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Galatians

Galatians front

ग़लतियों का तार्रुफ़

हिस्सा 1: आम तार्रुफ़

गलातियों की किताब का ख़ाका

1। पौलुस यीशु मसीह के रसूल होने के अपने इख़तियार का एलान करता है; वह कहता है कि इस बात से हैरान है कि ग़लतियों के मसीहियों ने दूसरे लोगों से झूठी तालीमात को हासिल कर लिया है (1 :1-10)। 1। पौलुस कहता है कि सिर्फ मसीह में ईमान रखने के वज़ह से नज़ात पाते हैं, शरियत को मानने के वज़ह से नहीं (1 :11 -2 :21 ).. 1। ख़ुदा लोगों को अपने साथ तभी सही रिश्तों में रखते हैं जब वे मसीह में ईमान रखते है: अब्राहम; की मिसाल जो लानत शरियत लाती है (और वह कोई नज़ात का ज़रिया नहीं है ); गुलामी और आज़ादी की हाजरा और सारा के ज़रिये मुक़ाबला की गयी और दिखाया गया है (3:1 -4:31 ).. 1। जब लोग मसीह से जुड़े होते हैं, वे मूसा की शरियत को मानने के बंधन से आज़ाद हो जाते हैं। जैसा पाक रूह उन्हें रास्ता दिखाते हैं वे वैसी जिन्दगी जीने के लिए भी आज़ाद हो जाते हैं। वे गुनाह की मांग का इन्कार करने के लिए भी आज़ाद हो जाते हैं (5:1 -6 : 10 ).. 1। पौलुस मसीहियों को ख़बरदार करता है कि खतना कराने और मूसा की शरियत की पैरवी में यक़ीन न रखें। इसके बजाय,उन्हें मसीह में यक़ीन रखना चाहिए (6 : 11 -18 )

गलतियों की किताब किसने लिखी ?

तरसुस शहर का रहने वाला पौलुस मुसन्निफ़ था। वह अपने शुरुवाती ज़िन्दगी में शाउल कहलाता था। मसीही बनने से पहले पौलुस एक फरीसी था। वह मसीही लोगों को सताता था। यीशु मसीह में ईमान लाने के बाद उसने पूरे रोमी राज़ में यीशु के बारे में बताते हुए कई सफ़र की।

यह ग़ैर यक़ीनी है कि उसने यह ख़त कब लिखी और यह कि जब उसने यह ख़त लिखी तो उस वक़्त वह कहाँ था। कुछ आलिम सोचते हैं कि मसीह बारे में लोगों को बताने के लिए जब उसने दूसरे मर्तबा सफ़र की थी और जब वह इफिसुस में था तब उसने यह ख़त लिखा। दूसरे आलिम सोचते हैं कि पहली सफ़र के तुरंत बाद वह सीरिया के अन्ताकिया शहर में था तब उसने यह ख़त लिखा।

ग़लतियों की ख़त किस बारे में है?

पौलुस ने यह ख़त ग़लतिया रकबे में पाए जाने वाले यहूदी और ग़ैर–यहूदी दोनों ही मसीहियों के लिए लिखा था। उसने यह ख़त उन झूठे रसूलों के खिलाफ़ लिखा जो कहते थे कि मसीहियों को मूसा की शरियत को मानना ज़रुरी है। पौलुस खुशख़बरी की बचाव करता है कि एक शख्स यीशु मसीह में यक़ीन करने कि वज़ह से नज़ात पाता है। लोगों का नज़ात इसलिए होता है क्योकि ख़ुदा रहम वाला है और इसलिए नहीं कि लोग अच्छे काम करते हैं। कोई भी शख्स पूरी तरह शरियत को नहीं मान सकता। मूसा की शरियत को मान करके ख़ुदा को ख़ुश करने की किसी भी कोशिश का नतीजा सिर्फ इतना होगा कि ख़ुदा उन्हें गुनाहगार ठहरायेंगे । (देखे:अच्छी ख़बर, ख़ुशख़बरी , बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त , ईमान और शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत और काम, अमल , काम , आमाल )

इस किताब के मज़मून का तर्जुमा कैसे होना चाहिए ?

तर्जुमेकार इस किताब को इसके रवायती उन्वान, ”गलतियों की ख़त“ के नाम से पुकार सकते हैं। या फ़िर कोई साफ उन्वान चुन सकते हैं, जैसे कि “गलतियों की कलीसिया को पौलुस का ख़त “(देखें: INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: मज़हबी और तहज़ीबी मज़मून

“यहूदियों कि तरह जिंदगी जीने” का क्या मायने है (2:14 )?

“यहूदियों की तरह जिंदगी जीने” का मयाने है मूसा की शरियत को मानना: चाहे कोई मसीह पर यक़ीन रखता हो। शुरूआती मसीहियों में से जो लोग यह सिखाते हैं ये ज़रूरी था वे यहूदी जमात वाले कहलाते थे।

हिस्सा3: तर्जुमे के ख़ास मुद्दे।

पौलुस “शरियत” और “फ़ज़ल” लफ़्ज़ों का इस्तेमाल गलतियों के ख़त में किस तरह करता है?

ये लफ्ज़ ग़लतियों के ख़त में खास तरीके से इस्तेमाल किये गये हैं। गलतियों के ख़त में मसीही ज़िन्दगी के बारे में एक ख़ास तालीम है। मूसा की शरियत के मुताबिक़,रास्तबाज़ी के लिए एक शख्स को कुछ क़ानूनों शरियातों और क़ानूनों को मानना जरूरी होता था। मसीही के लिए, पाक ज़िंदगी फ़ज़ल के ज़रिए करनी होती है। इसका मायने है मसीही लोगों के पास मसीह में आज़ादी होती है और उन्हें कुछ ख़ास क़ानूनों को मानने कि ज़रूरत नहीं होती जबकि,मसीही लोगों को एक पाक निन्दगी जीनी होती है क्योकि वे ख़ुदा के लिए बहुत ही शुक्रगुज़ार होते हैं कि वह उनके लिए बहुत ही मेहरबान रहे हैं। इसे “मसीह का क़ानून” कहते हैं। (देखे:रास्तबाज़, रास्तबाज़ी और पाक, पाकीज़गी )

“मसीह में”, ”ख़ुदा में” वगैरह बयानों से पौलुस का क्या मतलब है?

इस तरह के इज़हार 1:22; 2:4,17; 3:14, 26, 28; 5:6,10 में आते हैं। पौलुस मसीह और ईमानदारों के दरमियान एक बहुत ही नज़दीक के रिश्ते के ख़याल को बताना चाहता है। उसी वक़्त उसकी नियत दूसरे मायने से भी है। मिसाल के लिए देखे “जब हम मसीह में खुद को रास्तबाज़ ठहराए जाने के लिए ख़ुदा की तरफ़ देखतें हैं”(2:17), यहाँ पौलुस मसीह के ज़रिये रास्तबाज़ ठहराए जाने के बारे में बात करता है।

इस तरह की दूसरे इज़हारों और बड़े बयानों के लिए मेहरबानी कर के रोमियों के ख़त के तार्रुफ़ को देखें।

गलतियों की किताब में अहम मुद्दे क्या हैं?

  • “बेवकूफ़ ग़लतियों, तुम्हें किस की बुरी नज़र ने नुक़सान पहुंचाई है? क्या यीशु मसीह को आपकी आँखों के सामने सलीब पर नहीं चढ़ाया गया था” (3:1 ) ULT, UST और दूसरे जदीद तर्जुमा में यह लिखा है। अगरचे, बाइबल के क़दीम तर्जुमों में यह जोड़ा गया है, “[ताकि] तुम सच का सामना न कर सको।” तर्जुमेकारों को यह सलाह दी जाती है कि वे इन इज़हारों का इस्तेमाल न करें। ताहम, अगर तर्जुमेकार के रकबे में ऐसे क़दीम बाइबल तर्जुमा मौज़ूद है जिन में यह जुमला है तो वे उसे शामिल कर सकते हैं। अगर इसका तर्जुमा हो जाता है तो उन्हें दायरे में मुरब्बा ब्रेकेतों [] के अंदर इस निशानदेही के लिए रखना चाहिए के शायद यह गलतियों के असल में नहीं है। (देखे:INVALID translate/translate-textvariants)

(देखें :INVALID translate/translate-textvariants)

Galatians 1

ग़लतियों 01 आम अलामते

ढ़ाचे और तरतीब

पौलुस अपने इस ख़त का शरुवात अपने दूसरे खतों से अलग करता है। वह इस बात को जोड़ता है कि वह “इंसानों की तरफ़ या इन्सानी तंजीम की तरफ़ से नहीं, बल्कि यीशु मसीह और खुदा बाप की तरफ़ से रसूल है, जिसने उसे मुर्दों में से जिलाया”। पौलुस शायद इन लफ़्ज़ों को इसलिए शामिल करता है क्योकि झूठे रसूल उसकी मुखालिफ़त कर रहे थे और उसके इख्तियार को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे थे।

इस बाब के ख़ास तसव्वुरात
इलहाद

ख़ुदा सिर्फ बाइबल की ख़ुश ख़बरी की सच्चाई के ज़रिये लोगों को हमेशा हमेशा के लिए बचाता है। खुदा और किसी तरह की ख़ुश ख़बरी का मुज़मत करते हैं। जो लोग झूठे ख़ुश ख़बरी सिखाते हैं पौलुस ख़ुदा से उन के ऊपर लानत भेजने के लिए कह रहे हैं। वे बचाए नहीं जा सकते। उन्हें ग़ैर-मसीहियों जैसा समझा जाना चाहिए। (देखें :बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त , अबदियत, हमेशा के लिए, हमेशा की ज़िन्दगी , अच्छी ख़बर, ख़ुशख़बरी और इल्ज़ाम लगाना ,मुजरिम, बुराई ,सज़ा का हुक्म और ला’नत , ला’नती , ला’नत दे, कोसता है )

पौलुस की क़ाबलियत

शुरुवाती कलीसिया के कुछ लोग तालीम देते थे कि दूसरे क़ौमों को मूसा की शरियत को मानना ज़रुरी है। इस तालीम को ग़लत साबित करने के लिए पौलुस आयत 13 -16 में समझाता है कि कैसे वह पहले एक जोशीला यहूदी था। लेकिन फिर भी ख़ुदा को उसे बचाना पड़ा और सच्ची ख़ुशख़बरी सिखाना पड़ा। यहूदी होने और दूसरे क़ौमों के लिए रसूल होने के वज़ह पौलुस इस मुद्दे पर बात करने के लिए बेहतरीन तरीके से क़ाबिलियत रख़ता था। (देखें: शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमें की मुश्किलें

“तुम कितनी आसानी से अलग ख़ुश ख़बरी की तरफ फिर गये”

ग़लतियों की किताब किताबे मुक़दस में पौलुस की शुरुवाती ख़तों में से एक है। इससे पता चलता है कि ग़लत तालीमों ने शुरुवाती कलीसिया को भी परेशान किया। (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 1:1

रसूल पौलुस ग़लतियों के इलाक़े की कलिसियाओं के लिए ख़त लिखता है। जब तक अलग से अलामते नहीं की जाती है, इस ख़त में “तुम“ और “तुम्हारे” के तमाम वाक़यात ग़लतियों के लिए इस्तेमाल हुए हैं और जमा हैं। (देखें :INVALID translate/figs-you)

τοῦ ἐγείραντος αὐτὸν

जिसने उसको मरे हुओं में से जिलाया

Galatians 1:2

ἀδελφοί

यहाँ इसका मतलब है साथी मसीही, इसमें औरत और मर्द दोनों शामिल हैं, क्योकि मसीह में सभी ईमानदार एक ही रूहानी ख़ानदान के फ़र्द हैं, ख़ुदा जिनके आसमानी बाप हैं। मुताबदिल तर्जुमा: “भाइयों और बहनों” (देखें :INVALID translate/figs-gendernotations)

Galatians 1:4

περὶ τῶν ἁμαρτιῶν ἡμῶν

गुनाहों लफ्ज़ गुनाह के सज़ा के लिए मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “हमारे गुनाहों के वज़ह से जिस सज़ा के हम हक़दार थे उसे लेने के लिए”(देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

ὅπως ἐξέληται ἡμᾶς ἐκ τοῦ αἰῶνος τοῦ ἐνεστῶτος πονηροῦ

यहाँ “इस ..ज़माने “इस ज़माने में काम करने वाली ताक़त को बयान करती है। मुताबदिल तर्जुमा: “ताकि वह हमे आज़ की दुनिया में काम करने वाली बद क़िरदार ताक़तों से बचा कर एक महफ़ूज़ जगह में ले जा सके” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

τοῦ Θεοῦ καὶ Πατρὸς ἡμῶν

यह “हमारे ख़ुदा बाप”के बारे में है। वह हमारे ख़ुदा हैं और हमारे बाप हैं।

Galatians 1:6

पौलुस इस ख़त को लिखने की वज़ह बताता है: वह उन्हें याद दिलाता है कि वे ख़ुश ख़बरी को समझना ज़ारी रखें।

θαυμάζω

मैं हैरत में हूँ या “मैं हैरान हूँ।” पौलुस सदमे में था कि वे ऐसा कर रहे थे।

οὕτως ταχέως, μετατίθεσθε ἀπὸ τοῦ καλέσαντος

यहाँ पर “उससे...दूर होना” ख़ुदा पर शक करना शरू करने या आगे को उस पर यक़ीन न रखने का एक मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुमने इतनी जल्दी उस पर शक करना शुरू कर दिया” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

τοῦ καλέσαντος ὑμᾶς

ख़ुदा, जिसने तुम्हे बुलाया

τοῦ καλέσαντος

यहाँ पर इसका मतलब है ख़ुदा ने लोगों को अपने औलाद होने के लिए मुक़रर किया या चुना है, कि वे उसकी ख़िदमत करें और यीशु के ज़रिये नज़ात के पैग़ाम का ऐलान करें।

