Urdu Devanagari script: translationNotes

Updated ? hours ago # views See on DCS

Ephesians

Ephesians front

इफ़िसियों का तार्रुफ़

हिस्सा 1: आम तार्रुफ़

1 इफ़्सियों की किताब का ख़ाका
  1. मसीह में रूहानी बरकात के लिए सलाम और दुआ (1:1-23)
  2. गुनाह और नजात (2:1-10)
  3. इत्तहाद व अमन (2:11-22)
  4. मसीह का भेद तुम पर ज़ाहिर किया जाना (3:1-13)
  5. उसके जलाल के दौलत के वास्ते दुआ उनको मज़बूत बनाने के लिए (3:14-21)
  6. रूह का इत्तहाद, मसीह के बदन को ता’मीर करना (4:1-16)
  7. नई ज़िन्दगी (4:17-32)
  8. ख़ुदा का नक़ल करने वाले (5:1-21)
  9. शौहर और बीवी; बच्चे और वालिदेन; ग़ुलाम और मालिक (5:22-6:9)
  10. ख़ुदा के हथियार (6:10-20)
  11. आख़िरी सलाम (6:21-24)
इफ़िसियों की किताब को किसने लिखा? इफ़िसियों को पौलुस ने लिखा। पौलुस तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फ़रीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। एक मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यीशु की बाबत बताते हुए कई दफ़ा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।

रसूल पौलुस ने अपने एक सफ़र में इफ़िसुस की कलीसिया शुरू करने में मदद की थी । वह डेढ़ साल इफ़िसुस में रहा था और वहाँ के ईमानदारों की मदद की थी । पौलुस ने शायद इस ख़त को रोम की क़ैद में रहने के दौरान लिखा।।

इफ़िसियों की किताब किस बारे में है?

पौलुस ने यह ख़त इफ़िसुस के मसीहियों को मसीह में उनके लिए खुदा की महब्बत की तशरीह करने के लिए लिखा। वह उन बरकात का बयान करता है जो ख़ुदा उनको दे रहा था क्योंके वो अब मसीह के साथ मुत्तहिद थे। उसने वज़ा हत की कि तमाम ईमानदार बाहम मुत्तहिद हैं, ख़्वाह यहूदी हों या यूनानी। पौलुस उनकी हौसला आफ़ज़ाई भी करना चाहता था कि वो इस तरह की ज़िन्दगी बसर करें जिस से ख़ुदा राज़ी है।

इस किताब के उनवान का तर्जुमा किस तरह किया जाना चाहिए?

मुतर्जमीन इस किताब को इसके रिवायती उनवान “इफ़िसियों” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या वो एक वाज़ेह उनवान का इन्तखाब कर सकते हैं, जैसे “इफ़िसुस की कलीसिया के नाम पौलुस का ख़त” या “इफ़िसुस के मसीहियों के नाम ख़त”। (देखें : INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसववुरात

इफ़िसियों की किताब में “पोशीदा सच्चाई” क्या थी?

इबारत जिसका “पोशीदा सच्चाई” या “पोशीदा” के तौर पर ULT में तर्जुमा किया गया है, छः दफ़ा आता है। इसके ज़रिए पौलुस का हमेशा कुछ ऐसा मतलब था जिसे ख़ुदा को इंसानों पर ज़ाहिर करना पड़ा था क्योंके वो इसे ख़ुद नहीं जान सके। यह हमेशा कुछ ऐसी बाबत हवाला देता था के किस तरह ख़ुदा ने इंसान को बचाने का मन्सूबा किया। बा’ज़ औक़ात यह अपने आप और इंसानों के दरमियान अमन पैदा करने के उसके मन्सूबे के बाबत था। बा’ज़ औकात यह यहूदियों और ग़ैर यहूदियों को मसीह के ज़रिए मुत्तहिद करने के उसके मन्सूबे की बाबत था। अब ग़ैर यहूदी मसीह के वायदों से यहूदियों के साथ बराबरीके तौर पर फ़ायदा उठाने के क़ाबिल हैं।

पौलुस ने नजात और रास्तज़िन्दगी बसर करने के बाबत क्या कहा?

पौलुस ने इस ख़त में और अपने कई ख़तूत में नजात और रास्त ज़िन्दगी बसर करने के बाबत ज़ियादा कहा। उसने कहा के ख़ुदा बहुत मेहरबान हुआ और मसीहियों को बचाया क्योंके वह येसू में ईमान लाये थे । पस, उनके मसीही बनने के बाद, उन्हें रास्त तरीक़े से ज़िन्दगी बसर करनी चाहिए यह ज़ाहिर करने के वास्ते के उनका मसीह में ईमान है। (देखें : रास्तबाज़, रास्तबाज़ी )

हिस्सा 3: अहम तर्जुमे के मसाएल

वाहिद और जमा “तुम”

इस किताब में, लफ्ज़ “मैं” पौलुस से मुराद है। लफ्ज़ “तुम” तक़रीबन हमेशा जमा है और ईमानदारों से मुराद है जो इस ख़त को पढ़ सकते हैं। इसके तीन मुस्तश्नियात हैं: 5:14, 6:2, और 6:3. (देखें:INVALID translate/figs-you)

पौलुस का “नई इन्सानियत” या “नए इंसान” से क्या मतलब है?

जब पौलुस ने “नई इन्सानियत” या “नए इंसान” की बाबत कहा, तो उसका मतलब था नई फ़ितरत जो एक ईमानदार रूह उल क़ुद्स के ज़रिए हासिल करता है। इस नई फ़ितरत को ख़ुदा की सूरत पर ख़ल्क किया गया था (देखें: 4:24). जुमला “नया इंसान” यहूदियों और गैर यहूदियों के दरमियान अमन के बायस ख़ुदा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। ख़ुदा ने उनको एक लोगों के तौर पर जो उससे ताल्लुक़ रखते हैं, एक साथ लाया (देखें: 2:15).

