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Romans

Romans front

रोमियों का तआर्रुफ़

हिस्सा 1: आम तआर्रुफ़

रोमियों के किताब का ख़ाका
  1. तआर्रुफ़ (1:1-15)
  2. यिसू मसीह में ईमान के ज़रिये रास्तबाज़ी (1:16-17)
  3. गुनाह के सबब से तमाम बनी नौ ए इन्सान पर सज़ा का हुक्म है (1:18-3:20)
  4. यिसू मसीह के वसीले से रास्तबाज़ी उसमें ईमान के ज़रिये (3:21-4:25)
  5. रूह के फल (5:1-11)
  6. आदम और मसीह का मोवाज़ना (5:12-21)
  7. इस ज़िन्दगी में मसीह की मानिन्द बनना (6:1-8:39)
  8. इस्राएल के लिए ख़ुदा का मन्सूबा (9:1-11:36)
  9. बतौर मसीही ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए अमली मशवरे (12:1-15:13)
  10. इख्तिताम ओ सलाम (15:14-16:27)
रोमियों की किताब को किसने लिखा?

पौलुस रसूल ने रोमियों की किताब को लिखा। पौलुस तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यीशु की बाबत बताते हुए कई दफा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।

शायद पौलुस ने यह ख़त उस वक़्त लिखा जब वह रोमी सल्तनत की अपनी तीसरी सफ़र के दौरान कुरिन्थुस शहर में रह रहा था।

रोमियों की किताब किस बारे में है?

पौलुस ने यह ख़त रोम के मसीहियों के लिए लिखा। पौलुस चाहता था के वो उसके इस्तक़बाल के तैयार हों जब वह उनसे मिले। उसने कहा के उसका मक़सद “ईमान की ताबेदारी लाना था” (16:26).

इस ख़त में पौलुस ने यिसू मसीह की इन्जील का सबसे ज़ियादा मुकम्मल तौर पर वज़ाहत किया है। उसने वज़ाहत किया के यहूदी और ग़ैर-यहूदी दोनों ने गुनाह किया है, और ख़ुदा उन्हें मुआफ़ कर देगा और रास्तबाज़ क़रार देगा अगर वो सिर्फ़ यिसू में ईमान ले आयें (अबवाब 1-11). फिर उसने उन्हें अमली मशवरे दिए के किस तरह ईमानदारों को ज़िन्दगी बसर करनी चाहिए (अबवाब 12-16),

इस किताब के उनवान का तर्जुमा किस तरह किया जाना चाहिए?

मुतर्ज़मीन इस किताब को इसके रिवायती उनवान “रोमियों” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या वो एक वाज़े उनवान का इन्तखाब कर सकते हैं, जैसे “रोम की कलीसिया के नाम पौलुस का ख़त” या “रोम के मसीहियों के नाम ख़त”। (देखें: INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वरात

यिसू का हवाला देने के लिए किन ख़िताबात का इस्तेमाल किया गया है?

रोमियों में, पौलुस यिसू मसीह को कई ख़िताबात और तस्रीहात के ज़रिये बयान करता है: यिसू मसीह (1:1), दाऊद की नस्ल (1:3), ख़ुदा का बेटा (1:4), ख़ुदावन्द यिसू मसीह (1:7), मसीह यिसू (3:24), कफ़्फ़ारा (3:25), यिसू (3:26), यिसू हमारा ख़ुदावन्द (4:24), रब्ब-उल-अफ़वाज (9:29), ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान (9:33), शरीअत का अंजाम (10:4), छुड़ानेवाला (11:26), मुर्दों और ज़िन्दों का ख़ुदावन्द (14:9), और यस्सी की जड़ (15:12).

रोमियों में इलाहियाती इस्तलाहात का तर्जुमा किस तरह किया जाना चाहिए?

पौलुस कई ऐसे इलाहियाती इस्तलाहात का इस्तेमाल करता है जिनका चारों इन्जील में इस्तेमाल नहीं किया किया गया है। जब इब्तदाई मसीहियों ने यिसू मसीह और उसके पैग़ाम के मानी की बाबत मज़ीद मालूमात हासिल कीं, तो उन्हें नए नज़रियात के लिए नए अल्फ़ाज़ और तासरात की ज़रुरत हुई। इन अल्फ़ाज़ के बाज़ मिशाल हैं “रास्तबाज़ ठहराना” (5:1), “शरीअत के आमाल” (3:20), “सुलह” (5:10), “कफ़्फ़ारा” (3:25), मुक़द्दस बनना” (6:19), और “पुरानी इन्सानियत” (6:6).

“कलीदी इस्तलाहात” लुग़त मुतर्जमीन को ऐसे बहुत से इस्तलाहात को समझने में मददगार साबित हो सकती है। (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

मज़कूरा बाला इस्तलाहात की वज़ाहत करना मुश्किल है। मुतर्जमीन के लिए अक्सर उनकी अपनी ज़बान में मसावी इस्तलाहात का मिलना मुश्किल या नामुमकिन होता है। यह जानना मददगार हो सकता है के इन इस्तलाहात के मसावी लफ्ज़ ज़रूरी नहीं हैं। इसके बजाय, मुतर्जमीन इन नज़रियात को इत्तिला करने के लिए मुख़्तसर तासरात तैयार कर सकते हैं। मिशाल के तौर पर, इस्तलाह “इन्जील” को “यिसू मसीह की बाबत ख़ुशख़बरी” के तौर पर तर्जुमा किया जा सकता है।

मुतर्जमीन को यह भी याद रखना चाहिए के इनमे से बाज़ इस्तलाहात के एक से ज़ियादा मानी हैं। मानी इस बात पर मुन्हसिर होंगे के मुसन्निफ़ इस लफ्ज़ को उस ख़ास क़तआ में किस तरह इस्तेमाल कर रहा है। मिशाल के तौर पर, बाज़ औक़ात “रास्तबाज़ी” के मानी है के एक शख्स ख़ुदा के शरीअत की फरमाबरदारी करता है। दीगर औक़ात में, “रास्तबाज़ी” के मानी है के यिसू मसीह ने हमारे लिए ख़ुदा की शरीअत की कामिल तौर पर फरमाबरदारी की है।

इस्राएल के “बरगुज़ीदा” से पौलुस का क्या मुराद है (11:5)?

“बरगुज़ीदा” का ख़याल पुराने अहदनामे और पौलुस दोनों के लिए अहम है। जब असूरियों और फिर बाबुलियों ने उनकी ज़मीन को फ़तह किया तो ज़ियादातर इस्राएली या तो क़त्ल कर दिए गए थे या दूसरे लोगों के दरमियान बिखर गए थे। सिर्फ़ निस्बतन चंद ही यहूदी ज़िन्दा बच गए। उन्हें “बरगुज़ीदा” के तौर पर जाना जाता था।

11:1-9 में, पौलुस एक और बरगुज़ीदा का ज़िक्र करता है। यह बरगुज़ीदा वह यहूदी हैं जिन्हें ख़ुदा ने बचाया क्यूँके उन्होंने यिसू में ईमान लाया। (देखें: बचे हुए )

हिस्सा 3: तर्जुमा के अहम मसाएल
पौलुस का “मसीह में” होने से क्या मुराद है?

फ़िक़रा “मसीह में” और यकसां फ़िक़रे 3:24; 6:11, 23; 8:1,2,39; 9:1; 12:5,17; 15:17; और 16:3,7,9,10 में पाए जाते हैं। पौलुस ने इस क़िस्म के फ़िक़रों का इस्तेमाल एक इस्तआरे के तौर पर यह बयान करने के लिए किया के मसीही ईमानदार यिसू मसीह से ताल्लुक़ रखते हैं। मसीह से ताल्लुक़ रखने के मानी है के ईमानदार नजात पाया हुआ है और ख़ुदा का दोस्त बना दिया गया है। ईमानदार से यह वायदा भी किया गया है के वह ख़ुदा के साथ हमेशा ज़िन्दा रहेगा। अलबत्ता, कई ज़बानों में इस नज़रिये की नुमाइंदगी करना मुश्किल हो सकता है।

इन फ़िक़रों के ख़ास मानी भी हैं जो इस बात पर मुन्हसिर हैं के पौलुस ने उन्हें किस तरह किसी ख़ास क़तआ में इस्तेमाल किया है। मिशाल के तौर पर, 3:24 में, (“उस मख़लसी के वसीले से जो मसीह यिसू में है”), पौलुस ने यिसू मसीह के “सबब” से हमारे छुड़ाए जाने का हवाला दिया है। 8:9 में (“तुम जिस्मानी नहीं बल्के रूहानी हो”), पौलुस ईमानदारों का रूह उल क़ुद्स “के” ताबे होने का ज़िक्र किया है। 9:1 में, (“मैं मसीह में सच कहता हूँ”), पौलुस का मानी था के वह उस सच्चाई को बता रहा है जो यिसू मसीह के साथ “रज़ामन्दी में है”।

बहरहाल, हमारा यिसू मसीह के साथ (और रूह उल क़ुद्स के साथ) मुत्तहिद होने का बुनियादी ख़याल भी इन हिस्सों में देखा गया है। लिहाज़ा, बहुत से हिस्सों में मुतर्जिम के पास एक इन्तखाब है जो “में” इस्तेमाल करते हैं। वह अक्सर “में” के मज़ीद फ़ौरी एहसास की नुमाइंदगी करने का फ़ैसला करेगा, जैसे “के ज़रिये”, “अन्दाज़ में”, या “इस सिलसिले में”। लेकिन, अगर मुमकिन हो, तो मुतर्जिम को किसी ऐसे लफ्ज़ या फ़िक़रे का इन्तखाब करना चाहिए जो फ़ौरी एहसास की और “के साथ इत्तहाद में” एहसास की नुमाइंदगी करता हो। (देखें: मसीह में, ‘ईसा में, ख़ुदा में, उसमें )

ULT में रोमियों में “पाक”, मुक़द्दसों”, “मुक़द्दसीन”, और “तक़दीस” के नज़रियात की नुमाइंदगी किस तरह की गयी है?

सहीफ़े ऐसे अल्फ़ाज़ का इस्तेमाल मुख्तलिफ़ नज़रियात में से किसी एक की निशानदेही के लिए करते हैं। इस वजह से, मुतर्जमीन को इनकी अपने तर्जुमों में अच्छी तरह नुमाइंदगी करना अक्सर मुश्किल होता है। अंग्रेजी में तर्जुमा करने में, ULT ज़ैल में दर्ज उसूलों का इस्तेमाल करती है: * बाज़ औक़ात एक हवाला के मानी अख़लाक़ी तक़दीस को ज़ाहिर करते हैं। इन्जील को समझने के लिए ख़ास तौर से यह हक़ीक़त अहम है के ख़ुदा मसीहियों को बेगुनाह समझता है क्यूँके वो यिसू मसीह से मुत्तहिद हैं। एक और मुताल्लुका हक़ीक़त यह है के ख़ुदा कामिल और बेऐब है। एक तीसरी हक़ीक़त यह है के मसीहियों को ज़िन्दगी में बेऐब और बेक़सूर अन्दाज़ में बर्ताव करना है। इन सूरतों में, ULT “पाक”, “पाक ख़ुदा”, “मुक़द्दसीन”, या “मुक़द्दस लोग” का इस्तेमाल करती है। (देखें: INVALID translate/translate-textvariants) * बाज़ औक़ात एक हवाला में मानी मसीहियों के ज़रिये किसी ख़ास किरदार की तर्जुमानी के बगैर एक सादा हवाला की निशानदेही करते हैं। उन सूरतों में जहाँ बाज़ दीगर अंग्रेजी तर्जुमों में “मुक़द्दसों”, या “मुक़द्दसीन”, हो वहाँ ULT “ईमानदारों” का इस्तेमाल करती है। (देखें: 8:27; 12:13; 15:25, 26, 31; 16:2, 15) * बाज़ औक़ात एक हवाला में मानी किसी शख्स या किसी चीज़ की निशानदेही करता है जिसे सिर्फ़ ख़ुदा के लिए मख़सूस किया गया हो। इन सूरतों में, ULT “मख़सूस”, “वक्फ़ शुदा”, “तक़दीस”, या “महफ़ूज़” का इस्तेमाल करती है। (देखें: 15:16)

UST अक्सर मददगार साबित होगा जब मुतर्जमीन इस बाबत ख़याल करते हैं के इन नज़रियात का उनके अपने तर्जुमों में किस तरह नुमाइंदगी करना है।

रोमियों की किताब के मतन में अहम मसाएल क्या हैं?

ज़ैल में दर्ज आयात के लिए, बाईबल के जदीद तर्जुमे पुराने तर्जुमों से मुख्तलिफ हैं। ULT जदीद पढ़ाई को शामिल करती है और पुरानी पढ़ाई को हाशिये में रखती है।

  • “वह [ख़ुदा] सब चीज़ें भलाई पैदा करने के लिए करता है” (8:28). बाज़ पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं, “सब चीज़ें मिलकर भलाई पैदा करती हैं।
  • “अगर फ़ज़ल से बरगुज़ीदा हैं तो आमाल से नहीं, वरना फ़ज़ल फ़ज़ल न रहा” (11:6). बाज़ पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं: “अगर आमाल से बरगुज़ीदा हैं तो फ़ज़ल से नहीं, वरना अमाल आमाल न रहा”

    मुन्दर्जा जैल आयत बाईबल की बेहतरीन क़दीम नक़ल में नहीं है। मुतर्जमीन को इस आयत को शामिल न करने का मशवरा दिया जाता है। अलबत्ता, अगर मुतर्जमीन के इलाक़े में ऐसे पुराने तर्जुमे मौज़ूद हैं जिनमे यह आयत है, तो मुतर्जमीन इसे शामिल कर सकते हैं। अगर इसका तर्जुमा किया जाता है, तो इसे इस बात की निशानदेही के लिए मुरब्बा ब्रैकेट्स ([])में रखा जाना चाहिए के शायद यह रोमियों की किताब के अस्ल में नहीं है।

  • “हमारे ख़ुदावन्द यिसू मसीह का फ़ज़ल तुम सब के साथ हो। आमीन” (16:24).

(देखें: @)

Romans 1

रोमियों 01 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

पहली आयत तआर्रुफ़ की एक क़िस्म है। क़दीम बहीरा रूम के इलाक़े के लोग अक्सर इस तरह अपने ख़तूत का आग़ाज़ करते थे। बाज़ औक़ात इसे “सलाम” भी कहा जाता है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

इंजील

यह बाब रोमियों की किताब के मज़मून को “इन्जील” के तौर पर हवाला देता है (रोमियों 1:2). रोमियों मत्ती, मरकुस, लूका और यूहन्ना की तरह इन्जील नहीं है। इसके बजाय, अबवाब 1-8 बाईबल की इन्जील पेश करते हैं: सब ने गुनाह किया है। यिसू हमारे गुनाहों की ख़ातिर मर गया। वह दोबारा जी उठा ताके हम उसमे नई ज़िन्दगी पा सकें।

फल

यह बाब फल की मन्ज़र कशी का इस्तेमाल करता है। फल का तस्वीर आमतौर पर किसी शख्स के ईमान का हवाला देता है जो उनकी ज़िन्दगी में नेक कामों को पैदा करता है। इस बाब में, यह रोमी मसीहियों के दरमियान पौलुस के कामों के नतीजों हवाला देता है (देखें: फल, फलों, फलदार, बेफल और ईमान और रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )

आफ़ाक़ी सज़ा का हुक्म और ख़ुदा का ग़ज़ब

यह बाब वज़ाहत करता है के हर एक बगैर उज़्र के है। हम सब हक़ीक़ी ख़ुदा, यहोवा, की बाबत अपने चारों तरफ़ उसकी तख्लीक़ से ही जानते हैं। हमारे गुनाह और गुनाहगार फ़ितरत के सबब से, हर शख्स इन्साफ के साथ ख़ुदा के क़हर का मुस्तहक़ है। यह क़हर यिसू मसीह के सलीब पर मरने के ज़रिये उनके लिए मुत्मईन हो गया जो उसमे ईमान रखते हैं। (देखें: यक़ीन, यक़ीन करे, यक़ीन किया, ईमानदार, ईमान, बे-ईमान, बे-ईमानों , बे-ईमान, और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

“ख़ुदा ने उनको हवाले कर दिया”

बहुत से उलेमा फ़िक़रों “ख़ुदा ने उनको हवाले कर दिया” और “ख़ुदा ने उनको छोड़ दिया” को इलाहियाती लिहाज़ से अहम समझते हैं। इस वजह से, इन फ़िक़रों का तर्जुमा इस तरह करना अहम है जिसमे ख़ुदा इस अमल में एक ग़ैर फ़ाल किरदार अदा करता है। ख़ुदा सिर्फ़ आदमियों को अपनी ख्वाहिशात की पैरवी करने की इजाज़त देता है, वह उनको मजबूर नहीं करता है। (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

इस बाब में दीगर मुमकिन तर्जुमा के मुश्किलात

मुश्किल फ़िक़रे और तसव्वरात

इस बाब में बहुत से मुश्किल नज़रियात हैं। पौलुस जिस तरह लिखता है वह इस बाब में बहुत से फ़िक़रों को तर्जुमा करना मुश्किल बनाता है। मुतर्जमीन को फ़िक़रों के मानी समझने के लिए UST के इस्तेमाल की ज़रुरत हो सकती है। और इन फ़िक़रों का तर्जुमा मज़ीद अज़ादाना तौर पर करना ज़रूरी हो सकता है। बाज़ मुश्किल फ़िक़रों में शामिल हैं: “ईमान की ताबेदारी”, “जिसकी ख़िदमत मैं अपनी रूह में करता हूँ”, “ईमान से और ईमान के लिए” और “ग़ैर-फ़ानी ख़ुदा के जलाल को फ़ानी इन्सान की सूरत में बदल डाला”।

Romans 1:1

Παῦλος

आपकी ज़बान में ख़त के मुसन्निफ़ के तआर्रुफ़ करने का एक ख़ास तरीक़ा हो सकता है। आपको इसी आयत में यह बताने की ज़रुरत भी हो सकती है के वो लोग कौन हैं जिन्हें पौलुस ने यह ख़त लिखा था (रोमियों 1:7). मुतबादिल तर्जुमा: “मैं, पौलुस ने, इस ख़त को लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

κλητὸς ἀπόστολος, ἀφωρισμένος εἰς εὐαγγέλιον Θεοῦ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मुझे एक रसूल होने के लिए बुलाया और इन्जील की बाबत लोगों को बताने के लिए मुझे मुन्तखिब किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κλητὸς

इसके मानी है के ख़ुदा ने लोगों को उसके फ़र्ज़न्द होने के लिए, यिसू के ज़रिये उसके नजात के पैग़ाम के ख़ादिम और मुनादी करने वाले होने लिए मुक़र्रर या मुन्तखिब किया है।

Romans 1:2

ὃ προεπηγγείλατο διὰ τῶν προφητῶν αὐτοῦ ἐν Γραφαῖς ἁγίαις

ख़ुदा ने अपने लोगों से वादा किया था के वह अपनी बादशाही क़ायम करेगा। उसने नबियों से इन वायदों को सहीफ़ों में लिखने के लिए कहा था।

Romans 1:3

περὶ τοῦ Υἱοῦ αὐτοῦ

यह “ख़ुदा की इन्जील” से मुराद हैं, ख़ुशख़बरी जो ख़ुदा ने अपने बेटे को दुनिया में भेजने का वादा किया था।

τοῦ Υἱοῦ

ख़ुदा का बेटा, यह यिसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

τοῦ γενομένου ἐκ σπέρματος Δαυεὶδ κατὰ σάρκα

यहाँ लफ्ज़ “जिस्म” जिस्मानी बदन से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो जिस्मानी फ़ितरत के मुताबिक़ दाऊद की नस्ल है” या “जो दाऊद के ख़ानदान में पैदा हुआ था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 1:4

पौलुस यहाँ अपनी मुनादी करने की जिम्मेदारी की बाबत बात करता है।

τοῦ ὁρισθέντος Υἱοῦ Θεοῦ ἐν δυνάμει

लफ्ज़ “वह” यिसू मसीह से मुराद है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने क़ुदरत के साथ उसे ख़ुदा का बेटा होने का ऐलान किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐξ ἀναστάσεως νεκρῶν

उसे उन लोगों के दरमियान से जी उठाने के ज़रिये जो मरे हुए हैं। यह बयान आलम ए अर्वाह में तमाम मुर्दा लोगों का एक साथ ज़िक्र करता है, और दोबारा ज़िन्दा होने का ज़िक्र उनके दरमियान से जी उठने के तौर पर किया गया है

Πνεῦμα ἁγιωσύνης

यह रूह उल क़ुद्स से मुराद है।

Romans 1:5

ἐλάβομεν χάριν καὶ ἀποστολὴν

ख़ुदा ने पौलुस को एक रसूल होने की नेमत बख्शी है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मुझे एक रसूल बना दिया। यह एक ख़ास इस्तहक़ाक़ है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

εἰς ὑπακοὴν πίστεως ἐν πᾶσιν τοῖς ἔθνεσιν ὑπὲρ τοῦ ὀνόματος αὐτοῦ

पौलुस यिसू का हवाला देने के लिए लफ्ज़ “नाम” का इस्तेमाल एक इस्तआरे के तौर पर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “सब क़ौमों को उस पर उनके ईमान के सबब से ताबेदारी की तालीम देने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 1:7

πᾶσιν τοῖς οὖσιν ἐν Ῥώμῃ, ἀγαπητοῖς Θεοῦ, κλητοῖς ἁγίοις

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं यह ख़त रोम में तुम सब को लिख रहा हूँ जिनसे ख़ुदा महब्बत रखता है और अपने लोग होने के लिए मुन्तखिब किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

χάρις ὑμῖν καὶ εἰρήνη

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हें फ़ज़ल और इत्मीनान दे” या “ख़ुदा तुम्हें बरकत दे और तुम्हें अंदरूनी सुकून दे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Θεοῦ Πατρὸς ἡμῶν

लफ्ज़ “बाप” ख़ुदा के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Romans 1:8

ὅλῳ τῷ κόσμῳ

वह दुनिया जिसे पौलुस और उसके कारअीन जानते थे और उसमे सफ़र कर सकते थे, जो रोमी सल्तनत थी

Romans 1:9

μάρτυς γάρ μού ἐστιν ὁ Θεός

पौलुस ज़ोर देता है के वह संजीदगी से उनके लिए दुआ करता है और ख़ुदा ने उसे दुआ करते हुए देखा है। लफ्ज़ “के लिए” अक्सर बगैर तर्जुमे के छोड़ दिया जाता है।

ἐν τῷ πνεύματί μου

किसी शख्स की रूह उसका वह हिस्सा है जो ख़ुदा को जान सकती है और उसमे ईमान रखती है।

τῷ εὐαγγελίῳ τοῦ Υἱοῦ αὐτοῦ

बाईबल की ख़ुशख़बरी (इन्जील) वह है जिसे ख़ुदा के बेटे ने ख़ुद दुनिया के नजातदहन्दा के तौर पर दिया है।

Υἱοῦ

ख़ुदा का बेटा, यह यिसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

μνείαν ὑμῶν ποιοῦμαι

मैं तुम्हारी बाबत ख़ुदा से बात करता हूँ

Romans 1:10

πάντοτε ἐπὶ τῶν προσευχῶν μου, δεόμενος εἴ…ποτὲ εὐοδωθήσομαι…ἐλθεῖν πρὸς ὑμᾶς.

हर वक़्त जब मैं दुआ करता हूँ, मैं ख़ुदा से माँगता हूँ के ... तुम्हारे पास आने में ... मैं कामयाब हो सकूँ

εἴ πως

ख़ुदा जिस तरह भी इजाज़त देता है

ποτὲ

आख़िर कार या “आख़िरन”

ἐν τῷ θελήματι τοῦ Θεοῦ

क्यूँके यह ख़ुदा चाहता है

Romans 1:11

पौलुस रोम में लोगों के सामने उन्हें ज़ाती तौर पर देखने की अपनी ख्वाहिश बयान करने के ज़रिये अपने इब्तदाई बयानात जारी रखता है।

ἐπιποθῶ γὰρ ἰδεῖν ὑμᾶς

क्यूँके मैं वाक़ई तुम्हें देखना चाहता हूँ

τι…χάρισμα…πνευματικὸν, εἰς τὸ στηριχθῆναι ὑμᾶς

पौलुस रोमी मसीहियों को रूहानी तौर पर मज़बूत करना चाहता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बाज़ नेमत जो रूहानी तौर पर बढ़ने में तुम्हें मदद करेगी” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 1:12

τοῦτο δέ ἐστιν συνπαρακληθῆναι ἐν ὑμῖν, διὰ τῆς ἐν ἀλλήλοις πίστεως, ὑμῶν τε καὶ ἐμοῦ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरा मतलब है के मैं चाहता हूँ के हम यिसू में ईमान के अपने तजुर्बात बाँटकर एक दूसरे की हौसला आफज़ाई करें” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 1:13

οὐ θέλω…ὑμᾶς ἀγνοεῖν

पौलुस ज़ोर दे रहा है के वह चाहता था के उनको यह मालूमात हासिल हो। आप इस दोहरे मनफ़ी को मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं चाहता हूँ के तुम जानो” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी साथी मसीही है, जिसमे मर्द और औरत दोनों शामिल हैं।

καὶ ἐκωλύθην ἄχρι τοῦ δεῦρο

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ हमेशा से मुझे रोकता रहा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἵνα τινὰ καρπὸν σχῶ καὶ ἐν ὑμῖν

लफ्ज़ “फल” एक इस्तआरा है जो रोम के लोगों की नुमाइंदगी करता है जिन्हें पौलुस चाहता है के इन्जील पर ईमान लायें। मुतबादिल तर्जुमा: “के तुम्हारे दरमियान ज़ियादा लोग यिसू में यक़ीन कर सकें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τοῖς λοιποῖς ἔθνεσιν

दीगर इलाक़ों की ग़ैर-क़ौमें जहाँ वह जा चुका था

Romans 1:14

τε…ὀφειλέτης εἰμί

इस्तआरा “क़र्ज़दार” का इस्तेमाल करते हुए पौलुस ख़ुदा की ख़िदमत करने की अपने फ़र्ज़ का ज़िक्र इस तरह करता है गोया उस पर ख़ुदा का माली क़र्ज़ था। मुतबादिल तर्जुमा: “लाज़मी है के मैं इन्जील ले जाऊँ” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 1:16

οὐ…ἐπαισχύνομαι τὸ εὐαγγέλιον

आप इसका तर्जुमा एक मुस्बत शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं मुकम्मल तौर पर इन्जील पर ऐतबार करता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

δύναμις…Θεοῦ ἐστιν εἰς σωτηρίαν παντὶ τῷ πιστεύοντι

यहाँ “ईमान लाने” के मानी है के कोई शख्स मसीह में भरोसा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह इन्जील ही है जिसके ज़रिये ख़ुदा ज़ोरावरी से उन लोगों को बचाता है जो मसीह में भरोसा रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Ἰουδαίῳ τε πρῶτον καὶ Ἕλληνι

यहूदी लोगों के लिए और यूनानी लोगों के लिए भी

τε πρῶτον

यहाँ “पहले” के मानी है वक़्त की तरतीब में सभी दूसरों से पहले आना।

Romans 1:17

γὰρ…ἐν αὐτῷ

यहाँ “इस” इन्जील से मुराद है। पौलुस वज़ाहत करता है के वो क्यूँ इन्जील में मुकम्मल तौर पर भरोसा करता है।

δικαιοσύνη…Θεοῦ…ἀποκαλύπτεται, ἐκ πίστεως εἰς πίστιν

पौलुस इन्जील के पैग़ाम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे ख़ुदा लोगों को जिस्मानी तौर पर दिखा सकता था। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हमें बताया है के इब्तदा से इन्तहां तक ईमान ही से लोग रास्तबाज़ बनते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

καθὼς γέγραπται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा किसी ने सहीफ़ों में लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ…δίκαιος ἐκ πίστεως ζήσεται.

यहाँ “रास्तबाज़” उनसे मुराद है जो ख़ुदा पर भरोसा रखते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ये वह लोग हैं जो ख़ुदा पर भरोसा करते हैं जिन्हें वह अपने साथ सहीह समझता है, और वह हमेशा ज़िन्दा रहेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 1:18

पौलुस गुनाहगार आदमी के ख़िलाफ़ ख़ुदा का बड़ा ग़ज़ब ज़ाहिर करता है।

ἀποκαλύπτεται γὰρ ὀργὴ Θεοῦ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ज़ाहिर करता है के वह किस तरह नाराज़ है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

γὰρ

पौलुस लफ्ज़ “क्यूँके” यह दिखाने के लिए इस्तेमाल करता है के वह लोगों को बताने वाला है के क्यूँ लोग जानते हैं के उसने जो रोमियों 1:17 में कहा सच है।

ἀποκαλύπτεται…ὀργὴ Θεοῦ ἀπ’ οὐρανοῦ, ἐπὶ πᾶσαν ἀσέβειαν καὶ ἀδικίαν ἀνθρώπων

अल्फ़ाज़ “बेदीनी” और “नारास्ती” ख़ुलासा इस्म हैं जिनका इज़हार सिफ़त “बेदीन”, जो लोगों को बयान करता है, और “नारास्त”, जो उनके कामों को बयान करता है, का इस्तेमाल करते हुए किया जा सकता है। ये इस्म उन लोगों के लिए मजाज़ी हैं जिनसे ख़ुदा नाराज़ है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा आसमान से ज़ाहिर करता है के वह लोगों से कितना नाराज़ है क्यूँके वो बेदीन हैं और नारास्त काम करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-metonymy)

τὴν ἀλήθειαν…κατεχόντων

यहाँ “हक़” ख़ुदा की बाबत सच्ची मालूमात का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की बाबत सच्ची मालूमात को छुपा देना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 1:19

τὸ γνωστὸν τοῦ Θεοῦ, φανερόν ἐστιν ἐν αὐτοῖς

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो ख़ुदा की बाबत जान सकते हैं इस वजह से के वह वाज़े तौर पर देख सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ Θεὸς γὰρ αὐτοῖς ἐφανέρωσεν

यहाँ “उन पर ज़ाहिर कर दिया” के मानी है के ख़ुदा ने उन्हें अपनी बाबत सच्चाई को दिखाया है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने हर एक को दिखाया है के वह कैसा है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 1:20

τὰ γὰρ ἀόρατα αὐτοῦ ἀπὸ κτίσεως κόσμου, τοῖς ποιήμασιν νοούμενα, καθορᾶται

पौलुस लोगों की ख़ुदा की अनदेखी सिफ़तें समझने का ज़िक्र करता है गोया लोगों ने उन सिफ़तों को देखा है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके लोगों ने वाज़े तौर पर ख़ुदा की अनदेखी सिफ़तों को समझा है, यानी उसकी अब्दी ताक़त और ख़ुदाई फ़ितरत” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

θειότης

ख़ुदा की तमाम सिफ़तें और ख़ुसूसियात या “ख़ुदा की बाबत वो बातें जो उसे ख़ुदा बनाती हैं”

κόσμου

यह आसमान और ज़मीन, और जो कुछ उसमे है से मुराद है।

τοῖς ποιήμασιν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उन चीज़ों की वजह से जो ख़ुदा ने बनाया है” या “क्यूँके लोगों ने वो चीज़ें देखीं हैं जो ख़ुदा ने बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸ εἶναι αὐτοὺς ἀναπολογήτους

ये लोग कभी नहीं कह सकते के वो नहीं जानते थे

Romans 1:21

ἐματαιώθησαν ἐν τοῖς διαλογισμοῖς αὐτῶν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बेवकूफ़ चीज़ें सोचने लगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐσκοτίσθη ἡ ἀσύνετος αὐτῶν καρδία

यहाँ “तारीकी” एक इस्तआरा है जो लोगों की समझ की कमी को ज़ाहिर करता है। यहाँ “दिलों” किसी शख्स के ज़हन या अंदरूनी वजूद के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो यह समझने से क़ासिर हो गए के ख़ुदा क्या चाहता है के वो जानें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 1:22

φάσκοντες εἶναι σοφοὶ, ἐμωράνθησαν

जबके वो दाना होने का दावा कर रहे थे, वो बेवकूफ़ बन गए

φάσκοντες

रोमियों 1:18 में लोगों ने

Romans 1:23

ἤλλαξαν τὴν δόξαν τοῦ ἀφθάρτου Θεοῦ

इस हक़ीक़त का सौदा किया के ख़ुदा जलाली है और कभी नहीं मरेगा या “ईमान रखना छोड़ दिया के ख़ुदा जलाली है और कभी नहीं मरेगा”

ἐν ὁμοιώματι εἰκόνος

और इसके बजाय बुतों की इबादत करना मुन्तखिब किया जो

φθαρτοῦ ἀνθρώπου

कुछ इन्सान की मानिन्द दिखता था जो के मर जायेगा

πετεινῶν, καὶ τετραπόδων, καὶ ἑρπετῶν

या जो परिंदों, चौपायों, या कीड़े मकोड़ों की मानिन्द

Romans 1:24

διὸ

क्यूँके मैंने अभी जो कहा सच है

παρέδωκεν αὐτοὺς ὁ Θεὸς ἐν

ख़ुदा ने उन्हें इनमे शामिल होने की इजाज़त दी

αὐτοὺς…αὐτῶν…αὐτοῖς;

ये अल्फ़ाज़ रोमियों 1:18 के “आदमियों” का हवाला देता है।

ταῖς ἐπιθυμίαις τῶν καρδιῶν αὐτῶν εἰς ἀκαθαρσίαν

यहाँ “उनके दिलों की ख्वाहिशों” एक मजाज़ मर्सल है जो उन बुरी चीज़ों की नुमाइंदगी करता है जो वो करना चाहते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “इख़लाक़ी तौर पर नापाक चीज़ों की वो बहुत ख्वाहिश करते थे” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

τοῦ ἀτιμάζεσθαι τὰ σώματα αὐτῶν ἐν αὐτοῖς

यह एक खुश कलामी है जिसके मानी है उन्होंने ग़ैर इख़लाक़ी जिन्सी हरकतें कीं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “और उन्होंने जिन्सी तौर पर ग़ैर इख़लाक़ी और रुसवा कुन हरकतें कीं” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 1:25

οἵτινες

यह लफ्ज़ रोमियों 1:18 के “आदमियों” का हवाला देता है।

ἐσεβάσθησαν καὶ ἐλάτρευσαν τῇ κτίσει

यहाँ “मख्लूक़ात” उससे मुराद है जो ख़ुदा ने पैदा किया। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्होंने उन चीज़ों की इबादत की जिसे ख़ुदा ने पैदा किया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

παρὰ

बजाय इसके

Romans 1:26

διὰ τοῦτο

बुतपरस्ती और जिन्सी गुनाह की वजह से

παρέδωκεν αὐτοὺς ὁ Θεὸς εἰς

ख़ुदा ने उन्हें इनमे शामिल होने की इजाज़त दी

πάθη ἀτιμίας

शर्मनाक जिन्सी ख्वाहिशात

αἵ τε γὰρ θήλειαι αὐτῶν

क्यूँके उनकी औरतें

μετήλλαξαν τὴν φυσικὴν χρῆσιν εἰς τὴν παρὰ φύσιν

उस ताल्लुकात का ख़याल “जो ग़ैर फ़ितरती था” ग़ैर इख़लाक़ी जिन्सी ताल्लुकात के लिए एक ख़ुश कलामी है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्सी ताल्लुकात पर इस तरीक़े से अमल करना शुरू किया जिस तरह ख़ुदा ने नहीं बनाया” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)

Romans 1:27

καὶ…ἄρσενες ἀφέντες τὴν φυσικὴν χρῆσιν τῆς θηλείας

यहाँ “क़ुदरती ताल्लुक़ात” जिन्सी ताल्लुक़ात के लिए ख़ुश कलामी है। मुतबादिल तर्जुमा: बहुत सारे मर्दों ने औरतों के लिए क़ुदरती जिन्सी ख्वाहिश करना छोड़ दिया” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)

ἐξεκαύθησαν ἐν τῇ ὀρέξει αὐτῶν εἰς ἀλλήλους

दूसरे मर्दों के लिए शदीद जिन्सी ख्वाहिश का तजुरबा किया

τὴν ἀσχημοσύνην κατεργαζόμενοι

ऐसी हरकतें कीं जिसके लिए उन्हें शर्मिन्दा होना चाहिए था, मगर वो शर्मिन्दा नहीं थे

ἄρσεσιν…καὶ τὴν ἀντιμισθίαν ἣν ἔδει τῆς πλάνης αὐτῶν, ἐν ἑαυτοῖς ἀπολαμβάνοντες

आदमियों, और ख़ुदा ने उन्हें इन्साफ के साथ सज़ा दिया उस ग़लती के लिए जो उन्होंने किया

πλάνης

इख़लाक़ी ग़लत, हक़ायक़ के बाबत ग़लती नहीं

Romans 1:28

καὶ καθὼς οὐκ ἐδοκίμασαν, τὸν Θεὸν ἔχειν ἐν ἐπιγνώσει

वो ख़ुदा को जानना ज़रूरी नहीं समझते थे

αὐτοὺς

ये अल्फ़ाज़ रोमियों 1:18 के “आदमियों” का हवाला देता है।

παρέδωκεν αὐτοὺς ὁ Θεὸς εἰς ἀδόκιμον νοῦν

यहाँ “मकरूह सोच” के मानी है एक ऐसा ज़हन जो सिर्फ़ ग़ैर इख़लाक़ी चीज़ों की बाबत सोचता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनके ज़हनों को जो उन्होंने बेकार और ग़ैर इख़लाक़ी ख़याल से भरे थे, को मुकम्मल तौर पर उन्हें क़ाबू करने की इजाज़त दी” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

μὴ καθήκοντα

शर्मनाक या “गुनाहगार”

Romans 1:29

πεπληρωμένους

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनमे उनकी शदीद ख्वाहिश है” या “वो के आमाल करने की शदीद ख्वाहिश रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μεστοὺς φθόνου, φόνου, ἔριδος, δόλου, κακοηθείας

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत से लोग दूसरे लोगों से मुसलसल रश्क करते हैं ... बहुत से दूसरे लोगों को मुसलसल क़त्ल करने की ख्वाहिश रखते हैं ... लोगों के दरमियान बहस और झगड़े पैदा करना ... दूसरों को धोका देना ... दूसरों की बाबत नफ़रत अंगेज़ बात करना” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 1:30

καταλάλους

ग़ीबत करने वाला दूसरे शख्स के बारे में ग़लत बातें करता है ताके उसकी साख खराब हो।

ἐφευρετὰς κακῶν

दूसरों के साथ बुरे काम करने के लिए नए तरीक़ों के बारे में सोचना

Romans 1:32

οἵτινες τὸ δικαίωμα τοῦ Θεοῦ ἐπιγνόντες

वो जानते हैं के ख़ुदा किस तरह उन्हें चाहता हे के जिएँ

ὅτι οἱ τὰ τοιαῦτα πράσσοντες

यहाँ “अमल” से मुराद है मुसलसल या आदतन ऐसी चीज़ें करना जो बुरी हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “और वह जो बदकारी करते रहते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἄξιοι θανάτου εἰσίν

मरने के मुस्तहक़ हैं

αὐτὰ

इस क़िस्म की बुरी चीज़ें

τοῖς πράσσουσιν

यहाँ फ़अल “करना” से मुराद है मुसलसल ऐसी चीज़ें करना जो बुरी हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो बुरे काम करते रहते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 2

रोमियों 02 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

यह बाब रोमी मसीहियों से अपने सामअीन को उन लोगों में बदल देता है जो दूसरे लोगों पर “इल्ज़ाम” लगाते हैं और यिसू पर ईमान नहीं रखते हैं। (देखें: मुंसिफ़, इन्साफ़ करता, इन्साफ़, फ़ैसला और यक़ीन, यक़ीन करे, यक़ीन किया, ईमानदार, ईमान, बे-ईमान, बे-ईमानों , बे-ईमान, )

“लिहाज़ा तुम बगै़र उज़्र के हो”

यह जुमला बाब 1 की तरफ़ वापस देखता है। कुछ तरीक़ों से, यह दरअसल उसका नतीजा अख़ज़ करता है जो बाब 1 तालीम देता है। यह जुमला वज़ाहत करता है के क्यूँ दुनिया में हर एक के लिए सच्चे ख़ुदा की इबादत करना लाज़मी है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

“शरीअत पर अमल करने वाले”

वो जो शरीअत की इताअत करने की कोशिश करते हैं वो इसकी इताअत की कोशिश करने के ज़रिये रास्तबाज़ नहीं ठहराए जायेंगे। वो जो यिसू में इमान रखने के ज़रिये रास्तबाज़ ठहराए गए हैं वो ख़ुदा के हुक्मों की इताअत करने के ज़रिये यह ज़ाहिर करते हैं के उनका ईमान हक़ीक़ी है। (देखें: इन्साफ़ ,ना इन्साफ़ी ,ना इन्साफ़ी से भरा ,इंसाफ़ पसनद ,फ़ैसला, और शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

ख़तीबाना सवालात

पौलुस इस बाब में कई ख़तीबाना सवालात का इस्तेमाल करता है। ऐसा लगता है के इन ख़तीबाना सवालात का इरादा क़ारी को उनके गुनाह दिखाना है ताके वो यिसू पर ऐतबार करेंगे। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion, जुर्म , मुजरिम और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

क़ियासी सूरतेहाल

क़रीने में, आयत 7 में “वह अब्दी ज़िन्दगी देगा” एक क़ियासी बयान है। अगर कोई शख्स एक कामिल ज़िन्दगी जी सके, तो वो अब्दी ज़िन्दगी को एक इनआम के तौर पर हासिल करेंगे। लेकिन सिर्फ़ यिसू ही एक कामिल ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल था।

पौलुस आयात 17-29 में एक और क़ियासी सूरतेहाल देता है। यहाँ वह वज़ाहत करता है के यहाँ तक के वो जो संजीदगी से मूसवी शरीअत की पैरवी करने की कोशिश करते हैं वो भो शरीअत की ख़िलाफ़ वर्ज़ी के मुर्तकिब हैं। अंग्रेजी में, यह उनकी बाबत है जो शरीअत के “हर्फ़” की पैरवी करते हैं लेकिन शरीअत की “रूह” या आम उसूलों की पैरवी नहीं कर सकते। (देखें: ईमान )

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

“तुम जो इल्ज़ाम लगाते हो”

बाज़ औक़ात, इसका तर्जुमा आसान तर अन्दाज़ में किया जा सकता है। लेकिन इसका तर्जुमा इस निस्बतन बे सलीक़ा तरीक़े से किया गया है क्यूँके जब पौलुस उनका हवाला देता है “जो इल्ज़ाम लगाते हैं” तो वो यह भी कह रहा है के हर एक इल्ज़ाम लगाता है। इसका “वह लोग जो इल्ज़ाम लगाते हैं (और हर एक इल्ज़ाम लगाता है)” के तौर पर तर्जुमा मुमकिन है।

Romans 2:1

पौलुस ने तस्दीक़ किया है के सभी इन्सान गुनाहगार हैं और उन्हें याद दिलाना जारी रखता है के सभी लोग बदकार हैं।

διὸ ἀναπολόγητος εἶ

लफ्ज़ “पस” ख़त के एक नए हिस्से की नाशान्देही करता है। पौलुस ने जो रोमियों 1:1-32 में कहा है उसकी बुनियाद पर यह एक इख्ततामी बयान भी देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चूँके ख़ुदा उनको सज़ा देगा जो मुसलसल गुनाह करते हैं, वह यक़ीनन तुम्हारे गुनाहों को मुआफ़ नहीं करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

εἶ

पौलुस यहाँ लिख रहा है गोया वह किसी यहूदी शख्स से मुख़ातिब हो रहा हो जो उससे बहस कर रहा हो। पौलुस ऐसा अपने सामअीन को तालीम देने के लिए कर रहा है के ख़ुदा हर एक को सज़ा देगा जो मुसलसल गुनाह करते हैं, ख्वाह यहूदी हों या ग़ैर-यहूदी। (देखें: INVALID translate/figs-apostrophe)

εἶ

यहाँ ज़मीर “तुम” वाहिद है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

ὦ ἄνθρωπε, πᾶς ὁ κρίνων

पौलुस यहाँ लफ्ज़ “शख्स” का इस्तेमाल किसी ऐसे शख्स को डाँटने के लिए करता है जो यह सोच सकता है के वह ख़ुदा की तरह काम कर सकता है और दूसरों का इन्साफ़ कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तू सिर्फ़ एक इन्सान है, फिर भी तू दूसरों पर इल्ज़ाम लगाता है और कहता है के वो ख़ुदा की सज़ा के मुस्तहक़ हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἐν ᾧ γὰρ κρίνεις τὸν ἕτερον, σεαυτὸν κατακρίνεις

लेकिन तू सिर्फ़ ख़ुद पर इल्ज़ाम लगा रहा है क्यूँके तुम वही बदकारी करते हो जैसा वो करते हैं

Romans 2:2

οἴδαμεν δὲ

यहाँ ज़मीर “हम” मसीही ईमानदारों और उन यहूदियों को भी जो मसीही नहीं हैं शामिल कर सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

τὸ κρίμα τοῦ Θεοῦ ἐστιν κατὰ ἀλήθειαν ἐπὶ τοὺς

यहाँ पौलुस “ख़ुदा की अदालत” का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा था और लोगों पर गिर सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उन लोगों का सहीह मानी में और मुन्सिफ़ाना इन्साफ करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τοὺς τὰ τοιαῦτα πράσσοντας

वह लोग जो शरीर कामों को करते हैं

Romans 2:3

λογίζῃ δὲ τοῦτο

तो इस पर गौर कर या “लिहाज़ा, इस पर गौर कर”

λογίζῃ…τοῦτο

उसकी बाबत सोच जो मैं तुझे बताने जा रहा हूँ

ἄνθρωπε

इन्सान के लिए आम लफ्ज़ का इस्तेमाल करें “तू जो भी है”

ὦ ἄνθρωπε, ὁ κρίνων τοὺς τὰ τοιαῦτα πράσσοντας, καὶ ποιῶν αὐτά

तुम जो कहते हो के कोई ख़ुदा की सज़ा का मुस्तहक़ है जबके तुम वही शरीर काम करते हो

ὅτι σὺ ἐκφεύξῃ τὸ κρίμα τοῦ Θεοῦ

यह तब्सरा ज़ोर देने के लिए एक सवाल की शक्ल में ज़ाहिर होता है। आप एक सख्त मनफ़ी बयान के तौर पर भी इस सवाल का तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम यक़ीनन ख़ुदा की अदालत से नहीं बचोगे!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 2:4

ἢ τοῦ πλούτου τῆς χρηστότητος αὐτοῦ, καὶ τῆς ἀνοχῆς, καὶ τῆς μακροθυμίας καταφρονεῖς, ἀγνοῶν ὅτι τὸ χρηστὸν τοῦ Θεοῦ, εἰς μετάνοιάν σε ἄγει?

