2 Corinthians
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2 कुरिन्थियों का ता’र्रुफ़
हिस्सा 1: आम ता’र्रुफ़
2 कुरिन्थियों की किताब का ख़ाका
1। पौलुस कुरिन्थुस के मसीहियों के लिए खुदा का शुक्रिया अदा करता है। (1:1 -11) 1। पौलुस अपने सुलूक और ख़िदमत की तशरीह करता है(1:12-7:16) 1। पौलुस यरूशलेम की कलीसिया के लिए पैसे की मदद करने के बारे में बोलता है (8 :1-9:15) 1। पौलुस एक रसूल के तरह अपने इख्तियार का बचाव करता है (10:1 -13 :10 ) 1। पौलुस रूहानी और आखरी सलाम देता है(13:11-14)
2 कुरिन्थियों कि किताब किसने लिखी?
पौलुस मुसन्निफ़ थे। वह तरसूस शहर से था। वह शुरवाती जिंदगी में शाउल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से पहले, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया। एक मसीही बनने के बाद, उसने रोम सल्तनत में यीशु के बारे में लोगों को बताते हुए कई दफ़ा सफ़र किया।
पौलुस ने कुरिन्थियों में, कलीसिया शुरू किया। वह इफिसुस शहर में रह रहा था जब उसने यह ख़त लिखा था।
2 कुरिन्थियों किताब की मौजू क्या है?
2 कुरिन्थियों में पौलुस कुरिन्थुस शहर में मसीहियों के दरमियान होने ने वाली लड़ाई के बारे में लिख रहा है। इस ख़त में यह वाजे हैं कि कुरिन्थियों ने उसके पिछले हुक्मों को नहीं माना था। 2 कुरिन्थियों में पौलुस ने उन्हें ऐसे तरीके से जीने के लिए हौसला अफजाई की जो खुदा को पसंद आयगी।
पौलुस ने उन्हें मुतमईन करने के लिए यह भी लिखा था कि येशु मसीह ने उसे खुश खबरी सुनाने के लिए रसूल बना कर भेजा था। पौलुस चाहता था कि वे इसे समझे, क्यूंकि यहूदी मसीहियों की एक जमात ने जो उन्होने दावा किया कि पौलुस को खुदा ने नहीं भेजा और वो एक झूठा पैगाम लिख रहा था। यहूदी मसीहियों की यह जमात चाहता था कि गैर–यहूदी मसीही मूसा के कानूनों को मानें।
इस किताब का उनवान किस तरह तर्जुमा किया जाना चाहिए ?
तर्जुमेकार इस किताब को इसके रिवायती मज़मून, “दूसरा कुरिन्थियों” के ज़रिये बयान करना चुन सकते हैं। या वे एक वाजे मज़मून चुन सकते हैं, जैसे “कुरिन्थुस में कलीसिया को पौलुस का दूसरा ख़त” ( देखें :INVALID translate/translate-names)
हिस्सा 2 : ख़ास मजहबी और तहजीबी कयास
कुरिन्थुस शहर कैसा था ?
कुरिन्थुस क़दीम यूनान में एक ख़ास शहर था। चूँकि ये बहीरा रूम के नज़दीक था इसलिए कई सफ़र करने वाले और ताजीर वहाँ सामान ख़रीदने और बेचने आते थे। इस नतीजे से इस शहर में कई अलग अलग तहजीबों के लोग रहते थे। ये शहर बाद अख्लाकी तरीकों से रहने वाले लोगों के लिए मशहूर था लोगों ने यूनानी मुहब्बत की देवी एफ्रोदिते की इबादत करते थे एफ्रोदिते की इज्ज़त करने वाले जुलूसों के हिस्से कि तरह , उस की इबादत गाहों की तवायफों के साथ जिस्मानी रिश्ता रखते थे।
पौलुस के “झूटे रसूलों” से क्या मायने था(11 :13 ) ? ये यहूदी मसीही थे। उन्होंने तालीम दी कि गैर क़ौमों के मसीहियों को मसीह को मानने के लिए मूसा के कानूनो पर अमल करना चाहिए मसीही अगुवे यरूशलेम में जमा हुए और इस मौजू पर ये फैसला किया। ( देखें : रसूलों के अमाल 15 ) हालांकि, ये वाजे है कि अभी भी कुछ ऐसे जामात थी जो येरूशलेम में अगुवों के फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते थे।
हिस्सा 3: ख़ास तर्जुमे के मसाएल
वाहिद और जमा “तुम”
इस किताब में, “मैं” लफ्ज़ पौलुस को बयान करता है इसके अलावा लफ्ज़ “तुम” लगभग हमेशा जमा है और कुरिन्थियों के ईमानदारों को बयान करता है। इसमें दो गैर मामूली: 6:2 और 12:9 हैं। ( देखें : INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you )
कुरिन्थियों 2 में “पाक” और “मुक़द्दस” होने के ख्यालों की नुमाइंदगी ULT में कैसे किया जाता है ?
किताब में इस तरह के लफ़्ज़ों का इस्तेमाल अलग अलग ख्यालों में से किसी एक को वाजे करने के लिए करते है। इस वजह से, तर्जुमेकारों के लिए अक्सर उनके तर्जुमों में इनका रहनुमाई करना मुश्किल होता है। अंग्रेजी में तर्जुमा करने में ULT मुंदर्ज़ा जेल उसूलों का इस्तेमाल करता है :
कभी –कभी किसी जुमले में इखलाकी मायने पाकीज्गी की तकलीद करती है। खुशख़बरी के अहमियत को समझने के लिए खास हक़ीक़त यह है कि खुदा मसीहियों को बेगुनाह मानते हैं क्योकि वे यीशु मसीह के साथ एक हैं। एक और इसके मुतालिक़ हकीक़त खुदा कामिल और बेऐब है। एक तीसरी हकीक़त यह है कि मसीहियों को खुद की ज़िंदगी में बेगुनाह, बेक़सूर तरीक़े से सुलूक करना चाहिए। इन हालात में, ULT “पाक” “पाक ख़ुदा” “जो पाक है” या “पाक लोग” का इस्तेमाल करता है।
2 कुरिन्थियों में ज्यादातर जुमलों मायने कुरिन्थियों की तरफ़ एक आसान इशारा है उनके ज़रिये मोक़रर किसी भी खास किरदार को किये बैगेर। इन हालात में , ULT “ईमानदार” या “ईमानदारों” का इस्तेमाल करता है। (देखे:1 :1; 8 :4; 9 :1, 12; 13:13 )
कभी कभी जुमलों के मायने किसी चीज़ को या किसी शख्स को सिर्फ़ ख़ुदा के लिए अलग करने का ख्याल है। इन मामलों में, ULT “अलग करना” “को वक्फ़ करना” “के लिए अलग किया” या “पाक़ किया” का इस्तेमाल करता है।
ULT अक्सर इस्तेमाल होगा क्योकि तर्जुमेकार सोचते हैं कि इन ख्यालों को अपने तर्जुमा में कैसे बयान किया जाए।
पौलुस का “मसीह में “और “ख़ुदावन्द में” जैसे इज्हारों का क्या मायने हैं ?
इस तरह का इज़हार 1:19, 20; 2:12, 17; 3:14; 5:17, 19, 21; 10:17; 12:2, 19; और 13:4 में होती है। पौलुस ने मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत नजदीकी इतेहाद के ख्याल को वाज़े किया। उसके साथ, वह अक्सर दूसरे मायने को भी मंज़ूर करता है। मिसाल देखे, “ख़ुदावन्द ने मेरे लिए एक दरवज़ा खुलवाया,” (2 :12 ) जहाँ पौलुस का खास तरह से एक मायने था कि ख़ुदावन्द के ज़रिये पौलुस के लिए एक दरवाज़ा खोला गया था।
इस तरह के ता’र्रुफ़ के बारे में ज्यादा तफ़सील के लिए रोमयों की क़िताब देखे।
मसीह में “नई तखलीक” होने का क्या मायने हैं(5:17 ) ?
पौलुस का पैगाम यह था कि ख़ुदा मसीहियों को “नई दुनिया” का हिस्सा बनाते हैं जब एक शख्स मसीह में ईमान लाता है। ख़ुदा पाकीज़गी, अमन, और ख़ुशी कि एक नई दुनिया देता है। इस नई दुनिया में, ईमानदारों का एक नई फ़ितरत है जिसे पाक रूह के जरिये दिया जाता है। तर्जुमें कार को इस ख्याल को ज़ाहिर करने कि कोशिश करनी चाहिए।
2 कुरिन्थियों की किताब के मतन में खास मसाएल क्या हैं ?
“और हमारे लिए आपकी मुहब्बत में” (8 :7 ) । ULT और UST, समेत कई तर्जुमा इस तरह से पढ़ते हैं। हलांकि, कई दूसरे तर्जुमा पढ़ते हैं, “और तुम्हारे लिए हमारी मुहब्बत में।” मज़बूत सबूत है कि मज़मून असल है। तर्जुमेकारो को शायद अपने खिते के दूसरे तर्जुमें के ज़रिये असल मज़मून को पढ़ना चाहिए।
2 Corinthians 1
2 कुरिन्थियों 01 आम अलामत
ढांचा और तरतीब
पैराग्राफ क़दीम में मशरिक़ के क़रीब में एक ख़त को शुरू करने के लिए एक आम तरीका ज़ाहिर करता है।
खास तसव्वरात
पौलुस की दियानतदारी
लोग पौलुस की बुराई कर रहे थे और कह रहे थे कि ख़ुलूस नहीं है। वह जो कर रहा था उसके मक़सद के बारे में बताते हुए वह उनकी बुराई करता है।
आसूदगी
आसूदगी इस बाब का एक खास मौजु है। पाक रूह मसीहियों को आसूदगी देती है। कुरिन्थियों को शायद जिस्मानी तकलीफे दी गयी थी इसलिए उन्हें आसूदगी देने की ज़रूरत थी।
इस बाब के खास अंदाज़ ए इज़हार
बयानाती सवाल
पौलुस दो तरह के बयानाती सवालों का इस्तेमाल करते हैं ताकि वह ख़ालिस न होने के इलज़ाम से ख़ुद को बचा सकें। (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमे की मुश्किलें
“हम”
पौलुस “हम” ज़मीर का इस्तेमाल करते हैं। यह शायद तीमुथियुस और ख़ुद को बयान करते हैं। इसमें दूसरे लोगों को भी शामिल किया जा सकता है।
ज़मानत
पौलुस कहता है कि पाक रूह ज़मानत है, जिसका मायने एक मसीही की हमेशा की ज़िन्दगी की वायदा या पहले की दी हुई क़ीमत है। मसीही मज़बूत तरीक़े से बचाए जाते हैं। लेकिन वे मौत के बाद तक ख़ुदा के सभी दिए गये वादों का तजुरबा नहीं कर सकेंगे। पाक रूह एक खुद की ज़मानत है कि यह होगा। यह ख्याल एक ताजीरी लफ्ज़ से आती है। एक शख्स किसी दूसरे शख्स को “ज़मानत” के तरह कुछ कीमती चीज़ देता है कि वह पैसे चुकाएगा। (देखें :अबदियत, हमेशा के लिए, हमेशा की ज़िन्दगी औरबचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )
2 Corinthians 1:1
पौलुस कुरिन्थुस में कलीसिया के मुबारकबादी के बाद, वह यीशु मसीह के ज़रिये से तकलीफ़ और आराम के बारे में लिखता है। तीमुथियुस भी उसके साथ है। इस ख़त में “तुम” लफज़ कुरिन्थियों में कलीसिया के लोगों और उस इलाक़े के बाक़ी मसीहियों को मुखातिब करता है। शायद तीमुथियुस चरम के कागज़ पर लफ्ज़ों को लिखता है जो पौलुस कहता है।
Παῦλος…τῇ ἐκκλησίᾳ τοῦ Θεοῦ τῇ οὔσῃ ἐν Κορίνθῳ
आपकी ज़बान में एक ख़त के लिखने वाले और उसके खास तौर पर मुसन्निफ़ का ता’र्रुफ़ कराने का एक तरीक़ा हो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मै, पौलस ...ने तुम्हें यह ख़त लिखा है, ख़ुदा कि कलीसिया जो कि कुरिन्थुस में है”
Τιμόθεος ὁ ἀδελφὸς
यह इशारा करता है कि पौलुस और कुरिन्थियों दोनों तीमुथियुस को जानते थे और उसे उनके रूहानी भाई के तरह मानते थे।
Ἀχαΐᾳ
यह जदीद यूनान के जनूबी खित्ते के रोमी सूबे का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names)
2 Corinthians 1:2
χάρις ὑμῖν καὶ εἰρήνη
यह आम मुबारकबादी है जिसका पौलुस अपने ख़तों में इस्तेमाल करता है।
2 Corinthians 1:3
εὐλογητὸς ὁ Θεὸς καὶ Πατὴρ τοῦ Κυρίου ἡμῶν Ἰησοῦ Χριστοῦ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम हमेशा हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह के खुदा और बाप की हम्द करें” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ὁ Θεὸς καὶ Πατὴρ
ख़ुदा जो बाप है
ὁ Πατὴρ τῶν οἰκτιρμῶν καὶ Θεὸς πάσης παρακλήσεως
ये दोनों जुमला दो अलग –अलग तरीकों से एक ही ख्याल को ज़ाहिर करते हैं। दोनों जुमले खुदा को बयान करते हैं। (देखें :INVALID translate/figs-parallelism)
ὁ Πατὴρ τῶν οἰκτιρμῶν καὶ Θεὸς πάσης παρακλήσεως
मुमकिन मायने हैं 1 ) अलफ़ाज़ “रहम” और “तमाम सुकून” “बाप” और “ख़ुदा” के क़िरदार को बयान करते हैं या 2 ) अलफ़ाज़ “बाप” और “ख़ुदा” जो “रहम” और “तमाम सुकून” के ज़रिया को ज़ाहिर करते हैं।
2 Corinthians 1:4
παρακαλῶν ἡμᾶς ἐπὶ πάσῃ τῇ θλίψει ἡμῶν
यहां “हम” और “हमारा” कुरिन्थियों को शामिल करता है। (देखें :INVALID translate/figs-inclusive)
2 Corinthians 1:5
ὅτι καθὼς περισσεύει τὰ παθήματα τοῦ Χριστοῦ εἰς ἡμᾶς
पौलुस मसीहियों के तकलीफ़ों के बारे में बोलता है जैसे कि वे ऐसे चीज़े थी जो तादाद में इज़ाफ़ा कर सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसे मसीह ने हमारे खातिर बहुत तकलीफे सही” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
τὰ παθήματα τοῦ Χριστοῦ
मुमकिन मायने हैं 1 ) कि पौलुस और तीमुथियुस की तकलीफ़ को ज़ाहिर करता है क्योकि वे मसीह के बारे में पैगाम सुनाया करते थे या 2 ) कि यह उन तकलीफ़ों को ज़ाहिर करता है जिन्हें मसीह ने उनके बदले तजुर्बा किया था।
περισσεύει…ἡ παράκλησις ἡμῶν
पौलुस सुकून की बात करता है जैसे कि एक चीज़ है जो क़द में बड़ा हो सकता है
2 Corinthians 1:6
εἴτε δὲ θλιβόμεθα
यहां “हम” लफ्ज़ पौलुस और तीमुथियुस को बयान करता है, लेकिन कुरिन्थियों को नहीं। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अगर लोग हमे तकलीफ देते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-activepassive)
εἴτε παρακαλούμεθα
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर ख़ुदा हमें सुकून देते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τῆς ὑμῶν παρακλήσεως, τῆς ἐνεργουμένης
तुम मुआसर सुकून का तजुर्बा करते हो
2 Corinthians 1:8
οὐ…θέλομεν ὑμᾶς ἀγνοεῖν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम चाहते हैं कि तुम्हे पता हो” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)
ὅτι καθ’ ὑπερβολὴν ὑπὲρ δύναμιν ἐβαρήθημεν
पौलुस और तीमुथियुस ना उम्मीदी जजबात को एक भारी वज़न कि तरह ज़ाहिर करते हैं जिन्हें उन्हें उठाना है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὑπερβολὴν…ἐβαρήθημεν
“कुचला हुआ” लफ्ज़ ना उम्मीदी के जजबात को बयान करता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन परेशानियों का हमने तजुर्बा किया उन्होंने हमे पूरी तरह से कुचल दिया” या “हम पूरी ना उम्मीदी में थे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 1:9
αὐτοὶ ἐν ἑαυτοῖς τὸ ἀπόκριμα τοῦ θανάτου ἐσχήκαμεν
पौलुस और तीमुथियुस अपनी ना उम्मीदी जजबात का मुक़ाबला मरने के लिए किसी सज़ा मिले शख्स से कर रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हम किसी ऐसे शख्स की तरह ना उम्मीदी में थे जिसे मौत के लिए सज़ा किया गया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἀλλ’ ἐπὶ τῷ Θεῷ
“हमारा यकीन रखता है” लफ्ज़ इन जुमलों से बाहर है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन इसके बदले में, ख़ुदा पर हमारा ईमान रखना” ( देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
τῷ ἐγείροντι τοὺς νεκρούς
यहाँ जिलाना एक मुहावरा है जो किसी ऐसे शख्स को ज़िंदा करना जिसकी मौत हो गई थी। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मुर्दों के फिर से ज़िंदा होने की वजह बनता है” ( देखें :INVALID translate/figs-idiom)
2 Corinthians 1:10
θανάτου
पौलुस उन परेशानियों के बावजूद अपनी न उम्मीदी को महसूस करने के जज्बे का मुकाबला करता है जिन्होंने उनसे ख़तरा और मुसीबत या जज्बाती परेशानी में तजुर्बा किया था। मुतबादिल तर्जुमा:” ना उम्मीदी” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἔτι ῥύσεται
वो हमें हमेशा बचाता रहेगा
2 Corinthians 1:11
συνυπουργούντων καὶ ὑμῶν ὑπὲρ ἡμῶν
खुदा हमें मुसीबत से बचाता रहेगा जैसे कि तुम, कुरिन्थियों की कलीसिया के लोग भी हमारी मदद करते हो
τὸ εἰς ἡμᾶς χάρισμα
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “फज़ल जो ख़ुदा ने हमारे लिए दिया है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 1:12
इन आयात में पौलुस “हम”, “हमारा”, “खुद”, और “हमें” लफ़्ज़ों का इस्तेमाल खुद और तीमुथियुस और शायद दूसरे लोगों को जो उनके साथ खिदमत करते थे, के लिए करता है। इन लफ़्ज़ों में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया है जिन्हें वो लिख रहा था। (देखें :INVALID translate/figs-exclusive)
ἡ γὰρ καύχησις ἡμῶν αὕτη ἐστίν
यहाँ “फख्र” लफ्ज़ का इस्तेमाल किसी चीज़ में बहुत इत्मीनान और ख़ुशी का तजुर्बा करने के मुस्बत मायने में किया जाता है।
τὸ μαρτύριον τῆς συνειδήσεως ἡμῶν
पौलुस कसूरवार नहीं होने की बात करता है जैसे कि उसका कल एक शख्स था जो बोल सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “हम अपनी ज़मीर से जानते हैं” ( दखें :INVALID translate/figs-personification)
οὐκ ἐν σοφίᾳ σαρκικῇ, ἀλλ’ ἐν χάριτι Θεοῦ
यहाँ “जिस्मानी” इंसानी जाती को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमने इंसानी हिकमत पर नहीं बल्कि ख़ुदा के फ़ज़ल पर यकीन किया है” ( देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 1:13
οὐ γὰρ ἄλλα γράφομεν ὑμῖν, ἀλλ’ ἢ ἃ ἀναγινώσκετε ἢ καὶ ἐπιγινώσκετε
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो कुछ भी हम लिखते हैं उसे तुम पढ़ और समझ सकते हो” ( देखें :INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Corinthians 1:14
καύχημα ὑμῶν
यहाँ “घमंड करना” लफ्ज़ का इस्तेमाल किसी चीज़ में बहुत इत्मीनान और ख़ुशी का तजुर्बा करने के मस्बत मायने में किया जाता है।
2 Corinthians 1:15
पौलुस ने कुरिन्थियों को कम से कम तीन ख़त लिखे थे। बाइबल में कुरिन्थियों के लिए सिर्फ दो ख़त लिखने को बताया गया है।
पौलुस ने अपने पहले ख़त के बाद कुरिन्थुस में ईमानदारों को देखने की खालिस तवक्को और खालिस उम्मीद का तज़करा करता है।
ταύτῃ τῇ πεποιθήσει
“यह” लफ्ज़ कुरिन्थियों के बारे में पौलुस की पिछली तन्कीदों को बयान करता है।
δευτέραν χάριν σχῆτε
तुम्हें मेरे दुबारा आने से फायदा हो सकता है
2 Corinthians 1:16
ὑφ’ ὑμῶν προπεμφθῆναι εἰς τὴν Ἰουδαίαν
मुझे यहूदिया के रास्ते में मदद कर
2 Corinthians 1:17
μήτι ἄρα τῇ ἐλαφρίᾳ ἐχρησάμην?
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल करता है कि वो कुरिन्थियों के दौरा करने के अपने फैसले के बारे में यक़ीनी था। सवाल का मुआफिक जवाब नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं हिचक नहीं नहीं रहा था।” या “मुझे अपने फैसले पर यकीन था।” ( देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ἢ ἃ βουλεύομαι, κατὰ σάρκα βουλεύομαι, ἵνα ᾖ παρ’ ἐμοὶ τὸ ναὶ, ναὶ, καὶ τὸ οὒ, οὔ?
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इस बात पर जोर देने के लिए करता है कि कुरिन्थियों का सफ़र करने का मंसूबा खालिस था। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं इंसानी मयारों के मुताबिक़ चीज़ों का मंसूबा नहीं बनाता ... उसी वक़्त में” ( देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ἢ ἃ βουλεύομαι, κατὰ σάρκα βουλεύομαι, ἵνα ᾖ παρ’ ἐμοὶ τὸ ναὶ, ναὶ, καὶ τὸ οὒ, οὔ?
इसका मतलब है कि पौलुस ने यह दोनों बातें एक ही वक़्त में नहीं कही कि वह सफ़र करेगा और वह सफ़र नहीं करेगा। ज़ोर देने के लिए “हाँ” और “नहीं” लफ्ज़ दोहराए जाते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं चीज़ों का मंसूबा नहीं बनाता ... ताकि मैं एक ही वक़्त में कहूं ‘हाँ, यकीनन मैं सफ़र करूंगा’ और ‘नही, मैं यकीनन सफ़र नही करूंगा’! ( देखें :INVALID translate/figs-explicitऔर INVALID translate/figs-doublet)
2 Corinthians 1:19
ὁ τοῦ Θεοῦ γὰρ Υἱὸς, Ἰησοῦς Χριστός…οὐκ ἐγένετο ναὶ καὶ οὒ, ἀλλὰ ναὶ ἐν αὐτῷ γέγονεν.
येशु ख़ुदा के वायदे के बारे में “हाँ” कहता है, जिसका मायने है वह सबूत देता है कि वह सही हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के बेटे के लिए ... ख़ुदा के वायदे के बारे मै ‘हाँ’ और ‘ना’ नही कहता है इसके बजाय वह हमेशा ‘हाँ’ कहता है” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ὁ τοῦ Θεοῦ…Υἱὸς
यह येशु मसीह के लिए ख़ास मौजू है जो खुदा के साथ रिश्ते को दिखाता है। ( देखें :INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)
2 Corinthians 1:20
ὅσαι…ἐπαγγελίαι Θεοῦ, ἐν αὐτῷ τὸ ναί
इसका मतलब है कि येशु खुदा के सभी वायदों को साबित करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सभी वायदे येशु मसीह में साबित होते हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ἐν αὐτῷ τὸ ναί…δι’ αὐτοῦ…δι’ ἡμῶν
“उन्हें” लफ्ज़ येशु मसीह को ज़ाहिर करता है।
2 Corinthians 1:21
ὁ δὲ βεβαιῶν ἡμᾶς σὺν ὑμῖν εἰς Χριστὸν καὶ χρίσας ἡμᾶς Θεός
मुमकिन मायने हैं 1 ) “ख़ुदा जो एक – दूसरे के साथ हमारे रिश्ते की तस्दीक करता है क्यूँकी हम मसीह में हैं” या 2 ) “ख़ुदा जो मसीह के साथ हमारे और तुम्हारे दोनों के रिश्ते की तस्दीक करता है।”
χρίσας ἡμᾶς
मुमकिन मायने हैं 1 ) “उन्होंने हमे खुशख़बरी की मुनादी करने के लिए भेजा” या 2 ) “उन्होने हमें अपने लोगों के तरह मुन्तखब किया।”
2 Corinthians 1:22
ὁ καὶ σφραγισάμενος ἡμᾶς
पौलुस ख़ुदा के बारे में बताते हैं कि हम उसके हैं जैसे कि ख़ुदा ने हमे एक इशारे की तरह एक निशान दिया था कि हम उस के हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने हमारे ऊपर मालिकाने का निशान रखा है “या “उसने ज़ाहिर किया है कि हम उसके हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
δοὺς τὸν ἀρραβῶνα τοῦ Πνεύματος ἐν ταῖς καρδίαις ἡμῶν
यहाँ “दिल” लफ्ज़ किसी शख्स के सबसे अंदरूनी हिस्से को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक के अंदर रहने के लिए हमें रूह दिया है” (दखे :INVALID translate/figs-metonymy)
τὸν ἀρραβῶνα τοῦ Πνεύματος
रूह को हमेशा की ज़िन्दगी की तरफ थोड़ा अदायगी के तरह कहा जाता है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 1:23
ἐγὼ δὲ μάρτυρα τὸν Θεὸν ἐπικαλοῦμαι ἐπὶ τὴν ἐμὴν ψυχήν
“गवाही देना” जुमला एक शख्स ने क्या देखा या सुना दलील को सुलझाने के लिए ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मै खुदा से यह ज़ाहिर करने के लिए माँगता हूँ कि मैं जो कहता हूँ वह सही है”
ὅτι φειδόμενος ὑμῶν
ताकि मैं तुम्हारी और तकलीफ की वजह न बनूँ
2 Corinthians 1:24
συνεργοί ἐσμεν τῆς χαρᾶς ὑμῶν
हम तुम्हारे साथ काम करते हैं ताकि तुम्हें ख़ुशी हो
τῇ…πίστει ἑστήκατε
“क़ायम” लफ्ज़ बयान करता है कुछ ऐसा जो नहीं बदलेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने ईमान में मज़बूत रहो” ( देखें :INVALID translate/figs-idiom)
2 Corinthians 2
2 कुरिन्थियों 02 आम अलामत
ख़ास तसव्वरात
मुश्किल तहरीर
इस बाब में, पौलुस एक ख़त को मुखातिब करता है जिसे उसने पहले बयान किया है जिसे उसने पहले कुरिन्थियों को लिखा था। उस ख़त में मुश्किल और इस्लाह करने की अवाज़ थी। शायद पौलुस ने इस ख़त को पहले कुरिन्थियों के खत के बाद लिखा था। उसका मतलब है कि कलीसिया को एक गलत फर्द को सज़ा देनी चाहिए। पौलुस अब उन्हें उस शख्स के लिए रहमदिल होने के लिए हौसला अफजाई कर रहा है। ( देखें :फ़ज़ल, फ़ज़ल करने वाला और INVALID translate/figs-explicit)
इस बाब में दूसरे तर्जुमे मुमकिन मुश्किलें
खुशबू
एक मीठी खुशबू ख़ुशकुन ख़ुशबू है। पाक किताब अक्सर ऐसे चीज़ों का तजकिरा करता है जो एक खुशकुन खुशबू कि तरह खुदा को खुश करते है।
2 Corinthians 2:1
उनके लिए उसकी अज़ीम मोहब्बत की वजह, पौलुस ने यह वाज़े कर दिया है कि उसके पहले ख़त में उनके लिए डांट (बाद अख्लाकी के गुनाह की कुबूलियत के लिए डांट) ने उसे साथ ही साथ कुरिन्थियों के कलीसिया के लोगों को तकलीफ दी और बा अख़लाक़ शख्स को।
ἔκρινα γὰρ ἐμαυτῷ
मैंने फैसला कर लिया है
ἐν λύπῃ
उन हालात में जो तुम्हें तकलीफ देते हैं
2 Corinthians 2:2
εἰ γὰρ ἐγὼ λυπῶ ὑμᾶς, καὶ τίς ὁ εὐφραίνων με, εἰ μὴ ὁ λυπούμενος ἐξ ἐμοῦ?
