2 Thessalonians
2 Thessalonians front
2 थिस्सलुनीकियों का तार्रुफ़
हिस्सा 1: आम तार्रुफ़
2 थिस्सलुनीकियों के किताब का ख़ाका
- मुबारकबादी और शुक्रगुज़ारी (1:1-3)
- ईज़ारसानी से मसीहियों की अज़ीअत
- वो ख़ुदा की बादशाही और आज़माइशों से इमदाद के उसके वायदे के लाईक हैं (1:4-7)
- ख़ुदा उनका इन्साफ करेगा जो मसीहियों पर सितम करते हैं।(1:8-12). मसीह की दोबारा आमद की बाबत बाज़ ईमानदारों की ग़लत फ़हमी
- मसीह की वापसी अब तक नहीं हुई है (2:1-2)
- उन वाक़यात की बाबत हिदायात जो मसीह की वापसी के पहले होंगे (2:3-12)
- पौलुस का ऐतिमाद कि ख़ुदा थिस्सलुनीके के मसीहियों को नज़ात देगा
- ‘मज़बूत होने’ के लिए उसका बुलावा (2:13-15) 1- उसकी दुआ के ख़ुदा उन्हें तसल्ली देगा (2:16-17)
- पौलुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों से दरख़्वास्त करता है के वो उसके लिए दुआ करें (3:1-5) 1- पौलुस काहिल ईमानदारों को हुक्म देता है (3:6-15)
- इख्तताम (3:16-17)
2 थिस्लुनीकियों किसने लिखा?
2 थिस्लुनिकियों पौलुस ने लिखा। वह तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। एक मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यीशु की बाबत बताते हुए कई दफा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।
पौलुस ने यह ख़त कुरिन्थुस में रहने के दौरान लिखा।
थिस्लुनीकियों की किताब किस बारे में है?
पौलुस ने यह ख़त थिस्सलुनीके के ईमानदारों के लिए लिखा। उसने ईमानदारों की हौसलाअफजाई की क्योंकि उन पर ज़ुल्म हो रहा था। वह उनको बताता है कि उस तरीके की ज़िन्दगी गुजारना ज़ारी रखें जिससे ख़ुदा ख़ुश होता था। और वह उन्हें दोबारा मसीह की वापसी के बाबत तालीम देना चाहता था।
इस किताब के अनवान का तर्ज़ुमा किस तरह किया जाना चाहिए? मुतर्ज़मीन इस किताब को इसके रिवायती अनवान “2 थिस्सलुनीकियों” या “दूसरा थिस्सलुनीकियों” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या वो एक वाज़े अनवान का इन्तखाब कर सकते हैं जैसे “थिस्सलुनीके की कलीसिया के नाम पौलुस का दूसरा ख़त”, या “थिस्सलुनीके के मसीहियों के नाम दूसरा ख़त”। (देखें : INVALID translate/translate-names)
हिस्सा 2 : अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वरात
यीशु की “दूसरी आमद” क्या है?
पौलुस इस ख़त में यीशु की ज़मीन पर आख़िरी वापसी की बाबत ज़ियादा लिखता है। जब यीशु वापस आता है, वह बनी आदम का इन्साफ करेगा। वह तख्लीक़ पर हुकूमत भी करेगा। और वह हर जगह अमन का सबब होगा। पौलुस ने यह भी वज़ाहत किया कि मसीह की वापसी से क़ब्ल एक “गुनाह का शख्स” आएगा। यह शख्स शैतान की फरमाबरदारी करेगा और तमाम लोगों के ख़ुदा का मुखालिफ़त करने का सबब होगा।
हिस्सा 3 : तर्ज़ुमा के अहम मसाएल
पौलुस का इस इज़हार “मसीह में” “ख़ुदावंद में” वगैरा से क्या मतलब है? पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत क़रीबी इत्तहाद के ख्याल का इज़हार करना था। बराए मेहरबानी इस तरीके के इज़हार की बाबत ज़ियादा तफ्सीलात के लिए रोमियों की किताब का तार्रुफ़ देखें।
2 थिस्सलुनीकियों की किताब के मतन में अहम मसाएल क्या हैं?