ἐν χάριτι Χριστοῦ

मसीह के फ़ज़ल के वज़ह या “मसीह की कुर्बानी की फ़ज़ीलत की वज़ह से”

μετατίθεσθε…εἰς ἕτερον εὐαγγέλιον

यहाँ पर “की तरफ़ मुड़ना” एक मिज़ाजी है जिसका मायने है किसी बात पर यक़ीन करना शुरू कर देना। मुताबदिल तर्जुमा: “इसके बज़ाय तुमने एक अलग ख़ुश ख़बरी पर यक़ीन करना शरु कर दिया है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 1:7

οἱ ταράσσοντες

कुछ लोग

Galatians 1:8

εὐαγγελίζηται

यह उसका बयान है जो नहीं हुआ और होना नहीं चाहिये। मुताबदिल तर्जुमा: “ऐलान करेंगे “या ऐलान करने वाले थे” (देखें :INVALID translate/figs-hypo)

παρ’ ὃ εὐηγγελισάμεθα

अलग तरह की ख़ुश ख़बरी या “अलग तरह का पैग़ाम “

ἀνάθεμα ἔστω

ख़ुदा उस शख्स को हमेशा के लिए सज़ा करें। अगर आप की ज़बान में किसी को बद दुआ देने के लिए कोई आम लफ्ज़ है तो आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

Galatians 1:10

ἄρτι γὰρ ἀνθρώπους πείθω ἢ τὸν Θεόν? ἢ ζητῶ ἀνθρώποις ἀρέσκειν

इन बयान बाज़ी वाले सवालों के जवाब की “न“ में तवक्को की जाती है। मुताबदिल तर्जुमा: “मैं इंसानों से मंज़ूरी नहीं चाहता बल्कि ख़ुदा से मंज़ूरी चाहता हूँ। मैं इंसानों को ख़ुश करना नहीं चाहता।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

εἰ ἔτι ἀνθρώποις ἤρεσκον, Χριστοῦ δοῦλος οὐκ ἂν ἤμην

“अगर” और “तो “ दोनों ही लफ्ज़ हकीक़त के बरखिलाफ़ है। “मैं मसीह का ख़ादिम हूँ, मैं आम इंसानों को ख़ुश करने की कोशिश नहीं करता” या “अगर मै अभी भी इंसानों को खुश करने की कोशिश कर रहा होता तो मैं मसीह का ख़ादिम न होता”

Galatians 1:11

पौलुस समझाता है कि उसने ख़ुश ख़बरी दूसरों से नहीं सीखी; उसने इस यीशु मसीह से सिखा।

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है। गलतियों 1:2

ὅτι οὐκ ἔστιν κατὰ ἄνθρωπον

इस जुमले को इस्तेमाल करने के ज़रिये, पौलुस यह कहने की कोशिश नहीं कर रहा है कि यीशु मसीह खुद इंसान नहीं हैं। क्योकि मसीह इंसान और ख़ुदा दोनों ही हैं मगर वह एक गुनाहगार इंसान नहीं हैं। जहां से ख़ुश ख़बरी आया है पौलुस उसकी बात कर रहा है; कि यह दूसरे गुनाहग़ार इंसान की तरफ से नहीं बल्कि यह यीशु मसीह की तरफ़ से आया है।

Galatians 1:12

δι’ ἀποκαλύψεως Ἰησοῦ Χριστοῦ

मुमकिन मायने हैं 1 ) “यीशु मसीह ने ख़ुद मुझपर ख़ुश ख़बरी को नाज़िल किया” या 2 ) “ख़ुदा ने मुझे ख़ुश ख़बरी बताई जब उसने मुझे यह दिखाया कि यीशु मसीह कौन था।”

Galatians 1:13

ἀναστροφήν ποτε

एक वक़्त या “ज़िन्दगी की शुरुवाती “या शुरुवाती ज़िन्दगी“ का सलूक

Galatians 1:14

καὶ προέκοπτον

यह इस्तआरा पौलुस को कामिल यहूदी बनने के मक़सद में उसके ज़माने के दूसरे यहूदियों से अलग तस्वीर पेश करता है।

συνηλικιώτας

यहूदी लोग जो उसी उम्र के हैं जिस उम्र का मैं हूँ

τῶν πατρικῶν μου

मेरे अबाव अजदाद

Galatians 1:15

καλέσας διὰ τῆς χάριτος αὐτοῦ

मुमकिन मायने हैं 1 ) “ख़ुदा ने मुझे अपनी ख़िदमत करने के लिए बुलाया क्योकि वह मेहरवान हैं” या 2 ) “उन्होंने मुझे अपने फ़ज़ल के ज़रिये बुलाया।”

Galatians 1:16

ἀποκαλύψαι τὸν Υἱὸν αὐτοῦ ἐν ἐμοὶ

मुमकिन मायने हैं 1 ) “मुझे उसके बेटे को जानने की इजाज़त देने के लिए” या 2 ) ”ताकि पूरी दुनिया को मेरे ज़रिये यह दिखा सकें कि यीशु ख़ुदा का बेटा है।”

τὸν Υἱὸν

यह ख़ुदा के बेटे यीशु के लिए एक ख़ास तख़ल्लुस है। (देखें :INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

εὐαγγελίζωμαι αὐτὸν

यह ऐलान करें कि यीशु ख़ुदा के बेटे हैं या “खुदा के बेटे के बारे में ख़ुश ख़बरी की हदायत करें”

προσανεθέμην σαρκὶ καὶ αἵματι

यह एक इज़हार है जिसका मायने है दूसरे लोगों से बातचीत करना। मुतादिल तर्जुमा: “लोगों से कहो कि वे पैग़ाम को समझने में मेरी मदद करें” (देखें :INVALID translate/figs-idiom)

Galatians 1:17

ἀνῆλθον εἰς Ἱεροσόλυμα

यरूशलेम जाएँ। यरूशलेम ऊँचे पहाड़ों का इलाक़ा था, वहां पहुंचने के लिए यक़ीनी तौर पर अनेक पहाड़ों पर चढ़ना ज़रुरी था, और इसलिए यरूशलेम के सफ़र को “ऊपर यरूशलेम की तरफ़ जाना” के तरह बयान करना एक आम बात थी।”

Galatians 1:19

ἕτερον…τῶν ἀποστόλων οὐκ εἶδον, εἰ μὴ Ἰάκωβον

इस दोहरे मनफ़ी का इस्तेमाल इस बात पर ज़ोर देता है कि सिर्फ या’क़ूब ही एक ऐसा रसूल था जिसे पौलुस ने देखा था। मुताबदिल तर्जुमा: “जिस दूसरे रसूल को मैंने देखा वह सिर्फ़ या’क़ूब था” (देखें :INVALID translate/figs-doublenegatives)

Galatians 1:20

ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ

पौलुस गलतियों की कलीसियाओं को साफ़ कहना चाहता था कि वह मुक़मल तौर पर संजीदा है और वह जानता है कि जो कुछ वह कहता है ख़ुदा उसे सुनता है और अगर वह सच न बताए तो वह उसका फ़ैसला करेंगे।

ἃ δὲ γράφω ὑμῖν, ἰδοὺ, ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ ὅτι οὐ ψεύδομαι

पौलुस इस बात पर ज़ोर डालने के लिए इल्म बयान लफ्ज़ का इस्तेमाल करते हैं कि वह सच कह रहा है। मुताबदिल तर्जुमा: “जो पैग़ाम मैं तुम्हे लिख रहा हूँ उसमे तुम्हे झूठ नहीं कह रहा हूँ” या “जो पैग़ाम मैं तुम्हें लिख रहा हूँ उसमे मैं तुम्हें सच बता रहा हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-litotes)

Galatians 1:21

κλίματα τῆς Συρίας

बुलाये हुए जहान का हिस्सा

Galatians 1:22

ἤμην δὲ ἀγνοούμενος τῷ προσώπῳ ταῖς ἐκκλησίαις τῆς Ἰουδαίας, ταῖς ἐν Χριστῷ

मसीह में यहूदिया की कलीसियाओं के लोगों में से कोई भी मुझसे नहीं मिला है

Galatians 1:23

μόνον δὲ ἀκούοντες ἦσαν

लेकिन दूसरे लोग मेरे बारे में जो कहते हैं उन्होंने सिर्फ़ वही सुना है

Galatians 2

ग़लतियों 02 आम अलामते

ढांचा और तरतीब

पौलुस सच्ची ख़ुशख़बरी का बचाव ज़ारी रखता है। इसकी शरुवात ग़लतियों 1:11 में हुई।

इस बाब के ख़ास तसवुरात

आज़ादी और गुलामी

इस मुकम्मल ख़त के दौरान पौलुस आज़ादी को गुलामी से बरअक्स करता है। मसीही शख्स मसीह में अलग अलग काम करने के लये आज़ाद है। लेकिन जो मसीही शख्स मूसा की शरियत को मानने की कोशिश करता है उसे सभी शरियत को मानने की ज़रूरत है। पौलुस बताता है कि शरियत को मानने कि कोशिश करना एक तरह की गुलामी है। (देखें :शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

इस बाब में दीगर तरजुमे की मुमकिन मुश्किलें

“मैं ख़ुदा के फ़ज़ीलतों का इन्कार नहीं करता”

पौलुस तालीम देता है, कि अगर कोई मसीही मूसा की शरियत को मानाने कि कोशिश करते हैं तो जो ख़ुदा की फ़ज़ीलत उनपर नाज़िल की गयी है वे उसे समझते नहीं हैं। यह एक बुनयादी ग़लती है। लेकिन पौलुस “मैं ख़ुदा के फ़ज़ीलत का इन्कार नहीं करता”, ये लफ्ज़ इस्तेमाल करता है। इस बयान के मक़सद को इस तरीके से देखा जा सकता है “अगर आप शरियत को मानने के ज़रिया नज़ात पा सकते हैं तो यह ख़ुदा के फ़ज़ल को इन्कार कर देगा।” (देखें :फ़ज़ल, फ़ज़ल करने वाला )

Galatians 2:1

पौलुस इस बात की तवारीख़ बताना ज़ारी रखता है कि कैसे उसने ख़ुश ख़बरी को रसूलों से नहीं बल्कि खुदा से हासिल किया है।

ἀνέβην

सफ़र की। यरूशलेम पहाड़ी वतन में क़ायम है। यहूदी लोग यरूशलेम को ज़मीन पर एक ऐसे ज़गह के तौर पर देखते थे जो बहिश्त के नज़दीक है, इसलिए पौलुस अलामती तौर पर बता रहा होगा, या वह ऊपर पहाड़ की तरफ यरूशलेम जाने की मुश्किल सफ़र की तस्वीर दिखा रहा होगा।

Galatians 2:2

τοῖς δοκοῦσιν

ईमानदारों के दरमियान सबसे खास अगुवे

μή πως εἰς κενὸν τρέχω ἢ ἔδραμον

पौलुस दौड़ने को काम करने के लिए अलामत की तरह इस्तेमाल करता है, और इस बात पर ज़ोर डालने के लिये दोहरी मुन्फ़ी का इस्तेमाल करता है जो काम उसने किया था फ़ायदेमंद था। मुताबदिल तर्जुमा: “मैं कर रहा था, या किये हैं, वह फायेदेमंद काम” (देखें :INVALID translate/figs-doublenegativesऔर INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς κενὸν

बिना किसी फ़ायदे के या “किसी के लिए भी नहीं”

Galatians 2:3

περιτμηθῆναι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “किसी ऐसे का होना जो उसका ख़तना करे” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

Galatians 2:4

τοὺς παρεισάκτους ψευδαδέλφους

जो लोग मसीही होने का दिखावा करते हैं वे कलीसिया के अंदर आ गये हैं, या “जो लोग मसीही होने का दिखावा करते हैं वे हममें आ मिले हैं”

κατασκοπῆσαι τὴν ἐλευθερίαν ἡμῶν

चुपके तरीके से लोगों को देखें कि वे आज़ादी में कैसे जिन्दगी बिताते हैं

τὴν ἐλευθερίαν

आज़ादी

ἵνα ἡμᾶς καταδουλώσουσιν

हमें शरियत का गुलाम बनाने के लिए। पौलुस शरियत में हुक्म दिये गये यहूदी रसुमात को मानने का दबाव डालने के बारे में बात करता है। वह इसके बारे में ऐसे बात कर रहा है जैसे वह गुलामी हो । सबसे ज्यादा खास रसम ख़तना था। मुताबदिल तर्जुमा: “हम पर दबाव देने के लिए ताकि हम शरियत को माने” (देखें :INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 2:5

εἴξαμεν τῇ ὑποταγῇ

ताबे हो या “सुनें”

Galatians 2:6

ἐμοὶ…οὐδὲν προσανέθεντο

यहाँ “मुझे” लफ्ज़ पौलुस जो तालीम दे रहा था उसको इज़हार करता है। मुताबदिल तर्जुमा: “जो मैं तालीम देता हूँ उसमें कुछ भी नहीं जोड़ा” या “जो मैं तालीम देता हूँ उसमे मुझे कुछ जोड़ने के लिए कहा” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

Galatians 2:7

ἀλλὰ τοὐναντίον

इसके बजाए या “बल्कि“

πεπίστευμαι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबादिल तर्जुमा: “खुदा ने मुझ पर यक़ीन किया” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

Galatians 2:9

δοκοῦντες στῦλοι εἶναι

ये वे मर्द थे जो लोगों को यीशु के बारे में तालीम देते थे और लोगों को मुतमईन करते थे कि यीशु पर यक़ीन करें। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

γνόντες τὴν χάριν τὴν δοθεῖσάν μοι

क़यासी इस्म “फ़ज़ल” को फ़अल के तरह “रहम दिल हों” भी तर्जुमा किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “समझ गया कि ख़ुदा मेरे लिए रहमवाले थे” (देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)

τὴν χάριν τὴν δοθεῖσάν μοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “जो फ़ज़ल खुदा ने मुझे दिया है” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