पौलुस बयानती सवाल का इस्तेमाल इस बात पर जोर देने के लिए करता है कि न तो उसे और न ही उन्हें फायदा होगा अगर उसके आने से उन्हें तकलीफ होती है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर मैंने तुम्हें तकलीफ पहुंचाई, तो सिर्फ वे लोग जो मुझे खुश कर सकते हैं वे ही होंगे जिन्हें मैंने चोट पहुंचाई” ( देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ὁ λυπούμενος ἐξ ἐμοῦ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह जिसको मैंने चोट पहुंचाया था” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 2:3
ἔγραψα τοῦτο αὐτὸ
यह एक दूसरे ख़त को बयान करता है जिसे पौलुस ने कुरिन्थियों के मसीहिओं को लिखा था जो अब नहीं हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने लिखा जैसा मैंने अपने पिछले ख़त में लिखा था‘” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
μὴ…λύπην σχῶ ἀφ’ ὧν ἔδει με χαίρειν
पौलुस कुछ कुरिन्थियों के ईमानदारों के सलूक के बारे बात कर रहा है जो उसके जज्बाती दर्द की वजह बना। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग मुझे खुश कर चुके हैं वे मुझे तकलीफ नहीं पहुँचाएंगे” ( देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ἡ ἐμὴ χαρὰ πάντων ὑμῶν ἐστιν
जो मुझे खुश करते हैं वो तुम्हे भी खुश करते हैं
2 Corinthians 2:4
ἐκ γὰρ πολλῆς θλίψεως
यहाँ “तकलीफ़” लफ्ज़ ज़जबाती तकलीफ़ को ज़ाहिर करता है।
συνοχῆς καρδίας
यहाँ लफ्ज़ “दिल” ज़जबात की जगह को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “शदीद तकलीफ़ के साथ” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
διὰ πολλῶν δακρύων
ज्यादा रोते हुए
2 Corinthians 2:6
ἱκανὸν τῷ τοιούτῳ ἡ ἐπιτιμία αὕτη, ἡ ὑπὸ τῶν πλειόνων
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। “सज़ा” लफ्ज़ का तर्जुमा फ़अल का इस्तेमाल करके किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह से बहुतो ने उस शख्स को सज़ा किया है वह काफ़ी है” (देखे INVALID translate/figs-activepassiveऔर INVALID translate/figs-abstractnouns)
ἱκανὸν
काफ़ी है
2 Corinthians 2:7
μή…τῇ περισσοτέρᾳ λύπῃ, καταποθῇ
इसका मतलब है कि बहुत ज्यादा गम के गहरे ज़जबाती जवाब होना। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत ज्यादा गम उसे शिकस्त नहीं दे सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 2:8
पौलुस कुरिन्थियों में कलीसिया को मुहब्बत दिखाने और उस सज़ा पाने वाले शख्स को मुआफ़ करने के लिए हौसला अफजाई करता है। वह लिखता है कि उसने भी, उसे मुआफ़ कर दिया है।
κυρῶσαι εἰς αὐτὸν ἀγάπην
इसका मतलब है कि वे सभी ईमानदारों की मौज़ूदगी में इस शख्स के लिए अपनी मुहब्बत का इज़हार करें।
2 Corinthians 2:9
εἰς πάντα ὑπήκοοί ἐστε
मुमकिन मायने हैं 1 ) “तुम सब बातों में ख़ुदा के लिए फरमाबरदार हो” या 2 ) “जो कुछ भी मैंने तुम्हे तालीम दिया है उसमे तुम फरमाबरदार हो” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 2:10
δι’ ὑμᾶς
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने तुम्हारे लिये मुआफ़ कर दिया है” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
δι’ ὑμᾶς
मुमकिन मायने हैं 1 ) “तुम्हारे लिए मेरी मुहब्बत के वज़ह से मुआफ़ किया” या 2 ) “तुम्हारे फ़ायदे के लिए मुआफ़ किया गया।”
2 Corinthians 2:11
οὐ γὰρ αὐτοῦ τὰ νοήματα ἀγνοοῦμεν
पौलुस मुखालिफ़त पर ज़ोर देने के लिए मनफ़ी का इज़हार करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योकि हम उसके मंसूबों को अच्छी तरह से जानते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)
2 Corinthians 2:12
पौलुस त्रोआस और मकिदुनिया में खुश खबरी पैगाम देने के मौक़ों के बारे में बताने के दौरान कुरिन्थियों में ईमानदारों की हौसला अफज़ाई करता है।
εἰς τὸ εὐαγγέλιον τοῦ Χριστοῦ, καὶ θύρας μοι ἀνεῳγμένης ἐν Κυρίῳ
पौलुस खुसख़बरी की मुनादी करने के अपने मौक़े को एक दरवाज़े के सामने बताता है जिसमे से उसे गुजरने की इजाज़त थी। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द ने मेरे लिए एक दरवाज़ा खोला ...खुशख़बरी का पैगाम करने के लिए” या “ख़ुदावन्द ने मुझे मौक़ा दिया ...खुशख़बरी का पैगाम देने के लिए” (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 2:13
οὐκ ἔσχηκα ἄνεσιν τῷ πνεύματί μου
मेरा दिल परेशान था या “मै फिकरमंद था“
Τίτον τὸν ἀδελφόν μου
पौलुस तीतुस को अपने रूहानी भाई जैसा बताता है।
ἀλλὰ ἀποταξάμενος αὐτοῖς
इस तरह मैंने त्रोआस के लोगों को छोड़ दिया
2 Corinthians 2:14
τῷ…Θεῷ…τῷ πάντοτε θριαμβεύοντι ἡμᾶς ἐν τῷ Χριστῷ
पौलुस ख़ुदा का ज़िक्र करता है गोया वह एक फ़तहमन्द सिपा सालार है जो फ़तह याफ़्ता जुलूस की रहनुमाई करता है और ख़ुद को और उसके साथियों को उस जुलूस में हिस्सेदार के तरह बताता है। मुमकिन मायने हैं 1 ) “ख़ुदा जो हमेशा मसीह में हमे हिस्से होने की वज़ह बनाता है” या 2 ) “ख़ुदा, जो हमेशा मसीह में हमे फ़तह में ले जाता है, जिनके ऊपर उन्होंने फ़तह हासिल की है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
τὴν ὀσμὴν τῆς γνώσεως αὐτοῦ, φανεροῦντι δι’ ἡμῶν ἐν παντὶ τόπῳ
पौलुस मसीह के इल्म की बात करता है जैसे कि बखूर जिसमे एक अच्छी खुशबू है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मसीह के इल्म को हर सुनने वाले के लिए फैलाने का वज़ह बनता है, जैसे जलता बखूर आसपास कि हर चीजों को महका देता है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
φανεροῦντι…ἐν παντὶ τόπῳ
वह फैलता है...जहां भी हम जाते हैं
2 Corinthians 2:15
Χριστοῦ εὐωδία ἐσμὲν τῷ Θεῷ
पौलुस अपने ख़िदमत के बारे में बोलता है जैसे कि घर कि कुर्बानी जो कोई ख़ुदा को पेश करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Χριστοῦ εὐωδία ἐσμὲν τῷ Θεῷ
मुमकिन मायने हैं 1 ) “मीठी खुशबू जो मसीह का इल्म है” या 2 ) “मीठी खुशबू जो मसीह पेश करता है।”
τοῖς σῳζομένοις
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें ख़ुदा ने बचाया है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 2:16
ὀσμὴ
मसीह का इल्म एक खुशबू है। यह पिछले हवाले में 2 कुरिन्थियों 2:14 , जहां पौलुस मसीह के इल्म की बात करता है जैसे कि कोई चीज़ जो खुशबूदार है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ὀσμὴ ἐκ θανάτου εἰς θάνατον
मुमकिन मायने हैं 1 ) कि लफ्ज़ “मौत” को ज़ोर देने के लिए दोहराया जाता है और जुमलों का मायने है “एक खुशबू जो मौत कि वज़ह है” या 2 ) ”मौत की खुशबू जो लोगों के मौत की वज़ह है” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
οἷς
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिनको ख़ुदा बचा रहा है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ὀσμὴ ἐκ ζωῆς εἰς ζωήν
मुमकिन मायने हैं 1 ) के लफ्ज़ “ज़िन्दगी” को ज़ोर देने के लिए दोहराया जाता है और जुमलों के मायने हैं “एक खुशबू जो ज़िंदगी देती है” या 2 ) “ज़िंदगी की खुशबू जो लोगों को ज़िन्दगी देती है” ( देखें :INVALID translate/figs-doublet)
πρὸς ταῦτα τίς ἱκανός?
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि कोई भी इस ख़िदमत को करने लाईक नहीं है जिसे ख़ुदा ने उन्हें करने के लिए बुलाया है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी इन चीजों के लाईक नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
2 Corinthians 2:17
καπηλεύοντες τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
कलाम यहाँ लफ्ज़ “पैगाम” के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा का पैगाम बेचता है” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
εἰλικρινείας
ख़ालिस नियत
ἐν Χριστῷ λαλοῦμεν
हम लोगों के तरह बोलते हैं जो मसीह से जुड़े हुए हैं या “हम मसीह के अख्तियार से बात करते हैं”
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों के तरह जिन्हें ख़ुदा ने भेजा है” (देखे INVALID translate/figs-activepassive:)
κατέναντι Θεοῦ
पौलुस और उसके साथियों ने बेदारी के साथ खुशख़बरी का पैगाम दिया जैसे ख़ुदा उन्हें देख रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम खुदा के मौजूदगी में बोलते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
2 Corinthians 3
2 कुरिन्थियों 03 आम अलामत
ढांचा और तरतीब
पौलुस अपना दिफ़ा बनाये रखता है। पौलुस कुरिन्थियों के मसीहियों को उसके काम के सबूत के तरह देखता है।
इस बाब के खास तसव्वरात
मूसा के क़ानून
पौलुस पत्थर की तख्तियों पर दस अहकाम को ख़ुदा की तरफ़ से दिए जाने का इशारा करता है। यह मूसा के कानूनों को बयान करता है। क़ानून अच्छा था क्योकि यह ख़ुदा के तरफ़ से था। लेकिन ख़ुदा ने इस्राएलियों को सज़ा दिया क्योकि उन्होंने इसका नाफ़रमानी किया। तर्जुमेकार के लिए यह बाब मुश्किल हो सकता है अगर अभी तक पुराने अहद नामे का तर्जुमा नहीं किया गया। (देखें: शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत और ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद और ज़ाहिर करना, ज़ाहिर करना, ज़ाहिर किया, मुकाशिफ़ा )
इस बाब के खास अंदाज़ ऐ इज़हार
मिज़ाजी
पौलुस पेचीदा रूहानी सच्चाइयों की वजाहत कने के लिए इस बाब में कई मिज़ाजी का इस्तेमाल करते हैं। यह वाज़े नहीं है कि क्या यह पौलुस की तालीमात को समझने में आसान या ज़्यादा मुश्किल बनाता है। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमे की मुश्किलें
“यह ख़त की नही बल्की रूह की एक अहद है।”
पौलुस पुराने और नए अहदों में फ़र्क ज़ाहिर करता है। नया अहद कानूनों और हुकुमों का निज़ाम नहीं है। यहाँ “रूह” शायद पाक रूह को बताती है। यह फ़ितरत में “रूहानी” होने वाले नया अहद का भी तज़किरा कर सकता है। (देखें: रूह , रूहें , रूहानी )
2 Corinthians 3:1
पौलुस उन्हें याद दिलाता कि वह घमंड नही कर रहा है जब वह उन्हें मसीह के ज़रिये किये गये कामों के बारे में बताता है।
ἀρχόμεθα πάλιν ἑαυτοὺς συνιστάνειν?
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि वे ख़ुद की बड़ाई नहीं कर रहें हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हम फ़िर ख़ुद की तारीफ़ नहीं कर रहें हैं” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ἢ μὴ χρῄζομεν, ὥς τινες, συστατικῶν ἐπιστολῶν πρὸς ὑμᾶς ἢ ἐξ ὑμῶν?
पौलुस ऐसा यह जानने के लिए कहता है कि कुरिन्थियों को पहले से ही पौलुस और तीमुथियुस की अच्छी साख़ के बारे में मालूम है। सवाल एक मनफ़ी जवाब का ईशारा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें यक़ीनी तौर से तुम्हारे लिए या तुमसे सिफ़ारिश ख़तों कि ज़रूरत नहीं है, जैसे कुछ लोगों को हैं” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
συστατικῶν ἐπιστολῶν
यह एक ख़त है जिसे एक शख्स का ता’र्रुफ़ और किसी के लिए उनकी मंज़ूरी देने के लिए लिखता है।
2 Corinthians 3:2
ἡ ἐπιστολὴ ἡμῶν ὑμεῖς ἐστε
पौलुस कुरिन्थियों के बारे में बोलता है जैसे कि वे एक सिफ़ारिश ख़त है। कि वे ईमान रखने वाले बन गए हैं, दूसरों के लिए पौलुस के ख़िदमत को जायज़ ठहराने के लिए काम करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ख़ुद हमारे सिफ़ारिश ख़त की तरह हो” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἐνγεγραμμένη ἐν ταῖς καρδίαις ἡμῶν
यहाँ “दिलों” लफ्ज़ उनके ख्यालात और जज़बात को बयान करता है। मुमकिन मायने हैं 1 ) पौलुस और उसके साथियों को यह यक़ीनी है कि कुरिन्थियों के लोग उनके सिफ़ारिश के ख़त है या 2 ) पौलुस और उसके साथी कुरिन्थियों की बहुत शिद्दत से देख भाल करते हैं। (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
ἐνγεγραμμένη ἐν ταῖς καρδίαις ἡμῶν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। “मसीह” को इशारतन कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे मसीह ने हमारे दिलों पर लिखा है”(देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
γινωσκομένη καὶ ἀναγινωσκομένη ὑπὸ πάντων ἀνθρώπων
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सभी लोग जान सके और पढ़ सके”(देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 3:3
ἐστὲ ἐπιστολὴ Χριστοῦ
पौलुस साफ़ किया है कि मसीह वह है जिसने ख़त लिखा है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम एक ख़त हो जिसे मसीह ने लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
διακονηθεῖσα ὑφ’ ἡμῶν
हमारे ज़रिये लाये गये
ἐνγεγραμμένη οὐ μέλανι…ἐν πλαξὶν καρδίαις σαρκίναις
पौलुस साफ़ करता है कि कुरिन्थियों के लोग रूहानी ख़त के तरह है, उस ख़त की तरह नहीं है जो इंसान दुन्याबी चीजों के साथ लिखते हैं।
ἐνγεγραμμένη οὐ μέλανι, ἀλλὰ Πνεύματι Θεοῦ ζῶντος
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह वह ख़त नहीं जिसे लोगों ने स्याही से लिखा लेकिन वह ख़त जो जिन्दा ख़ुदा के रूह ने लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassiveऔर INVALID translate/figs-ellipsis)
οὐκ ἐν πλαξὶν λιθίναις, ἀλλ’ ἐν πλαξὶν καρδίαις σαρκίναις
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह ऐसा ख़त नहीं है जिसे लोगों ने पत्थर की तख्तियों पर लिखा लेकिन ऐसा ख़त है जिसे जिन्दा खुदावंद के रूह ने इंसानों के दिल की तख्तियों पर लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassiveऔर INVALID translate/figs-ellipsis)
πλαξὶν καρδίαις σαρκίναις
पौलुस उनकी दिल की बात करता है जैसे कि वे पत्थर या मिट्टी के छपते टुकड़े हैं जिन पर लोगों ने ख़त को लिखा। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 3:4
πεποίθησιν δὲ τοιαύτην
पौलुस ने जो अभी कहा है यह इसका इज़हार करता है। उसका ईमान यह जानने से आता है कि कुरिन्थियों के लोग खुदा के सामने उसकी ख़िदमत को जायज़ ठहराते है।
2 Corinthians 3:5
ἀφ’ ἑαυτῶν ἱκανοί
ख़ुद में तालीम याफ़्ता या “अपने आप में काफ़ी”
λογίσασθαί τι ὡς ἐξ ἑαυτῶν
यहां “कुछ भी” लफ्ज़ पौलुस के रसूली की ख़िदमत से कुछ भी रिश्ते को ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह दावा करने के लिए कि ख़िदमत में हमने जो भी किया है, वह हमारे अपने कोशिशों से आता है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ἡ ἱκανότης ἡμῶν ἐκ τοῦ Θεοῦ
ख़ुदा हमें हमारी ज़रूरत से काफ़ी देता है
2 Corinthians 3:6
καινῆς διαθήκης, οὐ γράμματος
यहाँ “हरूफ़” लफ्ज़ का मायने हरूफे तहज्जी के हरूफ़ से है और उन अलफ़ाज़ को बयान करता है जो लोग लिखते हैं। जुमला पुराने अहदनामे की तरफ इशारा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक अहद जो मर्दों के लिखे हुकमों के बुनयाद पर नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-synecdocheऔर INVALID translate/figs-explicit)
ἀλλὰ Πνεύματος
पाक रूह वह है जो लोगों के साथ ख़ुदा का अहद मुक़र्रर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन एक अहद जो रूह करती है उस पर मुब्नी है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
τὸ…γράμμα ἀποκτέννει
पौलुस पुराने अहदनामे की क़ानून को एक शख्स के तरह बताता है जो मारता है। उस क़ानून को मानना रूहानी मौत की तरफ़ ले जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लिखित क़ानून मौत की तरफ़ ले जाती है”(देखें :INVALID translate/figs-personificationऔर INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 3:7
पौलुस नया अहद की अज़मत और आज़ादी के साथ पुराने अहद की ख़ात्मा होने की फ़ज़ल के फ़र्क को ज़ाहिर करता है। वह हाल की वही की सफ़ाई के साथ मूसा के पर्दे का फ़र्क ज़ाहिर करता है। अब जो वही हुआ है उससे मूसा के वक़्त एक कम साफ़ तस्वीर थी।
εἰ δὲ ἡ διακονία τοῦ θανάτου…ἐγενήθη ἐν δόξῃ, ὥστε
पौलुस ने जोर दिया कि अगरचे क़ानून मौत की तरफ़ ले जाता है, फिर भी यह बहुत ही अज़ीम थी। (देखें: INVALID translate/figs-irony)
ἡ διακονία τοῦ θανάτου
मौत की ख़िदमत। यह पुराने अहद नामें के क़ानून को बयान करता है जिसे खुदा ने मूसा के ज़रिये से दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़िदमत जो मौत की वज़ह बनती है क्योकि यह क़ानून पर मुब्नी है”(देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ἐν γράμμασιν ἐντετυπωμένη λίθοις
हर्फ़ों को पत्थर में खोदा। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा ने हर्फों को पत्थर में खोदा” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν δόξῃ, ὥστε
काफ़ी अज़मत में
διὰ
वह नहीं देख सके क्योकि
2 Corinthians 3:8
πῶς οὐχὶ μᾶλλον ἡ διακονία τοῦ Πνεύματος ἔσται ἐν δόξῃ?
पौलस इस सवाल का इस्तेमाल इस बात पर जोर देने के लिए करता है कि “रूह जो ख़िदमत करता है” वो “ख़िदमत जो पैदा किया गया” के मुक़ाबले में ज्यादा अज़ीम होना चाहिए क्योकि वह ज़िंदगी की तरफ़ ले जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: “तो ख़िदमत जो रूह करता है वह और भी अज़मत वाली होनी चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
ἡ διακονία τοῦ Πνεύματος
रूह की ख़िदमत। यह नया अहद को बयान करता है, जिस में पौलुस एक ख़ादिम है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह ख़िदमत जो ज़िंदगी देती है क्योकि यह रूह पर मुब्नी है” (देखे INVALID translate/figs-explicit:)
2 Corinthians 3:9
τῇ διακονίᾳ τῆς κατακρίσεως
सज़ा की ख़िदमत। यह पुराने अहद के क़ानून को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़िदमत जो लोगों को सज़ा दिलाती है क्यों यह क़ानून पर मुब्नी है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
πολλῷ μᾶλλον περισσεύει ἡ διακονία τῆς δικαιοσύνης δόξῃ
यहां लफ्ज़ “कैसे” इस जुमले को अलामत के तरह पहचान करता है, एक सवाल के तरह नहीं। मुतबादिल तर्जुमा: “तो सदाक़त की ख़िदमत को ज्यादा अज़ीम होनी चाहिए!” (देखें :INVALID translate/figs-exclamations)
περισσεύει ἡ διακονία τῆς δικαιοσύνης δόξῃ.