यह तब्सरा ज़ोर देने के लिए एक सवाल की शक्ल में ज़ाहिर होता है। आप एक सख्त बयान के तौर पर भी इसका तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें ऐसा सुलूक नहीं करना चाहिए के इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है के ख़ुदा नेक है और वह लोगों को सज़ा देने से पहले सब्र कर साथ एक तवील वक़्त का इन्तजार करता है, ताके उसकी नेकी उनके तौबा करने का सबब बने!”(देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τοῦ πλούτου τῆς χρηστότητος αὐτοῦ, καὶ τῆς ἀνοχῆς, καὶ τῆς μακροθυμίας καταφρονεῖς

सब्र की ... दौलत को नाचीज़ समझता है या “अच्छा ... नहीं समझता”

ἀγνοῶν ὅτι τὸ χρηστὸν τοῦ Θεοῦ, εἰς μετάνοιάν σε ἄγει?

यह तब्सरा ज़ोर देने के लिए एक सवाल की शक्ल में ज़ाहिर होता है। आप एक सख्त बयान के तौर पर भी इसका तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें यह जानना लाज़िम है के ख़ुदा तुम्हें दिखाता है के वह नेक है ताके तुम तौबा कर सको!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 2:5

पौलुस लोगों को याद दिलाना जारी रखता है के सारे लोग बदकार हैं।

κατὰ δὲ τὴν σκληρότητά σου καὶ ἀμετανόητον καρδίαν

पौलुस पत्थर की मानिंद, किसी सख्त चीज़ से उस शख्स का मोवाज़ना करने के लिए इस्तआरे का इस्तेमाल करता है जो ख़ुदा की फरमाबरदारी से इन्कार करता है। वह उस शख्स के ज़हन या अंदरूनी वज़ूद की नुमाइंदगी के लिए मजाज़ी “दिल” का भी इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसकी वजह यह है के तुम सुनने और तौबा करने से इन्कार करते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

τὴν σκληρότητά…καὶ ἀμετανόητον καρδίαν

यह एक जुफ्त है जिसे आप “ग़ैर-ताइब दिल” के तौर पर जोड़ सकते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

θησαυρίζεις σεαυτῷ ὀργὴν

फ़िक़रा “जमा रहा है” इस्तआरे का मतलब आमतौर पर एक ऐसे शख्स का हवाला देता है जो अपने खज़ानों को जमा करता है और उन्हें एक महफ़ूज़ जगह पर रखता है। पौलुस कहता है, खज़ानों के बजाय, वह शख्स ख़ुदा का ग़ज़ब जमा रहा है। वह जितना ज़ियादा तौबा किये बगैर जायेंगे, अज़ाब उतना ही सख्त होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम अपनी सज़ा को बदतर बना रहे हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν ἡμέρᾳ ὀργῆς…ἀποκαλύψεως δικαιοκρισίας τοῦ Θεοῦ

ये दोनों फ़िक़रे एक ही दिन का हवाला देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ख़ुदा हर एक को ज़ाहिर करेगा के वह गुस्सा है और वह सब लोगों का मुन्सिफ़ाना अदालत करता है” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Romans 2:6

ἀποδώσει

मुनासिब अज्र या सज़ा दे

ἑκάστῳ κατὰ τὰ ἔργα αὐτοῦ

हर शख्स को उसके मुताबिक़ जो उस शख्स ने किया है

Romans 2:7

ζητοῦσιν

इसका मतलब यह है के वह इस अन्दाज़ में काम करते हैं जिस से अदालत के दिन ख़ुदा की तरफ से एक मुस्बत फ़ैसला होगा।

δόξαν καὶ τιμὴν καὶ ἀφθαρσίαν

वो चाहते हैं के ख़ुदा उनकी तारीफ़ और एहतराम करे, और वह कभी मरना नहीं चाहते हैं।

ἀφθαρσίαν

इससे मुराद जिस्मानी ख़राबी है, इख्लाक़ी नहीं।

Romans 2:8

अगरचे यह हिस्सा ग़ैर-मज़हबी शरीर शख्स से बात कर रहा है, लेकिन पौलुस ने यह कहते हुए इसका ख़ुलासा किया के ग़ैर-यहूदी और यहूदी दोनों ख़ुदा के सामने बदकार हैं।

ἐριθείας

खुदगर्ज़ या “सिर्फ़ उससे मुताल्लिक़ जो ख़ुद को ख़ुश करता है”

ἀπειθοῦσι τῇ ἀληθείᾳ, πειθομένοις δὲ τῇ ἀδικίᾳ

इन दोनों फ़िक़रों के मानी बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ है। दूसरा पहले को शदीद करता है। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

ὀργὴ καὶ θυμός

अल्फ़ाज़ “ग़ज़ब” और “क़हर” के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है और ख़ुदा के गुस्से पर ज़ोर देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा अपना खौफ़नाक गुस्सा दिखाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ὀργὴ

यहाँ लफ्ज़ “ग़ज़ब” एक मजाज़ी है जो शरीर लोगों के लिए ख़ुदा के सख्त सज़ा का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 2:9

θλῖψις καὶ στενοχωρία, ἐπὶ

अल्फ़ाज़ “मुसीबत” और “तंगी” के बुनियादी मानी यहाँ एक ही चीज़ है और इस बात पर ज़ोर देते है के ख़ुदा की सज़ा कितनी बुरी होगी। मुतबादिल तर्जुमा: “खौफ़नाक सज़ा होगी” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ἐπὶ πᾶσαν ψυχὴν ἀνθρώπου

यहाँ, पौलुस लफ्ज़ “जान” का इस्तेमाल एक मजाज़ मर्सल के तौर पर करता है जो पूरे शख्स से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर शख्स पर” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

τοῦ κατεργαζομένου τὸ κακόν

मुसलसल बुरी चीज़ों को किया है

Ἰουδαίου τε πρῶτον καὶ Ἕλληνος

ख़ुदा यहूदी लोगों की अदालत पहले करेगा, और फिर उनकी जो यहूदी लोग नहीं हैं

πρῶτον

मुमकिन मानी हैं 1) “वक़्त की तरतीब में सबसे पहले” या 2) “यक़ीनन”

Romans 2:10

δόξα δὲ, καὶ τιμὴ, καὶ εἰρήνη, παντὶ

लेकिन ख़ुदा जलाल, इज्ज़त, और सलामती देगा

τῷ ἐργαζομένῳ τὸ ἀγαθόν

मुसलसल जो अच्छा है वह करता है

Ἰουδαίῳ τε πρῶτον καὶ Ἕλληνι

ख़ुदा यहूदी लोगों को पहले इनआम देगा, और फिर उनको जो यहूदी लोग नहीं हैं

πρῶτον

आप इसका तर्जुमा उसी तरीक़े से करे जिस तरह आपने इसे रोमियों 2:9 में किया है।

Romans 2:11

οὐ γάρ ἐστιν προσωπολημψία παρὰ τῷ Θεῷ

आप इसका तर्जुमा मुस्बत शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा सब लोगों के साथ यकसां सुलूक करता है” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

Romans 2:12

ὅσοι γὰρ…ἥμαρτον

उनके लिए जिन्होंने गुनाह किया है

ἀνόμως…ἀνόμως καὶ ἀπολοῦνται

पौलुस दोहराता है “बगैर शरीअत के” इस बात पर ज़ोर देने के लिए के इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता अगर लोग मूसा की शरीअत को नहीं जानते। अगर वो गुनाह करते हैं, ख़ुदा उनकी अदालत करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा की शरीअत को जाने बगैर यक़ीनन अब भी रूहानी तौर पर मर जायेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ὅσοι…ἥμαρτον

उन सबने जिन्होंने गुनाह किया है

ἐν νόμῳ…διὰ νόμου κριθήσονται

ख़ुदा गुनाहगार लोगों का अपनी क़ानून के मुताबिक़ अदालत करेगा। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “और जो मूसा की शरीअत को नहीं जानते, ख़ुदा उनकी उस क़ानून के मुताबिक़ अदालत करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 2:13

पौलुस क़ारी को आगाह करना जारी रखता है के ख़ुदा के क़ानून की कामिल इताअत लाज़मी है यहाँ तक के उन लोगों के लिए जिन के पास ख़ुदा का क़ानून कभी नहीं था।

γὰρ

आयात 14 और 15 कारअीन को इज़ाफ़ी मालूमात देने के लिए पौलुस की अहम दलील में ख़लल डालती हैं। अगर आपकी ज़बान में इस तरह के ख़लल को निशानज़द करने का तरीक़ा है, तो आप यहाँ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

οὐ…οἱ ἀκροαταὶ νόμου

यहाँ “शरीअत” से मुराद मूसा की शरीअत से है। मुतबादिल तर्जुमा: “ये वह लोग नहीं हैं जो सिर्फ़ मूसा की शरीअत को सुनते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

δίκαιοι παρὰ τῷ Θεῷ

जिन्हें ख़ुदा रास्तबाज़ समझता है

ἀλλ’ οἱ ποιηταὶ νόμου

मगर ये वो लोग हैं जो मूसा की शरीअत की इताअत करते हैं

δικαιωθήσονται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें ख़ुदा क़ुबूल करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 2:14

ἔθνη τὰ μὴ νόμον ἔχοντα,…ἑαυτοῖς εἰσιν νόμος;

फ़िक़रा “ख़ुद एक शरीअत” एक मुहावरा है जिसके मानी है के ये लोग फ़ित्री तौर पर ख़ुदा के क़ानून की इताअत करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा का क़ानून पहले से ही उनके अन्दर है” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

νόμον…μὴ ἔχοντες

यहाँ “शरीअत” से मुराद मूसा की शरीअत है। मुतबादिल तर्जुमा: “हक़ीक़त में उनके पास वह शरीअत नहीं है जो ख़ुदा ने मूसा को दिया था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 2:15

οἵτινες ἐνδείκνυνται

फ़ित्री तौर पर क़ानून की इताअत करने के ज़रिये वो दिखाते हैं

τὸ ἔργον τοῦ νόμου, γραπτὸν ἐν ταῖς καρδίαις αὐτῶν

यहाँ “दिलों” उस शख्स के ख़यालात या अंदरूनी शख्स के लिए एक मजाज़ी है। फ़िक़रा “दिलों पर लिखी हुई” उनके ज़हन में किसी चीज़ को जानने के लिए एक इस्तआरा है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “के ख़ुदा ने उनके दिलों पर लिखा है जिसे शरीअत उनको करने के लिए तलब करती है” या “के वो उन आमाल को जानते हैं जो ख़ुदा अपने क़ानून के मुताबिक़ उनसे चाहता है के करें” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

συνμαρτυρούσης αὐτῶν…καὶ μεταξὺ ἀλλήλων, τῶν λογισμῶν κατηγορούντων ἢ καὶ ἀπολογουμένων

यहाँ “गवाही देता है” उस इल्म से मुराद है जिसे वो उस क़ानून से हासिल करते हैं जो ख़ुदा ने उनके दिलों में लिखा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उनको बताता है के अगर वो ख़ुदा के क़ानून की नाफ़रमानी कर रहे हैं या फरमाबरदारी कर रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

Romans 2:16

ἐν ἡμέρᾳ ὅτε κρίνει ὁ Θεὸς

यह रोमियों 2:13 से पौलुस के ख़याल को ख़त्म करता है। “यह तब होगा जब ख़ुदा इन्साफ़ करेगा”

Romans 2:17

यहाँ पौलुस की गुफ़्तगू शुरू होती है के यहूदियों के पास मौज़ूद शरीअत दरअसल उनकी मज़म्मत करता है क्यूँके वह उसकी इताअत नहीं करते हैं।

εἰ…σὺ Ἰουδαῖος ἐπονομάζῃ

चूँके तुम ख़ुद को यहूदी कहते हो

ἐπαναπαύῃ νόμῳ,

फ़िक़रा “शरीअत पर तकिया करना” ईमान रखने की नुमाइंदगी करता है के वो शरीअत की इताअत करने के ज़रिये रास्तबाज़ हो सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा की शरीअत पर भरोसा करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 2:18

γινώσκεις τὸ θέλημα

और ख़ुदा की मर्ज़ी जानते हैं

κατηχούμενος ἐκ τοῦ νόμου

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके लोगों ने तुम्हें तालीम दी है के शरीअत से क्या सहीह है” या “क्यूँके तुमने शरीअत से तालीम पायी है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 2:19

πέποιθάς τε σεαυτὸν ὁδηγὸν εἶναι τυφλῶν, φῶς τῶν ἐν σκότει

यहाँ “अन्धा” और “वो जो अँधेरे में चलते हैं” उन लोगों की नुमाइंदगी करते हैं जो शरीअत को नहीं समझते। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके तुम शरीअत की तालीम देते हो, तुम ख़ुद अन्धे लोगों के लिए एक रहनुमा की मानिन्द हो, और तुम उन लोगों के लिए रौशनी की मानिन्द हो जो अँधेरे में खोये हुए हैं” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 2:20

παιδευτὴν ἀφρόνων

तुम उनको दुरुस्त करते हो जो ग़लत करते हैं

διδάσκαλον νηπίων

यहाँ पौलुस बहुत छोटे बच्चों से उन लोगों का मोवाज़ना करता है जो शरीअत की बाबत कुछ भी नहीं जानते। मुतबादिल तर्जुमा: “और तुम उनको सिखाते हो जो शरीअत नहीं जानते” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἔχοντα τὴν μόρφωσιν τῆς γνώσεως καὶ τῆς ἀληθείας ἐν τῷ νόμῳ

सच्चाई का इल्म जो शरीअत में है, ख़ुदा की तरफ़ से आता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके तुम्हें यक़ीन है के तुम उस सच्चाई को समझते हो जिसे ख़ुदा ने शरीअत में दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 2:21

ὁ…διδάσκων ἕτερον, σεαυτὸν οὐ διδάσκεις

पौलुस अपने सामअीन को डाँटने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। आप इसे एक सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम दूसरों को सिखाते हो, मगर तुम ख़ुद को नहीं सिखाते!” या “तुम दूसरों को सिखाते हो, मगर तुम वह नहीं करते जो तुम सिखाते हो!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ὁ κηρύσσων μὴ κλέπτειν, κλέπτεις

पौलुस अपने सामअीन को डाँटने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। आप इसे एक सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम लोगों को बताते हो के चोरी न करना, मागर तुम चोरी करते हो!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 2:22

ὁ λέγων μὴ μοιχεύειν, μοιχεύεις

पौलुस अपने सामअीन को डाँटने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। आप इसे एक सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम लोगों को बताते हो ज़िना न करना, मगर तुम ज़िना करते हो!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ὁ βδελυσσόμενος τὰ εἴδωλα, ἱεροσυλεῖς

पौलुस अपने सामअीन को डाँटने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। आप इसे एक सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम कहते हो के तुम बुतों से नफ़रत करते हो, मगर तुम मंदिरों को लूटते हो!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἱεροσυλεῖς

मुमकिन मानी हैं 1) “बुतपरस्त मंदिरों से चीज़ें चुराकर फ़रोख्त करना और मुनाफ़ा कमाना” या 2) “यरूशलीम के हैकल में वह तमाम रक़म न भेजना जो ख़ुदा को देना वाजिब है।”

Romans 2:23

ὃς ἐν νόμῳ καυχᾶσαι διὰ τῆς παραβάσεως τοῦ νόμου, τὸν Θεὸν ἀτιμάζεις

पौलुस अपने सामअीन को डाँटने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। आप इसे एक सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह शरीर है के तुम शरीअत पर फ़ख्र करने का दावा करते हो, जबके इसी के साथ ही तुम इसकी नाफ़रमानी करते हो और ख़ुदा को शर्मिन्दा करते हो!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 2:24

τὸ…ὄνομα τοῦ Θεοῦ…βλασφημεῖται ἐν τοῖς ἔθνεσιν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत सी ग़ैर-क़ौमें ख़ुदा के नाम पर कुफ़्र बकती हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὄνομα τοῦ Θεοῦ

लफ्ज़ “नाम” एक मजाज़ी है जो मुकम्मल ख़ुदा से मुराद है, न के सिर्फ़ उसके नाम से। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 2:25

पौलुस यह दिखाना जारी रखता है के ख़ुदा, अपने शरीअत के ज़रिये, मज़म्मत करता है यहाँ तक के यहूदियों को भी जिनके पास उसकी शरीअत मौज़ूद है।

περιτομὴ μὲν γὰρ ὠφελεῖ

मैं यह सब कहता हूँ क्यूँके ख़तना होने से तुमको फ़ायदा होता है

ἐὰν…παραβάτης νόμου ᾖς

अगर तुम शरीअत में पाए गए अहकाम की तामील नहीं करते हो

ἡ περιτομή σου, ἀκροβυστία γέγονεν

यह ऐसा है गोया तुम्हारा ख़तना नहीं हुआ

Romans 2:26

ἡ ἀκροβυστία

वह शख्स जिसका ख़तना नहीं हुआ

τὰ δικαιώματα τοῦ νόμου φυλάσσῃ

ख़ुदा जो शरीअत में हुक्म देता है उसकी तामील करता है

οὐχ ἡ ἀκροβυστία αὐτοῦ εἰς περιτομὴν λογισθήσεται

यह उन दो सवालात में से पहला है जो पौलुस यहाँ इस पर ज़ोर देने के लिए पूछता है के यह ख़तना नहीं है जो किसी को ख़ुदा के सामने रास्त बनाता है। आप इस सवाल का तर्जुमा एक बयान के तौर पर फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उसे मख्तून के तौर पर समझेगा।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 2:27

καὶ κρινεῖ ἡ ἐκ φύσεως ἀκροβυστία, τὸν νόμον τελοῦσα

यह उन दो सवालात में से दूसरा है जो पौलुस यहाँ इस पर ज़ोर देने के लिए पूछता है के यह ख़तना नहीं है जो किसी को ख़ुदा के सामने रास्त बनाता है। आप इस सवाल का तर्जुमा एक बयान के तौर पर फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह जो जिस्मानी तौर पर मख्तून नहीं है शरीअत से ..... तुमको क़ुसूरवार ठहराएगा।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 2:28

ἐν τῷ φανερῷ

यह यहूदी रस्मों से मुराद है, जैसे ख़तना, जिसे लोग देख सकते हैं।

ἐν τῷ φανερῷ ἐν σαρκὶ

यह एक आदमी के बदन में जिस्मानी तब्दीली से मुराद है जब कोई उसका ख़तना करता है।

σαρκὶ

यह पूरे जिस्म के लिए मजाज़ मर्सल है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस्म” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 2:29

ὁ ἐν τῷ κρυπτῷ Ἰουδαῖος; καὶ περιτομὴ καρδίας

इन दो फ़िक़रों के मानी यकसां है। पहला फ़िक़रा, “यहूदी वह है जो बातिन में है”, दूसरे फ़िक़रे, “ख़तना वही है जो दिल का है” की वज़ाहत करता है।” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

ἐν τῷ κρυπτῷ

इस से मुराद उस शख्स की इक़दार और मुहरकात हैं जिनको ख़ुदा ने तब्दील किया है।

καρδίας

यहाँ “दिल” अंदरूनी शख्स के लिए एक मजाज़ी है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν Πνεύματι, οὐ γράμματι

यहाँ “लफ्ज़ी” एक मजाज़ मर्सल है जो तहरीरी सहीफ़े से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “रूह उल क़ुद्स के काम के ज़रिये, न के तुम्हारे सहीफ़े जानने की वजह से” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

ἐν Πνεύματι

यह किसी शख्स के अंदरूनी, रूहानी हिस्से से मुराद है जिसे “ख़ुदा की रूह” तब्दील करती है।

Romans 3

रोमियों 03 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा इस बाब के आयत 4 और 10-18 के साथ करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

बाब 3 इस सवाल का जवाब देता है, “ग़ैर-यहूदी होने के मुक़ाबले यहूदी होने का क्या फ़ौक़ियत है?” (देखें: शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत और बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )
“क्यूँके सबने गुनाह किया और ख़ुदा के जलाल से महरूम हैं”

क्यूँके ख़ुदा पाक है, लिहाज़ा आसमान में जो भी उसके साथ है उसका कामिल होना लाज़मी है। कोई भी गुनाह किसी शख्स को क़ुसूरवार ठहराएगा। (देखें: आसमान, बादल, बादलों, आसमानी और इल्ज़ाम लगाना ,मुजरिम, बुराई ,सज़ा का हुक्म )

मूसा की शरीअत का मक़सद

शरीअत की तामील करना किसी शख्स को ख़ुदा के साथ रास्त नहीं बना सकता। ख़ुदा के शरीअत की तामील करना किसी शख्स के यह ज़ाहिर करने का तरीक़ा है के वो ख़ुदा में ईमान रखते हैं। लोग हमेशा से ही सिर्फ़ ईमान के ज़रिये रास्तबाज़ ठहराए गए हैं। (देखें: इन्साफ़ ,ना इन्साफ़ी ,ना इन्साफ़ी से भरा ,इंसाफ़ पसनद ,फ़ैसला, और ईमान )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

ख़तीबाना सवालात

इस बाब में पौलुस अक्सर ख़तीबाना सवालात का इस्तेमाल करता है। ऐसा लगता है के इन ख़तीबाना सवालात का इरादा क़ारी को उनके गुनाह दिखाना है ताके वो यिसू पर ऐतबार करेंगे। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और जुर्म , मुजरिम )

Romans 3:1

पौलुस यहूदियों के फ़ौक़ियत का ऐलान करता है क्यूँके ख़ुदा ने उन्हें अपनी शरीअत दी।

τί οὖν τὸ περισσὸν τοῦ Ἰουδαίου, ἢ τίς ἡ ὠφέλια τῆς περιτομῆς

पौलुस उन ख़यालात को पेश करता है जो लोगों को उसने जो बाब 2 में लिखा उसे सुनने के बाद हो सकते हैं। आयत 2 में वह उन्हें जवाब देने के लिए ऐसा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बाज़ लोग कह सकते हैं, ‘फिर यहूदी को क्या फ़ौक़ियत है? और ख़तने का क्या फ़ायदा?’” या बाज़ लोग कह सकते हैं, ‘अगर यह सच है, फिर यहूदियों की कोई फ़ौक़ियत नहीं है, और मख्तून होने का कोई फ़ायदा नहीं है।’” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 3:2

πολὺ κατὰ πάντα τρόπον

पौलुस अब आयत 1 में पैदा होने वाले ख़दशात का जवाब देता है। यहाँ “यह” यहूदी लोगों का एक रुकन होने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन एक यहूदी होने की बड़ी फ़ौक़ियत है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πρῶτον μὲν

मुमकिन मानी हैं 1) ““वक़्त की तरतीब में सबसे पहले” या 2) “यक़ीनन” या 3) “सबसे ज़ियादा अहम।”

ἐπιστεύθησαν τὰ λόγια τοῦ Θεοῦ

यहाँ “मुकाश्फ़ा” ख़ुदा के कलमात और वायदों से मुराद है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अपने कलमात दिए जिसमे यहूदियों से उसके वायदे मुश्तमिल थे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 3:3

τί γάρ εἰ ἠπίστησάν τινες? μὴ ἡ ἀπιστία αὐτῶν, τὴν πίστιν τοῦ Θεοῦ καταργήσει

पौलुस लोगों को सोचने के लिए इन सवालात का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बाज़ यहूदी ख़ुदा के साथ वफ़ादार नहीं रहे थे। क्या हमें इससे यह नतीजा अख़ज़ करना चाहिए के ख़ुदा अपना वायदा पूरा नहीं करेगा?” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 3:4

μὴ γένοιτο

यह इज़हार सख्ती से इन्कार करता है के ऐसा हो सकता है। आपकी ज़बान में ऐसा इज़हार हो सकता है जिसे आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। “यह नामुमकिन है!” या “यक़ीनन नहीं!”

γινέσθω δὲ

इसके बजाय हमें यह कहना चाहिए, होने दें के

γινέσθω…ὁ Θεὸς ἀληθής

ख़ुदा हमेशा सच्चा रहेगा और अपने वायदों पर अमल करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा हमेशा करता है जो उसने वायदा किया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πᾶς δὲ ἄνθρωπος ψεύστης

अल्फ़ाज़ “हर एक” और “झूटा” यहाँ इज़ाफ़ी ज़ोर देने के लिए मुबालग़ा आराई हैं के वाहिद ख़ुदा ही अपने वायदों में हमेशा सच्चा है। मुतबादिल तर्जुमा: “यहाँ तक के अगर हर शख्स झूटा होता” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

καθὼς γέγραπται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “सहीफ़े ख़ुद इससे इत्तफ़ाक़ रखते हैं जो मैं कह रहा हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὅπως ἂν δικαιωθῇς ἐν τοῖς λόγοις σου, καὶ νικήσεις ἐν τῷ κρίνεσθαί σε

इन दो फ़िक़रों के मानी यकसां हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक को यह तस्लीम करना होगा के तू जो कहता है वह सच है, और जब भी कोई तुझ पर इल्ज़ाम लगाता है तू हमेशा अपने मुक़द्दमे में फ़तह पायेगा” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 3:5

εἰ δὲ ἡ ἀδικία ἡμῶν, Θεοῦ δικαιοσύνην συνίστησιν, τί ἐροῦμεν? μὴ ἄδικος ὁ Θεὸς, ὁ ἐπιφέρων τὴν ὀργήν

पौलुस इन सवालात का इस्तेमाल यह पेश करने के लिए इस्तेमाल करता है जो बाज़ लोग बहस कर रहे थे और अपने कारअीन को इस बाबत सोचने के लिए के यह दलील सच है या नहीं। मुतबादिल तर्जुमा: “बाज़ लोग कहते हैं चूँके हमारी नारास्ती ख़ुदा की रास्तबाज़ी को ज़ाहिर करती है, फिर ख़ुदा बेइंसाफ है जब वह हमें सज़ा देता है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ὁ ἐπιφέρων τὴν ὀργήν

यहाँ “ग़ज़ब” सज़ा के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसका ग़ज़ब हम पर नाज़िल करने के लिए” या “हमें सज़ा देने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

(κατὰ ἄνθρωπον λέγω.)

मैं यहाँ वह कह रहा हूँ जो बाज़ लोग कहते हैं या “यह वो है जो बाज़ लोग कहते हैं”

Romans 3:6

μὴ γένοιτο

हमें कभी भी नहीं कहना चाहिए के ख़ुदा बेइंसाफ है

ἐπεὶ πῶς κρινεῖ ὁ Θεὸς τὸν κόσμον

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए करता है के इन्जील के ख़िलाफ़ दलीलें जायज़ नहीं हैं, क्यूँके यहूदियों का ईमान है के ख़ुदा सब लोगों का इन्साफ़ करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “हम सब जानते हैं के दरअसल ख़ुदा दुनिया का इन्साफ़ करेगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τὸν κόσμον

“दुनिया” उन लोगों के लिए इस्तआरा है जो दुनिया में रहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनिया में कोई भी” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 3:7

εἰ δὲ ἡ ἀλήθεια τοῦ Θεοῦ ἐν τῷ ἐμῷ ψεύσματι ἐπερίσσευσεν εἰς τὴν δόξαν αὐτοῦ, τί ἔτι κἀγὼ ὡς ἁμαρτωλὸς κρίνομαι

यहाँ पौलुस किसी का तसव्वर करता है जो मसीही इन्जील को मुसलसल मुस्तरद कर रहा है। मुखालिफ़ बहस करता है, क्यूँके उसका गुनाह ख़ुदा की रास्तबाज़ी को ज़ाहिर करता है, फिर ख़ुदा को उसे अदालत के दिन यह ऐलान नहीं करना चाहिए के वह गुनाहगार है अगर, मिशाल के तौर पर, वह झूट बोलता है। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 3:8

καὶ μὴ καθὼς βλασφημούμεθα, καὶ καθώς φασίν τινες ἡμᾶς λέγειν, ὅτι ποιήσωμεν τὰ κακὰ, ἵνα ἔλθῃ τὰ ἀγαθά

यहाँ पौलुस अपना ख़ुद का सवाल उठाता है, यह ज़ाहिर करने के लिए के उसके ख़याली मुखालिफ़ की दलील कितनी बेहूदा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं भी शायद कह रहा हूँ ... आओ!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

καθὼς βλασφημούμεθα

बाज़ दूसरों को बताने के लिए झूट बोलते हैं के यह वो है जो हम कह रहे हैं

ὧν τὸ κρίμα ἔνδικόν ἐστιν

यह सिर्फ़ तभी इन्साफ़ पसन्द होगा जब ख़ुदा पौलुस के इन दुश्मनों को जो पौलुस तालीम दे रहा है उसकी बाबत झूट बोलने के लिए क़ुसूरवार ठहराएगा।

Romans 3:9

पौलुस ख़ुलासा करता है के सब गुनाह के मुजरिम हैं, कोई रास्तबाज़ नहीं, कोई ख़ुदा का तालिब नहीं।

τί οὖν? προεχόμεθα

पौलुस अपनी बात पर ज़ोर देने के लिए ये सवालात पूछता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम यहूदियों को यह तसव्वर करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए के हम ख़ुदा की अदालत से बचने जा रहे हैं, सिर्फ़ इसलिए के हम यहूदी हैं!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

οὐ πάντως

ये अल्फ़ाज़ एक सादा “नहीं” से ज़ियादा मज़बूत हैं, लेकिन इतने मज़बूत नहीं जितने “बिल्कुल नहीं!”

Romans 3:10

καθὼς γέγραπται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह उसी तरह है जैसे नबियों ने सहीफ़ों में लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 3:11

οὐκ ἔστιν ὁ συνίων

कोई नहीं है जो समझता हो के सहीह क्या है। मुतबादिल तर्जुमा: “दरअसल कोई नहीं समझता के सहीह क्या है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

οὐκ ἔστιν ὁ ἐκζητῶν τὸν Θεόν

यहाँ फ़िक़रा “ख़ुदा का तालिब” के मानी है ख़ुदा के साथ ताल्लुक़ रखना। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के साथ ताल्लुक़ रखने के लिए कोई भी संजीदगी से कोशिश नहीं करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 3:12

πάντες ἐξέκλιναν

यह एक मुहावरा है जिसके मानी है यहाँ तक के लोग ख़ुदा की बाबत सोचना भी नहीं चाहते। वो उससे गुरेज़ करना चाहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो सब ख़ुदा से हट गए हैं” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

ἅμα ἠχρεώθησαν

चूँके कोई नहीं है जो नेकी करता हो, वो ख़ुदा के लिए बेकार हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक ख़ुदा के लिए निकम्मा बन गया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 3:13

αὐτῶν…αὐτῶν

लफ्ज़ “उनका” रोमियों 3:9 के “यहूदियों और यूनानियों” से मुराद है।

τάφος ἀνεῳγμένος ὁ λάρυγξ αὐτῶν

लफ्ज़ “गला” हर उस चीज़ के लिए मजाज़ी है जिसको लोग कहते हैं के यह नाजायज़ और मकरूह है। यहाँ “खुली क़ब्र” एक इस्तआरा है जो लोगों के बुरे अल्फ़ाज़ के बदबू से मुराद है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

ταῖς γλώσσαις αὐτῶν ἐδολιοῦσαν

लफ्ज़ “ज़बानों” झूटे अल्फ़ाज़ के लिए एक मजाज़ी है जो लोग बोलते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग झूट बोलते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἰὸς ἀσπίδων ὑπὸ τὰ χείλη αὐτῶν

यहाँ “साँपों का ज़हर” एक इस्तआरा है जिसे बुरे अल्फ़ाज़ की अज़ीम नुक़सान की नुमाइंदगी के लिए इस्तेमाल किया गया है जो लोग बोलते हैं। लफ्ज़ “होंटों” लोगों के अल्फ़ाज़ से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “उनके बुरे अल्फ़ाज़ लोगों को उसी तरह ज़ख़्मी करते हैं जैसे कोई ज़हरीला साँप” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 3:14

ὧν τὸ στόμα ἀρᾶς καὶ πικρίας γέμει

यहाँ “मुँह” एक मजाज़ी है जो लोगों के बुरे अल्फ़ाज़ की नुमाइंदगी करता है। लफ्ज़ “भरा” मुबालग़ा आराई है के कितनी दफ़ा लोग तल्ख़ कलामी करते और लानत बोलते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो अक्सर मलाऊन और ज़ालिमाना अल्फ़ाज़ बोलते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-hyperbole)

Romans 3:15

ὀξεῖς οἱ πόδες αὐτῶν, ἐκχέαι αἷμα

यहाँ “क़दम” एक मजाज़ मर्सल है जो ख़ुद लोगों की नुमाइंदगी करता है। लफ्ज़ “ख़ून” एक इस्तआरा है जो लोगों के क़त्ल करने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो लोगों का नुक़सान और क़त्ल करने की जल्दी में हैं” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-metaphor)

οἱ πόδες αὐτῶν

लफ्ज़ “उनके” रोमियों 3:9 के “यहूदियों और यूनानियों” से मुराद है।

Romans 3:16

ταῖς ὁδοῖς αὐτῶν

लफ्ज़ “उनकी” रोमियों 3:9 के “यहूदियों और यूनानियों” से मुराद है।

σύντριμμα καὶ ταλαιπωρία ἐν ταῖς ὁδοῖς αὐτῶν

यहाँ “तबाही और बदहाली” मजाज़ी हैं जो उस नुक़सान की नुमाइंदगी करते हैं जिससे ये लोग दूसरों को तकलीफ़ पहुचाते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो दूसरों को तबाह करने की कोशिश करते हैं और उनको तकलीफ़ पहुँचाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 3:17

ἔγνωσαν

ये अल्फ़ाज़ रोमियों 3:9 के “यहूदियों और यूनानियों” से मुराद हैं।

ὁδὸν εἰρήνης

दूसरों के साथ सुकून से कैसे गुज़ारें। “राह” कोई सड़क या रास्ता है।

Romans 3:18

αὐτῶν

यह लफ्ज़ रोमियों 3:9 के “यहूदियों और यूनानियों” से मुराद है।

οὐκ ἔστιν φόβος Θεοῦ ἀπέναντι τῶν ὀφθαλμῶν αὐτῶν

यहाँ “खौफ़” एक मजाज़ी है जो ख़ुदा के लिए इज्ज़त और उसका एहतराम करने पर आमादगी की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक ख़ुदा को वह इज्ज़त देने से इन्कार करता है जिसका वह मुस्तहक़ है” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 3:19

ὅσα ὁ νόμος λέγει, τοῖς…λαλεῖ

पौलुस यहाँ शरीअत का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा था और इसकी अपनी आवाज़ थी। मुतबादिल तर्जुमा: “हर चीज़ जो शरीअत कहती है के लोगों को करना चाहिए के लिए है” या “तमाम अहकाम जो मूसा ने शरीअत में लिखा के लिए हैं” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τοῖς ἐν τῷ νόμῳ

वो जिन्हें शरीअत की तामील करना लाज़िम है

ἵνα πᾶν στόμα φραγῇ

यहाँ “मुँह” एक मजाज़ मर्सल है जिसके मानी वो अल्फ़ाज़ हैं जिन्हें लोग बोलते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके कोई भी शख्स अपनी हिमायत के लिए कुछ भी जायज़ नहीं कह सकेगा” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-activepassive)

ὑπόδικος γένηται πᾶς ὁ κόσμος τῷ Θεῷ

यहाँ “दुनिया” एक मजाज़ मर्सल है जो उन तमाम लोगों की नुमाइंदगी करता है जो दुनिया में रहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “के ख़ुदा दुनिया में हर एक को मुजरिम क़रार दे सके” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 3:20

σὰρξ

यहाँ “बशर” तमाम इन्सानों से मुराद है।

γὰρ

मुमकिन मानी हैं 1) “लिहाज़ा” या 2) “इस वजह से”

διὰ…νόμου ἐπίγνωσις ἁμαρτίας

जब कोई ख़ुदा की शरीअत को जनता है, तो वह महसूस करता है के उसने गुनाह किया है

Romans 3:21

लफ्ज़ “मगर” यहाँ दिखाता है के पौलुस ने अपना तआर्रुफ़ मुकम्मल कर लिया है और अब वह अपने मरकज़ी नुक़ते का आग़ाज़ कर रहा है।

νυνὶ

लफ्ज़ “अब” उस वक़्त से मुराद है जबसे यिसू ज़मीन पर आया।

χωρὶς νόμου, δικαιοσύνη Θεοῦ πεφανέρωται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “शरीअत की तामील के बगैर ख़ुदा ने उसके साथ रास्त होने का एक तरीक़ा ज़ाहिर किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μαρτυρουμένη ὑπὸ τοῦ νόμου καὶ τῶν προφητῶν

अल्फ़ाज़ “शरीअत और नबियों” सहीफ़े के उन हिस्सों से मुराद हैं जो मूसा और नबियों ने यहूदी सहीफ़ों में लिखा था। पौलुस यहाँ उनका बयान करता है गोया वो लोग थे जो अदालत में गवाही दे रहे थे। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मूसा और नबियों ने लिखा इसकी तस्दीक़ करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 3:22

δικαιοσύνη…Θεοῦ διὰ πίστεως Ἰησοῦ Χριστοῦ

यहाँ “रास्तबाज़ी” के मानी है ख़ुदा के साथ रास्त होना। मुतबादिल तर्जुमा: “यिसू मसीह पर ऐतबार करने के ज़रिये ख़ुदा के साथ रास्त होना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

οὐ γάρ ἐστιν διαστολή

पौलुस का मतलब है के ख़ुदा सब लोगों को यकसां तरीक़े से क़ुबूल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदियों और ग़ैर-यहूदियों के दरमियान कोई भी फर्क़ नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 3:23

ὑστεροῦνται τῆς δόξης τοῦ Θεοῦ

यहाँ “ख़ुदा के जलाल” एक मजाज़ी है जो ख़ुदा की सूरत और उसकी फ़ितरत से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की मानिन्द होने में नाकाम हो गए हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 3:24

δικαιούμενοι δωρεὰν τῇ αὐτοῦ χάριτι, διὰ τῆς ἀπολυτρώσεως τῆς ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

यहाँ “रास्तबाज़ ठहराया जाना” ख़ुदा के साथ रास्त बनाए जाने से मुराद है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। “ख़ुदा उन्हें ख़ुद के साथ मुफ़्त तोहफ़े के तौर पर रास्त बनाता है, क्यूँके मसीह यिसू उन्हें आज़ाद करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

δικαιούμενοι δωρεὰν

इसके मानी है के वो रास्तबाज़ ठहराये जाते हैं बगैर कमाये या लियाक़त के रास्तबाज़ ठहराए जा रहे हैं। ख़ुदा उन्हें मुफ़्त में रास्तबाज़ ठहराता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो ख़ुदा के साथ रास्त बनाए गए हैं बगैर इसे कमाये”

Romans 3:25

ἐν τῷ αὐτοῦ αἵματι

यह एक मजाज़ी है, गुनाहों के लिए एक क़ुर्बानी के तौर पर यिसू की मौत के लिए। मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी मौत में गुनाहों के लिए एक क़ुर्बानी के तौर पर” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

πάρεσιν

मुमकिन मानी हैं 1) नज़रअंदाज़ करना या 2) मुआफ़ करना।

Romans 3:26

πρὸς τὴν ἔνδειξιν τῆς δικαιοσύνης αὐτοῦ ἐν τῷ νῦν καιρῷ

उसने ऐसा यह ज़ाहिर करने के लिए किया के किस तरह ख़ुदा लोगों को अपने साथ रास्त बनाता है