δεξιὰς ἔδωκαν…κοινωνίας

दायें हाथ को पकड़ना और उसे हिलाना रिफाक़त का निशान हुआ करता था।मुताबदिल तर्जुमा: “साथी के तरह ...इस्तक़बाल किया” या “इज्ज़त के साथ इस्तक़बाल किया।” (देखें :INVALID translate/translate-symaction)

δεξιὰς

उसका दहना हाथ

Galatians 2:10

τῶν πτωχῶν…μνημονεύωμεν

तुम्हें यह साफ़ करने कि ज़रूरत है कि ग़रीबों के बारे में वह क्या याद रखना चाहता था। मुताबदिल तर्जुमा: “ग़रीबों की ज़रुरतों को जहन में रखने को याद रखें” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 2:11

κατὰ πρόσωπον αὐτῷ ἀντέστην

अलफ़ाज़ “उसके मुंह पर” “जहाँ वह मुझे देख और सुन सके” के लिए मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “मैंने अपने तरीक़े से उसकी ख़िलाफ़त किया” या “मैंनें अपने तरीके से उसके कामों को चुनोती दी” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

Galatians 2:12

πρὸ

वक़्त के मुताबिक़

ὑπέστελλεν

उसके साथ खाना बंद कर दिया

φοβούμενος τοὺς ἐκ περιτομῆς

जिस वज़ह से कैफ़ा डर रहा था उसे साफ़ कहा जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “वह डर रहा था कि जो लोग ख़तने को ज़रुरी मानते हैं वे उसके बारे में फैसला करेंगे कि वह कोई ग़लत काम कर रहा है” या “वह डर रहा था कि जो लोग ख़तने को ज़रुरी मानते हैं वे उस पर इलज़ाम लगायेंगे कि वह कोई ग़लत काम कर रहा है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

τοὺς ἐκ περιτομῆς

जो यहूदी मसीही बन चुके थे,मगर जो यह अर्ज़ करते थे कि जो मसीह में यक़ीन करते हैं वे यहूदी रस्मों के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारे

ἀφώριζεν ἑαυτόν

उनसे दूर हो गया या “बचने लगा”

Galatians 2:14

οὐκ ὀρθοποδοῦσιν πρὸς τὴν ἀλήθειαν τοῦ εὐαγγελίου

वे उन लोगों कि तरह ज़िंदगी नहीं गुज़ार रहे थे जो ख़ुश ख़बरी में यक़ीन करते हैं या “वे ऐसी ज़िन्दगी जी रहे थे जैसे कि वे ख़ुश ख़बरी में यक़ीन न करते हों”

πῶς τὰ ἔθνη ἀναγκάζεις Ἰουδαΐζειν

यह बयान बाज़ी वाला सवाल एक डांट है और इसे एक बयान के तरह तर्जुमा किया जा सकता है।। “तुम” लफ्ज़ वाहिद है और पतरस के लिए है। मुताबदिल तर्जुमा: “गैर क़ौमो को यहूदियों की तरह ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए ज़ोर डालने के बारे में तुम ग़लत हो।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-you)

ἀναγκάζεις

मुमकिन मायने हैं 1 ) लफ़्ज़ों के इस्तेमाल के ज़रिये दबाव डालना या 2 ) क़ायल करना।

Galatians 2:15

पौलुस ईमानदारों से कहता है कि यहूदी जो शरियत, को जानते हैं और, गैर क़ौमो को जो शरियत को नहीं जानते, वे सिर्फ़ मसीह में यक़ीन के ज़रिये ही बचाए गए हैं शरियत को मानने के वज़ह से नहीं।

οὐκ ἐξ ἐθνῶν ἁμαρτωλοί

वे नहीं जिन्हें यहूदी लोग गैर क़ौमी गुनाहगार पुकारते थे।

Galatians 2:16

καὶ ἡμεῖς εἰς Χριστὸν Ἰησοῦν ἐπιστεύσαμεν

हमनें मसीह यीशु पर यक़ीन किया

εἰδότες

यह शायद पौलुस और दूसरे लोगों के बारे में है न कि ग़लतियों के बारे में,जो कि पहली नज़र में गैर क़ौम थे। (देखें :INVALID translate/figs-exclusive)

οὐ…σάρξ

“बदन” लफ्ज़ क़ामिल शख्स के लिए इस्तेमाल किया गया जो एक मिजाज़ मार्सल है। मुताबदिल तर्जुमा: “कोई शख्स नहीं”(देखें :INVALID translate/figs-synecdoche)

Galatians 2:17

ζητοῦντες δικαιωθῆναι ἐν Χριστῷ

जुमले “मसीह में रास्तबाज़ ठहराए गये” का मायने है हम मसीह में जुड़ गये हैं इसलिए रास्तबाज़ ठहराए गए और मसीह की वज़ह से रास्तबाज़ ठहराए गए।

εὑρέθημεν καὶ αὐτοὶ ἁμαρτωλοί

“पाए गए थे” ये अलफ़ाज़ एक मुहाबरा है जो इस बात पर ज़ोर देता है कि “हम हैं” यक़ीनी तौर पर गुनाहगार। मुताबदिल तर्जुमा: “हम देखते हैं कि हम भी यक़ीनी तौर से गुनाहगार हैं” (देखें :INVALID translate/figs-idiom)

μὴ γένοιτο

हक़ीकत में, वह सच नहीं है। यह इज़हार पिछले बयान बाज़ी सवाल का सबसे मज़बूत मनफ़ी जवाब देता है “क्या मसीह गुनाह का ख़ादिम बन गया? “तुम्हारी ज़बान में भी कोई इसी के तरह इज़हार कर सकते हैं जिसे तुम यहाँ इस्तेमाल कर सकते हो” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

Galatians 2:20

Υἱοῦ τοῦ Θεοῦ

यह मसीह के लिए एक ख़ास तख़ल्लुस है। (देखें :INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Galatians 2:21

οὐκ ἀθετῶ

पौलुस मुस्बत बात पर ज़ोर देने के लिए मुन्फ़ी बात रखता है। मुताबदिल तर्जुमा: “मै इसको क़ीमती ठहराता हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-litotes)

εἰ…διὰ νόμου δικαιοσύνη, ἄρα Χριστὸς δωρεὰν ἀπέθανεν

पौलुस एक ऐसे हालात का बयान कर रहा है जो कभी थी ही नहीं। (देखें :INVALID translate/figs-hypo)

εἰ…διὰ νόμου δικαιοσύνη

अगर लोग कभी शरियत को मानने के ज़रिये रस्तबाज़ बन सकते थे

ἄρα Χριστὸς δωρεὰν ἀπέθανεν

तो मसीह अपनी मौत के ज़रिये कुछ भी ख़ासियत हासिल नहीं कर पाता।

Galatians 3

ग़लतियों 03 आम अलामते

इस बाब की ख़ास तसव्वुरात

मसीह में बराबरी

सभी मसीही एक तरह से मसीह में जुड़े हुए हैं। ख़ानदान, जिंस और हैसियत मायने नहीं रखती है। सभी एक दूसरे के बराबर हैं। ख़ुदा की नज़र में सब एक है।

इस बाब के ख़ास इज़हारे ख़याल

मिजाज़ी सवालात

पौलुस ने इस बाब में कई तरह के मिजाज़ी सवालात का इस्तेमाल किया है वह ग़लतियों को उनके गुनाह के लिए इनके इस्तेमाल करता है। (देखें :INVALID translate/figs-rquestion और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

इस बाब की दूसरी तर्जुमा की मुमकिन मुश्किलें

जिस्म

यह एक उलझा हुआ मुद्दा है। “बदन” शायद हमारे गुनाहगार आदतों का बयानती है। पौलुस यह नहीं तालीम दे रहा कि इंसान की जिस्मानी हिस्सा गुनाहगार है। “बदन” का इस्तेमाल इस बाब में रूहानियत के बरक्स किया गया है। (देखें :गोश्त )

“जो ईमान के ज़रिये अब्राहम के औलाद हैं”

इसका मायने क्या है इसके बारे में आलिम भी आपस में बटे हुए हैं। कुछ लोग यक़ीन करते हैं कि मसीही अब्राहम के अहद को हासिल करते हैं, अगरचे मसीही लोग इस्राएल के जिस्मानी ख़ानदान को फिर से क़ायम कर देते हैं। दूसरे यक़ीन रखते हैं कि मसीह लोग रूहानी तरीके से अब्राहम को मानते हैं, लेकिन वे अब्राहम को दी गयी अहद को हासिल नहीं करते। पौलुस दूसरे तालीमो और यहाँ के हालात कि रौशनी में, शायद यह लिख रहा है कि यहूदी और गैर क़ौम मसीही और अब्राहम का ईमान एक जैसा था। (देखें :रूह , रूहें , रूहानी और INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 3:1

पौलुस इन बयान बाज़ी सवालात को पूछकर ग़लतियों को डांट रहा है।

पौलुस ग़लतियों के ईमानदारों को याद दिलाता है कि जब उन्होंने ख़ुश ख़बरी में यक़ीन किया तो यक़ीन के ज़रिये ख़ुदा ने ख़ुद कि रूह दी, न कि उनके शरियत को मानने के ज़रिये।

τίς ὑμᾶς ἐβάσκανεν

पौलुस तंज़ और बयान बाज़ी वाले सवाल का इस्तेमाल कर रहा है कि ग़लतिया के रहने वाले ऐसे सलूक कर रहे हैं जैसे कि किसी ने उन को अपने तरफ़ मयेअल कर दिया है। वह सही में यह यक़ीन नहीं करता है की किसी ने तुमको मयेअल कर लिया हो। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम ऐसे सलूक कर रहे हो जैसे कि किसी ने तुमको मयेअल कर लिया हो”(देखें :INVALID translate/figs-ironyऔर INVALID translate/figs-rquestion)

ὑμᾶς ἐβάσκανεν

तुम पर जादू कर दिया या “तुम पर जादूगरी कर दिया”

οἷς κατ’ ὀφθαλμοὺς Ἰησοῦς Χριστὸς προεγράφη ἐσταυρωμένος

पौलुस यीशु के सलीब पर मारे जाने की अपनी तालीम को ऐसे साफ़ करता है जैसे कि उसने यीशु के सलीब पर मारे जाने की तस्वीर को आम जगहों पर लगा रखा हो। वह ग़लतिया के लोगों के बारे में ऐसे बात कर रहा है जैसे कि उन्होंने इस तालीम को सुना है जैसे उन्होंने उस तस्वीर को देखा हो। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम ने खुद यीशु के सलीब पर मारे जाने की तालीम को साफ़ तरह से सुना था”(देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 3:2

τοῦτο μόνον θέλω μαθεῖν ἀφ’ ὑμῶν

यह आयात 1 से तंज़ जारी रखता है। जिन बयान बाज़ी वाले सवालों को पौलुस यहाँ पूछने वाला है वह उनके जवाब जानता है। (देखें :INVALID translate/figs-irony)

ἐξ ἔργων νόμου τὸ Πνεῦμα ἐλάβετε, ἢ ἐξ ἀκοῆς πίστεως

अगर हो सके तो इसे बयान बाज़ी वाले सवाल के तरह तर्जुमा करें, क्योकि पढ़ने वाले यहाँ एक सवाल की तवक्को कर रहे होंगे। साथ ही, इसका यक़ीन करें कि पढ़ने वाला जाने कि इस सवाल का जवाब “जो तुमने सुना उस पर यक़ीन करने के ज़रिये” है न कि “शरियत के मुताबिक़ करने के ज़रिये।” मुताबदिल तर्जुमा: “तुमने जो शरियत में लिखा है उसे करके नहीं बल्कि जो तुमने सुना उस पर यक़ीन करने के ज़रिये रूह हासिल की है।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

Galatians 3:3

οὕτως ἀνόητοί ἐστε

यह बयान बाज़ी वाला सवाल ज़ाहिर करता है कि पौलुस हैरत में है और गुस्से में भी है कि ग़लतिया के रहने वाले इतने बेवकूफ़ हैं। मुताबदिल तर्जुमा :”तुम बड़े बेवकूफ़ हो।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

σαρκὶ

“जिस्म” लफ्ज़ कोशिश के लिए एक मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा : “तुम्हारी ख़ुद की कोशिश के ज़रिये” या “तुम्हारे ख़ुद के काम के ज़रिये” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

Galatians 3:4

τοσαῦτα ἐπάθετε εἰκῇ

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल ग़लतियों को यह याद दिलाने के लिए करता है कि जब वे तकलीफ़ उठा रहे थे तो वे यक़ीन करते थे कि उन्हें कुछ फ़ायदा हासिल होगा। मुताबदिल तर्जुमा: “यक़ीनन तुमने यह नहीं सोचा कि तुम यूं ही सब कुछ नहीं सह रहे थे ...!” या “खास तरह से तुम जानते थे कि इतनी सारी मुसीबतों को सहने का कोई अच्छा मक़सद था ...!” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

τοσαῦτα ἐπάθετε εἰκῇ

इसको साफ़ तरह से कहा जा सकता है कि उन्होंने इन बातों को उन लोगों की वज़ह से बर्दाश्त किया जिन्होंने मसीह में उनके यक़ीन के वज़ह उनका मुखालफ़त किया था। मुताबदिल तर्जुमा: “क्या तुमने उन लोगों के ज़रिये बहुत सारी बातों को बर्दाश्त किया है जो बिना वजह मसीह में तुम्हारे यक़ीन का मुखालफ़त करते हैं” या “तुमने मसीह में यक़ीन किया, और तुमने उन लोगों के ज़रिये बहुत सी बातों को बर्दाश्त किया जो मसीह की मुखालफ़त करते हैं। क्या तुम्हारा यक़ीन करना और तकलीफ़ उठाना फ़ज़ूल था” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

εἰκῇ

फ़ज़ूल या “किसी अच्छे फ़ायदे कि उम्मीद के बिना”

