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1 Thessalonians

1 Thessalonians front

1 थिस्सलुनीकियों का तार्रुफ़

हिस्सा 1: आम तार्रुफ़

1 थिस्सलुनीकियों के किताब का ख़ाका
  1. मुबारकबाद (1:1)
  2. थिस्सलुनीके के मसीहियों के लिए शुक्रगुज़ारी की दुआ (1:2-10)
  3. थिस्सलुनीके में पौलुस की ख़िदमत (2:1-16)
  4. उनकी रूहानी तरक्की के वास्ते पौलुस के ख़दशात
  5. एक माँ की मानिन्द (2:7)
  6. एक बाप की मानिन्द (2:11)
  7. पौलुस तीमुथियुस को थिस्सलुनीकियों के पास भेजता है और तीमुथियुस वापस पौलुस को इत्तिला करता है (3:1-13)
  8. अमली हिदायात
  9. ख़ुदा को ख़ुश करने के लिए जियें (4:1-12)
  10. मरने वालों की बाबत तसल्ली (4:12-18)
  11. मसीह की वापसी ख़ुदातरस ज़िन्दगी बसर करने का सबब है (5:1-11)
  12. आख़िरी बरकात, शुक्रें, और दुआएं (5:12-28)
1 थिस्सलुनीकियों किसने लिखा? 1 थिस्सलुनीकियों पौलुस ने लिखा। वह तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। एक मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यीशु की बाबत बताते हुए कई दफा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।

पौलुस ने यह ख़त कुरिन्थुस में रहने के दौरान लिखा। पौलुस के तमाम ख़तूत जो बाइबिल में हैं, कई उलेमा का ख्याल है के 1 थिस्सलुनीकियों पौलुस का लिखा हुआ पहला ख़त है।

थिस्लुनीकियों की किताब किस बारे में है?

पौलुस ने यह ख़त थिस्सलुनीके के ईमानदारों के लिए लिखा। उसने यह ख़त यहूदियों के उसके शहर छोड़ने के लिए मजबूर करने के बाद लिखा। इस ख़त में उसने कहा कि उसके ख्याल में उसका उनकी तरफ दौरा कामयाब था, अगरचे उसे छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

थिस्सलुनीके के ईमानदारों की बाबत तीमुथियुस से मिले ख़बर का पौलुस ने जवाब दिया। ईमानदारों पर वहाँ ज़ुल्म हो रहा था। वह उनकी हौसला आफजाई करता है कि उस तरीके की ज़िन्दगी गुजारना ज़ारी रखें जिससे ख़ुदा ख़ुश होता था। उसने उनका यह तशरीह करने के ज़रिए सामना किया के उनके साथ क्या होता है जो मसीह की वापसी से क़ब्ल मरते हैं।

इस किताब के अनवान का तर्ज़ुमा किस तरह किया जाना चाहिए?

मुतर्ज़मीन इस किताब को इसके रिवायती अनवान “1 थिस्सलुनीकियों” या “पहला थिस्सलुनीकियों” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या इसके बजाय वो एक वाज़े अनवान के इन्तखाब की तरजीह कर सकते हैं जैसे “थिस्सलुनीके की कलीसिया के नाम पौलुस का पहला ख़त”, या “थिस्सलुनीके के मसीहियों के नाम पहला ख़त”। (देखें : INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वरात

यीशु की “आमद ए सानी” क्या है?

पौलुस इस ख़त में यीशु की ज़मीन पर आख़िरी वापसी की बाबत ज़ियादा लिखता है। जब यीशु वापस आता है, वह बनी आदम का इन्साफ करेगा। वह तख्लीक़ पर हुकूमत भी करेगा और हर जगह अमन होगा।

उनके साथ क्या होता है जो मसीह की वापसी से क़ब्ल मरते हैं?

पौलुस ने वाज़े किया के जो मसीह की वापसी से क़ब्ल मरते हैं वापस ज़िन्दा होंगे और यीशु के साथ होंगे। वो हमेशा मुर्दे नहीं रहेंगे। पौलुस ने यह थिस्सलुनीकियों की हौसला आफजाई के वास्ते लिखा। क्योंकि उनमें से बाज़ फ़िक्रमन्द थे के जो मर गए थे वो यीशु की वापसी के अज़ीम दिन से चूक जायेंगे।

हिस्सा 3: अहम तर्ज़ुमा के मसाएल
पौलुस का इन इज़हारात जैसे “मसीह में” और “ख़ुदावंद में” से क्या मतलब है? पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत क़रीबी इत्तहाद के ख्याल का इज़हार करना था। बराए मेहरबानी इस तरीके के इज़हार की बाबत ज़ियादा तफ्सीलात के लिए रोमियों की किताब का तार्रुफ़ देखें।
1 थिस्सलुनीकियों की किताब के मतन में अहम मसाएल क्या हैं?

मुन्दर्ज़ा जैल आयात के लिए, बाइबिल के जदीद तर्जुमे पुराने तर्जुमे से मुख्तलिफ हैं। ULT मतन में जदीद पढ़ाई है और पुराने पढ़ाई को हासिए में रखता है। अगर आम इलाक़े में बाइबिल का एक तर्ज़ुमा मौज़ूद है, मुतर्ज़मीन को उन तर्ज़ुमों की पढ़ाई के इस्तेमाल पर गौर करना चाहिए। अगर नहीं, मुतर्ज़मीन को मश्वरा दिया जाता है कि जदीद तर्ज़ुमे की तक़लीद करें।

  • “फ़ज़ल और इत्मीनान तुम्हें हासिल होता रहे” (1:1). बाज़ पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं: “ख़ुदा हमारे बाप और ख़ुदावंद यीशु मसीह की तरफ से फ़ज़ल और इत्मीनान तुम्हें हासिल होता रहे”
  • “बल्के, हम तुम्हारे दर्मियान नर्मी के साथ रहे जिस तरह एक माँ अपने बच्चों को तसल्ली देती है”। (2:7) दीगर जदीद तर्जुमे और पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं, बल्के, हम तुम्हारे दर्मियान बच्चों की मानिन्द थे, जिस तरह एक माँ अपने बच्चों को तसल्ली देती है”।
  • “तीमुथियुस, हमारा भाई और ख़ुदा के लिए साथी कारकुन” (3:2). बाज़ दूसरे तर्जुमे पढ़ते हैं: “तीमुथियुस, हमारा भाई और ख़ुदा का ख़ादिम”।

(देखें : INVALID translate/translate-textvariants)

1 Thessalonians 1

1 थिस्लुनीकियों 01 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

आयत 1 इस ख़त का बाक़ायदा तार्रुफ़ करता है। क़दीम में मशरिक़ के क़रीब के ख़तूत में इस क़िस्म के तारीफ़ होते थे।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

मुश्किलात

दूसरे लोगों ने थिस्सलुनीके के मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। मगर वहाँ के मसीहियों ने इसे अच्छी तरह संभाला था। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Thessalonians 1:1