εἰς τὸ εἶναι αὐτὸν δίκαιον καὶ δικαιοῦντα τὸν ἐκ πίστεως Ἰησοῦ

इसके ज़रिये वह दिखाता है के वह आदिल और जो यिसू में ईमान रखते हैं उनमे से हर एक को रास्तबाज़ ठहराने वाला दोनों है।

Romans 3:27

ποῦ οὖν ἡ καύχησις? ἐξεκλείσθη

पौलुस इस सवाल को यह दिखाने के लिए पूछता है के लोगों के पास शरीअत की तामील की बाबत फ़ख्र की कोई वजह नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “पस ऐसा कोई तरीक़ा नहीं है जिस से हम फ़ख्र कर सकें के ख़ुदा हम पर एहसान करता है क्यूँके हमने उन कानूनों की तामील की। फ़ख्र करना ख़ारिज है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

διὰ ποίου νόμου? τῶν ἔργων? οὐχί, ἀλλὰ διὰ νόμου πίστεως

पौलुस इन ख़तीबाना सवालात को इस बात पर ज़ोर देने के लिए पूछता और जवाब देता है के हर नुक़ता जो वह बता रहा है वह यक़ीनन सच है। आप इसका तर्जुमा उन अल्फ़ाज़ को शामिल करके कर सकते हैं जो पौलुस ने इशारा किया है और एक फ़ाल शक्ल इस्तेमाल करने के ज़रिये। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें किस बुनियाद पर शेख़ी मारना ख़ारिज कर देना चाहिए? क्या हमें इसे अपने नेक कामों की वजह से छोड़ देना चाहिए? नहीं, बल्के, हमें इसे ईमान के सबब से ख़ारिज कर देना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-ellipsis और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 3:28

δικαιοῦσθαι πίστει ἄνθρωπον

यहाँ “ईमान” एक ख़ुलासा इस्म है जो ख़ुदा में ईमान रखने वाले शख्स से मुराद है। “शख्स” यहाँ कोई भी शख्स है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा किसी भी शख्स को रास्तबाज़ ठहराता है जो ख़ुदा में ईमान रखता है” या “जब ख़ुदा किसी शख्स को रास्तबाज़ ठहराता है, वह ऐसा करता है क्यूँके वह शख्स ख़ुदा पर ईमान रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-activepassive)

χωρὶς ἔργων νόμου

चाहे उसने शरीअत के किसी कामों को न किया हो

Romans 3:29

ἢ Ἰουδαίων ὁ Θεὸς μόνον

पौलुस यह सवाल ज़ोर देने के लिए पूछता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम जो यहूदी हो यक़ीनन ऐसा नहीं सोचना चाहिए के सिर्फ़ तुम्हीं वह लोग हो जिन्हें ख़ुदा क़ुबूल करेगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

οὐχὶ καὶ ἐθνῶν? ναὶ, καὶ ἐθνῶν

पौलुस इस सवाल को अपने नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए पूछता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह ग़ैर-यहूदियों को भी क़ुबूल करेगा, यानी ग़ैर-क़ौमों को” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 3:30

ὃς δικαιώσει περιτομὴν ἐκ πίστεως, καὶ ἀκροβυστίαν διὰ τῆς πίστεως

यहाँ “मख्तून” एक मजाज़ी है जो यहूदियों से मुराद है और “नमख्तून” एक मजाज़ी है जो ग़ैर-यहूदियों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा मसीह में उनके ईमान के वसीले से यहूदी और ग़ैर-यहूदी दोनों को अपने साथ रास्त बनाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 3:31

पौलुस ईमान के ज़रिये शरीअत की तस्दीक़ करता है।

νόμον οὖν καταργοῦμεν διὰ τῆς πίστεως

पौलुस एक सवाल पूछता है जो उसके कारअीन में से किसी का हो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई शख्स कह सकता है के हम शरीअत को नज़रअंदाज़ कर सकते है क्यूँकर हमारे पास ईमान है।” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ γένοιτο

इस इज़हार से पिछले ख़तीबाना सवाल का सख्त तरीन मनफ़ी जवाब मिलता है। आपकी ज़बान में भी ऐसा ही इज़हार हो सकता है जिसे आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह यक़ीनन सच नहीं है” या “यक़ीनन नहीं” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

νόμον ἱστάνομεν

हम शरीअत की तामील करते हैं

καταργοῦμεν

यह ज़मीर पौलुस, दीगर ईमानदारों, और कारअीन से मुराद है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 4

रोमियों 04 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा इस बाब के आयात 7-8 के साथ करती है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

मूसा की शरीअत का मक़सद

पौलुस बाब 3 के मवाद पर तामीर करता है। वह वज़ाहत करता है के किस तरह अब्राहम, इस्राएल का बाप, रास्तबाज़ ठहराया गया था। यहाँ तक के अब्राहम भी जो उसने किया उसके ज़रिये रास्तबाज़ न ठहराया जा सका। मूसा की शरीअत की तामील करना किसी शख्स को ख़ुदा के साथ रास्त नहीं बनाता है। ख़ुदा के अहकाम की तामील एक तरीक़ा है जिससे कोई शख्स ज़ाहिर करता है के वो ख़ुदा में ईमान रखता है। लोग हमेशा से ही सिर्फ़ ईमान के ज़रिये रास्तबाज़ ठहराए गए हैं। (देखें: इन्साफ़ ,ना इन्साफ़ी ,ना इन्साफ़ी से भरा ,इंसाफ़ पसनद ,फ़ैसला, और शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत और ईमान )

ख़तना

ख़तना इस्राएलियों के लिए अहम था यह किसी शख्स को अब्राहम की नस्ल के तौर पर शिनाख्त करता था। यह अब्राहम और यहोवा के दरमियान अहद का निशान भी था। अलबत्ता, कोई भी शख्स सिर्फ़ मख्तून होने के ज़रिये रास्तबाज़ नहीं ठहराया गया था। (देखें: ख़तना करना, ख़तना किया, ख़तना और ’अहद , ‘अहदों,नया ‘अहद )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

ख़तीबाना सवालात

पौलुस इस बाब में ख़तीबाना सवालात का इस्तेमाल करता है। ऐसा लगता है के इन ख़तीबाना सवालात का इरादा क़ारी को उनके गुनाह दिखाना है ताके वो यिसू पर ऐतबार करेंगे। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और जुर्म , मुजरिम और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

Romans 4:1

पौलुस तस्दीक़ करता है यहाँ तक के माज़ी में भी ईमानदार ख़ुदा के साथ ईमान के ज़रिये रास्त बनाए गए थे न के शरीअत के ज़रिये।

τί οὖν ἐροῦμεν, εὑρηκέναι Ἀβραὰμ τὸν προπάτορα ἡμῶν κατὰ σάρκα

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल क़ारी की तवज्जो पकड़ने के लिए और कुछ नए की बाबत बात करना शुरू करने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे जिस्मानी बाप अब्राहम ने यही पाया” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 4:3

τί γὰρ ἡ Γραφὴ λέγει

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इज़ाफ़ी ज़ोर देने के लिए करता है। वह सहीफ़ों का ज़िक्र करता है गोया वो ज़िन्दा थे और बात कर सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके हम सहीफ़े में पढ़ सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-personification)

ἐλογίσθη αὐτῷ εἰς δικαιοσύνην

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अब्राहम को एक रास्तबाज़ शख्स के तौर पर समझा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:4

ὁ μισθὸς οὐ λογίζεται κατὰ χάριν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “आजिर जो अदा करता है उसे कोई भी आजिर की तरफ़ से बख्शिश के तौर पर शुमार नहीं करता” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἀλλὰ κατὰ ὀφείλημα

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बल्के उसके आजिर पर जो उसका क़र्ज़ है के तौर पर” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:5

ἐπὶ τὸν δικαιοῦντα

ख़ुदा में, जो रास्तबाज़ ठहराता है

λογίζεται ἡ πίστις αὐτοῦ εἰς δικαιοσύνην

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उस शख्स के ईमान को रास्तबाज़ी के तौर पर समझता है” या “ख़ुदा उस शख्स को उसके ईमान के सबब से रास्तबाज़ समझता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:6

καθάπερ καὶ Δαυεὶδ λέγει τὸν μακαρισμὸν τοῦ ἀνθρώπου ᾧ ὁ Θεὸς λογίζεται δικαιοσύνην χωρὶς ἔργων

दाऊद ने भी इस बाबत लिखा था के किस तरह ख़ुदा उस आदमी को बरकत देता है जिसे ख़ुदा बगैर कामों के रास्तबाज़ बनता है

Romans 4:7

ὧν ἀφέθησαν αἱ ἀνομίαι…ὧν ἐπεκαλύφθησαν αἱ ἁμαρτίαι;

एक ही तसव्वर दो मुख्तलिफ़ तरीक़ों से बयान किया गया है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द ने उन लोगों को मुआफ़ कर दिया जिन्होंने शरीअत को तोड़ा है ... जिनके गुनाहों को ख़ुदा ने ढक दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:9

ὁ μακαρισμὸς οὖν οὗτος ἐπὶ τὴν περιτομὴν, ἢ καὶ ἐπὶ τὴν ἀκροβυστίαν

यह तब्सरा ज़ोर देने के लिए एक सवाल की शक्ल में ज़ाहिर होता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्या ख़ुदा सिर्फ़ उन्हें बरकत देता है जो मख्तून हैं, या उन्हें भी जो नमख्तून हैं?” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τὴν περιτομὴν

यह एक मजाज़ी है जो यहूदी लोगों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदियों” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τὴν ἀκροβυστίαν

यह एक मजाज़ी है जो उन लोगों से मुराद है जो यहूदी नहीं हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ग़ैर-क़ौमें” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐλογίσθη τῷ Ἀβραὰμ ἡ πίστις εἰς δικαιοσύνην

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अब्राहम के ईमान को रास्तबाज़ी समझा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:10

πῶς οὖν ἐλογίσθη? ἐν περιτομῇ ὄντι, ἢ ἐν ἀκροβυστίᾳ

पौलुस इन सवालात का इस्तेमाल अपने तब्सरे पर ज़ोर देने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कब ख़ुदा ने अब्राहम को रास्तबाज़ समझा? क्या यह उसके मख्तून होने के पहले था, या इसके बाद?” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

οὐκ ἐν περιτομῇ, ἀλλ’ ἐν ἀκροβυστίᾳ

यह उसके मख्तून होने से पहले हुआ, उसके मख्तून होने के बाद नहीं

Romans 4:11

σφραγῖδα τῆς δικαιοσύνης τῆς πίστεως τῆς ἐν τῇ ἀκροβυστίᾳ

यहाँ “ईमान की रास्तबाज़ी” के मानी है के ख़ुदा ने उसे रास्तबाज़ समझा। मुतबादिल तर्जुमा: “एक नमूदार निशान के ख़ुदा ने उसे रास्तबाज़ समझा क्यूँके वह मख्तून होने से पहले ख़ुदा में ईमान लाया था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

δι’ ἀκροβυστίας

चाहे वो मख्तून न भी हों

εἰς τὸ λογισθῆναι αὐτοῖς τὴν δικαιοσύνην

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “इसके मानी है के ख़ुदा उनको रास्तबाज़ समझेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:12

καὶ πατέρα περιτομῆς

यहाँ “मख्तून” उन लोगों से मुराद है जो ख़ुदा में सच्चे ईमानदार हैं, यहूदी और ग़ैर-क़ौमी दोनों।

τοῖς στοιχοῦσιν τοῖς ἴχνεσιν τῆς…πίστεως, τοῦ πατρὸς ἡμῶν Ἀβραάμ

यहाँ “ईमान की पैरवी करना” एक मुहावरा है जिसके मानी है के किसी की पैरवी की मिशाल की पैरवी करना। “जो हमारे बाप अब्राहम के ईमान की मिशाल की पैरवी करते हैं” या “जो ईमान रखते हैं जैसा हमारे बाप अब्राहम ने रखा” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

Romans 4:13

ἀλλὰ διὰ δικαιοσύνης πίστεως

अल्फ़ाज़ “वायदा आया” पहले जुमले से समझे जाते हैं। आप इन मफ़हूम अल्फ़ाज़ को शामिल करके इसका तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन वायदा ईमान के ज़रिये आया, जिसे ख़ुदा रास्तबाज़ के तौर पर समझता है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

Romans 4:14

κληρονόμοι

जिन लोगों से ख़ुदा ने वायदे किये हैं उनका ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया वो किसी ख़ानदान के रुकन से मिल्कियत और दौलत के वारिस होने को थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰ…οἱ ἐκ νόμου κληρονόμοι

यहाँ “शरीअत से जीना” शरीअत की तामील करने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर वो जो शरीअत की तामील करते हैं वह लोग हैं जो ज़मीन के वारिस होंगे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

κεκένωται ἡ πίστις καὶ κατήργηται ἡ ἐπαγγελία

ईमान की कोई क़ीमत नहीं है, और वायदा बे मानी है

Romans 4:15

οὐδὲ παράβασις

ख़ुलासा इस्म “ख़िलाफ़वरज़ी” को हटाने के लिए इसे दोबारा बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “शरीअत को कोई नहीं तोड़ सकता” या “शरीअत की नाफ़रमानी नामुमकिन है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

Romans 4:16

διὰ τοῦτο

इस वास्ते

ἐκ πίστεως

लफ्ज़ “यह” वह हासिल करने से मुराद है जिसका ख़ुदा ने वायदा किया था। मुतबादिल तर्जुमा: “यह ईमान के ज़रिये है के हम वायदा हासिल करते हैं” या “हम वायदे को ईमान के ज़रिये हासिल करते हैं”

ἵνα κατὰ χάριν…τὴν ἐπαγγελίαν

यहाँ “वायदा फ़ज़ल पर मबनी हो” ख़ुदा के वह देने की नुमाइंदगी करता है जिसका उसने अपने फ़ज़ल के सबब से वायदा किया था। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके जिसका उसने वायदा किया एक मुफ़्त बख्शिश हो सके” या “ताके उसका वायदा उसकी फ़ज़ल के वजह से हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τῷ ἐκ τοῦ νόμου

यह उन यहूदी लोगों से मुराद है, जिन पर मूसा के शरीअत की तामील करना फ़र्ज़ था।

τῷ ἐκ πίστεως Ἀβραάμ

यह उस लोगों से मुराद है जो ऐसा ईमान रखते हैं जैसा अब्राहम मख्तून होने से पहले रखता था। मुतबादिल तर्जुमा: “जो अब्राहम की मानिन्द ईमान रखते हैं”

πατὴρ πάντων ἡμῶν

यहाँ लफ्ज़ “हम” पौलुस से मुराद है और मसीह में तमाम यहूदी और ग़ैर-यहूदी ईमानदारों को शामिल करता है। अब्राहम यहूदी लोगों का जिस्मानी बाप है, लेकिन वह उनका भी रूहानी बाप है जो ईमान रखते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 4:17

καθὼς γέγραπται

जहाँ यह लिखा हुआ हो उस को वाज़े किया जा सकता है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा किसी ने सहीफ़ों में लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

τέθεικά σε

यहाँ लफ्ज़ “तुम” वाहिद है और अब्राहम से मुराद है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

κατέναντι οὗ ἐπίστευσεν Θεοῦ, τοῦ ζῳοποιοῦντος τοὺς νεκροὺς

यहाँ “उसका जिसे उसने ऐतिमाद किया” ख़ुदा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: अब्राहम ख़ुदा की हुज़ूरी में था जिसका उसने ऐतिमाद किया, जो उन्हें ज़िन्दगी देता है जो मर चुके हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

καλοῦντος τὰ μὴ ὄντα ὡς ὄντα

हर चीज़ को कुछ भी नहीं से पैदा किया

Romans 4:18

ὃς παρ’ ἐλπίδα, ἐπ’ ἐλπίδι ἐπίστευσεν

इस मुहावरे के मानी है अब्राहम ने ख़ुदा का ऐतिमाद किया अगरचे ऐसा नहीं लगता था के उसके एक बेटा हो सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “अगरचे उसकी औलाद होना नामुमकिन लगता था, वह ख़ुदा पर ईमान रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

κατὰ τὸ εἰρημένον

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह ख़ुदा ने अब्राहम से कहा था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

οὕτως ἔσται τὸ σπέρμα σου

पूरा वायदा जो ख़ुदा ने अब्राहम से किया उसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तेरे गिनती से ज़ियादा औलाद होंगी” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 4:19

καὶ μὴ ἀσθενήσας τῇ πίστει

आप इसका तर्जुमा एक मुस्बत शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अगरचे, वह अपने ईमान में मज़बूत बना रहा” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

Romans 4:20

οὐ διεκρίθη τῇ ἀπιστίᾳ

आप इस दोहरे मनफ़ी को एक मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ईमान में अमल करता रह” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἐνεδυναμώθη τῇ πίστει

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह अपने ईमान में मज़बूत तर हो गया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:21

καὶ πληροφορηθεὶς

अब्राहम को मुकम्मल यक़ीन था

δυνατός ἐστιν καὶ ποιῆσαι

ख़ुदा करने के क़ाबिल था

Romans 4:22

διὸ καὶ ἐλογίσθη αὐτῷ εἰς δικαιοσύνην

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लिहाज़ा ख़ुदा ने अब्राहम के ईमान को रास्तबाज़ी गिना” या “लिहाज़ा ख़ुदा ने अब्राहम को रास्तबाज़ समझा क्यूँके अब्राहम ने उसमें ईमान रखा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:23

ἐγράφη δὲ

यहाँ अब का इस्तेमाल अब्राहम का ईमान के ज़रिये ख़ुदा के साथ रास्त बनाये जाने और मौजूदा-दिन के ईमानदार का मसीह की मौत और जी उठने में ईमान के ज़रिये रास्त बनाये जाने को जोड़ने के लिए किया गया है।

δι’ αὐτὸν μόνον

सिर्फ़ अब्राहम के लिए

ὅτι ἐλογίσθη αὐτῷ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने उसके लिए रास्तबाज़ी गिना” या “ख़ुदा ने उसे रास्तबाज़ समझा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 4:24

δι’ ἡμᾶς

लफ्ज़ “हमारे” पौलुस से मुराद है और मसीह में तमाम ईमानदारों को शामिल करता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

καὶ δι’ ἡμᾶς, οἷς μέλλει λογίζεσθαι, τοῖς πιστεύουσιν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह हमारे फ़ायदे के लिए भी था, क्यूँके ख़ुदा हमें भी रास्तबाज़ समझेगा अगर हम ईमान रखें” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸν ἐγείραντα Ἰησοῦν, τὸν Κύριον ἡμῶν, ἐκ νεκρῶν

मुर्दों में से ... जिलाया यहाँ “दोबारा ज़िन्दा कर दिया” के लिए एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे जिसने हमारे ख़ुदावन्द को दोबारा ज़िन्दा कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

Romans 4:25

ὃς παρεδόθη διὰ τὰ παραπτώματα ἡμῶν, καὶ ἠγέρθη διὰ τὴν δικαίωσιν ἡμῶν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने हमारे गुनाहों के वास्ते दुश्मनों के हवाले कर दिया और जिसे ख़ुदा ने वापस ज़िन्दा किया ताके वह हमें अपने साथ रास्त बना सके” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 5

रोमियों 05 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बहुत से उलेमा आयात 12-17 को सहीफ़े में सबसे ज़ियादा अहम, मगर समझने में मुश्किल, आयात के तौर पर देखते हैं। जिस तरह असल यूनानी की तामीर की गयी थी मुमकिन है के उससे इनकी कुछ दौलतमन्दी और मानी तर्जुमे के दौरान खो गयी।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

रास्तबाज़ ठहराए जाने के नतीजे

पौलुस किस तरह हमारे रास्तबाज़ ठहराए जाने के नतीजे की वज़ाहत करता है इस बाब का एक अहम हिस्सा है। इन नतीजों में ख़ुदा के साथ अमन होना, ख़ुदा तक रसाई, हमारे मुस्तक़बिल की बाबत पुर ऐतिमाद होना, तकलीफ़ के दौरान ख़ुशी के क़ाबिल होना, हमेशा के लिए बचाया जाना, और ख़ुदा के साथ सुलह किया जाना शामिल हैं। (देखें: इन्साफ़ ,ना इन्साफ़ी ,ना इन्साफ़ी से भरा ,इंसाफ़ पसनद ,फ़ैसला,)

“सबने गुनाह किया”

उलेमा इस पर मुन्क़सिम हैं के आयत 12 में पौलुस का क्या मतलब है: “और मौत सब लोगों में फैल गयी क्यूँके सब ने गुनाह किया।” बाज़ ईमान रखते हैं के तमाम बनी नौ ए इन्सान “आदम के बीज” में मौज़ूद थी। पस, जिस तरह आदम तमाम बनी नौ ए इन्सान का बाप है, जब आदम ने गुनाह किया तमाम बनी नौ ए इन्सान मौज़ूद थी। दीगर ईमान रखते हैं के आदम ने बनी नौ ए इन्सान के नुमाइन्दा सरबरा के तौर पर काम किया। पस जब उसने गुनाह किया, नतीजे में तमाम बनी नौ ए इन्सान “गिर गयी”। क्या आज लोगों ने आदम के असल गुनाह में फ़ाल या ग़ैर फ़ाल किरदार अदा किया है इस एक तरह से ये ख़यालात के मुख्तलिफ़ हैं। (देखें: बीज, नुत्फ़ा और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना और INVALID translate/figs-activepassive)

दूसरा आदम

आदम पहला आदमी था और ख़ुदा का पहला “बेटा” था। उसे ख़ुदा ने पैदा किया था। वह ममनुआ फल खाकर गुनाह और मौत को दुनिया में लाया। पौलुस इस बाब में यिसू को “दूसरे आदम” और ख़ुदा के सच्चे बेटे के तौर पर बयान करता है। वह ज़िन्दगी लाता है और सलीब पर मरने के ज़रिये गुनाह और मौत पर ग़ालिब आया। (देखें: ख़ुदावन्द का बेटा, बेटा और मरना, मरता, मर गया, मरे हुए, जान लेवा, मुर्दा, मौत, मौतें)

Romans 5:1

पौलुस बहुत सी मुख्तलिफ़ चीज़ें बताना शुरू करता है जो उस वक़्त होती हैं जब ख़ुदा ईमानदारों को अपने साथ रास्त बनाता है।

δικαιωθέντες οὖν

क्यूँके हम रास्तबाज़ ठहराए गए हैं

…ἡμῶν

“हम” और “हमारे” के तमाम वाक़यात सारे ईमानदारों का हवाला देते हैं और मुश्तमिल होना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

διὰ τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ

हमारे ख़ुदावन्द यिसू मसीह की वजह से

τοῦ Κυρίου

यहाँ “ख़ुदावन्द” के मानी है यिसू ख़ुदा है।

Romans 5:2

δι’ οὗ καὶ τὴν προσαγωγὴν ἐσχήκαμεν, τῇ πίστει εἰς τὴν χάριν ταύτην, ἐν ᾗ ἑστήκαμεν

यहाँ “ईमान के ज़रिये” यिसू में हमारे ऐतिमाद से मुराद है, जो हमें ख़ुदा के सामने खड़े होने की इजाज़त देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके हम यिसू में ऐतिमाद रखते हैं, ख़ुदा हमें अपनी हुज़ूरी में आने की इजाज़त देता है”

Romans 5:3

οὐ μόνον δέ

लफ्ज़ “यह” रोमियों 5:1-2 में बयान किये गए नज़रियात का हवाला देता है।

καυχώμεθα…

ये अल्फ़ाज़ तमाम ईमानदारों का हवाला देते हैं और मुश्तमिल होने चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 5:4

ἐλπίδα

यह हक़ीक़त है के ख़ुदा मसीह पर भरोसा करने वालों के लिए अपने तमाम वायदे पूरे करेगा।

Romans 5:5

ἡμῶν…ἡμῖν

ये अल्फ़ाज़ तमाम ईमानदारों का हवाला देते हैं और मुश्तमिल होने चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἡ…ἐλπὶς οὐ καταισχύνει

पौलुस यहाँ “ऐतिमाद” का ज़िक्र करते हुए तजस्सुम ए शख्सियत का इस्तेमाल करता है गोया यह ज़िन्दा था। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें पूरा ऐतिमाद है के हमें वह चीज़ें हासिल होंगी जिसके लिए हम इन्तज़ार करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ὅτι ἡ ἀγάπη τοῦ Θεοῦ ἐκκέχυται ἐν ταῖς καρδίαις ἡμῶν

यहाँ “दिलों” किसी शख्स के ख़यालात, एहसासात, या अंदरूनी शख्स की नुमाइंदगी करता है। जुमला “ख़ुदा की महब्बत हमारे दिलों में डाली गयी है” एक इस्तआरा है ख़ुदा का अपने लोगों से महब्बत का इज़हार करने के लिए। इसे फ़ाल शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके उसने हमसे बहुत प्यार किया है” या “क्यूँके ख़ुदा ने हमें दिखाया है के वह हमसे कितना प्यार करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 5:6

ἡμῶν

लफ्ज़ “हम” यहाँ तमाम ईमानदारों से मुराद है पस मुश्तमिल होना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 5:7

μόλις γὰρ ὑπὲρ δικαίου τις ἀποθανεῖται

किसी ऐसे शख्स को तलाश करना मुश्किल है जो मरने को तैयार हो, यहाँ तक के एक नेक आदमी के लिए भी

ὑπὲρ γὰρ τοῦ ἀγαθοῦ, τάχα τις καὶ τολμᾷ ἀποθανεῖν

लेकिन तुम्हें ऐसा शख्स मिल सकता है जो ऐसे नेक शख्स के लिए मरने को तैयार हो

Romans 5:8

συνίστησιν

आप इस फ़अल का तर्जुमा माज़ी के दौर में “मुज़ाहिरा” या दिखाया हुआ” का इस्तेमाल करके कर सकते हैं।

ἡμῶν…ἡμῶν

“हम” और “हमारे” के तमाम वाक़यात सारे ईमानदारों का हवाला देते हैं और मुश्तमिल होना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 5:9

πολλῷ οὖν μᾶλλον δικαιωθέντες νῦν ἐν τῷ αἵματι αὐτοῦ

यहाँ “रास्तबाज़ ठहरने” के मानी है ख़ुदा हमें अपने साथ सहीह रिश्ते में रखता है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा अब हमारे लिए और कितना ज़ियादा करेगा के उसने हमें यिसू के सलीब पर मौत के सबब से अपने साथ रास्त बना दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

τῷ αἵματι

यह सलीब पर यिसू के क़ुर्बानी मौत के लिए मजाज़ी है। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

σωθησόμεθα

इसके मानी है के सलीब पर यिसू के क़ुर्बानी मौत के वसीले से, ख़ुदा ने हमें मुआफ़ कर दिया है और हमारे गुनाह की जहन्नुम में सज़ा से हमें बचा लिया है।

τῆς ὀργῆς

यहाँ “ग़ज़ब” एक मजाज़ी है जो उन लोगों के लिए ख़ुदा की सज़ा से मुराद है जिन्होंने उसके ख़िलाफ़ गुनाह किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “ग़ज़ब-ए-इलाही” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 5:10

ὄντες

“हम” के तमाम वाक़यात सारे ईमानदारों का हवाला देते हैं और मुश्तमिल होना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Υἱοῦ αὐτοῦ, πολλῷ μᾶλλον καταλλαγέντες, σωθησόμεθα ἐν τῇ ζωῇ αὐτοῦ

ख़ुदा का बेटा ... ख़ुदा के बेटे की ज़िन्दगी

κατηλλάγημεν τῷ Θεῷ διὰ τοῦ θανάτου τοῦ Υἱοῦ αὐτοῦ

उन सब के लिए जो यिसू में ईमान रखते हैं ख़ुदा के बेटे की मौत ने अब्दी मुआफ़ी फ़राहम की है और हमें ख़ुदा का दोस्त बना दिया है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अपने साथ हमें एक पुर अमन ताल्लुक़ात की इजाज़त दी है क्यूँके उसका बेटा हमारे लिए मरा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τοῦ Υἱοῦ

ख़ुदा का बेटा, यह यिसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

καταλλαγέντες

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अब जबके ख़ुदा ने हमें दोबारा अपना दोस्त बना लिया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 5:12

पौलुस वज़ाहत करता है के ख़ुदा ने मूसा को शरीअत देने से पहले मौत क्यूँ वाक़े हुई।

δι’ ἑνὸς ἀνθρώπου ἡ ἁμαρτία εἰς τὸν κόσμον εἰσῆλθεν, καὶ διὰ τῆς ἁμαρτίας ὁ θάνατος

पौलुस गुनाह का बयान एक ऐसी ख़तरनाक चीज़ के तौर पर करता है जो दुनिया में “एक इन्सान” आदम की हरकतों की वजह से आई। यह गुनाह फिर एक दराज़ बन गया जिसके ज़रिये मौत जिसकी यहाँ एक और ख़तरनाक चीज़ के तौर पर तस्वीर दी गयी है, भी दुनिया में आई। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 5:13

ἄχρι γὰρ νόμου, ἁμαρτία ἦν ἐν κόσμῳ

इसके मानी है के लोगों ने ख़ुदा के शरीअत देने से पहले गुनाह किया। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मूसा को अपनी शरीअत देने से पहले लोगों ने दुनिया में गुनाह किया”(देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἁμαρτία δὲ οὐκ ἐλλογεῖται, μὴ ὄντος νόμου

इसके मानी है के ख़ुदा ने शरीअत देने से पहले ही लोगों पर गुनाह का इल्ज़ाम आयद नहीं किया। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन ख़ुदा ने शरीअत देने से पहले शरीअत के ख़िलाफ़ कोई गुनाह दर्ज नहीं किया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 5:14

ἀλλὰ…ὁ θάνατος

अगरचे जो मैंने अभी कहा सच है, मौत या “आदम के वक़्त से लेकर मूसा के वक़्त तक कोई तहरीरी शरीअत नहीं थी, लेकिन मौत” (रोमियों 5:13).

ἐβασίλευσεν ὁ θάνατος ἀπὸ Ἀδὰμ μέχρι Μωϋσέως

पौलुस मौत का ज़िक्र कर रहा है गोया यह कोई बादशाह था जिसने हुकूमत किया। मुतबादिल तर्जुमा: “आदम के वक़्त से लेकर मूसा के वक़्त तक अपने गुनाहों के अंजाम के तौर पर मुसलसल मरते रहे” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metaphor)

καὶ ἐπὶ τοὺς μὴ ἁμαρτήσαντας ἐπὶ τῷ ὁμοιώματι τῆς παραβάσεως Ἀδάμ

यहाँ तक के वो लोग जिनके गुनाह आदम से मुख्तलिफ़ थे मरते रहे

ὅς ἐστιν τύπος τοῦ μέλλοντος

आदम मसीह का नमूना था, जो बहुत बाद में ज़ाहिर हुआ। उसके साथ उसकी बहुत मुश्तरक थी।

Romans 5:15

εἰ γὰρ τῷ τοῦ ἑνὸς παραπτώματι, οἱ πολλοὶ ἀπέθανον

यहाँ “एक” आदम से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके जब एक शख्स के गुनाह से बहुत से मर गए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πολλῷ μᾶλλον ἡ χάρις τοῦ Θεοῦ καὶ ἡ δωρεὰ ἐν χάριτι, τῇ τοῦ ἑνὸς ἀνθρώπου, Ἰησοῦ Χριστοῦ, εἰς τοὺς πολλοὺς ἐπερίσσευσεν

यहाँ “फ़ज़ल” ख़ुदा के मुफ़्त नेमत से मुराद है जिसे उसने यिसू मसीह के वसीले से सबके लिए दस्तयाब किया। मुतबादिल तर्जुमा: “यहाँ तक के ज़ियादा इन्सान यिसू मसीह के वसीले से, जो हम सबके लिए मरा, ख़ुदा ने मेहरबानी करके हमें यह अब्दी ज़िन्दगी की नेमत बख्शी, अगरचे हम इसके मुस्तहक़ नहीं हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 5:16

καὶ οὐχ ὡς δι’ ἑνὸς ἁμαρτήσαντος, τὸ δώρημα

यहाँ “नेमत” से मुराद ख़ुदा के मुफ़्त तौर पर हमारे दर्ज गुनाहों को मिटाना है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह नेमत आदम के गुनाह के नतीजे की मानिन्द नहीं है”

τὸ…γὰρ κρίμα ἐξ ἑνὸς, εἰς κατάκριμα, τὸ δὲ χάρισμα ἐκ πολλῶν παραπτωμάτων, εἰς δικαίωμα

यहाँ पौलुस दो वजूहात देता है के क्यूँ “यह नेमत आदम के गुनाह के नतीजे की मानिन्द नहीं है”। “सज़ा के हुक्म का फ़ैसला” का मतलब है हम सब अपने गुनाहों के लिए ख़ुदा की सज़ा के मुस्तहक़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके एक तरफ ख़ुदा ने ऐलान किया के एक इन्सान के गुनाह के सबब से सब लोग सज़ा पाने के मुस्तहक़ हैं, मगर दूसरी तरफ़” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τὸ…χάρισμα ἐκ πολλῶν παραπτωμάτων, εἰς δικαίωμα

इससे मुराद है के किस तरह ख़ुदा हमें अपने साथ रास्त बनाता है यहाँ तक के जब हम इसके मुस्तहक़ नहीं हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की मेहरबानी का तोहफ़ा हमें उसके साथ रास्त बनाने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἐκ πολλῶν παραπτωμάτων

बहुतों की गुनाहों के बाद

Romans 5:17

τοῦ ἑνὸς παραπτώματι

यह आदम के गुनाह से मुराद है।

ὁ θάνατος ἐβασίλευσεν

यहाँ पौलुस “मौत” का ज़िक्र एक बादशाह के तौर पर करता है जिसने हुकूमत किया। मौत की “हुकूमत” हर एक के मरने का सबब है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक मर गया” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 5:18

ὡς δι’ ἑνὸς παραπτώματος

आदम से सरज़द हुए एक गुनाह के वसीले से या “आदम के गुनाह की वजह से”

εἰς πάντας ἀνθρώπους εἰς κατάκριμα

यहाँ “सज़ा का हुक्म” ख़ुदा की सज़ा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “सब लोग गुनाह के लिये ख़ुदा की सज़ा के मुस्तहक़ हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

δι’ ἑνὸς δικαιώματος

यिसू मसीह की क़ुर्बानी

εἰς πάντας ἀνθρώπους…δικαίωσιν ζωῆς

यहाँ “रास्तबाज़ ठहराना” से मुराद ख़ुदा की अपने साथ लोगों को रास्त बनाने की क़ाबिलियत है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की पेशकश तमाम लोगों को उसके साथ रास्त बनाने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 5:19

τῆς παρακοῆς τοῦ ἑνὸς ἀνθρώπου

आदम की नाफ़रमानी

ἁμαρτωλοὶ κατεστάθησαν οἱ πολλοί

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत लोगों ने गुनाह किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῆς ὑπακοῆς τοῦ ἑνὸς

यिसू की फरमाबरदारी

δίκαιοι κατασταθήσονται οἱ πολλοί

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा बहुत लोगों को अपने साथ रास्त बनाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 5:20

νόμος…παρεισῆλθεν

यहाँ पौलुस शरीअत का ज़िक्र करता है गोया यह एक शख्स था। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने अपनी शरीअत मूसा को दिया” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἐπλεόνασεν ἡ ἁμαρτία

गुनाह बढ़ गया

ὑπερεπερίσσευσεν ἡ χάρις

यहाँ “फज़ल” से मुराद ख़ुदा की ग़ैर मुस्तहक़ बरकतें हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उनकी तरफ और ज़ियादा मेहरबानी से अमल करता रहा, उस तरह से जिसके वो मुस्तहक़ नहीं थे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 5:21

ὥσπερ ἐβασίλευσεν ἡ ἁμαρτία ἐν τῷ θανάτῳ

यहाँ पौलुस “गुनाह” का ज़िक्र करता है गोया यह कोई बादशाह था जिसने हुकूमत किया। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह गुनाह का अन्ज़ाम मौत हुआ” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metaphor)

οὕτως καὶ ἡ χάρις βασιλεύσῃ διὰ δικαιοσύνης, εἰς ζωὴν αἰώνιον διὰ Ἰησοῦ Χριστοῦ τοῦ Κυρίου ἡμῶν

पौलुस यहाँ “फ़ज़ल” का ज़िक्र करता है गोया यह कोई बादशाह था जिसने हुकूमत किया। मुतबादिल तर्जुमा: “फज़ल ने लोगों को हमारे ख़ुदावन्द यिसू मसीह की रास्तबाज़ी के वसीले से अब्दी ज़िन्दगी बख्शी” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metaphor)

οὕτως…ἡ χάρις βασιλεύσῃ διὰ δικαιοσύνης

पौलुस यहाँ “फ़ज़ल” का ज़िक्र करता है गोया यह कोई बादशाह था जिसने हुकूमत किया। “लफ्ज़ “रास्तबाज़ी” से मुराद ख़ुदा की अपने साथ लोगों को रास्त बनाने की क़ाबिलियत है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके ख़ुदा अपनी मुफ़्त नेमत लोगों को दे सके उन्हें अपने साथ रास्त बनाने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τοῦ Κυρίου ἡμῶν

पौलुस ख़ुद को, अपने कारअीन की, और तमाम ईमानदारों को शामिल करता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 6

रोमियों 06 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

पौलुस इस बाब को उस जवाब के साथ शुरू करता है के बाब 5 में जो कुछ उसने तालीम दिया था उस पर कोई क़ियासी तौर पर कैसे ऐतराज़ कर सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-hypo)

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

शरीअत के ख़िलाफ़

इस बाब में, पौलुस उस तालीम को मुस्तरद करता है के मसीही नजात पाने के बाद जिस तरह चाहें ज़िन्दगी गुज़ार सकते हैं। उलेमा इसे “शरीअत की बरअक्सी” या “शरीअत के ख़िलाफ़” होना कहते हैं। दीनदार ज़िन्दगी गुज़ारने की हौसलाअफ़ज़ाई करने के लिए पौलुस उस अज़ीम क़ीमत को याद करता है जो मसीहियों की नजात के लिए यिसू ने अदा किया। (देखें: बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त और ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती )

गुनाह के ग़ुलाम

यिसू में इमान से पहले, गुनाह लोगों को ग़ुलाम बनाता है। ख़ुदा मसीहियों को गुनाह की ख़िदमत करने से आज़ाद करता है। वो अपनी ज़िन्दगी में मसीह की ख़िदमत को चुनने के क़ाबिल हैं। पौलुस वज़ाहत करता है के जब मसीही गुनाह करना चुनते हैं, वो अपनी मर्ज़ी से चुनते हैं। (देखें: ईमान और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

फल

यह बाब फल की मन्ज़रकशी का इस्तेमाल करता है। फल की तस्वीर से मुराद आमतौर से किसी शख्स के ईमान का उसकी ज़िन्दगी में नेक कामों को पैदा करना है। (देखें: फल, फलों, फलदार, बेफल और रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

ख़तीबाना सवालात

पौलुस इस बाब में ख़तीबाना सवालात का इस्तेमाल करता है। ऐसा लगता है के इन ख़तीबाना सवालात का इरादा क़ारी को उनके गुनाह दिखाना है ताके वो यिसू पर ऐतबार करेंगे। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और जुर्म , मुजरिम और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

मौत

पौलुस इस बाब में “मौत” का इस्तेमाल मुख्तलिफ़ तरीक़ों से करता है: जिस्मानी मौत, रूहानी मौत, इन्सान के दिल में गुनाह का हुकूमत करना, और किसी चीज़ को ख़त्म करना। वह मसीह के ज़रिये फ़राहम करदा नई ज़िन्दगी और नजात पाने बाद मसीहियों की मुतवक्का ज़िन्दगी के साथ गुनाह और मौत का इख्तलाफ़ ज़ाहिर करता है। (देखें: मरना, मरता, मर गया, मरे हुए, जान लेवा, मुर्दा, मौत, मौतें)

Romans 6:1

फज़ल के तहत, पौलुस उन लोगों को जो यिसू में ईमान रखते हैं एक नई ज़िन्दगी जीने के लिए बताता है जो गुनाह के लिए मुर्दा और ख़ुदा के लिए ज़िन्दा हैं।

τί οὖν ἐροῦμεν? ἐπιμένωμεν τῇ ἁμαρτίᾳ, ἵνα ἡ χάρις πλεονάσῃ

पौलुस अपने कारअीन की तवक्को हासिल करने के लिए इस ख़तीबाना सवालात को पूछता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पस, हमें इस सब की बाबत क्या कहना चाहिए? यक़ीनन हमें गुनाह करते नहीं रहना चाहिए ताके ख़ुदा हमें ज़ियादा से ज़ियादा फ़ज़ल बख्शेगा! (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἐροῦμεν

ज़मीर “हम” से मुराद पौलुस, उसके कारअीन, और दीगर लोग हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 6:2

οἵτινες ἀπεθάνομεν τῇ ἁμαρτίᾳ, πῶς ἔτι ζήσομεν ἐν αὐτῇ

यहाँ “गुनाह के लिए मुर्दा” के मानी है के वो लोग जो यिसू की पैरवी करते हैं अब मुर्दे लोगों की मानिन्द हैं जो गुनाह से मुतासिर नहीं हो सकते। पौलुस इस ख़तीबाना सवाल का इस्तेमाल ज़ोर देने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम अब मुर्दा लोगों की मानिन्द हैं जिन पर गुनाह का कोई असर नहीं! पस यक़ीनन हमें गुनाह करते नहीं रहना चाहिए!” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 6:3

ἢ ἀγνοεῖτε, ὅτι ὅσοι ἐβαπτίσθημεν εἰς Χριστὸν Ἰησοῦν, εἰς τὸν θάνατον αὐτοῦ ἐβαπτίσθημεν?