εἴ γε καὶ εἰκῇ

मुमकिन मायने हैं 1 )पौलुस इस बयान बाज़ी वाले सवाल का इस्तेमाल उन्हें यह चेतावनी देने के लिए करता है कि वे अपने तजुर्बे को फ़ज़ूल न जाने दें। मुताबदिल तर्जुमा: “उसे फ़ज़ूल न जाने दो!” या “यीशु मसीह पर यक़ीन करना न छोड़ो और तुम्हारा तकलीफ़ उठाना फ़ज़ूल न जाए” या 2 )पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल उन्हें यह तसल्ली देने के लिए करता है कि उनका तकलीफ़ उठाना फ़ज़ूल में नहीं था। मुताबदिल तर्जुमा: “यह खास तरह से फ़ज़ूल में नहीं था!” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

Galatians 3:5

ἐξ ἔργων νόμου ἢ ἐξ ἀκοῆς πίστεως

ग़लतियों को यह याद दिलाने के लिए कि वे रूह को कैसे हासिल करते हैं पौलुस एक और बयान बाज़ी वाला सवाल पूछता है। मुताबदिल तर्जुमा : “वह ...इसे शरियत के कामों के ज़रिये नहीं करता; वह इसे यक़ीन के साथ सुनने के ज़रिये करता है।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

ἐξ ἔργων νόμου

यह उन लोगों का रहबरी करता है जो शरियत की ज़रूरतों को पूरी करने के लिए काम करते हैं। मुताबदिल तर्जुमा: “क्योकि तुम वही करते हो जो शरियत तुम्हे करने के लिए कहती है”

ἐξ ἀκοῆς πίστεως

तुम्हारी ज़बान ऐसी होनी ज़रुरी है जिसमे यह साफ़ बताया जा सके कि लोगों ने क्या सुना और उन्होंने किन पर यक़ीन किया। मुताबदिल तर्जुमा: ”क्योकि तुमने पैग़ाम को सुना और यीशु पर यक़ीन किया” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 3:6

पौलुस ग़लतियों के ईमानदारों को याद दिला रहा है कि अब्राहम ने भी रस्तबाज़ी को शरियत के ज़रिये नहीं बल्कि यक़ीन से हासिल किया।

ἐλογίσθη αὐτῷ εἰς δικαιοσύνην

ख़ुदावन्द ने अब्राहम का ख़ुदा में यक़ीन देखा और इस तरह खुदा ने अब्राहम को रास्तबाज़ ठराया।

Galatians 3:7

οἱ ἐκ πίστεως

जिनके पास यक़ीन है। “ईमान” इस्म का मायने फ़अल “यक़ीन करना” के ज़रिये ज़ाहिर किया जा सकता ही है। मुताबदिल तर्जुमा: “जिन्होंने यक़ीन किया” (देखें :INVALID translate/figs-abstractnouns)

υἱοί…Ἀβραὰμ

यह उन लोगों को इज़हार करता है जिन्हें ख़ुदा ऐसे देखते हैं जैसे वह अब्राहम को देखते हैं। मुताबदिल तर्जुमा: “अब्राहम की तरह ही रास्तबाज़” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 3:8

προϊδοῦσα δὲ

क्योकि ख़ुदा ने अब्राहम से वायेदा किया और उन्होंने इसे लिख लिया इससे पहले कि मसीह के ज़रिये वह वायेदा पूरा हुआ, मुक़दस किताब कुछ उसकी तरह है जिसे मुस्तक़बिल के बारे में उसके होने से क़बल मालूमात है। मुताबदिल तर्जुमा: “पेशनगोई की “या “होने से क़बल उसे देखा” (देखें :INVALID translate/figs-personification)

ἐν σοὶ

जो तुम ने किया उसकी वज़ह से या “मैंने तुमको बरकते दी इस वज़ह से। “तू” लफ्ज़ अब्राहम के लिए इस्तेमाल हुआ है और वाहिद है। (देखें :INVALID translate/figs-you)

πάντα τὰ ἔθνη

दुनिया के सभी बनी आदम। ख़ुदा इस बात पर ज़ोर दे रहे थे कि वह सिर्फ अपने चुने हुए कौम यहूदियों पर ही एहसान नहीं कर रहे थे। उसकी नज़ात के मंसूबे यहूदियों और गैर–यहूदियों दोनों के लिए थी।

Galatians 3:10

ὅσοι γὰρ ἐξ ἔργων νόμου εἰσὶν ὑπὸ κατάραν εἰσίν

लानत के मातहत होने का मतलब है लानती होना। यहाँ इसका मतलब है हमेशा के लिए सज़ा पाना। “जो शरियत पर तकिया होते हैं ...वे लानती हैं “या “जो शरियत पर तकिया होते हैं खुदा उन्हें ... हमेशा हमेशा के लिए सज़ा देगा” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

ἔργων νόμου

जो शरियत कहती है वह हमें ज़रूर करना है

Galatians 3:11

δὲ…δῆλον

जो बात साफ़ है उसे कहा जा सकता है। AT “किताब-ए–मुक़दस साफ़ है” या “किताब-ए-मुक़दस साफ़ लिखता है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

ἐν νόμῳ, οὐδεὶς δικαιοῦται παρὰ τῷ Θεῷ

इसे फ़’आल फ़अल के साथ बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “खुदा शरियत के ज़रिये किसी को भी रास्तबाज़ नहीं ठहराता”

ἐν νόμῳ, οὐδεὶς δικαιοῦται παρὰ τῷ Θεῷ

पौलुस उनके इस यक़ीन को इस्लाह कर रहा है कि अगर वो शरियत को मानते हैं, तो ख़ुदा उन्हें रास्तबाज़ ठहराएंगे। मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सामने शरियत को मानने के वज़ह कोई भी रास्तबाज़ नहीं ठहराया गया है” या “ख़ुदा शरियत के मानने के वज़ह से किसी को भी रास्तबाज़ नहीं ठहराते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

ὁ δίκαιος ἐκ πίστεως ζήσεται

नाम का सिफ़त “रास्तबाज़” रास्तबाज़ लोगों के मुतालिक़ में हैं। मुताबदिल तर्जुमा: “रास्तबाज़ लोग यक़ीन के ज़रिये जिन्दा रहेंगें“ (देखें :INVALID translate/figs-nominaladj)

Galatians 3:12

ζήσεται ἐν αὐτοῖς

मुमकिन मायने हैं 1 ) “उन सबको मानना चाहिए“ या 2) “शरियत के मांग को पूरा करने की उसकी क़बिलयत के बिना पर फ़ैसला किया जाएगा।”

Galatians 3:13

पौलुस इन ईमानदारों को फिर याद दिलाता है कि शरियत के मानने से कोई शख्स बचाया नहीं जा सकता और शरियत अब्राहम से यक़ीन के ज़रिये दिए गये वायदे में कोई नई शर्त नहीं जोड़ती है।

ἐκ τῆς κατάρας τοῦ νόμου

इस्म “लानत”को फ़अल ‘लानत करने” के ज़रिये इज़हार किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “शरियत की वज़ह से लानती होने से” या “शरियत को न मानने की वज़ह लानती होने से”

ἐκ τῆς κατάρας τοῦ νόμου, γενόμενος ὑπὲρ ἡμῶν κατάρα…ἐπικατάρατος πᾶς

“लानत “लफ्ज़ यहाँ ख़ुदा के ज़रिये उस शख्स को मुज़रिम ठहराए जाने की इल्मे बयान है जिसे लानती किया गया हो। मुताबदिल तर्जुमा: “हमारी तरह से ख़ुदा हमें मुल्ज़िम ठहराते हैं क्योकि हमने शरियत को तोड़ा...ख़ुदा हमारे बज़ाय उसे मुल्ज़िम ठहरते हैं ...खुदा सब को मुल्ज़िम ठहराते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

ὁ κρεμάμενος ἐπὶ ξύλου

पौलस ख़ाहिश करता था कि उसके सुनने वाले इस बात को समझे कि वह सलीब पर लटके यीशु के बारे बात कर रहा था।

Galatians 3:14

ἵνα…ἡ εὐλογία τοῦ Ἀβραὰμ γένηται

क्योकि मसीह हमारे लिये लानती बन गए, इसलिए अब्राहम की बरक़त आयेगी

ἵνα…λάβωμεν διὰ τῆς πίστεως

क्योकि मसीह हमारे लिए लानती बन गये,हम यक़ीन के ज़रिये हासिल करेंगें

λάβωμεν

“हम” लफ्ज़ में वे लोग शामिल हैं जो इस ख़त को पढ़ेगें और इसलिए यह शामिल है। (देखें :INVALID translate/figs-inclusive)

Galatians 3:15

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1:2

κατὰ ἄνθρωπον

एक शख्स के तरह से या “वे बातें जिन्हें ज्यादातर लोग समझते हैं”

Galatians 3:16

δὲ

यह लफ्ज़ इज़हार करता है कि पौलुस एक आम तरीका बता रहा है और अब एक खास मामले का तार्रुफ़ शुरू कर रहा है।

ὡς ἐπὶ πολλῶν

कई पीढ़ियों से मिलाते हुए

τῷ…σπέρματί σου

“तेरे” लफ्ज़ वाहिद है और एक ख़ास शख्स के मुतालिक़ में है, जो कि अब्राहम की एक ख़ास फरजंद है (और उस फरजंद को “मसीह” की शकल में पहचाना गया है“)। (देखें :INVALID translate/figs-you)

Galatians 3:17

ὁ μετὰ τετρακόσια καὶ τριάκοντα ἔτη

चा सौ तीस साल (देखें :INVALID translate/translate-numbers)

Galatians 3:18

εἰ γὰρ ἐκ νόμου ἡ κληρονομία, οὐκέτι ἐξ ἐπαγγελίας

पौलुस एक ऐसे हालात की बात कर रहा है जो है ही नहीं ताकि वह इस बात पर ज़ोर दे सके कि विरासत सिर्फ़ अहद के वज़ह से आयी है। मुताबदिल तर्जुमा: “विरासत हमारे पास अहद के वज़ह से आती है, क्योकि हम ख़ुदा की शरियत की मांग को पूरा नहीं करते” (देखें :INVALID translate/figs-hypo)

κληρονομία

जो कुछ खुदा ने ईमानदारों से अहद की है उसे हासिल करना ऐसे बताया गया है जैसे कि यह ख़ानदान के किसी फ़र्द की किसी जायदाद और दौलत की विरासत, और अब्दी बरकात और फ़िदिया हो। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 3:19

पौलुस ग़लतियों के ईमानदारों को बताता है कि ख़ुदा ने हमें शरियत क्यों दी।

τί οὖν ὁ νόμος

पौलुस अपने अगले मौज़ू जिस पर वह बहस करना चाहता है उसका तार्रुफ़ देने के लिए एक बयान बाज़ी वाले सवाल का इस्तेमाल करता है। इसका तर्जुमा एक बयान की तरह से भी किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “मैं तुम्हे बताउंगा कि शरियत का मक़सद क्या है।” या “मैं तुम्हे बताउंगा कि ख़ुदा ने शरियत क्यों दी।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

προσετέθη

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने इसे जोड़ा“ या “ख़ुदा ने शरियत को जोड़ा” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

διαταγεὶς δι’ ἀγγέλων ἐν χειρὶ μεσίτου

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “खुदा ने फरिश्तों की मदद से शरियत को नाज़िल किया और एक दरमियानी ने इसे नाफ़ज़ कर किया” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

χειρὶ μεσίτου

एक नुमायिन्दा

Galatians 3:20

ὁ δὲ μεσίτης ἑνὸς οὐκ ἔστιν, ὁ δὲ Θεὸς εἷς ἐστιν

खुदा ने अपना वायदा अब्राहम को बिना किसी दरमियानी के दिया, लेकिन मूसा को शरियत एक दरमियानी के ज़रिये दी। जिसके नतीज़े, पौलुस के सुनने वालों ने सोचा होगा कि शरियत ने अहद को किसी तरह कमज़ोर करदिया। पौलुस वह बात बता रहा है जो उसके सुनने वालों ने यहाँ सोचा होगा, और वह आने वाले आयतों में उन्हें जवाब देगा।

Galatians 3:21

यहाँ “हम“ लफ्ज़ सारे मसीहियों के लिए है।(देखें :INVALID translate/figs-inclusive)

κατὰ τῶν ἐπαγγελιῶν

वायदों के ख़िलाफ़ या “वायदों के मुखालिफ़त में “

εἰ…ἐδόθη νόμος ὁ δυνάμενος ζῳοποιῆσαι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है, और क़यासी इस्म “ज़िंदगी“ का तर्जुमा फ़अल के तरह किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “अगर खुदा ने उसको एक ऐसी शरियत दी जिन्होंने ज़िंदगी जीने के लिए इसको माना” (देखें :INVALID translate/figs-activepassiveऔर INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἐν νόμου ἂν ἦν ἡ δικαιοσύνη

वे उसके मानने के ज़रिये रास्तबाज़ बन गये होते

Galatians 3:22

συνέκλεισεν ἡ Γραφὴ τὰ πάντα ὑπὸ ἁμαρτίαν, ἵνα ἡ ἐπαγγελία ἐκ πίστεως Ἰησοῦ Χριστοῦ δοθῇ τοῖς πιστεύουσιν

दूसरे मुकिन मायने हैं 1 ) “क्योकि हम सब गुनाह करते हैं, खुदा ने सब बातें शरियत के क़ब्ज़े में कर दी, जैसे की उन्हें जेल में डाल दिया हो, ताकि जो मसीह यीशु में यक़ीन रखते हैं उन्हें जो कुछ देने का वायदा उसने किया हुआ है वह उन्हें दे सके जो यक़ीन करते हैं” या 2) “क्योकि हम गुनाह करते हैं, तो ख़ुदा ने सब शरियत के मातहत किया क्योकि जो मसीह यीशु में यक़ीन करते हैं उनके लिए उसने जो किया है वो वह उन्हें देना चाहता है जो यक़ीन करते हैं।”