“मुक़द्दस” और “पाकीज़ा करने” के ख़यालात की नुमाइंदगी इफ़िसियों में ULT में किस तरह की गयी है? पाक नविश्ते ऐसे अल्फाज़ का इस्तेमाल मुख्तलिफ ख्यालात में से किसी एक की निशानदेही करने के वास्ते करते हैं। अंग्रेजी में तर्ज़ुमा करने में, ULT मुन्दर्ज़ा जैल उसूलों का इस्तेमाल करता है:
  • बाज़ औक़ात एक पारे का मतलब अख्लाकी पाकीज़गी की तरफ इशारा करता है। ख़ास तौर पर इन्जील को समझने के लिए “मुक़द्दस” का इस्तेमाल अहम है, इस हक़ीक़त का इज़हार करने के लिए के ख़ुदा मसीहियों को बेगुनाह के तौर पर देखता है क्योंके वो यिसू मसीह के साथ मुत्तहिद हैं। “मुक़द्दस” का दूसरा इस्तेमाल इस ख़याल के इज़हार के लिए किया जाता है के ख़ुदा कामिल और बेऐब है। एक तीसरा इस्तेमाल मसीहियों को ख़ुद को बेक़सूर और बेऐब तरीक़े से ज़िन्दगी में पेश आने के ख़याल के इज़हार के लिए किया जाता है। इन सूरतों में, ULT “पाक”, “पाक ख़ुदा”, “मुक़द्दसीन” या “मुक़द्दस लोग” इस्तेमाल करता है। (देखें: 1:1,4)
  • बाज़ औक़ात एक पारे का मतलब मसीहियों की तरफ़ एक सादे हवाले का इशारा करता है, उनके ज़रिए किसी ख़ास किरदार निभाने का मतलब दिए बग़ैर। इन सूरतों में, ULT “ईमानदार” या “ईमानदारों” का इस्तेमाल करता है।
  • बा’ज़ औक़ात एक पारे का मतलब सिर्फ़ ख़ुदा के वास्ते मख़सूस किये गए “किसी को” या “किसी चीज़” के ख़याल की तरफ़ इशारा करता है। इन सूरतों में, ULT “मख़सूस किया हुआ”, “वक्फ़ किया हुआ”, या “महफ़ूज़ किया हुआ” इस्तेमाल करता है। (देखें: 3:5)

    UST अक्सर मुतरजमीन के लिए मददगार साबित हो सकता है जब वो यह सोचते हैं के इन ख्यालात की नुमाइंदगी अपने तर्जु मे में किस तरह करें।

पौलुस का इस बयान “मसीह में”, “ख़ुदावंद में” वगैरा से क्या मुराद है? इस तरह के बयान 1:1, 3, 4, 6, 9, 10, 11, 12, 13, 15, 20; 2:6, 7, 10, 13, 15, 16, 18, 21, 22; 3:5, 6, 9, 11, 12, 21; 4:1, 17, 21, 32; 5:8, 18, 19; 6:1, 10, 18, 21 में आते हैं। पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत क़रीबी इत्तहाद के ख़याल का इज़हार करना था। बराए मेहरबानी इस तरीक़े के इज़हार की बाबत ज़ियादा तफ़सीलात के लिए रोमियों की किताब का तार्रुफ़ देखें।
इफ़िसियों की किताब के मतन में अहम मसाएल क्या हैं?
  • “इफ़िसुस में” (1:1). बा’ज़ पुराने दस्तावेज़ इस बयान को शामिल नहीं करते, मगर शायद यह अस्ल ख़त में है। ULT, UST, और कई जदीद तर्जुमे इसे शामिल करते हैं।
  • “क्योंके हम उसके बदन के आ’ज़ा हैं” (5:30). ज़ियादातर जदीद तर्जुमे, जिसमे ULT और UST शामिल हैं, इस तरीक़े से पढ़ते हैं। बाज़ पुराने तर्जुमे पढ़ते हैं, “क्योंके हम उसके बदन और उसके हड्डियों के आ’ज़ा हैं”। मुतरजमीन का दूसरा मुताला’ मुन्तख़ब करने का फ़ैसला हो सकता है अगर उनके इलाक़े में दूसरे तर्जुमे इस तरीक़े से हैं। अगर मुतरजमीन दूसरा मुताला’ मुन्तख़ब करते हैं, उन्हें इज़ाफ़ी अल्फाज़ को मुरब्बा ब्रैकेट ([]) के अन्दर इस निशानदेही के लिए रखना चाहिए कि शायद वह इफ़िसियों की किताब के अस्ल में नहीं हैं।

(देखें : INVALID translate/translate-textvariants)

Ephesians 1

इफ़िसियों 01 आम नोट

बनावट और तरतीब

“मैं दुआ करता हूँ”

पौलुस इस बाब के हिस्सों को ख़ुदा के लिए ता’रीफ़ की दुआ की मानिन्द तरतीब देता है। मगर पौलुस सिर्फ़ ख़ुदा से बात नहीं कर रहा है। वह इफ़िसुस की कलीसिया को ता’लीम दे रहा है। वह इफ़िसियों को यह भी बताता है के किस तरह वह उनके लिए दुआ कर रहा है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

पेश्तर से

मुक़र्रर कई उलमा का यक़ीन है कि यह बाब एक मोज़ू पर ता’लीम देता है जिसे “पेश्तर से मुक़र्रर करना” के तौर पर जाना जाता है। यह बाइबल के तसववुर “पेश्तर से मुक़र्रर” से मुताल्लिक़ है। बा’ज़ उलमा इसको इस निशानदेही के तौर पर लेते हैं कि ख़ुदा ने, बिना ए आलम से पेश्तर बा’ज़ लोगों को अब्दी तौर पर बचा लेने के लिये मुन्तख़िब कर लिया है। मसीहियों के इस मोज़ू’ पर बाइबल की ता’लीम को लेकर मुख्तलिफ़ ख़यालात हैं। पस इस बाब का तर्जुमा करते वक़्त मुतरजमीन को इज़ाफ़ी एहतियात की ज़रुरत है। (देखें : पहले से ठहराना, पहले से ठहराया )

Ephesians 1:1

पौलुस इफ़िसुस की कलीसिया के ईमानदारों को इस ख़त के मुसन्निफ़ के तौर पर ख़ुद का नाम देता है। सिवाए जहाँ ज़िक्र किया गया हो, “तुम” और “तुम्हारा” के तमाम वाक़ियात इफ़िसुस के ईमानदारों के साथ साथ तमाम ईमानदारों का हवाला देते है और इस तरह जमा हैं। (देखें : INVALID translate/figs-you)

Παῦλος, ἀπόστολος Χριστοῦ Ἰησοῦ…τοῖς ἁγίοις τοῖς οὖσιν ἐν Ἐφέσῳ

आपकी ज़बान में ख़त के मुसन्निफ़ और मतलूबा सामईन के तार्रुफ़ के लिए ख़ास तरीक़ा हो सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं, पौलुस, एक रसूल .... तुम्हें यह ख़त लिखता हूँ, ख़ुदा के मुक़द्दसों के नाम जो इफ़िसुस में हैं”

ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

मसीह येसू में और इसी तरह के इज़हार इस्तआरा हैं जो नए अहदनामे के ख़तूत में अक्सर आते हैं। वो मसीह और जो उस पर ईमान रखते हैं उनके दरमियान मुमकिन सबसे मज़बूत किस्म के रिश्ते का इज़हार करते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 1:2

χάρις ὑμῖν καὶ εἰρήνη

यह एक आम मुबारकबाद और बरकत है जो पौलुस अक्सर अपने ख़तूत में इस्तेमाल करता है।

Ephesians 1:3

इस किताब में, जब तक दूसरी सूरत बयान न किया गया हो, अल्फाज़ “हमें” और “हम” पौलुस, इफ़िसुस के ईमानदारों, और साथ साथ तमाम ईमानदारों से मुराद हैं। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

पौलुस अपने ख़त का आग़ाज़ ख़ुदा के सामने ईमानदारों का मक़ाम और उनकी हिफ़ाज़त की बाबत बात करते हुए करता है।

εὐλογητὸς ὁ Θεὸς καὶ Πατὴρ τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ

इसे ज़ेर- ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “आएं हम ख़ुदा और बाप की और हमारे ख़ुदावंद येसू मसीह की हम्द करें” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ εὐλογήσας ἡμᾶς

क्योंके ख़ुदा ने हमें बरकत बख्शी है

πάσῃ εὐλογίᾳ πνευματικῇ

ख़ुदा की रूह से आने वाली हर बरकत

ἐν τοῖς ἐπουρανίοις

फ़ौक़ुलफ़ितरत दुनिया में। लफ़ज़ “आसमानी” उस जगह से मुराद है जहाँ ख़ुदा है।

ἐν Χριστῷ

मुमकिन मायने 1) जुमला “मसीह में” से मुराद है जो मसीह ने किया। मुतबादिल तर्जुमा : “मसीह के ज़रिए” या “जो मसीह ने किया उसके ज़रिए” या 2) “मसीह में” एक इस्तआरा है जो मसीह के साथ हमारे क़रीबी रिश्ते का हवाला देता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हमें मसीह के साथ मुत्तहिद करने के ज़रिए” या “क्योंके हम मसीह के साथ मुत्तहिद हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 1:4

ἁγίους καὶ ἀμώμους

पौलुस अख्लाक़ी ख़ूबी पर जोर देने के लिए एक ही तरह के दो अल्फाज़ इस्तेमाल करता है। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

Ephesians 1:5

अल्फाज़ “उसके”, “उसने”, और “वह” ख़ुदा से मुराद हैं।

προορίσας ἡμᾶς εἰς υἱοθεσίαν

लफ्ज़ “हमें” पौलुस, इफ़िसुस की कलीसिया और मसीह में तमाम ईमानदारों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने हमें लेपालक बनाने के लिए तवील अरसे पहले मन्सूबा बंदी किया” (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

προορίσας ἡμᾶς

ख़ुदा ने हमें वक़्त से पहले मुन्तख़ब किया या “ख़ुदा ने हमें पेश्तर ही से चुन लिया ”

εἰς υἱοθεσίαν

यहाँ “लेपालक बनाना” ख़ुदा के ख़ानदान का हिस्सा बनने का हवाला देता है। यहाँ लफ्ज़ “बेटे” मर्दों और औरतों से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : उसके बच्चों के तौर पर लेपालक होने के लिए” (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)

διὰ Ἰησοῦ Χριστοῦ

ख़ुदा ने ईमानदारों को येसू मसीह के काम के वसीले से अपने खानदान में लाया।

Ephesians 1:6

ἐχαρίτωσεν ἡμᾶς ἐν τῷ ἠγαπημένῳ

उसने हमें उसके ज़रिए मेहरबानी से दिया है जिससे वह महब्बत करता है

τῷ ἠγαπημένῳ

जिससे वह महब्बत करता है, येसू मसीह या “उसका बेटा, जिससे वह महब्बत करता है”

Ephesians 1:7

τὸ πλοῦτος τῆς χάριτος αὐτοῦ

पौलुस ख़ुदा के फ़ज़ल को इस तरह कहता है गोया यह कोई मादी दौलत हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के फ़ज़ल की अज़मत” या “ख़ुदा के फ़ज़ल की कसरत” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 1:8

ἧς ἐπερίσσευσεν εἰς ἡμᾶς

उसने हमें फ़ज़ल की अज़ीम ता’दाद बख्शी या “वह हम पर निहायत ही मेहरबान था”

ἐν πάσῃ σοφίᾳ καὶ φρονήσει

मुमकिन मायने 1) “क्योंके उसके पास सारी हिकमत और समझ है” 2) “ताकि हमें अज़ीम हिकमत और समझ हासिल हो सके”

Ephesians 1:9

κατὰ τὴν εὐδοκίαν αὐτοῦ

मुमकिन मायने 1) “क्योंके वह इसे हम पर ज़ाहिर करना चाहता था” या 2) “यह वही था जो वह चाहता था”।

ἣν προέθετο ἐν αὐτῷ

उसने मसीह में इस मक़सद का मज़ाहिरा किया

ἐν αὐτῷ

मसीह के वसीले से

Ephesians 1:10

εἰς οἰκονομίαν

एक नया जुमला यहाँ शुरू किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसने एक मन्सूबे को नज़र में रखते हुए ऐसा किया” या “उसने एक मन्सूबे की बाबत ख़याल करते हुए ऐसा किया”

τοῦ πληρώματος τῶν καιρῶν

ताकि जब वक़्त सहीह हो या “उस वक़्त पर जो उसने मुक़र्रर किया है”

Ephesians 1:11

ἐκληρώθημεν

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने हमें वारिस होने के लिए चुन लिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

προορισθέντες

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने हमें वक़्त से पहले मुन्तखब किया” या “ख़ुदा ने हमें तवील अरसे पहले मुन्तखब किया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐκληρώθημεν, προορισθέντες

इन इस्म ज़मीर के ज़रिए “हम”, पौलुस ख़ुद का और दूसरे यहूदी मसीहियों का हवाला दे रहा है, जिन्होंने इफ़िसुस के ईमानदारों से क़बल मसीह पर ईमान लाया। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

Ephesians 1:12

ἡμᾶς…τοὺς προηλπικότας ἐν τῷ Χριστῷ

फिर, लफ्ज़ “हम” यहूदी ईमानदारों का हवाला देता है जिन्होंने ख़ुशख़बरी को पहले सुना, इफ़िसुस के ईमानदारों का नहीं। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

