θύειν αὐτοῖς
यहाँ “तुम्हारे दिलों” लोगों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:युम्हें तुम्हे खाने को भरपूर ख़ुराक देता है और खुश रहने की चीज़ें वगैरा-(देखें: @)
μόλις κατέπαυσαν
पौलुस और बरनबास ने भीड़ को रोका कि उनके लिए क़ुर्बानी न करें-मगर ऐसा करना उनके लिए बहुत मुश्किल था-
Acts 14:19
बड़ी मुश्किल से उन्हें रोका
πείσαντες τοὺς ὄχλους
यहां लफ्ज़ वह और उसे पौलुस को ज़ाहिर करता है
τοὺς ὄχλους
इस बात का शरह करना फाइदा मंद होगा कि वह भीड़ से क्या कुछ कराने को तरगीब दे रहे थे-मुतबादिल तर्जुमा: लोगों को तरगीब दिया कि पौलुस और बरनबास पर यकीन न करें और उन के खिलाफ में हो जाएं- (देखें: @)
νομίζοντες αὐτὸν τεθνηκέναι
यह वही जमाअत नहीं हो सकती जैसे कि “एक बड़ी भीड़” की बाबत इससे पहले की आयत में कहा गया है-कुछ वक़्त गुज़र गया था और हो सकता है कि यह दूसरी जमाअत हो जो जमा हुई थी-
Acts 14:20
τῶν μαθητῶν
क्यूंकि उन्हों ने सोचा कि वह मर चुका था
εἰσῆλθεν εἰς τὴν πόλιν
यह लुस्तरा शहर के नए ईमानदार थे
ἐξῆλθεν σὺν τῷ Βαρναβᾷ εἰς Δέρβην
पौलुस लुस्तरा में इमानदारों के साथ दोबारा दाखिल हुआ-
Acts 14:21
पौलुस और बरनबास दरिबे शहर को गए
τὴν πόλιν ἐκείνην
यहाँ अलफ़ाज़ “वह” और और “वह” पौलुस की तरफ़ इशारा है-यहाँ लफ्ज़ हम पौलुस और बरनबास और इमानदारों को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 14:22
ἐπιστηρίζοντες τὰς ψυχὰς τῶν μαθητῶν
दरिबे (आमाल14:20)
παρακαλοῦντες ἐμμένειν τῇ πίστει
यहां “जानें” शागिर्दों की तरफ़ इशारा करता है-यह उनके बातिनी ख़यालात और ईमान पर जोर देता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस और बर्नाबास ने ईमानदारों से इसरार किया कि येसू की बाबत पैग़ाम पर ईमान रखना जारी रखें” या पौलुस और बरनबास ने ईमान दारों से इसरार किया कि ईमान में और येसु के साथ रिश्ते में तरक्की करते जाएं-(देखें: @)
καὶ ὅτι διὰ πολλῶν θλίψεων, δεῖ ἡμᾶς εἰσελθεῖν εἰς τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ
इमानदारों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए कि येसु पर लगातार भरोसा करते रहें-
δεῖ ἡμᾶς εἰσελθεῖν
कुछ रिवायत इसे ग़ैर बराहेरास्त हवाला बतोर तर्जुमा करते हैं,यह कहते हुए कि “हम बहुत सी मुसीबतें सह कर ख़ुदा की बादशाही में दाखिल हों” लफ्ज़ “हम”यहाँ लूका और तमाम क़ारिईन को शामिल करता है-(देखें: INVALID translate/figs-inclusive और @)
Acts 14:23
पौलुस अपने सामईन को शामिल करता है,इसलिए लफ्ज़ “हम” मुश्तमिल है-(देखें: @)
χειροτονήσαντες δὲ αὐτοῖς κατ’ ἐκκλησίαν πρεσβυτέρους
लफ्ज़ “वह” के तीसरे इस्तेमाल के सिवा जो लोगों, पौलुस और बरनबास को ज़ाहिर करत्ते हैं खुदावंद की तरफ़ रहनुमाई किये गए थे,तमाम अलफ़ाज़ “वह” यहाँ पर पौलुस और बरनबास को ज़ाहिर करते हैं-
παρέθεντο αὐτοὺς
जब पौलुस और बरनबास ने इमानदारों की हर एक नई जमाअत में नए रहनुमाओं को मुक़र्रर किया था-
εἰς ὃν πεπιστεύκεισαν
मुमकिन मायने हैं 1) “पौलुस और बरनबास ने जिन बुज़ुरगों को मुक़र्रर किया था उन्हें सुपर्द भी किया” 2) पौलुस और बरनबास ने रहनुमाओं और दीगर ईमानदारों को सुपुर्द किया”
Acts 14:25
καὶ λαλήσαντες ἐν Πέργῃ τὸν λόγον
लफ्ज़ ‘वह” इससे पहले के नोट में “उनके” के मायने के लिए जो आप के चुनाव पर मुनहसर है ज़ाहिर करता है (चाहे वह बुज़ुर्ग हों या रहनुमा या दीगर ईमानदार लोग)-
κατέβησαν εἰς Ἀττάλιαν
यहाँ लफ्ज़ कलाम “ख़ुदा के पैग़ाम” के लिए एक मजाज़ है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा का कलाम” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 14:26
ὅθεν ἦσαν παραδεδομένοι τῇ χάριτι τοῦ Θεοῦ
मुहावरा “नीचे गए” यहाँ इस्तेमाल किया गया है इसलिए कि अत्तालिया पिरगा से निचली जगह पर बसा हुआ है-
Acts 14:27
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जहां ईमानदारों और रैह्नुमाओं ने अन्ताकिया में पौलुस और बरनबास को ख़ुदा के फ़ज़ल के लिए मखसूस किया” या “जहां अन्ताकिया के लोगों ने ख़ुदा से दुआ की कि वह पौलुस और बरनबास की परवाह और हिफाज़त करे”
συναγαγόντες τὴν ἐκκλησίαν
यहाँ अलफ़ाज़ “वह”, “उनको” और “वह” पौलुस और बरनबास को ज़ाहिर करते हैं- लफ्ज़ “वह” ख़ुदा कि तरफ़ इशारा करता है-
ἤνοιξεν τοῖς ἔθνεσιν θύραν πίστεως
मकामी इमानदारों को बुलाया कि वह जमा होजाएं-
Acts 15
ख़ुदा की तरफ़ से ग़ैर कौमों का ईमान लाया जाना इसतरह बताया जाता है कि उसने एक दरवाज़ा खोला था जो उन्हें ईमान में दाखिल होने से रोका गया था-मुतबादिल तर्जुमा: ख़ुदा ने ग़ैर कौमों के लिए मुमकिन किया कि वह ईमान लाएं-(देखें: @)
Acts 15:1
आमाल15 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे नज़म की हरेक लकीर को असल इबारत की बनिस्बत दायें से दूर रखते है ताकि पढने में आसानी हो- ULT नज़मों के साथ ऐसा करता है जो 15:16 -17 में पुराने अहद नामे के हवाले से लिया गया है-
वह मीटिंग की बाबत जो लूका इस बाब में बयान करता है वह आम तोर से “येरूशलेम की कौंसिल” कही जाती थी-यह ऐसा दौर था जब कलीसिया के कई एक रहनुमा यह फ़ैसला करने के लिए जमा होते थे कि क्या सच मुच में इमानदारों को मूसा कि तमाम शरीयत पर अमल करना चाहिए या नहीं
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
भाइयों
यहूदी भाइयों के बदले मसीही भाइयों की तरफ़ इशारा करने के लिए इस बाब से लूका “भाइयों” का लफ्ज़ इस्तेमाल करना शुरू करता है-
मूसा की शरीयत पर अमल करना-
कुछ यहूदी ईमानदार ग़ैर कौमों से आए मसिहियोंसे तवक्को रखते थे कि उनका खतना हो,क्यूंकि ख़ुदा ने अब्र्हाम और मूसा से कहा था कि जो कोई उसका होना चाहता है वह खतना कराए यह कानून हमेशा के लिए होगा-मगर पौलुस और बरनबास ने देखा कि नामख्तून ग़ैर कौमो से आए ईमानदारों को ख़ुदा ने रूहुल क़ुदुस कि नेमत अता की है सो वह नहीं चाहते थे कि उनका खतना हो-इसलिए दोनों जमाअतें येरूशलेम को गए ताकि कलीसिया के रहनुमा फ़ैसला करें कि उन्हें क्या करनी चाहिए-
“मूरत के सामने कुर्बान की हुई चीज़ों से दूर रहना, खून,गला घोंटे हुए जानवर और जिंसी बदकारी”
क्या यह मुमकिन है कि कलीसिया के रहनुमा इस किसम की शरीयत का फ़ैसला किया होगा ताकि यहूदी और ग़ैर कौम न सिर्फ़ एक साथ रह सकते थे बल्कि एक तरह का खाना मिलकर खा सकते थे-
τινες
पौलुस और बरनबास अभी भी अन्ताकिया में हैं-यहाँ ग़ैर कौम से आए मसीहियों और उनके खतना कराए जाने पर एक तकरार शुरू होता है-
κατελθόντες ἀπὸ τῆς Ἰουδαίας
कुछ लोग-इसकी आप शरह कर सकते हैं कि यह लोग यहूदी थे जो मसीह पर ईमान लाए हुए थे-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἐδίδασκον τοὺς ἀδελφοὺς
मुहावरा “नीचे आए”यहाँ इसलिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि यहूदिया अन्ताकिया से उंचाई पर बसा हुआ है-
ἐὰν μὴ περιτμηθῆτε τῷ ἔθει τῷ Μωϋσέως, οὐ δύνασθε σωθῆναι
यहाँ “भाइयों” मसीह में ईमानदारों को ज़ाहिर करता है यह बताता है कि वह अन्ताकिया में थे-मुतबादिल तर्जुमा: “अन्ताकिया में ईमानदारों को तालीम दी” या अन्ताकिया में ईमानदारों को सिखा रहे थे-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 15:2
γενομένης…στάσεως καὶ ζητήσεως οὐκ ὀλίγης
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा की शरीयत के मुताबिक़ जब तक तुम्हारा खतना न हो ख़ुदा तुमको नहीं बचा सकता” या ख़ुदा तुमको तुम्हारे गुनाहों से तब तक नहीं बचाएगा जब तक कि मूसा की शरियत के मुताबिक़ ख़तना क़बूल न करो- (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
ἀναβαίνειν…εἰς Ἰερουσαλὴμ
पेचीदा इसमें “बहुत तकरार” और “बहस” फ़े’एल बतोर बयान किया जा सकता है कि लोग कहां से आए इन कि तशरीह की जा सकती है -मुताबदिल तर्जुमा: “जो लोग यहूदिया से आए थे उन के साथ बहस का मुकाबला किया” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-explicit)
τοῦ ζητήματος τούτου
इस्राईल में लगभग तमाम इलाकों की बनिस्बत येरूशलेम ज़ियादा ऊंचाई पर है, इसलिए इस्राईलियों में ऊपर येरूशलेम को जाने वाली बात आम थी-
Acts 15:3
यह मामला
οἱ μὲν οὖν προπεμφθέντες ὑπὸ τῆς ἐκκλησίας
उहाँ अलफ़ाज़ “वह”, “वह” और “उनको” पौलुस बरनबास और दीगर लोगों कि तरफ़ इशारा करता है (आमाल 15:2)-
προπεμφθέντες ὑπὸ τῆς ἐκκλησίας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए ईमानदारों की जमाअत ने उन्हें अन्ताकिया से येरूशलेम भेजा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
διήρχοντο τήν τε Φοινίκην καὶ Σαμάρειαν, ἐκδιηγούμενοι
यहाँ “कलीसिया” लोगों को ज़ाहिर करता है जो कि कलीसिया के एक हिस्सा थे- (देखें: @)
ἐκδιηγούμενοι τὴν ἐπιστροφὴν τῶν ἐθνῶν
अलफ़ाज़ “से गुज़रे” और “बयान किया” इशारा करता है कि उन्हों ने कुछ कलीसियाओं में वक़्त गुज़ारा और ख़ुदा के कामों को तफसील से बयान किया कि वह क्या कर रहा था-
ἐποίουν χαρὰν μεγάλην πᾶσι τοῖς ἀδελφοῖς
पेचीदा इस्म “तबदीली’ जिस के मायने हैं ग़ैर कौम के लोग अपने झूठे देवताओं को छोड़ कर ख़ुदा पर ईमान ले आए-मुताबदिल तर्जुमा: “उन मकामों में इमानदारों की जमाअत को इश्तिहार दिया कि ग़ैर कौमें ख़ुदा पर ईमान ला रहे थे- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῖς ἀδελφοῖς
उनका पैग़ाम भाइयों के लिए ख़ुशी का बाइस बना मानो “ख़ुशी” उनके लिए एक मुद्दा था जो भाइयों के बीच ले आया- मुतबादिल तर्जुमा: “जो कुछ उन्हों ने कहा वह ईमानदार लोगों के लिए शादमानी का बाइस था” (देखें: @)
Acts 15:4
παρεδέχθησαν ὑπὸ τῆς ἐκκλησίας, καὶ τῶν ἀποστόλων, καὶ τῶν πρεσβυτέρων
यहाँ “भाइयों” साथी ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-
μετ’ αὐτῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: रसूल, बुज़ुर्ग और दीगर इमानदारों कि जमाअत ने उनका इस्तिकबाल किया-(देखें: @)
Acts 15:5
उन के वसीले से
यहां लफ्ज़ “उनको” ग़ैर यहूदी ईमानदारों को ज़ाहिर करता है जो ना मख्तून थे और पुराने अहद नामे के ख़ुदा की शरीअत के पीछे नहीं चलते थे-
δέ τινες
पौलुस और बरनबास अब येरूशलेम में हैं ताकि वहां कि कलीसिया के रसूलों और बुज़ुरगों से मिलें
τηρεῖν τὸν νόμον Μωϋσέως
यहाँ लूका दो जमाअतों का मुक़ाबला करता है पहला उनका जो ईमान रखते थे कि नजात सिर्फ़ येसू से है दूसरा उनका जो ईमान रखते थे कि नजात येसू से है इस के अलावा उनका यह भी ईमान था कि नजात के लिए खतना भी ज़रूरी है -
Acts 15:6
ἰδεῖν περὶ τοῦ λόγου τούτου
मूसा की शरीयत पर अमल करने के लिए
Acts 15:7
कलीसिया के रहनुमाओं ने यह बहस करने का फ़ैसला किया कि हर सूरत में ग़ैर कौमों के लिए ज़रूरी है कि उनका खतना हो और मूस कि शरियत कि पाबंदी हो ताकि ख़ुदा उनको उनके गुहाहों से बचाए-
पहला लफ्ज़ “उनका” यह रसूलों और बुज़ुरगों को ज़ाहिर करता है-(आमाल 15:6) और दूसरा लफ्ज़ “उनसे” और “उनके” ग़ैर कौम के ईमानदारों की बाबत है- यहाँ “तुम” का जो लफ्ज़ है जमा के सेगे में है और रसूलों और बुज़ुरगों कि तरफ़ इशारा करता है- “वह” लफ्ज़ ख़ुदा के लिए है -यहाँ लफ्ज़ “ह्मको” जमा का सेगा है और यह पतरस, रसूल , बुज़ुरगों और आम तोर से तमाम यहूदी ईमानदारों को पेश करता है- (देखें: @ और @)
ἀδελφοί
पतरस रसूलों और बुज़ुरगों से बात करना शुरू करता है जो इस बात पर बहस करने के लिए जमा हुए थे कि ग़ैर कौमों के लिए खतना ज़रूरी है कि नहीं ताकि शरीयत कि पाबन्दी हो-(आमाल15:5-6)-
διὰ τοῦ στόματός μου
पतरस उन तमाम इमानदारों से मुखातब है जो वहां पर मौजूद थे-
ἀκοῦσαι τὰ ἔθνη
यहाँ “मुंह” पतरस को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मुझ से” या “मेरे ज़रिये’ (देखें: @)
τὸν λόγον τοῦ εὐαγγελίου
गैरकौम के लोग सुनेंगे
Acts 15:8
ὁ καρδιογνώστης
यहाँ लफ्ज़ “ज़ुबान” पैग़ाम को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: येसु कि बाबत पैग़ाम-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐμαρτύρησεν αὐτοῖς
यहाँ “दिल” दिमाग़ या बातिनी चीज़ को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कौन लोगों के खयालात को जानता है” या “कौन जानता है कि लोग क्या सोचते हैं” (देखें: @)
δοὺς τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον
ग़ैर कौमों की गवाही देता है
Acts 15:9
οὐδὲν διέκρινεν
रूहुल्कुदुस को उनपर नाजिल होने दिया
τῇ πίστει καθαρίσας τὰς καρδίας αὐτῶν
ख़ुदा का बरताव यहूदी ईमानदारों और गैरकौमों के ईमानदारों से फ़रक नहीं है -
Acts 15:10
ख़ुदा का ग़ैर कौम के ईमान्दरो के गुनाह मुआफ़ करना इस बतोर है कि सचमुच उनके दिल साफ़ किये गए हैं-यहाँ दिल एक शख्स के बातिन को ज़ाहिर करता है मुतबादिल तर्जुमा: “उनके गुनाहों को मुआफ़ करना क्यूंकि वह येसु पर ईमान लाये थे-“(देखें: INVALID translate/figs-inclusive और @)
“हमारा” और “हम” का लफ्ज़ इस्तेमाल करते हुए पतरस अपने सामईन को शामिल करता है-(देखें: @)
νῦν
पतरस रसूलों और बुज़ुरगों से बात करना ख़त्म करता है
τί πειράζετε τὸν Θεόν, ἐπιθεῖναι ζυγὸν ἐπὶ τὸν τράχηλον τῶν μαθητῶν, ὃν οὔτε οἱ πατέρες ἡμῶν οὔτε ἡμεῖς ἰσχύσαμεν βαστάσαι
इसका मतलब यह नहीं है “इस लम्हा”मगर अपना धियान इस ज़रूरी बात पर लगाने की ज़रूरत है जो जो ज़ेल में है-
οἱ πατέρες ἡμῶν
पतरस यहूदी ईमानदारों को कहने के लिए एक लाफ्ज़ी तस्वीर के साथ एक सवाल का इस्तेमाल करता है कि नजात के लिए ग़ैर यहूदी ईमानदारों को खतने की ज़रुरत नहीं है- मुतबादिल तर्जुमा: ग़ैर यहूदी ईमानदारों पर बोझ डालकर हम ख़ुदा को न आज़माएँ-इसे वह नहीं सह सकते-(देखें: @ और @)
Acts 15:11
ἀλλὰ διὰ τῆς χάριτος τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ, πιστεύομεν σωθῆναι καθ’ ὃν τρόπον κἀκεῖνοι
लफ्ज़ “यह” यहूदी बाप दादा को ज़ाहिर करता है-
Acts 15:12
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: मगर हम एत्काद रखते है कि खुदावंद येसू अपने फ़ज़ल से हमको बचाएगा जैसे उसने ग़ैर यहूदी ईमानदारों को बचाया था-(देखे: @)
πᾶν τὸ πλῆθος
यहाँ लफ्ज़ उनको पौलुस और बरनबास को ज़ाहिर करता है-
ἐποίησεν ὁ Θεὸς
हरकोई या “पूरी जमाअत”([आमाल 15:6] (../15/06.md))
Acts 15:13
ख़ुदा ने किया या “ख़ुदा ने सबब बनाया”
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस और बरनबास की तरफ़ इशारा करता है-(आमाल 15:12)-
ἀδελφοί, ἀκούσατέ
याक़ूब रसूलों और बुज़ुरगों से बात करना शुरू करता है-(आमाल 15 :6)-
Acts 15:14
λαβεῖν ἐξ ἐθνῶν λαὸν
ईमानदार भाइयो सुनो -याक़ूब गालिबन सिर्फ़ मरदों से बात कर रहा था-
τῷ ὀνόματι αὐτοῦ
ताकि उन में से अपने नाम की एक उम्मत बनाले
Acts 15:15
ख़ुदा के नाम के लिए -यहाँ “नाम” ख़ुदा को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “अपने खुद के लिए”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
यहाँ “मैं” ख़ुदा की तरफ़ इशारा है जिसने अपने नबियों के कलाम के ज़रिये बात की-
συμφωνοῦσιν οἱ λόγοι τῶν προφητῶν
याक़ूब पुराने अहद्नामे से आमोस नबी की किताब का हवाला पेश करता है-
τούτῳ συμφωνοῦσιν
यहाँ “कलाम”पैग़ाम को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: जो नबियों ने कहा उसी के मुताबिक हैं -या “नबी लोग राज़ी थे’ (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
καθὼς γέγραπται
इस सच्चाई की तसदीक़
Acts 15:16
ἀνοικοδομήσω τὴν σκηνὴν Δαυεὶδ τὴν πεπτωκυῖαν, καὶ τὰ κατεστραμμένα αὐτῆς, ἀνοικοδομήσω καὶ ἀνορθώσω αὐτήν
इसको मली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”जिसतरह उनहोंने लिखा” या “जिस तरह आमोस नबी ने बहुत पहले लिखा था-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
σκηνὴν
यह बात करता है दाऊद की नसल में से दोबारा ख़ुदा के चुने जाने की बाबत ताकि वह अपने लोगों पर हुकूमत करे और दाऊद के गिरे हुए ख़ेमे को फिर से उठाए- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 15:17
ἐκζητήσωσιν οἱ κατάλοιποι τῶν ἀνθρώπων τὸν Κύριον
यहाँ “ख़ेमा” दाऊद के ख़ानदान को ज़ाहिर करता है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
κατάλοιποι τῶν ἀνθρώπων
यह बात करता है उन लोगों की बाबत जो ख़ुदा की इततिबा करना चाहे और उसकी बाबत ज़ियादा जानना चाहे जैसे कि वह सच मुच उसकी राह देख रहे थे-(देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)
ἐκζητήσωσιν…τὸν Κύριον
यहाँ “आदमी” मरदों और औरतों दोनों को शामिल करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “बाक़ी आदमी”(देखें: INVALID translate/figs-123person)
καὶ πάντα τὰ ἔθνη, ἐφ’ οὓς ἐπικέκληται τὸ ὄνομά μου ἐπ’ αὐτούς
ख़ुदा अपने बारे में तीसरे शख्स में होकर खुद ही बोल रहा है-मुतबादिल तर्जुमा: “कि मुझ खुदावन्द की तलाश करो” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τὸ ὄνομά μου
इसको अमली शक्ल में बयान्किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”उन तमाम ग़ैर कौमों को शामिल करते हुए जो मेरे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 15:18
γνωστὰ
यहां “मेरा नाम”ख़ुदा को ज़ाहिर करता है-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 15:19
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि लोग जानें” (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
यहां “हम” का लफ्ज़ याक़ूब, रसूल और बुज़ुरगों को शामिल करता है- (देखें: @)
μὴ παρενοχλεῖν τοῖς ἀπὸ τῶν ἐθνῶν
याक़ूब रसूलों और बुज़ुरगों से बात करना ख़तम करता है-(देखें: आमाल15:2 और आमाल 15:13)
ἐπιστρέφουσιν ἐπὶ τὸν Θεόν
आप इस की शरह कर सकते हैं कि किस तरीके से याकूब नहीं चाहता कि ग़ैर कौम को तकलीफ़ न दी जाए-मुतबादिल तर्जुमा: “हमें ज़रूरी नहीं किग़ैर कौमों से आए ईमानदारों का खतना कराया जाए और मूसा की शरीयत को पूरा करे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 15:20
ἀπέχεσθαι τῶν ἀλισγημάτων τῶν εἰδώλων, καὶ τῆς πορνείας, καὶ τοῦ πνικτοῦ, καὶ τοῦ αἵματος
एक शख्स जो ख़ुदा की इततिबा काना शुरू करता है वह मानो जिस्मानी तोर से ख़ुदा की तरफ़ फिर रहा होता है- (देखें: @)
ἀλισγημάτων τῶν εἰδώλων
जिनसी बदकारी, गला घोंटे हुए जानवर और जानवर का खून खाने में इस्तेमाल करना यह अक्सर बुत परस्ती और झूठे देवता की परस्तिश के दौरान रसम परस्ती है-
τοῦ πνικτοῦ, καὶ τοῦ αἵματος
यह मुमकिन तोर से उस जानवर का गोश्त खाने की तरफ़ इशारा करता है जिसे किसी और ने बुत के लिए चढ़ाया हो या बुत परस्ती के साथ कुछ करना-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 15:21
Μωϋσῆς γὰρ ἐκ γενεῶν ἀρχαίων κατὰ πόλιν τοὺς κηρύσσοντας αὐτὸν, ἔχει ἐν ταῖς συναγωγαῖς κατὰ πᾶν Σάββατον ἀναγινωσκόμενος.
ख़ुदा ने यहूदियों को इजाज़त नहीं दी कि वह ऐसा गोश्त खाए जिस में अभी भी खून बाक़ी है-इससे पहले भी ख़ुदा मूस के ज़रिये लिखवाया कि बनी इस्राईल को खून पीना मना है-इसलिए वह गला घोंटा हुआ जानवर नहीं खा सकते क्यूंकि जानवर में से खून पूरी तरह से नहीं छनता- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Μωϋσῆς…τοὺς κηρύσσοντας
याकूब दलालत कर रहा है कि ग़ैर कौम जानते हैं कि यह कानून कितने अहम् और सख्त हैं क्यूंकि यहूदी इन्हें हर शहर में जहाँ हैकल है वहां इस की मनादी करते हैं-यह भी ज़ाहिर है कि गैर कौम हैकल में उस्तादों के पास जाकर इन कानूनों की बाबत सीख सकते हैं- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
κατὰ πόλιν
यहां “मूसा” मूसा की शरीयत को ज़ाहिर करता है-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा:’मूसा की शरीयत की मनादी की गयी है” या यहूदियों ने मूसा की शरीयत सिखाई-(देखें: INVALID translate/figs-hyperbole और @)
ἀναγινωσκόμενος
लफ्ज़ हरेक यहाँ पर एक इस्ते’माम है-मुतबादिल तर्जुमा: “कई एक शहरों में” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 15:22
यहाँ “वह“ मूसा की बाबत है जिस का नाम यहाँ पर शरीयत बतोर ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “और शरीयत पढ़ी जाती है” या “उन्होंने शरीयत की किताब पढ़ी”(देखें: @)
ὅλῃ τῇ ἐκκλησίᾳ
यहाँ लफ्ज़ “उनको’ यहूदा और सिलास की बाबत है-लफ्ज़ “वह” रसूल, बुज़ुर्ग,और येरूशलेम की कलीसिया के दीगर इमानदारों को ज़ाहिर करता है-
Ἰούδαν τὸν καλούμενον Βαρσαββᾶν
यहाँ “कलीसिया” उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो येरूशलेम की कलीसिया के एक हिस्सा हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “येरूशलेम की कलीसिया” या “येरूशलेम में ईमानदारों की पूरी जमाअत” (देखें: INVALID translate/translate-names और @)
Acts 15:23
οἱ ἀπόστολοι καὶ οἱ πρεσβύτεροι, ἀδελφοὶ, τοῖς κατὰ τὴν Ἀντιόχειαν, καὶ Συρίαν, καὶ Κιλικίαν, ἀδελφοῖς τοῖς ἐξ ἐθνῶν, χαίρειν
यह एक आदमी का नाम है- “बरसबा” दूसरा नाम है जिसे लोग इस नाम से पुकारते थे-(देखें: @)
ἀδελφοὶ, τοῖς κατὰ τὴν Ἀντιόχειαν
यह उस ख़त का तआरुफ़ है- आपकी ज़बान में ख़त के मुसन्निफ़ के तआरुफ़ का एक तरीका होगा जिस के लिए यह लिखा गया है- मुतबादिल तर्जुमा: यह ख़त तुम्हारे भाइयों , रसूलों और बुजुर्गो की तरफ़ से है – हम जो अन्ताकिया, सीरिया और किलकिया में ग़ैर कौम से ईमानदार हैं इस ख़त को लिख रहे है आप को सलाम” या हमारे ग़ैर कौम के भाइयों को जो अन्ताकिया, सीरिया और किलकिया में है-रसूलों और बुज़ुरगों और तुम्हारे भाइयों की तरफ़से सलाम”-
Κιλικίαν
यहां लफ्ज़ “भाइयों” हम ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-इन अल्फाज़ को इस्तेमाल करते हुए रसूल और बुज़ुर्ग ग़ैर कौम से आए ईमानदारों को यकीन दिलाते हैं कि वह उन्हें हम ईमानदारों जैसे कबूल करें-
Acts 15:24
एक सूबे का नाम जो एशिया माइनर के कुप्रुस टापू के शुमाल में वाक़े है - (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ὅτι τινὲς
यहाँ तमाम नजीर के तोर पर पेश होने वाले “हम”, हमारे, और हमको यह सब येरूशलेम की कलीसिया के ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-(देखें: @ और आमाल 15:22)
οἷς οὐ διεστειλάμεθα
वह कुछ लोग
ἐτάραξαν ὑμᾶς λόγοις ἀνασκευάζοντες τὰς ψυχὰς ὑμῶν
हालांकि हम ने कोई उन्हें हुक्म नहीं दिया कि जाएं-
Acts 15:25
ἐκλεξαμένοις ἄνδρας
यहाँ “जानें” लोगों को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा; “तुमको ऐसी बातें सिखाई गईं जो तुम्हें परेशान करती थीं-“ (देखें: @)
Acts 15:26
τοῦ ὀνόματος τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ
लोगों को जो उन्हों ने भेजा वह यहूदा जो बरसबा कहलाता है और सिलास-(आमाल15:22)-
Acts 15:27
यहाँ “नाम” पूरी शख्सियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: क्यूंकि उन्हों ने हमारे खुदावंद येसू मसीह पर एत्काद किया (ईमान लाए)या “क्यूंकि वह हमारे खुदावंद येसू मसीह की ख़िदमत करते है-(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
यहाँ अलफ़ाज़ “हम” और “हमको” येरुशलेम की कलीसिया के रहनुमा औ ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-(देखें: @ और आमाल 15:22)
αὐτοὺς διὰ λόγου ἀπαγγέλλοντας τὰ αὐτά
यह ख़त का इख्तिताम है जो येरुशालेम की कलीसिया कि तरफ़ से ग़ैर कौम के ईमानदारों को जो अन्ताकिया में थे मिला था -
Acts 15:28
μηδὲν πλέον ἐπιτίθεσθαι ὑμῖν βάρος, πλὴν τούτων τῶν ἐπάναγκες
यह मुहावरा ज़ोर देता है कि यहूदा और सिलास वही बात कहेंगे जो रसूलों और बुज़ुरगों ने लिखा था-मुताबदिल तर्जुमा: जो खुद ही तुम से वही बात कहेंगे जिस की बाबत हम ने तुम को लिखा है”-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 15:29
εἰδωλοθύτων
यह उन कानूनों की बाबत बात करता है जिन्हें लोगों को मानना ज़रूरी है और एतराज़ की सूरत में मानो लोग इसे अपने कन्धों पर लिए चलते हैं- (देखें: @)
αἵματος
इसका मतलब यह है कि उन्हें उस जानवर का गोश्त खाने की इजाज़त नहीं है जो किसी ने मूरत के आगे चढ़ाया हो-
πνικτῶν
यह जानवर का खून पीने या गला घोंटे हुए जानवर का गोश्त खाने बाबत है जिसका खून छना न हो-(देखें: @)
ἔρρωσθε
गला घोंटा हुआ जानवर मारा जाता था मगर उसका खून छनता नहीं था-
Acts 15:30
य्ह्खत के आखिर का इश्तिहार है- मुतबादिल तर्जुमा: “सलाम”
οἱ μὲν οὖν ἀπολυθέντες, κατῆλθον εἰς Ἀντιόχειαν
पौलुस ,बरनबास ,यहूदा और सिलास अन्ताकिया के लिए रवाना होते हैं-
ἀπολυθέντες
लफ्ज़ “वह” पौलुस,बरनबास ,यहूदा ,और सिलास की बाबत है- मुतबादिल तर्जुमा: “सो जब यह चार लोग चले गए तो वह वापस नीचे अन्ताकिया को आए-“
κατῆλθον εἰς Ἀντιόχειαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब रसूलों और बुज़ुरगों ने उन चार लोगों को विदा किया”- या जब येरूशलेम के ईमानदारों ने उनको विदा किया” (देखें: @)
Acts 15:31
ἀναγνόντες…ἐχάρησαν
मुहावरा “नीचे आये”यहाँ इस लिए इस्तेमाल किया गया है क्यूंकि अन्ताकिया येरूशलेम से नीचे की तरफ़ है-
ἐπὶ τῇ παρακλήσει
अन्ताकिया के ईमानदार खुश हुए -
Acts 15:32
καὶ…προφῆται
पेचीदा इस्म “हौसला अफज़ाई” इसे फ़े’एल के सेगे में ज़ाहिर किया जा सकता है जैसे “हौसला अफज़ाई करना” मुताबदिल तर्जुमा: “क्यूंकि जो बात रसूलों और बुज़ुरगों ने लिखी थी वह उन के लिए हौसले की थी- (देखें: @)
τοὺς ἀδελφοὺς
अंबिया उस्ताद थे जो ख़ुदा की तरफ़ से बोलने का इख्तियार रखते थे- मुताबदिल तर्जुमा: “क्यूंकि वह नबी थे’ या “वहनबी भी थे”
ἐπεστήριξαν
साथी ईमानदार लोग
Acts 15:33
किसी की मदद करना येसु ने जितना कहा उससे ज़ियादा भरोसा करना यह उन्हें जिस्मानी तोर से मज़बूत बनाता था (देखें: @)
ποιήσαντες δὲ χρόνον
यहूदा और सिलास वापस येरूशलेम को गए जबकि पौलुस और बरनबास अन्ताकिया में ही ठहरे रहे-
ἀπελύθησαν μετ’ εἰρήνης ἀπὸ τῶν ἀδελφῶν
यह वक़्त की बाबत बात करता है जबकि यह कारामद था कि एक शख्स गुज़ार सकता था-लफ्ज़ “वह दोनों” यहूदा और सिलास कि बाबत है-मुतबादिल तर्जुमा: “वहाँ पर कुछ देर रुकने के बाद” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τῶν ἀδελφῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “भाइयों ने यहूदा और सिलास को तसल्लिसे विदा किया” (देखें: @)
πρὸς τοὺς ἀποστείλαντας αὐτούς
यह अन्ताकिया के ईमादारों को ज़ाहिर करता है -
येरूशलेम में उन ईमानदारों को जिन्हों ने यहूदा और सिलास को भेजा-(आमाल 15:22)
Acts 15:36
यहाँ “लफ्ज़” पैग़ाम के लिए है- मुताबदिल तर्जुमा: “खुदावंद की बाबत पैग़ाम” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐπιστρέψαντες δὴ
पौलुस और बरनबास अलग रास्तों पर सफ़र करते हैं
ἐπισκεψώμεθα τοὺς ἀδελφοὺς
मैं सलाह देता हूँ कि अब हमें लौटना चाहिए
τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
भाइयों के लिए परवाह या ईमानदारों की मदद के लिये पेशकश”
πῶς ἔχουσιν
यहाँ “लफ्ज़” पैग़ाम के लिए है- मुताबदिल तर्जुमा: “खुदावंद की बाबत पैग़ाम” (देखें: @)
Acts 15:37
συνπαραλαβεῖν καὶ τὸν Ἰωάννην, τὸν καλούμενον Μᾶρκον
सीखो कि वह कैसे करते हैं-भाइयों की हालिया कैफियत की बाबत वह सीखना चाहते हैं और यह भी कि उन्हों ने ख़ुदा की सच्चाई को किसतरह से थामा हुआ है-
Acts 15:38
Παῦλος…ἠξίου…μὴ…συνπαραλαμβάνειν τοῦτον
युहन्ना को लेने के लिए जो कि मरकुस भी कहलाता है-
Παμφυλίας
अलफ़ाज़ “मुनासिब न जाना” अच्छा का उल्टा बोलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है- मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस ने सोचा कि मरकुस को अपने साथ ले जाना मुनासिब नहीं होगा”- (देखें: @)
μὴ συνελθόντα αὐτοῖς εἰς τὸ ἔργον
यह एशिया माइनर का एक सूबा था- देखें कि आप ने इसे आमाल 2:10-में किसतरह तर्जुमा किया है-
Acts 15:39
फिर उनके साथ मिलकर काम करना जारी न रखा या “उन के साथ मिलकर ख़िदमत करना जारी न रखा”-
ἐγένετο δὲ παροξυσμὸς
यहाँ लफ्ज़ “दोनों”बरनबास और पौलुस को ज़ाहिर करता है-
Acts 15:40
παραδοθεὶς τῇ χάριτι τοῦ Κυρίου ὑπὸ τῶν ἀδελφῶν
पेचीदा इस्म “नामंजूरी” को फ़े’एल सेगे में भी बयायाँ किया जा सकता है जैसे “ना मंज़ूर होना” मुतबादिल तर्जुमा: “वह संजीदा तोर से एक साथ काम करने को ना मंज़ूर हुए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 15:41
διήρχετο
किसी को सुपुर्द करने के मायने हैं अपनी परवाह और जिम्मेवरी किसी को या किसी दुसरे शख्स को सोंपना इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबादिल तर्जुमा: “जब ईमानदारों ने अन्ताकिया में पौलुस को खुदावंद के फ़ज़ल के हाथ सोंपा था उसके बाद” या “जब अन्ताकिया में ईमानदारों ने पौलुस के लिए खुदावंद से अपनी मेहरबानी ज़ाहिर करने के लिए दुआ की थी उसके बाद” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
διήρχετο…τὴν Συρίαν καὶ τὴν Κιλικίαν
इस से पहले वाला जुमला ज़ाहिर करता है कि सिलास पौलुस के साथ था-मुतबादिल तर्जुमा:”वह गए” या “पौलुस और सिलास गए”या पौलुस ने सिलास को लिया और चला गया” (देखें: @)
ἐπιστηρίζων τὰς ἐκκλησίας
यह सूबे हैं या कुप्रुस टापू के नज़दीक एशिया माइनर के इलाक़े हैं-
Acts 16
कलीसियाओं में ईमानदारों की हौसला अफज़ाई करता गया मतलब इसतरह से कहा जाएगा कि पौलुस और सिलास इमानदारों को जिस्मानी तोर से मज़बूत करते गए-लफ्ज़ कलीसियाएं सीरिया और किलकिया में इमानदारों की जमाअतों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: कलीसियाओं में ईमानदारों की हौसला अफज़ाई करना” या “इमानदारों की जमाअत की मदद करना कि वह और ज़ियादा येसू पर मुनहसर रहें” (देखें: @ और @)
Acts 16:1
आमाल 16 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
तीमुथियुस का खतना
पौलुस ने तीमुथियुस का खतना कराया क्यूंकि वह यहूदियों और ग़ैर कौमों में येसु का पैग़ाम सुना रहे थे- पौलुस चाहता था कि यहूदी इस बात को जाने कि वह मूसा की शरीयत की इज़्ज़त करते है हालाँकि येरूशलेम की कलीसिया ने फ़ैसला किया था कि मसीहियों को खतना कराने की ज़रुरत नहीं है..