Γραφὴ

पौलुस किताब ए मुक़दस के बारे में बात कर रहा है जैसे कि वह कोई शख्स हो और वह ख़ुदा के बारे में बात कर रहा हो, जिसने किताब ए मुक़दस को लिखा है। मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा” (देखें :INVALID translate/figs-personification)

Galatians 3:23

पौलुस ग़लतियों में पाए जाने वाले को लिख रहा है कि ईमानदार ख़ुदा के खानदान में आज़ाद हैं शरियत के मातहत गुलाम नहीं हैं।

ὑπὸ νόμον ἐφρουρούμεθα, συνκλειόμενοι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “शरियत ने हमें कैदी बनाये रखा और हम क़ैद में थे” या “शरियत ने हमें कैदखाने में क़ैदी बनाये रखा” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

ὑπὸ νόμον ἐφρουρούμεθα, συνκλειόμενοι

जिस तरह शरियत ने हमें कब्ज़े में रखा उसे ऐसे कहा गया है जैसे कि शरियत जेल का कोई निगहबान हो जिसने हमें क़ैदी बनाये रखा हो। मुताबदिल तर्जुमा: “शरियत ने हमें एक जेल के निगहबान कि तरह क़ाबू में रख्खा था” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς τὴν μέλλουσαν πίστιν ἀποκαλυφθῆναι

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है, और यह यक़ीन किसमें है उसे साफ़ बताया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “जब तक ख़ुदा ज़ाहिर न करे कि उसने उन्हें जिनका यक़ीन मसीह में है रस्तबाज़ ठहराया” या “जब तक ख़ुदा ज़ाहिर न करे कि जिन्होने मसीह में यक़ीन किया उसने उन्हें रास्तबाज़ ठहराया” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

Galatians 3:24

παιδαγωγὸς

बस इससे ज़यादा कि “एक शख्स जो बच्चे पर निगरानी करने के लिए रखता है” यह आमतौर पर एक गुलाम था जो माँ-बाप के ज़रिए दिए गये क़ानून और रवैयों को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार था और जो बच्चे के कामों कि ख़बर माँ –बाप को देगा।

εἰς Χριστόν

उस वक़्त तक जब तक कि मसीह न आ जाएँ

ἵνα…δικαιωθῶμεν

मसीह के आने से पहले, ख़ुदा के पास हमारे रास्तबाज़ ठहराए जाने की मंसूबा थी। जब मसीह आए, उन्होंने हमें रास्तबाज़ ठहराने की मंसूबा को लागू किया। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “ताकि ख़ुदा हमें रास्तबाज़ होने का ऐलान कर सके” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

Galatians 3:27

ὅσοι γὰρ εἰς Χριστὸν ἐβαπτίσθητε

तुम सभी के लिए जिन्होंने मसीह का बपतिस्मा लिया

Χριστὸν…ἐνεδύσασθε

मुमकिन मायेने है 1 ) यह एक मिजाजी है जिसका मायने है कि मसीह के साथ एक किये गये। मुताबदिल तर्जुमा: “मसीह के साथ एक किये गए” या 2 ) यह एक मिज़ाजी है जिसका मायने है कि वे मसीह के जैसे हो गए। मुताबदिल तर्जुमा:”मसीह के जैसे हो गये” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 3:28

οὐκ ἔνι Ἰουδαῖος οὐδὲ Ἕλλην, οὐκ ἔνι δοῦλος οὐδὲ ἐλεύθερος, οὐκ ἔνι ἄρσεν καὶ θῆλυ

ख़ुदा यहूदी और यूनानी ,ख़ादिम और आज़ाद ,मर्द और औरत के दरमियां कोई फ़र्क नहीं देखेता है

Galatians 3:29

κληρονόμοι

जिन लोगों से ख़ुदा ने वायदे किये थे उनके बारे में ऐसे कहा गया है जैसे कि मनो उन्हें अपने ख़ानदान के फ़र्द से जायदाद और दौलत विरासत में हासिल करना हो। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 4

ग़लतियों 04 आम अलामते

ढांचा और तरतीब

कुछ तर्जुमे में नज़म की हर एक जुमले को दूसरे बाक़ी मतन से आगे दाई तरफ रखा है ताकि इसे पढ़ने में आसान किया जा सके। ULT ने यायत 27 के साथ ऐसा किया है, जो पुराने अहद नामे से लिया गया है।

इस बाब के ख़ास तसवुरात

बेटापन

बेटापन एक पेचीदा मुद्दा है। इस्राएल के बेटापन पर आलिमों के अनेक ख़याल हैं। पौलुस बेटापन को यह तालीम के लिए इस्तेमाल करता है कि शरियत के तहत होना मसीह में आज़ाद होने से किस तरह अलग है। अब्राहम की सभी जिस्मानी ओलाद उसको दिए गये वायदों के वारिस नहीं होंगें। और सिर्फ़ इस्हाक़ और याक़ूब के ओलादे ही अहद के वारिस होंगे। ख़ुदा ही उन लोगों को अपने ख़ानदान में क़बूल कर लिये हैं जो अब्राहम का रूहानी तरह से यक़ीन के ज़रिये रफ़ीक बनते हैं। वो विरासत के साथ ख़ुदा के फ़र्ज़न्द हैं। पौलुस उन्हें “अहद का बेटा” पुकारता है। (देखे:मीरास होना, वरासत, हिस्सा, वारिस , वा’दा,वा’दे ,वा’दा किया , रूह , रूहें , रूहानी और ईमान और लेपालक, गोद लेना, अपनाना )

इस बाब में दूसरे मुमकिन तर्जुमे की मुश्किलें

अब्बा, बाप

“अब्बा” एक अरामी लफ्ज़ है। पुराने इस्राएल में, लोग गैर रस्मी तौर से अपने बाप के लिए इसका इस्तेमाल करते थे। पौलुस यूनानी हर्फ़ों में इसको लिखते हुए इसकी अवाज़ का “नक़ल हर्फ़” करता है । (देखें :INVALID translate/translate-transliterate)

Galatians 4:1

पौलुस ग़लतियों के ईमानदारों को इस बात को याद दिलाते रहता है कि जो शरियत के ताबे थे मसीह उन्हें छुड़ाने आये थे, और उसने उन्हें अब ख़ादिम नहीं बल्कि अपना बेटा बनाया है।

οὐδὲν διαφέρει

बिलकुल वैसे ही जैसे

Galatians 4:2

ἐπιτρόπους

बच्चों की क़ानूनी ज़िम्मेदारी रखने वाले लोग

οἰκονόμους

ऐसे लोग जिन पर दूसरे क़ीमती चीज़ों की निगहबानी सौंपते हैं

Galatians 4:3

यहाँ “हम” लफ्ज़ सभी मसीहियों के लिए लागू होता है, इसमें पौलुस के सुनने वाले भी शामिल हैं।(देखें :INVALID translate/figs-inclusive)

ὅτε ἦμεν νήπιοι

यहाँ “बच्चे“ रूहानी तरीके से नादान होने के लिए मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “जब हम बच्चों की तरह थे” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

ἡμεῖς…ὑπὸ τὰ στοιχεῖα τοῦ κόσμου ἤμεθα δεδουλωμένοι

यहाँ “गुलाम होना“ एक मिज़ाजी है जो किसी को कुछ करने से रोकने में नाकाम होता है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “दुनिया के बुनियादी उसूल ने हमें क़ाबू में रखा है” या “हमे दुनिया के बुनयादी उसूल को ऐसे मानना है जैसे कि हम गुलाम हों” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

τὰ στοιχεῖα τοῦ κόσμου

मुमकिन मायने हैं 1 ) यह शरियत इस दुनिया के इख़लाकी उसूलों के बारे में है, या 2 ) यह रूहानी ताक़तें हैं जिनके बारे में कुछ लोग सोचते हैं कि वे ज़मीन पर होने वाली बातों को क़ाबू करती हैं।

Galatians 4:4

τὸν Υἱὸν

यह खुदा के बेटे यीशु मसीह के लिए एक खास तख़ल्लुस है। (देखे :INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Galatians 4:5

ἐξαγοράσῃ

यीशु मसीह के सलीबी पर मरकर हमारे गुनाहों की क़ीमत चुकाने की तस्वीर के तौर पर पौलुस एक ऐसे शख्स की मिज़ाजी का इस्तेमाल करता है जो अपनी खोयी हुई दौलत को या अपने ख़ादिम की आज़ादी को वापस ख़रीद लेता है। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 4:6

ἐστε υἱοί

पौलुस यहाँ पर मर्द बच्चे के लिए लफ्ज़ का इस्तेमाल करता है क्योकि यहाँ का मज़मून विरासत है। उसकी तरफ पढ़ने वालो की तहज़ीब में, हमेशा नहीं लेकिन आमतौर से विरासत लड़के को हासिल होती थी। वह यहाँ लड़की का न तो ख़ास इज़हार कर रहा है न ही उन्हें इससे बेदख़ल कर रहा है।

ἐξαπέστειλεν ὁ Θεὸς τὸ Πνεῦμα τοῦ υἱοῦ αὐτοῦ εἰς τὰς καρδίας ἡμῶν κρᾶζον, Ἀββά, ὁ Πατήρ

“अब्बा, बाप” बुलाने के ज़रिये रूह हमें यहाँ यह तसल्ली देता है कि हम ख़ुदा की ओलाद हैं और वह हमसे मुहब्बत करते हैं।

ἐξαπέστειλεν…τὸ Πνεῦμα τοῦ υἱοῦ αὐτοῦ εἰς τὰς καρδίας ἡμῶν

दिल एक शख्स के उस हिस्से का बयानी है जो सोचता और महसूस करता है। मुताबादिल तर्जुमा: “अपने बेटे की रूह भेजते हैं ताकि हमें दिखा सकें कि कैसे सोचना और काम करना है” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

τοῦ υἱοῦ αὐτοῦ

यह ख़ुदा के बेटे यीशु मसीह के लिए एक ख़ास तख़ल्लुस है। (देखें :INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

κρᾶζον

रूह वह है जो पुकारता है।

Ἀββά, ὁ Πατήρ

पौलुस के घरेलू ज़बान में एक जवान बच्चा अपने बाप को इसी तरह पुकारेगा,लेकिन ग़लतियों के पढ़नेवालों की ज़बान में नहीं। गैर मुल्की ज़बान की अहमियत रखते हुए इस लहज़ को इस तरह तर्जुमा करें जिसकी आपकी ज़बान में इजाजत हो और “अब्बा“ जैसा सुनाई देता हो।

Galatians 4:7

οὐκέτι εἶ δοῦλος, ἀλλὰ υἱός

पौलुस यहाँ पर बेटा लफ्ज़ का इस्तेमाल करता है क्योकि यहाँ का मज़मून विरासत है। उसके और उसके पढ़ने वालों की तहज़ीब में हमेशा नहीं लेकिन आमतौर से विरासत बेटे को हासिल होती थी। वह यहाँ बेटी का न तो ख़ास बयान कर रहा है न ही उन्हें इससे बेदख़ल कर रहा है।

οὐκέτι εἶ δοῦλος…καὶ κληρονόμος

पौलुस अपने पढ़ने वालों को ऐसे मुखातिब कर रहा है जैसे कि मानो वे एक ही शख्स हों इसलिए “तुम” यहाँ पर वाहिद है। (देखें :INVALID translate/figs-you)

κληρονόμος

जिन लोगों से खुदा ने वायदे किये थे उनके बारे में ऐसे कहा गया है जैसे कि मानो उन्हें अपने ख़ानदान के फ़र्द से जायदाद और दौलत विरासत में हासिल करना हो। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 4:8

वह बयान बाज़ी वाले सवाल पूछ कर लगातार ग़लतियों को फटकारता रहता है।

पौलुस ग़लतियों के ईमानदारों को फिर याद दिलाता है कि वे यक़ीन के ज़रिये जिन्दा रहने के बज़ाय फिर से ख़ुदा की शरियत के तहत रहने की कोशिश कर रहे हैं।

τοῖς φύσει μὴ οὖσι θεοῖς

वे बातें जो हैं या “रूहें जो हैं“

Galatians 4:9

γνωσθέντες ὑπὸ Θεοῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हे जानते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

πῶς ἐπιστρέφετε πάλιν ἐπὶ τὰ ἀσθενῆ καὶ πτωχὰ στοιχεῖα

यहाँ “वापस फ़िरना“ किसी बात पर फ़िर से रुजू होना शुरू करने का एक मिज़ाजी है। यह दो मुन्फ़ी वाले सवालों में से पहला सवाल है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम्हें कमज़ोर और बेकार बुनियादी उसूलों पर तवज्जो देने शुरू नहीं करना चाहिए”। या “तुम्हें कमज़ोर और बेकार बुनियादी उसूलों की परवाह नहीं करनी चाहिए” (देखे :INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-rquestion)

τὰ ἀσθενῆ καὶ πτωχὰ στοιχεῖα

देखें आपने इस जुमले का तर्जुमा कैसे किया है ग़लतियों 4:3

οἷς πάλιν ἄνωθεν δουλεύειν θέλετε

पौलुस लोगों को ऐसा सलूक करने के लिए फटकारता है जो उन्हें गुलाम जैसा बना देगा। मुताबदिल तर्जुमा: “ऐसा मालूम होता है जैसे कि तुम फिर से गुलाम बनना चाहते हो” या “तुम ऐसे सलूक कर रहे हो जैसे कि तुम फिर से गुलाम बनना चाहते हो।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

οἷς πάλιν ἄνωθεν δουλεύειν θέλετε

यहाँ पर “गुलाम होने“ का मायने कुछ क़ानून क़ायदे या रिवाज़ों को मानने के लिए मज़बूर होने का मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा : “क्या तुम क़ानूनों को मान कर फ़िर से वैसा करना चाहते हो जैसे कोई गुलाम अपने मालिक का हुक्म मानता है?” या “ऐसा लगता है कि तुम फिर से वापस क़ाबू में जाना चाहते हो!” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 4:10

