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Hebrews

Hebrews front

‘इब्रानियों का ता’अर्रुफ़

हिस्सा1: ‘आम ता’अर्रुफ़

‘इब्रानियों की किताब का ख़ाका

1 ‘ईसा ख़ुदा के नबियों और फ़रिश्तों से बेहतर है (1:1-4:13) 1. यरुशलीम में मक़्दिस में ख़िदमत करने वाले काहिनो से ‘ईसा बेहतर है (4:14-7:28) 1. ‘ईसा की ख़िदमत उस पुराने ‘अहदनामे से बेहतर है जिसे ख़ुदा ने अपने लोगों के साथ बनाया था (8:1-10:39) 1. ईमान किसकी तरह है (11:1-40) 1. ख़ुदा के लिए वफ़ादार होने के लिए हौसला अफ़्ज़ाई (12: 1-29) 1. हौसला अफ़्ज़ाई और सलाम ख़ात्मा (13: 1-25)

‘इब्रानियों की किताब किसने लिखी है?

कोई नहीं जानता कि ‘इब्रानियों को किसने लिखा था। ‘आलिमों ने कई मुख़्तलिफ़ लोगों का सुझाव दिया है जो मुम्किन तौर पर मुसन्निफ़ हो सकते हैं। मुम्किन मुसन्निफ़ पौलुस, लूक़ा और बरनबास हैं। लिखने की तारीख़ भी मा’लूम नहीं है। ज़्यादातर ‘आलिमों को लगता है कि यह ईस्वी सन् 70 से पहले लिखा गया था। यरुशलीम को 70 ईस्वी में तबाह कर दिया गया था, लेकिन इस ख़त के मुसन्निफ़ ने यरूशलीम के बारे में बात की थी गोया यह अभी तक तबाह नहीं हुआ है।

‘इब्रानियों की किताब क्या है?

’इब्रानियों की किताब में, मुसन्निफ़ दिखाता है कि ‘ईसा ने पुराने ‘अहदनामे की नबूव्वतों को पूरा किया। मुसन्निफ़ ने यहूदी मसीही की हौसला अफ़्ज़ाई और यह बयान करने के लिए किया कि ‘ईसा उन तमाम चीज़ों से बेहतर है जिसे पुराने ‘अहदनामे पेश करते थे। ‘ईसा कामिल सरदार काहिन है। ‘ईसा कामिल क़ुर्बानी भी था। जानवरों की क़ुर्बानी बेकार हो गई क्योंकि ‘ईसा की क़ुर्बानी एक बार और हमेशा के लिए थी। इसलिए, ‘ईसा ख़ुदा के ज़रिए’ क़ुबूल किए जाने वाले लोगों के लिए एक और वाहिद रास्ता है।

इस किताब के उनवान का तर्जुमा कैसे किया जाना चाहिए?

मुतर्जिम इस किताब को इसके रिवायती उनवान, “’इब्रानियों” से पुकारना चुन सकते हैं। या वे एक वाज़ेह उनवान चुन सकते हैं, जैसे “‘इब्रानियों के लिए एक ख़त “ या “यहूदी मसीही लोगों के लिए एक ख़त ।”(देखें: INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: ख़ास मज़हबी और सक़ाफ़ती तसव्वुरात

क्या पढ़ने वाले इस किताब को पुराने ‘अहदनामे में ज़रूरी क़ुर्बानियों और काहिनों के काम के बारे में जाने बिना समझ सकते हैं?

इन मामलों को समझे बिना इस किताब को समझना मुश्किल है। मुतर्जमीन नुक़ते में या इस किताब के लिए एक ता’अर्रुफ़ में इन पुराने ‘अहदनामे की तसव्वुरात में से कुछ को समझाने पर ख़याल कर सकते हैं।

‘इब्रानियों की किताब में ख़ून के ख़याल का इस्ते’माल कैसे किया जाता है?

‘इब्रानियों 9: 7 की शुरू’आत में, ख़ून के ख़याल को अक्सर किसी भी जानवर की मौत की नुमाइंदगी करने के लिए इस्ति’आरे की शक्ल में ‘इस्ते’माल किया जाता है जिसे इस्राईल के साथ ख़ुदा के ‘अहद के मुताबिक़ क़ुर्बान किया गया था। मुसन्निफ़ ने ‘ईसा मसीह की मौत की नुमाइंदगी करने के लिए भी ख़ून का इस्ते’माल किया। ‘ईसा कामिल क़ुर्बानी बन गया ताकि ख़ुदा लोगों को उसके ख़िलाफ़ गुनाह करने के लिए मु’आफ़ कर दे। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

[‘इब्रानियों 9:19] (../../heb/09/19.md) के शुरू’ में, मुसन्निफ़ ने छिड़कने के ख़याल का इस्तेमाल एक ‘अलामती ‘अमल के तौर पर किया है। पुराने ‘अहदनामे के काहिनों ने क़ुर्बान किए गए जानवरों के ख़ून को छिड़क दिया। यह जानवर की मौत के फ़ायदों की ‘अलामत थी जिसका इस्ते’माल लोगों पर या किसी चीज़ पर होता है। इससे पता चला कि वह लोग या चीज़ ख़ुदा के लिए क़ाबिल-ए-क़ुबूल थी। (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

हिस्सा3: तर्जुमे के ख़ास मसाएल

ULT में ‘इब्रानियों में “पाक” और “मुक़द्दस करना” के ख़यालात की नुमाइंदगी कैसे की जाती है?

कलाम किसी के मुख़्तलिफ़ ख़यालात का इशारा करने के लिए ऐसे अल्फ़ाज़ का इस्ते’माल करते हैं। इस वजह से, मुतर्जमीन के लिए अक्सर उनके वर्ज़न में उनकी अच्छी तरह से नुमाइंदगी करना मुश्किल होता है। अंग्रेज़ी में तर्जुमा करने में, ULT मुन्दर्जा ज़ेल उसूलों का इस्ते’माल करता है:

  • कभी-कभी एक हवाले के मतलब इख़लाक़ी पाकीज़गी को ज़ाहिर करते हैं। ख़ुशख़बरी को समझने के लिए ख़ास बात यह है कि ख़ुदा मसीही लोगों को बेगुनाह मानता है क्योंकि वे ‘ईसा मसीह के लिए मुत्तहद हैं। एक और मुता’अल्लिक़ बात यह है कि ख़ुदा कामिल और बे-इल्ज़ाम है। एक तीसरी बात यह है कि मसीही लोगों को अपने आप को बे-क़ुसूर बनाना है, बे-इल्ज़ाम तरीक़े से सुलूक करना है। इन मामलों में, ULT “पाक,” “पाक ख़ुदा,” “मुक़द्दस,” या “पाक लोगों” का इस्ते’माल करता है।
  • कभी-कभी मतलब मसीही लोगों के ज़रिए’ उनके भरे हुए किसी ख़ास किरदार को लागू किए बिना एक ‘आम हवाले का इशारा करता है। इन मामलों में, ULT “ईमानदार” या “ईमानदारों” का इस्ते’माल करता है। (देखें: 6:10; 13:24)
  • कभी-कभी मतलब से मुराद है किसी के ख़याल या किसी चीज़ को सिर्फ़ ख़ुदा के लिए अलग करना। इन मामलों में, ULT “मुक़द्दस करना,” “अलग रखना,” “वक़्फ़,” या “के लिए मख़्सूस” का इस्ते’माल करता है। (देखें: 2:11: 9: 13; 10:10, 14, 29; 13:12)

UST अक्सर मददगार होगी क्योंकि मुतर्जिम सोचते हैं कि कैसे इन ख़यालात को अपने ख़ुद के वर्ज़न में पेश किया जाए।

‘इब्रानियों की किताब के तहरीर में ख़ास मसाएल क्या हैं?

मुन्दर्जा ज़ेल आयात के लिए, किताब-ए-मुक़द्दस के नए वर्ज़न पुराने वर्ज़न से मुख़्तलिफ़ हैं। ULT तहरीर में नई पढ़ाई और पुरानी पढ़ाई को हाशिये में रखा गया है। अगर किताब-ए-मुक़द्दस का तर्जुमा ‘आम ‘इलाक़े में मौजूद है, तो मुतर्जमीन को उन वर्ज़न में पाई गई पढ़ाई का इस्ते’माल करने पर ख़याल करना चाहिए। अगर नहीं, तो मुतर्जमीन को नई पढ़ाई का ‘अमल करने का मशविरा दिया जाता है।

*”तुमने उन्हें जलाल और ‘इज़्ज़त के साथ ताज पहनाया” (2:7)। कुछ पुराने वर्ज़न में पढ़ते हैं, “तुमने उसे जलाल और ‘इज़्ज़त के साथ ताज पहनाया और तुमने उसे अपने हाथों के कामों में लगा दिया।” *”जो लोग हुक्म मानने वालों के साथ ईमान में मुत्तहद नहीं हुए” (4: 2)। कुछ पुराने वर्ज़न ने पढ़ा, “जिन्होंने इसे ईमान में शामिल हुए बिना सुना।” * “मसीह अच्छी चीज़ों के एक सरदार काहिन की शक्ल में आया है” (9:11)। कुछ नए वर्ज़न और पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं, “मसीह अच्छी चीज़ों के एक सरदार काहिन की शक्ल में आया है जो आने वाली हैं।” *”उन लोगों पर जो क़ैदी थे” (10:34)। कुछ पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं, “मेरी ज़ंजीरों में।” * “उन्हें संगसार किया गया। उन्हें आरे से चीरा गया। उन्हें तलवार से मार दिया गया था।” (11:37)। कुछ पुराने वर्ज़न में पढ़ते हैं, “उन्हें पत्थर मारा गया था। उन्हें आरे से चीरा गया। उन्हें लालच दिया गया था। उन्हें तलवार से मार दिया गया था।” * “अगर कोई जानवर पहाड़ को छूता है, तो उसे संगसार किया जाए” (12:20)। कुछ पुराने वर्ज़न पढ़ते हैं, “अगर कोई जानवर पहाड़ को छूता है, तो उसे संगसार किया जाना चाहिए या तीर से छेदना चाहिए।”

(देखें: INVALID translate/translate-textvariants)

Hebrews 1

‘इब्रानियों 01 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

इस बाब में बताया गया है कि फ़रिश्तों के मुक़ाबले ‘ईसा हमारे लिए कैसे ख़ास है।

कुछ मुतर्जमीन ने शा’इरी के हर सतर को बाक़ी तहरीर से कुछ ज़्यादा दाहिने तरफ रख दिया है ताकि पढ़ने में आसानी हो। ULT 1:5, 7-13 में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के लफ़्ज़ हैं।

“हमारे बुज़ुर्गों”

मुसन्निफ़ ने यह ख़त उन मसीही लोगों को लिखा था जो यहूदियों की शक्ल में बड़े हुए थे। यही वजह है कि ख़त को “इब्रानियों” कहा जाता है।

इस बाब में ख़ास अजज़ा-ए-कलाम

बयानबाज़ी के सवाल

मुसन्निफ़ ‘ईसा को फ़रिश्तों से बेहतर साबित करने के तरीक़े की शक्ल में बयानबाजी के सवालों का इस्ते’माल करता है। वह और पढ़ने वाले दोनों ही सवालात के जवाब जानते हैं, और मुसन्निफ़ जानता है कि जैसा कि पढ़ने वाले सवालात के जवाब के बारे में सोचते हैं, उन्हें एहसास होगा कि ख़ुदा का फ़र्ज़न्द फ़रिश्तों में से किसी से भी ज़्यादा ख़ास है।

शा’इरी

पुराने ‘अहदनामे के नबियों की तरह, यहूदी उस्ताद, शा’इरी की शक्ल में अपनी सबसे ख़ास ता’लीमात देते थे ताकि सामा’ उन्हें सीख सकें और याद रख सकें।

Hebrews 1:1

अगरचे इस ख़त में उन हासिल करने वालों का ज़िक्र नहीं है जिन्हें यह भेजा गया था, मुसन्निफ़ ने ख़ास तौर से ‘इब्रानियों (यहूदियों) को लिखा था, जिन्होंने कई पुराने ‘अहदनामे के हवालों को समझा होगा।

यह इब्तिदाई तबसरा पूरी किताब का पसमंज़र बताता है: फ़र्ज़न्द की निहायत ‘अज़मत - फ़र्ज़न्द सब से बड़ा है। किताब इस बात पर ज़ोर देने के साथ शुरू’ होती है कि फ़र्ज़न्द नबियों और फ़रिश्तों से बेहतर है।

Hebrews 1:2

ἐπ’ ἐσχάτου τῶν ἡμερῶν τούτων

इन आख़िरी दिनों में। यह जुमला उस वक़्त का हवाला देता है जब ‘ईसा ने अपनी वज़ारत शुरू’ की थी, तब तक फ़ैलाया जाता है, जब तक कि ख़ुदा अपनी तख़लीक़ में अपनी पूरी हुकूमत क़ायम नहीं कर देता।

ἐν Υἱῷ

यहाँ फ़र्ज़न्द ‘ईसा, ख़ुदा के फ़र्ज़न्द के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ἔθηκεν κληρονόμον πάντων

मुसन्निफ़ बेटे की बात करता है गोया वह अपने बाप से मीरास और दौलत हासिल करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “सभी चीज़ों के मालिक होने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

δι’ οὗ καὶ ἐποίησεν τοὺς αἰῶνας;

यह बेटे के ज़रिए’ से ही ख़ुदा ने भी सभी चीज़ें बनाई हैं

Hebrews 1:3

ἀπαύγασμα τῆς δόξης

उसके जलाल का नूर। ख़ुदा का जलाल बहुत चमकदार नूर से वाबस्ता है। मुसन्निफ़ कह रहा है कि फ़र्ज़न्द उस नूर का निशान है और पूरी तरह से ख़ुदा के जलाल की नुमाइंदगी करता है।

τῆς δόξης καὶ χαρακτὴρ τῆς ὑποστάσεως αὐτοῦ

जलाल, ख़ुदा के होने की तस्वीर। “उसके ज़ात की ‘ऐन मुताबिक़ नुमाइंदगी” मतलब में “ख़ुदा के जलाल की चमक” की मानिन्द है। फ़र्ज़न्द, ख़ुदा के किरदार और जौहर की निशानी है और पूरी तरह से उस सब की नुमाइंदगी करता है जो ख़ुदा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जलाल और ख़ुदा की मानिन्द है” या “जलाल, और ख़ुदा के बारे में जो सच है वह फ़र्ज़न्द के बारे में सच है”

τῷ ῥήματι τῆς δυνάμεως αὐτοῦ

उसका ज़ोरआवर लफ़्ज़। यहाँ “लफ़्ज़” एक पैग़ाम या हुक्म का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसका ज़ोरआवर हुक्म” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

καθαρισμὸν τῶν ἁμαρτιῶν ποιησάμενος

क़यासी इस्म “पाकीज़गी” को एक फ़े’अल की शक्ल में ज़ाहिर किया जा सकता है: “पाक बनाना।” मुतबादिल तर्जुमा: “उसने गुनाहों से हमें पाक करने के बा’द” या “आख़िरकार उसने हमें हमारे गुनाहों से पाक किया” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

καθαρισμὸν τῶν ἁμαρτιῶν ποιησάμενος

मुसन्निफ़ गुनाहों को मु’आफ़ करने की बात करता है गोया वह किसी इन्सान को पाक कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने ख़ुदा के लिए हमारे गुनाहों को मु’आफ़ करना यक़ीनी बना दिया था” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐκάθισεν ἐν δεξιᾷ τῆς Μεγαλωσύνης ἐν ὑψηλοῖς

“ख़ुदा के दाहिने हाथ” पर बैठने के लिए ख़ुदा से बड़ी ‘इज़्ज़त और इख़्तियार हासिल करने का एक ‘अलामती ‘अमल है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह जलाली मक़ाम की बगल में ‘इज़्ज़त और इख़्तियार के मक़ाम पर बैठ गया” (देखें: [[https://git.door43.org/STR/ur-deva_ta/src/branch/master/तर्जुमा:/01.md तर्जुमा-symaction]])

δεξιᾷ τῆς Μεγαλωσύνης ἐν ὑψηλοῖς

यहाँ “जलाली” ख़ुदा का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ता’ला” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 1:4

पहली नबूव्वत जुमला (तुम मेरे बेटे हो) ज़बूर से आता है। नबी सैमुएल ने दूसरा लिखा (मैं उसके लिए बाप बनूंगा)। “वह” के सभी हादसे ‘ईसा, फ़र्ज़न्द का ज़िक्र करते हैं। लफ़्ज़ “तुम” ‘ईसा का हवाला देता है, और लफ़्ज़ “मैं” और “मुझे” ख़ुदा बाप का ज़िक्र करता है।

γενόμενος

बेटा बन गया है

ὅσῳ διαφορώτερον παρ’ αὐτοὺς, κεκληρονόμηκεν ὄνομα

यहाँ “नाम” से मतलब ‘इज़्ज़त और इख़्तियार से है। मुतबादिल तर्जुमा: “‘इज़्ज़त और इख़्तियार जो उन्हें विरासत में मिला है, उनकी ‘इज़्ज़त और इख़्तियार से बेहतर है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

κεκληρονόμηκεν

मुसन्निफ़ ‘इज़्ज़त और इख़्तियार हासिल करने की बात करता है गोया वह अपने बाप से दौलत और मीरास हासिल कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने हासिल किया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 1:5

τίνι γὰρ εἶπέν ποτε τῶν ἀγγέλων, Υἱός μου εἶ σύ…μοι εἰς Υἱόν?

यह सवाल इस बात पर ज़ोर देता है कि ख़ुदा किसी फ़रिश्ते को अपना फ़र्ज़न्द नहीं कहता। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि ख़ुदा ने कभी किसी फ़रिश्ते से नहीं कहा 'तुम मेरे फ़र्ज़न्द हो ... मेरे लिए फ़र्ज़न्द हो।” (देखें:)

Υἱός μου εἶ σύ…ἐγὼ…γεγέννηκά σε

इन दो जुमलों का मतलब ख़ास तौर से एक ही बात है। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

Hebrews 1:6

इस हिस्से में पहला जुमला, “सभी ख़ुदा के फ़रिश्ते ... उन्हें,” उन किताबों में से एक है जो मूसा ने लिखा था। दूसरा जुमला, “वह वही है जो बनाता है ... आग,” ज़बूर से है।

τὸν πρωτότοκον

इसका मतलब है ‘ईसा। मुसन्निफ़ ने फ़र्ज़न्द की ख़ासियत और सभी पर इख़्तियार पर ज़ोर देने के लिए उसे “पहलौठा” की शक्ल में बताया है। इसका मतलब यह नहीं है कि ‘ईसा के ज़हूर में आने से पहले एक वक़्त था या कि ख़ुदा के पास ‘ईसा जैसे दीगर फ़र्ज़न्द हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनका मु’अज़्ज़िज़ फ़र्ज़न्द, उनका इकलौता फ़र्ज़न्द” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

λέγει

ख़ुदा कहता है

Hebrews 1:7

ὁ ποιῶν τοὺς ἀγγέλους αὐτοῦ πνεύματα, καὶ τοὺς λειτουργοὺς αὐτοῦ πυρὸς φλόγα

मुम्किन मतलब हैं 1) “ख़ुदा ने अपने फ़रिश्तों को रूहों की शक्ल में बनाया है जो उन्हें आग की लपटों की तरह क़ुव्वत के साथ ख़िदमत करते हैं” या 2) ख़ुदा हवा और आग की लपटों को अपने क़ासिद और नौकर बनाता है। बुनियादी ज़बान में “फ़रिश्ता” लफ़्ज़ “क़ासिद” की तरह है और “रूहों” के लिए लफ़्ज़ “हवा” की मानिन्द है। या तो यक़ीनी मतलब के साथ, मसला यह है कि फ़रिश्ते फ़र्ज़न्द की ख़िदमत करते हैं क्योंकि वह ख़ास है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 1:8

यह कलाम सम्मत जुमला ज़बूर से आया है।

πρὸς δὲ τὸν Υἱόν

लेकिन ख़ुदा फ़र्ज़न्द से यह कहता है

τὸν Υἱόν

यह ‘ईसा, ख़ुदा के फ़र्ज़न्द के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ὁ θρόνος σου, ὁ Θεὸς, εἰς τὸν αἰῶνα τοῦ αἰῶνος

फ़र्ज़न्द का तख़्त उनकी हुकूमत की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ख़ुदा हो, और तुम्हारी बादशाही हमेशा तक चलेगी” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἡ ῥάβδος τῆς εὐθύτητος ῥάβδος τῆς βασιλείας αὐτοῦ

यहाँ “बादशाही की लाठी” फ़र्ज़न्द की हुकूमत का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और तुम इन्साफ़ के साथ अपनी बादशाही के लोगों पर हुकूमत करोगे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 1:9

ἔχρισέν σε…ἔλαιον ἀγαλλιάσεως παρὰ τοὺς μετόχους σου

यहाँ “ख़ुशी का तेल” उस ख़ुशी का हवाला देता है जो फ़र्ज़न्द ने महसूस की थी जब ख़ुदा ने उसे ‘इज़्ज़त बख़्शी थी। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको ‘इज़्ज़त दी है और तुमको किसी और के मुक़ाबले में ज़्यादा ख़ुश किया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 1:10

यह जुमला एक और ज़बूर से आया है।

मुसन्निफ़ मुसलसल यह समझाता रहता है कि ‘ईसा फ़रिश्तों से बेहतर है।

κατ’ ἀρχάς

इससे पहले कि कुछ होता

τὴν γῆν ἐθεμελίωσας

मुसन्निफ़ ख़ुदा से ज़मीन बनाने की बात करता है गोया उसने एक नींव पर एक ‘इमारत का तख़लीक़ की। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने ज़मीन बनाई” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἔργα τῶν χειρῶν σού εἰσιν οἱ οὐρανοί

यहाँ “हाथ” ख़ुदा की क़ुव्वत और ‘अमल का ज़िक्र करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने आसमान बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 1:11

αὐτοὶ ἀπολοῦνται

आसमान और ज़मीन गायब हो जाएंगे या “आसमान और ज़मीन अब नहीं रहेंगे”

ὡς ἱμάτιον παλαιωθήσονται

मुसन्निफ़ आसमान और ज़मीन की बात करता है गोया वे लिबास का एक टुकड़ा है जो पुराना हो जाएगा और आख़िरकार बेकार हो जाएगा। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

Hebrews 1:12

ὡσεὶ περιβόλαιον ἑλίξεις αὐτούς

मुसन्निफ़ आसमान और ज़मीन की बात करता है गोया वे एक चोग़ा या किसी दीगर क़िस्म के बाहरी लिबास थे। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

ὡς ἱμάτιον καὶ ἀλλαγήσονται

मुसन्निफ़ आसमान और ज़मीन की बात करता है गोया वे लिबास थे जो दीगर लिबास के लिए बदले जा सकते थे। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

ἀλλαγήσονται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम उन्हें बदल दोगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἔτη σου οὐκ ἐκλείψουσιν

वक़्त का ‘अर्सा ख़ुदा के अबदी मौजूदगी की नुमाइंदगी करने के लिए इस्ते’माल किया जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारी ज़िन्दगी कभी ख़त्म नहीं होगी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 1:13

यह जुमला एक और ज़बूर से आया है।

πρὸς τίνα δὲ τῶν ἀγγέλων εἴρηκέν ποτε…τῶν ποδῶν σου?

मुसन्निफ़ इस पर ज़ोर देने के लिए एक सवाल का इस्ते’माल करता है कि ख़ुदा ने यह बात कभी किसी फ़रिश्ते से नहीं कही। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन ख़ुदा ने कभी किसी फ़रिश्ते से नहीं कहा ... पैर।’“ (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

κάθου ἐκ δεξιῶν μου

“ख़ुदा के दाहिने हाथ” पर बैठने के लिए ख़ुदा से बड़ी ‘इज़्ज़त और इख़्तियार हासिल करने का एक ‘अलामती ‘अमल है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरे बगल में ‘इज़्ज़त के मक़ाम पर बैठें” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

ἕως ἂν θῶ τοὺς ἐχθρούς σου, ὑποπόδιον τῶν ποδῶν σου

मसीह के दुश्मनों की बात की जाती है गोया वे एक ऐसी चीज़ बन जाएंगे जिस पर एक बादशाह अपने पैरों को टिका देता है। यह तस्वीर उनके दुश्मनों के लिए हार और बे-‘इज़्ज़ती की नुमाइंदगी करती है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 1:14

οὐχὶ πάντες εἰσὶν λειτουργικὰ πνεύματα…κληρονομεῖν σωτηρίαν?

मुसन्निफ़ इस सवाल का इस्ते’माल पढ़ने वालों को यह याद दिलाने के लिए करता है कि फ़रिश्ते मसीह की तरह ज़ोरआवर नहीं हैं, लेकिन उनका एक अलग किरदार है। मुतबादिल तर्जुमा: “सभी फ़रिश्ते रूह हैं ... जो नजात हासिल करते हैं।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

διὰ τοὺς μέλλοντας κληρονομεῖν σωτηρίαν

ईमानदारों से ख़ुदा ने जो वा’दा किया है, उसे हासिल करना इस तरह की बात है गोया वह ख़ानदान के किसी फ़र्द से मीरास और दौलत हासिल कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों के लिए जिन्हें ख़ुदा बचाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2

‘इब्रानियों 02 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

यह बाब इस बारे में है कि ‘ईसा कैसे मूसा से बेहतर है, सबसे अज़ीम इस्राईली

। कुछ तराजिम ने पढ़ने में आसानी के लिए शा’इरी की हर सतर को बाक़ी तहरीर के मुक़ाबले में दाईं ओर रखा है। ULT 2:6-8, 12-13, में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

भाइयों

मुसन्निफ़ यहूदियों की शक्ल में तरक़्क़ी करने वाले यहूदियों का ज़िक्र करने के लिए शायद लफ़्ज़ “भाइयों” का इस्ते’माल करता है ।

Hebrews 2:1

मुसन्निफ़ के ज़रिए’ दी गई पाँच फ़ौरी हिदायत में से यह पहली है।

δεῖ…ἡμᾶς

यहाँ “हम” मुसन्निफ़ का हवाला देता है और उसके सामा’ईन को शामिल करता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

μήποτε παραρυῶμεν

इस इस्ति’आरे के लिए मुम्किन मतलब हैं 1) जो लोग ख़ुदा के कलाम पर ईमान करना बंद कर देते हैं, उन्हें इस तरह से बोला जाता है गोया वे दूर बह रहे थे, गोया नाव पानी में अपने हाल से बहती है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि हम इस पर ईमान करना बंद न करें” या 2) जो लोग ख़ुदा के कलामों का ‘अमल करना बंद कर देते हैं, उनसे इस क़िस्म बात की जाती है गोया वे दूर जा रहे थे, गोया पानी में नाव अपने हाल से बहती है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि हम उसका ‘अमल करना बंद न करें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2:2

εἰ γὰρ ὁ δι’ ἀγγέλων λαληθεὶς λόγος

यहूदियों का मानना ​​था कि ख़ुदा ने फ़रिश्तों के ज़रिए’ से मूसा से अपनी शरी’अत की बात की थी। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर वह पैग़ाम जो ख़ुदा फ़रिश्तों के ज़रिए’ से बोले” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

εἰ γὰρ ὁ…λόγος

मुसन्निफ़ मुतमइन है कि ये बातें सच हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि पैग़ाम”

πᾶσα παράβασις καὶ παρακοὴ ἔλαβεν ἔνδικον μισθαποδοσίαν

यहाँ “नाराज़गी” और “नाफ़रमानी” उन लोगों के लिए खड़े हैं जो इन गुनाहों के मुजरिम हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह और नाफ़रमानी करने वाले हर इन्सान को सिर्फ़ सज़ा मिलेगी” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

παράβασις καὶ παρακοὴ

इन दो अल्फ़ाज़ का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Hebrews 2:3

πῶς ἡμεῖς ἐκφευξόμεθα τηλικαύτης ἀμελήσαντες σωτηρίας?

मुसन्निफ़ इस सवाल पर ज़ोर देने के लिए इस्ते’माल करता है कि अगर वे मसीह के ज़रिए’ से ख़ुदा की नजात से इनकार करते हैं तो लोग यक़ीनन सज़ा हासिल करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “तब ख़ुदा यक़ीनन हमें सज़ा देगा अगर हम उनके पैग़ाम पर ग़ौर नहीं करते हैं कि ख़ुदा हमें कैसे बचाएगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἀμελήσαντες

ग़ौर न करें या “ग़ैर-ज़रूरी समझना”

ἥτις ἀρχὴν λαβοῦσα, λαλεῖσθαι διὰ τοῦ Κυρίου, ὑπὸ τῶν ἀκουσάντων εἰς ἡμᾶς ἐβεβαιώθη

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। क़यासी इस्म “नजात” का तर्जुमा ज़ुबानी जुमले के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद ख़ुदा ने पहले इस पैग़ाम के बारे में ‘ऐलान किया कि ख़ुदा हमें कैसे बचाएगा और फिर जिन लोगों ने पैग़ाम सुना है, उन्होंने इसकी तस्दीक़ कर दी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 2:4

κατὰ τὴν αὐτοῦ θέλησιν

जिस तरह से वह यह करना चाहता था

Hebrews 2:5

यहाँ हवाला पुराने ‘अहदनामे में ज़बूर की किताब से लिया गया है। यह अगले हिस्से के ज़रिए’ में ज़ारी है।

मुसन्निफ़ इन ‘इब्रानी ईमानदारों को याद दिलाता है कि ज़मीन एक दिन ख़ुदावन्द ‘ईसा की हुकूमत में होगी।

οὐ γὰρ ἀγγέλοις ὑπέταξεν

क्योंकि ख़ुदा ने फ़रिश्तों को हाकिम नहीं बनाया

τὴν οἰκουμένην τὴν μέλλουσαν

यहाँ “दुनिया” उन लोगों का हवाला देता है जो वहाँ रहते हैं। और “आने के लिए” का मतलब है कि मसीह के लौटने के बा’द अगले दौर में यही दुनिया है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग नई दुनिया में रहेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 2:6

τί ἐστιν ἄνθρωπος, ὅτι μιμνῄσκῃ αὐτοῦ

यह बयान बाज़ी का सवाल इन्सानों की हिक़ारत पर ज़ोर देता है और ता’अज्जुब ज़ाहिर करता है कि ख़ुदा उन पर ग़ौर करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्सान हकीर हैं, और फिर भी तू उनका ख़याल करता है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἢ υἱὸς ἀνθρώπου, ὅτι ἐπισκέπτῃ αὐτόν?