एक औरत जिस में गैब्दान की रूह थी
बहुत से लोग अपना मुस्तकबिल जानना चाहते थे मगर मूसा की शरीयत मरे हुए लोगों की रूहों से बात करने और मुस्तकबिल की बाबत जानने को गुनाह ठहराती है यह औरत लोगों के मुस्तकबिल बताने में माहिर थी - वह एक गुलाम थी और उसके मालिक उसके ज़रिये बहुत पैसा बना लेते थे-पौलुस उसके गुनाह से उसको रोकना चाहता था सौसने उस रूह को डांटा और वह निकल गई और येसू के पीछे चलने लगी
पहला ,तीसरा और चौथे लफ्ज़ की मिसालें वह,उसका और उसकी यह सब तीमुथियुस की तरफ़ इशारा करता है और दूसरा “उसे” पौलुस की तरफ़-
κατήντησεν…καὶ
यह पौलुस के साथ सिलास के मिशनरी सफ़र को जारी जारी रखती है- कहानी में तीमुथियुस का तआरुफ़ किया जा रहा है और वह पौलुस और सिलास के साथ शरीक होता है-पहली और दूसरी आयत तीमुथियुस की बाबत पीछे कि कहानी पेश करते हैं – (देखें: INVALID translate/figs-go)
Δέρβην
यहाँ “आया” को “गया” बतोर भी तर्जुमा किया जा सकता है –(देखें: @)
ἰδοὺ
एशिया माइनर यह एक शहर का नाम है-देखें कि आप ने इसे आमाल14:6-में किसतरह तर्जुमा किया है-
πιστῆς
लफ्ज़ “देखो” बयानात में एक नए शख्स के लिए ख़बरदार करता है-आपकी ज़ुबान में ऐसा करने का तरीका हो सकता है -
Acts 16:2
ὃς ἐμαρτυρεῖτο ὑπὸ τῶν…ἀδελφῶν
अलफ़ाज़ “मसीह में” इसको समझा जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: जिसने मसीह में ईमान लाया हो –(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ὑπὸ τῶν…ἀδελφῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “भाइयों ने उसकी बाबत अच्छा कहा” या “भाइयों के बीच में तीमुथियुस की नेकनामी अच्छी थी” या भाइयों ने उसकी बाबत अच्छा कहा –(देखें: @)
Acts 16:3
περιέτεμεν αὐτὸν
यहां “भाइयों” ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ईमानदारों के ज़रिये”
διὰ τοὺς Ἰουδαίους τοὺς ὄντας ἐν τοῖς τόποις ἐκείνοις
क्या यह मुमकिन है कि पौलुस ने खुद ही तीमुथियुस का खतना किया हो मगर यह ज़ियादा मुमकिन है कि उसने किसी और से तीमुथियुस का खतना कराया हो-
ᾔδεισαν γὰρ ἅπαντες, ὅτι Ἕλλην ὁ πατὴρ αὐτοῦ ὑπῆρχεν
यहूदियों के सबब से जो उस इलाके में रहते थे जहां पौलुस और तीमुथियुस सफ़र कर रहे थे
Acts 16:4
जबकि यूनानी लोग अपने बच्चों का खतना कराते थे यहूदी लोग शायद जानते थे कि तीमुथियुस का खतना नहीं हुआ था इस मारे यह हो सकता था कि वह मसीह की बाबत पैग़ाम सुनने से पहले पौलुस और तीमुथियुस को रद्द कर देते –(देखें: @)
αὐτοῖς φυλάσσειν
लफ्ज़ “वह” पौलुस और सिलास की तरफ़ इशारा करता ह-(आमाल 15:40),और तीमुथियुस (16:3)-
τὰ κεκριμένα ὑπὸ τῶν ἀποστόλων καὶ πρεσβυτέρων τῶν ἐν Ἱεροσολύμοις
कलीसिया के लोगों को माने की ज़रूरत है या ईमानदारों को तामिल करने की ज़रूरत है-
Acts 16:5
αἱ…ἐκκλησίαι ἐστερεοῦντο τῇ πίστει, καὶ ἐπερίσσευον τῷ ἀριθμῷ καθ’ ἡμέραν
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “यह कि येरूशलेम के रसूलों और बुज़ुरगों ने लिख दिया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
αἱ…ἐκκλησίαι ἐστερεοῦντο τῇ πίστει
यहाँ “यह” कलीसिया के ईमानदारों की बाबत है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 16:6
τὴν Φρυγίαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ईमानदार लोग ईमान में मज़बूत हो गए,और ज़ियादा से ज़ियादा लोग हर दिन ईमान लाते जा रहे थे” (देखें: @)
κωλυθέντες ὑπὸ τοῦ Ἁγίου Πνεύματος
यह किसी को और ज़ियादा यकीन के साथ ईमान लाने के लिए मदद करने की बाबत है जो उन्हें जिसमानी तोर से मज़बूत कर रहा था-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τὸν λόγον
यह आसिया में एक इलाक़ा है- देखें कि आप ने इस नाम का आमाल 2:10-में किसतरह तर्जुमा किया है -
Acts 16:7
ἐλθόντες δὲ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “रूहुल क़ुदुस ने उन्हें मना किया था” या “रूहुल क़ुदुस ने उन्हें इजाज़त नहीं दी थी” (देखें: INVALID translate/figs-go)
Μυσίαν…Βιθυνίαν
यहां “कलाम” का लफ्ज़ पैग़ाम के लिए है-मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह की बाबत पैग़ाम” (देखें: INVALID translate/translate-names)
τὸ Πνεῦμα Ἰησοῦ
यहाँ “आया” के लफ्ज़ को “गया” या “पहुंचा” बतोर तर्जुमा किया जा सकता है- (देखें: @)
Acts 16:8
κατέβησαν εἰς Τρῳάδα
यह दो और इलाके एशिया माइनर के हैं-(देखें: @)
κατέβησαν
रूहुल क़ुदुस
Acts 16:9
ὅραμα…τῷ Παύλῳ ὤφθη
मुहाएरा “नीचे आए”जो यहाँ इस्तेमाल किया गया वह इसलिए कि त्रोआस मयसिया से नीचे पर बसा है-
παρακαλῶν αὐτὸν
यहाँ लफ्ज़ “आया” को गया बतोर तर्जुमा कि जा सकता है- (देखें: @)
διαβὰς εἰς Μακεδονίαν
पौलुस ने ख़ुदा की तरफ़ से एक रोया देखा या “पौलुस के पास ख़ुदा की तरफ़ से एक रोया था”-
Acts 16:10
ἐζητήσαμεν ἐξελθεῖν εἰς Μακεδονίαν, συμβιβάζοντες ὅτι προσκέκληται ἡμᾶς ὁ Θεὸς εὐαγγελίσασθαι αὐτούς
उस से दरख्वास्त करते हुए या उस को दावत देते हुए-
Acts 16:11
मुहावरा “ऊपर आए” यहाँ इस लिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि मकिदुनिया त्रोआस से समुन्दर पार है-
Σαμοθρᾴκην…Νέαν Πόλιν
यहाँ अलफ़ाज़ “हम” और “हमारे लिए” यह पौलुस और उसके साथियों को ज़ाहिर करता है जिसमें आमाल का मुसन्निफ़ लूका भी शामिल है-
εἰς Νέαν Πόλιν
पौलुस और उसके साथी अपने मिशनरी सफ़र में अब फिलिप्पी में हैं- 13 आयत से लुदिया की कहानी शुरू होती है-यह कहानी पौलुस के सफ़र के दौरान वाक़े होती है-
Acts 16:12
κολωνία
मकिदुनिया के फिलिप्पी में यह समुन्दर के किनारे के शहर हैं- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 16:14
यहां “को आये” को “गए” या “को पहुंचे” बातोर तर्जुमा किया जा सकता है- (देखें: @)
τις γυνὴ ὀνόματι Λυδία
यह इतालिया सेव बाहर एक शहर है जहां बहुत से रोम से आये हुए लोग रहते थे- वहां लोगों को वही हुकूक और आज़ादियाँ हासिल थीं जो इतालिया के शहरों में ऊन्हें हासिल थीं-वह वहां पर अज़ादाना तोर से रह सकते थे और उन्हें महसूल भी देने की ज़रूरत नहीं थी- (देखें: INVALID translate/writing-participants)
πορφυρόπωλις
यहाँ से लुदिया की कहानी शुरू होती है
Θυατείρων
यहाँ “एक औरत थी”इन अलफ़ाज़ से कहानी में एक नए शख्स का तआरुफ़ किया जाता है-मुतबादिल तर्जुमा:”लुदिया नाम की एक औरत थी” (देखें: INVALID translate/translate-names)
σεβομένη τὸν Θεόν
यहाँ लफ्ज़ “क़िरमज़” पहले से ही मालूम है-मुताबदिल तर्जुमा: “एक बैंजनी पोशाक बेचने वाली”(देखें: @)
ἧς ὁ Κύριος διήνοιξεν τὴν καρδίαν, προσέχειν
यह एक शहर का नाम है- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἧς…διήνοιξεν τὴν καρδίαν
एक ग़ैर कौम की ख़ुदा परसत औरत जो ख़ुदा की इबादत करती है और उसके पीछे चलती है मगर वह तमाम यहूदी शरीयत कि इततिबा नहीं करती-
τοῖς λαλουμένοις ὑπὸ τοῦ Παύλου
क्यूंकि खुदावंद ने किसी को ज़रिया बनाया कि वह पैग़ाम पर धियान दे जो उसे सुनाया गया था और एक शख्स के लिए अपना दिल खोले-मुतबादिल तर्जुमा: खुदवान्द ने उसका दिल खोला कि कलाम को सुने और उसपर ईमान लाए-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 16:15
ὡς δὲ ἐβαπτίσθη καὶ ὁ οἶκος αὐτῆς
यहाँ “दिल” एक शख्स के दिमाग़ को ज़ाहिर करता है-इसके अलावा मुसन्निफ़ दिल या दिमाग की बाबत बात करता है जैसे कि वह एक संदूक जैसा है जिसे एक शख्स खोल सकता है और यह किसी के लिउए भरने के लिए तय्यार है- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ὁ οἶκος αὐτῆς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस ने जो कहा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 16:16
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब उन्हों ने लुदिया और उसके ख़ानदान के अफराद को बपतिस्मा दिया-(देखें: INVALID translate/writing-background)
यहाँ “घर” उसके घर के लोगों को जाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:”उसके घराने के अफराद” या“उसका ख़ानदान और उसके घर के नौकर” (देखें: @)
ἐγένετο δὲ
यहाँ पीछे की कहानी की इतला दी गयी है यह समझाने के लिए कि यह जवान लड़की लोगों की मुस्तकबिल बताने वाली अपने मालिकों के लिए बहुत सा पैसा जमा करती थी-(देखें: @)
παιδίσκην τινὰ
पौलुस के सफ़र के दौरान एक दूसरी मुख़्तसर कहानी में पहला वाक़िया शुरू होता है- यह एक जवान मुताक्बिल कहने वाली की बाबत है-
πνεῦμα Πύθωνα
यह मुहावरा कहानी के एक नए हिस्से की शुरुआत को बताता है-अगर आप की ज़बान में ऐसा करने के लिए कोई तरीका है तो यहां उसका इस्तेमाल कर सकते हैं-
Acts 16:17
ὁδὸν σωτηρίας
मुहावरा “एक लौंडी” यहाँ कहानी के एक नए किरदार का तआरुफ़ करती है-मुतबादिल तर्जुमा: “एक जवान औरत थी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 16:18
διαπονηθεὶς δὲ Παῦλος, καὶ ἐπιστρέψας
एक बदरूह उस से बात करती थी और अक्सर अचानक ही लोगों के मुसतक़बिल बताना शुरू करती थी-
ἐν ὀνόματι Ἰησοῦ Χριστοῦ
अब एक शख्स जिस तरह से यहाँ बताया गया है एक शख्स बचाया जा सकता है उस रस्ते पर जिसमें वह चलता है- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुमको कैसे बचा सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐξῆλθεν αὐτῇ τῇ ὥρᾳ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मगर वह किसी तरह पौलुस को परेशान करती रही इसलिए उसने फिर कर” ---(देखें: @)
Acts 16:19
οἱ κύριοι αὐτῆς
यहाँ “नाम” इख्तियार के साथ बोलने को ज़ाहिर करता है या येसू मसीह के नुमाइंदे की तरह-(देखें: @)
ἰδόντες…οἱ κύριοι αὐτῆς, ὅτι ἐξῆλθεν ἡ ἐλπὶς τῆς ἐργασίας αὐτῶν
अचानक बदरूह उसमें से बाहर निकल गयी
εἰς τὴν ἀγορὰν
लौंडी के मालिक
ἐπὶ τοὺς ἄρχοντας
इसको साफ़ तोर से बयान किया जा सकता है कि क्यों उन्हों ने आगे को पैसा बनाने कि उम्मीद छोड़ दी- मुतबादिल तर्जुमा: “जब उस के मालिकों ने देखा कि वह उनके लिए मुस्तकबिल बताने ज़रिये आगे को पैसा नहीं कमा सकती” (देखें: @)
Acts 16:20
καὶ προσαγαγόντες αὐτοὺς τοῖς στρατηγοῖς
आम चौक में -यह एक आम बेपार की जगह है जहां सामान, जानवर और दीगर चीज़ों की ख़रीद व फ़रोख्त होती है-
στρατηγοῖς
हाकिमों की मौजूदगी में या ताकि हाकिम लोग उनका इंसाफ़ करे-ताकि हाकिम लोग उनका इंसाफ़ कर सके”
οὗτοι οἱ ἄνθρωποι ἐκταράσσουσιν ἡμῶν τὴν πόλιν
जब वह हाकिमों के आगे लाए गए
Acts 16:21
παραδέχεσθαι οὐδὲ ποιεῖν
फौजदारी के लोगों, हाकिमों
Acts 16:22
यहाँ लफ्ज़ “हमारा” शहर के लोगों को ज़ाहिर करता हैऔर फौजदारी के हाकिम को शामिल करता है-(देखें: @)
ἐκέλευον ῥαβδίζειν
एत्काद करना या हुकुम मानना या “कबूल करना या किसी काम को करना”
Acts 16:23
πολλάς…ἐπιθέντες αὐτοῖς πληγὰς
यहाँ अलफ़ाज़ ‘उनका” और “उन्हें” पौलुस और सिलास की तरफ़ इशारा करता है- लफ्ज़वह लोग यहाँ पर सिपाहियों को ज़ाहिर करता है-
παραγγείλαντες τῷ δεσμοφύλακι ἀσφαλῶς τηρεῖν αὐτούς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “सिपाहियों को हुक्म दिया कि उन्हें लोहे कि सलाखों से मारे” (देखें: @)
δεσμοφύλακι
उनको सलाखों से बहुत बार मारा गया
Acts 16:24
ὃς παραγγελίαν τοιαύτην λαβὼν
दारोगा से कहा कि उनका धियान रखा जाए कि वह बाहर निकलने ना पाएं-
τοὺς πόδας ἠσφαλίσατο αὐτῶν εἰς τὸ ξύλον
दारोगा एक ज़िम्मेदार शख्स होता है जो क़ैद खाने के तमाम लोग उसके मातहत होते हैं-
ξύλον
उसने इस हुक्म को सुना
Acts 16:25
हिफाज़त के तोर पर उन दोनों के पैरों में बेड़ियाँ डाली गयीं-
एक लकड़ी का टुकड़ा सूराखों के साथ एक शख्स के पैरों को हरकत करने से रोकने के लिए-
Acts 16:26
σεισμὸς…ὥστε σαλευθῆναι τὰ θεμέλια τοῦ δεσμωτηρίου
लफ्ज़ उनके लिए पौलुस और सिलास को ज़ाहिर करता है-
τὰ θεμέλια τοῦ δεσμωτηρίου
पौलुस और सिलास का वक़्त फिलिप्पी के क़ैद खाने में जारी रहता है-कहानी बताती है कि उनके दारोगा का क्या हुआ-
ἠνεῴχθησαν…αἱ θύραι πᾶσαι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ज़लज़ला जिस ने क़ैद खाने की बुन्याद को हिला कर रख दिया”- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
πάντων τὰ δεσμὰ ἀνέθη
जब बुन्यादें हिल गयीं तो इस से सारा कैदखाना ही पूरी तरह से हिल गया-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 16:27
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”सारे दरवाज़े खुल गए” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἔξυπνος…γενόμενος ὁ δεσμοφύλαξ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:हरेक कैदी की जंजीरें खुल गयीं –(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἤμελλεν ἑαυτὸν ἀναιρεῖν
यहां लफ्ज़ “हम” पौलुस और सिलास और तमाम दीगर कैदियों को ज़ाहिर करता है मगर दारोगा को छोड़कर- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “दारोगा जाग उठा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
खुद को हलाक करने के लिए तैयार था- दारोगा ने सोचा कि कैदियों के छूट जाने के अंजाम बतोर जो उसको भुगतना पड़ेगा इस से बेहतर तो यह होगा कि ख़ुदकुशी करलो-
Acts 16:29
εἰσεπήδησεν
इसी सबब से दारोगा को चिराग की ज़रोरत थी जो हर चीज़ को ज़ाहिर कर देगा- मुताबदिल तर्जुमा:किसी को उसने बुलाया कि चिराग़ लेकर आए ताकि वह देख सके कि क़ैद में कौन बाक़ी था-(देखें: @)
προσέπεσεν τῷ Παύλῳ καὶ Σιλᾷ
लफ्ज़ “चिरागें”एक ऐसी चीज़ है जो उजाला कर देती हैं -मुतबादिल तर्जुमा: “मशालों के लिए” या चिरागों के लिए” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
Acts 16:30
προαγαγὼν αὐτοὺς ἔξω
जलदी से क़ैद खाने में दाखिल हुआ
τί με δεῖ ποιεῖν, ἵνα σωθῶ
दारोगा ने पौलुस और सिलास के क़दमों में गिरकर खुद को हलीम किया- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 16:31
σωθήσῃ
उन्हें कैदखाने के बाहर तक ले गया
ὁ οἶκός σου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं क्या करूं कि ख़ुदा मुझे मेरे गुनाहों से नजात दे”- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 16:32
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”ख़ुदा तुमको बचाएगा” या ख़ुदा तुझको तेरे गुनाहों से बचाएगा- (देखें: @)
ἐλάλησαν αὐτῷ τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
यहाँ “घराना” लोगों को ज़ाहिर करता है जो एक घर में जाते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “तू और तेरा घराना” या तेरे घर के सारे लोग” या “तेरा ख़ानदान” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 16:33
ἐβαπτίσθη, αὐτὸς καὶ οἱ αὐτοῦ πάντες παραχρῆμα
यहाँ लफ्ज़ “वह”का पहला इस्तेमाल इसके साथ ही “उनका” और “उन्हें” पौलुस और सिलास को ज़ाहिर करते हैं- मवाज़िना करें [आमाल 16:25] (../16/25.md)-लफ्ज़ “वह” का आखरी इस्तेमाल उन लोगों कीतरफ इशारा करता है जो दारोगा के घराने में हैं-अलफ़ाज़ “उसे”, “उसके” और “वह” दारोगा की बाबत है-
Acts 16:35
यहाँ “कलाम” पैग़ाम को पेश करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हों ने खुदावंद येसू की बाबत पैग़ाम सुनाया”- (देखें: @)
δὲ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: पौलुस और सिलास ने दारोगा को और उस के घर के सारे लोगों को बपतिस्मा दिया-(देखें: @)
ἀπέστειλαν…τοὺς ῥαβδούχους
फिलिप्पी में पौलुस और सिलास की कहानी का यह आखरी वाक़िया है-(आमाल 16:12).
ἀπέστειλαν
यह लफ्ज़ यहाँ पर खानी कि ख़ास लकीर में वक़फ़ा की निशानी के लिए इस्तेमाल किया गया है-यहाँ लूका कहानी के आखरी वाकिये को बताता है जो उसने आमाल16:16-में शुरू किया था-
ἀπόλυσον τοὺς ἀνθρώπους ἐκείνους
यहाँ “कलाम” “पैग़ाम” या “हुक्म” के लिए इस्तेमाल हुआ है -मुताबदिल तर्जुमा: “मुहाफ़िज़ों को एक पैग़ाम भेजा” या मुहाफ़िज़ों को एक फरमान जारी किया-(देखें: @)
Acts 16:36
ἐξελθόντες
यहाँ “भेजा” के मायने हैं हाकिम ने किसी से कहा कि जाओ और उन के पैग़ाम को मुहाफ़िज़ों से कहो-
Acts 16:37
उन लोगों को छोड़ दो या “उन लोगों को जाने दो”
ἔφη πρὸς αὐτούς
क़ैदखाने से बाहर आए
δείραντες ἡμᾶς δημοσίᾳ
तमाम औक़ात में लफ्ज़ “वह” पहली बार इस्तेमाल किया गया है “उनसे’ का लफ्ज़ हाकिम के लिए है-लफ्ज़ “वह आप” हाकिम को ज़ाहिर करता है दूसरी बार लफ्ज़ “उनसे” पौलुस और सिलास की बाबत है-लफ्ज़ “हमें” सिर्फ़ पौलुस औत सिलास कि तरफ़ इशारा है-(देखे: INVALID translate/figs-metonymy)
ἀκατακρίτους ἀνθρώπους Ῥωμαίους ὑπάρχοντας, ἔβαλαν εἰς φυλακήν
गालिबन पौलुस दारोगा से बात कर रहा है मगर वह पहल करता है कि दारोड़ा हैं से वह बात कहे जो वह कहना चाहता है- मुताबदिल तर्जुमा: “दरोगा से कहा”(देखें: @)
λάθρᾳ ἡμᾶς ἐκβάλλουσιν? οὔ
यहां लफ्ज़ “वह” हाकिम के लिए है जो अपने सिपाहियों को हुक्म देता है कि उन्हें मारे-मुतबादिल तर्जुमा: “हाकिम ने अपने सिपाहियों को हुक्म दिया कि वह सरे आम हमको मारे” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
λάθρᾳ ἡμᾶς ἐκβάλλουσιν? οὔ
लोग जो रोम के शहरी हैं , उनके सिपाहियों ने हमको क़ैद खाने में डाला है जबकि उनहोंने कोर्ट में साबित नहीं किया कि हम कुसूरवार थे-
Acts 16:38
ἐφοβήθησαν…ἀκούσαντες ὅτι Ῥωμαῖοί εἰσιν
पौलुस एक सवाल का इस्तेमाल करता है इस बात पर जोर देने के लिए कि वह हाकिम को इजाज़त नहीं देगा कि इतना कुछ गलत बर्ताव करने के बाद उन्हें चुपके से शहर के बाहर करदे-मुतबादिल तर्जुमा: पौलुस ने कहा “मैं हरगिज़ ऐसा होने नहीं दूंगा वह हमें चुपके से शहर के बाहर करदे!” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 16:40
यहाँ “वह आप” जोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया है
रोमी होने के मायने हैं कि कानूनी तोर से रोमी सल्तनत के शहरी होना- शहरियत आज़ादी अता करती है बिना बात के ईज़ा दिए जाने से और एक मुनासिब मुक़द्दमा चलाए जाने के लिए- शहर के रहनुमा डर रहे थे कि रोमी हाकिम यह बात मालूम कर लेंगे कि किस तरह से हमने पौलुस और सिलास के साथ बुरा बर्ताव किया था-(देखें: INVALID translate/writing-endofstory)
εἰσῆλθον πρὸς τὴν Λυδίαν
यहां लफ्ज़ “वह” पौलुस और सिलास को ज़ाहिर करता है- लफ्ज़ “उनको’ यह फिलिप्पी के इमानदारों कि बाबत है-
τὴν Λυδίαν
यह पौलुस और सिलास का फिलिप्पी में आखरी वक़्त है-(देखें: @)
ἰδόντες
यहाँ “आया” “गया”बतोर भी तर्जुमा किया जा सकता है-(देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)
Acts 17
लुदिया का घर
Acts 17:1
यहाँ “भाइयों” ईमानदारों को ज़ाहिर करता है चाहे वह मर्द हों या औरत -मुतबादिल तर्जुमा: “ईमानदारों को देखा”-(देखें: @)
आमाल 17 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
मसीहा की बाबत गलत फहमियाँ
यहूदी लोग तवक्को करते थे कि मसीह या मसीहा एक ज़बरदस्त बादशाह होगा क्यूंकि पुराना अहदनामा इस बारे में बार बार कहता है-मगर वह यह भी कहता है कि मसीहा दुःख उठाएगा-यही बात पौलुस यहूदियों से कह रहा था-(देखें: @)
एथेन्ज़ का मज़हब
पौलुस ने कहा कि एथेन्ज़ के लोग मजहबी थे मगर उन्हों ने सच्चे ख़ुदा की परसतिश नहीं की-उन्हों ने फ़रक फ़रक झूठे देवताओं की परस्तिश की-माज़ी में उनहोंने लोगों से फ़तेह हासिल की और उनके देवताओं परस्तिश शुरू करदी जिन पर फ़तेह पाई थी-(देखें: @)
इस बाब में लूका पहली बार गयां करता है कि किसतरह पौलुस ने उन लोगों को मसीह का पैगाम पहुंचाया जो पुराने अहद्नामे की बाबत कुछ नहीं जानते थे-
δὲ
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस और सिलास को ज़ाहिर करता है-मवाज़िना करेंआमाल16:40- लफ्ज़ “उनको” यह थिसलुनीका हैकल के यहूदियों की तरफ़ इशारा करता है-
διοδεύσαντες
यह पौलुस, सिलास और तीमुथियुस के मिशनरी सफ़र को जारी रखता है-वह अब थिस्लुनिके पहुंचे हैं ज़ाहिर तोर से लूका के बगैर जबकि वह कहता है “वह लोग” न कि “हम”-
τὴν Ἀμφίπολιν καὶ τὴν Ἀπολλωνίαν
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी के कतार में एक वक़फ़े की निशानी है-यहाँ मुसन्निफ़ लूक़ा कहानी के एक नए हिस्से को कह्ना शुरू करता है
ἦλθον εἰς Θεσσαλονίκην
की तरफ़ सफ़र किया
Acts 17:2
κατὰ…τὸ εἰωθὸς
यह मकिदुनिया के साहिली शहर हैं –(देखें: @)
ἐπὶ Σάββατα τρία
यहाँ “आया” “गया” या “पहुंचा” के मायने में तर्जुमा किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह शहर में आये” या “वह शहर में पहुंचे” (देखें: @)
διελέξατο αὐτοῖς ἀπὸ τῶν Γραφῶν
जैसे के उसकी आदत थी या जैसे उसकी हस्बे मामूल आदत थी-पलुस अक्सर सबत के दिन हैकल में जाया करता था जब यहूदी लो मौजूद रहते थे-
διελέξατο αὐτοῖς
हरेक सबत के दिन तीन हफ़्तों के लिए
Acts 17:3
पौलुस ने समझाया कि नविश्ते क्या मायने रखते हैं इस बतोर यहुदियों को साबित करने के लिए कि येसू ही मसीहा है- (देखें: @)
διανοίγων
उनके सामने सबब ज़ाहिर किया या “उनसे हुज्जत की” या “उनके साथ बहस किया”
ἔδει
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस को ज़ाहिर करता है (आमाल 17:2)-
ἀναστῆναι
मुमकिन मायने हैं1) नाविशतों को इस बतोर समझाने के लिए कि जो लिखा गया है उसे समझ सके- जबकि पौलुस नाविश्ते का कुछ खुलासा कर रहा था ताकि लोग देखें कि उसके अन्दर क्या है-2)पौलुस सचमुच में एक किताब या तूमार खोल रहा था और उस में से पढ़ रहा था –(देखें: @)
ἐκ νεκρῶν
यह ख़ुदा के मंसूबे का हिस्सा था
Acts 17:4
αὐτῶν ἐπείσθησαν
ताकि ज़िन्दगी की तरफ़ वापस आये
προσεκληρώθησαν τῷ Παύλῳ
उनसब के बीच में से जो मर चुके हैं- यह इज़हार बयान करता है तमाम मुर्दा लोगों को जो ज़मीन में और ज़मीन के असफ़ल दोनों में पाए जाते हैं- इन दोनों से वापस आने को ही फिर से ज़िन्दा होना कहते हैं-
σεβομένων Ἑλλήνων
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”यहूदी लोगों का एत्काद था”- या “यहूदी लोग समझते थे” (देखें: @)
γυναικῶν…τῶν πρώτων οὐκ ὀλίγαι
पौलुस के साथ शामिल हो गए (शरीक हो गए)
Acts 17:5
यह यूनानियों को ज़ाहिर करता है जो ख़ुदा की इबादत करते थे मगर खतने के ज़रिये यहूदियत को अपनाए नहीं थे
ζηλώσαντες
यह एक बयान किया जाना है इस बात पर जोर देने के लिए कि बहुत सी रहनुमाई करने वाली औरतें उनके साथ शामिल हो गयीं-मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत सी रहनुमाई करने वाली औरतें”- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ζηλώσαντες
यहाँ लफ्ज़ “वह लोग” एत्काद न करने वाले यहूदियों और बाज़ारी बदकार लोगों को ज़ाहिर करता है-
προσλαβόμενοι…ἄνδρας τινὰς πονηροὺς
हसद का एहसास रखने वाले को कहा जाता है कि हसद एक शख्स को सचमुच में हिल देता है- मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत ज़ियादा हसद करना” या “बहुत ज़ियादा गुस्सा होना” (देखें: @)
ἄνδρας τινὰς πονηροὺς
इसको शरह के तोर पर बयान किया जा सकता है कि कई यहूदी हसद करने लगे क्यूंकि कुछ यहूदी और यूनानी लोग पौलुस के पैग़ाम पर ईमान ले आए थे- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τῶν ἀγοραίων
यहाँ “लेगये” के मायने यह नहीं कि यहूदी लोग इन्हें ज़बरदसती से ले गए- बल्कि यह कि यहूदियों ने इन बदकार लोगों को कायल किया कि उनकी मदद करे-
ἐθορύβουν τὴν πόλιν
कुछ बदकार लोग -कफज “लोग” यहाँ पर ख़ास तोर से मरदों को ज़ाहिर करता है-
ἐπιστάντες τῇ οἰκίᾳ
“आम चौक से’यह एक आम तिजारत की जगह है जहां सामान की और जानवरों की ख़रीद व फ़रोख्त होतीया दीगर काम होते हैं-
Ἰάσονος
यहाँ “शहर” शहर के लोगों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “शहर के लोगों में एक हंगामा खड़ा किया” या “शहर के लोगों में दंगा फ़साद मच गया” (देखें: INVALID translate/translate-names)
προαγαγεῖν εἰς τὸν δῆμον
तशद्दुद से घरों पर हमला करना-गालिबन इस के मायने यह हैं कि लोग घरों पर पत्थर बरसाते और घर के दरवाज़े तोड़ने की कोशिश करते थे-
Acts 17:6
τινας ἀδελφοὺς
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: @)
ἐπὶ τοὺς πολιτάρχας
मुमकिन मायने या “लोग” हैं 1)सरकारी या कानूनी शहरियों की जमाअत जो एक फ़ैसला लेने को जमा हुई थी - 2)एक बड़ी भीड़-
οἱ…ἀναστατώσαντες, οὗτοι
यहां “भाइयों” ईमानदारों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “कोई और ईमानदार लोग”
τὴν οἰκουμένην ἀναστατώσαντες
हाकिमों की मौजूदगी में
Acts 17:7
ὑποδέδεκται Ἰάσων
यहूदी रहनुमा बात कर रहे थे और यह मुहावरा कह रहे थे ,”यह लोग” जो पौलुस और सिलास की तरफ़ इशारा करता है-
Acts 17:8
ἐτάραξαν
इस मुहावरे को बोलने का दूसरा तरीका यह था कि पौलुस और सिलास जहां भी जाते वहां मुश्किलें पैदा करते थे- यहूदी रहनुमा पौलुस और सिलास की बातों को बढ़ा चढ़ा कर बोल रहे थे- मुतबादिल तर्जुमा: “सारी दुनया को परेशान कर रखा है” या “यह जहां कहीं भी जाते हैं सब को परेशान करते हैं-“ (देखें: @ और @)
Acts 17:9
λαβόντες τὸ ἱκανὸν παρὰ τοῦ Ἰάσονος καὶ τῶν λοιπῶν
यह मुहावरा इशारा करता है कि यासून इस बात से मुत्तफ़िक़ था कि रसूल पैग़ाम फैला कर परेशान कर रहे हैं-
τῶν λοιπῶν
फिकरमंद थे
ἀπέλυσαν αὐτούς
यासून और दीगर लोगों को शहर के हाकिमों के पास वायदा बतोर इस बात की ज़मानत भरनी थी कि आगे को अच्छा बरताव करेंगे-अगर बर्ताव सही रहेगा तो पैसे लौटा दिया जाएगा या बुरे बर्ताव से जो तोड़ फोड़ हुआ था उसकी भरपाई में इस्तेमाल होगा-
Acts 17:10
लफ्ज़ “बाकियों” दीगर ईमानदारों की तरफ़ इशारा करता है जिन्हें यहूदियों ने हाकिमों के सामने पेश किया था-
οἱ…ἀδελφοὶ
हाकिमों ने यासून और दीगर ईमानदारों को छोड़ दिया था-
Acts 17:11
δὲ
पौलुस और सिलास बीरिया कि तरफ़ सफ़र करने लगे
οὗτοι…ἦσαν εὐγενέστεροι
लफ्ज़ “भाइयों” यहां ईमानदार मरदों और औरतों की तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा:ईमानदार लोग (देखें: @)
ἐδέξαντο τὸν λόγον
लफ्ज़ “अब” यहां कहानी की ख़ास लाइन में वक्फे की निशानी है- यहाँ लूका बीरिया के लोगों की बाबत पीछे कि कहानी की इतला पेश करता है कि वह लोग पौलुस की बातें सुनने के लिए किस तरह रज़ामंद थे और यह जांचने के लिए भी जो उसने कहे-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
μετὰ πάσης προθυμίας
यह “नेक ज़ात” लोग ज़ियादा वाक़ई में दुसरे लोगों की बनिस्बत नए ख्यालात की बाबत सोचने पर मंज़ूर थे- मुतबादिल तर्जुमा: “ज़ियादा खुले दिल के” या “ज़ियादा सुनने के ख्वाहिशमंद-“
καθ’ ἡμέραν ἀνακρίνοντες τὰς Γραφὰς
यहां “कलाम” एक तालीम को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “तालीम को सुना” (देखें: @)
ἔχοι ταῦτα οὕτως
यह बीरिया के रहने वाले मुस्ताद्दी से कलाम से मुताल्लिक पौलुस की तालीम की तहकीक के लिए तैयार थे-
Acts 17:13
हर रोज़ कलाम को होशियारी से पढ़ते और उसे जांचते थे
ἦλθον κἀκεῖ, σαλεύοντες
कि पौलुस ने जो कहा सच है कि नहीं
ταράσσοντες τοὺς ὄχλους
एथेन्ज़ किनारे की तरफ़ बीरिया से नीचे के मक़ाम पर बसा है जो मकिदुनिया का इलाका है-एथेन्ज़ यूनान के बहुत ही अहम् शहरों में से एक है- (देखें: @)
Acts 17:14
ἀδελφοὶ
यह लोगों को उकसाने वाली बात है जिसतरह से एक शख्स (किसी बर्तन में रखे हुए) एक मह्लूल को हिलाता है ताकि नीचे की चीज़ ऊपर सतेह पर आ जाए-मुतबादिल तर्जुमा: “वहां गया और उकसाया” या वहाँ गया और दखलंदाजी की- (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)
πορεύεσθαι ἕως ἐπὶ τὴν θάλασσαν
और भीड़ के लिए फ़िक्र किया या “लोगों के बीच दहशत और खौफ़ का सबब बना”
Acts 17:15
καθιστάνοντες τὸν Παῦλον
लफ्ज़ “भाइयों” यहाँ पर ईमानदार मरदों और औरतों को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “ईमानदार लोग” देखें: @)
λαβόντες ἐντολὴν πρὸς τὸν Σιλᾶν καὶ τὸν Τιμόθεον
किनारे पर जाने कर लिए-यहाँ से पौलुस गालिबन पानी रास्ते से दुसरे शहर को जाएगा
Acts 17:16
जो पौलुस के साथ सफ़र कर रहे थे या “जो पौलुस के साथ जा रहे थे-“
δὲ
उसने उनसे कहा कि सिलास और तीमुथियुसको नसीहत दे-इस को बराहे रास्त हवाला बतोर भी बयान किया जा सकता है जैसे UST में है- (देखें: INVALID translate/figs-quotations)
παρωξύνετο τὸ πνεῦμα αὐτοῦ ἐν αὐτῷ, θεωροῦντος κατείδωλον οὖσαν τὴν πόλιν
यह पौलुस और सिलास की सफ़र की कहानी का दूसरा हिस्सा है- पौलुस अभी एथेन्ज़ में है जहां वह सिलास और तीमुथियुस का इन्तिज़ार कर रहा है कि उस के साथ शरीक हों-
Acts 17:17
διελέγετο
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी के लाइन में वक्फे के लिए इस्तेमाल किया गया है-यहाँ लूका कहानी के एक नए हिस्से को कहना शुरू करता है-
τοῖς σεβομένοις
यहां लफ्ज़ “जी” पौलुस के खुद के लिए है- इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुता बादिल तर्जुमा: वह परेशान हो गया क्यूंकि उसने शहर में हरजगह मूरत ही मूरत देखे थे -या शहर में हर जगह मूरत ही मूरत को देखकर परेशान हुआ” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ἐν τῇ ἀγορᾷ
उसने हुज्जत किया या “उसने बहस किया”इस के मायने यह हुए कि सामईन की तरफ़ से एक हद तक उसकी मनादी के बदले एक तफ़ाइल हुई-और वह उसके साथ बातें कर रहे थे-
Acts 17:18
यह ग़ैर कौम (ग़ैर यहूदियों को ज़ाहिर करता है जो ख़ुदा की हम्द ओ तारीफ़ तो करते थे मगर तमाम यहुदी शरीयत को नहीं मानते थे-
Ἐπικουρίων καὶ Στοϊκῶν φιλοσόφων
ऍम चौक में-यह आम चौक तिजारत का मरकज़ था जहां सामान, जानवर वगैरा की खरीद व फ़रोख्त होती है-
Στοϊκῶν φιλοσόφων
यहां लफ्ज़ “उसे”, “वह” और वह पौलुस कि बाबत है
συνέβαλλον αὐτῷ
यह लोग यकीन करते थे कि सारी चीजें बा मौका ज़हूर में आए कि देवता बहुत मसरूफ़ थे और कायनात पर हुकूमत करने के लिए खुश थे-वह जी उठने का इनकार करते थे और सादगी से खुशियाँ चाहते थे- देखें; INVALID translate/figs-activepassive)
τινες ἔλεγον
इन लोगों का एत्काद था कि आज़ादी एक शख्स को तकदीर की हालत पर छोड़ देने से हासिल होती है-वह एक्शाख्सी महब्बती ख़ुदा और क़यामत का इंकार करते थे- (देखें: @)
τί ἂν θέλοι ὁ σπερμολόγος οὗτος
उस पर गुज़रा
οἱ
कुछ फ़ेलसूफ़ ने कहा
δοκεῖ καταγγελεὺς
लफ्ज़ “बाब्लेर” उन परिंदों के लिए इस्तेमाल किया जाता था जो बीज को ख़ुराक बतोर चुग लेते हैं-यह मनफ़ी तोर से एक शख्स को ज़ाहिर करता हैजो इतला की थोड़ी जानकारी रखता है- फ़ेलसूफ़ ने कहा कि पौलुस को थोड़ी मालूमात हासिल है जो सुनने लायक़ नहीं है- मुताबदिल तर्जुमा: “यह ग़ैर तालीम याफ़ता शख्स कौन है” (देखें: @)
ξένων δαιμονίων
दुसरे फेल्सूफ़ ने कहा
Acts 17:19
वह एक मन्नाद लगता है या “वह एक ऐसी ख़िदमत में है जो लोगों को अपने फ़लसफ़े में शामिल करना चाहता है-“
ἐπιλαβόμενοί τε αὐτοῦ, ἐπὶ τὸν Ἄρειον Πάγον ἤγαγον
यह अकेले के ख़याल में नहीं कहा गया है मगर एक “बाहरी” होने के ख़याल में-मतलब यह कि वह देवता जिसकी न तो यूनानी और न रोमी पूजा करते हैं और न ही उसे जानते हैं-
ἐπὶ τὸν Ἄρειον Πάγον
अलफ़ाज़ “उसे”, “वह” और “तुम” यह पौलुस की बाबत है (आमाल17:18)- यहाँ अलफ़ाज़ “वह” और “हम” इपिकोरी और स्तोईकी फ़ेलसूफ़ को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τὸν Ἄρειον Πάγον…λέγοντες
इस का मतलब यह नहीं कि उन्हों ने पौलुस को गिरफ्तार कर लिया-फेल्सूफ़ लोगों ने पौलुस को दावत दी कि वह सब से पहले उन के रहनुमाओं से बात करे-
Ἄρειον Πάγον
अरयुपुगुस एक जगह का नाम है जहां रहनुमा लोग जमा होते थे- मुतबादिल तर्जुमा: “ उन रहनुमाओं को जो अरयुपुगुस में मिलते हैं- (देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 17:20
ξενίζοντα γάρ τινα εἰσφέρεις εἰς τὰς ἀκοὰς ἡμῶν
यहाँ रहनुमा जो अरयुपुगुस में मिलते हैं वह बात चीत कर रहे हैं-इसको एक नए जुमले में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “अरयुपुगुस: रहनुमाओं ने पौलुस से कहा”
Acts 17:21
Ἀθηναῖοι δὲ πάντες καὶ οἱ ἐπιδημοῦντες ξένοι
यह एक मशहूर जगह है जो चटटानों से उभरा हुआ है या अथेने का पहाड़ जहाँ अथेने का सदर अदालत शायद मिला हुआ है- देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
Ἀθηναῖοι…πάντες
येसू और क़ियामत की बाबत पौलुस की तालीम एक ऐसी बात है जिस से एक शख्स दुसरे शख्स को अपनी तरफ़ ला सकता है-यहां “कान” ज़ाहिर करता है जो वह सुनते हैं- मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूंकि तू हमें अनोखी बात सिखाता है जिसे हम ने इससे पहले कभी नहीं सुना”- (देखें: INVALID translate/translate-names और @)
οἱ…ξένοι
लफ्ज़ “सब” एक इस्तेमाम है जो कई लोगों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “अब कई एक अथेने के लोग और परदेसी वहां पर रहते थे” या “अब कई एक अथेने के लोग और परदेसी वहां रहते थे” (देखें: @)
εἰς οὐδὲν ἕτερον ηὐκαίρουν, ἢ λέγειν τι ἢ ἀκούειν
अथेने के लोग अथेने से थे जो मकिदुनिया से नीचे साहिल के क़रीब एक शहर था-(यह मौजूदा यूनान है) (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
εἰς οὐδὲν ἕτερον ηὐκαίρουν, ἢ λέγειν τι ἢ ἀκούειν
परदेसी लोग
λέγειν τι ἢ ἀκούειν τι καινότερον
यहां “फुर्सत का वक़्त” की बात की गई हैजो एक शख्स अपने औकात में से गुज़ार सकता है: मुतबादिल तर्जुमा:”अपनी फुर्सत का वक़्त नई नई बातें कहने सुनने के सिवा और किसी काम में सर्फ़ नहीं करते थे” या कुछ भी नहीं करते थे सिवाए बोलने और सुनने के” (देखें: @)
Acts 17:22
मुहावरा “अपना वक़्त किसी काम में सर्फ़ नहीं करते थे” यह एक इस्ते’माम है- मुतबादिल तर्जुमा:“ज़ियादा कुछ नहीं करते थे बल्कि कहना और सुनना” या “अपना ज़ियादा वक़्त कहने सुनने में गुजारते थे” (देखें: @)
κατὰ πάντα…δεισιδαιμονεστέρους
नए फ़लसफ़े के ख़यालात की बातें या “उन बातों की चर्चा करना जो उनके लिए नई थीं”-
Acts 17:23
διερχόμενος γὰρ
अरयोपुगुस में पौलुस फेल्सूफ़ से मुखातब होकर तक़रीर शुरू करता है-
ἀγνώστῳ Θεῷ
पौलुस अथेने के आम लोगों को देवताओं की बाबत्त बताता है किवह किसतरह दुआओं के ज़रिये, कुर्बान गह तामीर करने के ज़रिये और कुर्बानियां गुज़रान्ने के ज़रिययूनकी इज़्ज़त करते हो-
Acts 17:24
τὸν κόσμον
क्यूंकि जब मैं उधर से गुज़र रहा था या “उनके बीच चल रहा था-“
οὗτος…ὑπάρχων Κύριος
मुमकिन मायने हैं:1) “किसी नामालूम ख़ुदा के लिए” या 2)”एक ऐसे ख़ुदा के लिए जो नहीं जाना गया” यह एक ख़ास मक्तूब या खुदी हुई तहरीर कुरबान गाह पर थी-
