2 Timothy
2 Timothy front
2 तीमुथियुस का तार्रुफ़
हिस्सा 1: आम तार्रुफ़
2 तीमुथियुस के किताब का ख़ाका
- पौलुस तीमुथियुस को सलाम कहता है और ख़ुदा की ख़िदमत करते हुए उसे मुश्किलात बर्दाश्त करने के लिए उसकी हौसला आफजाई करता है (1:1-2:13).
- पौलुस तीमुथियुस को आम हिदायात देता है (2:14-26).
- पौलुस तीमुथियुस को मुस्तक़बिल के वाक़यात के बाबत तन्बीह करता है और उसकी हिदायत करता है के किस तरह वह ख़ुदा की ख़िदमत को अन्जाम दे। (3:1-4:8).
- पौलुस ज़ाती कैफ़ियात देता है (4:9-24).
2 तीमुथियुस की किताब को किसने लिखा?
पौलुस ने 2 तीमुथियुस की किताब को लिखा। वह तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। एक मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यिसू की बाबत बताते हुए कई दफा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।
यह किताब तीमुथियुस को लिखा गया पौलुस का दूसरा ख़त है। तीमुथियुस उसका शागिर्द और क़रीबी दोस्त था। पौलुस ने रोम में क़ैद के दौरान यह ख़त लिखा था। यह ख़त लिखने के बाद जल्द ही पौलुस मर जाएगा।
2 तीमुथियुस की किताब किस बारे में है?
पौलुस ने तीमुथियुस को इफ़िसुस शहर में वहाँ के ईमानदारों की मदद के लिए छोड़ दिया था। पौलुस ने यह ख़त मुख्तलिफ़ मामलात पर तीमुथियुस की हिदायत करने के लिए लिखा। जिन मोज़ूआत का उसने ज़िक्र किया उसमे झूटे उसातज़ा के ख़िलाफ़ तन्बीहात और मुश्किल हालात को बर्दाश्त करना शामिल हैं। यह ख़त ये भी ज़ाहिर करता है के किस तरह पौलुस तीमुथियुस को कलीसियाओं के दरमियान एक रहनुमा होने के लिए तरबियत दे रहा था।
इस किताब के उनवान का तर्ज़ुमा किस तरह किया जाना चाहिए?
मुतर्ज़मीन इस किताब को इसके रिवायती उनवान “2 तीमुथियुस” या “दूसरा तीमुथियुस” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या वो एक वाज़े उनवान का इन्तखाब कर सकते हैं, जैसे “तीमुथियुस के नाम पौलुस का दूसरा ख़त” या “तीमुथियुस के नाम दूसरा ख़त”। (देखें : INVALID translate/translate-names)
हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वरात
2 तीमुथियुस में फौजी की मन्ज़रकशी क्या है?
जबके पौलुस ने क़ैद में इन्तजार किया, यह जानते हुए के वह जल्द मर जायेगा, वह अक्सर ख़ुद का ज़िक्र यिसू मसीह के एक सिपाही के तौर पर करता है। सिपाही अपने रहनुमाओं को जवाब देते हैं। इसी तरह, मसीही यिसू को जवाब देते हैं। मसीह के “सिपाहियों” के तौर पर, ईमानदारों को उसके अहकामात की अताअत करनी है, चाहे वो उसके नतीजे में मर जाएँ।
सहीफ़ा ख़ुदा का इल्हाम है से क्या मुराद है?
ख़ुदा सहीफ़ों का हक़ीक़ी मुसन्निफ़ है। उसने किताबें लिखने वाले इन्सानी मुसन्निफ़ीन को मुतासिर किया। इसके मानी है ख़ुदा ने किसी तरह लोगों को वही लिखने पर मजबूर किया जो उन्होंने लिखा था। यही वजह है के ख़ुदा के कलाम के तौर पर इसका हवाला दिया जाता है। इससे बाईबल के बारे में कई चीज़ें ज़ाहिर होती हैं। पहला, बाईबल ग़लती से पाक है और उस पर ऐतबार किया जा सकता है। दूसरा, हम उनसे जो इसे बिगाड़ना या बर्बाद करना चाहते हैं सहीफ़े की हिफ़ाजत के लिए ख़ुदा पर भरोसा कर सकते हैं। तीसरा, ख़ुदा का कलाम दुनिया के तमाम ज़बानों में तर्जुमा किया जाना चाहिए।
हिस्सा 3: अहम तर्जुमा के मसाएल
वाहिद और जमा “तुम”
इस किताब में, लफ्ज़ “मैं” पौलुस से मुराद है। यहाँ लफ्ज़ “तुम” ज़ियादातर हमेशा वाहिद है और तीमुथियुस से मुराद है। 4:22 इसका इस्तिसना है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)
पौलुस का इज़हार “मसीह में”, “खुदावंद में” वगैरा से क्या मुराद है?
पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत क़रीबी इत्तहाद के ख़याल का इज़हार करना था। बराए मेहरबानी इस तरीके के इज़हार की बाबत ज़ियादा तफ्सीलात के लिए रोमियों की किताब का तार्रुफ़ देखें।
2 तीमुथियुस की किताब के मतन में अहम मसाएल क्या हैं?
दर्ज ए जैल आयत के लिए, बाईबल के जदीद तर्ज़ुमे पुराने तर्ज़ुमे से मुख्तलिफ़ हैं। ULT मतन में जदीद पढ़ाई है और पुराने पढ़ाई को एक हासिए में रखता है। अगर आम इलाक़े में बाईबल का एक तर्जुमा मौज़ूद है, मुतर्ज़मीन को उन तर्ज़ुमों में पायी जाने वाली पढ़ाई के इस्तेमाल पर ग़ौर करना चाहिए। अगर नहीं, मुतर्ज़मीन को ज़दीद तर्ज़ुमे की पैरवी करने का मश्वरा दिया जाता है।
- “इसके लिए, मैं मनादी करने वाला, रसूल, और उस्ताद मुक़र्रर हुआ” (1:11). बाज़ पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं, “इसके लिए, मैं ग़ैर क़ौमों को मनादी करने वाला, रसूल, और उस्ताद मुक़र्रर हुआ”।
- “ख़ुदा के सामने उनकी ताकीद कर” (2:14). बाज़ पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं, ख़ुदावन्द के सामने उनकी ताकीद कर”।
(देखें : INVALID translate/translate-textvariants)
2 Timothy 1
2 तीमुथियुस 01 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
पौलुस बाक़ायदा तौर पर इस ख़त का आयात 1-2 में तार्रुफ़ करता है। क़दीम मशरिक़ के क़रीब मुसन्निफ़ अक्सर ख़तूत को इस तरीक़े से शुरू करते थे।
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
रूहानी फ़र्ज़न्द
पौलुस ने तीमुथियुस को एक मसीही और कलीसिया के रहबर के तौर पर शागिर्द बनाया था। हो सकता है पौलुस मसीह में ईमान लाने में उसकी रहनुमाई भी किया हो। पस, पौलुस तीमुथियुस को “प्यारा फ़र्ज़न्द” कहता है। (देखें : शागिर्द, शागिर्दों और रूह , रूहें , रूहानी )
इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात
ज़ुल्म ओ सितम
पौलुस क़ैद में था जब उसने इस ख़त को लिखा। पौलुस इन्जील के वास्ते दुख उठाने के लिए तीमुथियुस की हौसला आफज़ाई करता है। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
2 Timothy 1:2
ἡμῶν
इस किताब में, जब तक दूसरी सूरत ज़िक्र न की गयी हो, लफ्ज़ “हमारा” पौलुस (इस ख़त का मुसन्निफ़) और तीमुथियुस (वह जिसको यह ख़त लिखा गया है) और इसके साथ साथ तमाम ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)
2 Timothy 1:1
Παῦλος
आपकी ज़बान में ख़त के मुसन्निफ़ के तार्रुफ़ का एक ख़ास तरीक़ा हो सकता है। साथ ही, मुसन्निफ़ का तार्रुफ़ करने के फ़ौरन बाद, आप यह इशारा करना चाह सकते हैं के ख़त किसे लिखा गया था, जैसा के UST में।
διὰ θελήματος Θεοῦ
ख़ुदा की मर्ज़ी से या “ख़ुदा इसे ऐसा होने के लिए चाहता था”। पौलुस रसूल बना क्योंके ख़ुदा चाहता था के वह रसूल बने और न के एक इन्सान के मुन्तखिब करने के वजह से।
κατ’
मुमकिन मायने 1) “के मक़सद से”। इसका मतलब है के यिसू में ज़िन्दगी के वादे को दूसरों को बताने के लिए ख़ुदा ने पौलुस को मुक़र्रर किया या 2) “रखते हुए”। इसका मतलब है के जिस तरह ख़ुदा वादा करता है के यिसू ज़िन्दगी देता है, उसी वसीयत से ख़ुदा ने पौलुस को रसूल बनाया है।
ζωῆς τῆς ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
पौलुस “ज़िन्दगी” का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह यिसू के अन्दर एक चीज़ थी। यह उस ज़िन्दगी से मुराद है जो लोग मसीह यिसू से ताल्लुक रखने के नतीजे में हासिल करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उस ज़िन्दगी का जो हम मसीह यिसू से ताल्लुक रखने के नतीजे में हासिल करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 1:2
Τιμοθέῳ
आपकी ज़बान में उस शख्स के तार्रुफ़ का एक ख़ास तरीक़ा हो सकता है जो ख़त वसूल करता है। साथ ही, मुसन्निफ़ का तार्रुफ़ करने के फ़ौरन बाद, आप यह इशारा करना चाह सकते हैं के ख़त किसे लिखा गया था, जैसा के UST में।
ἀγαπητῷ τέκνῳ