मुहावरा “इन्सान का फ़र्ज़न्द” इन्सान का हवाला देता है। इस बयान बाज़ी के सवाल का मतलब बुनियादी तौर से पहले सवाल की तरह ही है। यह ता’अज्जुब ज़ाहिर करता है कि ख़ुदा इन्सानों की देखभाल करेगा, जो हक़ीर हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्सान की अहमियत कम है, और फिर भी तुम उनकी देखभाल करते हो!” (देखें: INVALID translate/figs-idiom और INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-rquestion)

ἢ υἱὸς ἀνθρώπου

फ़े’अल पिछले सवाल से फ़राहम किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “या इन्सान का फ़र्ज़न्द क्या है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

Hebrews 2:7

ἠλάττωσας αὐτὸν, βραχύ τι παρ’ ἀγγέλους

मुसन्निफ़ लोगों के फ़रिश्तों से कम ख़ास होने की बात करता है गोया लोग उस हाल में खड़े हैं जो फ़रिश्तों की हैसियत से कम है। मुतबादिल तर्जुमा: “फ़रिश्तों से कम ख़ास” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἠλάττωσας αὐτὸν…ἐστεφάνωσας αὐτόν

यहाँ, ये जुमले एक ख़ास इन्सान को नहीं बल्कि ‘आम तौर से इन्सानों का हवाला देते हैं, जिसमें मर्द और ‘औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्सान बनाया ... उन्हें ताज पहनाया” (देखें: INVALID translate/figs-genericnoun और INVALID translate/figs-gendernotations)

δόξῃ καὶ τιμῇ ἐστεφάνωσας αὐτόν

जलाल और ‘इज़्ज़त के तोहफ़े के बारे में बात की जाती है गोया वे एक फ़तह मन्द खिलाड़ी के सिर पर रखे गए पत्तों की एक माला थे। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने उन्हें बहुत जलाल और ‘इज़्ज़त दी है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2:8

τῶν ποδῶν αὐτοῦ…αὐτῷ

यहाँ, ये जुमले एक ख़ास इन्सान को नहीं बल्कि ‘आम तौर से इन्सानों का हवाला देते हैं, जिसमें मर्द और ‘औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनके पैर ... उनके लिए” (देखें: INVALID translate/figs-genericnoun और INVALID translate/figs-gendernotations)

πάντα ὑπέταξας ὑποκάτω τῶν ποδῶν αὐτοῦ

मुसन्निफ़ इन्सानों के बारे में सब चीज़ पर क़ाबू रखने की बात करता है गोया उन्होंने अपने पैरों से हर चीज़ पर क़दम रखा है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने उन्हें हर चीज़ पर क़ाबू दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

οὐδὲν ἀφῆκεν αὐτῷ ἀνυπότακτον

इस दोहरे मनफ़ी का मतलब है कि सभी चीज़ें मसीह के ताबे’ होंगी। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने सब कुछ उनके ताबे’ कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

οὔπω ὁρῶμεν αὐτῷ τὰ πάντα ὑποτεταγμένα

हम जानते हैं कि इन्सान अभी तक सब चीज़ क़ाबू नहीं रखता है

Hebrews 2:9

मुसन्निफ़ इन इब्रानी ईमानदारों को याद दिलाता है कि मसीह फ़रिश्तों से कम हो गया जब वह गुनाहों की मु’आफ़ी के लिए ज़मीन पर मौत की तकलीफ़ उठाने के लिए आया, और वह ईमानदारों के लिए एक रहमदिल इमाम-ए-आज़म बन गया।

βλέπομεν Ἰησοῦν

हम जानते हैं कि एक ही है

ἠλαττωμένον

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

παρ’ ἀγγέλους ἠλαττωμένον…δόξῃ καὶ τιμῇ ἐστεφανωμένον

देखें कि तुमने इन अल्फ़ाज़ का तर्जुमा [‘इब्रानियों 2:7] (../02/07.md) में कैसे किया।

γεύσηται θανάτου

मौत के तजुर्बे की बात की जाती है गोया यह ऐसा खाना था जिसका लोग ज़ायका ले सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मौत का तजुर्बा कर सकता है” या “वह मर सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2:10

πολλοὺς υἱοὺς εἰς δόξαν ἀγαγόντα

जलाल के तोहफ़े की बात यहाँ पर की जाती है गोया यह एक ऐसा मक़ाम था जहाँ से लोगों को लाया जा सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “कई बेटों को बचाओ” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

πολλοὺς υἱοὺς

यहाँ यह मसीह में ईमानदारों का हवाला देता है, जिसमें मर्द और ‘औरत शामिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “कई ईमानदार” (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)

τὸν ἀρχηγὸν τῆς σωτηρίας αὐτῶν

मुम्किन मतलब हैं 1) यह एक इस्ति’आरा है जिसमें मुसन्निफ़ नजात की बात करता है गोया यह एक मंज़िल थी और ‘ईसा का उस शख्स के तौर पर जो सड़क पर लोगों के सामने जाता है और उन्हें नजात की ओर ले जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह जो लोगों को नजात की ओर ले जाता है” या 2) यहाँ “रहनुमा” की शक्ल में तर्जुमा किया लफ़्ज़ का मतलब “बानी” हो सकता है और मुसन्निफ़ ‘ईसा की बात करता है जो नजात क़ायम करता है, या लोगों को बचाने के लिए ख़ुदा के लिए यक़ीनी बनाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो उनकी नजात को यक़ीनी बनाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τελειῶσαι

पुख़्ता बनना और पूरी तरह से तरबियत याफ़्ता होना इस तरह से बोला जाता है गोया किसी इन्सान को कामिल बनाया गया हो, शायद उसके जिस्म के सभी हिस्सों में पूरा हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2:11

यह नबूव्वत का जुमला बादशाह दाऊद के एक ज़बूर से आया है।

ὅ…ἁγιάζων

वह जो दूसरों को पाक बनाता है या “वह जो दूसरों को गुनाह से पाक बनाता है”

οἱ ἁγιαζόμενοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें वह पाक बनाता है” या “वे जिन्हें वह गुनाह से पाक करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐξ ἑνὸς

उस ज़रिए’ को वाज़ेह तौर से कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक ज़रिए’, ख़ुद ख़ुदा” या “एक ही बाप है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

οὐκ ἐπαισχύνεται

‘ईसा को शर्म नहीं आती

οὐκ ἐπαισχύνεται ἀδελφοὺς αὐτοὺς καλεῖν

इस दोहरे मनफ़ी का मतलब है कि वह उन्हें अपने भाइयों की शक्ल में दा’वा करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें अपने भाइयों को बुलाने का फ़ज़ल है” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἀδελφοὺς

यहाँ यह उन सभी का हवाला देता है जिन्होंने ‘ईसा पर ईमान किया है, जिसमें मर्द और ‘औरत दोनों शामिल हैं। (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)

Hebrews 2:12

ἀπαγγελῶ τὸ ὄνομά σου τοῖς ἀδελφοῖς μου

यहाँ “नाम” इन्सान की शोहरत और उन्होंने क्या किया है, का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं अपने भाइयों को तुम्हारे ज़रिए’ किए गए बड़े कामों का ‘ऐलान करूंगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν μέσῳ ἐκκλησίας

जब ईमानदार ख़ुदा की ‘इबादत करने के लिए एक साथ आते हैं

Hebrews 2:13

नबी यसा’याह ने ये जुमले लिखे।

καὶ πάλιν,

और एक नबी ने एक दीगर मज़हबी कलाम में लिखा कि मसीह ने ख़ुदा के बारे में क्या कहा:

τὰ παιδία

यह उन लोगों के बारे में बोलता है जो मसीह में ईमान करते हैं गोया वे बच्चे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मेरे बच्चों की तरह हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2:14

τὰ παιδία

यह उन लोगों के बारे में बोलता है जो मसीह में ईमान करते हैं गोया वे बच्चे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मेरे बच्चों की तरह हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

κεκοινώνηκεν αἵματος καὶ σαρκός

“जिस्म और ख़ून” जुमला लोगों के इन्सानी फ़ितरत को ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्या सभी इन्सान हैं” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

αὐτὸς παραπλησίως μετέσχεν τῶν αὐτῶν

‘ईसा ने उसी तरह से जिस्म और ख़ून में हिस्सेदारी की या “‘ईसा उसी तरह इन्सान बने जैसे वो बने थे”

διὰ τοῦ θανάτου

यहाँ “मौत” को एक फ़े’अल की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मर कर” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

τὸ κράτος ἔχοντα τοῦ θανάτου

यहाँ “मौत” को एक फ़े’अल की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों के मरने की वजह बनने की क़ुदरत रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 2:15

ἀπαλλάξῃ τούτους, ὅσοι φόβῳ θανάτου, διὰ παντὸς τοῦ ζῆν, ἔνοχοι ἦσαν δουλείας

मौत के ख़ौफ़ की बात की जाती है गोया यह ग़ुलामी थी। किसी के डर को दूर करने की बात की जाती है क्योंकि यह उस इन्सान को ग़ुलामी से आज़ाद कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसा इसलिए था ताकि वह सभी लोगों को आज़ाद कर सके। क्योंकि हम ग़ुलाम की तरह रहते थे क्योंकि हम मरने से डरते थे” (देखें:)

Hebrews 2:16

σπέρματος Ἀβραὰμ

इब्राहीम की नसलों के बारे में कहा जाता है कि वे उसके बीज थे। मुतबादिल तर्जुमा: “इब्राहीम की नसल” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 2:17

ὤφειλεν

यह ‘ईसा के लिए ज़रूरी था

τοῖς ἀδελφοῖς ὁμοιωθῆναι

यहाँ “भाई” ‘आम तौर से लोगों का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इंसानों की तरह”

εἰς τὸ ἱλάσκεσθαι τὰς ἁμαρτίας τοῦ λαοῦ

सलीब पर मसीह की मौत का मतलब है कि ख़ुदा गुनाहों को मु’आफ़ कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह ख़ुदा के लिए लोगों के गुनाहों को मु’आफ़ करना मुम्किन बनाएगा”

Hebrews 2:18

πειρασθείς

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “शैतान ने उसे लुभाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

πειραζομένοις

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे शैतान लुभा रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 3

‘इब्रानियों 03 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

कुछ तर्जुमा शा’इरी की हर सतर को तहरीर के बाक़ी हिस्सों के मुक़ाबले दाईं ओर रखते हैं ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। ULT 3: 7-11,15 में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के लफ़्ज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

भाइयों

यहूदियों की शक्ल में पले-बढ़े मसीही लोगों का ज़िक्र करने के लिए मुसन्निफ़ शायद “भाइयों” लफ़्ज़ का इस्ते’माल करता है।

इस बाब में ख़ास अजज़ा-ए-कलाम

अपने दिलों को शख़्त करें

एक इन्सान जो अपने दिल को शख़्त करता है वह एक ऐसा इन्सान है जो ख़ुदा की बात नहीं सुने या न माने। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

बयानबाजी के सवाल

मुसन्निफ़ अपने पढ़ने वालों को हिदायत देने के तरीक़े की शक्ल में बयानबाजी के सवालों का इस्ते’माल करता है। वह और पढ़ने वाले दोनों ही सवालों के जवाब जानते हैं, और मुसन्निफ़ को पता है कि जैसा कि पढ़ने वाले सवालों के जवाब के बारे में सोचते हैं, उन्हें एहसास होगा कि उन्हें ख़ुदा को सुनने और उसका ‘अमल करने की ज़रूरत है।

Hebrews 3:1

यह दूसरी हिदायत लंबी और ज़्यादा तफ़्सीली है और इसमें बाब 3 और 4 शामिल हैं। मुसन्निफ़ यह ज़ाहिर करता है कि मसीह अपने ख़ादिम मूसा से बेहतर है।

ἀδελφοὶ ἅγιοι

यहाँ “भाइयों” में साथी मसीही का जिक्र है, जिनमें ‘औरत और मर्द दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मुक़द्दस भाइयों और बहनों” या “मेरे मुक़द्दस साथी ईमानदारों” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-gendernotations)

κλήσεως ἐπουρανίου, μέτοχοι

यहाँ “आसमानी” ख़ुदा की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हमें एक साथ बुलाया है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τὸν ἀπόστολον καὶ ἀρχιερέα τῆς

यहाँ “रसूल” लफ़्ज़ का मतलब है, जिसे भेजा गया है। इस जुमले में, यह बारह रसूलों में से किसी का ज़िक्र नहीं करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने भेजा है और जो इमाम-ए-आज़म है”

τῆς ὁμολογίας ἡμῶν

इसकी वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म “इ’तराफ़” को फ़े’अल “ इ’तराफ़ करना” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे हम क़ुबूल करते हैं” या “जिसमें हम यक़ीन करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 3:2

ἐν τῷ οἴκῳ αὐτοῦ

जिन इब्रानी लोगों पर ख़ुदा ने ख़ुद को ज़ाहिर किया, उनकी बात की जाती है कि वे एक लफ़्ज़ी घर थे। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सभी लोगों के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 3:3

οὗτος…ἠξίωται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने ‘ईसा पर ग़ौर किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 3:4

ὁ…πάντα κατασκευάσας

दुनिया को बनाने के लिए ख़ुदा के कामों की बात की जाती है गोया उन्होंने एक घर बनाया था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

πᾶς…οἶκος κατασκευάζεται ὑπό τινος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर घर में कोई है जिसने इसे बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 3:5

ἐν ὅλῳ τῷ οἴκῳ αὐτοῦ

जिन इब्रानी लोगों पर ख़ुदा ने ख़ुद को ज़ाहिर किया, उनके बारे में कहा जाता है कि वे एक लफ़्ज़ी घर थे। देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 3: 2] (../03/02.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς μαρτύριον τῶν

यह जुमला शायद मूसा के सभी कामों का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा की ज़िन्दगी और काम चीज़ों की ओर इशारा करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

λαληθησομένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “‘ईसा मुस्तक़बिल में कहेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 3:6

Υἱὸς

यह ‘ईसा, ख़ुदा के फ़र्ज़न्द के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ἐπὶ τὸν οἶκον αὐτοῦ

यह ख़ुदा के लोगों के बारे में बोलता है गोया वे एक लफ़्ज़ी घर थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा के लोगों पर हुकूमत करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

οὗ οἶκός ἐσμεν ἡμεῖς

यह ख़ुदा के लोगों की बात करता है गोया वे एक लफ़्ज़ी घर हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हम ख़ुदा के लोग हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐὰν τὴν παρρησίαν καὶ τὸ καύχημα τῆς ἐλπίδος κατάσχωμεν

यहाँ “हौसला” और “उम्मीद” क़यासी हैं और फ़ा’अल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर हम मुसलसल हौसला और ख़ुशी से ख़ुदा से उम्मीद करते हैं कि उसने जो वा’दा किया है, उसे करें” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 3:7

यह जुमला पुराने ‘अहदनामे से ज़बूर की किताब से आता है।

यहाँ पर हिदायत इस बात की याद दिलाती है कि इस्राईलियों की बे-ईमानी ने लगभग सभी को उस ज़मीन में दाख़िल करने से रोक दिया, जो ख़ुदा ने उनसे वा’दा किया था।

ἐὰν τῆς φωνῆς αὐτοῦ ἀκούσητε

ख़ुदा की “आवाज़” उसके बोलने की नुमाइंदगी करती है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तुम ख़ुदा को बोलते सुनते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 3:8

μὴ σκληρύνητε τὰς καρδίας ὑμῶν

यहाँ “दिल” एक इन्सान के ज़हन के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। जुमले “अपने दिल को शख़्त” जिद्दी होने के लिए एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिद्दी मत बनो” या “सुनने से इनकार मत करो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὡς ἐν τῷ παραπικρασμῷ, κατὰ τὴν ἡμέραν τοῦ πειρασμοῦ, ἐν τῇ ἐρήμῳ

यहाँ “बग़ावत” और “आज़माइश” को फ़े’अल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तुम्हारे बुज़ुर्गों ने ख़ुदा के ख़िलाफ़ बगावत की और जंगल में उसकी आज़माइश की” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 3:9

यह जुमला ज़बूर से है।

οἱ πατέρες ὑμῶν

यहाँ “तुम्हारा” जमा’ है और इज़राइल के लोगों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

ἐν δοκιμασίᾳ

यहाँ “मुझे” ख़ुदा का हवाला देता है।

Hebrews 3:10

τεσσεράκοντα ἔτη

40 साल (देखें: INVALID translate/translate-numbers)

προσώχθισα

मैं ग़ुस्से में था या “मैं बहुत परेशान था”

ἀεὶ πλανῶνται τῇ καρδίᾳ

यहाँ “उनके दिलों में गुमराह हो गए” ख़ुदा के लिए वफ़ादार न होने का एक इस्ति’आरा है। यहाँ “दिल” ज़हन या ख़्वाहिशों का एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने हमेशा मुझे मुस्तरद कर दिया है” या “उन्होंने हमेशा मेरी बात मानने से इनकार कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

οὐκ ἔγνωσαν τὰς ὁδούς μου

यह किसी की ज़िन्दगी के नुज़्ज़म के तरीक़े की बात करता है गोया यह एक तरीक़ा या एक रास्ता था। मुतबादिल तर्जुमा: “वे समझ नहीं पाए हैं कि मैं कैसे उन्हें अपनी ज़िन्दगी का नुज़्ज़म कराना चाहता हूं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 3:11

εἰ εἰσελεύσονται εἰς τὴν κατάπαυσίν μου

ख़ुदा के ज़रिए ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वे बाक़ी थे जो वह दे सकते थे, और गोया वे एक ऐसी जगह थी जिस पर लोग जा सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वे कभी आराम की जगह पर दाख़िल नहीं करेंगे” या “मैं उन्हें अपने आराम की बरकत का अहसास कभी नहीं करने दूंगा” (देखें INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 3:12

ἀδελφοί

यहाँ यह मर्दों और ‘औरतों समेत साथी ईसाइयों का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “भाइयों और बहनों” या “साथी ईमानदारों” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-gendernotations)

μήποτε ἔσται ἔν τινι ὑμῶν καρδία πονηρὰ ἀπιστίας, ἐν τῷ ἀποστῆναι ἀπὸ Θεοῦ ζῶντος

यहाँ “दिल” एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है जो किसी इन्सान के ज़हन या ख़्वाहिश की नुमाइंदगी करता है। ख़ुदा को मानना और मानने से इंकार करना इस तरह से कहा जाता है गोया दिल नहीं मानता था और यह जिस्मानी तौर से ख़ुदा से दूर हो गया। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम में से कोई भी ऐसा नहीं होगा जो सच को मानने से इंकार करे और जो ज़िन्दा ख़ुदा की फरमाबरदारी करना ​​बंद कर दे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Θεοῦ ζῶντος

सच्चा ख़ुदा जो हक़ीक़त में ज़िन्दा है

Hebrews 3:13

ἄχρις οὗ, τὸ σήμερον, καλεῖται

जबकि अभी भी मौक़ा है,

μὴ σκληρυνθῇ τις ἐξ ὑμῶν ἀπάτῃ τῆς ἁμαρτίας

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह की धोखेबाज़ी तुममें से कोई को भी सख़्त नहीं करेगी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μὴ σκληρυνθῇ τις ἐξ ὑμῶν ἀπάτῃ τῆς ἁμαρτίας

जिद्दी होने को शख़्त होने या शख़्त दिल होने की बात की जाती है। सख़्ती गुनाह के ज़रिए’ फ़रेब दिए जाने का नतीजा है। इसे फिर से तशरीह किया जा सकता है ताकि क़यासी इस्म “फ़रेब” को फ़े’अल “धोका” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम में से कोई भी गुनाह से फ़रेब नहीं खाएगा और जिद्दी बन जाएगा” या “तुम गुनाह नहीं करते हो, ख़ुद को धोका दे रहे हो ताकि तुम जिद्दी हो जाओ” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 3:14

यह उसी ज़बूर से जुमला ज़ारी रहता है जिसका [‘इब्रानियों 3:7] (../03/07.md) में भी हवाला किया गया था।

γὰρ…γεγόναμεν

यहाँ “हम” मुसन्निफ़ और पढ़ने वाले दोनों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἐάνπερ…τῆς ὑποστάσεως…βεβαίαν κατάσχωμεν

अगर हम ईमान के साथ उस पर भरोसा करते रहे

τὴν ἀρχὴν

जब से हम पहली बार उस पर ईमान करना शुरू’ करते हैं

μέχρι τέλους

यह हवाला देने का एक हलीम तरीक़ा है जब एक इन्सान मरता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तक हम मरते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)

Hebrews 3:15

λέγεσθαι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुसन्निफ़ ने लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐὰν τῆς φωνῆς αὐτοῦ ἀκούσητε

ख़ुदा की “आवाज़” उसे बोलने की नुमाइंदगी करती है। देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 3:7] (../03/07.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तुम ख़ुदा की बात सुनते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὡς ἐν τῷ παραπικρασμῷ

यहाँ “बग़ावत” को एक फ़े’अल की शक्ल में कहा जा सकता है। देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 3:8] (../03/08.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तुम्हारे बुज़ुर्गों ने ख़ुदा के ख़िलाफ़ बग़ावत की” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 3:16

“वे” लफ़्ज़ नाफ़रमान इस्राईलियों का हवाला देता है, और “हम” मुसन्निफ़ और पढ़ने वालों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

τίνες γὰρ ἀκούσαντες παρεπίκραναν? ἀλλ’ οὐ πάντες οἱ ἐξελθόντες ἐξ Αἰγύπτου διὰ Μωϋσέως?

मुसन्निफ़ अपने पढ़ने वालों को पढ़ाने के लिए सवालों का इस्ते’माल करता है। जरूरत पड़ने पर इन दोनों सवालों को एक तहरीर की शक्ल में जोड़ा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा के साथ मिस्र से बाहर आने वाले सभी लोगों ने ख़ुदा को सुना, फिर भी उन्होंने बग़ावत कर दी।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Hebrews 3:17

τίσιν δὲ προσώχθισεν τεσσεράκοντα ἔτη? οὐχὶ τοῖς ἁμαρτήσασιν, ὧν τὰ κῶλα ἔπεσεν ἐν τῇ ἐρήμῳ?

मुसन्निफ़ अपने पढ़ने वालों को पढ़ाने के लिए सवालों का इस्ते’माल करता है। ज़रूरत पड़ने पर इन दोनों सवालों को एक तहरीर की शक्ल में जोड़ा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चालीस साल तक, ख़ुदा गुनाह करने वालों से नाराज़ था, और उसने उन्हें बियाबान में मरने दिया।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τεσσεράκοντα ἔτη

40 साल (देखें: INVALID translate/translate-numbers)

Hebrews 3:18

τίσιν δὲ ὤμοσεν μὴ εἰσελεύσεσθαι εἰς τὴν κατάπαυσιν αὐτοῦ, εἰ μὴ τοῖς ἀπειθήσασιν?

मुसन्निफ़ अपने पढ़ने वालों को पढ़ाने के लिए इस सवाल का इस्ते’माल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और यह उन लोगों के लिए था जो नाफ़रमानी करते थे कि उसने क़सम खाई थी कि वे उसकी आराम में दाख़िल नहीं होंगे।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ εἰσελεύσεσθαι εἰς τὴν κατάπαυσιν αὐτοῦ

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वह आराम है जो वह दे सकता है, और गोया वे एक ऐसा मक़ाम हैं जहाँ पर लोग जा सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वे आराम के मक़ाम में दाख़िल नहीं होंगे” या “वे आराम के अपने बरकतों का तजुर्बा नहीं करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 3:19

δι’ ἀπιστίαν

क़यासी इस्म “बे-यक़ीनी” का तर्जुमा ज़ुबानी जुमले के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि उन्होंने उस पर यक़ीन नहीं किया” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 4

‘इब्रानियों 04 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

यह बाब बताता है कि ‘ईसा सबसे बड़ा इमाम-ए-आज़म क्यों है।

कुछ तराजिम ने शा’इरी को तहरीर की हर सतर को तहरीर के बाक़ी हिस्सों के मुक़ाबले में दाईं ओर रखा है ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। ULT इसे शा’इरी में 4:3-4, 7 के साथ करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

ख़ुदा का आराम

लफ़्ज़ “बाक़ी” ऐसा लगता है कि इस बाब में कम से कम दो बातों का हवाला देता है। यह एक ऐसे मक़ाम या वक़्त का हवाला देता है जब ख़ुदा अपने लोगों को अपने काम से आराम करने की इजाज़त देगा ([‘इब्रानियों 4:3] (../../heb/04/03/3md), और यह ख़ुदा को आराम करने का हवाला देता है सातवें दिन ([‘इब्रानियों 4:4] (../../heb/04/04.md))।

Hebrews 4:1

बाब 4 [‘इब्रानियों 3:7] (../03/07.md) में शुरू’ होने वाले ईमानदारों के लिए हिदायत ज़ारी रखता है। ख़ुदा, मुसन्निफ़ के ज़रिए’ से, ईमानदारों को आराम देता है जिसमें से दुनिया की तख़लीक़ में ख़ुदा का आराम एक तस्वीर है।

οὖν

क्योंकि जो मैंने अभी कहा है वह सच है या “चूँकि ख़ुदा नाफ़रमानी करने वालों को यक़ीनन सज़ा देगा “

μήποτε καταλειπομένης ἐπαγγελίας εἰσελθεῖν εἰς τὴν κατάπαυσιν αὐτοῦ, δοκῇ τις ἐξ ὑμῶν ὑστερηκέναι

ख़ुदा के वा’दे की बात की जाती है गोया यह एक तोहफ़ा था जिसे ख़ुदा ने लोगों को मिलने के बा’द पीछे छोड़ दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम में से कोई भी ख़ुदा के आराम में दाख़िल करने में नाकाम रहता है, जो उसने हमसे वा’दा किया था” या “ख़ुदा तुम सभी को उसके आराम में दाख़िल करने की इजाज़त देगा जैसा उसने हमसे वा’दा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰσελθεῖν εἰς τὴν κατάπαυσιν αὐτοῦ

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वे आराम थे जो वह दे सकता था, और गोया वे एक ऐसी जगह थी जिस पर लोग जा सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “आराम की जगह में दाख़िल करने के लिए” या “ख़ुदा के आराम की बरकत का तजुर्बा करने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:2

γάρ ἐσμεν εὐηγγελισμένοι καθάπερ κἀκεῖνοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा हमने किया वैसी ही ख़ुशख़बरी सुनी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

καθάπερ κἀκεῖνοι

यहाँ “वे” ‘इब्रानियों के बुज़ुर्गों का हवाला देते हैं जो मूसा के वक़्त ज़िन्दा थे।

ἀλλ’ οὐκ ὠφέλησεν ὁ λόγος τῆς ἀκοῆς ἐκείνους, μὴ συνκεκερασμένους τῇ πίστει τοῖς ἀκούσασιν

लेकिन उस पैग़ाम से उन लोगों को फ़ायदा नहीं हुआ जो ईमान करने वाले और उनके हुक्म मानने वाले लोगों के साथ नहीं जुड़े। मुसन्निफ़ लोगों की दो जमा’अत के बारे में बात कर रहा है, जिन्होंने ईमान के साथ ख़ुदा का ‘अहद हासिल किया, और जिन्होंने इसे सुना, लेकिन ईमान नहीं किया। इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन उस पैग़ाम से सिर्फ़ उन लोगों को फ़ायदा हुआ जिन्होंने इसे माना और उसका ‘अमल किया” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

Hebrews 4:3

यहाँ पहला जुमला, “जैसे कि मैंने क़सम खाई थी ... आराम करो,” यह ज़बूर से है। दूसरा जुमला, “ख़ुदा ने आराम किया ... ‘आमाल,” मूसा की तहरीर से है। तीसरा जुमला, “वे कभी दाख़िल नहीं करेंगे ... आराम,” फिर से उसी ज़बूर से है।