οὐρανοῦ καὶ γῆς
बहुत ज़ियादा आम ख़याल के मुताबिक़ “दुनया” आसमान और ज़मीन और जो कुछ उन में हैउसे कहते हैं-
χειροποιήτοις
इसलिए कि वह खुदावंद है यहाँ “वह’उस नामालूम ख़ुदा को ज़ाहिर करता है जिस का ज़िक्र आमाल 17:23 में है उसको पौलुस समझा रहा है कि यह वही खुदावंद ख़ुदा है-
Acts 17:25
οὐδὲ ὑπὸ χειρῶν ἀνθρωπίνων θεραπεύεται
अलफ़ाज़ “आसमान” और “ज़मीन” का इस्तेमाल यहां सारी तख़लीक़ को ज़ाहिर करती है जो आसमान और ज़मीन में पाए जाते हैं- (देखें: INVALID translate/figs-merism)
ὑπὸ χειρῶν ἀνθρωπίνων
यहां “हाथों” लोगों कि तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा “लोगों के हाथों से बनाया हुआ या “जिन्हें लोगों ने बनाया”-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
αὐτὸς διδοὺς
यहां “ख़िदमत लेना” एक डाक्टर के ख़याल का इज़हार है जो एक मरीज़ का इलाज करता है ताकि मरीज़ फिर से अच्छा होजाए-मुताबदिल तर्जुमा: “न हीं वह आदमियों के हाथों से ख़िदमत लेता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 17:26
यहां “हाथों” पूरी शख्सियत कि तरफ़ इशारा है-मुताबदिल तर्जुमा: “आदमियों के ज़रिये” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ἑνὸς
क्यूंकि वह खुद ही- “वह खुद” का लफ्ज़ जोर देने के लिए जोड़ दिया गया है- (देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)
ὁρίσας προστεταγμένους καιροὺς καὶ τὰς ὁροθεσίας τῆς κατοικίας αὐτῶν
यहां अलफ़ाज़ ‘वह’ और “उसे” एक सच्चे ख़ुदा को ज़ाहिर करता है जो सब का खालिक़ है- अलफ़ाज़ “उनका” और “उन्हें” यह हर कौम के लोगों को ज़ाहिर करता है जो ज़मीन पर पाए जाते हैं- लफ्ज़ हमारा इस्तेमाल करते हुए पौलुस खुद को सामईन और हर एक कौम के साथ शामिल करता है- (देखें: @)
Acts 17:27
ζητεῖν τὸν Θεὸν, εἰ ἄρα γε ψηλαφήσειαν αὐτὸν καὶ εὕροιεν
इस का मतलब है आदम,पहला इंसान जिसे ख़ुदा ने बनाया-इसे हव्वा को जोड़ने के लिए भी बयान किया जा सकता है -यह आदम और हव्वा ही थे जिन के ज़रिये ख़ुदा ने तमाम बनी इंसान को पैदा किया-मुतबादिल तर्जुमा: “एक जोड़ा”
καί γε οὐ μακρὰν ἀπὸ ἑνὸς ἑκάστου ἡμῶν ὑπάρχοντα
इस को एक नया जुमला बतोर बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “और उसने यह फ़ैसला किया कि कब और कहाँ वह रहेंगे”
Acts 17:28
यहाँ “ख़ुदा की तलाश” ज़ाहिर करता है “उन्की ख़ुदा को जान्ने की ख्वाहिश और उनका उसकी तरफ़ जाने और उसे पाने का एहसास” ज़ाहिर करता है दुआ करने और उसके साथ रिश्ता रखने को- मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि वह ख़ुदा को जानना चाहें और उससे दुआ करना चाहें और उसके लोगों में से एक होजाएं” (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
ἐν αὐτῷ γὰρ
इसको अस्बाती मायने में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “हर चाँद वह हम में से किसी से दूर नहीं”- (देखें: @)
Acts 17:29
γένος…ὑπάρχοντες τοῦ Θεοῦ
यहां अल्फाज़ “उसको” और ‘उसका” यह ख़ुदा को ज़ाहिर करता है (आमाल17:24)-जब पौलुस “हम” कहता है तो वह अपने सुनने वालों के साथ खुद को भी शामिल करता है- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὸ θεῖον
उसी की बदौलत
χαράγματι τέχνης καὶ ἐνθυμήσεως ἀνθρώπου
इस लिए कि ख़ुदा ने हरेक को बनाया इस मायने में सारे लोग लाफ्ज़ी तोर से ख़ुदा कि नसल में से हैं-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 17:30
यहाँ “ज़ात-ए-इलाही” ख़ुदा की क़ुदरत या उसकी सिफ़त को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा:”वह ख़ुदा” (देखें: @)
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जो कि एक शख्स अपनी हुनर का इस्तेमाल करता है ताकि कुछ ऐसा बनाए जो उसने तजवीज़ की है”-या “मुजस्समें जिन्हें लोग अपने फन का या तसव्वुर का इस्तेमाल करके बनाते हैं” (देखें: @)
οὖν
यहां लफ्ज़ “वह” ख़ुदा कि बाबत है
χρόνους τῆς ἀγνοίας ὑπεριδὼν ὁ Θεὸς
पौलुस अर्युपुगुस में फेल्सूफ़ के बीच अपनी तकरीर को ख़त्म करता है जो उस ने [आमाल17:22] (../17/22.md)-
χρόνους τῆς ἀγνοίας
क्यूंकि जो कुछ मैं ने अभी कहा सच है
τοῖς ἀνθρώποις πάντας
ख़ुदा ने फ़ैसला किया कि जहालत के वक्तों से चश्मपोशी करके लोगों को सज़ा न दे-
Acts 17:31
ἐν ᾗ μέλλει κρίνειν τὴν οἰκουμένην ἐν δικαιοσύνῃ, ἐν ἀνδρὶ ᾧ ὥρισεν
यह उस वक़्त से पहले का हवाल देता है जब ख़ुदा पूरी तरह से खुद को येसु मसीह में होकर ज़ाहिर किया था और इससे पहले कि लोग सच मुच जानते थे कि किसतरह ख़ुदा की फर्मान्बर्दारी की जाए-
μέλλει κρίνειν τὴν οἰκουμένην
इस के मायने हैं तमाम लोग चाहे वह मर्द हों या औरत- मुतबादिल तर्जुमा: “तमाम लोग” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐν δικαιοσύνῃ
जब वह उस आदमी की मारिफ़त रास्ती से दुनया की अदालत करेगा जिसे उस ने चुना है-
πίστιν παρασχὼν
यहाँ लफ्ज़ “दुनया” लोगों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह तमाम लोगों की अदालत करेगा” (देखें: @)
ἐκ νεκρῶν
रास्ती से या “इंसाफ़ से”
Acts 17:32
ख़ुदा ने इस शख्स के लिए अपनी चुनाव का इज़हार किया है
उन तमाम लोगोंके बीच में से जो मर गए हैं-यह इज़हार उन तमाम मुर्दा लोगों का बयान करता है जो ज़मीन के अन्दर और ज्मिनके असफल में पाए जाते हैं-उनके बीच में से निकल आना ही दोबारा से ज़िन्दा होना कहा जाता है-
δὲ
यहाँ लफ्ज़ “हम” अथेन्वी लोगों को ज़ाहिर करता है मगर पौलुस को नहीं,सो यह शामिल न करके है हालांकि उन में से कुछ गालिबन पौलुस की नहीं सुनना चाहते थे,वह शायद सिर्फ़ हलिम होना चाहते थे-(देखें: @)
ἀκούσαντες
अथेने में पौलुस की बाबत कहानी का यह आखरी हिस्सा है- (देखें: @)
οἱ μὲν ἐχλεύαζον
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी की लाइन में वक़फ़े की निशाँन दिही के लिए इस्तेमाल किया गया है-यहाँ लूका अथेने के लोगों के रद्देअमल के मुताबिक पौलुस की तालीम से आगे बढ़ता है-
कुछ लोग थे जो अर्युपुगुस में मौजूद थे जो पौलुस की सुन रहे थे वह यह थे-
कुछ ने पौलुस का मज़हका उड़ाया या “कुछ ने पौलुस की हंसी उड़ाई” यह कह कर कि क्या यह मुमकिन है किसी शख्स के लिए कि वह मर जाए और फिर से ज़िन्दा होजाए-
Acts 17:34
दियो निसियुस एक आदमीका नाम था-अर्युपुगुस में जो हुआ उससे ज़ाहिर है कि दियो निसियुस अर्युपुगुस कि सदर अदालत के मुन्सिफों में से एक था-(देखें: INVALID translate/translate-names)
यह एक औरत का नाम है-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 18
Acts 18:1
आमाल18 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
युहन्ना का बपतिस्मा
येरूशलेम और यहूदिया से दूर रहने वाले यहूदी जिन्होंने युहन्ना इसतिबाग़ी की मनादी को सुना और उसकी तालीम के पीछे चलने लगे-उनहोंने अब तक येसू की बाबत नहीं सुना था-उन में से एक यहूदी था अपोल्लुस- वह युहन्ना इसतिबाग़ी के पीछे चलता था मगर वह नहीं जानता था कि मसीहा आ चुका था-युहन्ना लोगों को तौबा का बपतिस्मा देता था मगर यह बपतिस्मा मसीही बपतिस्मे से फ़रक था-(देखें:ईमानदार, इमानदारी, बे-ईमान, बे-ईमानी और मसीह ,मसीहा ), तौबा करके , तौबा, फिराया, तौबा )
μετὰ ταῦτα
कहानी में अक्विला और पिरिसकिलला का तआरुफ़ किया गया है और आयत 2 और 3 उनकी बाबत पीछे की कहानी पेश करते हैं- (देखें: INVALID translate/writing-background)
ἐκ τῶν Ἀθηνῶν
यह कहानी का दूसरा हिस्सा है जिस में पौलुस कुरिन्थ की तरफ़ सफ़र करता है-
Acts 18:2
καὶ εὑρών
अथेने में सारे वाक़ियात के पूरे होने के बाद
τινα Ἰουδαῖον ὀνόματι Ἀκύλαν
अथेने यूनान के बहुत ही ख़ास शहरों में से एक था-देखें कि आप ने इसे आमाल17:15-में किसतरह तर्जुमा किया है-
Ποντικὸν τῷ γένει
मुमकिन मायने हैं 1) बा मौक़ा पाने के लिए पौलुस ने होने दिया 2) पौलुस ने इरादतन पाया-
προσφάτως ἐληλυθότα
यहाँ जो मुहावरा है “एक शख्स” यह कहानी में एक नए शख्स के तआरुफ़ की तरफ़ इशारा करता है-(देखें: @)
τῆς Ἰταλίας
पौन्तुस बहरे अस्वद (काला समुन्दर) के जुनूबी साहिल पर एक सूबा था-
τὸ διατεταχέναι Κλαύδιον
यह गालिबन किसी वक़्त पिछले सालों में था
Acts 18:3
τὸ ὁμότεχνον εἶναι
यह मुल्क का नाम है-रोम इतालिया शहर का पाएतख्त है-(देखें: @)
Acts 18:4
उन दिनों क्लोदियुस रोमी सल्तनत का बादशाह था-देखें कि आप ने इसे आमाल11:28-में किसतरह तर्जुमा किया है-
διελέγετο δὲ
उसने उसी तरह का काम किया जो उन्हों ने किया
ἔπειθέν τε Ἰουδαίους καὶ Ἕλληνας
सिलास और तीमुथियुस दोबारा पौलुस के साथ शरीक होते हैं-
Acts 18:5
συνείχετο τῷ λόγῳ ὁ Παῦλος
सो पौलुस ने हुजजत किया या पौलुस ने बहस की-उसने सबब बतलाया-इस का मतलब यह है कि इस के बजाए वह सिर्फ़ मनादी कर रहा था- पौलुस ने बात की और लोगों के साथ तफ़ाइल किया -
Acts 18:6
ἐκτιναξάμενος τὰ ἱμάτια
मुमकिन मायने हैं 1) “उसने यहूदियों और यूनानियों दोनों को ईमान लाने पर कायल किया-“या 2)उसने लगातार कोशिश की कि यहूदी और यूनानी दोनों ही उसकी तरफ़ रागिब होजाएं-
τὸ αἷμα ὑμῶν ἐπὶ τὴν κεφαλὴν ὑμῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा:रूह ने पौलुस को मजबूर किया- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 18:7
यह एक मिसाली अमल है यह इशारा करने के लिए कि पौलुस आगे को यहूदियो के बीच येसू की बाबत तालीम देने की कोशिश नहीं करेगा-वह उन्हें ख़ुदा के इंसाफ़ पर छोड़ रहा है- (देखें: @)
Τιτίου Ἰούστου
यहाँ “खून” उनके गुनाहों के आमाल की तरफ़ इशारा करता है- यहाँ गर्दन पूरी शख्सियत को ज़ाहिर करता है-पौलुस यहूदियों से कहता है किवह पूरी तरह से अदालत के लिए ज़िम्मेदार हैं-अगर वह तौबा करने से इनकार करेंगे तो अपनी सरकशी का अंजाम भुगतेंगे-मुतबादिल तर्जुमा: तुम अकेले अपने गुनाह की सज़ा के ज़िम्मेदार हो- (देखें: INVALID translate/translate-names और @)
σεβομένου τὸν Θεόν
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस को ज़ाहिर करता है- पहला लफ्ज़ “उसका” तितुस यूसुतुस की तरफ़ इशारा करता है और दूसरा लफ्ज़ “उसका” क्रिस्पुस के लिए है-
Acts 18:8
Κρίσπος
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: INVALID translate/translate-names)
ἀρχισυνάγωγος
एक ख़ुदा का परस्तिश करने वाला एक गैरकौम का है जो ख़ुदा की तारीफ़ करता है और उसके पीछे चलता है मगर तमाम यहूदी शरीयत की इततिबा नहीं करता-
ὅλῳ τῷ οἴκῳ αὐτοῦ
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐβαπτίζοντο
एक लावी शख्स जो हैकल का ज़िम्मेदार और उस की ख़िदमत करता है ज़रूरी नहीं कि वह उस्ताद भी हो-
Acts 18:9
μὴ φοβοῦ, ἀλλὰ λάλει καὶ μὴ σιωπήσῃς
यहाँ घर कोगों को ज़ाहिर करता है जो मिलकर रहते हैं मुतबादिल तर्जुमा: “लोग जो उस के साथ उसके घर में रहते थे” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)
λάλει καὶ μὴ σιωπήσῃς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “बपतिस्मा लिया” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
μὴ σιωπήσῃς
खुदावंद दो फ़रक तरीके से एक हुक्म दे रहा है कि पौलुस को यकीनी तोर से अपनी मनादी को जारी रखनी चाहिए- मुतबादिल तर्जुमा: तुमको डरने की ज़रूरत नहीं है इसके बदले में बोलना जारी रखो और ख़ामोश मत रहो- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 18:10
λαός ἐστί μοι πολὺς ἐν τῇ πόλει ταύτῃ
खुदावंद उसी हुक्म को दो अलग तरीके से पौलूस को सख्ती से देता है कि वह बोलता जाए (मनादी करता जाए) मुतबादिल तर्जुमा:खौफ़ न कर बल्कि कहे जा, चुपचाप न रह- (देखें: @)
Acts 18:11
ἐκάθισεν δὲ ἐνιαυτὸν καὶ μῆνας ἓξ, διδάσκων ἐν αὐτοῖς τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
जो कुछ खुदावंद पौलुस से बुलवाना चाहता है इस को वाज़ेह तोर पर बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “इंजील की मनादी करने से न रुकना” (देखें: INVALID translate/writing-endofstory)
Acts 18:12
इस शहर में बहुत से लोग हैं जो मुझ पर ईमान लाए हैं या “इस शहर के बहुत से लोग मुझ पर ईमान लाएंगे”
कहानी के इस हिस्से के लिए यह एक इख्तितामी बयान है- “ख़ुदा का कलाम” यहाँ पूरे नविश्ते के लिए एक तमसील है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस वहाँ पर रहा ...और उन के बीच कलाम की तालीम देता रहा” (देखें @ और @)
Γαλλίωνος
अखिया रोम का एक सूबा था जिसमें कोरिन्थ बसहा था-जुनूबी यूनान में कोरिन्थ एक बहुत बड़ा शहर था और उस सूबे का पाए तख़्त था-(देखें: INVALID translate/translate-names)
οἱ Ἰουδαῖοι
ग़ैर ईमानदार यहूदियों ने पौलुस को गेललियो के तख़्त -ए- अदालत के सामने ले आये जो सूबेदार था-
κατεπέστησαν ὁμοθυμαδὸν
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: @)
ἤγαγον αὐτὸν ἐπὶ τὸ βῆμα
यह उन यहूदी रहनुमाओं की बाबत है जिन्होंने येसु पर एत्काद नहीं किया था- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 18:14
εἶπεν ὁ Γαλλίων
सब मिलकर आये या “सब मिलकर शरीक हो गए”
Acts 18:15
νόμου τοῦ καθ’ ὑμᾶς
यहूदी पौलुस को ज़बरदस्ती अदालत में ले आये-यहाँ “तख़्त -ए- अदालत” उस जगह को ज़ाहिर करता है जहां गेललियो बैठ कर अदालत के कानूनी फ़ैसले लिया करता था- मुताबदिल तर्जुमा: “उसको ले गए ताकि हाकिम तख़्त -ए- अदालत में उसका इंसाफ़ कर सके- (देखें: @)
κριτὴς ἐγὼ τούτων οὐ βούλομαι εἶναι
गेललियो उस सूबे का रोमी हाकिम था-
Acts 18:16
यहां “कानून” मूसा की शरीयत को ज़ाहिर करता है और इस के साथ ही पौलुस के ज़माने के दस्तूर को भी-
ἀπήλασεν αὐτοὺς ἀπὸ τοῦ βήματος
मैं ऐसी बातों का मुंसिफ बनना नहीं चाहता-
Acts 18:17
ἐπιλαβόμενοι…πάντες
यहाँ लफ्ज़ “वह” कोर्ट में मौजूद ग़ैर कौमों की बाबत है- उनहोंने यहूदियों के खिलाफ में रद्देअमल पेश किया जिन्हों ने पौलुस को इंसाफ़ के जगह पर लाये थे (आमाल18:12)-
ἐπιλαβόμενοι δὲ πάντες Σωσθένην τὸν ἀρχισυνάγωγον, ἔτυπτον ἔμπροσθεν τοῦ βήματος
गेललियो ने उन सब को अदालत से निकलवा दिया-यहाँ “अदालत का तख़्त”उस जगह को ज़ाहिर करता है जहां गेल्लियो बैठ कर कानूनी फ़ैसले लिया करता था-मुतबादिल तर्जुमा: “गेल्लियो ने उन सब को अदालत में अपनी मौजूदगी से निकलवा दिया” या “गेल्लियो ने उन सब को मजबूर किया कि वह अदालत के कमरे से बाहर चले जाएं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Σωσθένην τὸν ἀρχισυνάγωγον
यह एक इस्तेमाम हो सकता है एक मज़बूत एहसास पर जोर देने के लिए जो लोगों में थी- मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत से लोगों को जबरन लेलिया गया” या “बहुत से लोग गिरफ़्तार कर लिए गए”- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
ἔτυπτον
मुमकिन मायने हैं :1) गैरकौम के लोगों ने इबादत खाने के सरदार सोसथिनिस को पकड़ कर अदालत के सामने पीटा क्यूंकि वह यहूदी रहनुमा था- 2) यह मुमकिन है कि सोसथिनिस मसीह का ईमानदार रहा हो इसलिए यहूदियों ने उसको अदालत के सामने पीटा-
Acts 18:18
सोस्थिनिस कोरिन्थ के यहूदी इबादतखाने का सरदार था- (देखें: INVALID translate/translate-names)
लगातार उसको मारते गए या लगातार उसके मुक्के मारते गए”
τοῖς ἀδελφοῖς ἀποταξάμενος
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस को ज़ाहिर करता है -किन्खरिया बड़े शहर कोरिंथ के इलाके एक बंदरगाह था-(देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)
ἐξέπλει εἰς τὴν Συρίαν, καὶ σὺν αὐτῷ Πρίσκιλλα καὶ Ἀκύλας
यह पौलुस के मिशनरी सफ़र को जारी रखता है जब पौलुस, प्रिस्किल्ला और अक्विल्ला कोरिन्थ को छोड़ते हैं-यह ऐसा इशारा ज़ाहिर करता है कि सिलास और तीमुथियुस वहीँ पर रुकते हैं-यहाँ “वह” का लफ्ज़ नहीं बल्कि हम का लफ्ज़ है जो पौलुस प्रिस्किल्ला, और अक्विल्ला को ज़ाहिर करता है-
κειράμενος…τὴν κεφαλήν, εἶχεν γὰρ εὐχήν
लफ्ज़ “भाइयों” ईमानदार मरदों और औरतों की तरफ़ इशारा करता है- मुतबादिल तर्जुमा: ईमानदार साथियों को छोड़ा- (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
Acts 18:19
διελέξατο τοῖς
पौलुस एक कश्ती में सवार हुआ और सीरिया के लिए रवाना हुआ-उसके साथ प्रिस्किल्ला और अक्विल्ला थे
Acts 18:20
यह एक मिसाली अमल है जो एक क़सम को पूरा करने की तरफ़ इशारा करता है-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता हैमुतबादिल तर्जुमा:वहाँ एक शख्स था जिससे पौलुस ने अपना सर मुंडाया-(देखें: @ और @)
Acts 18:21
ἀποταξάμενος
से हुज्जत किया या “से बहस किया”
Acts 18:22
यहां अलफ़ाज़ “वह” और “उन्हें”इफसुस के यहूदियों को ज़ाहिर करता है-
उन्हें ख़ुदा हाफिज़ कहने के लिए
κατελθὼν εἰς Καισάρειαν
आसिया में फ्रोगीय एक सूबा था जो मौजूदा तुरकी है देखें कि आप ने आप ने इसे [आमाल2:10] (../02/10.md)-में किसतरह तर्जुमा किया था-
ἀναβὰς
पौलुस अपना मिशनरी सफ़र जारी रखता है-
ἀσπασάμενος τὴν ἐκκλησίαν
कैसरिया पहुंचा-लफ्ज़ “उतरा” का इस्तेमाल यह बताने के लिए होता है कि वह जहाज़ से पहुंचा-
κατέβη
उसने येरूशलेम शहर का सफ़र किया- मुहावरा “ऊपर को गया” यहां इसलिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि येरूशलेम कैसरिया से उंचाई पर बसा हुआ है-
Acts 18:23
ἐξῆλθεν
यहाँ कलीसिया येरूशलेम के ईमानदारों को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “येरूशलेम कि कलीसिया के अरकान को सलाम किया”-
καὶ ποιήσας χρόνον τινὰ
मुहावरा “नीचे गए”यहाँ इसलिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि अन्ताकिया येरूशलेम से निचाई पर है-
Acts 18:24
पौलुस चला गया या “पौलुस गया”
यह “वक़्त” की बाबत बात करता है जैसे कि यह कारामद था कि एक शख्स गुज़ार सकता था-मुतबादिल तर्जुमा: “वहां कुछ देर रहने के बाद” (देखें: @)
δέ
कहानी में अपुललुस का तआरुफ़ किया गया है-आयत 24 और 25 उसकी बाबत पीछे की कहानी पेश करती है – (देखें: @)
Ἰουδαῖος…τις Ἀπολλῶς ὀνόματι
लूका बताता है कि इफ़सुस में प्रिस्किल्ला और अक्विल्ला के साथ क्या हुआ था-
Ἀλεξανδρεὺς τῷ γένει
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी के लाइन में एक वक्फ़े की निशान दिही के लिए इस्तेमाल किया गया है-
λόγιος
मुहावरा “नाम का एक शख्स”इशारा करता है कि लूका कहानी में एक नए शख्स का तआरुफ़ कर रहा है- (देखें: INVALID translate/translate-names)
δυνατὸς ὢν ἐν ταῖς Γραφαῖς
एक शख्स जो सिकन्दरिया शहर में पैदा हुआ था-यह शहर मिसर में अफ्रीका के शुमाली साहिल में था-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 18:25
οὗτος ἦν κατηχημένος τὴν ὁδὸν τοῦ Κυρίου
अ एक खुश तक़रीर
καὶ ζέων τῷ πνεύματι
वह किताबे मुक़द्दस का माहिर था-वह पुराने अहद नामे की किताबों को अच्छी तरह समझता था-
τὸ βάπτισμα Ἰωάννου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “दीगर ईमान्दारों अप्पोलुस को सिखाया कि खुदावंद येसु मसीह इमानदारों से कैसी ज़िन्दगी की तवक्क़ो रखता है- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 18:26
τὴν ὁδὸν τοῦ Θεοῦ
यहाँ “रूहानी जोश” अपोल्लुस की पूरी शख्सियत को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “बहुत ज़ियादा जोशीला होना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἀκριβέστερον
वह बपतिस्मा जिसे युहन्ना इसतिबागी ने अंजाम दिया था -यह युहन्ना का पब्तिसमा जो पानी केसाथ के साथ था और जो येसु का बपतिस्मा रूहुल क़ुदुस से था इन दोनों से मवाज़िना करना है-
Acts 18:27
ख़ुदा लोगों से कैसी ज़िन्दगी की तवक्को रखता है यह इसतरह बताया जाता है जैसे कि एक शख्स सड़क पर सफ़र करता है- (देखें: @)
διελθεῖν εἰς τὴν Ἀχαΐαν
मुनासिब तोर से या “ज़ियादा सेहेत से’
τὴν Ἀχαΐαν
यहाँ अल्फाज़ “वह” और “उसे” अपोल्लुस की तरफ़ इशारा करता है-(आमाल 18:24)-
ἀδελφοὶ
अखया के इलाके की तरफ- मुहावरा “पार उतर कर” यहाँ पर इस्तेमाल किया गया है क्यूंकि अपोल्लुस को एजीयन समुन्दर पार करना था ताकि इफसुस से अखिया को जाए-
ἔγραψαν τοῖς μαθηταῖς
अखिया यूनान के जुनूबी हिस्से का रोम का एक सूबा था- देखें कि आप ने इसे [आमाल18:12] (../18/12.md)-में किसतरह तर्जुमा किया है- .
τοῖς πεπιστευκόσιν διὰ τῆς χάριτος
लफ्ज़ “भाइयों” यहाँ पर ईमानदार मरदों और औरतों की तरफ़ इशारा करता है-आप इस की वज़ाहत कर सकते हैं कि यह इफसुस के ईमानदार थे-मुतबादिल तर्जुमा:”इफसुस में साथी ईमानदार”(देखें: @ और @)
Acts 18:28
εὐτόνως…τοῖς Ἰουδαίοις διακατηλέγχετο δημοσίᾳ
अखिया के मसीहियों को एक ख़त लिखा
ἐπιδεικνὺς διὰ τῶν Γραφῶν εἶναι τὸν Χριστὸν, Ἰησοῦν
वह जिन्होंने फ़ज़ल के ज़रिये से नजात हासिल होने पर ईमान लाये या “वह जो ख़ुदा के फ़ज़ल के ज़रिये से येसू पर ईमान लाए-“
Acts 19
आम बहस में अपोल्लुस ने बड़े ज़बरदस्त तरीके से बताया कि यहूदी गलत थे
Acts 19:1
जैसे ही उसने उन्हें किताब -ए- मुक़द्दस से बताया कि येसू ही मसीह है-
आमाल 19 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
बपतिस्मा
युहन्ना ने लोगों को यह बताने के लिए बपतिस्मा दिया कि उन्हों ने अपने गुनाहों से तौबा की है -येसु के शागिर्दों को इसलिए बपतिस्मा दिया कि वह येसू के पीछे चलना चाह्ते थे-
अरतमिस का मंदिर
इफसुस शहर में अरतमिस का मंदिर एक ख़ास जगह मानी जाती थी कई लोग इफसुस में सिर्फ़ इस मंदिर को देखने के लिए आते थे-और वह वहाँ से अर्तामिस देवी की मूरत को ख़रीद कर ले जाते थे-वह लोग जो अरतमिस की मूरत बेचते थे वह डरते थे कि कहीं लोग अर्तामिस को सच्चिदेवी बतोर एत्काद न किया तो वो बेचने वालों को मो मूरतों की सही क़ीमत नहीं देंगे-
ἐγένετο δὲ
“ऊपर का इलाक़ा” एशिया का वह इलाक़ा था जो आज के मौजूदा दौर का तुर्केय्के हिस्से से लेकर इफसुस के शुमाल तक का है-पौलुस ने ज़रुर से ऐजि यन समुन्दर के ऊपरी हिस्सों का सफ़र किया होगा ताकि वह इफसुस (मौजूदा तुरकी) में आये जो बराहे रास्त समुन्दर के रास्ते से कोरिन्थ के मशरिक में है
διελθόντα
पौलुस इफसुस का सफ़र करता है
Acts 19:2
Πνεῦμα Ἅγιον ἐλάβετε
यह मुहावरा यहाँ कहानी के नए हिस्से की शुरुआत कि निशान दिही के लिए इस्तेमाल हुआ है -अगर आपकी ज़बान में ऐसा करने का तरीका है तो यहाँ पर इस्तेमाल करने के लिए गौर कर कर सकते हैं-
οὐδ’ εἰ Πνεῦμα Ἅγιον ἔστιν ἠκούσαμεν
गुज़र कर
Acts 19:3
इसके मायने यह हुए कि रूहुल क़ुदुस उन पर नाजिल होना चाहिए-
εἰς τί οὖν ἐβαπτίσθητε
हम ने यहाँ तक कि रूहुल क़ुदुस की बाबत नहीं सुना
εἰς τὸ Ἰωάννου βάπτισμα
यहाँ अलफ़ाज़ “वह”, “तुम” और “वह” इफसुस शहर के कुछ शागिर्दों की तरफ़ इशारा करता है-(आमाल 19:1)- लफ्ज़ “उसे”यह युहन्ना के लिए है-
Acts 19:4
βάπτισμα μετανοίας
इसको अमलिया शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ने किसतरह का बपतिसमा लिया” ?’’ (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
τὸν ἐρχόμενον
इस को आप एक मुकम्मल जुमला बतोर तर्जुमा कर सकते हैं- मुतबादिल तर्जुमा: “हम ने उस तरह का बप तिस्मा लिया जो युहन्ना ने सिखाया था”
τὸν ἐρχόμενον μετ’ αὐτὸν
आप इस पेचीदा इस्म “तौबा”का तर्जुमा फ़े’एल “तौबा करने” बतोर कर सकते हैं- मुतबादिल तर्जुमा: वह बपतिस्मा जो लोगों ने उस वक़्त चाहा जब उनहोंने तौबा करना चाहा था- (देखें: @)
Acts 19:5
यहां “उसपर” येसु की तरफ़ इशारा है-
ἀκούσαντες δὲ
इसका मतलब है वक़्त आने पर युहन्ना इसतिबागी के पीछे चलना और बाद में जिमानी तोर से उसके पीछे न चलना
ἐβαπτίσθησαν
पौलुस लगातार इफसुस में क़याम करता है-
εἰς τὸ ὄνομα τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
यहां “लोग” इफसुस के शागिर्दों की तरफ़ इशारा करता है जो पौलुस से बातें कर रहे थे- (आमाल19:1)-
Acts 19:6
ἐπιθέντος αὐτοῖς τοῦ Παύλου χεῖρας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हों ने बपतिस्मा लिया”(देखें: @)
ἐλάλουν τε γλώσσαις καὶ ἐπροφήτευον
यहां “नाम” येसु की क़ुदरत और इख्तियार की बाबत है-मुतबादिल तर्जुमा: खुदावंद येसु में ईमानदार लोग बतोर” (देखें: @)
Acts 19:7
ἦσαν δὲ οἱ πάντες ἄνδρες ὡσεὶ δώδεκα
उनपर अपने हाथ रखे-व्ह्गालिबन उन के कन्धों पर या उनके सिरों पर अपना हाथ रखा-मुतबादिल तर्जुमा:उनके सिरों पर अपना हाथ रखकर दुआ की-“
ἄνδρες…δώδεκα
ग़ैर मुशाबा आमाल2:3-4,उनलोगों की तफसील नहीं है जिन्हों ने उसके पैगामत को समझा-
Acts 19:8
εἰσελθὼν…εἰς τὴν συναγωγὴν, ἐπαρρησιάζετο ἐπὶ μῆνας τρεῖς
यह बताता है कि कितने लोगों ने बपतिस्मा लिया-(देखें: INVALID translate/translate-numbers)
διαλεγόμενος καὶ πείθων
12 लोग (देखें: @)
περὶ τῆς Βασιλείας τοῦ Θεοῦ
पौलुस लगातार तीन महीने तक हैकल की मीटिंगों में हाज़िर होता रहा और दिलेरी से कलाम पेश करता रहा-
Acts 19:9
τινες ἐσκληρύνοντο καὶ ἠπείθουν
कायल करने वाले बहस और साफ़ तालीम के साथ के लोगों को क़ायल करता रहा-
κακολογοῦντες τὴν ὁδὸν ἐνώπιον τοῦ πλήθους
यहाँ “बादशाही” ख़ुदा की हुकूमत को बादशाह बतोर ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की हुकूमत की बाबत बादशाह बतोर” या “इस बाबत कि ख़ुदा बादशाह बतोर खुद को ज़ाहिर करता है”- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
κακολογοῦντες
ज़िद के साथ इनकार करना एत्काद करने के लिए कहा जाता है कि लोग बहुत सख्त होते जा रहे थे और आगे बढ़ने के काबिल नहीं थे- मुताबदिल तर्जुमा: “कुछ यहूदी ज़िद्दी थे और एत्काद नहीं करते थे” या “कुछ यहूदी ज़िद के सबब से पैग़ाम को कबूल करने और उसे मानने से इनकार कर दिया- (देखें: @)
ἐν τῇ σχολῇ Τυράννου
जो मसीह लोगों से एत्काद कराना चाहता है इसके लिए ऐसा कहा गया है कि वह एक रासता था जिस में एक शख्स सफ़र करता है: मुहावरा,”एक ही रासता” ऐसा लगता है मसीहियत के लिए उस जमाने में एक सुर्खी रही हो” मुतबादिल तर्जुमा: “मसीहियत की बाबत भीड़ से बुरा कहना”- या “भीड़ से मसीह के पीछे चलने वालों की बाबत बुरा कहना और ख़ुदा की बाबत जो उसके पीछे चलना चाहते हैं” (देखें: @ और आमाल9:2)
Τυράννου
बुरी चीज़ों कि बाबत बोलना
Acts 19:10
πάντας τοὺς κατοικοῦντας τὴν Ἀσίαν ἀκοῦσαι τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
उस बड़े कमरे में जहां तुरुन्नुस लोगों को तालीम देता था-
τὸν λόγον τοῦ Κυρίου
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 19:11
यहाँ “सब ने” एक इस्ते’माम है जिस के मायने हैं तमाम एशिया के बहुत से लोगों ने इंजील को सुना-(देखें: @)
δυνάμεις τε οὐ τὰς τυχούσας, ὁ Θεὸς ἐποίει διὰ τῶν χειρῶν Παύλου
यहाँ “कलाम” एक पैग़ाम को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा:खुदावंद की बाबत पैग़ाम-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 19:12
καὶ ἐπὶ τοὺς ἀσθενοῦντας ἀποφέρεσθαι ἀπὸ τοῦ χρωτὸς αὐτοῦ σουδάρια ἢ σιμικίνθια, καὶ
यहाँ अलफ़ाज़ “उन्हें” और वह उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो बीमार थे-
καὶ…ἀπὸ τοῦ χρωτὸς αὐτοῦ σουδάρια ἢ σιμικίνθια
यहाँ “हाथों” पौलुस की पूरी शख्सियत कि तरफ़ इशारा करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा पौलुस को मोजिज़े अंजाम देने के लिए एक ज़रिया बना रहा था” या ख़ुदा पौलुस के ज़रिये मोजिज़े कर रहा था-(देखें: @)
σουδάρια
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: यहाँ तक कि रूमाल और पटके पौलुस के बदन से छुआ कर बीमारों पर डाले जाते थे”-
σιμικίνθια
मुमकिन मायने हैं 1) यह पोशाक की चीज़ें थीं जिन्हें पौलुस ने छुआ- 2) यह पोशाक की चीजें थीं जिन्हें पौलुस पहनता था या इसतेमाल करता था-
τοὺς ἀσθενοῦντας
कपड़े जो सिर पर बांधे जाते थे
ἀπαλλάσσεσθαι ἀπ’ αὐτῶν τὰς νόσους
पोशाक जो जिस्म के सामने पहने जाते थे ताकि लोगों के कपड़ों की हिफाज़त किया जाए-
Acts 19:13
यह बीमार लोगों को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “बीमार लोग” या “वह जो बीमार थे” (देखें: @)
ἐξορκιστῶν
लोग जो बीमार थे वह सेहत याब हो गए-
τὸ ὄνομα τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
यह दुसरे वाकिये की शुरुआत है जो उस वक़्त वाक़े हुआ जब पौलुस इफसुस में था-यह यहूदी झाड़ फूंक करने वालों की बाबत है-
τὸν Ἰησοῦν, ὃν Παῦλος κηρύσσει
लोग जो बदरूहों को लोगों से अपनी जगहों से दूर भेजते हैं
τὸν Ἰησοῦν
यहाँ “नाम” येसु कि क़ुदरत और इख्तियार को ज़ाहिर करता है –(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 19:14
Σκευᾶ
उस ज़माने में येसु एक आम नाम था, इसलिए यह झाड़ फूंक करने वाले लोगों से चाहते थे कि इस नाम को जानें-
Acts 19:13
यह येसू की कुदरत और इख्तियार को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “येसु के इख्तियार के ज़रिये” या येसू कि क़ुदरत के ज़रिये- (देखें INVALID translate/translate-names)
Acts 19:15
ὑμεῖς δὲ τίνες ἐστέ
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 19:16
φαλόμενος ὁ ἄνθρωπος…ἐν ᾧ ἦν τὸ πνεῦμα τὸ πονηρὸν
मैं येसू और पौलुस को तो जानता हूँ या “मैं येसू को जानता हूँ और मैं पौलुस को जानता हूँ”-
αὐτοὺς
मगर तुम कौन हो ? बदरूह ने यह सवाल इस बात पर जोर देने के लिए पुछा क्यूंकि झाड़ फूंक करने वाले बदरूहों पर इख्तियार नहीं रखते-मुतबादिल तर्जुमा: “मगर मैं तुमको नहीं जानती” या “तुमको मुझ पर कोई इख्तियार नहीं!” (देखें: @)
γυμνοὺς…ἐκφυγεῖν
इसके मायने यह हुए कि बदरूह उस आदमी पर जो जो उसको काबु कर रहा था झाड़ फूंक करने वाले पर छलांग मारी-
Acts 19:17
ἐμεγαλύνετο τὸ ὄνομα τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
यह लोगों को ज़ाहिर करता है जो बद्रूहों को एक शख्स से दुसरे के पास या एक जगह से दूसरी जगह भजते हैं-देखें कि आप ने इसे [आमाल19:13] (../19/13.md)-में किसतरह तर्जुमा किया था-
τὸ ὄνομα
झाड़फूंक करने वालेनंगे ही वहाँ से भाग निकले-
Acts 19:18
इसको अमली शक्ल में बयांन किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उम्होंने खुदावन्द येसू के नाम को इज़्ज़त दी” या उन्हों ने खुदावंद येसु के नाम को बड़ा होने का लिहाज़ रखा- (देखें: INVALID translate/writing-endofstory)
Acts 19:19
συνενέγκαντες τὰς βίβλους
यह येसू के नाम की कुदरत और इख्तियार को ज़ाहिर करता है-(देखें: @)
ἐνώπιον πάντων
यहाँ यहूदी झाड़ फूंक करने वालों की कहानी ख़तम होती है-(देखें: @)
τὰς τιμὰς αὐτῶν
अपनी किताबें जमा करीं- लफ्ज़ किताबें उन तूमार (लिपटा हुआ कागज़)को ज्ज़हिर करता है जिनमें जादुई मंतर पढ़ने की तरकीबें लिखी हुईं थीं-
μυριάδας πέντε
सब के सामने
ἀργυρίου
किताबों की क़ीमत या “उन तूमारों की क़ीमत”
Acts 19:20
οὕτως κατὰ κράτος τοῦ Κυρίου ὁ λόγος ηὔξανεν καὶ ἴσχυεν
50,000 दीनार (देखें: INVALID translate/translate-numbers)
Acts 19:19
दीनार “चांदी का एक सिक्का” था लगभग एक आम मज़दूर की दिन भर की मज़दूरी होती थी- (देखें: INVALID translate/translate-bmoney)
Acts 19:21
δὲ
इनहीं ज़ोरावर कामोंके सबब से बहुत बहुत से लोगों ने खुदावंद येसु से मुताल्लिक़ पैगाम को सुना- देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ἐπληρώθη ταῦτα…ὁ Παῦλος
पौलुस यरूशलेम जाने की बाबत बात कर रहा है मगर उस ने अभी तक नहीं छोड़ा है-
ἔθετο…ἐν τῷ Πνεύματι
यह लफ्ज़ यहाँ पर ख़ास कहानी की लाइन में एक वक्फ़े की निशाँन दिही करता है – यहां लूका कहानी के एक नए हिस्से की शुरुआत करता है-
Ἀχαΐαν
पौलुस ने उन कामों को पूरा किया जो ख़ुदा ने उसे इफसुस में करने के लिए सौंपा था-
δεῖ με καὶ Ῥώμην ἰδεῖν
मुमकिन मायने हैं:1) पौलुस ने रूहुल क़ुदुस की मदद से फ़ैसला किया- या 2) पौलुस ने खुद अपनी रूह के अन्दर फ़ैसला किया, इस का मतलब यह हुआ कि उसने दिमाग़ में यह बात सोच लिया था-
Acts 19:22
Ἔραστον
अखिया जो रोम का सूबा था उसी में कोरिन्थ शहर बसा हुआ था-यह जुनूबी यूनान का सब से बड़ा शहर था और सूबे का दारुल खिलाफ़ा भी था- देखें कि आप ने इसे आमाल18:12-में किस तरह तर्जुमा किया था-
αὐτὸς ἐπέσχεν χρόνον εἰς τὴν Ἀσίαν
मुझे रोम की तरफ़ भी सफ़र करनी है
αὐτὸς
यह एक आदमी का नाम है- (देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)
Acts 19:23
अगली कुछ आयतों में ख़ुलासा किया गया है कि पौलुस इफ़सुस में रह रहा है- (देखें: INVALID translate/writing-background)
जोर देने के लिए इसे दुहराया गया है- (देखें: @)
ἐγένετο…τάραχος οὐκ ὀλίγος περὶ τῆς ὁδοῦ
कहानी में देमुतेरियुस का तआरुफ़ किया गया है-आयत 24 आयत देमुतेरियुस की बाबत पीछे की कहानी की इतला पेश करती है- इफसुस में एक वसी’ मंदिर था जो अरतमिस देवी के लिए मखसूस था- कभी कभी इस को “डयाना” के नाम से भी तर्जुमा किया गया है-वह ज़रखीज़ी की एक झूटी देवी थी- (देखें: @)
ἐγένετο…τάραχος οὐκ ὀλίγος
लूका एक फ़साद की बाबत बता रहा है जो उस वक़्त खड़ा हुआ था जब पौलुस इफ़सुस में था-
τῆς ὁδοῦ
यह खुले बयान का एक खुलासा है-
Acts 19:24
Δημήτριος…τις ὀνόματι ἀργυροκόπος
लोग बहुत नाराज़ हो गए थे- देखें कि आप ने इसे आमाल12:18-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
ἀργυροκόπος
य्हेक तरीक़ है जो मसीहियत को ज़ाहिर करता है-देखें आप ने इस लक़ब को आमाल 9:1-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
Δημήτριος…ὀνόματι
अलफ़ाज़ “नाम एक” का इस्तेमाल कहानी में एक नए शख्सका तआरुफ़ किया गया है- (देखें: INVALID translate/writing-participants)
παρείχετο…οὐκ ὀλίγην ἐργασίαν
एक सुनार जो सोने चांदी कि मूरतें और ज़ेवरात बनाता था-
Acts 19:25
τοὺς περὶ τὰ τοιαῦτα ἐργάτας
य्हेक आदमी का नाम है- देमुतेरियुस इफ़सुस का एक सुनार था जो पौलुस और मक़ामी कलीसिया के खिलाफ़ था- (देखें: @)
Acts 19:26
अरतमिस देवी की मूरतियां बनाकर खूब पैसे कमाता था-
θεωρεῖτε καὶ ἀκούετε ὅτι
एक कारोबार पेशा धंदा या नौकरी होती है- मुतबादिल तर्जुमा: “दुसरे लोग जो इस तरह का काम करते थे”
μετέστησεν ἱκανὸν ὄχλον
देमुतेरियुस सुनारों से बात करना जारी रखता है-
λέγων ὅτι οὐκ εἰσὶν θεοὶ, οἱ διὰ χειρῶν γινόμενοι
आप लोग मालूम कर चुके हैं और समझ चुके हैं कि
Acts 19:27
τοῦτο κινδυνεύει ἡμῖν, τὸ μέρος εἰς ἀπελεγμὸν ἐλθεῖν
पौलुस लोगों को मूर्ती की पूजा करने से रोक रहा था जैसे कि कहा गया है कि पौलुस सच मुच लोगों को फेर कर एक फ़रक़ रास्ते की तरफ़ रहनुमाई कर रहा था-मुतबादिल तर्जुमा: बहुत से लोगों को मकामी देवी की परस्तिश से रोक रहा था- (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