मुन्दर्ज़ा जैल आयात के लिए, बाइबिल के जदीद तर्जुमे पुराने तर्जुमे से मुख्तलिफ हैं। ULT मतन में जदीद पढ़ाई है और पुराने पढ़ाई को हासिए में रखता है। अगर आम इलाक़े में बाइबिल का एक तर्ज़ुमा मौज़ूद है, मुतर्ज़मीन को उन तर्ज़ुमों की पढ़ाई के इस्तेमाल पर गौर करना चाहिए। अगर नहीं, मुतर्ज़मीन को मश्वरा दिया जाता है कि जदीद तर्ज़ुमे की तक़लीद करें।
- “और लाक़ानूनियत का शख्स ज़ाहिर हुआ है” (2:3). ULT, UST,और ज़ियादातर जदीद तर्ज़ुमे इस तरीके से पढ़ते हैं। पुराने तर्ज़ुमे में “और गुनाह का शख्स ज़ाहिर हुआ है”।
- “क्योंकि ख़ुदा ने तुम्हें नज़ात के वास्ते पहले फल के तौर पर चुन लिया है” (2:13) ULT, UST,और बाज़ दूसरे तर्ज़ुमे इस तरीके से पढ़ते हैं। दूसरे तर्ज़ुमे में “क्योंकि ख़ुदा ने तुम्हें नज़ात के वास्ते इब्तिदा से ही चुन लिया है”।
(देखें: INVALID translate/translate-textvariants)
2 Thessalonians 1
2 थिस्लुनीकियों 01 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
आयात 1-2 इस ख़त का बाक़ायदा तार्रुफ़ करते हैं। क़दीम में मशरिक़ के क़रीब के ख़तूत में इस क़िस्म के तारीफ़ होते थे।
इस बाब में तर्ज़ुमा के दूसरे मुमकिन मुश्किलात
तज़ाद
तज़ाद एक हक़ बयान है जो कुछ नामुमकिन बयान को ज़ाहिर करता है। एक तज़ाद आयात 4-5 में आता है: “तुम्हारी तमाम ईज़ारसानियों में हम तुम्हारे सब्र और ईमान की बाबत बातें करते हैं। जो मुसीबतें तुम बर्दाश्त करते हो हम उसकी बाबत बातें करते हैं। यह ख़ुदा के रास्त इन्साफ की निशानी है”। लोग आमतौर पर ऐसा ख़याल नहीं रखते की ज़ुल्म सहने के दौरान ख़ुदा में ईमान रखना ख़ुदा के रास्त इन्साफ की निशानी है। मगर आयात 5-10, पौलुस तशरीह करता है कि ख़ुदा किस तरह उन लोगों को ईनाम देगा जो उसमें ईमान रखते हैं और किस तरह उनका इन्साफ करेगा जो उन्हें अज़ीयत देते हैं। (2 थिस्लुनीकियों 1:4-5)
2 Thessalonians 1:1
पौलुस इस ख़त का मुसन्निफ़ है, मगर वह सिलवानुस और तीमुथियुस को ख़त के मर्सल के तौर पर शामिल करता है। वह थिस्सलुनीके की कलीसिया को मुबारकबाद देते हुए शुरू करता है। अल्फ़ाज़ “हम” और “हमें” पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद हैं, जब तक दूसरी सूरत मुतनब्बा न हो। लफ्ज़ “तुम” भी ज़मा है और थिस्सलुनीके की कलीसिया के ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)
Σιλουανὸς
यह “सिलास” का लतीनी शक्ल है। वह शख्स वही है जो आमाल की किताब में पौलुस के हमसफ़र के तौर पर दर्ज़ किया गया है।
2 Thessalonians 1:2
χάρις ὑμῖν
पौलुस आमतौर पर अपने ख़तूत में इस मुबारकबाद का इस्तेमाल करता है।
2 Thessalonians 1:3
पौलुस थिस्सलुनीके के ईमानदारों के लिए शुक्र अदा करता है।
εὐχαριστεῖν ὀφείλομεν τῷ Θεῷ πάντοτε
पौलुस “हर वक़्त” का इस्तेमाल एक तजनीस के तौर पर करता है यानी “अक्सर” या “बाक़ायदा”। ज़ुमला उस अज़मत पर ज़ोर देता है जो ख़ुदा थिस्सलुनीके के ईमानदारों की ज़िन्दगी में कर रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमें अक्सर ख़ुदा को शुक्र करना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-hyperbole)
ἀδελφοί
यहाँ “भाई” के मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “भाईयों और बहनों” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
καθὼς ἄξιόν ἐστιν
यह करना सहीह चीज़ है या “यह अच्छा है”
πλεονάζει ἡ ἀγάπη ἑνὸς ἑκάστου, πάντων ὑμῶν, εἰς ἀλλήλους