οἱ πιστεύσαντες

हम जो मानते हैं

εἰσερχόμεθα…εἰς κατάπαυσιν, οἱ πιστεύσαντες

ख़ुदा के ज़रिए’ अता’ की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वे आराम थे जो वह दे सकते थे, और गोया वे एक ऐसी जगह थे जिस पर लोग जा सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें ईमान है कि आराम की जगह में दाख़िल करेंगे” या “हमें ईमान है कि ख़ुदा के आराम की बरकत का तजुर्बा होगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

καθὼς εἴρηκεν

जैसा ख़ुदा ने कहा है

ὡς ὤμοσα ἐν τῇ ὀργῇ μου

जब मैंने क़सम खाई थी जब मैं बहुत ग़ुस्से में था

εἰ εἰσελεύσονται εἰς τὴν κατάπαυσίν μου

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वे आराम थे जो वह दे सकते थे, और गोया वे एक ऐसी जगह थे जिस पर लोग जा सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वे कभी आराम की जगह पर दाख़िल नहीं करेंगे” या “वे मेरे आराम की बरकत का कभी तजुर्बा नहीं करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τῶν ἔργων…γενηθέντων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने तख़लीक़ मुकम्मल की” या “उसने अपनी तख़लीक़ के काम मुकम्मल किए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἀπὸ καταβολῆς κόσμου

मुसन्निफ़ दुनिया की बात करता है गोया यह एक नींव पर क़ायम ‘इमारत थी। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनिया की शुरु’आत में” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:4

τῆς ἑβδόμης

यह “सात” के लिए ‘आम गिनती है। (देखें: INVALID translate/translate-ordinal)

Hebrews 4:6

ἀπολείπεται τινὰς εἰσελθεῖν εἰς αὐτήν

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वे आराम थे जो वह दे सकते थे, और गोया वे एक ऐसी जगह थे जिस पर लोग जा सकते थे। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा अभी भी कुछ लोगों को अपने आराम की जगह में दाख़िल करने की इजाज़त देता है” या “ख़ुदा अभी भी कुछ लोगों को अपने आराम की बरकत का तजुर्बा करने की इजाज़त देता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:7

यहाँ हमें पता चलता है कि ज़बूर का यह जुमला दाऊद के ([‘इब्रानियों 3:7-8] (../03/07.md)) ज़रिए’ लिखा गया था।

ἐὰν τῆς φωνῆς αὐτοῦ ἀκούσητε

इस्राईल के लिए ख़ुदा के अहकाम के बारे में बात की जाती है गोया उसने उन्हें एक सुनने वाली आवाज़ में दिया था। देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 3:7] (../03/07.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर तुम ख़ुदा को बोलते हुए सुनते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ σκληρύνητε τὰς καρδίας ὑμῶν

यहाँ “दिल” एक इन्सान के ज़हन के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। जुमले “अपने दिल को शख़्त” जिद्दी होने के लिए एक इस्ति’आरा है। देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 3:8] (../03/08.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “जिद्दी मत बनो” या “सुनने से इनकार मत करो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 4:8

यहाँ मुसन्निफ़ ईमानदारों को नाफ़रमानी न करने की हिदायत देता है लेकिन बाक़ी ख़ुदा की पेशकश में दाख़िल होने के लिए। वह उन्हें याद दिलाता है कि ख़ुदा का कलाम उन्हें मुजरिम ठहराएगा और वे इस ईमान के साथ दु’आ में आ सकते हैं कि ख़ुदा उनकी मदद करेगा।

εἰ…αὐτοὺς Ἰησοῦς κατέπαυσεν

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त के बारे में बात की जाती है गोया वे आराम थे जो यशू’अ दे सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर यशू’अ इस्राईलियों को उस मक़ाम पर लाया था जहाँ ख़ुदा उन्हें आराम देगा” या “अगर यहोशू के वक़्त के दौरान इस्राईलियों ने ख़ुदा की बरकत का तजुर्बा किया होता” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:9

ἀπολείπεται σαββατισμὸς τῷ λαῷ τοῦ Θεοῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अभी भी एक सबत आराम है जिसे ख़ुदा ने अपने लोगों के लिए महफ़ूज़ किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

σαββατισμὸς

अबदी सलामती और हिफ़ाज़त की बात की जाती है गोया वे सबत के दिन थे, यहूदी इबादत के दिन और काम करने से आराम करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “एक अबदी आराम” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:10

ὁ…εἰσελθὼν εἰς τὴν κατάπαυσιν αὐτοῦ

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त की बात की जाती है गोया वे दाख़िल होने के लिए एक जगह हो। मुतबादिल तर्जुमा: “वह इन्सान जो ख़ुदा के आरामगाह में दाख़िल करता है” या “वह इन्सान जो ख़ुदा के आराम की बरकत का तजुर्बा करता है” (देखें:)

Hebrews 4:11

σπουδάσωμεν…εἰσελθεῖν εἰς ἐκείνην τὴν κατάπαυσιν

ख़ुदा के ज़रिए’ ‘अता की गई सलामती और हिफ़ाज़त की बात की जाती है गोया वे दाख़िल होने के लिए एक जगह थे। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें वह सब कुछ करना चाहिए जो हम ख़ुदा के साथ आराम करने के लिए कर सकते हैं जहाँ वह है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τῷ αὐτῷ τις ὑποδείγματι πέσῃ τῆς ἀπειθείας

नाफ़रमानी की बात की जाती है गोया यह एक सुराख़ था जिसमें एक इन्सान जिस्मानी तौर से हादसे से गिर सकता है। इस जुमले की वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म “नाफ़रमान” को फ़े’अल “नाफ़रमानी” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “उसी तरह से नाफ़रमानी करेंगे जैसे उन्होंने की थी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)

यहाँ “वे” मूसा के वक़्त के ‘इब्रानियों के बुज़ुर्गों का हवाला देता है।

Hebrews 4:12

ζῶν…ὁ λόγος τοῦ Θεοῦ

यहाँ “ख़ुदा का कलाम” किसी भी चीज़ का हवाला देता है जिसकी ख़ुदा ने इंसानियत से बातचीत की है, चाहे तक़रीर के ज़रिए’ से या तहरीरी पैग़ामों के ज़रिए’ से। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के कलाम ज़िन्दा हैं”

ζῶν…καὶ ἐνεργὴς

यह ख़ुदा के कलाम के बारे में बोलता है गोया वह ज़िन्दा था। इसका मतलब है जब ख़ुदा बोलता है, तो वह ज़ोरआवर और असरदार होता है। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τομώτερος, ὑπὲρ πᾶσαν μάχαιραν δίστομον

एक दोधारी तलवार एक इन्सान के जिस्म के ज़रिए’ आसानी से काट सकती है। किसी इन्सान के दिल और ख़यालात में क्या है यह दिखाने में ख़ुदा का कलाम बहुत असरदार है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μάχαιραν δίστομον

एक ब्लेड के साथ एक तलवार जो दोनों किनारों पर तेज होती है

καὶ διϊκνούμενος ἄχρι μερισμοῦ ψυχῆς καὶ πνεύματος, ἁρμῶν τε καὶ μυελῶν

यह ख़ुदा के कलाम के बारे में बोलता रहता है गोया वह एक तलवार हो। यहाँ तलवार इतनी तेज होती है कि वह इंसान के उन हिस्सों को काट सकती है और बाँट सकती है, जिन्हें बाँटना बहुत मुश्किल या बे-यक़ीनी है। इसका मतलब है कि हमारे अंदर ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे हम ख़ुदा से छिपा सकें। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ψυχῆς καὶ πνεύματος

ये इन्सान के दो अलग-अलग लेकिन बारीकी से जुड़े ग़ैर-मुता’अल्लिक़ हिस्से हैं। “रूह” वह है जो किसी इन्सान के ज़िन्दा होने का सबब बनता है। “रूह” एक ऐसे इन्सान का हिस्सा है जो उसे ख़ुदा को जानने और ईमान करने में क़ाबिल बनाता है।

ἁρμῶν τε καὶ μυελῶν

“जोड़” वह है जो दो हड्डियों को एक साथ रखता है। “मज्जा” हड्डी का मरकज़ी हिस्सा है।

κριτικὸς

यह ख़ुदा के कलाम के बारे में बोलता है गोया वह एक इन्सान था जो कुछ जान सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “बेनक़ाब” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἐνθυμήσεων καὶ ἐννοιῶν καρδίας

यहाँ दिल “अंदरूनी ख़ुदी” के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक इन्सान क्या सोच रहा है और करने का इरादा रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 4:13

οὐκ ἔστιν κτίσις ἀφανὴς ἐνώπιον αὐτοῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के ज़रिए’ बनाया गया कुछ भी उससे पोशीदा नहीं हो सकता” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

πάντα…γυμνὰ καὶ τετραχηλισμένα

यह तमाम चीज़ों के बारे में बोलता है गोया वे एक इन्सान थे जो नंगे खड़े थे, या एक संदूक़ जो खुला है। मुतबादिल तर्जुमा: “सब कुछ पूरी तरह से बे-नक़ाब हो गया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

γυμνὰ καὶ τετραχηλισμένα

इन दो अल्फ़ाज़ का बुनियादी तौर से एक ही मतलब और इस बात पर ज़ोर देना है कि कुछ भी ख़ुदा से छिपा नहीं है। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

τοῖς ὀφθαλμοῖς αὐτοῦ, πρὸς ὃν ἡμῖν ὁ λόγος

ख़ुदा के बारे में कहा जाता है गोया उनकी आँखें थीं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा, जो हम कैसे जिए हैं उसका इन्साफ़ करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:14

διεληλυθότα τοὺς οὐρανούς

जहाँ ख़ुदा है कौन दाख़िल हुआ है

τὸν Υἱὸν τοῦ Θεοῦ

यह ‘ईसा के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

κρατῶμεν τῆς ὁμολογίας

ईमान और ऐतिमाद की बात की जाती है गोया वे ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें एक इन्सान मज़बूती से पकड़ सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “हम उस पर ईमान करते रहना ज़ारी रखें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 4:15

οὐ…ἔχομεν ἀρχιερέα μὴ δυνάμενον συνπαθῆσαι…δὲ

इस दोहरे मनफ़ी का मतलब है कि, हक़ीक़त में, ‘ईसा लोगों के साथ हमदर्दी महसूस करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे पास एक इमाम-ए-आज़म है जो हमदर्दी महसूस कर सकता है ... बेशक, हमारे पास” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

πεπειρασμένον…κατὰ πάντα καθ’ ὁμοιότητ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने हर तरह से लालच को बरदाश्त किया है जो हमारे पास है” या “जिसे शैतान ने हर तरह से लुभाया है जो वह हमें ललचाता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

χωρὶς ἁμαρτίας

उसने गुनाह नहीं किया

Hebrews 4:16

τῷ θρόνῳ τῆς χάριτος

ख़ुदा का तख़्त, जहाँ फ़ज़ल है। यहाँ “तख़्त” का मतलब है ख़ुदा का बादशाह की शक्ल में हुकूमत करना। मुतबादिल तर्जुमा: “जहाँ हमारा मेहरबान ख़ुदा अपने तख़्त पर बैठा है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

λάβωμεν ἔλεος, καὶ χάριν εὕρωμεν, εἰς εὔκαιρον βοήθειαν

यहाँ “रहम” और “फ़ज़ल” की बात की जाती है गोया वे ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें दिया जा सकता है या पाया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा रहमदिल और मेहरबान हो सकता है और ज़रूरत के वक़्त हमारी मदद कर सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 5

‘इब्रानियों 05 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

यह बाब पिछले बाब की ता’लीम का सिलसिला है।

कुछ तराजिम ने शा’इरी की हर सतर को बाक़ी तहरीर के हिस्सों के मुक़ाबले में दाईं ओर रखकर पढ़ने में आसान बना दिया है। ULT 5:5-6 में ये शा’इरी के साथ ऐसा करता है।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

सरदार काहिन

सिर्फ़ एक इमाम-ए-आज़म क़ुर्बानी दे सकता है ताकि ख़ुदा गुनाहों को मु’आफ़ कर सके, इसलिए ‘ईसा इमाम-ए-आज़म बना। मूसा की शरी’अत ने हुक्म दिया कि इमाम-ए-आज़म लावी के क़बीले में से होगा, लेकिन ‘ईसा यहूदा के क़बीले से था। ख़ुदा ने उसे काहिन मलिक-ए-सिद्क़ की मानिन्द एक काहिन बनाया, जो इब्राहीम के वक़्त में रहता था, इससे पहले कि लावी का क़बीला था।

इस बाब में ख़ास अजज़ा-ए-कलाम

दूध और शख़्त खाना

मुसन्निफ़ उन मसीही लोगों की बात करता है जो सिर्फ़ ‘ईसा के बारे में आसान चीज़ों को समझने के क़ाबिल हैं गोया वे बच्चे थे, जो सिर्फ़ दूध पीते हैं और शख़्त खाना नहीं खा सकते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 5:1

मुसन्निफ़ पुराने ‘अहदनामे के काहिनों की गुनाहगारी का ज़िक्र करता है, फिर वह दिखाता है कि मसीह के पास एक बेहतर क़िस्म की कहानत है, जो हारून की कहानत पर नहीं बल्कि मलिक-ए-सिद्क़ की कहानत पर मुनहस्सिर है।

ἐξ ἀνθρώπων λαμβανόμενος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा लोगों में से चुनता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

καθίσταται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा मुक़र्रर करता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὑπὲρ ἀνθρώπων καθίσταται

लोगों की नुमाइंदगी करने के लिए

Hebrews 5:2

τοῖς…πλανωμένοις

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे ... जिन्हें दूसरों ने फ़रेब दिया है” या “वे ... जो बातिल को मानते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

πλανωμένοις

जो झूठी बातों को मानते हैं और इसलिए बुरा सुलूक करते हैं

περίκειται ἀσθένειαν

इमाम-ए-आज़म की अपनी कमज़ोरी के बारे में बात की जाती है गोया वह एक दीगर इन्सान था जो उस पर हुकूमत करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “रूहानी तौर से कमज़ोर है” या “गुनाह के ख़िलाफ़ कमज़ोर है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἀσθένειαν

गुनाह करने की ख़्वाहिश

Hebrews 5:3

ὀφείλει

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा को भी उसकी ज़रूरत है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 5:4

यह जुमला पुराने ‘अहदनामे के ज़बूर से है।

λαμβάνει τὴν τιμήν

‘इज़्ज़त की बात की जाती है गोया यह एक ऐसी चीज़ थी जिसे कोई इन्सान अपने हाथों में पकड़ सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

λαμβάνει τὴν τιμήν

“‘इज़्ज़त” या ता’रीफ़ और अहतिराम जो लोगों ने अपने काम के लिए सरदार काहिन को दी (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

καλούμενος ὑπὸ τοῦ Θεοῦ, καθώσπερ καὶ Ἀαρών

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे बुलाया, जैसे उसने हारून को बुलाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 5:5

ὁ λαλήσας πρὸς αὐτόν

ख़ुदा ने उससे कहा

Υἱός μου εἶ σύ, ἐγὼ σήμερον γεγέννηκά σε

इन दो जुमलों का मतलब ख़ास तौर से एक ही बात है। देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 1:5 में इसका तर्जुमा कैसे किया। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

Υἱός

ये ख़ास उनवान हैं जो ‘ईसा और ख़ुदा के बाप के बीच के ता’अल्लुक़ का ज़िक्र करते हैं। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Hebrews 5:6

यह नबूव्वत दाऊद की ज़बूर से है।

καὶ…λέγει

जिसे ख़ुदा बोल रहा है उसे वाज़ेह तौर से कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मसीह से भी कहता है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐν ἑτέρῳ

कलामों में दूसरे मक़ाम पर

κατὰ τὴν τάξιν Μελχισέδεκ

इसका मतलब यह है कि एक काहिन की शक्ल में मसीह के पास एक काहिन की शक्ल में मलिक-ए-सिद्क़ के साथ चीज़ें मुश्तरक हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसी तरह जिस तरह मलिक-ए-सिद्क़ एक काहिन था”

Hebrews 5:7

ἐν ταῖς ἡμέραις τῆς σαρκὸς αὐτοῦ

यहाँ “दिन” वक़्त के ‘अर्से के लिए खड़ा है। और, ‘ईसा के दुनियावी ज़िन्दगी के लिए “जिस्म” खड़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जबकि वह ज़मीन पर रहता था” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

δεήσεις…καὶ ἱκετηρίας

ये दोनों अल्फ़ाज़ बुनियादी तौर से एक ही चीज़ है। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

τὸν δυνάμενον σῴζειν αὐτὸν ἐκ θανάτου

मुम्किन मतलब हैं 1) ख़ुदा मसीह को बचाने में क़ाबिल था ताकि वह मर न जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे मरने से बचाने के लिए” या 2) ख़ुदा मसीह की मौत के बा’द उसे फिर से ज़िन्दा करके मसीह को बचाने के क़ाबिल था। अगर मुम्किन हो तो, इस तरह से तर्जुमा करें जो दोनों तशरीहात को इजाज़त देता हो।

εἰσακουσθεὶς

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे सुना” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 5:8

υἱός

यह ‘ईसा, ख़ुदा के फ़र्ज़न्द के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Hebrews 5:9

आयत 11 में मुसन्निफ़ ने अपनी तीसरी हिदायत शुरू’ की। वह इन ईमानदारों को हिदायत देता है कि वे अभी भी पुख़्ता नहीं हैं और उन्हें ख़ुदा के कलाम को सीखने के लिए हौसला देते हैं ताकि वे ग़लत से सही समझ सकें।

τελειωθεὶς

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे कामिल बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τελειωθεὶς

यहाँ इसका मतलब है पुख़्ता होना, ज़िन्दगी के तमाम पहलुओं में ख़ुदा की ‘इज़्ज़त करना।

ἐγένετο πᾶσιν τοῖς ὑπακούουσιν αὐτῷ αἴτιος σωτηρίας αἰωνίου

क़यासी इस्म “नजात” को एक फ़े’अल की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अब वह उन सभी को बचाता है जो उसका हुक्म मानते हैं और उन्हें हमेशा के लिए जीने का सबब बनाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 5:10

προσαγορευθεὶς ὑπὸ τοῦ Θεοῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे नामज़द किया” या “ख़ुदा ने उसे मुक़र्रर किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κατὰ τὴν τάξιν Μελχισέδεκ

इसका मतलब यह है कि बतौर काहिन मसीह के पास चीज़ें मलिक-ए-सिद्क़ काहिन के साथ मुश्तरक हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसी तरह जिस तरह मलिक-ए-सिद्क़ एक काहिन था”

Hebrews 5:11

πολὺς ἡμῖν ὁ λόγος

अगरचे मुसन्निफ़ जमा’ ज़मीर “हम,” का इस्ते’माल करता है वह ग़ालिबन सिर्फ़ अपने आप का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरे पास कहने के लिए बहुत कुछ है” (देखें: INVALID translate/figs-pronouns)

νωθροὶ γεγόνατε ταῖς ἀκοαῖς

समझने और ‘अमल करने करने की क़ाबिलियत की बात की जाती है गोया वह सुनने की क़ाबिलियत थी। और सुनने की क़ाबिलियत के बारे में बात की जाती है गोया यह एक धातु का औज़ार था जो इस्ते’माल के साथ सुस्त हो जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको इसे समझने में परेशानी है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 5:12

στοιχεῖα τῆς ἀρχῆς

यहाँ “उसूल” का मतलब है फ़ैसला लेने के लिए एक हिदायतनामा या मे’यार। मुतबादिल तर्जुमा: “बुनियादी सच”

γεγόνατε χρείαν ἔχοντες γάλακτος

ख़ुदा के बारे में सिखाना जो समझना आसान है, इस बारे में बात की जाती है गोया वह दूध था, सिर्फ़ वही खाना जो शीरख़्वार ले सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम बच्चों की तरह हो गए हो और सिर्फ़ दूध पी सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

γάλακτος, οὐ στερεᾶς τροφῆς

ख़ुदा के बारे में सिखाना जो समझने में मुश्किल है, इस बारे में बात की जाती है कि यह शख़्त खाना था, जो जवानों के लिए मुनासिब है। मुतबादिल तर्जुमा: “शख़्त खाने के बजाय दूध जो जवान खा सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 5:13

μετέχων γάλακτος

यहाँ “लेता है” “पीता है” के लिए खड़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “दूध पीता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

νήπιος γάρ ἐστιν

रूहानी पुख़्तगी की मवाज़ना उस तरह के खाना से की जाती है जो एक बढ़ता हुआ बच्चा खाता है। शख़्त खाना एक छोटे बच्चे के लिए नहीं है, और यह एक जवान मसीही का ज़िक्र करने वाला एक नमूना है जो सिर्फ़ आसान सच सीखता है; लेकिन बा’द में, छोटे बच्चे को ज़्यादा शख़्त खाना दिया जाता है, गोया जब कोई इन्सान पुख़्ता होता है तो वह उन मामलों के बारे में जान सकता है जो ज़्यादा मुश्किल हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 5:14

τῶν διὰ τὴν ἕξιν τὰ αἰσθητήρια γεγυμνασμένα, ἐχόντων πρὸς διάκρισιν, καλοῦ τε καὶ κακοῦ

लोगों को कुछ समझने के लिए तरबियत याफ़्ता किया जाता है गोया उनकी समझने की क़ाबिलियत को तरबियत याफ़्ता किया गया हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जो पुख़्ता हैं और अच्छे और बुरे में फ़र्क़ कर सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 6

‘इब्रानियों 06 ‘आम नुक़ते

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

इब्राहीमी ‘अहद

’अहद में है कि ख़ुदा ने इब्राहीम के साथ बनाया, ख़ुदा ने इब्राहीम की औलाद को एक बड़ी क़ौम बनाने का वा’दा किया। उसने इब्राहीम के औलाद की हिफ़ाज़त करने और उन्हें अपनी ज़मीन देने का भी वा’दा किया। (देखें: ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद )

Hebrews 6:1

मुसन्निफ़ इस बात को ज़ारी रखता है कि पुख़्ता मसीही बनने के लिए ‘इब्रानियों के ईमानदारों को क्या करना चाहिए। वह उन्हें बुनियादी ता’लीमात की याद दिलाता है।

ἀφέντες τὸν τῆς ἀρχῆς τοῦ Χριστοῦ λόγον, ἐπὶ τὴν τελειότητα φερώμεθα

यह बुनियादी ता’लीमात के बारे में बोलता है गोया वे एक सफ़र की शुरु’आत थे और पुख़्ता ता’लीमात की गोया वे एक सफ़र के अन्जाम थे। मुतबादिल तर्जुमा: “हम सिर्फ़ उसी चीज़ का ज़िक्र करने से रुकें जो हमने पहले सीखी थी और साथ ही ज़्यादा पुख़्ता ता’लीमात को समझना शुरू’ करें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ πάλιν θεμέλιον καταβαλλόμενοι…πίστεως ἐπὶ Θεόν

बुनियादी ता’लीमात के बारे में बात की जाती है गोया वे एक ‘इमारत थीं जिसकी तख़लीक़ एक नींव रखने से शुरू’ होती है। मुतबादिल तर्जुमा: “आइए हम बुनियादी ता’लीमात को न दोहराएं ... ख़ुदा में ईमान का” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

νεκρῶν ἔργων

गुनाहगार कामों की बात की जाती है गोया वे मुर्दों की दुनिया के थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 6:2

διδαχὴν…κρίματος αἰωνίου

बुनियादी ता’लीमात के बारे में बात की जाती है गोया वे एक ‘इमारत थी जिसकी तख़लीक़ एक नींव रखने से शुरू’ होती है। मुतबादिल तर्जुमा: “और न ही बुनियादी ता’लीमात ... अबदी फ़ैसला” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπιθέσεώς τε χειρῶν

यह मशक़ ख़ास ख़िदमत या हालत के लिए किसी को अलग करने के लिए की गयी थी।

Hebrews 6:4

τοὺς ἅπαξ φωτισθέντας

समझ की बात की जाती है गोया यह ग़ैबी हिदायत थी। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग मसीह के बारे में पैग़ाम को समझ गए थे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

γευσαμένους…τῆς δωρεᾶς τῆς ἐπουρανίου

नजात का तजुर्बा इस तरह किया जाता है गोया वह खाना को चख रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने ख़ुदा की बचाने की क़ुव्वत का तजुर्बा किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μετόχους γενηθέντας Πνεύματος Ἁγίου

पाक रूह, जो ईमानदारों के पास आती है, के बारे में कहा जाता है गोया वह एक ऐसी चीज़ थी जिसे लोग बाँट सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने पाक रूह हासिल किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 6:5

καλὸν γευσαμένους Θεοῦ ῥῆμα

ख़ुदा के पैग़ाम को सीखने की बात की जाती है गोया वह खाना का ज़ायक़ा ले रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने ख़ुदा का अच्छा पैग़ाम सीखा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

δυνάμεις…μέλλοντος αἰῶνος

इसका मतलब है ख़ुदा की क़ुव्वत जब उसकी बादशाही पूरी दुनिया में मौजूद है। इस मतलब में, “क़ुव्वतों” ख़ुद ख़ुदा का हवाला देती हैं, जो तमाम क़ुव्वत रखता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सीखा कि मुस्तक़बिल में ख़ुदा किस तरह से ताक़तवर काम करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 6:6

πάλιν ἀνακαινίζειν εἰς μετάνοιαν

उन्हें फिर से तौबा में लाना बे-यक़ीनी है

ἀνασταυροῦντας ἑαυτοῖς τὸν Υἱὸν τοῦ Θεοῦ

जब लोग ख़ुदा से दूर होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वे ‘ईसा को फिर से मस्लूब करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह ऐसा है जैसे वे अपने लिए फिर से ख़ुदा के फ़र्ज़न्द को मस्लूब करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸν Υἱὸν τοῦ Θεοῦ

यह ‘ईसा के लिए एक ख़ास उनवान है जो ख़ुदा के साथ उनके ता’अल्लुक़ात का ज़िक्र करता है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Hebrews 6:7

γῆ…ἡ πιοῦσα τὸν…ὑετόν

खेती की ज़मीन जो बहुत बारिश से फ़ायदे उठाती है के बारे में बात की जाती है गोया वह बारिश में पानी पीने वाला इन्सान था। मुतबादिल तर्जुमा: “बारिश को जज़्ब करने वाली ज़मीन” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τίκτουσα βοτάνην

खेत जो यह फ़सल पैदा करता है इसके बारे में ऐसा कहा जाता है जैसे यह उनको पैदा करता है मुतबादिल तर्जुमा: “जो पौदे पैदा करता है” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

μεταλαμβάνει εὐλογίας ἀπὸ τοῦ Θεοῦ

बारिश और फसलों को इस बात के सुबूत की शक्ल में देखा जाता है कि ख़ुदा ने खेती में मदद की है। खेत के बारे में कहा जाता है गोया यह एक ऐसा इन्सान था जो ख़ुदा की बरकत हासिल कर सका। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

εὐλογίας ἀπὸ τοῦ Θεοῦ

यहाँ “बरकत” का मतलब है ख़ुदा की मदद, न कि बोले गए अल्फ़ाज़।

Hebrews 6:8

κατάρας ἐγγύς

यह “ला’नत” की बात करता है गोया यह एक ऐसी जगह थी जिसके पास एक इन्सान क़रीब आ सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इससे ख़ुदा की ला’नत का ख़तरा है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἧς τὸ τέλος εἰς καῦσιν

किसान खेत में सब कुछ जला देगा।

Hebrews 6:9

πεπείσμεθα

अगरचे मुसन्निफ़ जमा’ ज़मीर “हम,” का इस्ते’माल करता है वह ग़ालिबन सिर्फ़ अपने आप का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं राज़ी हूँ” या “मैं यक़ीनी हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-pronouns)

περὶ ὑμῶν…τὰ κρείσσονα

इसका मतलब है कि वे उन लोगों के मुक़ाबले बेहतर कर रहे हैं जिन्होंने ख़ुदा को मुस्तरद कर दिया है, उसकी नाफ़रमानी की है, और अब तौबा नहीं कर सकते हैं ताकि ख़ुदा उन्हें मु’आफ़ कर देगा ([‘इब्रानियों 6:4-6] ((./04 md))। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मैंने ज़िक्र किया है उससे बेहतर काम तुम कर रहे हो”

ἐχόμενα σωτηρίας

क़यासी इस्म “नजात” को एक फ़े’अल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसी चीज़ जिनसे ख़ुदा तुमको बचाता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 6:10

οὐ γὰρ ἄδικος ὁ Θεὸς, ἐπιλαθέσθαι

इस दोहरे मनफ़ी का मतलब यह हो सकता है कि ख़ुदा अपने इन्साफ़ में याद रखेगा कि उसके लोगों ने क्या अच्छा काम किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “बेशक ख़ुदा नेक है और इसलिए यक़ीनन याद रखेगा” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

εἰς τὸ ὄνομα αὐτοῦ

ख़ुदा का “नाम” एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है जिसका मतलब ख़ुद ख़ुदा के लिए है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसके लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 6:11

ἐπιθυμοῦμεν

अगरचे मुसन्निफ़ जमा’ ज़मीर “हम,” का इस्ते’माल करता है वह ग़ालिबन सिर्फ़ अपने आप का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे बहुत ख़्वाहिश है” (देखें: INVALID translate/figs-pronouns)

