Philippians
Philippians front
फ़िलिप्पियों का ता’अर्रुफ़
हिस्सा 1: ‘आम ता’अर्रुफ़
फ़िलिप्पियों की किताब का ख़ाका
1। सलाम, शुक्र और दु’आ (1:1-11) 1. अपने वज़ारत पर पौलुस की इत्तला’अ (1:12-26) 1. हिदायात - साबित क़दम रहना(1:27-30) - मुत्तहद होना (2:1-2) - हलीम होना (2:3-11) - तुम्हारे अन्दर काम करने वाले ख़ुदा के साथ हमारी नजात का काम करना(2:12-13) - मा’सूम और हल्का होना (2:14-18) 1. तीमुथियुस और इपफ़्रुदीतुस (2:19-30) 1. झूठे उस्तादों के बारे में इन्तिबाह (3:1-4:1) 1. ज़ाती हिदायत (4:2-5) 1. ख़ुश हों और परेशान न हों (4:4-6) 1. आख़िरी तबसरा - क़द्र (4:8-9) - इत्मीनान (4:10-20) - आख़िरी सलाम (4:21-23)
फ़िलिप्पियों की किताब किसने लिखी?
फ़िलिप्पियों पौलुस ने लिखा। पौलुस तरसुस शहर से था। उसे उसकी शुरु’आती ज़िन्दगी में शाऊल की शक्ल में जाना जाता था। मसीही बनने से पहले, पौलुस एक फ़रीसी था। उसने मसीही लोगों को सताया। मसीही बनने के बा’द, उसने पूरी रोमी हुकूमत में यिसू’ के बारे में लोगों को बताते हुए कई बार सफ़र किया।
पौलुस ने यह ख़त रोम की क़ैदख़ाने में रहते हुए लिखा।
फ़िलिप्पियों की किताब किस बारे में है?
पौलुस ने यह ख़त मकिदुनिया में एक शहर फ़िलिप्पी के ईमानदारों को लिखा है। उसने उनको उस तोहफ़े के लिए शुक्र देने के लिए लिखा था जो उन्होंने उसे भेजा था। वह उन्हें इस बारे बताना चाहता था कि वह क़ैदख़ाने में कैसे कर रहा था और मुसीबत होने के बावजूद भी उन्हें ख़ुश रहने के लिए हौसला अफ़्ज़ाई करता था। उसने उन्हें इपफ़्रुदीतुस नाम के एक इन्सान के बारे में भी लिखा। वह वही था जो पौलुस के लिए तोहफ़ा लाया था। पौलुस के सफ़र के दौरान, इपफ़्रुदीतुस बीमार हो गया। इसलिए, पौलुस ने उसे फ़िलिप्पी वापस भेजने का फ़ैसला किया। पौलुस ने फ़िलिप्पी में ईमानदारों का इस्तक़बाल करने के लिए और जब वह लौट आए तो इपफ़्रुदीतुस के लिए रहमदिल होने के लिए हौसला अफ़्ज़ाई की।
इस किताब के उनवान का तर्जुमा कैसे किया जाना चाहिए?
. मुतर्जिमीन अपने रिवायती उनवान से इस किताब को पुकारने के लिए चुन सकते हैं, “फ़िलिप्पियों।” या वो एक वाज़ेह उनवान चुन सकते हैं, जैसे “फ़िलिप्पी में कलीसिया के लिए पौलुस का ख़त,” या “फ़िलिप्पी में मसीही लोगों के लिए एक ख़त।” (देखें: INVALID translate/translate-names)
हिस्सा 2: ख़ास मज़हबी और सक़ाफ़ती तसव्वुरात
फ़िलिप्पी शहर कैसा था?
सिकंदर-ए-आज़म के बाप फिलिप ने मकिदुनिया के इलाक़े में फ़िलिप्पी की बुनियाद रखी थी। इसका मतलब यह था कि फ़िलिप्पी के शहरी भी रोम के शहरी माने जाते थे। फ़िलिप्पी के लोग रोम के शहरी होने पर फ़ख़्र करते थे। लेकिन पौलुस ने ईमानदारों को बताया कि वे आसमान के शहरी हैं (3:20)।
हिस्सा 3: तर्जुमे के ख़ास मसाएल
वाहिद और जमा’ “तुम”
इस किताब में, लफ़्ज़ “मैं” पौलुस का हवाला देता है। लफ़्ज़ “तुम” लगभग हमेशा जमा’ है और फ़िलिप्पी में ईमानदारों का हवाला देता है। इसका एहतिजाज 4: 3 है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)
इस ख़त में “मसीह की सलीब के दुश्मन” कौन थे (3:18)?
“मसीह की सलीब के दुश्मन” शायद वे लोग थे जो ख़ुद को ईमानदार कहते थे, लेकिन उन्होंने ख़ुदा के अहकाम का 'अमल नहीं किया। उन्होंने सोचा था कि मसीह में आज़ादी का मतलब यह था कि ईमानदार जो चाहें, कर सकते हैं और ख़ुदा उन्हें सज़ा नहीं देगा (3:19)।
लफ़्ज़ “ख़ुशी” और “मसर्रत” बार-बार इस ख़त में क्यों इस्ते’माल किए गए?
जब उसने यह ख़त लिखा था तब पौलुस क़ैदख़ाने में था (1: 7)। अगरचे वह परेशान था, पौलुस ने कई बार कहा कि वह ख़ुश था क्योंकि ख़ुदा यिसू’ मसीह के ज़रिए' से उसके लिए रहम दिल था। वह अपने पढ़ने वालों को यिसू’ मसीह में एक ही भरोसा रखने के लिए हौसला अफ़्ज़ाई करना चाहता था। (देखें: INVALID translate/figs-irony)
इज़हार “मसीह में”, “ख़ुदावन्द में”, वग़ैरह से पौलुस का क्या मतलब है?
इस तरह का इज़हार 1: 1, 8, 13, 14, 26, 27 2: 1, 5, 19, 24, 29; 3: 1, 3, 9, 14; 4: 1, 2, 4, 7, 10, 13, 19, 21 में आता है। पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत क़रीबी इत्तेहाद का ख़याल का इज़हार करना था। इस तरह के इज़हार के बारे में मज़ीद तफ़्सीलात के लिए रोमियों की किताब का ता'अर्रुफ़ देखें।
फ़िलिप्पियों की किताब की मतन में ख़ास मसाएल क्या हैं?
- कुछ वर्ज़न में ख़त की आख़िरी आयत में “आमीन” होता है (4:23)। ULT, UST और दीगर कई नए वर्ज़न ऐसा नहीं करते हैं। अगर “आमीन” शामिल है, तो यह इशारा करने के लिए इसे मुरब्बा ब्रैकेट्स ([]) के अंदर रखा जाना चाहिए कि शायद यह फ़िलिप्पियों की किताब के लिए असल में नहीं है।
(देखें: INVALID translate/translate-textvariants)
Philippians 1
फ़िलिप्पियों 01 ‘आम नुक़ते
साख़्त और वज़ाकारी
पौलुस इस ख़त की शुरु’आत में एक दु’आ भी शामिल करता है। उस वक़्त, मज़हबी रहनुमाओं ने कभी-कभी दु’आ के साथ ग़ैर-रस्मी ख़तूत की शुरू’आत की।
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
मसीह का दिन
यह शायद उस दिन का हवाला देता है जब मसीह लौटता है। पौलुस ने अक्सर मसीह की वापसी को परहेज़गारी ज़िन्दगी के साथ जोड़ा है। (देखें: ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती )
इस बाब में तर्जुमे की दीगर मुम्किन मुश्किलात
तज़ाद
तज़ाद एक सच्चा बयान है जो किसी नामुम्किन चीज़ का ज़िक्र करता हुआ ज़ाहिर होता है। आयत 21 में यह बयान एक तज़ाद है: “मरना नफ़ा है।” आयत 23 में पौलुस वज़ाहत करता है कि यह क्यों सच है। ([फ़िलिप्पियों 1:21] (../../php/01/21.md))
Philippians 1:1
पौलुस और तीमुथियुस ने यह ख़त फ़िलिप्पी की कलीसिया को लिखा था। क्योंकि पौलुस ने बा’द में ख़त में लिखा है कि “मैं,” ‘आम तौर पर यह माना जाता है कि वह मुसन्निफ़ है और तीमुथियुस, जो उसके साथ है, जैसा कि पौलुस बोलता है लिखता है। “तुम” और “तुम्हारे” ख़त की सभी वाक़े'आत फ़िलिप्पी की कलीसिया में ईमानदारों का हवाला देते हैं और जमा’ हैं। लफ़्ज़ “हमारा” यक़ीनन पौलुस, तीमुथियुस और फ़िलिप्पी के ईमानदारों के साथ मसीह के सभी ईमानदारों का हवाला देता है। (देखें: INVALID translate/figs-you और INVALID translate/figs-inclusive)
Παῦλος καὶ Τιμόθεος…καὶ διακόνοις
अगर आपकी ज़बान में किसी ख़त के मुसन्निफ़ों को मुत'आरिफ़ करने का एक ख़ास तरीक़ा है, तो इसका इस्ते’माल यहाँ करें।
Παῦλος καὶ Τιμόθεος, δοῦλοι Χριστοῦ Ἰησοῦ
तीमुथियुस, जो मसीह यिसू’ के ख़ादिम हैं
πᾶσιν τοῖς ἁγίοις ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
यह उन लोगों का हवाला देता है जिन्हें ख़ुदा ने मसीह में मुत्तहद होकर उससे ता'अल्लुक़ रखने के लिए चुना था। मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह यिसू’ में सभी ख़ुदा के लोग” या “वे सभी जो ख़ुदा के हैं क्योंकि वे मसीह के साथ मुत्तहद हैं”
ἐπισκόποις καὶ διακόνοις
कलीसिया के रहनुमा
Philippians 1:3
ἐπὶ πάσῃ τῇ μνείᾳ ὑμῶν
यहाँ “तुम्हें याद करता हूँ” का मतलब है जब पौलुस फ़िलिप्पियों के बारे में सोचता है जब वह दु’आ कर रहा होता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर बार जब मैं तुम्हारे बारे में सोचता हूँ”
Philippians 1:5
ἐπὶ τῇ κοινωνίᾳ ὑμῶν εἰς τὸ εὐαγγέλιον
पौलुस ख़ुदा को शुक्र ज़ाहिर कर रहा है कि फ़िलिप्पियों ने लोगों को ख़ुशख़बरी सिखाने में उसका साथ दिया। वह शायद उनके लिए दु’आ कर रहा था और पैसे भेज रहा था ताकि वह सफ़र कर सके और दूसरों को बता सके। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि तुम मुझे ख़ुशख़बरी देने में मदद कर रहे हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 1:6
πεποιθὼς
मुझे यक़ीन है
ὁ ἐναρξάμενος
ख़ुदा, जो शुरू’ किया
Philippians 1:7
ἐστιν δίκαιον ἐμοὶ
यह मेरे लिए ठीक है या “यह मेरे लिए अच्छा है”
τὸ ἔχειν με ἐν τῇ καρδίᾳ ὑμᾶς
यहाँ “दिल” एक इन्सान के जज़्बातों के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। यह मुहावरा मज़बूत प्यार को ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तुमसे बहुत ज़्यादा मुहब्बत करता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-idiom)
συνκοινωνούς μου τῆς χάριτος…ὄντας
मेरे साथ फ़ज़ल के हिस्सेदार रहे हैं या “मेरे साथ फ़ज़ल में शरीक रहे हैं”
Philippians 1:8
μάρτυς…μου ὁ Θεός
ख़ुदा जानता है या “ख़ुदा समझता है”
ἐν σπλάγχνοις Χριστοῦ Ἰησοῦ
क़यासी इस्म “रहमदिली” का तर्जुमा फ़े’अल “मुहब्बत” के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और मैं तुमसे मुहब्बत करता हूँ जैसा कि मसीह यिसू’ ने हम सभी से मुहब्बत की है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
Philippians 1:9
पौलुस फ़िलिप्पी में ईमानदारों के लिए दु’आ करता है और ख़ुदावन्द के लिए मुसीबत में होकर ख़ुशी की बात करता है।
ἔτι…περισσεύῃ
पौलुस मुहब्बत की बात करता है जैसे कि यह ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें लोग ज़्यादा हासिल कर सकते थे। मुतबादिल तर्जुमा: “बढ़ सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν ἐπιγνώσει καὶ πάσῃ αἰσθήσει
यहाँ “समझ” ख़ुदा के बारे में समझ को हवाला देता है। यह वाज़ेह तौर से कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जैसा कि तुम सीखते हो और ख़ुदा के बारे में और ज़्यादा समझते हो” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Philippians 1:10
δοκιμάζειν