तुम ख़लूस से एक दूसरे से महब्बत करते हो
ἀλλήλους
यहाँ “एक दूसरे” के मानी है साथी मसीही।
2 Thessalonians 1:4
αὐτοὺς ἡμᾶς
यहाँ “ख़ुद” का इस्तेमाल पौलुस के फ़ख्र पर ज़ोर देने के वास्ते किया गया है।(देखें : INVALID translate/figs-rpronouns)
2 Thessalonians 1:5
καταξιωθῆναι ὑμᾶς τῆς Βασιλείας τοῦ Θεοῦ
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “कि ख़ुदा तुम्हें अपनी बादशाही का हिस्सा होने के क़ाबिल समझेगा”
2 Thessalonians 1:6
जैसा पौलुस ज़ारी रखता है, वह ख़ुदा के रास्त होने की बाबत बात करता है।
εἴπερ δίκαιον παρὰ Θεῷ
ख़ुदा सहीह है या “ख़ुदा रास्त है”
παρὰ Θεῷ, ἀνταποδοῦναι τοῖς θλίβουσιν ὑμᾶς θλῖψιν
यहाँ “वापस करना” एक इस्तआरा है जिसका मानी है किसी को वही तज़ुरबा देना जो उसने किसी और के साथ किया था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “क्योंकि ख़ुदा उनको अज़ीयत देगा जो तुम्हें अज़ीयत देते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Thessalonians 1:7
καὶ ὑμῖν…ἄνεσιν
ये अल्फ़ाज़ बयान करना ज़ारी रखते हैं कि ख़ुदा सहीह है लोगों को “वापस करने” में (आयात 6). यह एक इस्तआरा है जिसका मानी है किसी को वही तज़ुरबा देना जो उसने किसी और के साथ किया था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “और तुम्हें राहत देने के वास्ते” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὑμῖν…ἄνεσιν
आप इसे वाज़े कर सकते हैं कि ख़ुदा है जो राहत फ़राहम करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “क्योंकि ख़ुदा तुम्हें राहत फ़राहम करता है” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)
ἀγγέλων δυνάμεως αὐτοῦ
उसके ताक़तवर फ़िरिश्ते
2 Thessalonians 1:8
ἐν πυρὶ φλογός διδόντος ἐκδίκησιν τοῖς μὴ εἰδόσι Θεὸν, καὶ τοῖς
जो ख़ुदा को नहीं जानते वह उन्हें भड़कती हुई आग से सज़ा देगा और वो जो या “फिर वह जो उसको नहीं जानते उन्हें भड़कती हुई आग से सज़ा देगा और वो जो”
2 Thessalonians 1:9
οἵτινες δίκην τίσουσιν
यहाँ “वो” उन लोगों से मुराद है जो इंजील की फ़रमाबरदारी नहीं करते। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदावंद उनको सज़ा देगा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Thessalonians 1:10
ὅταν ἔλθῃ…ἐν τῇ ἡμέρᾳ ἐκείνῃ
यहाँ “उस दिन” वह दिन है जब यीशु दुनिया में वापस आएगा।
ἐνδοξασθῆναι ἐν τοῖς ἁγίοις αὐτοῦ, καὶ θαυμασθῆναι ἐν πᾶσιν τοῖς πιστεύσασιν
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जब उसके लोग उसे जलाल देंगे और वो तमाम जिन्होंने ईमान लाया उसके खौफ़ में खड़े होंगे” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Thessalonians 1:11
καὶ προσευχόμεθα πάντοτε περὶ ὑμῶν
पौलुस ज़ोर दे रहा कि किस तरह अक्सर वो उनके लिए दुआ करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम भी तुम्हारे लिए बाकायदगी से दुआ करते हैं” या “हम तुम्हारे लिए मुसलसल दुआ करते हैं”
τῆς κλήσεως
यहाँ “बुलावा” ख़ुदा के लोगों को अपने बच्चे और ख़ादिम, और यीशु के ज़रिये उसके नज़ात के पैग़ाम की मनादी के लिए मुक़र्रर या इन्तखाब करने, से मुराद है।
πληρώσῃ πᾶσαν εὐδοκίαν ἀγαθωσύνης
तुम्हें हर तरीक़े से अच्छा करने के क़ाबिल बनाना जिसकी तुम ख्वाहिश करते हो
2 Thessalonians 1:12
ὅπως ἐνδοξασθῇ τὸ ὄνομα τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ, ἐν ὑμῖν