σπουδὴν

होशियार, कड़ी मेहनत

ἄχρι τέλους

पुख़्ता मतलब वाज़ेह तौर से बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी ज़िन्दगी के आख़िर तक” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πρὸς τὴν πληροφορίαν τῆς ἐλπίδος

पूरी तरह से यह यक़ीनी करने के लिए कि तुमको वह मिलेगा जो ख़ुदा ने तुमसे वा’दा किया है

Hebrews 6:12

μιμηταὶ

“नकल करनेवाला” वह इन्सान है जो किसी और के चाल-चलन की नकल करता है।

κληρονομούντων τὰς ἐπαγγελίας

वह हासिल करना जिसका वा’दा ख़ुदा ने ईमानदारों से किया है, इस तरह की बात है गोया वह ख़ानदान के किसी फ़र्द से मीरास और दौलत हासिल कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनसे जो वा’दा किया था उसे हासिल करें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 6:14

λέγων

ख़ुदा ने कहा

πληθύνων, πληθυνῶ σε

यहाँ “इज़ाफ़ा” औलाद देने के लिए खड़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तुम्हें कई औलाद दूँगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 6:15

τῆς ἐπαγγελίας

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उससे क्या वा’दा किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 6:17

τοῖς κληρονόμοις τῆς ἐπαγγελίας

जिन लोगों से ख़ुदा ने वा’दे किए हैं, उनकी बात की जाती है गोया वे ख़ानदान के किसी फ़र्द से मीरास और दौलत हासिल करने के लिए थे। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों के लिए जिन्होंने वो हासिल किया जिसका उसने वा’दा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ ἀμετάθετον τῆς βουλῆς αὐτοῦ

कि उसका मक़सद कभी नहीं बदलेगा या “कि वह हमेशा वही करेगा जो उसने कहा था कि वह करेगा”

Hebrews 6:18

οἱ καταφυγόντες

ईमानदारों, जो उनकी हिफ़ाज़त के लिए ख़ुदा पर भरोसा करते हैं, उनकी बात की जाती है गोया वे एक महफ़ूज़ मक़ाम पर चल रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “हम, जिसने उस पर यक़ीन किया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἰσχυρὰν παράκλησιν ἔχωμεν…κρατῆσαι τῆς προκειμένης ἐλπίδος

ख़ुदा में ईमान की बात की जाती है गोया हौसला एक ऐसी चीज़ थी जिसे किसी इन्सान को पेश किया जा सकता है और वह इन्सान उस पर पकड़ बना सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा पर भरोसा करना ज़ारी रखेगा बस उसने हमें करने के लिए हौसला दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

προκειμένης

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा ने हमारे सामने रखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 6:19

ईमानदारों के लिए अपनी तीसरी हिदायत और हौसला अफ़्ज़ाई ख़त्म करने के बा’द, ‘इब्रानियों के मुसन्निफ़ ने काहिन की हैसियत से मलिक-ए-सिद्क़ और काहिन की हैसियत से ‘ईसा के लिए अपनी तशबीह ज़ारी रखी।

ὡς ἄγκυραν…τῆς ψυχῆς, ἀσφαλῆ τε καὶ βεβαίαν

जिस तरह एक लंगर पानी में बहने से एक नाव को रोके रखता है, ‘ईसा हमें ख़ुदा की मौजूदगी में महफ़ूज़ रखता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो हमें ख़ुदा की मौजूदगी में हिफ़ाज़ती तौर से जीने का सबब बनता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἄγκυραν…ἀσφαλῆ…καὶ βεβαίαν

यहाँ “महफ़ूज़” और “भरोसेमन्द” अल्फ़ाज़ का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है और लंगर की पूरी भरोसेमन्दी पर ज़ोर देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पूरी तरह से भरोसेमन्द लंगर” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ἣν…καὶ εἰσερχομένην εἰς τὸ ἐσώτερον τοῦ καταπετάσματος

‘ऐतमाद की बात की जाती है गोया यह एक ऐसा इन्सान था जो मक़्दिस के सबसे पाक मक़ाम में जा सकता था। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τὸ ἐσώτερον

यह मक़्दिस का सबसे पाक मक़ाम था। यह ऐसा मक़ाम माना जाता था जहाँ ख़ुदा अपने लोगों के बीच सबसे ज़्यादा शिद्दत से मौजूद था। इस जुमले में, इस मक़ाम का मतलब आसमान और ख़ुदा के तख़्त से है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 6:20

κατὰ τὴν τάξιν Μελχισέδεκ

इसका मतलब यह है कि बतौर काहिन मसीह के पास चीज़ें मलिक-ए-सिद्क़ काहिन के साथ मुश्तरक हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसी तरह जिस तरह मलिक-ए-सिद्क़ एक काहिन था”

Hebrews 7

‘इब्रानियों 07 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

कुछ तराजिम शा’इरी की हर सतर को तहरीर के बाक़ी हिस्सों के मुक़ाबिले में दाईं ओर रखते हैं ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। ULT 7:17, 21, में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

सरदार काहिन

सिर्फ़ एक सरदार काहिन क़ुर्बानी दे सकता है ताकि ख़ुदा गुनाहों को मु’आफ़ कर सके, इसलिए ‘ईसा को एक सरदार काहिन बनना पड़ा। मूसा की शरी’अत ने हुक्म दिया कि सरदार काहिन लावी के क़बीले में से होगा, लेकिन ‘ईसा यहूदा के क़बीले से था। ख़ुदा ने उसे काहिन मलिक-ए-सिद्क़ की तरह एक काहिन बनाया, जो इब्राहीम के वक़्त रहता था, इससे पहले कि लावी का एक क़बीला था।

Hebrews 7:1

‘इब्रानियों के मुसन्निफ़ ने काहिन की शक्ल में मलिक-ए-सिद्क़ के साथ काहिन की शक्ल में ‘ईसा का मवाज़ना ज़ारी रखा।

Σαλήμ

यह एक शहर का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Ἀβραὰμ ὑποστρέφοντι ἀπὸ τῆς κοπῆς τῶν βασιλέων

यह उस वक़्त का ज़िक्र है जब इब्राहीम और उसके लोगों ने अपने भतीजे लूत और उसके ख़ानदान को बचाने के लिए चार बादशाहओं की फ़ौजों को हराया था। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 7:2

यह मलिक-ए-सिद्क़ को था

βασιλεὺς δικαιοσύνης…βασιλεὺς εἰρήνης

रास्तबाज़ बादशाह ... सलामती का बादशाह

Hebrews 7:3

ἀπάτωρ, ἀμήτωρ, ἀγενεαλόγητος, μήτε ἀρχὴν ἡμερῶν, μήτε ζωῆς τέλος ἔχων

इस तहरीर से यह सोचना यक़ीनी है कि मलिक-ए-सिद्क़ न तो पैदा हुआ था और न ही उसकी मौत हुई थी। हालांकि, यह मुम्किन है कि सभी मुसन्निफ़ का मतलब है कि पाक कलाम मलिक-ए-सिद्क़ की औलाद, पैदाइश या मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं देता है।

Hebrews 7:4

मुसन्निफ़ कहता है कि मलिक-ए-सिद्क़ की कहानत हारून की कहानत से बेहतर है और फिर उन्हें याद दिलाता है कि हारून की कहानत ने कुछ भी कामिल नहीं बनाया।

οὗτος

मलिक-ए-सिद्क़ था

Hebrews 7:5

τῶν υἱῶν Λευεὶ τὴν ἱερατείαν λαμβάνοντες

मुसन्निफ़ यह कहता है क्योंकि लावी के सभी फ़र्ज़न्द काहिन नहीं बने। मुतबादिल तर्जुमा: “लावी की औलाद जो काहिन बन गए” (देखें: INVALID translate/figs-distinguish)

τὸν λαὸν

इस्राईल के लोगों से

τοὺς ἀδελφοὺς αὐτῶν

यहाँ “भाइयों” का मतलब है कि वे सभी इब्राहीम के ज़रिए’ एक-दूसरे से मुत’अल्लिक़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनके रिश्तेदारों से”

ἐξεληλυθότας ἐκ τῆς ὀσφύος Ἀβραάμ

यह कहने का एक तरीक़ा है कि वे इब्राहीम की औलाद थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वे भी, इब्राहीम की औलाद हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 7:6

ὁ…μὴ γενεαλογούμενος ἐξ αὐτῶν

जो लावी की औलाद नहीं थे

τὸν ἔχοντα τὰς ἐπαγγελίας

ख़ुदा ने इब्राहीम के लिए जिन चीज़ों का वा’दा किया था, उनके बारे में ऐसा कहा जाता है गोया वे ऐसी चीज़ें थीं जो उसके पास थीं। मुतबादिल तर्जुमा: वह जिसे ख़ुदा ने अपने वा’दे बोले थे “(देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 7:7

τὸ ἔλαττον ὑπὸ τοῦ κρείττονος εὐλογεῖται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ज़्यादा ख़ास इन्सान कम ख़ास इन्सान को बरकत देता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 7:8

ὧδε μὲν…ἐκεῖ

इन जुमलों का इस्ते’माल मलिक-ए-सिद्क़ के साथ लावी के काहिनों की मवाज़ना करने के लिए किया जाता है। तुम्हारी ज़बान में इस बात पर ज़ोर देने का तरीक़ा हो सकता है कि मुसन्निफ़ मवाज़ना कर रहा है।

μαρτυρούμενος ὅτι ζῇ

यह वाज़ेह तौर से कलाम में कभी नहीं लिखा गया है कि मलिक-ए-सिद्क़ की मौत हो जाती है। ‘इब्रानियों के मुसन्निफ़ ने कलाम में मलिक-ए-सिद्क़ की मौत के बारे में जानकारी के इस कमी की बात की है गोया यह एक मुसबत जुमला हो कि वह अभी भी ज़िन्दा है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कलाम से पता चलता है कि वह ज़िन्दा रहता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 7:9

δι’ Ἀβραὰμ, καὶ Λευεὶς, ὁ δεκάτας λαμβάνων, δεδεκάτωται

चूँकि लावी की पैदाइश अभी तक नहीं हुआ था, मुसन्निफ़ उसे इब्राहीम के जिस्म में होने के नाते बोलता है। इस तरह, मुसन्निफ़ की सोच है कि लावी ने इब्राहीम के ज़रिए’ से मलिक-ए-सिद्क़ को दहेकी की अदायगी की। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 7:10

ἐν τῇ ὀσφύϊ τοῦ πατρὸς ἦν

चूँकि लावी की पैदाइश अभी तक नहीं हुई थी, मुसन्निफ़ उसे इब्राहीम के जिस्म में होने के नाते बोलता है। इस तरह, मुसन्निफ़ की सोच है कि लावी ने इब्राहीम के ज़रिए’ से मलिक-ए-सिद्क़ को दहेकी की अदायगी किया। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 7:11

μὲν οὖν

इसका मतलब यह नहीं है “इस वक़्त,” लेकिन इसका इस्ते’माल आने वाले ख़ास नुक़ते पर ग़ौर कराने के लिए किया जाता है।

τίς ἔτι χρεία κατὰ τὴν τάξιν Μελχισέδεκ, ἕτερον ἀνίστασθαι ἱερέα, καὶ οὐ κατὰ τὴν τάξιν Ἀαρὼν λέγεσθαι?

यह सवाल इस बात पर ज़ोर देता है कि यह ग़ैर-मुत्वक़्क़ा था कि काहिन मलिक-ए-सिद्क़ के तौर के बा’द आते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “किसी को भी एक और काहिन की ज़रूरत नहीं होती, वह जो मलिक-ए-सिद्क़ की तरह था और हारून की तरह नहीं, पैदा होने के लिए।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἀνίστασθαι

आने के लिए या “ज़ाहिर होने के लिए”

κατὰ τὴν τάξιν Μελχισέδεκ

इसका मतलब यह है कि बतौर काहिन मसीह के पास चीज़ें मलिक-ए-सिद्क़ काहिन के साथ मुश्तरक हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसी तरह जिस तरह मलिक-ए-सिद्क़ एक काहिन था”

οὐ κατὰ τὴν τάξιν Ἀαρὼν λέγεσθαι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हारून के तरीक़े के बा’द नहीं” या “जो हारून की तरह काहिन नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 7:12

μετατιθεμένης γὰρ τῆς ἱερωσύνης, ἐξ ἀνάγκης καὶ νόμου μετάθεσις γίνεται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ख़ुदा ने काहिन को बदल दिया, तो उसे क़ानून भी बदलना पड़ा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 7:13

ὃν γὰρ

यह ‘ईसा का हवाला देता है।

ἐφ’ ὃν…λέγεται ταῦτα

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिनके बारे में मैं बोल रहा हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 7:14

γὰρ

इसका मतलब यह नहीं है “इस वक़्त,” लेकिन इसका इस्ते’माल आने वाले ख़ास नुक़ते पर ग़ौर कराने के लिए किया जाता है।

ἐξ Ἰούδα ἀνατέταλκεν ὁ Κύριος ἡμῶν

अल्फ़ाज़ “हमारे ख़ुदावन्द” ‘ईसा का ज़िक्र करते हैं।

ἐξ Ἰούδα

यहूदा के क़बीले से

Hebrews 7:15

यह जुमला बादशाह दाऊद की एक ज़बूर से आया है।

περισσότερον ἔτι κατάδηλόν ἐστιν

हम और भी वाज़ेह तौर से समझ सकते हैं। यहाँ “हम” मुसन्निफ़ और उसके सामा’ईन का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

εἰ…ἀνίσταται ἱερεὺς ἕτερος

अगर कोई दीगर काहिन आता है

κατὰ τὴν ὁμοιότητα Μελχισέδεκ

मलिक-ए-सिद्क़ बतौर काहिन। मुतबादिल तर्जुमा: “उसी तरह जिस तरह मलिक-ए-सिद्क़ एक काहिन था”

Hebrews 7:16

ὃς οὐ κατὰ νόμον

उनका काहिन बनना शरी’अत पर बुनीयादी नहीं था

νόμον ἐντολῆς σαρκίνης

इन्सानी नसल के ख़याल के बारे में बात की जाती है गोया यह सिर्फ़ किसी के जिस्म के गोश्त के साथ ताल्लुक़ था। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्सानी नसल की शरी’अत” या “काहिनों की औलाद का काहिन बनने के बारे में क़ानून” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 7:17

μαρτυρεῖται γὰρ

यह कलाम के बारे में बोलता है गोया वह एक इन्सान था जो किसी चीज़ के बारे में गवाही दे सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा कलामों के ज़रिए’ से उसके बारे गवाही देता है” या “इसके लिए जो कलाम में उसके बारे में लिखा गया था” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

κατὰ τὴν τάξιν Μελχισέδεκ

काहिनों की दो जमा’अत थी। एक लावी की औलाद से बनी थी। दूसरी मलिक-ए-सिद्क़ और ‘ईसा मसीह से बनी थी। मुतबादिल तर्जुमा: “मलिक-ए-सिद्क़ की लकीर के मुताबिक़” या “ मलिक-ए-सिद्क़ की कहानत के मुताबिक़”

Hebrews 7:18

ἀθέτησις μὲν…γίνεται προαγούσης ἐντολῆς

यहाँ “अलग रखना” कुछ ग़लत बनाने के लिए एक इस्ति’आरा है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। “ख़ुदा ने हुक्म को ग़लत बना दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 7:19

οὐδὲν…ἐτελείωσεν ὁ νόμος

क़ानून की बात की जाती है गोया वह एक इन्सान था जो काम कर सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी क़ानून का ‘अमल करने से कामिल नहीं बन सकता” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἐπεισαγωγὴ…κρείττονος ἐλπίδος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने एक बेहतर उम्मीद का ता’अर्रुफ़ दिया है” या “ख़ुदा ने हमें ज़्यादा ईमान की उम्मीद के लिए ज़रिया’ दिया है (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

δι’ ἧς ἐγγίζομεν τῷ Θεῷ

ख़ुदा की ‘इबादत करना और उसका एहसान मानना ​​उसके क़रीब आने की बात कही जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: “और इस उम्मीद की वजह से हम ख़ुदा के पास जाते हैं” या “और इस उम्मीद की वजह हम ख़ुदा की ‘इबादत करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 7:20

यह जुमला दाऊद के उसी ज़बूर से आता है जैसे [‘इब्रानियों 7:17] (../07/17 md))।

καὶ καθ’ ὅσον οὐ χωρὶς ὁρκωμοσίας

“यह” लफ़्ज़ का मतलब ‘ईसा को अबदी काहिन बनने से है। यह वाज़ेह तौर से कहा जा सकता है कि किसने क़सम ली। मुतबादिल तर्जुमा: “और ख़ुदा ने हलफ़ लिए बिना इस नए काहिन को मुन्तख़ब नहीं किया!” या “और यह इसलिए था क्योंकि ख़ुदा ने हलफ़ लिया था कि ख़ुदावन्द नया काहिन बने!” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-doublenegatives)

Hebrews 7:22

मुसन्निफ़ फ़िर इन यहूदी ईमानदारों को ईमान दिलाता है कि मसीह के पास बेहतर कहानत है क्योंकि वह हमेशा के लिए रहता है और जो काहिन हारून की औलाद में से थे, वे मर गए।

κρείττονος διαθήκης, γέγονεν ἔγγυος

हमें बताया गया है कि हम यक़ीनी कर सकते हैं कि एक बेहतर ‘अहद होगा

Hebrews 7:24

ἀπαράβατον ἔχει τὴν ἱερωσύνην

एक काहिन के काम के बारे में बात की जाती है गोया वह एक चीज़ थी जो ‘ईसा के पास थी। यह क़यासी इस्म से बचने के लिए कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मुस्तक़िल तौर से काहिन है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 7:25

ὅθεν…δύναται

तुम वाज़ेह कर सकते हो कि “इसलिए” का क्या मतलब है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि मसीह हमारा सरदार काहिन है जो हमेशा रहता है, वह” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τοὺς προσερχομένους δι’ αὐτοῦ τῷ Θεῷ

वो जो ख़ुदा की तरफ़ इस काम वजह से आते हैं जो ‘ईसा ने किया है

Hebrews 7:26

ὑψηλότερος τῶν οὐρανῶν γενόμενος

ख़ुदा ने उसे सबसे ऊँचे आसमान तक उठाया है। मुसन्निफ़ किसी और के मुक़ाबले में अधिक ‘इज़्ज़त और क़ुव्वत रखने की बात करता है गोया वह मक़ाम है जो सभी चीज़ों से ऊपर है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे किसी और के मुक़ाबले में ज़्यादा ‘इज़्ज़त और क़ुव्वत दी है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 7:27

यहाँ लफ़्ज़ “वह,” “उसका”, और “ख़ुद” मसीह का हवाला देता है।

Hebrews 7:28

ὁ νόμος…ἀνθρώπους καθίστησιν ἀρχιερεῖς ἔχοντας ἀσθένειαν

यहाँ “शरी’अत” उन मर्दों के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है जिन्होंने मूसा की शरी’अत के मुताबिक़ सरदार काहिनों को मुक़र्रर किया था। उन मर्दों पर ग़ौर नहीं है जिन्होंने ऐसा किया, बल्कि इस सच्चाई पर कि उन्होंने शरी’अत के मुताबिक़ ऐसा किया। मुतबादिल तर्जुमा: “ शरी’अत के मुताबिक़, मर्द सरदार काहिन मर्दों की शक्ल में मुक़र्रर करते हैं जिनकी कमजोरियां हैं” या “क़ानून के मुताबिक़, जिन मर्दों की कमजोरियां हैं उन्हें सरदार काहिन मुक़र्रर किया जाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἀνθρώπους…ἔχοντας ἀσθένειαν

जो मर्द रूहानी तौर से कमज़ोर हैं या “वे मर्द जो गुनाह के ख़िलाफ़ कमज़ोर हैं”

ὁ λόγος…τῆς ὁρκωμοσίας, τῆς μετὰ τὸν νόμον, Υἱόν

“हलफ़ का लफ़्ज़” ख़ुदा की नुमाइंदगी करता है जिसने हलफ़ लिया था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अपने हलफ़ के ज़रिए’ एक फ़र्ज़न्द को मुक़र्रर किया, जिसे उसने शरी’अत दिए जाने के बा’द बनाया” या “शरी’अत देने के बा’द, ख़ुदा ने क़सम खायी और अपने फ़र्ज़न्द को मुक़र्रर किया” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Υἱόν

यह ‘ईसा, ख़ुदा के फ़र्ज़न्द के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

τετελειωμένον

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने पूरी तरह से ख़ुदा पर ‘अमल किया और पुख़्ता हो गया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 8

‘इब्रानियों 08 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

मुसन्निफ़ यह ज़िक्र ख़त्म करता है कि ‘ईसा सबसे ख़ास काहिन कैसे और क्यों है। फिर वह इस बारे में बोलना शुरू’ करता है कि मूसा के साथ बनाये गए ख़ुदा के ‘अहद से नया ‘अहद कैसे बेहतर है। (देखें: ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद )

कुछ तराजीम ने शा’इरी तहरीर की हर एक सतर को बाक़ी तहरीर के मुक़ाबले में दाईं ओर रखा है ताकि पढ़ने में आसानी हो। ULT 8: 8-12 में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के लफ़्ज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

नया ‘अहद

मुसन्निफ़ ने बताया कि ‘ईसा ने एक नया ‘अहद क़ायम किया है जो उस ‘अहद से बेहतर है जिसे ख़ुदा ने इस्राईलियों के साथ क़ायम किया था। (देखें: ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद )

Hebrews 8:1

मुसन्निफ़, जो दिखा रहा है कि मसीह की कहानत दुनियावी कहानत से बेहतर है, यह ज़ाहिर है कि दुनियावी कहानत आसमानी चीज़ों का एक नमूना था। मसीह के पास एक बेहतर वज़ारत है, एक बेहतर ‘अहद है।

δὲ

इसका मतलब यह नहीं है “इस वक़्त,” लेकिन इसका इस्ते’माल आने वाले ख़ास नुक़ते पर ख़याल खीचने करने के लिए किया जाता है।

λεγομένοις

अगरचे मुसन्निफ़ जमा’ ज़मीर “हम,” का इस्ते’माल करता है वह ग़ालिबन सिर्फ़ अपने आप का हवाला दे रहा है। क्योंकि मुसन्निफ़ अपने पढ़ने वालों को यहाँ शामिल नहीं करता है, इसलिए “हम” लफ़्ज़ अलैहिदा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं कह रहा हूँ” या “मैं लिख रहा हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-pronouns)

ἔχομεν ἀρχιερέα

मुसन्निफ़ यहाँ पढ़ने वालों को शामिल कर रहा है, इसलिए “हम” लफ़्ज़ शामिल है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἐκάθισεν ἐν δεξιᾷ τοῦ θρόνου τῆς Μεγαλωσύνης

“ख़ुदा के दाहिने हाथ” पर बैठना ख़ुदा से बड़ी ‘इज़्ज़त और इख़्तियार हासिल करने की एक ‘अलामती काम है। देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 1:3 में इस क़िस्म के जुमले का तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “अज़मत के तख़्त के बगल में ‘इज़्ज़त और इख़्तियार के मक़ाम पर बैठ गया” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

Hebrews 8:2

τῆς σκηνῆς τῆς ἀληθινῆς, ἣν ἔπηξεν ὁ Κύριος, οὐκ ἄνθρωπος

लोगों ने जानवरों की खाल से दुनियावी ख़ेमागाह को लकड़ी की ढाँचे से जोड़ दिया, और उन्होंने इसे एक तंबू की शक्ल में क़ायम किया। यहाँ “सच्चा ख़ेमा” का मतलब है आसमानी ख़ेमा जो ख़ुदा ने बनाया था।

Hebrews 8:3

πᾶς γὰρ ἀρχιερεὺς…καθίσταται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा हर काहिन को मुक़र्रर करता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 8:4

οὖν

इसका मतलब यह नहीं है “इस वक़्त,” लेकिन इसका इस्ते’माल आने वाले ख़ास नुक़ते पर ग़ौर कराने के लिए किया जाता है।

κατὰ νόμον

जैसा कि शरी’अत में ख़ुदा की ज़रूरतें

Hebrews 8:5

οἵτινες ὑποδείγματι καὶ σκιᾷ λατρεύουσιν τῶν ἐπουρανίων

लफ़्ज़ “नक़ल” और “साया” के एक जैसे मतलब हैं और इस्ति’आरा हैं जिसका मतलब है कि कुछ हक़ीक़ी चीज़ नहीं है, लेकिन यह हक़ीक़ी चीज़ की मानिन्द है। ये लफ़्ज़ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि कहानत और दुनियावी मक़्दिस मसीह की तस्वीर थे, सच्चे सरदार काहिन और आसमानी मक़्दिस। मुतबादिल तर्जुमा: “वे ख़िदमत करते हैं जो आसमानी चीज़ों की धुन्धली तस्वीर है” या “वे ख़िदमत करते हैं जो सिर्फ़ आसमानी चीज़ों की मानिन्द है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-doublet)

καθὼς κεχρημάτισται Μωϋσῆς, μέλλων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह वैसा ही है जैसे ख़ुदा ने मूसा को हिदायत दी थी जब मूसा था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μέλλων ἐπιτελεῖν τὴν σκηνήν

मूसा ने खुद ख़ेमागाह नहीं ता’मीर किया था। उन्होंने लोगों को इसको ता’मीर करने का हुक्म दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों को ख़ेमागाह के ता’मीर की हुक्म देने वाला था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ὅρα

यक़ीनी बनाएं कि

κατὰ τὸν τύπον

नमूने के लिए

τὸν δειχθέντα σοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मैंने तुमको दिखाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐν τῷ ὄρει

तुम यह वाज़ेह कर सकते हैं कि “पहाड़” सीना पहाड़ का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सीना पहाड़ पर” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 8:6

यह हिस्सा यह दिखाना शुरू’ करता है कि नया ‘अहद इस्राईल और यहूदाह के साथ पुराने ‘अहद से बेहतर है।

διαφορωτέρας

ख़ुदा ने मसीह दिया है

κρείττονός…διαθήκης μεσίτης

इसका मतलब है कि मसीह ख़ुदा और इन्सानों के बीच बेहतर ‘अहद का ज़हूर था।

διαθήκης…ἥτις ἐπὶ κρείττοσιν ἐπαγγελίαις νενομοθέτηται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “’अहद। यह ‘अहद थी जिसे ख़ुदा ने बेहतर वा’दों की बुनियाद पर बनाया था” या “’अहद। ख़ुदा ने इस ‘अहद को बनाने के दौरान बेहतर चीज़ों का वा’दा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 8:7

ἡ πρώτη ἐκείνη…δευτέρας

लफ़्ज़ “पहला” और “दूसरा” ‘आम गिनतियाँ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “पुराना ‘अहद... नया ‘अहद” (देखें: INVALID translate/translate-ordinal)

ἦν ἄμεμπτος

कामिल था

Hebrews 8:8

इस जुमले में नबी यरमियाह ने एक नए ‘अहद की नबूव्वत की थी जो ख़ुदा करेगा।

αὐτοῖς

इस्राईल के लोगों के साथ

ἰδοὺ

देखो या “सुनो” या “जो मैं तुमको बताने जा रहा हूँ उस पर ग़ौर करो”

τὸν οἶκον Ἰσραὴλ, καὶ ἐπὶ τὸν οἶκον Ἰούδα

इस्राईल और यहूदा के लोगों के बारे में कहा जाता है गोया वे घर थे। मुतबादिल तर्जुमा: “इस्राईल के लोग और यहूदा के लोगों के साथ” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 8:9

ἐπιλαβομένου μου τῆς χειρὸς αὐτῶν, ἐξαγαγεῖν αὐτοὺς ἐκ γῆς Αἰγύπτου

यह इस्ति’आरा ख़ुदा की बड़ी मुहब्बत और फ़िक्र की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने उन्हें मिस्र से बाहर निकाला जैसे एक बाप अपने छोटे बच्चे की रहनुमाई करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 8:10

यह नबी यिर्मयाह का एक जुमला है।

τῷ οἴκῳ Ἰσραὴλ

इस्राईल के लोगों के बारे में कहा जाता है कि वे एक घर थे। मुतबादिल तर्जुमा: “इज़राइल के लोग” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μετὰ τὰς ἡμέρας ἐκείνας

उस वक़्त के बा’द

διδοὺς νόμους μου εἰς τὴν διάνοιαν αὐτῶν

ख़ुदा की ज़रूरतों की बात की जाती है गोया वे ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें कहीं रखा जा सकता था। लोगों की सोचने की क़ाबिलियत की बात की जाती है गोया यह एक जगह थी। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं उन्हें अपने शरा’अत को समझने के क़ाबिल बनाऊँगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπὶ καρδίας αὐτῶν ἐπιγράψω αὐτούς

यहाँ “दिल” एक इन्सान के अंदरूनी होने का एक पैमाना है। जुमले “उन्हें अपने दिलों पर लिखो” शरी’अत का ‘अमल करने के लिए लोगों को क़ाबिल करने के लिए एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं उन्हें उनके दिलों में भी डालूंगा” या “मैं उन्हें अपनी शरी’अत पर ‘अमल करने के क़ाबिल बनाऊँगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy INVALID translate/figs-metaphor)