पौलुस ख़ुद की शनाख्त इस ख़त के मुसन्निफ़ के तौर पर करता है और थिस्सलुनीके की कलीसिया को मुबारकवाद देता है।

Παῦλος, καὶ Σιλουανὸς, καὶ Τιμόθεος; τῇ ἐκκλησίᾳ

UST इसे वाज़े करता है के यह पौलुस था जिसने इस ख़त को लिखा। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

χάρις ὑμῖν καὶ εἰρήνη

शराअत “फ़ज़ल” और “इत्मीनान’ उस शख्स के लिए इस्तआरा हैं जो लोगों के लिए मेहरबानी और पुरअमन अन्दाज़ में काम करते है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा तुम पर मेहरबान हो और तुम्हें इत्मीनान दे” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

εἰρήνη

लफ्ज़ “तुम” थिस्सलुनीके के ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-you)

1 Thessalonians 1:2

इस ख़त में अल्फ़ाज़ “हम” और “हमें’ पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद हैं, जब तक दूसरी सूरत मुतनब्बा न हो। लफ्ज़ “तुम” भी ज़मा है और थिस्सलुनीके की कलीसिया के ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)

εὐχαριστοῦμεν τῷ Θεῷ πάντοτε

यहाँ “हमेशा” तजवीज़ करता है के जब पौलुस ख़ुदा से दुआ करता है, वह अपनी दुआओं में थिस्सलुनीकियों को ख़ुदा के आगे यक्सा तौर पर पेश करता है।

μνείαν ποιούμενοι ἐπὶ τῶν προσευχῶν ἡμῶν, ἀδιαλείπτως

हम मुसलसल तुम्हारे लिए दुआ करते हैं

1 Thessalonians 1:3

τοῦ ἔργου τῆς πίστεως

ख़ुदा में ईमान के सबब से काम हुए हैं

1 Thessalonians 1:4

पौलुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों के लिए शुक्र करना जारी रखता है और ख़ुदा में उनके ईमान के लिए उनकी तारीफ़ करता है।

ἀδελφοὶ

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं।

εἰδότες

लफ्ज़ “हम” पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद हैं मगर थिस्सलुनीके के ईमानदारों से नहीं। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

1 Thessalonians 1:5

οὐκ…ἐν λόγῳ μόνον

फ़क़त इसमें नहीं के हमने जो कहा

ἀλλὰ καὶ ἐν δυνάμει, καὶ ἐν Πνεύματι Ἁγίῳ

मुमकिन मायने 1) रूह उल क़ुद्स ने पौलुस और उसके साथियों को कुव्वत के साथ इंजील की मनादी करने की सलाहियत बख्शी या 2) रूह उल क़ुद्स ने थिस्सलुनीके के ईमानदारों के दर्मियान इंजील की मनादी का एक ताक़तवर असर डाला या 3) रूह उल क़ुद्स ने इंजील की मनादी की सच्चाई का मोजिज़ात, निशानों, और अजीब कामों के ज़रिये मुज़ाहरा किया।

καὶ πληροφορίᾳ πολλῇ

ख़ुलासा इस्म “ऐतिक़ाद” का एक फ़ाल के तौर पर तर्ज़ुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा ने तुम्हें यक़ीन दिया के यह सच्चा था’ (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

οἷοι

हमने ख़ुद को किस तरह बना दिया जब

1 Thessalonians 1:6

καὶ ὑμεῖς μιμηταὶ…ἐγενήθητε

“तक़लीद” के मानी है मानिन्द अमल करना या दूसरे के अख़लाक़ की नक़ल करना।

δεξάμενοι τὸν λόγον

पैग़ाम का इस्तक़बाल किया या “जो हमें कहना था उसे क़बूल किया”

ἐν θλίψει πολλῇ

अज़ीम तकलीफ के वक़्त के दौरान या “ज़ियादा ज़ुल्म ओ सितम में”

1 Thessalonians 1:7

ἐν τῇ Ἀχαΐᾳ

यह एक क़दीम जिला है जो आज के यूनान में है। (देखें : INVALID translate/translate-names)

1 Thessalonians 1:8

ὁ λόγος τοῦ Κυρίου

कलाम यहाँ “पैग़ाम” के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “खुदावंद के तालीमात” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἐξήχηται

यहाँ पौलुस मसीही गवाही की बाबत कहता है जो थिस्सलुनीके के ईमानदारों के ज़रिये पैदा हुआ गोया यह एक घंटी था जिसे बजाया गया था या एक मौसिक़ी का साज़ था जिसे बजाया जा रहा था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 1:9

αὐτοὶ γὰρ

पौलुस उन कलीसियाओं का हवाला दे रहा है जो पहले से इर्द गिर्द इलाक़े में मौज़ूद थीं, जिन्होंने थिस्सलुनीके के ईमानदारों के बाबत सुना था।

αὐτοὶ

यहाँ “ख़ुद” का इस्तेमाल उन लोगों पर ज़ोर देने के लिए किया गया है जिन्होंने थिस्सलुनीके के ईमानदारों के बाबत सुना था। (देखें : INVALID translate/figs-rpronouns)

ὁποίαν εἴσοδον ἔσχομεν πρὸς ὑμᾶς

ख़ुलासा इस्म “इस्तक़बाल” का इज़हार एक फ़ाल “इस्तकबाल करना” या “ख़ुशआमदीद” के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “किस तरह गर्मजोशी से तुमने हमें क़बूल किया” या “किस तरह गर्मजोशी से तुमने हमारा इस्तक़बाल किया” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἐπεστρέψατε πρὸς τὸν Θεὸν ἀπὸ τῶν εἰδώλων, δουλεύειν Θεῷ ζῶντι καὶ ἀληθινῷ

यहाँ “से ...फिर कर” एक इस्तआरा है जिसके मानी है एक शख्स की तरफ वफ़ादारी की शुरुआत करना और किसी दूसरे की तरफ वफादारी से रुकना। मुतबादिल तर्ज़ुमा: ""तुमने बुतों की बन्दगी करना रोक दिया और ज़िन्दा और हक़ीक़ी ख़ुदा की ख़िदमत करना शुरू कर दिया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 1:10

τὸν Υἱὸν αὐτοῦ

यह यीशु के लिए एक अहम ख़िताब है जो ख़ुदा के साथ उसके रिश्ते का बयान करता है। (देखें : INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ὃν ἤγειρεν

जिसे ख़ुदा ने दोबारा ज़िन्दा कर दिया

ἐκ τῶν νεκρῶν

ताकि वह अब मुर्दा न रहा। यह इज़हार पाताल में तमाम मुर्दे लोगों का बाहम बयान करता है। उनके दर्मियान से वापस आना दोबारा ज़िन्दा होने की बाबत बात करता है।

τὸν ῥυόμενον ἡμᾶς

यहाँ पौलुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों को शामिल करता है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