τὸ τῆς μεγάλης θεᾶς Ἀρτέμιδος ἱερὸν, εἰς οὐθὲν λογισθῆναι
यहाँ लफ्ज़ “हाथों”एक पूरी शख्सियत को ज़ाहिर कर सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “वह कह रहा है कि लोगों के हाथों के ज़रिये बनाई हुई मूरतियां सच मुच कि देवी नहीं हो सकती” (देखें INVALID translate/figs-activepassive और @)
μέλλειν τε καὶ καθαιρεῖσθαι τῆς μεγαλειότητος αὐτῆς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: ताकि लोग आगे को हम से मूर्तियाँ नहीं ख़रीदना चाहेंगे- (देखें: @)
ἣν ὅλη ἡ Ἀσία καὶ ἡ οἰκουμένη σέβεται
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “लोग सोचेंगे कि अर्तामिस बड़ी देवी की पूजा के लिए मंदिर जाने का कोई फाइदा नहीं है”- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
Acts 19:28
लोग अरतमिस के बारे में जैसा सोचते हैं वैसे ही उसकी बड़ाई होती है-
γενόμενοι πλήρεις θυμοῦ
यह एक इस्ते’माम था यह बताने के लिए कि अरतमिस देवी कितनी मशहूर थी- यहाँ अलफ़ाज़ “एशिया” और “दुनया” एशिया के और दीगर दुनया के लोगों को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “जिसकी बहुत से लोग एशिया और दुनया के दीगर हिस्सों में परस्तिश की जाती है”-
ἔκραζον
यहाँ “वह लोग’ सुनारों कि तरफ़ इशारा करता है जो मूरतियां बनाते थे-(आमाल19:24-25)-
Acts 19:29
ἐπλήσθη ἡ πόλις τῆς συγχύσεως
यह सुनारों की बाबत हालांकि वह इस पेशे को लिए हुए थे- यहाँ गुस्सा इस बात के लिए कहा गया है कि वह आसूदा थे जो एक डिब्बे को भर देता है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह बहुत गुस्सा हो गए”-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ὥρμησάν τε ὁμοθυμαδὸν
तेज़ आवाज़ से चिल्लाए या ज़ोर से चिल्लाए
εἰς τὸ θέατρον
यहाँ “शहर” लोगों को ज़ाहिर करता है-शहर के लिए बताया जाता है जैसे कि एक अपने में रखने की चीज़ हो-और मुग़ालता जैसे कोई चीज़ हो जो कंटेनर को भरता है-मुतबादिल तर्जुमा:फिर शहर के तमाम लोग नाराज़ हुए और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगे-(देखें: @ और @)
συνεκδήμους Παύλου
यह एक अवाम थी या नज़दीक फ़साद की हालत में
Γάϊον καὶ Ἀρίσταρχον
इफसुस का तमाशगाह अवाम की मीटिंगों के लिए या खेल तमाशे के लिए इस्तेमाल किया जाता था जैसे खेल कूद और मौसीक़ी वगैरा-यह एक बाहरी निस्फ़ दाइरा इलाक़ा था जहां बेंचें लगी हुई थीं जिन में हज़ारों लोग समाते थे-
Acts 19:30
लोग जो पौलुस के साथ रहा करते थे
Acts 19:31
δοῦναι…εἰς τὸ θέατρον
यह आदमियों के नाम हैं-गयुस और अरिस्तुरिस मकिदुनिया से आए मगर इस वक़्त इफसुस में पौलुस के साथ काम करते थे-(देखें: @)
Acts 19:33
Ἀλέξανδρον
इफसुस आसिया के सूबे में रोमी सल्तनत का एक हिस्सा था-
κατασείσας τὴν χεῖρα
इफसुस का तमाशगाह अवाम की मीटिंगों के लिए या खेल तमाशे के लिए इस्तेमाल किया जाता था जैसे खेल कूद और मौसीक़ी वगैरा-यह एक बाहरी निस्फ़ दाइरा इलाक़ा था जहां बेंचें लगी हुई थीं जिन में हज़ारों लोग समाते थे-देखें कि आप ने तमाशगाह को आमाल19:29.में किसतरह तर्जुमा किया है-
ἀπολογεῖσθαι
यह एक आदमी का नाम है-(देखें: @)
Acts 19:34
φωνὴ…μία
आप इस कि वाज़ाहत कर सकते हें कि इसकनदर भीड़ को बता रहा था कि वह उन्हें चुप कराना चाहता था-मुतबादिल तर्जुमा: “भीड़ को हाथ से इशारा किया कि वह चुप होजाएं”- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 19:35
यह बात साफ़ नहीं है कि इसकनदर किसको या क्या बचाओ करना चाहता था-अगर आपकी ज़बान को इस इतला की ज़रूरत है तो अच्छा होगा कि एक आम मुहावरे का इस्तेमाल करें जैसे “समझाने के लिए कि क्या चल रहा था-“
लोगों का एक ही वक़्त में मिलकर चिल्लाना कहा गया है कि हालांकि वह एक आवाज़ में होकर बोल रहे थे-मुतबादिल तर्जुमा: “इत्तिफ़ाक़ राए” या “मिलकर” (देखें: @)
ὁ γραμματεὺς
अलफ़ाज़ “तुम” और “तुम सब” तमाम लोगों को ज़ाहिर करता है जो इफसुस से थे-(देखें: @)
τίς…ἐστιν ἀνθρώπων, ὃς οὐ γινώσκει τὴν Ἐφεσίων πόλιν νεωκόρον οὖσαν τῆς μεγάλης Ἀρτέμιδος καὶ τοῦ διοπετοῦ
इफसुस शहर के मुहररिर ने भीड़ से कहा कि खामोश हो जाएं-
ὃς οὐ γινώσκει
यह शहर के एक “मुनशी” या “सकरटेरी” की बाबत है
νεωκόρον
मुहररिर ने यह सवाल भीड़ को यकीन दिलाने के लिए पूछा कि वह सही थे और उन्हें दिलासा देना चाहते थे-मुत्बादिल तर्जुमा: “हर शख्स जानता है कि इफिसियों का शहर मंदिर की रखवाली करता है और वह मूरत आसमान से गिरी है” (देखें: @)
τοῦ διοπετοῦς
शहर का मुहररिर “नहीं” का इस्तेमाल करता है इस बात पर जोर देने के लिए कि तमाम लोग इसे जानते हैं-
Acts 19:36
ἀναντιρρήτων οὖν ὄντων τούτων
इफसुस के लोग अरमेतिस के मंदिर की देखरेख करते थे औरुस की हिफाज़त करते थे-
μηδὲν προπετὲς πράσσειν
अरमेतिस के मंदिर के अन्दरेक देवी का मुजस्समा था-वह आसमान से ज़मीन पर गिरे हुए की तर वज़ा’ किया हुआ था-लोगों ने सोचा कि यह पत्थर बराहे रास्त ज़ियुस की तरफ़ से है जो यूनानी देवताओं (मूरतियों) का हाकिम है-
προπετὲς
जबकि तुम इन बातों को जानते हो
Acts 19:37
τοὺς ἄνδρας τούτους
जबतक कि तुम्हारे पास इस बारे में सोचने के लिए वक़्त है इस से पहले कुछ न करो
Acts 19:38
बे सोचे कुछ न करो
οὖν
अलफ़ाज़ “यह लोग” गयुस और अरिस्तुरिस की तरफ़ इशारा करता है जो पौलुस के सफ़र के साथी थे-(आमाल19:29)-
ἔχουσιν πρός τινα λόγον
शहर का मुहररिर भीड़ से बोलना बंद करता है-
ἀνθύπατοί
क्यूंकि अभी मैं ने जो कुछ कहा वह सच है -शहर के मुहररिर ने आमाल19:37 में कहा था कि गयुस और अरिस्तुरिस लुटेरे या कुफ़्र बकने वाले नहीं थे-
ἐγκαλείτωσαν ἀλλήλοις
लफ्ज़ “इलज़ाम” को फ़े’एल बतोर “इलज़ाम लगाने” के मायने में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “किसी पर इलज़ाम लगाना चाहता था’ (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 19:39
εἰ δέ τι περὶ ἑτέρων ἐπιζητεῖτε
रोमी गवर्नर के नुमाइंदे जिन्होंने अदालत में कानूनी फ़ैसले सुनाए-(देखें: @)
ἐν τῇ ἐννόμῳ ἐκκλησίᾳ ἐπιλυθήσεται
इस का मतलब यह नहीं कि देमितेरियुस और जो उस के साथ थे एक दुसरे पर इलज़ाम लगाएंगे-इस के मायने यह हुए कि यह वह जगह है जहाँ लोग आम तोर से अपने इलज़ाम की बाबत बात कर सकते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “वहां लोग एक दुसरे पर इलज़ाम लगा सकते हैं’
τῇ ἐννόμῳ ἐκκλησίᾳ
पर अगर तुम्हारे पास बहस के लिए दुसरे मामलातहैं
Acts 19:40
κινδυνεύομεν ἐνκαλεῖσθαι στάσεως περὶ τῆς σήμερον
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “आओ हम इसकी तहकीकात बा ज़ाबिता मजलिस में तय करें-“
Acts 20
यह शहरियों की आम मजलिस को ज़ाहिर करता है जिस का सदर निशीनशेहर का मुहररिर है-
Acts 20:1
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “रोमी हाकिमों के खतरे में” जो इलज़ाम लगाते हैं कि आज के फ़साद के ज़िम्मेदार हम हैं” (देखें: @)
μετὰ δὲ τὸ παύσασθαι
आमाल 20 आम हाशिये
बनावट और तरतीब
इस बाब में लूका मकिदुनिया और आसिया के सूबों में उसके येरूशलेम जाने से पहले इमानदारों की आखरी मुलाक़ात की बाबत बयान करता है-
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
दौड़
पौलुस ने येसू के लिए जीने की बाबत बात की जैसे कि वह एक दौड़ में दौड़ रहा हो-इससे उसका मतलब था कि उसको लगातार सख्त मेहनत करने की ज़रूरत है यहाँ तक कि जब मुश्किलात पेश आये और वह उनमें चुप रहना चाहता था-(देखें: @ और @)
“रूह के ज़रिये मजबूर होकर”
पौलुस ने सोचा कि रूहुल क़ुदुस की मरज़ी है कि वह येरूशलेम को जाए हालाँकि पौलुस वहां जाना नहीं चाहता था-इसी रूहुल क़ुदुस ने दुसरे लोगों से वही बात कही जब पौलुस येरूशलेम में पहुंचा (यानि कि) लोग उसको नुक़सान पहुंचाने की कशिश करेंगे --
ἀσπασάμενος
पौलुस इफसुस से रवाना होता है और अपना सफ़र जारी रखता है-
Acts 20:2
παρακαλέσας αὐτοὺς λόγῳ πολλῷ
फ़साद के बाद या “फसाद के रहते”
Acts 20:3
ποιήσας τε μῆνας τρεῖς
और उनसे रुखसत हुआ
γενομένης ἐπιβουλῆς αὐτῷ ὑπὸ τῶν Ἰουδαίων
ईमान्दारों को बहुत नसीहत किया या “ईमानदारों कि हौसला अफ़ज़ाई में बहुत सी बातें कहीं”-
ὑπὸ τῶν Ἰουδαίων
वहां तीन महीने रहने के बाद- यह उस मुददत की बाबत बात करता है जिसे एक शख्स गुज़ार सकता है (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
μέλλοντι ἀνάγεσθαι εἰς τὴν Συρίαν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदियों ने उसके खिलाफ़ एक साज़िश रची”- या “यहूदियों ने उसको नुकसान पहुंचाने के लिए पोशीदा मंसूबे तैयार किये’-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 20:4
इस का मतलब है सिर्फ़ कुछ यहूदी लोग-मुताबदिल तर्जुमा: “कुछ यहूदियों के ज़रिये” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
συνείπετο δὲ αὐτῷ
जब वह सीरिया को रवाना होने होने को तैयार था
Σώπατρος…Πύρρου…Σεκοῦνδος,…Τυχικὸς…Τρόφιμος
यहाँ लफ्ज़ उसे पौलुस को ज़ाहिर करता है (आमाल 20:1)-“हमारे” और “हम” की तमाम मिसालें जो पीछे आने वाली आयतों में हैं वह पौलुस और उस के साथ सफ़र करने वालों को ज़ाहिर करता है-मगर क़ारईन को नहीं-(देखें INVALID translate/translate-names)
Βεροιαῖος…Δερβαῖος
उसके साथ सफ़र करने वाले
Ἀρίσταρχος…Γάϊος
यह आदमियों के नाम हैं- (देखें: @)
Acts 20:5
Τρῳάδι
यह जगहों के नाम हैं –(देखें: INVALID translate/translate-names)
οὗτοι…προσελθόντες
यह आदमियों के नाम हैं -देखें कि आप ने इन नामो को आमाल19:29-में किसतरह तर्जुमा किया है-
Acts 20:6
τὰς ἡμέρας τῶν Ἀζύμων
य्हेक जगह का नाम है –(देखें: @)
Acts 20:7
इन लोगों ने हमारे सामने सफ़र किया था
यह यहूदी मज़हबी त्योहार के एक मोके की तरफ़ इशारा करता है जो फ़सह के दौरान है-देखें कि आप ने इसे आमाल12:3-में किसतरह तर्जुमा किया है-
κλάσαι ἄρτον
यहाँ लफ्ज़ “हम” मुसन्निफ़,पौलुस और उन के साथ जो सफ़र कर रहे थे उनकी तरफ़ इशारा करता है मगर क़ारईन को नहीं- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और आमाल20:4 -6)
παρέτεινέν τε τὸν λόγον
लूका त्रोआस में पौलुस कि मनादी की बाबत कहता है और जो कुछ यूतुखुस के साथ हुआ-
Acts 20:8
ὑπερῴῳ
रोटी उन के खाने का एक हिस्सा था- मुमकिन मायने है:1) यह सादगी के साथ मिलकर खाना खाने को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: “एक खाना खाना” या 2)यह एक मिलकर खाने की तरफ़ इशारा करता है ताकि मसीह की मौत और क़यामत को याद कर सके- मुतबादिल तर्जुमा: “आशाए रब्बानी नोश फ़रमाना” (देखें: @)
Acts 20:9
वह लगातार बोलता रहा
ἐπὶ τῆς θυρίδος
यह हो सकता है घर के तीसरी मंजिल में हुआ था-
Εὔτυχος
यहां लफ्ज़ “वह खुद” पौलुस को ज़ाहिर करता है-पह्ला लफ़ज़ “वह” पौलुस की तरफ़ और दूसरा लफ्ज़ “वह” जवान यूतिखुस की तरफ़ इशारा करता है-लफ्ज़ “उसे” भी यूतिखुस के लिए ही है-
καταφερόμενος ὕπνῳ βαθεῖ
यह दीवार से बाहर की तरफ़ निकला हुआ पत्थर था जो इतना चौड़ा था कि एक शख्स बैठ सकता था -
τριστέγου…καὶ ἤρθη νεκρός
यह एक आदमी का नाम था-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τριστέγου
यह उस नींद की बात करता है अगर वहां एक गहरा सूराख भी हो तो एक शख्स गिर सकता था-मुतबादिल तर्जुमा: “जो बहुत गहरी नींद में सो रहा था” या “जो इतना ज़ियादा थका हुआ था कि आखिरकार गहरी नींद में सो रहा था” - (देखें: @)
Acts 20:11
जब वह उसकी हालत जांचने को गए तो उन्हों नेउसे मारा हुआ पाया-इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: तीसरी कहानी; और जब वह लोग उसे उठाने गए तो उन्हों ने उसे मारा हुआ पाया- (देखें: @)
इसका मतलब है ज़मीनी मंज़िल से दो मंजिल ऊपर-अगर आप की तहजीब में ज़मीनी मंज़िल को गिना नहीं जाता तो इसे “दूसरी मंज़िल” कह सकते हैं-
κλάσας τὸν ἄρτον
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस को ज़ाहिर करता है
οὕτως ἐξῆλθεν
यह त्रोआस में पौलुस की मनादी की बाबत और यूतिखुस की बाबत कहानी का आखरी हिस्सा है-
Acts 20:12
τὸν παῖδα
रोटी खाने के दौरान एक आम ख़ुराक थी- यहाँ “रोटी तोडना” ग़ालिबन यह मायने हुए कि उन्हों ने आम खुराक रोटी के अलावा कुछ और किसम का खाना आपस में बांटा-(देखें: @)
Acts 20:13
वह चला गया
यह यूतिखुस की तरफ़ इशारा करता है (आमाल 20:9)-मुमकिन मायने हैं 1) वह 14 साल से ऊपर एक जवान शख्स था 2) वह 9 से 14 साल के बीच एक लड़का था या 3) लफ्ज़ “लड़का”ज़ाहिर करता है की वह एक नौकर या एक गुलाम था-
ἡμεῖς…προελθόντες
यहां लफ्ज़ “वह”, “वह खुद” और “उसे” पौलुस को ज़ाहिर करता है-यहां लफ्ज़ ‘हम” मुसन्निफ़ और उस के साथ सफ़र करने वालों के लिए है ना कि क़ारईन के लिए –(देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)
ἀνήχθημεν ἐπὶ τὴν Ἆσσον
मुसन्निफ़ लूका पौलुस और उस के दीगर साथी अपना सफ़र जारी रखते हैं ; किसी तरह पौलुस अलग रास्ते पर रावांना होता है-
διατεταγμένος
लफ्ज़ “हम खुद” इस बात पर जोर देता और लूका और उसके साथियों को पौलुस से अलग करता है जो कश्ती से सफ़र नहीं कर रहे थे-(देखें INVALID translate/figs-rpronouns)
πεζεύειν
अस्सोस एक कस्बा है जो बराहे रास्त तुरकी के मौजूदा बेहराम में एजियन समुन्दर के साहिल पर वाक़े है-(देखें: @)
Acts 20:14
ἤλθομεν εἰς Μιτυλήνην
खुद से का इस्तेमाल इस बात पर ज़ोर देने के लिए कि यही बात पौलुस चाहता था-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 20:15
सूखे में सफ़र करने के लिए
ἄντικρυς Χίου
मिलेतुस एक कस्बा है जो तुरकी के मितिलिनी में एजीयन समुन्दर के साहिल पर वाक़े है-
Χίου
यहां लफ्ज़ “हम” पौलुस, मुसन्निफ़ और उन के साथ जो सफर कर रहे थे उनको ज़ाहिर करता है मगर क़ारईन को नहीं- (देखें: INVALID translate/translate-names)
παρεβάλομεν εἰς Σάμον
टापू के पास या “टापू के आसपास”
Σάμον
कियुस एक टापू है जो मौजूदा तुरकी में एजियन समुन्दर पर साहिल से कुछ दूरी पर वाक़े है-
Μίλητον
हम सामोस टापू पर पहुंचे
Acts 20:16
κεκρίκει γὰρ ὁ Παῦλος παραπλεῦσαι τὴν Ἔφεσον
सामोस एक टापू है जो मौजूदा तुरकी में एजियन समुन्दर के साहिल से हट कर क़युस के जुनूब में वाक़े है-
ὅπως μὴ γένηται αὐτῷ χρονοτριβῆσαι
मिलेतुस मगरीबी एशिया माइनर में मेयांदर नदी के किनारे एक बंदरगाह शहर है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 20:17
पौलुस ने इफसुस शहर के जुनूबी बन्दरगाह से पानी रास्ते से आगे बढ़ते हुए जुनूब की तरफ़ मिलेतुस को गया-(देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
यह वक़्त की बाबत बात करता है जो एक शख्स के इस्तेमाल के लिए कारामद हो- मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि वह कुछ देर के लिए भी न रुके” या ताकि ऐसा न हो कि उसे आसिया में देर लगे-(देखें: @)
τῆς Μιλήτου
यहाँ लफ्ज़ “वह” पौलुस के लिए है- लफ्ज़ हमारा पौलुस और उन बुज़ुरगों की तरफ़ इशारा करता है जिन से वह बात कर रहा है-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 20:18
ὑμεῖς
पौलुस इफसुस की कलीसिया के बुज़ुरगों को बुलाता है और उन से बात करना शुरू करता है-
ἐπέβην εἰς τὴν Ἀσίαν
मिलेतुस मगरीबी एशिया माइनर में मेयांदर नदी के किनारे एक बंदरगाह शहर है- देखे कि आप ने इसे आमाल 20:15-में किसतरह से तर्जुमा किया है-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
πῶς μεθ’ ὑμῶν τὸν πάντα χρόνον ἐγενόμην
यहाँ “तुम खुद” का इस्तेमाल जोर देने के लिए है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 20:19
ταπεινοφροσύνης
यहाँ “क़दम” पूरी शख्सियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं आसिया में दाखिल हुआ”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
δακρύων
यह वक़्त की बाबत बात करता है जो एक शख्स के इस्तेमाल के लिए कारामद हो- मुतबादिल तर्जुमा: “किसतरह मै ने खुद ही इन्तिज़ाम किया जब मैं तुम्हारे साथ था” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
πειρασμῶν, τῶν συμβάντων μοι
ज़मीन तक झुकने का मतलब अपने आप को बहुत ही हलीम करने की बात है -लफ्ज़ “मंशा” किसी शख्स की बातिनी बर्ताव को ज़ाहिर करती है-मुतबादिल तर्जुमा:“हलीमी” या “फ्रोतनी”(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और @)
τῶν Ἰουδαίων
यहाँ “आंसू” गम का एहसास और रोने को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “मैं आंसुओं के साथ तुम्हारी ख़िदमत करता रहा” (देखें: @)
Acts 20:20
ὡς οὐδὲν ὑπεστειλάμην…τοῦ μὴ ἀναγγεῖλαι ὑμῖν
दुःख उठाना एक पेचीदा इस्म है-इस के मायने को एक फ़े’एल के सेगे में ज़ाहिर किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “जब मैं दुःख उठाता हूँ” See: INVALID translate/figs-abstractnouns)
κατ’ οἴκους
इसका मतलब हर एक यहूदी नहीं है-यह हमें जानने देता है कि किसने शाज़िश की-मुतबादिल तर्जुमा:”यहूदियों में से कुछ लोगों ने” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
Acts 20:21
τὴν εἰς Θεὸν μετάνοιαν καὶ πίστιν εἰς τὸν Κύριον ἡμῶν, Ἰησοῦν
तुम जानते हो कि मैं कभी ख़ामोश नहीं रहा,मगर मैं हमेशा तुम से बयान करता रहा-
Acts 20:22
पौलुस ने कई एक शख्सी घरों में कलाम की बातें सिखाईं- अलफ़ाज़ :”मैं ने सिखाया” यह समझा गया है- मुताबाबादिल तर्जुमा: “मैं ने भी सिखाया जब मैं तुम्हारे घरों में था” (देखें: @)
δεδεμένος…τῷ Πνεύματι
पेचीदा इसमें “तौबा” और “ईमान” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यह कि उनको ख़ुदा के सामने तौबा करने की ज़रुरत है और हमारे खुदावंद येसू मसीह पर ईमान लाने की ज़रुरत है”-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τὰ ἐν αὐτῇ συναντήσοντά μοι, μὴ εἰδώς
यहाँ लफ्ज़ “मैं” पौलुस को ज़ाहिर करता है-
Acts 20:23
δεσμὰ καὶ θλίψεις με μένουσιν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए कि रूह मुझे मजबूर करता है कि वहाँ जाऊं”- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 20:24
ὡς τελειῶσαι τὸν δρόμον μου, καὶ τὴν διακονίαν ἣν ἔλαβον παρὰ τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
और मैं नहीं जानता कि वहाँ मेरे साथ क्या होगा-
τελειῶσαι τὸν δρόμον
यहां “जंजीरें” ज़ाहिर करते हैं कि पौलुस को गिरफ़तार किया जाएगा और क़ैद में डाला जाएगा- मुताबदिल तर्जुमा: “लोग मुझको क़ैद में डालेंगे और मुझे दुःख उठाना होगा-“ (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
διαμαρτύρασθαι τὸ εὐαγγέλιον τῆς χάριτος τοῦ Θεοῦ
यह पौलुस की “दौड़” और “ख़िदमत” कि बाबत बताया गया है जैसे कि यह चीजें येसू देता है और पौलुस हासिल करता है-यहाँ “दौड़” और “ख़िदमत” बुनयादी तोर से एक ही चीज़ है-पौलुस इस पर ज़ोर देने के लिए दुहराता है- मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि मैं उस ख़िदमत को पूरा करूं जिसका खुदावंद ने मुझे हुक्म दिया है कि करूं” (देखें: @ और @)
Acts 20:25
पौलुस उस काम को पूरा करने की बाबत कह रहा है जिसे करने के लिए येसु ने उसे हुक्म दिया था इसे वह दौड़ दौड़ना बतौर कह रहा है –(देखें: @)
καὶ νῦν ἰδοὺ, ἐγὼ οἶδα
ख़ुदा के फ़ज़ल की बाबत लोगों को खुशखबरी सुनाना यही वह ख़िदमत है जिसे पौलुस ने येसु से हासिल किया”
ἐγὼ οἶδα ὅτι…ὑμεῖς πάντες
पौलुस इफ्सियों के बुज़ुरगों से बात करना जारी रखता है-(आमाल 20:17)-
ἐν οἷς διῆλθον κηρύσσων τὴν βασιλείαν
अब होशियारी से धियान दो क्यूंकि मैं जानता हूँ
οὐκέτι ὄψεσθε τὸ πρόσωπόν μου
मैं जानता हूँ कि तुम सब
Acts 20:26
καθαρός εἰμι ἀπὸ τοῦ αἵματος πάντων
यहां “बादशाही” ख़ुदा की हुकूमत को ज़ाहिर करती है जो बादशाह बतोर है-मुतबादिल तर्जुमा: “जिस पैग़ाम की मनादी मैं करता हूँ वह बादशाह बतोर ख़ुदा की हुकूमत है”-या “जिस की मैं मनादी करता हूँ वह यह कि ख़ुदा किसतरह खुदको बादशाह बतोर ज़ाहिर करेगा”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
πάντων
लफ्ज़ “मुंह” यहाँ पर पौलुस के माद्दी जिसम को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “आगे को इस ज़मीन पर मुझे कभी नहीं देखोगे” (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)
Acts 20:27
οὐ γὰρ ὑπεστειλάμην τοῦ μὴ ἀναγγεῖλαι…ὑμῖν
यहाँ “खून”एक शख्स की मौत को ज़ाहिर करता है-जोकि इस मामले में यह जिस्मानी मौत नहीं बल्कि रूहानी मौत है जब एक शख्स को गुनाहगार ठहरता है- पौलुस ने उन्हें ख़ुदा की सच्चाई बतादी है-मुतबादिल तर्जुमा:आगे को अगर ख़ुदा किसी को गुनाहगार ठहराए तो मैं इसके लिए ज़िम्मेवार नहीं हूँ क्यूंकि उनहोंने येसु पर भरोसा नहीं किया-(देखें: INVALID translate/figs-litotes)
Acts 20:26
यहाँ इस किसी शख्स का मतलब है चाहे वह मर्द हो या औरत-मुतबादिल तर्जुमा:“कोई भी शख्स”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 20:28
τὴν ἐκκλησίαν τοῦ Θεοῦ, ἣν περιεποιήσατο διὰ τοῦ αἵματος τοῦ ἰδίου
इसलिए कि मैं तुम्हें कहने से ख़ामोश नहीं रहा-इस को अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”क्यूंकि मैं ने यकीनन तुम्हारे बीच मनादी कर दी है-“ (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῦ αἵματος τοῦ ἰδίου
इसलिए कि जो मैं ने कहा वह सच है,यह ज़ाहिर करता है कि अब तक जो भी पौलुस ने उन्हें छोड़ के जाने तक बातें कही हैं-
Acts 20:29
εἰσελεύσονται…λύκοι βαρεῖς εἰς ὑμᾶς, μὴ φειδόμενοι τοῦ ποιμνίου
यहाँ ईमानदार लोग मानो भेड़ों के गल्ले से जुड़े हुए थे- कलीसिया के रहनुमा ईमानदारों की जमाअत के लिए ख़ुदा के ज़रिये सोंपे गए हैं ताकि गल्ले की निगहबानी करे और भेड़ियोंसे उनकी हिफाज़त करें-मुतबादिल तर्जुमा: “ईमानदारों की जमाअत जिन्हें रूहुल क़ुदुस ने तुम्हें सोंप रखा है-ख़ुदा की कलीसिया की परवाह करना तुम्हारा फ़र्ज़ है-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 20:28
यहां मसीह के “खून” का बहाया जाना हमारे गुनाहों के लिए एक कफ़फ़ारे की क़ीमत से जुड़ा हुआ है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह लोग जिन्हें मसीह ने सलीब पर अपना खून बहाने के ज़रिये से बचाया-“(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
यहाँ “खून” मसीह की मौत को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 20:31
γρηγορεῖτε
यह लोगों की एक तस्वीर है जो झूठे अकीदों की तालीम देते हैं और इमानदारों की जमाअत को नुक़ सान पहुंचाते हैं जैसे कि वह भेड़िये जो गल्ले के भेड़ों को खा जाते हैं- मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत से दुशमन तुम्हारे बीच में आयेंगे और ईमानदारों की जमाअत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश केरेंगे-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
μνημονεύοντες ὅτι
एक झूठा उस्ताद इमानदारों को कायल करता है कि उसकी झूटी तालीम पर एत्काद करना शुरू करो यह ऐसी बात है जैसे कि वह भेड़ों को गल्ले से दूर ले जाता है कि उसके पीछे चले- मुतबादिल तर्जुमा: “जो मसीह के शागिर्द हैं उन्हें कायल करने के लिए ताकि उसके शागिद बन जाएं”- (देखें: @)
τριετίαν νύκτα καὶ ἡμέραν, οὐκ ἐπαυσάμην…νουθετῶν
उनहें याद करते हुए उनकी हिफाज़त करते रहें या जब तुम उन्हें याद करते हो तो उनकी हिफाज़त किया करो”-
οὐκ ἐπαυσάμην…νουθετῶν
जागते रहो और होशियार रहो या “चोकसी करो” मसीही रहनुमाओं को होशियार रहने की ज़रूरत है कि कोई ईमानदारों की जमाअत को नुकसान ना पहुन्चाए उन्हें ऐसा कहा जाएगा जैसे कि वह एक दुश्मन की फ़ौज की चौकसी करने वाली फ़ौज है- (देखें: @)
μετὰ δακρύων
लगातार उसे याद रखना या “उसे भूल मत जाना”
Acts 20:32
παρατίθεμαι ὑμᾶς τῷ Θεῷ, καὶ τῷ λόγῳ τῆς χάριτος αὐτοῦ
पौलुस ने उन्हें लगातार तीन साल तक तालीम नहीं दी बल्कि तीन साल के दौरान में तालीम दी-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
παρατίθεμαι
ख़बरदार करना नहीं छोड़ा
τῷ…δυναμένῳ οἰκοδομῆσαι
यहाँ “आंसू बहाना” पौलुस के रोने को ज़ाहिर करता है परवाह करने या फ़िक्र करने का जो शदीद एहसास पौलुस को हुआ यह उसे ज़ाहिर करता है जब वह लोगों को ख़बरदार कर रहा था-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
δοῦναι τὴν κληρονομίαν
यहां कलाम एक पैग़ाम को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:मैं ने ख़ुदा से माँगा कि वह तेरा ख़याल रखे और तेरी मदद करे कि तू उस पैगाम पर ईमान लाए जो मैं ने ख़ुदा के फ़ज़ल की बाबत पेश किया था” (देखें: INVALID translate/figs-personification)
τὴν κληρονομίαν
किसी शख्स को किसी शख्स का ख्याल रखने या किसी काम की ज़िम्मेदारी सोंपा जाना-
Acts 20:33
किसी शख्स का ईमान मज़बूत होने को कहा जाता है जैसे कि उसने एक ऊंची और मज़बूत दीवार कड़ी कर रखी हो-मुतबादिल तर्जुमा: “जो तुमको तुम्हारे ईमान में तरक्की दे सकता और मज़बूत बना सकता है” (देखें: @)
ἀργυρίου…οὐδενὸς ἐπεθύμησα
यह उस फ़ज़ल के कलाम को ज़ाहिर करता है जैसे कि खुद ख़ुदा ने ईमानदारों को मीरास अता की है-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुमको मीरास अता करेगा” (देखें: @)
ἀργυρίου, ἢ χρυσίου, ἢ ἱματισμοῦ, οὐδενὸς
बरकतें जो ख़ुदा ईमानदारों को देता है वह ऐसी बात है जैसा कि एक बच्चा अपने बाप के पैसे या जायदाद का वारिस होता है –(देखें: @)
Acts 20:34
αὐτοὶ
पौलुस इफ़सुस की कलीसिया के बुज़ुरगों से बात करना ख़तम करता है जो उसने उनसे शुरू की थी आमाल20:18 में-
ταῖς χρείαις μου…ὑπηρέτησαν αἱ χεῖρες αὗται
मैं ने किसी के सोने चांदी या कपड़े का लालच नहीं किया या “मैं ने अपने खुद के लिए किसी का सोना चांदी नहीं चाहा”
Acts 20:35
κοπιῶντας δεῖ ἀντιλαμβάνεσθαι τῶν ἀσθενούντων
उस ज़माने में कपड़ों को खज़ाना बतोर लिहाज़ किया जाता था;जितना ज़ियादा होता था उतना ही आप अमीर माने जाते थे -
τῶν ἀσθενούντων
लफ्ज़ “तुम खुद” यहाँ पर जोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया है- (देखें: INVALID translate/figs-nominaladj)
ἀσθενούντων
लफ्ज़ “हाथों” यहाँ पर पूरी शख्सियत को ज़ाहिर करता है- मुताबदिल तर्जुमा: “मैं ने मेहनत करी कि पैसे कमाऊं और अपनी हाजतें रफा करूं”- (देखें: @)
τῶν λόγων τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
तुमको भी काम करनी चाहिए ताकि उससे तुम उन लोगों की मदद कर सकोजो खुद से नहीं कमा सकते-
μακάριόν ἐστιν μᾶλλον, διδόναι ἢ λαμβάνειν
इस इसमी सिफ़त को आप एक ऍम सिफ़त में बयान कर सकते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “कमज़ोर लोगों” या “वह लोग जो कमज़ोर पाए जाते हैं” (देखें: @)
Acts 20:36
बीमार
θεὶς τὰ γόνατα αὐτοῦ…προσηύξατο
यहाँ “बातें” जो येसू ने अलफ़ाज़ कहे उन्हें ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/translate-symaction)
Acts 20:37
ἐπιπεσόντες ἐπὶ τὸν τράχηλον τοῦ Παύλου
इस के मायने यह हुए कि एक शख्स ख़ुदा कि मेहरबानी हासिल करता है और ज़ियादा ख़ुशी का तजुर्बा तब करता है जब वह दूसरों को बांटता है न कि हमेशा दूसरों से हासिल करता है-
κατεφίλουν αὐτόν
पौलुस इफसुस की कलीसिया के बुज़ुरगों के साथ का वक़्त उन के साथ मिलकर दुआ करने के साथ ख़तम करता है-
Acts 20:38
οὐκέτι μέλλουσιν τὸ πρόσωπον αὐτοῦ θεωρεῖν
एक आम रिवाजथा कि जब वह दुआ करते थे तो घुटनों के बल होकर दुआ करते थे-यह ख़ुदा के सामने हलीमी कि निशानी थी-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 21
बुज़ुरगों ने पौलुस को गले लगाया और “अपनी बाहें से उसे लिपटा लिया”-
Acts 21:1
मरकज़ी मशरिक़ी तहज़ीब में किसी के गालों पर बोसा देना भाई चारे को या दोस्ती के प्यार को ज़ाहिर करता है-
लफ्ज़ “मुंह”यहाँ पर पौलुस के माद्दी जिस्म को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “आगे को मुझे इस ज़मीन पर नहीं देखोगे” (देखें: @)
εὐθυδρομήσαντες ἤλθομεν εἰς τὴν Κῶ
आमाल 21 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
आमाल 21:1-19 पौलुस के येरूशलेम तक के सफ़र का बयान करता है-येरूशलेम में पहुंचने के बाद वहां के ईमानदारों ने उससे कहा कि यहूदी उसको नुकसान पहुंचाना चाहते थे तो उन्हों ने सलाह दी कि उसे क्या करना था कि वह उसे नुकसान न पहुंचाए (आयत 20-26)-हालाँकि पौलुस ने वही किया जो ईमानदारों नेउसे करने को कहा थामगर यहूदियों ने उसे हलाक करने कि कोशिश की- पर रोमियों ने उसे बचालिया और उसे एक मौक़ा दिया कि वह यहूदियों से कुछ बोल सके
बाब की आखरी आयत एक अधूरे जुमले के साथ ख़तम होती है जिस तरह से ULT करता है
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“उन सब ने फ़ैसला किया कि कानून को बानाए रखेंगे”
येरूशलेम के यहूदी मूसा की शरीयत की पाबंदी करते थे यहां तक कि जो येसू के पीछे चलते थे वह भी अभी तक शरीयत की पाबंदी कर रहे थे- दोनों जमाअतों ने सोचा कि पौलुस कहता जारहा था कि यहूदी यूनान में शरीयत की पाबंदी नहीं करते-मगर वह सिर्फ़ गैरकौम थे जिन से पौलुस यह बात कह रहा था-
नाज़िर की मन्नत
वह मन्नत जिसे पौलुस और उसके तीन साथियों ने मानी, गालिबन वह नाज़िर की मन्नत थी क्यूंकि उन्हों ने अपना सर मुंडाया था-([आमाल21:23] (../../आमाल/21/23.md)).
मंदिर में गैरकौम-
यहूदियों ने पौलुस पर इलज़ाम लगाया कि उसने एक ग़ैर कौम को मंदिर के एक हिस्से के अन्दर आने दिया जिसमें ख़ुदा ने सिर्फ़ यहुदियों को ही जाने की इजाज़त दी थी- उन्हों ने सोचा कि ख़ुदा पौलुस को हमारे हलाक करने के ज़रिये सज़ा दे रहा है-(देखें: @)
रोम का शहरी होना
रोमी सोचते थे कि रोमी शहरियों का बर्ताव इन्साफ़ से होना चाहिए-वह यह भी सोचते थे कि जो ग़ैर रोमी हैं उनके साथ जैसा चाहे वैसा सुलूक कर सकते हैं मगर उन्हें दीगर रोमी के साथ भी कानून की पाबन्दी करनी होगी-कुछ लोग असली रोमी शहरी थे मगर कुछ ने क़ीमत देकर खरीदा था कि वह रोमी शहरी बने-
Κῶ
यहां लफ्ज़ ‘हम” लूका, पौलुस और उनके साथ सफ़र करने वालों की तरफ़ इशारा करता है मगर क़ारिईन की तरफ़ नहीं-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Ῥόδον
मुसन्निफ़ लूका,पौलुस और उस के साथी अपने सफ़र को जारी रखते हैं-
Πάταρα
हम सीधे शहर कोस में आए या “हम ब्राराहे रास्त शहर कोस को गए-”
Acts 21:2
καὶ εὑρόντες πλοῖον διαπερῶν εἰς Φοινίκην
कोस एक यूनानी टापू जो साहिल से हट कर है-यह माजूदा तुर्की में जुनूबी एजियन का स्मुन्द्री इलाका है
πλοῖον διαπερῶν
रुदुस एक यूनानी टापू जो साहिल से हट कर है-यह मौजूदा तुरकी में जुनूबी एजियन का स्मुन्द्री इलाका है जो कोस के जुनूब में करेते के शुमाल मशरिक में वाक़े है-(देखें: @)
Acts 21:3
पेतरू मौजूदा तुरकी के जुनूब मगरिब का साहिली इलाक़ा है- यह बहीरा -ए-रोम के एजियन समुन्दर के जुनूब में वाक़े है-(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
καταλιπόντες αὐτὴν εὐώνυμον
यहाँ “एक जहाज़ सीधे.......को जाता हुआ”यह एक समुंदरी बेड़े को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “फिर एक जहाज़ सीधे फिनेके को जाता हुआ मिला”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐκεῖσε…τὸ πλοῖον ἦν ἀποφορτιζόμενον τὸν γόμον
यहाँ “पार करना” इस का मतलब यह नहीं कि जिस तरह मौजूदा दौर में पार किया जाता है बल्कि यह बहुत जल्द फिनिके पहुंचेगा- मुताबदिल तर्जुमा “एक जहाज़ जो सीधे जाने वाला था या “एक जहाज़ जो जाने वाला था”
Acts 21:4
οἵτινες τῷ Παύλῳ ἔλεγον διὰ τοῦ Πνεύματος
यहां लफ्ज़ “हम” लूका, पौलुस और जो उस के साथ सफ़र कर रहे थे उनको ज़ाहिर करता है मगर कारि ईन को नहीं-(देखें: @)
Acts 21:5
हम ने टापू को बाईं तरफ़ छोड़ा और यह कश्ती के बाईँ तरफ़ बन्दरगाह था-
ὅτε…ἐγένετο ἡμᾶς ἐξαρτίσαι τὰς ἡμέρας
यहाँ “जहाज़” उस बेड़े को ज़ाहिर करता है जो जहाज़ में सफ़र कर रहे थे- मुतबादिल तर्जुमा: “यह बेड़ा जहाज़ में से सामान उतारने के लिए थे”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
θέντες τὰ γόνατα ἐπὶ τὸν αἰγιαλὸν προσευξάμενοι
इन ईमानदारों ने पौलुस से वह बात कही जो रूहुल क़ुदुस ने उन पर ज़ाहिर किया था- “वह बार बार ताकीद से उसको कहते रहे”-
Acts 21:6
ἀπησπασάμεθα ἀλλήλους
यहां लफ्ज़ “वह” सूर के ईमानदारों की तरफ़ इशारा करता है-
Acts 21:7
यह दिनों की बाबत बात करता है जो एक शख्स गुज़र सकता था” मुताबदिल तर्जुमा: “जब साथ दिन गुज़र गए” या “जब वहां से निकलने का वक़्त आ गया था” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
दुआ करते वक़्त घुटने टेकना यह एक आम रिवाज था-यह ख़ुदा के हुज़ूर हलीमी का एक निशान था-(देखें: @)
κατηντήσαμεν εἰς Πτολεμαΐδα
एक दुसरे से विदा हुए
τοὺς ἀδελφοὺς
यहाँ लफ्ज़ हम लूका, पौलुस और उनके साथ सफ़र करने वालों को ज़ाहिर करता है मगर क़ारिईन को नहीं- (देखें: @)
Acts 21:8
ἐκ τῶν ἑπτὰ
यहाँ पौलुस के अय्याम कैसरिया में शुरू होते हैं-
εὐαγγελιστοῦ
पत्लुमियुस सूर के जुनूब लेबनान का एक शहर था-पत्लुमियुस मौजूदा इस्राईल में कुछ एकड़ों में पाया जाता है- (देखें: @)
Acts 21:9
τούτῳ
साथी ईमानदारों
δὲ
“सात” उन सात लोगों को ज़ाहिर करता है जो शुरू के दिनों में बेवाओं को खाना तकसीम करने के लिए चुने गए थे- देखें:आमाल 6:5-
θυγατέρες τέσσαρες παρθένοι, προφητεύουσαι
“मुबशिर” वह शख्स जो लोगों को खुशखबरी सुनाताहै
Acts 21:10
आठ आयत से फिलिप्पुस का बयान
यहाँ इस लफ्ज़ को ख़ास कहानी की लाइन में एक वक्फ़े की निशाँन दिही के लिए इस्तेमाल किया गया है- यहाँ लूका फिलिप्पुस और उसकी बेटियों की बाबत पीछे की कहानी को बताता है- (देखें: @)
τις…προφήτης ὀνόματι Ἅγαβος
चार कुवारी लड़कियां जो लगातार ख़ुदा से पैग़ाम हासिल करती थीं और उन्हें लोगों तक पहुंचाती थीं-
ὀνόματι Ἅγαβος
यहाँ अलफ़ाज़ “हम” और “हमको” लूका, पौलुस और जो उन के साथ थे उनकी तरफ़ इशारा करता है न कि कारिईन की तरफ़-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 21:11
ἄρας τὴν ζώνην τοῦ Παύλου
यह पौलुस के लिए केसरिया में की गई उस नबुवत की बाबत है जो अगबुस के ज़रिये दी गई थी-
τάδε λέγει τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον, τὸν ἄνδρα οὗ ἐστιν ἡ ζώνη αὕτη, οὕτως δήσουσιν ἐν Ἰερουσαλὴμ οἱ Ἰουδαῖοι, καὶ παραδώσουσιν εἰς χεῖρας ἐθνῶν.