ἔσομαι αὐτοῖς εἰς Θεόν

मैं वही ख़ुदा बनूंगा जिसकी वे ‘इबादत करते हैं

αὐτοὶ ἔσονταί μοι εἰς λαόν

वे वही लोग होंगे जिनके लिए मैं परवाह करता हूं

Hebrews 8:11

यह नबी यरमियाह का जुमला ज़ारी रखता है।

οὐ μὴ διδάξωσιν ἕκαστος τὸν πολίτην αὐτοῦ, καὶ ἕκαστος τὸν ἀδελφὸν αὐτοῦ λέγων, γνῶθι τὸν Κύριον

इस बराहरास्त जुमले को एक बिलवास्ता जुमले की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें मुझे जानने के लिए अपने पड़ोसियों या भाइयों को सिखाने की ज़रूरत नहीं होगी” (देखें: INVALID translate/figs-quotations)

τὸν πολίτην…τὸν ἀδελφὸν

ये दोनों साथी इस्राईलियों का हवाला देते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

γνῶθι τὸν Κύριον…πάντες εἰδήσουσίν με

यहाँ जानिए का मतलब क़ुबूल करना है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 8:12

ταῖς ἀδικίαις αὐτῶν

यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने इन बुरे कामों को अंजाम दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “बुरे काम करने वालों के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τῶν ἁμαρτιῶν αὐτῶν οὐ μὴ μνησθῶ ἔτι

यहाँ “याद रखें” का मतलब “के बारे में ग़ौर करना” है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 9

’इब्रानियों 09 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

यह बाब बताता है कि कैसे ‘ईसा मक़्दिस और उसके सभी शरा’अत और क़वानीन से बेहतर है। इस बाब को समझना मुश्किल होगा अगर पुराने ‘अहदनामे की पहली पाँच किताबों का अभी तक तर्जुमा नहीं किया गया है।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

ख़्वाहिश

एक क़ानूनी दस्तावेज है जो बताता है कि मरने के बा’द एक इन्सान की दौलत का क्या होगा।

ख़ून

पुराने ‘अहदनामे में, ख़ुदा ने इस्राईलियों को क़ुर्बानी पेश करने का हुक्म दिया ताकि वह उनके गुनाहों को मु’आफ़ कर दे। इससे पहले कि वे इन क़ुर्बानियों को पेश कर सकें, उन्हें जानवरों को मारना था और फिर न सिर्फ़ जानवर के जिस्म को बल्कि उसके ख़ून को भी पेश करना था। किसी जानवर या इन्सान को मारने के लिए ख़ून बहाना एक इस्ति’आरा है। ‘ईसा ने अपनी ज़िन्दगी, अपना ख़ून, एक क़ुर्बानी की शक्ल में पेश किया जब उसने मर्दों को उसे मारने की इजाज़त दी। ‘इब्रानियों की किताब का मुसन्निफ़ इस बाब में कह रहा है कि यह क़ुर्बानी पुराने ‘अहदनामे के क़ुर्बानियों से बेहतर है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद )

मसीह की वापसी

‘ईसा उस काम को पूरा करने के लिए वापस आ जाएगा जो उसने तब शुरू’ किया जब वह मर गया ताकि ख़ुदा अपने लोगों के गुनाहों को मु’आफ़ कर दे। वह उन लोगों को बचाना ख़त्म कर देगा जो उसका इंतज़ार कर रहे हैं। (देखें: बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )

इस बाब में तर्जुमें की दीगर मुम्किन कठिनाइयाँ

पहला ‘अहद

। यह उस ‘अहद का हवाला देता है जिसे ख़ुदा ने मूसा के साथ बनाया था। हालाँकि, उसने इस ‘अहद को बनाने से पहले, ख़ुदा ने इब्राहीम के साथ एक ‘अहद बाँधा था। लेकिन यह पहला ‘अहद था जिसे ख़ुदा ने इस्राईल के लोगों के साथ बनाया था। तुम “पहला ‘अहद” को “पहले का ‘अहद” की शक्ल में तर्जुमा करने का फ़ैसला ले सकते हो।

Hebrews 9:1

मुसन्निफ़ इन यहूदी ईमानदारों को वाज़ेह करता है कि पुरानी ‘अहद के क़वानीन और ख़ेमा गाह सिर्फ़ बेहतर, नई ‘अहद की तस्वीरें थीं।

οὖν

यह लफ़्ज़ ता’लीम के एक नये हिस्से की निशानदेही करता है।

ἡ πρώτη

देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 8:7 में इसका तर्जुमा कैसे किया।

εἶχε…δικαιώματα

तफ़सीली हिदायात थे या “क़वानीन थे”

Hebrews 9:2

γὰρ

मुसन्निफ़ ‘इब्रानियों 8:7 से ज़िक्र ज़ारी रखे हुए है।

σκηνὴ…κατεσκευάσθη

एक ख़ेमागाह को ता’मीर और इस्ते’माल के लिए तैयार किया गया था। इस ख़याल को फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस्राईलियों ने एक ख़ेमागाह तैयार की” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἥ τε λυχνία καὶ ἡ τράπεζα, καὶ ἡ Πρόθεσις τῶν ἄρτων

ये सभी चीज़ें तहरीर “वही,” के साथ हैं क्योंकि मुसन्निफ़ मानता है कि उसके पढ़ने वाले पहले से ही इन चीज़ों के बारे में जानते हैं।

ἡ Πρόθεσις τῶν ἄρτων

इसे फिर से शुरू’ किया जा सकता है ताकि क़यासी इस्म “मौजूदगी” को फ़े’अल “मुज़ाहिरा” या “मौजूद” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सामने मुज़ाहिरे पर रोटी” या “ काहिन ने ख़ुदा को रोटी पेश की” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 9:3

μετὰ…τὸ δεύτερον καταπέτασμα

पहला पर्दा ख़ेमे की बाहरी दीवार थी, इसलिए “दूसरा पर्दा” “पाक मक़ाम” और “सबसे पाक मक़ाम” के बीच का पर्दा था।

δεύτερον

यह गिनती दो के लिए ‘आम लफ़्ज़ है। (देखें: INVALID translate/translate-ordinal)

Hebrews 9:4

ἐν

‘अहद के सन्दूक के अंदर

ἡ ῥάβδος Ἀαρὼν ἡ βλαστήσασα

यही हारुन की वह छड़ी थी, जब ख़ुदा ने इस्राईल के लोगों को साबित किया था कि उसने हारून की छड़ी की कली बनाकर हारून को अपना काहिन चुना था। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἡ βλαστήσασα

जिससे पत्ते और फूल उग आए थे

αἱ πλάκες τῆς διαθήκης

यहाँ “गोलियां” पत्थर के सपाट टुकड़े हैं जिन पर लिखा हुआ था। यह उन पत्थर की गोलियों का हवाला देता है जिन पर दस हुक्म लिखे गए थे।

Hebrews 9:5

Χερουβεὶν δόξης κατασκιάζοντα τὸ ἱλαστήριον

जब इस्राईली ‘अहद का सन्दूक बना रहे थे, तब ख़ुदा ने उन्हें हुक्म दिया कि वे ‘अहद के सन्दूक के कफ़्फ़ारे के ढक्कन के ऊपर दो करूबी एक दूसरे के सामने मुँह करके उनके परों को छूते हुए, नक़्क़ासी करें, । यहाँ उन्हें ‘अहद के सन्दूक के लिए साया देने की शक्ल में बताया गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “शानदार करूब ने अपने पंखों के साथ क़फ़्फ़ारे के ढक्कन को छिपा लिया”

Χερουβεὶν

यहाँ “करूब” का मतलब दो करूबों से है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

περὶ ὧν οὐκ ἔστιν

अगरचे मुसन्निफ़ जमा’ ज़मीर “हम,” का इस्ते’माल करता है वह ग़ालिबन सिर्फ़ अपने आप का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मैं नहीं कर सकता” (देखें: INVALID translate/figs-pronouns)

Hebrews 9:6

τούτων…οὕτως κατεσκευασμένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “काहिनों ने इन चीज़ों को तैयार करने के बा’द” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 9:7

οὐ χωρὶς αἵματος

इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह हमेशा ख़ून लाया” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

αἵματος

यह बैल और बकरी का ख़ून है जिसे सरदार काहिन को कफ़्फ़ारे के दिन क़ुर्बान करना पड़ा था।

Hebrews 9:8

τῶν ἁγίων

मुम्किन मतलब हैं 1) ज़मीन पर ख़ेमागाह का अंदरूनी कमरा या 2) आसमान में ख़ुदा की मौजूदगी।

ἔτι τῆς πρώτης σκηνῆς ἐχούσης στάσιν

मुम्किन मतलब हैं 1) “ख़ेमे का बाहरी कमरा अभी भी खड़ा था” या 2) “दुनियावी ख़ेमागाह और क़ुर्बानी का निज़ाम अभी भी मौजूद है।” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 9:9

ἥτις παραβολὴ

यह एक तस्वीर थी या “यह एक ‘अलामत थी”

εἰς τὸν καιρὸν τὸν ἐνεστηκότα

अभी के लिए

προσφέρονται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो काहिन अब पेश करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μὴ δυνάμεναι κατὰ συνείδησιν τελειῶσαι τὸν λατρεύοντα

मुसन्निफ़ किसी इन्सान के ज़मीर की बात करता है गोया वह एक ऐसी चीज़ थी जिसे तब तक बेहतर और बेहतर बनाया जा सकता था जब तक कि वह बिना ग़लती के न हो। एक इन्सान का ज़मीर उसके सही और ग़लत का ‘इल्म है। यह उसकी श’ऊर भी है कि उसने ग़लत किया है या नहीं। अगर वह जानता है कि उसने ग़लत किया है, तो हम कहते हैं कि वह ग़लती महसूस करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “‘इबादतगार को जुर्म से आज़ाद करने में क़ाबिल नहीं हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

συνείδησιν…τὸν λατρεύοντα

मुसन्निफ़ सिर्फ़ एक ही ‘इबादत करने वाले का हवाला देता है, लेकिन उसका मतलब उन सभी लोगों से है जो उस वक़्त ख़ुदा की ‘इबादत करने ख़ेमागाह में आए थे। (देखें: INVALID translate/figs-genericnoun)

Hebrews 9:10

μέχρι καιροῦ διορθώσεως

जब तक ख़ुदा ने नया हुक्म नहीं दिया

διορθώσεως

नया ‘अहद

Hebrews 9:11

ख़ुदा के क़ानून के तहत ख़ेमागाह की ख़िदमत का ज़िक्र करने के बा’द, मुसन्निफ़ वाज़ेह करता है कि नए ‘अहद के तहत मसीह की ख़िदमत बेहतर है क्योंकि यह उसके ख़ून से मुहर किया जाता है। यह इसलिए भी बेहतर है क्योंकि मसीह सच्चे “खेमागाह” में दाख़िल हुआ है, या’नी, आसमान में ख़ुदा की अपनी मौजूदगी, दीगर सारदार काहिनों की शक्ल में, दुनियावी ख़ेमागाह में दाख़िल हुआ, जो सिर्फ़ एक ना-मुकम्मल नक़ल थी।

ἀγαθῶν

इसमें दुनियावी चीज़ों का जिक्र नहीं है। इसका मतलब अच्छी चीज़ों से है जिसका ख़ुदा ने अपने नये ‘अहद में वा’दा किया था।

τῆς μείζονος καὶ τελειοτέρας σκηνῆς

यह आसमानी तम्बू या ख़ेमागाह का हवाला देता है, जो दुनियावी ख़ेमागाह के मुक़ाबले में ज़्यादा ख़ास और ज़्यादा कामिल है।

οὐ χειροποιήτου

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो इन्सानी हाथों से नहीं बना” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

χειροποιήτου

यहाँ “हाथों” तमाम इन्सान का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्सानों” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Hebrews 9:12

ἅγια

आसमान में ख़ुदा की मौजूदगी के बारे में बात की जाती है गोया यह सबसे पाक मक़ाम था, ख़ेमागाह में सबसे भीतरी कमरा था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 9:13

σποδὸς δαμάλεως, ῥαντίζουσα τοὺς κεκοινωμένους

काहिन नापाक लोगों पर कम ता’दाद में राख डालता था।

πρὸς τὴν τῆς σαρκὸς καθαρότητα

यहाँ “गोश्त” पूरे जिस्म का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उनके जिस्म की सफाई के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 9:14

πόσῳ μᾶλλον τὸ αἷμα τοῦ Χριστοῦ, ὃς διὰ Πνεύματος αἰωνίου, ἑαυτὸν προσήνεγκεν ἄμωμον τῷ Θεῷ, καθαριεῖ τὴν συνείδησιν ὑμῶν ἀπὸ νεκρῶν ἔργων, εἰς τὸ λατρεύειν Θεῷ ζῶντι!

मुसन्निफ़ इस सवाल का इस्ते’माल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि मसीह की क़ुर्बानी सबसे ज़ोरआवर थी। मुतबादिल तर्जुमा: “तो यक़ीनन मसीह का ख़ून ज़िन्दा ख़ुदा की ख़िदमत करने के लिए मुर्दा कामों से भी ज़्यादा हमारे ज़मीर को पाक करेगा! क्योंकि, अबदी रूह के ज़रिए’ से, उसने ख़ुद को ख़ुदा के लिए बे-इल्ज़ाम पेश किया।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τὸ αἷμα τοῦ Χριστοῦ

मसीह का “ख़ून” का मतलब उसकी मौत से है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἄμωμον

यह एक छोटा गुनाह या इख़लाक़ी जुर्म है इसे यहाँ बताया गया है गोया यह मसीह के जिस्म पर एक छोटा, ग़ैर-मा’मूली दाग़ या ‘ऐब था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

καθαριεῖ τὴν συνείδησιν ὑμῶν

यहाँ “ज़मीर” एक इन्सान के जुर्म के अहसास का हवाला देता है। ईमानदारों को अब उन गुनाहों के लिए जुर्म महसूस नहीं करना पड़ता है जो उन्होंने किए हैं क्योंकि ‘ईसा ने ख़ुद को क़ुर्बान किया और उन्हें मु’आफ़ कर दिया। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

καθαριεῖ

यहाँ “पाक” का मतलब हमारे ज़मीर को उन गुनाहों से राहत देने के काम से है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

νεκρῶν ἔργων

गुनाहगार कामों की बात की जाती है गोया वे मुर्दों की दुनिया के थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 9:15

διὰ τοῦτο

नतीज़तन या “इस वजह से”

διαθήκης καινῆς μεσίτης ἐστίν

इसका मतलब है कि मसीह ने ख़ुदा और इन्सानों के बीच नया ‘अहद क़ायम किया।

τῇ πρώτῃ διαθήκῃ

देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 8:7] (../08/07.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया।

εἰς ἀπολύτρωσιν τῶν ἐπὶ τῇ πρώτῃ διαθήκῃ παραβάσεων

उन लोगों के गुनाहों को दूर करना जो पहले ‘अहद के ताबे’ थे। मुम्किन मतलब हैं 1) यहाँ “उनके गुनाह” उनके गुनाहों के जुर्म के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों के जुर्म को दूर करने के लिए जो पहले ‘अहद के ताबे’ थे” या 2) यहाँ “उनके गुनाहों” उनकी सज़ा के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग पहले ‘अहद के ताबे’ थे, उनके गुनाहों की सज़ा को दूर करना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

οἱ κεκλημένοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें ख़ुदा ने अपने बच्चे होने के लिए चुना है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κληρονομίας

उसे हासिल करना जिसका वा’दा ख़ुदा ने ईमानदारों से किया है, इस तरह की बात है गोया वह ख़ानदान के किसी फ़र्द से मीरास और दौलत हासिल कर रहा हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 9:16

διαθήκη

एक क़ानूनी दस्तावेज़ जिसमें एक इन्सान कहता है कि जब वह ख़ुद मर जाता है तो उसकी मिल्कियत किसे हासिल करनी चाहिए

θάνατον ἀνάγκη φέρεσθαι τοῦ διαθεμένου

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “किसी को यह साबित करना होगा कि वसीयत करने वाले की मौत हो गई है”

Hebrews 9:18

ὅθεν οὐδ’ ἡ πρώτη χωρὶς αἵματος ἐνκεκαίνισται

इसे फ़’आल और मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तो ख़ुदा ने ख़ून के साथ पहला ‘अहद भी क़ायम किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-doublenegatives)

πρώτη

देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 8:7] (../08/07.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया।

αἵματος

ख़ुदा के लिए क़ुर्बान किए गए जानवरों की मौत के बारे में बात की जाती है गोया यह ख़ून के अलावा कुछ भी नहीं था। मुतबादिल तर्जुमा: “जानवरों की मौत ख़ुदा के लिए क़ुर्बानी” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 9:19

λαβὼν τὸ αἷμα…μετὰ ὕδατος…τὸ βιβλίον…πάντα τὸν λαὸν, ἐράντισεν

काहिन ने ख़ून और पानी में ज़ूफ़े को डुबो दिया और फिर ज़ूफ़े को हिला दिया इसलिए ख़ून और पानी की बूंदें शरी’अत की किताब पर और लोगों पर गिरी। छिड़काव काहिनों के ज़रिए’ किया गया एक ‘अलामती काम था जिसके ज़रिए’ उन्होंने लोगों और चीज़ों को ‘अहद का फ़ायदा दिया। यहाँ शरी’अत की किताब और लोगों को ख़ुदा के लिए क़ाबिल-ए-क़ुबूलियत की तजदीद की गयी है। (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

ὑσσώπου

गर्मियों में फूलों के साथ एक लकड़ी वाली झाड़ी, जिसका इस्ते’माल रस्मी छिड़काव में किया जाता है

Hebrews 9:20

τὸ αἷμα τῆς διαθήκης

यहाँ “ख़ून” से मतलब ‘अहद की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए क़ुर्बान किए गए जानवरों की मौत से है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ून जो ‘अहद में लाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 9:21

ἐράντισεν

मूसा ने छिड़क दिया

ἐράντισεν

छिड़काव काहिनों के ज़रिए’ किया गया एक ‘अलामती काम था जिसके ज़रिए’ उन्होंने लोगों और चीज़ों को ‘अहद का फ़ायदा दिया। देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 9:19 में इसका तर्जुमा कैसे किया। (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

πάντα τὰ σκεύη τῆς λειτουργίας

ज़र्फ़ एक ऐसी चीज़ है जो चीज़ों को रख सकती है। यहाँ यह किसी भी क़िस्म के बर्तन या औज़ार का ज़िक्र कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़िदमत में इस्ते’माल किए जाने वाले सभी बर्तन”

τῆς λειτουργίας

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “काहिन अपने काम में इस्ते’माल करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῷ αἵματι

यहाँ जानवर “ख़ून” जानवर की मौत के बारे में बात कर रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 9:22

σχεδὸν ἐν αἵματι πάντα καθαρίζεται

ख़ुदा को कुछ क़ाबिल-ए-क़ुबूल बनाने की बात की जाती है गोया वह उस चीज़ को साफ़ कर रहे हों। इस ख़याल को फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “काहिन लगभग सब कुछ पाक करने के लिए ख़ून का इस्ते’माल करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

χωρὶς αἱματεκχυσίας, οὐ γίνεται ἄφεσις

यहाँ “ख़ून का बहना” ख़ुदा को क़ुर्बानी के तौर पर मरने वाली किसी चीज़ का हवाला देता है। इस दोहरे मनफ़ी का मतलब यह हो सकता है कि तमाम मु’आफ़ी ख़ून बहने के ज़रिए’ आती हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मु’आफ़ी सिर्फ़ तभी आती है जब कोई क़ुर्बानी की शक्ल में मर जाता है” या “ख़ुदा सिर्फ़ तभी मु’आफ़ करता है जब कुछ क़ुर्बानी के तौर पर मर जाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἄφεσις

तुम वाज़ेह तौर से इशारतन मतलब बता सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों के गुनाहों की मु’आफ़ी” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 9:23

मुसन्निफ़ इस बात पर ज़ोर देता है कि मसीह (अब हमारे लिए आसमान में शफ़ा’अत करने वाला) को सिर्फ़ एक बार गुनाहों के लिए मरना पड़ा और वह दूसरी बार ज़मीन पर वापस आएगा।

τὰ μὲν ὑποδείγματα τῶν ἐν τοῖς οὐρανοῖς τούτοις καθαρίζεσθαι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “काहिनों को इन जानवरों की क़ुर्बानियों को पाक करने के लिए इस्ते’माल करना चाहिए जो आसमान में मौजूद चीज़ों की नक़ल हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-explicit)

αὐτὰ δὲ τὰ ἐπουράνια κρείττοσι θυσίαις παρὰ ταύτας

या’नी, दुनियावी नक़लों को पाक करने के लिए इस्ते’माल किए जाने वाली क़ुर्बानियों से बेहतर है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जहाँ तक ख़ुद आसमानी चीज़ों का ताल्लुक़ है, ख़ुदा को उन्हें बेहतर क़ुर्बानी से पाक करना था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 9:24

χειροποίητα…ἅγια

यहाँ “हाथों से” का मतलब है “इन्सानों के ज़रिए”। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सबसे पाक मक़ाम, जो इन्सान ने बनाया, और जो” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-activepassive)

τῶν ἀληθινῶν

हक़ीक़ी सबसे ज़ियादा पाक जगह का

Hebrews 9:25

οὐδ’

वह आसमान में दाख़िल नहीं हुआ था

κατ’ ἐνιαυτὸν

हर साल या “हर एक साल”

ἐν αἵματι ἀλλοτρίῳ

इसका मतलब किसी जानवर के शिकार के ख़ून से है, न कि उसके ख़ुद के ख़ून से।

Hebrews 9:26

ἐπεὶ

अगर उन्हें अक्सर ख़ुद को पेश करना पड़ता

εἰς ἀθέτησιν ἁμαρτίας διὰ τῆς θυσίας αὐτοῦ

गुनाह को दूर करना इस बात की नुमाइंदगी करता है के ख़ुदा ने इसे मुआफ़ किया। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के लिए ख़ुद की क़ुर्बानी दे कर गुनाहों को मु’आफ़ करने का सबब बनना” या “खुद को क़ुर्बान करना ताकि ख़ुदा गुनाह को मु’आफ़ कर सकें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 9:28

ὁ Χριστός ἅπαξ προσενεχθεὶς

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह ने ख़ुद को एक बार पेश किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

εἰς τὸ…ἀνενεγκεῖν ἁμαρτίας

हमारे गुनाहों के लिए हमें मुजरिम ठहराने के बजाय हमें बे-इल्ज़ाम बनाने की बात इस तरह की जाती है गोया हमारे गुनाह दुनियावी चीज़ें हैं जिन्हें मसीह हमसे दूर ले जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि ख़ुदा गुनाहों को मु’आफ़ कर दे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ…ἁμαρτίας

यहाँ “गुनाहों” का मतलब वह जुर्म है जो लोगों ने खुदा के हुज़ूर रख्खे हैं, उन गुनाहों की वजह से जो उन्होंने किये हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 10

‘इब्रानियों 10 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

इस बाब में, मुसन्निफ़ ने ज़िक्र किया कि ‘ईसा की क़ुर्बानी मक़्दिस में दी गई क़ुर्बानियों से कैसे बेहतर थी। (देखें: शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

कुछ तर्जुमा शा’इरी तहरीर की हर एक सतर को बाक़ी तहरीर के मुक़ाबले दाईं ओर रखते हैं ताकि पढ़ने में आसानी हो। ULT 10:5-7, 15-17, 37-38 में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के लफ़्ज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

ख़ुदा का इन्साफ़ और इन’आम

मसीही लोगों के लिए पाक ज़िन्दगी जीना ख़ास है। ख़ुदा लोगों को इस बात के लिए जिम्मेदार ठहराएगा कि उन्होंने अपनी मसीही ज़िन्दगी कैसे गुज़ारी। अगरचे मसीही लोगों के लिए अबदी मलामत नहीं होगी, नारास्ती के काम करते हैं और उनके नतीजे होंगे। इसके अलावा, वफ़ादार ज़िन्दगी को अज्र दिया जाएगा। (देखें: पाक, पाकीज़गी , ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती और ईमानदार, इमानदारी, बे-ईमान, बे-ईमानी और बदला, बदले, बदला देना, बदला दिया, बदला देने बाला )

इस बाब में तर्जुमे की दीगर मुम्किन कठिनाइयाँ

“क्योंकि बैल और बकरियों के ख़ून के लिए गुनाहों को दूर करना नामुम्किन है”

क़ुर्बानी की नजात देने की ख़ुद की कोई क़ुदरत नहीं थी। वे असरदार थे क्योंकि वे ईमान का मुज़ाहिरा करते थे, जिसका सेहरा क़ुर्बानी पेश करने वाले इन्सान को दिया गया। यह आख़िरकार ‘ईसा की क़ुर्बानी थी जिसके बा’द ये क़ुर्बानियाँ “गुनाहों को दूर कर देती हैं।” (देखें: छुड़ा ले, छुटकारा, छुटकारा, छुटकारा दिलानेवाला और ईमान )

“वह‘अहद जो मैं बनाऊँगा”

यह वाज़ेह नहीं है कि यह नबूव्वत पूरी हो रही थी जैसा कि मुसन्निफ़ लिख रहा था या क्या यह बा’द में होना था। मुतर्जिम को इस ‘अहद के शुरू’ होने के वक़्त के बारे में दा’वा करने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। (देखें: नबी , नबी , नबूव्वत ,नबूव्वतें ,नबीया , नबीय और ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद )

Hebrews 10:1

मुसन्निफ़ शरी’अत और उसकी क़ुर्बानियों की कमज़ोरी को ज़ाहिर करता है, ख़ुदा ने शरी’अत क्यों दी, और नई कहानत और मसीह की क़ुर्बानी की तकमील।

σκιὰν…ἔχων ὁ νόμος τῶν μελλόντων ἀγαθῶν

यह शरी’अत के बारे में बोलता है गोया यह एक साया था। मुसन्निफ़ का मतलब है कि शरी’अत वह अच्छी चीज़ें नहीं हैं जो ख़ुदा ने वा’दा किया था। यह सिर्फ़ उन अच्छी चीज़ों का इशारा करती है जो ख़ुदा करने जा रहे है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

οὐκ αὐτὴν τὴν εἰκόνα τῶν πραγμάτων

ख़ुद हक़ीक़ी चीज़ें नहीं

κατ’ ἐνιαυτὸν

हर साल

Hebrews 10:2

οὐκ ἂν ἐπαύσαντο προσφερόμεναι

मुसन्निफ़ बयान करने के लिए एक सवाल का इस्ते’माल करता है कि क़ुर्बानियाँ उनकी क़ुव्वत में महदूद थीं। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे उन क़ुर्बानियों को पेश करना बंद कर देते।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐπαύσαντο

होना बंद हो गया

τοὺς λατρεύοντας…κεκαθαρισμένους

यहाँ पाक किया जाना अब गुनाह का मुजरिम न होने की नुमाइंदगी करता है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क़ुर्बानियों ने उनके गुनाह को छीन लिया होगा” या “ख़ुदा ने उन्हें गुनाह का मुजरिम नहीं बनाया होगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

τὸ μηδεμίαν ἔχειν ἔτι συνείδησιν ἁμαρτιῶν

अब यह नहीं सोचेंगे कि वे गुनाह के मुजरिम हैं या “जानते होंगे कि वे अब गुनाह के मुजरिम नहीं हैं”

Hebrews 10:4

ἀδύνατον γὰρ αἷμα ταύρων καὶ τράγων ἀφαιρεῖν ἁμαρτίας

गुनाहों के बारे में बात की जाती है गोया वे ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें जानवर का ख़ून बहा सकता था क्योंकि यह बह गया था। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि ये बात न-मुम्किन है कि बैलों और बकरियों के ख़ून से ख़ुदा गुनाहों को मु’आफ़ करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

αἷμα ταύρων καὶ τράγων

यहाँ “ख़ून” इन जानवरों का हवाला देता है जो ख़ुदा के लिए क़ुर्बानियों की शक्ल में मर रहे हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 10:5

जब वह ज़मीन पर था तब मसीह के अल्फ़ाज़ दाऊद की एक ज़बूर के एक हवाले से पेश किये गए थे।

οὐκ ἠθέλησας

यहाँ “तुम” एककलाम है और ख़ुदा का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

σῶμα…κατηρτίσω

तुमने एक जिस्म तैयार करवाया है

Hebrews 10:7

τότε εἶπον

यहाँ “मैं” मसीह का हवाला देता है।

Hebrews 10:8

हालाँकि लफ़्ज़ को थोड़ा बदलकर, मुसन्निफ़ ज़ोर देते हुए दाऊद की ज़बूर से इन जुमलों को दोहराता है।

θυσίας…προσφορὰς

देखें कि तुमने इन अल्फ़ाज़ का तर्जुमा इब्रानियों10:5 में कैसे किया।

ὁλοκαυτώματα…περὶ ἁμαρτίας

देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 10:6 में इसी तरह के अल्फ़ाज़ का तर्जुमा कैसे किया।

αἵτινες…προσφέρονται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो काहिन पेश करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 10:9

ἰδοὺ

देखो या “सुनो” या “जो मैं तुमको बताने जा रहा हूँ उस पर ग़ौर दें”