यह चीज़ों की जाँच करने और सिर्फ़ उन लोगों को लेने के लिए हवाला देता है जो अच्छे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “आज़मायें और चुनें”
τὰ διαφέροντα
ख़ुदा को सबसे ज्यादा क्या पसंद है
εἰλικρινεῖς καὶ ἀπρόσκοποι
अल्फ़ाज़ “ईमानदारी” और “बगैर क़ुसूर” का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है। पौलुस उन्हें इख़्लाक़ी पाकीज्गी पर ज़ोर देने के लिए जोड़ता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पूरी तरह से बे इल्ज़ाम” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
Philippians 1:11
πεπληρωμένοι καρπὸν δικαιοσύνης τὸν διὰ Ἰησοῦ Χριστοῦ
किसी चीज से भरा होना एक इस्ति’आरा है जो कि इसकी ख़ासियत है या इसे फ़ितरतन करने से ज़ाहिर करता है “रास्तबाज़ी के फल” के मुम्किन मतलब हैं 1) यह एक इस्ति’आरा है जो रास्त्बाज़ी के सुलूक की नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “’आदतन वही करना जो रास्तबाज़ है क्योंकि यिसू’ मसीह तुमको मज़बूत बनाता है” या 2) यह एक इस्ति’आरा है जो रास्तबाज़ होने के नतीजतन अच्छे कामों का नुमाइन्दगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “फ़ितरतन अच्छे काम करते हैं क्योंकि यिसू’ तुमको रास्तबाज़ बनाता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
εἰς δόξαν καὶ ἔπαινον Θεοῦ
मुम्किन मतलब हैं 1) “फिर दीगर लोग देखेंगे कि तुम ख़ुदा की ‘इज़्ज़त कैसे करते हो” या 2) “फिर लोग तुम्हारे ज़रिए’ देखे गए अच्छे कामों की वजह से ख़ुदा की ता’रीफ़ और ‘इज़्ज़त करेंगे।” इन मुतबादिल तर्जुमों के लिए एक नए जुमले की ज़रूरत होगी।
Philippians 1:12
पौलुस का कहना है कि “ख़ुशख़बरी की तरक़्क़ी” की वजह दो चीज़ें हुई हैं: महल के अंदर और बाहर कई लोगों को पता चला है कि वह क़ैदख़ाने में क्यों है, और दीगर मसीही अब अच्छी ख़बर का ‘एलान करने से डरते नहीं हैं।
δὲ…βούλομαι
यहाँ “अब” लफ़्ज़ का इस्ते’माल ख़त के एक नए हिस्से को मख़सूस करने के लिए किया जाता है।
ἀδελφοί
यहाँ इसका मतलब है कि साथी मसीही, जिनमें आदमी और ‘औरत दोनों शामिल हैं, क्योंकि मसीह में सभी ईमानदार एक रूहानी ख़ानदान के फ़र्द हैं, ख़ुदा के साथ उनके आसमानी बाप की शक्ल में।
ὅτι τὰ κατ’ ἐμὲ
पौलुस क़ैदख़ाने में अपने वक़्त के बारे में बात कर रहा है। मुतबादिल तर्जुमा: “कि मुझे जिन चीज़ों का सामना करना पड़ा क्योंकि मुझे यिसू’ के बारे में ‘एलान करने के लिए क़ैदख़ाने में डाल दिया गया था” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
μᾶλλον εἰς προκοπὴν τοῦ εὐαγγελίου ἐλήλυθεν
ज़्यादा लोगों को ख़ुशख़बरी सुनने की वजह बना
Philippians 1:13
τοὺς δεσμούς μου φανεροὺς ἐν Χριστῷ
यहाँ मसीह में ज़ंजीरों मसीह के लिए क़ैदख़ाने में होने के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। “रौशनी में आया” एक इस्ति’आरा है “मालूम हो गया”के लिए।” मुतबादिल तर्जुमा: “यह ‘इल्म हो गया कि मैं मसीह के लिए क़ैदख़ाने में हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τοὺς δεσμούς μου φανεροὺς ἐν Χριστῷ…τῷ πραιτωρίῳ…τοῖς λοιποῖς πᾶσιν
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “महल के मुहाफ़िज़ और रोम के कई दीगर लोग जानते हैं कि मैं मसीह की ख़ातिर ज़ंजीरों में हूँ” (देखें INVALID translate/figs-activepassive)
τοὺς δεσμούς μου…ἐν Χριστῷ
यहाँ पौलुस हर्फ़-ए-रब्त “में” का इस्ते’माल करता है “की ख़ातिर” के मतलब के लिए।” मुतबादिल तर्जुमा: “मसीह की ख़ातिर मेरी ज़ंजीर” या “मेरी ज़ंजीर क्योंकि मैं लोगों को मसीह के बारे में सिखाता हूँ”
τοὺς δεσμούς μου
यहाँ “ज़ंजीरो” लफ़्ज़ क़ैद का एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरा क़ैद” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
πραιτωρίῳ
यह फ़ौजियों की एक जमा’अत है जिसने रोमी बादशाह की हिफ़ाज़त में मदद की।
Philippians 1:14
ἀφόβως τὸν λόγον λαλεῖν
बेख़ौफ़ होकर ख़ुदा का पैग़ाम बोलो
Philippians 1:15
τινὲς μὲν καὶ…τὸν Χριστὸν κηρύσσουσιν
कुछ लोग मसीह के बारे में ख़ुशख़बरी सुनाते हैं
διὰ φθόνον καὶ ἔριν
क्योंकि वे नहीं चाहते कि लोग मेरी बात सुनें, और वे मुसीबत पैदा करना चाहते हैं
τινὲς δὲ καὶ δι’ εὐδοκίαν
लेकिन दीगर लोग ऐसा करते हैं क्योंकि वे रहम दिल हैं और वे मदद करना चाहते हैं
Philippians 1:16
οἱ
जो लोग अच्छी ख़्वाहिश से मसीह का ‘एलान करते हैं
εἰς ἀπολογίαν τοῦ εὐαγγελίου κεῖμαι
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुम्किन मतलब हैं 1) “ख़ुदा ने मुझे ख़ुशख़बरी की हिफ़ाज़त के लिए चुना” या 2) “मैं क़ैदख़ाने में हूँ क्योंकि मैं ख़ुशख़बरी की हिफ़ाज़त करता हूँ।” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
εἰς ἀπολογίαν τοῦ εὐαγγελίου
सभी को यह सिखाने के लिए कि यिसू’ का पैग़ाम सच है
Philippians 1:17
οἱ δὲ
लेकिन दूसरों या “लेकिन जो लोग हसद और कशमकश से मसीह का ‘एलान करते हैं”
τοῖς δεσμοῖς μου
यहाँ जुमला “ज़ंजीरों में” क़ैदख़ाने के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “जबकि मैं क़ैदख़ाने में हूँ” या “जब मैं क़ैदख़ाने में हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 1:18
τί γάρ
पौलुस इस सवाल का इस्ते’माल यह बताने के लिए करता है कि वह उस हालत के बारे में कैसा महसूस करता है जिसके बारे में उसने लिखा था फ़िलिप्पियों 15-17। मुम्किन मतलब हैं 1) यह एक मुहावरा है जिसका मतलब है “इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।” या 2) अल्फ़ाज़ “मुझे इस बारे में सोचना चाहिए” सवाल के हिस्सा की शक्ल में समझे जाते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “फिर मैं इस बारे में क्या सोचूँगा?” या “यह वही है जो मैं इसके बारे में सोचता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-rquestion और INVALID translate/figs-ellipsis)
πλὴν ὅτι παντὶ τρόπῳ, εἴτε προφάσει εἴτε ἀληθείᾳ, Χριστὸς καταγγέλλεται
जब तक लोग मसीह के बारे में ‘एलान करते हैं, तब तक कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि वे इसे अच्छी वजूहात से या बुरी वजूहात से करते हैं
ἐν τούτῳ χαίρω
मैं ख़ुश हूँ क्योंकि लोग यिसू’ के बारे में ‘एलान कर रहे हैं
χαρήσομαι
मैं जश्न मनाऊँगा या “मुझे ख़ुशी होगी”
Philippians 1:19
τοῦτό μοι ἀποβήσεται εἰς σωτηρίαν
क्योंकि लोग मसीह का ‘एलान करते हैं, ख़ुदा मुझे नजात देगा
μοι…εἰς σωτηρίαν
यहाँ नजात एक क़यासी इस्म है जो एक इन्सान को दूसरे इन्सान को महफ़ूज़ मक़ाम पर लाने का हवाला देता है। तुमको यह हिदायत करना पड़ सकता है कि यह ख़ुदा है जिससे पौलुस ने उसे छुड़ाने की उम्मीद की है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरे लिए एक महफ़ूज़ जगह पर लाया जा रहा है” या “ख़ुदा में मुझे एक महफ़ूज़ मक़ाम पर लाना” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)
διὰ τῆς ὑμῶν δεήσεως, καὶ ἐπιχορηγίας τοῦ Πνεύματος Ἰησοῦ Χριστοῦ
क्योंकि तुम दु’आ कर रहे हो और यिसू’ मसीह की रूह मेरी मदद कर रही है
Πνεύματος Ἰησοῦ Χριστοῦ
पाक रूह
Philippians 1:20
κατὰ τὴν ἀποκαραδοκίαν καὶ ἐλπίδα μου
यहाँ लफ़्ज़ “आरज़ू ” और जुमला “उम्मीद” बुनियादी तौर से एक ही बात है। पौलुस उनका इस्ते’माल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि उसकी उम्मीद कितनी मजबूत है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं ख़्वाहिशमन्द और ख़ुद ‘एतमाद से उम्मीद करता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
ἀλλ’ ἐν πάσῃ παρρησίᾳ
यह पौलुस की भरोसा और उम्मीद का हिस्सा है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन मैं बहुत बहादुर हो जाऊँगा”
μεγαλυνθήσεται Χριστὸς ἐν τῷ σώματί μου
जुमला “मेरा जिस्म” पौलुस अपने जिस्म के साथ जो करता है के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुम्किन मतलब हैं 1) “जो मैं करता हूँ उसके ज़रिये मैं मसीह की ‘इज़्ज़त करूँगा” या 2) “जो मैं करता हूँ उसके सबब से लोग मसीह की ता’रीफ़ करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-activepassive)
εἴτε διὰ ζωῆς εἴτε διὰ θανάτου
चाहे मैं ज़िन्दा रहूँ या मर जाऊँ या “अगर मैं ज़िन्दा रहूँ या मैं मर जाऊँ तो”
Philippians 1:21
ἐμοὶ γὰρ
ये अल्फ़ाज़ ज़ोरदार हैं। वे इशारा देते हैं कि यह पौलुस का ज़ाती तजुर्बा है।
τὸ ζῆν Χριστὸς
यहाँ मसीह को ख़ुश करना और उसकी ख़िदमत करना पौलुस के ज़िन्दगी जीने का सिर्फ़ एक मक़सद है। मुतबादिल तर्जुमा: “ज़िन्दा रहना मसीह को ख़ुश करने का मौक़ा’ है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὸ ἀποθανεῖν κέρδος
यहाँ मौत को “नफ़ा” की शक्ल में जाना जाता है। “नफ़ा” के मुम्किन मतलब हैं 1) पौलुस की मौत ख़ुशख़बरी के पैग़ाम को फैलाने में मदद करेगी या 2) पौलुस एक बेहतर हालत में होगा। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 1:22
εἰ δὲ τὸ ζῆν ἐν σαρκί
लफ़्ज़ “जिस्म” यहाँ बदन के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है, और “जिस्म में रहना” ज़िन्दा रहने के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन अगर मुझे अपने जिस्म में ज़िन्दा रहना है” या “लेकिन अगर मैं ज़िन्दा रहना चाहता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
καὶ τί αἱρήσομαι
लेकिन मुझे कौन सा चुनना चाहिए?
