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2 Peter

2 Peter front

2 पतरस का ता’अर्रुफ़

हिस्सा 1: ‘आम ता’अर्रुफ़

2 पतरस की किताब का ख़ाका

1.ता’अर्रुफ़ (1:1-2) 1.एक अच्छी ज़िन्दगी जीने के लिए याद दहानी क्योंकि ख़ुदा ने हमें इस क़ाबिल बनाया है (1:3-21) 1. झूटे उस्तादों के ख़िलाफ़ हिदायत(2:1-22) 1. यिसू के दोबारा आने की तैयारी करने के लिए हौसला अफ़ज़ाई (3:1-17)

2 पतरस की किताब को किसने लिखा?

मुसन्निफ़ ने ख़ुद की शिनाख़्त शमा’ऊन पतरस के नाम से की है। शमा’ऊन पतरस एक रसूल था। उसने 1 पतरस भी लिखा था। पतरस ने शायद यह ख़त अपनी मौत से पहले रोम के एक क़ैदख़ाने में लिखा था। पतरस ने इस ख़त को अपना दूसरा ख़त कहा, इसलिए हम इसे 1 पतरस के बा’द की तारीख़ दे सकते हैं। उसने अपने पहले ख़त की तरह ही उन्हीं सुनने वालों को इस ख़त को मुख़ातिब किया। सुनने वाले शायद एशिया माइनर में फ़ैले हुए मसीही थे।

2 पतरस की किताब किस बारे में है?

पतरस ने यह ख़त ईमानदारों को अच्छी ज़िन्दगी जीने के लिए हौसला अफ़ज़ाई के लिए लिखा। उसने उनको झूटे उस्तादों के बारें में हिदायत दी जो कह रहे थे यिसू के वापस आने में देर हो रही है। उसने उनसे कहा कि यिसू के वापस आने में कोई देर नहीं थी। इसके अलावा, ख़ुदा सबको तौबा करने का वक़्त दे रहा है ताकि नजात पायें।

इस किताब के उनवान का तर्जुमा किस तरह होना चाहिए?

मुतर्जिम इस किताब को उसके रिवायती उनवान से पुकार सकते हैं, “2 पतरस” या “दूसरा पतरस”। या वे एक साफ़ उनवान चुन सकते हैं, जैसे, “पतरस की तरफ़ से दूसरा ख़त” या “पतरस का लिखा हुआ दूसरा ख़त”(देखें: INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वुरात

वो लोग कौन थे जिनके ख़िलाफ़ पतरस ने बात कही?

यह मुमकिन है जिनके ख़िलाफ़ पतरस ने बात की ये वो लोग हैं जो आगे चल कर गनासयत के नाम से जाने गये। इन उस्तादों ने अपने मुनाफ़े के लिए कलाम की ता’लीमात को बिगाड़ दिया। वे ग़ैर इख़लाक़ी तरीक़ों से रहते थे और दूसरों को भी ऐसा करना सिखाते थे।

इसका क्या मतलब है कि ख़ुदा ने पाक कलाम को मुतासिर किया?

कलाम का नज़रिया बहुत अहम है। 2 पतरस पढ़ने वालों को यह समझने में मदद करता है कि जबकि कलाम के हर एक मुसन्निफ़ की तहरीर का अपना अलग तरीक़ा था, ख़ुदा कलाम का सच्चा मुसन्निफ़ है (1: 20-21)।

हिस्सा 3: तर्जुमे के अहम मसाएल

वाहिद और जमा’ “आप”

इस किताब में, “मैं” लफ़्ज़ से मुराद पतरस है। इसके अलावा, “आप” लफ़्ज़ हमेशा जमा’ में होता है और पतरस के साम’ईन का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)

2 पतरस की किताब की तहरीर में कौन से अहम मसाएल हैं?

दर्जज़ेल आयात के लिए, किताब-ए-मुक़द्दस के कुछ जदीद तर्जुमे पुराने तर्जुमों से मुख़्तलिफ़ हैं। ULT तहरीर में जदीद पढ़ाई है और पुरानी पढ़ाई को हाशिये में रखा गया है। अगर किताब-ए-मुक़द्दस का तर्जुमा ‘आम इलाक़े में मौजूद है, तो मुतर्जिम को उन तर्जुमों में पाई गई पढ़ाई का इस्ते’माल करने पर ग़ौर करना चाहिए। अगर नहीं, तो मुतर्जमीन को नयी पढ़ाई की पैरवी करने का मशविरा दिया जाता है।

  • “फ़ैसले लेने तक कम अँधेरे की जंज़ीरों में रखा जाना चाहिए” (2: 4)। कुछ जदीद तर्जुमों और पुराने तर्जुमों में, “फ़ैसले तक कम अंधेरे के गड्ढों में रखा जाना है।”
  • “जब वे आपके साथ ज़ियाफ़त कर रहे होते हैं तो वे अपने फ़रेबी कामों का लुत्फ़ लेते हैं” (2:13)। कुछ तर्जुमों में, “वे अपने कामों का लुत्फ़ लेते हैं, जबकि वे आपके साथ मुहब्बत की ज़ियाफ़तों में दा’वत खा रहे हैं।”
  • “ब’ऊर” (2:15)। कुछ दूसरे तर्जुमे पढ़ते हैं, “बोसोर।”
  • “अजराम-ए-फ़लक को आग से जला दिया जाएगा, और ज़मीन और इसमें किए गए ‘आमाल का खुलासा होगा” (3:10)। दूसरे तर्जुमों में, “अजराम-ए-फ़लक को आग से जला दिया जाएगा, और ज़मीन और उसमें के कामों को जला दिया जाएगा।”

    (देखें: INVALID translate/translate-textvariants)

2 Peter 1

2 पतरस 01 ‘आम नुक़ते

ख़ाका और बनावट

पतरस रस्मी तौर से इस ख़त को आयत 1-2 में पेश किया है। मुसन्निफ़ अक्सर ख़तूत का आग़ाज़ क़दीम मशरिक़ वस्ती में इस तरह किया करते थे।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

ख़ुदा का ‘इल्म

ख़ुदा का ‘इल्म रखने का मतलब है उससे ताल्लुक़ रखना या उससे रिश्ता क़ायम रखना। यहां, “’इल्म” सिर्फ़ ज़हनी तौर से ख़ुदा के बारे में जानने से कहीं ज़्यादा है। यह एक ता’लीम है जो ख़ुदा को एक इन्सान को बचाने और उसे फ़ज़ल और सुकून देने की वजह बनती है। (देखें: जानना, जानता है, जानता था, जानना, ‘इल्म, ‘इल्म होना, पता करना, पता करता है, पता किया, अनजान, पहले से जानना, पहले से ‘इल्म)

दीनदार की ज़िन्दगी गुज़ारना

पतरस सिखाता है कि ख़ुदा ने ईमानदारों को वह सब दिया है जो उन्हें दीनदार की ज़िन्दगी जीने के लिए चाहिए। इसलिए, ईमानदारों को वह सब कुछ करना चाहिए जो वे ज़्यादा से ज़्यादा ख़ुदा को मानने के लिए कर सकते हैं। अगर ईमानदार ऐसा करना ज़ारी रखते हैं, तो वे यिसू के साथ अपने रिश्तों के ज़रिए’ से असरदार और नतीज़ाख़ेज़ होंगे। हालाँकि, अगर ईमानदारों ने ख़ुदाई ज़िन्दगी जीना ज़ारी नहीं रखा है, तो यह ऐसा है जैसे वे भूल गए हैं कि ख़ुदा ने उन्हें बचाने के लिए मसीह के ज़रिए’ से क्या किया था। (देखें: ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती और बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )

इस बाब में दीगर मुमकिन तर्जुमें की मुश्किलात

कलाम की सच्चाई

पतरस सिखाता है कि पाक कलाम में नबुव्व्तें आदमियों के ज़रिए’ नहीं की गई थीं। पाक रूह ने उन लोगों के लिए ख़ुदा के पैग़ाम को ज़ाहिर किया जो उन्हें बोलते थे या उन्हें लिखते थे। इसके अलावा, पतरस और दूसरे रसूलों ने उन कहानियों को नहीं बनाया जो उन्होंने लोगों को यिसू के बारे में बताई थी। उन्होंने देखा कि यिसू ने क्या किया और सुना कि ख़ुदा ने यिसू को अपना फ़र्ज़न्द कहा।

2 Peter 1:1

पतरस ख़ुद को मुसन्निफ़ की शक्ल में पहचानता है और उन ईमानदारों की पहचान करता है और मुबारकबाद देता है जिन्हें वह लिख रहा है।

δοῦλος καὶ ἀπόστολος Ἰησοῦ Χριστοῦ

पतरस यिसू मसीह के ख़ादिम होने की बात करता है। उन्हें मसीह के रसूल होने का ‘उहदा और इख़्तियार भी दिया गया था।

τοῖς ἰσότιμον…λαχοῦσιν πίστιν

इन लोगों को ईमान हासिल हुआ है का मतलब है कि ख़ुदा ने उन्हें ईमान दिया है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों को जिन्हें ख़ुदा ने एक ही क़ीमती ईमान दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τοῖς…λαχοῦσιν

आपको जिन्हें हासिल हुआ है। पतरस उन सभी ईमानदारों को मुख़ातिब करता है जो इस ख़त को पढ़ सकते हैं।

ἡμῖν

यहाँ “हम” लफ़्ज़ पतरस और दीगर रसूलों का हवाला देता है, लेकिन उन लोगों को नहीं जिन्हें वह लिख रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम रसूलों ने हासिल किया है” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)

2 Peter 1:2

χάρις…καὶ εἰρήνη πληθυνθείη

ख़ुदा ही वह है जो ईमानदारों को फ़ज़ल और इत्मीनान देगा। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा आपका फ़ज़ल और आपका इत्मीनान बढ़ाए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

χάρις…καὶ εἰρήνη πληθυνθείη

पतरस इत्मीनान की बात करता है जैसे कि यह एक ऐसी चीज़ थी जो क़द या ता’दाद में बढ़ सकती थी। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν ἐπιγνώσει τοῦ Θεοῦ, καὶ Ἰησοῦ τοῦ Κυρίου ἡμῶν

आप एक ज़बानी जुमले का इस्ते’माल करके “’इल्म” का तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा और हमारे ख़ुदावन्द यिसू को तुम्हारे जानने के ज़रिए’ से” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 1:3

पतरस ने ईमानदारों को ख़ुदाई ज़िन्दगी जीने के बारे में ता’लीम देना शुरू’ किया।

πρὸς ζωὴν καὶ εὐσέβειαν

यहां “दीनदारी” लफ़्ज़ “ज़िन्दगी” का ज़िक्र करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदाई ज़िन्दगी के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-hendiadys)

τοῦ καλέσαντος ἡμᾶς

यहाँ लफ़्ज़ “हमें” पतरस और उनके साम’ईन का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

2 Peter 1:4

δι’ ὧν

यहां “ये” “उसके अपने शान और नेकी को बताता है।”

γένησθε…κοινωνοὶ

तुम बाँट सकते हो

θείας…φύσεως

ख़ुदा कैसा है

ἀποφυγόντες τῆς ἐν τῷ κόσμῳ ἐν ἐπιθυμίᾳ φθορᾶς

पतरस उन लोगों के बदकारी से परेशान ना होने की बात करता है जो बुरी ख़्वाहिशों की वजह बनते हैं जैसे कि वे उस बदकारी से बच रहे थे। लफ़्ज़ “बदकारी” एक क़यासी इस्म है जिसे एक ज़बानी जुमले के साथ तर्जुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और ताकि इस दुनिया में शरीर ख़्वाहिशें आपको बदकार नहीं करेंगी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 1:5

αὐτὸ τοῦτο

यह हवाला देता है कि पतरस ने पिछली आयत में क्या कहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने जो किया है उसकी वजह से” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

2 Peter 1:7

τὴν φιλαδελφίαν

यह एक दोस्त या ख़ानदान के फ़र्द के लिए मुहब्बत को ज़ाहिर करता है और इमकान का मतलब है किसी के रूहानी ख़ानदान के लिए मुहब्बत।

2 Peter 1:8

ταῦτα

यह ईमान, नेकी, ‘इल्म, ख़ुद पर क़ाबू, सब्र, दीनदारी, बिरादराना उल्फ़त और मुहब्बत का हवाला देता है, जिसका पतरस ने पिछली आयात में ज़िक्र किया है।

οὐκ ἀργοὺς οὐδὲ ἀκάρπους καθίστησιν

पतरस एक ऐसे इन्सान की बात करता है जिसके पास ये ख़ूबी नहीं हैं जैसे कि वह एक ऐसा ‘इलाक़ा है जो एक फ़सल की पैदावार नहीं करेगा। इसे मुसबत अल्फ़ाज़ में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम पैदावार करोगे और फल लाओगे” या “तुम असरदार होगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἀργοὺς οὐδὲ ἀκάρπους

ये लफ़्ज़ बुनियादी तौर से एक ही बात का मतलब है और इस बात पर ज़ोर देते हैं कि यह इन्सान नतीज़ाख़ेज़ नहीं होगा या यिसू को जानने से कोई फ़ायदा नहीं होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “बेफल” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

εἰς τὴν τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ, ἐπίγνωσιν

आप एक ज़बानी जुमले का इस्ते’माल करके “’इल्म” का तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा और हमारे ख़ुदावन्द यिसू को तुम्हारे जानने के ज़रिए’ से” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 1:9

ᾧ…μὴ πάρεστιν ταῦτα

कोई भी इन्सान जिसके पास ये चीज़ें नहीं हैं

τυφλός ἐστιν μυωπάζων

पतरस एक ऐसे इन्सान की बात करता है जिसके पास ये ख़ूबियाँ नहीं होती हैं जैसे कि वह एक कोताह नज़र या अंधा इन्सान था क्योंकि वह उनके क़ीमत को नहीं समझता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक तंग नज़र इन्सान की तरह है जो उनकी ख़ूबी नहीं देख सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τοῦ καθαρισμοῦ τῶν πάλαι αὐτοῦ ἁμαρτιῶν

तुम इसका तर्जुमा करने के लिए एक फ़े’अल का इस्ते’माल कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “कि ख़ुदा ने उसे उसके पुराने गुनाहों से आज़ाद कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 1:10

βεβαίαν ὑμῶν τὴν κλῆσιν καὶ ἐκλογὴν ποιεῖσθαι

अल्फ़ाज़ “बुलाना” और “चुनना” एक जैसे ही मतलब को बयाँ करते हैं और ये कहते हैं कि ख़ुदावन्द ने उनसे ता’अल्लुक़ रखने के लिए उन्हें चुना। मुतबादिल तर्जुमा: “यक़ीनी बनाएं कि ख़ुदा ने हक़ीक़त में आपको उससे मुता’अल्लिक़ चुना है” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

οὐ μὴ πταίσητέ

यहाँ “ठोकर” लफ़्ज़ से मुराद है या तो 1) गुनाह करना। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम गुनाहगार रवैये पर ‘अमल नहीं करोगे” या 2) मसीह के लिए बे-ईमान हो जाना। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम मसीह के लिए बे-ईमान नहीं बनोगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 1:11