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “कि तुम हमारे ख़ुदावंद यीशु के नाम को जलाल दे सको” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
καὶ ὑμεῖς ἐν αὐτῷ
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “यीशु तुम्हें जलाल देगा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
κατὰ τὴν χάριν τοῦ Θεοῦ ἡμῶν
ख़ुदा के फ़ज़ल के सबब से
2 Thessalonians 2
2 थिस्सलुनीकियों 02 आम नोट
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
“उसके साथ होने के लिए जमा किया जाना”
यह पारा एक वक़्त का हवाला देता है जब यीशु उन्हें अपने पास बुलाता है जो उस पर ईमान लाये। उलेमा इस पर इख्तलाफ करते हैं कि यह मसीह के आख़िरी जलाली वापसी का हवाला देता है या नहीं। (देखें : यक़ीन, यक़ीन करे, यक़ीन किया, ईमानदार, ईमान, बे-ईमान, बे-ईमानों , बे-ईमान, )
गुनाह का शख्स
इस बाब में यह “हलाकत का फ़र्ज़न्द” और “गुनाह का शख्स” के तौर पर यक्सा है। पौलुस उसे शैतान के साथ वाबस्ता करता है जो दुनिया में सरगर्मी से काम कर रहा है। (देखें : मसीह का मुख़ालिफ़, मसीह के मुख़ालिफ़ )
ख़ुदा के मक़दिस में बैठता है
हो सकता है पौलुस यरूशलीम के मक़दिस का हवाला दे रहा हो जो रोमियों ने उसके इस ख़त के लिखे जाने के कई सालों बाद तबाह कर दिया था। या हो सकता है वह मुस्तक़बिल में एक तबीआती मक़दिस का हवाला दे रहा हो, या ख़ुदा के रूहानी मक़दिस के तौर पर कलीसिया का हवाला दे रहा हो। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
2 Thessalonians 2:1
पौलुस ईमानदारों को नसीहत कर रहा है कि यीशु के वापसी के दिन की बाबत धोका न खाएं।
δὲ
लफ्ज़ “अब” पौलुस के हिदायात के मोज़ू में एक तब्दीली की निशानदेही करता है।
ἀδελφοί
यहाँ “भाईयों” के मानी साथी मसीही है, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “भाईयों और बहनों” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
2 Thessalonians 2:2
εἰς τὸ μὴ ταχέως σαλευθῆναι ὑμᾶς…μηδὲ θροεῖσθαι
कि तुम आसानी से ख़ुद को परेशान न होने दो
διὰ πνεύματος, μήτε διὰ λόγου, μήτε δι’ ἐπιστολῆς, ὡς δι’ ἡμῶν
बोले हुए लफ़्ज़ों के ज़रिये या लिखे हुए ख़त के ज़रिये जो हमारी तरफ से आने का झूटा दावा करता है
ὡς ὅτι
कहता है कि
ἡ ἡμέρα τοῦ Κυρίου
यह उस वक़्त से मुराद है जब यीशु ज़मीन पर सारे ईमानदारों के साथ वापस आएगा।
2 Thessalonians 2:3
पौलुस गुनाह के शख्स की बाबत तालीम देता है।
μὴ ἔλθῃ
खुदावंद का दिन नहीं आएगा
ἡ ἀποστασία
यह एक मुस्तक़बिल के वक़्त से मुराद है जब बहुत से लोग ख़ुदा से मुँह फेर लेंगे।
ἀποκαλυφθῇ ὁ ἄνθρωπος τῆς ἀνομίας
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा गुनाह के शख्स को ज़ाहिर करता है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ὁ υἱὸς τῆς ἀπωλείας
पौलुस एक शख्स के तौर पर बर्बादी की बात करता है जिसने एक बेटे को पैदा किया जिसका मक़सद हर शय की मुकम्मल बर्बादी है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वह जो हर शय को बर्बाद करता है जो वह कर सकता है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Thessalonians 2:4
πάντα λεγόμενον θεὸν ἢ σέβασμα
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। “हर शय जिसको लोग ख़ुदा समझते हैं या हर शय जिसकी लोग इबादत करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ἀποδεικνύντα ἑαυτὸν ὅτι ἔστιν Θεός