यह कहानी में एक नए शख्स का तआरुफ़ कराता है (देखें: INVALID translate/figs-quotesinquotes)
οἱ Ἰουδαῖοι
अग्बुस नाम का एक आदमी यहूदिया से था-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
παραδώσουσιν
पौलुस के कमरबंद को पौलुस की कमर से निकाला
εἰς χεῖρας ἐθνῶν
यह हवाले के अन्दर एक हवाला है-अंदरूनी हवाले को ग़ैर बराहे रास्त हवाला बतोर बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “रूहुल क़ुदुस कहता है कि इसी तरह यहूदी येरूशलेम में पौलुस को बांधेंगे ...(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ἐθνῶν
इस का मतलब यह नहीं कि सारे यहूदी बल्कि वही जो इसको करेंगे-मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा” या “कुछ यहूदी लोग” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 21:12
हवाला करेंगे
Acts 21:13
τί ποιεῖτε, κλαίοντες καὶ συνθρύπτοντές μου τὴν καρδίαν
लफ्ज़ “हाथों” यहाँ पर काबू करने को ज़ाहिर करता है मुताबदिल तर्जुमा: “गैर कौमों की कानूनी हिरासत में” या “ग़ैर कौमों के हाथों में” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
συνθρύπτοντές μου τὴν καρδίαν
यह गैरकौमों के इख्तियार वालों को ज़ाहिर करता है-मुत्बादिल तर्जुमा: “ग़ैर कामों के हाकिम”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ μόνον δεθῆναι
यहां लफ्ज़ “हम” लूका और दीगर इमानदारों को ज़ाहिर करता है मगर क़ारीईन को शामिल नहीं करता (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ὑπὲρ τοῦ ὀνόματος τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ
पौलुस यह सवाल इमानदारों को यह बताने के लिए करता है कि वह उसे रागिब करने की कोशिश करना बंद करें- मुतबादिल तर्जुमा: “जो तुम करते हो वह करना बंद करो, तुम रो रो कर मेरा दिल तोड़ते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 21:14
μὴ πειθομένου…αὐτοῦ
किसी को उदास करना या पस्त हिम्मत करना इसे इसतरह कहा जाता है कि दिल तोड़ दिया-यहां “दिल”एक शख्स के एहसासात को ज़ाहिर करते है-मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे पस्त हिम्मत करते हो” या “मुझे बहुत ज़ियादा दुखी करते हो”(देखें INVALID translate/figs-activepassive और @)
πειθομένου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं न सिर्फ़ बांधे जाने को तैयार हूँ बल्कि ...”(देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
τοῦ Κυρίου τὸ θέλημα γινέσθω
यहां “नाम” येसू की शख्सियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद येसू की खातिर” या इसलिए कि मैं खुदावंद येसू पर ईमान रखता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 21:15
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस ऐसा होने नहीं होने देगा कि हम उसे रागिब करें” या “हम पौलुस को रागिब नहीं कर सकते थे” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
जो वह पौलुस को रागिब न कर सके आप को इसे वाज़ेह करने की ज़रूरत पड़ सकती है-मुतबादिल तर्जुमा: “रागिब नहीं किया कि वह येरूशलेम को न जाए” (देखें: @)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: जैसा खुदावंदने मनसूबा किया वैसा ही सब कुछ हो"" (देखें: @)
Acts 21:16
ἄγοντες παρ’…τινι
यहाँ लफ्ज़ “हम” लूका, पौलुसऔर उनके साथ जो सफ़र कर रहे उन सब को ज़ाहिर करता है और क़ारी ईन को नहीं- (देखें: @)
Μνάσωνί, τινι Κυπρίῳ
लफ्ज़ “वह” कैसरिया के कुछ शागिर्दों की तरफ़ इशारा करता है-
ἀρχαίῳ μαθητῇ
यहाँ कैसरिया में पौलुस का वक़्त खतम होता है
Acts 21:17
उन के बीच में एक आदमी था
मानसून नाम का एक शख्स था जो कुप्रुस टापू का रहने वाला था-(देखें: @)
ἀπεδέξαντο ἡμᾶς οἱ ἀδελφοί
इसका मतलब यह है कि मानसून येसू पर ईमान लाने वालों में से पहला शख्स था-
Acts 21:19
ἐξηγεῖτο καθ’ ἓν ἕκαστον
यहां अलफ़ाज़ “वह” और “उसका”पौलुस को ज़ाहिर करता है- लफ्ज़ “उनको” यह बुज़ुरगों कि तरफ़ इशारा करता है-
Acts 21:20
पौलुस और उसके साथी येरूशलेम पहुँचते हैं-
οἱ…ἀκούσαντες…ἐδόξαζον…εἶπόν τε αὐτῷ
यहाँ “भाइयों’येरूशलेम के इमानदारों को ज़ाहिर करता है चाहे वह मर्द हों या औरत-मुताबदिल तर्जुमा: “साथी ईमानदारों ने हमारा इस्तिकबाल किया” (देखें: @)
ἀδελφέ
सारी बातों को तफसील से बताया
ὑπάρχουσιν
पौलुस के लिए येरूशलेम के बुज़ुरगों का रद्देअमल शुरू होता है-
Acts 21:21
κατηχήθησαν δὲ περὶ σοῦ, ὅτι ἀποστασίαν διδάσκεις ἀπὸ Μωϋσέως τοὺς κατὰ τὰ ἔθνη πάντας Ἰουδαίους, λέγων μὴ περιτέμνειν αὐτοὺς τὰ τέκνα, μηδὲ τοῖς ἔθεσιν περιπατεῖν
यहां लफ्ज़ “वह” याक़ूब और दीगर बुज़ुरगों को ज़ाहिर करता है और लफ्ज़ “उसे” पौलुस को
κατηχήθησαν
यहां “भाई” का मतलब है “साथी ईमानदार-”
ἀποστασίαν…ἀπὸ Μωϋσέως
लफ्ज़ “वह” यहूदी ईमानदारों की तरफ़ इशारा करता है जो चाहते थे कि तमाम यहूदी ईमानदार शरीयत और दीगररिवाजों को जारी रखें-
μηδὲ τοῖς ἔθεσιν περιπατεῖν
ज़ाहिर तोर से यहाँ कुछ यहूदी हैं जो पौलुस की तालीम बिगाड़ रहे हैं-वह यहूदी ईमानदारों को मूसा की शरीयत मानने के लिए हिम्मत नहीं तोड़ता- उसका पैग़ाम यह है कि खतना और दीगर रिवाज येसू के बचाए जाने के लिए ज़रूरी नहीं हैं-आप इस को वाजेह कर सकते हैं कि येरूशलेम में यहूदी ईमानदारों के रहनुमा जानते थे कि पौलुस ख़ुदा के सच्चे पैग़ाम की तालीम दे रहा था- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῖς ἔθεσιν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों ने यहूदी ईमानदारों से कहा है- (देखें: @)
Acts 21:22
यहाँ “मूसा” शरीयत -ए- मूसा को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा:“उस शरीयत की पाबनदी करने सर रोकने के लिए जो मूसा ने हमें दिए थे” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
Acts 21:23
ἄνδρες τέσσαρες, εὐχὴν ἔχοντες
पुराने रिवाजों को मानना ऐसा कहा गया है कि यह वह रिवाज हैं जो उन्हें रहनुमाई करते हैं और लोग उन के पीछे चलते हैं-मुतबादिल तर्जुमा:“पुराने रिवाजों को न मानना” या पुराने रिवाजों की पाबंदी न करना-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 21:21
वह रिवाज जो यहूदी आम तोर से करते हैं
Acts 21:22
यहाँ लफ्ज़ “हम”याक़ूब और बुज़ुरगों को ज़ाहिर करता है (आमाल 21:18)- लफ्ज़ वह सब येरूशलेम के यहूदी ईमानदारों को ज़ाहिर करता है जो अपने साथी ईमानदारों को सिखाना चाहते थे कि मूसा की शरीयत को मानते रहें ([आमाल 21:20-21] (../20.md))-अलफ़ाज़ “उन्हें”, “उनका” और पहला वह उन चार लोगों को ज़ाहिर करता है जिन्हों ने एक मन्नत मानी थी-दुसरे अलफ़ाज़ “वह“ और “वह सब” येरूशलेम के यहूदी ईमानदारों को ज़ाहिर करता जो यह तालीम देते थे कि है मूसा की शरीयत को मानना जारी रखें- (देखें INVALID translate/figs-explicit)
Acts 21:24
ξυρήσονται τὴν κεφαλήν
चार आदमी जिन्हों ने ख़ुदा से मन्नत मानी थी एक ऐसी मन्नत है जिस में एक शख्स अपना सर मुंडा कर ख़ुदा से वायदा करता है कि वह एक मुद्दत तक शराब नहीं पिएगा और न अपने बाल नहीं काटेगा-
ὧν κατήχηνται περὶ σοῦ
उन्हों ने खुद को रस्मी तोर से पाक कर लिया था ताकि मंदिर में जाकर इबादत कर सकें-(देखें: INVALID translate/translate-symaction)
φυλάσσων τὸν νόμον
जो कुछ उनकी ज़रुरत होगी उसकी अदाएगी कर-जो खर्चा आएगा वह यह है कि एक नर भेड़ और मादा बकरी का बच्चा और अनाज और मश्रुबात का हदया-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 21:25
यह एक निशानी थी जिसे एक शख्स को पूरी करनी थी और जो वायदा ख़ुदा से किया था उसे भी-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह बातें जो लोग तेरे बारे में कह रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
φυλάσσεσθαι αὐτοὺς, τό τε εἰδωλόθυτον, καὶ αἷμα, καὶ πνικτὸν
यह शरीयत की पाबन्दी करने वाने वाली बात है अगरचे कि शरीयत एक रहनुमा हो और लोग उसके पीछे चलें-मुतबादिल तर्जुमा: “शरीयत की पाबंदी करो” या“ऐसी ज़िन्दगी जियो जिस से मूसा की शरीयत की और दीगर यहूदी रिवाजों की तौसीक़ हो- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
φυλάσσεσθαι αὐτοὺς, τό τε εἰδωλόθυτον
यहाँ लफ्ज़ “हम” याक़ूब और बुज़ुरगों को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
πνικτὸν
याक़ूब औए येरूशलेम के बुज़ुर्ग पुलिस से अपनी दरख्वास्त ख़तम करते हैं-([आमाल21:18] (..21/18.md))-
Acts 21:26
παραλαβὼν τοὺς ἄνδρας
वह सारे कानून उनके खाने की बाबत थे जो वह ख सकते थे-उनको मूरत के आगे ज़बह किये हुए जानवर का गोश्त खाना मना था,गोश्त जिसमें अभी भी खून बाक़ी हो,और गला घोंटे हुए जानवर का गोश्त जिस में खून बाकी रहता है-देखें कि आपने इन एक जैसे मुहावरों का तर्जुमा आमाल15:20- में किसतरह से किया है- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
σὺν αὐτοῖς ἁγνισθεὶς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:वह उस जानवर के गोश्त से दूर रहने लगे जो किसी ने मूरत के आगे ज़बह किया था (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
εἰσῄει εἰς τὸ ἱερόν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “वह जानवर जिसे किसी शख्स ने गला घोंटा हो” या “उस जानवर के गोश्त से जिसे किसी शख्स ने खाने के मक़सद से मारा हो मगर उस के खून को नहीं छाना-“ (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-activepassive)
τῶν ἡμερῶν τοῦ ἁγνισμοῦ
यह वह चार शख्स थे जिन्हों ने मन्नत मानी थी-
ἕως οὗ προσηνέχθη…ἡ προσφορά
मंदिर के एहाते में दाखिल होने से पहले यहूदियों को चाहिए था वह ज़ाहिरी तोर से या रस्मी तोर से पाक साफ़ हों- यह तहारत ग़ैर कौमों से तालुक़ात में आने के बाद एक यहूदी के लिए ज़रुरी था-
Acts 21:27
वह मंदिर में उस मक़ाम पर नहीं जाते थे जहां सिर्फ़ सरदार काहिन को ही दाखिल होने की इजाज़त थी-“वह मंदिर के आँगन में दाखिल होते थे-मुत्क़बादिल तर्जुमा: “मन्दिर के आँगन में गए” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
यह एक अलग से पाकीज़गी का तरीका था उस पाकीज़गी के तरीके से हट कर जो मंदिर के एहाते में दाखिल होने के लिए उन्हें ज़रुरी थे-
αἱ ἑπτὰ ἡμέραι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब तक कि वहक़ुर्बानी के लिए एक जानवर को पेश नहीं करते थे”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν τῷ ἱερῷ
29 आयत एशिया के यहूदियों की बाबत पीछे की कहानी की इतला पेश करते हैं
συνέχεον πάντα τὸν ὄχλον
यहाँ से पौलुस की गिरफ़्तारी की कहानी शुरू होती है
ἐπέβαλον ἐπ’ αὐτὸν τὰς χεῖρας
यह पाकीज़गी केपूरे सात दिन हैं
Acts 21:28
τοῦ λαοῦ, καὶ τοῦ νόμου, καὶ τοῦ τόπου τούτου
पौलुस मंदिर के अन्दर नहीं था बल्कि वह मंदिर के सेहन में में था- मुताबदिल तर्जुमा: “मंदिर के आँगन में” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
ἔτι τε καὶ Ἕλληνας εἰσήγαγεν εἰς τὸ ἱερὸν
पौलुस पर बहुत ज़ियादा गुस्सा होने के लिए लोगों को उभारना या उकसाना ऐसा है जैसे कि भीड़ के जज़्बात को भड़काना- मुतबादिल तर्जुमा: लोगों की एक बड़ी तादाद को पौलुस पर गुस्सा होने के लिए मजबूर किया गया- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 21:29
ἦσαν γὰρ προεωρακότες Τρόφιμον τὸν Ἐφέσιον ἐν τῇ πόλει σὺν αὐτῷ, ὃν ἐνόμιζον ὅτι εἰς τὸ ἱερὸν εἰσήγαγεν ὁ Παῦλος
यहां “पर हाथ रखा” के मायने हैं “पकड़ना” या “गिरफ्त में लेना”- पकड़ने के लिए देखें कि आप ने आमाल 5:18में किसतरह से तर्जुमा किया है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस को पकड़ लिया” (देखें: INVALID translate/writing-background)
Τρόφιμον
इस्राईली लोग, मूसा की शरीयत और मंदिर
Acts 21:30
ἐκινήθη τε ἡ πόλις ὅλη
येरूशलेम के मंदिर में आँगन के कुछ ही हिस्सों में सिर्फ़ यहूदी मरदों को दाखिल होने की इजाज़त थी- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
ἐπιλαβόμενοι τοῦ Παύλου
यह पीछे की कहानी की इतला है – लूका समझा रहा है कि क्यूँ आसिया के यहूदियों ने सोचा कि पौलुस ने ग़ैर कौमों को मंदिर में ले आया-(देखें: @)
εὐθέως ἐκλείσθησαν αἱ θύραι
यह एक युनानी शख्स था जिसकी बाबत पौलुस पर इलज़ाम लगाया गया कि पौलुस उसे मंदिएर के अन्दरूनी इलाके में ले आया जो सिर्फ़ यहूदियों के लिए था-देखें कि आप ने उसके नाम का तरजुमा आमाल20:4-में किसतरह किया है-
Acts 21:31
ἀνέβη φάσις τῷ χιλιάρχῳ τῆς σπείρης
लफ्ज़ “तमाम” यहाँ पर जोर देने के लिए इस्ते’माम है- लफ्ज़ “शहर” येरूशलेम के लोगों को ज़ाहिर करता है -मुतबादिल तर्जुमा: शेहर के बहुत से कोग पौलुस पर गुस्सा हुए- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और @)
ἀνέβη φάσις τῷ χιλιάρχῳ
पौलुस को पकड़ा या “पौलुस को गिरफ्त में लिया”-
τῷ χιλιάρχῳ
उनहोंने मंदिर के दरवाज़े बंद कर दिए ताकि मंदिर के इलाके में कोई दंगा फसाद न हो-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ यहूदियों ने फ़ौरन मंदिर के दरवाज़े बंद कर दिये” या “मंदिर के मुहाफ़िज़ों ने फ़ौरन दरवाज़े बंद कर दिए-(देखें: @ और @)
ὅλη συνχύννεται Ἰερουσαλήμ
यहाँ “ख़बर’ उस पैग़ाम लाने वाले कि तरफ इशारा करता है जो ख़बर देने के लिए गया था-मुतबादिल तर्जुमा: किसी ने पलटन के सरदार तक ख़बर पहुंचाई- (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)
Acts 21:32
मुहावरा “ऊपर तक” इसलिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि पलटन का सरदार किले पर था जो मंदिर से जुड़ा हुआ था और मगर वह मंदिर के आँगन से ऊंचाई पर बना हुआ था-
κατέδραμεν
एक रोमी फ़ौज का हाकिम या 600 सिपाहियों के ऊपर एक सदार
τὸν χιλίαρχον
लफ्ज़ “येरूशलेम’ यहां पर येरूशलेम के लोगों को ज़ाहिर करता है- लफ्ज़ “तमाम” एक इस्तेमाम है जो गुस्से वाली एक बड़ी भीड़ को बताती है-मुतबादिल तर्जुमा: “येरूशलेम में बहुत से लोग हंगामा कर रहे थे-“ (देखें: @ और @)
Acts 21:33
ἐπελάβετο αὐτοῦ
पहला लफ्ज़ “वह” और लफ्ज़ “वह”पलटन के सरदार को ज़ाहिर करता है जिसतरह से [आमाल21:31] (../21/31.md).में ज़िकर किया गया है-
ἐκέλευσε δεθῆναι
किले से लेकर अदालत के कमरे तक नीचे जाने के लिए सीढियां बनी हुई हैं-
ἁλύσεσι δυσί
एक रोमी फ़ौजी हाकिम या 600 सिपाहियों पर एक रहनुमा (सरदार)
ἐπυνθάνετο τίς εἴη καὶ τί ἐστιν πεποιηκώς
पौलुस को ले गया या पौलुस को गिरफ़्तार किया
ἐπυνθάνετο τίς εἴη
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकत है-मुतबादिल तर्जुमा:अपने सिपाहियों को हुक्म दिया कि उसे बांह लिया जाए-(देखें: @)
Acts 21:34
ἄλλοι
इस क मतलब यह है कि दो रोमी सिपाही पौलुस के दायें बाएं मुक़र्रर किये गए-
αὐτοῦ
इसको बराहे रास्त हवाला बतोर बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उसने पूछा,यह कौन आदमी है ? इसने क्या किया है’”? (देखें: @)
ἐκέλευσεν ἄγεσθαι αὐτὸν
पलटन का सरदार भीड़ से बात कर रहा है न कि पौलुस से-
εἰς τὴν παρεμβολήν
अलफ़ाज़ “चिल्ला रहे थे” इस्को इस से पहले के मुहावरे से समझ लिया होगा-मुतबादिल तर्जुमा: “वह एक दुसरे पर चिल्ला रहे थे” या भीड़ में दुसरे लोग चिल्ला रहे थे और कुछ नहीं मालूम कि काया कर रहे थे- (देखें: @)
Acts 21:35
ὅτε δὲ ἐγένετο ἐπὶ τοὺς ἀναβαθμούς, συνέβη βαστάζεσθαι αὐτὸν
यह एक फ़ौज का हाकिम था या 600 सिपाहियों पर सरदार था-
Acts 21:36
αἶρε αὐτόν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “उसने अपने फ़ौजियों को हुक्म दिया कि पौलुस को लाया जाए-“ (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)
Acts 21:37
μέλλων τε εἰσάγεσθαι
यह किला बाहरो मंदिर के सेहन से जुड़ा हुआ था
τὴν παρεμβολὴν
इसको अमली शक्ल में बयन किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:जब पौलुस को किले की सीढ़ियों तक सिपाहियों के ज़रिये से लाया गया-(देखें: @)
τῷ χιλιάρχῳ
भीड़ में से कुछ लोग ऐसे अलफ़ाज़ का इस्तेमाल कर रहे थे जिससे यह ज़ाहिर होता था कि वह पौलुस कि मौत चाहते थे- मुतबादिल तर्जुमा: “उसका काम तमाम करदे” या “उसको क़त्ल करदे’ (देखें: @)
Ἑλληνιστὶ γινώσκεις
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब सिपाही पौलुस को लाने को तैयार थे-“ (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 21:38
οὐκ ἄρα σὺ εἶ ὁ Αἰγύπτιος, ὁ πρὸ τούτων τῶν ἡμερῶν, ἀναστατώσας καὶ ἐξαγαγὼν εἰς τὴν ἔρημον τοὺς τετρακισχιλίους ἄνδρας τῶν σικαρίων
यह किला मंदिर के बाहरी सेहन से जुड़ा हुआ था-देखें कि आप ने इसेआमाल21:34.में किस तरह से तर्जुमा किया है-
οὐκ ἄρα σὺ εἶ ὁ Αἰγύπτιος
एक रोमी फ़ौजी हाकिम जिस के मातहत 600 सिपाही होते हैं-
ἀναστατώσας
पलटन का सरदार पौलुस से सवाल पर सवाल करता है यह हैरत ज़ाहिर करने के लिए कि पौलुस वह नहीं है जो वह सोच रहा था- मुतबादिल तर्जुमा: ‘तो तुम यूनानी बोली जानते हो” या मैं नहीं जानता था कि तुम यूनानी बोलते हो” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
τοὺς τετρακισχιλίους ἄνδρας
पलटन का सरदार पौलुस से सवाल पर सवाल करता है “क्या तुम यूनानी जानते हो ?”(आयत 37) यह हैरत ज़ाहिर करने के लिए कि पौलुस वह नहीं है जो वह सोच रहा था-मुमकिन मायने हैं:1) जैसे ULT में है -पलटन के सरदार को यकींन है कि हालांकि पौलुस यूनानी बोलता है मगर वह मिसरी है, चुनांचि वह उससे कहता है “हालाँकि तुम यूनानी बोलते हो फिर भी मैं सोचता हूँ कि तुम मिसरी हो ...बयाबान 2) क्यूंकि पौलुस यूनानी बोलता है तो पलटन का सरदार सोचता है कि शायद मैं गलत था जो सोचता था कि तुम मिसरी हो ....बयाबान सब से अच्छा यह है कि अगर पढने वाला उन में से एक दो मायनों को इस्तिखराज कर सके तो सवाल को काइम रखो-(देखें: INVALID translate/translate-numbers) ,
σικαρίων
पौलुस के वहाँ पहुँचने से पहले एक बे नाम शख्स जो मिसर से था येरूशलेम में रोम केके खिलाफ़ बग़ावत छेड़ी थी-बाद में वह बयाबान में बचकर फ़रार हो गया था-पलटन के सरदार को गुमान था कि पौलुस वही शख्स तो नहीं था –(देखें: @)
Acts 21:39
इस लफ्ज़ “बग़ावत” को एक फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: लोगों ने रोमी सरकार के खिलाफ बगावत की-(देखें: @)
δέομαι…σου
4,000 दहशतगरदों ने (देखें: @)
ἐπίτρεψόν μοι
यह यहूदी बागियों की एक जमाअत को ज़ाहिर करता है जिन्हों ने रोमियों को हलाक किया था और उनको भी जो रोमियों कि मदद की थी -
Acts 21:40
ἐπιτρέψαντος…αὐτοῦ
पौलुस ने जो भी किया उसके लिए अपना बचाव शुरू करता है-
ὁ Παῦλος ἑστὼς ἐπὶ τῶν ἀναβαθμῶν
मैं तुम से दरखास्त करता हूँ या “मैं तुम से उज़र पेश करता हूँ”-
κατέσεισε τῇ χειρὶ τῷ λαῷ
बराए मेहरबानी मुझे करने दो या “बराए मेहरबानी मुझे इजाज़त दो”-
πολλῆς δὲ σιγῆς γενομένης
लफ्ज़ इजाज़त को फ़े’एल के सेगे में ब्यान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पलटन के सरदार ने पौलुस को बोलने की इजाज़त दी” या “पलटन के सरदार ने पौलुस को बोलने दिया” (देखें: @)
Acts 22
लफ्ज़ सीढ़ियां यहाँ पर उन पक्की सीढियों के रास्ते को ज़ाहिर करता है जो किले कि तरफ़ जाती थीं-
Acts 22:1
इसकी वाज़ाहत बयान कि जा सकती है कि पौलुस ने हाथ का इशारा क्यूँ किया-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस ने भीड़ के लोगों को ख़ामोश करने के लिए हाथ के साथ इशारा किया” (देखें: INVALID translate/writing-background)
जब लोग पूरी तरह से ख़ामोश थे
ἀδελφοὶ καὶ πατέρες
आमाल 22 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
आमाल की किताब में पौलुस की तबदीली का यह दूसरा बयान है- इसलिए कि यह इब्तिदाई कलीसिया का ऐसा अहम् वाक़िया है इस सबब से इसे तीन बार बार बयान किया गया है- (देखें: [आमाल9] (../09/01.md) और आमाल 26) इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“इब्रानी ज़बान में”
उन दिनों कई एक यहूदी अरामी और यूनानी ज़बान बोलते थे-बहुत से लोग जो इब्रानी बोलते थे वह तालीम याफ़ता यहूदी उलमा होते थे -इसी लिए जाब पौलुस इब्रानी बोलने लगा तो लोग उसपर धियान देने लगे थे-
“रासता”
कोई भी यक़ीनी तोर से नहीं जानता कि किसने सब से पहले “राह के पीछे चलने वाले” का लफ्ज़ कहना शुरू किया किया था-यह गालिबन ईमानदार लोग खुद से कहने लगे थे-क्यूंकि बाइबिल अक्सर ऐसे लोगों की बात करती है जो एक राह पर या “रास्ते” पर चलकर अपनी ज़िन्दगी जीता हो-अगर यह सच है तो ईमानदार लोग “खुदावंद की राह पर चलते थे”एक ऐसी ज़िन्दगी जीत्ते हुए जो ख़ुदा को खुश करे-
रोम की शेहरियत
रोमी लोग सोचते थे कि उन के साथ का बर्ताव रोमी शहरी जैसे ही इंसाफ़ के साथ होना चाहिए-वह सोचते थे कि ग़ैर रोमी के साथ जैसा चाहा बर्ताव कर सकते थे मगर उन को भी दुसरे रोमियों के साथ कानून को मानना पड़ेगा-कुछ लोग पैदाइशी रोम के शहरी थे और कुछ ने क़ीमत देकर शहरी होने का हक़ हासिल किया था- पलटन के सरदार को एक रोमी शहरी से बर्ताव करने पर सज़ा हो सकती थी वैसे ही एक ग़ैर शहरी से बर्ताव करने पर भी-
μου τῆς πρὸς ὑμᾶς νυνὶ
आयत 2 पीछे कि खानी की इतला पेश करती है-(देखें: @)
Acts 22:2
τῇ Ἑβραΐδι διαλέκτῳ
पौलुस येरूशलेम में यहूदियों की भीड़ से बात करता है-
Acts 22:3
ἀνατεθραμμένος δὲ ἐν τῇ πόλει ταύτῃ, παρὰ τοὺς πόδας Γαμαλιήλ
यह सामईन के बीच में जो पौलुस की उम्र के और उससे ऊपर के लोगों से मुखातब होने का एक हलीमी तरीका है-
παρὰ τοὺς πόδας Γαμαλιήλ
अब मैं आप को समझाता हूँ या “अब मैं आप के सामने पेश करूंगा”-
Γαμαλιήλ
इब्रानी ज़बान यहूदियों की ज़बान थी-
πεπαιδευμένος κατὰ ἀκρίβειαν τοῦ πατρῴου νόμου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा:”मगर मैं यहाँ येरूशलेम में रबबी गमलिएल का शागिर्द रहा हूँ-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
πατρῴου νόμου
यहाँ “क़दमों” एक जगह को ज़ाहिर करता है जहाँ एक शागिर्द एक उस्ताद से सीखते वक्त बैठा करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “गमलिएल के ज़रिये” (देखें: @)
ζηλωτὴς ὑπάρχων τοῦ Θεοῦ
गमलिएल यहूदी शरीयत के उस्तादों में से एक मशहूर उस्ताद था- देखें कि आपने इस नाम का तर्जुमा आमाल5:34.में किसतरह से किया है-
καθὼς πάντες ὑμεῖς ἐστε σήμερον
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “उसने मुझे तालीम दी कि किस तरह हमारे बाप दादा के शरीयत का पाबन्द होना चाहिए”- या “जो तालीम मैं ने हासिल की है वह हमारे बाप दादाओं के शरीयत की असली तफसीलों का पीछा करती है- (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 22:4
ὃς ταύτην τὴν Ὁδὸν ἐδίωξα
हमारे बाप दादा की शरीयत:यह ख़ुदा की उस शरीयत को ज़ाहिर करती है जो उस ने मूसा के ज़रिये बनी इस्राईल को दी थी-
ταύτην τὴν Ὁδὸν
मैं पूरी तरह से ख़ुदा के पीछे चलने के लिए मखसूस किया गया हूँ-या मैं ख़ुदा की ख़िदमत के लिए हर वक़्त तैयार पाया जाता हूँ-
ἄχρι θανάτου
जिसतरह से आज तुम जोशीले नज़र आते हो-पौलुस खुद को यहूदियों की भीड़ से म्वाज़िना करता है-
δεσμεύων καὶ παραδιδοὺς εἰς φυλακὰς, ἄνδρας τε καὶ γυναῖκας
यहाँ “इस तरीक़” का लफ्ज़ ज़ाहिर करता है उन लोगों को जो “एक राह” पर चलने वाली जमाअत बटर जानी जाती थी-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ने इस “तरीक़” के लोगो को सताया था- (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 22:5
μαρτυρεῖ
यह मसीहियों को ज़ाहिर करने का एक लक़ब था-देखें कि आप ने इस “तरीक” को आमाल 9:2-में किसतरह तर्जुमा किया है-
παρ’ ὧν…ἐπιστολὰς δεξάμενος
लफ्ज़ “मौत” को फ़े’एल के सेगे में “मरना” या “मारना” तर्जुमा किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: “और मैं उन्हें मारने के तरीके ढूँढता था” या ‘यहाँ तक कि मैं उन्हें मार डालता था”-(देखें: @)
πρὸς τοὺς ἀδελφοὺς, εἰς Δαμασκὸν
मरदों और औरतों को बांध कर उन्हें क़ैद खाने में डलवाता था
ἄξων…τοὺς ἐκεῖσε ὄντας, δεδεμένους εἰς Ἰερουσαλὴμ
गवाही दे सकता हूँ या “तुम्हें बता सकता हूँ
ἵνα τιμωρηθῶσιν
सरदार काहिनों और बुज़ुरगों ने मुझे चिटठियां दीं
Acts 22:6
यहां “भाइयों” साथी यहूदियों को ज़ाहिर करता है
ἐγένετο δέ
उन्हों ने मुझे हुक्म दिया कि मै इस तरीक पर चलने वालों को जंजीरों से बाँध कर येरूशलेम में ले आऊँ-
Acts 22:7
ἤκουσα φωνῆς λεγούσης μοι
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि वह सज़ा हासिल करें” या यह कि यहूदी रहनुमा उन्हें सज़ा दे सकें-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 22:9
τὴν…φωνὴν οὐκ ἤκουσαν τοῦ λαλοῦντός μοι
पौलुस येसू के साथ उसके मुकाबले की बाबत बयान करता है-
Acts 22:10
κἀκεῖ σοι λαληθήσεται
यह मुहावरा जहां अमल शुरू होता है उसे निशाँन दिही के लिए इस्तेमाल किया गया है-अगर आपकी ज़बान में ऐसा करने के लिये कोई तरीका है तो उसे इस्तेमाल कर सकते हैं-
Acts 22:11
οὐκ ἐνέβλεπον ἀπὸ τῆς δόξης τοῦ φωτὸς ἐκείνου
यहाँ “आवाज़” एक शख्स के बोलने की काबिलियत को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ने सुना कि कोई मुझ से कह रहा है- (देखें: @)
χειραγωγούμενος ὑπὸ τῶν συνόντων μοι, ἦλθον εἰς Δαμασκόν
यहाँ “आवाज़”एक शख्स के बोलने की काबिलियत को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: वह शख्स जो मुझ से कह रहा था उसे उनहोंने ने नहीं समझ कि क्या कह रहा था- (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 22:12
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “वहां कोई न कोई तुझे बताएगा”या “वहाँ तुझको मालूम पड़जाएगा”-(देखें: @)
Ἁνανίας
उस चकाचोंद रौशनी के सबब से मैं अँधा हो गया था
ἀνὴρ εὐλαβὴς κατὰ τὸν νόμον
यहाँ “हाथों’ उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो पौलुस को लेकर जारहे थे-इसको अमली अश्क्ल में बयान किया जा सकता है-मुता बादिल तर्जुमा:जो लोग मेरे साथ थे उन्हों ने दमिश्क तक मेरे रास्ते की रहनुमाई की-(देखें: @ और @)
μαρτυρούμενος ὑπὸ πάντων τῶν κατοικούντων Ἰουδαίων
यहाँ अलफ़ाज़ “वह” और “उसे” हनानियाह की तरफ़ इशारा करता है-
Acts 22:13
Σαοὺλ, ἀδελφέ
हालाँकि यह वह हनानियाह नहीं है जो इस से पहले आमाल5:3. में मर गया था-आप इसको उसी तरह तर्जुमा कर सकते हैं जिसतरह आपने आमाल 5:1.में किया था (देखें: @)
ἀνάβλεψον
हनन्याह ख़ुदा की शरीयत के पीछे चलने में बहुत संजीदा था-
αὐτῇ τῇ ὥρᾳ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदी जो वहां रह्ते थे उस के बारे अच्छा कहते थे- (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 22:14
यहाँ “भाई” कहना हलीमी तरीके से मुखाताब होने का तरीका है-मुताबदिल तर्जुमा: “मेरे भाई शाऊल”
लफ्ज़ “नज़र” को फ़े’एल के सेग़े में (देखना) करके तर्जुमा किया जा सकता है- मुताबदिल तर्जुमा: “फिर से देखे” (देखें: @)
τὸ θέλημα αὐτοῦ
यह दस्तूर के मुताबिक़ कहने का एक तरीका था कि अचानक से कुछ वाक़े हुआ- मुतबादिल तर्जुमा: “उसी लम्हा” या “अचानक से” या “फ़ौरन” (देखें: @)
ἀκοῦσαι φωνὴν ἐκ τοῦ στόματος αὐτοῦ
लफ्ज़ “वह” हनन्याह को ज़ाहिर करता है (आमाल 22:12)-
Acts 22:15
πρὸς πάντας ἀνθρώπους
पौलुस उन बातों को बताना ख़त्म करता है जो दमिश्क में वाक़े हुईं-हनन्याह ने जो बातें कहीं उन्हें वह बताता है- यह अभी भी येरूशलेम में यहूदियों की भीड़ के लिए उसकी तक़रीर का एक हिस्सा है-
Acts 22:16
νῦν
ख़ुदा जो मंसूबा बाँध रहा है और क्या होने वाला है
τί μέλλεις
“आवाज़” और “मुंह” दोनों एक ही बात की तरफ़ इशारा करते हैं-मुताबदिल तर्जुमा:उसकी सुनने के लिए जो तुम से बराहे रास्त बात करता है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
βάπτισαι
यहाँ “मरदों” का मतलब वह चाहे आदमी हो या औरत दोनों के लिए है-मुताबदिल तर्जुमा: “तमाम लोगों के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἀπόλουσαι τὰς ἁμαρτίας σου
यहां “अब” का मतलब यह नहीं कि “इस लम्हे में,” बल्कि यह एक ख़ास नुक्ते पर जो आगे कहा जाएगा धियान खींचने के लिए इस्तेमाल किया गया है-
ἐπικαλεσάμενος τὸ ὄνομα αὐτοῦ
यह सवाल पौलुस को बपतिस्मा लेने के लिए नसीहत बतर पूछा गया था-मुतबादिल तर्जुमा: “इन्तिज़ार मत कर!” या “देर मत कर!” (देखें: @)
Acts 22:17
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”मुझे तुनको बपतिस्मा देने दे” या “बपतिस्मा ले” (देखें: @)
ἐγένετο δέ
जिसतरह से गुसल किसी के जिस्म कि गंदगी को दूर करता है वैसे ही येसु के नाम में जो मुआफ़ी है वह एक शख्स के बातिन को गुनाह से साफ़ करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “अपने गुनाहों के लिए मुआफ़ी मांग” (देखें: @)
γενέσθαι με ἐν ἐκστάσει
यहाँ “नाम” खुदावंद को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “खुदावंद का नाम लेना” या “खुदावंद पर भरोसा करना”
Acts 22:18
ἰδεῖν αὐτὸν λέγοντά μοι
पौलुस येसू का रोया की बाबत भीड़ से कहना शुरू करता है
οὐ παραδέξονταί σου μαρτυρίαν περὶ ἐμοῦ
यह मुहावरा यहां निशाँन दिही के लिए इस्रेमाल किया गया है जहां अमल शुरू होता है- अगर आप की ज़बान में ऐसा करने का तरीका है तो आप यहाँ उसे इस्तेमाल कर सकते हैं-
Acts 22:19
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे एक रोया मिला” या “खुदा ने मुझे एक रोया दिया-“ (देखें: @)
मैं ने येसू को देखा जैसे कि उसने मुझसे कहा
αὐτοὶ ἐπίστανται
जो येरूशलेम में रहते हैं वह एत्काद नहीं करेंगे कि तुम मेरी बाबत उन से क्या कहते हो-
κατὰ τὰς συναγωγὰς
यहाँ लफ्ज़ “वह” येरूशलेम के ग़ैर ईमानदार यहूदियों को ज़ाहिर करता है-
Acts 22:20
ἐξεχύννετο τὸ αἷμα Στεφάνου τοῦ μάρτυρός σου
पौलुस किले के पास खड़े होकर यहुदियों से जो कह रहा था अब वह बात यहाँ ख़तम होती है-
Acts 22:22
लफ्ज़ “वह खुद” यहाँ ज़ोर देने के लिए इस्तेमाल हुआ है- (देखें: @)
αἶρε ἀπὸ τῆς γῆς τὸν τοιοῦτον
पौलुस हैक्लों में उन यहूदियों को देहने गया जो येसू पर ईमान लाए थे-
Acts 22:23
κραυγαζόντων
यहां “खून” स्तिफुनुस की ज़िन्दगी को ज़ाहिर करता है-यहाँ खून बहाया जाने का मतलब है हलाक करना-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:“उन्हों ने स्तिफुनुस को हलाक किया जो तेरी गवाही देता था-
ῥιπτούντων τὰ ἱμάτια, καὶ κονιορτὸν βαλλόντων εἰς τὸν ἀέρα
यहाँ अलफ़ाज़ “उसे” और पहले के दो अलफ़ाज़ वह पौलुस की तरफ़ इशारा करता है- लफ्ज़ “वह” और आखरी “वह” पलटन के सरदार की बाबत है-
Acts 22:22
मुहावरा “ज़मीन पर से” इस बात पर ज़ोर देने के लिए जोड़ता है कि “ऐसे शख्स को दूर करो”-मुताबदिल तर्जुमा: “उस को हलाक करो”
Acts 22:24
ἐκέλευσεν…εἰσάγεσθαι αὐτὸν
जब वह कर रहे थे-मुहावरा “जैसे वह करते रहे” दो वाकिये की निशाँन दिही के लिए इस्तेमाल हुआ है जो एक ही वक़्त में हो रहा है-
τὴν παρεμβολήν
यह काम ज़ाहिर करते हैं कि किसी ने शर्मनाक हरकत की है-मतलब यहकी पौलुस ने ख़ुदा के खिलाफ़ में बोला है-(देखें: INVALID translate/translate-symaction)
εἴπας μάστιξιν ἀνετάζεσθαι αὐτὸν
रोमी फ़ौजियों का एक हाकिम जिस के मातहत 600 सिपाही होते हैं-
Acts 22:25
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “अपने सिपाहियों को हुक्म्दिया कि पौलुस को सामने लाया जाए”-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τοῖς ἱμᾶσιν
यह किला मंदिर के बाहरी आँगन से जुड़ा हुआ था-देखें कि आपने इसे आमाल 21:34-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
εἰ ἄνθρωπον Ῥωμαῖον καὶ ἀκατάκριτον, ἔξεστιν ὑμῖν μαστίζειν
पलटन का सरदार चाहता हैकि पौलुस को कोड़े लगवाकर सच्चाई उगलवाय जाए-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “उसने अपने सिपाहियों को कोड़े लगाने का हुक्म दिया और सच्चाई बोलने पर मजबूर किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive) और INVALID translate/figs-explicit)
Acts 22:24
लफ्ज़ “उसने खुद” जोर देने के लिए इस्तेमाल हुआ है (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 22:25
लफ्ज़ “वह” यहां पर सिपाहियों को ज़ाहिर करता है
यह चमड़े की पट्टियां या जानवर की खाल होती थीं -
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल उस सूबेदार को जांचने के लिए करता है जो उसने सिपाहियों को हुक्म दिया कि पौलुस को कोड़े लगाए,क्या यह जायज़ है ? मुतबादिल तर्जुमा: “क्या तुम्हें रवा है कि एक रोमी आदमी को उसका कसूर साबित किये बगैर कोड़े मारो!”(देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 22:26
यह सवाल पलटन के सरदार कोतवज्जो दिलाने के लिए इस्तेमाल किया गया है कि पौलुस को कोड़े मारने के इरादे को दोबारा से गौर करे- मुताबदिल तर्जुमा:“तुम को ऐसा नहीं करना चाहिए!” (देखें: INVALID translate/figs-go)
Acts 22:28
ἐγὼ δὲ…γεγέννημαι
यहां लफ्ज़ “उसे” पौलुस को ज़ाहिर करता है-
Acts 22:27
यहां “आया” को “गया” के मायने में भी तर्जुमा किया जा सकता है – (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 22:30
मैं ने शहरी होने का हक़ हासिल करने के लिए रोमी हाकिमों को बहुत ज़ियादा क़ीमत अदा की है-सरदार ने यह बयान इस लिए दिया क्यूंकि वह जानता है कि रोमी शहरी हासिल करना कितना मुश्किल है और वह गुमान करता था कि पौलुस कहीं झूट तो नहीं बोल रहा है-
ἔλυσεν αὐτόν
मैं ने शहरियत हासिल की है-लफ्ज़ शहरियत एक पेचीदा इस्म है- मुतबादिल तर्जुमा: “मैं रोम का शहरी बना-“
καταγαγὼν τὸν Παῦλον
अगर किसी का बाप रोम का शहरी है तो उसके बच्चे भी अपने आप से रोम के शहरी बन जाते हैं जब वह पैदा होते हैं-
Acts 23
लोग जिन्होंने सवाल करने का मंसूबा किया या “वह लोग जो सवाल करने को तैयार हो रहे थे”
Acts 23:1
यहां लफ्ज़ “वह” पलटन के सरदार को ज़ाहिर करता है-
ἀδελφοί
एक फ़ौजी अफसर जिस के मातहत 600 सिपाही होते है -
ἐγὼ πάσῃ συνειδήσει ἀγαθῇ πεπολίτευμαι τῷ Θεῷ ἄχρι ταύτης τῆς ἡμέρας
मुमकिन तोर से “बड़े हाकिम”सिपाहियों के बड़े हाकिमों के लिए माने जाते थे-मुताबदिल तर्जुमा: “इसलिए पलटन के सरदार ने अपने सिपाहियों को हुक्म दिया कि पौलुस के बंधन खोल दिए जाएं- (देखें: @)
Acts 23:2
Ἁνανίας
किले से लेकर मंडित के आँगन तक नीचे जाने के लिए सीढ़ियों का रासता बना हुआ है-
Acts 23:3
τοῖχε κεκονιαμένε
आमाल 23 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कुछ तर्जुमे पुराने अहद्नामे के हवालाजात को इबारत के बाक़ी हिस्से कि बनिस्बत सफहा के दायें तरफ़ रखते हैं-ULT 23:5 में इन आयतों के साथ ऐसा करता है
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
मरे हुओं की क़यामत
फ़रीसी लोग एत्काद करते हैं कि लोगों के मरने के बाद वह दुबारा जिएंगे और ख़ुदा उनको या तो सज़ा देगा या फिर जज़ा देगा- सदूकियों का यह एत्काद है कि एक बार जब लोग मर जाते हैं तो वह मरे हुए हालत में ही रहते हैं और वह फिर कभी ज़िन्दा नहीं होते-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor और @)
“एक लानत कहा गया”
कुछ यहूदियों ने ख़ुदा से मन्नत मानी कि जब तक कि वह पौलुस को हलाक न करले वह न खाएंगे न पिएंगे और उन्होंने ख़ुदा से दुआ की कि अगर वह ऐसा न कर सके तो ख़ुदा उनको सज़ा दे
रोम की शेहरियत
रोमी लोग सोचते थे कि सिर्फ़ रोमी लोगों के साथ ही इंसाफ़ का बर्ताव होना चाहिए और बाक़ी जो रोम के शहरी नहीं हैं उनके साथ कैसा भी बर्ताव हो- कुछ लोग पैदाइशी रोमी थे मगर कुछ ने क़ीमत देकर रोम की शेहरियत हासिल की है- पलटन का सरदार सज़ा का हक़दार होता अगर वह एक रोमी शहरी के साथ ग़ैर रोमी शहरी जैसा बर्ताव करता
इस बाब केके तकरीरी तसावीर
चूना फिरी हुई
यह एक आम मजाज़ है कलामे पाक में अच्छा,पाक या रास्त्बाज़ ज़ाहिर होने के लिए जबकि दूसरा शख्स बुरा, नापाक और गई रास्त्बाज़ नज़र आए- (देखें: @)
σὺ κάθῃ κρίνων με κατὰ τὸν νόμον, καὶ παρανομῶν κελεύεις με τύπτεσθαι
पौलुस सरदार काहिन और मजलिस के मेम्बरान के सामने खड़ा है (आमाल 22:30).