ἡμέρας παρατηρεῖσθε, καὶ μῆνας, καὶ καιροὺς, καὶ ἐνιαυτούς

पौलुस उन्हें कभी कभी कुछ जश्न मनाने में होशियारी रखने के लिए कह रहा है कि वो सोचते हैं कि वह उन्हें ख़ुदा के साथ सही बना देगा। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम नई चाँद और मौसम और सालो को होशियारी से मनाते हो”

Galatians 4:11

εἰκῇ

बेकार हो गए हो या “कोई असर नहीं रहा”

Galatians 4:12

पौलुस ग़लतियों को याद दिलाता है कि जब वह उनके साथ था तो उन्होंने उसके साथ कितने रहम के साथ सलूक किया था, और वह उन्हें होसला अफज़ाई करता है कि जब वह उनके साथ दरमियान में नहीं है तब भी वे उसपर भरोसा रखना जारी रखें।

δέομαι

यहाँ इसका मतलब है मांगना या सख्त गुज़ारिश करना। यह दौलत या खाना या दुन्याबी चीजों को मांगने के लिए इस्तेमाल किया गया लफ्ज़ नहीं है ।

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1:2

οὐδέν με ἠδικήσατε

इसे मुस्बत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुमने मेरे साथ अच्छा सलूक किया” या “जैसे तुम्हें करना चाहिए था तुमने मेरे साथ वैसा ही सलूक किया”

Galatians 4:14

καὶ τὸν πειρασμὸν ὑμῶν ἐν τῇ σαρκί μου

अगरचे तुम्हारे लिए मुझे जिस्मानी तरीक़े से इतना बीमार देखना मुश्किल था।

ἐξουθενήσατε

बहुत ज़यादा नफ़रत करते हैं

Galatians 4:17

ζηλοῦσιν ὑμᾶς

तुम्हें उनके साथ जुड़ने के लिए कायल करने के लिए

ἀλλὰ ἐκκλεῖσαι ὑμᾶς

ताकि तुम्हें हमसे दूर रख सकें या “तुम्हें हमारे लिए वफ़ादार बने रहने से रोक सकें“

αὐτοὺς ζηλοῦτε

जो वो तुम्हें करने को कहते हैं उन्हें करने के लिए गैरत रखते हो

Galatians 4:19

पौलुस ईमानदारों को बताता है कि फ़ज़ल और शरियत एक साथ काम नहीं कर सकते

τέκνα μου

यह शागिर्दों के लिए एक मिज़ाजी है। मुताबादिल तर्जुमा : “तुम जो मेरे वज़ह से शागिर्द हो “(देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

οὓς…ὠδίνω, μέχρις οὗ μορφωθῇ Χριστὸς ἐν ὑμῖν

पौलुस ग़लतियों के लिए अपनी फ़िक़र को बच्चे की पैदाईश के दर्द की तरह बयान करता है। मुताबदिल तर्जुमा: “मैं तुम्हे पैदा करने के लिए उसी तरह दर्द में हूँ जैसे एक औरत होती है, और मैं तब तक दर्द में रहूंगा जब तक मसीह वाक़ई में तुम्हें क़ाबू न करें” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 4:21

λέγετέ μοι

मैं तुम से एक सवाल पूछना चाहता हूँ या “मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ“

τὸν νόμον οὐκ ἀκούετε

पौलुस जो कुछ आगे कहने वाला है उसका तार्रुफ़ दे रहा है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम्हें सीखना होगा कि सही में शरियत क्या कहती है।” या “मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ शरियत सही में क्या कहती है।” (देखें :INVALID translate/figs-rquestion)

Galatians 4:24

पौलुस एक सच का इज़हार करने के लिए एक कहानी शरू करते है---कि शरियत और फ़ज़ल एक साथ नहीं रह सकते।

ἅτινά ἐστιν ἀλληγορούμενα

यह दो बेटों की कहानी वह है जो अब मैं तुम्हें बताउंगा

ἀλληγορούμενα

एक “तख्यौल” एक कहानी है जिसमें लोग और चीजें किसी और को ज़ाहिर करते हैं। पौलुस के तख्यौल में ग़लतियों 4:22 दो औरतें अहदों को इज़हार करतीं हैं।

αὗται…εἰσιν

औरतों की तस्वीर हैं

Ὄρους Σινά

सीने पहाड़ का जो यहाँ पर उस शरियत के लिए मिजाजे मार्सल है जो मूसा ने इस्राएलयों को वहाँ पर दी थी। मुताबदिल तर्जुमा : “सीने पहाड़ जहां मूसा ने इस्राएलयों को शरियत दी थी।” (देखें :INVALID translate/figs-synecdoche)

δουλείαν γεννῶσα

पौलुस अहद के बारे में ऐसे सलूक करता है जैसे कि कोई शख्स हो। मुताबदिल तर्जुमा: “उसके तहत जो लोग होते हैं जैसे की गुलाम हो जिन्हें अहद को मानना ही पड़ता है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor औरINVALID translate/figs-personification)

Galatians 4:25

συνστοιχεῖ

का वह एक तस्वीर है

δουλεύει…μετὰ τῶν τέκνων αὐτῆς

हाज़िरा जो एक गुलाम है और उसकी औलद भी गुलाम हैं। मुताबादिल तर्जुमा: “यरूशलेम, हाज़िरा कि तरह, एक गुलाम और उसके साथ उसकी औलाद भी गुलाम हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 4:26

ἐλευθέρα ἐστίν

पाबन्दी में नहीं या “गुलाम नहीं”

Galatians 4:27

εὐφράνθητι

ख़ुश रहो

στεῖρα…ἡ οὐκ ὠδίνουσα

यहाँ पर “तुम” बाँझ औरत को बयान करता है और वाहिद है। (देखे:INVALID translate/figs-you)

Galatians 4:28

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1:2

ἐπαγγελίας τέκνα

मुमकिन मायने है कि ग़लतियों ख़ुदा की औलद बन चुके है 1 ) ख़ुदा के वायदों पर यक़ीन करने के ज़रिये या 2) ख़ुदा ने अब्राहम के लिये अपने वायदों को पूरा करने के लिए, पहले उसने अब्राहम को एक बेटा दिया ओर फ़िर ग़लतियों को अब्राहम की औलाद और इस तरह ख़ुदा की औलद बनाकर, मोजज़ा किया।

Galatians 4:29

κατὰ σάρκα

यह अब्राहम के ज़रिये हाज़िरा को अपनी बीबी बनाने और इस्माएल का बाप बनने के बारे में है। मुताबदिल तर्जुमा: “इंसानी कामों के ज़रिया” या “जो कुछ लोगो ने किया उसके ज़रिये” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

κατὰ Πνεῦμα

जो कुछ रूह ने किया उसकी वज़ह से

Galatians 4:31

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है।ग़लतियों 1:2

ἀλλὰ τῆς ἐλευθέρας

“हम औलाद हैं” इन लफ़्ज़ों को पिछले जुमलों से समझा जा सकता है। इसको एक अलग जुमले से समझा जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “इसके बज़ाय, हम आज़ाद औरत की औलाद हैं” (देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)

Galatians 5

ग़लतियों 05 आम अलामते

ढांचा और तरतीब

पौलुस मूसा कि शरियत के बारे में इस तरह लिखना ज़ारी रखता है जैसे कि वह लोगों को ज़ाल में फ़ासाता हो और किसी को अपना गुलाम बनाता हो। (देखें :शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

इस बाब की ख़ास तसव्वरात

रूह के फ़ल

जुमला “रूह के फ़ल’ वाहिद नहीं है, अगरचे इसमें कई बातों की एक फेहरिस्त की शुरुवात होती है। तर्जुमेकार के लिए अगर मुमकिन हो तो इसको वाहिद में इस्तेमाल करें। (देखें :फल, फलों, फलदार, बेफल ) इस बाब के ख़ास अंदाज़े बयान

मिशालें

पौलुस अपनी बातों को रखने और पेचीदा मुद्दों को समझने में मदद के लिए इस बाब में कई मिज़ाजी का इस्तेमाल करता है। (देखे:INVALID translate/figs-metaphor)

इस बाब में तर्जुमें के दूसरे मुमकिन मुश्किलें

“तुम मसीह से अलग कर दिए गये, तुम जो शरियत के ज़रिये रास्तबाज़ ठहराये जाओगे; तुम कभी भी फ़ज़ल का तज़ुर्बा नहीं करते।”

कुछ आलिम सोचतें हैं कि पौलुस यह तालीम दे रहा था कि ख़तना करवाने से एक शख्स अपना नज़ात खो देता है। दूसरे आलिम सोचते हैं कि पौलुस का मतलब यह था कि जो शख्स ख़ुदा के साथ सही होने के लिए शरियत को मानता है वह फ़ज़ल के ज़रिये नज़ात पाने से दूर रहेगा। (देखें :फ़ज़ल, फ़ज़ल करने वाला )

Galatians 5:1

पौलुस तख्युल का इस्तेमाल करने के ज़रिये ईमानदारों को मसीह में अपनी आज़ादी की इस्तेमाल करने की याद दिलाता है क्योकि अपने पड़ोसियों को अपने जैसे मुहब्बत करने में सभी शरियत पूरी हो जाती है।

τῇ ἐλευθερίᾳ, ἡμᾶς Χριστὸς ἠλευθέρωσεν

बात यह है कि हम आज़ाद हो सकते हैं क्योंके मसीह ने हमें आज़ाद किया है। इसमें यह बात लागू होती है कि मसीह ईमानदारों को पुराने अहद से आज़ाद करता है। यहाँ पुराने अहद से आज़ादी पाने के लिए मज़बूर न होने का एक मिज़ाजी है। मुताबादिल तर्जुमा: “मसीह ने हमें पुराने अहद से आज़ाद किया ताकि हम आज़ाद हो सकें” या “मसीह ने हमें इसलिए आज़ाद किया ताकि हम आज़ाद लोगों की तरह रह सकें” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)और INVALID translate/figs-metaphor)

στήκετε

पुर अज़म से खड़े रहना यहाँ पर न बदलने के लिए इरादा को इज़हार करता है। उन्हें कैसे नहीं बदलना है यह साफ़ बताया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “जो लोग कुछ अलग तालीम देने के लिए हैं उनसे बहस न करो” या “आज़ाद रहने के लिए पुरअज़म रहो” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ πάλιν ζυγῷ δουλείας ἐνέχεσθε

यहाँ पर किसी जुए के तहत होना शरियत को मानने की बेबसी को इज़हार करता है। मुताबदिल तर्जुमा: “शरियत की गुलामी के जुए के तहत जैसे ज़िन्दगी मत जिओ” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)और INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 5:2

ἐὰν περιτέμνησθε

पौलुस ख़तने को यहूदी रस्म के एक बयान की तरह इस्तेमाल कर रहा है। मुताबादिल तर्जुमा: “अगर तुम यहूदी मज़हब कि तरफ़ मुड़ जाओ” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

Galatians 5:3

μαρτύρομαι δὲ

मैं ऐलान करता हूँ या “मैं एक गवाह के तौर पर ख़िदमत करता हूँ”

παντὶ ἀνθρώπῳ περιτεμνομένῳ

पौलुस ख़तने को यहूदी होने के इल्म-ए –बयान के तरह इस्तेमाल कर रहा है। मुताबदिल तर्जुमा: “हर शख्स के लिए जो एक यहूदी बन गया है” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

ὀφειλέτης ἐστὶν…ποιῆσαι

उसे हुक्म मानना चाहिए

Galatians 5:4

κατηργήθητε ἀπὸ Χριστοῦ

यहाँ पर “हट जाना” मसीह से अलग होने का एक मिजाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुमने मसीह के साथ अपने रिश्ते ख़तम कर लिये” या “तुम मसीह से जुड़े हुए नहीं रहे” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

οἵτινες ἐν νόμῳ δικαιοῦσθε

पौलुस यहाँ पर तंज़ के तरह से बात कर रहा है। वह सही में यह सिखा रहा है कि कोई भी शरियत के कामों को करने के ज़रिये रास्तबाज़ नहीं ठहराया जा सकता। मुताबादिल तर्जुमा: “तुम सब जो यह सोचते हो कि शरियत के कामों को करने के ज़रिये रास्तबाज़ ठहराए जा सकते हो” या “तुम जो शरियत के ज़रिये रास्तबाज़ ठहरना चाहते हो” (देखें :INVALID translate/figs-irony)

τῆς χάριτος ἐξεπέσατε

फ़ज़ल किसके तरफ़ से आती है इसे साफ़ तरह से बताया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हारे लिए फ़ज़ल करने वाले नहीं रहेगें” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 5:5

यहाँ पर “हम” लफ्ज़ पौलुस और उन लोगों के लिए बयान किया गया है जो मसीहियों के ख़तने के ख़िलाफ़ हैं। वह शायद ग़लतियों को शामिल का रहे हैं। (देखें :INVALID translate/figs-inclusive)

γὰρ Πνεύματι

यह पाक़ रूह के ज़रिये है

ἡμεῖς…ἐκ πίστεως ἐλπίδα δικαιοσύνης ἀπεκδεχόμεθα

मुमकिन मायने हैं 1 ) “हम रास्बाज़ी की उम्मीद के लिए इंतज़ार कर रहे हैं” या 2 ) “हम उस रस्तबाज़ी की उम्मीद से इंतेज़ार कर रहे हैं जो यक़ीन के ज़रिये आती है।”

ἡμεῖς…ἐλπίδα δικαιοσύνης ἀπεκδεχόμεθα

हम सब्र से और जोश व खरोश के साथ इंतेज़ार कर रहे हैं कि ख़ुदा हमें अपने साथ हमेशा के लिए सही रिश्तों में रखे, और हम उससे ऐसा करने की उम्मीद करते हैं।

Galatians 5:6

οὔτε περιτομή…οὔτε ἀκροβυστία

यह एक यहूदी होने या गैर-यहूदी होने के लिए इल्म –ए- बयान हैं। मुताबदिल तर्जुमा: ना तो यहूदी होना ना ही यहूदी न होना” (देखें :INVALID translate/figs-metonymy)