πλουσίως ἐπιχορηγηθήσεται ὑμῖν ἡ εἴσοδος εἰς τὴν αἰώνιον βασιλείαν

इसे फ़’आल के तौर में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हारे लिए अबदी बादशाही में दाख़िला ‘अता करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἡ εἴσοδος

दाख़िल होने का मौक़ा

2 Peter 1:12

पतरस ईमानदारों को उनकी ज़िम्मेदारियों के बारे में मुसलसल याद दिलाता और ता’लीम देता है।

ἐστηριγμένους ἐν τῇ…ἀληθείᾳ

तुम उन बातों की सच्चाई पर मज़बूती से ईमान रखो।

2 Peter 1:13

διεγείρειν ὑμᾶς ἐν ὑπομνήσει

यहाँ “हलचल” लफ़्ज़ का मतलब किसी को नींद से जगाना है। पतरस अपने पढ़ने वालों को इन चीज़ों के बारे में सोचने के लिए बोलता है जैसे कि वह उन्हें नींद से जगा रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको इन चीज़ों की याद दिलाने के लिए ताकि तुम उनके बारे में सोचोगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐφ’ ὅσον εἰμὶ ἐν τούτῳ τῷ σκηνώματι

पतरस अपने जिस्म के बारे में ऐसे बोलता है जैसे कि वह एक ख़ैमा है जिसे वह पहन रहा है और उतार देगा। उसके जिस्म में होना ज़िन्दा होने की पैरवी करता है, और इसे उतारना मरने की पैरवी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तक मैं इस जिस्म में हूं” या “जब तक मैं ज़िन्दा हूं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-euphemism)

2 Peter 1:14

ταχινή ἐστιν ἡ ἀπόθεσις τοῦ σκηνώματός μου

पतरस अपने जिस्म के बारे में ऐसे बोलता है जैसे कि वह एक ख़ैमा है जिसे वह पहन रहा है और उतार देगा। उसके जिस्म में होना ज़िन्दा होने की पैरवी करता है, और इसे उतारना मरने की पैरवी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं जल्द ही इस जिस्म को उतारूंगा” या “मैं जल्द ही मर जाऊंगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-euphemism)

2 Peter 1:15

ἑκάστοτε, ἔχειν ὑμᾶς…τὴν τούτων μνήμην ποιεῖσθαι

यहाँ अल्फ़ाज़ “ये बातें” उन सभी बातों को बताता है जो पतरस ने पिछली आयात में कही हैं।

μετὰ τὴν ἐμὴν ἔξοδον

पतरस अपनी मौत की बात करता है जैसे कि वह एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए छोड़ रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरी मौत के बा’द” या “मरने के बा’द” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-euphemism)

2 Peter 1:16

पतरस ईमानदारों को अपनी ता’लीमात समझाता रहता है और बताता है कि वे भरोसेमंद क्यों हैं।

οὐ γὰρ σεσοφισμένοις μύθοις ἐξακολουθήσαντες

यहाँ “हम” लफ़्ज़ पतरस और दीगर रसूलों का हवाला देता है, लेकिन उनके पढ़ने वालों को नहीं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि हम रसूलों ने चालाकी से गढ़ी हुई कहानियों की पैरवी नहीं की” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)

τὴν…δύναμιν καὶ παρουσίαν

ये दोनों जुमले एक ही चीज़ को बताते हैं और एक जुमले की शक्ल में तर्जुमा किए जा सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ताक़तवर आमद” (देखें: INVALID translate/figs-hendiadys)

τοῦ Κυρίου ἡμῶν Ἰησοῦ Χριστοῦ…παρουσίαν

मुमकिन मतलब हैं 1) मुस्तक़बिल में ख़ुदावन्द यिसू की दूसरी आमद या 2) ख़ुदावन्द यिसू की पहली आमद।

τοῦ Κυρίου ἡμῶν Ἰησοῦ Χριστοῦ

यहाँ “हमारे” लफ़्ज़ से मुराद सभी ईमानदार हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

2 Peter 1:17

φωνῆς ἐνεχθείσης αὐτῷ…ὑπὸ τῆς Μεγαλοπρεποῦς Δόξης

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब उसने अफ़ज़ल जलाल से एक आवाज़ सुनी” या “जब उसने अफ़ज़ल जलाल की आवाज़ को उससे बात करते सुना” या “जब अफ़ज़ल जलाल ने उससे बात की” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῆς Μεγαλοπρεποῦς Δόξης

पतरस ख़ुदा के बारे में बताता है उसके जलाल के अल्फ़ाज़ में। यह एक ख़ुशबख़्ती है जो ख़ुदा के नाम को इस्ते’माल करने से गुरेज़ करता है, उसके लिए ता’ज़ीम से। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा, ‘आला जलाल, कहना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-euphemism)

2 Peter 1:18

ταύτην τὴν φωνὴν ἡμεῖς ἠκούσαμεν ἐξ οὐρανοῦ, ἐνεχθεῖσαν

“हम,” लफ़्ज़ के साथ पतरस ख़ुद का और शागिर्दों या’क़ूब और यूहन्ना का जिक्र कर रहा है, जिन्होंने ख़ुदा की आवाज सुनी। मुतबादिल तर्जुमा: “हमने ख़ुद इस आवाज़ को सुना जो आसमान से आई थी” (देखें: INVALID translate/figs-exclusive)

ταύτην τὴν φωνὴν…ἠκούσαμεν ἐξ οὐρανοῦ, ἐνεχθεῖσαν

आसमान से बात करने वाले की आवाज सुनी

σὺν αὐτῷ, ὄντες

हम मसीह के साथ थे

2 Peter 1:19

पतरस ईमानदारों को झूटे उस्तादों के बारे में हिदायत देना शुरू’ करता है।

καὶ ἔχομεν βεβαιότερον τὸν προφητικὸν λόγον

पतरस और दीगर रसूलों ने जो बातें देखीं, जो उसने पिछली आयात में बयान की हैं, तस्दीक़ करता है कि नबियों ने क्या बात की थी। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन चीज़ों को हमने देखा वो इस नबुव्वत के पैग़ाम को ज़्यादा यक़ीनी बनाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

καὶ ἔχομεν

यहाँ लफ़्ज़ “हम” से मुराद पतरस और पढ़ने वालों के साथ-साथ सभी ईमानदार हैं । (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

βεβαιότερον τὸν προφητικὸν λόγον

इसकी मुराद पुराने ‘अहदनामे से है। मुतबादिल तर्जुमा: “सहीफ़े, जो नबियों ने कहा, बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ᾧ καλῶς ποιεῖτε προσέχοντες

पतरस ईमानदारों को नबुव्वत के पैग़ाम पर पूरा ध्यान देने की हिदायत देता है।

ὡς λύχνῳ φαίνοντι ἐν αὐχμηρῷ τόπῳ, ἕως οὗ ἡμέρα διαυγάσῃ

पतरस ने नबुव्वत लफ़्ज़ की मिसाल एक ऐसे चराग़ से दी, जो सुबह रोशनी आने तक अंधेरे में रोशनी देता है। सुबह का आना मसीह के आने का हवाला है। (देख: INVALID translate/figs-simile)