प्यारे फ़र्ज़न्द या “फ़र्ज़न्द जिसे मैं महब्बत करता हूँ” यहाँ “फ़र्ज़न्द” बड़ी महब्बत और मंज़ूरी का लफ्ज़ है। यह भी हो सकता है के पौलुस ने मसीह का तार्रुफ़ तीमुथियुस से किया, और पस यही वजह है के पौलुस उसे अपने ख़ुद के फ़र्ज़न्द की तरह समझा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो मेरे प्यारे फ़र्ज़न्द की तरह है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
χάρις, ἔλεος, εἰρήνη, ἀπὸ
मेहरबानी, रहम, और इत्मीनान तुझे हासिल होता रहे या “मैं दुआ करता हूँ के तुझे फ़ज़ल, रहम और इत्मीनान हासिल हो”
Θεοῦ Πατρὸς καὶ
ख़ुदा, जो बाप है, और। यह ख़ुदा के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें : INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples) पौलुस यहाँ ख़ुदा का बतौर हवाला दे रहा है 1) मसीह का बाप, या 2) ईमानदारों का बाप।
मसीह यिसू, जो हमारा ख़ुदावन्द है
2 Timothy 1:3
ᾧ λατρεύω ἀπὸ προγόνων
जिसकी मैं ख़िदमत करता हूँ जिस तरह मेरे बाप दादा ने किया
ἐν καθαρᾷ συνειδήσει
पौलुस अपने ज़मीर का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह जिस्मानी तौर पर साफ़ हो सकता था। “साफ़ ज़मीर” वाला शख्स मुजरिम महसूस नहीं करता है क्योंके उसने हमेशा वही करने की कोशिश की जो सहीह था। मुतबादिल तर्जुमा: “जानते हुए के मैंने अपनी पूरी कोशिश की वह करने के लिए जो सहीह था” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὡς ἀδιάλειπτον ἔχω τὴν περὶ σοῦ μνείαν
यहाँ “याद रखना” का इस्तेमाल “ज़िक्र” या “बात करने” के मतलब से किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब मैं बिलानागा तेरा ज़िक्र करता हूँ” या “जबके मैं हर वक़्त तेरी बाबत बातें करता हूँ”
νυκτὸς καὶ ἡμέρας
यहाँ “रात और दिन” एक साथ “हमेशा” के मानी के लिए इअतेमाल किये गए हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हमेशा” या “हर वक़्त” (देखें : INVALID translate/figs-merism)
2 Timothy 1:4
σου τῶν δακρύων
यहाँ “आँसू” रोने की नुमाइंदगी करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं याद करता हूँ के किस तरह तू मेरे लिए रोया था” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
मैं तुझसे मिलने की बहुत चाहत रखता हूँ
χαρᾶς πληρωθῶ
पौलुस ख़ुद का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह एक ज़र्फ़ था जो कोई भर सकता था। साथ ही, इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ख़ुशी से भर जाऊँ” या “मुझे पूरी ख़ुशी हो सके” या “मैं शादमान होऊँ” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
2 Timothy 1:5
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं भी याद करता हूँ तेरे” या “मैं भी तज़करा करता हूँ तेरा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
τῆς ἐν σοὶ ἀνυποκρίτου πίστεως
तेरा ईमान सच्चा है या “तेरा ईमान बे-रिया है”
πίστεως, ἥτις ἐνῴκησεν πρῶτον ἐν τῇ μάμμῃ σου, Λωΐδι, καὶ τῇ μητρί σου, Εὐνίκῃ; πέπεισμαι δὲ ὅτι καὶ ἐν σοί
पौलुस उनके ईमान का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह कोई चीज़ थी जो ज़िन्दा थी और उनके अन्दर रहती थी। पौलुस का मतलब है उनका ईमान एक ही किस्म का है। इसे एक नए जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ईमान। लूइस, तेरी नानी, और फिर यूनीके, तेरी माँ, का ख़ुदा में हक़ीक़ी ईमान था, और अब मुझे यक़ीन है के तेरे अन्दर भी यही हक़ीक़ी ईमान है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Λωΐδι
ये औरतों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
2 Timothy 1:6
पौलुस क़ुदरत, महब्बत, और तरबियत में जीने और क़ैद में पौलुस के दुख की वजह से उसके (पौलुस के) मसीह में ईमान के सबब से शर्मिन्दा न होने के लिए तीमुथियुस की हौसला आफज़ाई करता है।
δι’ ἣν αἰτίαν
इस वजह से या “यिसू में तेरे बे-रिया ईमान की वजह से”
ἀναζωπυρεῖν τὸ χάρισμα
पौलुस तीमुथियुस की नेमत को दोबारा इस्तेमाल करने की ज़रुरत की बाबत कहता है गोया वह दोबारा आग लगा रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “नेमत का दोबारा इस्तेमाल शुरू करना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
τὸ χάρισμα τοῦ Θεοῦ, ὅ ἐστιν ἐν σοὶ διὰ τῆς ἐπιθέσεως τῶν χειρῶν μου
ख़ुदा की नेमत जो तूने हासिल की जब मैंने तुझ पर अपना हाथ रखा। यह एक वक़्त से मुराद है जब पौलुस ने तीमुथियुस पर अपने हाथ रखे और दुआ किया के ख़ुदा उसे ख़ुदा की रूह के ज़रिये वह क़ुदरत बख्शे जो उसे वह काम करने के क़ाबिल बनाए जिसे करने के लिए ख़ुदा ने उसे बुलाया है।
2 Timothy 1:7
οὐ…ἔδωκεν ἡμῖν ὁ Θεὸς πνεῦμα δειλίας, ἀλλὰ δυνάμεως, καὶ ἀγάπης, καὶ σωφρονισμοῦ
मुमकिन मायने 1) “रूह” से मुराद है “रूह उल क़ुद्स”। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की रूह उल क़ुद्स हमारे लिए दहशत का सबब नहीं है। वह हमारे लिए क़ुदरत और महब्बत और तरबियत का सबब है” या 2) “रूह” इन्सान के किरदार से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा हमारे लिए दहशत का नहीं बल्के क़ुदरत और महब्बत और तरबियत का सबब है”
σωφρονισμοῦ
मुमकिन मायने 1) ख़ुद को क़ाबू में रखने की क़ुदरत या 2) दूसरे लोगों को दुरुस्त करने की क़ुदरत जो ग़लत कर रहे हैं।
2 Timothy 1:8
τὸ μαρτύριον
गवाही देने का या “दूसरों को बताने का”
τὸν δέσμιον αὐτοῦ
उसकी ख़ातिर एक क़ैदी या “एक क़ैदी क्योंके मैं ख़ुदावन्द की बाबत गवाही देता हूँ”
συνκακοπάθησον τῷ εὐαγγελίῳ
पौलुस दुख का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे लोगों में बाँटा या तक्सीम किया जा सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्जील की ख़ातिर मेरे साथ दुख उठा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
τῷ εὐαγγελίῳ, κατὰ δύναμιν Θεοῦ
इन्जील, तुझे मज़बूत बनाने के लिए ख़ुदा को इजाज़त देना
2 Timothy 1:9
καλέσαντος κλήσει ἁγίᾳ
एक बुलावे के साथ जिसने हमें उसके लोगों के तौर पर मख्सूस किया या “उसके पाक लोग होने के लिए”
इस वजह से नहीं के हमने इसके मुस्तहक़ होने के लिए कुछ किया
ἀλλὰ κατὰ ἰδίαν πρόθεσιν καὶ χάριν
बल्के उसने हम पर मेहरबानी करने का मन्सूबा किया
ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
हमारे साथ मसीह यिसू के ताल्लुकात के वसीले से
πρὸ χρόνων αἰωνίων
दुनिया के आग़ाज़ से पहले या “वक़्त शुरू होने से पहले”
2 Timothy 1:10
φανερωθεῖσαν δὲ νῦν, διὰ τῆς ἐπιφανείας τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν, Χριστοῦ Ἰησοῦ
पौलुस नजात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे बेनक़ाब किया जा सकता था और लोगों को दिखाया जा सकता था। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हमारे ख़ुदावन्द मसीह यिसू को भेजने के ज़रिये यह ज़ाहिर किया है के वह हमें किस तरह नजात देगा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
पौलुस मौत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह लोगों के मरने के वाक़ये के बजाय एक आज़ाद अमल था। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसने मौत को तबाह कर दिया” या “जिसने लोगों के लिए यह मुमकिन बनाया के वो हमेशा मुर्दा न रहें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
φωτίσαντος δὲ ζωὴν καὶ ἀφθαρσίαν διὰ τοῦ εὐαγγελίου
पौलुस अब्दी ज़िन्दगी की तालीम के बाबत कहता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे तारीकी से रौशनी में लाया जा सकता था ताके लोग इसे देख सकें। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्जील की मनादी करने के ज़रिये तालीम दिया के कभी न ख़त्म होने वाली ज़िन्दगी क्या है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 1:11