ἀλλὰ πίστις δι’ ἀγάπης ἐνεργουμένη

अगरचे, ख़ुदा को हमारे उससे तालुक़ यक़ीन का फ़िक्र है, जिसका इज़हार हम दूसरों से मुहब्बत करने के ज़रिये करते हैं

τι ἰσχύει

यह कारामद है

Galatians 5:7

ἐτρέχετε

जो यीशु ने तालीम दी तुम वही कर रहे थे

Galatians 5:8

ἡ πεισμονὴ οὐκ ἐκ τοῦ καλοῦντος ὑμᾶς

जो तुम को ऐसा करने के लिए क़ायल करता है वह ख़ुदा नहीं है, वह जो तुम को बुलाते हैं

τοῦ καλοῦντος ὑμᾶς

वह उन्हें क्या होने के लिए बुलाता है इसे साफ़ बताया जा सकता है। मुताबादिल तर्जुमा: “वह जो तुम्हे अपने लोग होने के लिए बुलाता है” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

πεισμονὴ

किसी को क़ायल करने का मायने है उस शख्स को अपने ख़ुद की यक़ीन से बदल कर उसके ज़रिये अलग तरह से सलूक करवाना

Galatians 5:10

οὐδὲν ἄλλο φρονήσετε

जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ उससे अलग तुम कुछ भी यक़ीन नहीं करोगे

ὁ δὲ ταράσσων ὑμᾶς, βαστάσει τὸ κρίμα

जो तुम्हें परेशान कर रहा है ख़ुदा उसे सज़ा देगा

ταράσσων ὑμᾶς

सही क्या है इसके बारे में जो तुमको ग़ैर यक़ीनी बना रहा है या “तुम्हारे दरमियान परेशानी को बढ़ाता है”

ὅστις ἐὰν ᾖ

मुमकिन मायने हैं 1 ) पौलुस उन लोगों के नाम नहीं जानते हैं जो ग़लतियों को यह कह रहे थे कि उन्हें मूसा की शरियत को मानना ज़रुरी है या 2 ) पौलुस नहीं चाहता था कि ग़लतिया के लोग इस बात की परवाह करें कि जो लोग उन्हें “उलझन” में डालते हैं वे ग़रीब या अमीर या अज़ीम या छोटे या रास्तबाज़ या रास्तबाज़ नहीं हैं।

Galatians 5:11

ἐγὼ δέ, ἀδελφοί, εἰ περιτομὴν ἔτι κηρύσσω, τί ἔτι διώκομαι

पौलुस ऐसे हालात को बयान कर रहे हैं जो इस बात पर ज़ोर देने के लिए नहीं है कि लोग उसे इसलिए सता रहे हैं कि वह ये पैग़ाम नहीं दे रहा है कि लोगों को यहूदी बनना ज़रुरी है। इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “भाईयों, तुम देख सकते हो मैं अभी भी ख़तने का पैग़ाम नहीं दे रहा हूँ जबकि यहूदी लोग मुझे सता रहे हैं।” (देखे:INVALID translate/figs-rquestionऔर INVALID translate/figs-hypo)

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1;2

ἄρα κατήργηται τὸ σκάνδαλον τοῦ σταυροῦ

पौलुस एक ऐसे हालत का बयान का रहा है जो इस बात पर जोर देने के लिए नहीं है कि लोग उसे इसलिए सता रहे हैं कि वह यह पैग़ाम दे रहा है कि ख़ुदा सलीब पर यीशु के ज़रिये किये गये काम के वज़ह लोगों को मुआफ़ करता है।

ἄρα

अगर मैं अभी भी कह रहा था कि लोगों को यहूदी बनने की ज़रूरत है

κατήργηται τὸ σκάνδαλον τοῦ σταυροῦ

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “सलीब के बारे में जो तालीम है उसमे कोई ठोकर का पत्थर नहीं है” या “सलीब की तालीम में कुछ भी ऐसा नहीं है जो लोगों को ठोकर खिलाएं” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

κατήργηται τὸ σκάνδαλον τοῦ σταυροῦ

ठोकर गुनाह को बयान करता है, और ठोकर का पत्थर उसे इज़हार करता है जो लोगों से गुनाह करवाता है। अगर इस सूरत में गुनाह इस सच्ची तालीम को इंकार करता है कि यीशु सलीब पर हमारे लिए मरे सिर्फ़ इसी पर यक़ीन करने के ज़रिये हम ख़ुदा के साथ सही रिश्ते में ज़ोड़ दिए गये। मुताबादिल तर्जुमा: “इस सलीब के बारे में वह तालीम जो लोगों से सच का इंकार करवाती है उसे हटा दिया गया है” या “यीशु सलीब पर मरा इस तालीम में ऐसा कुछ भी नहीं है जो लोगों से इस तालीम का इंकार करवाए” (देखें :INVALID translate/figs-metaphorऔर INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 5:12

ἀποκόψονται

मुमकिन मायने हैं 1 ) लफ्जी तौर पर, अपने शर्मगाह को काट दे ताकि ख़ोजे बन जाये या 2 )इस्तिआरे के तौर पर, मसीही बरादरी से पूरी तरह से अलग हो जाना। (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 5:13

γὰρ

पौलुस यहाँ अपने लफ़्ज़ों के लिए वज़ह दे रहा है ग़लतियों 5;12

ὑμεῖς…ἐπ’ ἐλευθερίᾳ ἐκλήθητε

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “मसीह ने तुम्हें आज़ादी के लिए बुलाया है” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

ὑμεῖς…ἐπ’ ἐλευθερίᾳ ἐκλήθητε

यह लागू हुआ है कि मसीह ने ईमानदारों को पुरानी अहद से आज़ाद कर दिया है। यहाँ पुरानी अहद से आज़ादी उसे मानने के लिए मज़बूर न होने का एक मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम्हें पुरानी अहद से आज़ादी के लिए बुलाया था” या “मसीह ने तुम को इसलिए चुना कि तुम पुरानी अहद के लिए मज़बूर न हो” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1;2

ἀφορμὴν τῇ σαρκί

मौक़ा और गुनाहगार फ़ितरत की वज़ह के दरमियाँ रिश्ते को और ज्यादा साफ़ तरीके से बताया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “अपने गुनाहगार फ़ितरत के वज़ह से सलूक करने के लिए तुम्हारे पास एक मौक़ा” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

Galatians 5:14

ὁ…πᾶς νόμος ἐν ἑνὶ λόγῳ πεπλήρωται

मुमकिन मायने हैं 1 )”आप पूरे शरियत को एक हुक्म में बता सकते हैं, जो यह है” या 2 ) “एक हुक्म को मानने के ज़रिये आप तमाम हुकमों को मानते हो, और वह एक हुक्म यह है।”

ἀγαπήσεις τὸν πλησίον σου ὡς σεαυτόν

“तुम” “तुम्हारा” और “तुम्हीं” ये सब लफ्ज़ वाहिद हैं। (देखें :INVALID translate/figs-you)

Galatians 5:16

पौलुस बयान करता है कि रूह गुनाह पर कैसे क़बू करता है।

Πνεύματι περιπατεῖτε

चलना जीने के लिए एक मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “अपनी ज़िन्दगी को पाक रूह की ताक़त में चलाएं” या “अपनी ज़िंदगी को रूह की इन्हासार में जिएं” (देखे:INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπιθυμίαν σαρκὸς οὐ μὴ τελέσητε

“किसी की ख़वाहिश को पूरा करना” जुमला एक मुहावरा है जिसकी मायने हैं “कोई जो चाहता है उसे करे।” मुताबदिल तर्जुमा: “तुम वह नहीं करोगे जो तुम्हारी गुनाहग़ार ख्वाहिश चाहती है” (देखें :INVALID translate/figs-idiom)

ἐπιθυμίαν σαρκὸς

गुनाग़ार फ़ितरत को इस तरह बताया गया है जैसे कि वह कोई शख्स हो जो गुनाह करना चाहता है। मुताबदिल तर्जुमा: “तुम अपने गुनाहग़ार फ़ितरत कि वज़ह से क्या करना चाहते हो” या गुनाहग़ार होने कि वज़ह तुम क्या करना चाहते हो” (देखें :INVALID translate/figs-personification)

Galatians 5:18

οὐκ…ὑπὸ νόμον

मूसा की शरियत को मानने के लिए मज़बूर नहीं

Galatians 5:19

τὰ ἔργα τῆς σαρκός

क़यासी इस्म “कामों” को फ़अल “करता है” में तर्जुमा किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “गुनाहग़ार फ़ितरत क्या करता है”

τὰ ἔργα τῆς σαρκός

गुनाहग़ार फ़ितरत को ऐसे बताया है जैसे कि वह कोई शख्स हो जो कि कामो को करता है। मुताबदिल तार्जुमा: “लोग अपने गुनाहग़ार फ़ितरत के वज़ह से क्या करते हैं” या “वे काम जो लोग गुनाहग़ार होने के वज़ह से करते हैं” (देखे:INVALID translate/figs-personification)

Galatians 5:21

κληρονομήσουσιν

जो वायेदे ख़ुदा ने ईमानदारों को दियें हैं उन्हें हासिल करने के बारे में ऐसे बताया गया है जैसे कि अपने ख़ानदान के किसी फ़र्द से कोई जायदाद और दौलत विरासत में हासिल करे। (देखे:INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 5:22

ὁ…καρπὸς τοῦ Πνεύματός ἐστιν ἀγάπη…πίστις

“फ़ल” यहाँ पर “नतीज़े” या “अंज़ाम” के लिए एक मिज़ाजी है। मुताबदिल तर्जुमा: “रूह जो पैदा करता है वह मुहब्बत...यक़ीन है” या “रूह ख़ुदा के लोगों में मुहब्बत ...पैदा करता है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 5:23

πραΰτης…ἐνκράτεια

“रूह का फ़ल” की फेरिस्त जो “मुहब्बत, ख़ुशी, इत्मीनान,” लफ्ज़ से शरू होती है वह यहाँ ख़त्म होती है। “फ़ल” यहाँ पर “नतीज़े” या “अंज़ाम” के लिए एक मिज़ाजी है। मुताबादिल तर्जुमा: “रूह जो पैदा करता है वह है मुहब्बत, ख़ुशी, इत्मीनान ... हिल्मी ... परहेज़गारी” या “रूह ख़ुदा के लोगों में मुहब्बत, ख़ुशी, इत्मीनान ... हिल्मी ... परहेज़गारी पैदा करता है” (देखे:INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 5:24

τὴν σάρκα ἐσταύρωσαν σὺν τοῖς παθήμασιν καὶ ταῖς ἐπιθυμίαις

पौलुस उन मसीहियों की बात करता है जो अपने गुनाहग़ार फ़ितरत की मुताबिक़ जीने से इस तरह से इन्कार करते हैं जैसे कि वह कोई शख्स हो और उन्हें उसे एक सलीब पर मार डाला हो। मुताबदिल तर्जुमा: “गुनाहग़ार फ़ितरत की मंसूबे और ख़वाहिश में जीने से ऐसे इन्कार कर देना जैसे कि उन्हें सलीब पर मार डाला गया हो” (देखें :INVALID translate/figs-personificationऔर INVALID translate/figs-metaphor)

τὴν σάρκα…σὺν τοῖς παθήμασιν καὶ ταῖς ἐπιθυμίαις

गुनाहग़ार फ़ितरत को इस तरह से बताया गया है जैसे कि वह एक शख्स हो जिसमें मंसूबे और ख़वाहिशें हों। मुताबादिल तर्जुमा: “उनका गुनाहग़ार फ़ितरत, और उसकी वज़ह से जो काम वे मज़बूती से करना चाहते हैं (देखें :INVALID translate/figs-personification)

Galatians 5:25

εἰ ζῶμεν Πνεύματι

क्योकि ख़ुदा की रूह हमें जिन्दा रखती है

Πνεύματι…στοιχῶμεν

चलना यहाँ पर हर दिन जीने के लिए एक मिज़ाजी है। मुताबादिल तर्जुमा : “पाक़ रूह को इज़ाजत दें कि वह हमें अगवाई करें ताकि हम वे काम कर सकें जो ख़ुदा को ख़ुश करते और इज्ज़त देते हैं” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

Galatians 5:26

γινώμεθα

हमें चाहिए

Galatians 6

ग़लतियों 6 आम अलामतें

ढांचा और तरतीब

यह बाब पौलुस के ख़त का खात्मा करता है। उसके आख़री लफ्ज़ कुछ उन मुद्दों को बयान करते हैं जो उसके बाक़ी ख़त से मुत्तसिल मअलूम नहीं होते।

भाईयो

पौलुस यहाँ पर इस बाब में अपनी बात मसीही लोगों के लिए लिख रहा हैं। वह मसीही भाईयों के मुतालिक़ हैं न की उसके यहूदी भाईयों के मुतालिक़ में

इस बाब के ख़ास तसव्वुरात

नई तख़लीक़

जिन लोगों की नयी पैदाइश हुई हैं वे मसीह में नयी तख़लीक़ हैं। मसीही लोगो को मसीह में नयी ज़िन्दगी दिया गया है। मसीह में ईमान लाने के बाद उनके अंदर एक नई फितरत है। पौलुस के लिए, यह एक शख्स की ख़ानदान से ज्यादा ख़ास है। (देखें :दुबारा पैदा होना, ख़ुदावन्द में पैदाइश, नई पैदाईश और ईमान )

इस बाब के दूसरे मुमकिन तर्जुमे की मुश्किलें

जिस्म

यह एक पेचीदा मसला है। “जिस्म” “रूह” के ख़िलाफ़ है। इस बाब में, बदन को दुन्याबी बदन के मुतालिक़ में इस्तेमाल किया गया है। (देखें :गोश्त और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना और रूह , रूहें , रूहानी )