φωσφόρος ἀνατείλῃ ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν

पतरस “सुबह का सितारा” की शक्ल में मसीह की बात करता है, जो सवेरा और अंधेरे का ख़ात्मा क़रीब होने का इशारा करता है। मसीह ईमानदारों के दिलों में रोशनी लाएगा, सभी शक को ख़त्म करेगा और पूरी समझ लाएगा कि वह कौन है। यहां “दिल” लोगों के दिमाग़ के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह अपनी रोशनी को आपके दिलों में चमकाता है जैसे सुबह का सितारा दुनिया में अपनी रोशनी चमकाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

φωσφόρος

“सुबह का सितारा” सय्यारा ज़ुहरा का हवाला देता है, जो कभी-कभी सूरज से ठीक पहले उगता है और इशारा करता है कि सवेरा क़रीब है।

2 Peter 1:20

τοῦτο πρῶτον γινώσκοντες

सबसे ‘अहम, आपको समझना चाहिए

προφητεία…ἰδίας ἐπιλύσεως οὐ γίνεται

मुम्किन मतलब हैं 1) पैगंबरों ने अपनी नबुव्वतों को अपने आप से नहीं बनाया 2) लोगों को नबुव्वतों को समझने के लिए पाक रूह पर भरोसा करना चाहिए या 3) लोगों को ईमानदारों की पूरी मसीही बिरादरी की मदद से नबुव्व्तों की तशरीह करना चाहिए।

2 Peter 1:21

ὑπὸ Πνεύματος Ἁγίου φερόμενοι, ἐλάλησαν ἀπὸ Θεοῦ ἄνθρωποι

पतरस पाक रूह की बात करता है जो नबियों को यह लिखने में मदद करता है जो ख़ुदा उन्हें लिखवाना चाहता था जैसे कि पाक रूह उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पर ले जा रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “आदमियों ने ख़ुदा की तरफ़ से बात की जिस तरह पाक रूह ने उन्हें हिदायत दी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 2

2 पतरस 02 ‘आम नुक़ते

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात ### जिस्म

“जिस्म” एक इन्सान के गुनाहगार फ़ितरत के लिए एक इस्तआरा है। यह इन्सान का जिस्मानी हिस्सा नहीं है जो गुनाहगार है। “जिस्म” इंसानी फ़ितरत की पैरवी करता है जो सभी दीनदार चीज़ों को मुस्तरद करता है और जो गुनाहगार है उसकी ख़्वाहिश करता है। यिसू पर ईमान करके पाक रूह हासिल करने से पहले सभी इन्सानों की यही हालत है। (देखें: गोश्त )

नाज़ाब्ता मालूमात

2: 4-8 में कई तम्सील हैं जिन्हें समझना मुश्किल है अगर पुराने ‘अहदनामे का अभी तक तर्जुमा नहीं हुआ है। मज़ीद वज़ाहत ज़रूरी हो सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

2 Peter 2:1

पतरस झूटे उस्तादों के बारे में ईमानदारों को इन्तिबाह करना शुरू’ करता है।

ἐγένοντο…ψευδοπροφῆται ἐν τῷ λαῷ…καὶ ἐν ὑμῖν ἔσονται ψευδοδιδάσκαλοι

जिस तरह झूटे नबी अपने कलामो से इस्राईल को फ़रेब देते आए थे, उसी तरह झूटे उस्ताद मसीह के बारे में झूठ बोलते आएंगे।

αἱρέσεις ἀπωλείας

लफ़्ज़ “बिद’अतें” उन ख़यालात को बयान करता है जो मसीह और रसूलों की ता’लीम के मुख़ालिफ़ हैं। ये बिद’अतें उन लोगों के ईमान को बर्बाद कर देती हैं जो उन्हें मानते हैं।

τὸν ἀγοράσαντα αὐτοὺς Δεσπότην

यहां “मालिक” लफ़्ज़ एक ऐसे इन्सान को बताता है जो गुलामों का मालिक है। पतरस यिसू के उन लोगों के मालिक की शक्ल में बात करता है जिन्हें उसने ख़रीदा है, उसकी मौत की क़ीमत से। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-explicit)

2 Peter 2:2

ταῖς ἀσελγείαις

ग़ैर-इख़लाक़ी जिन्सी सुलूक

ἡ ὁδὸς τῆς ἀληθείας βλασφημηθήσεται

जुमला “राह-ए-हक़” मसीही ईमान को ख़ुदा के सच्चे रास्ते की शक्ल में बताता है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बे-ईमान राह-ए-हक़ की तौहीन करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 2:3

πλαστοῖς λόγοις ὑμᾶς ἐμπορεύσονται

आपको झूठ बोलकर उन्हें पैसे देने के लिए क़ायल करते हैं

οἷς τὸ κρίμα…οὐκ ἀργεῖ, καὶ ἡ ἀπώλεια αὐτῶν οὐ νυστάζει

पतरस “मज़म्मत” और “तबाही” की बात करते हैं जैसे कि वे ऐसे इन्सान हैं जो काम करते हैं। दोनों जुमलों का मतलब बुनियादी शक्ल से एक ही बात है और इस बात पर ज़ोर देना कि झूटे उस्तादों की कितनी जल्दी मज़म्मत की जाएगी। (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-parallelism)

οἷς τὸ κρίμα…οὐκ ἀργεῖ, καὶ ἡ ἀπώλεια αὐτῶν οὐ νυστάζει

आप इन जुमलों को मुसबत अल्फ़ाज़ में फ़’अल के साथ तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा जल्द ही उनकी मज़म्मत करेगा; वह उन्हें बर्बाद करने के लिए तैयार है” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives और INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 2:4

पतरस ऐसे लोगों की मिसाल देता है जिन्होंने ख़ुदा के ख़िलाफ़ काम किया और जिन्हें ख़ुदा ने सज़ा दी क्योंकि उन्होंने जो किया।

οὐκ ἐφείσατο

सज़ा देने से परहेज़ नहीं किया या “सज़ा दी”

ταρταρώσας

लफ़्ज़ “टारटारस” यूनानी मज़हब का एक लफ़्ज़ है जो उस जगह को बताया जाता है जहां बुरी रूहें और बुरे आदमी जो मर गए हैं उन्हें सज़ा दी जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने उन्हें जहन्नुम में डाल दिया” (देखें: INVALID translate/translate-names)

σειροῖς ζόφου…τηρουμένους

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जहां वह उन्हें कम अंधेरे की जंज़ीरों में रखेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

σειροῖς ζόφου

मुम्किन मतलब 1) “एक बहुत ही अंधेरी जगह में जंज़ीरों में” या 2) “बहुत गहरे अंधेरे में जो उन्हें जंज़ीरों की तरह क़ैद करता है।” (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς κρίσιν

यह अदालत के दिन का बयान करता है जब ख़ुदा हर एक इन्सान का अदालत करेगा।

2 Peter 2:5

ἀρχαίου κόσμου οὐκ ἐφείσατο

यहां “दुनियाँ” लफ़्ज़ उन लोगों को बताता है जो इसमें रहते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने क़दीम दुनिया में रहने वाले लोगों को नहीं छोड़ा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὄγδοον, Νῶε…ἐφύλαξεν

ख़ुदा ने नूह और सात और लोगों को हलाक नहीं किया जब उसने क़दीम दुनिया में रहने वाले बाक़ी लोगों को हलाक कर दिया।

2 Peter 2:6

πόλεις Σοδόμων καὶ Γομόρρας τεφρώσας

आग से सदोम और अमूरा के शहरों को तब तक जलाया गया जब तक कि सिर्फ़ राख ही नहीं रह गई

καταστροφῇ κατέκρινεν

यहाँ “उन्हें” लफ़्ज़ सदोम और अमूरा और उनमें रहने वाले लोगों का बयान करता है।

ὑπόδειγμα μελλόντων ἀσεβέσιν

सदोम और अमोरा एक मिसाल के तौर पर ख़िदमत करते हैं और यह तन्बीह देता है कि ख़ुदा की नाफ़रमानी करने वाले दूसरों का क्या होगा।