ἐτέθην ἐγὼ κῆρυξ
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मुझे मनादी करने वाले के तौर पर मुन्तखिब किया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Timothy 1:12
δι’ ἣν αἰτίαν
क्योंके मैं एक रसूल हूँ
καὶ ταῦτα πάσχω
पौलुस एक क़ैदी होने का हवाला दे रहा है
πέπεισμαι
मैं क़ायल हो गया
τὴν παραθήκην μου φυλάξαι
पौलुस एक शख्स के इस्तआरे का इस्तेमाल कर रहा है जो दूसरे शख्स के पास अमानत के तौर पर कुछ रखता है जो इसकी हिफ़ाज़त करेगा जब तक के वह इसे पहले शख्स को वापस न कर दे। मुमकिन मायने 1) वफ़ादार रहने में मदद के लिए पौलुस यिसू पर भरोसा कर रहा है, या 2) पौलुस को भरोसा है के यिसू इस बात को यक़ीन बनाएगा के लोग इन्जील के पैग़ाम को फैलाना ज़ारी रखें। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐκείνην τὴν ἡμέραν
यह उस दिन से मुराद है जब ख़ुदा तमाम लोगों की अदालत करेगा। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 1:13
ὑγιαινόντων λόγων
उन दुरुस्त ख़यालात की तालीम देता रह जिनकी मैंने तुझे तालीम दी है या “जिस तरह मैंने तुझे तालीम दिया है उसे बतौर नमूना इस्तेमाल कर के क्या और किस तरह तुझे तालीम देना चाहिए”
ἐν πίστει καὶ ἀγάπῃ τῇ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
जैसा के तू यिसू मसीह में ऐतिमाद रखता और उसे महब्बत करता है
2 Timothy 1:14
τὴν καλὴν παραθήκην φύλαξον
यह इन्जील को सहीह तरीक़े से ऐलान करने के काम से मुराद है।
φύλαξον
तीमुथियुस को चौकस रहने की ज़रुरत है क्योंके लोग उसके काम की मुख़ालिफ़त करेंगे, उसे रोकने और जो वह कहता है उसे बिगाड़ने की कोशिश करेंगे।
διὰ Πνεύματος Ἁγίου
रूह उल क़ुद्स की क़ुदरत से
2 Timothy 1:15
ἀπεστράφησάν με
यह एक इस्तआरा है जिसके मानी है उन्होंने पौलुस को मदद करना बन्द कर दिया। उन्होंने पौलुस को तर्क कर दिया क्योंके हुक्मरानों ने उसे क़ैद में डाल दिया था। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे मदद करना बन्द कर दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Φύγελος
ये आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
2 Timothy 1:16
Ὀνησιφόρου
यह एक आदमी का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
τῷ Ὀνησιφόρου οἴκῳ
ख़ानदान को
τὴν ἅλυσίν μου οὐκ ἐπησχύνθη
यहाँ “ज़न्जीर” क़ैद में होने के लिए एक इस्तआरा है। उनेसफ़िरूस शर्मिन्दा नहीं था के पौलुस क़ैद में था बल्के अक्सर उससे मिलने आता था। मुतबादिल तर्जुमा: “शर्मिन्दा नहीं था के मैं क़ैद में था” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 1:18
δῴη αὐτῷ ὁ Κύριος, εὑρεῖν ἔλεος παρὰ Κυρίου
उनेसफ़िरूस को ख़ुदावन्द से रहम हासिल हो या “ख़ुदावन्द उस पर रहम करे”
εὑρεῖν ἔλεος παρὰ Κυρίου
पौलुस रहम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जो मिल सकती थी। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν ἐκείνῃ τῇ ἡμέρᾳ
यह उस दिन से मुराद है जब ख़ुदा तमाम लोगों की अदालत करेगा। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 2
2 तीमुथियुस 02 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
बाज़ तर्ज़ुमे अल्फ़ाज़ को सफ़ह पर बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं। ULT ऐसा आयात 11-13 के साथ करता है। शायद पौलुस एक नज़्म या हम्दिया तराने का इन आयात में इक्तबास कर रहा है।
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
हम उसके साथ हुकूमत करेंगे
वफ़ादार मसीही मुस्तक़बिल में मसीह के साथ हुकूमत करेंगे। (देखें: https://git.door43.org/STR/ur-deva_tw/src/branch/master/bible/kt/faithful.md)
इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार
तश्बीहात
इस बाब में, पौलुस बतौर मसीही जीने के लिए कई तश्बीहात देता है। वह फौजियों, खिलाड़ियों, और काश्तकारों के तश्बीहात का इस्तेमाल करता है। बाद में इस बाब में, वह एक घर के अन्दर मुख्तलिफ़ किस्म के बर्तनों के तश्बीहात का इस्तेमाल करता है।
2 Timothy 2:1
पौलुस तीमुथियुस की मसीही ज़िन्दगी को एक सिपाही की ज़िन्दगी के तौर पर, एक काश्तकार की ज़िन्दगी के तौर पर, और एक खिलाड़ी की ज़िन्दगी के तौर पर तस्वीर कशी करता है।
τέκνον μου
यहाँ “फ़र्ज़न्द” बड़ी महब्बत और मंज़ूरी का लफ्ज़ है। यह भी हो सकता है के तीमुथियुस पौलुस के ज़रिए मसीह में तब्दील हुआ था, और पस यही वजह है के पौलुस उसे अपने ख़ुद के फ़र्ज़न्द की तरह समझा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो मेरे फ़र्ज़न्द की तरह है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν τῇ χάριτι τῇ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
पौलुस तहरीक और अज्म की बाबत बात करता है जो ख़ुदा का फ़ज़ल ईमानदारों के पास होने के लिए इजाज़त देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें मज़बूत बनाने के लिए ख़ुदा को उस फ़ज़ल का इस्तेमाल करने दो जो उसने तुम्हारे मसीह के साथ ताल्लुकात के वसीले से तुम्हें बख्शा है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:2
διὰ πολλῶν μαρτύρων
बहुत से गवाहों के साथ राज़ी होने के लिए के जो मैंने कहा सच है
ταῦτα παράθου πιστοῖς ἀνθρώποις
पौलुस तीमुथियुस के लिए अपने हिदायात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चीज़ें थीं जिन्हें तीमुथियुस दूसरों को दे सकता था और सहीह इस्तेमाल के लिए उनको भरोसा कर सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “उनको सुपुर्द कर” या “उन्हें तालीम दे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:3
συνκακοπάθησον
मुमकिन मायने 1) “दुख बर्दाश्त कर जिस तरह मैं करता हूँ” या 2) मेरे दुख में शरीक हो”
ὡς καλὸς στρατιώτης Ἰησοῦ Χριστοῦ
पौलुस मसीह यिसू के लिए दुख का मवाज़ना उस दुख से करता है जो एक अच्छा सिपाही बर्दाश्त करता है। (देखें : INVALID translate/figs-simile)
2 Timothy 2:4
οὐδεὶς στρατευόμενος ἐμπλέκεται ταῖς τοῦ βίου πραγματίαις
कोई भी सिपाही ख़िदमत नहीं करता है जब वह इस ज़िन्दगी के रोज़मर्रा के कारोबार में शामिल होता है या “जब सिपाही ख़िदमत कर रहे हों, वो उन आम चीज़ों के ज़रिये परेशान नहीं होते जो लोग करते हैं”। मसीह के ख़ादिमों को रोज़मर्रा की ज़िन्दगी को यह इजाज़त नहीं देनी चाहिए के वह उन्हें मसीह के लिए काम करने से रोके।
ἐμπλέκεται ταῖς τοῦ βίου πραγματίαις
पौलुस इस परेशानी का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जाल था जिसने लोगों को फँसा लिया जब वो चल रहे थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
τῷ στρατολογήσαντι
उसका रहनुमा या “वह जो उसे हुक्म देता है”
2 Timothy 2:5
ἐὰν…ἀθλῇ τις, οὐ στεφανοῦται, ἐὰν μὴ νομίμως ἀθλήσῃ
पौलुस वाज़े तौर पर मसीह के ख़ादिमों का ज़िक्र कर रहा है गोया वो खिलाड़ी थे। (देखें : INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-metaphor)
οὐ στεφανοῦται, ἐὰν μὴ νομίμως ἀθλήσῃ
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह उसे ग़ालिब आने का ताज सिर्फ़ इस सूरत में देंगे अगर वह क़वानीन के मुताबिक़ मुक़ाबला करता है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
οὐ στεφανοῦται
वह इनआम नहीं जीतता है। पौलुस के ज़माने के खिलाड़ियों को जब वो मुक़ाबला जीतते थे पौदों के पत्तियों से बने हुए हार का ताज पहनाया जाता था।
νομίμως ἀθλήσῃ