κελεύεις με τύπτεσθαι
यहाँ इस के मायने है “साथी यहूदी”
Acts 23:4
τὸν ἀρχιερέα τοῦ Θεοῦ λοιδορεῖς
मैन्जानता हूँ कि आज के दिन तक मैं ने वही किया है जो वह मुझ से कराना चाहता था-
Acts 23:5
γέγραπται γὰρ
यह एक आदमी का नाम है-हालाँकि यह वही नाम है मगर यह वह हनन्याह नहीं जिसका ज़िक्र [आमाल 5:1] (../05/01.md) में है नहीं वह जिसका ज़िक्र आमाल 9:10.में है –(देखें: INVALID translate/figs-explicit) .
Acts 23:6
ἀδελφοί
यह एक दीवार को ज़ाहिर करता है जो उजले रंग से रंगा हो ताकि बिलकुल साफ़ नज़र आए-पौलुस ने हनन्याह को सफेदी फिरी हुई दीवार कहा-इसके मायने यह हुए कि हनन्याह ज़ाहिरा तोर से अखलाक़ी माय्नों में बहुत ही नेक नज़र आता था मगर वह हक़ीक़त में सब बुराई का दार ओ मदार था-मुताबदिल तर्जुमा: “सफ़ेदी फिरी हुई दीवार” (देखें: @)
υἱὸς Φαρισαίων
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल हनन्याह की रियाकारी और मक्कारी को दिखाने के लिए करता है मुताबदिल तर्जुमा: “तू शरीयत के खिलाफ में मेरा इंसाफ़ करने को बैठा है”- (देखें: @) -
ἀναστάσεως νεκρῶν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-आप उसी लफ्ज़ को “मारने” के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं जिसतरह मुहावरे में इस्तेमाल किया था, ”ख़ुदा तुझको मारेगा” मुताबदिल तर्जुमा: एक ग़ैर यहूदी को तू ने हुक्म दिया कि वह मुझे मारे-(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
ἐγὼ κρίνομαι
लोग इस सवाल का इस्तेमाल पौलुस को गाली देने के लिए इस्तेमाल करते हैं जो उसने [आमाल 23:3] (../23/03.md).में कहा था-मुताबदिल तर्जुमा:”ख़ुदा के सरदार काहिन की बे इज्ज़ती मत करो”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 23:7
ἐσχίσθη τὸ πλῆθος
पौलुस शरीयत का हवाला दे रहा था कि मूसा ने ऐसे वक़्त के लिए क्या लिखा था-इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा:क्यूंकि मूसा ने शरीयत मवन लिखा था...(देखें: @)
Acts 23:8
Σαδδουκαῖοι…γὰρ…Φαρισαῖοι δὲ
यहाँ “भाइयों” के मायने हैं “साथी यहुदी लोग”
Acts 23:9
ἐγένετο δὲ κραυγὴ μεγάλη
यहाँ “औलाद” के मायने हैं लाफ्ज़ी तोर से एक फ़रीसी का बेटा और फ़रीसियों की नसल-मुतबादिल तर्जुमा: “मेरा बाप और मेरे बाप दादा फ़रीसी थे”
Acts 23:6
लफ्ज़ “क़यामत” को “ज़िन्दगी में फिर से लौटने” के लिए बयान किया जा सकता है- और लफ्ज़ “मुर्दा” उन के लिए “जो मर चुके हैं” मुतबादिल तर्जुमा: “जो मर चुके हैं वह ज़िन्दगी में फिर से लौट कर आएँगे, मैं” (देखें: INVALID translate/figs-hypo)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताब्दिल तर्जुमा: “तुम मेरा इंसाफ़ कर रहे हो”(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 23:7
भीड़ के लोग बड़ी सख्ती से एक दुसरे के खिलाफ थे-
Acts 23:8
यह सदूकियों और फ़रीसियों की बाबत पीछे की कहानी की इतला है-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 23:10
ἁρπάσαι αὐτὸν
सो वह एक दुसरे पर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगे -लफ्ज़ “सो” एक वाक़िया की निशाँन दिही करता है जो वाक़े हुआ था क्यूंकि इस से पहले कुछ हुआ था -इस मामले में इस से पहले का वाकिया यह है कि पौलुस ने क़यामत के बारे में अपने ईमान बयान किया-
εἰς τὴν παρεμβολήν
फ़रीसी लोग सदूकियों से दावे के साथ कहते हुए उन्हें मलामत कर रहे हैं कि रूहें और फरिश्तों का वजूद है और वह इंसानों से बात कर सकते हैं-मुतबादिल तर्जुमा :”हो सकता है किसी रूह ने या फ़रिश्ते ने उस से बात की हो” ! (देखें: @)
Acts 23:11
τῇ…ἐπιούσῃ νυκτὶ
अल्फाज़ “बड़ी तकरार”को दुबारा से “तशद्दुद के साथ बहस” बतोर बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा : “जब बड़ी तकरार हुई तो” (देखें: @)
εἰς Ῥώμην μαρτυρῆσαι
एक रोमी पलटन का सरदार या रहनुमा जिस के मातहत 600 सिपाही होते हैं -
Acts 23:12
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुहावरा “के टुकड़े न कर दिए जाएं” एक इस्तेमाम हो सकता है कि किसतरह से लोग़ पौलुस को नुकसान पहुंचा सकते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “वह पौलुस के टुकड़े कर सकते हैं” या “वह पौलुस को एक बड़ा जिस्मानी नुकसान पहुंचा सकते हैं” (देखें: @)
ποιήσαντες συστροφὴν
यहाँ उस को लेजाने के लिए जिस्मानी ताकत का इस्तेमाल करें
Acts 23:10
यह किला मंदिर के बाहरी आँगन से जुड़ा हुआ था- देखें कि आप ने इसे आमाल 21:34. में किसतरह से तर्जुमा किया था-
Acts 23:11
इस का मतलब यह हुआ कि उस दिन रात को पौलुस कौंसिल के सामने हाज़िर हुआ था -मुत्क़बादिल तर्जुमा: “उस रात”
अलफ़ाज़ “मेरे बारे में” इसे समझ सकते हैं-मुताबदिल तर्जुमा: ”रोमा में भी गवाही देना होगा” या “मेरी बाबत रोम में गवाही दो” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 23:14
जब पौलुस किले में क़ैद था तो ग़ैर ईमानदार मज़हबी यहूदियों ने उसे हलाक करने कि क़सम खाई
ἀναθέματι ἀνεθεματίσαμεν ἑαυτοὺς, μηδενὸς γεύσασθαι ἕως οὗ ἀποκτείνωμεν τὸν Παῦλον
यह उस जमाअत को ज़ाहिर करता है जिन्हों ने एक साथ मिलकर पौलुस को क़त्ल करने की साज़िश की
Acts 23:15
νῦν οὖν
इस्म “लानत की क़सम” को फ़े’एल के मायने में तर्जुमा किया जा सकता है ; इसकी शरह भी की जा सकती है किकिस मक़सद से लानत की क़सम खाई गई- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा से कहा कि वह उन्हें लानत दे अगर उन्होंने वह नहीं किया जिसका उन्हों ने वायदा किया था” (देखें: @ और @)
νῦν
40 लोग (देखें: @)
καταγάγῃ αὐτὸν εἰς ὑμᾶς
जिन्हों ने यह मंसूबा बाँधा या “जिन्हों ने पौलुस को हलाक करने की साज़िश की”
ὡς μέλλοντας διαγινώσκειν ἀκριβέστερον τὰ περὶ αὐτοῦ
यहाँ लफ्ज़ “वह सब” उन चालीस यहूदियों को ज़ाहिर करता है देखें आमाल 23:13. यहां “तुम” जमा का सेग़ा है और यह सरदार काहिनों और बुज़ुरगों दोनों को ज़ाहिर करता है – अलफ़ाज़ “हमारे लिए” और “हम” उन चालीस यहूदियों की तरफ़ इशारा है जिन्हों ने पौलुस को मारने का मंसूबा किया था-(देखें: @ और @)
Acts 23:16
एक मन्नत माने के लिए ख़ुदा से कहा कि अगर हम ने अपनी मन्नत पूरी नहीं की तो वह उन्हें मलामत करे और वह तैयार थे कि इस लानत को अपने कंधों पर लिए फिरते – मुतबादिल तर्जुमा: “हम ने सख्त लानत की क़सम खाई है कि जब तक पौलुस को क़त्ल न करलें हम कुछ नहीं खाएंगे”(देखें: @)
υἱὸς τῆς ἀδελφῆς Παύλου
क्यूंकि अभी हम ने जो कुछ कहा वह सच है या क्यूंकि हमने खुद को इस लानत के तहत कर लिया है”
τὴν ἐνέδραν
इस का मतलब यह नहीं कि “इस लम्हे में” बल्कि इस का इस्तेमाल अहम् नुक्ते की तरफ़ धियान खींचने के लिए है जो पीछे चला आता है
τὴν παρεμβολὴν
पौलुस को किले से बुला लाओ ताकि उस से मिलें
Acts 23:18
ὁ δέσμιος, Παῦλος, προσκαλεσάμενός με
जैसे कि तू उस के मामले की तहक़ीक़ात पौलुस से करना चाहता है-
τοῦτον τὸν νεανίαν
यहां लफ्ज़ वह पौलुस के भांजे को ज़ाहिर करता है-लफ्ज़ “उसे” पलटन के सरदार की बाबत है-
Acts 23:19
ἐπιλαβόμενος…τῆς χειρὸς αὐτοῦ ὁ χιλίαρχος
पौलुस के बहिन का बेटा या “पौलुस का भांजा”
Acts 23:20
οἱ Ἰουδαῖοι συνέθεντο
वह पौलुस को घात लगाने के लिए तय्यार थे या “वह पौलुस को क़त्ल करने के इंतज़ार में थे”
Παῦλον καταγάγῃς
यह किला मंदिर के बाहरी आँगन से जुड़ा हुआ था – देखें कि आप ने इसे आमाल21:34-म३एन किसतरह से तर्जुमा किया है-
μέλλων τι ἀκριβέστερον πυνθάνεσθαι περὶ αὐτοῦ.
पौलुस जो कैदी है उस ने मुझ से कहा है कि वह मुझसे बात करे
Acts 23:21
ἄνδρες…τεσσεράκοντα
जबकि पलटन का सरदार उस जवान शख्स को बुलाता है- इस्की पहचान पौलुस के भानजे बतोर कि गई है शायद 12 से 15 साल के बीच -
Acts 23:19
तब पलटन के सरदार ने जवान शख्स को हाथ पकड़ कर ले गया और उस को जवान कह कर पुकारता है (आयत18)इस को पौलुस का भानजा कहा गया है लग भग 12 से 15 साल का
Acts 23:21
οἵτινες ἀνεθεμάτισαν ἑαυτοὺς μήτε φαγεῖν μήτε πιεῖν, ἕως οὗ ἀνέλωσιν αὐτόν
यहाँ इस का मतलब तमाम यहूदियों से नहीं है बल्कि उनकी तमाम जमाअत से है जो वहां पर जमा थे-मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ यहूदियों ने मंज़ूर कर लिया” (देखें: @)
Acts 23:22
पौलुस को किले से नीचे लाने के लिए
जो कुछ पौलुस ने काम किये वह उसकी और ज़ियादा तहक़ीकात करना चाहते हैं
Acts 23:23
προσκαλεσάμενός
चालीस लोग (देखें: @)
δύο τῶν ἑκατονταρχῶν
वह पौलुस की घात लगाने के लिए तय्यार थे या “पौलुस को मारने के लिए तय्यार थे”
Acts 23:21
“उन्हों ने सख्त लानत की क़सम खाई है कि जब तक पौलुस को क़त्ल न करलें हम कुछ नहीं खाएंगे” एक मन्नत माने के लिए ख़ुदा से कहा कि अगर हम ने अपनी मन्नत पूरी नहीं की तो वह उन्हें मलामत करे-
Acts 23:23
δεξιολάβους διακοσίους
यहां लफ्ज़ वह पलटन के सरदार को ज़ाहिर करता है
τρίτης ὥρας τῆς νυκτός
फ़ेलिक्स जो कैसरिया में रहता है वह अपने इलाके का रोम का गवर्नर था -
उसने खुद से कहा
दो सूबेदारों को (देखें: INVALID translate/translate-numbers)
70 घुड़ सवार (देखें: INVALID translate/translate-numbers)
200 सिपाही जो नेज़ा और भालों से लेस हों (देखें: INVALID translate/translate-numbers)
Acts 23:27
τὸν ἄνδρα τοῦτον συνλημφθέντα ὑπὸ τῶν Ἰουδαίων
यह जो हुआ वह रात के 9:00 बजे के आस पास था
μέλλοντα ἀναιρεῖσθαι
पलटन कसरदार गवर्नर फ़ेलिक्स को पौलुस की गिरफ़्तारी की बाबत एक ख़त लिखता है-
ἐπιστὰς σὺν τῷ στρατεύματι
क्लोदियुस लुसियास उस पलटन के सरदार का नाम था- गवरनर फ़ेलिक्स उस पूरे इलाके का गवरनर था (देखें: @)
Acts 23:28
यह ख़त के लिए हस्बे मामूल खारिजी तआरुफ़ था -पलटन का सरदार अपने खुद का हवाला देते हुए ख़त कि शुरुआत करता है- आप इस को मुतकल्लिम शख्स में तर्जुमा कर सकते हैं जो अलफ़ाज़ “मैं लिख रहा हूँ” समझा गया है – मुताबदिल तर्जुमा: मैं क्लोदियुस लूसियास मैं तुम्हें लिख रहा हूँ ; “फ़ेलिक्स बहादुर हाकिम” को सलाम” (देखें: @ और @)
गवरनर फ़ेलिक्स कोजो बड़ी ताजीम के लायक़ है--
यहाँ “यहूदियों” का मतलब है “यहूदियों में से कुछ”इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुताबदिल तर्जुमा: “कुछ यहूदियों ने इस शख्स को गिरफ़तार किया था” (देखें: INVALID translate/figs-you और @)
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: वह पौलुस को मार डालने के लिए तैयार थे –(देखें @)
Acts 23:29
ὃν εὗρον ἐνκαλούμενον περὶ ζητημάτων τοῦ
मै अपने सिपाहीयों को लेकर वहां पहुंचा जहां पौलुस और यह यहूदी थे -
μηδὲν δὲ ἄξιον θανάτου ἢ δεσμῶν ἔχοντα ἔγκλημα
यहाँ लफ्ज़ “मैं” पलटन के सरदार क्लोदियुस लुसियास को ज़ाहिर करता है -
Acts 23:30
μηνυθείσης δέ μοι
लफ्ज़ “वह सब” उन यहूदियों की जमाअत की तरफ इशारा करता है जो पौलुस पर इलज़ाम लग़ाते थे -
Acts 23:31
लफ्ज़ “तुम” वाहिद है और गवरनर फ़ेलिक्स को ज़ाहिर करता है –(देखें: INVALID translate/translate-names)
पलटन का सरदार गवरनर फ़ेलिक्स केलिए अपने ख़त को खतम करता है-
οἱ…οὖν στρατιῶται κατὰ τὸ διατεταγμένον αὐτοῖς
इसको अमली शल्क में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “कि वह कुछ सवालात की बाबत उस पर इलज़ाम लगा रहे थे –(देखें @)
ἀναλαβόντες τὸν Παῦλον, ἤγαγον διὰ νυκτὸς
खुलासा किया हुआ अस्मा’ “इलज़ाम” “मौत”और “क़ैद” इन्हें फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है:लेकिन उस पर कोई ऐसा इलज़ाम नहीं लगाया गया जो रोमी कानून के तहेत क़ैद या क़त्ल के लाइक हो-“(देखें: @)
Acts 23:34
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है – मुताबदिल तर्जुमा: “जब मुझे इतला हुई”(देखें: @)
ἐπερωτήσας ἐκ ποίας ἐπαρχείας ἐστὶν
यहां पहला लफ्ज़ “उसे” पौलुस को ज़ाहिर करता है और दूसरा लफ्ज़ “उसे”यह गवर्नर फ़ेलिक्स को ज़ाहिर करता है -अन्तिपत्रिस एक शहर था जिसे हेरोद ने अपने बाप अन्तिपतर की यादगारी में बनवाया था-यह जगह मौजूदा इस्राईल के मरकज़ में वाक़े है-(देखें: INVALID translate/figs-quotations)
Acts 23:35
ἔφη
यहाँ पर येरूशलेम में पौलुस के क़ैद में रहने की हालत ख़त्म होती है और कैसरिया में गवर्नर फ़ेलिक्स के मातहत में क़ैद के औक़ात शुरू होते हैं-
διακούσομαί σου
. लफ्ज़ “सो” एक वाक़िया की निशाँन दिही करता है जो वाक़े हुआ था क्यूंकि इस से पहले कुछ हुआ था -इस मामले में इस से पहले का वाकिया हैकि पलटन का सरदार सिपाहियों को हुक्म देता है कि बदरक़े का काम दें-
κελεύσας…φυλάσσεσθαι αὐτόν
यहाँ “लाया गया” को “लेजाया गया” के मायने तर्जुमा किया जा सकता है: “उनहोंने पौलुस को लिया और उसको रात में ही ले जाया गया-
Acts 24
यहां पहला और दूसरा लफ्ज़ “वह” गवर्नर फ़ेलिक्स की तरफ़ इशारा करता है ,तीसरा लफ्ज़ “वह” और “उसे” पौलुस को ज़ाहिर करता है-और आखरी लफ्ज़ “वह” गवर्नर फ़ेलिक्स की बाबत है-आखरी अल्फाज़ “तुम” और “तुम्हारा” पौलुस की बाबत है-
Acts 24:1
इस को बराहे रास्त हवाला बतोर बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: उसने पौलुस से पूछा , तुम किस सूबा से ताल्लुक़ रखते हो ? कब (देखें: INVALID translate/figs-you)
43 आयत में यह जुमला जो इन लफ़्ज़ों से शुरू होता है “जब उस को मालूम पड़ा” इसको बराहे रास्त हवाला बतोर बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा:पौलुस ने कहा ,”मैं किलकिया का रहने वाला हूँ- फिर गवर्नर ने कहा” (देखें: @)
μετὰ δὲ πέντε ἡμέρας
मैं वह सारी बातें सुनूंगा जो तुम कहोगे
Ἁνανίας
इसको अमली शकल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “उस ने अपने सिपाहियों को हुक्म दिया कि उसको क़ैद में रखें” या उसने अपने सिपाहियों को हुक्म दिया कि उसको हिरासत में रखें”
ῥήτορος
आमाल 24 आम हाशिये
तरतीब और बमावत
पौलुस ने गवर्नर से कहा उसने ऐसा कुछ नहीं किया था जिसका यहूदी लोग उस पर इलज़ाम लगते हैं और गवर्नर को इस के लिए कोई सज़ा भी नहीं देनी चाहिए -
इज़्ज़त
दोनों यहूदी रहनुमा –(आमाल24:2-4)और पौलुस (आमाल 24:10) अपनी तकरीरों को शुरू किया उन अलफ़ाज़ के साथ जो गव्र्नोर को इज़्ज़त देते थे”
दीगर मुमकिन तर्जुमा, इस बाब के मुश्किलात
सरकारी रहनुमा
अलफ़ाज़ “गवर्नर”, “सूबेदार” और “पलटन का सरदार” इन अल्फाज़ का तर्जुमा करना कुछ ज़बानों में मुश्किल हो सकता है –(देखें: INVALID translate/translate-names) उस ने
Τερτύλλου
यहां लफ्ज़ “तुम” फ़ेलिक्स गवर्नर को ज़ाहिर करता है और “हम” फेलिक्स के मातहत शेहरी लोगों को –(देखें: @ और @)
κατέβη
पौलुस कैसरिया की अदालत में है- तिरतुलुस गवर्नर फ़ेलिक्स के सामने पौलुस के खिलाफ इल्जामों को पेश करता है-
τῷ ἡγεμόνι
पांच दिनों के बाद पौलुस को रोमी सिपाहियों के ज़रिये क़ैसरिया में ले जाया गया था-
ἐνεφάνισαν…κατὰ τοῦ Παύλου
यह एक आदमी का नाम है यह वही हनन्याह नहीं जो आमाल 5:1 में न ही आमाल 9:10में पाया जाता है -देखें कि आप ने इसे आमाल 23:1. में किसतरह तर्जुमा किया है –(देखें: @)
Acts 24:2
πολλῆς εἰρήνης τυγχάνοντες
वकील तिरतुलुस जो रोमी कानून में माहिर था वहां मौजूद था कि अदालत में पौलुस के खिलाफ़ इल्ज़मत पेश करे-
καὶ διορθωμάτων γινομένων τῷ ἔθνει τούτῳ διὰ τῆς σῆς προνοίας
यह एक आदमी का नाम है (देखें: @)
Acts 24:3
μετὰ πάσης εὐχαριστίας
कैसरिया को गया जहां पौलुस था
κράτιστε Φῆλιξ
गवर्नर के सामने जो उस वक़्त अदालत में जज बतोर मुक़र्रर था
Acts 24:1
गवर्नर के सामने मामले की बहस (सुनवाई) शुरु हुई कि पौलुस नेकानून को तोड़ा-
Acts 24:2
यहाँ “हम”उन शहरियों को (आम लोगों को)ज़ाहिर करता है जो फ़ेलिक्स के मातहत थेमुतबादिल तर्जुमा: चूंकि तेरे वसीले से हम बड़े अमन में हैं (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
Acts 24:4
ἀκοῦσαί…ἡμῶν συντόμως, τῇ σῇ ἐπιεικείᾳ
तेरी दूर अनदेशी से इस कौम के फ़ाइदे के लिए खराबियों की इस्लाह होती है -
Acts 24:5
τὸν ἄνδρα τοῦτον λοιμὸν
लफ्ज़ शुक्रगुज़ारी एक पेचीदा इस्म है -इस को एक सिफ़त या फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: सो हम तेरे शुकरगुज़ार हैं और हर चीज़ के लिए जो तू करता है खैर मखदम करते हैं-या “हर काम जो तू करता है उस का एहसान मानते हैं और खैर मखदम करते हैं”(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
πᾶσι τοῖς Ἰουδαίοις τοῖς κατὰ τὴν οἰκουμένην
गवर्नर फ़ेलिक्स जो बड़ी इज़्ज़त का तवक्को रखता है इसलिए कि वह उस पूरे इलाके के लिए रोम का हाकिम है- देखें कि आप ने इसी मुहावरे को आमाल 23:25. में किसतरह तर्जुमा किया है
πρωτοστάτην…τῆς τῶν Ναζωραίων αἱρέσεως
लफ्ज़ “हम” हनन्याह किसी बुज़ुर्ग को और तिरतुलुस को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
αἱρέσεως
मुमकिन मायने हैं : 1) “ताकि मै तुम्हारा ज़ियादा वक़्त न ले लूं” या 2)कहीं मैं तुझे ज़ियादा थका न दूं
Acts 24:7
बराए मेहरबानी मेरी मुख़्तसर सी बात को सुन ले
पौलुस कि यह बातें वबा कि तरह थीं जो एक शख्स से दुसरे शख्स तक फैल जाती है- मुताबदिल तर्जुमा:”यह शख्स एक “फितना अंगेज़” पाया गया – (देखें: @)
Acts 24:8
ἐπιγνῶναι ὧν ἡμεῖς κατηγοροῦμεν αὐτοῦ
लफ्ज़ “सब” यहां पर गालिबन एक इस्ते’माम है जो पौलुस के खिलाफ़ उनके इलज़ाम को मज़बूत बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया है-(देखें: @)
Acts 24:9
οἱ Ἰουδαῖοι
मुहावरा “नासरियों का बिदअती फ़िरक़ा” यह मसिहितों का दूसरा नाम है – मुतबादिल तर्जुमा: “वह उस पूरी जमाअत की भी रहनुमाई करता है जिन्हें लोग नासरी यों के पीछे चलने वाले कहते हैं”(देखें INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 24:10
यह एक बड़ी जमाअत में का छोटा फ़िरका है – तिरतिलुस मसीहियों को यहूदियत का एक छोटी सी जमाअत बतोर मानता है-
यहाँ लफ्ज़ “तुम” वाहिद का सेगा है और यह गवर्नर फ़ेलिक्स कि तरफ़ इशारा करता है –(देखें: @)
νεύσαντος…τοῦ ἡγεμόνος
तिरतुलुस गवर्नर फ़ेलिक्स के सामने जो इलज़ाम पेश करता है वह उसे ख़त्म करता है-
κριτὴν τῷ ἔθνει τούτῳ
चाहे जानने के लिए हो या न हो यह इलज़ाम जो उस के खिलाफ़ पेश करते हैं वह सच हैं या “चाहे जान्ने के लिए हो या न हो वह इन सब का क़सूरवार है जिस का हम इलज़ाम लगाते हैं”
ἐμαυτοῦ ἀπολογοῦμαι
यह यहूदी रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है जो पौलुस के मुक़द्दमें के वक़्त मौजूद थे –(देखें: @)
Acts 24:11
ἡμέραι δώδεκα, ἀφ’ ἧς
यहाँ लफ्ज़ वह लोग यहूदियों को ज़ाहिर करता है जो पौलुस पर इलज़ाम लगा रहे थे -
Acts 24:10
पौलुस गवर्नर फ़ेलिक्स को उन इल्ज़ामों कि बाबत जवाब देता है जो उस के खिलाफ लगाए गए थे-
हाकिम ने बोलने का इशारा किया
Acts 24:14
ὁμολογῶ…τοῦτό σοι
यहां “कौम” यहूदी कौम के लोगों को ज़ाहिर करता है – मुताबदिल तर्जुमा: “एक जज यहूदी कौम के लोगों के लिए” (देखें: @)
ὅτι κατὰ τὴν Ὁδὸν
मेरी हालत को समझाएं
λέγουσιν αἵρεσιν
12 दिन से लेकर (देखें: @)
οὕτως λατρεύω τῷ πατρῴῳ Θεῷ
यहाँ पर हलचल मचाना एक मजाज़ है लोगों को गज़ब से भड़काए जाने के लिए जिसतरह से एक मह्लूल को हिलाने से हलचल पैदा होती है- मुताबदिल तर्जुमा: “मैं ने भीड़ को नहीं भड़काया” (देखें: @)
Acts 24:15
καὶ αὐτοὶ
गलत बातों का इलज़ाम या जराइम के लिए मतालबा करना-
ἀνάστασιν μέλλειν ἔσεσθαι, δικαίων τε καὶ ἀδίκων
मैं तेरे सामने इक़रार करता हूँ
δικαίων…καὶ ἀδίκων
मुहावरा “तरीक़” एक लक़ब था जो पौलुस के ज़माने में मसीहियत के लिए इस्तेमाल किया जाता था-
Acts 24:14
यह एक बड़ी जमाअत में का छोटा फ़िरका है – तिरतिलुस मसीहियों को यहूदियत का एक छोटी सी जमाअत बतोर मानता है- देखें कि आपने लफ्ज़ “फिर क़े” को आमाल24:5-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
Acts 24:16
ἀπρόσκοπον συνείδησιν ἔχειν πρὸς τὸν Θεὸν
पौलुस इस मुहावरे का इस्तेमाल करता है “उसी के मुताबिक़” यह मायने जताने के लिए कि येसू में ईमानदार होने के नाते उसी तरीके से ख़िदमत करता है जैसे कि बापदादा ने किया था -वह किसी नए फिरक़े का या तालीम कि रहनुमाई नहीं करकर रहा है जो उन के बाप दादा के मज़हब के ख़िलाफ़ है-
πρὸς τὸν Θεὸν
जैसे कि यह लोग रखते हैं- यहाँ “यह लोग”यहूदियों को ज़ाहिर करता है जो अदालत में पौलुस पर इलज़ाम लगते थे -
Acts 24:17
δὲ
पेचीदा इस्म “क़यामत” को फ़े’एल के सेगे में (जी उठने) के मायने में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”कि ख़ुदा उन सब को जो मर चुके हैं चाहे वह रास्त्बाज़ हों या ग़ैर रास्त्बाज़ हर किसी को जिलाएगा”-(देखें: @)
δι’ ἐτῶν…πλειόνων
यह बराए नाम सिफ्तें रस्त्बाज़ और ग़ैर रास्त्बाज़ दोनों लोगों को ज़ाहिर करता है - बहर सूरत “रास्त्बाज़ लोग और शरारती लोग” या “वह जिन्हों ने नेक आमाल किये और वह जिन्हों ने नेक आमाल किये” (देखें: @)
ἐλεημοσύνας ποιήσων εἰς τὸ ἔθνος μου, παρεγενόμην καὶ προσφοράς
मैं ने हमेशा मेहनत की है या वही किया जो बेहतरीन है-
Acts 24:18
ἡγνισμένον ἐν τῷ ἱερῷ
यहाँ “ज़मीर” एक शख्स के बातिनी दीनदारी को ज़ाहिर करता है जो सही और गलत को चुनता है-मुताबदिल तर्जुमा: “ताकि बे इलज़ाम रहूँ” या हमेशा वही करूँ जो सहीह है” (देखें: @)
οὐ μετὰ ὄχλου, οὐδὲ μετὰ θορύβου
ख़ुदा की मौजूदगी (हुज़ूरी) में
Acts 24:19
τινὲς
यह लफ्ज़ पौलुस के बहस में एक सूरत बदलने की तरफ़ निशान दिही करता है – यहाँ वह येरूशलेम में रहते उस हालत को समझा रहा है जब कुछ यहूदियों ने उसे गिरफ्तार किया था-
εἴ τι ἔχοιεν
फिर येरूशलेम से दूर रहने के बहुत साल बाद
Acts 24:20
यहाँ “मैं आया” को “मैं गया” बतोर तर्जुमा किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: मैं अपने लोगों की मदद करने गया एक इनाम बतोर पैसे लाने के लिए (देखें: @)
αὐτοὶ
मंदिर में जब मैं ने खुद की तहारत की रसम पूरी करने के बाद-
εἰπάτωσαν, τί εὗρον ἀδίκημα…μου
इसको एक अलग जुमले में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: मैं ने कोई भीड़ जमा नहीं की न ही कोई हंगामा खड़ा करने की कोशिश की -
Acts 24:21
περὶ ἀναστάσεως νεκρῶν
आसिया से यहूदी लोग
ἐγὼ κρίνομαι σήμερον ἐφ’ ὑμῶν
अगर उन्हें कुछ कहना है
Acts 24:22
पौलुस गवर्नर फ़ेलिक्स को उस पर लगाए गए इल्जामत के खिलाफ़ जवाब देना ख़त्म करता है
τῆς Ὁδοῦ
यह कौंसिल के मेम्बरान कि तरफ़ इशारा करता है जो येरूशलेम में पौलुस के मुक़द्दमे के वक़्त हाज़िर थे-
ὅταν Λυσίας ὁ χιλίαρχος καταβῇ
उन्हीं गलत बैटन को उन्हें कहना चाहिए जिस का वह सबूत दे सकते थे
Λυσίας
पेचीदा इस्म “क़यामत” को इस बतोर बयान किया जा सकता है जैसे “खुदा ज़िन्दगी में वापस ले आता है” मुताबदिल तर्जुमा: यह इस लिए कि मैं ख़ुदा पर ईमान रखता हूँ कि वह उन सब को फिर से ज़िन्दगी देगा जो मर चुके हैं-(देखें @ और @)
καταβῇ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “आज तू मेरा इंसाफ़ कर रहा है” (देखें @)
διαγνώσομαι τὰ καθ’ ὑμᾶς
फ़ेलिक्स जो रोमी सल्तनत का गवर्नर है जो कैसरिया में रहता है-देखें कि आप ने इसे [आमाल23:24] (../23/24.md).में किसतरह तर्जुमा किया है (देखें: @)
Acts 24:23
ἔχειν…ἄνεσιν
यह मसीहियत के लिए एक लक़ब है -देखें कि आप ने इसे आमाल 9:2-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
Acts 24:24
μετὰ δὲ ἡμέρας τινὰς
जब लुसियास सूबेदार कैसरिया पहुँचता है या “उस वक़्त जब सूबेदार लुसियास यहाँ आता है”
Δρουσίλλῃ, τῇ…γυναικὶ
यह पलटन के सरदार का नाम है -देखें कि आप ने इसे आमाल23:26-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
Ἰουδαίᾳ
येरूशलेम केसरिया से उंचाई पर वाक़े है -सो आम तोर से येरूशलेम से नीचे आने की बात की जाती है
Acts 24:25
ἔμφοβος γενόμενος, ὁ Φῆλιξ
तुम्हारे इन इलज़ामात के खिलाफ मै एक फ़ैसला करूंगा या “मैं इंसाफ़ करूंगा कि तुम कुसूरवार हो कि नहीं”
τὸ νῦν ἔχον
पौलुस को कुछ आज़ादी दी अगरचि दीगर कैदियों को नहीं दिया जाता था
Acts 24:26
χρήματα δοθήσεται αὐτῷ ὑπὸ τοῦ Παύλου
कई दिनों बाद
διὸ καὶ πυκνότερον αὐτὸν μεταπεμπόμενος, ὡμίλει αὐτῷ
दुरुसिला एक औरत का नाम है –(देखें: @)
Acts 24:27
ὁ…Πόρκιον Φῆστον
इस का मतलब है एक ज़नाना यहूदी-मुताबदिल तर्जुमा: “जो एक यहूदन थी” (देखें INVALID translate/translate-names)
θέλων…χάριτα καταθέσθαι τοῖς Ἰουδαίοις
फ़ेलिक्स ने शायद अपने गुनाहों का एतराफ़ किया हो
ὁ Φῆλιξ…κατέλιπε τὸν Παῦλον δεδεμένον
मौजूदा वक़्त (ज़माने) के लिए
Acts 25
फ़ेलिक्स शायद उम्मीद कर रहा था कि पौलुस अपनी आज़ादी के लिए उसे कुछ रिश्वत देगा-
Acts 25:1
इसलिए पौलुस को और भी बुला बुला कर उस से गुफ़्तगू किया करता था
यह रोम का नया गवर्नर था जो फ़ेलिक्स की जगह पर मुक़र्रर हुआ था –(देखें: @)
οὖν
यहाँ “यहूदियों” का लफ्ज़ यहूदी रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा:यहूदी रहनुमाओंको खुसह करने के लिए-(देखें: @)
Φῆστος…ἐπιβὰς τῇ ἐπαρχείᾳ
उस ने पौलुस को क़ैद ही में छोड़ गया
ἀνέβη εἰς Ἱεροσόλυμα ἀπὸ Καισαρείας
आमाल 25 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
इनायत
इस लफ्ज़ को इस बाब में दो फ़रक तरीके से इसतेमाल किया गया है- जब यहूदी रहनुमाओं ने फेस्तुस से इनायत की दरख्वास्त की -वह लोग उस से उसदिन एक ख़ास इनायत चाहते थे वह उस से ऐसा कुछ चाहते थे जो आम तोर से एक हाकिम नहीं करता -जब फेस्तुस यहूदियों की इनायत चाहता था वह उन्हें खुश करने के लिए आने वाले दिनों में कुछ करने का वायदा कर रहा था (देखें: @)### रोम का शहरी होना
रोमी लोग सोचते थे कि सिर्फ़ रोमी लोगों के साथ ही इंसाफ़ का बर्ताव होना चाहिए और बाक़ी जो रोम के शहरी नहीं हैं उनके साथ कैसा भी बर्ताव हो- कुछ लोग पैदाइशी रोमी थे मगर कुछ ने क़ीमत देकर रोम की शेहरियत हासिल की थी ताकि वह रोम के शहरी बन जाएं-रोम के हाकिम अगर वह एक जैसा बरताव रोमी और ग़ैर रोमी के साथ करते थे तो उन्हें सज़ा मिल सकती थी -
Acts 25:2
ἐνεφάνισάν…οἱ ἀρχιερεῖς καὶ οἱ πρῶτοι τῶν Ἰουδαίων κατὰ τοῦ Παύλου
फेस्तुस केसरिया का गवर्नर बन जाता है-देखें कि आप ने इस को आमाल24:27- में किसतरह से तर्जुमा किया है-
παρεκάλουν αὐτὸν
पौलुस कैसरिया में अपने क़ैद में होने की हालत को जारी रखता है -
Acts 25:3
χάριν κατ’ αὐτοῦ
यह लफ्ज़ कहानी में एक नए वाक़े की शुरुआत की तरफ़ निशाँ दिही करता है-
ὅπως μεταπέμψηται αὐτὸν εἰς Ἰερουσαλήμ
मुमकिन मायने हैं :1)फेस्तुस अपनी हुकूमत शुरू कने के लिए उस इलाके में पहुँचता है- 2)फेस्तुस हस्बे मामूल उस इलाके में दाखिल हुआ-
ἀνελεῖν αὐτὸν κατὰ τὴν ὁδόν
मुहावरा “को गया”यहाँ इसलिए इस्तेमाल हुआ है क्यूंकि येरुशलेम क़ैसरिया से उंचाई पर वाक़े है -
Acts 25:4
यह एक इलज़ाम की बाबत बात करती है जैसे कि उनका एक निशाना था कि एक शख्स किसी को ला सकता है- मुताबदिल तर्जुमा:सरदार काहिन और ख़ास यहूदी लोग फ़ेसतुस के सामने इलज़ाम लगाने लगे-(देखें INVALID translate/figs-exclusive)
Φῆστος ἀπεκρίθη, τηρεῖσθαι τὸν Παῦλον εἰς Καισάρειαν, ἑαυτὸν δὲ μέλλειν ἐν τάχει ἐκπορεύεσθαι
यहाँ लफ्ज़ “उसे” फ़ेस्तुस को ज़ाहिर करता है -
Acts 25:5
οἱ οὖν…φησίν, δυνατοὶ συνκαταβάντες
The phrase ""he said"" can be moved to the beginning of the sentence. Alternate translation: ""Then he said, 'Therefore, those who are able to go to Caesarea should go there with us"" (See: INVALID translate/writing-quotations)
Acts 25:3
इस का मतलब यह है कि फ़ेस्तुस अपने सिपाहियों को हुक्म देगा कि पौलुस को येरूशलेम ले जाएं-मुतबादिल तर्जुमा: कि वह अपने सिपाहियों को हुक्म दे पौलुस को येरूशलेम लाया जाए”
Acts 25:5
κατηγορείτωσαν αὐτοῦ
वह पौलुस को ख़तम कर देना चाहते थे-
Acts 25:6
यहाँ लफ्ज़ हम फेस्तुस और उस के साथ सफ़र करने वालों की तरफ़ इशारा करता है न कि सामईन की तरफ़- (देखें @)
καταβὰς εἰς Καισάρειαν
इस को बराहे रास्त हवाला बतोर बयान किया जा सकता है- मुताबदिल तर्जुमा: पौलुस को कैसरिया में कैदी बातोर रखा गया था और मैं खुद भी वहां पहुँच रहा हूँ –(देखें: @)
καθίσας ἐπὶ τοῦ βήματος
मुहावरा “उसने कहा”इस को जुमले का शुरू बतोर तबदील किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “फिर उसने कहा ,”पस तुम में से जो इख्तियार वाले है वह हमारे साथ चलें-“ (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
τὸν Παῦλον ἀχθῆναι
अगर पौलुस ने कुछ गलत किया हो तो
Acts 25:7
παραγενομένου δὲ αὐτοῦ
तुम उसे कानून में ख़लल डालने का या “बेजा बात का इलज़ाम उस के के ख़िलाफ़ में दायर कर सकते हो”
πολλὰ…βαρέα αἰτιώματα καταφέροντες
यहां पर पहले तीन बार जो लफ्ज़ “वह” का और “उसके” का इस्तेमाल हुआ है यह फेस्तुस को ज़ाहिर करता है-और चौथी बार वह का इस्तेमाल पौलुस के लिए है-और वह सब उन यहूदियों की तरफ़ इशारा करता है जो येरूशलेम से आए थे-
Acts 25:8
εἰς τὸ ἱερὸν
जुग़राफ़िया कि रू से येरूशलेम कैसरिया से ऊंचाई पर वाक़े है - यह हस्बे मामूल कहा जाता था कि येरूशलेम से नीचे-
Acts 25:9
यहाँ “तख्ते अदालत” पौलुस के मुक़द्दमे के दौरान फेस्तुस के इंसाफ़ की जगह पर बैठने को ज़ाहिर करता करता है-मुतबादिल तर्जुमा:उस तख़्त पर बैठा जहां वह जज का किरदार निभा रहा था या “वह जज बतोर तख़्त पर बैठा-(देखें: @)
θέλων τοῖς Ἰουδαίοις χάριν καταθέσθαι
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “उसके सिपाहियों ने पौलुस को उस के सामने खड़ा किया-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
εἰς Ἱεροσόλυμα ἀναβὰς
जब वह आया और फेस्तुस के सामने खड़ा हुआ-
ἐκεῖ περὶ τούτων κριθῆναι ἐπ’ ἐμοῦ
एक जुर्म के साथ एक शख्स पर इलज़ाम लगाना कहा जाता है कि जैसे कि एक शख्स किसी चीज़ को अदालत में लेकर आ सकता था-मुताबदिल तर्जुमा: “उन्हों ने बहुत सारी संजीदा बातें पौलुस के खिलाफ में कहीं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 25:10
ἐπὶ τοῦ βήματος Καίσαρος ἑστώς εἰμι, οὗ με δεῖ κρίνεσθαι
पौलुस कहता है येरूशलेम के मंदिर में कौन दाखिल हो सकता था इस की बाबत मैं ने कोई कानून नहीं तोड़ा-मुताबदिल तर्जुमा: “मंदिर में दाखिल होने के कानून के खिलाफ़” (देखें INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 25:11
οὖν ἀδικῶ καὶ ἄξιον θανάτου πέπραχά τι, οὐ παραιτοῦμαι τὸ ἀποθανεῖν; εἰ δὲ οὐδέν ἐστιν ὧν οὗτοι κατηγοροῦσίν μου, οὐδείς με δύναται αὐτοῖς χαρίσασθαι
पौलुस दर्खाव्स्त करता है कि उसे कैसर की अदालत में ले जाए-
εἰ…ἄξιον θανάτου πέπραχά τι
यहाँ यहूदियों का मतलब है यहूदी रहनुमा-मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमाओं को खुश करना चाहता था-(देखें: @)