ख़ुद को ख़ुदा के तौर पर ज़ाहिर करता है
2 Thessalonians 2:5
οὐ μνημονεύετε…ταῦτα
पौलुस एक ख़तीबाना सवाल का इस्तेमाल अपनी तालीम से उन्हें यह याद दिलाने के लिए करता है जब वह पहले उनके साथ था। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मुझे यक़ीन है तुम्हें याद है ........ ये बातें”। (देखें : INVALID translate/figs-rquestion)
ταῦτα
यह यीशु की वापसी से मुराद है, खुदावंद का दिन, और गुनाह का शख्स।
2 Thessalonians 2:6
τὸ ἀποκαλυφθῆναι αὐτὸν ἐν τῷ αὐτοῦ καιρῷ
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा गुनाह के शख्स को ज़ाहिर करेगा जब सहीह वक़्त होगा। (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Thessalonians 2:7
μυστήριον…τῆς ἀνομίας
यह एक मुक़द्दस राज़ का हवाला देता है जो सिर्फ़ ख़ुदा जानता है।
ὁ κατέχων
किसी को गुरेज़ करना उनको रोक कर रखना है या उनको वह करने से रोक कर रखना जो वो करना चाहते हैं।
2 Thessalonians 2:8
καὶ τότε ἀποκαλυφθήσεται ὁ ἄνομος
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “फिर ख़ुदा गुनाह के शख्स को ख़ुद को ज़ाहिर करने की इजाज़त दे देगा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
τῷ πνεύματι τοῦ στόματος αὐτοῦ
यहाँ “सांस’ ख़ुदा की क़ुदरत की नुमाइंदगी करता है। “उसके बोले गए लफ्ज़ की क़ुदरत से” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
καὶ καταργήσει τῇ ἐπιφανείᾳ τῆς παρουσίας αὐτοῦ
जब यीशु ज़मीन पर वापस आता है और ख़ुद को ज़ाहिर करता है वह गुनाह के शख्स को शिकस्त देगा।
2 Thessalonians 2:9
ἐν πάσῃ δυνάμει, καὶ σημείοις, καὶ τέρασιν ψεύδους
तमाम क़िस्म की ताक़त, निशानों, और झूटे मोजिज़ात के साथ
2 Thessalonians 2:10
ἐν πάσῃ ἀπάτῃ ἀδικίας
यह शख्स लोगों को धोका देने और ख़ुदा की बजाय उस में ईमान लाने के लिए हर क़िस्म की बदी का इस्तेमाल करेगा।
τοῖς ἀπολλυμένοις
यह शख्स जिसे शैतान की तरफ से ताक़त दी गयी है हर एक को धोका देगा जो यीशु में ईमान नहीं रखते।
ἀπολλυμένοις
यहाँ “हलाक होना” में दाईमी और अब्दी तबाही का तसव्वर है।
2 Thessalonians 2:11
διὰ τοῦτο
क्योंकि लोग सच्चाई से प्यार नहीं करते
πέμπει αὐτοῖς ὁ Θεὸς ἐνέργειαν πλάνης, εἰς τὸ πιστεῦσαι αὐτοὺς τῷ ψεύδει
पौलुस कह रहा है कि ख़ुदा लोगों के साथ कुछ इस तरह होने की इजाज़त दे रहा है गोया वह उनको कुछ भेज रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा गुनाह के शख्स को उन्हें धोका देने की इजाज़त दे रहा है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Thessalonians 2:12
κριθῶσιν πάντες
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा उन सब का फ़ैसला करेगा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
οἱ μὴ πιστεύσαντες τῇ ἀληθείᾳ, ἀλλὰ εὐδοκήσαντες τῇ ἀδικίᾳ
वो जो नारास्ती के कामों में ख़ुश थे क्योंकि उन्होंने हक़ पर ईमान नहीं लाया
2 Thessalonians 2:13
पौलुस ईमानदारों के लिए ख़ुदा का शुक्र करता है और उनकी हौसला आफ़जाई करता है।
पौलुस अब मोज़ू तब्दील करता है।
δὲ
पौलुस इस लफ्ज़ का इस्तेमाल यहाँ मोज़ू में तब्दीली की निशानदेही के तौर पर करता है।
ἡμεῖς…ὀφείλομεν εὐχαριστεῖν…πάντοτε
लफ्ज़ “हर वक़्त” एक तजनीस है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमें मुसलसल शुक्रगुज़ारी करते रहना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-hyperbole)