τοῦτό μοι καρπὸς ἔργου
यहाँ लफ़्ज़ “फल” पौलुस के काम के अच्छे नतीजों को ज़ाहिर करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “इसका मतलब है कि मैं काम करने में क़ाबिल हो जाऊँगा और मेरा काम अच्छे नतीजे देगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-explicit)
Philippians 1:23
συνέχομαι δὲ ἐκ τῶν δύο
पौलुस का कहना है कि ज़िन्दा रहने और मरने के दरमियान इन्तखाब करना उसके लिए कितना मुश्किल है जैसे कि दो भारी चीज़ें , जैसे चट्टानें या लकड़ी का गठ्ठर, एक ही वक़्त में अलग अलग हिस्सों से उस पर धक्का दे रहे थे। हो सकता है कि आपकी ज़बान धक्का देने के बजाए चीज़ों को खींचने की तरजीह दे। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तनाव में हूँ। मुझे नहीं पता कि मुझे ज़िन्दा रहने या मरने का चुनाव करना चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὴν ἐπιθυμίαν ἔχων εἰς τὸ ἀναλῦσαι καὶ σὺν Χριστῷ εἶναι
पौलुस यहाँ एक ख़ुश कलामी का इस्ते’माल यह दिखाने के लिए करता है कि वह मरने से नहीं डरता। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं मरना चाहूँगा क्योंकि मैं मसीह के साथ रहूँगा” (देखें: INVALID translate/figs-euphemism)
Philippians 1:25
τοῦτο πεποιθὼς
चूँकि मुझे यक़ीन है कि यह तुम्हारे लिए बेहतर है कि मैं ज़िन्दा रहूँ
οἶδα ὅτι μενῶ
मुझे पता है कि मैं ज़िन्दा रहूँगा या “मुझे पता है कि मैं ज़िन्दा रहूँगा”
Philippians 1:26
ἵνα…ἐν ἐμοὶ
इसलिए कि मेरी वजह से या “इसलिए कि मैं क्या करता हूँ”
Philippians 1:27
ὅτι στήκετε ἐν ἑνὶ πνεύματι, μιᾷ ψυχῇ συναθλοῦντες τῇ πίστει τοῦ εὐαγγελίου
जुमला “एक रूह में क़ायम रहना” और “एक दिल होकर एक साथ कोशिश करना” मतलब एक तरह बताते हैं और इत्तिहाद की ख़ासियत पर ज़ोर देते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)
μιᾷ ψυχῇ συναθλοῦντες
एक दिल के साथ मिलकर कोशिश करना। एक दूसरे के साथ रज़ामन्द होने पर एक दिल होने की बात की जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे से रज़ामन्द होना और एक साथ कोशिश करना” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
συναθλοῦντες
साथ मिलकर मेहनत करना
τῇ πίστει τοῦ εὐαγγελίου
मुम्किन मतलब हैं 1 “ईमान को फैलाने के लिए जो कि ख़ुशख़बरी की बुनियाद पर है” या 2) “ईमान करना और ज़िन्दा रहना जैसा कि ख़ुशख़बरी हमें सिखाती है”
Philippians 1:28
μὴ πτυρόμενοι ἐν μηδενὶ
यह फ़िलिप्पी के ईमानदारों के लिए एक हुक्म है। अगर आपकी ज़बान में एक जमा’ का जुमला है, तो इसका इस्ते’माल यहाँ करें। (देखें: INVALID translate/figs-you)
ἥτις ἐστὶν αὐτοῖς ἔνδειξις ἀπωλείας, ὑμῶν δὲ σωτηρίας, καὶ τοῦτο ἀπὸ Θεοῦ
आपकी हिम्मत उन्हें दिखाएगी कि ख़ुदा उन्हें हलाक कर देगा। यह तुमको यह भी दिखाएगा कि ख़ुदा तुमको बचाएगा
καὶ τοῦτο ἀπὸ Θεοῦ
और यह ख़ुदा से है। लफ्ज़ “यह” के हवाले के मुम्किन मतलब हैं 1) ईमानदारों की हिम्मत या 2) इशारा या 3) तबाही और नजात।
Philippians 1:30
τὸν αὐτὸν ἀγῶνα ἔχοντες, οἷον εἴδετε ἐν ἐμοὶ, καὶ νῦν ἀκούετε ἐν ἐμοί
उसी तरह से जाँफ़िशानी करना, जैसा तुमने मुझे जाँफ़िशानी करते देखा, और तुम सुनते हो कि मैं अभी भी जाँफ़िशानी कर रहा हूँ
Philippians 2
फ़िलिप्पियों 02 ‘आम नुक़ते
साख़्त और वज़ाकारी
कुछ तर्जुमे, ULT की तरह, आयत 6-11 की सतर को दूर रखते हैं। इन आयतों में मसीह की मिसाल का ज़िक्र है। वे यिसू’ के शख्स के बारे में ख़ास सच्चाई सिखाती हैं।
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
अअमली हिदायात
इस बाब में पौलुस फ़िलिप्पी में कलीसिया को कई अमली हिदायात देता है।
इस बाब में दीगर मुम्किन तर्जुमा के मुश्किलात
“अगर कोई हो”
यह एक तरह का क़यासी जुमला ज़ाहिर होता है। हालाँकि, यह कोई क़यासी जुमला नहीं है, क्योंकि यह कुछ ऐसा ज़ाहिर करता है जो सच है। तर्जुमा करने वाला इस जुमला का तर्जुमा “चूँकि वहाँ है” भी कर सकता है।”
Philippians 2:1
पौलुस ईमानदारों को मुत्तहद और हलीमी की सलाह देता है और उन्हें मसीह की मिसाल को याद दिलाता है।
εἴ τις…παράκλησις ἐν Χριστῷ
अगर मसीह ने तुम्हारी हौसलाअफजाई की है या “अगर तुम मसीह की वजह से हौसला पाए हुए हो”
εἴ τι παραμύθιον ἀγάπης
जुमला “मुहब्बत से” शायद फ़िलिप्पियों के लिए मसीह की मुहब्बत का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर उसकी मुहब्बत ने तुम्हें कोई तसल्ली दिया है” या “अगर तुम्हारे लिए उसकी मुहब्बत ने तुम्हें किसी भी तरह से तसल्ली दी है”
εἴ τις κοινωνία Πνεύματος
अगर तुम रूह के साथ रफ़ाक़त रखते हो
εἴ τις σπλάγχνα καὶ οἰκτιρμοί
अगर आपने ख़ुदा की मेहरबानी और हमदर्दी के कई कामों का तजुर्बा किया है
Philippians 2:2
πληρώσατέ μου τὴν χαρὰν
पौलुस ख़ुशी से यहाँ बोलता है जैसे कि वह एक बर्तन था जिसे भरा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे बहुत ख़ुश करने का सबब बनें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 2:3
μηδὲν κατ’ ἐριθείαν μηδὲ κατὰ κενοδοξίαν
ख़ुद की ख़िदमत न करें और न ही ख़ुद को दूसरों से बेहतर समझें
Philippians 2:4
μὴ τὰ ἑαυτῶν ἕκαστος σκοποῦντες, ἀλλὰ καὶ τὰ ἑτέρων ἕκαστοι
सिर्फ़ इस बात की परवाह न करो कि तुमको क्या चाहिए, बल्कि यह भी कि दूसरों को क्या चाहिए
Philippians 2:5
τοῦτο φρονεῖτε ἐν ὑμῖν, ὃ καὶ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
वही मिज़ाज रखें जो मसीह यिसू’ का था या “एक दूसरे के बारे में इस तरह के ख़याल रख्खें जैसा मसीह यिसू’ का लोगों के बारे में ख़याल था”
Philippians 2:6
ἐν μορφῇ Θεοῦ ὑπάρχων
जो कुछ ख़ुदा के बारे में सच है, वह उसके बारे में सच था
οὐχ ἁρπαγμὸν ἡγήσατο τὸ εἶναι ἴσα Θεῷ
यहाँ “बराबरी” “बराबर हैसियत” या “बराबरी की ‘इज़्ज़त” का हवाला देता है। ख़ुदा के साथ बराबरी पर ज़ोर की नुमाइन्दगी करती है कि उसे 'इज़्ज़त दी जाए जैसे ख़ुदा को ‘इज़्ज़त दी जाती है। मसीह ने ऐसा नहीं किया। हालाँकि वह ख़ुदा होना नहीं छोड़ा, उसने ख़ुदा की हैसियत से काम करना बंद कर दिया। मुतबादिल तर्जुमा: “यह नहीं सोचा था कि उसे ख़ुदा के बराबर हैसियत हासिल करना पड़ेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 2:7
ἑαυτὸν ἐκένωσεν
पौलुस मसीह की बात करता है गोया वह कहने के लिए एक बर्तन था कि मसीह ने ज़मीन पर अपने वज़ारत के दौरान अपनी इलाही ताक़तों के साथ काम करने से इनकार कर दिया। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἐν ὁμοιώματι ἀνθρώπων γενόμενος
वह एक इंसान पैदा हुआ था या “वह एक इंसान बन गया”
Philippians 2:8
γενόμενος ὑπήκοος μέχρι θανάτου
पौलुस यहाँ एक ‘अलामती तरीक़े से मौत की बात करता है। मुतर्जिम “मौत की मंज़िल तक” को या तो जगह के इस्ति’आरे की शक्ल में समझ सकता है (मसीह मौत के लिए सभी तरह से चला गया) या वक़्त के इस्ति’आरा की शक्ल में (मसीह मरते वक़्त तक भी फ़रमाबरदार था)। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
θανάτου δὲ σταυροῦ
यहाँ तक कि एक सलीब पर मरने के लिए
Philippians 2:9
τὸ ὄνομα τὸ ὑπὲρ πᾶν ὄνομα
यहाँ “नाम” एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है जो मर्तबा या ‘इज़्ज़त का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “वह मर्तबा जो किसी दीगर मर्तबे से ऊपर है” या “वह ‘इज़्ज़त जो किसी दीगर ‘इज़्ज़त से ऊपर है” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
ὑπὲρ πᾶν ὄνομα
यह नाम ज़्यादा ख़ास है, किसी भी दीगर नाम के मुक़ाबले में ज़्यादा ता’रीफ़ की जानी चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 2:10
ἐν τῷ ὀνόματι Ἰησοῦ, πᾶν γόνυ κάμψῃ