1 Thessalonians 2

1 थिस्सलुनीकियों 02 आम नोट

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

मसीही गवाही

पौलुस अपने “मसीही गवाही” को एक सबूत के तौर पर अहमियत देता है के इंजील सच्चा है। पौलुस कहता है के ख़ुदातरस या पाक होना ग़ैर मसीहियों के लिए गवाही का सबब है। पौलुस अपने किरदार की हिमायत करता है, ताकि उसकी गवाही मुताशिर न हो जाए। (देखें : गवाही, गवाही देना और ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती )

1 Thessalonians 2:1

पौलुस ईमानदारों की ख़िदमत और इनआम की वज़ाहत करता है।

αὐτοὶ

अल्फ़ाज़ “तुम” और “ख़ुद” थिस्सलुनीके के ईमानदारों से मुराद है। (देखें : पाक, पाकीज़गी )

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं।

τὴν εἴσοδον ἡμῶν

लफ्ज़ “हम” पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद हैं मगर थिस्सलुनीके के ईमानदारों से नहीं। (देखें : INVALID translate/figs-rpronouns)

οὐ κενὴ γέγονεν

इसका इज़हार एक मुश्बत के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बहुत ही क़ाबिल ए क़द्र था” (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

1 Thessalonians 2:2

προπαθόντες καὶ ὑβρισθέντες

बदसलूकी और तौहीन किया गया था

ἐν πολλῷ ἀγῶνι

अज़ीम मुखालफ़त के तहत ज़द्दो ज़हद के दौरान

1 Thessalonians 2:3

οὐκ ἐκ πλάνης, οὐδὲ ἐξ ἀκαθαρσίας, οὐδὲ ἐν δόλῳ

सच्चे, ख़ालिस, और ईमानदार थे

1 Thessalonians 2:4

δεδοκιμάσμεθα ὑπὸ τοῦ Θεοῦ, πιστευθῆναι

पौलुस ख़ुदा के ज़रिये आज़माया और क़ाबिल ए ऐतिमाद साबित किया गया था।

λαλοῦμεν

पौलुस इंजील के पैग़ाम की मनादी का हवाला दे रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

τῷ δοκιμάζοντι τὰς καρδίας ἡμῶν

लफ्ज़ “दिलों” एक शख्स के ख्वाहिशात और ख्यालात के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो हमारे ख्वाहिशात और ख्यालात को जानता है” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

1 Thessalonians 2:5

पौलुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों को बताता है के उसका रवैया ख़ुशामद, लालच, या ख़ुद जलाल के ऐतबार से नहीं था।

οὔτε…ἐν λόγῳ κολακίας ἐγενήθημεν

हम तुम से कभी भी झूटी तारीफ़ नहीं करते थे

1 Thessalonians 2:7

ὡς ἐὰν τροφὸς θάλπῃ τὰ ἑαυτῆς τέκνα

जिस तरह एक माँ अपने बच्चे को नर्मी से तसल्ली देती है, उस तरह पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों के साथ नर्मी से बात किए। (देखें : INVALID translate/figs-simile)

1 Thessalonians 2:8

οὕτως ὁμειρόμενοι ὑμῶν

इस तरह हमने तुम्हारी तरफ़ अपनी शफ़क़त का मुज़ाहरा किया

ὁμειρόμενοι ὑμῶν

हमने तुमसे महब्बत की

εὐδοκοῦμεν μεταδοῦναι ὑμῖν, οὐ μόνον τὸ εὐαγγέλιον τοῦ Θεοῦ, ἀλλὰ καὶ τὰς ἑαυτῶν ψυχάς

पौलुस इंजील के पैग़ाम और उसकी ज़िन्दगी और जो उसके साथ हैं उनकी ज़िन्दगी की बाबत कहता है गोया वो कोई जिस्मानी चीज़ थे जिसे कोई दूसरों के साथ हिस्सेदारी कर सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम सिर्फ़ तुम्हें ख़ुदा की इंजील बताकर ख़ुश नहीं थे बल्के तुम्हारे साथ वक़्त गुज़ार कर और तुम्हारी मदद करके” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἀγαπητοὶ ἡμῖν ἐγενήθητε

हमने तुम्हारे लिए बहुत परवाह किया

1 Thessalonians 2:9

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं।

τὸν κόπον ἡμῶν καὶ τὸν μόχθον

अल्फ़ाज़ “महनत” और “मशक्क़त” बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ के मानी हैं। पौलुस उनका इस्तेमाल यह ज़ोर देने के लिए करता है के किस तरह मुश्किल काम उन्होंने किया। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमने किस तरह महनत से काम किया” (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

νυκτὸς καὶ ἡμέρας ἐργαζόμενοι, πρὸς τὸ μὴ ἐπιβαρῆσαί τινα ὑμῶν

हमने अपना गुज़ारा करने के लिए महनत से काम किया ताके तुम्हें हमारी मदद करने की ज़रुरत न पड़े

1 Thessalonians 2:10

ὁσίως, καὶ δικαίως, καὶ ἀμέμπτως

पौलुस तीन अल्फ़ाज़ का इस्तेमाल करता है जो उनके थिस्सलुनीके के ईमानदारों की तरफ अच्छे रवैये का बयान करते हैं।

1 Thessalonians 2:11

ὡς πατὴρ τέκνα ἑαυτοῦ

पौलुस थिस्सलुनीकियों की हौसला आफज़ाई की एक बाप से तश्बीह देता है के किस तरह वह अपने बच्चों को नर्मी से तालीम देता है के किस तरह बर्ताव करना चाहिए। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 2:12

παρακαλοῦντες ὑμᾶς, καὶ παραμυθούμενοι, καὶ μαρτυρόμενοι…ὑμᾶς

अल्फ़ाज़ “नसीहत करना”, “दिलासा देना”, और “पुर ज़ोर देना” एक साथ इस्तेमाल किए गए हैं यह ज़ाहिर करने के लिए के किस तरह पौलुस के गिरोह ने दिल ओ जान से थिस्सलुनीकियों की हौसला आफज़ाई की। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम ताकीदगी से तुम्हारा हौसला आफज़ाई कर रहे थे” (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

εἰς τὴν ἑαυτοῦ βασιλείαν καὶ δόξαν

लफ्ज़ “जलाल’ लफ्ज़ “बादशाही” का बयान करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अपने जलाली बादशाही में” (देखें : INVALID translate/figs-hendiadys)

εἰς τὸ περιπατεῖν ὑμᾶς ἀξίως τοῦ Θεοῦ

चलना यहाँ “ज़िन्दगी बसर करने” के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ज़िन्दगी बसर करो के लोग ख़ुदा की बाबत अच्छी सोच रखें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 2:13

पौलुस “हम” का इस्तेमाल ख़ुद का और अपने सफ़र सहाबा का हवाला देने के लिए ज़ारी रखता है और “तुम” थिस्सलुनीके के ईमानदारों के लिए।