οὐδέν ἐστιν ὧν οὗτοι κατηγοροῦσίν
जुग़राफ़िया कि रू से येरूशलेम कैसरिया से ऊंचाई पर वाक़े है - यह हस्बे मामूल कहा जाता था कि येरूशलेम से नीचे-
οὐδείς με δύναται αὐτοῖς χαρίσασθαι
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “इन इलज़ामों के तहत मैं तुम्हारा इंसाफ़ कहाँ करूं” (देखें: @)
Καίσαρα ἐπικαλοῦμαι
“तख्ते अदालत” यह पौलुस का इंसाफ़ करने के लिए कैसर के इख्तियार की जगह को ज़ाहिर करता है-इसको अमली शक्ल में बयान किया जासकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मुझ से कहा गया कि क़ैसर के सामने हाज़िर हों ताकि वह मेरा इंसाफ़ कर सकें” (देखें: @ और @)पौलुस एक मफ़रूज़ा
Acts 25:12
μετὰ τοῦ συμβουλίου
पौलुस एक मफ़रूज़ा हालत को बयान करता है- अगर वह सच मुच ख़तावार है तोसज़ा को क़बूल करने में कोई एतराज़ नहीं है, मगर वह जानता है कि वह खतावार नहीं है- (देखें: @)
Acts 25:13
अगर मैं ने कुछ गलत किया है तो मुझे मरने से कोई इनकार नहीं
अगर जो इलज़ामात मेरे खिलाफ़ हैं वह सच न होने की सूरत में-
δὲ
मुमकिन मायने हैं : 1)फ़ेस्तुस के पास कोई क़ानूनी इख्तियार नहीं है कि उन झूठे इलज़ाम के लगाने वालों पर कोई कारवाई करे-2)पौलुस कह रहा था कि अगर उसने कोई गलत काम नहीं किया तो गवर्नर को यहूदियों की दरखास्त नहीं माननी चाहिए
ἀσπασάμενοι τὸν Φῆστον
मैं कैसर के यहाँ अपील करता हूँ ताकि वह मेरा इंसाफ़ कर सके-
Acts 25:14
ἀνήρ τὶς ἐστιν καταλελειμμένος ὑπὸ Φήλικος δέσμιος
यह वह सनेहिदरीन नहीं है जो कौन्सिल के नाम से पूरे आमाल की किताब में जाना जाता है बल्कि यह रोमी सल्तनत में एक सियासी कौंसिल का नाम है -मुतबादिल तर्जुमा: उस के अपने सरकारी सलाहकारों के साथ”
Φήλικος
अगरिप्पा बादशाह और बरनीके कहानी के नए लोग हैं -हालाँकि उस ने कुछ ही सूबों में हुकूमत की थी -अगरिप्पा बादशाह मौजूदा फ़लस्तीन में हुकूमत कर रहा है- बरनीके अगरिप्पा की बहिन है: (देखें @ और @)
Acts 25:15
περὶ οὗ…ἐνεφάνισαν
फेस्तुस पौलुस के मामले को अगरिप्पा बादशाह के सामने समझाता है-
αἰτούμενοι κατ’ αὐτοῦ καταδίκην
यह लफ्ज़ कहानी में एक नये वाकिये की शुरुआत की निशाँन दिही करता है -
Acts 25:16
χαρίζεσθαί τινα ἄνθρωπον
to visit Festus concerning official matters
πρὶν ἢ ὁ κατηγορούμενος, κατὰ πρόσωπον…τοὺς κατηγόρους
इस को अमली शक्ल में बयानं किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: जब फ़ेलिक्स दफ़्तर लौटा था तो उसने एक शख्स को क़ैद में छोड़ गया”(देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 25:17
οὖν
फ़ेलिक्स जो रोमी सल्तनत का गवर्नर है जो कैसरिया में रहता है-देखें कि आप ने इसे [आमाल23:24] (../23/24.md).में किसतरह तर्जुमा किया है (देखें: @)
Acts 25:15
एक जुर्म के साथ एक शख्स पर इलज़ाम लगाना कहा जाता है कि जैसे कि एक शख्स किसी चीज़ को अदालत में लेकर आ सकता था-मुताबदिल तर्जुमा: “उन्हों ने बहुत सारी संजीदा बातें पौलुस के खिलाफ में कहीं” (देखें: @)
Acts 25:17
καθίσας ἐπὶ τοῦ βήματος
पेचीदा इसमें “जुमला” और “सज़ा का हुक्म” को फ़े’एल के मायने में ज़ाहिर किया जा सकता है -मुहावरा “एक सज़ा का हुक्म सुनाने का जुमला ज़ाहिर करता है कि वह पौलुस को फांसी देने किकि मांग कर रहे थे-मुताबदिल तर्जुमा: “वह मुझसे चाहते थे कि मैं पौलुस को सज़का हुक्म सुनाऊं” या उन्हों ने मुझसे दरखास्त की कि मैं उसे मौत की सज़ा सुनाऊं –(देखें: INVALID translate/figs-metonymy और @)
ἐκέλευσα ἀχθῆναι τὸν ἄνδρα
यहाँ “सौंपना” ज़ाहिर करता है किसी शख्स को लोगों के हाथ में देना ताकि वह उसे सज़ा दे या हलाक करे मुतबादिल तर्जुमा: “किसी शख्स को किसी के हाथों सज़ा देना” या किसी को मौत की सज़ा दिलाना – (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 25:19
τῆς ἰδίας δεισιδαιμονίας
यहाँ “अपने इलज़ाम लगाने वालों का मुक़ाबला किया”यह एक मुहावरा है जिस के मायने हैं उन लोगों से मिलना जो इलज़ाम लगाते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “उस आदमी के सामने जिस पर दूसरों ने एक जुर्म का इलज़ाम लगाया और बराहे रास्त उनसे मिला जो उस पर इलज़ाम लगाते थे” (देखें: @)
Acts 25:20
κἀκεῖ κρίνεσθαι περὶ τούτων
क्यूंकि अभी जो मैं ने कहा वह सच है-फेस्तुस ने अभी कहा था कि एक शख्स जिस पर इलज़ाम लगाया जाता है उसको इस लायक़ होना चाहिए कि अपने इलजाम लगाने वालों का मुक़ाबला करे और अपना बचाव करे -
Acts 25:21
जब यहूदी रहनुमा मुझ से यहाँ मिलने को आए
τοῦ δὲ Παύλου ἐπικαλεσαμένου τηρηθῆναι αὐτὸν εἰς τὴν τοῦ Σεβαστοῦ διάγνωσιν
यहाँ “तखते अदालत”ज़ाहिर करता है उस जगह को जहां से फेस्तुस जज बतोर पौलुस का इंसाफ कर रहा था-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं उस जगह पर बैठ गया ताकि जज बतोर किरदार निभाऊं”-या “मैं जज बतोर बैठ गया”-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐκέλευσα τηρεῖσθαι αὐτὸν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा:”मैं ने सिपाहियों को हुक्म दिया कि पौलुस को मेरे सामने पेश करे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 25:22
αὔριον, φησίν, ἀκούσῃ αὐτοῦ
यहाँ “मज़हब” के मायने हैं लोगों का वह उसूल जो ज़िन्दगी और फौकुलफ़ितरत के मामले में है-
Acts 25:23
“तहक़ीकात की उलझन” में पड़ना एक मुहवरा है जिस के मायने हैं एक जुज्से बात करना ताकि वह जज फ़ैसला कर सके कि फुलां शख्स सही है या गलत-मुतबादिल तर्जुमा: इन इलज़ामात की बाबत मुक़द्दमे में जाना- या एक्जुज्न्केलिये न्य्ह फ़ैसला करना कि उस के खिलाफ यह इलज़ामात सच हैं कि नहीं –(देखें
फेस्तुस अगरिप्पा के सामने पौलुस का मामला समझाना ख़त्म करता है -
μετὰ πολλῆς φαντασίας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “मगर जब पौलुस ने क़ाइल किया कि वह रोम के मुहाफ़िज़ के मातहत रहे उस वक़्त तक कि बादशाह उसके मामले का फ़ैसला न करदे-(देखें
τὸ ἀκροατήριον
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “मैं ने सिपाहियों को हुक्म दिया कि पौलुस को हिरासत में रखे” या मैं ने सिपाहियों से कहा कि उसकी हिफाज़त करे” (देखें: @)
ἤχθη ὁ Παῦλος
मुहावरा “फेस्तुस ने कहा” जुमले की शुरुआत से आगे बढ़ सकते हो – मुताबदिल तर्जुमा: “फेस्तुस ने कहा,मैं इंतज़ाम कर दूंगा कि कल तुम उसकी सुन सको-(देखें INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 25:24
ἅπαν τὸ πλῆθος τῶν Ἰουδαίων
हालाँकि उस ने कुछ ही सूबों में हुकूमत की-अगरिप्पा हाल के दिनों में फलस्तीन में हुकूमत करने वाला बादशाह था- बरनीके उसकी बहिन थी-देखें कि आपने इसे आमाल25:13.में किसतरह से तर्जुमा किया है-
βοῶντες
फेस्तुस फिर से अगरिप्पा बादशाह को पौलुस के मामले कि इतला पेश करता है-
μὴ δεῖν αὐτὸν ζῆν μηκέτι
उनकी ताज़ीम में एक बड़े रस्म के साथ
Acts 25:25
यह एक बहुत बड़ा हाल कमरा था जहाँ लोग रस्मी तोर से मुक़द्दमों या दीगर अहम जश्न के लिए जमा होते थे-
δὲ τούτου ἐπικαλεσαμένου τὸν Σεβαστὸν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा : सिपाहियों ने पौलुस को लोगों के सामने हाज़िर किया- (देखें: @)
τὸν Σεβαστὸν
लफ्ज़ “सब” एक इस्ते’माम है जो यहूदियों की बड़ी तादाद को ज़ाहिर करने के लिए ज़ोर दिया जाता है यह बड़ी भीड़ पौलुस को मरते हुए देखना चाहती थी-मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदियों की एक बड़ी तादाद” या “कई एक यहूदी रह्नुमा” (देखें: @)
Acts 25:26
προήγαγον αὐτὸν ἐφ’ ὑμῶν, καὶ μάλιστα ἐπὶ σοῦ, Βασιλεῦ Ἀγρίππα
वह बहुत सख्ती से मुझसे और मेरे बारे में कहने लगे
ὅπως…σχῶ τι γράψω
यह बयान मनफ़ी में किया गया हैकि अस्बाती मसावी लफ्ज़ पर ज़ोर दे सकें- मुतबादिल तर्जुमा: “उसको बहुत जल्द मर जाना चाहिए”(देखें: @)
Acts 25:27
ἄλογον…μοι δοκεῖ πέμποντα δέσμιον, μὴ καὶ…σημᾶναι
यहाँ पहला “तुम” जमा के सेगे में है और दूसरा “तुम” वाहिद है- (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)
τὰς κατ’ αὐτοῦ αἰτίας
क्यूंकि उस ने कहा कि वह चाहता है कि शहिनशाह उस का इंसाफ़ करे -
Acts 26
शहिनशाह रोमी सल्तनत का हाकिम था -उसने कई एक मुल्कों और रियासतों पर हुकूमत कि थी-
Acts 26:1
मैं ने पौलुस को आप लोगों के सामने पेश किया है ख़ास तोर से आप के सामने “ऐ अगरिप्पा बादशाह”
Ἀγρίππας
ताकि कोई बात मैं उसके बारे में लिखूं या “ताकि मुझे मालूम पड़े कि मुझे उसके बारे में क्या लिखना है”-
ἐκτείνας τὴν χεῖρα
मनफ़ी अलफ़ाज़ “बगैर सबब के” और नहिं के लिए इसको अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: ऐसा लगता है कि यह मेरे लिए मुनासिब लगता है कि एक कैदी को भेजूं फिर मुझे उस के बारे में भी बताना है-(देखें: @)
ἀπελογεῖτο
मुमकिन मायने हैं 1) इलज़ामात जो यहूदी रहनुमा पौलुस के खिलाफ लाए थे- 2)रोमी कानून के तहत वाजिबुल अदा ठहराना जो पौलुस के मामले में नाफ़िज़ होता है-
Acts 26:2
ἥγημαι ἐμαυτὸν μακάριον
आमाल 26 आम हाशिये
तरतीब औए बनावट
आमाल कि कीताब में यह पौलुस की तबदीली का तीसरा बयान है-इसलिए कि यह इब्तिदाई कलीसिया में एक बहुत ही अहम् वाकिया है इसे इस किताब में तीन बार बयान किया गया है- (देखें [आमाल 9 बाब] (../09/01.md) और आमाल 22 बाब
पौलुस ने अगरिप्पा बादशाह से पूछा कि उस ने ऐसा कौनसा जुर्म किया कि गवर्नर उसको सज़ा दे-
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
रौशनी और तारीकी
बाइबिल अक्सर ग़ैर रास्त्बाज़ लोगों की बात करती है-अगर वह तारीकी में चालते हैं तो लोग वह नहीं करते जिस से ख़ुदा खुश होता है -यह रौशनी की बात करती है जिस पर चलने से गुनाहगार लोग रास्त्बाज़ बन जाते हैनौर समझते हैं कि वह गलत कर रहे हैं और ख़ुदा के पीछे चलना शुरू करते हैं-(देखें: @)
ἀπολογεῖσθαι
फेस्तुस पौलुस को अगरिप्पा बादशाह के सामने ले आया है -दूसरी आयत में पौलुस अगरिप्पा बादशाह के सामने अपने बचाव की पेश कश करता है -
περὶ πάντων ὧν ἐνκαλοῦμαι ὑπὸ Ἰουδαίων
अगरिप्पा फ़लस्तीन में मौजूदा हुकूमत करने वाला बादशाह था -हालाँकि उसने कुछ ही रियासतों में बादशाही की थी -देखें कि आप ने इसे आमाल25:13.में किसतरह से तर्जुमा किया था -
Ἰουδαίων
हाथ बढ़ा कर या “ अपने हाथ के इशारे से”
Acts 26:3
ζητημάτων
पेचीदा इस्म बचाव को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: उनके खिलाफ जो उस पर इलज़ाम लगा रहे थे खुद को बचाना शुरू किया-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 26:4
πάντες οἱ Ἰουδαῖοι
पौलुस बहुत खुश था क्यूंकि उसने अगरिप्पा के सामने मौक़ा पाया कि अपना मज़ाहिरा खुशखबरी सुनाते हुए पेश करे-
ἐν τῷ ἔθνει μου
इस मुहावरे के मायने हैं किसी की हालत बयान करना ताकि अदालत में इस की चरचा (बहस)हो सके ताकि उस कि बाबत फ़ैसला ले सके-मुत्बादिल तर्जुमा: ”मेरे खुद के बचाव का लिए”-
Acts 26:5
τὴν ἀκριβεστάτην αἵρεσιν τῆς ἡμετέρας θρησκείας
पेचीदा इस्म “इलज़ामात” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “इलज़ाम लगाना”-मुतबादिल तर्जुमा:”उन तमाम यहूदियों के खिलाफ जो मुझ पर इलज़ाम लगाते हैं” (देखें: @)
Acts 26:6
इस का मतलब यह् नहीं कि तमाम यहूदी-मुताबदिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा” (देखें: INVALID translate/figs-you)
νῦν
आप इस की वाज़ाहत कर सकते हैं कि इस किसम के सवालात के क्या मायने रखते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: “मज़हब से मुताल्लिक़ सवालात” (देखें: @)
ἕστηκα κρινόμενος
यह एक इस्ते’माम है-मुमकिन मायने हैं :1)यह आम तोर से यहूदियों को ज़ाहिर करता है जो पौलुस कि बाबत जानते थे-मुतबादिल तर्जुमा:”यहुदी लोग” या 2)यह फरीसियों को ज़ाहिर करता है जो पौलुस को जानते थे-मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐπ’ ἐλπίδι τῆς εἰς τοὺς πατέρας ἡμῶν ἐπαγγελίας, γενομένης ὑπὸ τοῦ Θεοῦ
मुमकिन मायने हैं 1)उसके अपने लोगों के बीच में, यह ज़रूरी नहीं कि जुग़राफ़िया के इस्राईल के मुल्क में या 2) इस्राईल के मुल्क में-
Acts 26:7
εἰς ἣν τὸ δωδεκάφυλον ἡμῶν…ἐλπίζει καταντῆσαι
यहूदियत के बीच एक जमाअत जो बड़े ही सख्त कानून के साथ रहते हैं -
εἰς ἣν…ἐλπίζει καταντῆσαι
यहां “तुम”एक जमा का सेग़ा है और यह उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो पौलुस कि सुन रहे थे –(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
νύκτα καὶ ἡμέραν λατρεῦον
यह लफ्ज़ पौलुस की बहस से एक तबादिले की निशान दिही करता है जो उस के माज़ी की बात से खुद की बाबत हाल में है-
ὑπὸ Ἰουδαίων
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: मैं यहाँ पर हूँ,वह मुझे मुक़द्दमे के लिए कहाँ ले जाना चाहते हैं ? (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
Acts 26:8
τί ἄπιστον κρίνεται παρ’ ὑμῖν, εἰ ὁ Θεὸς νεκροὺς ἐγείρει
यह एक वायदे कि बाबत बात करता है जो एक शख्स की बाबत थी जिस के लिए इंतज़ार कर सकता था -मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा से मुतवकके होकर मैं इंतज़ार कर रहा था कि वह उन कामों को करे जिसे करने के लिए उसने हमारे बाप दादा से वायदा किया था- (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
νεκροὺς ἐγείρει
मुहावरा “हमारे बारह कबीले उन लोगों कोज़ाहिर करता है जो उन क़बीलों में पाए जाते हैं-मुताबदिल तर्जुमा: “यह हमारे उन साथी यहूदियों के लिए भी है जो बारह क़बीलों में शामिल हैं और जिस के लिए इंतज़ार कर रहे थे” (देखें: @)
Acts 26:9
μὲν οὖν
यह एक वायदे की बाबत बात करता है जिसकी व्हेक चीज़ बतोर हो जो कि हासिल किया जा सकता है –(देखें: @)
πρὸς τὸ ὄνομα Ἰησοῦ…ἐναντία
शदीद के अलफ़ाज़ रात और दिन के मायने है उन्हों ने लगातार ख़ुदा कि इबादत की-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 26:10
ἀναιρουμένων…αὐτῶν, κατήνεγκα ψῆφον
इस का मतलब तमाम यहूदियों से नहीं है-मुतबादिल तर्जुमा: “कि उन यहुदियों के रहनुमाओं ने” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 26:11
πολλάκις τιμωρῶν αὐτοὺς
यहूदियों को दावा पेश करने के लिए पौलुस एक सवाल का इस्तेमाल करता है-वह एत्काद करते हैं कि ख़ुदा मुर्दों को जिला सकता है मगर यह नहीं सोचते कि ख़ुदा ने येसू को जिलाया है -इस को एक बयान बतोर ज़ाहिर किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: तुम में से कोई नहीं सोचता कि ख़ुदा मुर्दों को जिलाता है यह बात ना काबिल -ए- एत्काद है-(देखें: @)
Acts 26:12
यहाँ जिलाया जाना एक मुहावरा है किसी के लिए जो मर गया था उसका फिर से ज़िन्दा होना-मुतबादिल तर्जुमा: ”मुर्दों को ज़िन्दा करता है”
ἐν οἷς
पौलुस अपने बचाव में दुसरे तबादिले की निशान दिही के लिए इस मुहावरे का इस्तेमाल करता है-अब वह बयान करना शुरु करता है कि इस से पहले वह किस तरह मसीह के लोगों को सताया करता था-
ἐν οἷς
यहाँ “नाम” एक शख्स की बाबत तालीम को ज़ाहिर करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “लोगों को येसू की बाबत तालीम को रोकने के लिए”- (देखें: @)
μετ’ ἐξουσίας καὶ ἐπιτροπῆς
मुहावरा “मारे गए” इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है – मुतबादिल तर्जुमा: “दीगर यहूदी रहनुमाओं के साथ मैं ने इस मंज़ूरी का चुनाव किया कि ईमानदारों को मौत की सज़ा दूं –(देखें: @)
Acts 26:14
ἤκουσα φωνὴν, λέγουσαν πρός με
मुमकिन मायने हैं :1) पौलुस ने कई बार ईमानदारों को मौत की सज़ा दी या 2) पौलुस ने कई किसम के ईमानदारों को सज़ा दी -
Σαοὺλ, Σαούλ, τί με διώκεις
अगरिप्पा बादशाह के साथ बात करते वक़्त पौलुस ज़ाहिर करता है कि कब खुदवान्द ने उसके साथ बात की-
σκληρόν σοι πρὸς κέντρα λακτίζειν
पौलुस अपने बचाव में दुसरे तबादिले की निशान दिही के लिए इस मुहावरे का इस्तेमाल करता है-अब वह कहता है कि जब उस ने येसू को देखा उसकी और उसके शागिर्दों की क्या हालत हुई-
Acts 26:15
यह लफ्ज़ दो वाकिये की निशान दिही के लिए इस्तेमाल किया गया है जो एक ही वक़्त में वाक़े होते हैं- इस मामले में मसीहियों को सताने के दौरान जब पौलुस दमिश्क को गया-
Acts 26:18
ἀνοῖξαι ὀφθαλμοὺς αὐτῶν
पौलुस के पास यहूदी रहनुमाओं की तरफ़ से इख्तियार नामे थे यहूदी ईमानदारों को सताए-
ἐπιστρέψαι ἀπὸ σκότους εἰς φῶς
यहाँ आवाज़ किसी शख्स के बात करने को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने किसी को बात करते हुए सुना जिस ने मुझ से कहा-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐπιστρέψαι ἀπὸ…τῆς ἐξουσίας τοῦ Σατανᾶ
यह एक खातीबाना सवाल है – बोलने वाला साऊल को खबरदार कर रहा है कि साऊल उसके साथ क्या कर रहा है और हुक्म दे रहा है कि वह काम न करे-मुताबदिल तर्जुमा: “ऐ साउल, ऐ साउल तू मुझे क्यूँ सताता है-“ या “ऐ साउल, ऐ साउल, तू मुझे सताना बंद कर-“(देखें : https://git.door43.org/STR/ur-deva_ta/src/branch/master/translate/figs-rquestion/01.md)
τοῦ λαβεῖν αὐτοὺς ἄφεσιν ἁμαρτιῶν
पौलुस के लिए येसु को और ईमानदारोंको सताने से रोकना ऐसा कहा जाता है जैसे कि पैने पर लात मारना (पैना कुल्हाड़ी की तरह एक औज़ार है जो जानवर पर वार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है-इस का मतलब यह है कि पौलुस खुद को ज़ख़्मी कर रहा था- मुतबादिल तर्जुमा: “तुम पैने पर लात मारने की तरह खुद को नुख्सान पहुँचाओगे-”(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
κλῆρον
पौलुस अगरिप्पा बादशाह के सामने अपने बचाव को जारी रखता है- इन आयतों में पौलुस अपनी बातचीत को जो खुदावंद के साथ है जारी रखता है-
τοῖς ἡγιασμένοις πίστει τῇ εἰς ἐμέ
लोगों को यह सच्चाई समझाने की मदद करना जैसे कहा गया है कि एक शख्स हकीकी तोर से मदद करता है कि किसी की आँखें खोले –(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
πίστει τῇ εἰς ἐμέ
लोगों को बुराई करने से रोकने की मदद करना और ख़ुदा पर भरोसा करने और मानना शुरू करना कहा गया है कि एक शख्स सचमुच किसी को तारीकी से रौशनी की तरफ़ रहनुमाई कर रहा हो-(देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)
Acts 26:19
ὅθεν
किसी को शैतान के पीछे चलने से रोकने की मदद करना ऐसा कहा जाता है जैसे कि एक शख्स सचमुच लोगों को शैतान की हुकूमत से जगह से ख़ुदा की हुकूमत की जगह पर पर ले जाता है-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
οὐκ ἐγενόμην
पेचीदा इस्म “मुआफ़ी” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “मुआफ़ करना”-मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उन के गुनाहों को मुआफ़ कर सकता है-“(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τῇ οὐρανίῳ ὀπτασίᾳ
पेचीदा इस्म “विरासत” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “वारिस होना” मुताबदिल तर्जुमा:उसके वह वारिस हो सकते हैं जो मैं देता हूँ-(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 26:18
बरकतें जो येसू उन्हें देता है जो उस पर एत्काद करते हैं इसे ऐसा कहा जाता है जैसे कि बच्चे अपने बाप से विरासत को हासिल करते हैं-(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
येसु कुछ लोगों को चुनता है कि उसके होजाएं-इसे ऐसा कहा गया है जैसे कि येसू सच मुच दुसरे बे- ईमान लोगों से दूर रखता है-(देखें: @)
क्यूंकि वह मुझ पर एत्काद करते हैं-यहाँ पौलुस खुदवान्द का हवाला देना बंद करता है-
Acts 26:19
इस लिए कि जोजो कुछ मैं ने अभी कहा वह सच है-पौलुस ने अभी समझाया था कि खुदावंद ने उसे उसकी रोया में क्या समझाया था-
This can be stated in positive form. Alternate translation: ""I obeyed"" (See: @)
यह उस शख्स को ज़ाहिर करता है जिस ने रोया में पौलुस से जो बात कही- मुताबदिल तर्जुमा: “उस शख्स ने आसमान से रोया में जो बात मुझ से कही” (देखें: @)
Acts 26:22
ὧν τε οἱ προφῆται
ख़ुदा पर भरोसे की शुरुआत करना ऐसा कहा जाता है जैसे कि एक शख्स ख़ुदा के रस्ते पर चलना शुरू करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा पर भरोसा करो” (देखें @)
Acts 26:23
εἰ παθητὸς ὁ Χριστός
पेचीदा इस्म “तौबा” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “तौबा की” मुतबादिल तर्जुमा: और भले काम करना शुरू करें यह ज़ाहिर करने लिए कि उन्हों ने सच मुच में तौबा की है-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἐξ ἀναστάσεως
इस का मतलब यह नहीं कि तमाम यहूदी-मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ यहूदी” (देखें: @)
νεκρῶν
पौलुस अगरिप्पा बादशाह को अपना बचाव पेश करना बंद करता है-
φῶς μέλλει καταγγέλλειν
यहाँ “छोटे लोग” और “बड़े लोग”दोनों कोइस्तेमाल करने का मतलब है “तमाम लोग” मुतबादिल तर्जुमा: “तमाम लोगों के लिए चाहे वह आम हों बड़े कुछ फरक़ नहीं” (देखें : https://git.door43.org/STR/ur-deva_ta/src/branch/master/translate/figs-merism/01.md)
Acts 26:22
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है – मुतबादिल तर्जुमा : “उस हक़ीक़ी चीज़ की बाबत जो”
पौलुस पुराने अहद नामे के नबियों के उन मजमुआ तहरीरों का हवाला दे रहा है-
Acts 26:24
τὰ πολλά σε γράμματα εἰς μανίαν περιτρέπει
आप इस बात की वज़ाहत कर सकते हैं कि मसीह को भी मरना ज़रूरी है: मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह को दुःख उठाना और मरना ज़रूरी है” (देखें: @)
Acts 26:25
οὐ μαίνομαι…ἀλλὰ
वापस ज़िन्दगी में आने के लिए
κράτιστε Φῆστε
मुहावरा “मुर्दों” उन तमाम लोगों की रूहों को ज़ाहिर करता है जो मर चुके हैं- उन लोगों के बीच में से जी उठना दोबारा से ज़िन्दगी में वापस आना कहा जाता है-
Acts 26:26
γὰρ…ὁ βασιλεύς, πρὸς ὃν…αὐτὸν
उस ने रौशनी की बाबत पैग़ाम की मनादी की- लोगों को यह कहने के लिए कि ख़ुदा लोगों को किसतरह बचाता है -इसके लिए कहा जाएगा कि एक शख्स रौशनी की बाबत कहता है-मुतबादिल तर्जुमा: वह उस पैग़ाम की मनादी करेगा कि ख़ुदा किसतरह लोगों को बचाता है”(देखें: INVALID translate/figs-123person)
παρρησιαζόμενος λαλῶ
पौलुस और अगरिप्पा बादशाह बात को जारी रखते हैं-
πείθομαι
तुम बेवकूफ़ी की सी बात करते हो या”तुम दीवाने हो”
λανθάνειν…αὐτὸν τι τούτων οὐ
बहुत इल्म ने तुझे दीवाना कर दिया है -
οὐ…ἐστιν ἐν γωνίᾳ πεπραγμένον τοῦτο
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है “मैं वही हूँ ...और” या “मैं अच्छे से समझने के क़ाबिल हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν γωνίᾳ
फेस्तुस जो बड़ी इज़्ज़त पाने का तवक्को रखता है
Acts 26:27
πιστεύεις, Βασιλεῦ Ἀγρίππα, τοῖς προφήταις
पौलुस अभी भी अगरिप्पा बादशाह से बात कर रहा है मगर वह खुद को तीसरा शख्स बतोर ज़ाहिर कर रहा है- मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे लिए...तुम्हारी तरफ़ ... तुम से” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
Acts 26:28
ἐν ὀλίγῳ με πείθεις Χριστιανὸν ποιῆσαι
पौलुस मसीह की बाबत बताने से नहीं डरता था-मुतबादिल तर्जुमा: “मैं दिलेरी से कहता हूँ”
Acts 26:29
παρεκτὸς τῶν δεσμῶν τούτων
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे यकीन है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 26:30
इस को अमली और अस्बाती शक्ल में बयान किया जा सकता है: “यह कि वह इस से वाकिफ़ था” (देखें: @) और @)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता ई -मुतबादिल तर्जुमा: “किसी कोने में नहीं हुआ था”(देखें: @)
ἀνέστη τε ὁ βασιλεὺς καὶ ὁ ἡγεμὼν
इस का मतलब है पोशीदा तोर से कुछ करना जैसे कि एक शख्स कमरे के कोने मेंजाकर कुछ किया हो जहाँ उसे कोई भी न देखता हो: मुतबादिल तर्जुमा: ”एक तारीक जगह में”या “पोशीदा तोर से” (देखें: @)
Acts 26:31
οὐδὲν θανάτου ἢ δεσμῶν ἄξιον τι πράσσει ὁ ἄνθρωπος οὗτος
पौलुस यह सवाल अगरिप्पा से याद दिलाने के लिए लिए पूछता है क्यूंकि अगरिप्पा पहले से ही एत्काद करता है कि नबियों ने येसू की बाबत क्या कहा है-इसको एक बयान के तोर पर इज़हार किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:”ऐ अगरिप्पा बादशाह, तू पहले से ही एत्काद करता है कि यहूदी नबियों ने येसु के हक़ में क्या कहा है- (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Acts 26:32
ἀπολελύσθαι ἐδύνατο ὁ ἄνθρωπος οὗτος
अगरिप्पा यह सवाल पौलुस को यह बताने के लिए पूछता है कि वह अगरिप्पा को इतनी आसानी से बगैर मज़ीद सबूत के क़ायल नहीं कर सकता-इसको बयान के तोर पर ज़ाहिर किया जासकता है -मुतबा दिल तर्जुमा: ”तू तो थोड़ी ही सी नसीहत करके मुझे मसीही कर लेना चाहता है!” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 27
यहां “क़ैद की ज़ंजीरें” किसी के कैदी होने को ज़ाहिर करता है- मुताक्बादिल तर्जुमा: “मगर हाँ, मैं नहीं चाहता कि तू भी मेरी तरह एक कैदी होजाए”(देखें: ऐ’तिमाद, भरोसा, , भरोसेमंद, भरोसे के लायक़ ,भरोसे वाला )
Acts 27:1
बरनीके अगरिप्पा बादशाह की बहिन थी-(आमाल25:13)
यहां पौलुस का वक़्त अगरिप्पा के सामने ख़त्म होता है-
ὡς…ἐκρίθη
फिर अगरिप्पा बादशाह और गवर्नर फेस्तुस खड़े हो गये -
ἀποπλεῖν…εἰς τὴν Ἰταλίαν
यह एक बड़ा हाल कमरा है जो जश्न , मुक़द्दमों और अहम वाक़ियात के लिए इन्तिज़ाम किया गया है-
παρεδίδουν τόν τε Παῦλον καί τινας ἑτέρους δεσμώτας, ἑκατοντάρχῃ ὀνόματι Ἰουλίῳ, σπείρης Σεβαστῆς
पेचीदा इस्म “मौत” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “मरना”- यहाँ “क़ैद” हवालात में क़ैद होने को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यह आदमी ऐसा तो कुछ नहीं करता जो क़त्ल या क़ैद के लायक़ हो” (देखें: @ और @)
παρεδίδουν τόν τε Παῦλον καί τινας ἑτέρους δεσμώτας
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “यह आदमी छूट सकता था” या “मैं इस आदमी को आज़ाद कर सकता था”- (देखें: @)
ἑκατοντάρχῃ ὀνόματι Ἰουλίῳ
आमाल 27 आम हाशिये
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
जहाज़ का सफ़र
लोग जो समुन्दर के किनारे रहते हैंवह छोटी कश्तियों में सफ़र करते है जो हवा के ज़रिये चलाई जाती है-कुछ महीनों के दौरान हवा मुखालिफ़ चलती है या सफ़र करना मुश्किल और नामुमकिन हो जाता था-
भरोसा
-पौलुस ने ख़ुदा पर भरोसा किया था कि वह उसको मनज़िल पर सही सलामत पहुंचाए- उसने नाखुदाओं और सिपाहियों से कहा कि भरोसा रखें कि ख़ुदा उनको ज़िन्दा रखेगा- (देखें: INVALID translate/translate-names)
पौलुस रोटी तोड़ता है और उस को तोड़ते हुए ख़ुदा का शुक्र करता है और उसे खाता है-यह उस आखरी आशाए रब्बानी को बयान करता है जो उसने अपने शागिरदों के साथ खाए थे- किसी तरह आप का तर्जुमा आप के क़ारिईन को यह सोचने पर मजबूर न करे कि पौलुस यहाँ पर मज़हबी त्योहार की रहनुमाई कर रहा था-
σπείρης Σεβαστῆς
अदरमुतीम एक शहर था जो मुमकिन तोर से मौजूदा तुरकी के मगरिबी साहिल में वाक़े था- लफ्ज़ “हम” आमाल के मुसन्निफ़, पौलुस और दीगर लोग जो पौलुस के साथ सफ़र कर रहे थे उन्हें शामिल करता है मगर क़ारिईन को नहीं – (देखें: INVALID translate/translate-names और @)
Acts 27:2
ἐπιβάντες…πλοίῳ…μέλλοντι πλεῖν
पौलुस एक कैदी बतोर रोम के लिए अपना सफ़र शुरू करता है -
πλοίῳ Ἀδραμυντηνῷ
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “जब बादशाह और गवर्नर ने फ़ैसला किया-“
μέλλοντι πλεῖν
इतालिया रोम में एक रियासत का नाम था- देखें कि आप ने “इतालिया” को आमाल18:2-में किसतरह से तर्जुमा किया है -
ἀνήχθημεν
उन्हों ने पौलुस और बअज़ कैदियों को जूलियस नाम शहनशाही पलटन के एक सूबेदार के हवाला किया था
Ἀριστάρχου
मुमकिन मायने हैं 1) “वह” गवर्नर और बादशाह को ज़ाहिर करता है या “वह” दीगर रोमी हाकिमों की तरफ़ इशारा करता है -
Acts 27:3
जूलियस एक आदमी का नाम है –(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
φιλανθρώπως…ὁ Ἰούλιος τῷ Παύλῳ χρησάμενος
यह पलटन या फ़ौज का नाम था जिस से कि यह सूबेदार आया था-कुछ तर्जुमे इसे “लशकर अगस्तीन” भी कहते हैं- (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
πρὸς τοὺς φίλους πορευθέντι, ἐπιμελείας τυχεῖν
यहाँ “जहाज़ ...जो रवाना होने वाला था” मल्लाह कि जमाअत को ज़ाहिर करता है जो जहाज़ को चलाएंगे-मुतबादिल तर्जुमा:”हम एक जहाज़ में सवार हुए ...जो कि रवाना होने वाला था” (देखें: @)
Acts 27:2
मुमकिन मायने हैं 1) एक जहाज़ जो अदरमुतीम से आया था या 2) एक जहाज़ जो अदरमुतीम में दर्ज था या जिस का लैसनस हासिल था -
Acts 27:4
ὑπεπλεύσαμεν τὴν Κύπρον
चलने को तैयार था या “बहुत जल्द रवाना होने को था”-
Acts 27:2
समुन्दर पर हमारा सफ़र शुरू हुआ
अरिसतर्खुस मकिदुनिया से आया था मगर इफसुस में पौलुस के साथ काम करने लगा था -देखें कि आप ने उसके नाम को आमाल19:29.में किस तरह से तर्जुमा किया है-
Acts 27:3
यहाँ लफ्ज़ “हम” मुसन्निफ़,पौलुस और उन के साथ सफ़र करने वालों को ज़ाहिर करता है मगर क़ारीईन को नहीं- (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
जूलियस ने पौलुस के साथ दोस्ताना मिज़ाज के साथ बर्ताव किया- देखें कि आप ने “जूलियस” नाम का तर्जुमा आमाल 27:1-किसतरह से किया है-
पेचीदा इस्म “खातिरदारी” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “उसके दोस्तों के पास जाएं ताकि वह उनकी खातिरदारी करे” या उन के दोस्तों के पास जाएं और उसकी ज़रुरत के मुताबिक उसकी मदद करें-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 27:4
हम ने जहाज़ का सफ़र शुरू किया
कुप्रुस की आड़ में होकर चले क्यूंकि वह टापू का किनारा था जो तेज़ हवा को रोकता था, इसलिए जहाज़ को ज़बरदस्ती नहीं ले जा सकते थे-
Acts 27:5
यह एशिया माइनर में एक सूबा था-देखें कि आप ने इसको आमाल2:10 में किसतरह से तर्जुमा किया है-
मयरा एक शहर का नाम है (देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 27:7
ὑπεπλεύσαμεν τὴν Κρήτην
लिसिया रोम का एक सूबा था ,जो मौजुदा तुरकी के जुनूब मगरीबी साहिल पर वाक़े था-(देखें: @)
κατὰ Σαλμώνην
यह एक शहर का नाम है –(देखें: INVALID translate/translate-names)
Acts 27:8
μόλις…παραλεγόμενοι αὐτὴν
आप इस की वाज़ाहत कर सकते हैं कि धीमी रफ़्तार से मुश्किलों के साथ चलने का सबब था कि हवा उन के मुखालिफ में चल रही थी-(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Καλοὺς Λιμένας
यह एक क़दीम बस्ती थी जो मौजूदा तुरकी में वाक़े था- (देखें: INVALID translate/translate-names)
ἐγγὺς πόλις ἦν Λασαία