2 Peter 2:7

पतरस लूत की एक मिसाल देता है, जिसे ख़ुदा ने उन आदमियों में से बचाया था जो सज़ा के हक़दार थे।

τῆς τῶν ἀθέσμων ἐν ἀσελγείᾳ ἀναστροφῆς

ख़ुदा के क़ानून को तोड़ने वाले लोगों का ग़ैर-इख़लाक़ी सुलूक

2 Peter 2:8

ὁ δίκαιος

यह लूत को बताता है।

ψυχὴν δικαίαν…ἐβασάνιζεν

यहाँ “जान” लूत के ख़यालात और जज़्बात को बयान करता है। सदोम और अमोरा के बाशिन्दों के ग़ैर-इख़लाक़ी सुलूक ने उन्हें जज़्बाती तौर से परेशान कर दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत परेशान था” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

2 Peter 2:10

पतरस नारास्त आदमियों की ख़ासियतों का ज़िक्र करना शुरू’ करता है।

μάλιστα

लफ़्ज़ “यह” बयान करता है कि ख़ुदा अदालत के दिन तक नारास्त आदमियों को ज़ेल में रखें 2 Peter 2:9

τοὺς…σαρκὸς ἐν ἐπιθυμίᾳ μιασμοῦ πορευομένους

यहाँ जुमले “जिस्म की ख्वाहिशात” से मतलब गुनाहगार फ़ितरत की ख़्वाहिशों से है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो अपनी बदकार, गुनाहगार ख़्वाहिशों को ज़ारी रखना चाहते हैं”

κυριότητος καταφρονοῦντας

ख़ुदा के इख़्तियार में जाने से इंकार। यहाँ लफ़्ज़ “इख़्तियार” शायद ख़ुदा के इख़्तियार का बयान करता है।

κυριότητος

यहाँ “इख़्तियार” ख़ुदा के लिए है, जिसे हुक्म देने और नाफ़रमानी करने वाले को सज़ा देने का इख़्तियार है। (देख: INVALID translate/figs-metonymy)

αὐθάδεις

वे जो करना चाहते हैं, करें

δόξας

यह जुमला रूहानी जानदारों का बयान करता है, जैसे फ़रिश्ते या बदरूहें।

2 Peter 2:11

ἰσχύϊ καὶ δυνάμει μείζονες

झूटे उस्तादों से ज़्यादा ताक़त और क़ुव्वत

οὐ φέρουσιν κατ’ αὐτῶν…βλάσφημον κρίσιν

“वे” लफ़्ज़ फ़रिश्तों का बयान करता है। “उन्हें” लफ़्ज़ के लिए मुम्किन मतलब हैं 1) शानदार लोग या 2) झूटे असातज़ा।

φέρουσιν κατ’ αὐτῶν…βλάσφημον κρίσιν

यह ख़याल कि फ़रिश्ते उन पर इल्ज़ाम लगा सकते हैं, जैसे कि वे उन पर हथियारों की शक्ल में इल्ज़ाम लगाकर हमला कर सकते हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 2:12

οὗτοι…ὡς ἄλογα ζῷα, γεγεννημένα φυσικὰ εἰς ἅλωσιν καὶ φθοράν

जिस तरह जानवर बहस नहीं कर सकते, वैसे ही इन लोगों के साथ बहस नहीं किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ये झूटे उस्ताद बे’अक़्ल जानवरों की तरह हैं जिन्हें पकड़कर हलाक कर दिया जाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν οἷς ἀγνοοῦσιν βλασφημοῦντες

वे उस बुराई को बोलते हैं जो वे नहीं जानते या समझते हैं।

φθαρήσονται

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उन्हें हलाक कर देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 2:13

ἀδικούμενοι μισθὸν ἀδικίας

पतरस सज़ा के बारे में बोलता है जो झूटे उस्तादों को इस तरह से मिलेगी जैसे कि यह एक इन’आम था। मुतबादिल तर्जुमा: “वे हासिल करेंगे जिसके वो मुस्तहक़ है अपने ग़लत कामों के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-irony)

τὴν ἐν ἡμέρᾳ τρυφήν

यहाँ “‘ऐश-ओ-आराम” लफ़्ज़ का मतलब ग़ैर-इख़लाक़ी सर्गर्मियों से है जिसमें पेटूपन, नशेबाज़ी और जिन्सी सर्गर्मियाँ शामिल है। दिन के दौरान इन चीज़ों को करना इशारा करता है कि ये लोग इस सुलूक से शर्मिंदा नहीं हैं।

σπίλοι καὶ μῶμοι

लफ़्ज़ “दाग़” और “ऐब” एक जैसे मतलब बताते हैं। पतरस झूटे उस्तादों की बात करता है जैसे कि वे एक कपड़े पर दाग़ थे जो इसे पहनने वालों के लिए शर्म की बात है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे कपड़े पर दाग़ और धब्बे की तरह हैं, जो शर्मिंदगी की वजह बनते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-doublet)

2 Peter 2:14

ὀφθαλμοὺς ἔχοντες μεστοὺς μοιχαλίδος

यहाँ “आँखें” उनकी ख़्वाहिशों की पैरवी करती हैं और “आँखें भर” का मतलब है कि वे मुसलसल कुछ चाहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वे लगातार ज़िनाकारी करना चाहते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἀκαταπαύστους ἁμαρτίας

अगरचे वे अपनी ख़्वाहिशात को मुतमइन करने के लिए गुनाह करते हैं, लेकिन वे जो गुनाह करते हैं वह कभी मुतमइन नहीं होते हैं।

δελεάζοντες ψυχὰς ἀστηρίκτους

यहाँ “जानों” लफ़्ज़ इन्सानों का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे ग़ैर-मुस्तहकम लोगों को अमादा करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

καρδίαν γεγυμνασμένην πλεονεξίας

यहां “दिलों” लफ़्ज़ इन्सान के ख़यालात और जज़्बात को ज़ाहिर करता है। अपने फ़ितरतन कामों की वजह से, उन्होंने ख़ुद को लालच से सोचने और अमल करने के लिए तरबियत याफ़्ता किया है। (देख: INVALID translate/figs-metonymy)

2 Peter 2:15

καταλειπόντες εὐθεῖαν ὁδὸν, ἐπλανήθησαν ἐξακολουθήσαντες

इन झूटे उस्तादों ने सही रास्ता छोड़ दिया है और पैरवी करने के लिए भटक गए हैं। झूटे उस्तादों ने ख़ुदा के लिए फ़रमाबरदार होने से इनकार कर दिया है क्योंकि उन्होंने ख़ारिज कर दिया है कि क्या सही है।

εὐθεῖαν ὁδὸν

सही सुलूक जो ख़ुदा की ‘इज़्ज़त करता है उसकी बात की जाती है जैसे कि वह पैरवी करने का रास्ता था। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 2:16

ἔλεγξιν…ἔσχεν

तुम इसकी वज़ाहत कर सकते हो कि यह ख़ुदा था जिसने बल’आम को डाँट लगाई थी। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे झिड़क दिया” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ὑποζύγιον ἄφωνον ἐν ἀνθρώπου φωνῇ φθεγξάμενον

एक गधा, जो क़ुदरती तौर पर बोलने के लायक़ नहीं है, एक इंसान जैसी आवाज़ के साथ बोला।