καὶ ἡμεῖς εὐχαριστοῦμεν τῷ Θεῷ ἀδιαλείπτως

पौलुस अक्सर उनके उस इंजील के पैग़ाम की क़बूलियत के लिए ख़ुदा का शुक्र करता है जो उसने उनके साथ बाँटा था।

οὐ λόγον ἀνθρώπων

इंसान का कलाम यहाँ “पैग़ाम जो सिर्फ़ एक इंसान से आता है” के लिए एक मिजाज़ मर्सल है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “(यह) वो पैग़ाम नहीं है जो इंसानों के ज़रिए बनाया गया है” (देखें : INVALID translate/figs-synecdoche)

ἐδέξασθε…καθὼς ἀληθῶς ἐστὶν, λόγον Θεοῦ

कलाम यहाँ “पैग़ाम” के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुमने इसे क़बूल किया...जैसा यह सच में है, वह पैग़ाम जो ख़ुदा से आता है” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ὃς καὶ ἐνεργεῖται ἐν ὑμῖν τοῖς πιστεύουσιν

पौलुस ख़ुदा के इंजील के पैग़ाम की बाबत कहता है गोया यह एक शख्स था जो काम कर रहा था। “कलाम” “पैग़ाम” के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जिसे तुममें से वो लोग जो ईमान लाये, सुन रहे हैं और अताअत करने का आगाज़ कर रहे हैं” (देखें : INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metonymy)

1 Thessalonians 2:14

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं।

μιμηταὶ ἐγενήθητε…τῶν ἐκκλησιῶν

थिस्सलुनीके के ईमानदारों ने यहूदिया के ईमानदारों की मानिन्द ज़ुल्म ओ सितम बर्दाश्त किया था। “कलीसियाओं की मानिन्द बन गए”

ὑπὸ τῶν ἰδίων συμφυλετῶν

दीगर थिस्सलुनीकियों से

1 Thessalonians 2:16

κωλυόντων ἡμᾶς…λαλῆσαι

वो हमारा बोलना रोकने की कोशिश करते हैं

τὸ ἀναπληρῶσαι αὐτῶν τὰς ἁμαρτίας πάντοτε

पौलुस कहता है अगरचे कोई एक ज़र्फ़ को अपने गुनाहों से इस कदर भर दे जिस तरह रक़ीक़ के साथ।

ἔφθασεν…ἐπ’ αὐτοὺς ἡ ὀργὴ εἰς τέλος

यह ख़ुदा से मुराद है जो आख़िर में लोगों को उनके गुनाहों के लिए फ़ैसला करेगा और सज़ा देगा।

1 Thessalonians 2:17

ἀδελφοί

इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं।

προσώπῳ οὐ καρδίᾳ

यहाँ “दिल” ख्यालात और जज़्बात की नुमाइंदगी करता है। अगरचे पौलुस और जो उसके साथ सफ़र कर रहे हैं थिस्सलुनीके में जिस्मानी तौर पर मौज़ूद नहीं थे, उन्होंने वहाँ के ईमानदारों की बाबत फ़िक्र और ख्याल करना जारी रखा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “शख्सी तौर पर, मगर हमने तुम्हारी बाबत ख्याल करना जारी रखा” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ πρόσωπον ὑμῶν ἰδεῖν

यहाँ “तुम्हारा चेहरा” का मानी पूरा शख्स है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम्हें देखने” या “तुम्हारे साथ होने” (देखें : INVALID translate/figs-synecdoche)

1 Thessalonians 2:19

τίς γὰρ ἡμῶν ἐλπὶς ἢ χαρὰ ἢ στέφανος καυχήσεως? ἢ οὐχὶ καὶ ὑμεῖς, ἔμπροσθεν τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ, ἐν τῇ αὐτοῦ παρουσίᾳ?

पौलुस सवालात का इस्तेमाल इस वजाहत पर ज़ोर देने के लिए करता है के वह थिस्सलुनीके के ईमानदारों को देखना चाहता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “क्योंकि तुम मुस्तक़बिल के लिए हमारा यक़ीन, और हमारे ख़ुदावंद यीशु की आमद पर उसके सामने ख़ुशी और फ़क्र का ताज हो” (देखें : INVALID translate/figs-rquestion)

ἡμῶν ἐλπὶς…ἢ οὐχὶ καὶ ὑμεῖς

“उम्मीद” से पौलुस का मतलब यक़ीन है जो ख़ुदा उसे उसके काम के लिए इनआम में देगा। थिस्सलुनीके के मसीही उसकी उम्मीद का सबब हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἢ χαρὰ

थिस्सलुनीकी उसकी ख़ुशी का सबब हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

στέφανος καυχήσεως

यहाँ “ताज” एक सरफ़राज़ी हार से मुराद है जो फ़तहमन्द खिलाड़ियों को इनआम में दिया जाता था। इज़हार “फ़क्र का ताज” का मतलब फ़तह या अच्छा करने के लिए इनआम है। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

1 Thessalonians 3

1 थिस्सलुनीकियों ०३ आम नोट

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

खड़े रहना

इस बाब में, पौलुस “मज़बूती से खड़े रहना” का इस्तेमाल साबित क़दम होने की वज़ाहत के लिए करता है। यह साबित क़दम या वफ़ादार होने को बयान करने का आम तरीका है। पौलुस साबित क़दम के बरअक्स के तौर पर “हिल जाने” का इस्तेमाल करता है। (देखें : ईमानदार, इमानदारी, बे-ईमान, बे-ईमानी )

1 Thessalonians 3:1

पौलुस ईमानदारों को बताता है के उसने तीमुथियुस को उनके ईमान को मज़बूत करने के वास्ते भेजा है।

μηκέτι στέγοντες

हम तुम्हारी बाबत ज़ियादा फ़िक्र बर्दाश्त न कर सके

ηὐδοκήσαμεν καταλειφθῆναι ἐν Ἀθήναις μόνοι

मेरे और सिलवानुस के लिए अथेने में रह जाना अच्छा है

ηὐδοκήσαμεν

यही दुरुस्त था या “यही मुनासिब था”

Ἀθήναις

यह अख्या सूबे का एक शहर है, जो अब जदीद यूनान है। (देखें : INVALID translate/translate-names)

1 Thessalonians 3:2

τὸν ἀδελφὸν ἡμῶν, καὶ διάκονον

ये दोनों इज़हार तीमुथियुस को बयान करते हैं।

1 Thessalonians 3:3

μηδένα σαίνεσθαι

“हिला” दिया जाना खौफ़ज़दा होने के लिया एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “कोई भी मसीह में ऐतिमाद करते हुए खौफ़ज़दा न हो” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

κείμεθα

पौलुस फ़र्ज़ करता है के हर एक जानता है के यह ख़ुदा था जिसने उनको मुक़र्रर किया था। इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा ने हमें मुक़र्रर किया है” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Thessalonians 3:4