ἡμεῖς…ὀφείλομεν
यहाँ “हम” पौलुस, सिलवानुस, और तीमुथियुस से मुराद है।
ἀδελφοὶ ἠγαπημένοι ὑπὸ Κυρίου
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “क्योंकि खुदावंद तुमसे महब्बत करता है, भाईयों” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ἀδελφοὶ
यहाँ “भाईयों” का मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “भाईयों और बहनों” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
ἀπαρχὴν εἰς σωτηρίαν ἐν ἁγιασμῷ Πνεύματος καὶ πίστει ἀληθείας
नज़ात पाने वालों में से पहले लोग होने को इस तरह कहा गया है गोया थिस्सलुनीके के ईमानदार “पहले फल” हों। यह ख़ुलासा इस्म “नज़ात”, पाकीज़गी”, “ईमान”, और “हक़” को दूर करने के लिए भी कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उनमें से पहले लोग होना जो हक़ पर ईमान रखते हैं, और जिन्हें ख़ुदा ने नज़ात दिया है और अपनी रूह के ज़रिये ख़ुद के लिए बरगुजीदा किया है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)
2 Thessalonians 2:15
ἄρα οὖν, ἀδελφοί, στήκετε
पौलुस ईमानदारों की नसीहत करता है कि यीशु में अपने ईमान को क़ायम रखें।
κρατεῖτε τὰς παραδόσεις
यहाँ “रिवायतें” मसीह की सच्चाई से मुराद है जिसकी पौलुस और दीगर रसूलों ने तालीम दी। पौलुस उनको इस तरह कहता है गोया उसके कारईन उनको अपने हाथों से पकड़ सकते थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “रिवायतें याद रखो” या “हक़ पर ईमान रखो’ (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐδιδάχθητε
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमने तुम्हें तालीम दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
εἴτε διὰ λόγου, εἴτε δι’ ἐπιστολῆς ἡμῶν
ज़रिये लफ्ज़ यहाँ “हिदायात के ज़रिये” या “तालीम के ज़रिये” के लिए मिजाज़ मर्सल है। पोशीदा मालूमात को आप वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो हमने तुम्हें ज़बानी तालीम दी उसके ज़रिए या जो हमने तुम्हें ख़त में लिखा उसके ज़रिए” (देखें : INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-synecdoche)
2 Thessalonians 2:16
पौलुस ख़ुदा से बरकत के साथ ख़त्म करता है।
δὲ
पौलुस इस लफ्ज़ का इस्तेमाल यहाँ मोज़ू में तब्दीली की निशानदेही के तौर पर करता है।
δὲ ὁ Κύριος ἡμῶν…ὁ ἀγαπήσας ἡμᾶς καὶ δοὺς
अल्फ़ाज़ “हमारे” और “हमें” सारे ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)
αὐτὸς…ὁ Κύριος…Ἰησοῦς Χριστὸς
यहाँ “ख़ुद” जुमले “खुदावंद यीशु मसीह” पर इज़ाफ़ी ज़ोर देता है। (देखें : INVALID translate/figs-rpronouns)
2 Thessalonians 2:17
παρακαλέσαι ὑμῶν τὰς καρδίας, καὶ στηρίξαι ἐν
यहाँ “दिलों” जज़्बात गाह की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम्हें तसल्ली दें और तुम्हें मज़बूत करें” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
παντὶ ἔργῳ καὶ λόγῳ ἀγαθῷ
हर एक नेक काम जो तुम करते और कहते हो
2 Thessalonians 3
2 थिस्सलुनीकियों 03 आम नोट
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
काहिल और सुस्त अफ़राद
थिस्सलुनीके में, कलीसिया में लोगों के साथ बज़ाहिर एक मसला था जो काम करने के लाईक थे मगर ऐसा करने से इन्कार करते थे। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
तुम्हें क्या करना चाहिए अगर तुम्हारा भाई गुनाह करे?