सख्त मुख़ालिफ़ हवा के सबब से हम आगे को उस रास्ते से होकर नहीं जायेंगे-
Acts 27:9
ἱκανοῦ…χρόνου διαγενομένου
इसलिए हम करेते से होकर चले जहाँ मुखालिफ हवा का असर कम था-
διαγενομένου
करेते में यह एक साहिल का शहर था –(देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
καὶ ὄντος ἤδη ἐπισφαλοῦς τοῦ πλοὸς, διὰ τὸ καὶ τὴν νηστείαν ἤδη παρεληλυθέναι
आप इस कि वजाहत कर सकते हैं कि हवा पहले की तरह ज़ियादा मुख़ालिफ़ नहीं थी फिर भी उन के लिए यह पानी का सफ़र मुश्किल होता जा रहा था-(देखें:@)
Acts 27:10
θεωρῶ ὅτι μετὰ ὕβρεως καὶ πολλῆς ζημίας…μέλλειν ἔσεσθαι τὸν πλοῦν
लेसिया के क़रीब यह एक बन्दर गाह था जो करेते का जुनूबी साहिल था- (देखें: @)
ζημίας, οὐ μόνον τοῦ φορτίου καὶ τοῦ πλοίου, ἀλλὰ καὶ τῶν ψυχῶν ἡμῶν
यह करेते में एक साहिली शहर था-(देखें: @)
οὐ μόνον τοῦ φορτίου καὶ τοῦ πλοίου
जिसतरह से हवा का रुख़ बह रहा था (चल रहा था) उस बतोर इस्कनदरिया से हसींन बन्दर तक का सफ़र मनसूबा के खिलाफ़ जियादा वक़्त ले रहा था-
Acts 27:11
ὑπὸ Παύλου λεγομένοις
मुसन्निफ़ खुद को पौलुस और उन के साथ सफ़र करने वालों को शामिल करता है मगर क़ारिईन को नहीं- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 27:12
ἀνευθέτου…τοῦ λιμένος ὑπάρχοντος πρὸς παραχειμασίαν
यह रोज़ा कफ्फ़ारे के दिन रखा जाता था जो कि आम तोर से मगरिबी कलेंडर के मुताबिक सितम्बर के आखरी हिस्से में या अकतोबर के शुरू में पड़ता था- इस के बाद मौसमी तूफानों का एक शदीद जोखिम था-
λιμένος
अगर हम अभी सफ़र करते है तो हम बहुत ज़ियादा जोखिम और नुख्सान में पड़ सकते हैं-पौलुस खुद को
Φοίνικα
पौलुस खुद को और उस के सुनने वालों को शामिल करता है- इसलिए यह मुश्तमिल है-(देखें: INVALID translate/translate-names)
παραχειμάσαι
यहां “नुख्सान” के मायने हैं बर्बादी जब लोगों का हवाला दिया जाता है तो यह चीज़ों और मौत को ज़ाहिर करता है -
βλέποντα κατὰ λίβα καὶ κατὰ χῶρον
माल ओ असबाब वह चीजें हैं जो एक शख्स एक जगह से दूसरी जगह जहाज़ के ज़रिये लेकर जाता है -मुतबादिल तर्जुमा: “न सिर्फ़ जहाज़ का बल्कि जहाज़ में रखे हुए सामान का भी”
λίβα καὶ…χῶρον
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे पौलुस ने कहा”(देखें: @)
Acts 27:13
ἄραντες
आप इसकी वज़ाहत कर सकते हैं कि बंदरगाह में रुकना क्यूँ मुश्किल था -मुतबादिल तर्जुमा: “बंदरगाह पूरी तरह से लंगर लगाने के लिए महफूज़ नहीं था”-(देखें: @)
Acts 27:14
सूखी ज़मीन के करीब एक जगह जो जहाजों के लिए महफूज़ है
μετ’ οὐ πολὺ
फीनिक्स करेते का एक बन्दर शहर है जो जुनुबी साहिल पर वाक़े है-(देखें: @)
ἄνεμος τυφωνικὸς
यह जाड़ों के मौसम कि बाबत है जो कारामद है जिसको कोई इस्तेमाल कर सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “जाड़े के मौसम के लिए वहां पर ठहरना”-(देखें: @)
καλούμενος Εὐρακύλων
यहाँ “शुमाली मगरिबी और जुनूबी मगरिबी” के मुकाबिल के मायने है बंदरगाह का खुला हिस्सा उन रुखों की तरफ़ था-मुतबादिल तर्जुमा: “वो शुमाली मगरिबी और जुनूबी मगरिबी को खोलता था”
Acts 27:12
यह रुखें तुलू-ए-आफ़ताब और गुरूब-ए-आफ़ताब की बिना पर थीं-शुमाल मशरिक तुलू-ए-आफ़ताब के बाईं तरफ़ है-जुनूब मशरिक तुलू-ए-आफ़ताब के दाईं तरफ़ है-कुछ तर्जुमे “शुमाल मशरिक और जुनूब मशरिक” दोनों कहते हैं-
Acts 27:15
συναρπασθέντος δὲ τοῦ πλοίου, καὶ μὴ δυναμένου ἀντοφθαλμεῖν τῷ ἀνέμῳ
यहां “लंगर उठाया” के मायने हैं पानी से बाहर निकाला-एक लंगर बहुत भारी चीज़ है जो मोटी रस्सी से जुड़ी होती है जो जहाज़ के हिफाज़त के लिए है-लंगर पानी में उछलता और समुन्दर कि तह् में जाकर डूब जाता है और जहाज़ को डूबने से बचाता है
ἐπιδόντες ἐφερόμεθα
पौलुस और जो उसके साथ जहाज़ में सफ़र कर रहे थे एक बहुत ही हौलनाक तूफ़ान का सामना करते हैं-
Acts 27:16
νησίον…τι ὑποδραμόντες
थोड़ी देर बाद
νησίον…τι ὑποδραμόντες
एक बहुत ही शदीद खौफ़नाक हवा
σκάφης
‘शुमाल मशरिक़ की तरफ़ से एक बड़ी तूफानी हवा’-“शुमाल मशरिकी तूफानी हवा” के लिए असली ज़ुबान में लफ्ज़ है ‘बुरकुलून’ का इस्तेमाल हुआ- आप इस लफ्ज़ को अपनी जुबान के लिए नक़ल हर्फी कर सकते हैं-(देखें: @)
Acts 27:17
ἣν ἄραντες
करेते के टापू से अन्दर आया और वो हमारे जहाज़ के मुख़ालिफ़ में बहा (टकराया)
βοηθείαις ἐχρῶντο, ὑποζωννύντες τὸ πλοῖον
जब हवा बड़ी तेज़ी से हमारे जहाज़ के खिलाफ़ बहने लगा तो हम उसके आगे नहीं चल सके-
τὴν Σύρτιν
इसको अमली शक्ल में ब्यान किया जा सकता है- मुतबादिल तर्जुमा: “हम आगे बढ़ने की कोशिश से रुक गये और हवा को जिस भी तरफ़ चाहे बहने दिया कि वो हमको धकेले” (देखें: INVALID translate/translate-names)
χαλάσαντες τὸ σκεῦος
हम उस टापू की तरफ़ आगे बढ़े जिस तरफ़ ज़्यादा तेज़ हवा नहीं थी
σκεῦος
यह टापू करेते के जुनूबी साहिल पर बसा हुआ था- (देखें: @)
ἐφέροντο
यह एक छोटी कश्ती (डोंगी) है जो कभी कभी जहाज़ के पीछे खींचकर ले जाया करतें हैं और कभी कभी जहाज़ के अन्दर लाकर बाँधकर रखा जाता है- छोटी कश्तियों का इस्तेमाल मुख्तलिफ़ कामों के लिए होता है जिसमे जहाज़ में डूबने से बचना भी शामिल है-
Acts 27:18
σφοδρῶς…χειμαζομένων
उन्होंने बाचाव कश्ती को ऊपर लिया या “बचाव कश्ती को जहाज़ में सवार किया”
ἐκβολὴν ἐποιοῦντο
“पोस्त” जहाज़ का ढ़ाचा है- उन्होंने इन छोटी कश्तियों को रस्सी से जहाज़ के दोनों तरफ़ बाँधा ताकि तूफ़ान के दौरान खुल न जाये-
ἐκβολὴν
चोरबालू समुन्दर में उतली इलाक़े हैं जहाँ जहाज़ रेत के अन्दर धंस सकते है- सूरर्तिस शुमाली अफ्रीका में लिबिया के साहिल पर बसा हुआ है- (देखें: @)
Acts 27:19
αὐτόχειρες τὴν σκευὴν τοῦ πλοίου ἔριψαν
उन्होंने जहाज़ के लंगर को पानी में डाला ताकि रफ़्तार कम की जाये जहाँ हवा उनको धकेलता था-
Acts 27:20
μήτε δὲ ἡλίου μήτε ἄστρων ἐπιφαινόντων ἐπὶ πλείονας ἡμέρας
एक लंगर बहुत भारी चीज़ है जो मोटी रस्सी से जुड़ी होती है जो जहाज़ के हिफाज़त के लिए है-लंगर पानी में उछलता और समुन्दर कि तह् में जाकर डूब जाता है और जहाज़ को डूबने से बचाता है -देखें कि आप ने इसे आमाल27:13-में किसतरह तर्जुमा किया है -
χειμῶνός…οὐκ ὀλίγου ἐπικειμένου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: जिस भी तरफ़ हवा का रुख हमें खीँच कर या बहा कर ले जाए-(देखें: @)
περιῃρεῖτο ἐλπὶς πᾶσα, τοῦ σῴζεσθαι ἡμᾶς
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “हवा हमको सख्ती से धकेलती थी जिस से हम सब बुरी तरह से मस्मार किये जाते थे और तूफ़ान से हिचकोले खाते थे”-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 27:21
“वह” का इशारा यहाँ मल्लाहों से है- गया ऐसा किया ताकि जहाज़ के वज़न को कम कर सकें -यह एक कोशिश थी जहाज़ को डूबने से बचाने के लिए-
πολλῆς τε ἀσιτίας ὑπαρχούσης
माल ओ असबाब वह चीजें हैं जो एक शख्स एक जगह से दूसरी जगह जहाज़ के ज़रिये लेकर जाता है देखें कि आप ने इसे आमाल27:10- में किसतरह से तर्जुमा किया है-मुतबादिल तर्जुमा:”जहाज़ पर रखा माल-ओ-असबाब”
μέσῳ αὐτῶν
यहाँ जहाज़ का माल जहाज़ चलाने वालों के औज़ार को ज़ाहिर करता है जो जहाज़ चलाने के लिए ज़रूरी होता है:जैसे भारी सामान उठाने के लिए रस्सा चर्ख़ी, लक्कड़ के शहतीर, रस्सा, फट्टे और बाद्गीर वगैरा-यह ज़ाहिर करता है कि उस वक़्त की हालत कितनी संजीदा थी -
κερδῆσαί τε τὴν ὕβριν ταύτην, καὶ τὴν ζημίαν
काले काले तूफानी बादलों के सबब से वह सूरज ,चाँद सितारों को देख नहीं सकते थे- मल्लाह लोगों को सूरज और सितारों को देखने की ज़रुरत थीयह देखने के लिए कि वह कहां पर हैं और वह किस रुख कि तरफ़ आगे बढ़ रहे थे-
Acts 27:22
ἀποβολὴ…ψυχῆς οὐδεμία ἔσται ἐξ ὑμῶν
खौफ़नाक अभी भी चल रहा था और हमारा जहाज़ आगे पीछे हो रहा था
πλὴν τοῦ πλοίου
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है -मुतबादिल तर्जुमा: “हर किसी ने ज़िन्दा रहने की उम्मीद छोड़ दी थी” (देखें: @)
Acts 27:24
Καίσαρί σε δεῖ παραστῆναι
पौलुस जहाज़ पर मल्लाहों से बात करता है
κεχάρισταί σοι…πάντας τοὺς πλέοντας μετὰ σοῦ
यहाँ “वह” मल्लाहों की तरफ़ इशारा करता है- यह ज़ाहिर करता है कि लूका ,पौलुस ,और जो उन के साथ थे किसी ने खाना नहीं खाया था-मुतबादिल तर्जुमा: “जब हम बहुत फ़ाक़ा कर चुके तो-(देखें: @)
Acts 27:25
καθ’ ὃν τρόπον λελάληταί μοι
उन मल्लाहों के साथ
Acts 27:26
εἰς νῆσον…τινα, δεῖ ἡμᾶς ἐκπεσεῖν
यह तकलीफ़ और नुक़सान न उठाना पड़ता
Acts 27:27
पौलुस मल्लाहों से बात कर रहा है-यह ज़ाहिर करता है कि पौलुस का मतलब यह भी था कि वह और उस के साथ जितने भी हैं कोई भी नहीं मरेगा-मुतबादिल तर्जुमा: “हम में से कोई भी नहीं मरेगा”(देखें: @)
ὡς δὲ τεσσαρεσκαιδεκάτη νὺξ ἐγένετο
यहाँ “नुख्सान” को बर्बाद होने के मायने में इस्तेमाल किया गया है-मुताबदिल तर्जुमा: ”मगर तूफ़ान सिर्फ़ जहाज़ का नुख्सान करेगा”
διαφερομένων ἡμῶν
मुहावरा “क़ैसर के सामने हाज़िर हो” यह पौलुस के अदालत में जाने और क़ैसर के इंसाफ़ किये जाने की तरफ़ इशारा करता है- मुतबादिल तर्जुमा:ज़रूर है कि तू क़ैसर के सामने हाज़िर हो ताकि एह तेरा इंसाफ कर सके-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τῷ Ἀδρίᾳ
जितने लोग तेरे साथ जहाज़ में सवार हैं उन सब की ख़ुदा ने तेरी खातिर जान बख्शी की है-
Acts 27:28
βολίσαντες
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “जैसा कि फ़रिश्ते ने मुझ से कहा है- (देखें: INVALID translate/translate-numbers)
Acts 27:26
हम को जहाज़ को खेते रहना होगा ताकि वह किसी टापू में जाकर टूट जाए -
Acts 27:28
εὗρον ὀργυιὰς δεκαπέντε
हौलनाक तूफ़ान जारी रहता है
Acts 27:27
तौसीफ़ी अदद “चौदहवीं” को “चौदह’ बतोर तर्जुमा किया जा सकता है या “14”- मुतबादिल तर्जुमा: 14 दिन के बाद उस रात से जब से कि तूफ़ान शुरू हुआ था- (देखें: INVALID translate/translate-numbers और @)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है: मुतबादिल तर्जुमा: जिसतरह से हवा आगे पीछे टकरा रहा था- (देखें: @)
Acts 27:30
बहर-ए-अद्रिया इतालिया और यूनान के बीच का समुन्दर है- (देखें: INVALID translate/figs-you)
τὴν σκάφην
उन्हों ने समुन्दर के पानी की गहराई को नापा-उन्हों ने पानी की गहराई को एक वज़नी चीज़ में लकीर का निशान लगाकर नापा-
ἐκ πρῴρης
तो 20 पुरसा पाया- एक पुरसा पानी की गहराई की नपवाई में एक इकाई के बराबर है- एक पुरसा दो मीटर के बराबर है- मुतबादिल तर्जुमा: 40 मीटर गहराई नापी गई –(देखें: @)
Acts 27:31
ἐὰν μὴ οὗτοι μείνωσιν ἐν τῷ πλοίῳ, ὑμεῖς σωθῆναι οὐ δύνασθε
तो 15 पुरसा पाया- एक पुरसा पानी की गहराई की नपवाई में एक इकाई के बराबर है- एक पुरसा दो मीटर के बराबर है- मुतबादिल तर्जुमा: 30 मीटर गहराई नापी गई –(देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)
Acts 27:33
ἄχρι δὲ οὗ ἡμέρα ἤμελλεν γίνεσθαι
एक लंगर बहुत भारी चीज़ है जो मोटी रस्सी से जुड़ी होती है जो जहाज़ के हिफाज़त के लिए है-लंगर पानी में उछलता और समुन्दर कि तह् में जाकर डूब जाता है और जहाज़ को डूबने से बचाता है -देखें कि आप ने इसे आमाल27:13-में किसतरह तर्जुमा किया है -
τεσσαρεσκαιδεκάτην σήμερον ἡμέραν
जहाज़ के पीछे से
Acts 27:34
οὐδενὸς…ὑμῶν θρὶξ ἀπὸ τῆς κεφαλῆς ἀπολεῖται
यहाँ लफ्ज़ “तुम” जमा के सेगे में है और यह सूबेदार और रोमी सिपाहियों को ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
Acts 27:35
κλάσας
यह एक छोटी कश्ती (डोंगी) है जो कभी कभी जहाज़ के पीछे खींचकर ले जाया करतें हैं और कभी कभी जहाज़ के अन्दर लाकर बाँधकर रखा जाता है- छोटी कश्तियों का इस्तेमाल मुख्तलिफ़ कामों के लिए होता है जिसमे जहाज़ में डूबने से बचना भी शामिल है-देखें कि आप ने इसे आमाल27:16-में किसतरह से तर्जुमा किया है-
Acts 27:36
εὔθυμοι δὲ γενόμενοι πάντες
जहाज़ के सामने से
Acts 27:37
ἤμεθα δὲ αἱ πᾶσαι ψυχαὶ ἐν τῷ πλοίῳ, διακόσιαι ἑβδομήκοντα ἕξ
मनफ़ी अलफ़ाज़ “जबतक” और “नहीं हो सकता” इनको अस्बाती मायनों में बयान किया जा सकता है-फ़े’एल मजहूल मुहावरा “बचे रहो” इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “इन आदमियों को जहाज़ में ही रहना होगा ताकि ज़िन्दा रह सको” (देखें: INVALID translate/translate-numbers और INVALID translate/writing-background)
Acts 27:33
जबकि लग भग तुलू -ए- आफ़ताब था
तौसीफ़ी अदद “चौदहवीं” को “चौदह’ बतोर तर्जुमा किया जा सकता है या “14”- मुतबादिल तर्जुमा: “14 दिन के लिए” (देखें: @ और @)
Acts 27:40
τὰς ἀγκύρας περιελόντες, εἴων
यह दस्तूर के मुताबिक कहने का तरीका होता है कि कोई मुसीबत तुम पर नहीं आएगी-मुतबादिल तर्जुमा:तुम में से हर कोई इस आफ़त से बचकर ज़िन्दा रहेगा” देखें: @)
πηδαλίων
रोटी तोड़ी या एक डबल रोटी में से एक कोरा तोड़ा”
τὸν ἀρτέμωνα
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “इस का मतलब है पौलुस ने सब की हौसला अफज़ाई की” (देखें: @)
Acts 27:37
हम सब मिलकर जहाज़ में दो सौ छ्हत्तर आदमी थे -यह पीछे कि कहानी की इतला’ है-(देखें: @ और @)
Acts 27:41
περιπεσόντες…εἰς τόπον διθάλασσον
पानी का बड़ा इलाक़ा किसी क़द्र ज़मीन के चारों तरफ
πρῷρα
एक खाड़ी देखी मगर उसे पहचानते न थे कि वह कौनसी जगह थी
ἡ…πρύμνα
रस्सियों को खोला और लंगरों को बाएँ तरफ़ पीछे छोड़ा-
Acts 27:42
τῶν…στρατιωτῶν, βουλὴ ἐγένετο
जहाज़ के पीछे घुमाने के लिए बड़े चप्पू या लकड़ी के टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया-
Acts 27:43
ἐκώλυσεν αὐτοὺς τοῦ βουλήματος
सामने कि तरफ का जहाजी बेडा-जहाजी बेडा एक बड़ा कपड़े का टुकड़ा था जो जहाज़ को धकेलने के लिए हवा को पकड़े रहता है-
ἀπορίψαντας
उन्हों ने समुन्दर के किनारे की तरफ़ जहाज़ को घुमाया
Acts 27:44
οὓς…ἐπὶ σανίσιν
बरक़ी रु यह है कि पानी लगातार एक ही सिम्त में बहता है – कभी कभी एक से ज़ियादा बरकी रु दुसरे के आस पास बह सकता है- इस से पनी के अन्दर का रेत ढेर बन जाता है पानी को और ज़ियादा उथ ला बनाते हुए-
Acts 28
जहाज़ का अगला हिस्सा
Acts 28:1
जहाज़ का पिछला हिस्सा
सिपाही लोग मंसूबा बना रहे थे
καὶ διασωθέντες
जो कुछ वह करने के लिए मंसूबा बना रहे थे उसे पौलुस ने रोका
ἐπέγνωμεν
जहाज़ से पानी में छलांग लगाई
Μελίτη ἡ νῆσος καλεῖται
कुछ लकड़ी के तख्तों पर
Acts 28:2
οἵ…βάρβαροι
आमाल 28 आम हाशिये
तरतीब और बनावट
कोई भी यक़ीनी तोर से नहीं जानता कि लूक़ा क्यूँ अपनी तारीक़ को बगैर बताए ख़त्म करता है कि रोम में पौलुस के दो साल कयाम करने के बाद उसका क्या हुआ
इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
“खुतूत” और “भाई लोग” यहूदी रहनुमाओं ने ताज्जुब किया कि पौलुस उन से बात करना चाहता था क्यूंकि उन्हों ने येरूशलेम में सरदार काहिन से कोई ऐसा ख़त हासिल नही किया था कि पौलुस रोम में आरहा था-
जब यहूदी रहनुमा भाइयों कि बात कर रहे थे तो वह साथी यहूदियों की बाबत था न कि मसीहियों की बाबत-
दीगर मुम्किन तर्जुमा -इस बाब के मुशकिलात
“वह एक देवता था”मकामी लोगों ने यकीन किया कि पौलुस एक देवता था मगर उन्हों ने यह एत्काद नहींकिया कि वह एक सच्चा ख़ुदा था-हम नहीं जानते कि पौलुस ने मकामी लोगों से क्यूँ नहीं कहा कि वह एक देवता नहीं था-
παρεῖχαν οὐ τὴν τυχοῦσαν φιλανθρωπίαν ἡμῖν
यहाँ लफ्ज़ “हम” पौलुस , मुसन्निफ़ और जो उस के साथ सफ़र कर रहे थे उन्हें ज़ाहिर करता है न कि कारिईन को- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ τὴν τυχοῦσαν φιλανθρωπίαν
जहाज़ टूटने के बाद मिलते के लोगों ने पौलुस और उन हर एक लोगों की मदद की जो जहाज़ में थे-वह लोग वहां पर तीन महीने तक कयाम किया-
ἅψαντες…πυρὰν
इस को अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: जब हम हिफाज़त से पहुँच गए-(देखें: @)
προσελάβοντο πάντας ἡμᾶς
पौलुस और लूक़ा ने टापू का नाम मालूम किया -मुतबादिल तर्जुमा: “हम ने लोगों से मालूम किया” या हम ने वहां के रहने वालों से पाता किया –(देखें: @)
Acts 28:3
ἔχιδνα ἀπὸ τῆς θέρμης ἐξελθοῦσα
मिलते एक टापू है जो मौजूदा सिलसिली टापू के जुनूब में बसा हुआ है- (देखें: @)
καθῆψε τῆς χειρὸς αὐτοῦ
मक़ामी लोग
Acts 28:4
πάντως φονεύς ἐστιν ὁ ἄνθρωπος οὗτος
किसी पर मेहरबान होना कहा जाता है जैसे कोई शख्स किसी चीज़ को पेश करता हो -मुतबादिल तर्जुमा: न सिर्फ़ वह हम पर मेहरबान थे” (देखें: @)
ἡ δίκη…εἴασεν
जो कहा गया है उसका उल्टा बोलने के लिए इस मुहावरे का इस्तेमाल किया गया है-मुतबादिल तर्जुमा:”मेहेरबानी का एक बड़ा सुलूक-“ (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Acts 28:5
ἀποτινάξας τὸ θηρίον εἰς τὸ πῦρ
उनहोंने टहनियों और डालियों को इकट्ठा करके आग में डाला
ἔπαθεν οὐδὲν κακόν
मुमकिन मायने हैं 1)जितने भी जहाज़ में लोग थे उन का इस्तिकबाल किया गया- या 2)पौलुस और उसके तमाम साथियों का खैर मक़दम किया गया-
Acts 28:6
πίμπρασθαι
लकड़ियों के गट्ठर से एक ज़हरीला सांप निकल आया-
μηδὲν ἄτοπον εἰς αὐτὸν γινόμενον
पौलुस के हाथ में काटा और लिपट गया
μεταβαλόμενοι
यकीनी तोर से यह शख्स एक क़ातिल है या “यह शख्स सचमुच एक कातिल है-”
ἔλεγον αὐτὸν εἶναι θεόν
लफ्ज़ “अदल” एक देवता के नाम को ज़ाहिर करता है जिस की वह परसतिश करते थे- मुतबादिल तर्जुमा: “अदल नाम का देवता” (देखें: INVALID translate/figs-quotations)
ἔλεγον αὐτὸν εἶναι θεόν
अपने हाथ को झटका कि सांप उसके हाथ से छूट कर आग में गिर पड़ा
Acts 28:7
पौलुस को किसी तरह से कोई ज़रर नहीं पहुची-
ἐν δὲ τοῖς περὶ τὸν τόπον ἐκεῖνον
मुमकिन मायने हैं : 1)उसका जिस्म सूज जाएगा क्यूंकि वह सांप ज़हरीला था- या 2)कि वह तप से गरम होजाएगा औ मर जाएगा-
πρώτῳ τῆς νήσου
इस को अस्बाती मायनों में बयान किया जा सकता है मुतबादिल तर्जुमा:उसकी बाबत हर एक चीज़ वैसी ही थी जैसी होनी चाहिए थी- (देखें: INVALID translate/translate-names)
ὀνόματι Ποπλίῳ
एक हालत की बाबत फ़रक़ त्तारीक़े से सोचना ऐसा कहा गया है जैसे कि एक शख्स अपने ख़याल को बदल रहा है- मुताबदिल तरजुमा: “उन्हों ने दुबारा सोचा” (देखें: INVALID translate/writing-background)
Acts 28:6
इस को एक बराहे रास्त हवाला बतोर बयान किया जा सकता है - मुतबादिल तर्जुमा:”कहा, यह तो कोई देवता है”- (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
शायद एक एत्काद यह था कि जो एक ज़हरीले सांप के काटे जाने के बाद भी ज़िन्दा रहता है वह ख़ुदा दाद या एक देवता था-
Acts 28:8
πυρετοῖς καὶ δυσεντερίῳ συνεχόμενον κατακεῖσθαι
यहाँ अलफ़ाज़ हमारे लिए और हम पौलुस ,लूक़ा और जो उसके साथ सफ़र कर रहे थे उन्हें ज़ाहिर करता है न कि क़ारिईन को-(देखें: @)
ἐπιθεὶς τὰς χεῖρας αὐτῷ
“अब” का लफ्ज़ एक नए शख्स को या कहानी में नये वाकिये केत आरुफ़ के लिए इस्तेमाल किया गया है -
Acts 28:9
ἐθεραπεύοντο
मुमकिन मायने है 1)लोगों का ख़ास रहनुमा या वह शख्स जो टापू का सब से अहम् शख्स हो शायद उसकी दौलत के सबब से-
Acts 28:10
πολλαῖς τιμαῖς ἐτίμησαν ἡμᾶς
This is the name of a man. (See: @)
Acts 28:11
यह पुब्लियुस के बाप के बारे में पीछे कि कहानी की इतला की बाबत है जो कहानी को समझने के लिए बहुत ज़रूरी है –(देखें: INVALID translate/figs-explicit)
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “बीमार था” (देखें: @)
παρακεχειμακότι ἐν τῇ νήσῳ
शदीद पेचिश एक अफूनत पिज़ीर आँतों की बिमारी है
Ἀλεξανδρίνῳ
अपने हाथों से उसको छुआ
Διοσκούροις
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा:उस्नेउन को भी शिफ़ा दी-(देखें: @)
Acts 28:12
Συρακούσας
गालिबन उन्होंने पौलुस की बड़ाई की और जो उस के साथ थे उन्हें इनाम देने के ज़रिये उन की भी इज़्ज़त हुई-
Acts 28:13
यह दो भाई केस्टर और पोलक्स को ज़ाहिर करते हैं जो ज़ियुस के जुड़वे बेटे और यूनानी देवता हैं-ऐसा उन्हों ने सोचा कि यह जहाज़ के मुहाफ़िज़ थे-(देखें: INVALID translate/translate-names)
Ῥήγιον
पौलुस का रोम का सफ़र जारी रहता है-
ἐπιγενομένου νότου
मल्लाह लोग जाड़े के मौसम के लिए टापू में छोड़ दिए गए
Ποτιόλους
मुमकिन मायने हैं जो इसे ज़ाहिर करते हैं 1) एक जहाज़ इस्कंदरिया से आया, या 2)एक जहाज़ इस्कंदरिया में दर्ज किया गया था या चलाने कि इजाज़त दी गई थी-
Acts 28:14
οὗ εὑρόντες
जहाज़ की कमानी पर दो मूर्तियों के निशान खुदे हुए थे जिसको “जुड़वे देवता” कहा जाता था-इन का नाम केस्टर और पोलक्स था-
ἀδελφοὺς
सरकूसा एक शहर है जो मौजूदा सिसिली टापू के जुनूब मशरिक साहिल पर बसा है,इतालिया के बिलकुल जुनूब मगरिब में-(देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)
παρεκλήθημεν
अप्पियुस का बाज़ार और तीन टेवरनेस यह दोनों मशहूर मार्केट थे और बड़ी सड़क पर एक होटल था जो “एप्पियन वे” के नाम से जाना जाता था-यह रोम के शहर से 50 किलोमीटर कि दूरी पर था-(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
καὶ οὕτως εἰς τὴν Ῥώμην ἤλθαμεν
यह बन्दर गह का शहर था जो इतालिया के सिरे पर जुनूब मगरिब में बस हुआ था-
Acts 28:15
ἀκούσαντες, τὰ περὶ ἡμῶν
दकखिना हवा चलने लगी थी
εὐχαριστήσας τῷ Θεῷ, ἔλαβε θάρσος
पुतेली मजुदा नैप्लस में इतालिया के मगरीबी साहिल पर बसा हुआ है –(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Acts 28:16
वहां हम मिले
यह येसू के पीछे चलने वाले मर्द और औरत दोनों थे-मुताबदिल तर्जुमा: “साथी ईमानदार लोग”(देखें: @)
ὅτε δὲ εἰσήλθομεν εἰς Ῥώμην
इसको अमली शक्ल्में बयान किया जा सकता है- मुताबदिल तर्जुमा: “उन्हों ने हम को दावत दी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 28:17
ἐγένετο δὲ
एक बार जब पौलुस पुतेली पहुँच गया तो बाक़ी का सफ़र रोम के लिए ज़मीनी था-मुताबदिल तर्जुमा: “इसके बाद हम सात दिन तक उनके साथ रहे और फिर रोम के लिए रवाना हुए” -
τῶν Ἰουδαίων πρώτους
यह ख़बर सुनने के बाद कि हम आ रहे हैं
ἀδελφοί
“खातिर जमा हुई”के लिए कहा गया है जैसे कि यह एक चीज़ हो जिसे एक शख्स उठा कर लेजा सके-मुतबादिल तर्जुमा: “इस से उसकी ख़ातिर जमा हुई और उस ने ख़ुदा का शुक्रिया अदा किया-(देखें: @)
ἐναντίον…τῷ λαῷ
यहाँ लफ्ज़ “हम” मुसन्निफ़,पौलुस और उनके साथ सफ़र करने वालों को ज़ाहिर करता है मगर क़ारिईन को नहीं-(देखें: @)
δέσμιος ἐξ Ἱεροσολύμων παρεδόθην εἰς τὰς χεῖρας τῶν Ῥωμαίων
पौलुस रोम में एक क़ैदी बतोर पहुँचता है मगर इस आज़ादी से कि वह अपनी जगह पर रहे-वह मकामी यहूदियों को इकट्ठें बुलाता है यह बताने के लिए कि उस के साथ क्या कुछ हुआ था-
εἰς τὰς χεῖρας τῶν Ῥωμαίων
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे रोम में पहुँचने के बाद रोम के हाहिमों ने पौलुस को इजाज़त दी कि” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 28:18
τὸ μηδεμίαν αἰτίαν θανάτου ὑπάρχειν ἐν ἐμοί
यह मुहावरा कहानी के एक नये हिस्से की शुरुआत की निशान दिही इस्तेमाल किया गया है-अगर आपकी ज़बान में ऐसा करने लिए कोई तरीका है तो आप यहाँ उस का इस्तेमाल कर सकते हैं-
Acts 28:19
τῶν Ἰουδαίων
यह आम यहूदी लोग या मज़हबी रहनुमा है जो रोम में रहते हैं
ἀντιλεγόντων
यहाँ इस के मायने हैं “साथी यहूदी लोग-”
ἠναγκάσθην ἐπικαλέσασθαι Καίσαρα
हमारे लोगों के ख़िलाफ़ या यहूदियों के ख़िलाफ़
οὐχ ὡς τοῦ ἔθνους μου ἔχων τι κατηγορεῖν
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुताबदिल तर्जुमा: “कुछ यहूदियों ने मुझ्को येरुशालेम में गिरफ्तार किया था-और रोमी हकीमों की हिरासत में रख दिया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 28:20
τῆς ἐλπίδος τοῦ Ἰσραὴλ
यहाँ “हाथों“ ताक़त (इख्तियार) या क़ाबू को ज़ाहिर करता है (देखें: @)
τοῦ Ἰσραὴλ
मैं ने कुछ नहीं किया था कि वह मुझे क़त्ल करे
τὴν ἅλυσιν ταύτην περίκειμαι
इसका मतलब यह नहीं कि सारे यहूदी- मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदी रहनुमा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Acts 28:21
रोमी हाकिम लोग जो करना चाहते थे उनकी शिकायत की
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “तब मुझे कैसर के यहाँ अपील करने को कहना पड़ा” (देखें: @)
οὔτε παραγενόμενός τις τῶν ἀδελφῶν
पेचीदा इस्म “इलज़ाम” को फ़े’एल के सेगे में बयान किया जा सकता है “इलज़ाम लगाना”- यहां कौम लोगों को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा: “मगर यह इस लिए नहीं था कि मैं अपने कौम के लोगों को कैसर के सामने इलज़ाम दूँ- (देखें: @ और @)
Acts 28:22
φρονεῖς, περὶ…τῆς αἱρέσεως ταύτης
मुमकिन मायने हैं 1) बनी इस्राएल भरोसे के साथ मसीहा के आने की राह देखते हैं- या 2) बनी इस्राईल भरोसे के साथ ख़ुदा से तवक्क़ो रखते हैं कि जो मर चुके हैं उन्हें ज़िन्दा करेगा-
γὰρ…γνωστὸν ἡμῖν ἐστι
यहाँ “इस्राईल” लोगों की तरफ़ इशारा करता है-मुताबदिल तर्जुमा: “इस्राईली लोग” या “यहूदी लोग” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐστιν…πανταχοῦ ἀντιλέγεται
यहां “इस ज़ंजीर से जकड़ा हुआ हूँ” यह एक कैदी होने को ज़ाहिर करता है- मुतबादिल तर्जुमा:कि मैं एक कैदी हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 28:23
यहां अल्फाज़ “हम”, “हम” और हमारे लिए रोम के यहूदी रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है- (देखें: आमाल28:17 और @)
ταξάμενοι…αὐτῷ ἡμέραν
यहूदी रहनुमाओं ने पौलुस को जवाब दिया-
διαμαρτυρόμενος τὴν Βασιλείαν τοῦ Θεοῦ
यहाँ “भाइयों” साथी यहूदियों को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “न हमारे साथी यहूदी भाइयों से”-
τῶν προφητῶν
एक मज़हबी फ़िरका एक छोटी जमाअत होती है जो एक बड़ी जमाअत का हिस्सा है -यहाँ यह उन लोगों को ज़ाहिर करता है जो येसू पर ईमान रखते हैं-मुतबादिल तर्जुमा: त्तुम इस जमाअत की बाबत जानते हो कि यह किस फिरक़े के हैं “
Acts 28:24
καὶ οἱ μὲν ἐπείθοντο τοῖς λεγομένοις
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “क्युंकि हम जानते हैं”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Acts 28:25
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: तमाम रोमी सल्तनत में बहुत से यहूदी इस के ख़िलाफ़ में कहते हैं” (देखें: @)
यहां लफ्ज़ “वह”रोम के यहूदी रहनुमाओं को ज़ाहिर करता है-लफ्ज़ “उसे, “उसके” और “वह” पौलुस की तरफ़ इशारा करता है-([आमाल28:17] (../28/17.md))-
εἰπόντος τοῦ Παύλου ῥῆμα ἓν
उस के लिए वक़्त मुक़र्रर किया कि उन से बात करें-
καλῶς τὸ Πνεῦμα τὸ Ἅγιον ἐλάλησεν διὰ Ἠσαΐου τοῦ προφήτου πρὸς τοὺς πατέρας ὑμῶν
यहाँ “ख़ुदा की बादशाही” ख़ुदा को एक बादशाह बतोर हुकूमत करने को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “बादशाह बतोर ख़ुदा की हुकूमत के बारे में उनको बताया” या “उनको बताया कि किसतरह ख़ुदा खुद को बादशाह बतोर ज़ाहिर करता है- (देखें: INVALID translate/figs-quotesinquotes)
Acts 28:26
λέγων, πορεύθητι πρὸς τὸν λαὸν τοῦτον…εἰπόν, ἀκοῇ ἀκούσετε, καὶ οὐ μὴ συνῆτε; καὶ βλέποντες βλέψετε, καὶ οὐ μὴ ἴδητε
यहाँ “अंबिया” उन बातों को ज़ाहिर करता है जो उनहोंने लिखा है- मुतबादिल तर्जुमा:उन बातों से जो नबियों ने लिखा—(देखें: INVALID translate/figs-quotesinquotes)
ἀκοῇ ἀκούσετ…βλέποντες βλέψετε
इसको अमली शक्ल में बयान किया जा सकता है-मुतबादिल तर्जुमा: “पौलुस उन में से कुछ को कायल कर सकता था” (देखें: @)
καὶ οὐ μὴ συνῆτε;…καὶ οὐ μὴ ἴδητε
यहाँ लफ्ज़ “वह” रोम के यहूदी रहनुमाओंको ज़ाहिर करता है (आमाल28:17)- लफ्ज़ तुम्हारा उन लोगों को ज़ाहिर करता है जिन से पौलुस बातें करता जा रहा था-26 आयत में पौलुस यसायाह नबी की किताब का हवाला देना शुरू करता है-
Acts 28:27
जैसे ही यहूदी रहनुमा उस जगह को छोड़ने के लिए तय्यार थे पौलुस पुराने अहदनामे की किताबों का हवाला पेश करता है जो कि उस वक़्त के लिए मुनासिब था-
यहाँ “कलाम” पैग़ाम या ख़ास बयान को ज़ाहिर करता है-मुतबादिल तर्जुमा: “जब पौलुस ने कहा एक और बात उसके बाद” या “पौलुस के इस बयान को देने के बाद” (देखें: @)
ἐπαχύνθη γὰρ ἡ καρδία τοῦ λαοῦ τούτου
यह जुमला हवालाजात के अन्दर हवालाजात रखता है-(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοῖς ὠσὶν βαρέως ἤκουσαν, καὶ τοὺς ὀφθαλμοὺς αὐτῶν ἐκάμμυσαν
यह जुमले का आखिर है जो इन लफ़्ज़ों से शुरू होता है “रूहुल क़ुदुस ने तुम्हारे बाप दादा से कहा”यह 25 आयत है जिसमें हवालाजात के अन्दर हवालाजात है-आप इस के अन्दर पाए जाने वाले एक हवाले का तर्जुमा एक ग़ैर बराहे रास्त हवाला बतोर तर्जुमा कर सकते हैं ,या आप दो हवालाजात को लेकर एक ग़ैर बराहे रास्त हवाला बतोर तर्जुमा कर सकते हैं ,”रूहुल क़ुदुस ने यसायाह नबी की मारीफ़त तुहारे बाप दादा से खूब कहा कि इस उम्मत से जाकर कह कि तुम कानों से सुनोगे और हरगिज़ न समझोगे और आँखों से देखोगे और हरगिज़ मालूम न करोगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τῇ καρδίᾳ συνῶσιν
अलफ़ाज़ “सुनना” और “देखना”जोर देने के लिए दुहराया गया है- जिसका मतलब है “तुम होशियारी से सुनोगे ....औ गौर से देखोगे-
ἐπιστρέψωσιν
इन दोनों मुहावरों का मतलब बुनयादी तोर से एक ही है-यह दोनों इस बात पर ज़ोर देते हैं कि यहूदी लोग ख़ुदा के मनसूबे को नहीं समझेंगे- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἰάσομαι αὐτούς
पौलुस के यसायाह के हवाले का एक बराहे हवाला बतोर तर्जुमा करें या ग़ैर बराहे रास्त हवाला बतोर उस के मुताबिक जिस तरह से आप ने आमाल 28:25 -26. में किया था-
Acts 28:28
पौलुस यसायाह नबी का हवाला देना ख़त्म करता है -
τοῖς ἔθνεσιν ἀπεστάλη τοῦτο τὸ σωτήριον τοῦ Θεοῦ
लोग जो अपने दिल की सख्ती के सबब से ख़ुदा की बातों को समझने से इंकार करते हैं या उनपर अमल नहीं करते उनके लिए कहा गया है कि उन का दिल बे -हस्स होगया-यहां “दिल” दमाग के लिए एक मजाज़ है- (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
αὐτοὶ…ἀκούσονται
लोग जो अपने दिल की सख्ती के सबब से ख़ुदा की बातों को समझने से इनकार करते हैं या उनपर अमल नहीं करते उन के लिए कहा गया है कि वह सुन नहीं पाते हैं और अपनी आँखे बंद कर लिए हैं कि वह नहीं देखेंगे- (देखें: INVALID translate/writing-endofstory)
Acts 28:27
यहां “दिल” दमाग की तरफ़ इशारा करता करता है-(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ख़ुदा के पीछे चलना शुरू करने को कहा गया है जैसे कि वह जिसमानी तोर से ख़ुदा की तरफ़ फिर रहा है- (देखें: @)