θλίβεσθαι

दूसरों की तरफ से बुरा सलूक होना

1 Thessalonians 3:5

κἀγὼ μηκέτι στέγων

पौलुस एक मुहावरे के इस्तेमाल के ज़रिए अपने जज्बात का बयान करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैं सब्र से और इंतज़ार न कर सका” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

ἔπεμψα

यह मफ़हूम है के पौलुस ने तीमुथियुस को भेजा। इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैंने तीमुथियुस को भेजा” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ὁ κόπος ἡμῶν

तुम्हारे दर्मियान हमारी महनत या “तुम्हारे दर्मियान हमारी तालीम”

εἰς κενὸν

बेफ़ायदा

1 Thessalonians 3:6

पौलुस अपने कारईन को तीमुथियुस के तज़करे की बाबत बताता है जब वह उनका दौरा करके वापस गया।

ἐλθόντος…πρὸς ἡμᾶς

लफ्ज़ “हमें” पौलुस और सिलवानुस से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

εὐαγγελισαμένου…τὴν πίστιν…ὑμῶν

इसे समझा गया है के यह मसीह में ईमान से मुराद है। इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम्हारे ईमान का अच्छा तज़करा” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ἔχετε μνείαν…ἀγαθὴν πάντοτε

जब वो पौलुस का ख्याल करते हैं, वो उसकी बाबत हमेशा अच्छे ख्यालात रखते हैं।

ἐπιποθοῦντες ἡμᾶς ἰδεῖν

तुम हमें देखने की ख्वाहिश रखते हो

1 Thessalonians 3:7

ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” साथी मसीहियों से मुराद है।

διὰ τῆς ὑμῶν πίστεως

यह मसीह में ईमान से मुराद है। इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मसीह में तुम्हारे ईमान के सबब से” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ἐπὶ πάσῃ τῇ ἀνάγκῃ καὶ θλίψει ἡμῶν

लफ्ज़ “मुसीबत” वजाहत करता है के वो तकलीफ़ में हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमारी तमाम तकलीफ़ में हमारी मुसीबतों की वजह से” (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

1 Thessalonians 3:8

ζῶμεν

यह मुतमईन ज़िन्दगी जीने के इज़हार के लिया एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम बहुत हौसला आफज़ा हैं” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

ἐὰν ὑμεῖς στήκετε ἐν Κυρίῳ

“मज़बूती से खड़े रहना” एक मुहावरा है जिसका मानी है वफ़ादारी में बने रहना। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अगर तुम ख़ुदावंद में एतबार करना जारी रख्खो” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

1 Thessalonians 3:9

τίνα γὰρ εὐχαριστίαν δυνάμεθα τῷ Θεῷ ἀνταποδοῦναι περὶ ὑμῶν, ἐπὶ πάσῃ τῇ χαρᾷ ᾗ χαίρομεν δι’ ὑμᾶς, ἔμπροσθεν τοῦ Θεοῦ ἡμῶν

इस ख़तीबाना सवाल का इज़हार एक बयान के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम ख़ुदा का काफ़ी शुक्र नहीं कर सकते जो उसने तुम्हारे लिए किया है! हम तुम्हारे लिए बहुत शादमान होते हैं जब हम अपने ख़ुदा से दुआ करते हैं!” (देखें : INVALID translate/figs-rquestion)

ἔμπροσθεν τοῦ Θεοῦ ἡμῶν

पौलुस कहता है गोया वह और उसके सहाबा जिस्मानी तौर पर ख़ुदा के हुज़ूर में हों। वह शायद दुआ के अमल का हवाला दे रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 3:10

ὑπέρ ἐκ περισσοῦ

सरगर्मी से

τὸ ἰδεῖν ὑμῶν τὸ πρόσωπον

लफ्ज़ “चेहरा” उनके पूरे शख्स से मुराद है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुमसे मुलाक़ात करने” (देखें : INVALID translate/figs-synecdoche)

1 Thessalonians 3:11

इन आयात में, लफ्ज़ “हमारा” हमेशा एक ही गिरोह के लोगों का हवाला नहीं देता है। बराए मेहरबानी तफ्सीलात के लिए तर्ज़ुमा के नोट देखें।

ὁ Θεὸς…Πατὴρ ἡμῶν

पौलुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों को अपने ख़िदमत के जत्थे के साथ शरीक करता है।

ὁ Θεὸς…ἡμῶν

हम दुआ करते हैं के हमारा ख़ुदा

κατευθύναι τὴν ὁδὸν ἡμῶν πρὸς ὑμᾶς

पौलुस कहता है गोया वह चाहता है के ख़ुदा उसे और उसके सहाबा को थिस्सलुनीके के मसीहियों का दौरा करने का रास्ता दिखाए। उसका मतलब है के वह चाहता है के ख़ुदा ऐसा करना उनके लिए मुमकिन बनाये। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

κατευθύναι τὴν ὁδὸν ἡμῶν πρὸς ὑμᾶς

लफ्ज़ “हमारा” पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद हैं मगर थिस्सलुनीके के ईमानदारों से नहीं। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

αὐτὸς…Πατὴρ

यहाँ “ख़ुद” ज़ोर देने के लिए वापस “बाप” का हवाला देता है। (देखें : INVALID translate/figs-rpronouns)

1 Thessalonians 3:12

πλεονάσαι καὶ περισσεύσαι τῇ ἀγάπῃ

पौलुस महब्बत को एक चीज़ के तौर पर कहता है जिसे कोई ज़ियादा हासिल कर सकता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 3:13

τὸ στηρίξαι ὑμῶν τὰς καρδίας, ἀμέμπτους

यहाँ “दिल” किसी के अक़ायद और ऐतिमाद के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम्हें मज़बूत करे, ताके तुम हो जाओगे” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν τῇ παρουσίᾳ τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ

जब यीशु ज़मीन पर वापस आता है

μετὰ πάντων τῶν ἁγίων αὐτοῦ

उन सब के साथ जो उससे ताल्लुक़ रखते हैं

1 Thessalonians 4

1 थिस्सलुनीकियों 04 आम नोट

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

जिन्सी बद अख़लाक़ी

मुख्तलिफ़ शिक़ाफ़तों में जिन्सी अख्लाक़ियात के मुख्तलिफ़ मअयार हैं। ये मुख्तलिफ़ मअयार इस हिस्से का तर्ज़ुमा मुश्किल बना सकते हैं। मुतर्ज़मीन को शिक़ाफ़ती पाबन्दियों से भी ज़रूर आगाह होना चाहिए। इन मोज़ोआत पर बहस को नामुनासिब समझा जाता है।

मसीह की वापसी से क़ब्ल मरना

इब्तदाई कलीसिया में, लोग बज़ाहिर हैरान थे के क्या होगा आगर एक ईमानदार मसीह की वापसी से क़ब्ल मर जाए। वो शायद फिक्रमंद थे के जो मसीह की वापसी से क़ब्ल मर रहें हैं वो ख़ुदा की बादशाही का हिस्सा होंगे या नहीं। पौलुस इस फ़िक्र का जवाब देता है।