εἰς τὸ εἶναι ἡμᾶς, εἰς ἔπαινον δόξης αὐτοῦ

ताकि हम उसके जलाल के लिए उसकी हम्द करने के वास्ते ज़िन्दगी बसर करें

एक दफ़ा फिर, इस्म ज़मीर “हम”, पौलुस और दूसरे यहूदी मसीहियों का हवाला दे रहा है, इफ़िसुस के ईमानदारों का नहीं। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive)

Ephesians 1:13

पौलुस पिछले दो आयात में ख़ुद के और दूसरे यहूदी ईमानदारों की बाबत बोल रहा था, मगर अब वह इफ़िसुस के ईमानदारों की बाबत बोलना शुरू करता है।

τὸν λόγον τῆς ἀληθείας

मुमकिन मायने 1) “हक़ के बारे में पैग़ाम” या 2) “पैग़ाम ए हक़”।

ἐσφραγίσθητε τῷ Πνεύματι τῆς ἐπαγγελίας, τῷ Ἁγίῳ

मोम को ख़त के ऊपर रखा जाता था और एक अलामत के साथ मुहर लगाया जाता था जो ख़त लिखने वाले शख्स की नुमाइंदगी करता था। पौलुस इस रस्म का इस्तेमाल एक तस्वीर के तौर पर यह ज़ाहिर करने के लिए करता है के किस तरह ख़ुदा ने हमें यक़ीन दिलाने के लिए रूह उल क़ुद्स को इस्तेमाल किया है के हम उससे ताल्लुक रखते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने तुमको रूह उल क़ुद्स से मुहर दिया है जिसका उसने वायदा किया था” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 1:14

ἀρραβὼν τῆς κληρονομίας ἡμῶν

ख़ुदा के वायदे को हासिल करने को इस तरह कहा गया है अगरचे कोई ख़ानदानी रुकन से जायदाद या दौलत विरासत में हासिल करता है। मुतबादिल तर्जु मा : “यह ज़मानत के जो ख़ुदा ने वायदा किया है हम उसे हासिल करेंगे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 1:15

पौलुस इफ़िसुस के ईमानदारों के लिये दुआ करता है और ख़ुदा की हम्द करता है उस ताक़त के लिए जो ईमानदारों को मसीह के वसीले से हासिल है।

Ephesians 1:16

οὐ παύομαι εὐχαριστῶν

पौलुस “नहीं रुका” इस्तेमाल करता है यह ज़ोर देने के लिए के वह ख़ुदा को शुक्र करना जारी रखता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं मुसलसल ख़ुदा का शुक्र करता हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-litotes)

Ephesians 1:17

πνεῦμα σοφίας καὶ ἀποκαλύψεως, ἐν ἐπιγνώσει αὐτοῦ

खुदा के मुकाश्फ़ा को समझने के लिए रूहानी हिक्मत

Ephesians 1:18

πεφωτισμένους τοὺς ὀφθαλμοὺς τῆς καρδίας

यहाँ “दिल” एक शख्स के ज़हन के लिए एक इस्तआरा है। मुहावरा “दिल की आँखें” एक इस्तआरा है किसी के समझ हासिल करने की क़ाबिलियत के लिए। मुतबादिल तर्जुमा : “ताकि तुम समझ हासिल करो और रौशन हो जाओ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

πεφωτισμένους τοὺς ὀφθαλμοὺς τῆς καρδίας

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “कि ख़ुदा तुम्हारे दिल को रौशन कर दे” या “कि ख़ुदा तुम्हारे दिल और समझ को रौशन कर दे” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

πεφωτισμένους

देखने के लिए बनाया

τῆς κληρονομίας

जो ख़ुदा ने ईमानदारों के लिए वायदा किया है, उसे हासिल करने को इस तरह कहा गया है गोया कोई खानदानी रुकन से जायदाद या दौलत विरासत में हासिल कर रहा था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τοῖς ἁγίοις

वो तमाम लोग जिन्हें उसने ख़ुद के लिए मख़सूस किया है या “वो तमाम लोग जो मुकम्मल तौर पर उससे ताल्लुक़ रखते हैं”

Ephesians 1:19

τὸ ὑπερβάλλον μέγεθος τῆς δυνάμεως αὐτοῦ

ख़ुदा की क़ुव्वत तमाम दीगर ताक़तों से कहीं ज़ियादा है।

εἰς ἡμᾶς, τοὺς πιστεύοντας

हमारे लिए जो ईमान रखते हैं

τὴν ἐνέργειαν τοῦ κράτους τῆς ἰσχύος αὐτοῦ

उसकी अज़ीम क़ुव्वत जो हमारे लिए काम करती है

Ephesians 1:20

ἐγείρας αὐτὸν ἐκ νεκρῶν

उसे दोबारा ज़िन्दा कर दिया

ἐκ νεκρῶν

उन तमाम लोगों के दरमियान से जो मर चुके हैं। यह इज़हार उन तमाम मुर्दा लोगों को बाहम बयान करता है जो आलम -ए- अर्वाह में हैं। उनके दरमियान से वापस आने को दोबारा ज़िन्दा होना कहते हैं।

καθίσας ἐν δεξιᾷ αὐτοῦ, ἐν τοῖς ἐπουρανίοις

वह शख्स जो बादशाह की “दहनी तरफ़” बैठता है, वह उसकी दहनी जानिब बैठता है और उस बादशाह के तमाम इख्तियारात के साथ हुकूमत करता है जिसके दहनी हाथ या जानिब वह बैठता है। यह मक़ाम का एक इस्तआरा है जो उस इख्तियार की नुमाइंदगी करता है जो उस मक़ाम के हामिल शख्स के पास हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “आसमान से हुकूमत करने का कुल इख्तियार उसे दे दिया” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

καθίσας ἐν δεξιᾷ αὐτοῦ

“ख़ुदा के दहनी तरफ़” बैठना ख़ुदा से अज़ीम ऐजाज़ और इख़तियारर हासिल करने का एक अलामती अमल है। मुतबादिल तर्जुमा : “उसे अपने पहलू में इज्ज़त और इख्तियार के जगह में बैठा दिया” (देखें: INVALID translate/translate-symaction)

ἐν τοῖς ἐπουρανίοις

फ़ौक़ुलफ़ितरत दुनिया में। लफ़ज़ “आसमानी” उस जगह से मुराद है जहाँ ख़ुदा है। देखें कि आपने इसे इफ़िसियों 1:3. में किस तरह तर्जुमा किया है।