ἐκώλυσεν τὴν τοῦ προφήτου παραφρονίαν

पैगंबर की बेवक़ूफ़ी भरे ‘आमाल को रोकने के लिए ख़ुदा ने एक गधे का इस्ते’माल किया। (देख: INVALID translate/figs-metonymy)

2 Peter 2:17

οὗτοί εἰσιν πηγαὶ ἄνυδροι

पानी के साथ बहने वाले चश्मे प्यासे लोगों के लिए ताज़गी का वा’दा करते हैं, लेकिन “बगैर पानी के चश्मे” प्यासे को मायूस करेंगे। उसी तरह, झूटे उस्ताद, हालांकि वे कई चीज़ों का वा’दा करते हैं, लेकिन वे जो वा’दा करते हैं वह करने के लायक़ नहीं हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

ὁμίχλαι ὑπὸ λαίλαπος ἐλαυνόμεναι

जब लोग तूफ़ान के बादल देखते हैं, तो वे बारिश की उम्मीद करते हैं। जब तूफ़ान से आने वाली हवाएं बारिश गिर सकने से पहले बादलों को उड़ा सकती हैं, तो लोग मायूस होते हैं। उसी तरह, झूटे उस्ताद, हालांकि वे कई चीज़ों का वा’दा करते हैं, लेकिन वे जो वा’दा करते हैं वह करने के लायक़ नहीं हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

οἷς ὁ ζόφος τοῦ σκότους τετήρηται

लफ़्ज़ “उन्हें” झूटे उस्तादों का ज़िक्र करता है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनके लिए गहरी तारीकी की मायूसी को बरकरार रखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 2:18

ὑπέρογκα…ματαιότητος φθεγγόμενοι

वे असरदार लेकिन बे मतलब अल्फ़ाज़ का इस्ते’माल करते हैं।

δελεάζουσιν ἐν ἐπιθυμίαις σαρκὸς ἀσελγείαις

वे लोगों को ग़ैर-इख़लाक़ी और गुनाह के कामों में मशग़ूल करने के लिए गुनाहगार फ़ितरत की अपील करते हैं।

τοὺς ὀλίγως ἀποφεύγοντας τοὺς ἐν πλάνῃ ἀναστρεφομένους

यह जुमला उन लोगों का हवाला देता है जो हाल ही में ईमानदार बने हैं। जुमला “जो लोग गुमराही में रहते हैं” बे-ईमानों का हवाला देता है जो अभी भी गुनाह में रहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग रास्त तरीक़े से जीने की कोशिश करते हैं, गुनाहगार तरीक़े से जीने की बजाय जैसा कि वे करते थे और जिस तरह दीगर लोग करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τοὺς ὀλίγως ἀποφεύγοντας

पतरस उन लोगों की बात करते हैं जो गुनाहगार रहते हैं जैसे कि वे गुनाह के ग़ुलाम हैं जिन्हें उनकी क़ैद से रिहा करने की ज़रूरत है। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 2:19

ἐλευθερίαν αὐτοῖς ἐπαγγελλόμενοι, αὐτοὶ δοῦλοι ὑπάρχοντες τῆς φθορᾶς

यहाँ आज़ादी एक मुहावरा है जीने की वैसी ही सलाहियत के लिए जैसी कोई चाहता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वे उन्हें जीने की सलाहियत देने का वा’दा करते हैं, बिल्कुल जैसा कि वे जीना चाहते हैं, लेकिन वे ख़ुद अपनी गुनाहगार ख़्वाहिशों से बच नहीं सकते” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐλευθερίαν…ἐπαγγελλόμενοι…δοῦλοι…τῆς φθορᾶς

पतरस उन लोगों की बात करता है जो गुनाहगार रहते हैं जैसे कि वे गुनाह के ग़ुलाम हैं जिन्हें उनकी क़ैद से रिहा करने की ज़रूरत है। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

ᾧ γάρ τις ἥττηται, τούτῳ δεδούλωται

पतरस एक इन्सान को एक ग़ुलाम की शक्ल में बोलता है जब उस इन्सान पर किसी भी चीज़ का क़ाबू होता है, और वह चीज़ उस इन्सान के मालिक की शक्ल में होती है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर किसी चीज़ का किसी इन्सान पर क़ाबू है, तो वह इन्सान उस चीज़ के ग़ुलाम जैसा हो जाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 2:20

“वे” और “उन्हें” लफ़्ज़ उन झूटे उस्तादों का ज़िक्र करते हैं, जिन्हें पतरस 12-19 आयतों में बोलता है।

εἰ…ἀποφυγόντες…δὲ πάλιν ἐμπλακέντες ἡττῶνται, γέγονεν…τὰ ἔσχατα χείρονα τῶν πρώτων

यह जुमला एक शर्तिया बयान की तफ़सील है जो सच है। झूटे उस्ताद एक वक़्त में “बच गए,” लेकिन अगर वे फिर से उलझ गए ... और आगे निकल गए, तो “आख़िरी हालत पहले की मुक़ाबले में बदतर हो गई है।”

τὰ μιάσματα τοῦ κόσμου

लफ़्ज़ “आलूदगी” गुनाहगार सुलूक का हवाला देता है जो एक इख़लाक़ी शक्ल से नापाक बनाता है। “दुनिया” इन्सानी मु’आसरे का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाहगार इन्सानी मु’आसरे के नापाक तरीक़े” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν ἐπιγνώσει τοῦ Κυρίου…καὶ Σωτῆρος, Ἰησοῦ Χριστοῦ

आप एक ज़बानी जुमला का इस्ते’माल करके “‘इल्म” का तर्जुमा कर सकते हैं। देखें कि आपने इसी तरह के जुमलों का तर्जुमा [2 पतरस 1: 2] (../ 01 / 02.md) में कैसे किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द और मुनज्जी यिसू मसीह को जानकर” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

γέγονεν αὐτοῖς τὰ ἔσχατα χείρονα τῶν πρώτων

उनकी हालत पहले के मुक़ाबले में बदतर है

2 Peter 2:21

τὴν ὁδὸν τῆς δικαιοσύνης

पतरस ज़िन्दगी को “रास्ता” या राह की शक्ल में बोलते हैं। यह जुमला एक ज़िन्दगी जीने के लिए बताता है जो ख़ुदा की मर्ज़ी के मुताबिक़ है। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

ὑποστρέψαι ἐκ τῆς…ἁγίας ἐντολῆς

यहाँ “से फिर जाना” एक इस्तआरा है जिसका मतलब है कुछ करने से रुकना। मुतबादिल तर्जुमा: “पाक हुक्म की फ़रमाबरदारी करना बंद करें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τῆς παραδοθείσης αὐτοῖς ἁγίας ἐντολῆς

इसे फ़’आल अल्फ़ाज़ में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह पाक हुक्म जिसे ख़ुदा ने उन तक पहुँचाया” या “ पाक हुक्म जिसे ख़ुदा ने मुक़र्रर किया कि उन्हें हासिल हुआ” (देखें INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 2:22

συμβέβηκεν αὐτοῖς τὸ τῆς ἀληθοῦς παροιμίας

यह कहावत उन पर लागू होती है या “यह कहावत उनका ज़िक्र करती है”

κύων ἐπιστρέψας ἐπὶ τὸ ἴδιον ἐξέραμα, καί, ὗς λουσαμένη, εἰς κυλισμὸν βορβόρου

पतरस ने दो कहावतों का इस्ते’माल करते हुए बताया कि कैसे झूटे असातज़ा, हालांकि वे “रास्तबाज़ी की राह”, जानते हैं, उन चीज़ों की तरफ़ फिर गए हैं जो उन्हें इख़लाक़ी और रूहानी शक्ल से नापाक बनाती हैं। (देख: INVALID translate/writing-proverbs)