Galatians 6:1

पौलुस ईमानदारों को तालीम देता है कि उन्हें दूसरे ईमानदारों के साथ कैसा सलूक करना चाहिए और ख़ुदा कैसे इनआम देते हैं।

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1:2

ἐὰν…ἄνθρωπος

अगर तुम में से कोई

ἐὰν καὶ προλημφθῇ ἄνθρωπος ἔν τινι παραπτώματι

मुमकिन मायने हैं 1)कोई दूसरा शख्स उस शख्स को काम में मुलविश पाता है। मुताबदिल तर्जुमा: “अगर कोई गुनाह के काम में मुलविश पाया जाता है” या 2 ) वह शख्स न करने की ख़वाहिश से गुनाह कर देता है। मुताबदिल तर्जुमा: “अगर कोई जान बूझकर गुनाह करता है”

ὑμεῖς, οἱ πνευματικοὶ

तुम में से जो रूह से हिदायत किये हुए हो या “जो रूह की अगवाई में जीते हैं”

καταρτίζετε τὸν τοιοῦτον

जिस शख्स ने गुनाह किया है उसे दुरुस्त करें या “जिस शख्स ने गुनाह किया है उसकी होसला अफज़ाई करें कि वह ख़ुदा के साथ सही रिश्ते में वापस आ जाए”

ἐν πνεύματι πραΰτητος

मुमकिन मायने है 1 ) जो शख्स सुधार ज़ाहिर करता है तो पाक रूह उसे हिदायत कर रहा है या 2) “नर्म मिज़ाजी के साथ” या “रहम दिली तरीके से।”

σκοπῶν σεαυτόν

ये लफ्ज़ ग़लतियों के साथ ऐसे सलूक करते हैं जैसे कि वे सब एक शख्स हों ताकि वह इस बात पर ज़ोर दे सके कि वह उनमें से हर एक से बात कर रहा है। मुताबदिल तर्जुमा: “अपना ख़याल रखें” या “मैं तुम सब से कहता हूँ, ‘अपना ख़याल रखो’” (देखें :INVALID translate/figs-you)

μὴ καὶ σὺ πειρασθῇς

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “ताकि तुम्हें भी कोई बात गुनाह करने के लिए आज़माइश में न डाले”(देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

Galatians 6:3

εἰ γὰρ

क्योंके अगर। आगे के लफ्ज़ बताते हैं कि ग़लतियों को क्यों चाहिए 1 ) “एक दूसरे का बोझ उठाना” (ग़लतियों 6:2 ) चौकस रहो के वो खुद आजमाईश में न पड़े हों (ग़लतियों 6:1) या 3 ) “घमंडी न हों”(ग़लतियों 5:26 )।

εἶναί τι

वह बहुत ख़ास है या “वह दूसरों से अफज़ल है”

μηδὲν ὤν

वह ख़ास नहीं है या “वह दूसरों से अफज़ल नहीं है”

Galatians 6:4

δοκιμαζέτω ἕκαστος

हर शख्स को चाहिए

Galatians 6:5

ἕκαστος…τὸ ἴδιον φορτίον βαστάσει

हर शख्स का इंसाफ उसके ख़ुद के कामों के ज़रिये किया जाएगा या “हर शख्स अपने ख़ुद के कामों के लिए ही ज़िम्मेदार होगा”

ἕκαστος…βαστάσει

हर शख्स होगा

Galatians 6:6

ὁ κατηχούμενος

वह शख्स उसके साथ है जो उसे तालीम देता है

τὸν λόγον

पैग़ाम, सब बात जो ख़ुदा ने कहीं या हुक्म दी

Galatians 6:7

ὃ γὰρ ἐὰν σπείρῃ ἄνθρωπος, τοῦτο καὶ θερίσει

पौधा रोपना इज़हार करता है कि कुछ ऐसा करना जिससे कुछ अंज़ाम निकलता हो और इकठ्ठा करना जो किया गया है उसके नतीज़े को तजुर्बा करने को इज़हार करता है। मुताबदिल तर्जुमा: “ठीक जैसे एक किसान जिन बीज़ को वो बोता है उनके फ़लों में से इकठ्ठा करता है,उसी तरह हर एक शख्स जो कुछ करता है उसी के नतीज़ों को पाता है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

ὃ γὰρ ἐὰν σπείρῃ ἄνθρωπος

पौलुस यहाँ पर ख़ास तरीक़े से मर्दों को नहीं कह रहा है। मुताबादिल तर्जुमा: “जो कुछ एक शख्स बोता है” या “कोई भी जो कुछ बोता है” (:INVALID translate/figs-gendernotations)

Galatians 6:8

ὁ σπείρων εἰς τὴν σάρκα ἑαυτοῦ

बीज़ बोना ऐसे कामों को करने का मिज़ाजी है जिसके नतीज़े बाद में होते हैं। इस मामले में, शख्स अपने गुनाहग़ार फ़ितरत की वज़ह से गुनाह के कामों को कर रहा है। मुताबदिल तर्जुमा: “अपने गुनाहग़ार फ़ितरत की वज़ह वह जो चाहता है उसके मुताबिक बोटा है” या “अपने गुनाहग़ार फ़ितरत के वज़ह वह वही कामों को करता है जो वह करना चाहता है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

θερίσει φθοράν

ख़ुदा उस शख्स को सज़ा देंगे इसे ऐसे बताया गया है जैसे शख्स फ़सल काट रहा हो। मुताबदिल तर्जुमा: “जो कुछ उसने किया उसके लिए सज़ा पायेगा” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

σπείρων εἰς…τὸ Πνεῦμα

बीज़ बोना ऐसे कामों को करने की मिज़ाजी है जिसके नतीज़े बाद में होते हैं। इस मामले में, शख्स अच्छे कामों को कर रहा है क्योकि वह ख़ुदा की रूह की सुन रहा है। मुताबदिल तर्जुमा: “वो वह काम करता है जिन्हें ख़ुदा की रूह मुहब्बत करता है” (देखें :INVALID translate/figs-metaphor)

ἐκ τοῦ Πνεύματος θερίσει ζωὴν αἰώνιον

ख़ुदा की रूह से इनआम के तौर पर हमेशा की ज़िन्दगी पायेंगें

Galatians 6:9

τὸ δὲ καλὸν ποιοῦντες, μὴ ἐνκακῶμεν

हमें अच्छाई करते रहना चाहिए

τὸ δὲ καλὸν ποιοῦντες

दूसरों कि भलाई करना उनकी खैरियत के लिए

καιρῷ γὰρ ἰδίῳ

क्योकि सही वक़्त पर या “क्योकि जो ख़ुदा ने चुना है उस वक़्त पर”

Galatians 6:10

ἄρα οὖν

इसके नतीज़े के तहत या “इसकी वज़ह से”

μάλιστα δὲ πρὸς τοὺς οἰκείους

सबसे ज्यादा ... उनके लिए या “ख़ास तरह से ...उनके लिए”

τοὺς οἰκείους τῆς πίστεως

जो लोग मसीह में यक़ीन के वज़ह खुदा के ख़ानदान के फ़र्द हैं

Galatians 6:11

जब पौलुस इस ख़त को ख़त्म करता है तो वह एक बार फ़िर से याद दिलाता है कि शरियत से नज़ात नहीं मिलता और उन्हें मसीह की सलीब को याद रखना चाहिए।

πηλίκοις…γράμμασιν

इसका मतलब यह है हो सकता है कि पौलुस इन बातों पर ज़ोर देना चाहता है 1 ) वह जुमला जो आगे आने वाला है या 2) कि यह ख़त उसकी तरफ़ से आया है।

τῇ ἐμῇ χειρί

मुमकिन मायने हैं 1 ) पौलुस का शायद कोई मददगार था जिसने जैसा पौलुस ने लिखने के लिए कहा वैसा ही लिखा, लेकिन पौलुस ने ख़त का यह आख़री हिस्सा ख़ुद लिखा या 2 ) पूरा ख़त ही पौलुस ने लिखा है।

Galatians 6:12

εὐπροσωπῆσαι

ताकि दूसरे लोग उनके बारे में अच्छा सोच सकें या “ताकि दूसरे लोग सोचे कि वे अच्छे लोग हैं”

ἐν σαρκί

दिखाई देने वाले सबूत के ज़रिये या “अपने ख़ुद की कोशिश के ज़रिये”

οὗτοι ἀναγκάζουσιν

ज़ोर देना या “गहरा असर डालना”

μόνον ἵνα τῷ σταυρῷ τοῦ Χριστοῦ Ἰησοῦ μὴ διώκωνται

ताकि यहूदी उन्हें यह दावा करने के लिए न सताए कि सिर्फ़ मसीह की सलीब ही है जो लोगों को नज़ात देता है

τῷ σταυρῷ

मसीह सलीब पर मरा तो उसने हमारे लिए जो किया सलीब उसको इज़हार करता है। मुताबदिल तर्जुमा: “जो काम यीशु ने सलीब पर किया” या “यीशु की मौत और फ़िर से जिन्दा होना” (देखे:INVALID translate/figs-metonymy)

Galatians 6:13

θέλουσιν

जो लोग तुम से बहस करते हैं कि ख़तना कराओ वे चाहते हैं

ἵνα ἐν τῇ ὑμετέρᾳ σαρκὶ καυχήσωνται

ताकि वे इस बात का घमंड कर सकें कि उन्हेंने तुम्हे उन लोगों में शामिल कर लिया जो शरियत को पूरा करने की कोशिश करते हैं

Galatians 6:14

ἐμοὶ δὲ, μὴ γένοιτο καυχᾶσθαι, εἰ μὴ ἐν τῷ σταυρῷ

मैं सलीब के आलावा और किसी भी बात में घमंड नहीं करना चाहता या “मैं सिर्फ़ सलीब पर घमंड करूं”

ἐμοὶ…κόσμος ἐσταύρωται

इसे फ़’आल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुताबदिल तर्जुमा: “मैं दुनिया के बारे में ऐसे सोचता हूँ जैसे कि वह पहले ही मरा हुआ हो” या “मैं दुनियां को ऐसे समझता हूँ जैसे वह मुज़रिम हो जिसे ख़ुदा ने एक सलीब पर मार डाला हो” (देखें :INVALID translate/figs-activepassive)

κἀγὼ κόσμῳ

अलफ़ाज़ “मस्लूब किये गए” इससे पहले आने वाले जुमलों के ज़रिये समझे गए हैं। मुताबदिल तर्जुमा: “और मैं दुनिया के लिए सलीब पर चढ़ाया गया हूँ” (देखें :INVALID translate/figs-ellipsis)

κἀγὼ κόσμῳ

मुमकिन मायने हैं 1 ) “दुनियां मेरे बारे में ऐसे सोचता है जैसे कि मैं पहले से मरा हुआ हूँ” या 2 ) “दुनियां मुझसे ऐसे सलूक करती है जैसे की मैं कोई मुज़रिम हूँ और ख़ुदा ने मुझे सलीब पर मार डाला हो”

κόσμος

मुमकिन मायने हैं 1 ) दुनिया, के वे लोग जो ख़ुदा की बिलकुल भी परवाह नहीं करते 2 ) वह चीज़ें जो वे लोग जो ख़ुदा की बिलकुल परवाह नहीं करते हैं सोचते हैं कि वे ख़ास हैं।

Galatians 6:15

τὶ ἐστιν

यह ख़ुदा के लिए ख़ास है

καινὴ κτίσις

मुमकिन मायने हैं 1 ) यीशु मसीह में एक नये ईमानदार की नयी ज़िन्दगी।

Galatians 6:16

εἰρήνη ἐπ’ αὐτοὺς, καὶ ἔλεος, καὶ ἐπὶ τὸν Ἰσραὴλ τοῦ Θεοῦ

मुमकिन मायने हैं 1 ) आम तरह से ईमानदार लोग ख़ुदा का इस्राएल हैं या 2 ) “ख़ुदा की सुकून और रहम दूसरे क़ौमो के ईमानदारों और ख़ुदा के इस्राएल पर बनी रहे” या 3 ) “जो लोग नियमों को मानते हैं, उन पर सुकून बनी रहे, और ख़ुदा के इस्राएल पर भी रहम बनी रहे।”

Galatians 6:17

τοῦ λοιποῦ

इसका मायने “आख़री में” भी हो सकता है या “अपने ख़त को ख़त्म करते हुए।”

κόπους μοι μηδεὶς παρεχέτω

मुमकिन मायने हैं 1 ) पौलुस ग़लतियों को हुक्म दे रहा है कि वे उसे परेशान न करे, “मैं तुम्हें यह हुक्म दे रहा हूँ: मुझे परेशान मत करो”, या 2 ) पौलुस ग़लतियों को कह रहा है कि वह सब लोगों को यह हुक्म दे रहा है उसे परेशान न करें”, या 3 ) पौलुस एक ख़वाहिश ज़ाहिर कर रहा है, “मैं नहीं चाहता कि कोई मुझे परेशान करें।”

κόπους μοι

मुम्किम मायने हैं 1 ) “इन मुद्दों पर मुझसे बात करो” या 2 ) “मेरी मुश्किलों की वज़ह बनते हो” या “मुझे मुश्किल काम देते हो।”

ἐγὼ γὰρ τὰ στίγματα τοῦ Ἰησοῦ ἐν τῷ σώματί μου βαστάζω

ये निशान उन लोगों के ज़रिये दिए गये ज़ख्म थे जिन्होंने पौलुस को पीटा क्योकि वे यह पसंद नहीं करते थे कि वह यीशु के बारे में तालीम दे। मुताबादिल तर्जुमा: ”क्योकि मेरे जिस्म के ज़ख्म की निशान यह इज़हार करते हैं कि मैं यीशु की ख़िदमत करता हूँ”

Galatians 6:18

ἡ χάρις τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ, μετὰ τοῦ πνεύματος ὑμῶν

मैं यह दुआ करता हूँ कि ख़ुदावन्द यीशु तुम्हारी रूह के लिए रहम करें

ἀδελφοί

देखें आपने इसे कैसे तर्जुमा किया है ग़लतियों 1:2