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल ज़ोर देने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “याद रखें, जब किसी ने हमें यह दिखाने के लिए बपतिस्मा दिया के मसीह के साथ हमारा रिश्ता है, तो ये यह भी दिखाता है के हम सलीब पर मसीह के साथ मर गए! (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 6:4

συνετάφημεν οὖν αὐτῷ διὰ τοῦ βαπτίσματος εἰς τὸν θάνατον

यहाँ पौलुस एक ईमानदार के पानी में बपतिस्मे का ज़िक्र करता है गोया यह एक मौत और तदफ़ीन की बात हो। मुतबादिल तर्जुमा: “जब किसी ने हमें बपतिस्मा दिया, यह ऐसे ही है जैसे उस शख्स ने हमें मसीह के साथ क़ब्र में दफ़न किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ὥσπερ ἠγέρθη Χριστὸς ἐκ νεκρῶν διὰ τῆς δόξης τοῦ Πατρός, οὕτως καὶ ἡμεῖς ἐν καινότητι ζωῆς περιπατήσωμεν

मुर्दों में से उठाना किसी शख्स को दोबारा ज़िन्दा कर देने के लिए एक मुहावरा है। यह किसी ईमानदार की नई रूहानी ज़िन्दगी का यिसू के जिस्मानी तौर पर वापस ज़िन्दा हो जाने के साथ मोवाज़ना करता है। ईमानदार की नई रूहानी ज़िन्दगी उस शख्स को ख़ुदा की फरमाबरदारी करने के क़ाबिल बनाती है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह बाप ने यिसू को उसके मरने के बाद वापस ज़िन्दा कर दिया, वैसे ही हमारे पास नई रूहानी ज़िन्दगी और ख़ुदा की ताबेदारी हो सकती है” (देखें: INVALID translate/figs-simile और INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-idiom)

ἐκ νεκρῶν

उन सबके दरमियान से जो मर चुके हैं। यह इज़हार आलम ए अर्वाह में तमाम मुर्दा लोगों को एक साथ बयान करता है। उनके दरमियान से उठाया जाना दोबारा ज़िन्दा होने का ज़िक्र करता है।

Romans 6:5

σύμφυτοι γεγόναμεν τῷ ὁμοιώματι τοῦ θανάτου αὐτοῦ, ἀλλὰ καὶ τῆς ἀναστάσεως ἐσόμεθα

पौलुस मसीह के साथ हमारे इत्तहाद का मौत के साथ मोवाज़ना करता है। वो लोग जो मसीह के साथ मौत में शामिल हुए हैं वह उसके जी उठने में शरीक होंगे। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसके साथ मर गए ... उसके साथ ज़िन्दगी में वापस आना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 6:6

ὁ παλαιὸς ἡμῶν ἄνθρωπος συνεσταυρώθη

“पुराना इन्सान” एक इस्तआरा है जो यिसू पर ईमान लाने से पहले उस शख्स से मुराद है। पौलुस हमारे पुराने गुनाहगार शख्स का बयान मसीह के साथ सलीब पर मरने के तौर पर करता है जब हम यिसू में ईमान रखते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारा गुनाहगार शख्स यिसू के साथ सलीब पर मर गया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ παλαιὸς…ἄνθρωπος

इसके मानी है वह शख्स जो पहले था, लेकिन अब मौज़ूद नहीं है।

τὸ σῶμα τῆς ἁμαρτίας

यह एक मजाज़ी है जो पूरे गुनाहगार शख्स से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारा गुनाहगार शख्स” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

καταργηθῇ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मर सकते है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μηκέτι δουλεύειν ἡμᾶς τῇ ἁμαρτίᾳ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह अब हमें ग़ुलाम नहीं बनाना चाहिए” या “अब हमें गुनाह के ग़ुलाम नहीं होने चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

μηκέτι δουλεύειν ἡμᾶς τῇ ἁμαρτίᾳ

गुनाह की ग़ुलामी एक इस्तआरा है जिसके मानी है गुनाह की इतनी शदीद ख्वाहिश होना के कोई अपने आप को गुनाह करने से रोकने में नाक़ाबिल है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें अब गुनाह से क़ाबू नहीं होना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 6:7

ὁ γὰρ ἀποθανὼν, δεδικαίωται ἀπὸ τῆς ἁμαρτίας.

यहाँ “रास्तबाज़” ख़ुदा की लोगों को अपने साथ रास्त बनाने की क़ाबिलियत से मुराद है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ख़ुदा किसी शख्स को अपने साथ रास्त होने का ऐलान करता है, तो वह शख्स और गुनाह से क़ाबू नहीं होता” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 6:8

ἀπεθάνομεν σὺν Χριστῷ

यहाँ “मर गए” से मुराद उस हक़ीक़त से है के ईमानदार अब गुनाह से क़ाबू नहीं होते। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 6:9

εἰδότες ὅτι Χριστὸς ἐγερθεὶς ἐκ νεκρῶν

यहाँ जी उठाना किसी शख्स को जो मर गया है दोबारा ज़िन्दा कर देने के लिए एक मुहावरा है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। “हम जानते हैं क्यूँके ख़ुदा ने मसीह को उसके मरने के बाद वापस ज़िन्दा कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-idiom)

ἐκ νεκρῶν

उन सबके दरमियान से जो मर चुके हैं। यह इज़हार आलम ए अर्वाह में तमाम मुर्दा लोगों को एक साथ बयान करता है। उनके दरमियान से उठाया जाना दोबारा ज़िन्दा होने का ज़िक्र करता है।

θάνατος αὐτοῦ οὐκέτι κυριεύει

यहाँ “मौत” को एक बादशाह या हुक्मरान के तौर पर बयान किया गया है जो लोगों पर ताक़त रखता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह फिर कभी नहीं मर सकता” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 6:10

ὃ γὰρ ἀπέθανεν, τῇ ἁμαρτίᾳ ἀπέθανεν ἐφάπαξ

फ़िक़रा “सबके लिए एक बार” के मानी है किसी चीज़ को मुकम्मल तौर पर ख़त्म करना। आप अपने तर्जुमे में इस पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके जब वह मरा उसने गुनाह की ताक़त को मुकम्मल तौर पर तोड़ दिया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom और INVALID translate/figs-explicit)

Romans 6:11

οὕτως καὶ ὑμεῖς, λογίζεσθε

इस वजह से गौर करें

λογίζεσθε ἑαυτοὺς

ख़ुद को बतौर सोचें या “ख़ुद को बतौर देखें”

νεκροὺς μὲν τῇ ἁμαρτίᾳ

जिस तरह कोई लाश को कुछ करने के लिए मज़बूर नहीं कर सकता, गुनाह ईमानदारों को ख़ुदा की बे इज्ज़ती करने पर मज़बूर करने की कोई ताक़त नहीं रखता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गोया गुनाह की ताक़त के लिए तुम मुर्दा थे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

νεκροὺς μὲν τῇ ἁμαρτίᾳ, ζῶντας δὲ τῷ Θεῷ

गुनाह की ताक़त के लिए मुर्दा, लेकिन ख़ुदा की इज्ज़त के लिए ज़िन्दा

ζῶντας…τῷ Θεῷ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

मसीह यिसू ने जो ताक़त तुमको दी है उसके वसीले से ख़ुदा का एहतराम करने के लिए ज़िन्दा रहना

Romans 6:12

पौलुस हमें याद दिलाता है के फ़ज़ल हम पर हुकूमत करता है, शरीअत नहीं; हम गुनाह के ग़ुलाम नहीं हैं, लेकिन ख़ुदा के ग़ुलाम।

μὴ…βασιλευέτω ἡ ἁμαρτία ἐν τῷ θνητῷ ὑμῶν σώματι

पौलुस गुनाह करने वाले लोगों का ज़िक्र करता है गोया गुनाह उनका आक़ा या बादशाह था जो उनको क़ाबू करता था। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाहगार ख्वाहिशात को तुम्हें क़ाबू करने न दो” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἐν τῷ θνητῷ ὑμῶν σώματι

यह फ़िक़रा किसी शख्स के जिस्मानी हिस्से से मुराद है, जो मर जायेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

εἰς τὸ ὑπακούειν ταῖς ἐπιθυμίαις αὐτοῦ

पौलुस बुरी ख्वाहिशात रखने वाले शख्स का ज़िक्र करता है गोया यह गुनाह एक आक़ा था जिसकी बुरी ख्वाहिशात थीं। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 6:13

μηδὲ παριστάνετε τὰ μέλη ὑμῶν, ὅπλα ἀδικίας τῇ ἁμαρτίᾳ

तस्वीर गुनाहगार की है जो अपने आक़ा या बादशाह को “अपने जिस्म के आज़ा” पेश कर रहा है। किसी के “जिस्म के आज़ा” पूरे शख्स के लिये एक मजाज़ मर्सल है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने आप को गुनाह के हवाले न करो ताके तुम वह करो जो सहीह है” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

ἀλλὰ παραστήσατε ἑαυτοὺς τῷ Θεῷ, ὡσεὶ ἐκ νεκρῶν ζῶντας

यहाँ “ज़िन्दा जानकर” ईमानदार की नई रूहानी ज़िन्दगी से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अपने आप को ख़ुदा के हवाले करो, क्यूँके उसने तुम्हें नई रूहानी ज़िन्दगी बख्शी है” या “लेकिन अपने आप को ख़ुदा के हवाले करो, जिस तरह वो लोग जो मर गए थे और अब ज़िन्दा हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

καὶ τὰ μέλη ὑμῶν, ὅπλα δικαιοσύνης τῷ Θεῷ

यहाँ “अपने जिस्म के आज़ा” एक मजाज़ मर्सल है जो पूरे शख्स से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने आप को ख़ुदा को इस्तेमाल करने दो उसके लिए जो उसे पसन्द है” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 6:14

ἁμαρτία…ὑμῶν οὐ κυριεύσει,

पौलुस यहाँ “गुनाह” का ज़िक्र करता है गोया यह कोई बादशाह था जो लोगों पर हुकूमत करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह की ख्वाहिशात को अपने कामों पर क़ाबू न रखने दो” या “अपने आप की गुनाहगार चीज़ें करने की इजाज़त न दो जो तुम करना चाहते हो” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

οὐ γάρ ἐστε ὑπὸ νόμον

“शरीअत के मातहत” होने के मानी है इसके हुदूद और कमज़ोरियों के ताबे होना। आप अपने तर्जुमे में पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके अब तुम मूसा की शरीअत के पाबन्द नहीं हो, जो तुम्हें गुनाह से रुकने की ताक़त नहीं दे सकता था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἀλλὰ ὑπὸ χάριν

“शरीअत के मातहत” होने के मानी है के ख़ुदा की मुफ़्त नेमत गुनाह से दूर रहने की ताक़त फ़राहम करती है। आप अपने तर्जुमे में पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन तुम ख़ुदा की फ़ज़ल के पाबन्द हो, जो तुम्हें गुनाह से रुकने की ताक़त देता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 6:15

τί οὖν? ἁμαρτήσωμεν ὅτι οὐκ ἐσμὲν ὑπὸ νόμον, ἀλλὰ ὑπὸ χάριν? μὴ γένοιτο

पौलुस एक सवाल का इस्तेमाल यह ज़ोर देने के लिए कर रहा है के फ़ज़ल के तहत रहना गुनाह का सबब नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताहम, सिर्फ़ इस वजह से के हम मूसा की शरीअत की बजाय फज़ल के पाबन्द हैं, यक़ीनन इसका मतलब यह नहीं है के हमें गुनाह करने की इजाज़त है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ γένοιτο

हम कभी नहीं चाहेंगे के ऐसा हो! या “ऐसा न करने में ख़ुदा मेरी मदद करे!” यह इज़हार एक इन्तहाई शदीद ख्वाहिश को ज़ाहिर करता है के ऐसा नहीं होता है। आप की ज़बान में ऐसा ही इज़हार हो सकता है जिसे आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। देखें आपने इसे रोमियों 3:31 में किस तरह तर्जुमा किया है।

Romans 6:16

οὐκ οἴδατε, ὅτι ᾧ παριστάνετε ἑαυτοὺς δούλους εἰς ὑπακοήν, δοῦλοί ἐστε ᾧ ὑπακούετε

पौलुस यहाँ एक सवाल का इस्तेमाल किसी ऐसे शख्स को डाँटने के लिए करता है जो सोच सकता है के ख़ुदा का फ़ज़ल गुनाह करते रहने के लिए एक सबब है। आप इसका तर्जुमा एक सख्त बयान के तौर पर कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें मालूम होना चाहिए के तुम जिस आक़ा की इताअत का इन्तखाब करते हो उसके ग़ुलाम हो!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἤτοι ἁμαρτίας…ἢ ὑπακοῆς

यहाँ, पौलुस “गुनाह” और “फरमाबरदारी” का ज़िक्र करता है गोया वो आक़ा थे जिनका कोई ग़ुलाम इताअत करता। मुतबादिल तर्जुमा: “या तो तुम गुनाह के ग़ुलामों की तरह हो ... या फरमाबरदारी के ग़ुलामों की तरह” या “तुम या तो गुनाह के ग़ुलाम हो ... या तुम फरमाबरदारी के ग़ुलाम हो” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

εἰς θάνατον…εἰς δικαιοσύνην

जिसका अन्ज़ाम मौत है ... जिसका अन्ज़ाम रास्तबाज़ी है

Romans 6:17

χάρις δὲ τῷ Θεῷ

लेकिन मैं ख़ुदा का शुक्र करता हूँ!

ὅτι ἦτε δοῦλοι τῆς ἁμαρτίας

गुनाह की ग़ुलामी एक इस्तआरा है जिसके मानी है गुनाह की इतनी शदीद ख्वाहिश होना के कोई अपने आप को गुनाह करने से रोकने में नाक़ाबिल है। यह ऐसा है गोया गुनाह शख्स को क़ाबू करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम गुनाह के ग़ुलामों की तरह थे” या “तुम्हें गुनाह से क़ाबू किया जाता था” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ὑπηκούσατε δὲ ἐκ καρδίας

यहाँ लफ्ज़ “दिल” से मुराद कुछ करने के मुख़लिस या ईमानदार नीयत का होना है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन तुमने वाक़ई इताअत की” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

εἰς ὃν παρεδόθητε τύπον διδαχῆς

यहाँ “साँचे” से मुराद जीने के उस तरीक़े से है जो रास्तबाज़ी की तरफ़ जाता है। ईमानदार जीने के इस नए अन्दाज़ जो मसीही रहनुमा उन्हें सिखाते हैं से मेल खाने के लिए ज़िन्दगी गुज़ारने का अपना क़दीम तरीक़ा बदल देते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह तालीम जो मसीही रहनुमा तुम्हें देते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 6:18

ἐλευθερωθέντες δὲ ἀπὸ τῆς ἁμαρτίας

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह ने तुम्हें गुनाह से आज़ाद किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐλευθερωθέντες δὲ ἀπὸ τῆς ἁμαρτίας

यहाँ “गुनाह से आज़ाद” अब गुनाह करने की शदीद ख्वाहिश न रहने और ख़ुद को गुनाह से बाज़ रखने के क़ाबिल होने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारी गुनाह करने की शदीद ख्वाहिश छीन ली गयी है” या “तुम्हारे ऊपर गुनाह के क़ाबू से तुम्हें आज़ाद कर दिया गया है”

ἐδουλώθητε τῇ δικαιοσύνῃ

रास्तबाज़ी की ग़ुलामी एक इस्तआरा है जिसके मानी है जो सहीह है उसे करने की शदीद ख्वाहिश। यह ऐसा है गोया रास्तबाज़ी शख्स को क़ाबू करती है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें रास्तबाज़ी के ग़ुलामों की तरह बना दिया गया है” या “तुम अब रास्तबाज़ी से क़ाबू किये जाते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐδουλώθητε τῇ δικαιοσύνῃ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह ने तुम्हें रास्तबाज़ी के ग़ुलाम बना दिया है” या मसीह ने तुम्हें बदल दिया है ताके तुम अब रास्तबाज़ी से क़ाबू किये जाते हो”

Romans 6:19

ἀνθρώπινον λέγω

शायद पौलुस ने अपने कारअीन से हैरत की तवक्को की होगी के वह ग़ुलामी और आज़ादी की बात क्यूँ कर रहा है। यहाँ वह कहा रहा है के वह इन नज़रियात को उनके रोज़मर्रा के तजुरबे से इस्तेमाल कर रहा है ताके उनको यह समझने में मदद मिले के लोग या तो गुनाह से क़ाबू किये जाते हैं या रास्तबाज़ी से। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं इन्सानी लफ़्ज़ों में इनकी बाबत बात कर रहा हूँ” या “मैं रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से मिशालें इस्तेमाल कर रहा हूँ”

διὰ τὴν ἀσθένειαν τῆς σαρκὸς ὑμῶν

पौलुस अक्सर लफ्ज़ “जिस्म” का इस्तेमाल “रूह” के बरअक्स के तौर पर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके तुम रूहानी बातों को मुकम्मल तौर पर नहीं समझते” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

παρεστήσατε τὰ μέλη ὑμῶν δοῦλα τῇ ἀκαθαρσίᾳ, καὶ τῇ ἀνομίᾳ

यहाँ, “जिस्म के आज़ा” से मुराद पूरा शख्स है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद को हर चीज़ का ग़ुलाम बनाकर पेश किया जो बुरा है और ख़ुदा को पसन्द नहीं है”

παραστήσατε τὰ μέλη ὑμῶν, δοῦλα τῇ δικαιοσύνῃ εἰς ἁγιασμόν

यहाँ “जिस्म के आज़ा” से मुराद पूरे शख्स से है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सामने ख़ुद को जो सहीह है उसके लिए ग़ुलामों के तौर पर पेश करो ताके वह तुम्हें अलग करे और तुम्हें उसकी ख़िदमत करने की ताक़त दे” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 6:20

ἐλεύθεροι ἦτε τῇ δικαιοσύνῃ

यहाँ “रास्तबाज़ी से आज़ाद” नेक काम करने की ज़रुरत नहीं के लिए एक इस्तआरा है। लोग ऐसे जी रहे थे गोया उनका ख़याल था के उन्हें सहीह काम करने की ज़रुरत नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह ऐसा था गोया तुम रास्तबाज़ी से आज़ाद थे” या “तुमने ऐसा सुलूक किया जैसे तुम्हें सहीह काम करने की ज़रुरत नहीं” या (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-irony)

Romans 6:21

τίνα οὖν καρπὸν εἴχετε τότε, ἐφ’ οἷς νῦν ἐπαισχύνεσθε

फल यहाँ “अन्जाम” या “नतीजा” के लिए एक इस्तआरा है। पौलुस एक सवाल का इस्तेमाल इस बात पर ज़ोर देने के लिए कर रहा है के गुनाह करने का अन्जाम कुछ भी अच्छा नहीं होता। मुतबादिल तर्जुमा: “उन चीज़ों से कुछ भी अच्छा नतीजा नहीं निकला था जो अब तुमें शर्मिन्दा करते हैं” या “उन चीज़ों को करके तुमने कुछ भी हासिल नहीं किया जो अब शर्मिन्दा करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 6:22

νυνὶ δέ, ἐλευθερωθέντες ἀπὸ τῆς ἁμαρτίας, δουλωθέντες δὲ τῷ Θεῷ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अब जबके तुम गुनाह से आज़ाद हो गए हो और ख़ुदा के ग़ुलाम बन गए हो” या “लेकिन अब जबके ख़ुदा ने तुम्हें गुनाह से आज़ाद कर दिया है और तुम्हें अपना ग़ुलाम बना लिया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

νυνὶ δέ, ἐλευθερωθέντες ἀπὸ τῆς ἁμαρτίας

“गुनाह से आज़ाद” होना गुनाह करने में क़ाबिल न होने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अब जब के ख़ुदा ने तुम्हें गुनाह करने में नाक़ाबिल बना दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

δουλωθέντες δὲ τῷ Θεῷ

ख़ुदा के लिए “ग़ुलाम बना हुआ” होना ख़ुदा की ख़िदमत और इताअत करने के क़ाबिल होने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “और ख़ुदा ने तुम्हें उसकी ख़िदमत करने के क़ाबिल बनाया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἔχετε τὸν καρπὸν ὑμῶν εἰς ἁγιασμόν

यहाँ “फल” एक इस्तआरा है “नतीजा” या “फ़ायदा” के लिए। मुतबादिल तर्जुमा: “फ़ायदा तुम्हारी पाकीज़्गी है” या “फ़ायदा यह है के तुम एक मुक़द्दस तरीके से ज़िन्दगी गुजारते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ δὲ τέλος ζωὴν αἰώνιον

इन सब का नतीजा यह है के तुम ख़ुदा के साथ हमेशा ज़िन्दा रहोगे

Romans 6:23

τὰ γὰρ ὀψώνια τῆς ἁμαρτίας θάνατος

लफ्ज़ “मज़दूरी” से मुराद किसी को अपने काम के लिए दी जाने वाली अदायगी है। “क्यूँके अगर तुम गुनाह की ख़िदमत करोगे, तुम अदायगी के तौर पर रूहानी मौत हासिल करोगे” या “क्यूँके अगर तुम गुनाह करते रहे तो, ख़ुदा तुमको रूहानी मौत की सज़ा देगा”

τὸ δὲ χάρισμα τοῦ Θεοῦ ζωὴ αἰώνιος ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ, τῷ Κυρίῳ ἡμῶν

लेकिन ख़ुदा उन्हें हमेशा की ज़िन्दगी देता है जो हमारे ख़ुदावन्द मसीह यिसू से ताल्लुक़ रखते हैं

Romans 7

रोमियों 07 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

“या क्या तुम नहीं जानते”

पौलुस इस जुमले का इस्तेमाल पिछली तालीम को आगे आने वाली के साथ जोड़ते हुए एक नई मोज़ू पर गुफ़्तगू करने के लिए करता है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
“हम शरीअत से आज़ाद कर दिए गए हैं”

पौलुस वज़ाहत करता है के मूसा की शरीअत अब लागू नहीं होती। अगरचे यह सच है, शरीअत के पीछे लाज़वाल उसूल ख़ुदा के किरदार की अक्कासी करते हैं। (देखें: शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

शादी

सहीफ़े आमतौर से शादी को एक इस्तआरे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यहाँ पौलुस इसका इस्तेमाल यह बयान करने के लिए करता है के किस तरह कलीसिया मूसा की शरीअत से और अब मसीह से ताल्लुक़ रखती है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

जिस्म

यह एक पेचीदा मसअला है। “जिस्म” शायद हमारी गुनाहगार फ़ितरत के लिए एक इस्तआरा है। पौलुस यह तालीम नहीं दे रहा है के हमारे जिस्मानी बदन गुनाहगार हैं। पौलुस यह तालीम देता हुआ दिखाई देता है के जब तक मसीही ज़िन्दा हैं (“जिस्म में”), हम गुनाह करते रहेंगे। लेकिन हमारी नई फ़ितरत हमारी पुरानी फ़ितरत के ख़िलाफ़ लड़ती रहेगी। (देखें: गोश्त और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

Romans 7:1

पौलुस वज़ाहत करता है के किस तरह शरीअत उन लोगों को क़ाबू करती है जो शरीअत के तहत जीना चाहते हैं।

ἢ ἀγνοεῖτε, ἀδελφοί (γινώσκουσιν γὰρ νόμον λαλῶ), ὅτι ὁ νόμος κυριεύει τοῦ ἀνθρώπου ἐφ’ ὅσον χρόνον ζῇ?

पौलुस इस सवाल को ज़ोर देने के लिए पूछता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पस तुम यक़ीनन जानते हो के लोगों को क़वानीन की इताअत करने की ज़रुरत सिर्फ़ तब तक होती है जब तक वो ज़िन्दा हैं” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

Romans 7:2

यह आयत एक बयान को शुरू करता है के पौलुस का “शरीअत किसी शख्स पर उसी वक़्त तक इख्तियार रखती है जब तक वक ज़िन्दा रहता है” से क्या मतलब है” (रोमियों 7:11).

ἡ…ὕπανδρος γυνὴ τῷ…ἀνδρὶ δέδεται νόμῳ

यहाँ “शौहर के साथ शरीअत के ज़रिये पाबन्द” एक इस्तआरा है उस औरत के लिए जो अपने शौहर के साथ शादी के क़ानून के मुताबिक़ मुत्तहिद की जा रही है। मुतबादिल तर्जुमा: “शरीअत के मुताबिक़, शादीशुदा औरत शौहर के साथ मुत्तहिद की जाती है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἡ…ὕπανδρος γυνὴ

यह किसी भी औरत से मुराद है जो शादीशुदा है।

Romans 7:3

यह आयत उस बयान को खत्म करता है के पौलुस का “शरीअत किसी शख्स पर उसी वक़्त तक इख्तियार रखती है जब तक वक ज़िन्दा रहता है” से क्या मतलब है” (रोमियों 7:11).

μοιχαλὶς χρηματίσει

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उसको एक ज़ानिया समझेगा” या “लोग उसे ज़ानिया कहेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐλευθέρα ἐστὶν ἀπὸ τοῦ νόμου

यहाँ शरीअत से आज़ाद होने के मानी है के शरीअत की इताअत करने की ज़रुरत नहीं। इस सूरत में, उस औरत को शरीअत की इताअत करने की ज़रुरत नहीं जो कहता है के एक शादीशुदा औरत दूसरे आदमी से शादी नहीं कर सकती। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे शरीअत की इताअत करने की ज़रुरत नहीं”

Romans 7:4

ὥστε, ἀδελφοί μου

यह वापस (रोमियों 7:11 से ताल्लुक़ रखता है।

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमें आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

καὶ ὑμεῖς ἐθανατώθητε τῷ νόμῳ διὰ τοῦ σώματος τοῦ Χριστοῦ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम भी शरीअत के लिए मर गए जब मसीह के वसीले से तुम सलीब पर मर गए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῷ ἐκ νεκρῶν ἐγερθέντι

जिलाया गया यहाँ “दोबारा ज़िन्दा किया गया” के लिए एक मुहावरा है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे जिसको दोबारा ज़िन्दा किया गया था” या “उसे जिसको ख़ुदा ने मुर्दों में से जिलाया” या “उसे जिसको ख़ुदा ने दोबारा ज़िन्दा किया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

καρποφορήσωμεν τῷ Θεῷ

यहाँ “फल” उन आमाल के लिए इस्तआरा है जो ख़ुदा को ख़ुश करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हम ख़ुदा को ख़ुश करने वाली चीज़ें करने के क़ाबिल हो सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 7:5

εἰς τὸ καρποφορῆσαι τῷ θανάτῳ

यहाँ “फल” एक इस्तआरा है “किसी के आमाल के अन्जाम के लिए” या “किसी की आमाल के नतीजों के लिए” मुतबादिल तर्जुमा: “जिसका अन्जाम रूहानी मौत हुआ” या “जिसका नतीजा हमारी अपनी रूहानी मौत थी” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 7:6

पौलुस हमें याद दिलाता है के ख़ुदा हमें शरीअत के ज़रिये पाक नहीं बनाता है।

κατηργήθημεν ἀπὸ τοῦ νόμου

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ख़ुदा ने हमें शरीअत से आज़ाद कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κατηργήθημεν

यह ज़मीर पौलुस और ईमानदारों से मुराद है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἐν ᾧ κατειχόμεθα

यह शरीअत से मुराद है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उस शरीअत की जिसने हमें क़ैद में रखा था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

γράμματος

यह मूसा की शरीअत से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “मूसा की शरीअत” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 7:7

τί οὖν ἐροῦμεν

पौलुस एक नए मोज़ू का तआर्रुफ़ कर रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ γένοιτο

बिल्कुल वह सच नहीं है! यह इज़हार से पिछले ख़तीबाना सवाल का सख्त तरीन मनफ़ी जवाब देता है। आपकी ज़बान में ऐसा ही इज़हार हो सकता है जिसका आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। देखें आपने इसे रोमियों 9:14 में किस तरह तर्जुमा किया है।

τὴν ἁμαρτίαν οὐκ ἔγνων, εἰ μὴ διὰ νόμου

पौलुस गुनाह का ज़िक्र कर रहा है गोया यह कोई शख्स था जो काम कर सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἁμαρτία

गुनाह करने की मेरी ख्वाहिश

Romans 7:8

ἀφορμὴν δὲ λαβοῦσα ἡ ἁμαρτία διὰ τῆς ἐντολῆς, κατειργάσατο ἐν ἐμοὶ πᾶσαν ἐπιθυμίαν;

पौलुस गुनाह का मोवाज़ना एक ऐसे शख्स से करना जारी रखता है जो काम कर सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἐπιθυμίαν

यह लफ्ज़ दूसरे लोगों से ताल्लुक़ रखने वाली चीज़ को पाने की ख्वाहिश और ग़लत जिन्सी ख्वाहिश दोनों को शामिल करता है।

χωρὶς…νόμου, ἁμαρτία νεκρά

अगर कोई शरीअत न होता, तो शरीअत का कोई तोड़ना न होता, पस कोई गुनाह न होता

Romans 7:9

ἡ ἁμαρτία ἀνέζησεν

इसके मानी हो सकते हैं 1) “मैंने महसूस किया के मैं गुनाह कर रहा था” या 2) “मेरी गुनाह करने की सख्त ख्वाहिश थी” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 7:10

εὑρέθη μοι ἡ ἐντολὴ, ἡ εἰς ζωὴν, αὕτη εἰς θάνατον.

पौलुस सज़ा के हुक्म का ज़िक्र करता है गोया बुनियादी तौर पर इसका अन्जाम मौत हुआ। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मुझे हुक्म दिया के मैं ज़िन्दा रहूँ, लेकिन इसके बजाय इसने मुझे मार दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 7:11

ἡ γὰρ ἁμαρτία ἀφορμὴν λαβοῦσα διὰ τῆς ἐντολῆς, ἐξηπάτησέν με καὶ δι’ αὐτῆς ἀπέκτεινεν

जैसा रोमियों 7:7-8 में, पौलुस गुनाह का बयान एक ऐसे शख्स के तौर पर कर रहा है जो 3 चीज़ें कर सकता है: मौक़ा लेना, धोका देना, और क़त्ल करना। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके मैं गुनाह करना चाहता था, मैंने ख़ुद को यह सोचकर धोका दिया के मैं एक ही वक़्त में गुनाह कर सकता हूँ और हुक्म की तामील भी कर सकता हूँ, लेकिन ख़ुदा ने मुझे अपने से जुदा करके हुक्म की नाफ़रमानी के लिए सज़ा दिया। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἡ…ἁμαρτία

मेरी गुनाह करने की ख्वाहिश

ἀφορμὴν λαβοῦσα διὰ τῆς ἐντολῆς

पौलुस गुनाह का मोवाज़ना एक ऐसे शख्स से करता है जो काम कर सकता है। देखें आपने इसे रोमियों 7:8 में किस तरह तर्जुमा किया है।

ἀπέκτεινεν

पौलुस गुनाहगारों पर ख़ुदा की सज़ा के हुक्म का ज़िक्र करता है गोया बुनियादी तौर पर इसका अंजाम जिस्मानी मौत हुआ। मुतबादिल तर्जुमा: “इसने मुझे ख़ुदा से जुदा कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 7:12

ἅγιος

इख़लाकी तौर पर कामिल, बगैर गुनाह के

Romans 7:13

पौलुस अपने अंदरूनी इन्सान के अन्दर ख़ुदा की शरीअत के साथ उसके ज़हन और उसके अंदरूनी इन्सान में गुनाह के दरमियान कशमकश का ज़िक्र करता है- गुनाह और नेकी के दरमियान ।

οὖν

पुलिस एक नए मोज़ू का तआर्रुफ़ कर रहा है।

τὸ…ἀγαθὸν ἐμοὶ ἐγένετο θάνατος

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल ज़ोर देने के लिए करता है। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τὸ…ἀγαθὸν

यह ख़ुदा की शरीअत से मुराद है।

ἐμοὶ ἐγένετο θάνατος

मेरे मरने का सबब बना

μὴ γένοιτο

यह इज़हार से पिछले ख़तीबाना सवाल का सख्त तरीन मनफ़ी जवाब देता है। आपकी ज़बान में ऐसा ही इज़हार हो सकता है जिसका आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बिल्कुल वह सच नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἡ ἁμαρτία…μοι κατεργαζομένη θάνατον;

पौलुस गुनाह को देख रहा है गोया यह कोई शख्स था जो काम कर सकता था। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

μοι κατεργαζομένη θάνατον

मुझे ख़ुदा से जुदा कर दिया

διὰ τῆς ἐντολῆς

क्यूँके मैंने हुक्म की नाफ़रमानी की

Romans 7:15

पौलुस अपने अंदरूनी इन्सान के अन्दर ख़ुदा की शरीअत और उसके जिस्म के दरमियान कशमकश का ज़िक्र करता है-गुनाह और नेकी के दरमियान

ὃ γὰρ κατεργάζομαι, οὐ γινώσκω

मुझे यक़ीन नहीं है के मैं अपने कामों में से कुछ को क्यूँ करता हूँ

ὃ γὰρ κατεργάζομαι

क्यूँके जो मैं करता हूँ

οὐ…ὃ θέλω, τοῦτο πράσσω,

अल्फ़ाज़ “मैं नहीं करता” एक मुबालग़ा आराई हैं इस बात पर ज़ोर देने के लिए के पौलुस अक्सर जितनी दफ़ा चाहे वह नहीं करता जो वह करना चाहता है या अक्सर वह जो करना नहीं चाहता वही करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं हमेशा वह नहीं करता जो मैं करना चाहता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

ὃ μισῶ, τοῦτο ποιῶ.

अल्फ़ाज़ “मैं करता हूँ”, जिसके मानी है के वह हमेशा वही करता है जिसे करने से वह नफ़रत करता है, एक मुबालग़ा आराई हैं इस बात पर ज़ोर देने के लिए के पौलुस अक्सर जो करना नहीं चाहता वही करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो चीज़ें मैं जानता हूँ के अच्छी नहीं हैं ये वही चीज़ें हैं जो बाज़ औक़ात मैं करता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

Romans 7:16

εἰ δὲ…ποιῶ

ताहम, अगर मैं करूँ

σύνφημι τῷ νόμῳ

मैं जानता हूँ के ख़ुदा की शरीअत अच्छी है

Romans 7:17

ἡ ἐνοικοῦσα ἐν ἐμοὶ ἁμαρτία

पौलुस गुनाह का ज़िक्र एक जानदार के तौर पर करता है जो उस पर असर अन्दाज़ होने की ताक़त रखता है। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 7:18

τῇ σαρκί μου

यहाँ “जिस्म” गुनाहगार फ़ितरत के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरी गुनाहगार फ़ितरत” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 7:19

ἀγαθόν

नेक आमाल या “अच्छे काम”

κακὸν

बुरे आमाल या “बुरे काम”

Romans 7:20

ἀλλὰ ἡ οἰκοῦσα ἐν ἐμοὶ ἁμαρτία

पौलुस “गुनाह” का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा है और उसके अन्दर रह रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 7:21

ὅτι ἐμοὶ τὸ κακὸν παράκειται

पौलुस यहाँ “बुराई” का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा है और उसके अन्दर रह रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 7:22

τὸν ἔσω ἄνθρωπον

यह एक शख्स की नए सिरे से ज़िन्दा की गयी रूह है जो मसीह में भरोसा करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 7:23

βλέπω δὲ ἕτερον νόμον ἐν τοῖς μέλεσίν μου, ἀντιστρατευόμενον τῷ νόμῳ τοῦ νοός μου, καὶ αἰχμαλωτίζοντά με

मैं सिर्फ़ वही करने के क़ाबिल हूँ जो मेरी पुरानी फ़ितरत मुझसे करने को कहती है, उस नए तरीक़े से रहने को नहीं जिस तरह रूह दिखाता है

νόμῳ

यह रूहानी तौर से ज़िन्दा नई फ़ितरत है।

ἕτερον νόμον ἐν τοῖς μέλεσίν μου

यह पुरानी फ़ितरत है, जिस तरह लोग पैदा होने पर होते हैं।

τῷ νόμῳ τῆς ἁμαρτίας, τῷ ὄντι ἐν τοῖς μέλεσίν μου

मेरी गुनाहगार फ़ितरत

Romans 7:24

τίς με ῥύσεται ἐκ τοῦ σώματος τοῦ θανάτου τούτου

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल ज़बरदस्त जज़्बात का इज़हार करने के लिए करता है। अगर आपकी ज़बान में किसी निदा या सवाल के ज़रिये ज़बरदस्त जज़्बात दिखाने का तरीक़ा है, तो उसे यहाँ इस्तेमाल करें। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं चाहता हूँ के कोई मेरे जिस्म की ख्वाहिशात के क़ाबू से मुझे आज़ाद करे!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

με ῥύσεται

मुझे बचाओ

τοῦ σώματος τοῦ θανάτου τούτου

यह एक इस्तआरा है जिसके मानी है एक जिस्म जो जिस्मानी मौत का तजुरबा करेगा। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 7:25

χάρις τῷ Θεῷ διὰ Ἰησοῦ Χριστοῦ τοῦ Κυρίου ἡμῶν

यह 7:24 में सवाल का जवाब है।

ἄρα οὖν αὐτὸς ἐγὼ, τῷ μὲν νοῒ δουλεύω νόμῳ Θεοῦ; τῇ δὲ σαρκὶ, νόμῳ ἁμαρτίας

ज़हन और जिस्म का इस्तेमाल यहाँ यह दिखाने के लिए किया गया है के वो या तो गुनाह के उसूल या ख़ुदा की शरीअत की ख़िदमत का किस तरह मोवाज़ना करते हैं। ज़हन या अक्ल से कोई शख्स ख़ुदा को ख़ुश करने और इताअत करने का और जिस्म या जिस्मानी फ़ितरत से गुनाह की ख़िदमत करने का इन्तखाब कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरा ज़हन ख़ुदा को ख़ुश करने का इन्तखाब करता है, लेकिन मेरा जिस्म गुनाह की इताअत करने का इन्तखाब करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 8

रोमियों 08 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

इस बाब की पहली आयत उबूरी जुमला है। पौलुस बाब 7 के अपने तालीम का इख्तताम करता है और बाब 8 के अल्फ़ाज़ की तरफ़ जाता है।

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा आयत 36 के साथ करती है। पौलुस इन अल्फ़ाज़ को पुनाने अहदनामे से हवाला दिया है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

रूह की रिहाइश

कहा जाता है के रूह उल क़ुद्स किसी शख्स के अन्दर या उसके दिल में रहता है। अगर रूह मौज़ूद है, इससे ज़ाहिर होता है के शख्स नजात पाया हुआ है। (देखें: बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )

“ये ख़ुदा के बेटे हैं”

यिसू एक अनोखे तरीक़े में ख़ुदा का बेटा है। ख़ुदा मसीहियों को भी अपने फ़र्ज़न्द होने के लिए लेपालक बनाता है। (देखें: ख़ुदावन्द का बेटा, बेटा और लेपालक, गोद लेना, अपनाना )

पहले से मुक़र्रर किया जाना

कई उलेमा यक़ीन रखते हैं के पौलुस इस बाब में एक मज़मून पर तालीम देता है जिसे “पहले से मुक़र्रर किया जाना” के तौर पर जानते हैं। इसका ताल्लुक़ बाईबल के तसव्वर “पहले से मुक़र्रर करना” से है। बाज़ इसे इस निशानदेही के तौर पर लेते हैं के ख़ुदा ने, बाज़ लोगों को बिना-ए आलम से पेश्तर हमेशा के लिए बचाए जाने के लिए मुन्तखिब कर लिया है। इस मोज़ू पर बाईबल की तालीम की बाबत मसीहियों के मुख्तलिफ़ नज़रियात हैं। पस इस बाब का तर्जुमा करते वक़्त मुतर्जमीन को इज़ाफ़ी एहतियात की ज़रुरत है, खास तौर पर वजह के अनासिर के हवाले से। (देखें: पहले से ठहराना, पहले से ठहराया और बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

इस्तआरा

पौलुस शायराना तौर पर अपनी तालीमात को आयात 38 और 39 में तोसी इस्तआरा की शक्ल में पेश करता है। वह वज़ाहत करता है के किसी शख्स को मसीह में ख़ुदा की महब्बत से कुछ भी जुदा नहीं कर सकती। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

कोई सज़ा का हुक्म नहीं

नज़रियाती उलझन से गुरेज़ करने के लिए इस फ़िक़रे को एहतियात से तर्जुमा करना लाज़िम है। लोग अब भी उन के गुनाह के मुजरिम हैं। यहाँ तक के मसीह में ईमान लाने के बाद भी ख़ुदा गुनाह से काम करने को रद्द करता है। ख़ुदा अब भी ईमानदारों के गुनाहों की सज़ा देता है, लेकिन यिसू ने उनके गुनाह की सज़ा अदा कर दी है। यह वही है जो पौलुस यहाँ इज़हार करता है। लफ्ज़ “मुजरिम ठहराना” के कई मुमकिन मायने हैं। यहाँ पौलुस ज़ोर देता है के वह लोग जो यिसू में ईमान रखते हैं उन्हें अब “जहन्नुम में सज़ा” के ज़रिये उनके गुनाह की अब्दी सज़ा नहीं दी जाती है। (देखें: जुर्म , मुजरिम और ईमान और इल्ज़ाम लगाना ,मुजरिम, बुराई ,सज़ा का हुक्म )

जिस्म

यह एक पेचीदा मसअला है। “जिस्म” शायद हमारे गुनाहगार फ़ितरत के लिए एक इस्तआरा है। पौलुस यह तालीम नहीं दे रहा के हमारे जिस्मानी बदन गुनाहगार हैं। पौलुस यह तालीम देता हुआ दिखाई देता है के जब तक मसीही ज़िन्दा हैं (“जिस्म में”), हम गुनाह करते रहेंगे। लेकिन हमारी नई फ़ितरत हमारी पुरानी फ़ितरत के ख़िलाफ़ लड़ती रहेगी। (देखें: गोश्त )

Romans 8:1

पौलुस उस कशमकश का जवाब देता है जो उसे गुनाह और अच्छे के साथ है।

οὐδὲν ἄρα νῦν κατάκριμα τοῖς ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

यहाँ “सज़ा का हुक्म” से मुराद लोगों को सज़ा देने से है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग मसीह यिसू से जुड़ गए हैं ख़ुदा उन्हें मुजरिम नहीं ठहराएगा और सज़ा नहीं देगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἄρα

उस वजह से या “क्यूँके जो मैंने तुमसे अभी कहा सच है”

Romans 8:2

ὁ…νόμος τοῦ Πνεύματος τῆς ζωῆς ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

यह ख़ुदा की रूह से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह यिसू में ख़ुदा की रूह” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἠλευθέρωσέν σε ἀπὸ τοῦ νόμου τῆς ἁμαρτίας καὶ τοῦ θανάτου

गुनाह और मौत की शरीअत से आज़ाद होना गुनाह और मौत की शरीअत से क़ाबू न होने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह और मौत की शरीअत को अब तुम पर क़ाबू नहीं करने दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τοῦ νόμου τῆς ἁμαρτίας καὶ τοῦ θανάτου

जिसका यह हवाला देता है उसके मुमकिन मानी हैं 1) शरीअत, जो लोगों को गुनाह पर उकसाता है, और उनका गुनाह उनके मौत का सबब बनता है। मुतबादिल तर्जुमा: “शरीअत जो गुनाह और मौत का सबब है” या 2) यह उसूल के लोग गुनाह करते हैं और मरते हैं।

Romans 8:3

τὸ γὰρ ἀδύνατον τοῦ νόμου, ἐν ᾧ ἠσθένει διὰ τῆς σαρκός, ὁ Θεὸς

यहाँ शरीअत को एक शख्स के तौर पर बयान किया है जो गुनाह के ताक़त को न तोड़ सका। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके शरीअत में हमें गुनाह करने से रोकने की ताक़त नहीं है, क्यूँके हमारे अन्दर गुनाह की ताक़त काफ़ी मज़बूत थी। लेकिन ख़ुदा ने हमें गुनाह करने से रोक दिया” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

διὰ τῆς σαρκός

लोगों के गुनाहगार फ़ितरत की सबब से

τὸν ἑαυτοῦ Υἱὸν πέμψας, ἐν ὁμοιώματι σαρκὸς ἁμαρτίας, καὶ περὶ ἁμαρτίας, κατέκρινε τὴν ἁμαρτίαν

ख़ुदा के बेटे ने हमारे गुनाह के ख़िलाफ़ ख़ुदा के मुक़द्दस क़हर को अपना ख़ुद का बदन और इन्सानी ज़िन्दगी गुनाह की क़ुर्बानी के तौर पर देकर हमेशा के लिए मुतमईन किया।

Υἱὸν

ख़ुदा का बेटा, यह यिसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ἐν ὁμοιώματι σαρκὸς ἁμαρτίας

जो किसी दूसरे गुनाहगार इन्सान की मानिन्द दिखता था

καὶ περὶ ἁμαρτίας

ताके वह हमारे गुनाहों के लिए एक क़ुर्बानी के तौर पर मर सके

κατέκρινε τὴν ἁμαρτίαν ἐν τῇ σαρκί

ख़ुदा ने अपने बेटे के बदन के ज़रिये गुनाह की ताक़त को तोड़ दिया

Romans 8:4

τὸ δικαίωμα τοῦ νόμου πληρωθῇ ἐν ἡμῖν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो शरीअत का तक़ाज़ा है हम उसे पूरा कर सकते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τοῖς μὴ κατὰ σάρκα περιπατοῦσιν

रास्ते पर चलना इसके लिए एक इस्तआरा है के कोई शख्स किस तरह से अपनी ज़िन्दगी जीता है। जिस्म गुनाहगार इन्सानी फ़ितरत के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम जो अपने गुनाहगार ख्वाहिशात की इताअत नहीं करते” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-idiom)

ἀλλὰ κατὰ Πνεῦμα

लेकिन जो रूह उल क़ुद्स की इताअत करते हैं

Romans 8:6

पौलुस जिस्म का रूह से जो अब हमारे पास है इख्तलाफ़ ज़ाहिर करना ज़ारी रखता है

τὸ…φρόνημα τῆς σαρκὸς…τὸ δὲ φρόνημα τοῦ Πνεύματος

यहाँ पौलुस “जिस्म” और “रूह” दोनों का ज़िक्र करता है गोया वो ज़िन्दा अफ़राद थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह गुनाहगार लोग सोचते हैं ... जिस तरह रूह उल क़ुद्स से सुनने वाले लोग सोचते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

θάνατος

यहाँ इसके मानी है किसी शख्स की ख़ुदा से जुदाई।

Romans 8:8

οἱ…ἐν σαρκὶ ὄντες

यह उन लोगों से मुराद है जो वही करते हैं जो उनकी गुनाहगार फ़ितरत उनसे करने को कहती है।

Romans 8:9

ἐν σαρκὶ

अपनी गुनाहगार फ़ितरत के मुताबिक़ अमल करना। देखें रोमियों 8:5 में “जिस्म” का तर्जुमा किस तरह किया गया था।

ἐν Πνεύματι

रूह उल क़ुद्स के मुताबिक़ अमल करना

Πνεύματι,…Πνεῦμα Θεοῦ…Πνεῦμα Χριστοῦ

ये सब रूह उल क़ुद्स से मुराद हैं

εἴπερ

इस फ़िक़रे का यह मानी नहीं है के पौलुस इस बात पर शक़ करता है के उनमे से बाज़ के पास ख़ुदा की रूह है। पौलुस उनको चाहता है के महसूस करें के उन सब के पास ख़ुदा की रूह है। मुतबादिल तर्जुमा: “”चूँके” या “क्यूँके”

Romans 8:10

εἰ…Χριστὸς ἐν ὑμῖν

मसीह किसी शख्स के अन्दर किस तरह रहता है इसे वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर मसीह तुम्हारे अन्दर रूह उल क़ुद्स के ज़रिये रहता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τὸ μὲν σῶμα νεκρὸν διὰ ἁμαρτίαν

मुमकिन मानी हैं 1) शख्स गुनाह की ताक़त के लिए रूहानी तौर पर मुर्दा है या 2) जिस्मानी बदन गुनाह के सबब से फिर भी मर जायेगा। (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

τὸ…Πνεῦμα ζωὴ διὰ δικαιοσύνην

मुमकिन मानी हैं 1) एक शख्स रूहानी तौर पर ज़िन्दा है क्यूँके ख़ुदा ने उसे जो सहीह है वह करने की ताक़त दी है या 2) उस शख्स के मरने के बाद ख़ुदा उसे वापस दोबारा ज़िन्दा करेगा क्यूँके ख़ुदा रास्तबाज़ है और ईमानदारों को हमेशा की ज़िन्दगी देता है। (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

Romans 8:11

εἰ δὲ τὸ Πνεῦμα τοῦ ἐγείραντος τὸν Ἰησοῦν ἐκ νεκρῶν οἰκεῖ ἐν ὑμῖν, ὁ ἐγείρας ἐκ νεκρῶν Χριστὸν Ἰησοῦν ζῳοποιήσει καὶ τὰ θνητὰ σώματα ὑμῶν, διὰ τοῦ ἐνοικοῦντος αὐτοῦ Πνεῦμα ἐν ὑμῖν.