2 Peter 3

2 पतरस 03 ‘आम नुक़ते

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

आग

लोग अक्सर चीज़ों को बर्बाद करने या गंदगी और बेकार हिस्सों को जलाकर कुछ पाक करने के लिए आग का इस्ते’माल करते हैं। इसलिए जब ख़ुदा बुरे लोगों को सज़ा देता है या अपने लोगों को पाक करता है, तो यह अक्सर आग से जुड़ा होता है। (देखें: आग, आग, लुकटियों, करछों, चिमनियों, भट्ठा, अंगीठियाँ )

ख़ुदावन्द का दिन

ख़ुदावन्द की आमद के दिन का सही वक़्त लोगों के लिए एक ता’अज्जुब की शक्ल में आएगा। यही तशबीह “रात में चोर की तरह” का मतलब है। इस वजह से, मसीहियों को ख़ुदावन्द की आमद के लिए तैयार रहना है। (देखें: ख़ुदावन्द का दिन, यहोवा का दिन और INVALID translate/figs-simile)

2 Peter 3:1

पतरस आख़िरी दिनों के बारे में बात करना शुरू’ करता है।

διεγείρω ὑμῶν…τὴν εἰλικρινῆ διάνοιαν

पतरस अपने पढ़ने वालों को इन चीज़ों के बारे में सोचने के लिए बोलता है जैसे कि वह उन्हें नींद से जगा रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमको पाक ख़याल सोचने के लिए सबब बनाना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 3:2

τῶν προειρημένων ῥημάτων, ὑπὸ τῶν ἁγίων προφητῶν

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अल्फ़ाज़ जो पाक नबियों ने माज़ी में बोले” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῆς τῶν ἀποστόλων ὑμῶν ἐντολῆς τοῦ Κυρίου καὶ Σωτῆρος

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे ख़ुदावन्द और मुनज्जी का हुक्म, जो आपके रसूलों ने आपको दिए थे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 3:3

τοῦτο πρῶτον γινώσκοντες

इसे सबसे ‘अहम बात की शक्ल में जानते हैं। देखें कि आपने [2 पतरस 1:20] (../ 01 / 20.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया।

κατὰ τὰς ἰδίας ἐπιθυμίας αὐτῶν πορευόμενοι

यहां “ख़्वाहिशें” लफ़्ज़ गुनाहगार ख़्वाहिशों का हवाला देता है जो ख़ुदा की मर्ज़ी के मुख़ालिफ़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अपनी ख़ुद की गुनाहगार ख़्वाहिशों के मुताबिक़ जीना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πορευόμενοι

‘अमल, सुलूक

2 Peter 3:4

ποῦ ἐστιν ἡ ἐπαγγελία τῆς παρουσίας αὐτοῦ

तंज़ करने वाले इस बयानबाज़ी के सवाल को इस बात पर ज़ोर देने के लिए पूछते हैं कि वे इस बात पर ईमान नहीं रखते कि यिसू लौट आएगा। लफ़्ज़ “वा’दा” उस वा’दे को पूरा करना ज़ाहिर करता है कि यिसू वापस आएगा। मुतबादिल तर्जुमा: “यिसू ने जो वा’दा किया था वह सच नहीं है! वह नहीं लौटेगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-metonymy)

οἱ πατέρες ἐκοιμήθησαν

यहां “बाप-दादा” उन बुज़र्गों का हवाला देता है जो बहुत पहले रहते थे। नींद में जाना मरने के लिए एक ख़ुशबख़्ती है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे बुज़ुर्गों की मौत हो गई” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)

πάντα οὕτως διαμένει ἀπ’ ἀρχῆς κτίσεως

तंज़ करने वाले “सब कुछ” लफ़्ज़ के साथ मुबालग़ा करते हैं, और वो बहस करते हैं कि चूँकि दुनिया में कुछ भी कभी नहीं बदला है, यह सच नहीं हो सकता है कि यिसू वापस आ जाएगा। (देख: INVALID translate/figs-hyperbole)

ἀπ’ ἀρχῆς κτίσεως

इसका तर्जुमा ज़बानी जुमला की शक्ल में किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चूंकि ख़ुदा ने दुनिया बनाई है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 3:5

οὐρανοὶ ἦσαν ἔκπαλαι, καὶ γῆ…συνεστῶσα τῷ τοῦ Θεοῦ λόγῳ

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने आसमान और ज़मीन को क़ायम किया .... बहुत पहले अपने लफ़्ज़ से” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐξ ὕδατος καὶ δι’ ὕδατος συνεστῶσα

इसका मतलब यह है कि ख़ुदा ने ज़मीन को पानी से बाहर किया, ज़मीन को ज़ाहिर करने के लिए पानी के चश्मों को एक साथ इकट्ठा किया।

2 Peter 3:6

δι’ ὧν

यहां “ये बातें” ख़ुदा के लफ़्ज़ और पानी का ज़िक्र करती हैं।

ὁ τότε κόσμος ὕδατι κατακλυσθεὶς ἀπώλετο

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उस दुनिया को जो उस वक़्त मौज़ूद थी पानी से भर दिया और उसे तबाह कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 3:7

οἱ…οὐρανοὶ καὶ ἡ γῆ, τῷ αὐτῷ λόγῳ τεθησαυρισμένοι εἰσὶν, πυρὶ

इसे फ़’आल की श्क्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा, उसी लफ़्ज़ से, आसमान और ज़मीन को आग के लिए महफ़ूज़ कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῷ αὐτῷ λόγῳ

यहां “हुक्म” ख़ुदा के लिए खड़ा है, जो हुक्म देगा: AT “ख़ुदा, जो उसी तरह का एक हुक्म देगा”

τηρούμενοι εἰς ἡμέραν κρίσεως

यह फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है और एक नया जुमला शुरू’ कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह अदालत के दिन के लिए उन्हें महफ़ूज़ रख रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

εἰς ἡμέραν κρίσεως καὶ ἀπωλείας τῶν ἀσεβῶν ἀνθρώπων

इसे ज़बानी जुमलों के साथ कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उस दिन के लिए जब वह अदालत करता है और नारास्त लोगों को हलाक कर देता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

2 Peter 3:8

μὴ λανθανέτω ὑμᾶς

तुमको इसे समझने में नाकाम नहीं होना चाहिए या “इसे नज़र अंदाज़ न करें”

ὅτι μία ἡμέρα παρὰ Κυρίῳ ὡς χίλια ἔτη

कि ख़ुदावन्द के नज़रिए से, एक दिन एक हजार साल की तरह है

2 Peter 3:9

οὐ βραδύνει Κύριος τῆς ἐπαγγελίας

ख़ुदावन्द अपने वा’दों को पूरा करने के लिए आहिश्ता-आहिश्ता आगे नहीं बढ़ता है

ὥς τινες βραδύτητα ἡγοῦνται

कुछ लोग सोचते हैं कि ख़ुदावन्द अपने वा’दों को पूरा करने के लिए सुस्त है क्योंकि उनका वक़्त का नज़रिया ख़ुदा के मुक़ाबले मुख्तलिफ़ है।

2 Peter 3:10

δὲ

अगरचे ख़ुदावन्द सब्रदार है और चाहता है कि लोग तौबा करें, वह वास्तव में वापस आएगा और अदालत करेगा।

ἥξει…ἡμέρα Κυρίου ὡς κλέπτης

पतरस उस दिन की बात करता है जब ख़ुदा सभी का अदालत करेगा जैसे कि वह एक चोर था जो ग़ैरमुतवक़्क़ा’ तौर पर लोगों को हैरत में डालेगा। (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-simile)