पौलुस सदाक़त की ख़िदमत की बात करता है जैसे कि यह एक ऐसी चीज़ थी जो किसी दूसरी चीज़ों को पैदा या बढ़ा सकता है उनका मतलब है कि “सदाक़त की ख़िदमत अज्मती क़ानून के मुक़ाबले ज्यादा अज़ीम है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ διακονία τῆς δικαιοσύνης
सदाक़त की ख़िदमत। यह नया अहद को बयान करता है, जिसमे पौलुस एक खादिम है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़िदमत जो लोगों को नेक बनाता है क्योकि यह रूह पर मुब्नी है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 3:10
καὶ γὰρ οὐ δεδόξασται, τὸ δεδοξασμένον…εἵνεκεν τῆς ὑπερβαλλούσης δόξης
नया अहदनामे के मुक़ाबले में जो कि ज्यादा अज़मत वाला है, पुराना क़ानून अब अज़मत वाला मालूम नहीं होता है।
τὸ δεδοξασμένον
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। “वह क़ानून जिसे ख़ुदा ने कभी अज़मत वाला बनाया” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν τούτῳ τῷ μέρει
इस तरह
2 Corinthians 3:11
τὸ καταργούμενον
यह “सज़ा की ख़िदमत” को बयान करता है, जिसे पौलुस कहता है गोया कि यह गायब होने में क़ाबिल एक चीज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो बेकार हो रहा था” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 3:12
ἔχοντες οὖν τοιαύτην ἐλπίδα
पौलुस ने जो अभी कहा है यह इसका बयान करता है। उसकी उम्मीद यह जानकर आती है कि नया अहद में हमेशा हमेशा की अज़मत है।
τοιαύτην ἐλπίδα
ऐसा यकीन
2 Corinthians 3:13
τὸ τέλος τοῦ καταργουμένου
मूसा के चेहरे पर चमकने वाले जलाल को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा के चेहरे पर जलाल जैसे पूरी तरह से ख़त्म हो गई” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 3:14
ἀλλὰ ἐπωρώθη τὰ νοήματα αὐτῶν
लेकिन उनके दिल सख्त थे। पौलुस इस्राएली लोगों के दिल के बारे में बोलता है जैसे ऐसे चीज़ें जो बंद या सख्त हो सकती हैं। इस खुलासे का मतलब है कि वे समझने में नाकाम थे कि उन्होंने क्या देखा। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन इस्राएलियों को समझ में नहीं आया कि उन्होंने क्या देखा” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἄχρι γὰρ τῆς σήμερον ἡμέρας
जिस वक़्त पौलुस कुरिन्थियों को लिख रहा था
τὸ αὐτὸ κάλυμμα ἐπὶ τῇ ἀναγνώσει τῆς παλαιᾶς διαθήκης μένει
इस्राएली मूसा के चेहरे पर अज़मत नहीं देख पा रहे थे क्यूंकि उसने अपने चेहरे को एक परदे से छुपा रखा था, वहाँ एक रूहानी पर्दा है जो पुराने अहद को पढ़ते वक़्त लोगों को समझने से रोकता है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἐπὶ τῇ ἀναγνώσει τῆς παλαιᾶς διαθήκης
जब वे किसी को पुराना वादा पढ़ते हुए सुनते हैं
μὴ ἀνακαλυπτόμενον, ὅτι ἐν Χριστῷ καταργεῖται
यहाँ “यह” लफ्ज़ की दोनों वाकये “एक ही परदे” को बयान करते हैं इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी पर्दा नहीं हटाता है , क्यूँकि सिर्फ मसीह में ही खुदा इसे हटाते हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 3:15
ἀλλ’ ἕως σήμερον
यह जुमला उस वक़्त को बयान करता है जिस पर पौलुस कुरिन्थियों को लिख रहा था।
ἡνίκα ἂν ἀναγινώσκηται Μωϋσῆς
यहाँ “मूसा” लफ्ज़ पुराने अहद नामे के कानून को बयान करता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब भी कोई मूसा के क़ानून को पढ़ता है” ( देखें : INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-activepassive)
κάλυμμα ἐπὶ τὴν καρδίαν αὐτῶν κεῖται
यहाँ “दिल” लफ्ज़ ज़ाहिर करता है कि लोग क्या सोचते हैं, और लोग पुराने अहद को समझने में नाकाम हैं, जैसे कि उनके पास एक पर्दा है जो उनके दिल को छुपाता है जिस तरह से एक हकीकी पर्दा उनकी आँखों को छुपाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे समझने में नाकाम हैं कि वे क्या सुन रहे है” ( देखें : INVALID translate/figs-metonymyऔर INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 3:16
ἡνίκα…ἐὰν ἐπιστρέψῃ πρὸς Κύριον
यहाँ “की तरफ मुड़ना” एक खयाली है जिसके मायने किसी के लिए ईमानदार होना है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब कोई इंसान ख़ुदावन्द की इबादत करना शुरू करता है” या “कोई इंसान ख़ुदावन्द में यकीन करना शुरू करता है” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
περιαιρεῖται τὸ κάλυμμα
खुदा उन्हें समझने की काबलियत देता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “खुदा परदे को हटा देता है” या “ख़ुदा उन्हें समझने की काबलियत देते है” ( दखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 3:18
ἡμεῖς δὲ πάντες
यहाँ “हम” लफ्ज़ पौलुस और कुरिन्थियों समेत सभी ईमान दारों को बयान करता है। ( देखें :INVALID translate/figs-inclusive)
ἀνακεκαλυμμένῳ προσώπῳ, τὴν δόξαν Κυρίου κατοπτριζόμενοι
उन इस्राइली लोगों के उलट जो खुदा की अज़मत को मूसा के चेहरे पर नहीं देख पा रहे थे क्यूँकी उसने इसे एक परदे से छुपा रखा था, ईमान दारों को खुदा कि अज़मत को देखने और समझने से रोकने के लिए कुछ भी नहीं है। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
τὴν αὐτὴν εἰκόνα μεταμορφούμεθα
रूह ईमान दारों को उनके जैसे अज़ीम बनाने के लिए बदल रहा है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द हमें अपनी अज़मत की बराबरी में तब्दील कर रहा है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἀπὸ δόξης εἰς δόξαν
अज़मत के एक मिकदार से अज़मत के दूसरे तक। इसका मतलब है कि रूह मुसलसल ईमान दारों की अज़मत में इजाफा कर रहा है ।
καθάπερ ἀπὸ Κυρίου
जैसे ये खुदावन्द से आता है
2 Corinthians 4
2 कुरिन्थियों 04 आम अलामत
ढाँचा और तरतीब
यह बाब “इसलिए” लफ्ज़ से शुरू होता है। यह पिछले बाब में जो तालीम दिया है उसे जोड़ता है। कैसे इन अबवाब को बांटा गया है यह पढ़ने वालों को गफ़लत में डाल सकता है।
इस बाब के ख़ास तसव्वरात
ख़िदमत
पौलुस उन्हें मसीह के बारे में बताकर लोगों कि ख़िदमत करता है। वह लोगों के यक़ीन करने के लिए चालाकी नहीं करता। अगर खुश ख़बरी को नहीं समझते हैं, तो ऐसा इसलिए है क्योकि मसला आखिर में रूहानी है। (देखें: रूह , रूहें , रूहानी )
इस बाब के खास अन्दाज़ ए इज़हार
रोशनी और अंधेरा
बाइबिल अक्सर बद इखलाकी लोगों के बात करती है, जो लोग वह नहीं करते जो ख़ुदा ख़ुश करता है, जैसे वे अंधरे में घूमते हैं। यह रोशनी की बात करता है जैसे कि ये उन गुनाहगार लोगों को नेक बनाने के काबिल बनाता है, यह समझने के लिए के क्या गलत कर रहे हैं और खुदा के हुक्म को मानना शुरू कर देते हैं। ( देखें : रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )
ज़िंदगी और मौत
पौलुस यहाँ जिस्मानी ज़िंदगी और मौत की बात नही करता है। ज़िंदगी एक मसीही के येशू में नयी ज़िंदगी को बयान करता है मौत येशु में यकीन करने से पहले ज़िंदगी के पुराने तरीको को बयान करते हैं। ( देखें : ज़िन्दगी, ज़िन्दा रहना, रहा, ज़िन्दगी,जानदार, ज़िन्दा और मरना, मरता, मर गया, मरे हुए, जान लेवा, मुर्दा, मौत, मौतें और ईमान )
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमे कि परेशानियाँ
उम्मीद
पौलुस एक मकसद के साथ इसे दोहराए गए तरीके का इस्तेमाल करता है। वह एक तर्जुमा देता है। फिर वह एक मालूम होता हुआ उलटा या बरअक्स बयान से मना करता है या इस्तेसना देता है। साथ में यह मुश्किल वक़्त में रहने वाले को उम्मीद देते हैं। ( देखें :उम्मीद, उम्मीद की, उम्मीदें )
2 Corinthians 4:1
पौलुस लिखता है कि वह मसीह का मुनादी कर के ख़िदमत में सच्चा है, खुद की बड़ाई नहीं करता है। वह अपने चाल –चलन से यीशु की मौत और ज़िंदगी को देखता है ताकि ज़िंदगी कुरिन्थियों के ईमानदारों में काम कर सके।
ἔχοντες τὴν διακονίαν ταύτην
यहाँ “हम” लफ्ज़ पौलुस और उसके साथियों को बयान करता है, लेकिन कुरिन्थियों के लिए नहीं। (देखें :INVALID translate/figs-exclusive)
καθὼς ἠλεήθημεν
यह जुमला बताता है कि कैसे पौलुस और उसके साथियों के पास “यह ख़िदमत है”। यह एक ऐसा तोहफ़ा है जिसे ख़ुदा ने अपनी रहम के ज़रिये से दिया है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योकि ख़ुदा ने हमें रहम दिखाई है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 4:2
ἀπειπάμεθα τὰ κρυπτὰ τῆς αἰσχύνης
इसका मतलब है कि पौलुस और उसके साथियों ने “बातनी और शर्मनाक” चीजों को करने से मना कर दिया। इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने पहले इन चीजों को किया था।
τὰ κρυπτὰ τῆς αἰσχύνης
“बातिन” लफ्ज़ उन चीजों को बयान करती है जो लोग छुपा कर करते हैं। जो चीज़े शर्मनाक हैं और जिन्हें करते हुए वे शर्म का एहसास करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “चीज़े जो लोग बातिन की तरह करते हैं क्योकि शर्म की वज़ह है” (देखें :INVALID translate/figs-hendiadys)
περιπατοῦντες ἐν πανουργίᾳ
मक्कारी की ज़िंदगी जीते हैं
μηδὲ δολοῦντες τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ
ख़ुदा का कलाम यहाँ खुदा के पैगाम के लिए एक ख़याल है। यह जुमला एक मुसबत ख्याल ज़ाहिर करने के लिए दो मनफ़ी ख्यालों का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम खुदा के पैगाम का बेजा इस्तेमाल नहीं करते हैं” या “हम खुदा का कलाम का सही इस्तेमाल करते हैं” ( देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives और INVALID translate/figs-metonymy)
συνιστάνοντες ἑαυτοὺς πρὸς πᾶσαν συνείδησιν ἀνθρώπων
इसका मतलब है कि हर एक सुनने वाले इंसान के लिए अपने सही या गलत होने का फैसला करने के लिए माकूल सबूत रखता है।
ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
यह खुदा की हाजिरी को बयान करता है। पौलुस कि सच्चाई के लिए खुदा की समझ और क़बिलियात को खुदा के देखने में काबिल होने की शक्ल में जाना जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सामने” या “ख़ुदा के गवाह की शक्ल में” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 4:3
εἰ δὲ καὶ ἔστιν κεκαλυμμένον τὸ εὐαγγέλιον ἡμῶν, ἐν τοῖς ἀπολλυμένοις ἐστὶν κεκαλυμμένον
यह दिखाता है जो पौलुस ने 2 कुरिन्थियों 3:14 में कहा है। वहाँ पौलुस ने समझाया की एक रूहानी पर्दा है जो पुराने अहद को पढ़ते वक़्त लोगों को समझने से रोकता है। इस तरह, लोग खुश खबरी को समझने में माकूल नहीं है। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
εἰ…ἔστιν κεκαλυμμένον τὸ εὐαγγέλιον ἡμῶν…ἐστὶν κεκαλυμμένον
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर एक पर्दा हमारी खुश खबरी को छिपाता है, तो उस परदे को ढका जाता है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
τὸ εὐαγγέλιον ἡμῶν
ख़ुशखबरी जिसकी हम मनादी करते हैं
2 Corinthians 4:4
ὁ θεὸς τοῦ αἰῶνος τούτου ἐτύφλωσεν τὰ νοήματα τῶν ἀπίστων
पौलुस उनकी अक्ल की बात करता है जैसे की उनकी आँखें थी, और उनकी समझ में नासमझी जैसे उनकी अक़ल देखने में नाकाम थी। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनिया के ख़ुदा ने गैर ईमान दारों को समझने से रोका है” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ὁ θεὸς τοῦ αἰῶνος τούτου
इस दुनिया पर हुकूमत करने वाला खुदा है यह जुमला शैतान को बयान करता है।
μὴ αὐγάσαι τὸν φωτισμὸν τοῦ εὐαγγελίου τῆς δόξης τοῦ Χριστοῦ
जैसे इस्राइली खुदा के फज़ल को नही देख पाए जो मूसा के चेहरे पर चमकती थी क्यूँकी उसने इसे एक परदे से ढका था (2 कुरिन्थियों 3:13), बेईमान दार मसीह के फज़ल को देखने के काबिल नहीं हैं जो खुश खबरी में चमकती है। इसका मतलब है कि वे, “मसीह के फज़ल के खुश खबरी” को समझने में नाकाम है” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
τὸν φωτισμὸν τοῦ εὐαγγελίου
रोशनी जो खुश खबरी से आती है
τοῦ εὐαγγελίου τῆς δόξης τοῦ Χριστοῦ
मसीह के फज़ल के बारे में खुश खबरी
2 Corinthians 4:5
ἀλλὰ Ἰησοῦν Χριστὸν Κύριον, ἑαυτοὺς δὲ δούλους ὑμῶν
तुम इन जुमलों के लिए फ़अल का इस्तेमाल कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन हम मसीह येशु को ख़ुदावन्द की तरह ऐलान करते हैं, और हम ख़ुद को उसके ख़ादिमो के तरह एलान करते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
διὰ Ἰησοῦν
मसीह की वज़ह से
2 Corinthians 4:6
ἐκ σκότους φῶς λάμψει
इस जुमले के साथ, पौलुस पैदाइश की किताब में बयान ख़ुदा के ज़रिये रौशनी पैदा करने, को ज़ाहिर करता है।
ὃς ἔλαμψεν…πρὸς φωτισμὸν τῆς γνώσεως τῆς δόξης τοῦ Θεοῦ
यहाँ “रौशनी” लफ्ज़, समझने के काबिलयत को बयान करता है। जिस तरह खुदा ने रौशनी पैदा किया, वह ईमान दारों के लिए समझ भी पैदा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह रौशन हुआ ...हमे खुदा के फज़ल को समझने में क़ाबिल बनाने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν ταῖς καρδίαις ἡμῶν
यहां “दिल” लफ्ज़ मन और ख्यालों को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे दिलों में” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
πρὸς φωτισμὸν τῆς γνώσεως τῆς δόξης τοῦ Θεοῦ
रौशनी, जो ख़ुदा के जलाल का इल्म है
τῆς δόξης τοῦ Θεοῦ ἐν προσώπῳ Ἰησοῦ Χριστοῦ
यीशु मसीह के चेहरे पर ख़ुदा का जलाल। जैसे ख़ुदा का जलाल मूसा के चेहरे पर चमका (2 कुरिन्थियों 3 :7 ), वह यीशु के चहरे पर भी चमकती है। इसका मतलब है कि जब पौलुस खुशखबरी का पैगाम देता है, तो लोग ख़ुदा की जलाल के बारे में पैगाम को सुनने और समझने में माक़ुल होते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 4:7
ἔχομεν δὲ
यहाँ “हम” पौलुस और उसके साथियों को बयान करता है, लेकिन कुरिन्थियों को नहीं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἔχομεν…τὸν θησαυρὸν τοῦτον ἐν ὀστρακίνοις σκεύεσιν
पौलुस खुशखबरी की बात करता है जैसे कि यह एक ख़जाना था और उनके बदन जैसे कि वे मिट्टी से बने लायक़ बर्तन था। यह जोर देता है कि वे तबलीग करने वाले खुशखबरी की क़ीमत के मुकाबले में कम क़ीमत के हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ताकि यह लोगों को साफ़ हो जाये या “ताकि लोग साफ तौर से जाने”
2 Corinthians 4:8
ἐν παντὶ θλιβόμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग हमे हर तरह से सताते हैं”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 4:9
διωκόμενοι, ἀλλ’ οὐκ ἐνκαταλειπόμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग हमें सताते हैं लेकिन ख़ुदा हमें छोड़ते नहीं हैं”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
καταβαλλόμενοι, ἀλλ’ οὐκ ἀπολλύμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग हमें मार गिराते हैं लेकिन हलाक़ नहीं करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
καταβαλλόμενοι, ἀλλ’ οὐκ ἀπολλύμενοι
हम बुरी तरह ज़ख्मी हुए
2 Corinthians 4:10
πάντοτε τὴν νέκρωσιν τοῦ Ἰησοῦ ἐν τῷ σώματι περιφέροντες
पौलुस अपने दुखों के बारे में बोलते है जैसे उन्हें येशु की मौत का तजुर्बा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम बार बार मौत के खतरे में हैं, जैसे येशु मरा” या “हम हमेशा इस तरह से परेशान होते हैं जैसे हम येशु की मौत का तजुर्बा करते हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ ζωὴ τοῦ Ἰησοῦ ἐν τῷ σώματι ἡμῶν φανερωθῇ
मुमकिन मायने हैं 1 ) “हमारे बदन फिर से जिंदा होंगे क्योकि येशु जिंदा है” या 2 ) “रूहानी ज़िंदगी जो येशु देता है, भी हमारे बदन में दिखाया जा सकता है।”
ἡ ζωὴ τοῦ Ἰησοῦ ἐν τῷ σώματι ἡμῶν φανερωθῇ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “दूसरे लोग हमारे बदन में यीशु के ज़िन्दगी को देख सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 4:11
ἀεὶ γὰρ ἡμεῖς, οἱ ζῶντες, εἰς θάνατον παραδιδόμεθα διὰ Ἰησοῦν
येशु की मौत को लेना येशु की तरह वफादार होने की वजह से मौत के खतरे में पड़े रहने को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम में से उन लोगों के लिए जो ज़िंदा हैं, ख़ुदा हमेशा हमें मौत का सामना करने के लिए हौसला अफजाई करते हैं क्योंकि हम येशु से जुड़े हुए है” या “लोग हमेशा हम जो ज़िंदा हैं मौत के खतरे में रहने कि वजह बनते हैं क्योंकि हम येशु से जुड़े हुए हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἵνα καὶ ἡ ζωὴ τοῦ Ἰησοῦ φανερωθῇ ἐν τῇ θνητῇ σαρκὶ ἡμῶν
खुदा येशु की ज़िंदगी हम में ज़ाहिर करना चाहते हैं। मुमकिन मायने हैं 1 ) “हमारे बदन फिर से ज़िंदा रहेंगे, क्योंकि येशु ज़िंदा हैं” या 2 ) “रूहानी ज़िंदगी जो येशु देता है, भी हमारे बदन में दिखाया जा सकता है।” देखें कि आपने इस जुमले का तर्जुमा 2 कुरिन्थियों 4:10 में कैसे किया है।
ἵνα καὶ ἡ ζωὴ τοῦ Ἰησοῦ φανερωθῇ ἐν τῇ θνητῇ σαρκὶ ἡμῶν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। देखें कि आपने इस जुमले का तर्जुमा [2 कुरिन्थियों 4:10 ] ( .. /04 /10 .md ) में कैसे किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए दूसरे लोग हमारे बदन में येशु की ज़िंदगी को देख सकते हैं।” ( देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 4:12
ὁ θάνατος ἐν ἡμῖν ἐνεργεῖται, ἡ δὲ ζωὴ ἐν ὑμῖν
पौलुस मौत और ज़िन्दगी की बात करता है जैसे कि वे ऐसे शख्स हैं जो काम कर सकते हैं। इसका मतलब है कि वे हमेशा जिस्मानी मौत के खतरे मैं है ताकि कुरिन्थियों के पास रूहानी ज़िन्दगी हो। ( देखें :INVALID translate/figs-personification)
2 Corinthians 4:13
τὸ αὐτὸ πνεῦμα τῆς πίστεως
ईमान की एक जैसे तर्ज़। यहाँ “रूह” लफ्ज़ एक शख्स की तर्ज़ और मिज़ाज को बयान करता है।
κατὰ τὸ γεγραμμένον
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने इन लफ्जों को लिखा है उस जैसा” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἐπίστευσα, διὸ ἐλάλησα
यह ज़बूर से एक हवाला है
2 Corinthians 4:14
ὅτι ὁ ἐγείρας τὸν Ἰησοῦν…ἐγερεῖ
जी उठना यहाँ जो मर गया है ऐसे शख्स को फिर से ज़िंदा करने के लिए एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह जिसने ख़ुदावन्द येशु को फिर से जीने की वजह बना” या “ख़ुदा, जिसने खुदावन्द येशु को जिलाया, जिलाएगा।” ( देखें :INVALID translate/figs-idiom)
2 Corinthians 4:15
τὰ γὰρ πάντα δι’ ὑμᾶς
यहाँ लफ्ज़ “सब कुछ” उन सभी तकलीफों को बयान करता है जिनको पौलुस ने पिछली आयातों में तजकिरा किया है।
ἡ χάρις πλεονάσασα διὰ τῶν πλειόνων
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसे खुदा कई लोगों पर रहमत भेजते हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
τὴν εὐχαριστίαν περισσεύσῃ
पौलुस शुक्रिया के बारे में बोलता है जैसे कि यह एक ऐसी चीज़ थी जो खुद ही बड़ी हो सकती है। मुतबादिल तर्जुमा : “ज़्यादा से ज्यादा लोग शुक्रिया अदा कर सकते हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 4:16
पौलुस लिखता है कि कुरिन्थियों की मुश्किलें आसान हैं और नही दिखाई देने वाली अब्दी चीज़ों के मुकाबले में लम्बे वक़्त तक नहीं टिकती हैं।
διὸ οὐκ ἐνκακοῦμεν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तो हम एतमाद में रहते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)
ὁ ἔξω ἡμῶν ἄνθρωπος διαφθείρεται
यह उनके दुन्याबी जिस्म के सड़ने और मौत को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे दुन्याबी बदन कमज़ोर और हलाक़ हो रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ὁ ἔσω ἡμῶν ἀνακαινοῦται ἡμέρᾳ καὶ ἡμέρᾳ
यह उनके अंदरूनी, रूहानी ज़िन्दगी को मज़बूत होने को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारी रूहानी इंसानियत को हर दिन मज़बूत बना रहा है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ὁ ἔσω ἡμῶν ἀνακαινοῦται ἡμέρᾳ καὶ ἡμέρᾳ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा हर एक दिन हमारे अंदरूनी इंसानियत को नया कर रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 4:17
τὸ γὰρ παραυτίκα ἐλαφρὸν τῆς θλίψεως ἡμῶν…αἰώνιον βάρος δόξης, κατεργάζεται ἡμῖν
पौलुस ख़ुदा के तरफ से दिए अपने तकलीफ़ों और जलाल के बारे में बोलता है जैसे कि वे चीज़ें थीं जिन्हें वज़न किया जा सकता था। जलाल तकलीफ़ से बहुत ज्यादा है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
καθ’ ὑπερβολὴν εἰς ὑπερβολὴν
पौलुस जिस जलाल का तजुरबा करेगा वह इतनी भारी है कि कोई इसे वज़न नहीं कर सकता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी वज़न नहीं सकता” (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 4:18
τὰ βλεπόμενα…τὰ μὴ βλεπόμενα
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चीजें जिन्हें हम देख सकते हैं ...चीज़े जिन्हें हम नहीं देख सकते” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
τὰ δὲ μὴ βλεπόμενα
आप इस जुमले के लिए फ़अल को फराहम कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन हम उन चीज़ों के लिए देख रहे हैं जो बातिन हैं” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)
2 Corinthians 5
2 कुरिन्थियों 05 आम अलामते
इस बाब के खास तसव्वरात
आसमान में नई जिस्म
पौलुस जानता है है कि जब वह मर जायेगा तो उसे एक उम्दा जिस्म हासिल होगी। इस वज़ह से, वह खुशखबरी के मुनादी से डरते नहीं हैं। इसलिए वह, दूसरों को बताता है कि वे भी ख़ुदा से मेल मिलाप कर सकते हैं मसीह उनके गुनाह को दूर करेगा और उन्हें अपनी सदाक़त देगा। (देखें; अच्छी ख़बर, ख़ुशख़बरी और मेल करना, मेल-मिलाप, मेल मिलाप कर लिया, मिलाप और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)
नई तख्लीक़
पुरानी और नई तख्लीक़ शायद पौलुस के ज़रिये पुराने और नये शख्सियत का इज़हार करते हैं। ये ख्याल पुराने और नये शख्स की तरह ही है। “पुराना” लफ्ज़ शायद गुनाहगार के क़िरदारों का बयान नहीं करता जिसके साथ एक शख्स पैदा होता है। यह जिन्दा रहने के पुराने तरीके या पहले गुनाह से बंधे हुए मसीही को बयान करता है। नई “तख्लीक” नया मिज़ाज़ या नई ज़िंदगी है जिसे ख़ुदा मसीह में यक़ीन करने के बाद एक शख्स को देता है। (देखें: रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )
इस बाब में खास अंदाज़ ए इज़हार
घर