यहाँ “घुटने” पूरे इन्सान के लिए एक मिजाज़ मुरसल लफ़्ज़ है, और घुटने को जमीन पर झुकाना ‘इबादत के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। “के नाम पर” यहाँ इन्सान के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है, यह बताते हुए कि यह कौन है वे 'इबादत करेंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “हर एक इन्सान यिसू’ की ‘इबादत करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-metonymy)
καταχθονίων
मुम्किन मतलब 1) वह मक़ाम जहाँ लोग जाते हैं जब वे मरते हैं या 2) वह जगह जहाँ बदरूहों का घर होता है।
Philippians 2:11
πᾶσα γλῶσσα
यहाँ “ज़बान” पूरे इन्सान का हवाला देती है। मुतबादिल तर्जुमा: “हर इन्सान” या “हर वजूद” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)
εἰς δόξαν Θεοῦ Πατρὸς
यहाँ लफ़्ज़ “के” नतीजे को ज़ाहिर करता है: “इस नतीजे के साथ कि वे ख़ुदा बाप की ता’रीफ़ करेंगे” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 2:12
पौलुस फ़िलिप्पी के ईमानदारों की हौसला अफ़ज़ाई करता है और उन्हें दिखाता है कि कैसे दूसरों से पहले मसीही ज़िन्दगी जीना है और उन्हें उसकी मिसाल की याद दिलाता है।
ἀγαπητοί μου
मेरे प्यारे साथी ईमानदारों
ἐν τῇ παρουσίᾳ μου
जब मैं तुम्हारे साथ हूँ
ἐν τῇ ἀπουσίᾳ μου
जब मैं तुम्हारे साथ नहीं हूँ
μετὰ φόβου καὶ τρόμου τὴν ἑαυτῶν σωτηρίαν κατεργάζεσθε
क़यासी इस्म “नजात” को लोगों को बचाने वाले ख़ुदा के बारे में एक जुमला के साथ ज़ाहिर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ौफ़ और लर्ज़िस के साथ, जिनको ख़ुदा बचाता है उनके लिए जो बेहतर है मुसलसल कड़ी मेहनत करें” या “ख़ुदा के लिए ख़ौफ़ और ‘अक़ीदत के साथ, उन अच्छे कामों को करने के लिए कड़ी मेहनत करो जिससे पता चलता है कि उसने तुमको बचाया है” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)
μετὰ φόβου καὶ τρόμου
पौलुस अल्फ़ाज़ “ख़ौफ़” और “लर्ज़िस” को एक साथ 'अक़ीदत को ज़ाहिर करने के लिए इस्ते’माल करता है जो लोगों को ख़ुदा के लिए होना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: “डर से कांपना” या “गहरी अक़ीदत के साथ” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
Philippians 2:13
καὶ τὸ θέλειν, καὶ τὸ ἐνεργεῖν, ὑπὲρ τῆς εὐδοκίας
ताकि तुम वह करना चाहो जो उसे पसन्द है और वही कर पाओगे जो उसे पसन्द है
Philippians 2:15
ἄμεμπτοι καὶ ἀκέραιοι
“बे-इल्ज़ाम” और “साफ़” अल्फ़ाज़ मतलब में बहुत यकसाँ हैं और इस ख़याल को मज़बूत बनाने के लिए एक साथ इस्ते’माल किये जाते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “पूरी तरह से मासूम” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
φαίνεσθε ὡς φωστῆρες ἐν κόσμῳ
रोशनी अच्छाई और सच्चाई की नुमाइन्दगी करती है। दुनिया में रोशनी की शक्ल में चमकते हुए अच्छे और नेक तरीक़े से जीने की नुमाइन्दगी करता है ताकि दुनिया में लोग देख सकें कि ख़ुदा अच्छा और सच्चा है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि तुम दुनिया में रोशनी की तरह रहो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
μέσον γενεᾶς σκολιᾶς καὶ διεστραμμένης…ἐν κόσμῳ
यहाँ “दुनिया” लफ़्ज़ का मतलब दुनिया के लोगों से है। “टेढ़े” और “कजरौ” अल्फ़ाज़ का इस्ते’माल एक साथ इस बात पर ज़ोर देने के लिए किया जाता है कि लोग बहुत गुनाहगार हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “दुनिया में, बहुत गुनाहगार लोगों के बीच” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)
Philippians 2:16
λόγον ζωῆς ἐπέχοντες
थामे रखना मज़बूती से ईमान करने की नुमाइन्दगी करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “ज़िन्दगी के कलाम पर मज़बूत ईमान रखना जारी रखो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
λόγον ζωῆς
वह पैग़ाम जो ज़िन्दगी को लाता है या “वह पैग़ाम जो यह ज़ाहिर करता है कि ख़ुदा की ख़्वाहिश के मुताबिक़ तुम कैसे ज़िन्दगी बसर करो”
εἰς ἡμέραν Χριστοῦ
इसका मतलब है जब यिसू’ वापस आता है और अपनी बादशाही क़ायम करता है और ज़मीन पर हुकूमत करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब मसीह लौटता है”
οὐκ εἰς κενὸν ἔδραμον, οὐδὲ εἰς κενὸν ἐκοπίασα
जुमला “बेकार में दौड़” और “बेकार में महनत” यहाँ एक ही बात का मतलब है। पौलुस ने उन पर ज़ोर देने के लिए उनका इस्ते’माल किया कि उन्होंने लोगों को मसीह में ईमान करने में मदद करने के लिए कितनी मेहनत की है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैंने कुछ नहीं के लिए इतनी मेहनत नहीं की” (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)
ἔδραμον
सहीफ़ों में अक्सर किसी की ज़िन्दगी का इन'अक़ाद करने के लिए चलने की तस्वीर का इस्ते’माल किया जाता है। दौड़ना शिद्दत से जिंदगी बसर करना है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 2:17
ἀλλ’ εἰ καὶ σπένδομαι ἐπὶ τῇ θυσίᾳ καὶ λειτουργίᾳ τῆς πίστεως ὑμῶν, χαίρω καὶ συνχαίρω πᾶσιν ὑμῖν
पौलुस अपनी मौत के बारे में बोलता है गोया वह एक ऐसा मशरूब है जिसे ख़ुदा को ‘इज़्ज़त देने के लिए जानवर की क़ुर्बानी पर डाला जाता है। पौलुस का मतलब यह है कि वह फ़िलिप्पियों के लिए ख़ुशी से मर जाएगा अगर वह उन्हें ख़ुदा के लिए और ज़्यादा ख़ुश करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन, चाहे रोमी मुझे मार दें और यह ऐसा है जैसे कि मेरा ख़ून एक हदिए की शक्ल में बाहर निकलता है, मुझे ख़ुशी और होगी और तुम सभी के साथ मसर्रत होगी अगर मेरी मौत तुम्हारे ईमान और फ़रमाबरदारी को ख़ुदा के लिए ज़्यादा ख़ुश करेगी” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 2:19
पौलुस ने फ़िलिप्पियों के ईमानदारों को ज़ल्द तीमुथियुस को भेजने के अपने मन्सूबे के बारे में बताया और कहा कि वे इपफ़्रुदीतुस के साथ ख़ुसूसी सुलूक करें।
ἐλπίζω δὲ ἐν Κυρίῳ Ἰησοῦ
लेकिन मैं ऐ'तमाद के साथ ख़ुदावन्द यिसू’ से मुझे इजाज़त देने कि उम्मीद करता हूँ
Philippians 2:20
οὐδένα γὰρ ἔχω ἰσόψυχον
यहाँ कोई भी तुमको उतनी मुहब्बत नहीं करता जितनी वह करता है
Philippians 2:21
οἱ πάντες γὰρ
यहाँ लफ़्ज़ “वे” उन लोगों की एक जमा’अत का हवाला देता है जो पौलुस को नहीं लगता कि वह फ़िलिप्पी भेजने के लिए भरोसा कर सकता है। पौलुस भी जमा’अत के साथ अपनी नाराजगी ज़ाहिर कर रहा है, जिन्हें जाना चाहिए था, लेकिन पौलुस को अपने मक़सद को पूरा करने के लिए उन पर भरोसा नहीं है।
Philippians 2:22
ὡς πατρὶ τέκνον, σὺν ἐμοὶ ἐδούλευσεν
बाप और बेटा एक-दूसरे से मुहब्बत करते हैं और एक साथ काम करते हैं। तीमुथियुस हक़ीक़त में पौलुस का बेटा नहीं था, लेकिन उसने पौलुस के साथ काम किया क्योंकि एक बेटा अपने बाप के साथ काम करता है। (देखें: INVALID translate/figs-simile)
εἰς τὸ εὐαγγέλιον
यहाँ “ख़ुशख़बरी” का यिसू’ के बारे में लोगों को बताने की सरगरमी से मतलब है। मुतबादिल तर्जुमा: “लोगों को ख़ुशख़बरी के बारे में बताने में” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 2:24
πέποιθα…ἐν Κυρίῳ, ὅτι καὶ αὐτὸς ταχέως ἐλεύσομαι
मुझे यक़ीन है, अगर यह ख़ुदा की मर्ज़ी है, कि मैं भी ज़ल्द आऊँगा
Philippians 2:25
Ἐπαφρόδιτον
यह एक इन्सान का नाम है, जो फ़िलिप्पी की कलीसिया के ज़रिए’ क़ैदख़ाने में पौलुस की ख़िदमत के लिए भेजा गया था। (देखें: INVALID translate/translate-names)
συνεργὸν καὶ συνστρατιώτην
यहाँ पौलुस इपफ़्रुदीतुस की बात कर रहा है गोया वह एक सिपाही था। उसका मतलब है कि इपफ़्रुदीतुस तरबियत याफ़्ता है और ख़ुदा की ख़िदमत करने के लिए वक़्फ़ है, भले ही उसे कितनी भी तकलीफ़ें क्यों न हो। मुतबादिल तर्जुमा: “साथी ईमानदार जो हमारे साथ काम करता है और जद्द-ओ-जहद करता है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ὑμῶν…ἀπόστολον καὶ λειτουργὸν τῆς χρείας μου
जो तुम्हारे पैग़ामों को मेरे पास लाता है और ज़रूरत पड़ने पर मेरी मदद करता है
Philippians 2:26