“बादलों पर उठा लिए जायेंगे के ख़ुदावंद से हवा में मुलाक़ात करें”

यह हिस्सा उस वक़्त से मुराद है जब यीशु उन्हें जो उस पर ईमान लाये हैं अपनी तरफ बुलाता है। उलेमा इस पर इख्तलाफ़ रखते हैं के यह यीशु के आख़िरी जलाली वापसी से मुराद है या नहीं। (देखें : यक़ीन, यक़ीन करे, यक़ीन किया, ईमानदार, ईमान, बे-ईमान, बे-ईमानों , बे-ईमान, )

1 Thessalonians 4:1

ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” का मानी साथी मसीही है।

ἐρωτῶμεν ὑμᾶς καὶ παρακαλοῦμεν

पौलुस “दिलासा” और “नसीहत” का इस्तेमाल यह ज़ोर देने के लिए करता है के किस तरह मज़बूती से वो ईमानदारों की हौसला आफ़जाई करते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम मज़बूती से तुम्हारी हौसला आफ़जाई करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

παρελάβετε παρ’ ἡμῶν

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमने तुम्हें तालीम दिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

δεῖ ὑμᾶς περιπατεῖν

यहाँ “चलना” किसी के लिए ज़िन्दगी बसर करने के तरीके का एक इज़हार है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम्हें जीना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 4:2

διὰ τοῦ Κυρίου Ἰησοῦ

पौलुस अपने हिदायात की बाबत कहता है गोया वो ख़ुद यीशु के ज़रिए दिए गए थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 4:3

ἀπέχεσθαι ὑμᾶς…τῆς πορνείας

तुम जिन्सी बद अख़लाक़ी आमाल से दूर रहो

1 Thessalonians 4:4

εἰδέναι…τὸ ἑαυτοῦ σκεῦος, κτᾶσθαι

मुमकिन मायने 1) “जाने के किस तरह अपनी बीवी के साथ रहना है” या 2) जाने के किस तरह अपने जिस्म पर काबू रखना है”

1 Thessalonians 4:5

ἐν πάθει ἐπιθυμίας

ग़लत जिंसी ख्वाहिसात के साथ

1 Thessalonians 4:6

τὸ μὴ

यहाँ “आदमी” एक आदमी या एक औरत से मुराद है। “कोई नहीं” या “कोई शख्स नहीं” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)

ὑπερβαίνειν καὶ πλεονεκτεῖν

यह एक जुफ्त है जो तसव्वर को मज़बूत बनाने के लिए एक ही ख़याल को दो तरीकों से बयान करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ग़लत चीज़ें करे”

ἔκδικος Κύριος

इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदावंद उसको सज़ा देगा जो सरकशी किया और उसे जो ग़लत करने वाले की हिमायत करेगा” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

προείπαμεν ὑμῖν καὶ διεμαρτυράμεθα

तुम्हें पहले ही बताया और सख्ती से उसके ख़िलाफ़ तम्बीह की

1 Thessalonians 4:7

οὐ…ἐκάλεσεν ἡμᾶς ὁ Θεὸς ἐπὶ ἀκαθαρσίᾳ, ἀλλ’ ἐν ἁγιασμῷ

इसे मुश्बत के शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा ने हमें तहारत और पाकीज़गी के लिए बुलाया” (देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives)

οὐ…ἐκάλεσεν ἡμᾶς ὁ Θεὸς

लफ्ज़ “हमें” सारे ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

1 Thessalonians 4:8

ὁ ἀθετῶν

जो भी इस तालीम से ग़फ़लत करता है या “जो इस तालीम को नज़रअंदाज़ करता है”

ἀθετῶν, οὐκ ἄνθρωπον ἀθετεῖ, ἀλλὰ τὸν Θεὸν

पौलुस ज़ोर देता है के उसकी तालीम इन्सान से नहीं, बल्कि ख़ुदा से है।

1 Thessalonians 4:9

τῆς φιλαδελφίας

साथी ईमानदारों के लिए महब्बत

1 Thessalonians 4:10

ποιεῖτε αὐτὸ εἰς πάντας τοὺς ἀδελφοὺς, τοὺς ἐν ὅλῃ τῇ Μακεδονίᾳ

तुम पूरे मकिदुनिया के ईमानदारों को महब्बत ज़ाहिर करो।

ἀδελφοὺς

यहाँ “भाईयों” का मतलब साथी मसीही है।

1 Thessalonians 4:11

φιλοτιμεῖσθαι

कोशिश करना

ἡσυχάζειν

पौलुस लफ्ज़ “चुपचाप” का इस्तेमाल एक इस्तआरे के तौर पर मुआशरे में सलामती से रहने और झगड़े की वजह न बनने का बयान करने के लिए करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक पुरसकून और बाक़ायदा तरीक़े से रहें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

πράσσειν τὰ ἴδια

अपना ख़ुद का काम करो या “उन चीज़ों का ख्याल रखो जो करना तुम्हारी जिम्मेदारी है”। यह भी मतलब हो सकता है के हमें वाहयात बातें और दूसरे लोगों के ख़दशात में दख़ल अंदाजी नहीं करनी चाहिए। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ἐργάζεσθαι ταῖς ἰδίαις χερσὶν ὑμῶν

यह ज़रख़ेज़ ज़िन्दगी जीने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अपने ख़ुद के काम करो वह कमाने के लिए जो तुम्हारे जीने के वास्ते ज़रूरी है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 4:12

περιπατῆτε εὐσχημόνως

यहाँ “चलना” एक इस्तआरा है “जीने” या “बर्ताव” के लिए। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मुनासिब बर्ताव करो”

εὐσχημόνως

वह तरीक़ा जिस में दूसरों का इज्ज़त ज़ाहिर हो और उनकी इज्ज़त कमाए

πρὸς τοὺς ἔξω

पौलुस उनकी बाबत कहता है जो मसीह में ईमान नहीं रखते गोया वो बाहर एक जगह में ईमानदारों से दूर हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उनकी नज़र में जो मसीह में ईमान नहीं रखते” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 4:13

पौलुस उन ईमानदारों के बाबत बात करता है जो मर चुके हैं, जो अब तक ज़िन्दा हैं, और जो ज़िन्दा होंगे जब मसीह वापस आएगा।

οὐ θέλομεν…ὑμᾶς ἀγνοεῖν

इसे मुश्बत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम चाहते हैं के तुम बाख़बर रहो” या “हम चाहते हैं के तुम जानो”

ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” का मतलब साथी मसीही है।

τῶν κοιμωμένων

यहाँ “सोते हैं” मुर्दा होने के लिए एक मुलायम लफ्ज़ है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वो जो मर चुके हैं” (देखें : INVALID translate/figs-euphemism)