पौलुस फ़र्ज़ करता है के रूह उल क़ुद्स उसके कारअीन के अन्दर रहता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चूँके रूह ... तुम्हारे अन्दर रहता है”

τοῦ ἐγείραντος

ख़ुदा का, जिसने जिलाया

ἐγείραντος τὸν Ἰησοῦν

यहाँ जिलाना किसी को जो मर गया है उसे दोबारा ज़िन्दा करने के लिए एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “यिसू को दोबारा ज़िन्दा कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

τὰ θνητὰ σώματα

जिस्मानी बदन या “बदन, जो किसी दिन मर जायेंगे”

Romans 8:12

ἄρα οὖν

क्यूँके जो मैंने तुमसे अभी कहा सच है

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

ὀφειλέται ἐσμέν

पौलुस फरमाबरदारी का ज़िक्र कर रहा है गोया यह कोई क़र्ज़ अदा कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें फरमाबरदारी की ज़रुरत है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

οὐ τῇ σαρκὶ, τοῦ κατὰ σάρκα ζῆν

फिर से पौलुस फरमाबरदारी का ज़िक्र करता है गोया यह कोई क़र्ज़ अदा कर रहा हो। आप मफ़हूम लफ्ज़ “क़र्ज़दार” को शामिल कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन हम जिस्म के क़र्ज़दार नहीं हैं, और हमें हमारे गुनाहगार ख्वाहिशात की इताअत करने की ज़रुरत नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis और INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 8:13

εἰ γὰρ κατὰ σάρκα ζῆτε

क्यूँके अगर तुम सिर्फ़ अपनी गुनाहगार ख्वाहिशात को ख़ुश करने के लिए जीते हो

μέλλετε ἀποθνῄσκειν

तुम यक़ीनन ख़ुदा से जुदा कर दिए जाओगे

εἰ δὲ Πνεύματι τὰς πράξεις τοῦ σώματος θανατοῦτε

पौलुस “पुराने इन्सान” का मसीह के साथ मस्लूब होने का ज़िक्र उस शख्स के तौर पर करता है जो अपनी गुनाहगार ख्वाहिशात के लिए जिम्मेदार है। मुतबादिल तर्जुमा: लेकिन अगर तुम रूह उल क़ुद्स की ताक़त के ज़रिये अपने गुनाहगार ख्वाहिशात की इताअत करना बन्द कर दो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 8:14

ὅσοι γὰρ Πνεύματι Θεοῦ ἄγονται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: उन तमाम लोगों के लिए ख़ुदा का रूह जिन की रहनुमाई करता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

υἱοί Θεοῦ

यहाँ इसके मानी है यिसू में तमाम ईमानदार और अक्सर “ख़ुदा के फ़र्ज़न्द” के तौर पर तर्जुमा किया जाता है।

Romans 8:15

ἐν ᾧ κράζομεν

जो हमें पुकारने का सबब बनता है

Ἀββά, ὁ Πατήρ

अरामी ज़बान में अब्बा “बाप” है। (देखें: INVALID translate/translate-unknown और INVALID translate/translate-names)

Romans 8:17

κληρονόμοι μὲν Θεοῦ

पौलुस मसीही ईमानदारों का ज़िक्र करता है गोया वो किसी कुन्बे के रुकन से जायदाद और दौलत के वारिस होंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “हम भी एक दिन वह हासिल करेंगे जिसका ख़ुदा ने हमसे वादा किया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

συνκληρονόμοι…Χριστοῦ

पौलुस मसीही ईमानदारों का ज़िक्र करता है गोया वो किसी कुन्बे के रुकन से जायदाद और दौलत के वारिस होंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा हमें वही देगा जो वह मसीह को देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम भी वह हासिल करेंगे जिसका ख़ुदा ने हमसे और मसीह से एक साथ वादा किया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἵνα καὶ συνδοξασθῶμεν

ख़ुदा मसीही ईमानदारों की इज्ज़त करेगा जब वह मसीह की इज्ज़त करता है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “के ख़ुदा उसके साथ हमें जलाल दे सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 8:18

इस हिस्से में जो रोमियों 8:25 में ख़त्म होता है पौलुस हमें ईमानदारों के तौर पर याद दिलाता है के हमारे जिस्मों को हमारे जिस्मों के छुटकारे के वक़्त तब्दील किया जायेगा।

γὰρ

यह “मेरी दानिस्त में” पर ज़ोर देता है। इसके मानी “क्यूँके” नहीं है।

λογίζομαι…ὅτι οὐκ ἄξια τὰ παθήματα τοῦ νῦν καιροῦ, πρὸς

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं इस मौज़ूदा वक़्त की तकलीफ़ों का के साथ मोवाज़ना नहीं कर सकता” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἀποκαλυφθῆναι

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ज़ाहिर करेगा” या “ख़ुदा जानकारी देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 8:19

ἡ…ἀποκαραδοκία τῆς κτίσεως, τὴν…ἀπεκδέχεται

पौलुस हर एक शय जो ख़ुदा ने पैदा किया उसका बयान एक ऐसे शख्स के तौर पर करता है जो किसी चीज़ के लिए बेताबी से इन्तजार करता है।

τὴν ἀποκάλυψιν τῶν υἱῶν τοῦ Θεοῦ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उस वक़्त के लिए जब ख़ुदा अपने फ़र्ज़न्दों को ज़ाहिर करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

υἱῶν τοῦ Θεοῦ

यहाँ इसके मानी है यिसू में तमाम ईमानदार। आप इसे “ख़ुदा के फ़र्ज़न्द” के तौर पर भी तर्जुमा कर सकते हैं।

Romans 8:20

τῇ γὰρ ματαιότητι, ἡ κτίσις ὑπετάγη

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने जिन चीज़ों को पैदा किया उन्हें वो हासिल करने में नाकाबिल बना दिया जिसका उसने इरादा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

οὐχ ἑκοῦσα, ἀλλὰ διὰ τὸν ὑποτάξαντα

यहाँ पौलुस “मख्लूक़ात” को एक ऐसे शख्स के तौर पर बयान करता है जो ख्वाहिश कर सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए नहीं के तख्लीक़ शुदा चीज़ें यही चाहती थीं, बल्के इसलिए के ख़ुदा यही चाहता था” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 8:21

αὐτὴ ἡ κτίσις ἐλευθερωθήσεται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा मख्लूक़ात को बचाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἀπὸ τῆς δουλείας τῆς φθορᾶς

यहाँ फ़ना के क़ब्ज़े में होना यक़ीनी तौर पर फ़ना होने के लिए इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “फ़ना के ग़ुलाम होने की मानिंद से” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς τὴν ἐλευθερίαν τῆς δόξης τῶν τέκνων τοῦ Θεοῦ

यहाँ आज़ादी फ़ना की ग़ुलामी के बरअक्स है। यह एक इस्तआरा है जिसके मानी है के मख्लूक़ात फ़ना नहीं होगी। मुतबादिल तर्जुमा: “के यह ख़ुदा के फ़र्ज़न्दों की तरह फ़ना से जलाली तौर पर आज़ाद होगी।” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 8:22

οἴδαμεν γὰρ ὅτι πᾶσα ἡ κτίσις συνστενάζει καὶ συνωδίνει ἄχρι τοῦ νῦν

मख्लूक़ात का मोवाज़ना एक बच्चे को जन्म देने के दौरान कराहती हुई औरत से किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके हम जानते हैं के हर एक शय जिसे ख़ुदा ने पैदा किया आज़ाद होना चाहती है और इसके लिए जन्म देने वाली औरत की मानिन्द कराहती है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 8:23

υἱοθεσίαν ἀπεκδεχόμενοι, τὴν ἀπολύτρωσιν τοῦ σώματος ἡμῶν

यहाँ “हमारा लेपालक होना” का मतलब है जब हम लेपालक फ़र्ज़न्दों की तरह ख़ुदा के कुन्बे के मुकम्मल अरकान बन जायें। लफ्ज़ “मख़लसी” के मानी है जब ख़ुदा हमें नजात देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उस वक़्त के लिए इन्तजार कर रहे हैं जब हम मुकम्मल तौर पर ख़ुदा के कुन्बे के अरकान हों और वह हमारे बदन को फ़ना और मौत से बचाता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 8:24

τῇ γὰρ ἐλπίδι ἐσώθημεν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हमें बचाया क्यूँके हमने उसमे उम्मीद रख्खा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐλπὶς δὲ βλεπομένη, οὐκ ἔστιν ἐλπίς; ὃ γὰρ βλέπει τις, ἐλπίζει

पौलुस अपने सामअीन को समझने में मदद के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है के “उम्मीद” क्या है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अगर हम ऐतिमाद से इन्तजार कर रहे हैं, इसके मानी है हमारे पास अब तक वह नहीं है जो हम चाहते हैं। कोई भी ऐतिमाद से इन्तजार नहीं कर सकता अगर जो वह चाहता है उसके पास पहले से हो” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 8:26

अगरचे पौलुस ज़ोर देता रहा है के ईमानदारों में जिस्म और रूह के दरमियान एक कशमकश है, वह तस्दीक़ करता है के रूह हमारी मदद कर रहा है।

στεναγμοῖς ἀλαλήτοις

ऐसी आहें जिन्हें हम लफ़्ज़ों में बयान नहीं कर सकते

Romans 8:27

ὁ…ἐραυνῶν τὰς καρδίας

यहाँ “वह” से मुराद ख़ुदा है। यहाँ “दिलों” किसी शख्स के ख्यालात और जज़्बात के लिए एक मजाज़ी है। फ़िक़रा “दिलों का परखनेवाला” ख्यालात और जज़्बात की जाँच करने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा, जो हमारे तमाम ख्यालात और जज़्बात को जानता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 8:28

पौलुस ईमानदारों को याद दिलाता है के उन्हें ख़ुदा की महब्बत से कुछ भी जुदा नहीं कर सकती।

τοῖς…κλητοῖς οὖσιν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनके लिए जिन्हें ख़ुदा ने मुन्तखिब किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 8:29

οὓς προέγνω

जिन्हें वह पैदा करने के पहले से ही जनता था

καὶ προώρισεν

उसने इसे उनका मुक़द्दर भी बनाया या “उसने पहले से मन्सूबा बन्दी भी की थी”

συμμόρφους τῆς εἰκόνος τοῦ Υἱοῦ αὐτοῦ

तख्लीक़ की इब्तदा से पेश्तर ख़ुदा ने उन लोगों को जो ख़ुदा के बेटे यिसू में ईमान रखते हैं ऐसे अफ़राद में बढ़ने के लिए मन्सूबा बन्दी की जो यिसू की मानिन्द हों। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “के वह उनको अपने बेटे की तरह बनाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Υἱοῦ

ख़ुदा का बेटा, यह यिसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

εἰς τὸ εἶναι αὐτὸν πρωτότοκον

ताके उसका बेटा पहलौठा ठहरे

ἐν πολλοῖς ἀδελφοῖς

यहाँ “भाईयों” तमाम ईमानदारों से है, आदमी और औरत दोनों। मुतबादिल तर्जुमा: तमाम भाईयों और बहनों के दरमियान जो ख़ुदा के कुन्बे से ताल्लुक़ रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 8:30

οὓς…προώρισεν

वो जिनके लिए ख़ुदा ने पहले से मन्सूबा बन्दी की

τούτους καὶ ἐδικαίωσεν

यहाँ “रास्तबाज़ ठहराया” इस पर ज़ोर देने के लिए फ़अल माज़ी में है के यह यक़ीनन होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्हें उसने अपने साथ रास्त भी करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τούτους καὶ ἐδόξασεν

लफ्ज़ “जलाल बख्शा” इस पर ज़ोर देने के लिए फ़अल माज़ी में है के यह यक़ीनन होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “इन्हें वह जलाल भी बख्शेगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 8:31

τί οὖν ἐροῦμεν πρὸς ταῦτα? εἰ ὁ Θεὸς ὑπὲρ ἡμῶν, τίς καθ’ ἡμῶν

पौलुस उस मरकज़ी नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए सवालात का इस्तेमाल करता है जो उसने पहले कहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें इन सब से यह जानना चाहिए: चूँके ख़ुदा हमारी मदद कर रहा है, कोई भी हमें शिकस्त नहीं दे सकता” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 8:32

ὅς γε τοῦ ἰδίου Υἱοῦ οὐκ ἐφείσατο

इन्सानियत के गुनाह के ख़िलाफ़ ख़ुदा की बे इन्तहा पाक फ़ितरत को मुतमईन करने के लिए ख़ुदा बाप ने ख़ुदा के बेटे, यिसू मसीह को पाक, बे इन्तहा क़ुर्बानी के तौर पर सलीब पर भेजा। यहाँ “बेटा” यिसू के लिए एक अहम ख़िताब है, ख़ुदा का बेटा। (देखें: INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

ἀλλὰ…παρέδωκεν αὐτόν

लेकिन उसे उसके दुश्मनों के हवाले कर दिया

πῶς οὐχὶ καὶ σὺν αὐτῷ, τὰ πάντα ἡμῖν χαρίσεται

पौलुस ज़ोर देने के लिए सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह यक़ीनन और मुफ़्त तौर पर सब चीज़ें देगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τὰ πάντα ἡμῖν χαρίσεται

मेहरबानी से हमें सब चीज़ें देगा

Romans 8:33

τίς ἐγκαλέσει κατὰ ἐκλεκτῶν Θεοῦ? Θεὸς ὁ δικαιῶν

पौलुस ज़ोर देने के लिए सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के सामने हम पर कोई इल्ज़ाम नहीं लगा सकता क्यूँके वही है जो हमें अपने साथ रास्त बनाता है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 8:34

τίς ὁ κατακρινῶν

पौलुस ज़ोर देने के लिए सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई हम पर इल्ज़ाम नहीं लगाएगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ὅς, καί ἐστιν ἐν δεξιᾷ τοῦ Θεοῦ

“ख़ुदा की दहनी तरफ़” होना ख़ुदा से अज़ीम इज्ज़त और इख्तियार हासिल करने का एक अलामती अमल है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा के पास इज्ज़त के मक़ाम पर है” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

Romans 8:35

τίς ἡμᾶς χωρίσει ἀπὸ τῆς ἀγάπης τοῦ Χριστοῦ

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल यह तालीम देने के लिए करता है के हमें मसीह की महब्बत से कुछ भी जुदा नहीं कर सकती। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें कभी भी मसीह की महब्बत से कोई भी जुदा नहीं करेगा!” या “हमें कभी भी मसीह की महब्बत से कुछ भी जुदा नहीं करेगा!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

θλῖψις, ἢ στενοχωρία, ἢ διωγμὸς, ἢ λιμὸς, ἢ γυμνότης, ἢ κίνδυνος, ἢ μάχαιρα

अल्फ़ाज़ “मसीह की महब्बत से हमें जुदा करेगा” पिछले सवाल से समझे गए हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्या मुसीबत, या तंगी, या ज़ुल्म, या काल, या नंगापन, या ख़तरा, या तलवार हमें मसीह की महब्बत से जुदा करेगा?” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

θλῖψις, ἢ στενοχωρία, ἢ διωγμὸς, ἢ λιμὸς, ἢ γυμνότης, ἢ κίνδυνος, ἢ μάχαιρα

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इस पर ज़ोर देने के लिए करता है के यहाँ तक के ये चीज़ें भी हमें मसीह की महब्बत से जुदा नहीं कर सकतीं। मुतबादिल तर्जुमा: “यहाँ तक के मुसीबत, या तंगी, या ज़ुल्म, या काल, या नंगापन, या ख़तरा, या तलवार हमें मसीह की महब्बत से जुदा नहीं कर सकते”। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

θλῖψις, ἢ στενοχωρία, ἢ διωγμὸς, ἢ λιμὸς, ἢ γυμνότης, ἢ κίνδυνος, ἢ μάχαιρα

ख़ुलासा इस्म फ़अल के फ़िक़रे के साथ इज़हार किया जा सकता है। यहाँ “तलवार” एक मजाज़ी है जो तशद्दुद से मारे जाने की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “चाहे लोग हमारे लिए मुसीबत पैदा करें, हमें चोट पहुँचाएँ, हमारे खाने और कपड़े छीन लें, वो हमें मसीह की महब्बत से जुदा नहीं कर सकते”। (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-metonymy)

θλῖψις, ἢ στενοχωρία

इस दोनों अल्फ़ाज़ के मानी यकसां है। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Romans 8:36

ὅτι ἕνεκεν σοῦ

यहाँ “तेरी” वाहिद है और ख़ुदा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “तेरे लिए” (देखें: INVALID translate/figs-you)

θανατούμεθα ὅλην τὴν ἡμέραν

यहाँ “हम” से मुराद वह शख्स है जिसने सहीफ़े के इस हिस्से को लिखा, लेकिन उसके सामअीन नहीं, जो के ख़ुदा था। फ़िक़रा “दिन भर” एक मुबालग़ा आराई है इस पर ज़ोर देने के लिए के वो कितने ख़तरे में हैं। पौलुस सहीफ़े के इस हिस्से का इस्तेमाल यह ज़ाहिर करने के लिए करता है के ख़ुदा से ताल्लुक़ रखने वाले सब को मुश्किल वक़्त की उम्मीद करनी चाहिए। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे दुश्मन हमें मारने के लिए मुसलसल कोशिश करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-inclusive और INVALID translate/figs-hyperbole और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐλογίσθημεν ὡς πρόβατα σφαγῆς

यहाँ पौलुस उन लोगों का मोवाज़ना मवेशियों से कर रहा है जिन्हें लोग ख़ुदा के वफादार होने के सबब से क़त्ल कर देते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हमारे जानों की उनके लिए उन भेड़ों से ज़ियादा क़ीमत नहीं है जिन्हें वो मारते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-simile और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 8:37

ὑπερνικῶμεν

हमारी मुकम्मल फ़तह है

διὰ τοῦ ἀγαπήσαντος ἡμᾶς

यिसू ने जिस क़िस्म की महब्बत का इज़हार किया आप इसे वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यिसू के सबब से, जो हमसे इतनी महब्बत करता था के हमारे लिए मरने को तैयार था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 8:38

πέπεισμαι

मुझे यक़ीन है या “मुझे ऐतिमाद है”

ἀρχαὶ

मुमकिन मानी हैं 1) बदरूहें या 2) इन्सानी बादशाह और हुक्मरान।

οὔτε δυνάμεις

मुमकिन मानी हैं 1) ताक़त वाले रूहानी मख्लूक़ या 2) ताक़त वाले इन्सान।

Romans 9

रोमियों 09 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

इस बाब में, पौलुस जिस के बारे में तालीम दे रहा है उसे बदलता है। बाब 9-11 में, वह इस्राएल की क़ौम पर तवज्जो देता है।

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा इस बाब के आयात 25-29 और 33 के साथ करता है। पौलुस इन तमाम अल्फ़ाज़ को पुराने अहदनामे से हवाला देता है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

जिस्म

पौलुस इस बाब में लफ्ज़ “जिस्म” का इस्तेमाल सिर्फ़ इस्राएलियों का हवाला देने के लिए करता है, वह लोग जो जिस्मानी तौर पर याक़ूब के ज़रिये अब्राहम की नस्ल से थे जिसे ख़ुदा ने इस्राएल नाम दिया था। (देखें: गोश्त )

दीगर अबवाब में, पौलुस साथी मसीहियों से मुराद के लिए लफ्ज़ “भाई” इस्तेमाल करता है। ताहम, इस बाब में, वह “मेरे भाईयों” का इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों इस्राएली लोगों के लिए करता है। पौलुस उन लोगों का जो यिसू में ईमान रखते हैं उन्हें “ख़ुदा के फ़र्ज़न्द” और “वायदे के फ़र्ज़न्द” के तौर पर हवाला देता है।

पहले से मुक़र्रर किया जाना

कई उलेमा यक़ीन रखते हैं के पौलुस इस बाब में एक मज़मून पर तालीम देता है जिसे “पहले से मुक़र्रर किया जाना” के तौर पर जानते हैं। इसका ताल्लुक़ बाईबल के तसव्वर “पहले से मुक़र्रर करना” से है। बाज़ इसे इस निशानदेही के तौर पर लेते हैं के ख़ुदा ने, बाज़ लोगों को बिना-ए आलम से पेश्तर हमेशा के लिए बचाए जाने के लिए मुन्तखिब कर लिया है। इस मोज़ू पर बाईबल की तालीम की बाबत मसीहियों के मुख्तलिफ़ नज़रियात हैं। पस इस बाब का तर्जुमा करते वक़्त मुतर्जमीन को इज़ाफ़ी एहतियात की ज़रुरत है। (देखें: पहले से ठहराना, पहले से ठहराया और बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार
ठेस लगने का पत्थर

पौलुस वज़ाहत करता है के जबके बाज़ ग़ैर-क़ौमों ने यिसू को उसमे ईमान रखने के ज़रिये अपने नजातदहिन्दा के तौर पर क़बूल किया है, ज़ियादातर यहूदी अपनी नजात को कमाने की कोशिश कर रहे थे और पस यिसू को मुस्तरद कर दिया। पौलुस, पुराने अहदनामे का हवाला देते हुए, यिसू को एक ऐसे पत्थर के तौर पर बयान करता है जिस पर चलते हुए यहूदी ठोकर खाते हैं। यह “ठेस लगने का पत्थर” उनके “गिरने” का सबब बनता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

“इस्राएल में हर कोई नहीं है जो वाक़ई इस्राएल से ताल्लुक़ रखता है”

पौलुस इस आयत में लफ्ज़ “इस्राएल” का इस्तेमाल दो मुख्तलिफ़ मायनों में करता है। पहला “इस्राएल” का मतलब याक़ूब के ज़रिये अब्राहम की जिस्मानी नस्ल। दूसरा “इस्राएल” का मतलब वो जो ईमान के ज़रिये ख़ुदा के लोग हैं। UST इसकी अक्कासी करता है।

Romans 9:1

पौलुस अपनी ज़ाती ख्वाहिश बताता है के इस्राएल की क़ौम के लोग नजात पाएंगे। फिर वह उन मुख्तलिफ़ तरीक़ों पर ज़ोर देता है जिसमे ख़ुदा ने उन्हें ईमान लाने के लिए तैयार किया है।

ἀλήθειαν λέγω ἐν Χριστῷ, οὐ ψεύδομαι

इन दो तासरात के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है। पौलुस इनका इस्तेमाल इस पर ज़ोर देने के लिए करता है के वह जो बता रहा है सच है। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

συνμαρτυρούσης μοι τῆς συνειδήσεώς μου ἐν Πνεύματι Ἁγίῳ

रूह उल क़ुद्स मेरी ज़मीर पर क़ाबू रखता है और मेरी बातों की तस्दीक़ करता है

Romans 9:2

ὅτι λύπη μοί ἐστιν μεγάλη, καὶ ἀδιάλειπτος ὀδύνη τῇ καρδίᾳ μου

यहाँ “मेरे दिल में मुसलसल दर्द” एक मुहावरा है जिसे पौलुस अपनी जज़्बाती तकलीफ़ को शरीक करने के लिए इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तुम्हें बताता हूँ के मैं बहुत ज़ियादा और गहराई से ग़म करता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

λύπη…μεγάλη, καὶ ἀδιάλειπτος ὀδύνη

इन दो तासरात के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है। पौलुस इनका इस्तेमाल एक साथ इस पर ज़ोर देने के लिए करता है के उसके जज़्बात कितने अज़ीम हैं। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

Romans 9:3

ηὐχόμην γὰρ ἀνάθεμα εἶναι αὐτὸς, ἐγὼ ἀπὸ τοῦ Χριστοῦ ὑπὲρ τῶν ἀδελφῶν μου, τῶν συγγενῶν μου, κατὰ σάρκα

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ज़ाती तौर पर ख़ुदा की मुझ पर लानत भेजने और, हमेशा के लिए मसीह से जुदा करने के लिए तैयार हूँगा अगर इससे मेरे साथी इस्राएलियों को, मेरे अपने लोगों के जमाअत को, मसीह में ईमान लाने में मदद मिलेगी” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῶν ἀδελφῶν

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

Romans 9:4

οἵτινές εἰσιν Ἰσραηλεῖται

वो, मेरी तरह, इस्राएली हैं। ख़ुदा ने उनको याक़ूब की नस्ल होने के लिए मुन्तखिब किया

ὧν ἡ υἱοθεσία

यहाँ पौलुस “लेपालक होने” का इस्तआरा इस बात की निशानदेही के लिए इस्तेमाल करता है के इस्राएली ख़ुदा के फ़र्ज़न्दों की तरह हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनके पास ख़ुदा बाप के तौर पर है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 9:6

पौलुस ज़ोर देता है के वो जो इस्राएल के ख़ानदान में पैदा हुए हैं वाक़ई में सिर्फ़ ईमान के ज़रिये ही इस्राएल का सच्चा हिस्सा हो सकते हैं।

οὐχ οἷον δὲ, ὅτι ἐκπέπτωκεν ὁ λόγος τοῦ Θεοῦ

लेकिन ख़ुदा अपने वादों को बरक़रार रखने में नाकाम नहीं हुआ है या “ख़ुदा ने अपने वायदों पर अमल किया है”

οὐ γὰρ πάντες οἱ ἐξ Ἰσραήλ οὗτοι, Ἰσραήλ

ख़ुदा ने इस्राएल (या याक़ूब) के सारे जिस्मानी औलाद से अपने वायदे नहीं किये, बल्के उसके रूहानी औलाद से, यानी वो जो यिसू में एतिमाद रखते हैं।

Romans 9:7

οὐδ’ ὅτι εἰσὶν σπέρμα Ἀβραάμ πάντες τέκνα

न तो वो ख़ुदा के फ़र्ज़न्द सिर्फ़ इसलिए हैं के वो अब्राहम की औलाद हैं

Romans 9:8

οὐ τὰ τέκνα τῆς σαρκὸς,

यहाँ “जिस्मानी फ़र्ज़न्द” एक मजाज़ी है जो अब्राहम के जिस्मानी औलाद का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अब्राहम के सारे औलाद नहीं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ταῦτα τέκνα τοῦ Θεοῦ

यह एक इस्तआरा है जिससे मुराद वह लोग हैं जो रूहानी औलाद हैं, वो जो यिसू में ईमान रखते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὰ τέκνα τῆς ἐπαγγελίας

इससे मुराद वह लोग हैं जो उन वायदों के वारिस होंगे जिन्हें ख़ुदा ने अब्राहम को दिया था।

Romans 9:9

ἐπαγγελίας…ὁ λόγος οὗτος

ये वो अल्फ़ाज़ हैं जिन्हें ख़ुदा ने वादा करते वक़्त इस्तेमाल किया

ἔσται τῇ Σάρρᾳ υἱός

आप यह ज़ाहिर करने के लिए के ख़ुदा सारह को एक बेटा देगा इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं सारह को एक बेटा दूँगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 9:10

τοῦ πατρὸς ἡμῶν

पौलुस इज्हाक़ का हवाला “हमारे बाप” के तौर पर देता है क्यूँके इज्हाक़ पौलुस और रोम में यहूदी ईमानदारों का अबावो अजदाद था। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

κοίτην, ἔχουσα

हामिला थी

Romans 9:11

μήπω γὰρ γεννηθέντων, μηδὲ πραξάντων τι ἀγαθὸν ἢ φαῦλον

इससे पहले के बच्चे पैदा हुए और इससे पहले के उन्होंने कुछ किया था, ख्वाह अच्छा या बुरा

ἵνα ἡ κατ’ ἐκλογὴν πρόθεσις τοῦ Θεοῦ μένῃ

ताके ख़ुदा जो अपनी पसन्द के मुताबिक़ चाहता है के हो वह होगा

μήπω γὰρ γεννηθέντων

बच्चों के पैदा होने से पहले

μηδὲ πραξάντων τι ἀγαθὸν ἢ φαῦλον

इस वजह से नहीं के उन्होंने कुछ किया था

Romans 9:12

ख़ुदा की वजह से

ἐκ τοῦ

आपकी ज़बान में इस आयत को आयत 10 और आयत 11 के दरमियान रखना ज़रूरी हो सकता है: “हमारा बाप इज्हाक़, उससे यह कहा गया था, ‘बड़ा छोटे की ख़िदमत करेगा’। अब जबके बच्चे अभी तक पैदा नहीं हुए थे और अब तक कोई नेकी या बदी नहीं की थी, लेकिन ताके ख़ुदा का मक़सद उसकी पसन्द के मुताबिक़ पूरा हो सके-आमाल की वजह से नहीं, बलके उसकी वजह से जो बुलाता है। यह ठीक है।

ἐρρέθη αὐτῇ, ὅτι ὁ μείζων δουλεύσει τῷ ἐλάσσονι

ख़ुदा ने रिब्क़ा से कहा, ‘बड़ा बेटा छोटे बेटे की ख़िदमत करेगा’

Romans 9:13

τὸν Ἰακὼβ ἠγάπησα, τὸν δὲ Ἠσαῦ ἐμίσησα

लफ्ज़ “नफ़रत” एक मुबालग़ा आराई है। ख़ुदा ने जितना प्यार ऐसौ से किया उससे कहीं ज़ियादा प्यार याक़ूब से किया। उसने लफ्ज़ी तौर पर ऐसौ से नफ़रत नहीं करता था। (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

Romans 9:14

τί οὖν ἐροῦμεν

पौलुस अपने कारअीन की तवज्जो हासिल करने के लिए सवाल का इस्तेमाल कर रहा है। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ γένοιτο

यह मुमकिन नहीं है! या “यक़ीनन नहीं!” यह इज़हार सख्ती से इन्कार करता है के ऐसा हो सकता है। आपकी ज़बान में ऐसा ही इज़हार हो सकता है जिसे आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं।

Romans 9:15

τῷ Μωϋσεῖ γὰρ λέγει

पौलुस मूसा का ख़ुदा के साथ बात करने की बाबत ज़िक्र करता है गोया यह मौजूदा वक़्त में किया जा रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने मूसा से कहा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 9:16

οὐ τοῦ θέλοντος, οὐδὲ τοῦ τρέχοντος

यह इसकी वजह से नहीं है के लोग क्या चाहते हैं या क्यूँके वो सख्त कोशिश करते हैं

οὐδὲ τοῦ τρέχοντος

पौलुस एक शख्स का ज़िक्र करता है जो ख़ुदा का एहसान हासिल करने के लिए अच्छी चीजें करता है गोया वह शख्स कोई दौड़, दौड़ रहा हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 9:17

λέγει γὰρ ἡ Γραφὴ

यहाँ सहीफ़े को मुजस्सम क़रार दिया गया है गोया ख़ुदा फ़िरऔन ने बात कर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “सहीफ़ा दर्ज करता है के ख़ुदा ने कहा” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἐξήγειρά…ἐνδείξωμαι…μου

ख़ुदा अपने आप का हवाला दे रहा है।

σε

वाहिद (देखें: INVALID translate/figs-you)

ἐξήγειρά σε

खड़ा किया यहाँ “किसी चीज़ को वह बनाना जो वह है” के लिए एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने तुझे ताक़तवर आदमी बनाया है जो तू है” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

ὅπως διαγγελῇ τὸ ὄνομά μου

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके लोग मेरे नाम का ऐलान करें” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸ ὄνομά μου

यह मजाज़ी हवाला देता है या तो 1) ख़ुदा का अपने पूरे वज़ूद में। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मैं हूँ” या 2) उसकी शोहरत का। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं कितना अज़ीम हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν πάσῃ τῇ γῇ

जहाँ कहीं भी लोग हैं (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

Romans 9:18

ὃν δὲ θέλει, σκληρύνει

ख़ुदा जिसको ज़िद्दी बनाना चाहता है उसे ज़िद्दी बनाता है।

Romans 9:19

ἐρεῖς μοι οὖν

पौलुस अपने तालीम के नक्कादों से बात कर रहा है गोया वह सिर्फ़ एक शख्स से बात कर रहा हो। आपको यहाँ जमा के इस्तेमाल की ज़रुरत हो सकती है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

τί οὖν ἔτι μέμφεται? τῷ γὰρ βουλήματι αὐτοῦ, τίς ἀνθέστηκεν

ये ख़तीबाना सवाल ख़ुदा के ख़िलाफ़ शिकायतें हैं। आप इन्हें सख्त बयानात के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""उसे हमारे साथ कोई ग़लती नहीं मिलनी चाहिए। अब तक कोई भी उसकी मर्ज़ी का मुक़ाबला नहीं कर सका”। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μέμφεται…αὐτοῦ

अल्फ़ाज़ “वह” और “उसके” यहाँ ख़ुदा से मुराद हैं।

τῷ…βουλήματι αὐτοῦ…ἀνθέστηκεν

... उसे ऐसा करने से रोक दिया जो वह करना चाहता था

Romans 9:20

μὴ ἐρεῖ τὸ πλάσμα, τῷ πλάσαντι, τί με ἐποίησας οὕτως

तख्लीक़ दार का हक़ है के वह अपनी तख्लीक़ के साथ जो चाहे करे, के लिए पौलुस एक इस्तारे के तौर पर कुम्हार के हक़ का इस्तेमाल करता है, किसी भी क़िस्म का बर्तन बनाने के लिए जो वह मिट्टी से चाहता है। पौलुस अपने नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए सवालात पूछता है। इसे एक सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे किसी शख्स ने तश्कील दिया हो उसे तश्कील देने वाले से कभी नहीं कहना चाहिए, ‘......ऐसा क्यों बनाया?’” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-rquestion)

τί με ἐποίησας οὕτως

यह सवाल एक डाँट है और सख्त बयान के तौर पर तर्जुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें मुझे इस तरह नहीं बनाना चाहिए था!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 9:21

ἢ οὐκ ἔχει ἐξουσίαν ὁ κεραμεὺς τοῦ πηλοῦ, ἐκ τοῦ αὐτοῦ φυράματος ποιῆσαι ὃ μὲν εἰς τιμὴν σκεῦος, ὃ δὲ εἰς ἀτιμίαν

यह ख़तीबाना सवाल एक डाँट है। मुतबादिल तर्जुमा: “यक़ीनन कुम्हार को हक़ है ... रोज़ाना इस्तेमाल के लिए”। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 9:22

σκεύη ὀργῆς

पौलुस लोगों का ज़िक्र करता है गोया वो बर्तन थे। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग जो ग़ज़ब के मुस्तहक़ हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 9:23

γνωρίσῃ…αὐτοῦ

अल्फ़ाज़ “वह” और “उसके” ख़ुदा से मुराद हैं।

σκεύη ἐλέους

पौलुस लोगों का ज़िक्र करता है गोया वो बर्तन थे। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग जो रहम के मुस्तहक़ हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸν πλοῦτον τῆς δόξης αὐτοῦ ἐπὶ

यहाँ पौलुस ख़ुदा की हैरत अंगेज़ हरकतों को अज़ीम “दौलतों” से मोवाज़ना करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसका जलाल, जिसकी क़ीमत अज़ीम हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἃ προητοίμασεν εἰς δόξαν

यहाँ “जलाल” से मुराद ख़ुदा के साथ आसमान में ज़िन्दगी है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्हें उसने वक़्त से पहले तैयार किया ताके उसके साथ रह सकें” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 9:24

καὶ…ἡμᾶς

यहाँ लफ्ज़ “हमें” से मुराद पौलुस और साथी ईमानदार हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἐκάλεσεν

यहाँ “बुलाया” के मानी है के ख़ुदा ने लोगों को उसके फ़र्ज़न्द होने के लिए, यिसू के ज़रिये उसके नजात के पैग़ाम के ख़ादिम और मुनादी करने वाले होने लिए मुक़र्रर या मुन्तखिब किया है।

Romans 9:25

इस हिस्से में पौलुस वज़ाहत करता है के किस तरह एक क़ौम के तौर पर इस्राएल की बे ऐतबारी को वक़्त से पहले होसेअ नबी के ज़रिये बताया गया था।

ὡς καὶ ἐν τῷ Ὡσηὲ λέγει

यहाँ “वह” ख़ुदा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह ख़ुदा भी उस किताब में कहता है जिसे होसेअ ने लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τῷ Ὡσηὲ

होसेअ एक नबी था।(देखें: INVALID translate/translate-names)

καλέσω τὸν οὐ λαόν μου, λαόν μου

मैं अपने लोग होने के लिए उनको मुन्तखिब करुँगा जो मेरे लोग नहीं थे

τὴν οὐκ ἠγαπημένην, ἠγαπημένην

यहाँ “उसे” होसेअ की बीवी, जुमर से मुराद है जो इस्राएल के क़ौम की नुमाइंदगी करती है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं वह होने के लिए जिसे मैं प्यार करता हूँ उसे मुन्तखिब करूँगा जिससे मुझे प्यार नहीं था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 9:26

υἱοὶ Θεοῦ ζῶντος

लफ्ज़ “ज़िन्दा” से मुराद इस हक़ीक़त से हो सकता है के ख़ुदा ही सिर्फ़ सच्चा ख़ुदा है, और झूटे बुतों की मानिन्द नहीं। मुतबादिल तर्जुमा: “सच्चे ख़ुदा के फ़र्ज़न्द”

Romans 9:27

κράζει

पुकारता है

ὡς ἡ ἄμμος τῆς θαλάσσης

यहाँ पौलुस इस्राएल के लोगों की तादाद का मोवाज़ना समुन्दर में रेत के ज़र्रों की तादाद से करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “गिनने के लिए बहुत ज़ियादा” (देखें: INVALID translate/figs-simile)

σωθήσεται

पौलुस लफ्ज़ “बचेंगे” का इस्तेमाल रूहानी मायनों में करता है। अगर ख़ुदा किसी शख्स को बचाता है, इसके मानी है के यिसू मसीह की सलीब पर मौत में ईमान के वसीले से, ख़ुदा ने उसे मुआफ़ कर दिया और उसे उसके गुनाह के लिए सज़ा मिलने से बचा लिया। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा बचाएगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 9:28

λόγον…ποιήσει Κύριος ἐπὶ τῆς γῆς

यहाँ “फ़रमान” से मुराद है के किस तरह ख़ुदा ने लोगों को सज़ा देने का फ़ैसला किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द लोगों को ज़मीन पर उसी के मुताबिक़ सज़ा देगा जैसा उसने कहा है”

Romans 9:29

ἡμῖν…ν ἐγενήθημεν

यहाँ अल्फ़ाज़ “हमें” और “हम” से मुराद यसायाह और जिनसे उसने बोला वो हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ὡς Σόδομα ἂν ἐγενήθημεν, καὶ ὡς Γόμορρα ἂν ὡμοιώθημεν