मसीही का घर अब दुनिया में नहीं है। एक मसीही का हक़ीक़ी घर आसमान में है। इस अलामत का इस्तेमाल कर के, पौलुस ने जोर दिया कि इस दुनिया में मसीही की हकीक़त–ए-हाल चन्दरोजा है यह उन लोगों को उम्मीद देता है जो तकलीफ़ में हैं। (देखें: ईमान और आसमान, बादल, बादलों, आसमानी और INVALID translate/figs-metaphor)
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमें की मुश्किलें
“सुलह का पैगाम”
यह खुशखबरी को बयान करता है। पौलुस उन लोगों को तौबा करने के लिए जो ख़ुदा के दुश्मन हैं और उनके साथ सुलह करने के लिए बोलता है।
2 Corinthians 5:1
पौलुस लगातार ख़ुदा के ज़रिये ईमानदारों को दिए आसमानी जिस्म और दुन्याबी जिस्म के फ़र्क दिखाता है।
ἐὰν ἡ ἐπίγειος ἡμῶν οἰκία τοῦ σκήνους καταλυθῇ, οἰκοδομὴν ἐκ Θεοῦ ἔχομεν
यहाँ एक चंद रोज़ “दुनयावी घर” एक शख्स के दुन्याबी जिस्म के लिए एक खयाली है। यहाँ एक अब्दी “ख़ुदा कि तरफ से रहने का घर” नया जिस्म के लिए एक अलामत है जो खुदा मरने के बाद इमान दारों को देंगे। ( देखें :उम्मीद, उम्मीद की, उम्मीदें )
ἐὰν ἡ ἐπίγειος ἡμῶν οἰκία τοῦ σκήνους καταλυθῇ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर लोग ज़मीन पर रहने वाले घर को खत्म करते हैं जिसमे हम रहते हैं “अगर लोग हमारे जिस्म को हलाक करते हैं” ( देखें :तौबा करके , तौबा, फिराया, तौबा )
οἰκίαν ἀχειροποίητον
यहाँ “घर” के मायने “ख़ुदा की तरफ से रहने का घर” जैसे ही है। यहाँ “हाथ” मिजाज मर्सल है जो सभी इंसानियत की रहनुमाई करता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह एक ऐसा घर है जिसे इंसानों ने नहीं बनाया है” ( देखें :मेल करना, मेल-मिलाप, मेल मिलाप कर लिया, मिलाप और INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 5:2
ἐν τούτῳ στενάζομεν
यहाँ “इस तम्बू” के मायने “ज़मीन पर रहने वाले घर जिसमे हम रहते हैं” जैसा ही है। लफ्ज़ कराहना एक आवाज़ है जिसे एक शख्स निकालता है जब वे बेताबी से कुछ हासिल करने कि खवाहिश रखते हैं।
τὸ οἰκητήριον ἡμῶν τὸ ἐξ οὐρανοῦ ἐπενδύσασθαι ἐπιποθοῦντες
“हमारे जन्नती घर” लफ्ज़ के मायने “ख़ुदा कि तरफ़ से रहने की जगह जैसा ही है।” पौलुस नए जिस्म की बात करता है जो ईमान दारों को मरने के बाद हासिल होता है जैसे कि यह एक रहने की जगह और कपड़ा था जिसे एक शख्स पहन सकता है। ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 5:3
ἐνδυσάμενοι
हमारे जन्नती घर को पहनने के ज़रिये
οὐ γυμνοὶ εὑρεθησόμεθα
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम नंगे नही होंगे या “ख़ुदा हमें नंगे नही पाएंगे।” ( देंखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 5:4
οἱ ὄντες ἐν τῷ σκήνει
पौलुस दुन्याबी जिस्म की बात करता है जैसे कि यह एक “तम्बू” था। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν τῷ σκήνει, στενάζομεν
“तम्बू” लफ्ज़ के मायने हैं “ज़मीन पर हमारे रहने की जगह जिसमे हम रहते हैं”। लफ्ज़ कराहना एक अवाज़ है जिसे एक शख्स निकालता है जब वे बेताबी से कुछ हासिल करने की खवाहिश रखते हैं। देखें कि आप ने इसका तर्जुमा कैसे किया है। 2 कुरिन्थियों 5:2 ।
βαρούμενοι
पौलुस उन तकलीफों को बयान करता है जिन्हें दुन्याबी जिस्म तजुर्बा करता है जैसे कि वे भारी चीज़ें हैं जिन्हें ढोना मुश्किल है। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ θέλομεν ἐκδύσασθαι…ἐπενδύσασθαι
पौलुस जिस्म के बारे में बोलता है जैसे कि यह कपडे़ थे। यहाँ “बिना लिबास के होना” दुन्याबी जिस्म की मौत को बयान करता है; “लिबास पहनना” ख़ुदा के ज़रिये फिर से ज़िंदा होने वाले जिस्म मिलने को बयान करता है। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἐκδύσασθαι
बिना लिबास के होना या “नंगा होना”
ἵνα καταποθῇ τὸ θνητὸν ὑπὸ τῆς ζωῆς
पौलुस ज़िंदगी की बात करता है जैसे की यह एक जानवर था जो “ख़त्म” होने वाली चीजें खाता था। मरने वाली दुन्याबी जिस्म को फिर से ज़िंदा होने वाली अब्दी बदन के ज़रिये बदला जायगा। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἵνα καταποθῇ τὸ θνητὸν ὑπὸ τῆς ζωῆς
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि ज़िंदगी फ़ानी को निगल जाये” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 5:5
ὁ δοὺς ἡμῖν τὸν ἀρραβῶνα τοῦ Πνεύματος
रूह को इस तरह कहा जता है जैसे वह अब्दी ज़िंदगी कि तरफ़ जुज़्वी बयाना है। देखें कि आपने इस जैसे जुमले को तर्जुमा कैसे किया है। 2 कुरिन्थियों 1:22 । (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 5:6
क्योकि ईमानदारों के पास एक नया बदन होगा और अहद के शक्ल में पाक रूह होगा, पौलुस उन्हें ईमान से जीने की याद दिलाते हुए कहता है जिससे वे खुदावन्द को खुश कर सकते हैं। वह उन्हें दूसरों को मनाने के लिए याद दिलाते हुए कहता है क्योकि 1 ) ईमानदार मसीह के फैसले के तख्त के वक़्त हाज़िर होंगे और 2 ) मसीह की मुहब्बत के वज़ह से जो ईमानदारों के लिए मर गये थे।
ἐνδημοῦντες ἐν τῷ σώματι
पौलुस दुन्याबी बदन की बात करता है जैसे कि यह ऐसी जगह था जहां एक शख्स रहता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जबकि हम इस दुन्याबी बदन में रह रहे हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἐκδημοῦμεν ἀπὸ τοῦ Κυρίου
हम ख़ुदावन्द के साथ घर पर नहीं हैं या “ख़ुदावन्द के साथ जन्नत में नहीं हैं”
2 Corinthians 5:7
διὰ πίστεως…περιπατοῦμεν, οὐ διὰ εἴδους
यहाँ “चलना” “रहना” या “सलूक” के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम ईमान के मुताबिक़ रहते हैं, जो हम देखते हैं उसके मुताबिक़ नहीं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 5:8
εὐδοκοῦμεν, μᾶλλον ἐκδημῆσαι ἐκ τοῦ σώματος
यहाँ “बदन” लफ्ज़ दुन्याबी बदन को बयान करता है।
ἐνδημῆσαι πρὸς τὸν Κύριον
ख़ुदावन्द के साथ जन्नत में अपना घर
2 Corinthians 5:9
εἴτε ἐνδημοῦντες εἴτε ἐκδημοῦντες
लफ्ज़ “ख़ुदावन्द” पिछले आयात से लिया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चाहे हम ख़ुदावन्द के साथ घर पर हो या ख़ुदावन्द से दूर हो” (देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
εὐάρεστοι αὐτῷ εἶναι
ख़ुदावन्द को खुश करने के लिए
2 Corinthians 5:10
ἔμπροσθεν τοῦ βήματος τοῦ Χριστοῦ
फ़ैसले के लिए मसीह के सामने
κομίσηται ἕκαστος τὰ διὰ
हर एक शख्स अपने हक़ के मुताबिक़ हासिल करेंगे
τὰ διὰ τοῦ σώματος
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “दुन्याबी बदन में उसने जो चीजें की हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
εἴτε ἀγαθὸν εἴτε κακὸν
चाहे वे नकी या बदी थीं
2 Corinthians 5:11
εἰδότες…τὸν φόβον τοῦ Κυρίου
जानते हुए की ख़ुदावन्द की खौफ़ का क्या मायने होता हैं
ἀνθρώπους πείθομεν
मुमकिन मायने हैं 1 ) “हम खुशख़बरी की सच्चाई से लोगों को समझाते है” या 2 ) “हम लोगों को समझाते हैं कि हम जायज़ रसूल हैं” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
Θεῷ…πεφανερώμεθα
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुताबतिल तर्जुमा: “ख़ुदा साफ –साफ देखते हैं कि हम किस तरह के लोग हैं” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
καὶ ἐν ταῖς συνειδήσεσιν ὑμῶν πεφανερῶσθαι
कि तुम इसके बारे में भी मुतमईन हो
2 Corinthians 5:12
ἵνα ἔχητε
ताकि तुम्हारे पास कहने के लिए कुछ हो
τοὺς ἐν προσώπῳ καυχωμένους, καὶ μὴ ἐν καρδίᾳ
यहाँ “हाज़र” लफ्ज़ चीज़ों के बाहरी इज़हार जैसे क़ाबिलीयत और हैसियत को बयान करता है। “दिल” लफ्ज़ किसी शख्स के बातिनी क़िरदार को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग खुद के कामों की तारीफ़ करते हैं, लेकिन तवज्जोह नहीं देते कि वे हक़ीक़त में उनके अन्दर क्या हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 5:13
εἴτε…ἐξέστημεν…εἴτε σωφρονοῦμεν
पौलुस दूसरों के तरह खुद को और उसके साथियों के बारे में सोचने के तरीक़े के बारे में बात करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर लोग सोचते हैं कि हम पागल हैं ...अगर लोग सोचते हैं कि हम समझदार हैं” (देखें :INVALID translate/figs-idiom)
2 Corinthians 5:14
ἡ γὰρ ἀγάπη τοῦ Χριστοῦ
मुमकिन मायने हैं 1) “मसीह के लिए हमारी मुहब्बत” या “हमारे लिए मसीह की मुहब्बत।”
ὑπὲρ πάντων ἀπέθανεν
सभी के लिये मरा
2 Corinthians 5:15
τῷ ὑπὲρ αὐτῶν ἀποθανόντι καὶ ἐγερθέντι
वह जो उनके लिए मर गया और जिसे ख़ुदा ने फिर ज़िन्दा किया या “मसीह, जो उनके लिए मर गया और जिसे खुदा ने जी उठाया”
ὑπὲρ αὐτῶν
मुमकिन मायने हैं 1 ) ये अलफ़ाज़ सिर्फ “मौत” का इज़हार करते हैं या 2 ) ये अलफ़ाज़ “मौत” और “उठाया गया “दोनों का तजकिरा करते हैं।”
2 Corinthians 5:16
मसीह के मुहब्बत और मौत कि वज़ह से, हम इंसानी मियार (इल्म ) के ज़रिये इंसाफ नहीं करते हैं। हमें दूसरों को तालीम देने के लिए मुन्तखब किया जाता है कि मसीह की मौत के ज़रिए से खुदा की सदाक़त हसिल करें।
ὥστε
यह इज़हार करता है कि पौलुस ने खुद के लिये जीने के बदले मसीह के लिए जीने के बारे में कहा है।
2 Corinthians 5:17
καινὴ κτίσις
पौलुस उस शख्स के बारे में बोलता है जो मसीह में ईमान रखता है गोया ख़ुदा ने एक नए शख्स को पैदा किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह एक नया शख्स है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὰ ἀρχαῖα παρῆλθεν
यहां “पुरनी चीजें” किसी शख्स के मसीह में यक़ीन करने से कब्ल खसूसियत को इज़हार करता है।
ἰδοὺ
यहां “देखे” लफ्ज़ हमें मंदार्ज़ा जेल हैरान करने वाली जानकारी पर ख्याल करने के लिए तवज्जो दिलाती है।
2 Corinthians 5:18
τὰ…πάντα
ख़ुदा ने इन तमाम चीज़ों को किया। यह पौलुस के ज़रिये पिछले आयत में अभी कही बातों को बयान करता है, पुरानी चीजों को बदलने वाली नई चीज़ों के बारे में।
τὴν διακονίαν τῆς καταλλαγῆς
इसका तर्जुमा ज़ुबानी जुमलों के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों को उनके साथ सुलह की ख़िदमत” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 5:19
ὡς ὅτι
इसका मतलब है
ἐν Χριστῷ κόσμον καταλλάσσων ἑαυτῷ
यहां “दुनिया” लफ्ज़ के दुनिया के लोगों को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह में, खुदा बनी आदम का खुद से सुलह कराता है”(देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
θέμενος ἐν ἡμῖν τὸν λόγον τῆς καταλλαγῆς
ख़ुदा ने पौलुस को इस पैगाम को फ़ैलाने का ज़िम्मादार बनाया है कि ख़ुदा लोगों को खुद से सुलह करा रहे हैं।
τὸν λόγον τῆς καταλλαγῆς
सुलह के बारे में पैगाम
2 Corinthians 5:20
ὑπὲρ Χριστοῦ οὖν πρεσβεύομεν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “खुदा ने हमें मसीह के सफ़ीर के तरह मुक़र्रर किया है” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
Χριστοῦ οὖν πρεσβεύομεν
जो मसीह के तरफ़ से बोलतेहैं
καταλλάγητε τῷ Θεῷ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा खुद तुम से सुलह करे” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 5:21
τὸν μὴ γνόντα ἁμαρτίαν, ὑπὲρ ἡμῶν ἁμαρτίαν ἐποίησεν
खुदा ने मसीह को हमारे गुनाओं के लिए कुर्बान किया
ἡμῶν…ἡμεῖς
यहां लफ्ज़ “हमारा” और “हम” मिलने वाला है और सभी ईमानदारों बयान करते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-inclusive)
τὸν μὴ γνόντα ἁμαρτίαν
सिर्फ मसीह है जिसने कभी भी गुनाह नहीं किया।
δικαιοσύνη Θεοῦ ἐν αὐτῷ
ख़ुदा ने यह किया ...मसीह में खुदा कि सदाक़त
ἵνα ἡμεῖς γενώμεθα δικαιοσύνη Θεοῦ ἐν αὐτῷ
जुमला “ख़ुदा की सदाक़त” उस सदाक़त को बयान करता है जिसे ख़ुदा चाहते हैं और जो खुदा से आती है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि हमारे अंदर मसीह के ज़रिये से ख़ुदा की सदाक़त हो” (देखे;INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 6
कुरिन्थियों 06 आम अलामते
ढांचा और तरतीब
कुछ तर्जुमे पढ़ने में आसान बनाने के लिए शायरी की हर सफ को मतन के बाक़ी हिस्सों के मुक़ाबले में दाए तरफ रखते हैं। ULT ऐसा आयत 2 और 16 -18 के साथ करता है, जो अलफ़ाज़ पुराने अहदनामें से हैं।
इस बाब की खास तसव्वरात
ख़ादिम
पौलुस मसीहियों को ख़ुदा के ख़ादिम की तरह बयान करते है। खुदा सभी हालात में ख़िदमत करने के लिए मसीहियों को बुलाते हैं। पौलुस कुछ मुश्किल हालात का ताजकिराह करता है जिसमे वह और उनके साथी ख़ुदा की सेवा करते थे।
इस बाब के खास इजहारे ख़याल
फ़र्क
पौलुस इस फ़र्क के चार जोड़ों का इस्तेमाल करते हैं: सदाक़त बनाम गैर–कानूनी , रौशनी बनाम अँधेरा , मसीह बनाम शैतान, और खुदा का घर बनाम बुतें। ये फ़र्क मसीहियों और गैर मसीहियों के बीच एक मुखालफ़त को दिखाता है। (देखें: रास्तबाज़, रास्तबाज़ी और रोशनी, रोशनियाँ, रोशनी होना, बिजलियाँ, दिन की रोशनी, सूरज की रोशनी, शाम, रोशन, रोशन हुआ और तारीकी )
उजाला और अँधेरा
बाइबिल अक्सर गुनाहगार लोगों की बात करती है, जो लोग ख़ुदा को खुश करने वाले काम नहीं करते हैं, जैसे कि वे अंधरे में घूम रहे थे। यह रौशनी की बात करता है जैसे कि यह उन गुनाहगार लोगों को रास्तबाज़ बनाने में काबिल बनाता है, यह समझने के लिए कि वे क्या गलत कर रहे हैं और ख़ुदा को मानने शुरू कर देते है। (देखें :रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )
बयानती सवालात
पौलुस अपने मुताला करने वालों को तालीम के लिए बयानती सवालों की एक सिलसिला का इस्तेमाल करता है। ये सभी सवाल खास तरीक़े से एक ही मायने बनाते हैं। मसीहियों को गुनाह में रहने वाले लोगों के साथ क़रीब से रिफाकत नहीं करनी चाहिए। पौलुस इन सवालों को ज़ोर देने के लिए दोहराते है (देखें : INVALID translate/figs-rquestionऔर गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमें कि मुश्किले
हम
पौलुस शायद कम से कम तीमुथियुस और खुद की रहनुमाई करने के लिए ज़मीर “हम” का इस्तेमाल करता है। इसमें दूसरे लोगों को भी शामिल किया जा सकता है।
2 Corinthians 6:1
आयत 2 में , पौलुस ने यशायाह नबी से मिसाल का एक हिस्सा लिया।
पौलुस मुख़्तसर में बताता है कि कैसे ख़ुदा के लिए मिलकर काम करना चाहिए। ।
συνεργοῦντες
पौलस यह कह रहा है कि वह और तीमुथियुस ख़ुदा के साथ काम कर रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “खुदा के साथ मिलकर काम मरना” (देखे;INVALID translate/figs-explicit)
καὶ, παρακαλοῦμεν μὴ εἰς κενὸν τὴν χάριν τοῦ Θεοῦ δέξασθαι ὑμᾶς
पौलुस उनसे खुदा के फ़ज़ल को उनके ज़िंदगी में मोअस्सर होने का गुज़ारिश करता है। इसे मुस्बत में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम तुमसे ख़ुदा से हासिल फ़ज़ल का इस्तेमाल करने के लिए गुज़ारिश करते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Corinthians 6:2
λέγει γάρ
क्योकि ख़ुदा कहते हैं। यह यशायाह नबी से हवालों का ता’र्रुफ़ करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योकि ख़ुदा किताबे –ए- मुक़द्दस में कहते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ἰδοὺ
“देखना” लफ्ज़ यहां हमें हैरत अंगेज़ जानकारी पर तवज्जोह देने के लिये होशियार करता है।
2 Corinthians 6:3
μηδεμίαν ἐν μηδενὶ διδόντες προσκοπήν
पौलुस हर एक बातों के बारे बोलता है जो किसी शख्स को मसीह में यक़ीन करने से रोकती है जैसे कि यह एक दुन्याबी चीज़ थी जिस पर वह शख्स फिसलता है और गिरता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम ऐसा कुछ नहीं करना चाहते जो लोगो को हमारे पैगाम पर यक़ीन करने से रोकेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
μὴ μωμηθῇ ἡ διακονία
“बदनाम” लफ्ज़ का मायने है लोगों के ज़रिये पौलुस के ख़िदमत को बुरा कहना और उसके ज़रिये ऐलान पैगाम के ख़िलाफ़ काम करना। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम नहीं चाहते की कोई भी हमारी ख़िदमत के बारे में बुरी बात करने में क़ाबिल हो” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 6:4
जब पौलुस यहाँ “हम” का इस्तेमाल करता है, तो वह खुद और तीमुथियुस का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
ἐν παντὶ συνιστάντες ἑαυτοὺς ὡς Θεοῦ διάκονοι
हम अपने हर काम से साबित करते हैं, कि हम ख़ुदा के ख़ादिम हैं
Θεοῦ διάκονοι: ἐν ὑπομονῇ πολλῇ, ἐν θλίψεσιν, ἐν ἀνάγκαις, ἐν στενοχωρίαις
पौलुस ने कई मुश्किल हालातों का ज़िक्र किया जिसमे उन्होंने साबित किया कि वे ख़ुदा के ख़ादिम हैं।
2 Corinthians 6:5
ἐν πληγαῖς, ἐν φυλακαῖς, ἐν ἀκαταστασίαις, ἐν κόποις, ἐν ἀγρυπνίαις, ἐν νηστείαις
पौलुस कई मुश्किल हालातों का ज़िक्र करता रहा जिसमें उन्होंने साबित किया कि वे ख़ुदा के ख़ादिम हैं।
2 Corinthians 6:6
ἐν ἁγνότητι…ἐν ἀγάπῃ ἀνυποκρίτῳ
पौलुस ने कई इखलाकी सिफ़तों को फ़ेहरिस्त किया है जिनको उन्होंने मुश्किल हालातों में बनाये रखा जो साबित करते है कि वे ख़ुदा के ख़ादिम हैं।
2 Corinthians 6:7
ἐν λόγῳ ἀληθείας, ἐν δυνάμει Θεοῦ
ख़ुदा की ताक़त में ख़ुशख़बरी का पैगाम देने का उनका लगन साबित करता है कि वे ख़ुदा के ख़ादिम हैं।
ἐν λόγῳ ἀληθείας
सच्चाई के बारे में ख़ुदा का पैगाम बोलकर या “ख़ुदा का सच्चा पैगाम बोल कर”
ἐν δυνάμει Θεοῦ
लोगों को खुदा की ताक़त दिखा कर
διὰ τῶν ὅπλων τῆς δικαιοσύνης τῶν δεξιῶν καὶ ἀριστερῶν
पौलुस उनकी सदाकत के बारे में बोलता है कि यह हथियार है जिन्हें वे रूहानी जंग लड़ने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
τῶν ὅπλων τῆς δικαιοσύνης
हमारे कवच की तरह सदाकत या “हमारे हथियार की तरह सदाकत“
τῶν δεξιῶν καὶ ἀριστερῶν
मुमकिन मायने हैं 1 ) कि एक हाथ में हथियार और दूसरे हाथ में ढाल है या 2 ) “कि वे पूरी तरह से जंग के लिए तय्यार है, किसी भी जानिब से हमले को रोकने के काबिल है।
2 Corinthians 6:8
पौलुस ने कई इन्तेहाई की फ़ेहरिस्त देता है कि लोग उसके बारे में और उसकी ख़िदमत के बारे क्या सोचते हैं। ( देखें :INVALID translate/figs-merism)
ὡς πλάνοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग हम पर धोखा देने का इलज़ाम लगाते है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 6:9
ὡς ἀγνοούμενοι καὶ ἐπιγινωσκόμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। “जैसे कि लोग हमें नहीं जानते थे और फिर भी लोग हमें अभी भी अच्छी तरह से जानते हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ὡς παιδευόμενοι καὶ μὴ θανατούμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम काम करते हैं जैसे लोग हमें हमारे कामों के लिए सज़ा दे रहे हैं लेकिन ऐसे नहीं जैसे उन्होंने हमें मौत के लिए सज़ा दे दी है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 6:11
पौलुस कुरिन्थियों के इमान दारों को बुतों से अलग होने और ख़ुदा के लिए पाक ज़िंदगी जीने के लिए हौसला अफजाई करता है।
τὸ στόμα ἡμῶν ἀνέῳγεν πρὸς ὑμᾶς
सच्चाई के साथ तुमसे कहा
ἡ καρδία ἡμῶν πεπλάτυνται
पौलुस कुरिन्थियों के लिए अपनी अज़ीम मुहब्बत की बात करता है जैसे एक खुला दिल। यहाँ “दिल” शख्स के ज़ज्बात के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम तुमसे बहुत मुहब्बत करते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 6:12
οὐ στενοχωρεῖσθε ἐν ἡμῖν, στενοχωρεῖσθε δὲ ἐν τοῖς σπλάγχνοις ὑμῶν
पौलुस कुरिन्थियों के मुहब्बत की बात करता है जैसे कि उनका दिल एक तंग जगह में निचोड़ा गया था। यहां “दिल” शख्स की ज़ज्बात के लिये एक मिजाजी है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-metonymy)
οὐ στενοχωρεῖσθε ἐν ἡμῖν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमने तुम्हे रोका नहीं है” या “हमने तुम्हे मोहब्बत करने से रुकने की कोई वजह नहीं दी है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
στενοχωρεῖσθε…ἐν τοῖς σπλάγχνοις ὑμῶν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे दिल तुम्हें खुद रोक रहे हैं” या तुमने हमें अपनी वजूहात से मोहब्बत करना खत्म कर दिया है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 6:13
πλατύνθητε καὶ ὑμεῖς
पौलुस ने उससे मोहब्बत करने के लिए कुरिन्थियों से गुजारिश की है जैसा उसने उन्हें मोहब्बत की है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें मोहब्बत करें” या “हमें इतनी मोहब्बत करें जितनी हमने तुम्हें मोहब्बत की है” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 6:14
आयत 16 में, पौलुस ने कई पुराने अहद की पेशीनगोइयों के हिस्सों को ज़ाहिर किया है: मूसा, जकरियाह, आमूस और शायद दूसरे।
μὴ γίνεσθε ἑτεροζυγοῦντες ἀπίστοις
इसे मुस्बत में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सिर्फ ईमानदारों के साथ जुडे़ रहें” (देखें :INVALID translate/figs-doublenegatives)
μὴ γίνεσθε ἑτεροζυγοῦντες
पौलुस एक आम मक़सद की तरफ मिलकर काम करने की बात करता है जैसे दो जानवर एक हल या गाड़ी को खींचने के लिए एक साथ बंधे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “के साथ जमात बनाओ या “के साथ नज़दीकी रिश्ते” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τίς γὰρ μετοχὴ δικαιοσύνῃ καὶ ἀνομίᾳ
यह एक बयानती सवाल है जो मुन्फी जवाब की उम्मीद करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सदाक़त का बे’ क़ानूनी से कोई रिश्ता नहीं हो सकता” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ἢ τίς κοινωνία φωτὶ πρὸς σκότος?
पौलुस इस सवाल को जोर देने के लिए पूछता है कि उजाला और अंधेरा हमवजूद में नहीं रह सकता क्योंकि रौशनी अंधरे को दूर करती है। लफ्ज़ “रौशनी” और “अंधेरा” ईमानदारों के इख्लाकी और रूहानी सिफ़त को बयान करता हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “रौशनी की अंधरे के साथ कोई हमवजूद नहीं हो सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestionऔर INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 6:15
τίς δὲ συμφώνησις Χριστοῦ πρὸς Βελιάρ
यह एक बयानती सवाल है जो मुन्फी जवाब की उम्मीद करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह और बली’आल के दरमयान कोई समझौता नहीं है” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
Βελιάρ
यह शैतान का दूसरा नाम है। (देखें :INVALID translate/translate-names)
ἢ τίς μερὶς πιστῷ μετὰ ἀπίστου?
यह बयानती सवाल है जो मुन्फी जवाब की उम्मीद करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक ईमानदार बे’ईमानदारों के साथ कुछ भी नहीं बांटता” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
2 Corinthians 6:16
τίς δὲ συνκατάθεσις ναῷ Θεοῦ μετὰ εἰδώλων?