ἀναιρεῖ τὸ πρῶτον, ἵνα τὸ δεύτερον στήσῃ

क़यासी इस्म “मशक़” यहाँ गुनाहों के लिए क़फ़्फ़ारे के तरीक़े का हवाला देता है। ऐसा करने से रोकने की बात की जाती है गोया यह एक ऐसी चीज़ थी जिसे ले जाया जा सकता था। गुनाहों का क़फ़्फ़ारा करने का दूसरा तरीक़ा शुरू’ करने से उस मशक़ को क़ायम करने की बात की जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह लोगों को गुनाहों के लिए क़फ़्फ़ारा देने के लिए पहले तरीक़े रोकता ताकि दूसरे तरीक़े से क़फ़्फ़ारा दिया जा सके” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ πρῶτον…τὸ δεύτερον

लफ़्ज़ “पहला” और “दूसरा” ‘आम गिनतियाँ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “पुरानी मशक़ ... नई मशक़” (देखें: INVALID translate/translate-ordinal)

Hebrews 10:10

ἡγιασμένοι ἐσμὲν

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हमें पाक किया है” या “ख़ुदा ने हमें ख़ुद को वक़्फ़ किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

διὰ τῆς προσφορᾶς τοῦ σώματος Ἰησοῦ Χριστοῦ

क़यासी इस्म “पेश करना” को फ़े’अल “पेशकश” या “क़ुर्बानी” के साथ ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि ‘ईसा मसीह ने अपने जिस्म को क़ुर्बानी की शक्ल में पेश किया” या “क्योंकि ‘ईसा मसीह ने अपने जिस्म को क़ुर्बान किया” (देखें:)

Hebrews 10:11

καθ’ ἡμέραν

रोज़-ब-रोज़ या “हर रोज़”

οὐδέποτε δύνανται περιελεῖν ἁμαρτίας

यह “गुनाहों” की बात करता है गोया वे एक चीज़ है जिसे एक इन्सान दूर ले जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कभी भी गुनाहों को मु’आफ़ करने के लिए ख़ुदा का सबब नहीं बन सकता” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:12

ἐκάθισεν ἐν δεξιᾷ τοῦ Θεοῦ

“ख़ुदा के दाहिने हाथ” पर बैठना ख़ुदा से बड़ी ‘इज़्ज़त और इख़्तियार हासिल करने की एक ‘अलामती काम है। देखें कि तुमने [‘इब्रानियों 1:3] (../01/03.md) में इस क़िस्म के जुमले का तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “वह ख़ुदा के बगल में ‘इज़्ज़त और इख़्तियार के मक़ाम पर बैठ गया” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

Hebrews 10:13

ἕως τεθῶσιν οἱ ἐχθροὶ αὐτοῦ ὑποπόδιον τῶν ποδῶν αὐτοῦ

मसीह के दुश्मनों की शर्मिंदगी की बात की जाती है गोया उन्हें उसके पैरों को आराम देने के लिए एक मक़ाम बनाया गया था। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तक ख़ुदा मसीह के दुश्मनों को शर्मिन्दा नहीं करता है और वे उसके पैरों के लिए एक चौकी की तरह बन जाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 10:14

τοὺς ἁγιαζομένους

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें ख़ुदा पाक कर रहा है” या “जिन्हें ख़ुदा ने ख़ुद को वक़्फ़ किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 10:15

यह पुराने ‘अहदनामे में नबी यरमियाह का एक जुमला है।

Hebrews 10:16

πρὸς αὐτοὺς

मेरे लोगों के साथ

μετὰ τὰς ἡμέρας ἐκείνας

जब मेरे लोगों के साथ पहले ‘अहद का वक़्त ख़त्म हो गया

διδοὺς νόμους μου ἐπὶ καρδίας αὐτῶν

यहाँ “दिल” एक इन्सान के अन्दरूनी वजूद होने का एक पैमाना है। जुमले “उन्हें अपने दिलों में रखें” क़ानून का ‘अमल करने के लिए लोगों को क़ाबिल करने के लिए एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं उन्हें अपनी क़वानीन को मानने के लिए क़ाबिल करूँगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:17

यह पुराने ‘अहदनामे में नबी यिर्मयाह के जुमले को ज़ारी रखता है।

τῶν ἁμαρτιῶν αὐτῶν, καὶ τῶν ἀνομιῶν αὐτῶν, οὐ μὴ μνησθήσομαι ἔτι

मैं अब उनके गुनाहों और नारास्ती के कामों को याद नहीं रखूँगा।' या “मैं अब उनके गुनाहों और नारास्त कामों के बारे में नहीं सोचूंगा।” “यह पाक रूह की गवाही का दूसरा हिस्सा है ([‘इब्रानियों 10:15-16] (./15.md))। तुम ‘आयत 16 के आख़िर में जुमला ख़त्म करके और यहाँ एक नया जुमला शुरू’ करके तर्जुमे में इसे वाज़ेह कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “फिर आगे उन्होंने कहा, 'उनके गुनाह और नारास्त काम मैं अब याद नहीं करूँगा।” “(देखें:)

τῶν ἁμαρτιῶν αὐτῶν, καὶ τῶν ἀνομιῶν αὐτῶν

अल्फ़ाज़ “गुनाह” और “नारास्त काम” का बुनियादी तौर से एक ही मतलब है। वे साथ में ज़ोर देते हैं कि गुनाह कितना बुरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो चीज़ें उन्होंने कीं उन्हें मना’ किया गया था और उन्होंने क़ानून कैसे तोड़ा” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Hebrews 10:18

δὲ

इसका इस्ते’माल इस ख़ास नुक़ते पर ग़ौर कराने के लिए किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है “इस वक़्त।”

ὅπου…ἄφεσις

इसकी वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म “मु’आफ़ी” को फ़े’अल “मु’आफ़” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ख़ुदा ने इन चीज़ों को मु’आफ़ कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

οὐκέτι προσφορὰ περὶ ἁμαρτίας

इसकी वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म “क़ुर्बानी” को फ़े’अल “नज़्र करना” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों को अब गुनाह के लिए नज़्र करने की ज़रूरत नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 10:19

यह वाज़ेह करने के बा’द कि गुनाह के लिए सिर्फ़ एक क़ुर्बानी है, मुसन्निफ़ मक़्दिस में सबसे पाक मक़ाम की तस्वीर के साथ ज़ारी है, जहाँ सिर्फ़ सरदार काहिन हर साल गुनाहों के लिए क़ुर्बानी के ख़ून के साथ दाख़िल हो सकता है। वह ईमानदारों को याद दिलाता है कि वे अब उनकी मौजूदगी में ख़ुदा की ‘इबादत करते हैं गोया वे सबसे पाक मक़ाम पर खड़े थे।

ἀδελφοί

यहाँ इसका मतलब है कि मसीह में सभी ईमानदार चाहे वह मर्द हो या ‘औरत। मुतबादिल तर्जुमा: “भाइयों और बहनों” या “साथी ईमानदारों” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-gendernotations)

τῶν ἁγίων

इसका मतलब ख़ुदा की मौजूदगी है, न कि पुराने ख़ेमागाह में पाक तरीन मक़ाम। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τῷ αἵματι Ἰησοῦ

यहाँ “‘ईसा का ख़ून” ‘ईसा की मौत का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 10:20

ὁδὸν…ζῶσαν

मुम्किन मतलब हैं 1) ख़ुदा के लिए यह नया तरीक़ा है कि ‘ईसा ने ईमानदारों को हमेशा के लिए ज़िन्दा रहने के लिए नतीज़ा ‘अता किया है या 2) ‘ईसा ज़िन्दा है, और वह वह तरीक़ा है जिससे ईमानदार ख़ुदा की मौजूदगी में दाख़िल होते हैं।

διὰ τοῦ καταπετάσματος

दुनियावी मक़्दिस में पर्दा लोगों और ख़ुदा की सच्ची मौजूदगी के बीच अलैहदगी की नुमाइंदगी करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τῆς σαρκὸς αὐτοῦ

यहाँ “जिस्म” ‘ईसा के जिस्म के लिए खड़ा है, और उसका जिस्म उसकी क़ुर्बानी की मौत के लिए खड़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी मौत के ज़रिए’ से” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 10:21

καὶ ἱερέα μέγαν ἐπὶ τὸν οἶκον τοῦ Θεοῦ

इसका इस तरह से तर्जुमा किया जाना चाहिए ताकि यह वाज़ेह हो सके कि ‘ईसा यह “ 'अज़ीम इमाम-ए-'आज़म” है।

ἐπὶ τὸν οἶκον

घर का कारिन्दा

τὸν οἶκον τοῦ Θεοῦ

यह ख़ुदा के लोगों के बारे में बोलता है गोया वे एक लफ़्ज़ी घर थे। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सभी लोग” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:22

προσερχώμεθα

यहाँ “नज़दीक आना” का मतलब है ख़ुदा की ‘इबादत करना, क्योंकि एक काहिन जानवरों की क़ुर्बानी देने के लिए ख़ुदा की क़ुर्बानगाह तक जाएगा। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

μετὰ ἀληθινῆς καρδίας

वफ़ादार दिलों के साथ या “ईमानदार दिलों के साथ।” यहाँ “दिल” का मतलब ईमानदारों की हक़ीक़ी ख़्वाहिश और हौसला अफ़्ज़ाई करना है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुलूस के साथ” या “इख़लास से” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν πληροφορίᾳ πίστεως

और एक पुर ‘ऐतमाद ईमान के साथ या “और पूरी तरह से ‘ईसा पर भरोसा करते हुए”

ῥεραντισμένοι τὰς καρδίας

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मानो उसने हमारे दिल को अपने ख़ून से साफ़ किया हो” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ῥεραντισμένοι τὰς καρδίας

यहाँ “दिल” ज़मीर की आवाज का एक पैमाना है, सही और ग़लत के बारे में श’ऊर। साफ-सुथरा बनाया जाना मु’आफ़ करने और रास्तबाज़ी का दर्जा दिए जाने का एक इस्ति’आरा है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

ῥεραντισμένοι

छिड़काव काहिनों के ज़रिए’ की गई एक ‘अलामती काम था जिसके ज़रिए’ उन्होंने लोगों और चीज़ों को ‘अहद का फ़ायदा दिया। देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 9:19 में इसका तर्जुमा कैसे किया। (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

λελουμένοι τὸ σῶμα ὕδατι καθαρῷ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गोया उसने हमारे जिस्म को पाक पानी में धोया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

λελουμένοι τὸ σῶμα ὕδατι καθαρῷ

अगर मुतर्जिम इस जुमले को मसीही बपतिस्मा देते हुए समझता है, तो “पानी” लफ़्ज़ी है, न कि ‘अलामती। लेकिन अगर पानी को लफ़्ज़ी शक्ल में लिया जाता है, तो “पाक” ‘अलामती है, रूहानी पाकीज़गी के लिए खड़ा है कि बपतिस्मा यहाँ पूरा करने के लिए कहा जाता है। “धोने” का मतलब है ईमानदार ख़ुदा के लिए क़ाबिल-ए-क़ुबूल बनाया जा रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:23

κατέχωμεν τὴν ὁμολογίαν τῆς ἐλπίδος

यहाँ “मज़बूती से पकड़ो” एक इस्ति’आरा है जो किसी इन्सान को कुछ करना तय करता है और रुकने से इनकार करता है। क़यासी इस्म “ऐ’तराफ़” और “उम्मीद” का तर्जुमा फ़ा’अल की शक्ल में किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “आइए हम उन चीज़ों का ऐ’तराफ़ करना तय करें जो हम ‘ऐतमाद से ख़ुदा से उम्मीद करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἀκλινῆ

किसी चीज़ के बारे में ग़ैर-यक़ीनी होना इस तरह से बोला जाता है गोया वह एक तरफ से दूसरी तरफ से छूट रहा हो या झुक रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ग़ैर यक़ीनी हुए बिना” या “बगैर किसी शक के” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:25

μὴ ἐγκαταλείποντες τὴν ἐπισυναγωγὴν ἑαυτῶν

तुम वाज़ेह कर सकते हैं कि लोग ‘इबादत करने के लिए मिले थे। मुतबादिल तर्जुमा: “आओ हम एक दूसरे से मिलकर ‘इबादत करना नहीं छोड़ें” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ὅσῳ βλέπετε ἐγγίζουσαν τὴν ἡμέραν

मुस्तक़बिल के वक़्त के बारे में बात की जाती है गोया यह बोलने वाले के क़रीब आने वाली चीज़ थी। यहाँ “वह दिन” ‘ईसा कब वापस आएगा का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा कि तुम जानते हो कि मसीह ज़ल्द ही वापस आएगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 10:26

मुसन्निफ़ अब अपनी चौथी हिदायत देता है।

ἑκουσίως…ἁμαρτανόντων ἡμῶν

हम जानते हैं कि हम गुनाह कर रहे हैं लेकिन हम इसे बार-बार करते हैं

μετὰ τὸ λαβεῖν τὴν ἐπίγνωσιν τῆς ἀληθείας

सच के ‘इल्म की बात की जाती है गोया यह एक चीज़ थी जो एक इन्सान के ज़रिए’ दूसरे इन्सान को दी जा सकती है। मुतबादिल तर्जुमा: “सच्चाई जानने के बा’द” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τῆς ἀληθείας

ख़ुदा के बारे में सच्चाई। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

οὐκέτι περὶ ἁμαρτιῶν ἀπολείπεται θυσία

कोई भी एक नयी क़ुर्बानी देने के क़ाबिल नहीं है क्योंकि मसीह की क़ुर्बानी सिर्फ़ एक ही है जो काम करती है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी क़ुर्बानी नहीं दे सकता है जिसके लिए ख़ुदा हमारे गुनाहों को मु’आफ़ कर देगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

περὶ ἁμαρτιῶν…θυσία

यहाँ “गुनाहों के लिए क़ुर्बानी” “गुनाहों को दूर करने के लिए जानवरों की क़ुर्बानी देने का एक असरदार तरीक़ा” है

Hebrews 10:27

κρίσεως

ख़ुदा के इन्साफ़ का, या’नी, जो ख़ुदा इन्साफ़ करेगा। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πυρὸς ζῆλος ἐσθίειν μέλλοντος τοὺς ὑπεναντίους

ख़ुदा के ग़ज़ब के बारे में बात की जाती है गोया यह आग थी जो उनके दुश्मनों को जला देगी। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:28

δυσὶν ἢ τρισὶν μάρτυσιν

यह इशारा है जिसका यह मतलब है “कम से कम दो या तीन गवाह।” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 10:29

πόσῳ δοκεῖτε χείρονος, ἀξιωθήσεται τιμωρίας, ὁ…τῆς χάριτος ἐνυβρίσας!

मुसन्निफ़ मसीह को नज़रन्दाज़ करने वालों के लिए सज़ा की बड़ाई पर ज़ोर दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह कड़ी सज़ा थी। लेकिन सज़ा किसी के लिए भी ज़्यादा होगी ... फ़ज़ल!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τὸν Υἱὸν τοῦ Θεοῦ καταπατήσας

मसीह को नज़रन्दाज़ करना और उसकी हिकारत करना इस बात की तरह है जैसे कोई उस पर चला था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के फ़र्ज़न्द को नज़रन्दाज़ कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸν Υἱὸν τοῦ Θεοῦ

यह ‘ईसा के लिए एक ख़ास उनवान है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

τὸ αἷμα τῆς διαθήκης κοινὸν ἡγησάμενος

इससे पता चलता है कि उस इन्सान ने कैसे ख़ुदा के फ़र्ज़न्द को रौंद दिया है। मुतबादिल तर्जुमा: “‘अहद के ख़ून को नापाक मानकर”

τὸ αἷμα τῆς διαθήκης

यहाँ “ख़ून” मसीह की मौत के लिए खड़ा है, जिसके ज़रिए’ ख़ुदा ने नया ‘अहद क़ायम किया। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ αἷμα…ἐν ᾧ ἡγιάσθη

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह ख़ून जिसके ज़रिए’ ख़ुदा ने उसे पाक किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸ Πνεῦμα τῆς χάριτος

ख़ुदा की रूह, जो फ़ज़ल ‘अता करती है

Hebrews 10:30

लफ़्ज़ “हम” यहाँ मुसन्निफ़ और सभी ईमानदारों का हवाला देता है। ये दो जुमले शरी’अत से आते हैं जो मूसा ने पुराने ‘अहदनामे में दिए थे। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἐμοὶ ἐκδίκησις

इन्तकाम की बात की जाती है गोया यह एक ऐसी चीज़ थी जो ख़ुदा की है, जिसके पास अपनी ख़्वाहिश के मुताबिक़ इख़्तियार है। ख़ुदा को अपने दुश्मनों पर बदला लेने का इख़्तियार है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐγὼ ἀνταποδώσω

इन्तक़ाम लेने वाले ख़ुदा की बात की जाती है गोया वह उन ख़तरनाक चीज़ों को वापस कर रहा है जो किसी ने दूसरों के लिए की हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:31

τὸ ἐμπεσεῖν εἰς χεῖρας

ख़ुदा की पूरी सज़ा हासिल करने के बारे में कहा जाता है गोया इन्सान ख़ुदा के हाथों में पड़ता है। यहाँ “हाथ” का मतलब ख़ुदा की इन्साफ़ की क़ुव्वत से है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की पूरी सज़ा पाने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 10:32

τὰς πρότερον ἡμέρας

माज़ी में वक़्त

φωτισθέντες

सच्चाई सीखना इस तरह से बोला जाता है गोया ख़ुदा इन्सान पर रोशनी डालता है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह के बारे में सच्चाई जानने के बा’द” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

πολλὴν ἄθλησιν ὑπεμείνατε παθημάτων

तुमको कितनी मुसीबतें सहनी पड़ीं

Hebrews 10:33

ὀνειδισμοῖς…καὶ θλίψεσιν θεατριζόμενοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों ने ‘अवामी तौर से तुम्हारी बे-‘इज़्ज़ती की और तकलीफ़ देकर तुम्हारा मज़ाक़ उड़ाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κοινωνοὶ τῶν…γενηθέντες

तुम उन में शामिल हो गए

Hebrews 10:34

κρείσσονα ὕπαρξιν, καὶ μένουσαν

ख़ुदा की अबदी बरकत “क़ब्ज़ा” की शक्ल में बोले जाते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 10:35

10:37 में पुराने ‘अहदनामे में नबी यसा’याह का एक जुमला है।

μὴ ἀποβάλητε οὖν τὴν παρρησίαν ὑμῶν, ἥτις ἔχει μεγάλην μισθαποδοσίαν

जिस शख्स के पास अब ऐ’तमाद नहीं है उसकी बाबत इस तरह की बात की जाती है गोया उस शख्स ने ऐ’तिमाद को दूर फेंक दिया हो, जैसे कोई शख्स किसी बेकार चीज़ को छोड़ दे। क़यासी इस्म “ऐ’तमाद” का तर्जुमा इस्म सिफ़त “ऐ’तमाद” या मुत’अल्लिक़ फ़े’अल “ऐ’तमाद से” के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐ’तमाद होने से मत रोको, क्योंकि तुमको ऐ’तमाद होने का बहुत बड़ा अज्र मिलेगा” या “ख़ुदा पर भरोसा करने से मत रोको, जो तुमको बहुत फल देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 10:37

ἔτι γὰρ μικρὸν ὅσον, ὅσον

तुम इसे वाज़ेह कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा कि ख़ुदा ने कलामों में कहा है, 'बहुत कम वक़्त में” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἔτι…μικρὸν ὅσον, ὅσον

बहुत ज़ल्द

Hebrews 10:38

10:38 में मुसन्निफ़ ने पैगंबर हबक़्क़ूक़ से जुमला लिए, जो सीधे 10:37 में नबी यसा’याह के जुमले की पैरवी करता है।

ὁ…δίκαιός μου…ἐὰν ὑποστείληται…ἐν αὐτῷ

ये ‘आम तौर से ख़ुदा के किसी भी इन्सान का हवाला देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरे वफ़ादार लोग ... अगर उनमें से कोई भी सिकुड़ जाता है ... उस इन्सान के साथ” या “मेरे वफ़ादार लोग ... अगर वे सिकुड़ते हैं ... उनके साथ” (देखें: INVALID translate/figs-genericnoun)

ὁ…δίκαιός μου…εὐδοκεῖ

यहाँ “मेरा” और “मैं” ख़ुदा का हवाला देते हैं।

ὑποστείληται

वह जो अच्छा काम कर रहा है, उसे करना बंद कर देता है

Hebrews 10:39

ὑποστολῆς εἰς ἀπώλειαν

एक इन्सान जो साहस और ईमान खो देता है, उसकी बात की जाती है गोया वह किसी चीज़ से डर कर वापस लौट रहा था। और “हलाकत” की बात की जाती है गोया यह एक मंज़िल थी। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा पर भरोसा करना बंद कर देता है, जिसकी वजह से वह हमें हलाक कर देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς περιποίησιν ψυχῆς

ख़ुदा के साथ अबद तक रहने की बात की जाती है गोया वह किसी की रूह को रख रहा हो। यहाँ “रूह” पूरे इन्सान का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “, जिसके नतीजे में हम हमेशा के लिए ख़ुदा के साथ रहेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-synecdoche)

Hebrews 11

‘इब्रानियों 11 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

मुसन्निफ़ ने इस बाब की शुरु’आत यह बताकर की कि ईमान क्या है। फिर वह ऐसे लोगों के कई मिसालें देता है जिनके पास ईमान था और वे कैसे रहते थे।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

ईमान

पुराने और नये ‘अहद दोनों में, ख़ुदा को ईमान की ज़रूरत थी। ईमान वाले कुछ लोगों ने मो’जिज़े किए और बहुत ज़ोरआवर थे। ईमान के साथ दीगर लोगों को बहुत नुक़सान उठाना पड़ा।

Hebrews 11:1

मुसन्निफ़ इस मुख़्तसर ता’अर्रुफ़ में ईमान के बारे में तीन बातें बताता है।

δὲ

इस लफ़्ज़ का इस्ते’माल यहाँ ख़ास ता’लीम में एक रुकावट को निशान देने के लिए किया जाता है। यहाँ मुसन्निफ़ “ईमान” का मतलब वाज़ेह करना शुरू’ करता है।

ἔστιν…πίστις ἐλπιζομένων ὑπόστασις

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब हमें ईमान होता है, तो हम उन चीज़ों के बारे में यक़ीनी होते हैं जिसकी हम उम्मीद करते हैं” या “ईमान वह है जो किसी इन्सान को ऐ’तमाद से कुछ चीज़ों की उम्मीद करने की इजाज़त देता है”

ἐλπιζομένων

यहाँ यह ख़ास तौर से ख़ुदा के यक़ीनी वादों का हवाला देता है, ख़ास तौर से यक़ीन है कि ‘ईसा में सभी ईमानदार आसमान में हमेशा के लिए ख़ुदा के साथ रहेंगे।

πραγμάτων ἔλεγχος οὐ βλεπομένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो हमने अभी भी नहीं देखा है” या “जो अभी भी नहीं हुआ है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 11:2

ἐν ταύτῃ γὰρ

क्योंकि वे उन घटनाओं के बारे में यक़ीनी थे जो नहीं हुई थीं

ἐμαρτυρήθησαν οἱ πρεσβύτεροι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हमारे बुज़ुर्गों को मंजूर किया क्योंकि उन्हें ईमान था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

οἱ πρεσβύτεροι

मुसन्निफ़ ‘इब्रानी बुज़ुर्गों के बारे में ‘इब्रानियों से बात कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे बुज़ुर्ग” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 11:3

κατηρτίσθαι τοὺς αἰῶνας ῥήματι Θεοῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने इसे ज़हूर में लाने के लिए क़ायनात बनायी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸ μὴ ἐκ φαινομένων, τὸ βλεπόμενον γεγονέναι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने वह नहीं बनाया जो हम दिखाई देने वाली चीज़ों से बाहर देखते हैं”

Hebrews 11:4

मुसन्निफ़ तब कई मिसालें देता है (ज़्यादातर पुराने ‘अहदनामे की तहरीर से) जो ईमान से जीते थे, भले ही उन्होंने यह नहीं हासिल किया कि ख़ुदा ने ज़मीन पर रहते हुए क्या वा’दा किया था।

ἐμαρτυρήθη εἶναι δίκαιος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे रास्तबाज़ मुक़र्रर किया” या “ख़ुदा ने ‘ऐलान किया कि हाबिल रास्तबाज़ था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἔτι λαλεῖ

कलामों को पढ़ना और हाबिल के ईमान के बारे में जानना इस तरह से कहा जाता है गोया हाबिल ख़ुद भी बोल रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “हम अब भी सीखते हैं कि हाबिल ने क्या किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 11:5

πίστει Ἑνὼχ μετετέθη, τοῦ μὴ ἰδεῖν θάνατον

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह ईमान से था कि हनूक की मौत नहीं हुई क्योंकि ख़ुदा ने उसे ले लिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἰδεῖν θάνατον

यह मौत की बात करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे लोग देख सकते हैं। इसका मतलब है मौत का तजुर्बा करना। मुतबादिल तर्जुमा: “मरना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

πρὸ…τῆς μεταθέσεως

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इससे पहले कि ख़ुदा उसे ले लिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μεμαρτύρηται εὐηρεστηκέναι τῷ Θεῷ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुम्किन मतलब हैं 1) “ख़ुदा ने कहा कि हनूक ने उसे ख़ुश किया है” या 2) “लोगों ने कहा कि हनूक ने ख़ुदा को ख़ुश किया।” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 11:6

χωρὶς δὲ πίστεως

यहाँ “अब” का मतलब “इस वक़्त” नहीं है, लेकिन इसका इस्ते’माल आने वाले ख़ास नुक़ते पर ग़ौर कराने के लिए किया जाता है।

χωρὶς…πίστεως, ἀδύνατον εὐαρεστῆσαι

इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई इन्सान ख़ुदा को सिर्फ़ तभी ख़ुश कर सकता है जब उसे ख़ुदा में ईमान हो” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

τὸν προσερχόμενον τῷ Θεῷ

ख़ुदा की ‘इबादत और अपने लोगों से मुता’अल्लिक़ होने की बात इस तरह की जाती है जैसे वह इन्सान सचमुच ख़ुदा के पास आ रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जो कोई भी ख़ुदा से मुता’अल्लिक़ होना चाहता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τοῖς ἐκζητοῦσιν…μισθαποδότης γίνεται

वह उन लोगों को इन’आम देता है

τοῖς ἐκζητοῦσιν αὐτὸν

जो लोग ख़ुदा के बारे में सीखते हैं और उसका ‘अमल करने की कोशिश करते हैं उन्हें इस तरह से बोला जाता है गोया वे उसे ढूंढना चाहते थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 11:7

χρηματισθεὶς

इसे फ़’आल के तौर पर और दीगर अल्फ़ाज़ में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि ख़ुदा ने उसे बताया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

περὶ τῶν μηδέπω βλεπομένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन चीज़ों के बारे में जो पहले कभी नहीं देखी गयी थीं” या “उन वाक़े’आत के बारे में जो अभी तक नहीं हुए थे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸν κόσμον

यहाँ “दुनिया” दुनिया की इन्सानी आबादी का हवाला देती है। मुतबादिल तर्जुमा: “उस वक़्त दुनिया में रहने वाले लोग” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τῆς…δικαιοσύνης, ἐγένετο κληρονόμος

नूह के बारे में बात की जाती है गोया वह एक ख़ानदान के फ़र्द से मीरास और दौलत का वारिस था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की रास्तबाज़ी से हासिल” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

κατὰ πίστιν

ख़ुदा उसे देता है जो उस पर पर ईमान करता है

Hebrews 11:8

καλούμενος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ख़ुदा ने उसे बुलाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐξελθεῖν εἰς τόπον

उस जगह जाने के लिए अपना घर छोड़ दिया

ὃν ἤμελλεν λαμβάνειν εἰς κληρονομίαν

ख़ुदा ने इब्राहीम की औलाद को देने के लिए जिस ज़मीन का वा’दा किया था वह इस तरह है गोया वह एक विरासत थी जो इब्राहीम को हासिल होनी थी। मुतबादिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा उसे देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐξῆλθεν

उसने अपना घर छोड़ दिया

Hebrews 11:9

παρῴκησεν εἰς γῆν τῆς ἐπαγγελίας ὡς ἀλλοτρίαν

इसकी वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म “वा’दा” को फ़े’अल “वा’दा किया” की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “वह उस मुल्क में एक परदेसी की शक्ल में रहता था जिसे ख़ुदा ने उससे वा’दा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

τῶν συνκληρονόμων

एक साथ वारिस। यह इब्राहीम, इसहाक़ और या’क़ूब के बारे में बोलता है गोया वे वारिस थे जो अपने बाप से विरासत हासिल करेंगे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 11:10

τὴν τοὺς θεμελίους ἔχουσαν πόλιν

वह शहर जिसकी बुनियाद है। बुनियाद होने से इशारा मिलता है कि शहर मुस्तहकम है। मुतबादिल तर्जुमा: “अबदी शहर” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἧς τεχνίτης καὶ δημιουργὸς ὁ Θεός

जिसे ख़ुदा के ज़रिए’ नमूना और ता’मीर किया गया है या “जिसे ख़ुदा नमूना बनाएगा और ता’मीर करेगा”

τεχνίτης

एक इन्सान जो ‘इमारतों और शहरों का नमूना बनाता है

Hebrews 11:11

कई वर्ज़न इस ‘आयत की तशरीह सारा के हवाले से करते हैं, और दीगर लोग इसे इब्राहीम के हवाले में तशरीह करते हैं।