ख़ुदा ने सदोम और अमूरा के सारे लोगों को उनके गुनाह की वजह से मार दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “हम सब सदोम और अमूरा के लोगों की तरह तबाह हो सकते थे” या “ख़ुदा हम सब को उसी तरह तबाह कर सकता था, जिस तरह उसने सदोम और अमूर के शहरों को तबाह किया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 9:30

τί οὖν ἐροῦμεν

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल अपने कारअीन की तवज्जो हासिल करने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें यही कहना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ὅτι ἔθνη

हम कहेंगे के ग़ैर-क़ौमें

τὰ μὴ διώκοντα δικαιοσύνην

जो ख़ुदा को ख़ुश करने की कोशिश नहीं कर रही थीं

δικαιοσύνην…τὴν ἐκ πίστεως

यहाँ “ईमान से” किसी का मसीह पर भरोसा करने से मुराद है। आप अपने तर्जुमा में इसे वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने उन्हें अपने साथ रास्त बना दिया जब उन्होंने मसीह में भरोसा किया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 9:31

οὐκ ἔφθασεν

इसके मानी है के इस्राएली शरीअत को क़ायम रखने की कोशिश के ज़रिये ख़ुदा को ख़ुश नहीं कर सके। आप अपने तर्जुमा में इसे वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “शरीअत को क़ायम रखने की कोशिश के ज़रिये ख़ुदा को ख़ुश करने के क़ाबिल न थे क्यूँके वो इसे क़ायम नहीं रख सके” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 9:32

διὰ τί

यह एक निशाने हज़फ़ है। आप अपने तर्जुमे में मफ़हूम अल्फ़ाज़ को शामिल कर सकते हैं। पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल अपने कारअीन की तवज्जो हासिल करने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो क्यूँ रास्तबाज़ी हासिल न कर सके?” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis और INVALID translate/figs-rquestion)

ὡς ἐξ ἔργων

यह उन चीज़ों का हवाला देता है जिन्हें लोग ख़ुदा को ख़ुश करने के लिए करने की कोशिश करते हैं। आप अपने तर्जुमा में इसे वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उन चीज़ों को करने की कोशिश करने के ज़रिये जो ख़ुदा को ख़ुश करेंगी” या “शरीअत को क़ायम रखने के ज़रिये” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 9:33

καθὼς γέγραπται

आप निशानदेही कर सकते हैं के यासयाह ने इसे लिखा। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह यसायाह नबी ने लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐν Σιὼν

यहाँ सिय्यून एक मजाज़ी है जो इस्राएल की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस्राएल में” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

λίθον προσκόμματος, καὶ πέτραν σκανδάλου

इन दोनों फ़िक़रों के मानी बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ है और ये इस्तआरे हैं जो यिसू और सलीब पर उसकी मौत का हवाला देते हैं। यह ऐसे ही था गोया लोग किसी पत्थर से ठोकर खा रहे थे क्यूँके जब वो सलीब पर यिसू की मौत पर गौर करते थे तो वो बेज़ार हो जाते थे। (देखें: INVALID translate/figs-doublet और INVALID translate/figs-metaphor)

πιστεύων ἐπ’ αὐτῷ

क्यूँके पत्थर एक शख्स के लिए आया है, आपको “उसमे ईमान रखता है” तर्जुमा करने की ज़रुरत हो सकती है”।

Romans 10

रोमियों 10 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे पुराने अहदनामे के नस्र हवालों को बाकी मतन से सफ़हे पर दहनी तरफ रखती हैं। ULT ऐसा आयत 8 में हवाला दिए हुए अल्फ़ाज़ के साथ करता है।

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा इस बाब के आयात 18-20 के साथ करता है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

ख़ुदा की रास्तबाज़ी

पौलुस यहाँ तालीम देता है के जबके बहुत से यहूदी संजीदगी से रास्तबाज़ होने की कोशिश करते थे, वो कामयाब नहीं हुए। हम ख़ुदा की रास्तबाज़ी को कमा नहीं सकते। ख़ुदा हमें यिसू की रास्तबाज़ी देता है जब हम उसमे ईमान रखते हैं। (देखें: रास्तबाज़, रास्तबाज़ी और ईमान )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

ख़तीबाना सवालात

इस बाब में पौलुस बहुत से ख़तीबाना सवालात का इस्तेमाल करता है। वह ऐसा अपने कारअीन को क़ायल करने के लिए करता है के ख़ुदा सिर्फ़ इब्रानी लोगों को नहीं बचाता है, पस मसीहियों को लाज़मी तौर पर पूरी दुनिया के साथ इन्जील सुनाने के लिए तैयार रहना चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और बचाना, बचाता है, नजात, हिफ़ाज़त )

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

“मैं तुम्हें उसके ज़रिये हसद पर उकसाऊंगा जो कोई क़ौम नहीं है”

पौलुस इस पेशगोई का इस्तेमाल यह वज़ाहत करने के लिए करता है के ख़ुदा इब्रानी लोगों को हसद करवाने के लिए कलीसिया को इस्तेमाल करेगा। ऐसा ही है के वो ख़ुदा की तलाश करेंगे और इन्जील पर ईमान लायेंगे। (देखें: नबी , नबी , नबूव्वत ,नबूव्वतें ,नबीया , नबीय और जलन, हसद और INVALID translate/figs-explicit)

Romans 10:1

पौलुस इस्राएल के लिए ईमान लाने की अपनी ख्वाहिश का बयान जारी रखता है लेकिन ज़ोर देता है के वह लोग जो यहूदी हैं और बाक़ी सभी दोनों यिसू पर ईमान लाने से ही नजात पा सकते हैं।

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

ἡ μὲν εὐδοκία τῆς ἐμῆς καρδίας

यहाँ “दिल” किसी शख्स के जज़्बात और अंदरूनी वज़ूद के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरी सबसे बड़ी ख्वाहिश” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὑπὲρ αὐτῶν εἰς σωτηρίαν

है के ख़ुदा यहूदियों को नजात देगा

Romans 10:2

μαρτυρῶ…αὐτοῖς

मैं उनके बारे में सच्चाई से ऐलान करता हूँ।

Romans 10:3

ἀγνοοῦντες γὰρ τὴν τοῦ Θεοῦ δικαιοσύνην

यहाँ “रास्तबाज़ी” से मुराद वह तरीक़ा है जिससे ख़ुदा लोगों को अपने साथ रास्त करता है। आप इसे तर्जुमे में वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके वो नहीं जानते के ख़ुदा किस तरह लोगों को अपने साथ रास्त करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

τῇ δικαιοσύνῃ τοῦ Θεοῦ οὐχ ὑπετάγησαν

उन्होंने लोगों को अपने साथ रास्त करने का ख़ुदा का तरीक़ा क़बूल नहीं किया

Romans 10:4

τέλος γὰρ νόμου Χριστὸς

क्यूँके मसीह ने शरीअत को मुकम्मल तौर पर पूरा किया

εἰς δικαιοσύνην παντὶ τῷ πιστεύοντι

यहाँ “ईमान लाता है” के मानी है “ऐतबार करता है”। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके वह हर एक को ख़ुदा के सामने जो उस पर ऐतबार करे रास्त बना सके” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 10:5

τὴν δικαιοσύνην τὴν ἐκ νόμου

पौलुस “रास्तबाज़ी” का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा था और चलने के क़ाबिल था। मुतबादिल तर्जुमा: “किस तरह शरीअत किसी शख्स को ख़ुदा के सामने रास्त बनाता है” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ὅτι ὁ ποιήσας αὐτὰ ἄνθρωπος, ζήσεται ἐν αὐτῇ

शरीअत के ज़रिये ख़ुदा के साथ रास्त बनाये जाने के लिए, एक शख्स को मुकम्मल तौर पर शरीअत को क़ायम करना होगा, जो के मुमकिन नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह शख्स जो मुकम्मल तौर पर शरीअत की तामील करता है ज़िन्दा रहेगा क्यूँके शरीअत उसे ख़ुदा के सामने रास्त बना देगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ζήσεται

अल्फ़ाज़ “ज़िन्दा रहेगा” से मुराद हो सकता है 1) हमेशा की ज़िन्दगी या 2) ख़ुदा के साथ रिफ़ाक़त में फ़ानी ज़िन्दगी।

Romans 10:6

ἡ δὲ ἐκ πίστεως δικαιοσύνη οὕτως λέγει

यहाँ “रास्तबाज़ी” को एक ऐसे शख्स के तौर पर बयान किया गया है जो बोल सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन मूसा इसकी बाबत लिखता है के किस तरह ईमान किसी शख्स को ख़ुदा के सामने रास्त बनाता है” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

μὴ εἴπῃς ἐν τῇ καρδίᾳ σου

मूसा लोगों से ख़िताब कर रहा था गोया वह सिर्फ़ एक शख्स से बातें कर रहा हो। यहाँ “दिल” किसी शख्स के ज़हन या अंदरूनी वज़ूद के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद से न कहना” (देखें: INVALID translate/figs-you और INVALID translate/figs-metonymy)

τίς ἀναβήσεται εἰς τὸν οὐρανόν

मूसा अपने सामअीन को तालीम देने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है। उसकी पिछली हिदायत “मत कहना” को इस सवाल का मनफ़ी जवाब दरकार है। आप इस सवाल का तर्जुमा एक बयान के तौर पर कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी ऊपर आसमान पर जाने के क़ाबिल नहीं है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τοῦτ’ ἔστιν Χριστὸν καταγαγεῖν

ताके वो मसीह को ज़मीन पर उतार लाये

Romans 10:7

τίς καταβήσεται εἰς τὴν Ἄβυσσον

मूसा अपने सामअीन को तालीम देने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है। उसकी पिछली हिदायत “मत कहना” को इस सवाल का मनफ़ी जवाब दरकार है। आप इस सवाल का तर्जुमा एक बयान के तौर पर कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई भी शख्स नीचे नहीं जा सकता और उस जगह दाख़िल हो सकता जहाँ मुर्दा अफ़राद की रूहें हैं” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἐκ νεκρῶν

उन तमाम के दरमियान से जो मर चुके हैं। यह इज़हार आलम ए अर्वाह में तमाम मुर्दा लोगों को एक साथ बयान करता है। उनके दरमियान से उठाया जाना दोबारा ज़िन्दा होने का ज़िक्र करता है।

νεκρῶν

यह लफ्ज़ जिस्मानी मौत का ज़िक्र करता है।

Romans 10:8

ἀλλὰ τί λέγει

लफ्ज़ “यह” रोमियों 10:6 के “रास्तबाज़ी” का हवाला देता है। यहाँ पौलुस “रास्तबाज़ी” को एक ऐसे शख्स के तौर पर बयान करता है जो बोल सकता है। पौलुस उस जवाब पर जो वह देने वाला है ज़ोर देने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है। “लेकिन मूसा यही कहता है” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-rquestion)

ἐγγύς σου τὸ ῥῆμά ἐστιν

पौलुस ख़ुदा के पैग़ाम का ज़िक्र करता है गोया यह कोई शख्स है जो चल सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम पैग़ाम सुन चुके हो” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

τὸ ῥῆμά ἐστιν, ἐν τῷ στόματί σου

लफ्ज़ “मुँह” एक मजाज़ी है जिससे मुराद है जो एक शख्स कहता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम जानते हो कैसे बोलते हैं .... ख़ुदा का पैग़ाम” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ ῥῆμά ἐστιν,…ἐν τῇ καρδίᾳ σου

फ़िक़रा “तुम्हारे दिल में” एक मजाज़ी है जिससे मुराद है एक शख्स जो ख़याल करता और यक़ीन करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम जानते हो ... ख़ुदा के पैग़ाम के मानी क्या है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ ῥῆμα τῆς πίστεως

ख़ुदा का पैग़ाम जो हमें बताता है के हमें लाज़मी तौर पर उसमे ईमान रखना चाहिए

Romans 10:9

ἐὰν ὁμολογήσῃς ἐν τῷ στόματί σου, Κύριον Ἰησοῦν

अगर तुम इक़रार करो के यिसू ख़ुदावन्द है

πιστεύσῃς ἐν τῇ καρδίᾳ σου

यहाँ “दिल” किसी शख्स के ज़हन और अंदरूनी शख्स के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने ज़हन में यक़ीन करे” या “वाक़ई यक़ीन करे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

αὐτὸν ἤγειρεν ἐκ νεκρῶν

जिलाया गया यहाँ “दोबारा ज़िन्दा किया गया” के लिए एक मुहावरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे दोबारा ज़िन्दा कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

σωθήσῃ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुझे नजात देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 10:10

καρδίᾳ γὰρ πιστεύεται εἰς δικαιοσύνην, στόματι δὲ ὁμολογεῖται εἰς σωτηρίαν

यहाँ “दिल” एक मजाज़ी है जो ज़हन या ख्वाहिश की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ज़हन से ही कोई शख्स ऐतबार करता है और ख़ुदा के सामने रास्त है, और मुँह से ही कोई शख्स इक़रार करता है और ख़ुदा उसे नजात देता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

στόματι

यहाँ “मुँह” एक मजाज़ मर्सल है जो किसी शख्स के बोलने की सलाहियत की नुमाइंदगी करता है। (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 10:11

λέγει γὰρ ἡ Γραφή

पौलुस सहीफ़े का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा हो और इसकी आवाज़ थी। आप वाज़े कर सकते हैं के उस सहीफ़े को किसने लिखा जिसका पौलुस यहाँ इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके यसायाह ने सहीफ़ों में लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-explicit)

πᾶς ὁ πιστεύων ἐπ’ αὐτῷ οὐ καταισχυνθήσεται

इसके मसावी है: “हर एक जो ईमान नहीं रखता शर्मिन्दा होगा”। मनफ़ी का इस्तेमाल यहाँ ज़ोर देने के लिए किया गया है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा हर एक की इज्ज़त करेगा जो उसमे ईमान रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 10:12

οὐ γάρ ἐστιν διαστολὴ Ἰουδαίου τε καὶ Ἕλληνος

पौलुस का मतलब है के ख़ुदा तमाम लोगों के साथ एक जैसा सुलूक करेगा। आप इसे अपने तर्जुमे में वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “इस तरह से, ख़ुदा यहूदियों और ग़ैर-यहूदियों के साथ एक जैसा सुलूक करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πλουτῶν εἰς πάντας τοὺς ἐπικαλουμένους αὐτόν

यहाँ “वह फ़य्याज़ है” के मानी है के ख़ुदा फ़य्याज़ी से बरकत देता है। आप इसे अपने तर्जुमे में वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह उन तमाम को फ़य्याज़ी से बरकत देता है जो उसमे ऐतबार करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 10:13

πᾶς γὰρ ὃς ἂν ἐπικαλέσηται τὸ ὄνομα Κυρίου, σωθήσεται

यह लफ्ज़ “नाम” यिसू के लिए एक मजाज़ी है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द हर एक को नजात देगा जो उसमे ऐतबार करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 10:14

πῶς οὖν ἐπικαλέσωνται εἰς ὃν οὐκ ἐπίστευσαν

मसीह की ख़ुशख़बरी उन लोगों तक ले जाने के लिए जिन्होंने नहीं सुना है, इसकी अहमियत पर ज़ोर देने के किये पौलुस एक सवाल का इस्तेमाल करता है। लफ्ज़ “वो” से मुराद वह लोग हैं जिनका अब तक ख़ुदा से ताल्लुक़ नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो जो ख़ुदा में ईमान नहीं रखते उसे पुकार नहीं सकते!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

πῶς…πιστεύσωσιν οὗ οὐκ ἤκουσαν

पौलुस इसी वजह के लिए एक और सवाल का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और वो उसमे ईमान नहीं रख सकते अगर उन्होंने उसका पैग़ाम नहीं सुना है!” या “और वो उसमे ईमान नहीं रख सकते अगर उन्होंने उसकी बाबत पैग़ाम नहीं सुना है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

πιστεύσωσιν

यहाँ इसके मानी यह ऐतराफ़ करना है के जो उस शख्स ने कहा सच है।

πῶς…ἀκούσωσιν χωρὶς κηρύσσοντος

पौलुस इसी वजह के लिए एक और सवाल का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और वो पैग़ाम सुन नहीं सकते अगर कोई उनको बताता नहीं!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 10:15

ὡς ὡραῖοι οἱ πόδες τῶν εὐαγγελιζομένων τὰ ἀγαθά!

पौलुस “क़दम” का इस्तेमाल उनकी नुमाइंदगी करने के लिए करता है जो सफ़र करते हैं और पैग़ाम को उन लोगों तक पहुँचाते हैं जिन्होंने इसे नहीं सुना है। मुतबादिल तर्जुमा: “यह उम्दा है जब क़ासिद आते हैं और हमें ख़ुशख़बरी सुनाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 10:16

οὐ πάντες ὑπήκουσαν

यहाँ “वो” यहूदियों से मुराद है। “सब यहूदियों ने इताअत नहीं किया”

Κύριε, τίς ἐπίστευσεν τῇ ἀκοῇ ἡμῶν

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इस पर ज़ोर देने के लिए कर रहा है के यसायाह ने सहीफ़ों में पेशगोई किया था के बहुत से यहूदी यिसू में ईमान नहीं लायेंगे। आप इसे एक बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदावन्द, उनमे से बहुत सारे हमारे पैग़ाम पर यक़ीन नहीं करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τῇ ἀκοῇ ἡμῶν

यहाँ, “हमारे” से मुराद ख़ुदा और यसायाह हैं।

Romans 10:17

ἡ πίστις ἐξ ἀκοῆς

यहाँ “ईमान” से मुराद “मसीह में ईमान रखना” है।

ἡ…ἀκοὴ διὰ ῥήματος Χριστοῦ

सुनने से और सुनना मसीह की बाबत पैग़ाम से

Romans 10:18

ἀλλὰ λέγω, μὴ οὐκ ἤκουσαν? μενοῦνγε

पौलुस ज़ोर देने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है। आप इसे एक बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन, मैं कहता हूँ के यहूदियों ने यक़ीनन मसीह की बाबत पैग़ाम सुना है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-quotations)

εἰς πᾶσαν τὴν γῆν, ἐξῆλθεν ὁ φθόγγος αὐτῶν; καὶ εἰς τὰ πέρατα τῆς οἰκουμένης, τὰ ῥήματα αὐτῶν

इन दोनों बयानात के बुनियादी मानी एक ही है और पौलुस उनका इस्तेमाल ज़ोर देने के लिए करता है। लफ्ज़ “उनकी” से मुराद सूरज, चाँद, और सितारे हैं। यहाँ इनको इन्सानी क़ासिदों के तौर पर बयान किया गया है जो लोगों को ख़ुदा की बाबत बताते हैं। इससे मुराद है के किस तरह उनका वज़ूद ख़ुदा के ताक़त और जलाल को ज़ाहिर करता है। आप वाज़े कर सकते हैं के पौलुस यहाँ सहीफ़े का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा के सहीफ़ों में दर्ज है, ‘सूरज, चाँद, और सितारे ख़ुदा की ताक़त और जलाल के सबूत हैं, और दुनिया में हर एक उन्हें देखता है और ख़ुदा की बाबत सच्चाई जनता है।’” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-explicit)

Romans 10:19

ἀλλὰ λέγω, μὴ Ἰσραὴλ οὐκ ἔγνω

पौलुस ज़ोर देने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है। लफ्ज़ “इस्राएल” उन लोगों के लिए एक मजाज़ी है जो इस्राएल के क़ौम में रहते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तुम्हें फिर से बताता हूँ के इस्राएल के लोग पैग़ाम को जानते थे” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-metonymy)

πρῶτος Μωϋσῆς λέγει, ἐγὼ παραζηλώσω ὑμᾶς,…παροργιῶ ὑμᾶς.

इसके मानी है के मूसा लिखा था जो ख़ुदा ने उससे कहा। “मैं” से मुराद ख़ुदा है, और “तुम” से मुराद इस्राएली हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “पहले मूसा कहता है के ख़ुदा तुम्हें गुस्सा दिलाएगा ... ख़ुदा तुम्हें उकसायेगा” (देखें: INVALID translate/figs-you और INVALID translate/figs-quotations)

ἐπ’ οὐκ ἔθνει

उन लोगों के ज़रिये जिन्हें तुम हक़ीक़ी क़ौम नहीं समझते या “उन लोगों के ज़रिये जो किसी भी क़ौम से ताल्लुक़ नहीं रखते”

ἐπ’ ἔθνει ἀσυνέτῳ

यहाँ “बगैर समझ के” के मानी है के लोग ख़ुदा को नहीं जानते। मुतबादिल तर्जुमा: “एक ऐसी क़ौम के लोगों के ज़रिये जो मुझे या मेरे अहकामात नहीं जानते” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

παροργιῶ ὑμᾶς

मैं तुम्हें गुस्सा दिलाऊँगा या “मैं तुम्हें नाराज होने का सबब बनूँगा”

ὑμᾶς

यह इस्राएल के क़ौम से मुराद है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

Romans 10:20

यहाँ अल्फ़ाज़ “मैं”, “मुझे”, और “मेरा” ख़ुदा से मुराद हैं।

Ἠσαΐας δὲ ἀποτολμᾷ καὶ λέγει

इसके मानी है के यसायाह नबी ने वह लिखा जो ख़ुदा ने कहा था।

εὑρέθην ἐν τοῖς ἐμὲ μὴ ζητοῦσιν

नबी अक्सर मुस्तक़बिल की चीज़ों के बाबत बोलते हैं गोया वो पहले से हो चुकी हों। यह ज़ोर देता है के पेशगोई यक़ीनन सच होगी। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अगरचे ग़ैर क़ौमों के लोग मुझे नहीं ढूँढेंगे, वो मुझे पाएँगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐμφανὴς ἐγενόμην

मैंने अपने आप को वाक़िफ कराया

λέγει

वह ख़ुदा से मुराद है, जो यसायाह के ज़रिये बोल रहा है।

Romans 10:21

ὅλην τὴν ἡμέραν

इस फ़िक़रे का इस्तेमाल ख़ुदा के मुसलसल कोशिश पर ज़ोर देने के लिए किया गया है। “मुसलसल”

ἐξεπέτασα τὰς χεῖράς μου πρὸς λαὸν ἀπειθοῦντα καὶ ἀντιλέγοντα

मैंने तुम्हारा इस्तक़बाल करने और तुम्हारी मदद करने की कोशिश की, लेकिन तुमने मेरी मदद का इन्कार किया और नाफ़रमानी जारी रख्खी

Romans 11

रोमियों 11 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा आयात 9-10, 26-27, और 34-35 के साथ करता है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

पैवन्द लगाना

पौलुस “पैवन्द लगाने” की तस्वीर का इस्तेमाल ख़ुदा के मन्सूबों में ग़ैर-कौमों और यहूदियों के मक़ाम का हवाला देने के लिए करता है। एक पौदे को मुस्तक़िल तौर पर दूसरे पौदे का हिस्सा बनाने को “पैवन्द लगाना” कहते हैं। अपने नजात के मन्सूबों में एक जंगली शाख़ के तौर पर ग़ैर-क़ौमों का पैवन्द लगाते हुए ख़ुदा की तस्वीर का पौलुस इस्तेमाल करता है। लेकिन ख़ुदा यहूदियों की बाबत भूल नहीं गया है, जिनका ज़िक्र क़ुदरती पौदे के तौर पर किया गया है। ख़ुदा उन यहूदियों को भी नजात देगा जो यिसू में ईमान रखते हैं।

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

“क्या ख़ुदा ने अपने लोगों को मुस्तरद कर दिया? ऐसा कभी न हो”

क्या इस्राएल (अब्राहम, इज्हाक़, और याक़ूब के जिस्मानी औलाद) का ख़ुदा के मन्सूबों में मुस्तक़बिल है, या के वो ख़ुदा के मन्सूबों में कलीसिया से तब्दील कर दिए गए हैं, यह अबवाब 9-11 में एक बड़ा इलाहियाती मसअला है। यह फ़िक़रा रोमियों के इस हिस्से का एक अहम हिस्सा है। यह इस बात की निशानदेही करता हुआ लगता है के इस्राएल कलीसिया से अलाहिदा बना रहता है। सारे उलेमा इस नतीजे पर नहीं पहुँचते हैं। फिलहाल उनका यिसू को उनके मसीहा के तौर पर मुस्तरद करने के बावजूद, इस्राएल ख़ुदा के फ़ज़ल और रहम से महरूम नहीं हुआ है। (देखें: मसीह ,मसीहा और फ़ज़ल, फ़ज़ल करने वाला और रहम, रहमदिल )

Romans 11:1

अगरचे एक क़ौम के तौर पर इस्राएल ने ख़ुदा को मुस्तरद किया है, ख़ुदा उनको समझाना चाहता है के नजात फ़ज़ल के ज़रिये बगैर कामों के आता है।

λέγω οὖν

मैं, पौलुस, कहता हूँ फिर

μὴ ἀπώσατο ὁ Θεὸς τὸν λαὸν αὐτοῦ

पौलुस इस सवाल को पूछता है ताके वह दूसरे यहूदियों के सवालात का जवाब दे सके जो परेशान हैं के ख़ुदा ने अपने लोगों के दरमियान ग़ैर-क़ौमों को शामिल कर लिया है, जबके यहूदी लोगों के दिलों को सख्त कर दिया गया है। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ γένοιτο

यह मुमकिन नहीं हैं! या “यक़ीनन नहीं!” यह बयान सख्ती से इन्कार करता है के ऐसा हो सकता है। आपकी ज़बान में ऐसा ही कोई इज़हार हो सकता है जिसे आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। देखें आपने इसे रोमियों 9:14 में किस तरह तर्जुमा किया है।

φυλῆς Βενιαμείν

इससे मुराद उस क़बीले से है जो बिनयमीन के नस्ल से है, उन 12 क़बीलों में से एक जिनमे ख़ुदा ने इस्राएल के लोगों को तक़सीम किया।

Romans 11:2

ὃν προέγνω

जिन्हें वह वक़्त के पहले जानता था

οὐκ οἴδατε ἐν Ἠλείᾳ τί λέγει ἡ Γραφή, ὡς ἐντυγχάνει τῷ Θεῷ κατὰ τοῦ Ἰσραήλ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ज़रूर जानते हो सहीफ़ों में इस बाबत क्या दर्ज है के जब एलियाह ने इस्राएल के ख़िलाफ़ ख़ुदा से इल्तजा किया” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

τί λέγει ἡ Γραφή

पौलुस सहीफ़ों का हवाला दे रहा है गोया वो बोलने के क़ाबिल थे। (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 11:3

ἀπέκτειναν

वो से मुराद इस्राएल के लोग हैं।

κἀγὼ ὑπελείφθην μόνος

यहाँ ज़मीर “मैं” एलियाह से मुराद है।

ζητοῦσιν τὴν ψυχήν μου

मुझे क़त्ल करने के ख्वाहाँ हैं

Romans 11:4

ἀλλὰ τί λέγει αὐτῷ ὁ χρηματισμός

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल क़ारी को अपने अगले नुक़ते पर लाने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उसे किस तरह जवाब दिया?” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

αὐτῷ

ज़मीर “उसे” एलियाह से मुराद है।

ἑπτακισχιλίους ἄνδρας

7,000 आदमी (देखें: INVALID translate/translate-numbers)

Romans 11:5

λῖμμα

यहाँ इसके मानी है लोगों का एक छोटा हिस्सा जिन्हें ख़ुदा ने अपना फ़ज़ल हासिल करने के लिए मुन्तखिब किया।

Romans 11:6

εἰ δὲ χάριτι

पौलुस वज़ाहत करना जारी रखता है के किस तरह ख़ुदा का रहम काम करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन चूँके ख़ुदा का रहम फज़ल के ज़रिये काम करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 11:7

τί οὖν

हमें क्या नतीजा अख़ज़ करना चाहिए? पौलुस यह सवाल अपने क़ारी को अपने अगले नुक़ते पर चलने के लिए पूछता है। आप इसे एक बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें यही याद रखने की ज़रुरत है” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

Romans 11:8

ἔδωκεν αὐτοῖς ὁ Θεὸς πνεῦμα κατανύξεως, ὀφθαλμοὺς τοῦ μὴ βλέπειν, καὶ ὦτα τοῦ μὴ ἀκούειν

यह उस हक़ीक़त की बाबत एक इस्तआरा है के लोग रूहानी तौर से सुस्त हैं। वो रूहानी सच्चाई को सुनने या हासिल करने के क़ाबिल नहीं हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

πνεῦμα κατανύξεως

यहाँ इसके मानी है “के ख़ुसूसियात रखना”, जैसा के “हिक्मत की रूह”।

ὀφθαλμοὺς τοῦ μὴ βλέπειν

किसी की आँखों से देखने के तसव्वर को समझ हासिल करने के बराबर समझा जाता था।

ὦτα τοῦ μὴ ἀκούειν

कानों से सुनने के तसव्वर को इताअत के बराबर समझा जाता था।

Romans 11:9

γενηθήτω ἡ τράπεζα αὐτῶν εἰς παγίδα, καὶ εἰς θήραν

दस्तरख्वान यहाँ एक मजाज़ी है जो ज़ियाफ़त की नुमाइंदगी करता है, और “जाल” और “फन्दा” इस्तआरे हैं जो सज़ा की नुमाइंदगी करते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बराह करम, ख़ुदा, उनकी ज़ियाफ़तों को फन्दे की तरह बना दे जो उन्हें फँसा लेता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor) और INVALID translate/figs-activepassive)

σκάνδαλον

“ठोकर” ऐसी कोई भी चीज़ है जो किसी शख्स को फिसला देता है ताके वह नीचे गिर जाए। यहाँ यह किसी ऐसे चीज़ की नुमाइंदगी करता है जो एक शख्स को गुनाह की तरफ़ आज़माता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कोई ऐसी चीज़ जो उन्हें गुनाह करने को आज़माती है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἀνταπόδομα αὐτοῖς

कोई ऐसी चीज़ जो तुम्हें उनसे बदला लेने की इजाज़त देती है।

Romans 11:10

τὸν νῶτον αὐτῶν διὰ παντὸς σύνκαμψον

यहाँ “उनकी पीठ झुका दे” ग़ुलामों को उनकी पीठ पर भारी बोझ ले चलने को मज़बूर करने के लिए एक मजाज़ी है। यह उनको तकलीफ़ दिलाने का इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें ऐसी तकलीफ़ दे जिस तरह भारी बोझ ले जाते हुए लोगों को होता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:11

एक क़ौम के तौर पर इस्राएल का ख़ुदा को मुस्तरद करने के साथ, पौलुस ग़ैर-क़ौमों को ख़बरदार रहने के लिए आगाह करता है के वो ऐसी ग़लती न करें।

μὴ ἔπταισαν ἵνα πέσωσιν

पौलुस ज़ोर देने के लिए इस सवाल का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्या ख़ुदा ने उन्हें हमेशा के लिए मुस्तरद कर दिया क्यूँके उन्होंने गुनाह किया? (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

μὴ γένοιτο

यह मुमकिन नहीं है! या “यक़ीनन नहीं!” यह बयान सख्ती से इन्कार करता है के ऐसा हो सकता है। आपकी ज़बान में ऐसा ही कोई इज़हार हो सकता है जिसे आप यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं। देखें आपने इसे रोमियों 9:14 में किस तरह तर्जुमा किया है।

παραζηλῶσαι

देखें आपने इस फ़िक़रे को रोमियों 10:19 में किस तरह तर्जुमा किया है।

Romans 11:12

εἰ…τὸ παράπτωμα αὐτῶν, πλοῦτος κόσμου, καὶ τὸ ἥττημα αὐτῶν, πλοῦτος ἐθνῶν

इन दोनों फ़िक़रों के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है। अगर आपको ज़रूरत हो, तो आप इनको अपने तर्जुमे में मुत्तहिद कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जब यहूदी रूहानी तौर से नाकाम हो गए, नतीजा यह था के ख़ुदा ने ग़ैर-यहूदियों को कस्रत से बरकत दिया” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

πλοῦτος κόσμου

क्यूँके यहूदियों ने मसीह को मुस्तरद कर दिया, ख़ुदा ने ग़ैर-क़ौमों को मसीह को क़बूल करने का मौक़ा देने के ज़रिये फ़य्याज़ी से बरकत दिया।

κόσμου

यहाँ “दुनिया” एक मजाज़ी है जो दुनिया में रहने वाले लोगों से मुराद है, ख़ास तौर से ग़ैर-क़ौमें।

Romans 11:14

παραζηλώσω

देखें आपने इस फ़िक़रे को रोमियों 10:19 में किस तरह तर्जुमा किया है।

μου τὴν σάρκα

इससे मुराद है “मेरे साथी यहूदी”

καὶ σώσω τινὰς ἐξ αὐτῶν

ख़ुदा उनको नजात देगा जो ईमान लायेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “शायद बाज़ ईमान लायेंगे और ख़ुदा उन्हें नजात देगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 11:15

εἰ γὰρ ἡ ἀποβολὴ αὐτῶν καταλλαγὴ κόσμου

क्यूँके अगर ख़ुदा उनको मुस्तरद करने की वजह से, वह बाक़ी दुनिया का ख़ुद से सुलह करेगा

ἡ ἀποβολὴ αὐτῶν

ज़मीर “उनका” यहूदी ग़ैर ईमानदारों से मुराद है।

κόσμου

यहाँ “दुनिया” उन लोगों के लिए एक मजाज़ी है जो दुनिया में रहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनिया में लोग” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

τίς ἡ πρόσλημψις εἰ μὴ ζωὴ ἐκ νεκρῶν

पौलुस यह सवाल इस पर ज़ोर देने के लिए पूछता है के जब ख़ुदा यहूदियों को क़बूल करे, तो या एक उम्दा चीज़ होगी। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यह किस तरह होगा जब ख़ुदा उन्हें क़बूल करेगा? यह ऐसे होगा जैसे वो मुर्दों के दरमियान से वापस ज़िन्दा हो गए हों!” या “फिर जब ख़ुदा उनको क़बूल करे, यह ऐसे होगा जैसे वो मर चुके हों और दोबारा ज़िन्दा हो जाएँ!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-activepassive)

νεκρῶν

ये अल्फ़ाज़ आलम ए अर्वाह में तमाम मुर्दा लोगों का एक साथ ज़िक्र करते हैं।

Romans 11:16

εἰ δὲ ἡ ἀπαρχὴ ἁγία, καὶ τὸ φύραμα;

पौलुस यहूदियों के आबाओ अजदाद अब्राहम, इज्हाक़, और याक़ूब का ज़िक्र कर रहा है, गोया वो कटाई करने के लिए पहला अनाज या “पहला फल” थे। वह उन इस्राएलियों का भी ज़िक्र कर रहा है जो उन आदमियों की औलाद हैं गोया वो “गून्धा हुआ आटा” थे जिसे उन्होंने अनाज से बनाया था। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर अब्राहम को ख़ुदा को पेश किये गये पहले के तौर पर शुमार किया जाता है, तो हमारे तमाम आबाओ अजदाद जिन्होंने पैरवी की उन्हें भी ख़ुदा की मल्कियत के तौर पर शुमार किया जाना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰ ἡ ῥίζα ἁγία, καὶ οἱ κλάδοι

पौलुस इस्राएलियों के आबाओ अजदाद अब्राहम, इज्हाक़, और याक़ूब का ज़िक्र कर रहा है, गोया वो एक दरख़्त की जड़ थे, और इस्राएली जो उन आदमियों की औलाद हैं, गोया वो दरख़्त की “शाखें” थे। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἁγία

लोग कटाई की पहली फ़सल को हमेशा ख़ुदा को नज्र करते थे। यहाँ “पहले फल” मसीह में ईमान लाने वाले पहले लोगों के लिए आया है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:17

σὺ δὲ ἀγριέλαιος ὢν

ज़मीर “तुम”, और फ़िक़रा “जंगली ज़ैतून की शाख़” से मुराद ग़ैर-क़ौमों के लोग हैं जिन्होंने यिसू के वसीले से नजात क़बूल किया है। (देखें: INVALID translate/figs-you और INVALID translate/figs-metaphor)

εἰ δέ τινες τῶν κλάδων ἐξεκλάσθησαν

यहाँ पौलुस उन यहूदियों का “टूटी हुई शाख़ों” के तौर पर हवाला देता है जिन्होंने यिसू को मुस्तरद कर दिया। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अगर किसी ने कुछ शाख़ें तोड़ दीं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐνεκεντρίσθης ἐν αὐτοῖς

यहाँ पौलुस ग़ैर-यहूदी मसीहियों का ज़िक्र करता है गोया वो “पैवन्द हुई शाख़ें” थे। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने बाक़ी शाख़ों के दरमियान तुम्हें दरख़्त से जोड़ दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

τῆς ῥίζης τῆς πιότητος τῆς ἐλαίας ἐγένου

यहाँ “रौग़नदार जड़” एक इस्तआरा है जो ख़ुदा के वायदों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:18

μὴ κατακαυχῶ τῶν κλάδων

यहाँ “शाख़ें” एक इस्तआरा है जो यहूदी लोगों के लिए आया है। मुतबादिल तर्जुमा: “मत कहो के तुम उन यहूदी लोगों से बेहतर हो जिन्हें ख़ुदा ने मुस्तरद कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

οὐ σὺ τὴν ῥίζαν βαστάζεις, ἀλλὰ ἡ ῥίζα σέ

फिर से पौलुस का मतलब है के ग़ैर यहूदी ईमानदार शाख़ें हैं। ख़ुदा उन्हें सिर्फ़ उस अहद की वजह से नजात देता है जो उसने यहूदियों से किया। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:19

ἐξεκλάσθησαν κλάδοι

यहाँ “शाख़ें” से मुराद वो यहूदी है जिन्होंने मसीह को मुस्तरद किया और जिन्हें अब ख़ुदा ने मुस्तरद कर दिया है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने शाख़ें तोड़ दीं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐγὼ ἐνκεντρισθῶ

पौलुस इस फ़िक़रे का इस्तेमाल उन ग़ैर-यहूदी ईमानदारों का हवाला देने के लिए करता है जिन्हें ख़ुदा ने क़बूल कर लिया है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मुझे इसमें जोड़ सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 11:20

…ἐξεκλάσθησαν

ज़मीर “उनका” और “वो” से मुराद वह यहूदी लोग हैं जिन्होंने ईमान नहीं लाया।

σὺ δὲ τῇ πίστει ἕστηκας

पौलुस ग़ैर-यहूदी मसीहियों के वफ़ादार रहने का ज़िक्र करता है गोया वो मज़बूती से खड़े थे और कोई भी उन्हें हिला नहीं सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन तुम अपने ईमान के सबब से क़ायम हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:21

εἰ γὰρ ὁ Θεὸς τῶν κατὰ φύσιν κλάδων οὐκ ἐφείσατο, οὐδὲ σοῦ φείσεται

यहाँ “असली शाख़ें” से मुराद वह यहूदी लोग हैं जिन्होंने यिसू को मुस्तरद किया। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके जब ख़ुदा ने उन ग़ैर ईमानदार यहूदियों को न छोड़ा, जो दरख़्त के असली शाख़ों की तरह जड़ से बड़े हुए, फिर जान लो, अगर तुम ईमान नहीं लाते, वह तुम्हें भी नहीं छोड़ेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:22

χρηστότητα καὶ ἀποτομίαν Θεοῦ

पौलुस ग़ैर यहूदी ईमानदारों को याद दिला रहा है के अगरचे ख़ुदा उनके साथ बहुत महरबानी का सुलूक कर सकता है, वह इन्साफ़ करने और उनको सज़ा देने में दरेग़ नहीं करेगा।

ἐπὶ μὲν τοὺς πεσόντας, ἀποτομία; ἐπὶ…σὲ, χρηστότης Θεοῦ

ख़ुलासा इस्म “सख्ती” और “महरबानी” को हटाने के लिए इसे दोबारा बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उन यहूदियों के साथ सख्ती से बर्ताव किया जो गिर गए ... लेकिन ख़ुदा तुम्हारे साथ महरबानी का सुलूक करता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

τοὺς πεσόντας

जो ग़लत है उसे करने का ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया यह गिर रहा हो। मुतबादिल तर्जुमा: “वो यहूदी जिन्होंने ग़लत किया है” या “वो यहूदी जिन्होंने मसीह पर ऐतबार करने से इन्कार कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐὰν ἐπιμένῃς τῇ χρηστότητι

ख़ुलासा इस्म “महरबानी” को हटाने के लिए इसे दोबारा बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर तुम सहीह करना जारी रख्खो तो वह तुम पर महरबान होना जारी रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἐπεὶ καὶ σὺ ἐκκοπήσῃ

पौलुस फिर से शाख़ के इस्तआरे का इस्तेमाल करता है, जिसे ख़ुदा “काट” सकता है अगर उसे ज़रुरत हो। यहाँ “काट डालना” किसी को मुस्तरद करने के लिए एक इस्तआरा है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वरना ख़ुदा तुम्हें काट देगा” या “वरना ख़ुदा तुम्हें मुस्तरद कर देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 11:23

ἐὰν μὴ ἐπιμένωσι τῇ ἀπιστίᾳ

फ़िक़रा “अपने बे-ईमान में न रहो” एक दोहरा मनफ़ी है। आप इसे मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर यहूदी मसीह में ईमान लाना शुरू कर दें” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἐνκεντρισθήσονται

पौलुस यहूदियों का ज़िक्र करता है गोया वो ऐसी शाख़ें थे जिन्हें वापस दरख़्त में पैवन्द किया जा सकता था अगर वो यिसू में ईमान लाना शुरू कर दें। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उन्हें इसमें वापस पैवन्द करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐνκεντρίσαι

यह एक आम अमल है जहाँ एक दरख़्त की ज़िन्दा शाख़ के सिरे को दूसरे दरख़्त में दाख़िल किया जाता है ताके उस दरख़्त में नई साख़ बढ़ती रहे।

κἀκεῖνοι…αὐτούς

“वो” और “उनको” के तमाम वाक़यात यहूदियों से मुराद हैं।

Romans 11:24

εἰ γὰρ σὺ ἐκ τῆς κατὰ φύσιν ἐξεκόπης ἀγριελαίου, καὶ παρὰ φύσιν ἐνεκεντρίσθης εἰς καλλιέλαιον, πόσῳ μᾶλλον οὗτοι, οἱ κατὰ φύσιν ἐνκεντρισθήσονται τῇ ἰδίᾳ ἐλαίᾳ

पौलुस ग़ैर यहूदी ईमानदारों और यहूदियों का ज़िक्र जारी रखता है गोया वो एक दरख़्त की शाख़ें थे। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके अगर ख़ुदा ने तुम्हें वहाँ से काटा था जो क़ुदरती तौर से एक जंगली ज़ैतून का दरख़्त था, और असल के बरखिलाफ़ तुम्हें एक अच्छे ज़ैतून के दरख़्त में पैवन्द कर दिया, तो और कितना ज़ियादा वह इन यहूदियों को जो असली शाख़ें हैं, उनके अपने ज़ैतून के दरख़्त में पैवन्द करेगा?” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

οἱ κατὰ φύσιν

पौलुस यहूदियों और ग़ैर यहूदियों का ज़िक्र कर रहा है गोया वो शाख़ें थे। “असली शाख़ें” यहूदियों की नुमाइंदगी करती हैं, और “पैवन्द हुई शाख़ें” ग़ैर यहूदी ईमानदारों की नुमाइंदगी करती हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:25