Ephesians 1:21

ὑπεράνω πάσης ἀρχῆς, καὶ ἐξουσίας, καὶ δυνάμεως, καὶ κυριότητος

ये फ़ौक़ुलफ़ितरत मख़लूक़ात फ़रिश्ते और शैतानी दोनों के जमाअतों के लिए मुख्तलिफ़ तौर से मौसूम किये जाने वाली बात है । मुतबादिल तर्जुमा : “तमाम क़िस्म के फ़ौक़ुलफ़ितरत मख़लूक़ात से ऊपर”

παντὸς ὀνόματος ὀνομαζομένου

इसे ज़ेर-ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : मुमकिन मायने 1) “हर वो नाम जो इंसान देता है” या 2) “हर वो नाम जो ख़ुदा देता है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ὀνόματος

मुमकिन मायने 1) ख़िताब या 2) इख्तियार का दरजा। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν τῷ αἰῶνι τούτῳ

इस वक़्त में

ἐν τῷ μέλλοντι

मुस्तक़बिल में

Ephesians 1:22

πάντα ὑπέταξεν ὑπὸ τοὺς πόδας αὐτοῦ

यहाँ “पाँव” मसीह की ख़ुदावन्दी , इख़तियार, और क़ुव्वत की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “हर एक शै मसीह की क़ुव्वत के ताबे’ है ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

κεφαλὴν ὑπὲρ πάντα

यहाँ “सिर” उस सरदार का हवाला देता है जो बा इख्तियार है। मुतबादिल तर्जुमा : “हर शै के ऊपर हुक्मरान” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 1:23

τὸ σῶμα αὐτοῦ

जिस तरह एक इंसानी जिस्म के साथ, सिर (आयत 22) इसके जिस्म से मुताल्लिक़ हर चीज़ पर हुकूमत करता है, उसी तरह मसीह कलीसिया के जिस्म का सिर है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ πλήρωμα τοῦ τὰ πάντα ἐν πᾶσιν πληρουμένου

मसीह कलीसिया को अपनी ज़िन्दगी और क़ुदरत से मा’मूर करता है जिस तरह वह तमाम शै को ज़िन्दगी बख़शता है

Ephesians 2

इफ़िसियों 02 आम हाशिये

इबारत की बनावट और तरतीब

यह बाब येसू में ईमान लाने के पहले की मसीही ज़िन्दगी पर मरकूज़ है। पौलुस फिर इस मालूमात को यह तशरीह करने के लिए इस्तेमाल करता है कि किस तरह एक शख्स के साबिक़ ज़िन्दगी जीने का तरीक़ा एक मसीही के “मसीह में” नए शिनाख्त से मुख्तलिफ़ है। (देखें : ईमान )

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

एकजिस्म

पौलुस इस बाब में कलीसिया की बाबत ता’लीम देता है। कलीसिया लोगों के दो मुख्तलिफ़ मजमूआ से बना है (यहूदी और ग़ैर यहूदी). वो अब एक मजमूआ या “जिस्म” हैं। कलीसिया को मसीह के जिस्म के तौर पर भी जाना जाता है। यहूदी और ग़ैर यहूदी मसीह में मुत्तहिद हैं।

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

“क़ुसूरों और गुनाहों में मुर्दा”

पौलुस ता’लीम देता है के जो मसीही नहीं हैं अपने गुनाहों में “मुर्दा” हैं। गुनाह उनको बंदी बनाता या ग़ुलाम बनाता है। यह उन्हें रूहानी तौर पर “मुर्दा” बनाता है। पौलुस लिखता है के ख़ुदा मसीहियों को मसीह में ज़िन्दा करता है। (देखें : मरना, मरता, मर गया, मरे हुए, जान लेवा, मुर्दा, मौत, मौतें),गुनाह , गुनाहों, गुनाह करना, गुनाहगार, गुनाहगार, गुनाह करते रहना और ईमान ) और INVALID translate/figs-metaphor)

दुनियावी ज़िन्दगी के तफ़सीलात

गैर मसीही किस तरह अमल करते हैं इसकी वज़ाहत करने के लिए पौलुस कई मुख्तलिफ़ तरीक़े इस्तेमाल करता है। उन्होंने “इस जहान के तौर तरीक़ों के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारा” और “हवा की क़ुव्वतों के सरदार के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं”, “हमारी गुनाहगार फ़ितरत की बुराई की ख्वाहिशात को पूरा करना”, और “जिस्म और ज़हन के ख्वाहिशात को पूरा करना”।

इस बाब में दीगर मुमकिन तरजु मों के मसाएल

“यह ख़ुदा की बख्शिश है”

बा’ज़ उलमा का यक़ीन है के “यह” यहाँ नजात पाने से मुराद है। दीगर उलमा का यक़ीन है के यह ईमान है जो ख़ुदा की बख्शिश है। क्योंकि जिस तरह यूनानी ज़ुबान में फ़ेअल की गरदान मुत्तफ़िक़ होते हैं, ज़ियादा मुमकिन है कि “यह” यहाँ ख़ुदा के फ़ज़ल के ज़रिए ईमान के वसीले से तमाम लोगों के नजात पाने से मुराद है।

जिस्म

यह एक पेचीदा मसअला है। “जिस्म” शायद एक शख्स के गुनाहगार फ़ितरत के लिए एक इस्तआरा है। जुमला “जिस्म में ग़ैर यहूदी” इशारा करता है के इफ़िसुस के लोग एक ज़माने में ख़ुदा के लिए किसी भी फ़िक्र के बगैर रहते थे। इस आयत में “जिस्म” का भी इस्तेमाल इंसान के जिस्मानी हिस्से का हवाला देने के लिए किया गया है। (देखें : गोश्त )

Ephesians 2:1

पौलुस ईमानदारों को उनके माज़ी की याद दिलाता है और उस तरीक़े की जिसमे अब वो ख़ुदा के सामने हैं।

ὑμᾶς ὄντας νεκροὺς τοῖς παραπτώμασιν καὶ ταῖς ἁμαρτίαις ὑμῶν

यह ज़ाहिर करता है के जिस तरह गुनाहगार लोग ख़ुदा की फरमाँबरदारी करने के क़ाबिल नहीं है उसी तरह एक मुर्दा शख्स जिस्मानी तौर पर जवाब देने के क़ाबिल नहीं है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τοῖς παραπτώμασιν καὶ ταῖς ἁμαρτίαις ὑμῶν

अल्फाज़ “क़ुसूरों” और “गुनाहों” के मायने यक्सां हैं। पौलुस इनका इस्तेमाल लोगों के गुनाहों की अफ़ज़ाइश पर ज़ोर देने के लिए करता है। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