ἐπιποθῶν ἦν πάντας ὑμᾶς, καὶ ἀδημονῶν
वह बहुत परेशान था और तुम सभी के साथ रहना चाहता था
Philippians 2:27
λύπην ἐπὶ λύπην
मुसीबत की वजह साबित की जा सकती है। मुतबादिल तर्जुमा: “उसे खोने की मुसीबत मेरे पहले से ही क़ैदख़ाने में होने की मुसीबत में और इज़ाफ़ा कर देती है “ (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Philippians 2:28
κἀγὼ ἀλυπότερος ὦ
मैं कम परेशान होऊँगा या “मैं उतना परेशान नहीं होऊँगा जितना मैं हो चुका हूँ”
Philippians 2:29
προσδέχεσθε οὖν αὐτὸν
ख़ुशी से इपफ़्रुदीतुस को हासिल करें
ἐν Κυρίῳ μετὰ πάσης χαρᾶς
तमाम ख़ुशी के साथ या “हमारे पास बहुत ख़ुशी के साथ” ख़ुदावन्द में एक साथी ईमानदार की हैसियत से क्योंकि ख़ुदावन्द यिसू’ हमसे मुहब्बत करता है “
Philippians 2:30
μέχρι θανάτου ἤγγισεν
पौलुस यहाँ मौत की बात करता है गोया यह एक जगह थी जहाँ कोई भी जा सकता था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἀναπληρώσῃ τὸ ὑμῶν ὑστέρημα, τῆς πρός με λειτουργίας
पौलुस अपनी ज़रूरतों के बारे में बात करता है गोया वह एक बर्तन थे जिसे इपफ़्रुदीतुस ने पौलुस के लिए अच्छी चीज़ों से भरा था। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 3
फ़िलिप्पियों 03 ‘आम नुक़ते
साख़्त और वज़ाकारी
आयत 4-8 में, पौलुस फ़ेहरिस्त देता है कि कैसे वह एक रास्तबाज़ यहूदी समझने जाने के क़ाबिल है। हर तरह से, पौलुस एक मिसाली यहूदी था। लेकिन वह यिसू’ को जानने की ख़ासियत के साथ इससे अलग है। (देखें: रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
कुत्तों
क़दीम में मशरिक़ के क़रीब के लोगों ने एक मनफ़ी तरीक़े से लोगों का हवाला देने के लिए एक तस्वीर की शक्ल में कुत्तों का इस्तेमाल किया। सभी सक़ाफ़तें इस तरह से “कुत्ते” लफ़्ज़ का इस्ते’माल नहीं करती हैं।
ज़िन्दा हुए जिस्म
हम बहुत कम जानते हैं कि लोग आसमान में क्या पसंद करेंगे। पौलुस यहाँ सिखाता है कि मसीही के पास किस तरह का शानदार जिस्म होगा और गुनाह से आज़ाद होगा। (देखें: आसमान, बादल, बादलों, आसमानी और गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना)
इस बाब में ख़ास अजज़ा-ए-कलाम
तोहफ़ा
पौलुस मसीही ज़िन्दगी को ज़ाहिर करने के लिए एक बड़ी तशरीह का इस्ते’माल करता है। मसीही ज़िन्दगी का मक़सद मसीह की तरह होने के लिए बढ़ने की कोशिश करना है जब तक कि एक इन्सान की मौत न हो जाए। हम इस मक़सद को पूरी तरह से हासिल नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमें इसके लिए जद्द-ओ-जहद करना चाहिए।
Philippians 3:1
यहूदियों के बारे में अपने साथी ईमानदारों को ख़बरदार करने के लिए जो पुराने क़वानीन को मानने के लिए उन्हें हासिल करने की कोशिश करेंगे, पौलुस ने ईमानदारों को सताने के बारे में अपनी गवाही दी।
τὸ λοιπόν, ἀδελφοί μου
अब साथ चल रहा है, मेरे भाइयों या “दीगर मामलों से मुता'अल्लिक़, मेरे भाइयों”
ἀδελφοί
देखें कि आपने फ़िलिप्पियों 1:12 में इसका तर्जुमा कैसे किया।
χαίρετε ἐν Κυρίῳ
ख़ुश रहो क्योंकि सब ख़ुदा ने किया है
τὰ αὐτὰ γράφειν ὑμῖν, ἐμοὶ μὲν οὐκ ὀκνηρόν
तुम्हारे लिए इन बातों को दोबारा लिखना मेरे लिए कोई मुसीबत नहीं है
ὑμῖν δὲ ἀσφαλές
यहाँ “ये बातें” पौलुस की ता’लीमात का हवाला देती हैं। तुम इस मुतबादिल तर्जुमें को पिछले जुमले के आख़िर में जोड़ सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि ये ता’लीमात तुमको उन लोगों से बचाएँगी जो सच नहीं सिखाते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Philippians 3:2
βλέπετε
से होशियार रहें या “ख़बरदार रहें”
τοὺς κύνας…τοὺς κακοὺς ἐργάτας…τὴν κατατομήν
ये झूठे उस्तादों की एक ही जमा’अत को ज़ाहिर करने के तीन मुख्तलिफ़ तरीक़े हैं। पौलुस इन यहूदी मसीही उस्तादों के बारे में अपना ख़्याल ज़ाहिर करने के लिए मज़बूत इज़हारों का इस्ते’माल कर रहा है।
τοὺς κύνας
लफ़्ज़ “कुत्तों” का इस्ते’माल यहूदियों के ज़रिए’ उन लोगों का हवाला देने के लिए किया गया था जो यहूदी नहीं थे। उन्हें नापाक माना जाता था। पौलुस झूठे उस्तादों की बात करता है जैसे कि वे कुत्ते थे, उनको बे ‘इज़्ज़त करने के लिए। अगर आपकी रिवायत में एक अलग जानवर है जिसे नापाक माना जाता है या जिसका नाम बे ‘इज़्ज़त के तौर में इस्ते’माल किया जाता है, तो आप इस जानवर का इस्ते’माल कर सकते हो। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-irony)
τὴν κατατομήν
पौलुस झूठे उस्तादों को बे’इज़्ज़त करने के लिए ख़तने के 'अमल के बारे में मुबालग़ा आराई कर रहा है। झूठे उस्तादों ने कहा कि ख़ुदा सिर्फ़ ख़तना करने वाले इन्सान को बचाएगा, जो चमड़ी काट देंगे। यह 'अमल सभी मर्द इस्राईलियों के लिए मूसा के क़ानून के ज़रिए’ ज़रूरी था। (देखें: INVALID translate/figs-hyperbole और INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 3:3
ἡμεῖς γάρ ἐσμεν
पौलुस “हम” का इस्ते’माल ख़ुद को और मसीह में सभी सच्चे ईमानदारों को हवाला देने के लिए करता है, जिसमें फ़िलिप्पी ईमानदार भी शामिल हैं। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
ἡ περιτομή
पौलुस मसीह में ईमानदारों को हवाला देने के लिए इस जुमले का इस्ते’माल करता है जो जिस्मानी तौर से ख़तना नहीं करते हैं लेकिन रूहानी तौर से ख़तना किए जाते हैं, जिसका मतलब है कि उन्हें ईमान के ज़रिए’ से पाक रूह हासिल हुआ है। मुतबादिल तर्जुमा: “हक़ीक़त में ख़तना वाले” या “हक़ीक़त में ख़ुदा के लोग”
οὐκ ἐν σαρκὶ πεποιθότες
भरोसा मत करो कि सिर्फ़ हमारे जिस्म को काटने से ख़ुदा ख़ुश होगा
Philippians 3:4
καίπερ
हालाँकि अगर मैं चाहता था। पौलुस एक क़यासी हालत पेश कर रहा है जो यक़ीनन मौजूद नहीं हो सकता है। (देखें: INVALID translate/figs-hypo)
ἐγὼ ἔχων πεποίθησιν καὶ ἐν σαρκί. εἴ τις δοκεῖ ἄλλος πεποιθέναι ἐν σαρκί, ἐγὼ μᾶλλον
यह एक क़यासी हालत है जिस पर पौलुस को ईमान नहीं है कि यह मुमकिन है। पौलुस का कहना है कि अगर यह मुमकिन होता कि ख़ुदा लोगों को उनके 'आमाल की बुनियाद पर लोगों को बचाता, तो ख़ुदा यक़ीनी तौर से उसे बचा लेता। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा को ख़ुश करने के लिए कोई भी काफ़ी चीज़ें नहीं कर सकता है, लेकिन अगर कोई ख़ुदा को ख़ुश करने के लिए काफ़ी चीज़ें कर सकता है, तो मैं और अच्छी चीज़ें कर सकता हूँ और ख़ुदा को किसी से भी ज़्यादा ख़ुश कर सकता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-hypo)
ἐγὼ
पौलुस ज़ोर देने के लिए “ख़ुद” का इस्ते’माल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “यक़ीनी तौर से मैं” (देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)
Philippians 3:5
περιτομῇ
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक काहिन ने मेरा ख़तना किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
ὀκταήμερος
मेरे पैदा होने के सात दिन बा’द
Ἑβραῖος ἐξ Ἑβραίων
मुम्किन मतलब 1) “'इब्रानी माँ-बाप के साथ एक 'इब्रानी बेटा” या 2) “सबसे पाक 'इब्रानी।”
κατὰ νόμον Φαρισαῖος
फ़रीसी क़ानून का 'अमल करने के लिए वक़्फ़ थे। एक फ़रीसी होने के नाते पता चलता है कि पौलुस तमाम क़ानून को मानने के लिए वक़्फ़ था। मुतबादिल तर्जुमा: “एक फ़रीसी की शक्ल में, मैं तमाम क़ानून का 'अमल करने के लिए सुपुर्द था”
Philippians 3:6
κατὰ ζῆλος διώκων τὴν ἐκκλησίαν
पौलुस का जोश गर्मजोशी से ख़ुदा की 'इज़्ज़त करने के लिए था। उनका मानना था कि कलीसिया को सता कर उसने साबित कर दिया कि वह ख़ुदा के लिए कितना पुरजोश था। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे ख़ुदा के लिए इतना हौसला था कि मैंने कलीसिया को सताया” या “क्योंकि मैं ख़ुदा की ‘इज़्ज़त के लिए बहुत कुछ चाहता था, मैंने कलीसिया को सताया”
διώκων τὴν ἐκκλησίαν
मैंने मसीहियों पर हमला किया
κατὰ δικαιοσύνην τὴν ἐν νόμῳ γενόμενος ἄμεμπτος