यह एक बयानती सवाल है जो मुन्फी जवाब की उम्मीद करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के घर और बुतों के दरमियान कोई मोअहिदा नहीं है” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ἡμεῖς γὰρ ναὸς Θεοῦ ἐσμεν ζῶντος
पौलुस सभी मसीहियों को ख़ुदा के रहने के लिए एक घर बनाने के तरफ़ रजुव करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम एक घर कि तरह हैं जहां ज़िन्दा ख़ुदा रहते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-inclusive)
ἐνοικήσω ἐν αὐτοῖς, καὶ ἐνπεριπατήσω
यह एक पुराने अहद नामे से मिसाल है जो ख़ुदा के लोगों के साथ दो अलग तरीकों से रहने के बारे में बोलता है। “दरमियान में रहना” लफ्ज़ रहने की बात करता है जहां दूसरे रहते हैं, जब की “दरमियान में चलना” लफ्ज़ उनकी ज़िन्दगी में साथ रहने के बारे में बोलते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं उनके साथ रहूंगा और उनकी मदद करूंगा” ( देखें :INVALID translate/figs-parallelismऔर INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 6:17
पौलुस पुराने अहद नामे के नबियों यशायाह और यहेजकेल के हिस्सों का हवाला देता है।
ἀφορίσθητε
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद को अलग करें” या “मुझे तुम्हें अलग करने का इजाज़त दें” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἀκαθάρτου μὴ ἅπτεσθε
इस मुस्बत में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सिर्फ उन चीज़ों को छुआ करें जो पाक हैं” ( देखें :INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Corinthians 7
2 कुरिन्थियों 07 आम अलामतें
ढाँचा और तरतीब
आयात 2-4 में पौलुस अपनी बात रखता है। उसके बाद वह तीतुस की वापसी और आराम के बारे में लिखता है।
इस बाब के ख़ास तसव्वरात
पाक और नापाक
मसीही “साफ़” हैं इस के मायने हैं की ख़ुदा ने उन्हें गुनाह से पाक साफ़ कर दिया है। उन्हें मूसा की शरियत की तरह पाक साफ़ होने से फ़िक्र करने कि ज़रूरत नहीं है। बाद अख्लाकी ज़िन्दगी अभी भी एक मसीही को नापाक बना सकती है। (देखें :साफ़,साफ़ सुथरा,साफ़ किया ,साफ़ करना ,साफ़ होना ,धुलना ,धुलाई ,धोया ,गन्दा और शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )
ग़म और मुसीबत
इस बाब में “ग़म” और “तकलीफ” लफ्ज़ इशारा करता है कि कुरिन्थियों को तौबा करने तक परेशान थे। ( देखें :तौबा करके , तौबा, फिराया, तौबा )
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमे की परेशानियां
हम
पौलुस शायद कम से कम तीमुथियुस और खुद की रहनुमाई करने के लिए ज़मीर “हम” का इस्तेमाल करते हैं। इसमें दूसरे लोगों को भी शामिल किया जा सकता है
असली हालत
इस बाब में तफ़सील से पिछले हालातों पर बात करता है। हम इस बाब के मालूमात से इस हालत के कुछ पहलुओं को पता कर सकते हैं। लेकिन तर्जुमे में इस तरह की मफ़हूम मालूमात को ना शामिल करना बेहतरीन है। ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 7:1
पौलुस उन्हें गुनाह से अलग होने और पाकीजगी के मकसद को तलाशने की याद दिलाता है।
ἀγαπητοί
तुम जिसे मैंने मोहब्बत की या “प्यारे दोस्तों”
καθαρίσωμεν ἑαυτοὺς
यहाँ पौलुस किसी भी तरह के गुनाह से दूर रहने के लिए कह रहा है जो ख़ुदा के साथ किसी शख्स के रिश्ते पर असर करेगा।
ἐπιτελοῦντες ἁγιωσύνην
पाक रहने के लिए कोशिश करते रहें
ἐν φόβῳ Θεοῦ
ख़ुदा के लिए गहराई से इज्ज़त से
2 Corinthians 7:2
पौलुस ने कुरिन्थियों के ईमानदारों के दूसरे अगुवों के ज़रिये उनका पैरवी करने की कोशिश के बारे में पहले से ही खबर दार किया है, पौलुस लोगों को उनके बारे में कैसा तजुर्बा रखता है याद दिलाता है।
χωρήσατε ἡμᾶς
यह उन बातों का हवाला देता है जो पौलुस ने उसके लिए उनके दिल को खोलने के बारे में 2 कुरिन्थियों 6:11 में बयान किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने दिल में हमारे लिए जगह बनाओ” या “हमें मोहब्बत करो और हमें कबूल करो” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔरINVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 7:3
πρὸς κατάκρισιν οὐ λέγω
मैं तुम्हें गलत करने का इलज़ाम लगाने के लिए यह नहीं कहता हूँ। “यह” लफ्ज़ के मायने जो पौलुस ने अभी कहा है, किसी को ग़लत साबित नहीं करने के बारे में।
ἐν ταῖς καρδίαις ἡμῶν ἐστε
पौलुस अपने और अपने साथिओं के कुरिन्थियों के लोगों के लिए अज़ीम मोहब्बत की बात करता है जैसे कि वह उन्हें अपने दिल में रखते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम हमारे लिए बहुत अज़ीज़ हो” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
εἰς τὸ συναποθανεῖν καὶ συνζῆν
इसका मतलब है कि हर हालात में पौलुस और उसके साथी कुरिन्थियों के लोगों से मोहब्बत करते रहेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “चाहे हम जियें या हम मर जाएँ” ( देखें :INVALID translate/figs-idiom)
εἰς τὸ συναποθανεῖν
हम कुरिन्थियों के ईमान दारों को शामिल करते हैं। ( देखें :INVALID translate/figs-inclusive)
2 Corinthians 7:4
πεπλήρωμαι τῇ παρακλήσει
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा :’तुम मुझे सुकून से भरते रहो” ( दखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ὑπερπερισσεύομαι τῇ χαρᾷ
पौलुस खुशी के बारे में बोलता है जैसे कि वह पानी की तरह पतली चीज़ है जो उसे उमड़ने तक भर देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मै इन्तहाई खुश हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἐπὶ πάσῃ τῇ θλίψει ἡμῶν
हमारी सभी मुश्किलों के होते हुए भी
2 Corinthians 7:5
ἐλθόντων ἡμῶν εἰς Μακεδονίαν
यहाँ “हम “लफ्ज़ पौलुस और तीमुथियुस को बयान करता है लेकिन कुरिन्थियों या तीतुस को नहीं। (देखें :INVALID translate/figs-exclusive)
οὐδεμίαν ἔσχηκεν ἄνεσιν ἡ σὰρξ ἡμῶν
यहां “बदन “का मतलब पूरे शख्स से है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमे कोई आराम नहीं था” या “हम बहुत थके हुए थे”(देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
ἐν παντὶ θλιβόμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम हर तरह के मुसीबत का तजुरवा करते हैं” (देखे :INVALID translate/figs-activepassive)
ἔξωθεν μάχαι, ἔσωθεν φόβοι
“बाहर” के लिए मुमकिन मायने हैं 1 ) “हमारे बदन के बाहर” या 2 ) “कलीसिया के बाहर”। “अंदर” लफ्ज़ उनकी अंदरूनी ज़ज्बात को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “दूसरे लोगों के साथ तनाज़ा और खुद के अंदर खौफ़ से” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 7:7
ἐν τῇ παρακλήσει ᾗ παρεκλήθη ἐφ’ ὑμῖν
पौलुस को यह जानने से तसल् मिली कि कुरिन्थियों ने तीतुस को तसल्ली दी थी। मुतबादिल तर्जुमा: “तीतुस को आप के ज़रिये मिली तसल्ली के बारे में जानकर” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 7:8
यह पौलुस के कुरिन्थियों के ईमानदारों को कब्ल के खत का इज़हार करता है जहां उसने उनके ज़रिये एक ईमानदार के वालिद की बीबी के साथ हरामकारी की मंजूरी के लिए सज़ा किया।
पौलुस उनके ख़ुदाई गम, दुरुस्त करने के लिए खुशी और मुसरत जो उसे और तीतुस को मिला उसके लिए तारीफ़ करता है।
βλέπω ὅτι ἡ ἐπιστολὴ
जब मैने जाना कि मेरा ख़त
2 Corinthians 7:9
οὐχ ὅτι ἐλυπήθητε
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “नाकि जो मैंने ख़त में कहा उसने तुम्हे परेशान किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ἐν μηδενὶ ζημιωθῆτε ἐξ ἡμῶν
तुम्हे कोईं नुक़सान नहीं हुआ क्योकि हमने तुम्हें डांटा था। इसका मतलब है कि अगरचे ख़त ने उन्हें तकलीफ दी, फिर भी उन्हें आखिरी ख़त से फयदा हुआ क्योंकि इससे उन्हें तौबा का एहसास हुआ। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि हमने तुम्हें किसी भी तरह से नुक्सान नहीं पहुचाया” ( देखें :INVALID translate/figs-idiom)
2 Corinthians 7:10
ἡ γὰρ κατὰ Θεὸν λύπη, μετάνοιαν εἰς σωτηρίαν
“तौबा” लफ्ज़ को तौबा के पहले और बाद के रिश्तों को साफ़ करने के लिए दोहराया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि ख़ुदाई ग़म तौबा पैदा करता है, और तौबा नजात की तरफ ले जाती है” ( दखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
ἀμεταμέλητον
मुमकिन मायने हैं 1 ) पौलुस को कोई पछताबा नहीं है कि उसने उन्हें ग़म दिया क्योंकि उस ग़म ने उनकी तौबा और नजात को पैदा किया या 2 ) कुरिन्थियों को ग़म का सामना करने पर पछताबा नहीं होगा क्योंकि ये उनकी तौबा और नजात की वजह बन गया था।
ἡ δὲ τοῦ κόσμου λύπη, θάνατον κατεργάζεται
इस तरह का ग़म नजात के बजाय मौत की तरफ ले जाता है क्योंकि यह तौबा पैदा नहीं करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “दुन्याबी ग़म, हालांकि, रूहानी मौत की तरफ ले जाती है” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 7:11
ἰδοὺ γὰρ αὐτὸ τοῦτο
ख़ुद देखो कि क्या अज़ीम इरादा करते हैं
σπουδήν: ἀλλὰ ἀπολογίαν
यहाँ “कैसा” लफ्ज़ इस बयान को एक निदा बनाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारा ख़ुद को बेगुनाह साबित करने का अज़ीम इरादा था !” ( देखें :INVALID translate/figs-exclamations)
ἀλλὰ ἀγανάκτησιν
तुम्हारा गुस्सा
ἀλλὰ ἐκδίκησιν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “किसी को इन्साफ करना चाहिए” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 7:12
τοῦ ἀδικήσαντος
वह जिसने गलत किया
τοῦ φανερωθῆναι τὴν σπουδὴν ὑμῶν, τὴν ὑπὲρ ἡμῶν πρὸς ὑμᾶς ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि तुम जान सको कि हमारी तरफ तुम्हारी भली खवाहिश ख़ालिस है“( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
ये खुदा कि हाजिरी को बयान करता है। पौलुस की सच्चाई की तरफ ख़ुदा की समझ और कुबूलियत को ख़ुदा के देखने में काबिल होने की तरह से जाना जाता है। देखें कि तुमने इसका तर्जुमा कैसे किया 2 कुरिन्थियों 4:2 । मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सामने” या “ख़ुदा गवाह की शक्ल में” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 7:13
διὰ τοῦτο παρακεκλήμεθα
यहाँ “यह” लफ्ज़ कुरिन्थियों की पौलुस के पिछले ख़त के जवाब को बयान करता है जैसा उसने पिछले ख़त में तजकिरा में किया इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह हमें हौसला अफजाई करता है” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἀναπέπαυται τὸ πνεῦμα αὐτοῦ ἀπὸ πάντων ὑμῶν
यहाँ “रूह” लफ्ज़ किसी शख्स के सुलूक और ज़हनियत को बयान करता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम सभी ने उसकी रूह को तरोताजा कर दिया” या “तुम सभी ने उसकी फ़िक्र करना बंद कर दिया” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 7:14
ὅτι εἴ τι αὐτῷ ὑπὲρ ὑμῶν κεκαύχημαι
हालांकी मैं उससे तुम्हारे बारे में फख्र करता हूँ
οὐ κατῃσχύνθην
तुमने मुझे नाउम्मीद नहीं किया
ἡ καύχησις ἡμῶν ἡ ἐπὶ Τίτου ἀλήθεια ἐγενήθη
तुमने साबित कर दिया कि तीतुस के सामने तुम्हारे बारे में हमारा फख्र सच्चा था
2 Corinthians 7:15
τὴν πάντων ὑμῶν ὑπακοήν
इस्म “फरमाबरदारी” को “हुक्म मानना” फ़अल के साथ कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम सभी ने हुक्म माना” ( देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)
μετὰ φόβου καὶ τρόμου ἐδέξασθε αὐτόν
यहाँ “खौफ” और “थरथराना” एक जैसे मायने बताते हैं और खौफ़ की शिद्दत पर ज़ोर देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने बड़ी इज्ज़त के साथ उसका इस्तकबाल किया” ( देखें :INVALID translate/figs-doublet)
μετὰ φόβου καὶ τρόμου
मुमकिन मायने हैं 1 ) “ख़ुदा के लिए बड़ी इज्ज़त के साथ” या 2 ) “तीतुस के लिए बड़ी इज्ज़त के साथ।”
2 Corinthians 8
2 कुरिन्थियों 08 आम अलामत
ढांचा और तरतीब
बाब 8 और 9 एक नया हिस्सा शुरू करते हैं। पौलुस लिखता है के कैसे यूनानी कलीसियाओं ने यरूशलेम में ग़रीब ईमानदारों की मदद की।
कुछ तर्जुमा पुराने अहद नामे के हिस्सों को बाकी मतन के मुकाबले में सफे पर दाहिनी तरफ रखते हैं। ULT ये आयत 15 के हवाला दिए हुए अलफ़ाज़ के साथ करता है।
इस बाब में ख़ास तसव्वरात
येरूशलेम में कलीसिया के लिए तौहफा
कुरिन्थुस की कलीसिया ने येरूशलेम में गरीब ईमानदारों को पैसे देने की तय्यारी करना शुरू कर दिया। मकिदुनिया में कलीसिया ने भी दिल खोल कर दिया था। पौलुस ने कुरिन्थियों को दिल खोल कर देने के लिए तीतुस और दो दूसरे ईमानदारों को कुरिन्थुस भेजा। पौलुस और दूसरे लोग येरूशलेम पैसे ले जायंगे। वे लोगों को यह बताना चाहते हैं कि यह सच्चाई से किया जा रहा है।
इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमे की परेशानियां।
हम
पौलुस शायद कम से कम तीमुथियुस और खुद कि रहनुमाई करने के लिए पज़मीर “हम “का इस्तेमाल करता है। इसमें दूसरे लोगों को भी शामिल किया जा सकता है।
मुखालफत
“मुखालफत” एक सच्चा बयान है जो कुछ नामुमकिन को बयान करने के लिए ज़ाहिर होता है। आयत 2 में यह लफ्ज़ एक खिलाफत हैं .. “उनकी खुशी की कस्रत और उनकी गरीबी की शिद्दत ने फ़राख़ दिली की बड़ी दौलत को पैदा किया है।” आयत 3 में पौलुस बताता है कि गरीबी ने दौलत कैसे पैदा की है। पौलुस दूसरे खिलाफतों में भी दौलत और गरीबी का इस्तेमाल करता है। (2 कुरिन्थियों 8:2 )
2 Corinthians 8:1
अपनी बदलते मंसूबे और बदलते ख़िदमत की सिमत को समझाते हुए, पौलुस ख़ैरात के बारे में बात करता है।
τὴν χάριν τοῦ Θεοῦ τὴν δεδομένην ἐν ταῖς ἐκκλησίαις τῆς Μακεδονίας
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के ज़रिये मकिदुनिया की कलीसियाओं को दिया गया फ़ज़ल” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 8:2
ἡ περισσεία τῆς χαρᾶς αὐτῶν καὶ ἡ κατὰ βάθους πτωχεία αὐτῶν, ἐπερίσσευσεν εἰς τὸ πλοῦτος τῆς ἁπλότητος αὐτῶν
पौलुस “ख़ुशी” और “ग़रीबी” की बात करता है जैसे कि वे ऐसी ज़िंदा चीज़ें थीं जो सख़ावत को पैदा कर सकती हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों की अज़ीम खुशी और सख्त ग़रीबी की वजह वे बहुत सख़ी हो गये है” (देखें: INVALID translate/figs-personification)
ἡ περισσεία τῆς χαρᾶς αὐτῶν
पौलुस ख़ुशी की बात करता है जैसे कि यह एक दुनियाबी चीज़ थी जो क़द या मिक़दार में इज़ाफा कर सकता है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ κατὰ βάθους πτωχεία αὐτῶν…τὸ πλοῦτος τῆς ἁπλότητος αὐτῶν
अगरचे मकिदुनिया की कलीसियाओं ने ग़म और ग़रीबी की आज़माइश का सामना किया है लेकिन ख़ुदा के फ़ज़ल से वे यरूशलेम में ईमानदारों के लिए पैसे इकट्टे करने में क़ामयाब रहे।
τὸ πλοῦτος τῆς ἁπλότητος αὐτῶν
एक बहुत ही अज़ीम सख़ावत। “अज़ीम दौलत” लफ्ज़ उनके सख़ावत की अज़मत पर ज़ोर देते हैं।
2 Corinthians 8:3
κατὰ
यह मकिदुनिया की कलीसिया को बयान करते हैं।
αὐθαίρετοι
रज़ाकाराना तौर पर
2 Corinthians 8:4
τῆς διακονίας τῆς εἰς τοὺς ἁγίους
पौलुस येरूशलेम में ईमानदारों को पैसे देने का तजकिरा कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “यरूशलेम में ईमानदारों को फ़राहम कराने की ख़िदमत” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 8:6
προενήρξατο
पौलुस येरूशलेम में ईमानदारों के लिए कुरिन्थियों से दौलत इकट्ठा करने का तजकिरा कर रहा मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने तुम्हारी खैरात की सबसे पहले हौसला अफजाई की थी” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ἐπιτελέσῃ εἰς ὑμᾶς καὶ τὴν χάριν ταύτην
तीतुस कुरिन्थियों को पैसे के इकट्ठे को पूरा करने में मदद करने के लिए था। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे इकठ्ठे को पूरा करने और अपने अज़ीम तोहफ़े को देने के लिए हौसला अफजाई करने के लिए” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 8:7
ἐν ταύτῃ τῇ χάριτι περισσεύητε
पौलुस कुरिन्थियों के ईमानदारों के बारे में बोलता है जैसे कि उन्हें दुन्याबी चीज़ों को पैदा करना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: “यकीन करें कि आप यरूशलेम में ईमान्दारों को अफज़ल खैरात का इज़हार करें” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 8:8
διὰ τῆς ἑτέρων σπουδῆς…δοκιμάζων
पौलुस कुरिन्थियों को मकिदुनिया की कलीसिया की सख़ावत से मुकाबला करके दिल खोल कर देने के लिए हौसला अफजाई कर रहा है। ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 8:9
τὴν χάριν τοῦ Κυρίου ἡμῶν
इस बारे में “फ़जल” लफ्ज़ सख़ावत पर ज़ोर देते हैं जिसके साथ यीशु ने कुरिन्थियों को रहमत दी थी।
δι’ ὑμᾶς ἐπτώχευσεν, πλούσιος ὤν
पौलुस यीशु को जिस्मानी होने से पहले दौलत मंद की तरह और जिस्मानी होने के बाद ग़रीब की तरह बोलता है। ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ὑμεῖς τῇ ἐκείνου πτωχείᾳ πλουτήσητε
पौलुस यीशु के इंसान बनने के नतीजे के तौर पर कुरिन्थियों के रूहानी तरीके से दौलत मंद बनने की बात करता है ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 8:10
ἐν τούτῳ
यह यरूशलेम में ईमानदारों को देने के लिए उनकी जमा की हुई दौलत को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जमा के बारे में” ( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 8:11
καθάπερ ἡ προθυμία τοῦ θέλειν
ये एक जुबानी जुमले के साथ कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “आप बेताब थे और ऐसा करने के लिए ख्वाहिश मंद थे” ( देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)
καὶ τὸ ἐπιτελέσαι
इसे पूरा करो या “इसे ख़त्म करो”
2 Corinthians 8:12
εὐπρόσδεκτος
यहाँ “अच्छा” और “क़बूलियत” लफ्ज़ एक जैसा मायने देते हैं और चीज़ की भलाई पर ज़ोर देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “एक बहुत अच्छी बात” ( देखें :INVALID translate/figs-doublet)
καθὸ ἐὰν ἔχῃ
खैरात देना जो इंसान के पास है उस पर मुब्नी होना चाहिए
2 Corinthians 8:13
γὰρ
ये यरूशलेम में ईमानदारों के लिए दौलत जमा करने के लिए बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि पैसे जमा करने का ये काम “( देखें :INVALID translate/figs-explicit)
ἵνα ἄλλοις ἄνεσις, ὑμῖν θλῖψις
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कि तुम दूसरों को सहूलियत दो और खुद पर बोझ लादो” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἐξ ἰσότητος
बराबरी होनी चाहिए
2 Corinthians 8:14
ἵνα καὶ τὸ ἐκείνων περίσσευμα γένηται εἰς τὸ ὑμῶν ὑστέρημα
क्योंकि कुरिन्थियों हाल के वक़्त में मदद कर रहे हैं, ये ज़ाहिर करता है कि यरूशलेम में ईमानदार भी मुस्तकबिल में उनकी मदद करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “यह भी है कि मुस्तकबिल में उनकी कस्रत तुम्हारी ज़रुरतों को पूरा कर सकते है”
2 Corinthians 8:15
καθὼς γέγραπται
यहाँ पौलुस ख़ुरूज से हवाला देता है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा मूसा ने लिखा था” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
οὐκ ἠλαττόνησεν
इसे मुस्बत में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो उसे चाहिए था सब था” ( देखें :INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Corinthians 8:16
τῷ διδόντι τὴν αὐτὴν σπουδὴν ὑπὲρ ὑμῶν ἐν τῇ καρδίᾳ Τίτου
यहाँ लफ्ज़ “दिल” जज़बात को बयान करता है इसका मतलब है कि ख़ुदा तीतुस को उनसे मोहब्बत करने की वजह बना। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने तीतुस को तुम्हारी देखभाल के लिए मुक़र्रर किया जितनी में करता हूँ” ( देखें :INVALID translate/figs-synecdoche)
τὴν αὐτὴν σπουδὴν
वही जोश या “एक ही गहरी फ़िक्र“
2 Corinthians 8:17
ὅτι τὴν μὲν παράκλησιν ἐδέξατο
पौलुस के ज़रिये कुरिन्थुस लौट कर और जमा को पूरा करने के लिए तीतुस को कहने को ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि वह ना सिर्फ हमारी खुशामद पर सहमत हुए कि वह तुम्हारे जमा के साथ मदद करता है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 8:18
μετ’ αὐτοῦ
तीतुस के साथ
τὸν ἀδελφὸν, οὗ ὁ ἔπαινος ἐν τῷ εὐαγγελίῳ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “भाई जिसकी सभी कलीसियाओं के दरमियान ईमानदार तारीफ़ करते हैं” (देखे ;INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 8:19
οὐ μόνον
न सिर्फ सभी कलीसियाओं में ईमानदारों ने उसकी तारीफ़ की है
καὶ χειροτονηθεὶς ὑπὸ τῶν ἐκκλησιῶν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कलीसियाओं ने भी उसे चुना” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
σὺν τῇ χάριτι ταύτῃ τῇ διακονουμένῃ ὑφ’ ἡμῶν
सख़ावत के इस काम को पूरा करने के लिए। यह यरूशलेम को देने की पेशकश को इज़हार करता है।
προθυμίαν ἡμῶν
मदद करने के लिए हमारी बेताबी को ज़ाहिर करने के लिए
2 Corinthians 8:20
ἐν τῇ ἁδρότητι ταύτῃ τῇ διακονουμένῃ ὑφ’ ἡμῶν
यह यरूशलेम को पेशकश ले जाने को ज़ाहिर करता है। क़यासी इस्म “सख़ावत” का तर्जुमा सिफ़त के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस सख़ी तौहफा की हिफाज़त के तरीक़े के बारे में” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 8:21
προνοοῦμεν γὰρ καλὰ
हम इस तोहफ़े को काबिल –ए –इज्ज़त तरीक़े से इस्तेमाल के लिए होशियार रहे हैं
ἐνώπιον Κυρίου…ἐνώπιον ἀνθρώπω
ख़ुदावन्द के ख़याल में ...लोगों के ख़याल में
2 Corinthians 8:22
αὐτοῖς
“उन्हें” लफ्ज़ तीतुस और कब्ल में ज़िक्र किये गए भाई को बयान करता है।
2 Corinthians 8:23
κοινωνὸς ἐμὸς καὶ εἰς ὑμᾶς συνεργός
वह मेरा साथी है जो आपकी मदद के लिए मेरे साथ काम करता है
εἴτε ἀδελφοὶ ἡμῶν
यह दो दूसरे मर्दों को बयान करता है जो तीतुस का साथ देंगे।
ἀπόστολοι ἐκκλησιῶν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कलीसियाओं ने उन्हें भेजा है” (देखे ;INVALID translate/figs-activepassive)
δόξα Χριστοῦ
यह ज़ुबानी जुमलों के साथ कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे लोगों के मसीह की इज्ज़त करने की वज़ह बनेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 9