πίστει καὶ αὐτῇ Σάρρᾳ δύναμιν εἰς καταβολὴν σπέρματος ἔλαβεν, καὶ παρὰ καιρὸν ἡλικίας, ἐπεὶ…ἡγήσατο

कुछ वर्ज़न इस आयत की तशरीह सारा के हवाले में करते हैं। “ईमान के मुताबिक़, सारा ख़ुद भी बाँझ थी, उसे पुख़्तगी के वक़्त तक भी बच्चों को सहन करने की क़ुव्वत हासिल हुई, क्योंकि उसने माना”

πίστει

क़यासी इस्म “ईमान” को फ़े’अल “ईमान करना” के साथ ज़ाहिर किया जा सकता है। मुम्किन मतलब हैं 1) यह इब्राहीम के ईमान से था। मुतबादिल तर्जुमा: “यह इसलिए था क्योंकि इब्राहीम ख़ुदा को मानते थे” या 2) यह सारा के ईमान से था। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसा इसलिए था क्योंकि सारा ख़ुदा को मानती थी” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

δύναμιν εἰς καταβολὴν σπέρματος ἔλαβεν

बाप बनने की क़ाबिलियत या “बच्चे पैदा करने की क़ाबिलियत हासिल की”

ἐπεὶ πιστὸν ἡγήσατο τὸν ἐπαγγειλάμενον

क्योंकि उसने ख़ुदा पर ईमान लाया, जिसने वा’दा किया था, वफ़ादार रहने का

Hebrews 11:12

ἐγεννήθησαν…καθὼς τὰ ἄστρα τοῦ οὐρανοῦ τῷ πλήθει, καὶ ὡς ἡ ἄμμος, ἡ παρὰ τὸ χεῖλος τῆς θαλάσσης, ἡ ἀναρίθμητος

इस तशबीह का मतलब है कि इब्राहीम की बहुत सारी औलाद हैं। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

ὡς ἡ ἄμμος, ἡ παρὰ τὸ χεῖλος τῆς θαλάσσης, ἡ ἀναρίθμητος

इसका मतलब यह है कि जिस तरह समन्दर के किनारे रेत के इतने दाने हैं कि कोई भी उन सभी को नहीं गिन सकता है, इब्राहीम के पास इतनी औलाद हैं कि कोई भी उन सभी को नहीं गिन सकता है।

Hebrews 11:13

μὴ λαβόντες τὰς ἐπαγγελίας

यह वा’दों की बात करता है गोया वे चीज़ें हैं जो एक इन्सान हासिल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनसे जो वा’दा किया था उसे हासिल किए बिना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

πόρρωθεν αὐτὰς ἰδόντες καὶ ἀσπασάμενοι

मुस्तक़बिल के वा’दे के वाक़े’आत की बात की जाती है गोया वे दूर से आने वाले मुसाफ़िर थे। मुतबादिल तर्जुमा: “मुस्तक़बिल में ख़ुदा क्या करेगा यह सीखने के बा’द” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ὁμολογήσαντες

उन्होंने तसलीम किया या “उन्होंने क़ुबूल किया”

ξένοι καὶ παρεπίδημοί εἰσιν ἐπὶ τῆς γῆς

यहाँ “परदेसी” और “जिला वतनी” का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है। यह इस बात पर ज़ोर देता है कि यह ज़मीन उनका असली घर नहीं थी। वे अपने सच्चे घर का इंतज़ार कर रहे थे जो ख़ुदा उनके लिए बनायेगा। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Hebrews 11:14

πατρίδα

उनके लिए एक मुल्क ताल्लुक़ रखने के लिए

Hebrews 11:16

ἐπουρανίου

आसमानी मुल्क या “आसमान में मुल्क”

οὐκ ἐπαισχύνεται αὐτοὺς ὁ Θεὸς, Θεὸς ἐπικαλεῖσθαι αὐτῶν

इसे फ़’आल और मुसबत तौर में ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ख़ुश है कि उन्होंने उसे अपना ख़ुदा कहा है” या “ख़ुदा ने उन्हें यह कहने में फ़ख़्र महसूस किया है कि वह उनका ख़ुदा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-litotes)

Hebrews 11:17

πειραζόμενος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ख़ुदा ने उसकी आज़माइश की” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 11:18

πρὸς ὃν ἐλαλήθη

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने कहा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κληθήσεταί σοι σπέρμα

यहाँ “नामज़द” का मतलब है तय होना या नामज़द। इस जुमले को फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कि मैं तुम्हारी औलाद को नामज़द करूंगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive) (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 11:19

ἐκ νεκρῶν ἐγείρειν δυνατὸς ὁ Θεός

ख़ुदा इसहाक़ को फिर से ज़िन्दा करने में क़ाबिल था

ἐκ νεκρῶν ἐγείρειν

इस ‘आयत में, “ऊपर उठाना” फिर से ज़िन्दा करना है। लफ़्ज़ “मुर्दों से” सभी मरे हुए लोगों की एक साथ ‘आलम-ए-बरज़ख़ में बात करते हैं।

ἐν παραβολῇ

बोलने के तरीक़े में। इसका मतलब यह है कि मुसन्निफ़ जो कहता है उसे लफ़्ज़ी तौर पर समझा नहीं जा सकता है। ख़ुदा ने इसहाक को सचमुच मौत से वापस नहीं लाया। लेकिन क्योंकि इब्राहीम इसहाक़ की क़ुर्बानी करने वाला था, जब ख़ुदा ने उसे रोका, तो ऐसा लगा जैसे ख़ुदा ने उसे मुर्दों में से वापस लाया।

ὅθεν αὐτὸν

यह मुर्दों में से था

αὐτὸν…ἐκομίσατο

इब्राहीम को इसहाक़ वापस मिला

Hebrews 11:21

Ἰακὼβ…προσεκύνησεν

या’क़ूब ने ख़ुदा की ‘इबादत की

Hebrews 11:22

τελευτῶν

यहाँ “उसका आख़िर” मौत का हवाला देने का एक हलीम तरीक़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब वह मरने वाला था” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)

περὶ τῆς ἐξόδου τῶν υἱῶν Ἰσραὴλ ἐμνημόνευσεν

जब इस्राईल के बच्चे मिस्र छोड़ेंगे उसके बारे में बात की

τῶν υἱῶν Ἰσραὴλ

इस्राईलियों या “इस्राईल के नसलों”

περὶ τῶν ὀστέων αὐτοῦ ἐνετείλατο

मिस्र में रहते हुए यूसुफ़ की मौत हो गई। वह चाहता था कि जब वह मिस्र से बाहर निकले तो उसके लोग उसकी हड्डियों को अपने साथ ले जाएं ताकि वे उसकी हड्डियों को उस जमीन में दफ़ना सकें जिसका ख़ुदा ने उनसे वा’दा किया था। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 11:23

Μωϋσῆς, γεννηθεὶς, ἐκρύβη τρίμηνον ὑπὸ τῶν πατέρων αὐτοῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा के वालिदैन ने पैदाइश लेने के तीन महीने बा’द तक उसे छुपाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 11:24

μέγας γενόμενος

एक नौजवान बन गया था

ἠρνήσατο λέγεσθαι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों को उसे बुलाने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 11:26

τὸν ὀνειδισμὸν τοῦ Χριστοῦ

इसकी वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म “बे-‘इज़्ज़ती” को फ़े’अल “ज़िल्लत” की शक्ल में ज़ाहिर किया जा सके। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों का तजुर्बा उसकी बे-‘इज़्ज़ती कर रहा है क्योंकि उसने वही किया जो मसीह चाहता था” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

τοῦ Χριστοῦ

मसीह को मानने वाले के बारे में कहा जाता है गोया वह उसकी पैरवी कर रहा था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἀπέβλεπεν…εἰς τὴν μισθαποδοσίαν

किसी मक़सद को हासिल करने पर पूरी तरह से ग़ौर करने की बात की जाती है गोया कोई इन्सान किसी चीज़ को घूर रहा हो और दूर देखने से इनकार कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जो वह जानता था उसे करने से उसे आसमान में इन’आम मिलेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-explicit)

Hebrews 11:27

τὸν…ἀόρατον ὡς ὁρῶν, ἐκαρτέρησεν

मूसा के बारे में कहा जाता है गोया उसने ख़ुदा को देखा, जो पोशीदा है। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

τὸν…ἀόρατον

जिसे कोई नहीं देख सकता है

Hebrews 11:28

πεποίηκεν τὸ Πάσχα καὶ τὴν πρόσχυσιν τοῦ αἵματος

यह पहली फ़सह थी। मूसा ने फ़सह के बारे में ख़ुदा के अहकाम का ‘अमल करके और लोगों को हर साल उसके हुक्म मानने के लिए हुक्म दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने लोगों को हुक्म दिया कि वे फ़सह के बारे में ख़ुदा के अहकाम का ‘अमल करें और उनके दरवाज़ों पर ख़ून छिड़कें” या “उसने फ़सह और ख़ून के छिड़काव को क़ायम किया”

τὴν πρόσχυσιν τοῦ αἵματος

यह एक भेड़ के बच्चे को मारने और इस्राईलियों के रहने वाले हर घर की चौखट पर अपना ख़ून फ़ैलाने के लिए इस्राईलियों को ख़ुदा के हुक्म का हवाला देता है। यह हलाकत को उनके पहले पहलौठे फ़र्ज़न्दों को नुक़सान पहुंचाने से रोकता था। यह फ़सह अहकाम में से एक थी। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

μὴ…θίγῃ

यहाँ “छूना” से मतलब है किसी को नुक़सान पहुंचाना या उसका क़त्ल करना है। मुतबादिल तर्जुमा: “नुक़सान नहीं करेगा” या “नहीं मारेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 11:29

यहाँ पहला लफ़्ज़ “वे” इस्राईलियों का हवाला देता है, दूसरा “वे” मिस्रियों का हवाला देता है, तीसरा “वे” यरीहू की फ़सील का हवाला देता है।

διέβησαν τὴν Ἐρυθρὰν Θάλασσαν

इस्राईली समन्दर के किनारे से गुज़रे

κατεπόθησαν

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पानी मिस्रियों को निगल गया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κατεπόθησαν

पानी के बारे में कहा जाता है गोया वह एक जानवर था। मुतबादिल तर्जुमा: “मिस्र के लोग पानी में डूब गए” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Hebrews 11:30

κυκλωθέντα ἐπὶ ἑπτὰ ἡμέρας

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस्राईलियों ने सात दिनों के लिए उनके चारों ओर गश्त की थी “ (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἑπτὰ ἡμέρας

7 दिन (देखें: INVALID translate/translate-numbers)

Hebrews 11:31

δεξαμένη τοὺς κατασκόπους μετ’ εἰρήνης

सलामती से जासूसों को हासिल किया था

Hebrews 11:32

मुसन्निफ़ ने यह बताना ज़ारी रखा है कि इस्राईल के लोगों के बुज़ुर्गों के लिए ख़ुदा ने क्या किया था।

τί ἔτι λέγω?

मुसन्निफ़ इस सवाल पर ज़ोर देने के लिए इस्ते’माल करता है कि ऐसी कई मिसालें हैं जिन्हें वह बयान कर सकता था। इसे एक बयान की शक्ल में ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और भी कई मिसालें हैं।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἐπιλείψει…με…ὁ χρόνος

मेरे पास काफ़ी वक़्त नहीं होगा

Βαράκ

यह एक आदमी का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Hebrews 11:33

οἳ διὰ πίστεως

यहाँ “वे” का मतलब यह नहीं है जो 11:32 में दर्ज हर एक इन्सान ने उन सभी चीज़ों को किया जिनका मुसन्निफ़ ज़िक्र करने वाला है। मुसन्निफ़ का मतलब ‘आम तौर पर ये ऐसी चीज़ें हैं जो ईमान के साथ करने के लायक़ थीं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह ईमान के ज़रिए’ से था कि ऐसे मर्दों ने”

οἳ…κατηγωνίσαντο βασιλείας

यहाँ “बादशाही” उन लोगों का हवाला देता है जो वहां रहते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने ग़ैर-मुल्की हुकूमतों के लोगों को हराया”

ἔφραξαν στόματα λεόντων

ये अल्फ़ाज़ उन तरीक़ों की फ़ेहरिस्त शुरू’ करते हैं, जिनसे ख़ुदा ने ईमानदारों को मौत से बचाया। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने शेरों को उनको खाने से बचाया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 11:34

ἔσβεσαν δύναμιν πυρός, ἔφυγον στόματα μαχαίρης

ये कुछ तरीक़े हैं जिनसे ख़ुदा ने ईमानदारों को मौत से बचाया। मुतबादिल तर्जुमा: “वे उन्हें जलाने से बचाते रहे, उन्होंने अपने दुश्मनों को उन्हें मारने से बचाए रखा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

ἐδυναμώθησαν ἀπὸ ἀσθενείας

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा से शिफ़ा हासिल की” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐγενήθησαν ἰσχυροὶ ἐν πολέμῳ…ἔκλιναν

और वे जंग में क़वी हो गए और शिकश्त दी

Hebrews 11:35

ἔλαβον γυναῖκες ἐξ ἀναστάσεως τοὺς νεκροὺς αὐτῶν

यह क़यासी इस्म “क़यामत” को हटाने के लिए बहाल किया जा सकता है। लफ़्ज़ “मुर्दा” एक बराए नाम सिफ़त है। इसे एक फ़े’अल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “‘औरतों को वो वापस ज़िन्दा मिले, जिनकी मौत हो गई थी” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-nominaladj)

ἄλλοι δὲ ἐτυμπανίσθησαν, οὐ προσδεξάμενοι τὴν ἀπολύτρωσιν

यह इशारा है कि उनके दुश्मनों ने उन्हें कुछ शर्तों के तहत क़ैद से रिहा कर दिया होगा। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “दूसरों ने क़ैद से रिहा होने के बजाय परेशानी क़ुबूल की” या “दूसरों ने अपने दुश्मनों को उन्हें रिहा करने के बजाय उनके दुश्मनों को सताने की इजाज़त दी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-explicit)

ἐτυμπανίσθησαν

बड़ी ज़हनी या जिस्मानी दर्द सहने के लिए बना

κρείττονος ἀναστάσεως

मुम्किन मतलब हैं 1) जो उन्होंने इस दुनिया में तजुर्बा किया है उसके मुक़ाबले ये लोग आसमान में एक बेहतर ज़िन्दगी का तजुर्बा करेंगे या 2) इन लोगों के पास उन लोगों के मुक़ाबले में बेहतर क़यामत होगी जिनके पास ईमान नहीं था। ईमान रखने वाले हमेशा ख़ुदा के साथ रहेंगे। बिना ईमान के रहने वाले हमेशा ख़ुदा से अलग रहेंगे।

Hebrews 11:36

ἕτεροι…ἐμπαιγμῶν καὶ μαστίγων πεῖραν ἔλαβον

इन्हें फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों ने दूसरों का मज़ाक़ उड़ाया और मार डाला” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἕτεροι…ἐμπαιγμῶν καὶ μαστίγων πεῖραν ἔλαβον, ἔτι δὲ δεσμῶν καὶ φυλακῆς

इसकी वज़ाहत की जा सकती है ताकि क़यासी इस्म को फ़े’अल की शक्ल में ज़ाहिर किया जाए। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अपने दुश्मनों का मज़ाक़ उड़ाने और उन्हें कोड़े मारने और यहाँ तक ​​कि उन्हें क़ैद करने की इजाज़त देकर दूसरों की आज़माइश की” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Hebrews 11:37

ἐλιθάσθησαν, ἐπρίσθησαν, ἐπειράσθησαν, ἐν φόνῳ μαχαίρης ἀπέθανον

इन्हें फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों ने दूसरों का मज़ाक उड़ाया और मार डाला ... लोगों ने दूसरों पर पत्थर फेंके। लोगों ने दूसरों को आरे से चीरा। लोगों ने दूसरों को तलवार से मार डाला” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

περιῆλθον

जगह-जगह गए या “हर वक़्त रहते थे”

ἐν μηλωταῖς, ἐν αἰγίοις δέρμασιν

सिर्फ़ भेड़ और बकरियों की खाल पहनना

ὑστερούμενοι

उनके पास कुछ भी नहीं था या “वे बहुत ग़रीब थे”

Hebrews 11:38

οὐκ ἦν ἄξιος ὁ κόσμος

यहाँ “दुनिया” लोगों को हवाला देती है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस दुनिया के लोग लायक़ नहीं थे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

πλανώμενοι

ऐसा इसलिए था क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी।

σπηλαίοις, καὶ ταῖς ὀπαῖς τῆς γῆς

गुफ़ाएँ, और कुछ ज़मीन के सुराख़ों में रहते थे

Hebrews 11:39

οὗτοι πάντες μαρτυρηθέντες διὰ τῆς πίστεως, οὐκ ἐκομίσαντο τὴν ἐπαγγελίαν

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने इन सभी को उनके ईमान के सबब से ‘इज़्ज़त बख़्शी, लेकिन उन्होंने ख़ुद वह नहीं हासिल किया जो ख़ुदा ने वा’दा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὴν ἐπαγγελίαν

यह इज़हार “ख़ुदा ने उनसे जो वा’दा किया था” के लिए खड़ा है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 11:40

ἵνα μὴ χωρὶς ἡμῶν τελειωθῶσιν

इसे मुसबत और फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हुक्म में कि ख़ुदा हमें और उन्हें एक साथ कामिल करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12

‘इब्रानियों 12 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

क़ीमत तरबियत के बारे में बताने के बा’द, मुसन्निफ़ ने नबूव्वतों का एक सिलसिला शुरू’ किया। (देखें; हौसला, हौसलाअफ्ज़ाई )

कुछ तर्जुमा शा’इरी तहरीर की हरएक सतर को बाक़ी तहरीर के मुक़ाबले में दाईं ओर रखते हैं ताकि पढ़ने में आसानी हो। ULT 12: 5-6 में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

तरबियत

ख़ुदा चाहता है कि उसके लोग वही करें जो सही है। जब वे जो ग़लत है करते हैं, तो उन्हें दुरुस्त करने या उन्हें सज़ा देने की ज़रूरत होती है। वह ऐसा करता है जैसे दुनियावी बाप सही करते हैं और उन बच्चों को सज़ा देते हैं जिनसे वे मुहब्बत करते हैं। (देखें: अदब, अदब करता, अदब किया, ख़ुदी )

Hebrews 12:1

“हम” और “हम” लफ़्ज़ मुसन्निफ़ और उसके पढ़ने वालों का हवाला देते हैं। “तुम” लफ़्ज़ जमा’ है और यहाँ पढ़ने वालों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive और INVALID translate/figs-you)

पुराने ‘अहदनामे के ईमानदारों की इस बड़ी ता’दाद की वजह से, मुसन्निफ़ ईमान की ज़िन्दगी की बात करता है कि ईमानदारों को उनकी मिसाल की शक्ल में ‘ईसा के साथ रहना चाहिए।

ἡμεῖς, τοσοῦτον ἔχοντες περικείμενον ἡμῖν νέφος μαρτύρων

मुसन्निफ़ पुराने ‘अहदनामे के ईमानदारों के बारे में बोलता है गोया वे एक बादल थे जो मौजूदा-दिन में ईमानदारों को घेरे हुए थे। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गवाहों के इतने बड़े बादल हमें घेर लेते हैं” या “वफ़ादार लोगों के बहुत सारी मिसालें हैं जिनके बारे में हम कलामों में सीखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

μαρτύρων

यहाँ “गवाह” बाब 11 में पुराने ‘अहदनामे के ईमानदारों का हवाला देता है जो ईमान की दौड़ से पहले रहते थे जो ईमानदार अब दौड़ते हैं।

ὄγκον ἀποθέμενοι πάντα καὶ τὴν εὐπερίστατον ἁμαρτίαν

यहाँ “वज़न” और “आसानी से उलझाने वाला गुनाह” के बारे में बात की जाती है गोया कोई इन्सान उन्हें ख़ुद से दूर कर सकता है और उन्हें नीचे रख सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ὄγκον…πάντα

ईमान या आदतें जो ईमानदारों को ख़ुदा पर भरोसा करने और उनका हुक्म मानने से रोकती हैं, गोया वे वह वज़न हैं जो किसी इन्सान को भागते वक़्त ले जाना मुश्किल होगा। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὴν εὐπερίστατον ἁμαρτίαν

गुनाह के बारे में बात की जाती है गोया यह एक जाल या कुछ और था जो लोगों को फिसला सकता है और उन्हें गिरा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह जो ख़ुदा को मानना ​​मुश्किल बनाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τρέχωμεν τὸν προκείμενον ἡμῖν ἀγῶνα

‘ईसा के बारे में कहा जाता है गोया वह एक दौड़ चला रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “आइए हम यह मानते रहें कि ख़ुदा ने हमें क्या हुक्म दिया है, जैसे एक दौड़ने वाला दौड़ ख़त्म होने तक चलता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 12:2

τὸν τῆς πίστεως ἀρχηγὸν καὶ τελειωτὴν

‘ईसा हमें ईमान देता है और हमें हमारे मक़सद तक पहुँचने के लिए हमारे ईमान को कामिल बनाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे ईमान का ख़ालिक़ और उसे तकमील तक पहुँचाने वाला” या “वह जो हमें शुरू’ से आख़िर तक ईमान करने के क़ाबिल बनाता है”

ἀντὶ τῆς προκειμένης αὐτῷ χαρᾶς

वह ख़ुशी जिसका तजुर्बा ‘ईसा करेगा की बात की जाती है, गोया ख़ुदा बाप ने उसे मक़सद तक पहुँचने के लिए अपने सामने रखा था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

αἰσχύνης καταφρονήσας

इसका मतलब है कि वह एक सलीब पर मरने की शर्म के बारे में फ़िक्रमन्द नहीं था।

ἐν δεξιᾷ τε τοῦ θρόνου τοῦ Θεοῦ κεκάθικεν

“ख़ुदा के दाहिने हाथ” पर बैठना ख़ुदा से बड़ी ‘इज़्ज़त और इख़्तियार हासिल करने की एक ‘अलामती काम है। देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 1:3 में इस क़िस्म के जुमले का तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के तख़्त के पास में ‘इज़्ज़त और इख़्तियार के मक़ाम पर बैठ गया” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

Hebrews 12:3

κάμητε, ταῖς ψυχαῖς ὑμῶν

यहाँ “दिल” एक इन्सान के ख़यालात और जज़्बात की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पस्त हौसला” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 12:4

‘इब्रानियों के मुसन्निफ़ ने मसीही ज़िन्दगी की मवाज़ना एक दौड़ से की है।

οὔπω…ἀντικατέστητε, πρὸς τὴν ἁμαρτίαν ἀνταγωνιζόμενοι

यहाँ “गुनाह” की बात की जाती है गोया यह एक ऐसा इन्सान था जिससे कोई शख्स किसी लड़ाई में लड़ता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको अभी तक गुनाहगारों के हमलों को बर्दाश्त नहीं करना पड़ा है” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

μέχρις αἵματος

मुख़ालिफत का इतना मुक़ाबला करना कि इसके लिए एक इन्सान की मौत हो जाती है का ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया कोई यक़ीनी मक़ाम पर पहुंच गया जहाँ वह मर जाएगा। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

αἵματος

यहाँ “ख़ून” मौत का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मौत का” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 12:5

τῆς παρακλήσεως, ἥτις ὑμῖν…διαλέγεται

पुराने ‘अहदनामे के कलाम की बात की जाती है गोया यह एक इन्सान था जो दूसरों की हौसला अफ़्ज़ाई कर सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने तुमको हौसला अफ़्ज़ाई करने के लिए कलामों में क्या हिदायत दी है” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ὡς υἱοῖς…υἱέ μου

“बेटे” और “बेटा” का तर्जुमा ख़ास तौर से एक मर्द बच्चे के लिए लफ़्ज़ है। उस रिवायत में ख़ानदान की रेखा बेटों के ज़रिए’ से ज़ारी रही, आम तौर पर बेटियों के ज़रिए’ से नहीं। हालांकि, जैसा कि UST और कुछ अंग्रेजी वर्ज़न के ज़रिए’ कहा गया है, मुसन्निफ़ अपने अल्फ़ाज़ को मर्दों और ‘औरतों दोनों के लिए हिदायत दे रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)

υἱέ μου…ὑπ’ αὐτοῦ ἐλεγχόμενος

यहाँ मुसन्निफ़ पुराने ‘अहदनामे में अम्साल की किताब से हवाला दे रहा है, जो सुलेमान के अपने मर्द बच्चों के लिए था।

μὴ ὀλιγώρει παιδείας Κυρίου, μηδὲ ἐκλύου

इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसे बहुत संजीदगी से लें जब ख़ुदावन्द तुमको तरबियत देता है, और थक न जाएँ” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

μηδὲ ἐκλύου

और मायूस न हो

ὑπ’ αὐτοῦ ἐλεγχόμενος

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह तुमको सही करता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:6

πάντα υἱὸν ὃν παραδέχεται

“फ़र्ज़न्द” लफ़्ज़ का तर्जुमा ख़ास तौर से मर्द बच्चे के लिए किया गया लफ़्ज़ है। उस रिवायत में ख़ानदान की कतार बेटों के ज़रिए’ से ज़ारी रही, आम तौर से बेटियों के ज़रिए’ से नहीं। (देखें: https://git.door43.org/STR/ur-deva_ta/src/branch/master/तर्जुमा/अंजीर-सनफ़बन्दी/01.md)

Hebrews 12:7

εἰς παιδείαν ὑπομένετε

यह समझिए कि मुसीबत के वक़्त ख़ुदा हमें नज़्म-ओ-ज़ब्त सिखाता है

ὡς υἱοῖς ὑμῖν προσφέρεται ὁ Θεός

ख़ुदा अपने लोगों को तरबियत दे रहा है यह मवाज़ना अपने बेटों को तरबियत देने वाले बाप से करता है। तुम समझी गई जानकारी को वाज़ेह तौर से बता सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हारे साथ वैसा ही सुलूक करता है जैसा एक बाप अपने फ़रज़न्दों के साथ करता है” (देखें: INVALID translate/figs-simile और INVALID translate/figs-ellipsis)

ὑμῖν…υἱὸς

इन अल्फ़ाज़ की सभी वाक़े’आत को मर्दों और ‘औरतों को शामिल करने के लिए बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बच्चे ... बच्चा” (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)

τίς γὰρ υἱὸς ὃν οὐ παιδεύει πατήρ?

मुसन्निफ़ इस सवाल से यह बात करता है कि हर अच्छा बाप अपने बच्चों को तरबियत देता है। इसे एक बयान की शक्ल में ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर बाप अपने बच्चों को तरबियत देता है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Hebrews 12:8

εἰ δὲ χωρίς ἐστε παιδείας, ἧς μέτοχοι γεγόνασι πάντες

तुम फ़े’अल “तरबियत देना” की शक्ल में क़यासी इस्म “तरबियत” को बयान कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “लिहाज़ा अगर तुमने ख़ुदा को तरबियत करने का तजुर्बा नहीं किया है जैसे वह अपने सभी बच्चों को तरबियत देता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἄρα νόθοι καὶ οὐχ υἱοί ἐστε

जिन लोगों को ख़ुदा तरबियत नहीं देता है उनके बारे में कहा जाता है कि वे ऐसे मर्द और ‘औरत से पैदा हुए फ़र्ज़न्द हैं जो एक दूसरे से शादी-शुदा नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 12:9

πολὺ…μᾶλλον ὑποταγησόμεθα τῷ Πατρὶ τῶν πνευμάτων, καὶ ζήσομεν?