क़वानीन के मुताबिक़ मुक़ाबला करता है या “क़वानीन की सख्ती से पाबंदी करता हो”
2 Timothy 2:6
τὸν κοπιῶντα γεωργὸν δεῖ πρῶτον τῶν καρπῶν μεταλαμβάνειν
यह तीसरा इस्तआरा है जो पौलुस तीमुथियुस को काम करने की बाबत देता है। क़ारी को समझना चाहिए के मसीह के ख़ादिमों को महनत करने की ज़रुरत है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:7
νόει ὃ λέγω, δώσει γάρ σοι ὁ Κύριος σύνεσιν
पौलुस तीमुथियुस को लफ्ज़ी तस्वीरें देता है, मगर उसने उनके मानी का मुकम्मल तौर पर वजाहत नहीं किया। वह तीमुथियुस से पता लगाने की उम्मीद करता था के वह मसीह के ख़ादिमों की बाबत क्या कह रहा था।
ἐν πᾶσιν
हर चीज़ के बारे में
2 Timothy 2:8
पौलुस तीमुथियुस को हिदायात देता है के किस तरह मसीह के लिए जीना है, किस तरह मसीह के लिए दुख उठाना है, और किस तरह दूसरों को मसीह के लिए जीना सिखाना है।
ἐκ σπέρματος Δαυείδ
यह एक इस्तआरा है जिसके मानी है यिसू दाऊद की नस्ल से था। मुतबादिल तर्जुमा: “जो दाऊद की नस्ल से है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐγηγερμένον ἐκ νεκρῶν
यहाँ जी उठाना एक मुहावरा है जो मर चुका है उसे दोबारा ज़िन्दा कर देने के लिए। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने दोबारा ज़िन्दा कर दिया” या “जिसको ख़ुदा ने मुर्दों में से उठा दिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-idiom)
κατὰ τὸ εὐαγγέλιόν μου
पौलुस इन्जील के पैग़ाम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह ख़ास तौर से उसका था। उसका मतलब है के यही इन्जील का पैग़ाम है जिसका वो ऐलान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उस इन्जील के पैग़ाम के मुताबिक़ जिसकी मैं मनादी करता हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 2:9
μέχρι δεσμῶν
यहाँ “ज़न्जीर में होना” एक क़ैदी होने की नुमाइंदगी करता है। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यहाँ तक के क़ैद में एक मुजरिम की तरह ज़न्जीर पहने हुए” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-activepassive)
ὁ λόγος τοῦ Θεοῦ οὐ δέδεται
यहाँ “बाँधना” बताता है के एक क़ैदी के साथ क्या होता है, और जुमला एक इस्तआरा है जिसके मानी है ख़ुदा के पैग़ाम को कोई रोक नहीं सकता। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के कलाम को कोई भी क़ैद नहीं कर सकता” या “ख़ुदा के कलाम को कोई भी रोक नहीं सकता” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:10
διὰ τοὺς ἐκλεκτούς
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन लोगों के लिए जिन्हें ख़ुदा ने मुन्तखिब किया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
σωτηρίας τύχωσιν τῆς ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
पौलुस नजात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे जिस्मानी तौर पर पकड़ा जा सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह यिसू से नजात हासिल करेंगे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
μετὰ δόξης αἰωνίου
और वो उसके साथ हमेशा शानदार जगह में होंगे जहाँ वह है
2 Timothy 2:11
πιστὸς ὁ λόγος
ये वो अल्फ़ाज़ हैं जिस पर तुम ऐतबार कर सकते हो
εἰ γὰρ συναπεθάνομεν, καὶ συνζήσομεν
ग़ालिबन यह किसी गीत या नज़्म का आग़ाज़ है पौलुस जिसका इक्तबास कर रहा है। अगर आपकी ज़बान में यह इशारा करने का कोई तरीका है के यह शायरी है, आप इसे यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर नहीं, आप इसे शायरी की बजाय बाक़ायदा नसर के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। (देखें : INVALID translate/writing-poetry)
εἰ…συναπεθάνομεν
पौलुस इस बयान का इस्तेमाल इस मतलब के लिए करता है के लोग मसीह की मौत में शरीक होते है जब वो उसमे भरोसा करते हैं, अपनी चाहतों का इन्कार करते हैं, और उसकी फरमाँबरदारी करते हैं।
2 Timothy 2:13
ग़ालिबन यह किसी गीत या नज़्म का आग़ाज़ है पौलुस जिसका इक्तबास कर रहा है। अगर आपकी ज़बान में यह इशारा करने का कोई तरीका है के यह शायरी है, आप इसे यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर नहीं, आप इसे शायरी की बजाय बाक़ायदा नसर के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। (देखें : INVALID translate/writing-poetry)
εἰ ἀπιστοῦμεν
चाहे हम ख़ुदा को नाकाम कर दें या “चाहे हम वह न करें जो हमें ईमान है के ख़ुदा हमसे चाहता है के करें”
ἀρνήσασθαι…ἑαυτὸν οὐ δύναται
वह हमेशा अपने किरदार के मुताबिक़ ही अमल करता है या “वह उन तरीक़ों से काम नहीं कर सकता जो उसके हक़ीक़ी किरदार के बरअक्स हैं”
2 Timothy 2:14
ὑπομίμνῃσκε
लफ्ज़ “उन्हें” से मुराद “उसात्ज़ा” या “कलीसिया के लोग” हो सकता है
ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ
पौलुस इस तरह कहता है पौलुस की ख़ुदा की बेदारी को गोया वह ख़ुदा की मौजूदगी में है। इससे यह ज़ाहिर होता है के ख़ुदा तीमुथियुस का गवाह होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की मौजूदगी में” या “ख़ुदा तेरे गवाह के तौर पर” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-explicit)
μὴ λογομαχεῖν
मुमकिन मायने 1) “बेवक़ूफ़ी की बातें जो लोग कहते है उसकी बाबत बहस न करना” या 2) “अल्फ़ाज़ के जो मानी हैं उनकी बाबत तकरार न करना”
ἐπ’ οὐδὲν χρήσιμον
इससे किसी को फ़ायदा नहीं होता
2 Timothy 2:15
σεαυτὸν, δόκιμον παραστῆσαι τῷ Θεῷ, ἐργάτην ἀνεπαίσχυντον
ख़ुदा के सामने ख़ुद को एक ऐसे शख्स के तौर पर पेश कर जो क़ाबिल साबित हुआ हो और जिसकी शर्मिंदगी की कोई वजह न हो
ἐργάτην
पौलुस तीमुथियुस का ख़ुदा के कलाम को सहीह तरीक़े से तशरीह करने के ख़याल को इस तरह पेश करता है गोया वह एक हुनरमन्द कारीगर हो। मुतबादिल तर्जुमा: “एक कारीगर की मानिन्द” या “एक कारकुन की मानिन्द” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὀρθοτομοῦντα τὸν λόγον τῆς ἀληθείας
मुमकिन मायने 1) “सच्चाई के पैग़ाम की बाबत सहीह से तशरीह करता है” या 2) “पैग़ाम ए हक़ का सहीह से तशरीह करता है”
2 Timothy 2:16
ἐπὶ πλεῖον…προκόψουσιν ἀσεβείας
पौलुस इस किस्म की बात का ज़िक्र करता है गोया यह कोई ऐसी चीज़ थी जो जिस्मानी तौर पर एक और जगह मुन्तक़िल हो सकती थी, और वह बेदीनी का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह वो नई जगह थी। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोगों के ज़ियादा से ज़ियादा बेदीन होने का सबब बनता है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:17
ὁ λόγος αὐτῶν ὡς γάγγραινα νομὴν ἕξει
कैन्सर एक शख्स के बदन में तेजी से फैलता है और इसे बर्बाद कर देता है। यह एक इस्तआरा है जिसके मानी है जो वो लोग कह रहे थे वह एक शख्स से दूसरे शख्स तक फैल जायेगा और उनके ईमान को नुक्सान करेगा जिन्होंने इसे सुना है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो जो कहते हैं एक मुतअदी मर्ज़ की मानिन्द फैल जायेगा” या “उनकी बातें तेजी से फैलेंगी और कैन्सर की मानिन्द बर्बादी का सबब होंगी” (देखें : INVALID translate/figs-simile)
Ὑμέναιος, καὶ Φίλητος
ये आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
2 Timothy 2:18
οἵτινες περὶ τὴν ἀλήθειαν ἠστόχησαν
यहाँ “हक़ से गुमराह हो गए हैं” सच्चाई पर अब और यक़ीन न करने और तालीम न देने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्होंने ऐसी बातें कहना शुरू कर दिया है जो सच नहीं हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἀνάστασιν ἤδη γεγονέναι