2 कुरिन्थियों 09 आम अलामते
ढांचा और तरतीब
कुछ तर्जुमे पढ़ने में आसान बनाने के लिए शायरी की हर सफ को मतन के बाक़ी हिस्सों के मुक़ाबले में दाए तरफ रखते हैं। ULT ऐसा 9 आयत के साथ करता है, जिसे पुराने अहदनामे से हवाला दिया गया है।
इस बाब में अहम अन्दाज़ ए इज़हार
मिज़ाजी
पौलुस तीन ज़रा’अत मजाज़ी का इस्तेमाल करता है। वह ग़रीब ईमानदारों को देने के बारे तालीम देने के लिए उनका इस्तेमाल करता है । मिज़ाजी पौलुस को यह समझाने में मदद करते हैं कि ख़ुदा उन लोगों को अज़्र देंगे जो सख़ावत से देते हैं। पौलुस यह नहीं कहता की कैसे या कब ख़ुदा उन्हें अज़्र देंगे। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 9:1
जब पौलुस अख़्या को बयान करता है, तो वह जुनूबी यूनान में मुक़र्रर रोमन सूबे के बारे बात कर रहा है जहाँ कुरिन्थुस वाक़े है। (देखें: INVALID translate/translate-names)
पौलुस देने के मज़मून को जारी रखता है। वह यह मुतमईन होना चाहता है कि यरूशलेम में ग़रीब ईमानदारों के लिए उनकी हदिया जमा कर उसके आने से कब्ल हो ताकि ऐसा मालूम न हो कि वह उनका फ़ायदा उठाना चाहता है। वह इस बारे में बात करता है कि कैसे हदिया देनेवालों को बरक़त देता है और ख़ुदा की तारीफ़ करता है।
τῆς διακονίας τῆς εἰς τοὺς ἁγίους
यह यरूशलेम में ईमानदारों को देने के लिए पैसे जमा करने को बयान करता है। इस बयान का पूरा मायने साफ़ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यरूशलेम में ईमानदारों के लिए ख़िदमत” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 9:2
Ἀχαΐα παρεσκεύασται
यहाँ “अख़्या” लफ्ज़ उन लोगों को बयान करता है जो इस सूबे में रहते है, और खास तरह से कुरिन्थियों में कलीसिया के लोगों को। मुतबादिल तर्जुमा: “अख़्या के लोग तैयारी कर रहे हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 9:3
τοὺς ἀδελφούς
यह तीतुस और उसके के साथ रहने वाले दो मर्दों को बयान करता है।
μὴ τὸ καύχημα ἡμῶν, τὸ ὑπὲρ ὑμῶν, κενωθῇ
पौलुस यह नहीं चाहता कि दूसरे ऐसा सोंचे कि जो चीज़े उसने कुरिन्थियों के बारे में घमंड की थी, झूटी थी।
2 Corinthians 9:4
εὕρωσιν ὑμᾶς ἀπαρασκευάστους
तुम्हे देने के लिए तैयार न पाएँ
2 Corinthians 9:5
τοὺς ἀδελφοὺς, ἵνα προέλθωσιν εἰς ὑμᾶς
पौलुस के नज़रिए से, भाई जा रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “भाइयों का तुम्हारे पास जाना” (देखे;INVALID translate/figs-go)
μὴ ὡς πλεονεξίαν
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसा नहीं जैसे हम तुम्हे देने के लिए ज़बरदस्ती करते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 9:6
ὁ σπείρων…ἐπ’ εὐλογίαις καὶ θερίσει
पौलुस हदिया के नतीज़ा को तसरीह करने के लिए एक किसान के बीज बोने की अक्स का इस्तेमाल करता है। एक किसान की फ़सल इस बात पर मुब्नी होती है कि वह कितना बोता है, इसी तरह ख़ुदा की रहमत कम या ज्यादा होगी उस बुनयाद पर कि कुरिन्थियों कितनी सख़ावत से देते हैं। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 9:7
ἕκαστος καθὼς προῄρηται τῇ καρδίᾳ
यहाँ “दिल” लफ्ज़ ख़यालात और ज़ज्बात को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हदिया दें जैसा कि उसने ठहराया है”(देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
μὴ ἐκ λύπης ἢ ἐξ ἀνάγκης
इसका तर्जुमा ज़ुबानी जुमलों के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसा नहीं है क्योकि वह एहसास –ए –जुर्म करता है या क्योकि कोई उसे मजबूर कर रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
ἱλαρὸν γὰρ δότην ἀγαπᾷ ὁ Θεός
खुदा चाहता है कि लोग साथी ईमानदारों को फराहम करने में ख़ुशी से दे।
2 Corinthians 9:8
δυνατεῖ δὲ ὁ Θεὸς, πᾶσαν χάριν περισσεῦσαι εἰς ὑμᾶς
फ़ज़ल की बात की जाती है जैसे कि यह एक दुन्याबी चीज़ थी जिसमें से एक शख्स अपने इस्तेमाल करने से ज्यादा ले सकता है। जैसे एक शख्स दूसरे ईमानदारों को माली तौर पर देता है, खुदा भी उसे जो कुछ चाहिए देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हे ज़रूरत से ज्यादा देने के क़ाबिल है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
χάριν
यह यहाँ मसीहियों की दुन्याबी चीज़ों की ज़रूरतों को बयान करता है, न कि ख़ुदा के ज़रिये उसके गुनाहों से बचाने की ज़रूरतों को।
περισσεύητε εἰς πᾶν ἔργον ἀγαθόν
ताकि तुम ज्यादा से ज्यादा अच्छे काम करने के लाइक़ हो सको
2 Corinthians 9:9
καθὼς γέγραπται
यह वैसा है जैसा लिखा है। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह वैसा है जैसा मुसन्निफ़ ने लिखा था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 9:10
ὁ…ἐπιχορηγῶν
खुदा जो फराहम करता है
ἄρτον εἰς βρῶσιν
यहाँ लफ्ज़ “रोटी” आम खाने को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “खाने के लिए खाना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
χορηγήσει καὶ πληθυνεῖ τὸν σπόρον ὑμῶν
पौलुस कुरिन्थियों की मिल्कियत के बारे में बोलता है जैसे कि वे बीज हैं और दूसरों को हदिया देने के लिए जैसे के वे बीज बो रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारी मिल्कियतों की फ़राहम और ज़रब भी करेगा ताकि तुम उन्हें दूसरों को हदिया दे कर बो सको” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
αὐξήσει τὰ γενήματα τῆς δικαιοσύνης ὑμῶν
पौलुस उन फ़ायदे की मुक़ाबला करता है जो कुरिन्थियों के लोग अपनी सख़ावत से काटने के लिए हासिल करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारी रास्तबाज़ी के लिए तुम्हे और भी बरक़त देगा” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
τὰ γενήματα τῆς δικαιοσύνης ὑμῶν
काटना जो तुम्हारे रास्तबाज़ी के कामों से आता है। यहाँ “रास्तबाज़ी” लफ्ज़ यरूशलेम में ईमानदारों को अपने वसाएल देने के कुरिन्थियों के रास्तबाज़ी कामो को बयान करता है।
2 Corinthians 9:11
πλουτιζόμενοι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “खुदा तुम्हे मालामाल करेगा” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἥτις κατεργάζεται δι’ ἡμῶν, εὐχαριστίαν τῷ Θεῷ
यह लफ्ज़ कुरिन्थियों की सख़ावत को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे सख़ावत के वज़ह, जो लोग हमारे लाये तौहफ़े हासिल करते हैं वे खुदा की शुक्रगुज़ारी करेंगे” या और जब हम उन लोगों को तुम्हारे तौहफ़े देते हैं जिन्हें उनकी ज़रूरत होती है, तो वे खुदा की शुक्रगुज़ारी करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 9:12
ὅτι ἡ διακονία τῆς λειτουργίας ταύτης
यहाँ “ख़िदमत” लफ्ज़ पौलुस और उसके साथियों के ज़रिये यरूशलेम में ईमानदारों के लिए इमदाद करने को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योकि यरूशलेम में ईमानदारों के लिए हमारा खिदमत को अंजाम देना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἀλλὰ καὶ περισσεύουσα διὰ πολλῶν εὐχαριστιῶν τῷ Θεῷ
पौलुस कुरिन्थियों के ईमानदारों के ख़िदमत के काम के बारे में बोलता है जैसे कि यह एक पतला शय था जो बर्तन के नाप से भी ज्यादा है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह कई कामो के भी वज़ह बनता है जिस के लिए लोग खुदा का शुक्रगुज़ारी करेंगे” (देखे ;INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 9:13
διὰ τῆς δοκιμῆς τῆς διακονίας ταύτης
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योकि इस ख़िदमत ने तुम्हे जांचा है और साबित किया है” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
δοξάζοντες τὸν Θεὸν ἐπὶ τῇ ὑποταγῇ τῆς ὁμολογίας ὑμῶν εἰς τὸ εὐαγγέλιον τοῦ Χριστοῦ, καὶ ἁπλότητι τῆς κοινωνίας εἰς αὐτοὺς καὶ εἰς πάντας
पौलुस कहता है कि कुरिन्थियों के लोग यीशु के लिए वफ़ादार होकर और ज़रूरतमंद दूसरे ईमानदारों को सख़ावत से देकर ख़ुदा की तारीफ़ करेंगे।
2 Corinthians 9:15
ἐπὶ τῇ ἀνεκδιηγήτῳ αὐτοῦ δωρεᾷ
क्योकि उसका तोहफ़ा, जिन्हें लफ़्ज़ों से बयान नहीं कर सकते हैं। मुमकिन मायने हैं 1 ) कि यह तौहफा “अज़ीम फ़ज़ल” को बयान करता है जिसे खुदा ने कुरिन्थियों को दिया है, जिसने उन्हें इतना सख़ी बनाया या 2 ) कि यह तौहफा यीशु मसीह को बयान करता है, जिसे खुदा ने सभी ईमानदारों को दिया था।
2 Corinthians 10
2 कुरिन्थियों 10 आम अलामते
ढांचा और तरतीब
कुछ तर्जुमेकार पुराने अहद नामे से हवाले को बाकी मतन से दाहिनी तरफ सफे पर रखते हैं। ULT ऐसा आयत 17 के हवाला करदा अलफ़ाज़ के साथ करता है।
इस बाब में, पौलुस ने अपने इख्तियार को दफ़ाअ करने के लिए वापस आता है। वह जो वह बोलता है और लिखता है उसका भी मोवाजना करता है।
इस बाब के ख़ास तसव्वरात
घमंड
“घमंड” को अक्सर शेखी मारने के तौर पर समझा जाता है, जो अच्छा नहीं हैं। लेकिन इस ख़त में “घमंड” के मायने ऐतिमाद से ख़ुशी मनाना या ख़ुशी करना है।
इस बाब के ख़ास इज़हारे ख़याल
मिजाज़ी
आयात 3-6 में, पौलुस ने जंग के लिए कई मिज़ाजी का इस्तेमाल किया है। शायद उन्होंने बड़े पैमाने पर रूहानी जंग के लिए मिजाजी का इस्तेमाल किया है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
इस बाब के दूसरे मुमकिन तर्जुमे की मुश्किलें
जिस्म
“जिस्म” शायद यह मिज़ाजी उस शख्स के लिए है जिसका सुलूक गुनाहगार की तरह है। पौलुस यह तालीम नहीं दे रहा है कि हमारे दुन्याबी बदन गुनाहगार हैं। पौलुस का तालीम यह ज़ाहिर करता है कि जब तक मसीही ज़िन्दा हैं (“जिस्म में”) हम गुनाह करते रहेंगे। लेकिन हमारी नयी फ़ितरत पुरानी फ़ितरत के खिलाफ़ जंग करेगी। (देखें: गोश्त )
2 Corinthians 10:1
पौलुस मज़मून को हदिया देने से अपनी तालीम देने के इख्तियार को साबित करने की तरफ तब्दील करता है।
διὰ τῆς πραΰτητος καὶ ἐπιεικείας τοῦ Χριστοῦ
लफ्ज़ “हलीमी” और “नरमी” लफ्ज़ ख़ुलासा इस्म, है और किसी दूसरे तरीक़े से ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं हलीम और शरीफ़ हूँ क्योकि मै ऐसे करता हूँ, क्योंकि मसीह ने मुझे ऐसा बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 10:2
τοὺς λογιζομένους
जो वैसा सोचता है
ὡς κατὰ σάρκα περιπατοῦντας
“जिस्म” लफ्ज़ गुनाहगार इंसानी आदत के लिए एक मिज़ाजी है। “हम इंसानी मक़सद के लिए अदाकारी कर रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 10:3
ἐν σαρκὶ…περιπατοῦντες
यहाँ “चलना” “रहना” और “जिस्म” के लिए एक ख़याली है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम दुन्याबी जिस्मों में अपने ज़िन्दगी जीते हैं” (देखे ;INVALID translate/figs-metonymy)
οὐ…στρατευόμεθα
पौलुस कुरिन्थियों को उस पर ना कि झूठे उस्तादों पर यक़ीन करने के लिए मनाने की कोशिश को बताता है जैसे कि वह जिस्मानी जंग कर रहे थे। इस अलफ़ाज़ का लफ्ज़ी तर्जुमा किया जाना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
κατὰ σάρκα στρατευόμεθα
मुमकिन मायने हैं 1 ) लफ्ज़ “जिस्म” दुन्याबी ज़िन्दगी के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनियाबी हथियारों का इस्तेमाल करके हमारे दुश्मनों से लड़ना” या 2) लफ्ज़ “जिस्म” गुनाह गार इंसानी फ़ितरत के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाहगार तरीके से जंग करना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 10:4
τὰ…ὅπλα τῆς στρατείας ἡμῶν…λογισμοὺς καθαιροῦντες
पौलुस ख़ुदाई हिकमत की बात करता है इंसानी हिकमत को झूठा दिखाते हुए जैसे की यह एक हथियार था जिससे वह दुश्मन के गढ़ को ख़त्म कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन हथियारों से हम जंग करते हैं ...लोगों को दिखाए कि जो हमारे दुश्मन कहते हैं पूरी तरह से ग़लत है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
पौलुस कुरिन्थियों को उस पर ना कि झूठे उस्तादों पर यक़ीन करने के लिए मनाने की कोशिश को बताता है जैसे कि वह जिस्मानी जंग कर रहे थे। इस अलफ़ाज़ का लफ्ज़ी तर्जुमा किया जाना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ σαρκικὰ
मुमकिन मायने 1 ) लफ्ज़ “जिस्मानी” सिर्फ दुन्याबी तरीक़े के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस्मानी नहीं हैं” या 2 ) लफ्ज़ “जिस्मानी” गुनाहगार इंसान के आदत के लिए एक मिजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाहगार नहीं हैं” या “हमें ग़लत करने के लाईक़ न बनाएं” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 10:5
πᾶν ὕψωμα ἐπαιρόμενον
पौलुस अभी भी जंग के मिजाजी के साथ बात कर रहा है, जैसे कि “खुदा का हिकमत” एक फौज़ था और “हर ऊँची चीज़” एक दीवार थी जिसे लोगों ने फ़ौज को बाहर रखने के लिए बनाया था। मुतबादिल तर्जुमा: “हर झूठी दलील जो घमंडी लोग खुद को बचाने के लिये सोचते हैं”
πᾶν ὕψωμα
हेर एक बात जो घमंडी लोग करते है
ἐπαιρόμενον κατὰ τῆς γνώσεως τοῦ Θεοῦ
पौलुस दलीलों की बात करता है जैसे कि वे एक फौज़ के खिलाफ़ खड़ी दीवार थी। लफ्ज़ “उठता है” का मतलब है “सिर उठा के,” यह नहीं कि “ऊँची चीज़” हवा में तैर रही है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग इसका इस्तेमाल करते है ताकि वे यह न जाने कि खुदा कौन है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
αἰχμαλωτίζοντες πᾶν νόημα εἰς τὴν ὑπακοὴν τοῦ Χριστοῦ
पौलुस लोगों के ख्यालों के बारे में बोलता है जैसे कि वे दुश्मन के फौज़ थे जिन्हें वह जंग में पकड़ लेता था। मुतबादिल तर्जुमा: “हम दिखाते हैं कि उन लोगों के झूठे ख्याल कैसे ग़लत हैं और लोगों को मसीह का हुक्म मानना सिखाते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 10:6
ἐκδικῆσαι πᾶσαν παρακοήν
अलफ़ाज़ “हुक्म अदूली का काम” उन लोगों के लिए एक मिज़ाजी है जो उन अहद को अमल करते है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम में से हर किसी को सज़ा करो जो हमारी नाफ़रमानी करते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 10:7
τὰ κατὰ πρόσωπον βλέπετε
मुमकिन मायने हैं 1 ) यह एक हुक्म है या 2 ) यह एक बयान है, “तुम अपनी आखों से जो देख सकते हो सिर्फ उस को देख रहे हो।” कुछ सोचते हैं कि यह एक बयानाती सवाल है जिसे एक बयान के तरह लिखा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्या तुम देख रहे हो जो तुम्हारे सामने साफ़ है?” या तुम यह देखने में नाकाम हो कि तुम्हारे सामने क्या साफ़ है।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
λογιζέσθω πάλιν ἐφ’ ἑαυτοῦ
उसे याद रहना चाहिए
καθὼς αὐτὸς Χριστοῦ, οὕτως καὶ ἡμεῖς
कि हम मसीह से वाबस्ता है जितना वह है
2 Corinthians 10:8
εἰς οἰκοδομὴν καὶ οὐκ εἰς καθαίρεσιν ὑμῶν
पौलुस कुरिन्थियों की मसीह को बेहतर तरीक़े से जानने में मदद करने की बात कहता है जैसे कि वह एक इमारत की तामीर कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हे मसीह के बेहतर शागिर्द बनने में मदद करने के लिए और ना कि तुम्हे नाउम्मीद करने के लिए कि तुम उसकी पैरवी करना बंद कर दो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 10:9
ἂν ἐκφοβεῖν ὑμᾶς
मै तुम्हे डराने की कोशिश कर रहा हूँ
2 Corinthians 10:10
βαρεῖαι καὶ ἰσχυραί
मुतालबा और ज़बरदस्ती
2 Corinthians 10:11
τοῦτο λογιζέσθω ὁ τοιοῦτος
मै चाहता हूँ की ऐसे लोग बा’ख़बर रहें
οἷοί ἐσμεν τῷ λόγῳ δι’ ἐπιστολῶν ἀπόντες, τοιοῦτοι καὶ παρόντες τῷ ἔργῳ
हम वही काम करेंगे जब हम तुम्हारे साथ होंगें जो हमने अपने ख़त में लिखा जब हम तुमसे दूर थे
ἐσμεν
इस लफ़्ज़ों के सभी वाक़यात पौलुस की ख़िदमत के जमात को बयान करता है लेकिन कुरिन्थियों को नहीं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)
2 Corinthians 10:12
ἐνκρῖναι ἢ συνκρῖναι ἑαυτούς
कहने के लिए कि हम उतने अच्छे हैं
αὐτοὶ ἐν ἑαυτοῖς, ἑαυτοὺς μετροῦντες καὶ συνκρίνοντες ἑαυτοὺς ἑαυτοῖς
पौलुस एक ही बात को दो दफ़ा कह रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)
αὐτοὶ ἐν ἑαυτοῖς, ἑαυτοὺς μετροῦντες
पौलुस भलाई के बारे में बात कर रहा है जैसे कि यह कुछ ऐसा था जिसकी लम्बाई लोग नाप सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वे एक दूसरे को देखते हैं और यह देखने की कोशिश करते हैं कि कौन बेहतर है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ συνιᾶσιν
सभी को दिखाओ कि उन्हें कुछ भी मालूम नहीं
2 Corinthians 10:13
पौलुस अपने इख्तियार के बारे में बोलता है जैसे वह ऐसी ज़मीन थी जिस पर वह हुकूमत करता था, जिन चीज़ों पर उसका हक़ है जैसे वे सरहद के अंदर है या उसकी ज़मीन की “सरहद” है, और वे चीजें जो उसके इख्तियार में नहीं हैं, वे “सरहद” से बाहर है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
οὐκ εἰς τὰ ἄμετρα καυχησόμεθα
यह एक मुहाबरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन चीजों के बारे में घमंड नहीं करेंगे जिन पर हमारा कोई हक़ नहीं है” या “सिर्फ उन चीजों के बारे में घमंड करेंगे जिन पर हमारा इख्तियार है” (देखें :INVALID translate/figs-idiom)
κατὰ τὸ μέτρον τοῦ κανόνος, οὗ ἐμέρισεν ἡμῖν ὁ Θεὸς
ख़ुदा के इख्तियार के तहत चीज़ों के मुतालिक़
μέτρου, ἐφικέσθαι ἄχρι καὶ ὑμῶν
पौलुस उस इख्तियार के बारे में बोलत है जैसे की वह ऐसी ज़मीन थी जिस पर वह हुकूमत करता था। मुतबादिल तर्जुमा: “और तुम हमारे इख़्तियार की सरहद के भीतर हो” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 10:14
οὐ…ὑπερεκτείνομεν ἑαυτούς
हमारी सरहदों से परे नहीं हो
2 Corinthians 10:15
οὐκ εἰς τὰ ἄμετρα καυχώμενοι
यह एक मुहावरा है। देखें 2 कुरिन्थियों 10:13 में कैसे इस तरह के लफ़्ज़ों का तर्जुमा किया गया था। मुतबादिल तर्जुमा: “उन चीजों के बारे में घमंड नहीं किया जिन पर हमारा कोई इख्तियार नहीं है या सिर्फ उन चीज़ों के बारे में घमंड नहीं किया जिन पर हमारा इख्तियार है “( देखें :INVALID translate/figs-idiom)
2 Corinthians 10:16
ἀλλοτρίῳ κανόνι
एक रकबा जिसे ख़ुदा ने किसी और को सौंपा है
2 Corinthians 10:17
ἐν Κυρίῳ καυχάσθω
उस बाबत घमंड करे जो ख़ुदावन्द ने किया है
2 Corinthians 10:18
ὁ ἑαυτὸν συνιστάνων
इसका मतलब यह है कि वो हर एक सुनने वाले शख्स के लिए माकूल सबूत हाज़िर करता है यह फैसला करने के लिए कि वह सही है या गलत है। देखें कि “ख़ुद की सिफ़ारिश करें” का तर्जुमा कैसे किया गया है। 2 कुरिन्थियों 4:2
ἐστιν δόκιμος
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदावन्द मकबूलियत देता है” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ὃν ὁ Κύριος συνίστησιν
तुम समझी हुई मालूमात को साफ़ कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसका ख़ुदावन्द तारीफ़ करता है उसे ख़ुदावन्द मकबूलियत देता है” ( देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
2 Corinthians 11
2 कुरिन्थियों 11 आम अलामते
ढांचा और तरतीब
इस बाब में पौलुस अपने इख्तियार की हिफाज़त कर रहे हैं।
इस बाब में खास तसव्वरात
झूठी तालीम
कुरिन्थुस के लोग झूठी तालीम को जल्दी क़बूल करते थे। वे मसीह और खुशखबरी के बारे में तालीम देते थे जो मुख्तलिफ थे और सच नहीं थे। मुख्तलिफ़ झूठे उस्तादों के बरअक्स, पौलुस ने अपनी कुर्बानियां देकर कुरिन्थियों की ख़िदमत किया। (देखें: अच्छी ख़बर, ख़ुशख़बरी )
रौशनी
नये अहद नामे में रौशनी को आम तौर पर एक मिज़ाजी के तरह इस्तेमाल किया गया है। यहाँ पौलुस रौशनी का इस्तेमाल ख़ुदा और उसकी रास्तबाज़ी को आशकारा करने की तरफ़ इशारा करने के लिए करता है। तारीकी गुनाह को बयान करता है। गुनाह ख़ुदा से छुपकर रहने को तलाशता है। (देखें: रोशनी, रोशनियाँ, रोशनी होना, बिजलियाँ, दिन की रोशनी, सूरज की रोशनी, शाम, रोशन, रोशन हुआ , रास्तबाज़, रास्तबाज़ी और तारीकी और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)
इस बाब में अहम अंदाज़ ए इज़हार
मिज़ाजी
पौलुस इस बाब की शुरुवात बड़े मिज़ाजी के साथ करते है। वह अपने आप का मुवाज़ना दुल्हन के बाप से करते हैं जो अपनी कुमारी बेटी दुल्हे के लिए देता है। शादी की तैयारी जो तहजीबों पर मुब्नी है। लेकिन किसी को एक बड़े और पाक बच्चे के तौर पर पेश करने की मदद का ख़्याल इस हिस्से में वाजे तौर पर दिखाया गया है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर पाक, पाकीज़गी और INVALID translate/figs-explicit)
तंज़
यह बाब तंजों से भरा है। पौलुस अपने तंजों से कुरिन्थियों के ईमानदारों को शर्मिंदा करने की उम्मीद करते हैं।
“आप ने अच्छी तरह से इस चीजों को बरदास्त किया!” पौलुस सोचता है कि उन्हें बर्दास्त नहीं करना चाहिए जिस तरह से झूठे रसूलों ने उनसे सुलूक किया। पौलुस बिल्कुल भी नहीं सोचता कि वे वाक़ई रसूल हैं।
बयान “तुम ख़ुशी से बेवकूफों के साथ हो। तुम अपने आप हिक़मत वाले हो!” मतलब कुरिन्थियों के ईमानदार सोचते हैं कि वे हिक़मत वाले है लेकिन पौलुस इससे सहमत नहीं हैं।
“मै अपनी शर्मिंदगी से कहूँगा कि हम ऐसा करने के लिए बहुत कमज़ोर थे”। पौलुस उस बर्ताव के बारे में बोल रहा है जो उसके ख्याल में बहुत ग़लत है, इससे बचने के लिए। वह बोल रहा है गोया वह सोचता है कि ऐसा न करने के लिए वह ग़लत है। वह एक बयानती सवाल का इस्तेमाल भी तंज़ के तौर पर करता है। “क्या मैंने अपने आप को पस्त करके गुनाह किया ताकि तुम बुलंद हो सको?” (देखें: INVALID translate/figs-irony) और रसूल, रसूलों, रिसालत और INVALID translate/figs-rquestion)
बयानती सवाल
झूटे रसूल जो अपने अज़ीम होने के दावा करते हैं उनको रद्द करने के लिए, पौलुस एक सिलसिले वार तरीक़े से बयानती सवालों का इस्तेमाल करते हैं। हर सवाल को एक जवाब के साथ जोड़ा गया है: “क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूँ। क्या वे ही इस्राएली हैं? मैं भी हूँ। क्या वे ही अब्राहम की नस्ल स हैं? मैं भी हूँ। क्या वे ही मसीह के ख़ादिम हैं?(मैं बोलता हूँ जैसे के मैं दीवाना हूँ।) मैं ज़्यादा तर हूँ।”
वह सिलसिले वार बयानाती सवालों का इस्तेमाल तब्दील हुए लोगों के साथ हमदर्दी ज़ाहिर करने के लिए करते हैं: “कौन कमजोर है, और मैं कमजोर नहीं? कौन दूसरे को गुनाह में गिराने का सबब है, और मैं अन्दर जलता नहीं?”