οὐ…θέλω ὑμᾶς ἀγνοεῖν

यहाँ पौलुस दोहरे मनफ़ी का इस्तेमाल करता है। आप इसे मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं बहुत चाहता हूँ के तुम बाख़बर रहो” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

ἀδελφοί

यहाँ “भाईयों” के मानी है साथी मसीही, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

θέλω

ज़मीर “मैं” पौलुस से मुराद है।

ὑμᾶς…ἦτε…ἑαυτοῖς

ज़मीर “तुम” और “तुम्हारा” ग़ैर यहूदी ईमानदारों से मुराद है।

ἵνα μὴ ἦτε παρ’ ἑαυτοῖς φρόνιμοι

पौलुस नहीं चाहता के ग़ैर यहूदी ईमानदार ऐसा ख़याल रखें के वो यहूदी ग़ैर ईमानदारों से ज़ियादा अक्लमन्द हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके तुम ऐसा न सोचो के तुम जितना हो उससे ज़ियादा अक्लमन्द हो” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πώρωσις ἀπὸ μέρους τῷ Ἰσραὴλ γέγονεν

पौलुस “सख्त करना” या ज़िद का ज़िक्र करता है गोया यह बदन में जिस्मानी आज़ा का सख्त करना हो। बाज़ यहूदियों ने यिसू के वसीले से नजात क़बूल करने का इन्कार कर दिया है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस्राएल के बहुत से लोग जिद करना जारी रख्खे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἄχρι οὗ τὸ πλήρωμα τῶν ἐθνῶν εἰσέλθῃ

यहाँ लफ्ज़ “जब तक” के मानी है के बाज़ यहूदी ईमान लायेंगे जब ख़ुदा ग़ैर यहूदियों को कलीसिया में लाना ख़त्म कर चुकेगा।

Romans 11:26

पौलुस कहता है के एक छुड़ानेवाला इस्राएल से ख़ुदा के जलाल के लिए आएगा।

καὶ οὕτως πᾶς Ἰσραὴλ σωθήσεται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “इस तरह ख़ुदा इस्राएल को नजात देगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

καθὼς γέγραπται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस तरह सहीफ़ों में दर्ज है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐκ Σιὼν

यहाँ “सिय्यून” उस जगह के लिए मजाज़ी है जहाँ ख़ुदा रहता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जहाँ ख़ुदा यहूदियों के दरमियान है से” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὁ ῥυόμενος

वह जो अपने लोगों को महफ़ूज़ करता है

ἀποστρέψει ἀσεβείας

पौलुस बेदीनी का ज़िक्र करता है गोया यह कोई चीज़ थी जिसे कोई हटा सकता था, शायद जैसे कोई एक पोशाक हटाता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἀπὸ Ἰακώβ

यहाँ “याक़ूब”को इस्राएल के लिए एक मजाज़ी के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस्राएली लोगों में से” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 11:27

ἀφέλωμαι τὰς ἁμαρτίας αὐτῶν

यहाँ पौलुस गुनाहों का ज़िक्र करता है गोया वो चीज़ें थीं जिन्हें कोई छीन सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं उनके गुनाहों का बोझ हटा दूँगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:28

κατὰ μὲν τὸ εὐαγγέλιον

आप वाज़े कर सकते हैं के क्यूँ पौलुस इन्जील का ज़िक्र करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके यहूदियों ने इन्जील को मुस्तरद कर दिया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἐχθροὶ δι’ ὑμᾶς

आप वाज़े कर सकते हैं के वो किसके दुश्मन हैं, और किस तरह यह ग़ैर यहूदियों की ख़ातिर था। मुतबादिल तर्जुमा: “वो तुम्हारी ख़ातिर ख़ुदा के दुश्मन हैं” या “ख़ुदा ने उनके साथ दुश्मनों की तरह सुलूक किया ताके तुम भी इन्जील को सुन सको” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

κατὰ…τὴν ἐκλογὴν

आप वाज़े कर सकते हैं के क्यूँ पौलुस बरगुज़ीदगी का ज़िक्र करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने यहूदियों को बरगुज़ीदा किया है” या “क्यूँके ख़ुदा ने यहूदियों को चुन लिया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἀγαπητοὶ διὰ τοὺς πατέρας

आप वाज़े कर सकते हैं के कौन यहूदियों से प्यार करता है और क्यूँ पौलुस उनके आबाओ अजदाद का ज़िक्र करता है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा अब भी उनसे प्यार करता है इस वजह से के जो उसने उनके आबाओ अजदाद के लिए करने का वादा किया था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 11:29

ἀμεταμέλητα γὰρ τὰ χαρίσματα καὶ ἡ κλῆσις τοῦ Θεοῦ

पौलुस रूहानी और मादी बरकतों का ज़िक्र करता है जो ख़ुदा ने अपने लोगों को देने का वादा किया है गोया वो नेमतें थीं। ख़ुदा का बुलावा से मुराद इस हक़ीक़त से है के ख़ुदा ने यहूदियों को अपने लोग होने के लिए बुलाया। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने जो उन्हें देने का वादा किया था उसकी बाबत कभी भी अपना इरादा नहीं बदला, और इस बाबत के किस तरह उसने उन्हें अपने लोग होने के लिए बुलाया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-explicit)

Romans 11:30

ὑμεῖς ποτε ἠπειθήσατε

तुमने माज़ी में इताअत नहीं की

ἠλεήθητε τῇ τούτων ἀπειθείᾳ

यहाँ रहम के मानी है ख़ुदा की ग़ैर मुस्तहक़ नेमतें। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके यहूदियों ने यिसू को मुस्तरद कर दिया, तुमने वो नेमते हासिल कीं जिनके तुम मुस्तहक़ नहीं थे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ὑμεῖς

यह ग़ैर यहूदी ईमानदारों से मुराद है, और जमा है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

Romans 11:32

συνέκλεισεν…ὁ Θεὸς τοὺς πάντας εἰς ἀπείθειαν

ख़ुदा ने उन लोगों के साथ क़ैदियों जैसा सुलूक किया है जो उसकी नाफ़रमानी करते है, जो क़ैद से फ़रार होने में नाक़ाबिल हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने उनको क़ैदी बना दिया है जो उसकी नाफ़रमानी करते है। अब वो ख़ुदा की नाफ़रमानी करने से नहीं रुक सकते” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 11:33

ὦ βάθος πλούτου, καὶ σοφίας καὶ γνώσεως Θεοῦ

यहाँ “हिक्मत” और “इल्म” के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की हिक्मत और इल्म दोनों के बहुत से फ़ायदे कितने हैरत अंगेज़ हैं!” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ὡς ἀνεξεραύνητα τὰ κρίματα αὐτοῦ, καὶ ἀνεξιχνίαστοι αἱ ὁδοὶ αὐτοῦ

हम उन चीज़ों को समझने में मुकम्मल तौर से नाक़ाबिल हैं जिनका उसने फ़ैसला किया है और उन तरीकों को तलाश करने में जिसमे वह हमारी तरफ़ काम करता है

Romans 11:34

τίς γὰρ ἔγνω νοῦν Κυρίου, ἢ τίς σύμβουλος αὐτοῦ ἐγένετο

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल इस पर ज़ोर देने के लिए करता है के ख़ुदावन्द की तरह अक्लमन्द कोई नहीं है। आप इसे एक बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “किसी ने कभी भी ख़ुदावन्द की अक्ल को नहीं जाना, और कोई उसका सलाहकार नहीं हुआ”। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

νοῦν Κυρίου

यहाँ “अक्ल” चीज़ों को जानने या चीज़ों की बाबत सोचने के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो कुछ ख़ुदावन्द जनता है” या “जिसकी बाबत ख़ुदावन्द सोचता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 11:35

ἢ τίς προέδωκεν αὐτῷ, καὶ ἀνταποδοθήσεται αὐτῷ

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल अपने नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “किसी ने कभी भी ख़ुदा को कोई ऐसी चीज़ नहीं दी जिसे उसने पहले ख़ुदा से हासिल न किया हो” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion) * क्यूँके उसकी तरफ से ... उसी के वसीले से ... उसी के लिए - यहाँ “उसी” के सारे वाक़यात ख़ुदा से मुराद हैं।

Romans 11:36

αὐτῷ ἡ δόξα εἰς τοὺς αἰῶνας

यह पौलुस की ख्वाहिश का इज़हार करता है के तमाम लोग ख़ुदा का एहतराम करें। आप इसे अपने तर्जुमे में वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तमाम लोग हमेशा के लिए उसका एहतराम करें” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 12

रोमियों 12 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा आयत 20 के अल्फ़ाज़ के साथ करता है, जो पुराने अहदनामे से हैं।

बहुत से उलेमा का यक़ीन है के पौलुस रोमियों 12:1 में लफ्ज़ “पस” का इस्तेमाल तमाम अबवाब 1-11 की तरफ वापस हवाला देने के लिए करता है। मसीही इन्जील का एहतियाती से वजाहत करके, पौलुस अब वज़ाहत करता है के किस तरह मसीहियों को इन अज़ीम सच्चाईयों की रौशनी में ज़िन्दगी जीना चाहिए। अबवाब 12-16 किसी का मसीही ईमान की ज़िन्दगी जीने पर तवज्जो मरकूज़ करते हैं। पौलुस इन अबवाब में इन अमली हिदायात को देने के लिए बहुत से मुख्तलिफ़ अहकामात इस्तेमाल करता है। (देखें: ईमान )

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

मसीही ज़िन्दगी

मूसवी शरीअत के तहत, लोगों को हैकल की कुर्बानियाँ पेश करने के लिए जानवरों या अनाज की ज़रुरत थी। अब मसीहियों को अपनी ज़िन्दगी ख़ुदा के लिए एक क़िस्म की क़ुर्बानी के तौर पर जीने की ज़रुरत है। जिस्मानी कुर्बानियों की अब ज़रुरत नहीं है। (देखें: शरी’अत, मूसा की शरी’अत, ख़ुदा की शरी’अत, यहोवा की शरी’अत )

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

मसीह का बदन एक अहम इस्तआरा या तस्वीर है जिसे सहीफ़े में कलीसिया का हवाला देने के लिए इस्तेमाल किया गया है। कलीसिया का हर रुकन एक अनोखा और अहम काम करता है। मसीहियों को एक दूसरे की ज़रुरत है। (देखें: जिस्म, जिस्मों और INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 12:1

पौलुस बताता है के एक ईमानदार की ज़िन्दगी क्या होनी चाहिए और ईमानदारों को कैसे ख़िदमत करनी चाहिए।

παρακαλῶ οὖν ὑμᾶς, ἀδελφοί, διὰ τῶν οἰκτιρμῶν τοῦ Θεοῦ

यहाँ “भाईयों” साथी ईमानदारों से मुराद है, मर्द और औरत दोनों। मुतबादिल तर्जुमा: “साथी ईमानदारों, उस अज़ीम रहम की वजह से जो ख़ुदा ने तुम्हें दिया है मैं तुम्हें बहुत चाहता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

παραστῆσαι τὰ σώματα ὑμῶν θυσίαν ζῶσαν

यहाँ पौलुस लफ्ज़ “बदन” का इस्तेमाल पूरे शख्स का हवाला देने के लिए इस्तेमाल करता है। पौलुस मसीह में एक ईमानदार जो मुकम्मल तौर से ख़ुदा की फरमाबरदारी करता है का मोवाज़ना कर रहा है उन जानवरों से जिन्हें यहूदी ज़बह करते थे और फिर ख़ुदा को नज्र करते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जब तक तुम ज़िन्दा हो ख़ुदा के सामने अपने आप को मुकम्मल तौर से नज्र करो गोया तुम हैकल की क़ुर्बानगाह पर एक मुर्दा क़ुर्बानी हो”

ἁγίαν, εὐάρεστον, τῷ Θεῷ

मुमकिन मानी हैं 1) “ऐसी क़ुर्बानी जो तुम सिर्फ़ ख़ुदा को देते हो और जो उसे ख़ुश करती है” 2) “ख़ुदा के लिए क़ाबिल ए क़बूल है क्यूँके यह इख्लाकी तौर पर पाक है” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

τὴν λογικὴν λατρείαν ὑμῶν

यही ख़ुदा की इबादत करने का सहीह तरीक़ा है

Romans 12:2

μὴ συνσχηματίζεσθε τῷ αἰῶνι τούτῳ

मुमकिन मानी हैं 1) “दुनिया जैसा सुलूक करती है वैसा सुलूक न करो” या 2) “ऐसे ख़याल न करो जिस तरह दुनिया करती है”। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ συνσχηματίζεσθε τῷ αἰῶνι τούτῳ

मुमकिन मानी हैं 1) “दुनिया को तुम्हें यह न बताने दो के क्या करना और सोचना है” या 2) “ख़ुद को ऐसे अमल और काम करने की इजाज़त न दो जो दुनिया करती है”। (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῷ αἰῶνι τούτῳ

यह उन ग़ैर ईमानदारों से मुराद है जो दुनिया में रहते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἀλλὰ μεταμορφοῦσθε τῇ ἀνακαινώσει τοῦ νοός

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन तुम्हारे सोचने और सुलूक करने का तरीक़ा ख़ुदा को बदलने दो” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 12:3

διὰ τῆς χάριτος τῆς δοθείσης μοι

यहाँ “तौफ़ीक़” से मुराद ख़ुदा का पौलुस को एक रसूल और कलीसिया का रहनुमा होने के लिए इन्तखाब करना है। आप अपने तर्जुमे में इसे वाज़े कर सकते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में भी कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने आज़ादाना तौर पर मुझे एक रसूल होने के लिए इन्तखाब किया” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

παντὶ τῷ ὄντι ἐν ὑμῖν, μὴ ὑπερφρονεῖν παρ’ ὃ δεῖ φρονεῖν

के तुममे से कोई भी यह न सोचे के वह दूसरे लोगों से बेहतर है

ἀλλὰ φρονεῖν εἰς τὸ σωφρονεῖν

लेकिन तुम्हें अपनी बाबत सोचने में दानिशमन्द होना चाहिए

ἑκάστῳ ὡς ὁ Θεὸς ἐμέρισεν μέτρον πίστεως

यहाँ पौलुस का मतलब है के ईमानदारों के पास मुख्तलिफ़ सलाहियात हैं जो ख़ुदा पर उनके ईमान के मुताबिक़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “चूँके ख़ुदा ने तुममे से हर एक को उसमे तुम्हारे ऐतिमाद की वजह से मुख्तलिफ़ सलाहियात दी है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 12:4

γὰρ

पौलुस इस लफ्ज़ का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए करता है के अब वह वज़ाहत करेगा के क्यूँ बाज़ मसीहियों को नहीं सोचना चाहिए के वो दूसरों से बेहतर हैं।

ἐν ἑνὶ σώματι, πολλὰ μέλη ἔχομεν

पौलुस मसीह में तमाम ईमानदारों का हवाला देता है गोया वो इन्सानी बदन के मुख्तलिफ़ हिस्से थे। वह ऐसा ये मिशाल देने के लिए करता है के अगरचे ईमानदार मुख्तलिफ़ तरीक़ों से मसीह की ख़िदमत कर सकते हैं, हर शख्स मसीह से ताल्लुक़ रखता है और एक अहम तरीक़े में ख़िदमत करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

μέλη

ये ऐसी चीज़ें हैं जैसे आँखें, पेट, और हाथ।

Romans 12:5

τὸ δὲ καθ’ εἷς ἀλλήλων μέλη

पौलुस ईमानदारों का ज़िक्र करता है गोया ख़ुदा ने उन्हें जिस्मानी तौर पर एक साथ इन्सानी बदन के हिस्सों की मानिन्द जोड़ दिया है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने हर एक ईमानदार को दूसरे तमाम ईमानदारों के साथ जोड़ दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 12:6

ἔχοντες δὲ χαρίσματα κατὰ τὴν χάριν τὴν δοθεῖσαν ἡμῖν διάφορα

पौलुस ईमानदारों के मुख्तलिफ़ सलाहियात का ज़िक्र ख़ुदा की तरफ़ से मुफ़्त नेमतों के तौर पर करता है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने आज़ादाना तौर पर हममें से हर एक को उसके लिए मुख्तलिफ़ चीज़ें करने की सलाहियत दी है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

κατὰ τὴν ἀναλογίαν τῆς πίστεως

मुमकिन मानी हैं 1) “वह ऐसी नबुव्वतें कहे जो ख़ुदा ने हमें जो ईमान दिया है उससे आगे न जाए” 2) “वह ऐसी नबुव्वतें कहे जो हमारे ईमान के तालीमात के साथ मुत्तफ़िक़ हों”।

Romans 12:8

ὁ μεταδιδοὺς

यहाँ “देने” से मुराद लोगों को रक़म और दूसरी चीज़ें देना है। आप इस मानी को अपने तर्जुमे में वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर किसी के पास रक़म या दूसरी चीज़ें ज़रुरतमन्द लोगों को देने की नेमत है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 12:9

ἡ ἀγάπη ἀνυπόκριτος

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें लोगों से मुख़लिस और हक़ीक़ी तौर पर महब्बत करना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἡ ἀγάπη

जो लफ्ज़ पौलुस यहाँ इस्तेमाल करता है उससे मुराद उस तरह की महब्बत है जो ख़ुदा से आती है और दूसरों की भलाई पर मरकूज़ होती है, यहाँ तक के जब यह ख़ुद के लिए फ़ायदेमंद न भी हो।

ἡ ἀγάπη

यह एक और लफ्ज़ है जिसके मानी है बिरादराना महब्बत या किसी दोस्त या कुन्बे के रुकन के लिए महब्बत। यह दोस्तों या रिश्तेदारों के दरमियान क़ुदरती महब्बत है।

Romans 12:10

τῇ φιλαδελφίᾳ…φιλόστοργοι

यहाँ पौलुस नौ चीज़ों की एक फ़ेहरिस्त शुरू करता है, हर एक “बाबत ... रहो” की शक्ल का, ईमानदारों को यह बताने के लिए के उन्हें किस क़िस्म के लोग होने चाहिए। आपको बाज़ चीज़ों को “बाबत ... करो” के तौर पर तर्जुमा करने की ज़रुरत हो सकती है। फ़ेहरिस्त रोमियों 12:13 तक जारी रहता है।

τῇ φιλαδελφίᾳ

जहाँ तक इसका ताल्लुक़ है तुम अपने साथी ईमानदारों से किस तरह महब्बत करते हो

φιλόστοργοι

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “प्यार को ज़ाहिर करो” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῇ τιμῇ ἀλλήλους προηγούμενοι

एक दूसरे का एहतराम और इज्ज़त करो या “अपने साथी ईमानदारों की इज्ज़त करने के ज़रिये उनका एहतराम करो”

Romans 12:11

τῇ σπουδῇ μὴ ὀκνηροί, τῷ πνεύματι ζέοντες, τῷ Κυρίῳ δουλεύοντες

अपने फ़र्ज़ में सुस्ती न करो, लेकिन रूह की पैरवी करने और ख़ुदावन्द की ख़िदमत करने में बेताब रहो

Romans 12:12

τῇ θλίψει ὑπομένοντες

जब कभी तुम्हें मुश्किलात हो तो सब्र से इन्तजार करो

Romans 12:13

ταῖς χρείαις τῶν ἁγίων κοινωνοῦντες

यह उस फ़ेहरिस्त में आख़िरी चीज़ है जो रोमियों 12:09 में शुरू हुई थी। “जब साथी मसीही मुश्किल में हों, उस चीज़ से उनकी मदद करो जिसकी उन्हें ज़रुरत है”

τὴν φιλοξενίαν διώκοντες

जब उन्हें क़याम के लिए किसी जगह की ज़रुरत हो तो उनका हमेशा अपने घर में इस्तक़बाल करो

Romans 12:16

τὸ αὐτὸ εἰς ἀλλήλους φρονοῦντες

यह एक मुहावरा है जिसके मानी है इत्तिहाद में रहना। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे के साथ मुत्तफ़िक़ हो” या “एक दूसरे के साथ इत्तिहाद में रहो” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

μὴ τὰ ὑψηλὰ φρονοῦντες

ऐसा न सोचो के तुम दूसरों से ज़ियादा अहम हो

τοῖς ταπεινοῖς συναπαγόμενοι

उन लोगों का इस्तक़बाल करो जो अहम नहीं लगते

μὴ γίνεσθε φρόνιμοι παρ’ ἑαυτοῖς

अपने आप को हर एक से ज़ियादा अक्लमन्द न समझो

Romans 12:17

μηδενὶ κακὸν ἀντὶ κακοῦ ἀποδιδόντες

किसी ऐसे के साथ बदी न करो जिसने तुम्हारे साथ बदी की हो

προνοούμενοι καλὰ ἐνώπιον πάντων ἀνθρώπων

ऐसी चीज़ें करो जो हर एक के नज़दीक अच्छी हों

Romans 12:18

τὸ ἐξ ὑμῶν, μετὰ πάντων ἀνθρώπων εἰρηνεύοντες

हर एक के साथ सुलह से रहने के लिए तुम जो भी कर सकते हो करो

Romans 12:19

δότε τόπον τῇ ὀργῇ

यहाँ “ग़ज़ब” ख़ुदा की सजा के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “उनको सज़ा देने के लिए ख़ुदा को इजाज़त दो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

γέγραπται γάρ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके किसी ने लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐμοὶ ἐκδίκησις; ἐγὼ ἀνταποδώσω

इन दोनों फ़िक़रों के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है और इस पर ज़ोर देते हैं के ख़ुदा अपने लोगों का इन्तक़ाम लेगा” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

Romans 12:20

ὁ ἐχθρός σου, ψώμιζε αὐτόν;…πότιζε αὐτόν; τοῦτο γὰρ ποιῶν,…σωρεύσεις

“तुम” और “तुम्हारी” की तमाम सूरतें एक शख्स को मुख़ातिब की गयी हैं। (देखें: INVALID translate/figs-you)

ἀλλὰ ἐὰν πεινᾷ ὁ ἐχθρός σου, ψώμιζε αὐτόν; ἐὰν διψᾷ, πότιζε αὐτόν; τοῦτο γὰρ ποιῶν, ἄνθρακας πυρὸς σωρεύσεις ἐπὶ τὴν κεφαλὴν αὐτοῦ.

12:20 में, पौलुस सहीफ़े के एक और हिस्से का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन सहीफ़ा भी कहता है, ‘अगर तेरा दुश्मन भूका हो .... सिर पर लगाएगा’”

ψώμιζε αὐτόν

उसे कुछ खाने को दे

ἄνθρακας πυρὸς σωρεύσεις ἐπὶ τὴν κεφαλὴν αὐτοῦ

पौलुस उन बरकतों का ज़िक्र करता है जो दुश्मन हासिल करेंगे गोया कोई उनके सिर पर गर्म कोयले डाल रहा हो। मुमकिन मानी है 1) “जिस शख्स ने तुम्हें नुक्सान पहुँचाया है उसको इस बाबत बुरा महसूस कराओ के उसने तुम्हारे साथ कैसी बदसलूकी की है” या 2) “ख़ुदा को अपने दुश्मन का ज़ियादा सख्ती से फ़ैसला करने की वजह दो”। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 12:21

μὴ νικῶ ὑπὸ τοῦ κακοῦ, ἀλλὰ νίκα ἐν τῷ ἀγαθῷ τὸ κακόν

पौलुस “बदी” का बयान इस तरह करता है गोया यह कोई शख्स हो। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बदकारों को तुम्हें शिकस्त न देने दो, लेकिन अच्छा करने के ज़रिये बदकारों को शिकस्त दो” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-activepassive)

μὴ νικῶ ὑπὸ τοῦ κακοῦ, ἀλλὰ νίκα…τὸ κακόν

ये फ़अल एक ही शख्स से मुख़ातिब हैं और पस वाहिद हैं। (देखें: INVALID translate/figs-you)

Romans 13

रोमियों 13 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

इस बाब के पहले हिस्से में, पौलुस मसीहियों को उन हुक्मरानों की इताअत करने के तालीमात देता है जो उन पर हुकूमत करते हैं। उस वक़्त, बेदीन रोमी हुक्मरान उस सरज़मीन पर हुकूमत करते थे। (देखें: ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती )

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

बेदीन हुक्मरान

जब पौलुस हुक्मरानों की इताअत करने की बाबत तालीम देता है, बाज़ कारअीन को यह समझना मुश्किल होगा, ख़ास तौर से उन मक़ामों में जहाँ हुक्मरान कलीसिया पर ज़ुल्म करते हैं। मसीहियों को अपने हुक्मरानों की इताअत करना और ख़ुदा की इताअत करना लाज़िम है, जब तक के हुक्मरान मसीहियों को किसी ऐसी चीज़ की इजाज़त न दें जिसे ख़ुदा वाज़े तौर पर उन्हें करने का हुक्म देता है। ऐसे वक़्त आते हैं जब ईमानदार को इन हुक्मरानों के हवाले होना और उनके हाथों तकलीफ़ उठाना पड़ता है। मसीही समझते हैं के यह दुनिया आरिज़ी है और वो आख़िर को हमेशा के लिए ख़ुदा के साथ होंगे। (देखें: अबदियत, हमेशा के लिए, हमेशा की ज़िन्दगी )

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

जिस्म

यह एक पेचीदा मसअला है। “जिस्म” शायद हमारे गुनाहगार फ़ितरत के लिए एक इस्तआरा है। पौलुस यह तालीम नहीं दे रहा के हमारे जिस्मानी बदन गुनाहगार हैं। पौलुस यह तालीम देता हुआ दिखाई देता है के जब तक मसीही ज़िन्दा हैं (“जिस्म में”), हम गुनाह करते रहेंगे। लेकिन हमारी नई फ़ितरत हमारी पुरानी फ़ितरत के ख़िलाफ़ लड़ती रहेगी। (देखें: गोश्त और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

Romans 13:1

पौलुस ईमानदारों को बताता है के अपने हुक्मरानों के तहत किस तरह ज़िन्दगी जीना चाहिए।

πᾶσα ψυχὴ…ὑποτασσέσθω

यहाँ “जान” पूरे शख्स के लिए एक मजाज़ मर्सल है। “हर एक मसीही को इताअत करना चाहिए” या “हर एक को इताअत करना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

ἐξουσίαις ὑπερεχούσαις

हुकूमत के ओहदेदारों

γὰρ

क्यूँके

οὐ…ἔστιν ἐξουσία, εἰ μὴ ὑπὸ Θεοῦ

तमाम इख्तियार ख़ुदा की तरफ़ से आते हैं

αἱ δὲ οὖσαι ὑπὸ Θεοῦ τεταγμέναι εἰσίν

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “और इख्तियार में जो लोग हैं, वहाँ हैं क्यूँके ख़ुदा ने उनको वहाँ रख्खा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 13:2

τῇ ἐξουσίᾳ

वह हुकूमती इख्तियार या “वह इख्तियार जिसे ख़ुदा ने इक़्तदार में रख्खा है”

οἱ…ἀνθεστηκότες, ἑαυτοῖς κρίμα λήμψονται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा उनका इन्साफ़ करेगा जो हुकूमती इख्तियार की मुख़ालिफ़त करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 13:3

γὰρ

पौलुस इस लफ्ज़ का इस्तेमाल रोमियों 13:2 के अपने वज़ाहत को शुरू करने के लिए करता है और इन बाबत बताने के लिए के अगर हुकूमत किसी शख्स को मुजरिम क़रार देती है तो उसका नतीजा क्या होगा।

οἱ…ἄρχοντες οὐκ εἰσὶν φόβος

हुक्मरान अच्छे लोगों को खौफ़ज़दा नहीं करते हैं।

τῷ ἀγαθῷ ἔργῳ,…τῷ κακῷ

लोगों की शिनाख्त उनके “अच्छे आमाल” या “बुरे आमाल” से की जाती है।

θέλεις δὲ μὴ φοβεῖσθαι τὴν ἐξουσίαν

पौलुस इस सवाल का इस्तेमाल लोगों को इस बाबत सोचने के लिए करता है के हुक्मरानों से खौफ़ज़दा न होने के लिए उन्हें क्या करने की ज़रुरत है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तुम्हें बताता हूँ के तुम हुक्मरानों से बेख़ौफ़ कैसे रह सकते हो”। (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

ἕξεις ἔπαινον ἐξ αὐτῆς

हुकूमत उन लोगों की बाबत अच्छी चीज़ें कहेगी जो वह करते हैं जो अच्छा है।

Romans 13:4

οὐ…εἰκῇ τὴν μάχαιραν φορεῖ

आप इसे मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह किसी बहुत अच्छी वजह से तलवार लेकर चलता है” या “उसके पास लोगों को सज़ा देने का इख्तियार है, और वह लोगों का सज़ा देगा” (देखें: INVALID translate/figs-litotes)

τὴν μάχαιραν φορεῖ

रोमी हाकिम एक छोटी तलवार अपने इख्तियार की अलामत के तौर पर लेकर चलते थे। (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἔκδικος εἰς ὀργὴν

यहाँ “ग़ज़ब” लोगों को मिलने वाली सज़ा की नुमाइंदगी करता है जब वह बुरे काम करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “एक ऐसा शख्स जो लोगों को बुराई के ख़िलाफ़ हुकूमत के गुस्से के इज़हार के तौर पर सज़ा देता है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 13:5

οὐ μόνον διὰ τὴν ὀργὴν, ἀλλὰ καὶ διὰ τὴν συνείδησιν

सिर्फ़ इसलिए नहीं के हुकूमत तुम्हें सज़ा नहीं देगी, बल्के इसलिए भी के ख़ुदा के सामने तुम्हारा ज़मीर साफ़ होगा

Romans 13:6

διὰ τοῦτο

क्यूँके हुकूमत बदकारों को सज़ा देती है

τελεῖτε

पौलुस यहाँ ईमानदारों से ख़िताब कर रहा है, पस यह जमा है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

γὰρ…εἰσιν

लिहाज़ा तुम्हें ख़िराज अदा करना चाहिए: हक्काम

προσκαρτεροῦντες

इन्तज़ाम करना या “मश्गूल रहना”

Romans 13:7

ἀπόδοτε πᾶσι

पौलुस यहाँ ईमानदारों से ख़िताब कर रहा है, पस यह जमा है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

τῷ τὸν φόρον, τὸν φόρον; τῷ τὸ τέλος, τὸ τέλος; τῷ τὸν φόβον, τὸν φόβον; τῷ τὴν τιμὴν, τὴν τιμήν

लफ्ज़ “अदा” को पिछले जुमले से समझा गया है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसको ख़िराज चाहिए उसे ख़िराज अदा करो और जिसको महसूल चाहिए उसे महसूल अदा करो। जिससे खौफ़ रखना चाहिए उससे खौफ़ रखो और जिसकी इज्ज़त करना चाहिए उसकी इज्ज़त करो” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

τῷ τὸν…φόβον, τὸν φόβον; τῷ τὴν τιμὴν, τὴν τιμήν

यहाँ खौफ़ और इज्ज़त उन लोगों से खौफ़ रखने और इज्ज़त करने के लिए इस्तआरे हैं जो खौफ़ और इज्ज़त के मुस्तहक़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उनसे खौफ़ रखो जो खौफ़ के मुस्तहक़ हैं, और उनका इज्ज़त करो जो इज्ज़त के मुस्तहक़ हैं” या “उनका एहतराम करो जिनका तुम्हें एहतराम करना चाहिए, और उनका इज्ज़त करो जिनका तुम्हें इज्ज़त करना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ τέλος

यह एक तरह का ख़िराज है।

Romans 13:8

पौलुस ईमानदारों को बताता है के पड़ोसियों से किस तरह सुलूक करना चाहिए।

μηδενὶ μηδὲν ὀφείλετε, εἰ μὴ τὸ ἀλλήλους ἀγαπᾶν

यह दोहरा मनफ़ी है। आप इसे मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “सब को तमाम क़र्ज़ अदा करो, और एक दूसरे से महब्बत करो” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

ὀφείλετε

यह फ़अल जमा है और तमाम रोमी मसीहियों पर लागू होता है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

εἰ μὴ τὸ ἀλλήλους ἀγαπᾶν

यह वही एक क़र्ज़ है जो क़ायम रह सकता है जिस तरह ऊपर नोट में दिखाया गया है।

ἀγαπᾶν

यह उस क़िस्म की महब्बत से मुराद है जो ख़ुदा की तरफ से आती है और दूसरों की भलाई पर मरकूज़ होती है, यहाँ तक के जब यह ख़ुद के लिए फ़ायदेमंद न भी हो।

Romans 13:9

ἐπιθυμήσεις

किसी ऐसी चीज़ को रखने या क़ब्ज़ा करने की ख्वाहिश करना जो किसी दूसरे शख्स की मल्कियत है।

Romans 13:10

ἡ ἀγάπη τῷ πλησίον κακὸν οὐκ ἐργάζεται

यह फ़िक़रा एक ऐसे शख्स की हैसियत से महब्बत की तस्वीर कशी करता है जो दूसरे लोगों के साथ महरबान हो रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह लोग जो अपने पड़ोसियों से महब्बत करते है उन्हें नुक्सान नहीं पहुँचाते” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 13:11

εἰδότες τὸν καιρόν, ὅτι ὥρα ἤδη ὑμᾶς ἐξ ὕπνου ἐγερθῆναι

पौलुस रोमी ईमानदारों को उनके रवैये तब्दील करने की ज़रुरत का ज़िक्र करता है गोया उन्हें नींद से जागने की ज़रुरत थी। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 13:12

ἡ νὺξ προέκοψεν

पौलस उस वक़्त का ज़िक्र रात के तौर पर करता है जब लोग बुरे काम करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “गुनाह का वक़्त तक़रीबन ख़त्म हो चुका है” या “यह ऐसा ही है जैसे रात तक़रीबन गुज़र गयी है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἡ…ἡμέρα ἤγγικεν

पौलस उस वक़्त का ज़िक्र दिन के तौर पर करता है जब लोग अच्छे काम करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “रास्तबाज़ी का वक़्त जल्द शुरू होगा” या “यह ऐसा ही है जैसे जल्द ही दिन होगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἀποθώμεθα οὖν τὰ ἔργα τοῦ σκότους

पौलुस “तारीकी के कामों” का ज़िक्र करता है गोया वो कपड़े हैं जिन्हें कोई शख्स अलग तरफ़ रखता है। यहाँ “अलग तरफ़ रखना” के मानी है किसी चीज़ को करने से रुकना। यहाँ “तारीकी” बुराई के किये एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा: “लिहाज़ा आयें हम उन बुरी चीज़ों को करना बन्द करें जो लोग तारीकी में करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐνδυσώμεθα…τὰ ὅπλα τοῦ φωτός

यहाँ “रौशनी” अच्छा और सहीह के लिए एक इस्तआरा है। पौलुस सहीह करने का ज़िक्र करता है गोया यह किसी का ख़ुद की हिफ़ाज़त के लिए बकतर पहनना हो। मुतबादिल तर्जुमा: “आईये सहीह काम करने लगें। ऐसा करना बुराई से हमारी हिफ़ाज़त करेगा जिस तरह बकतर एक सिपाही की हिफाज़त करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 13:13

περιπατήσωμεν

पौलुस अपने कारअीन और दीगर ईमानदारों को ख़ुद के साथ शामिल करता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ὡς ἐν ἡμέρᾳ εὐσχημόνως περιπατήσωμεν

पौलुस सच्चे ईमानदारों की तरह ज़िन्दगी जीने का ज़िक्र करता है गोया कोई दिन में चल रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “आईये यह जानते हुए आशकारा तरीक़े में चलें के हर एक हमें देख सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

κοίταις καὶ ἀσελγείαις

इन तसव्वरात के मानी बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ है। आप अपने तर्जुमे में इन्हें मुत्तहिद कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिन्सी तौर पर ग़ैर इखलाक़ी हरकतें” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ἔριδι

इससे मुराद दूसरे लोगों के ख़िलाफ़ साज़िश करना और बहस करना है।

ζήλῳ

इससे मुराद किसी दूसरे शख्स की कामयाबी या दूसरों पर फायदे के ख़िलाफ़ मनफ़ी जज़्बात हैं।

Romans 13:14

ἐνδύσασθε τὸν Κύριον Ἰησοῦν Χριστόν

पौलुस मसीह के इखलाक़ी फ़ितरत को क़बूल करने का ज़िक्र करता है गोया वह हमारा बाहरी पोशाक है जिसे लोग देख सकते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐνδύσασθε

अगर आपकी ज़बान में अहकामात के लिए जमा शक्ल है, उसे यहाँ इस्तेमाल करें।

τῆς σαρκὸς πρόνοιαν μὴ ποιεῖσθε

यहाँ “जिस्म” से मुराद लोगों की ख़ुद-मुख्तार फ़ितरत है जो ख़ुदा की मुखालिफ़त करते हैं। यह इन्सानों की गुनाहगार फ़ितरत है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने पुराने शरीर दिल को शरीर काम करने का कोई मौक़ा न दें” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 14

रोमियों 14 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा इस बाब के आयत 20 के साथ करता है, जिसका पौलुस पुराने अहदनामे से हवाला देता है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

ईमान में कमज़ोर

पौलुस तालीम देता है के मसीहियों को हक़ीक़ी ईमान हो सकता है और एक ही वक़्त में किसी दिए गए सूरते हाल में “ईमान में कमज़ोर” हो सकते हैं। यह उन मसीहियों का बयान करता है जिनका ईमान नादान है, मज़बूत नहीं है, या ग़लत फ़हमी है। (देखें: ईमान )

ग़ज़ाई पाबन्दियाँ

क़दीम में मशरिक़ के क़रीब बहुत से मज़ाहिब ने जो खाया जाता था उस पर पाबन्दियाँ आयद की थीं। मसीहियों को जो वो चाहें खाने की आज़ादी है। लेकिन उन्हें इस आज़ादी का दानिशमंदी से इस्तेमाल करने की ज़रुरत है, ऐसे तरीक़े से जो ख़ुदावन्द की इज्ज़त करे और दूसरों के लिए गुनाह का सबब न बने। (देखें: गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)

ख़ुदा का तख़्त-ए-अदालत

ख़ुदा का तख़्त-ए-अदालत या मसीह एक वक़्त की नुमाइंदगी करता है जब तमाम लोग, बशमोल मसीही, अपनी ज़िन्दगी गुजरने के तरीक़े के लिए जवाबदेह होंगे।

Romans 14:1

पौलुस ईमानदारों को यह याद रखने के लिए हौसलाअफ़ज़ाई करता है के वो ख़ुदा के सामने जवाबदेह हैं।

ἀσθενοῦντα τῇ πίστει

इससे मुराद वो लोग है जिन्होंने कुछ चीज़ें खाने पीने के मामले में क़ुसूरवार महसूस किया।

μὴ εἰς διακρίσεις διαλογισμῶν

और उनकी राय के लिए उनकी मज़म्मत न करो

Romans 14:2

ὃς μὲν πιστεύει φαγεῖν πάντα

यहाँ “ईमान” से मुराद वह करने से है जो एक शख्स ईमान रखता है के ख़ुदा उसे करने के लिए कह रहा है।

ὁ…ἀσθενῶν λάχανα ἐσθίει

यह उस शख्स का बयान करता है जो ईमान रखता है के ख़ुदा नहीं चाहता के वो गोश्त खाए।

Romans 14:4

σὺ τίς εἶ, ὁ κρίνων ἀλλότριον οἰκέτην

पौलुस एक सवाल का इस्तेमाल उन लोगों को डाँटने के लिए कर रहा है जो दूसरों पर इल्ज़ाम लगा रहे हैं। आप इसे एक बयान के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम ख़ुदा नहीं हो, और तुम्हें उसके किसी नौकर का इन्साफ़ करने की इजाज़त नहीं है!” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion)

σὺ…ὁ κρίνων

यहाँ “तुम” की शक्ल वाहिद है। (देखें: INVALID translate/figs-you)

τῷ ἰδίῳ κυρίῳ στήκει ἢ πίπτει

पौलुस ख़ुदा का ज़िक्र करता है गोया वह एक मालिक था जो नौकरों का मालिक था। मुतबादिल तर्जुमा: सिर्फ़ मालिक फ़ैसला कर सकता है के वह नौकर को क़बूल करेगा या नहीं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

σταθήσεται δέ, δυνατεῖ γὰρ ὁ Κύριος στῆσαι αὐτόν

पौलुस उस नौकर का ज़िक्र करता है जो ख़ुदा को क़बूल है गोया वह गिरने की बजाय “क़ायम किया” जा रहा था। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन खुदावन्द उसे क़बूल करेगा क्यूँके वह नौकर को क़ाबिले क़बूल बनाने की सलाहियत रखता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 14:5

ὃς μὲν κρίνει ἡμέραν παρ’ ἡμέραν; ὃς δὲ κρίνει πᾶσαν ἡμέραν.