ἵνα μὴ λυπῆσθε, καθὼς…οἱ λοιποὶ

क्योंके हम नहीं चाहते के तुम औरों की मानिन्द ग़मगीन हो

λυπῆσθε

मातम करना, किसी चीज़ की बाबत उदास होना

καθὼς…οἱ λοιποὶ, οἱ μὴ ἔχοντες ἐλπίδα

उन लोगों की मानिन्द जो मुस्तक़बिल के वादे में यक़ीन नहीं रखते। इसे वाज़े तौर पर बयान किया जा सकता है जिसके बाबत उन लोगों का यक़ीन नहीं है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उन लोगों की मानिन्द जिन्हें यक़ीन नहीं है के वो मुर्दों में से जी उठेंगे” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Thessalonians 4:14

εἰ…πιστεύομεν

यहाँ “हम” पौलुस और उसके सामईन से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

ἀνέστη

दोबारा जीने के वास्ते उठे

τοὺς κοιμηθέντας διὰ τοῦ Ἰησοῦ

यहाँ “सो गए हैं” एक शायस्ता तरीक़ा है मरे हुओं का हवाला देने के लिए। (देखें : INVALID translate/figs-euphemism)

1 Thessalonians 4:15

ἐν λόγῳ Κυρίου

कलाम यहाँ “पैग़ाम” के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदावंद की तालीमात को समझने के ज़रिए” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

εἰς τὴν παρουσίαν τοῦ Κυρίου

जब ख़ुदावंद वापस आता है

1 Thessalonians 4:16

αὐτὸς ὁ Κύριος…καταβήσεται

ख़ुदावंद ख़ुद नीचे उतरेगा

ἀρχαγγέλου

मुक़र्रब फिरिश्ता

οἱ νεκροὶ ἐν Χριστῷ ἀναστήσονται πρῶτον

“मसीह में मुर्दे” वो ईमानदार हैं जिनका इन्तकाल हो गया है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो मसीह में ईमान रखते हैं, मगर जो मर चुके हैं, पहले जी उठेंगे” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Thessalonians 4:17

ἡμεῖς οἱ ζῶντες

यहाँ “हम” उन सब ईमानदारों से मुराद है जो नहीं मुए हैं। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

σὺν αὐτοῖς

लफ्ज़ “उनके” मुए ईमानदारों से मुराद है जो दोबारा ज़िन्दा किए जायेंगे।

ἁρπαγησόμεθα ἐν νεφέλαις εἰς ἀπάντησιν τοῦ Κυρίου εἰς ἀέρα

फ़लक पर ख़ुदावंद यीशु से मिलने

1 Thessalonians 5

1 थिस्सलुनीकियों 05 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

पौलुस अपने ख़त का इख्तिताम इस तरीक़े से करता है जो क़दीम में मशरिक़ के क़रीब के ख़तूत में आम था।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

ख़ुदावंद का दिन

ख़ुदावंद के दिन के आने का सहीह वक़्त दुनिया के लिए हैरतअंगेज होगा। यही तश्बीह “रात में एक चोर की मानिन्द” के मानी है। इसकी वजह से, मसीहियों को ख़ुदावंद के आने के लिए तैयार रहकर ज़िन्दगी बसर करना है। (देखें : ख़ुदावन्द का दिन, यहोवा का दिन और INVALID translate/figs-simile)

रूह की प्यास बुझाना

इसका मानी है नज़रअंदाज़ करना या रूह उल क़ुद्स के हिदायात और काम के ख़िलाफ़ काम करना।

1 Thessalonians 5:1

इस बाब में अल्फ़ाज़ “हम’ और “हमें’ पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद हैं, जब तक दूसरी सूरत मुतनब्बा न हो। लफ्ज़ “तुम” भी ज़मा है और थिस्सलुनीके की कलीसिया के ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)

पौलुस यीशु के वापस आने के दिन की बाबत बात करना ज़ारी रखता है।

τῶν χρόνων καὶ τῶν καιρῶν

यह यीशु की वापसी से क़ब्ल होने वाले वाक़यात से मुराद है।

ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” के मानी है साथी मसीही।

1 Thessalonians 5:2

ἀκριβῶς

बहुत अच्छा या “दुरुस्त तरीक़े से”

ὡς κλέπτης ἐν νυκτὶ οὕτως

जिस तरह कोई नहीं जानता के चोर किस रात आ सकता है, हम नहीं जानते के ख़ुदावंद का दिन कब आएगा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “नागहानी तौर पर” (देखें : INVALID translate/figs-simile)

1 Thessalonians 5:3

ὅταν λέγωσιν

जब लोग कहें

τότε αἰφνίδιος…ὄλεθρος

फ़िर नागहानी तबाही

ὥσπερ ἡ ὠδὶν τῇ ἐν γαστρὶ ἐχούσῃ

जिस तरह एक हामिला औरत का दर्द ए ज़िह अचानक आता है और पैदाइश मुकम्मल होने तक रुकता नहीं, तबाही आएगी, और लोग नहीं बचेंगे। (देखें : INVALID translate/figs-simile)

1 Thessalonians 5:4

ὑμεῖς…ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” के मानी है साथी मसीही।

οὐκ ἐστὲ ἐν σκότει

पौलुस ख़ुदा की बाबत बुराई और जहालत को कहता है गोया वो तारीकी थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम बेइल्म नहीं हो, उनकी मानिन्द जो तारीकी में रहते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἵνα ἡ ἡμέρα ὑμᾶς ὡς κλέπτας καταλάβῃ

वह दिन जब ख़ुदावंद आता है ईमानदारों के लिए हैरत की बात नहीं होनी चाहिए। (देखें : INVALID translate/figs-simile)

1 Thessalonians 5:5

πάντες γὰρ ὑμεῖς υἱοὶ φωτός ἐστε, καὶ υἱοὶ ἡμέρας

पौलुस सच की बाबत कहता है गोया यह नूर और दिन था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “क्योंके तुम सच का इल्म रखते हो, दिन के दौरान लोगों की मानिन्द” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

οὐκ ἐσμὲν νυκτὸς οὐδὲ σκότους

पौलुस ख़ुदा की बाबत बुराई और जहालत को कहता है गोया वो तारीकी थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम बेइल्म नहीं हो, उनकी मानिन्द जो तारीकी में रहते हैं, रात के लोगों की मानिन्द” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 5:6

μὴ καθεύδωμεν ὡς οἱ λοιποί

पौलुस लाइल्मी की बाबत कहता है गोया यह नींद थी। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम दूसरों की मानिन्द न हों जिन्हें इल्म नहीं के यीशु वापस आ रहा है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

καθεύδωμεν

लफ्ज़ “हम” सब ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

γρηγορῶμεν καὶ νήφωμεν

पौलुस रूहानी बेदारी को नींद और नशा के मुख़ालिफ़ के तौर पर बयान करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 5:7

οἱ γὰρ καθεύδοντες, νυκτὸς καθεύδουσιν

जिस तरह जब लोग सोते हैं और नहीं जानते के क्या हो रहा है, इसी तरह इस दुनिया के लोग नहीं जानते के मसीह वापस आएगा। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