मुसन्निफ़ इस बात पर ज़ोर देने के लिए एक पुरज़ोर मुज़ाहिरे का इस्ते’माल करता है कि हमें ख़ुदा बाप की फ़रमाबरदारी करना चाहिए। इसे एक बयान की शक्ल में ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए और भी ज़्यादा, हमें रूहों के बाप की फ़रमाबरदारी करना चाहिए और जीना चाहिए।” (देखें: INVALID translate/figs-exclamations)

τῷ Πατρὶ τῶν πνευμάτων

यह मुहावरा “जिस्म में बाप” के मुख़तलिफ़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे रूहानी बाप” या “आसमान में हमारे बाप” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

καὶ ζήσομεν

ताकि हम ज़िन्दा रहें

Hebrews 12:10

εἰς τὸ μεταλαβεῖν τῆς ἁγιότητος αὐτοῦ

यह इस्ति’आरा “पाकीज़गी” की बात करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे लोगों के बीच साझा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि हम पाक बन सकें जैसे ख़ुदा पाक है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 12:11

καρπὸν εἰρηνικὸν…ἀποδίδωσιν δικαιοσύνης

यहाँ फल “नतीजा” या “अन्जाम” के लिए एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह रास्तबाज़ी के सलामती के नतीजे पैदा करता है” या “यह रास्तबाज़ी पैदा करता है, जिसके नतीजा सलामती होता है” (देखें:)

τοῖς δι’ αὐτῆς γεγυμνασμένοις

जिन्हें नज़्म-ओ-ज़ब्त के ज़रिए’ ता’लीम दी गयी है। ख़ुदावन्द के ज़रिए’ किए गए नज़्म-ओ-ज़ब्त या इस्लाह की बात की जाती है गोया वह ख़ुद ख़ुदा थे। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें ख़ुदा ने उन्हें तरबियत देकर ता’लीम दी है” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:12

τὰς παρειμένας χεῖρας, καὶ τὰ παραλελυμένα γόνατα, ἀνορθώσατε

यक़ीनन यह ‘इब्रानियों 12:1 में दौड़ के बारे में इस्ति’आरा ज़ारी रखता है। यह इस तरह से है कि मुसन्निफ़ मसीही की तौर पर रहने और दूसरों की मदद करने के बारे में बोलता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 12:13

τροχιὰς ὀρθὰς ποιεῖτε τοῖς ποσὶν ὑμῶν

यक़ीनन यह ‘इब्रानियों 12:1 में दौड़ के बारे में इस्ति’आरा ज़ारी रखता है। यह इस तरह से है कि मुसन्निफ़ मसीही की शक्ल में रहने और दूसरों की मदद करने के बारे में बोलता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τροχιὰς ὀρθὰς

ख़ुदा को ‘इबादत और ख़ुश करने के लिए जीने की बात की जाती है गोया यह एक सीधा रास्ता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ τὸ χωλὸν ἐκτραπῇ

दौड़ लगाने के इस इस्ति’आरे में, “लंगड़ा” दौड़ में किसी दीगर इन्सान की नुमाइंदगी करता है जो ज़ख़्मी है और छोड़ना चाहता है। यह, बदले में, ख़ुद मसीही लोगों की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो कोई भी कमज़ोर है और छोड़ना चाहता है वह अपने टख़ने को मोच नहीं देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ…ἐκτραπῇ

ख़ुदा की फ़रमाबरदारी करने से रुकने वाले को इस तरह से बोला जाता है जैसे उसने अपने पैर या टख़ने को किसी रास्ते पर ज़ख़्मी कर दिया हो। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसके टख़ने में मोच नहीं आएगी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἰαθῇ…μᾶλλον

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसके बजाय मज़बूत बनो” या “इसके बजाय ख़ुदा उसे शिफ़ा करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:14

मूसा की तहरीर में जिस ‘ऐसौ को बताया गया था, वह इसहाक़ के पहले बेटे और या’क़ूब के भाई का हवाला देता है।

εἰρήνην διώκετε μετὰ πάντων

यहाँ क़यासी इस्म “सलामती” की बात की जाती है गोया यह एक ऐसी चीज़ थी जिसका किसी इन्सान को पीछा करना चाहिए और एक मुत’अल्लिक़ फ़े’अल के साथ इसका तर्जुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सभी के साथ सलामती से रहने की कोशिश करें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)

καὶ τὸν ἁγιασμόν, οὗ χωρὶς οὐδεὶς ὄψεται τὸν Κύριον

इसे मुसबत हौसला अफ़्ज़ाई की शक्ल में ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पाक होने के लिए भी कड़ी मेहनत करो, क्योंकि सिर्फ़ पाक लोग ही ख़ुदावन्द को देखेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

καὶ τὸν ἁγιασμόν

तुम समझे गए ‘इल्म को वाज़ेह तौर से बता सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “पाकीज़गी का भी पीछा करें” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

Hebrews 12:15

μή τις ὑστερῶν ἀπὸ τῆς χάριτος τοῦ Θεοῦ

कोई भी ख़ुदा का फ़ज़ल हासिल नहीं करता है और फिर उसे जाने देता है या “कोई भी उस पर भरोसा करने के बा’द ख़ुदा के फ़ज़ल को नज़रन्दाज़ नहीं करता है”

μή τις ῥίζα πικρίας ἄνω φύουσα ἐνοχλῇ, καὶ δι’ αὐτῆς μιανθῶσιν πολλοί

नफ़रत अंगेज़ या ना-पसन्दीदा रवैये के बारे में इस तरह कहा जाता है गोया वे ज़ायक़े के लिए एक कड़वे पौदे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “कि कोई भी एक कड़वी जड़ की तरह न बन जाए, जो जब बढ़ती है तो परेशानी का सबब बनती है और कई लोगों को नुक़सान पहुँचाती है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 12:17

ἀπεδοκιμάσθη

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसके बाप, इस्हाक़ ने उसे बरकत देने से इनकार कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μετανοίας γὰρ τόπον οὐχ εὗρεν

क़यासी इस्म “तौबा” का तर्जुमा ज़बानी जुमले के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि उसके लिए तौबा करना यक़ीनी नहीं था” या “क्योंकि उसके लिए अपना फ़ैसला बदलना यक़ीनी नहीं था” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

καίπερ μετὰ δακρύων ἐκζητήσας αὐτήν

यहाँ “वह” ‘ऐसौ का हवाला देता है।

Hebrews 12:18

अल्फ़ाज़ “तुम” और “तुम” ‘इब्रानी ईमानदारों का हवाला देते हैं, जिन्हें मुसन्निफ़ ने लिखा था। मूसा के बा’द मिस्र से बाहर ले जाने के बा’द “वे” लफ़्ज़ इस्राईल के लोगों का हवाला देता है। पहला जुमला मूसा की तहरीर से आया है। ख़ुदा ‘इब्रानियों में इस हवाले से ज़ाहिर करता है कि मूसा ने कहा कि वह पहाड़ को देखकर लरज़ गया।

मुसन्निफ़ फ़र्क़ पेश करता है शरी’अत के तहत रहते हुए मूसा के वक़्त में ईमानदारों के पास जो था और जो नए ‘अहद के तहत ‘ईसा के पास आने के बा’द के मौजूदा दौर में ईमानदारों के पास क्या है। वह बनी इस्राईल के तजुर्बे की रोशनी में ये बयान करता है ख़ुदा सीना पहाड़ पर किस तरह उनके सामने हाज़िर हुआ।

οὐ γὰρ προσεληλύθατε, ψηλαφωμένῳ

पुख़्ता ‘इल्म को वाज़ेह तौर से कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे लिए नहीं आया है, इस्राईल के लोगों की शक्ल में आया, एक ऐसे पहाड़ की तरफ़ जिसे छुआ जा सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

προσεληλύθατε

इसका मतलब यह है कि मसीह में ईमानदारों ने सीना पहाड़ जैसे जिस्मानी पहाड़ पर नहीं आए हैं जिसे एक इन्सान छू सकता है या देख सकता है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे कोई इन्सान छू सकता है” या “जिसे लोग अपनी फ़हम के साथ देख सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:19

σάλπιγγος ἤχῳ

तुम ऐसी जगह पर नहीं आए हो जहाँ एक तुरही की तेज़ आवाज़ होती है

καὶ φωνῇ ῥημάτων, ἧς οἱ ἀκούσαντες παρῃτήσαντο, μὴ προστεθῆναι αὐτοῖς λόγον

यहाँ “आवाज” किसी को बोलने के का ज़िक्र करती है। जुमले “बोला जाना” फ़’आल के तौर पर कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “या जहाँ ख़ुदा इस तरह से बोल रहा था कि वे जो लोग उसे सुनते थे, उनसे भीख माँगते थे कि वे उनसे दूसरा लफ़्ज़ न बोलें” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:20

τὸ διαστελλόμενον

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने क्या हुक्म दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

λιθοβοληθήσεται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको इसे पत्थर मारना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:22

हाबिल पहला आदमी और ‘औरत, आदम और हव्वा का बेटा था। क़ाइन, उनके बेटे ने भी हाबिल को क़त्ल कर दिया।

Σιὼν Ὄρει

मुसन्निफ़ सिय्यून पहाड़ की बात करता है, यरुशलीम में मक़्दिस पहाड़, गोया यह ख़ुद आसमान था, ख़ुदा की रिहाइशगाह। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μυριάσιν ἀγγέλων

फ़रिश्तों की एक बेशुमार ता’दाद

Hebrews 12:23

πρωτοτόκων

यह मसीह में ईमानदारों की बात करता है गोया वे पहलौठे फ़र्ज़न्द थे। यह ख़ुदा के लोगों की शक्ल में उनके ख़ास मक़ाम और रि’आयत पर ज़ोर देता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἀπογεγραμμένων ἐν οὐρανοῖς

जिनके नाम आसमान में लिखे गए हैं। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिनके नाम ख़ुदा ने आसमान में लिखे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τετελειωμένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने कामिल बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:24

διαθήκης νέας μεσίτῃ

इसका मतलब है कि ‘ईसा ने ख़ुदा और इन्सानों के बीच नए ‘अहद को क़ायम किया है। देखें कि तुमने इस जुमले का तर्जुमा ‘इब्रानियों 9:15 में कैसे किया।

αἵματι ῥαντισμοῦ, κρεῖττον λαλοῦντι παρὰ τὸν Ἂβελ

‘ईसा के ख़ून और हाबिल के ख़ून की बात की जाती है गोया वे लोगों को बुला रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “‘ईसा का छिड़का हुआ ख़ून जो हाबिल के ख़ून से बेहतर चीज़ें कहता है” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-explicit)

αἵματι

यहाँ “ख़ून” का मतलब ‘ईसा की मौत है, क्योंकि हाबिल का ख़ून उसकी मौत के लिए खड़ा है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 12:25

यह जुमला पुराने ‘अहदनामे में नबी हज्जी से है। ईमानदारों का ज़िक्र करने के लिए “तुम” लफ़्ज़ ज़ारी है। लफ़्ज़ “हम” मुसन्निफ़ और पढ़ने वालों के लिए ज़ारी है जो ईमानदार हैं। (देखें: INVALID translate/figs-you और INVALID translate/figs-inclusive)

मसीह के मरने के बा’द सीना पहाड़ में बनी इस्राईल के तजर्बात को ईमानदारों के तजर्बे में फ़र्क़ करने के बाद, मुसन्निफ़ ईमानदारों को याद दिलाता है कि उनके पास वही ख़ुदा है जो आज उन्हें हिदायत देता है। यह ईमानदारों को दी जाने वाली पाँचवी ख़ास हिदायत है।

μὴ παραιτήσησθε τὸν λαλοῦντα

इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम जो बोल रहे हो उस पर ग़ौर करो” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

εἰ…ἐκεῖνοι οὐκ ἐξέφυγον

पुख़्ता ‘इल्म को वाज़ेह तौर से कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर इस्राईल के लोग इन्साफ़ से न बचते” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἐπὶ γῆς…τὸν χρηματίζοντα

मुम्किन मतलब 1) “मूसा, जिसने उन्हें ज़मीन पर हिदायत दी है” या 2) “ख़ुदा, जिसने उन्हें सीना में हिदायत दी थी”

ἡμεῖς οἱ τὸν ἀπ’ οὐρανῶν ἀποστρεφόμενοι

ख़ुदा की नाफ़रमानी की बात की जाती है गोया कोई इन्सान सिम्त बदल रहा था और उससे दूर चल रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर हम हिदायत देने वाले की नाफ़रमानी करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 12:26

οὗ ἡ φωνὴ τὴν γῆν ἐσάλευσεν

जब ख़ुदा बोला, तो उसकी आवाज़ की वजह से ज़मीन हिल गई

ἐσάλευσεν…σείσω

जमीन हिलाने में ज़लज़ला क्या करता है, इसके लिए इस लफ़्ज़ का इस्ते’माल करें। यह वापस ‘इब्रानियों 12:18-21 का हवाला देता है और तब क्या हुआ जब लोगों ने उस पहाड़ को देखा जहाँ मूसा ने ख़ुदा से शरी’अत हासिल की थी।

Hebrews 12:27

यहाँ नबी हज्जी का जुमला पिछली आयत से दोहराया गया है।

δηλοῖ τῶν σαλευομένων μετάθεσιν, ὡς πεποιημένων

क़यासी इस्म “हटाना” का तर्जुमा फ़े’अल “निकालना” के साथ किया जा सकता है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसका मतलब है कि ख़ुदा उन चीज़ों को हटा देगा जिन्हें वह हिला सकता है, या’नी, चीज़ें” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-activepassive)

τῶν σαλευομένων

जमीन हिलाने में ज़लज़ला क्या करता है, इसके लिए इस लफ़्ज़ का इस्तेमाल करें। यह वापस ‘इब्रानियों 12:18-21 का हवाला देता है और तब क्या हुआ जब लोगों ने उस पहाड़ को देखा जहाँ मूसा ने ख़ुदा से शरी’अत हासिल की थी। देखें कि तुमने ‘इब्रानियों 12:26 में “हिलाया” और “हिला” कैसे तर्जुमा किया।

πεποιημένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा ने बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὰ μὴ σαλευόμενα

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो चीज़ें हिलती नहीं हैं” या “जो चीज़ें हिल नहीं सकती हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὰ μὴ σαλευόμενα

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो हिलता नहीं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 12:28

βασιλείαν…παραλαμβάνοντες

तुम इस जुमले और अगले जुमले के बीच मुन्तक़ी ता’अल्लुक़ को वाज़ेह करने के लिए “क्योंकि हम हैं” अल्फ़ाज़ जोड़ सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि हम एक बादशाही हासिल कर रहे हैं” या “क्योंकि ख़ुदा हमें अपनी बादशाही का फ़र्द बना रहा है” (देखें: INVALID translate/writing-connectingwords)

ἔχωμεν χάριν

हम शुक्रिया अदा करें

μετὰ εὐλαβείας καὶ δέους

अल्फ़ाज़ “‘अक़ीदत” और “ता’अज्जुब” एक जैसा मतलब साझा करते हैं और ख़ुदा की वजह से ‘अक़ीदत की बड़ाई पर ज़ोर देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बड़ी ‘इज़्ज़त और ख़ौफ़ के साथ” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Hebrews 12:29

ὁ Θεὸς ἡμῶν πῦρ καταναλίσκον

यहाँ ख़ुदा के बारे में कहा जाता है गोया वह एक आग था जो कुछ भी जला सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 13

‘इब्रानियों 13 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ख़ाका

। मुसन्निफ़ ने बाब 12 में शुरू’ होने वाली नबूव्वतों की फ़ेहरिस्त ख़त्म की। फिर वह पढ़ने वालों से उसके लिए दु’आ करने के लिए कहता है और ख़त ख़त्म करता है।

कुछ तर्जुमा शा’इरी की हर सतर को बाक़ी तहरीर के मुक़ाबले दाहिनी तरफ़ रखते हैं। ताकि पढ़ने में आसानी हो। ULT 13:6 में शा’इरी के साथ ऐसा करता है, जो पुराने ‘अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

मेहमान नवाज़ी

ख़ुदा चाहता है कि उसके लोग दीगर लोगों को अपने घरों में खाना खाने और सोने के लिए भी आने के लिए दा’वत दें। उनके लोगों को यह करना चाहिए, भले ही वे उन लोगों को अच्छी तरह से नहीं जानते हों, जिन्हें वे दा’वत दे रहे हैं। पुराने ‘अहदनामे में, इब्राहीम और उनके भतीजे लूत दोनों ने ऐसे लोगों को मेहमान नवाज़ी दिखाई, जिन्हें वे नहीं जानते थे। इब्राहीम ने उन्हें महंगा खाना दिया और फिर लूत ने उन्हें अपने घर में सोने के लिए दा’वत दी। उन्हें बा’द में पता चला कि वे लोग हक़ीक़त में फ़रिश्ते थे।

Hebrews 13:1

इस आख़िरी हिस्से में, मुसन्निफ़ ईमानदारों को मख़सूस हिदायात देता है कि उन्हें किस तरह रहना चाहिए।

ἡ φιλαδελφία μενέτω

दीगर ईमानदारों के लिए अपनी मुहब्बत का मुज़ाहिरा ज़ारी रखें गोया तुम अपने ख़ानदान के किसी फ़र्द के लिए करते हो

Hebrews 13:2

μὴ ἐπιλανθάνεσθε

इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “याद रखना यक़ीनी करें” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

φιλοξενίας

अजनबियों के लिए ख़ैर मक़दम और मेहरबानी का इज़हार करना

Hebrews 13:3

ὡς συνδεδεμένοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गोया तुम उनके साथ बंधे थे” या “गोया तुम उनके साथ क़ैद में थे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῶν κακουχουμένων

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिससे दूसरे लोग ग़लत सुलूक कर रहे हैं” या “जो मुसीबतज़दा हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὡς καὶ αὐτοὶ ὄντες ἐν σώματι

यह जुमला ईमानदारों को दीगर लोगों के दुख के बारे में सोचने के लिए हौसला देता है क्योंकि वे अपने ख़ुद के दुख के बारे में सोचेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “गोया तुम एक मुसीबतज़दा थे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 13:4

τίμιος ὁ γάμος ἐν πᾶσιν

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे से शादी करने वाले मर्दों और ‘औरतों को एक दूसरे की ‘इज़्ज़त करना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἡ κοίτη ἀμίαντος

यह जिन्सी जमा’अत के ‘अमल का हवाला देता है गोया यह सिर्फ़ एक शादी शुदा जोड़े का बिस्तर था। मुतबादिल तर्जुमा: “शौहरों और बीवियों को अपने शादी के ता’अल्लुक़ को एक दूसरे के लिए ‘इज़्ज़त देना चाहिए और दीगर लोगों के साथ नहीं सोना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:5

ἀφιλάργυρος ὁ τρόπος

यहाँ “चाल-चलन” एक इन्सान की फ़ितरत या उसके जीने के तरीक़े का हवाला देता है, और “दौलत की मुहब्बत से आज़ाद” से मतलब है कि ज़्यादा दौलत होने की ख़्वाहिश न करना। एक इन्सान जो दौलत से मुहब्बत करता है, उसके पास जितनी दौलत है उससे मुतमइन नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी फ़ितरत को दौलत की मुहब्बत से मुता’अस्सिर न होने दें” या “ज़्यादा दौलत की ख़्वाहिश न करें”

ἀρκούμενοι

मुतमइन रहो

Hebrews 13:6

Κύριος ἐμοὶ βοηθός…ποιήσει μοι ἄνθρωπος

यह पुराने ‘अहदनामे में ज़बूर की किताब का एक जुमला है। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

οὐ φοβηθήσομαι; τί ποιήσει μοι ἄνθρωπος?

मुसन्निफ़ इस सवाल पर ज़ोर देने के लिए इस्ते’माल करता है कि वह लोगों से नहीं डरता क्योंकि ख़ुदा उसकी मदद कर रहा है। यहाँ “आदमी” का मतलब है ‘आम तौर से कोई भी इन्सान। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे डर नहीं होगा कि कोई भी इन्सान मेरे लिए क्या कर सकता है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-gendernotations)

Hebrews 13:7

τὸν λόγον τοῦ Θεοῦ

ख़ुदा ने क्या कहा है

τὴν ἔκβασιν τῆς ἀναστροφῆς

उनके सुलूक करने के तरीक़े का नतीजा

μιμεῖσθε τὴν πίστιν

यहाँ ख़ुदा में ईमान और इन रहनुमाओं की रहनुमाई वाली ज़िन्दगी के तरीक़े को “उनके ईमान” की शक्ल में बोला जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा पर उसी तरह भरोसा और ‘अमल करें जैसा वो करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:8

ἐχθὲς καὶ σήμερον, ὁ αὐτός, καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας

यहाँ “कल” ​​का मतलब है माज़ी में तमाम औक़ात। मुतबादिल तर्जुमा: “माज़ी, हाल और मुस्तक़बिल में हमेशा के लिए एक जैसा है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:9

यह हिस्सा पुराने ‘अहदनामे के वक़्त में ख़ुदा में ईमानदारों के ज़रिए’ की गयी जानवर की क़ुर्बानियों का हवाला देता है, जिसने मसीह की मौत होने तक ‘आरज़ी तौर से उनके गुनाहों को छिपा लिया।

διδαχαῖς ποικίλαις καὶ ξέναις, μὴ παραφέρεσθε

मुख़तलिफ़ ता’लीमात के ज़रिए’ राज़ी होने के बारे में कहा जाता है गोया किसी इन्सान को एक क़ुव्वत के ज़रिए’ दूर किया जा रहा था। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “दूसरों को अपनी मुख़तलिफ़ ‘अजीब ता’लीमात पर ईमान करने के लिए राज़ी न होने दें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

διδαχαῖς ποικίλαις καὶ ξέναις

कई, अलग-अलग ता’लीमात जो हमने तुमको बताई ख़ुश ख़बरी नहीं हैं

καλὸν…χάριτι βεβαιοῦσθαι τὴν καρδίαν, οὐ βρώμασιν, ἐν οἷς οὐκ ὠφελήθησαν οἱ περιπατοῦντες

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम तब मज़बूत हो जाते हैं जब हम सोचते हैं कि ख़ुदा हमारे लिए कैसा रहम दिल है, लेकिन हम खाने की शरी’अत पर ‘अमल करने से मज़बूत नहीं बनते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

βεβαιοῦσθαι τὴν καρδίαν

यहाँ “दिल” “बातिन” का एक इस्ति’आरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें अंदर से मज़बूत होना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

βρώμασιν

यहाँ “खाने” का मतलब खाने के बारे में क़वानीन के लिए है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

οἱ περιπατοῦντες

जीने की बात की जाती है गोया यह चल रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “जो उनके ज़रिए’ जीते हैं” या “उनके ज़रिए’ अपनी ज़िन्दगी को क़ाबू करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 13:10

ἔχομεν θυσιαστήριον

यहाँ “क़ुर्बानगाह” का मतलब है “’इबादतगाह।” यह उन जानवरों के लिए भी है जो पुराने ‘अहद में क़ुर्बान किए गए थे, जिनसे वे अपने और अपने ख़ानदान के लिए गोश्त लेते थे। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:11

ὧν…εἰσφέρεται ζῴων τὸ αἷμα περὶ ἁμαρτίας εἰς τὰ ἅγια διὰ τοῦ ἀρχιερέως

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सरदार काहिन मुक़द्दस मक़ाम पर उन जानवरों का ख़ून लाता है जिन्हें काहिन गुनाहों के लिए मारता है” (देखें:)

τούτων τὰ σώματα κατακαίεται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जबकि काहिन जानवरों के जिस्म को जलाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἔξω τῆς παρεμβολῆς

जहां लोग रहते थे वहां से दूर

Hebrews 13:12

यहाँ ‘ईसा की क़ुर्बानी और पुराने ‘अहदनामे की ख़ेमागाह क़ुर्बानियों के बीच मवाज़ना है।

διὸ

उसी तरह या “क्योंकि क़ुर्बानियों की लाशें ख़ेमे के बाहर जला दी गए थीं” (‘इब्रानियों 13:11)

ἔξω τῆς πύλης

इसका मतलब “शहर के बाहर” है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:13

τοίνυν ἐξερχώμεθα πρὸς αὐτὸν ἔξω τῆς παρεμβολῆς

‘ईसा की फ़रमाबरदारी करने के बारे में कहा जाता है गोया एक इन्सान बाहर जाने के लिए ख़ेमा छोड़ रहा था जहाँ ‘ईसा है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸν ὀνειδισμὸν αὐτοῦ φέροντες

बे’इज़्ज़ती की बात की जाती है गोया वह एक चीज़ थी जिसे किसी के हाथों में या किसी की पीठ पर ले जाना था। मुतबादिल तर्जुमा: “दूसरों की बे’इज़्ज़ती करने की इजाज़त देते वक़्त, जैसे लोग उनकी बे’इज़्ज़ती करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 13:14

ἐπιζητοῦμεν

के लिए इंतजार

Hebrews 13:15

θυσίαν αἰνέσεως

ता’रीफ़ की बात की जाती है गोया यह जानवरों या धूप की क़ुर्बानी थी। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

αἰνέσεως…τοῦτ’ ἔστιν καρπὸν χειλέων

ता’रीफ़ की बात की जाती है गोया यह लोगों के होंठों के ज़रिए’ पैदा फल था। मुतबादिल तर्जुमा: “ता’रीफ़ जो उसके नाम को क़ुबूल करने वालों के होठों से पैदा होती है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

χειλέων ὁμολογούντων τῷ ὀνόματι αὐτοῦ

यहाँ “होंठ” बोलने वाले लोगों की नुमाइंदगी करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग उसके नाम को क़ुबूल करते हैं” या “जो उसके नाम को क़ुबूल करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

τῷ ὀνόματι αὐτοῦ

एक इन्सान का नाम उस इन्सान की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:16

τῆς…εὐποιΐας καὶ κοινωνίας μὴ ἐπιλανθάνεσθε

इसे मुसबत तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “आयें हम हमेशा अच्छा करने और दूसरों की मदद करने के लिए याद रखें” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

τοιαύταις…θυσίαις

भलाई करना और दूसरों की मदद करना इस तरह से बोला जाता है गोया वे एक क़ुर्बानगाह पर क़ुर्बानी थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 13:17

ἀγρυπνοῦσιν ὑπὲρ τῶν ψυχῶν ὑμῶν

ईमानदारों की रूह, या’नी, ईमानदारों की रूहानी भलाई, के बारे में बात की जाती हैं गोया वे चीज़ें या जानवर थे जो मुहाफ़िज़ पर नज़र रख सकते थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ στενάζοντες

यहाँ “कराहना” मुसीबत या परेशानी से मतलब है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:18

मुसन्निफ़ एक बरकत और मुबारकबाद के साथ बंद करता है।

προσεύχεσθε περὶ ἡμῶν

यहाँ “हम” मुसन्निफ़ और उसके साथियों का हवाला देता है, लेकिन पढ़ने वालों को नहीं। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)

πειθόμεθα…ὅτι καλὴν συνείδησιν ἔχομεν

यहाँ “साफ़” का जुर्म से आज़ाद होने से मतलब है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें यक़ीन है कि हमारा कोई जुर्म नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Hebrews 13:19

ἵνα τάχειον ἀποκατασταθῶ ὑμῖν

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा उन चीज़ों को ज़ल्दी से हटा देगा जो मुझे तुम्हारे पास आने से रोकती हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 13:20

δὲ

इस ख़त के एक नए हिस्से की निशानज़द करता है। यहाँ मुसन्निफ़ ख़ुदा की ता’रीफ़ करता है और अपने पढ़ने वालों के लिए एक आख़िरी दु’आ देता है।

ὁ ἀναγαγὼν ἐκ νεκρῶν τὸν Ποιμένα τῶν προβάτων τὸν μέγαν…τὸν Κύριον ἡμῶν, Ἰησοῦ

भेड़ों के बड़े चरवाहे को, हमारे ख़ुदावन्द ‘ईसा को, ज़िन्दगी के लिए उठाया

ἐκ νεκρῶν

उन सभी के बीच से जो मर चुके हैं। यह इज़हार सभी मुर्दा लोगों को एक साथ ‘आलम-ए-बरज़ख़ में ज़िक्र करती है। उनमें से किसी को उठाने के लिए उस इन्सान को फिर से ज़िन्दा बनने के लिए बोलता है।

τὸν Ποιμένα τῶν προβάτων τὸν μέγαν

मसीह में उनके मानने वाले लोगों के रहनुमा और मुहाफ़िज़ के किरदार के बारे में बात की जाती है गोया वह भेड़ों के चरवाहे थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν αἵματι διαθήκης αἰωνίου

यहाँ “ख़ून” ‘ईसा की मौत का मतलब है, जो कि ‘अहद के लिए बुनियाद है जो ख़ुदा और मसीह में सभी ईमानदारों के बीच हमेशा के लिए चलेगा। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:21

καταρτίσαι ὑμᾶς ἐν παντὶ ἀγαθῷ, εἰς τὸ ποιῆσαι τὸ θέλημα αὐτοῦ

तुम्हारी ज़रूरत के मुताबिक तुमको हर अच्छी चीज़ देगा, जिससे तुम उसकी ख़्वाहिश के मुताबिक़ हर अच्छी चीज़ करने के क़ाबिल हो जाओगे।

ποιῶν ἐν ἡμῖν

लफ़्ज़ “हम” मुसन्निफ़ और पढ़ने वालों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ᾧ ἡ δόξα εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων

जिनकी सभी लोग हमेशा ता’रीफ़ करेंगे

Hebrews 13:22

δὲ

यह ख़त के एक नए हिस्से को निशानदेही करता है। यहाँ मुसन्निफ़ अपने सामा’ईन को अपनी आख़िरी तनक़ीद करता है।

ἀδελφοί

यह उन सभी ईमानदारों का हवाला देता है जिनके लिए वह लिख रहा है कि मर्द या ‘औरत। मुतबादिल तर्जुमा: “साथी ईमानदार” (देखें: INVALID translate/figs-gendernotations)

ἀνέχεσθε τοῦ λόγου τῆς παρακλήσεως

सब्र के साथ ग़ौर करें कि मैंने तुम्हारे हौसला अफ़्ज़ाई करने के लिए क्या लिखा है

τοῦ λόγου τῆς παρακλήσεως

यहाँ “लफ़्ज़” एक पैग़ाम के लिए खड़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हौसला देने वाला पैग़ाम” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Hebrews 13:23

ἀπολελυμένον

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अब क़ैद में नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Hebrews 13:24

ἀσπάζονται ὑμᾶς οἱ ἀπὸ τῆς Ἰταλίας

मुम्किन मतलब हैं 1) मुसन्निफ़ इटली में नहीं है, लेकिन उनके साथ इमानदारों की एक जमा’अत है जो इटली से आई है या 2) मुसन्निफ़ इस ख़त को लिखते वक़्त इटली में है।

τῆς Ἰταλίας

यह उस वक़्त के एक ‘इलाक़े का नाम है। उस वक़्त रोम इटली की दार-उल-हुकूमत शहर था। (देखें: INVALID translate/translate-names)