“क्या वे ही मसीह के ख़ादिम हैं?” यह एक तंज़ है, एक खास तरह का तंज़ जलील करने या बेइज्ज़त करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। पौलुस यकीन नहीं करते के ये झूटे उसात्जा वाकई मसीह की खिदमत करते हैं, वो सिर्फ ऐसा करने का दिखावा करते हैं।
इस बाब में दूसरे तर्जुमे की मुमकिन मुश्किलें
उलटी बात
“उलटी बात” एक सच्चा बयान है जो कुछ नामुमकिन को बयान करने के लिए ज़ाहिर होता है। यह जुमला आयत 30 में उलटी बातें है। अगर घमंड करना ज़रुरी है, टी उन बातों पर घमंड करूँगा जो मेरी कमज़ोरी को दिखाते हैं।” पौलुस (2 कुरिन्थियों 11:30 ) तक इस बात की वजाहत नहीं करता के वह क्यों अपनी कमजोरियों पर घमंड करेगा।
2 Corinthians 11:1
पौलुस हमेशा अपनी रसालत का एलान करता है।
ἀνείχεσθέ μου μικρόν τι ἀφροσύνης
मुझे ज़ाहिलों की तरह काम करने दो
2 Corinthians 11:2
ζηλῶ…ζήλῳ
ये लफ्ज़ भली, मज़बूत ख़्वाहिश के बारे में बोलते हैं कि कुरिन्थियों के लोग मसीह के लिए यक़ीन करने के लायेक हो, और कोई उसे छोड़ने के लिए न समझाए।
ἡρμοσάμην γὰρ ὑμᾶς ἑνὶ ἀνδρὶ, παρθένον ἁγνὴν παραστῆσαι τῷ Χριστῷ
पौलुस कुरिन्थियों के ईमानदारों के लिए उसकी देखभाल की बात करता है जैसे कि उसने ने एक शख्स से वायदा किया था कि वह अपनी बेटी को उससे शादी करने के लिए तैयार करेगा और वह बहुत ज्यादा फिक्रमंद है कि वह उस शख्स से अपना वायदा रखने में कामयाब होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं एक बाप की तरह था जिसने अपनी बेटी को एक शौहर को सौंप देने का वायदा किया था। मैंने तुम्हे एक पाक कुंवारी की तरह रखने का वादा किया ताकि मैं तुम्हें मसीह को सौंप सकूँ” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 11:3
φοβοῦμαι δὲ, μή πως…τῆς ἁγνότητος τῆς εἰς τὸν Χριστόν
लेकिन मुझे डर है कि तुम्हारे ख़याल मसीह कि तरह साफ़ और पाक अकीदत से गुमराह हो सकते हैं जैसे सांप ने मक्कारी से हव्वा को बहकाया
φθαρῇ τὰ νοήματα ὑμῶν
पौलुस ख़यालों कि बात करता है जैसे वह जानवर थे जिन्हें लोग गलत रास्तों पर ले जा सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई तुम्हारे झूट यकीन करने की वजह बन सकता है” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 11:4
εἰ μὲν γὰρ ὁ ἐρχόμενος
जब कोई आता है और
ἢ πνεῦμα ἕτερον λαμβάνετε ὃ οὐκ ἐλάβετε, ἢ εὐαγγέλιον ἕτερον ὃ οὐκ ἐδέξασθε
पाक रूह से एक अलग रूह, या हमारे ज़रिये हासिल खुश खबरी से अलग खुश ख़बरी
καλῶς ἀνέχεσθε
इन चीज़ों से निपटें। देखें की इन लफ़्ज़ों का तर्जुमा कैसे किया गया है 2 कुरिन्थियों 11:1
2 Corinthians 11:5
τῶν ὑπέρ λίαν ἀποστόλων
पौलुस ये दिखाने के लिए यहाँ तंज़ का इस्तेमाल करता है कि लोग उससे कम ख़ास हैं जितना लोग कहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “वे रसूल जिन्हें कुछ लोग औरों से बेहतर समझते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-irony)
2 Corinthians 11:6
οὐ τῇ γνώσει
यह मुन्फी जुमला मुस्बत सच पर जोर देता है कि उसे हिक़मत में तर्बिअत किया गया है। ख़ुलासा इस्म “हिक़मत” का तर्जुमा जबानी जुमलों के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे यक़ीनी तौर पर हिक़मत में तर्बित किया गया है” या “मुझे यह जानने के लिए तर्बित किया गया है कि वे क्या जानते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-litotesऔर INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 11:7
ἢ ἁμαρτίαν ἐποίησα ἐμαυτὸν ταπεινῶν, ἵνα ὑμεῖς ὑψωθῆτε
पौलुस ने दावा करना शुरू किया कि उसने कुरिन्थियों के साथ अच्छा सलूक किया था । मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे लगता है कि हम इस बात से सहमत हैं कि मैंने ख़ुद को हलीम करके गुनाह नहीं किया है ताकि तुम ऊँचे हो जाओं” (देखे;INVALID translate/figs-rquestion)
δωρεὰν τὸ τοῦ Θεοῦ εὐαγγέλιον εὐηγγελισάμην ὑμῖν
बदले में तुमसे कुछ भी उम्मिद किये बिना ख़ुदा के ख़ुशख़बरी की मनादी किया
2 Corinthians 11:8
ἄλλας ἐκκλησίας ἐσύλησα
यह जोर देने के लिए बढ़ा चढ़ा कर है कि पौलुस उन कलीसियाओं से पैसे हासिल करता है जो उसे देने के लिए पाबंद नहीं थे। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने दूसरे कलीसियाओं से पैसे लिया” (देखें :INVALID translate/figs-ironyऔर INVALID translate/figs-hyperbole)
τὴν ὑμῶν διακονίαν
इसकी पूरी मायने साफ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं बिना किसी क़ीमत की तुम्हारी ख़िदमत कर सकता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 11:9
ἐν παντὶ ἀβαρῆ ἐμαυτὸν ὑμῖν ἐτήρησα
मैंने कभी भी तुम पर माली बोझ नहीं डाला है। पौलुस किसी ऐसे शख्स के बारे में बोलता है जिसके लिए किसी को पैसे खर्च करने पड़ते हैं जैसे कि वे भारी चीज़े हैं जिन्हें लोगों को उठाना पड़ता है। इसकी पूरे मायने साफ़ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने यह इसलिए सब कुछ किया है कि तुम्हे पैसे खर्च करने कि ज़रूरत न पडे़ ताकि मैं तुम्हारे साथ रह सकूं” (देखें :INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-metaphor)
οἱ ἀδελφοὶ ἐλθόντες
ये “भाई” शायद सभी मर्द थे।
τηρήσω
मैं तुम्हारे लिए कभी बोझ नहीं बनूंगा
2 Corinthians 11:10
ἔστιν ἀλήθεια Χριστοῦ ἐν ἐμοὶ
पौलुस उस पर ज़ोर दे रहा है क्यूंकि उसके पढ़ने वालों को पता है कि वह मसीह के बारे में सच्चाई बताता है, वे जान सकते है कि वह यहाँ सच बोल रहा है। “यकीनी तौर से जैसा कि तुम जानते हो कि मैं सही में मसीह के बारे में सच्चाई जानता और मनादी करता हूँ, तुम जान सकते हो कि मैं जो कहने जा रहा हूँ वो सच है। यह”
ἡ καύχησις αὕτη οὐ φραγήσεται εἰς ἐμὲ
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी मुझे गुरूर करने और चुप रहने से रोक नहीं पायगा” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἡ καύχησις αὕτη…εἰς ἐμὲ
यह पौलुस ने जो ( 2 कुरिन्थियों 11:7 ) में कहा के बारे में बात करता है।
τοῖς κλίμασι τῆς Ἀχαΐας
आख़्या के सूबे। “हिस्सा” लफ्ज़ ज़मीन के रक्बों की बात करता है, सियासी महकमों की नहीं”
2 Corinthians 11:11
διὰ τί? ὅτι οὐκ ἀγαπῶ ὑμᾶς?
पौलुस कुरिन्थियों के लिए मोहब्बत पर ज़ोर देने के लिए बयानाती सवालों का इस्तेमाल करता है। इन सवालों को एक साथ या अलग बयानों में बताया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं तुमसे महब्बत नहीं करता कि मैं तुम्हारे लिए बोझ नहीं बनना चाहता हूँ?” या “मैं तुम्हें अपनी ज़रूरतों को पूरा करने से रोकता रहूंगा क्योंकि यह दूसरों को दिखाता है कि मैं तुमसे महब्बत करता हूँ” ( देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ὁ Θεὸς οἶδεν
तुम समझी गई जानकारी को साफ़ कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा जानता है कि मैं तुमसे महब्बत करता हूँ” ( देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
2 Corinthians 11:12
जैसे की पौलुस अपनी रसूल होने का एलान करता रहा, वह झूठे रसूलों के बारे में बात करता है।
ἵνα ἐκκόψω τὴν ἀφορμὴν
पौलुस एक झूठे दावे के बारे में बोलता है जो उसके दुश्मन कहते हैं जैसे ऐसा कुछ जिसे वह ढो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकी मैं इसे नामुमकिन बना सकूं” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
εὑρεθῶσιν καθὼς καὶ ἡμεῖς
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग सोचेंगे कि वे हमारे जैसे हैं” ( देखें:INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 11:13
οἱ γὰρ τοιοῦτοι
मैं जो करता हूँ वो करता हूँ क्योंकि लोग उन्हें पसंद करते हैं
ἐργάται δόλιοι
बेईमान ख़िदमत गार
μετασχηματιζόμενοι εἰς ἀποστόλους
रसूल नहीं हैं, लेकिन वे खुद को रसूल दिखाने की कोशिश करते है
2 Corinthians 11:14
οὐ θαῦμα
इसे मनफ़ी में बताकर पौलुस इस बात पर ज़ोर दे रहा है की कुरिन्थियों को कई “झूंठे रसूलों” से मुलाक़ात के लिए तैयार रहना चाहिए ( 2 कुरिन्थियों 11:13 )। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें इसकी तवक्को करनी चाहिए” (देखें :INVALID translate/figs-litotes)
ὁ Σατανᾶς μετασχηματίζεται εἰς ἄγγελον φωτός
शैतान रौशनी का एक फ़रिश्ता नहीं है, लेकिन वह खुद को रोशनी के एक फ़रिश्ते की तरह दिखाने की कोशिश करता है
ἄγγελον φωτός
यहाँ “रोशनी” रास्तबाज़ी के लिए एक मिजाज़ी है । मुतबादिल तर्जुमा: “रास्तबाज़ी का एक फ़रिश्ता” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 11:15
οὐ μέγα
इसे मनफ़ी की तरह बताकर पौलुस इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि कुरिन्थियों को कई “झूठे रसूलों” से मुलाक़ात के लिए तैयार रहना चाहिए (2 कुरिन्थियों 11:13 ) । मुतबादिल तर्जुमा: “हमें यक़ीनन इसकी तवक्को करनी चाहिए” (देखें :INVALID translate/figs-litotes)
καὶ οἱ διάκονοι αὐτοῦ μετασχηματίζονται ὡς διάκονοι δικαιοσύνης
उसके ख़ादिम रास्ताबाज़ी के ख़ादिम नहीं हैं, लेकिन वे ख़ुद को रास्तबाज़ी के ख़ादिम दिखाने की कोशिश करते हैं
2 Corinthians 11:16
ὡς ἄφρονα δέξασθέ με, ἵνα κἀγὼ μικρόν τι καυχήσωμαι
मुझे बेवक़ूफ़ की तरह हासिल करें: मुझे बोलने दो, और मेरे घमंड को बेवक़ूफ़ के लफ्ज़ के तरह जानो
2 Corinthians 11:18
κατὰ σάρκα
यहाँ मिज़ाजी “जिस्म” इंसान को उसके गुनाह की फ़ितरत में और उसकी क़ामयाबी को बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी अपनी इंसानी क़ामयाबी के बारे में” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 11:19
ἀνέχεσθε τῶν ἀφρόνων
जब मैं बेवकूफ़ की तरह काम करता हूँ तो मुझे क़बूल करो। देखे कि 2 खुरान्थियों 11;1 में इस तरह के जुमले का तर्जुमा कैसे किया गया था।
φρόνιμοι ὄντες
पौलुस तंज़ का इस्तेमाल करके कुरिन्थियों को शर्मिंदा कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हे लगता है कि तुम हिक़मत वाले हो, लेकिन तुम नहीं हो!” (देखें: INVALID translate/figs-irony)
2 Corinthians 11:20
ὑμᾶς καταδουλοῖ
पौलुस बढ़ी चढ़ी बातों का इस्तेमाल करता है जब कुछ लोग दूसरे लोगों को शरियतों को मानने के लिए मज़बूर करते हैं जैसे कि वे उन्हें गुलाम बनाने के लिए मज़बूर करते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हे उन शरियतों को मानने के लिए मज़बूर करते हैं जैसे कि उन्होंने तसव्वुर किया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-hyperbole)
κατεσθίει
पौलुस ने अज़ीम रसूलों के ज़रिये लोगों के दुन्याबी ज़रियों को लेने की बात कि है जैसे कि वे ख़ुद लोगों को खा रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वह तुम्हारी सारी दौलत ले लेता है” ( देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
λαμβάνει
एक शख्स किसी दूसरे शख्स से फायदा उठाता है उन चीजों को जानते हुए जो दूसरा शख्स नहीं जानता और उस हिकमत का ख़ुद कि मदद करने और दूसरे शख्स को नुक्सान पहुँचाने के लिए इस्तेमाल करता है।
2 Corinthians 11:21
κατὰ ἀτιμίαν λέγω ὡς ὅτι ἡμεῖς ἠσθενήκαμεν!
मैं शर्मनाक तरीके से कुबूल करता हूँ कि हम तुमसे इस तरह सुलूक के लिए पूरी तरह से हिम्मत नहीं रखते थे। पौलुस कुरिन्थियों को बताने के लिए तंज़ का इस्तेमाल कर रहा है कि ऐसा इसलिए नहीं था क्योंकि वह कमज़ोर था कि उसने उनसे अच्छी तरह से सुलूक किया। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे यह कहने में शर्म नहीं आती है कि हमारे पास आपको नुक्सान पहुंचाने कि कुव्वत थी, लेकिन हमने तुमसे अच्छी तरह से सुलूक किया” ( देखें :INVALID translate/figs-irony)
δ’ ἄν τις τολμᾷ (ἐν ἀφροσύνῃ λέγω), τολμῶ κἀγώ
किसी भी बात के लिए कोई गुरूर नहीं करता ... में भी इसके बारे में गुरूर करने की हिम्मत करुंगा
2 Corinthians 11:22
जैसे पौलुस अपने रसूल होने का ऐलान करना जारी रखता है, वह उनके साथ गुज़री हुई ख़ास चीज़ों को बताता है जब से वह ईमान दार बना।
Ἑβραῖοί εἰσιν?…Ἰσραηλεῖταί εἰσιν?…σπέρμα Ἀβραάμ εἰσιν?
पौलुस कुरिन्थियों के पूछे जाए वाले सवाल पूछ रहा है और फिर उस बात पर ज़ोर देने के लिए की जितने अज़ीम रसूल यहूदी है उतना ही वह भी हैं जवाब दे रहा है। अगर मुमकिन हो तो तुम्हें सवाल-जवाब की तरह रखना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: “वह चाहते हैं कि आप सोचें कि वे ख़ास हैं और वे जो कहते हैं उसपर यकीन करें क्योंकि वे इब्रानी और इस्राएली और अब्राहम के नसल से हैं। खैर, मैं भी हूँ।” ( देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
2 Corinthians 11:23
διάκονοι Χριστοῦ εἰσιν? (παραφρονῶν λαλῶ), ὑπὲρ ἐγώ
पौलुस कुरिन्थियों के पूछे जाने वाले सवाल पूछ रहे हैं और फिर उस बात पर ज़ोर देने के लिए कि जितने अज़ीम रसूल यहूदी हैं उतना ही वह भी हैं जवाब दे रहे हैं। अगर मुमकिन हो तो तुम्हें सवाल – जवाब की तरह रखना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: “वे कहते हैं की मसीह के खादिम हैं –मैं पागल कि तरह बोलता हूँ – लेकिन मैं और बढ़कर हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
παραφρονῶν λαλῶ
जैसे की मैं अच्छा सोचने में नकाम था
ὑπὲρ ἐγώ
तुम समझी गयी जानकारी को साफ़ कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं मसीह का उनसे बढ़कर खादिम हूँ” ( देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)
ἐν κόποις περισσοτέρως
मैंने सख्त मेहनत की हैं
ἐν φυλακαῖς περισσοτέρως
मैं कई बार जेल में रहा हूँ
ἐν πληγαῖς ὑπερβαλλόντως
यह एक मुहावरा है, और यह ज़ोर देने के लिए बढ़ा चढ़ा कर इस्तेमाल किया गया है कि उसे कई बार मारा पीटा गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे कई बार मारा पीटा गया” या “मुझे गिनती से परे कई बार मारा पीटा गया” ( देखें :INVALID translate/figs-idiomऔर INVALID translate/figs-hyperbole)
ἐν θανάτοις πολλάκις
कई बार मैं मरते मरते बचा
2 Corinthians 11:24
τεσσεράκοντα παρὰ μίαν
यह 39 बार कौड़े मारने के लिए एक आम इज़हार था। यहूदी शरियत में लोगों को एक वक़्त में ज्यादा से ज़्यादा 40 कौड़े मारने की इजाज़त थी। इसलिए उन्होंने आम तौर पर एक शख्स को 39 कौड़े मारे ताकी वह मुलजिम करार पाए जाएँ अगर ग़लती से ज्यादा कौड़े मारकर गिनती करें।
2 Corinthians 11:25
ἐραβδίσθην
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों ने मुझे लकड़ी की छड़ी से मारा” ( देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἐλιθάσθην
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगो ने मुझ पर पथराव किया जब तक उन्होंने सोंचा कि मैं मर चुका हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
νυχθήμερον ἐν τῷ βυθῷ πεποίηκα
पौलुस जहाज डूबने के बाद अपने पानी में तैरने कि बात कर रहा था।
2 Corinthians 11:26
κινδύνοις ἐν ψευδαδέλφοις
इस बयान का पूरा मायने साफ़ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और उन लोगों से तकलीफ़ में जिन्होनें मसीह में भाई होने का दावा किया, लेकिन जिन्होंने हमें धोखा दिया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
2 Corinthians 11:27
γυμνότητι
यहाँ पौलुस कपड़ों की अपनी ज़रुरतों को दिखानें के लिए बढ़ा चढ़ा कर दिखाने का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे गर्म रखने के लिए काफ़ी कपड़ों के बिना” (देखे: INVALID translate/figs-hyperbole)
2 Corinthians 11:28
ἡ ἐπίστασίς μοι ἡ καθ’ ἡμέραν, ἡ μέριμνα πασῶν τῶν ἐκκλησιῶν
पौलुस जानता है कि ख़ुदा उसे ज़िम्मेदार ठहराएंगे कि कलीसिया कितनी अच्छी तरह से खुदा को मानते हैं और उस के हिक़मत के बारे में बोलता है जैसे कि यह एक वज़नी चीज़ है जो उसे नीचे दबा रही है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे मालूम है कि ख़ुदा मुझे सभी कलीसियाओं के रूहानी तरक्की के लिए ज़िम्मेदार बनायेगें, और इसलिए मुझे हमेशा लगता है कि एक वज़नी चीज़ मुझे नीचे धकेल रही है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 11:29
τίς ἀσθενεῖ, καὶ οὐκ ἀσθενῶ?
इस खतीबाना सवाल का तर्जुमा एक बयान के तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब भी कोई कमज़ोर होता है, मुझे उस कमज़ोरी का भी तजुरवा होता है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
τίς ἀσθενεῖ, καὶ οὐκ ἀσθενῶ?
लफ्ज़ “कमज़ोर” शायद रूहानी हालत, के लिए एक मिज़ाजी है, लेकिन कोई भी यह यक़ीन नहीं कर सकता कि पौलुस किस मज़मून पर बोल रहा है, इसलिए यहाँ एक तरह के लफ्ज़ का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब भी कोई और कमज़ोर होता है तो मैं कमज़ोर होता हूँ।” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τίς σκανδαλίζεται, καὶ οὐκ ἐγὼ πυροῦμαι?