ख़ुदा ने मुर्दा ईमानदारों को पहले ही अब्दी ज़िन्दगी में उठा दिया है
ἀνατρέπουσιν τήν τινων πίστιν
वो बाज़ लोगों को ईमान से रोक देने का सबब बनते हैं
2 Timothy 2:19
जिस तरह क़ीमती और आम बर्तनों को एक दौलतमन्द घर में बा इज्ज़त तरीक़े से इस्तेमाल किया जा सकता है, उसी तरह कोई भी शख्स जो ख़ुदा की तरफ रुजू करता है वह ख़ुदा के ज़रिए नेक कामों को करने में बा इज्ज़त तरीक़े से इस्तेमाल किया जा सकता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὁ…στερεὸς θεμέλιος τοῦ Θεοῦ ἕστηκεν
मुमकिन मायने 1) “ख़ुदा की सच्चाई एक मज़बूत बुनियाद की मानिन्द है” या 2) “ख़ुदा ने अपने लोगों को एक इमारत की मानिन्द मज़बूत बुनियाद पर क़ायम किया है”। या 3) “ख़ुदा की वफ़ादारी एक मज़बूत बुनियाद की मानिन्द है”। किसी भी सूरत में, पौलुस इस ख़याल का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक इमारत की बुनियाद थी जो ज़मीन में रखी गयी थी। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὁ ὀνομάζων τὸ ὄνομα Κυρίου
जो ख़ुदावन्द का नाम पुकारता है। यहाँ “ख़ुदावन्द का नाम” ख़ुद ख़ुदा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदावन्द को पुकारता है” या “जो कहता है के वह मसीह में एक ईमानदार है” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
ἀποστήτω ἀπὸ ἀδικίας
पौलुस नारास्ती का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जगह थी जहाँ से कोई जा सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “बुरा होना बन्द करो” या “ग़लत चीज़ें करना बन्द करो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:20
σκεύη
यहाँ “बर्तनों” प्यालों, प्लेटों, और बर्तनों के लिए एक आम लफ्ज़ है, जिसमे या जिसपर लोग खाना या पीना रखते हैं। अगर आपकी ज़बान में एक आम लफ्ज़ नहीं है, तो ""प्यालों” या “बर्तनों” के लफ्ज़ का इस्तेमाल करें। पौलुस इसे एक इस्तआरे के तौर पर मुख्तलिफ़ किस्म के लोगों का बयान करने के इस्तेमाल कर रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἃ μὲν εἰς τιμὴν, ἃ δὲ εἰς ἀτιμίαν
मुमकिन मायने 1) “ख़ास मौक़े ... आम औक़ात” या 2) “जिस किस्म की हरकतें लोग आम तौर पर करते हैं ... जिस तरह की हरकतें लोग निजी तौर पर करते हैं”।
2 Timothy 2:21
ἐκκαθάρῃ ἑαυτὸν ἀπὸ τούτων
मुमकिन मायने 1) ख़ुद को ज़लील लोगों से अलग करता है” या 2) “ख़ुद को ख़ालिस बनाता है”। किसी भी सूरत में, पौलुस इस अमल का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक शख्स था जो ख़ुद को धो रहा था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἔσται σκεῦος εἰς τιμήν
पौलुस इस शख्स की बाबत कहता है गोया वह एक इज्ज़तदार बर्तन था। मुतबादिल तर्जुमा: “वह उस बर्तन की तरह है जो ख़ास मौक़ों के लिए मुफ़ीद है” या “वह उस बर्तन की मानिन्द है जो उन हरकतों के लिए मुफ़ीद है जो अच्छे लोग आम तौर पर करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἡγιασμένον εὔχρηστον τῷ Δεσπότῃ, εἰς πᾶν ἔργον ἀγαθὸν ἡτοιμασμένον
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""मालिक ने उसे अलग किया है, और वह मालिक के लिए हर एक नेक काम के इस्तेमाल के लिए तैयार है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ἡγιασμένον
वह जिस्मानी तौर पर या मक़ाम के लिहाज़ से अलग नहीं होता है, बल्के इसके बजाय एक मक़सद को पूरा करने के लिए। बाज़ तर्जुमे इसे “मुक़द्दस” तर्जुमा करते हैं, लेकिन मतन अलग होने के ज़रूरी ख़याल का इशारा करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:22
τὰς…νεωτερικὰς ἐπιθυμίας φεῦγε
पौलुस जवानी की ख्वाहिशों के बाबत कहता है गोया वो एक ख़तरनाक शख्स या जानवर हैं जिससे तीमुथियुस को भाग जाना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: “जवानी की ख्वाहिशों से मुकम्मल तौर पर गुरेज़ कर” या “उन ग़लत चीज़ों को करने से बिल्कुल इन्कार कर जो नौजवान लोग सख्ती से करने की ख्वाहिश रखते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
δίωκε δὲ δικαιοσύνην, πίστιν, ἀγάπην, εἰρήνην
यहाँ “पीछा करना” का मतलब “भागना” का बरअक्स है। पौलुस रास्तबाज़ी का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ है जिसकी तरफ तीमुथियुस को दौड़ना चाहिए क्योंके यह उसके लिए अच्छा करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “रास्तबाज़ी हासिल करने की पूरी कोशिश कर” या “रास्तबाज़ी का तालिब हो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
μετὰ τῶν ἐπικαλουμένων τὸν Κύριον ἐκ καθαρᾶς καρδίας
मुमकिन मायने 1) पौलुस चाहता है के तीमुथियुस दीगर ईमानदारों के साथ रास्तबाज़ी, ईमान, महब्बत, और सुलह का पीछा करने में शामिल हो, या 2) पौलुस चाहता है के तीमुथियुस सुलह में रहे ओर दूसरे ईमानदारों के साथ बहस न करे।
τῶν ἐπικαλουμένων τὸν Κύριον
यहाँ “ख़ुदावन्द को पुकारना” एक मुहावरा है जिसके मानी है ख़ुदावन्द को भरोसा और इबादत करना। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदावन्द की इबादत करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)
ἐκ καθαρᾶς καρδίας
यहाँ “साफ़” एक इस्तआरा है ख़ालिस या बे-रिया के लिए। और, “दिल” एक लफ्ज़ है “ख्यालात” या “जज़्बात” के लिए। मुतबादिल तर्जुमा: “एक बेरिया ज़हन से” या “बेरियाई से” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 2:23
τὰς…μωρὰς καὶ ἀπαιδεύτους ζητήσεις παραιτοῦ
बेवक़ूफ़ी और नादानी के सवालात का जवाब देने से इन्कार कर। पौलुस का मतलब है जो लोग इस तरह के सवालात करते है बेवक़ूफ़ और नादान हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उन सवालात का जवाब देने से इन्कार कर जो वो बेवक़ूफ़ लोग पूछते हैं जो सच्चाई जानना नहीं चाहते” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
γεννῶσι μάχας
पौलुस नादान सवालात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो औरतें थीं जो बच्चों को जन्म दे रही थीं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो बहस का सबब हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 2:25
ἐν πραΰτητι
नरमी से या “आहिस्ता से”
παιδεύοντα
उनको तालीम दे या उनको “उन को दुरुस्त कर”
μήποτε δώῃ αὐτοῖς ὁ Θεὸς μετάνοιαν
पौलुस तौबा का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ था जिसे ख़ुदा लोगों को दे सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उन्हें तौबा करने का मौक़ा दे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
εἰς ἐπίγνωσιν ἀληθείας
ताके वो सच्चाई को जानेंगे
2 Timothy 2:26
ἀνανήψωσιν
पौलुस गुनाहगारों का ख़ुदा की बाबत सहीह सोचना सीखने को इस तरह कहता है गोया वो मदहोश लोग थे जो फिर से होश में आ रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वो एक दफ़ा फिर से सहीह सोच सकते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐκ τῆς τοῦ διαβόλου παγίδος
पौलुस इब्लीस की मसीहियों से गुनाह करवाने के लिए क़ायल करने की क़ाबिलियत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जाल था। मुतबादिल तर्जुमा: “जो इब्लीस चाहता है उसे करना बन्द करो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἐζωγρημένοι ὑπ’ αὐτοῦ, εἰς τὸ ἐκείνου θέλημα
मसीहियों को गुनाह के लिए क़ायल करने का ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया इब्लीस ने उन्हें जिस्मानी तौर पर गिरफ़्तार कर लिया था और उन्हें अपना ग़ुलाम बना लिया था। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें अपने इरादे की अताअत करने के लिए धोका देने के बाद” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