Ephesians 2:2

κατὰ τὸν αἰῶνα τοῦ κόσμου τούτου

रसूल “दुनिया” का इस्तेमाल इस दुनिया में रहने वाले लोगों के ख़ुदगर्ज़ रवैये और बदचलन खूबियों का हवाला देने के लिए करते थे। मुतबादिल तर्जुमा : “इस दुनिया में रहने वाले लोगों के इक़दार के मुताबिक़” या “इस मौजूदा दुनिया के उसूलों की पैरोकारी” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

τὸν ἄρχοντα τῆς ἐξουσίας τοῦ ἀέρος

यह इब्लीस या शैतान का हवाला देता है।

τοῦ πνεύματος τοῦ νῦν ἐνεργοῦντος

शैतान का रूह, जो काम कर रहा है

Ephesians 2:3

τὰ θελήματα τῆς σαρκὸς καὶ τῶν διανοιῶν

अल्फ़ाज़ “जिस्म” और “ज़हन” पूरे शख्स की नुमाइंदगी करते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

τέκνα…ὀργῆς

वह लोग जिनसे ख़ुदा नाराज़ है (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 2:4

Θεὸς πλούσιος ὢν ἐν ἐλέει

ख़ुदा का रहम बेहद्द है या “ख़ुदा हम पर बहुत मेहरबान है”

διὰ τὴν πολλὴν ἀγάπην αὐτοῦ, ἣν ἠγάπησεν ἡμᾶς

हमसे उसकी अज़ीम महब्बत के सबब से या “क्योंकि वह हमसे बहुत ज़ियादा महब्बत करता है”

Ephesians 2:5

χάριτί ἐστε σεσῳσμένοι

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने हमारी तरफ़ अपनी अज़ीम मेहरबानी के सबब से हमें बचा लिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 2:6

συνήγειρεν

यहाँ उठाना एक मुहावरा है किसी को दोबारा ज़िन्दा करने के लिए जो मर चुका है। मुमकिन मायने 1) ख़ुदा ने पौलुस और इफ़िसुस के ईमानदारों को नई रूहानी ज़िन्दगी पहले से ही दे दी है, क्योंके ख़ुदा ने मसीह को दोबारा ज़िन्दा कर दिया। मुतबादिल तर्जु मा : “ख़ुदा ने हमें नई रूहानी ज़िन्दगी दिया है क्योंके हम मसीह से ता’ल्लुक़ रखते हैं” या 2) क्योंके ख़ुदा ने मसीह को दोबारा ज़िन्दा कर दिया, इफ़िसुस के ईमानदार यह जान सकते हैं के उनके मरने के बाद वो मसीह के साथ जियेंगे, और पौलुस ईमानदारों के दोबारा जीने की बाबत ऐसे कह सकता है गोया यह पहले से ही हो गया हो। मुतबादिल तर्जु मा : “हम यक़ीन कर सकते हैं के ख़ुदा हमें ज़िन्दगी देगा जिस तरह उसने मसीह को दोबारा ज़िन्दा कर दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-pastforfuture और INVALID translate/figs-idiom)

ἐν τοῖς ἐπουρανίοις

फ़ौक़ुलफ़ितरत दुनिया में। लफ़ज़ “आसमानी” उस जगह से मुराद है जहाँ ख़ुदा है। देखें आपने इसे इफ़िसियों 1:3. में किस तरह तर्जुमा किया है।

ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

मसीह येसू में और इसी तरह के बयानात इस्तआरे हैं जो अक्सर नए अहदनामे के ख़तूत में आते है। वो मसीह और जो उस पर ईमान रखते है उनके दरमियान सबसे मज़बूत क़िस्म की मुमकिना ताल्लुक़ात का इज़हार करते हैं।

Ephesians 2:7

ἐν τοῖς αἰῶσιν, τοῖς ἐπερχομένοις

मुस्तक़बिल में

Ephesians 2:8

τῇ γὰρ χάριτί ἐστε σεσῳσμένοι διὰ πίστεως

ख़ुदा की मेहरबानी वह सबब है जिसने इसे हमारे लिए मुमकिन बनाया या’नी अदालत से बचा लेने के लिए अगर हम सादगी से येसू पर ऐ’तबार करें। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने उसमे तुम्हारे ईमान के वसीले से फ़ज़ल के ज़रिए तुम्हें नज़ात दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

τοῦτο

लफ़ज़ “यह” वापस “ईमान के वसीले से फ़ज़ल के ज़रिए तुम्हें नज़ात मिला है” का हवाला देता है”।

Ephesians 2:9

οὐκ ἐξ ἔργων, ἵνα μή τις καυχήσηται

आप यहाँ एक नया जुमला शुरू करना चाह सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “नजात कामों से नहीं आता है, ताके कोई शख्स फ़ख्र न करे” या “ख़ुदा एक शख्स को इस वज ह से नजात नहीं देता है के वह शख्स क्या करता है, ताकि कोई भी फ़ख्र न कर सके और कहे कि उसने अपनी नजात को कमाया है”

Ephesians 2:10

ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

मसीह येसू में और इसी तरह के बयानात इस्तआरे हैं जो अक्सर नए अहदनामे के ख़तूत में आते है। वो मसीह और जो उस पर ईमान रखते है उनके दरमियान सबसे मज़बूत क़िस्म की मुमकिन ताल्लुक़ात का इज़हार करते हैं।

ἐν αὐτοῖς περιπατήσωμεν

एक रास्ते पर चलना एक इस्तआरा है के किस तरह एक शख्स अपनी ज़िन्दगी गुज़ारता है। यहाँ “उनमें”, “नेक कामों” से मुराद है। मुतबादिल तर्जु मा : “हम हमेशा और मुसलसल उन नेक कामों को करते रहेंगे”

Ephesians 2:11

पौलुस इन ईमानदारों को याद दिलाता है के ख़ुदा ने अब ग़ैर यहूदियों और यहूदियों को मसीह और उसके सलीब के वसीले से एक जिस्म बना दिया है।

τὰ ἔθνη ἐν σαρκί

यह उन लोगों से मुराद है जो पैदाइशी तौर पर यहूदी नहीं थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἀκροβυστία

ग़ैर यहूदी लोगों का बचपन में ख़तना नहीं किया जाता था और पस यहूदी उन्हें ऐसे लोग समझते थे जो ख़ुदा के किसी भी क़ानून की पैरवी नहीं करते। मुतबादिल तर्जुमा : “नामख्तून बुतपरस्त” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