पौलुस एक साथ ईमानदारों के गुनाह करने के वज़ह से अपने गुस्सा को ज़ाहिर करने के लिए इस सवाल का इस्तेमाल करता है। यहाँ उसका गुस्सा उसके अंदर जलने जैसा है। इस बयानाती सवाल का तर्जुमा बयान की तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब भी कोई भाई गुनाह करने की वज़ह बनता है तो मैं गुस्सा होता हूँ।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestionऔर INVALID translate/figs-metaphor)
σκανδαλίζεται
पौलुस गुनाह की बात करता है जैसे कि वह लड़खड़ाते हुए और फिर गिर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह की तरफ़ ले जाया गया है” या “सोचा कि ख़ुदा उसे किसी दूसरे की वज़ह से किये किसी काम कि वज़ह से गुनाह करने की इजाज़त देगा” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
οὐκ ἐγὼ πυροῦμαι
पौलुस गुनाह के बारे में गुस्सा होने की बात करता है जैसे कि उसके बदन में आग हो। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं इस के बारे में गुस्सा नहीं हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 11:30
τὰ τῆς ἀσθενείας
जो मेरी कमज़ोरी को दिखाता है
2 Corinthians 11:31
οὐ ψεύδομαι
पौलुस जोर देने के लिए तंज़ भरे लफ़्ज़ों का इस्तेमाल कर रहा है कि वह सच कह रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं पूरी तरह सच कह रहा हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-litotes)
2 Corinthians 11:32
ὁ ἐθνάρχης Ἁρέτα τοῦ βασιλέως ἐφρούρει τὴν πόλιν
सदर जिसे बादशाह अरितास ने मुक़र्रर किया था, ने लोगों को शहर की हिफाज़त करने के लिए कहा था।
πιάσαι με
ताकि वह मिझे पकड़ ले और क़ैदी बना लें
2 Corinthians 11:33
ἐν σαργάνῃ, ἐχαλάσθην
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ लोगों ने मुझे टोकरे में रखा और मुझे ज़मीन पर उतार दिया” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
τὰς χεῖρας αὐτοῦ
पौलुस सदर के हाथों को बयान की शक्ल में सदर के लिए इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सदर से” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
2 Corinthians 12
2 कुरिन्थियों 12 आम अलामाते
ढांचा और तरतीब
पौलुस अपने इख़्तियार का बचाव इस बाब में कर रहा है
जब पौलुस कुरिन्थियों के साथ था, उसने अपने ताकतवर आमाल से अपने रसूल होने को साबित किया। उन्होंने उनसे कुछ नहीं भी नहीं लिया था। वह तीसरे बार उसे मिलने जा रहा है अभी भी उनसे उन्होंने कुछ नहीं लिया। वह उम्मीद करते है कि जब वह उसे मिलेगें तो कुछ तकलीफ़ नहीं होगी। (देखे: रसूल, रसूलों, रिसालत )
इस बाब में खास तसव्वरात
पौलुस का रोया
पौलुस अपने इख़्तियार के बचाव के लिए बहिश्त कि एक अनोखी बात बताते हैं अगरचे वह आयात 2-5 में तीसरे शख्स के तौर पर बोलते हैं, आयत 7 इशारा करता है है कि वुही वो शख्स थे जिसने रोया का तज़ुरवा किया। यह इतना अज़ीम था, कि ख़ुदा ने उसे हलीम रखने के लिए एक जिस्मानी मजबूरी दिया। (देखें: आसमान, बादल, बादलों, आसमानी )
तीसरी बहिश्त
बहुत से आलिम यक़ीन रखते है कि तीसरी बहिश्त ख़ुदा के रहने की जगह है। ऐसा है क्योंकि सहीफे भी “आसमान” का इस्तेमाल फ़लक (“पहला” आसमान) और क़ायनात (“दूसरा” आसमान) के लिए करते हैं।
इस बाब में ख़ास इज़हार ए ख़याल
बयानती सवाल
पौलस ने बहुत सारे बयानाती सवालों का इस्तेमाल अपने इख्तियार के बचाव में किया है अपने दुश्मनों के खिलाफ़ जिन्होंने उस पर इलज़ाम लगाया: बाकी कलीसियाओं के मुकाबले कैसे तुम कम खास थे, सिवाय इसके कि मैं तुम्हारे लिए बोझ नहीं था?” “क्या तीतुस ने तुम्हारा फायदा उठाया? क्या हम एक ही तरीके में नहीं चले? क्या हम एक ही नक़्श ए क़दम पर नहीं चले?” और क्या तुम सोचते हो के तमाम वक़्त तुम्हारे लिए हम अपना बचाव करते रहे हैं?” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
तंज
पौलुस एक तंज का इस्तेमाल करता है, एक खास तरह का तंज़, जब वह उन्हें याद दिलाता है कि किस तरह उसने बगैर किसी कीमत के उनकी मदद की। वह कहता है, “मुझे इस गलती के लिए मुआफ़ कर दो!” वह आम तंज का इस्तेमाल भी करता है जब वह कहता है: “लेकिन, चूंकि मैं मक्कार हूँ, मैं ही वह हूँ जिसने तुम्हें फ़रेब देकर फंसा लिया”। वह इसका इस्तेमाल इस इल्ज़ाम के खिलाफ अपनी दफ़आ का तार्रुफ़ करने के लिए करता है यह ज़ाहिर करने के ज़रिये कि सच होना किस कदर नामुमकिन था। (देखें: INVALID translate/figs-irony)
इस बाब में तर्जुमे की दूसरी मुमकिन मुश्किलें
उलटी बात
“उलटी बात” एक सच्चा बयान है जो कुछ नामुमकिन को बयान करने के लिए ज़ाहिर होता है। आयत 5 में यह जुमला एक उलटी बात है: “मैं अपनी कमज़ोरियों के सिवा फ़ख्र नहीं करूँगा”। ज़्यादातर लोग कमज़ोर होने की बाबत फ़ख्र नहीं करते। आयत 10 में यह जुमला भी एक उलटी बात है: “क्योंकि जब मैं कमज़ोर होता हूँ, उसी वक़्त मैं ज़ोरआवर होता हूँ”। आयत 9 में, पौलुस वज़ाहत करता है कि ये दोनों बयानात क्यों सच हैं। (2 कुरिन्थियों 12:5 )
2 Corinthians 12:1
ख़ुदा से अपने रसालत के बचाव में, पौलुस ईमानदार बनने के बाद उसके साथ गुज़रे खास चीजों को बताता है।
ἐλεύσομαι
मैं बात करता रहूंगा, लेकिन अभी के बारे में
ὀπτασίας καὶ ἀποκαλύψεις Κυρίου
मुमकिन मायने 1 ) पौलुस ज़ोर देने के लिए मिज़ाजी में एक ही चीज़ के मायने के लिए “रोया” और मुकास्फ़ा” लफ्ज़ का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चीज़े जिन्हें ख़ुदावन्द ने सिर्फ मुझे देखने की इजाज़त दी है” या 2 ) पौलुस दो अलग चीजों की बात कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “बातिन चीज़े जिन्हें ख़ुदावन्द ने मुझे अपनी आखों से देखने दिया और दूसरे राजदारी जो उसने मुझे बताया है” (देखें :INVALID translate/figs-hendiadys)
2 Corinthians 12:2
οἶδα ἄνθρωπον ἐν Χριστῷ
पौलुस यक़ीनन में ख़ुद के बारे में बात कर रहा है जैसे कि वह किसी और के बारे में बात कर रहा था, अगर लेकिन अगर मुमकिन हो तो इसका लफ्ज़ी तर्जुमा किया जाना चाहिए।
εἴτε ἐν σώματι οὐκ οἶδα, εἴτε ἐκτὸς τοῦ σώματος οὐκ οἶδα
पौलुस ख़ुद का बयान करते हैं जैसे कि यह दूसरे किसी शख्स के साथ हुआ हो। “मुझे नहीं मालूम कि वह आदमी अपने दुन्याबी जिस्म में था या अपने रूहानी जिस्म में“
τρίτου οὐρανοῦ
यह आसमान या बाहरी कायनात (सय्यारे, सितारे और कायनात) की बजाय खुदा के रहने की जगह को बयान करता है।
2 Corinthians 12:3
पौलुस ख़ुद के बारे में बात करता है जैसे कि वह किसी और के बारे में बात कर रहा हो।
2 Corinthians 12:4
ἡρπάγη εἰς τὸν Παράδεισον
यह पौलुस का बयान बनाये रखता है कि “इस आदमी” के साथ क्या हुआ (आयत 3)। इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुमकिन मायने हैं 1 ) “खुदा ने इस आदमी को ...बहिश्त में उठा लिया” 2 ) “एक फ़रिश्ते ने इस आदमी को ... बहिश्त में उठा लिया।” अगर मुमकिन हो, तो सबसे अच्छा होगा कि उस शख्स को नाम न दें जिसने आदमी को उठा लिया: “किसी ने उठा लिया ...बहिश्त या “उन्होंने उठा लिया ...बहिश्त।”
ἡρπάγη
अचानक और मज़बूती से पकड़ा और उठा लिया
τὸν Παράδεισον
मुमकिन मायने हैं 1 ) बहिश्त या 2 ) तीसरी बहिश्त या 3 ) बहिश्त में एक खास जगह।
2 Corinthians 12:5
τοῦ τοιούτου
उस शख्स का
οὐ καυχήσομαι, εἰ μὴ ἐν ταῖς ἀσθενείαις
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं सिर्फ अपनी कमज़ोरियों पर फ़ख्र करूंगा”
2 Corinthians 12:6
जैसे पौलुस ख़ुदा से अपनी रसालत का बचाव करता है, वह उस कमज़ोरी के बारे में बताता है जिसे ख़ुदा ने उसे हलीम रखने के लिए दिया था।
μή τις εἰς ἐμὲ λογίσηται ὑπὲρ ὃ βλέπει με, ἢ ἀκούει ἐξ ἐμοῦ
कोई भी देखने या सुनने से मुझे अधिक इज्ज़त नहीं देगा
2 Corinthians 12:7
यह आयत दिखाता है कि पौलुस 2 कुरिन्थियों 12:2 में अपने बारे में बात कर रहा था।
καὶ τῇ ὑπερβολῇ τῶν ἀποκαλύψεων
क्योकि वो मुकाशफ़े उससे कहीं ज्यादा बढ़कर थे जो किसी ने कभी देखा हो
ἐδόθη μοι σκόλοψ τῇ σαρκί
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मेरे बदन में कांटा लगाया” या “खुदा ने मेरे बदन में काँटा लगाने की इज़ाजत दी” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
σκόλοψ τῇ σαρκί
यहाँ पौलुस की जिस्मानी मुश्किलों का मुक़ाबला उसके बदन को छेड़ते कांटे से की जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दर्द” या “एक जिस्मानी मुश्किल” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ἄγγελος Σατανᾶ
एक शैतान का ख़ादिम
ὑπεραίρωμαι
बहुत घमंड
2 Corinthians 12:8
τρὶς
पौलुस ने इन लफ़्ज़ों को जुमले के शुरू में ज़ोर देने के लिए दिखाया कि उसने अपने “कांटे” 2 कुरिन्थियों 12:7 के बारे में कई बार दुआ की थी।
ὑπὲρ τούτου…τὸν Κύριον
ख़ुदावन्द बदन में इस कांटे के बारे में, या “ख़ुदावन्द इस तकलीफ़ के बारे में”
2 Corinthians 12:9
ἀρκεῖ σοι ἡ χάρις μου
मैं तुम्हारे लिए रहम वाला रहूंगा, और इसी की तुम्हे ज़रूरत है
ἡ γὰρ δύναμις ἐν ἀσθενείᾳ τελεῖται
क्योकि मेरी कुदरत तुम्हारी कमज़ोरी में काम करती है
ἐπισκηνώσῃ ἐπ’ ἐμὲ ἡ δύναμις τοῦ Χριστοῦ
पौलुस मसीह की क़ुदरत के बारे में बोलता है जैसे कि वह उसके ऊपर एक तंबू था। मुमकिन मायने हैं 1 ) “लोग देख सकते हैं कि मेरे पास मसीह की क़ुदरत है” या 2 ) “मेरे पास सही में मसीह की क़ुदरत हो सकती है।” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 12:10
εὐδοκῶ ἐν ἀσθενείαις, ἐν ὕβρεσιν, ἐν ἀνάγκαις, ἐν διωγμοῖς, καὶ στενοχωρίαις, ὑπὲρ Χριστοῦ
मुमकिन मायने हैं 1 ) “मैं कमज़ोरी में , बे’इज्ज़ती में, परेशानी में, सताए जाने में, और तंगी सूरतेहाल में ख़ुश होता हूँ अगर ये चीज़े आती हैं क्योकि मैं मसीह का हूँ” या 2 ) “मैं कमज़ोरी में ख़ुश होता हूँ ...अगर ये चीज़ें ज्यादा लोगों के मसीह को जानने की वज़ह बनती है।”
ἐν ἀσθενείαις
जब मैं कमज़ोर होता हूँ
ἐν ὕβρεσιν
जब लोग मुझे यह कहते हुए गुस्सा दिलाने की कोशिश करते हैं कि मैं एक ख़राब शख्स हूँ
ἐν ἀνάγκαις
जब मैं तकलीफ़ में होता हूँ
στενοχωρίαις
जब परेशनी होती है
ὅταν γὰρ ἀσθενῶ, τότε δυνατός εἰμι
पौलुस कह रहा है कि जब वह ज़रुरी काम करने के लिए पूरी तरह से मज़बूत नहीं होता, तो पौलुस के मुक़ाबले में ज्यादा ताक़तवर मसीह ज़रुरी काम करने के लिए पौलुस के ज़रिये से काम करेगा। हालांकि, अगर तुम्हारी ज़बान इजाज़ती देती है, तो इन अल्फ़ाज़ का लफ्ज़ी तर्जुमा करना सबसे अच्छा होगा।
2 Corinthians 12:11
पौलुस मज़बूत करने के लिए कुरिन्थियों में ईमानदारों को रसूल और उनके सामने उसकी हलीमी के सही निशानियों कि याद दिलाता है।
γέγονα ἄφρων
मैं बे’वकूफ़ की तरह काम करता हूँ
ὑμεῖς με ἠναγκάσατε
तुमने मुझे इस तरह बोलने पर मजबूर किया
ἐγὼ…ὤφειλον ὑφ’ ὑμῶν συνίστασθαι
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह तारीफ़ है जो तुम्हे मुझे देनी चाहिए” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
συνίστασθαι
मुमकिन मायने हैं 1 ) “तारीफ़” (2 कुरिन्थियों 3:1 ) या 2 ) “तजवीज़ करना” (2 कुरिन्थियों 4:2 ) ।
γὰρ ὑστέρησα
मनफ़ी शक्ल का इस्तेमाल करके, पौलुस मज़बूती से कहा रहा है कि वे कुरिन्थुस के लोग जो सोचते हैं कि वह हकीर है, ग़लत हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योकि मैं उतना ही अच्छा हूँ” (देखे :INVALID translate/figs-litotes)
τῶν ὑπέρ λίαν ἀποστόλων
पौलुस यह दिखाने के लिए तंज़ का इस्तेमाल करता है कि वे रसूल लोगों के कहने से कम अफज़ल हैं। देखे कि इसका तर्जुमा कैसे किया जाता है 2 कुरिन्थियों 11:5 । मुतबादिल तर्जुमा: “वे रसूल जिन्हें कुछ लोग दूसरों से बेहतर सोचते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-irony)
2 Corinthians 12:12
τὰ μὲν σημεῖα τοῦ ἀποστόλου κατειργάσθη
“निशानियों” पर ज़ोर देने के साथ, इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह एक रसूल की सही निशानियाँ हैं जो मैंने किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
σημεῖα…σημείοις
दोनों दफ़ा एक ही लफ्ज़ का इस्तेमाल करता है।
σημείοις τε, καὶ τέρασιν, καὶ δυνάμεσιν
ये “रसूल के सच्चे निशान” हैं जिन्हें पौलुस ने “मुकम्मल सबर के साथ” किया।
2 Corinthians 12:13
τί γάρ ἐστιν ὃ ἡσσώθητε ὑπὲρ τὰς λοιπὰς ἐκκλησίας, εἰ μὴ ὅτι αὐτὸς ἐγὼ οὐ κατενάρκησα ὑμῶν?
पौलुस इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि कुरिन्थियों को नुक़सान पहुंचाने की ख्वाहिश का इलज़ाम ग़लत है। इस खतीबाना सवाल का तर्जुमा एक बयान की तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने तुमसे उसी तरह से सलूक किया जैसा मैंने सभी दूसरे कलीसियाओं से किया था, सिवाय इसके ...तुम।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
ἐγὼ οὐ κατενάρκησα ὑμῶν
मैंने तुमसे अपनी ज़रुरतों के लिए पैसे और दूसरी चीज़ों को नहीं माँगा
χαρίσασθέ μοι τὴν ἀδικίαν ταύτην!
पौलुस कुरिन्थियों को शर्मिंदा करने के लिए तंज़ करता है। वे दोनों जानते हैं कि उसने कुछ ग़लत नहीं किया है, लेकिन वे उससे ऐसा सलूक कर रहे हैं जैसे उसने ग़लत किया है। (देखें :INVALID translate/figs-irony)
τὴν ἀδικίαν ταύτην
उसने अपनी ज़रुरतों के लिए पैसे और दूसरे चीजों को नहीं माँगा
2 Corinthians 12:14
ἀλλὰ ὑμᾶς
इस बयान का मुकम्मल मायने साफ़ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मैं चाहता हूँ यह है कि तुम मुझे मुहब्बत करो और क़बूल करो”(देखें :INVALID translate/figs-explicit)
οὐ…ὀφείλει τὰ τέκνα τοῖς γονεῦσιν θησαυρίζειν
जवान बच्चे अपने तंदुरुस्त वालिद वालिदा के लिए पैसे जमाने या दूसरी चीज़ों को देने के लिए ज़िम्मेदार नहीं है।
2 Corinthians 12:15
ἐγὼ…ἥδιστα δαπανήσω καὶ ἐκδαπανηθήσομαι
पौलुस अपने काम और अपने दुन्याबी ज़िन्दगी की बात करता है जैसे वह पैसा था जिसे वह या ख़ुदा खर्च करते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ख़ुशी से कोई भी काम करूंगा और ख़ुशी के साथ ख़ुदा के लोगों को मुझे मारने की इजाज़त दूंगा” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
ὑπὲρ τῶν ψυχῶν ὑμῶν
“रूहों” लफ्ज़ ख़ुद लोगों के लिए एक मिज़ाजी है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे लिए” या “ताकि तुम अच्छी तरह से रहो” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)
εἰ περισσοτέρως ὑμᾶς ἀγαπῶν, ἧσσον ἀγαπῶμαι?
इस खतीबाना सवाल का तर्जुमा एक बयान की तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर मैं तुम से ज्यादा मुहब्बत करता हूँ, तुम्हे मुझसे इतना कम मुहब्बत नहीं करना चाहिए।” या “अगर...ज्यादा, तुम्हे मुझे से जितना करते हो उससे ज्यादा मुहब्बत करना चाहिए।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
περισσοτέρως
यह साफ नहीं है कि पौलुस की मुहब्बत किस से “ज्यादा” है। शायद “ज्यादा” या “बहुत” का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है जिसकी जुमले में बाद में “बहुत कम” से मुकाबला की जा सकती है।
2 Corinthians 12:16
ἀλλὰ ὑπάρχων πανοῦργος δόλῳ, ὑμᾶς ἔλαβον
पौलुस उन कुरिन्थियों को शर्मिदा करने के लिए तंज़ का इस्तेमाल करता है, जो सोचते हैं कि उन्होंने उनसे झूट बोला था, भले ही उसने पैसे कि मांग नहीं कि। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन दूसरों को लगता है कि मैं धोखे बाज़ था और छल का इस्तेमाल किया” (देखें :INVALID translate/figs-irony)
2 Corinthians 12:17
μή τινα ὧν ἀπέσταλκα πρὸς ὑμᾶς, δι’ αὐτοῦ ἐπλεονέκτησα ὑμᾶς?
पौलुस और कुरिन्थियों दोनों को मालूम है कि जवाब नहीं है। इस मिज़ाजी सवाल का तर्जुमा एक बयान के तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तीतुस ने तुम्हारा फ़ायदा नहीं उठाया।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)
2 Corinthians 12:18
μήτι ἐπλεονέκτησεν ὑμᾶς Τίτος?
पौलुस और कुरिन्थियों दोनों को मालूम है कि जवाब नहीं है। इस मिज़ाजी सवाल का तर्जुमा एक बयान की तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तीतुस ने तुम्हारा फ़ायदा नहीं उठाया।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
οὐ τῷ αὐτῷ πνεύματι περιεπατήσαμεν
पौलुस जीने की बात करता है जैसे यह सड़क पर चलता हो। पौलुस और कुरिन्थियों दोनों जानते हैं कि सवाल का जवाब हाँ है। इस मिज़ाजी सवाल का तर्जुमा एक बयान के तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम सब का एक जैसा रवैया है और एक जैसे रहते हैं।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion) (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ τοῖς αὐτοῖς ἴχνεσιν?
पौलुस जीने कि बात करता है जैसे यह सडंक पर चलना हो। पौलुस और कुरिन्थियों दोनों जानते हैं कि सवाल का जवाब हां है। इस मिज़ाजी सवाल का तर्जुमा बयान के तरह किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम में से हर एक चीजों को एक तरह करना है।” (देखे ;INVALID translate/figs-rquestionऔर INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 12:19
πάλαι δοκεῖτε ὅτι ὑμῖν ἀπολογούμεθα?
पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल कुछ लोगों की सोच को क़बूल करने के लिये करता है। वह ऐसा करता है ताकि वह उन्हें यक़ीन दिला सके कि यह सच नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “शायद तुम सोचते हो कि अभी तक हम तुम्हारे लिए खुद का बचाव कर रहे हैं।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)
κατέναντι Θεοῦ
पौलुस ख़ुदा की दानाई के बारे में बोलता है जो पौलुस करता है जैसे ख़ुदा जिस्मानी तरीक़े से हाज़िर था और पौलुस ने जो कुछ कहा और किया था उसे देखा था। मुतबादिल तर्जुमा: “खुदा के हज़ूर” या “ख़ुदा के साथ गवाह के तरह” या “ख़ुदा की हज़ूरी में” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὑπὲρ τῆς ὑμῶν οἰκοδομῆς
तुम्हे मज़बूत करने के लिए। पौलुस ख़ुदा की इताअत का तरीका जानने और उसकी इताअत करने की ख़्वाहिश की बात करता है कि यह बदन की तरक्की हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि तुम ख़ुदा को जान सको और उसके हुक्म को अच्छे से मानो” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 12:20
οὐχ οἵους θέλω, εὕρω ὑμᾶς
जो मैंने पाया वह मुझे पसंद नहीं भी हो सकता है या “जो मैं तुम्हे करते हुए देखता हूँ मुझे वह पसंद नहीं भी हो सकता है”
κἀγὼ εὑρεθῶ ὑμῖν οἷον οὐ θέλετε
जो तुम मेरे अन्दर देखेते हो तुम्हे शायद पसंद न आये
μή πως ἔρις, ζῆλος, θυμοί, ἐριθεῖαι, καταλαλιαί, ψιθυρισμοί, φυσιώσεις, ἀκαταστασίαι
ख़ुलासा इस्म “लड़ाई, हसद, गुस्सा, तफिर्के, बदगोइयाँ, गीबत, शेखी और फ़साद” को फ़अल का इस्तेमाल करके तर्जुमा किया जा सकता है। मुमकिन मायने 1) “तुम में से कुछ हमारे साथ बहस करेंगे, हमसे हसद करेंगे, अचानक हमसे बहुत गुस्से हो जायेंगे, हमारे ज़ाती ज़िन्दगी के बारे में झूठ बोलेंगे, घमंड करेंगे और ख़िलाफत करेंगे जैसे हम तुम्हारी अगुवाई करने कि कोशिश करते हैं” या 2 “तुम में से कुछ एक दूसरे के साथ बहस करेंगे, एक दूसरे से हसद करेंगे, अचानक एक दूसरे से बहुत गुस्सा हो जाएंगे, एक दूसरे को अगुवा बनाने के लिए झगड़ा करेंगे, एक दूसरे से झूठ बोलेंगे एक दूसरे के जाती ज़िन्दगी के बारे में बताते हुए, फख्र का गुमान करेंगे, और उन लोगों का ख़िलाफ़त करते हैं जिन्हें ख़ुदा ने तुम्हारी अगुवाई करने के लिए चुना है” (देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 12:21
πενθήσω πολλοὺς τῶν προημαρτηκότων,
मैं ग़मगीन होउंगा क्योकि उनमे से बहुतों ने अपने गुनाहों को नहीं छोड़ा है
μὴ μετανοησάντων ἐπὶ τῇ ἀκαθαρσίᾳ, καὶ πορνείᾳ, καὶ ἀσελγείᾳ
मुमकिन मायने 1 ) पौलुस ज़ोर के लिए एक ही चीज़ को लगभग तीन मर्तवा कहा रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने जिन्सी बद हयाई को करना बंद नहीं किया” या 2 ) पौलुस तीन अलग गुनाहों की बात करता हैं। (देखें :INVALID translate/figs-parallelism)
ἐπὶ τῇ ἀκαθαρσίᾳ
ख़ुलासा इस्म नापाकी का तर्जुमा “उन चीज़ों कि तरह किया जा सकता है जो ख़ुदा को ख़ुश नहीं करता है।” मुतबादिल तर्जुमा: “चुपके से उन चीज़ों के बारे में सोचना और उनकी ख़वाहिश रखना जो ख़ुदा को खुश नहीं करता” (देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)
ἐπὶ τῇ…πορνείᾳ
ख़ुलासा इस्म “बद इखलाकी” का तर्जुमा “बद इखलाकी काम” जैसे किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हरामकारी के काम करने का”(दखे :INVALID translate/figs-abstractnouns)
ἐπὶ τῇ…ἀσελγείᾳ
ख़ुलासा इस्म “शहवत परस्ती” का तर्जुमा एक फ़अल जुमले का इस्तेमाल करके किया जा सकता है । मुतबादिल तर्जुमा: “...उन चीजों को करना जो हरामकारी की ख़वाहिश को पूरा करता है” (देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Corinthians 13
2 कुरिन्थियों13 आम अलामतें
ढांचा और तरतीब
इस बाब में, पौलुस अपने इख्तियार का बचाव करना ख़त्म करता है। वह इस ख़त का खात्मा रहमत और सलाम के साथ करता है
इस बाब के ख़ास तसव्वरात
तैयारियां
पौलुस ताकीद करता है कि वे उस को देखेने आएंगे। वह उम्मीद करता है कि किसी को नज़म ओ ज़ब्त करने से दूर रहकर जब वह उनको देखने आएंगे तो ख़ुशी मनाएंगे। (देखें :शागिर्द, शागिर्दों )
इस बाब में दूसरे तर्जुमे की मुमकिन मुश्किलें
मज़बूती और कमज़ोरी
पौलुस ने बारबार फर्क लफ़्ज़ों “मज़बूत” और “कमज़ोरी” का इस्तेमाल इस बाब में किया है। तर्जुमेकार को ऐसे अलफ़ाज़ इस्तेमाल करने चाहिए जो एक दूसरे के उलटे तौर पर समझे जाते हैं।
“अपने आप को जांचना और देखना कि अगर तुम ईमान में हो। आने आप को जांचो।” आलिम इसमें बंटे हैं कि इस बयान का मतलब क्या है। कुछ आलिम कहते हैं कि मसीहियों को आपने आप को परखना है यह देखने के लिए कि उनके काम मसीही ईमान की तरह है कि नहीं। क़रीना इस समझ के हक में है। दूसरे कहते है कि इन जुमलों का मायने है कि मसीहियों को अपनी हरकतें देखनी चाहिए और सवाल करने चाहिए की क्या वो हक़ीक़ी तौर पर बचाए गये हैं। (देखें :ईमान और बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )
2 Corinthians 13:1
पौलुस काइम करता है कि मसीह उसके ज़रिये से बात कर रहा है और पौलुस उनको बहाल करना, हौसला अफज़ाई करना, और एक करना चाहता है।
ἐπὶ στόματος δύο μαρτύρων καὶ τριῶν σταθήσεται πᾶν ῥῆμα
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब किसी शख्स के ग़लत काम साबित करने के लिए दो या तीन लोग एक ही बात करे तब यक़ीन करें” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
2 Corinthians 13:2
τοῖς λοιποῖς πᾶσιν
तुम सभी दूसरे लोग
2 Corinthians 13:4
ἐσταυρώθη
इसे फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने उसे सलीब पर चढ़ाया” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)
ἀλλὰ ζήσομεν σὺν αὐτῷ ἐκ δυνάμεως Θεοῦ
ख़ुदा हमें उसके साथ और उसमे ज़िंदगी जीने की ताक़त और क़ाबिलयत देता है।
2 Corinthians 13:5
ἐν ὑμῖν
मुमकिन मायने हैं 1 ) हर एक शख्स के अंदर रहता है या 2 ) “तुम्हारे दरमियान” जमात का सबसे ख़ास फर्द और हिस्सा।
2 Corinthians 13:7
μὴ ποιῆσαι ὑμᾶς κακὸν μηδέν
कि तुम बिल्कुल गुनाह नहीं करोगे या “जब हम तुम्हे इस्लाह करते हैं तो तुम हमारी सुनने से मना नहीं करोगे।” पौलुस अपने बयान के उलटी बात पर ज़ोर दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “कि तुम सबकुछ ठीक करोगे” (देखें :INVALID translate/figs-litotes)
δόκιμοι
अज़ीम रसूल बनने और सच को जीने के लिए
2 Corinthians 13:8
οὐ…δυνάμεθά τι κατὰ τῆς ἀληθείας
हम लोगों को सच्चाई सीखने से रोकने के क़ाबिल नहीं हैं
τῆς ἀληθείας, ἀλλὰ ὑπὲρ τῆς ἀληθείας
सच्चाई; हम जो कुछ भी करते हैं, वह लोगों को सच सिखाने के क़ाबिल बनाता है
2 Corinthians 13:9
τὴν ὑμῶν κατάρτισιν
रूह में कामिल बन सको
2 Corinthians 13:10
εἰς οἰκοδομὴν καὶ οὐκ εἰς καθαίρεσιν.
पौलुस कुरिन्थियों को मसीह को बेहतर तरीक़े से जानने में मदद करने को ऐसे बताता है जैसे कि वह एक इमारत को बना रहा था। देखें कि तुम ने 2 कुरिन्थियों 10 ;8 में इस तरह के जुमले का तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह के बेहतर पैरोकार बनने में तुम्हारी मदद करने के लिए और ना कि तुम्हे ना उम्मीद करने लिए कि तुम उसकी पैरवी करना बंद कर दो” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)
2 Corinthians 13:11
पौलुस कुरिन्थियों के ईमानदारों को अपने ख़त का आख़िर करता है।
καταρτίζεσθε
क़ामिल बनने की तरफ जाओ
τὸ αὐτὸ φρονεῖτε
आपस में इत्तिहाद से रहें
2 Corinthians 13:12
ἐν ἁγίῳ φιλήματι
मसीही महब्बत के साथ
οἱ ἅγιοι
जिन्हें ख़ुदा ने अपने लिए अलग किया है