2 Timothy 3
2 तीमुथियुस 03 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
“आख़िरी ज़माने” का मतलब मुस्तक़बिल में यिसू के लौटने से ठीक पहले हो सकता है। अगर ऐसा है, तो पौलुस आयात 1-9 और 13 में उन दिनों की बाबत पेशीनगोई कर रहा है। “आख़िरी ज़माने” का मतलब मसीही ज़माना भी हो सकता है, जिसमे पौलुस का वक़्त शामिल है। अगर ऐसा है, तो पौलुस जो सताए जाने की बाबत तालीम देता है वह तमाम मसीहियों पर लागू होता है। (देखें : नबी , नबी , नबूव्वत ,नबूव्वतें ,नबीया , नबीय और आखरी दिन, आख़िरी दिनों, बा’द के दिनों )
2 Timothy 3:1
पौलुस ने तीमुथियुस को यह जानने की इजाज़त दी है के मुस्तक़बिल में लोग सच्चाई पर यक़ीन करना छोड़ देंगे, मगर उसे ख़ुदा के कलाम पर भरोसा करना ज़ारी रखना चाहिए यहाँ तक के जब उस पर ज़ुल्म किया जा रहा हो।
ἐν ἐσχάταις ἡμέραις
मुमकिन मायने 1) यह वक़्त पौलुस के बाद का वक़्त है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुस्तक़बिल में यिसू के लौटने से ठीक पहले” या 2) मसीही ज़माने से मुराद है, जिसमे पौलुस का वक़्त शामिल है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस वक़्त के दौरान आख़िर से क़ब्ल”
ἐνστήσονται καιροὶ χαλεποί
यह दिन, महीनों, या सालों की बात होगी जब मसीही मुसीबत और ख़तरे को बर्दास्त करेंगे।
2 Timothy 3:2
φίλαυτοι
यहाँ “महब्बत करने वाले” बिरादराना महब्बत या एक दोस्त या ख़ानदान के रुकन के लिए महब्बत, दोस्तों और रिश्तेदारों के दरमियान एक क़ुदरती इन्सानी महब्बत से मुराद है। यह उस तरह की महब्बत नहीं है जो ख़ुदा से आती है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद ग़र्ज़”
2 Timothy 3:3
ἄστοργοι
अपने ही घर वालों से प्यार नहीं करना
ἄσπονδοι
किसी के भी साथ राज़ी न होना, या “किसी के भी साथ सुलह से न रहना”
ἀφιλάγαθοι
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “नेकी से नफ़रत करने वाले”
2 Timothy 3:4
προπετεῖς
चीज़ों को करना बगैर उनकी बाबत सोचे समझे के क्या बुरी बातें हो सकती थीं या फिर जानते हुए के बुरी बातें हो सकती थीं
τετυφωμένοι
सोचना के वो दूसरे लोगों से बेहतर हैं
2 Timothy 3:5
ἔχοντες μόρφωσιν εὐσεβείας
पौलुस दीनदारी का ज़िक्र करता है, ख़ुदा को इज्ज़त देने की आदत, गोया यह एक जिस्मानी चीज़ थी जिसकी एक जिस्मानी शक्ल और जिस्मानी ताक़त थी। मुतबादिल तर्जुमा: “वो ख़ुदा की इज्ज़त करते हुए नज़र आयेंगे, मगर जिस तरह वो अमल करते हैं उससे यह ज़ाहिर होगा के वो वाक़ई ख़ुदा की क़ुव्वत में ईमान नहीं रखते” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
दीनदारी नज़र आती है या “ख़ुदा की इज्ज़त करते हुए नज़र आना
τούτους ἀποτρέπου
किनारा करना यहाँ किसी को नज़र अन्दाज़ करने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस लोगों से गुरेज़ करें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 3:6
αἰχμαλωτίζοντες
घरों में दाख़िल होते हैं और बहुत असर डालते हैं
γυναικάρια
औरतें जो रूहानी तौर पर कमज़ोर हैं। ये औरतें रूहानी तौर पर कमज़ोर हो सकती हैं क्योंके वो दीनदार बनने के काम में नाकाम होती हैं या क्योंके वो काहिल हैं और बहुत से गुनाहों में हैं।
σεσωρευμένα ἁμαρτίαις
पौलुस गुनाह की कशिश का ज़िक्र इस तरह करता है गोया इन औरतों की पीठ पर गुनाह का ढेर लगाया गया हो। मुमकिन मायने 1) “जो अक्सर गुनाह करती हैं” या 2) “जो ख़तरनाक क़ुसूर महसूस करती हैं क्योंके वो गुनाह करती रहती हैं”। ख़याल यह है के ये आदमी इन औरतों को आसानी से मुतासिर कर सकते हैं क्योंके ये औरतें गुनाह से बाज़ आने में नाक़ाबिल हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἀγόμενα ἐπιθυμίαις ποικίλαις
पौलुस इन मुख्तलिफ़ ख्वाहिशात की बाबत कहता है गोया वो किसी और शख्स को दूर ले जा सकते हैं। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो मसीह की अताअत करने की बजाय मुख्तलिफ़ तरीक़ों से गुनाह करने की ख्वाहिश करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
2 Timothy 3:8
पौलुस मूसा के ज़माने के दो झूटे उसातज़ा का मिशाल देता है और इसे लोग जिस तरह के होंगे उस पर लागू करता है। पौलुस तीमुथियुस को उसके अपने मिशाल की पैरवी करने और ख़ुदा के कलाम में क़ायम रहने के लिए हौसला आफज़ाई करता है।
Ἰάννης καὶ Ἰαμβρῆς
ये आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
पौलुस उनका ज़िक्र करता है जो दूसरों के ख़िलाफ़ बहस करते हैं गोया वो उनके ख़िलाफ़ खड़े हुए थे। मुतबादिल तर्जुमा: “मुखालिफ़त की” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
यिसू के इन्जील की मुखालिफ़त की
ἄνθρωποι κατεφθαρμένοι τὸν νοῦν
उनकी अक्ल बिगड़ी हुई है या “वो ठीक तरह से सोच नहीं सकते”
ἀδόκιμοι περὶ τὴν πίστιν
इनको आज़माया गया है के कितनी अच्छी तरह वे मसीह में भरोसा करते हैं और उसकी अताअत करते हैं, और वो इस आज़माइश में नाकाम हुए हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “और बगैर मुख़लिस ईमान के” या “और उन्होंने यह ज़ाहिर किया है के उनका ईमान हक़ीक़ी नहीं है”
2 Timothy 3:9
οὐ προκόψουσιν ἐπὶ πλεῖον
पौलुस जिस्मानी हरकत के बारे में एक बयान का इस्तेमाल करता है इस मतलब के लिए के झूटे उसातज़ा को ईमानदारों के दरमियान ज़ियादा कामयाबी हासिल न होगी। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें ज़ियादा कामयाबी हासिल न होगी” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ…ἄνοια αὐτῶν ἔκδηλος ἔσται πᾶσιν
ऐसा कुछ जिसे लोग आसानी से देख सकते हैं
ἐκείνων
यन्नेस और यम्ब्रेस
2 Timothy 3:10
σὺ…παρηκολούθησάς
पौलुस इन चीज़ों को क़रीब से तवज्जो देने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया जब वो चलते थे कोई जिस्मानी तौर पर उनकी पैरवी कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “तुमने मेरी तालीम का मुशाहदा किया है” या “तुमने मेरी तालीम पर पूरी तवज्जो दी है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
μου τῇ διδασκαλίᾳ
मैंने तुम्हें जो करने की तालीम दी है
μου…τῇ ἀγωγῇ
जिस तरीक़े से एक शख्स अपनी ज़िन्दगी गुज़ारता है
μου…τῇ ὑπομονῇ
एक शख्स का उन लोगों के साथ साबिर होना जो वह चीज़ें करते हैं जिनकी वह मन्जूरी नहीं देता
2 Timothy 3:11
ἐκ πάντων, με ἐρρύσατο ὁ Κύριος
पौलुस ज़िक्र करता है के ख़ुदा ने उसे इन मुश्किलात और ख़दशात से दुख उठाने से इस तरह रोक लिया गोया ख़ुदा उसे एक जिस्मानी मक़ाम से बाहर ले गया था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 3:12
ζῆν εὐσεβῶς
यिसू के पैरोकारों की मानिन्द दीनदारी की ज़िन्दगी गुज़ारना
διωχθήσονται
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यक़ीनी तौर पर ज़ुल्म व सितम बर्दाश्त करना पड़ेगा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Timothy 3:13
γόητες
फ़रेबी शख्स वह होता है जो चाहता है के दूसरे उसकी बाबत ख़याल रखें के वह कोई दूसरा है, आम तौर पर उससे ज़ियादा अहम जितना वो है।
προκόψουσιν ἐπὶ τὸ χεῖρον
और भी ज़ियादा बुरे बन जायेंगे
πλανῶντες καὶ πλανώμενοι
यहाँ, किसी को गुमराह करना एक इस्तआरा है किसी को उस पर यक़ीन करने को राज़ी कर लेने के लिए जो सच नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद को और दूसरों को धोका देना” या “झूट पर यक़ीन करना और झूट की तालीम देना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 3:14
μένε ἐν οἷς ἔμαθες