οἱ οὐρανοὶ…παρελεύσονται

आसमान ग़ायब हो जाएंगे

στοιχεῖα…καυσούμενα λυθήσεται

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा आग से अजराम-ए-फ़लक को जलाएंगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

στοιχεῖα

मुम्किन मतलब हैं 1) आसमानी जिस्म, जैसे सूरज, चाँद और सितारे या 2) आसमान और ज़मीन को बनाने वाली चीज़ें जैसे मिट्टी, हवा, आग और पानी।

γῆ καὶ τὰ ἐν αὐτῇ ἔργα εὑρεθήσεται

ख़ुदा तमाम ज़मीन और सभी के ‘आमाल को देखेगा, और फिर वह सब कुछ का अदालत करेगा। इसे फ़’आल अल्फ़ाज़ में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ज़मीन और उस पर लोगों ने जो कुछ भी किया है उसे बेनक़ाब करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 3:11

पतरस ईमानदारों को बताना शुरू’ करता है कि उन्हें कैसे जीना चाहिए जबकि वे ख़ुदावन्द के दिन का इंतज़ार करते हैं।

τούτων οὕτως πάντων λυομένων

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चूँकि ख़ुदा इन सभी चीज़ों को इस तरह बर्बाद कर देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ποταποὺς δεῖ ὑπάρχειν?

पतरस इस बयानबाजी के सवाल का इस्ते’माल इस पर ज़ोर देने के लिए करता है कि वह आगे क्या कहेगा, कि उन्हें “पाक और दीनदार ज़िन्दगी जीना चाहिए।” मुतबादिल तर्जुमा: “तुम जानते हो कि तुमको किस तरह के लोग होने चाहिए।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

2 Peter 3:12

οὐρανοὶ πυρούμενοι, λυθήσονται, καὶ στοιχεῖα καυσούμενα, τήκεται

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा आग से आसमान को बर्बाद कर देगा, और वह अजराम-ए-फ़लक को हरारत की शिद्दत में पिघला देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

στοιχεῖα

मुम्किन मतलब 1 हैं) आसमानी जिस्म, जैसे सूरज, चाँद और सितारे या 2) आसमान और ज़मीन को बनाने वाली चीज़ें जैसे मिट्टी, हवा, आग और पानी। देखें कि आपने इसका तर्जुमा [2 पतरस 3:10] (../ 03 / 10.md) में कैसे किया।

2 Peter 3:13

ἐν οἷς δικαιοσύνη κατοικεῖ

पतरस “रास्तबाज़ी” की बात करता है जैसे कि वह एक इन्सान था। यह उन लोगों के लिए एक इस्तआरा है जो रास्तबाज़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जहाँ रास्तबाज़ लोग रहा करेंगे” या “जहाँ लोग सही तरीक़े से रहेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metonymy)

2 Peter 3:14

σπουδάσατε ἄσπιλοι καὶ ἀμώμητοι αὐτῷ εὑρεθῆναι ἐν εἰρήνῃ

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उस तरीक़े से जीने की पूरी कोशिश करें ताकि ख़ुदा आपको बेदाग़ और बेइल्ज़ाम पाए, और उसके और एक दूसरे के साथ सुकून से रहें” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἄσπιλοι καὶ ἀμώμητοι

लफ़्ज़ “बेदाग़” और “बेइल्ज़ाम” का मतलब ख़ास तौर से एक ही चीज़ है और इख़लाक़ी पाकीज़गी पर ज़ोर देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पूरी तरह से पाक” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ἄσπιλοι

यहाँ यह “बेऐब” के लिए है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 3:15

τὴν τοῦ Κυρίου ἡμῶν μακροθυμίαν, σωτηρίαν ἡγεῖσθε

क्योंकि ख़ुदावन्द सब्रदार है, अदालत का दिन अभी तक नहीं हुआ है। इससे लोगों को तौबा करने और बचाये जाने का मौक़ा मिलता है, जैसा कि उन्होंने [2 पतरस 3: 9] (../ 03 / 09.md) में वज़ाहत किया। मुतबादिल तर्जुमा: “इसके अलावा, हमारे ख़ुदावन्द के सब्र के बारे में सोचें कि वह आपको तौबा करने और बचने का मौक़ा दे रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

κατὰ τὴν δοθεῖσαν αὐτῷ σοφίαν

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे जो ‘इल्म दिया है उसके मुताबिक़” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

2 Peter 3:16

ἐν πάσαις ταῖς ἐπιστολαῖς, λαλῶν…περὶ τούτων

पौलुस अपने सभी ख़तों में ख़ुदा के सब्र की बात करता है जो नजात की तरफ़ रहनुमाई करता है

ἐν αἷς ἐστιν δυσνόητά τινα

पौलुस के ख़तों में ऐसी बातें हैं जिन्हें समझना मुश्किल है।

ἃ οἱ ἀμαθεῖς καὶ ἀστήρικτοι στρεβλοῦσιν

जाहिल और ग़ैर-मुस्तहकम आदमी उन चीज़ों की ग़लत तशरीह करते हैं जो पौलुस के ख़तों में समझना मुश्किल है।

οἱ ἀμαθεῖς καὶ ἀστήρικτοι

जाहिल और ग़ैर-मुस्तहकम । इन लोगों को यह नहीं सिखाया गया है कि पाक कलाम की ठीक से तशरीह कैसे करें और ख़ुशख़बरी की सच्चाई में अच्छी तरह से क़ायम नहीं हैं।

πρὸς τὴν ἰδίαν αὐτῶν ἀπώλειαν

उनकी अपनी बर्बादी का नतीज़ा

2 Peter 3:17

पतरस ईमानदारों को हिदायत देता है और अपने ख़त को ख़त्म करता है।

ὑμεῖς…προγινώσκοντες

ये बातें ख़ुदा के सब्र और इन झूटे उस्तादों की ता’लीमात के बारे में सच्चाई का हवाला देती हैं।

φυλάσσεσθε

अपनी हिफ़ाज़त करो

ἵνα μὴ τῇ τῶν ἀθέσμων πλάνῃ συναπαχθέντες

यहाँ “गुमराह किया” कुछ ग़लत करने के लिए राज़ी होने के लिए इस्तआरा है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि ग़ैर-क़ानूनी लोग आपको फ़रेब न दें और तुम्हारे कुछ ग़लत करने का सबब बनें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐκπέσητε τοῦ ἰδίου στηριγμοῦ

ईमानदारी की बात इस तरह जाती है जैसे कि यह एक ऐसी मिल्कियत थी जिसे ईमानदार खो सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ईमानदार होना छोड़ दो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

2 Peter 3:18

αὐξάνετε…ἐν χάριτι, καὶ γνώσει τοῦ Κυρίου ἡμῶν καὶ Σωτῆρος, Ἰησοῦ Χριστοῦ

यहाँ ख़ुदावन्द के फ़ज़ल और ‘इल्म में बढ़ना उसके फ़ज़ल को महसूस करने और उसे और ज़्यादा जानने की नुमाइंदगी करता है। क़यासी इस्म “फ़ज़ल” का इज़हार “हुस्ने सुलूक” जुमले के साथ किया जा सकता है” मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे ख़ुदावन्द और मुनज्जी यिसू मसीह का फ़ज़ल ज़्यादा हासिल करें, और उसे ज़्यादा जानें” या “इस बारे में ज़्यादा होशियार रहें कि हमारा ख़ुदावन्द और मुनज्जी यिसू मसीह कैसे तुम्हारे लिए हुस्ने सुलूक करता है, और उसे बेहतर जानें”(देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)