इस बाब में, पौलुस तालीम देता है कि मसीहियों को इस तरह ज़िन्दगी बसर करने की ज़रुरत है जिससे ख़ुदा को इज्ज़त मिलता है। मसीहियों को एक दूसरे की हौसला आफज़ाई करनी चाहिए और एक दूसरे को जो वो करते हैं उसके लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। कलीसिया की यह भी ज़िम्मेदारी है कि ईमानदारों की तौबा के लिए हौसला आफज़ाई करे जब वो गुनाह करते हैं।
2 Thessalonians 3:1
पौलुस ईमानदारों से उसके और उसके सहाबा के लिए दुआ करने को कहता है।
τὸ λοιπὸν
पौलुस लफ्ज़ “अब” का इस्तेमाल मोज़ू में तब्दीली की निशानदेही के लिए करता है।
ἀδελφοί
यहाँ “भाईयों” का मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “भाईयों और बहनों” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
ἵνα ὁ λόγος τοῦ Κυρίου τρέχῃ καὶ δοξάζηται, καθὼς καὶ πρὸς ὑμᾶς
पौलुस ख़ुदा के कलाम के फैलने को इस तरह कहता है गोया यह एक जगह से दूसरी जगह दौड़ रहा हो। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “कि ज़ियादा और ज़ियादा लोग हमारे ख़ुदावंद यीशु की बाबत हमारे पैग़ाम को ज़ल्द सुनेंगे और इसकी इज्ज़त करेंगे, जिस तरह तुम्हारे साथ हुआ है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
2 Thessalonians 3:2
ῥυσθῶμεν
इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “कि ख़ुदा हमें महफ़ूज़ रखे” या “कि ख़ुदा हमें बचाए” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
οὐ γὰρ πάντων ἡ πίστις
क्योंकि बहुत से लोग यीशु में ईमान नहीं रखते
2 Thessalonians 3:3
ὃς στηρίξει ὑμᾶς
जो तुम्हें मज़बूत करेगा
τοῦ πονηροῦ
शैतान
2 Thessalonians 3:4
πεποίθαμεν
हमारे पास ईमान है या “हम ऐतिमाद करते हैं”
2 Thessalonians 3:5
κατευθύναι ὑμῶν τὰς καρδίας
यहाँ “दिल” एक शख्स के ख्यालात और ज़हन के लिए इश्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तुम्हें समझने की वज़ह दे” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
εἰς τὴν ἀγάπην τοῦ Θεοῦ, καὶ εἰς τὴν ὑπομονὴν τοῦ Χριστοῦ
पौलुस ख़ुदा की महब्बत और मसीह के सब्र को इस तरह कहता है गोया वो एक रास्ते के मंजिल थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा तुमसे कितनी महब्बत रखता है और मसीह ने तुम्हारे वास्ते कितना सब्र किया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Thessalonians 3:6
पौलुस ईमानदारों को काम करने और काहिल न होने की बाबत कुछ आख़िरी हिदायात देता है।
δὲ
पौलुस इस लफ्ज़ का इस्तेमाल मोज़ू में तब्दीली की निशानदेही के लिए करता है।
ἀδελφοί
यहाँ “भाईयों” का मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “भाईयों और बहनों” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
ἐν ὀνόματι τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ
यहाँ नाम यीशु मसीह की शख्सियत के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “गोया हमारा ख़ुदावंद यीशु मसीह ख़ुद बोल रहा था” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
τοῦ Κυρίου ἡμῶν
यहाँ “हमारा” सारे ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)
2 Thessalonians 3:7
μιμεῖσθαι ἡμᾶς
इस तरह अमल करो जिस तरह मैं और मेरे साथी कारकुन अमल करते हैं
οὐκ ἠτακτήσαμεν ἐν ὑμῖν
पौलुस मुश्बत पर ज़ोर देने के लिए दोहरे मनफ़ी का इस्तेमाल करता है। इसे जेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम तुम्हारे दर्मियान उन लोगों की मानिंद रहते थे जो ज़ियादा नज़्म ओ ज़ब्त रखते थे” (देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Thessalonians 3:8
νυκτὸς καὶ ἡμέρας ἐργαζόμενοι