पौलुस बाईबल की हिदायात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जगह थी जिसमे तीमुथियुस रह सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “जो तूने सीखा है उसे न भूलना” या “वह करना ज़ारी रख जो तूने सीखा है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 3:15
τὰ δυνάμενά σε σοφίσαι
पौलुस पाक नविश्तों का जिक्र इस तरह करता है गोया वो शख्स थे जो किसी और को अक्ल मन्द बना सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “के जब तू ख़ुदा का कलाम पढ़े, तो तू ईमान के ज़रिये मसीह यिसू से नजात हासिल करने के लिए अक्ल मन्द बन सकता है” (देखें : INVALID translate/figs-personification)
2 Timothy 3:16
πᾶσα Γραφὴ θεόπνευστος
बाज़ बाईबल इसे “हर एक सहीफ़ा ख़ुदा के रूह से वुजूद में आया है” तर्जुमा करते हैं। इसका मतलब है के ख़ुदा ने सहीफ़ा को अपने रूह के वसीले से तैयार किया लोगों को यह बताने के ज़रिये के क्या लिखना है। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हर एक सहीफ़ा अपने रूह के ज़रिये बोला है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ὠφέλιμος
यह मुफ़ीद है या “यह फ़ायदे मन्द है”
πρὸς ἐλεγμόν
ग़लतियों की निशानदेही करने के लिए
πρὸς ἐπανόρθωσιν
ग़लतियों को ठीक करने के लिए
πρὸς παιδείαν τὴν ἐν δικαιοσύνῃ
रास्तबाज़ होने के वास्ते लोगों की तरबियत के लिए
2 Timothy 3:17
ὁ τοῦ Θεοῦ ἄνθρωπος
इसके मानी है ख़ुदा में कोई भी ईमानदार ख्वाह मर्द या औरत। मुतबादिल तर्जुमा: “सारे ईमानदार”
ἄρτιος
मुकम्मल तौर पर तैयार हो सकते हैं
2 Timothy 4
2 तीमुथियुस 04 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
“मैं यह संजीदा हुक्म देता हूँ”
पौलुस तीमुथियुस को ज़ाती हिदायात देना शुरू करता है।
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
ताज
सहीफ़ा मुख्तलिफ़ क़िस्म के ताज को मुख्तलिफ़ चीज़ों के लिए तस्वीरों के तौर पर इस्तेमाल करता है। ऐसा मालूम होता है के मसीह इस बाब में ईमानदारों को सहीह तरीक़े से ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए एक इमआम के तौर पर ताज से नवाज़ेगा।
2 Timothy 4:1
पौलुस तीमुथियुस को वफ़ादार रहने के लिये याद दिलाना ज़ारी रखता है, और यह के, पौलुस मरने को तैयार है।
ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ καὶ Χριστοῦ Ἰησοῦ
मसीह यिसू और ख़ुदा की मौजूदगी में यह संजीदा हुक्म। यह मफ़हूम है के ख़ुदा और यिसू पौलुस के गवाह होंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “यह संजीदा हुक्म ख़ुदा और मसीह यिसू को मेरे गवाह के तौर पर रखकर” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
διαμαρτύρομαι
संगीन हुक्म
ζῶντας καὶ νεκρούς
यहाँ “ज़िन्दा” और “मुर्दा” का एक साथ इस्तेमाल तमाम लोगों के मतलब के लिए किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “तमाम लोग जो कभी ज़िन्दा रहे हैं” (देखें : INVALID translate/figs-merism)
καὶ τὴν ἐπιφάνειαν αὐτοῦ, καὶ τὴν βασιλείαν αὐτοῦ
यहाँ “बादशाही” बतौर बादशाह मसीह की हुकूमत से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुर्दे जब वह हुकूमत करने के लिए बतौर बादशाह लौटता है” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 4:2
τὸν λόγον
कलाम यहाँ “पैग़ाम” के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह के बाबत पैग़ाम” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
εὐκαίρως, ἀκαίρως
यहाँ लफ्ज़ “आसान” मफ़हूम है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब यह आसान नहीं है” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)
ἔλεγξον
किसी को बता के वह ग़लत करने का मुजरिम है
नसीहत कर, और लोगों को तालीम दे, और हमेशा उनके साथ साबिर हो
2 Timothy 4:3
ἔσται…καιρὸς ὅτε
क्योंके मुस्तक़बिल में किसी वक़्त
οὐκ ἀνέξονται
क़रीना यह इशारा करता है के ये वो लोग होंगे जो ईमानदारों की बिरादरी का हिस्सा हैं।
οὐκ ἀνέξονται
अब अच्छी तालीम को सुनना नहीं चाहेंगे
τῆς ὑγιαινούσης διδασκαλίας
इसके मानी है जो तालीम सहीह है, ख़ुदा के कलाम के मुताबिक़ है।
κατὰ τὰς ἰδίας ἐπιθυμίας, ἑαυτοῖς ἐπισωρεύσουσιν διδασκάλους
पौलुस बहुत से उसातज़ा को हासिल करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह उनको एक ढेर या अंबार में रख रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “वो बहुत से उसातज़ा की बात सुनेंगे जो उन्हें यक़ीन दिलाएंगे के उनके गुनाहगार ख्वाहिशात के साथ कुछ भी ग़लत नहीं है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
κνηθόμενοι τὴν ἀκοήν
पौलुस लोगों का किसी बात को सुनने की सख्त चाहत रखने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया उनके कान खुजलाते थे और सिर्फ़ तभी मुतमईन हो सकते थे अगर उसातज़ा उनको वही तालीम दें जो वो सुनना चाहते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जो सिर्फ़ वही कहते हैं जिसे वो बहुत ज़ियादा सुनना चाहते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)
2 Timothy 4:4
ἀπὸ…τῆς ἀληθείας τὴν ἀκοὴν ἀποστρέψουσιν
पौलुस लोगों के अब तवज्जो नहीं देने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो जिस्मानी तौर पर मुँह मोड़ रहे थे पस वो सुन नहीं सकते। मुतबादिल तर्जुमा: “वो अब सच्चाई की तरफ तवज्जो नहीं देंगे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
τοὺς μύθους ἐκτραπήσονται
पौलुस लोगों का कहानियों की तरफ तवज्जो देने की बाबत कहता है गोया वो जिस्मानी तौर पर उनकी तरफ़ सुनने के लिए मुड़ रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “वो उन तालीमात की तरफ तवज्जो देंगे जो सच नहीं हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 4:5
νῆφε
पौलुस अपने कारईन से चाहता है के हर चीज़ की बाबत सहीह से सोचें, और वह उनकी बाबत इस तरह कहता है गोया वह उन्हें चाहता था के होश में रहें, जो यह है के, शराब के नशे में न हों। मुतबादिल तर्जुमा: “साफ़ सोचें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
εὐαγγελιστοῦ
इसके मानी है लोगों को इस बारे में बताना के यिसू कौन है, उनके लिए उसने क्या किया, और उन्हें किस तरह उसके लिए जीना है।
2 Timothy 4:6
ἐγὼ…ἤδη σπένδομαι
पौलुस अपने मरने की तैयारी का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह एक मय का प्याला था जो ख़ुदा के सामने एक क़ुर्बानी के तौर पर उन्डेले जाने के लिए तैयार था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὁ καιρὸς τῆς ἀναλύσεώς μου ἐφέστηκεν
यहाँ “कूच” मौत का ज़िक्र करने के लिए एक शायस्ता तरीक़ा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जल्द ही मैं मर जाउँगा और ये दुनिया छोड़ दूँगा” (देखें : INVALID translate/figs-euphemism)
2 Timothy 4:7
τὸν καλὸν ἀγῶνα ἠγώνισμαι
पौलुस अपनी महनत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह एक खिलाड़ी था जो इनआम के लिए मुक़ाबला कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने अपनी पूरी कोशिश की है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
τὸν δρόμον τετέλεκα
पौलुस ख़ुदा की ख़िदमत के लिए अपनी ज़िन्दगी का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह पैदल ही एक दौड़ को दौड़ रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने मुकम्मल किया है जो करने की मुझे ज़रुरत थी” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
τὴν πίστιν τετήρηκα