क़ानून के लिए रास्तबाज़ी का मतलब क़ानून को मानने से रास्तबाज़ होना है। पौलुस ने क़ानून का इतनी एहतियात से इताअत किया कि उसे यक़ीन हो गया कि किसी को भी इसका कोई भी हिस्सा नहीं मिल सकता है जिसकी वह नाफ़रमानी करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं क़ानून मान करके इतना रास्तबाज़ था कि मैं बे- क़ुसूर था”
Philippians 3:7
ἅτινα ἦν μοι κέρδη
पौलुस यहाँ एक पुर जोश फ़रीसी होने के लिए ता’रीफ़ हासिल करने का ज़िक्र कर रहा है। वह इस ता’रीफ़ की बात करता है गोया उसने इसे एक तिजारत के फ़ायदे की शक्ल में माज़ी में देखा था। मुतबादिल तर्जुमा: “कुछ भी जिसके लिए दीगर यहूदियों ने मेरी ता’रीफ़ की” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
κέρδη…ζημίαν
ये ‘आम तिजारती लफ़्ज़ हैं। अगर आपकी सक़ाफ़त के बहुत से लोग रस्मी तिजारती शर्तों को नहीं समझते हैं, तो आप इन शर्तों को “मेरी ज़िंदगी को बेहतर बनाने वाली” और “मेरी ज़िंदगी को बदतर बनाने वाली चीज़ों” की शक्ल में तर्जुमा कर सकते हैं।
ταῦτα ἥγημαι…ζημίαν
पौलुस उस ता’रीफ़ की बात करता है गोया वह अब इसे एक फ़ायदे के बजाय एक तिजारती नुक़सान की शक्ल में देख रहा था। दूसरे अल्फ़ाज़ में, पौलुस कहता है कि मसीह के सामने रास्तबाज़ी के उसके सभी मज़हबी काम बेकार हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 3:8
μενοῦνγε
हक़ीक़त में या “सच में”
καὶ ἡγοῦμαι
“अब” लफ़्ज़ इस बात पर ज़ोर देता है कि जब पौलुस ने फ़रीसी बनना छोड़ दिया और मसीह में ईमानदार हो गया, तो वह कैसे बदल गया। मुतबादिल तर्जुमा: “अब जो मैंने मसीह पर ईमान कर लिया है, तो मैं गिनता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ἡγοῦμαι πάντα ζημίαν εἶναι
पौलुस [फ़िलिप्पियों 3:7] (../03/07.md) से तिजारती इस्ति’आरा जारी रख रहा है, यह कहते हुए कि यह मसीह के अलावा किसी और चीज़ पर भरोसा करना बेकार है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं सब कुछ बेकार समझता हूँ” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
διὰ τὸ ὑπερέχον τῆς γνώσεως Χριστοῦ Ἰησοῦ τοῦ Κυρίου μου
क्योंकि मेरे ख़ुदावन्द मसीह यिसू’ को जानना बहुत ही ज़्यादा क़द्र वाला है
ἵνα Χριστὸν κερδήσω
ताकि मेरे पास सिर्फ़ मसीह हो
Philippians 3:9
εὑρεθῶ ἐν αὐτῷ
जुमला “पाया जाना” एक मुहावरा है जो “होने “ पर ज़ोर देता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हक़ीक़त में मसीह के साथ मुत्तहद हो” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
μὴ ἔχων ἐμὴν δικαιοσύνην, τὴν ἐκ νόμου
पौलुस जानता है कि क़ानून को मानने से वह रास्तबाज़ नहीं बन सकता।
ἀλλὰ τὴν διὰ πίστεως Χριστοῦ
“वह” लफ़्ज़ रास्तबाज़ी को ज़ाहिर करता है। पौलुस जानता है कि वह मसीह में ईमान करके ही रास्तबाज़ बन सकता है। AT: “लेकिन मसीह में ईमान करने से रास्तबाज़ी आती है”
Philippians 3:10
τὴν δύναμιν τῆς ἀναστάσεως αὐτοῦ
उसकी ताक़त जो हमें ज़िन्दगी देती है
κοινωνίαν παθημάτων αὐτοῦ
उस तकलीफ़ को सहना कैसा होता है जिस तरह उसने तकलीफ़ सहा या “उसके साथ मुसीबत में हिस्सा लेना कैसा होता है”
συμμορφιζόμενος τῷ θανάτῳ αὐτοῦ
मुम्किन मतलब हैं 1) पौलुस उस तरह मर कर मसीह की तरह होना चाहता है जिस तरह मसीह की मौत हुई या 2) पौलुस चाहता है कि उसकी गुनाह करने की ख्वाहिश उस तरह मुर्दा हो जाए जैसे कि यिसू’ जी उठने से पहले था। (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 3:11
εἴ πως καταντήσω εἰς τὴν ἐξανάστασιν τὴν ἐκ νεκρῶν
“किसी तरह” लफ़्ज़ का मतलब है कि पौलुस को नहीं पता कि इस ज़िन्दगी में उसके साथ क्या होने वाला है, लेकिन जो कुछ भी होता है, उसका नतीजा हमेशा की ज़िन्दगी में होगा। “ताकि, अब मेरे साथ जो भी हो, मैं मरने के बा’द वापस ज़िन्दगी में आ जाऊँगा”
Philippians 3:12
पौलुस फ़िलिप्पी में ईमानदारों से अपनी हाल की मिसालों का 'अमल करने की मिन्नत करता है, आसमान और नए जिस्मों के सबब से जो ईमानदारों का इन्तिज़ार करते हैं। वह बोलता है कि वह मसीह की तरह मुश्किल काम करता है, यह जानकर कि ख़ुदा उसे आसमान में हमेशा के लिए रहने देगा, जैसे कि वह इख़ततामी लकीर के लिए दौड़ लगाने वाला था।
ἔλαβον
इनमें मसीह को जानना, उसकी क़यामत की ताक़त को जानना, मसीह की मुसीबत में शरीक होना, और उसकी मौत और क़यामत में मसीह के साथ मुत्तहद होना ([फ़िलिप्पियों 3:8-11] (./08.md)) शामिल है।
ἢ…τετελείωμαι
इसलिए मैं अभी तक कामिल नहीं हूँ या “इसलिए मैं अभी तक कामिल नहीं हूँ”
διώκω δὲ
लेकिन मैं कोशिश करता रहता हूँ
καταλάβω, ἐφ’ ᾧ…κατελήμφθην ὑπὸ Χριστοῦ Ἰησοῦ
मसीह से रूहानी बातें हासिल करने की बात की जाती है गोया पौलुस उन्हें अपने हाथों से पकड़ सकता है। और, यिसू’ ने पौलुस को मुन्तख़ब करने के लिए उसके बारे में बात की है गोया यिसू’ ने पौलुस को अपने हाथों से पकड़ लिया। इसे एक फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे ये चीजें हासिल हो सकती हैं क्योंकि इसी वजह से यिसू’ ने मुझे अपना होने का दा'वा किया” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
Philippians 3:13
ἀδελφοί
देखें कि आपने फ़िलिप्पियों 1:12 में इसका तर्जुमा कैसे किया।
ἐμαυτὸν…κατειληφέναι
मसीह से रूहानी बातें हासिल करने की बात की जाती है गोया पौलुस उन्हें अपने हाथों से पकड़ सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ये सभी चीजें मेरी हैं अभी तक” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τὰ μὲν ὀπίσω ἐπιλανθανόμενος, τοῖς δὲ ἔμπροσθεν ἐπεκτεινόμενος
दौड़ में एक दौड़ने वाले की तरह अब उस दौड़ के हिस्से के बारे में फ़िक्रमन्द नहीं है जो पूरा हो गया है, लेकिन सिर्फ़ इस बात पर ग़ौर करता है कि आगे क्या है, पौलुस रास्तबाज़ी के लिए अपने मज़हबी कामों को अलग करने की बात करता है और सिर्फ़ ज़िन्दगी की उस दौड़ पर ज़हन लगाता है जिसे मसीह ने उसके सामने पूरा करने के लिए रख्खा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुझे परवाह नहीं है कि मैंने माज़ी में क्या किया है; मैं सिर्फ़ जितनी महनत कर सकता हूँ करता हूँ उसके लिए जो आगे है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 3:14
κατὰ σκοπὸν διώκω εἰς τὸ βραβεῖον τῆς ἄνω κλήσεως τοῦ Θεοῦ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
एक दौड़ने वाला दौड़ जीतने के लिए आगे की ओर दबाता है, पौलुस मसीह की फ़रमाबरदारी में रहने और जीने में आगे बढ़ता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं वह सब करता हूँ जो मसीह की तरह हो सकता है, इख़ततामी लकीर के लिए एक दौड़ने वाले की तरह, ताकि मैं उससे मुता'अल्लिक़ हो जाऊं, और ख़ुदा मुझे मरने के बा’द अपने पास बुला सके” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
τῆς ἄνω κλήσεως
मुम्किन मतलब ये हैं कि पौलुस ख़ुदा के साथ हमेशा तक रहने की बात करता है गोया ख़ुदा ने पौलुस को आसमान में चढ़ने के लिए बुलाया था 1) आसमान पर जैसा कि यिसू’ ने किया था या 2) चबूतरे की सीढ़ियों पर जहाँ दौड़ के जीतने वालों को इन’आम मिलता था, ख़ुदा से रू-ब-रू होने और अब्दी ज़िन्दगी हासिल करने के लिए एक इस्ति’आरे के तौर पर। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 3:15
ὅσοι…τέλειοι, τοῦτο φρονῶμεν
पौलुस चाहता है कि उसके साथी ईमानदारों की वही ख़्वाहिशें हों जो वह [फ़िलिप्पियों 3:8-11]((./08.md) में फ़ेहरिस्त करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं अपने सभी ईमानदारों की हौसला अफ़ज़ाई करता हूँ जो इस तरह से सोचने के लिए ईमान में मज़बूत हैं”
καὶ τοῦτο ὁ Θεὸς ὑμῖν ἀποκαλύψει
ख़ुदा भी तुमको वाज़ेह करेगा या “ख़ुदा यह यक़ीनी करेगा कि तुम इसे जानते हो”
Philippians 3:16
εἰς ὃ ἐφθάσαμεν, τῷ αὐτῷ στοιχεῖν