हम रात के दौरान और दिन के दौरान काम करते थे। यहाँ “रात” और “दिन” एक अन्दाज़ ए इज़हार है जिसका मानी है “हर वक़्त”। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम हर वक़्त काम करते थे” (देखें : INVALID translate/figs-merism)
ἐν κόπῳ καὶ μόχθῳ
पौलुस ज़ोर देता है कि उसके हालात किस कदर मुश्किल थे। मुश्किल महनत का मतलब है वह काम जिसमें अज़ीम कोशिश की ज़रुरत है। मुश्किल के मानी है उन्होंने दुख और दर्द बर्दाश्त किया। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बहुत मुश्किल हालात में” (देखें : INVALID translate/figs-doublet)
2 Thessalonians 3:9
οὐχ ὅτι οὐκ ἔχομεν ἐξουσίαν, ἀλλ’
पौलुस मुश्बत पर ज़ोर देने के लिए दोहरे मनफ़ी का इस्तेमाल करता है। इसे मुश्बत के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमें यक़ीनन तुमसे खाना हासिल करने का हक़ है, मगर इसके बजाय हमने अपने खाने के लिए काम किया” (देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Thessalonians 3:10
τις οὐ θέλει ἐργάζεσθαι, μηδὲ ἐσθιέτω
इसे मुश्बत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अगर एक शख्स खाना चाहता है, उसे ज़रूर काम करना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives)
2 Thessalonians 3:11
τινας περιπατοῦντας…ἀτάκτως
यहाँ “चलना” ज़िन्दगी में रवैये के लिए है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बाज़ काहिली ज़िन्दगी जीते हैं” या “बाज़ सुस्त हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἀλλὰ περιεργαζομένους
मुदाख़लत करने वाले लोग वो हैं जो मदद के लिए कहे गए बग़ैर दूसरों के मामलात में दख़ल देते हैं।
2 Thessalonians 3:12
μετὰ ἡσυχίας
एक पुरसकून, पुरअमन, और हल्के तरीक़े से। पौलुस मुदाख़लत करने वालों को दूसरों के मामलात में शामिल होने से बाज़ आने की नसीहत करता है।
2 Thessalonians 3:13
δέ
पौलुस इस लफ्ज़ का इस्तेमाल काहिल ईमानदारों का मेहनतकश ईमानदारों से इख्तलाफ ज़ाहिर करने के लिए करता है।
ὑμεῖς…ἀδελφοί
लफ्ज़ “तुम” सारे थिस्स्लुनीके के ईमानदारों से मुराद है।(देखें : INVALID translate/figs-you)
ἀδελφοί
यहाँ “भाईयों” का मानी है साथी मसीही, जिसमें मर्द और औरत दोनों शामिल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “भाईयों और बहनों” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
2 Thessalonians 3:14
εἰ…τις οὐχ ὑπακούει τῷ λόγῳ ἡμῶν
अगर कोई हमारे हिदायात की इताअत नहीं करता
τοῦτον σημειοῦσθε
निगाह रख्खो की वह कौन है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “आवामी तौर पर उस शख्स की शनाख्त करो”
ἵνα ἐντραπῇ
पौलुस हिदायात करता है की काहिल ईमानदारों को एक नज़्म ओ ज़ब्त के अमल के तौर पर तर्क करें।
2 Thessalonians 3:16
पौलुस थिस्स्लुनीके के ईमानदारों को इख्ततामी कलमात करता है।
αὐτὸς…ὁ Κύριος τῆς εἰρήνης, δῴη ὑμῖν
आप वाज़े कर सकते हैं कि यह थिस्स्लुनीकियों के लिए पौलुस की दुआ है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैं दुआ करता हूँ कि इत्मीनान का ख़ुदावंद ख़ुद ही तुमको देता है” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
αὐτὸς…ὁ Κύριος τῆς εἰρήνης
यहाँ “ख़ुद” ज़ोर देता है कि ख़ुदावंद ज़ाती तौर पर ईमानदारों को इत्मीनान देगा। (देखें : INVALID translate/figs-rpronouns)
2 Thessalonians 3:17
ὁ ἀσπασμὸς τῇ ἐμῇ χειρὶ, Παύλου, ὅ ἐστιν σημεῖον ἐν πάσῃ ἐπιστολῇ, οὕτως γράφω
मैं, पौलुस, इस मुबारकबाद को अपने हाथों से लिखता हूँ, जो मैं हर ख़त में करता हूँ, एक दस्तख़त के तौर पर कि यह ख़त मेरी तरफ से है
οὕτως γράφω
पौलुस वाज़े करता है कि यह ख़त उसकी तरफ से है और जालसाज़ी नहीं है।