कोई शख्स सोचता है के एक दिन दूसरे सब से ज़ियादा अहम है, लेकिन कोई और शख्स सोचता है के सब दिन बराबर हैं

ἕκαστος ἐν τῷ ἰδίῳ νοῒ, πληροφορείσθω

आप पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में भी कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हर शख्स यह यक़ीनी बनाए के वह जो भी कर रहा है ख़ुदावन्द की इज्ज़त के लिए करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 14:6

ὁ φρονῶν τὴν ἡμέραν, Κυρίῳ φρονεῖ

यहाँ “मानता है” से मुराद इबादत करना है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो शख्स किसी ख़ास दिन को इबादत करता है वह ख़ुदावन्द की इज्ज़त के लिए करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ὁ ἐσθίων

लफ्ज़ “हर चीज़” को रोमियों 14:3 से समझा गया है। इसे यहाँ दोहराया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह शख्स जो हर क़िस्म का खाना खाता है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

Κυρίῳ ἐσθίει

ख़ुदावन्द की इज्ज़त के लिए खाता है या “ख़ुदा की इज्ज़त के लिए उस तरह से खाता है”

καὶ ὁ μὴ ἐσθίων

लफ्ज़ “हर चीज़” को रोमियों 14:3 से समझा गया है। इसे यहाँ दोहराया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह जो हर चीज़ नहीं खाता है” या “वह शख्स जो कुछ क़िस्म के खाने नहीं खाता है” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

Romans 14:7

οὐδεὶς γὰρ ἡμῶν ἑαυτῷ ζῇ

यहाँ “अपने वास्ते जीता है” के मानी है सिर्फ़ ख़ुद को ख़ुश करने के लिए जीना। मुतबादिल तर्जुमा: “सिर्फ़ ख़ुद को ख़ुश करने के लिए हममें से किसी को भी नहीं जीना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

οὐδεὶς…ἡμῶν

पौलुस अपने कारअीन को शामिल कर रहा है, लिहाज़ा यह मुश्तमिल है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

οὐδεὶς ἑαυτῷ ἀποθνῄσκει

इसके मानी है के किसी की मौत दूसरे लोगों को मुतासिर करती है। मुतबादिल तर्जुमा: “हममें से किसी को नहीं सोचना चाहिए के जब हम मरते हैं, यह सिर्फ़ हमें मुतासिर करता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 14:8

पौलुस अपना और अपने कारअीन दोनों का ज़िक्र कर रहा है, लिहाज़ा “हम” के तमाम वाक़यात मुश्तमिल हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Romans 14:10

τί κρίνεις τὸν ἀδελφόν σου? ἢ καὶ σὺ τί ἐξουθενεῖς τὸν ἀδελφόν σου

इन सवालात के इस्तेमाल के ज़रिये, पौलुस मुज़ाहिरा कर रहा है के किस तरह उसे अपने कारअीन के दरमियान अफ़राद को डाँटने की ज़रुरत हो सकती है। मुतबादिल तर्जुमा: “तेरे भाई पर इल्ज़ाम लगाना तेरे लिए ग़लत है, और तेरे भाई को हक़ीर जानना तेरे लिए ग़लत है!” या “अपने भाई पर इल्ज़ाम लगाना और हक़ीर जानना बन्द कर!” (देखें: INVALID translate/figs-you)

τὸν ἀδελφόν

यहाँ इसके मानी है एक साथी मसीही, मर्द या औरत।

πάντες γὰρ παραστησόμεθα τῷ βήματι τοῦ Θεοῦ

तख़्त-ए-अदालत” से मुराद ख़ुदा का इन्साफ़ करने का इख्तियार है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा हम सब का इन्साफ़ करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 14:11

γέγραπται γάρ…ἐγώ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके किसी ने सहीफ़ों में लिखा है: ‘जैसे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ζῶ ἐγώ

यह फ़िक़रा हलफ़ या पुख्ता वादा शुरू करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “आप यक़ीन कर सकते हैं के यह सच है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἐμοὶ κάμψει πᾶν γόνυ, καὶ πᾶσα γλῶσσα ἐξομολογήσεται τῷ Θεῷ

पौलुस अल्फ़ाज़ “घुटना” और “ज़बान” का इस्तेमाल पूरे शख्स का हवाला देने के लिए करता है। नीज़, ख़ुदावन्द अपने आप का ज़िक्र करने के लिए लफ्ज़ “ख़ुदा” इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक शख्स झुकेगा और मेरी तम्जीद करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-123person)

Romans 14:12

περὶ ἑαυτοῦ, λόγον δώσει τῷ Θεῷ

ख़ुदा के सामने अपने आमाल की वज़ाहत करनी होगी

Romans 14:13

ἀλλὰ τοῦτο κρίνατε μᾶλλον, τὸ μὴ τιθέναι πρόσκομμα τῷ ἀδελφῷ ἢ σκάνδαλον

यहाँ “ठोकर” और “फन्दा” के बुमियादी मानी एक ही चीज़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन इसके बजाय अपना मक़सद बनाओ के ऐसा कोई काम न करो या कहो जो किसी साथी ईमानदार के गुनाह करने का सबब बन सकता हो” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

τῷ ἀδελφῷ

यहाँ इसके मानी है एक साथी मसीही, मर्द या औरत।

Romans 14:14

οἶδα καὶ πέπεισμαι ἐν Κυρίῳ Ἰησοῦ

यहाँ अल्फ़ाज़ “मालूम होना” और “यक़ीन होना” के बुनियादी मानी एक ही चीज़ है; पौलुस इनका इस्तेमाल अपने यक़ीन पर ज़ोर देने के लिए करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे यक़ीन है ख़ुदावन्द यिसू के साथ मेरी ताल्लुक़ात की वजह से” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

οὐδὲν κοινὸν δι’ ἑαυτοῦ

आप इसे मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हर चीज़ अपने आप से पाक है” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)

δι’ ἑαυτοῦ

इसके फ़ितरत से या “इस वजह से के यह जो है”

εἰ μὴ τῷ λογιζομένῳ τι κοινὸν εἶναι, ἐκείνῳ κοινόν

यहाँ पौलुस का मतलब है के एक शख्स को ऐसी किसी भी चीज़ से दूर रहना चाहिए जो उसके ख़याल में नापाक है। आप अपने तर्जुमे में इसे वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अगर कोई शख्स सोचता है के कोई चीज़ नापाक है, फिर उस शख्स के लिए यह नापाक है और उसे इससे दूर रहना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 14:15

εἰ…διὰ βρῶμα, ὁ ἀδελφός σου λυπεῖται

अगर तुम खाने के मामले पर अपने साथी ईमानदार के ईमान को रंज पहुँचाते हो। यहाँ “तेरे” से मुराद वो हैं जो ईमान में मज़बूत हैं और “भाई” से मुराद वो हैं जो ईमान में कमज़ोर हैं।

ὁ ἀδελφός

यहाँ इसके मानी है एक साथी मसीही, मर्द या औरत।

οὐκέτι κατὰ ἀγάπην περιπατεῖς

पौलुस ईमानदारों के रवैये का ज़िक्र करता है गोया यह चहल क़दमी हो। मुतबादिल तर्जुमा: “फिर तुम महब्बत का इज़हार नहीं कर रहे हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 14:16

μὴ βλασφημείσθω οὖν ὑμῶν τὸ ἀγαθόν

अगर कोई सोचता है के कोई चीज़ बुरी है, तो इसे मत करो, चाहे तुम इसे अच्छा समझते हो

Romans 14:17

οὐ γάρ ἐστιν ἡ Βασιλεία τοῦ Θεοῦ βρῶσις καὶ πόσις, ἀλλὰ δικαιοσύνη, καὶ εἰρήνη, καὶ χαρὰ ἐν Πνεύματι Ἁγίῳ

पौलुस दलीलें देता है के ख़ुदा ने अपनी बादशाही क़ायम की ताके वह हमें अपने साथ एक सहीह रिश्ता दे सके, और सुकून और ख़ुशी मुहैया कर सके। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने अपनी बादशाही इस वास्ते नहीं क़ायम की ताके वह हम पर हुकूमत कर सके के हम क्या खाते और पीते हैं। उसने अपनी बादशाही क़ायम की ताके हम उसके साथ सहीह ताल्लुक़ात क़ायम कर सकें, और इस तरह वो हमें सुकून और ख़ुशी दे सके” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 14:18

δόκιμος τοῖς ἀνθρώποις

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लोग उसे मंज़ूर करेंगे” या “लोग उसकी इज्ज़त करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 14:19

τὰ τῆς εἰρήνης διώκωμεν, καὶ τὰ τῆς οἰκοδομῆς τῆς εἰς ἀλλήλους

यहाँ “बाहमी तरक्क़ी” से मुराद ईमान में बढ़ने के लिए एक दूसरे की मदद करना है। मुतबादिल तर्जुमा: “आओ हम मिलकर पुर अमन तौर पर ज़िन्दगी गुज़ारने की कोशिश करें और एक दूसरे को ईमान में मज़बूत तर बनाने में मदद करें” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 14:20

μὴ ἕνεκεν βρώματος, κατάλυε τὸ ἔργον τοῦ Θεοῦ

आप इस जुमले का पूरा मानी वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने किसी साथी ईमानदार के लिए जो किया है उसको ज़ाया न करो सिर्फ़ इसलिए के तुम एक ख़ास क़िस्म का खाना खाना चाहते हो” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἀλλὰ κακὸν τῷ ἀνθρώπῳ τῷ διὰ προσκόμματος ἐσθίοντι

यहाँ कुछ भी जो “उसके ठोकर का सबब है” के मानी है यह एक कमज़ोर भाई के लिए कुछ ऐसा करने का सबब बनता है जो उसके ज़मीर के ख़िलाफ़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन किसी के लिए ऐसा खाना खाना गुनाह होगा जिसे कोई और भाई सोचता है के इसे खाना ग़लत हैं, अगर इसे खाने से कमज़ोर भाई के लिए कुछ ऐसा करने का सबब बनता है जो उसके ज़मीर के ख़िलाफ़ है।

Romans 14:21

καλὸν τὸ μὴ φαγεῖν κρέα, μηδὲ πιεῖν οἶνον, μηδὲ ἐν ᾧ ὁ ἀδελφός σου προσκόπτει

बेहतर है गोश्त न खाना या मय न पीना या कुछ भी ऐसा न करना जो तेरे भाई के लिए गुनाह का सबब बन सकता है

ὁ ἀδελφός

यहाँ इसके मानी है एक साथी मसीही, मर्द या औरत।

σου

यह ईमान में मज़बूत से मुराद है और “भाई” ईमान में कमज़ोर से मुराद है।

Romans 14:22

σὺ πίστιν ἣν ἔχεις

यह वापस खाने और पीने की बाबत अक़ायद का हवाला देता है

σὺ…σεαυτὸν

वाहिद। क्यूँके पौलुस ईमानदारों से ख़िताब कर रहा है, आप जमा का इस्तेमाल करते हुए इसका तर्जुमा कर सकते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-you)

μακάριος ὁ μὴ κρίνων ἑαυτὸν ἐν ᾧ δοκιμάζει

मुबारक हैं वो जो उस काम के लिए मुजरिम महसूस नहीं करते जिसे करने का वो फ़ैसला करते हैं

Romans 14:23

ὁ δὲ διακρινόμενος, ἐὰν φάγῃ, κατακέκριται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा फ़रमायेगा के वह शख्स ग़लत काम करता है अगर उसे इस बात का यक़ीन नहीं है के कुछ ख़ास खाना खाना सहीह है, लेकिन वह इसे बहरहाल खाता है” या “वह शख्स जिसे यक़ीन नहीं है के कुछ ख़ास खाना खाना सहीह है, लेकिन फिर भी इसे खा लेता है उससे परेशान ज़मीर होगा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὅτι οὐκ ἐκ πίστεως

कोई भी चीज़ जो “ईमान से नहीं है” वह चीज़ है जो ख़ुदा नहीं चाहता है के तुम करो। आप यहाँ पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा कहेगा के वह ग़लत है क्यूँके वह ऐसी कोई चीज़ खा रहा है जिस पर उसे यक़ीन है के ख़ुदा नहीं चाहता के वह खाए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

πᾶν δὲ ὃ οὐκ ἐκ πίστεως, ἁμαρτία ἐστίν

कोई भी चीज़ जो “ईमान से नहीं है” वह चीज़ है जो ख़ुदा नहीं चाहता है के तुम करो। आप यहाँ पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम गुनाह कर रहे हो अगर तुम कुछ ऐसा करते हो जिस पर तुम को यक़ीन नहीं है के ख़ुदा चाहता है के तुम करो” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15

रोमियों 15 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

बाज़ तर्ज़ुमे शायरी की हर कतार को बाकी मतन से दहनी तरफ रखती हैं ताके उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा इस बाब के आयात 9-11 और 21 के साथ करता है, जो पुराने अहदनामे के अल्फ़ाज़ हैं।

बाज़ तर्ज़ुमे पुराने अहदनामे के नस्र हवालों को बाकी मतन से सफ़हे पर दहनी तरफ रखती हैं। ULT ऐसा आयत 12 में हवाला दिए हुए अल्फ़ाज़ के साथ करता है।

रोमियों 15:14 में, पौलुस ज़ियादा ज़ाती तौर पर बोलना शुरू करता है। वह तालीम देने से अपने ज़ाती मन्सूबे बताने की तरफ़ मुन्तक़िल करता है।

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

ज़ोरआवर/कमज़ोर

ये इस्तेलाहात उन लोगों की तरफ़ इशारा करने के लिए इस्तेमाल किये गए हैं जो अपने ईमान में पुख्ता और नादान हैं। पौलुस तालीम देता है के जो लोग ईमान में मज़बूत हैं उनको उन लोगों की मदद करने की ज़रुरत है जो ईमान में कमज़ोर हैं। (देखें: ईमान )

Romans 15:1

ईमानदारों को दूसरों के लिए ज़िन्दगी बसर करने की बाबत और उन्हें याद दिलाते हुए के मसीह ने किस तरह ज़िन्दगी गुज़ारी, पौलस इस हिस्से का इख्तताम करता है।

δὲ

इसे उन अल्फ़ाज़ का इस्तेमाल करते हुए तर्जुमा करें जो आपकी ज़बान किसी दलील में एक नए ख़याल का तआर्रुफ़ करने के लिए इस्तेमाल करती है।

ἡμεῖς, οἱ δυνατοὶ

यहाँ “ज़ोरआवर” से मुराद वह लोग हैं जो अपने ईमान में मज़बूत हैं। वो ईमान रखते हैं के ख़ुदा उन्हें किसी भी क़िस्म का खाने खाने की इजाज़त देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम जो ईमान में मज़बूत हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἡμεῖς

इससे मुराद पौलुस, उसके कारअीन, और दीगर ईमानदार हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

τῶν ἀδυνάτων

यहाँ “नातवान” से मुराद वह लोग हैं जो अपने ईमान में कमज़ोर हैं। वो ईमान रखते हैं के ख़ुदा उन्हें कुछ क़िस्मों का खाना खाने की इजाज़त नहीं देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो जो ईमान में कमज़ोर हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:2

πρὸς οἰκοδομήν

इससे, पौलुस का मतलब है किसी के ईमान को मज़बूत करना। मुतबादिल तर्जुमा: “उसके ईमान को मज़बूत करना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:3

καθὼς γέγραπται

यहाँ पौलुस एक सहीफ़े का हवाला देता है जहाँ मसीह (मसीहा) ख़ुदा से बात करता है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीहा ने सहीफ़ों में ख़ुदा से कहा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

οἱ ὀνειδισμοὶ τῶν ὀνειδιζόντων σε, ἐπέπεσαν ἐπ’ ἐμέ

ख़ुदा की तौहीन करने वालों की तौहीन मसीह पर आ पड़े।

Romans 15:4

ὅσα γὰρ προεγράφη, εἰς τὴν ἡμετέραν διδασκαλίαν ἐγράφη

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “माज़ी के ज़माने में, नबियों ने हमें तालीम देने के लिए सहीफ़ों में सब कुछ लिखा था” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἡμετέραν…ἔχωμεν

पौलुस अपने कारअीन और दीगर ईमानदारों को शामिल करता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

ἵνα διὰ τῆς ὑπομονῆς καὶ διὰ τῆς παρακλήσεως τῶν Γραφῶν, τὴν ἐλπίδα ἔχωμεν

यहाँ “ऐतिमाद रख्खें” के मानी है के ईमानदार जानेंगे के ख़ुदा अपने वायदों को पूरा करेगा। आप अपने तर्जुमे में पूरे मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “इस तरह से सहीफ़े यह उम्मीद करने के लिए हमारी हौसलाअफ़ज़ाई करेंगे के ख़ुदा हमारे लिए सब कुछ करेगा जो उसने वादा किया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:5

पौलुस ईमानदारों को यह याद रखने के लिए हौसलाअफ़ज़ाई करता है के ग़ैर यहूदी ईमानदार और यहूदी जो ईमान रखते हैं मसीह में एक कर दिए गए हैं।

Θεὸς…δῴη

मैं दुआ करताहूँ के ... ख़ुदा ... तौफ़ीक़ देगा

τὸ αὐτὸ φρονεῖν ἐν ἀλλήλοις

यहाँ “यकदिल” होना एक मजाज़ी है जिसके मानी है एक दूसरे के साथ रज़ामन्दी में होना। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे के साथ रज़ामन्दी में होना” या “मुत्तहिद होना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 15:6

ἐν ἑνὶ στόματι, δοξάζητε

इसके मानी है ख़ुदा की तम्जीद करने में मुत्तहिद होना। मुतबादिल तर्जुमा: “इत्तिहाद में एक साथ ख़ुदा की ऐसे तम्जीद करो गोया सिर्फ़ एक ही मुँह बोल रहा हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 15:7

προσλαμβάνεσθε ἀλλήλους

एक दूसरे को क़बूल करो

Romans 15:8

λέγω γὰρ

क्यूँके मैं कहता हूँ लफ्ज़ मैं” पौलुस से मुराद है।

Χριστὸν διάκονον γεγενῆσθαι περιτομῆς

यहाँ “मख्तून” एक मजाज़ी है जो यहूदियों से मुराद है। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “यिसू मसीह यहूदियों का ख़ादिम बना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-activepassive)

εἰς τὸ βεβαιῶσαι τὰς ἐπαγγελίας

यह उन दो मक़ासिद में से एक है जिसके लिए मसीह मख्तूनों का ख़ादिम बना।

τὰς ἐπαγγελίας τῶν πατέρων

यहाँ “बाप-दादा” से मुराद यहूदी लोगों के आबाओ अजदाद हैं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। “वायदे जो ख़ुदा ने यहूदियों के आबाओ अजदाद को दिए” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 15:9

τὰ δὲ ἔθνη, ὑπὲρ ἐλέους δοξάσαι τὸν Θεόν

यह दूसरी वजह है जिसके लिए मसीह मख्तूनों का ख़ादिम बना। मुतबादिल तर्जुमा: “और इसलिए के ग़ैर क़ौमें उसकी रहमत के लिए ख़ुदा की तम्जीद करें”

καθὼς γέγραπται

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा किसी ने सहीफ़ों में लिखा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τῷ ὀνόματί σου ψαλῶ

यहाँ “तेरा नाम” एक मजाज़ी है जो ख़ुदा से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “तेरी हम्द गाऊँ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

Romans 15:10

καὶ πάλιν λέγει

फिर से सहीफ़े कहते हैं

μετὰ τοῦ λαοῦ αὐτοῦ

यह ख़ुदा के लोगों से मुराद है। आप इसे अपने तर्जुमे में वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के लोगों के साथ” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:11

ἐπαινεσάτωσαν αὐτὸν

ख़ुदावन्द की हम्द करो

Romans 15:12

ῥίζα τοῦ Ἰεσσαί

यस्सी बादशाह दाऊद का जिस्मानी बाप था। मुतबादिल तर्जुमा: “यस्सी की औलाद” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἐπ’ αὐτῷ ἔθνη ἐλπιοῦσιν

यहाँ “उसी” यस्सी की औलाद, मसीह से मुराद है। जो यहूदी नहीं हैं वो भी उसके वायदों को पूरा करने के लिए उस पर ऐतिमाद करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “वह लोग जो यहूदी नहीं हैं उस पर ऐतिमाद कर सकते हैं, वह करने के लिए जिसका उसने वादा किया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:13

πληρώσαι ὑμᾶς πάσης χαρᾶς καὶ εἰρήνης

यहाँ पौलुस अपने नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए मुबालग़ा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हें ख़ुशी और इत्मीनान से मामूर करे” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

Romans 15:14

पौलुस रोम में ईमानदारों को याद दिलाता है के ख़ुदा ने ग़ैर क़ौमों तक पहुँचने के लिए उसे मुन्तखिब किया।

πέπεισμαι…ἀδελφοί μου, καὶ αὐτὸς ἐγὼ περὶ ὑμῶν

पौलुस को यक़ीन है के रोम में ईमानदार अपने रवैये में एक दूसरे का एहतराम कर रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे ख़ुद भी मुकम्मल यक़ीन है के तुमने ख़ुद दूसरों के साथ बिल्कुल अच्छे तरीक़े से बर्ताव किया है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

πεπληρωμένοι πάσης γνώσεως

यहाँ पौलुस अपने नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए मुबालग़ा करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा की पैरवी करने के लिए काफ़ी इल्म से भरे हुए” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

δυνάμενοι καὶ ἀλλήλους νουθετεῖν

यहाँ “नसीहत” के मानी तालीम देना है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे को सिखाने के भी क़ाबिल” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:15

τὴν χάριν τὴν δοθεῖσάν μοι ὑπὸ τοῦ Θεοῦ

पौलुस फ़ज़ल का ज़िक्र करता है गोया यह कोई जिस्मानी तोहफ़ा था जो ख़ुदा ने उसे दिया था। ख़ुदा ने पौलुस को एक रसूल मुक़र्रर किया अगरचे उसने यिसू की पैरवी का फ़ैसला करने से पहले ईमानदारों पर ज़ुल्म किया था। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “फ़ज़ल जो ख़ुदा ने मुझे दिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 15:16

γένηται ἡ προσφορὰ τῶν ἐθνῶν εὐπρόσδεκτος

पौलुस अपनी इन्जील की मुनादी का ज़िक्र करता है गोया वह, एक काहिन की हैसियत से, ख़ुदा को नज्र कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “ग़ैर क़ौमें ख़ुदा को ख़ुश कर सकती हैं जब वो उसकी इताअत करती हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 15:18

εἰς ὑπακοὴν ἐθνῶν

ताके ग़ैर क़ौमें ख़ुदा की इताअत करेंगी

λόγῳ καὶ ἔργῳ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ये वो चीज़ें हैं जो मसीह ने मुकम्मल की हैं उसके ज़रिये जो मैंने कहा और किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 15:19

ἐν δυνάμει σημείων καὶ τεράτων ἐν δυνάμει Πνεύματος Θεοῦ

आप इस दोहरे मनफ़ी को मुस्बत शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। यहाँ “ये चीज़ें हैं” से मुराद है जो मसीह ने पौलुस के ज़रिये मुकम्मल की हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ग़ैर क़ौमों की इताअत की ख़ातिर, मैं सिर्फ़ उसी का ज़िक्र करूँगा जो मसीह ने मेरे ज़रिये मुकम्मल किया है, मेरे अल्फ़ाज़ और आमाल और रूह उल क़ुद्स की ताक़त के वसीले से निशानों और मोजिज़ों के ज़रिये” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives और INVALID translate/figs-explicit)

σημείων καὶ τεράτων

इन दोनों अल्फ़ाज़ के बुनियादी मानी एक ही चीज़ हैं और मुख्तलिफ़ क़िस्मों के मोजिज़ों का हवाला देते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ὥστε…ἀπὸ Ἰερουσαλὴμ καὶ κύκλῳ μέχρι τοῦ Ἰλλυρικοῦ

यह यरूशलीम शहर से लेकर इटली के करीब वाक़े इलाक़ा इल्लुरिकुम के सूबे तक है।

Romans 15:20

οὕτως δὲ φιλοτιμούμενον εὐαγγελίζεσθαι, οὐχ ὅπου ὠνομάσθη Χριστός

पौलुस सिर्फ़ उन लोगों को मुनादी करना चाहता है जिन्होंने कभी भी मसीह की बाबत नहीं सुना। मुतबादिल तर्जुमा: “इस वजह से, मैं उन मक़ामों में ख़ुशख़बरी की मुनादी करना चाहता हूँ जहाँ लोगों ने मसीह की बाबत कभी नहीं सुना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἵνα μὴ ἐπ’ ἀλλότριον θεμέλιον οἰκοδομῶ

पौलुस अपने ख़िदमत के काम का ज़िक्र करता है गोया वह एक बुनियाद पर घर तामीर कर रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “इसलिए के मैं सिर्फ़ उस काम को जारी न रख्खूँ जो किसी और ने पहले ही से शुरू किया था। मैं उस आदमी की तरह नहीं होना चाहता जो किसी दूसरे की बुनियाद पर घर तामीर करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 15:21

καθὼς γέγραπται

यहाँ पौलुस हवाला देता है जो यसायाह ने सहीफ़ों में लिखा। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं और मानी को वाज़े कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो हो रहा है ये उस की तरह है जो यसायाह ने सहीफ़ों में लिखा” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-explicit)

οἷς οὐκ ἀνηγγέλη περὶ αὐτοῦ

यहाँ पौलुस मसीह की बाबत “बशारत” या पैग़ाम का ज़िक्र करता है गोया यह ज़िन्दा था और ख़ुद से चलने के क़ाबिल था। मुतबादिल तर्जुमा: “वो जिन्हें उसकी बाबत ख़बर किसी ने नहीं सुनाया था” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

Romans 15:22

पौलुस रोम में ईमानदारों को उनसे मिलने की अपने ज़ाती मन्सूबों की बाबत बताता है और ईमानदारों से दुआ करने को कहता है।

καὶ ἐνεκοπτόμην

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो भी मेरे लिए रुकावट बने” या “लोग भी मेरे लिए रुकावट बने” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 15:23

μηκέτι τόπον ἔχων ἐν τοῖς κλίμασι τούτοις

पौलुस का मतलब है के इन इलाक़ों में कोई ऐसी जगहें नहीं हैं जहाँ ऐसे लोग रह रहे हों जिन्होंने मसीह की बाबत नहीं सुना। मुतबादिल तर्जुमा: “इन इलाक़ों में कोई ऐसी जगहें नहीं हैं जहाँ लोगों ने मसीह की बाबत नहीं सुना” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:24

τὴν Σπανίαν

यह रोम के मग़रिब में रोमी सूबा है जिसे पौलुस देखने को जाना चाहता था। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

διαπορευόμενος

जब मैं रोम से गुज़रूँगा या “जब मैं अपने रास्ते में हूँ”

καὶ ὑφ’ ὑμῶν προπεμφθῆναι ἐκεῖ

यहाँ पौलुस का मतलब है के वह चाहता है के रोमी ईमानदार उसके स्पेन के सफ़र के लिए उसे कुछ माली मदद फ़राहम करें। मुतबादिल तर्जुमा: “के तुम मेरे सफ़र में मेरी मदद करोगे” (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-activepassive)

ἐὰν ὑμῶν…ἐμπλησθῶ

तुम्हारे साथ कुछ वक़्त गुज़ारने में लुत्फ़ आया है या “आपसे मिलकर लुत्फ़ अन्दोज़ हुआ”

Romans 15:26

εὐδόκησαν…Μακεδονία καὶ Ἀχαΐα

यहाँ अल्फ़ाज़ “मकिदुनिया” और “अख्या” उन लोगों के लिए मजाज़ मर्सल हैं जो उन इलाक़ों में रहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मकिदुनिया और अख्या के सूबों में ईमानदार ख़ुश थे” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

Romans 15:27

εὐδόκησαν γάρ

मकिदुनिया और अख्या के सूबों में ईमानदार यह करके ख़ुश हुए थे

γάρ…ὀφειλέται εἰσὶν αὐτῶν

बेशक मकिदुनिया और अख्या के लोग यरूशलीम में ईमानदारों के क़र्ज़दार हैं।

εἰ…τοῖς πνευματικοῖς αὐτῶν ἐκοινώνησαν τὰ ἔθνη, ὀφείλουσιν καὶ…λειτουργῆσαι αὐτοῖς

चूँके ग़ैर क़ौमों ने यरूशलीम के ईमानदारों की रूहानी चीज़ों में हिस्सा लिया है, ग़ैर क़ौमें यरूशलीम के ईमानदारों की ख़िदमत की मक़रूज़ हैं

Romans 15:28

σφραγισάμενος αὐτοῖς τὸν καρπὸν τοῦτον

पौलुस उस रक़म का ज़िक्र कर रहा है जिसे वह यरूशलीम ले जा रहा है गोया यह कोई फल था जो उनके लिए जमा किया गया था। मुतबादिल तर्जुमा: “और उन्हें यह हदिया बाहिफ़ाज़त पहुँचा दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 15:29

οἶδα δὲ ὅτι ἐρχόμενος πρὸς ὑμᾶς, ἐν πληρώματι εὐλογίας Χριστοῦ, ἐλεύσομαι

इस फ़िक़रे के मानी है मसीह पौलुस को और रोमी ईमानदारों को बरकत देगा। मुतबादिल तर्जुमा: “और मैं जनता हूँ के जब मैं तुमसे मिलता हूँ, मसीह हमें कस्रत से बरकत देगा” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:30

δὲ

अगर आपकी ज़बान में यह ज़ाहिर करने का कोई तरीक़ा है के पौलुस ने उन अच्छी चीज़ों की बाबत बात करना बन्द कर दिया है जिनका उसे पुर यक़ीन है (रोमियों 15:29) और अब उन खतरों की बाबत बात करना शुरू करता है जिनका वह सामना करता है, इसे यहाँ इस्तेमाल करें।

παρακαλῶ…ὑμᾶς

मैं तुम्हारी हौसलाअफ़ज़ाई करता हूँ

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी है साथी मसीही, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

συναγωνίσασθαί

तुम सख्त मेहनत करो या “तुम जाँफ़िशानी करो”

Romans 15:31

ῥυσθῶ ἀπὸ τῶν ἀπειθούντων

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा मुझे उनसे बचाए जो नाफ़रमान हैं” या “ख़ुदा उनसे मुझे नुक्सान पहुँचाने से बचाए रख्खे जो नाफ़रमान हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

καὶ ἡ διακονία μου ἡ εἰς Ἰερουσαλὴμ εὐπρόσδεκτος τοῖς ἁγίοις γένηται

यहाँ पौलुस अपनी ख्वाहिश का इज़हार करता है के यरूशलीम में ईमानदार मकिदुनिया और अख्या के ईमानदारों से आये रक़म को ख़ुशी से क़बूल करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “दुआ करो के यरूशलीम में ईमानदार उस रक़म को क़बूल करके ख़ुश होंगे जो मैं उनके लिए ला रहा हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 15:33

ὁ…Θεὸς τῆς εἰρήνης μετὰ

“इत्मीनान का ख़ुदा” के मानी है ख़ुदा जो ईमानदारों की अंदरूनी इत्मीनान का सबब है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं दुआ करता हूँ के ख़ुदा जो हम सब के अंदरूनी इत्मीनान का सबब है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 16

रोमियों 16 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

इस बाब में, पौलुस रोम में कुछ मसीहियों को ज़ाती सलाम पेश करता है। क़दीम में मशरिक़ के क़रीब एक ख़त को इस क़िस्म की ज़ाती सलाम के साथ खत्म करना आम था।

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

इस बाब के ज़ाती फ़ितरत की वजह से ज़ियादातर क़रीना मालूम नहीं है। यह तर्जुमे को ज़ियादा मुश्किल बनाएगा। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 16:1

पौलुस फिर रोम में बहुत से ईमानदारों को नाम से सलाम कहता है।

συνίστημι δὲ ὑμῖν Φοίβην

मैं चाहता हूँ के तुम फ़ीबे की इज्ज़त करो

Φοίβην

यह एक औरत का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

τὴν ἀδελφὴν ἡμῶν

लफ्ज़ “हमारी” से मुराद पौलुस और तमाम ईमानदार हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह में हमारी बहन” (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)

Κενχρεαῖς

यह यूनान में एक बन्दरगाह शहर था। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

Romans 16:2

αὐτὴν προσδέξησθε ἐν Κυρίῳ

पौलुस एक साथी ईमानदार के तौर पर फ़ीबे का इस्तक़बाल करने के लिए रोमी ईमानदारों की हौसलाअफ़ज़ाई करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसका इस्तक़बाल करो क्यूँके हम सब ख़ुदावन्द से ताल्लुक़ रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ἀξίως τῶν ἁγίων

उस तरीक़े से जैसे ईमानदारों को दूसरे ईमानदारों का इस्तक़बाल करना चाहिए

παραστῆτε αὐτῇ

पौलुस फ़ीबे को कोई भी चीज़ जिसकी उसे ज़रुरत है देने के लिए रोमी ईमानदारों की हौसलाअफ़ज़ाई करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जो भी उसे ज़रुरत है उसे देने के ज़रिये उसकी मदद करो” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)

προστάτις πολλῶν ἐγενήθη καὶ ἐμοῦ αὐτοῦ

बहुत से लोगों की मदद की है, और उसने मेरी भी मदद की है

Romans 16:3

Πρίσκαν καὶ Ἀκύλαν

प्रिस्का अक्विला की बीवी थी। (देखें: INVALID translate/translate-names)

τοὺς συνεργούς μου ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

पौलुस के “हम ख़िदमत” वो लोग हैं जो यिसू की बाबत दूसरों को बताते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो मसीह यिसू की बाबत दूसरों को बताने के लिए मेरे साथ काम करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 16:5

καὶ τὴν κατ’ οἶκον αὐτῶν ἐκκλησίαν

उन ईमानदारों को सलाम कहो जो उनके घर में इबादत के लिए मिलते हैं

Ἐπαίνετον

यह एक आदमी का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

ἀπαρχὴ τῆς Ἀσίας εἰς Χριστόν

पौलुस अपीनितुस का ज़िक्र करता है गोया वह एक फल था जिसकी उसने कटनी की। मुतबादिल तर्जुमा: “यिसू में ईमान लाने वाला अख्या में पहला शख्स” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 16:6

Μαρίαν

यह एक औरत का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Romans 16:7

Ἀνδρόνικον

यह एक आदमी का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Ἰουνίαν

यह हो सकती है या तो 1) यून्या, एक औरत का नाम, या, बहुत कम इमकान है, 2) यून्यास एक आदमी का नाम। (देखें: INVALID translate/translate-names)

οἵτινές εἰσιν ἐπίσημοι ἐν τοῖς ἀποστόλοις

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “रसूल उनको बहुत अच्छी तरह से जानते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 16:8

Ἀμπλιᾶτον

यह एक नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names)

τὸν ἀγαπητόν μου ἐν Κυρίῳ

मेरा प्यारा दोस्त और साथी ईमानदार

Romans 16:9

Οὐρβανὸν…Στάχυν

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Romans 16:10

Ἀπελλῆν…Ἀριστοβούλου

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names)

τὸν δόκιμον ἐν Χριστῷ

लफ्ज़ “मक़बूल” से मुराद कोई ऐसा शख्स है जिसका तजुरबा किया गया है और हक़ीक़ी साबित हुआ है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे मसीह ने मक़बूल किया है”

Romans 16:11

Ἡρῳδίωνα…Ναρκίσσου

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names)

τοὺς ὄντας ἐν Κυρίῳ

इससे मुराद वो हैं जो यिसू में ऐतिमाद करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ईमानदार हैं” या “जो ख़ुदावन्द से ताल्लुक़ रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

Romans 16:12

Τρύφαιναν…Τρυφῶσαν…Περσίδα

ये औरतों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Romans 16:13

Ῥοῦφον

यह एक आदमी का नाम है। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

τὸν ἐκλεκτὸν ἐν Κυρίῳ

आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदावन्द ने मुन्तखिब किया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὴν μητέρα αὐτοῦ καὶ ἐμοῦ

पौलुस रूफ़ुस की माँ का ज़िक्र करता है गोया वह उसकी अपनी माँ थी। मुतबादिल तर्जुमा: “उसकी माँ, जिसे मैं भी अपनी माँ के तौर पर समझता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 16:14

Ἀσύγκριτον, Φλέγοντα, Ἑρμῆν, Πατροβᾶν, Ἑρμᾶν

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

ἀδελφούς

यहाँ इसके मानी साथी मसीही हैं, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

Romans 16:15

Φιλόλογον…Νηρέα…Ὀλυμπᾶν

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

Ἰουλίαν

एक औरत का नाम। यूलिया शायद फ़िलुलुगुस की बीवी थी। (देखें: INVALID translate/translate-names और INVALID translate/translate-unknown)

Romans 16:16

φιλήματι ἁγίῳ

साथी ईमानदारों के लिए प्यार का एक इज़हार

ἀσπάζονται ὑμᾶς αἱ ἐκκλησίαι πᾶσαι τοῦ Χριστοῦ

यहाँ पौलुस मसीह की कलीसियाओं की बाबत आम तरीक़े में ज़िक्र करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इस इलाक़े की तमाम कलीसियाओं के ईमानदार तुम्हें अपना सलाम भेजते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole)

Romans 16:17

ख़ुदा के लिए ज़िन्दगी बसर करने और इत्तिहाद की बाबत पौलुस एक आख़िरी तन्बीह देता है।

ἀδελφοί

यहाँ इसके मानी साथी मसीही हैं, जिसमे आदमी और औरत दोनों शामिल हैं।

σκοπεῖν

ख़बरदार रहने के लिए

τὰς διχοστασίας καὶ τὰ σκάνδαλα…ποιοῦντας

इससे मुराद वो हैं जो बहस करते हैं और दूसरों को यिसू में ऐतिमाद करने से रोकने का सबब हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “जो ईमानदारों को एक दूसरे से बहस करने और ख़ुदा में ईमान रखने से रोकने का सबब बन रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

παρὰ τὴν διδαχὴν ἣν ὑμεῖς ἐμάθετε

वो ऐसी चीज़ों की तालीम देते है जो उस सच्चाई के साथ मुत्तफ़िक़ नहीं हैं जो तुमने पहले से सीखा है

ἐκκλίνετε ἀπ’ αὐτῶν

किनारा करो यहाँ “सुनने से इन्कार करने” के लिए एक इस्तारा है”। मुतबादिल तर्जुमा: “उनकी मत सुनो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 16:18

ἀλλὰ τῇ ἑαυτῶν κοιλίᾳ

अल्फ़ाज़ “वो ख़िदमत करते हैं” को पिछली आयत से समझा गया है। इसे एक अलग जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बल्के, वो अपने पेट की ख़िदमत करते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

ἀλλὰ τῇ ἑαυτῶν κοιλίᾳ

यहाँ “पेट” एक मजाज़ी है जो जिस्मानी ख्वाहिशात का हवाला देता है। अपने पेट की ख़िदमत करना उनकी ख्वाहिशात को मुतमईन करने की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन वो सिर्फ़ अपने खुदगर्ज़ ख्वाहिशात को मुतमईन करना चाहते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

καὶ διὰ τῆς χρηστολογίας καὶ εὐλογίας

अल्फ़ाज़ “चिकनी” और “चुपड़ी” के मानी बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ है। पौलुस ज़ोर दे रहा है के किस तरह ये लोग ईमानदारों को धोका दे रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ऐसी बातें कहकर जो अच्छी और सच लगती हैं” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ἐξαπατῶσι τὰς καρδίας τῶν ἀκάκων

यहाँ “दिलों” किसी शख्स के ज़हन या अंदरूनी वज़ूद के लिए एक मजाज़ी है। मुतबादिल तर्जुमा: “वो मासूम ईमानदारों को धोका देते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ἀκάκων

इससे मुराद सीधे, नातजुरबा कार, और सादालोह लोग हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वो जो मासूमियत से उन पर ऐतबार करते हैं” या “वो जो यह नहीं जानते के ये उसातज़ा उनको बेवक़ूफ़ बना रहे हैं”

Romans 16:19

ἡ γὰρ ὑμῶν ὑπακοὴ, εἰς πάντας ἀφίκετο

यहाँ पौलुस रोमी ईमानदारों की फरमाबरदारी का ज़िक्र करता है गोया यह कोई शख्स था जो लोगों के पास जा सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँकर हर एक ने सुना है के किस तरह तुम यिसू की फरमाबरदारी करते हो” (देखें: INVALID translate/figs-personification)

ἀκεραίους…εἰς τὸ κακόν

बदी करने में शामिल नहीं

Romans 16:20

ὁ δὲ Θεὸς τῆς εἰρήνης συντρίψει τὸν Σατανᾶν ὑπὸ τοὺς πόδας ὑμῶν ἐν τάχει

फ़िक़रा “पाँव से कुचलना” से मुराद किसी दुश्मन पर मुकम्मल फ़तह है। यहाँ पौलुस शैतान पर फ़तह का ज़िक्र करता है गोया रोमी ईम्मंदार अपने पाँव से किसी दुश्मन को कुचल रहे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जल्द ही ख़ुदा तुम्हें इत्मीनान और शैतान पर मुकम्मल फ़तह देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Romans 16:21

पौलुस उन ईमानदारों की तरफ से सलाम देता है जो उसके साथ हैं।

Λούκιος, καὶ Ἰάσων, καὶ Σωσίπατρος

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names)

Romans 16:22

ἐγὼ, Τέρτιος, ὁ γράψας τὴν ἐπιστολὴν

तिरतियुस वह आदमी है जिसने पौलुस की बातों को लिखा। (देखें: INVALID translate/translate-names)

ἀσπάζομαι ὑμᾶς…ἐν Κυρίῳ

एक साथी ईमानदार के तौर पर तुम्हें सलाम करते हैं

Romans 16:23

Γάϊος…Ἔραστος…Κούαρτος

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें: INVALID translate/translate-names)

ὁ ξένος

यह गयुस से मुराद है, वह शख्स जिसके घर में पौलुस और उसके साथी ईमानदार इबादत के लिए जमा हुए।

ὁ οἰκονόμος

यह वो शख्स है जो किसी गिरोह के लिए रक़म की देखभाल करता है।

Romans 16:25

पौलुस एक बरकत की दुआ के साथ बन्द करता है।

δὲ

यहाँ लफ्ज़ “अब” ख़त के इख्ततामी हिस्से को निशानज़द करता है। अगर आपकी ज़बान में इसे करने का कोई तरीक़ा है, तो आप इसे यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं।

ὑμᾶς στηρίξαι

पौलुस यहाँ मज़बूत ईमान रखने का ज़िक्र कर रहा है गोया कोई शख्स गिरने की बजाय, खड़ा था। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे ईमान को मज़बूत बनाने के लिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

κατὰ τὸ εὐαγγέλιόν μου, καὶ τὸ κήρυγμα Ἰησοῦ Χριστοῦ

उस ख़ुशख़बरी के ज़रिये जिसे मैंने यिसू मसीह की बाबत मुनादी किया

κατὰ ἀποκάλυψιν μυστηρίου χρόνοις αἰωνίοις σεσιγημένου

पौलुस कहता है के ख़ुदा ने ईमानदारों पर पहले छिपी हुई सच्चाईयाँ ज़ाहिर कर दी है। वह इन सच्चाईयों का ज़िक्र करता है गोया वो कोई भेद थीं। आप इसका तर्जुमा एक फ़ाल शक्ल में कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “क्यूँके ख़ुदा ने हम ईमानदारों पर वह भेद ज़ाहिर कर दिया है जिसे उसने एक तवील वक़्त से महफ़ूज़ रख्खा था” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Romans 16:26

φανερωθέντος δὲ νῦν διά τε Γραφῶν προφητικῶν, κατ’ ἐπιταγὴν τοῦ αἰωνίου Θεοῦ…εἰς πάντα τὰ ἔθνη γνωρισθέντος

फ़अल “मुकश्फ़ा” और “ज़ाहिर किया” के मानी बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ है। पौलुस इन दोनों को अपने नुक़ते पर ज़ोर देने के लिए इस्तेमाल करता है। आप इन अल्फ़ाज़ को मुत्तहिद कर सकते हैं और इसे एक फ़ाल शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अब अब्दी ख़ुदा ने नबियों के सहीफ़ों के ज़रिये तमाम क़ौमों पर इसे ज़ाहिर कर दिया है” (देखें: INVALID translate/figs-doublet और INVALID translate/figs-activepassive)

εἰς ὑπακοὴν πίστεως

यहाँ “ताबेदारी” और “ईमान” ख़ुलासा इस्म हैं। आप अपने तर्जुमे में फ़अल “इताअत” और “ऐतिमाद” का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको यह वाज़े करने की ज़रुरत हो सकती है के कौन इताअत और ऐतिमाद करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके तमाम क़ौमें ख़ुदा की इताअत करेंगी क्यूँके वो उसमें ऐतिमाद करती हैं” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-explicit)

Romans 16:27

μόνῳ σοφῷ Θεῷ…ᾧ ἡ δόξα εἰς τοὺς αἰῶνας. ἀμήν!

यहाँ “यिसू मसीह के वसीले से” से मुराद है जो यिसू ने किया। “जलाल” देने के मानी है ख़ुदा की तम्जीद करना। मुतबादिल तर्जुमा: “जो यिसू मसीह ने हमारे लिए किया है उसकी वजह से, हम अबद तक उसकी तम्जीद करेंगे जो वाहिद ख़ुदा है और जो वाहिद दानिशमन्द है। आमीन” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)