फ़िलिप्पी के ईमानदारों को शामिल करने के लिए पौलुस “हम” का इस्ते’माल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “हम सभी को उसी सच्चाई को मानते रहना चाहिए जो हमें पहले ही मिल चुकी है” (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
Philippians 3:17
συνμιμηταί μου γίνεσθε
मैं जो करता हूँ वह करो या “जैसा मैं जी रहा हूँ वैसे जियो”
ἀδελφοί
देखें कि आपने फ़िलिप्पियों 1:12 में इसका तर्जुमा कैसे किया।
τοὺς οὕτω περιπατοῦντας, καθὼς ἔχετε τύπον ἡμᾶς
जो लोग पहले से वैसे जी रह रहे हैं जैसे मैं जीता हूँ या “ वे जो पहले से ही कर रहे हैं जो मैं करता हूँ”
Philippians 3:18
πολλοὶ…περιπατοῦσιν…τοὺς ἐχθροὺς τοῦ σταυροῦ τοῦ Χριστοῦ
इस आयत के लिए ये अल्फ़ाज़ पौलुस के मरकज़ी ख़याल हैं।
πολλοὶ…περιπατοῦσιν
एक शख्स के किरदार की बात की जाती है गोया वह शख्स एक रास्ते पर चल रहा था। मुतबादिल तर्जुमा: “कई लोग जी रहे हैं” या “कई अपनी ज़िन्दगी का इना'अक़ाद कर रहे हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
οὓς πολλάκις ἔλεγον ὑμῖν, νῦν δὲ καὶ κλαίων, λέγω
पौलुस इन अल्फ़ाज़ के साथ अपने ख़ास मनसूबों में दखल अन्दाज़ी करता है जो “बहुत” का बयान करते हैं। अगर तुमको ज़रूरत हो तो तुम उन्हें आयत के शुरू’ या आख़िर में ले जा सकते हो।
πολλάκις ἔλεγον ὑμῖν
मैंने तुमको कई बार कहा है
κλαίων, λέγω
बहुत दुख के साथ तुमको बता रहा हूँ
τοὺς ἐχθροὺς τοῦ σταυροῦ τοῦ Χριστοῦ
यहाँ “मसीह की सलीब” का मतलब मसीह के दुख और मौत से है। दुश्मन वे हैं जो कहते हैं कि वे यिसू’ पर ईमान करते हैं लेकिन वे परेशान होने या मरने के लिए तैयार नहीं हैं जैसे यिसू’ ने किया था। मुतबादिल तर्जुमा: “एक तरह से जो दिखाता है कि वे हक़ीक़त में यिसू’ के ख़िलाफ़ हैं, जो एक सलीब पर दुख उठाने और मरने के लिए तैयार था” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 3:19
ὧν τὸ τέλος ἀπώλεια
किसी दिन ख़ुदा उन्हें हलाक कर देगा। आख़िरी चीज़ जो उनके साथ होती है, वह यह है कि ख़ुदा उन्हें हलाक कर देगा।
ὧν ὁ Θεὸς ἡ κοιλία
यहाँ “पेट” जिस्मानी आराम के लिए एक इन्सान की ख़्वाहिशों का हवाला देता है। इसे उनके ख़ुदा कहने का मतलब है कि वे इन ख़ुशियों को ख़ुदा का हुक्म मानने से ज़्यादा चाहते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वे ख़ुदा को मानने की ख़्वाहिश से ज़्यादा खाना और दीगर जिस्मानी ख़ुशियों की ख़्वाहिश रखते हैं” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
ἡ δόξα ἐν τῇ αἰσχύνῃ αὐτῶν
यहाँ “शर्म” उन कामों के लिए है, जिनके बारे में लोगों को शर्म आनी चाहिए, लेकिन नहीं हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “उन्हें उन चीज़ों पर फ़ख़्र है, जिनसे उन्हें शर्म आनी चाहिए” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
οἱ τὰ ἐπίγεια φρονοῦντες
यहां “दुनियावी” जिस्मानी ख़ुशी देने वाली हर चीज़ का हवाला देता है और जो ख़ुदा की ‘इज़्ज़त नहीं करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “उनकी सारी सोच इस बारे में है कि वो ख़ुद को कैसे खुश करें इसके बजाय कि ख़ुदा को क्या ख़ुश करेगा” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 3:20
पौलुस के ज़रिए’ “हमारे” और “हम” के इस्ते’माल से, वह ख़ुद को और फ़िलिप्पी में ईमानदारों को शामिल करता है। (देखें: INVALID translate/figs-inclusive)
ἡμῶν…τὸ πολίτευμα ἐν οὐρανοῖς ὑπάρχει
मुम्किन मतलब हैं 1) “हम आसमान के शहरी हैं” या 2) “हमारा वतन आसमान है” या 3) “हमारा हक़ीक़ी घर आसमान है।”
Philippians 3:21
ὃς μετασχηματίσει τὸ σῶμα τῆς ταπεινώσεως ἡμῶν
वह हमारे कमज़ोर, दुनियावी जिस्म को बदल देगा
σύμμορφον τῷ σώματι τῆς δόξης αὐτοῦ
उसके शानदार जिस्म की तरह जिस्मों में
τῷ σώματι…κατὰ τὴν ἐνέργειαν τοῦ δύνασθαι αὐτὸν, καὶ ὑποτάξαι αὑτῷ τὰ πάντα
इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिस्म। वह हमारे जिस्म को उसी ताक़त से बदल देगा जिसका इस्ते’माल वह सभी चीज़ों को गिरफ़्त में करने के लिए करता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)
Philippians 4
फ़िलिप्पियों 04 ‘आम नुक़ते
इस बाब में ख़ास तसव्वुरात
“मेरी ख़ुशी और मेरा ताज”
पौलुस ने फ़िलिप्पियों को रूहानी तौर से साबित क़दम होने में मदद की थी। नतीजतन, पौलुस ख़ुश हुआ और ख़ुदा ने उसे और उसके काम को इज्ज़त बख्शी। वह दीगर मसीहियों को हिदायत देने और उन्हें रूहानी शक्ल से बढ़ने के लिए हौसला अफज़ाई करने को मसीही ज़िन्दगी के लिए अहम समझता था। (देखें: रूह , रूहें , रूहानी और शागिर्द, शागिर्दों )
इस बाब में दीगर मुम्किन तर्जुमा के मुश्किलात
यूवदिया और सुन्तुख़े
ज़ाहिर है, ये दोनों ‘औरतें एक-दूसरे से रज़ामन्द नहीं थीं। पौलुस उन्हें रज़ामन्द होने के लिए हौसला अफ़ज़ाई कर रहा था। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
Philippians 4:1
जब पौलुस कहता है, “मेरा सच्चा साथी,” तुम “लफ़्ज़ वाहिद है। पौलुस इन्सान का नाम नहीं कहता है। वह उसे बुलाता है ये ज़ाहिर करने के लिए कि उसने ख़ुशख़बरी का ‘एलान करने में पौलुस के साथ काम किया। (देखें: INVALID translate/figs-you)
फ़िलिप्पी में ईमानदारों को मुत्तहद होने पर कुछ ख़ास हिदायत के साथ पौलुस जारी है और फिर उन्हें ख़ुदावन्द के लिए जीने में मदद करने के लिए हिदायत देता है।
ὥστε, ἀδελφοί μου ἀγαπητοὶ καὶ ἐπιπόθητοι
मेरे साथी ईमानदारों, मैं तुमसे मुहब्बत करता हूँ और मैं तुम्हें देखने की बहुत ख़्वाहिश करता हूँ
ἀδελφοί
देखें कि आपने फिलिप्पियों1:12 में इसका तर्जुमा कैसे किया।
χαρὰ καὶ στέφανός μου
पौलुस “ख़ुशी” लफ़्ज़ का इस्ते’माल यह कहने के लिए करता है कि फ़िलिप्पी की कलीसिया उसकी ख़ुशी की वजह है। एक “ताज” पत्तियों से बनाया जाता था, और एक आदमी उसे एक ख़ास खेल जीतने के बा’द ‘इज़्ज़त की निशानी की शक्ल में अपने सिर पर पहनता था। यहाँ “ताज” लफ़्ज़ का मतलब है कि फ़िलिप्पी की कलीसिया ने ख़ुदा के सामने पौलुस को ‘इज़्ज़त दी। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम मुझे ख़ुशी देते हो क्योंकि तुम यिसू’ पर ईमान रखते हो, और तुम मेरे काम के लिए मेरा इन’आम और ‘इज़्ज़त हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
οὕτως στήκετε ἐν Κυρίῳ, ἀγαπητοί
इसलिए ख़ुदावन्द के लिए जीना जारी रखो जिस तरह से मैंने तुम्हें सिखाया है, ‘अज़ीज़ दोस्तों
Philippians 4:2
Εὐοδίαν παρακαλῶ, καὶ Συντύχην παρακαλῶ
ये वे ‘औरतें हैं जो ईमानदार थीं और फ़िलिप्पी की कलीसिया में पौलुस की मदद की थीं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं यूवदिया से मिन्नत करता हूँ, और मैं सुन्तुख़े से मिन्नत करता हूँ” (देखें: INVALID translate/translate-names)
τὸ αὐτὸ φρονεῖν ἐν Κυρίῳ
जुमला “एक ही ज़हन का” से मुराद एक ही मिज़ाज या नज़रया का होना है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दूसरे से रज़ामन्द हों क्योंकि तुम दोनों एक ही ख़ुदा में ईमान करते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
Philippians 4:3
ναὶ, ἐρωτῶ…σέ, γνήσιε σύνζυγε
यहाँ “तुम” “सच्चे साथी ख़ादिम” का हवाला देता है और वाहिद है। (देखें: INVALID translate/figs-you)
γνήσιε σύνζυγε
यह इस्ति’आरा खेती से है, जहाँ दो जानवर एक ही जुआ में बंधे होंगे, और इसलिए वे एक साथ काम करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “साथी ख़ादिम” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
μετὰ…Κλήμεντος
क्लेमेंस एक आदमी था जो फ़िलिप्पी की कलीसिया में एक ईमानदार और ख़ादिम था। (देखें: INVALID translate/translate-names)
ὧν τὰ ὀνόματα ἐν βίβλῳ ζωῆς
जिसका नाम ख़ुदा ने ज़िन्दगी की किताब में लिखा है
Philippians 4:4
χαίρετε ἐν Κυρίῳ
ख़ुश रहो क्योंकि सब ख़ुदा ने किया है। देखें कि आपने फ़िलिप्पियों 3:1 में इसका तर्जुमा कैसे किया।