पौलुस मसीह में अपने ईमान और ख़ुदा की तरफ अपनी अताअत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो कोई क़ीमती चीज़ थे जिसे उसने अपने अपने क़ब्जे में रखा। मुमकिन मायने 1) “मैं अपनी ख़िदमत को अंजाम देने में वफ़ादार रहा हूँ” या 2) “मैंने उन तालीमात को जिस पर हमने ईमान लाया किसी भी ग़लती से महफ़ूज़ रखा है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 4:8
ἀπόκειταί μοι ὁ τῆς δικαιοσύνης στέφανος
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मेरे वास्ते रास्तबाज़ी का ताज महफ़ूज़ रखा है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
τῆς δικαιοσύνης στέφανος
मुमकिन मायने 1) ताज वह इनआम है जिसे ख़ुदा उन लोगों को देता है जिन्होंने सहीह तरीक़े से ज़िन्दगी गुज़ारा है या 2) ताज रास्तबाज़ी के लिए एक इस्तआरा है। जिस तरह एक दौड़ का मुन्सिफ़ फ़तह पाने वाले को एक ताज देता है, जब पौलुस अपनी ज़िन्दगी ख़त्म करता है, ख़ुदा ऐलान करेगा के पौलुस रास्तबाज़ है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
στέφανος
लारेल दरख्त के पत्तियों से बना हुआ हार खेल के मुक़ाबले जीतने वालों को दिया जाता था
ἐν, ἐκείνῃ τῇ ἡμέρᾳ
उस दिन जब ख़ुदावन्द फिर से आता है या “उस दिन जब ख़ुदा लोगों का इन्साफ़ करता है”
τοῖς ἠγαπηκόσι τὴν ἐπιφάνειαν αὐτοῦ
पौलुस इस वाक़िये की बाबत इस तरह कहता है गोया यह पहले ही हो चुका था। इसे एक मुस्तक़बिल में होने वाले वाक़िये के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मगर वह इसे उन्हें भी देगा जो उसके वापस आने के लिए बेताबी से इन्तज़ार कर रहे हैं” (देखें : INVALID translate/figs-pastforfuture)
2 Timothy 4:9
पौलुस ख़ास लोगों की बात करता है और उनका ख़ुदा और उसके काम के लिए रवैया किस तरह का था, और फिर कुछ लोगों को और कुछ लोगों से मुबारकबाद के साथ बन्द करता है।
ἐλθεῖν…ταχέως
आ ... जितना जल्द हो सके
2 Timothy 4:10
Δημᾶς…Κρήσκης…Τίτος
ये आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
τὸν νῦν αἰῶνα
यहाँ “दुनिया” उन दुनियावी चीज़ों से मुराद है जो ख़ुदा की चीज़ों के ख़िलाफ़ हैं। मुमकिन मायने 1) वह इस दुनिया के आरज़ी आराम को प्यार करता है या 2) उसे खौफ़ है के अगर वह पौलुस के साथ रहा तो मर जायेगा। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
Κρήσκης εἰς Γαλατίαν, Τίτος εἰς Δαλματίαν
इन दो आदमियों ने पौलुस को छोड़ दिया था, मगर पौलुस यह नहीं कह रहा है के वो भी देमास की तरह “इस मौजूदा जहान से प्यार करते हैं”।
Γαλατίαν…Δαλματίαν
यह एक ज़मीन के इलाक़े का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
2 Timothy 4:11
μοι εὔχρηστος εἰς διακονίαν
मुमकिन मायने 1) “वह ख़िदमत में मेरी मदद कर सकता है” या 2) “वह मेरी ख़िदमत करने के ज़रिये मेरी मदद कर सकता है”।
2 Timothy 4:13
φελόνην
एक भारी लिबास जिसे कपड़ों के ऊपर पहनते थे
Κάρπῳ
यह एक आदमी का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
τὰ βιβλία
यह तूमार से मुराद है। तूमार एक क़िस्म का किताब था जो पपीरस या चमड़े की एक लम्बी चादर से बना था। एक तूमार पर लिखने या इसे पढ़ने के बाद, लोग सिरों पर सलाखों का इस्तेमाल करके इसे लपेटते थे
μάλιστα τὰς μεμβράνας
यह एक ख़ास क़िस्म के तूमार का हवाला हो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ास तौर से वो जो जानवर के चमड़े से बनते थे” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
2 Timothy 4:14
Ἀλέξανδρος ὁ χαλκεὺς
सिकंदर, जो धात का काम करता है, ज़ाहिर किया
Ἀλέξανδρος
यह एक आदमी का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
पौलुस बुरे कामों को करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो नुमाइश के लिए रखे गए थे। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझसे बहुत बुराइयाँ कीं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἀποδώσει αὐτῷ ὁ Κύριος κατὰ τὰ ἔργα αὐτοῦ
पौलुस सज़ा का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह अदायगी था। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने जो किया है उसके लिए ख़ुदावन्द उसे सज़ा देगा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
सिकंदर
2 Timothy 4:15
सिकंदर।
ἀντέστη τοῖς ἡμετέροις λόγοις
यहाँ “बातों” एक पैग़ाम या तालीम से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस पैग़ाम की हम तालीम देते हैं उसकी मुखालिफ़त की” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
2 Timothy 4:16
ἐν τῇ πρώτῃ μου ἀπολογίᾳ
जब मैं पहली दफ़ा अदालत में हाजिर हुआ और अपने आमाल की वज़ाहत की
οὐδείς μοι παρεγένετο
कोई मेरे साथ न रहा और मेरी मदद नहीं की
μὴ αὐτοῖς λογισθείη
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा इसे उनके ख़िलाफ़ शुमार न करे” या “मैं दुआ करता हूँ के ख़ुदा उन ईमानदारों को मुझे छोड़ देने के सबब से सज़ा न दे” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
2 Timothy 4:17
ὁ…Κύριός μοι παρέστη
पौलुस इस तरह कह रहा है गोया ख़ुदावन्द जिस्मानी तौर पर उसके साथ खड़ा था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द ने मेरी मदद की” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ἵνα δι’ ἐμοῦ τὸ κήρυγμα πληροφορηθῇ
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके मैं ख़ुदावन्द के सारे पैग़ाम को बोलने के क़ाबिल था” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
ἐρύσθην ἐκ στόματος λέοντος
पौलुस ख़तरे की बाबत कह रहा है गोया उसे एक शेर ने धमकी दी थी। यह ख़तरा जिस्मानी, रूहानी, या दोनों हो सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे बड़े ख़तरे से बचाया गया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
2 Timothy 4:19
τὸν Ὀνησιφόρου οἶκον
यहाँ “ख़ानदान” उन लोगों से मुराद है जो वहाँ रहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनेसफ़ुरुस का ख़ानदान” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
Ὀνησιφόρου
यह एक आदमी का नाम है। देखें आपने इस नाम को 2 तीमुथियुस 1:16 में किस तरह तर्जुमा किया है।
2 Timothy 4:20
Ἔραστος…Τρόφιμον
ये सब आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
Μιλήτῳ
यह इफ़िसुस के जुनूब में एक शहर का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
2 Timothy 4:21
Εὔβουλος…Πούδης…Λίνος
ये सब आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
σπούδασον…ἐλθεῖν
आने के लिए एक रास्ता बना
πρὸ χειμῶνος
सर्द मौसम से क़ब्ल
ἀσπάζεταί σε Εὔβουλος, καὶ Πούδης, καὶ Λίνος, καὶ Κλαυδία, καὶ οἱ ἀδελφοὶ
इसका तर्जुमा एक नए जुमले के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुझे सलाम कहता है। पूदेंस, लीनुस, क्लोदिया और सब भाई तुझे सलाम कहते है”
Κλαυδία
यह एक औरत का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
οἱ ἀδελφοὶ
यहाँ “भाईयों” के मानी है तमाम ईमानदार ख्वाह मर्द या औरत। मुतबादिल तर्जुमा: “यहाँ के तमाम ईमानदार” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)
2 Timothy 4:22
ὁ Κύριος μετὰ τοῦ πνεύματός σου
मैं दुआ करता हूँ के ख़ुदावन्द तेरी रूह को मज़बूत करे। यहाँ “तुम” वाहिद है और तीमुथियुस से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-you)
ἡ χάρις μεθ’ ὑμῶν
मैं दुआ करता हूँ के ख़ुदावन्द वहाँ तुम सब पर अपना फ़ज़ल ज़ाहिर करे। यहाँ “तुम” जमा है और तीमुथियुस के साथ वहाँ के तमाम ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-you)