οἱ μεθυσκόμενοι, νυκτὸς μεθύουσιν

पौलुस बयान कर रहा है के यह रात है जब लोग नशे में होते हैं, तो जब लोग मसीह की वापसी की बाबत लाइल्म हैं वो एक ज़ब्त ए नफ्स ज़िन्दगी बसर नहीं करते। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 5:8

आयात 8-10 में लफ्ज़ “हम” सब ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

ἡμεῖς…ἡμέρας ὄντες

पौलुस ख़ुदा की बाबत सच का इल्म रखने को दिन से ताल्लुक रखने के तौर पर कहता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम सच्चाई जानते हैं” या “हमें सच्चाई की रौशनी मिली है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

νήφωμεν

पौलुस सादा होने की तस्बीह ज़ब्त ए नफ्स की मशक़ करने से देता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “आओ हम ज़ब्त ए नफ्स की मशक़ करें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐνδυσάμενοι θώρακα πίστεως καὶ ἀγάπης

जिस तरह एक सिपाही अपने जिस्म की हिफ़ाज़त के लिए सीना बंद पहनता है, एक ईमानदार जो ईमान और महब्बत की ज़िन्दगी बसर करता है तहफ्फुज़ हासिल करेगा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ईमान और महब्बत से ख़ुद की हिफ़ाज़त करो” या “मसीह पर ऐतबार करने और उसे महब्बत करने के ज़रिए ख़ुद की हिफ़ाज़त करो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

περικεφαλαίαν, ἐλπίδα σωτηρίας

जिस तरह एक ख़ोद सिपाही के सर की हिफ़ाज़त करता है, नज़ात का यक़ीन ईमानदार की हिफ़ाज़त करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “यक़ीनी होने के ज़रिए खुद की हिफ़ाज़त करें के मसीह हमें बचाएगा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 5:10

εἴτε γρηγορῶμεν εἴτε καθεύδωμεν

ये जिंदा या मुर्दा कहने के शायस्ता तरीक़े हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख्वाह हम जिंदा हैं या मुर्दा” (देखें : INVALID translate/figs-euphemism)

1 Thessalonians 5:11

οἰκοδομεῖτε εἷς τὸν ἕνα

यहाँ “तामीर करना” एक इस्तआरा है जिसके मानी है हौसला आफजाई करना। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक दूसरे की हौसला आफजाई करो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 5:12

पौलुस थिस्सलुनीके की कलीसिया को अपने आख़िरी हिदायात देना शुरू करता है।

ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” के मानी साथी ईमानदार हैं।

εἰδέναι τοὺς κοπιῶντας

उनकी इज्ज़त करना और दाद देना जो रहनुमाई करने में शरीक हैं

προϊσταμένους ὑμῶν ἐν Κυρίῳ

यह उन लोगों से मुराद है जिन्हें खुदा ने रहनुमाओं के तौर पर ईमानदारों की मक़ामी जमाअत की ख़िदमत के वास्ते मुक़र्रर किया है।

1 Thessalonians 5:13

ἡγεῖσθαι αὐτοὺς ὑπέρ ἐκ περισσοῦ ἐν ἀγάπῃ, διὰ τὸ ἔργον αὐτῶν

पौलुस ईमानदारों को उनके कलीसिया के रहनुमाओं को महब्बत करने और इज्ज़त करने की नसीहत करता है।

1 Thessalonians 5:16

πάντοτε χαίρετε

पौलुस ईमानदारों को नसीहत करता है के वो हर चीज़ में शादमानी का रूहानी रवैया क़ायम करें।

1 Thessalonians 5:17

ἀδιαλείπτως προσεύχεσθε

पौलुस ईमानदारों को दुआ में चौकस रहने की नसीहत करता है।

1 Thessalonians 5:18

ἐν παντὶ εὐχαριστεῖτε

पौलुस ईमानदारों को शुक्रगुजारी का इज़हार करने का नसीहत करता है

ἐν παντὶ

तमाम हालात में

τοῦτο γὰρ θέλημα Θεοῦ

पौलुस उस रवैये को ईमानदारों के लिए खुदा की रज़ा होने का हवाला दे रहा है जिसका उसने अभी जिक्र किया था

1 Thessalonians 5:19

τὸ Πνεῦμα μὴ σβέννυτε

रूह उल क़ुद्स को तुम्हारे दर्मियान काम करने से न रोको

1 Thessalonians 5:20

προφητείας μὴ ἐξουθενεῖτε

पेशनगोई के लिए तौहीन न रख्खो या “किसी भी चीज़ से नफ़रत न करो जो रूह उल क़ुद्स किसी को बताता है”

1 Thessalonians 5:21

πάντα δοκιμάζετε

इस बात को यक़ीनी बनाओ के तमाम पैग़ामात जो ख़ुदा की तरफ से आते हैं वह वाक़ई उस से आते हैं

τὸ καλὸν κατέχετε

पौलुस रूह उल क़ुद्स की तरफ से पैग़ामात की बाबत कहता है गोया वो चीज़ें थीं जिन्हें कोई अपने हाथों में पकड़ सकता था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Thessalonians 5:23

ἁγιάσαι ὑμᾶς ὁλοτελεῖς

यह खुदा का एक शख्स को अपनी नज़र में बेगुनाह और कामिल बनाने से मुराद है।

ὁλόκληρον ὑμῶν τὸ πνεῦμα, καὶ ἡ ψυχὴ, καὶ τὸ σῶμα, ἀμέμπτως…τηρηθείη

यहाँ “रूह, जान,और जिस्म” पूरे शख्स की नुमाइंदगी करता है। अगर आपकी ज़बान में इन तीन हिस्सों के लिए तीन अल्फाज़ नहीं हैं तो आप इसे “तुम्हारी पूरी ज़िन्दगी” या “तुम” के तौर पर बयान कर सकते हैं। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा करे के तुम्हारी पूरी ज़िन्दगी मासूम हो” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Thessalonians 5:24

πιστὸς ὁ καλῶν ὑμᾶς

वह वफ़ादार है जो तुम्हें बुलाता है

ὃς καὶ ποιήσει

वह तुम्हारी मदद करेगा

1 Thessalonians 5:25

पौलुस अपने इख्ततामी बयानात देता है।

1 Thessalonians 5:26

ἀδελφοὺς

यहाँ “भाईयों” के मानी साथी ईमानदार हैं।

1 Thessalonians 5:27

ἐνορκίζω ὑμᾶς τὸν Κύριον, ἀναγνωσθῆναι τὴν ἐπιστολὴν

इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैं तुमसे दरख्वास्त करता हूँ, गोया खुदावंद तुमसे बात कर रहा था, के लोग इस ख़त को पढ़ें, या “खुदावंद के इख्तियार से मैं तुमको इस ख़त को पढ़ने के लिए हिदायत करता हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)