Philippians 4:5
ὁ Κύριος ἐγγύς
मुम्किन मतलब हैं 1) ख़ुदावन्द यिसू’ रूह में ईमानदारों के पास हैं या 2) जिस दिन ख़ुदावन्द यिसू’ ज़मीन पर वापस आएगा।
Philippians 4:6
ἐν παντὶ, τῇ προσευχῇ καὶ τῇ δεήσει μετὰ εὐχαριστίας, τὰ αἰτήματα ὑμῶν γνωριζέσθω πρὸς τὸν Θεόν
तुम्हारे साथ जो कुछ भी होता है, ख़ुदा से दु’आ और शुक्र के साथ तुम्हारी ज़रूरत की हर चीज़ के लिए कहो
Philippians 4:7
ἡ εἰρήνη τοῦ Θεοῦ
वह सलामती जो ख़ुदा देता है
ἡ ὑπερέχουσα πάντα νοῦν
जो हम समझ सकते हैं उससे कहीं ज़्यादा है
φρουρήσει τὰς καρδίας ὑμῶν καὶ τὰ νοήματα ὑμῶν ἐν Χριστῷ
यह एक सिपाही की शक्ल में ख़ुदा की सलामती को बयान करता है जो हमारे दिल और मन्सूबों को परेशान करने से बचाता है। यहाँ “दिल” एक इन्सान के जज़्बात के लिए एक मिजाज़ी लफ़्ज़ है। मुतबादिल तर्जुमा: “एक सिपाही की तरह होगा और मसीह में तुम्हारे जज़्बात और मन्सूबों की हिफ़ाज़त करेगा” या “मसीह में आपकी हिफ़ाज़त करेगा और तुमको इस ज़िन्दगी की परेशानियों की बाबत फ़िक्र करने से महफ़ूज़ रखेगा” (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-explicit)
Philippians 4:8
τὸ λοιπόν
जैसे ही पौलुस ने अपना ख़त मुकम्मल किया, वह एक खुलासा देता है कि ईमानदारों को ख़ुदा के साथ सलामती के लिए कैसे रहना चाहिए।
ἀδελφοί
देखें कि आपने [फ़िलिप्पियों 1:12] (../01/12.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया।
ὅσα προσφιλῆ
जो भी चीज़ें दिलकश हैं
ὅσα εὔφημα
लोग जो भी चीज़ की ता’रीफ़ करते हैं या “जो भी चीज़ें लोगों की ‘इज़्ज़त करती हैं”
εἴ τις ἀρετὴ
अगर वे इख़लाक़ी शक्ल से अच्छे हैं
εἴ τις ἔπαινος
और अगर वे ऐसी चीज़ें हैं जिनकी लोग ता’रीफ़ करते हैं
Philippians 4:9
καὶ ἐμάθετε καὶ παρελάβετε, καὶ ἠκούσατε καὶ εἴδετε, ἐν ἐμοί
मैंने तुम्हें सिखाया और दिखाया है
Philippians 4:10
पौलुस फ़िलिप्पियों को एक तोहफ़े के लिए शुक्रगुज़ारी करना शुरू’ करता है जो कि उन्होंने उसे भेजा है। वह आयत 11 में यह वज़ाहत शुरू’ करता है कि वह इस इन’आम के लिए उन्हें शुक्रगुज़ारी कर रहा है क्योंकि वह एहसानमन्द है, इसलिए नहीं कि उसे कुछ और देने के लिए उनकी ज़रूरत है।
Philippians 4:11
αὐτάρκης εἶναι
मुतमइन होना या “ख़ुश होना”
ἐν οἷς εἰμι
कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि मेरी हालत क्या है
Philippians 4:12
οἶδα καὶ ταπεινοῦσθαι…περισσεύειν
पौलुस जानता है कि कैसे ख़ुश रहना है या तो कोई मल्कियत नहीं है या कई मल्कियत हैं। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
χορτάζεσθαι καὶ πεινᾶν, καὶ περισσεύειν καὶ ὑστερεῖσθαι
इन दो जुमलों का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है। पौलुस उनका इस्ते’माल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि उसने सीखा है कि किसी भी हालत में कैसे मुतमइन रहें। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-merism)
Philippians 4:13
πάντα ἰσχύω ἐν τῷ ἐνδυναμοῦντί με
मैं सभी चीज़ें कर सकता हूँ क्योंकि मसीह मुझे ताक़त देता है
Philippians 4:14
पौलुस वज़ाहत कर रहा है कि वह फ़िलिप्पियों को उसके तोहफ़े के लिए मुबारकबाद दे रहा है, क्योंकि वह एहसानमन्द है, इसलिए नहीं कि उसे कुछ और देने के लिए उनकी ज़रूरत है (देखें फ़िलिप्पियों 3:11)।
μου τῇ θλίψει
पौलुस अपनी मुश्किलों के बारे में बात करता है गोया वे एक ऐसी जगह थे जिसमें वह थे। मुतबादिल तर्जुमा: “जब चीज़ें मुश्किल हो गईं” (देखें INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 4:15
ἀρχῇ τοῦ εὐαγγελίου
पौलुस यहाँ ख़ुशख़बरी का हवाला उसके ख़ुशख़बरी की मुनादी करने के मानी के तौर पर देता है । (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)
οὐδεμία μοι ἐκκλησία ἐκοινώνησεν εἰς λόγον δόσεως καὶ λήμψεως, εἰ μὴ ὑμεῖς μόνοι
यह मुसबत में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम सिर्फ़ एक कलीसिया थे जिसने मुझे पैसे भेजे या मेरी मदद की” (देखें: INVALID translate/figs-doublenegatives)
Philippians 4:17
οὐχ ὅτι ἐπιζητῶ τὸ δόμα
पौलुस वज़ाहत कर रहा है कि तोहफ़े के बारे में लिखने की उसकी वजह यह नहीं है कि वह उम्मीद करता है कि वे उसे और तोहफ़े देंगे। मुतबादिल तर्जुमा: “यह लिखने की मेरी वजह यह नहीं है कि मैं चाहता हूँ कि तुम मुझे और ज़्यादा दो”
ἐπιζητῶ τὸν καρπὸν τὸν πλεονάζοντα εἰς λόγον ὑμῶν
पौलुस तोहफ़े के बारे में लिखने की अपनी वजह बताता है। यहाँ “फल जो तुम्हारे लिए साख बढ़ाता है” के लिए एक इस्ति’आरा है 1) ज़्यादा अच्छे ‘अमल जो फ़िलिप्पियों के लिए दर्ज किए जा सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “बल्कि मैं चाहता हूँ कि ख़ुदा बढ़ते हुए अच्छे कामों को पहचाने जो तुम करते हो” या 2) फ़िलिप्पियों की अच्छी चीज़ों के लिए ज़्यादा मुबारकबाद। मुतबादिल तर्जुमा: “बल्कि मैं चाहता हूँ कि ख़ुदा तुमको उन अच्छे कामों की वजह से ज़्यादा फ़ज़ल दे जो तुम करते हो” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 4:18
पौलुस फ़िलिप्पियों को उनके तोहफ़े के लिए मुबारकबाद देना ख़त्म करता है (देखें फ़िलिप्पियों 3:11) और उन्हें यक़ीन दिलाता है कि ख़ुदा उनकी देखभाल करेगा।
ἀπέχω…πάντα
मुम्किन मतलब हैं 1) पौलुस को वह सब कुछ हासिल हो गया है जो फ़िलिप्पियों ने भेजा था या 2) पौलुस फ़िलिप्पियों 3: 8 से तिजारती इस्ति’आरा जारी रखने के लिए मज़ाह का इस्ते’माल कर रहा है और कह रहा है कि यह ख़त का यह हिस्सा तिज़ारती चीज़ों के लिए एक रसीद है जिसे इपफ़्रुदीतुस ने पहुँचाया।
περισσεύω
पौलुस का मतलब उन चीज़ों से है जो उसे अपने लिए चाहिए। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)
ὀσμὴν εὐωδίας, θυσίαν δεκτήν, εὐάρεστον τῷ Θεῷ
पौलुस फ़िलिप्पी की कलीसिया से तोहफ़े की बात करता है गोया यह क़ुर्बानगाह पर ख़ुदा को नज्र की गई क़ुर्बानी थी। पौलुस का मतलब है कि कलीसिया का इन’आम ख़ुदा को बहुत पसंद है, काहिनों के ज़रिए’ जलाई गई क़ुर्बानियों की तरह, जिसमें एक ख़ुशबू थी जो ख़ुदा को ख़ुश करती थी। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं तुमको यक़ीन दिलाता हूँ कि ये इन’आम ख़ुदा को बहुत पसंद हैं, एक मक़बूल क़ुर्बानी की तरह” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)
Philippians 4:19
πληρώσει πᾶσαν χρείαν ὑμῶν
यह वही लफ़्ज़ है जिसका तर्जुमा “अच्छी तरह से फ़राहम किया गया है” आयत 18 में। यह एक मुहावरे का मतलब है “तुमको वह सब कुछ ‘अता करेगा जिसकी तुमको ज़रूरत है” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)
κατὰ τὸ πλοῦτος αὐτοῦ ἐν δόξῃ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ
अपने जलाली दौलत से जो वह मसीह यिसू’ के वसीले से देता है
Philippians 4:20
τῷ δὲ Θεῷ…ἡμῶν
लफ़्ज़ “अब” आख़िरी की दु’आ और इस हिस्से के इख़तताम की निशानदेही करता है।
Philippians 4:21
οἱ…ἀδελφοί
यह उन लोगों का हवाला देता है जो पौलुस के साथ या तो ‘उहदेदार थे या पौलुस का।
ἀδελφοί
देखें कि तुमने फ़िलिप्पियों 1:12 में इसका तर्जुमा कैसे किया।
πάντα ἅγιον
कुछ वर्ज़न इसे “हर मुक़द्दस शख्स” की शक्ल में तर्जुमा करते हैं।
Philippians 4:22
πάντες οἱ ἅγιοι
कुछ वर्ज़न इसे “सभी मुक़द्दस लोगों” की शक्ल में तर्जुमा करते हैं।
μάλιστα…οἱ ἐκ τῆς Καίσαρος οἰκίας
यह उन नौकरों का हवाला देता है जो क़ैसर के महल में काम करते थे। “ख़ास तौर से साथी ईमानदारों का जो क़ैसर के महल में काम करते हैं”
Philippians 4:23
μετὰ τοῦ πνεύματος ὑμῶν
पौलुस “रूह” लफ़्ज़ का इस्ते’माल करके ईमानदारों का हवाला देता है, जो कि इन्सानों को ख़ुदा से ताल्लुक़ रखने के क़ाबिल बनाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे साथ” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)