περιτομῆς

यह यहूदी लोगों के लिए दूसरा लफ्ज़ था क्योंकि तमाम मर्द बच्चों का ख़तना किया जाता था। मुतबादिल तर्जुमा : “मख्तून लोग” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

τῆς λεγομένης περιτομῆς ἐν σαρκὶ χειροποιήτου

मुमकिन मायने 1) “यहूदी, जिनका ख़तना इंसानों के ज़रिए किया जाता है” या 2) “यहूदी, जो जिस्मानी बदन का ख़तना करते हैं”।

ὑπὸ τῆς λεγομένης

इसका तर्जुमा ज़ेर -ए- अमल के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जिस नाम से लोग बुलाते हैं” या “जिनके नाम के ज़रिए लोग बुलाते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 2:12

χωρὶς Χριστοῦ

ग़ैर-ईमानदार

ξένοι τῶν διαθηκῶν τῆς ἐπαγγελίας

पौलुस ग़ैर यहूदी ईमानदारों को कहता है गोया वो अजनबी थे, जो ख़ुदा के अहद और वायदे के मुल्क के बाहर रखे गए थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 2:13

पौलुस इफ़िसियों के मसीह में ईमान लाने से क़ब्ल और मसीह में ईमान लाने के बाद के दरमियान एक इम्तियाज़ की निशानदेही कर रहा है।

ὑμεῖς οἵ ποτε ὄντες μακρὰν, ἐγενήθητε ἐγγὺς ἐν τῷ αἵματι τοῦ Χριστοῦ

गुनाह के सबब से ख़ुदा से ताल्लुक़ न होने को ख़ुदा से बहुत दूर होने के तौर पर कहा गया है। मसीह के ख़ून के सबब से ख़ुदा से ताल्लुक़ होने को ख़ुदा के क़रीब लाने के तौर पर कहा गया है। मुतबादिल तरजु मा : “तुम जिनका एक वक़्त ख़ुदा से ताल्लुक़ नहीं था अब मसीह के ख़ून के सबब से ख़ुदा से ताल्लुक़ रखते हो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τῷ αἵματι τοῦ Χριστοῦ

मसीह का ख़ून उसकी मौत के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “मसीह की मौत के ज़रिए” या “जब मसीह हमारे वास्ते मुआ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 2:14

αὐτὸς…ἐστιν ἡ εἰρήνη ἡμῶν

येसू हमें अपना इत्मीनान देता है

ἡ εἰρήνη ἡμῶν

लफ्ज़ “हमारी” पौलुस और उसके क़ारईन से मुराद है और इस तरह मुश्तमिल है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

ὁ ποιήσας τὰ ἀμφότερα ἓν

उसने यहूदियों और ग़ैर यहूदियों को एक बना दिया

ἐν τῇ σαρκὶ αὐτοῦ

अलफ़ाज़ “उसका जिस्म”, उसका जिस्मानी बदन, उसके बदन की मौत के लिए इस्तआरा हैं। मुतबादिल तरजुमा : “सलीब पर बदन के मौत के ज़रिए” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ μεσότοιχον τοῦ φραγμοῦ…τὴν ἔχθραν

नफ़रत की दीवार या “बुरे इरादे” की दीवार

Ephesians 2:15

τὸν νόμον τῶν ἐντολῶν ἐν δόγμασιν καταργήσας

येसू के ख़ून ने मूसवी शरीअत को मुत्मईन किया ताकि यहूदी और ग़ैर यहूदी दोनों ख़ुदा के साथ सलामती से रह सकें।

ἕνα καινὸν ἄνθρωπον

एक नई क़ौम, छुड़ाए हुए इन्सानियत के लोग (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν αὑτῷ

यह मसीह के साथ इत्तहाद है जो यहूदियों और ग़ैर यहूदियों के दरमियान सुलह कराता है।

Ephesians 2:16

ἀποκαταλλάξῃ τοὺς ἀμφοτέρους

मसीह यहूदियों और ग़ैर यहूदियों को इकट्ठे सलामती में लाता है

διὰ τοῦ σταυροῦ

सलीब यहाँ मसीह की सलीब पर मौत की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “सलीब पर मसीह के मौत के वसीले से” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἀποκτείνας τὴν ἔχθραν

दुश्मनी को रोकने को इस तरह कहा गया है गोया उसने दुश्मनी का क़त्ल कर दिया। सलीब पर मरने के ज़रिए येसू ने यहूदियों और ग़ैर यहूदियों की एक दूसरे की तरफ़ दुश्मनी की वजह को मिटा दिया। किसी को भी अब मूसवी शरीअत के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारने की ज़रुरत नहीं है। मुतबादिल तरजुमा : “उनको एक दूसरे को नफ़रत करने से रोकना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 2:17

पौलुस इफ़िसुस के ईमानदारों को बताता है कि मौजू दा ग़ैर यहूदी ईमानदार भी अब यहूदी रसूलों और नबियों के साथ एक बना दिए गए हैं; वो रूह में ख़ुदा के लिए एक मक़दिस हैं।

εὐηγγελίσατο εἰρήνην

सलामती की ख़ुशख़बरी का ऐलान किया या “सलामती की ख़ुशख़बरी का बयान किया”

ὑμῖν τοῖς μακρὰν

यह ग़ैर क़ौमों या ग़ैर यहूदियों से मुराद है।

τοῖς ἐγγύς

यह यहूदियों से मुराद है।

Ephesians 2:18

ὅτι δι’ αὐτοῦ ἔχομεν τὴν προσαγωγὴν, οἱ ἀμφότεροι

यहाँ “हम दोनों” पौलुस, ईमानदार यहूदियों, और ईमानदार ग़ैर यहूदियों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

ἐν ἑνὶ Πνεύματι

तमाम ईमानदारों, यहूदी और ग़ैर यहूदी दोनों को एक ही रूह उल क़ुद्स के ज़रिए ख़ुदा के हज़ूरी में दाख़िल होने का हक़ दिया गया है।

Ephesians 2:19

ἐστὲ συνπολῖται τῶν ἁγίων καὶ οἰκεῖοι τοῦ Θεοῦ

पौलुस फिर ग़ैर यहूदियों के ईमानदार होने के बाद की रूहानी हालात की बाबत बोल रहा है जैसे के अजनबी एक मुख्तलिफ़ क़ौम के शहरी हो गए। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 2:20

ἐποικοδομηθέντες ἐπὶ τῷ θεμελίῳ

पौलुस ख़ुदा के लोगों की बाबत कहता है गोया वो एक इमारत थे। मसीह कोने के सिरे का पत्थर है, रसूल बुनियाद हैं, और ईमानदार साख्त हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐποικοδομηθέντες

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने तुम्हें ता’मीर किया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 2:21

πᾶσα οἰκοδομὴ συναρμολογουμένη, αὔξει εἰς ναὸν ἅγιον

पौलुस मसीह के घराने की बाबत बोलना जारी रखता है गोया वो एक इमारत थे। मसीह हमें उसी तरह बाहम जोड़ रहा है जिस तरह एक मे’मार इमारत बनाते वक़्त पत्थरों को जोड़ता है

ἐν ᾧ…ἐν Κυρίῳ

मसीह में ... खुदावंद येसू में ये इस्तआरे मसीह और जो उस पर ईमान रखते है उनके दरमियान सबसे मज़बूत क़िस्म की मुमकिन ताल्लुक़ात का इज़हार करते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 2:22

ἐν ᾧ

मसीह में यह इस्तआरा मसीह और जो उस पर ईमान रखते है उनके दरमियान सबसे मज़बूत क़िस्म की मुमकिन ताल्लुक़ात का इज़हार करते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

καὶ ὑμεῖς συνοικοδομεῖσθε, εἰς κατοικητήριον τοῦ Θεοῦ ἐν Πνεύματι

यह बयान करता है के किस तरह ईमानदारों को बाहम रखा जा रहा है एक ऐसी जगह होने के लिए जहाँ ख़ुदा रूह उल क़ुद्स की क़ुदरत के ज़रिए हमेशा रहेगा। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

καὶ ὑμεῖς συνοικοδομεῖσθε

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा “ख़ुदा तुम्हें भी बाहम ता’मीर कर रहा है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 3

इफ़िसियों 03 आम नोट

बनावट और तरतीब

“मैं दुआ करता हूँ”

पौलुस इस बाब के हिस्से की तरतीब खुदा के लिए दुआ के तौर पर करता है। मगर पौलुस सिर्फ़ ख़ुदा से बात नहीं कर रहा है। वह इफ़िसुस की कलीसिया के लिए दुआ और हिदायत दोनों दे रहा है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

भेद

पौलुस कलीसिया का हवाला एक “भेद” के तौर पर करता है। ख़ुदा के मन्सूबे में कलीसिया का किरदार एक वक़्त में नहीं जाना जाता था। मगर अब ख़ुदा ने इसे ज़ाहिर कर दिया है। इस भेद का एक हिस्सा ग़ैर यहूदियों को ख़ुदा के मन्सूबे में यहूदियों के साथ बराबरी में शामिल करता है।

Ephesians 3:1

कलीसिया की बाबत पोशीदा सच्चाई ईमानदारों को वाज़ेह करने के लिए, पौलुस वापस यहूदियों और ग़ैर यहूदियों की यकताई और मक़दिस का हवाला देता है, अब ईमानदार जिसका एक हिस्सा हैं।

τούτου χάριν

तुम पर ख़ुदा के फ़ज़ल के सबब से

ὁ δέσμιος τοῦ Χριστοῦ Ἰησοῦ

जिसको मसीह येसू ने क़ैद में रखा है

Ephesians 3:2

τὴν οἰκονομίαν τῆς χάριτος τοῦ Θεοῦ, τῆς δοθείσης μοι εἰς ὑμᾶς

ख़ुदा ने अपने फ़ज़ल को तुम तक लाने की ज़ि म्मेदारी मुझे दी

Ephesians 3:3

κατὰ ἀποκάλυψιν ἐγνωρίσθη μοι

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “जो ख़ुदा ने मुझ पर ज़ाहिर किया उसके मुताबिक़” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

καθὼς προέγραψα ἐν ὀλίγῳ

पौलुस दूसरे ख़त का हवाला देता है जो उसने इन लोगों को लिखा था।

Ephesians 3:5

ὃ ἑτέραις γενεαῖς οὐκ ἐγνωρίσθη τοῖς υἱοῖς τῶν ἀνθρώπων

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने इन चीज़ों को माज़ी में लोगों पर ज़ाहिर नहीं किया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ὡς νῦν ἀπεκαλύφθη…ἐν Πνεύματι

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर अब रूह ने इसे इनकिशाफ़ किया है” या “मगर अब रूह ने इसे ज़ाहिर किया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

रसूलों और नबियों को जिन्हें ख़ुदा ने इस काम के लिए मख्सूस किया है

Ephesians 3:6

εἶναι τὰ ἔθνη, συνκληρονόμα…διὰ τοῦ εὐαγγελίου

यह पोशीदा सच्चाई है जो पौलुस पिछली आयत में जिसकी वज़ाहत करना शुरू करता है। ग़ैर यहूदी जो मसीह को क़बूल करते हैं वह भी यहूदी ईमानदारों की तरह वही चीज़ें हासिल करते हैं।

σύνσωμα

कलीसिया का हवाला अक्सर मसीह के बदन के तौर पर दिया गया है

ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

मसीह येसू में और इसी तरह के बयानात इस्तआरे हैं जो अक्सर नए अहदनामे के ख़तूत में आते है। वो मसीह और जो उस पर ईमान रखते है उनके दरमियान सबसे मज़बूत क़िस्म की मुमकिन ताल्लुक़ात का इज़हार करते हैं।

διὰ τοῦ εὐαγγελίου

मुमकिन मायने 1) इन्जील के सबब से ग़ैर यहूदी वायदे में साथी हिस्सेदार हैं या 2) इन्जील के सबब से ग़ैर यहूदी वायदे में साथी वारिस और बदन के आ’ज़ा और साथी हिस्सेदार हैं।

Ephesians 3:8

ἀνεξιχνίαστον

मुकम्मल तौर पर जानने में नाक़ाबिल

πλοῦτος τοῦ Χριστοῦ

पौलुस मसीह की सच्चाई और उन बरकात की बाबत जो वह लाता है इस तरह कहता है गोया वो माददी दौलत थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 3:9

τοῦ μυστηρίου, τοῦ ἀποκεκρυμμένου ἀπὸ τῶν αἰώνων ἐν τῷ Θεῷ, τῷ τὰ πάντα κτίσαντι

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। “ख़ुदा, जिसने तमाम चीज़ों को ख़ल्क किया, इस मन्सूबे को माज़ी में तवील अरसे के लिए पोशीदा रखा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 3:10

γνωρισθῇ…ταῖς ἀρχαῖς καὶ ταῖς ἐξουσίαις ἐν τοῖς ἐπουρανίοις…ἡ πολυποίκιλος σοφία τοῦ Θεοῦ

ख़ुदा अपने अज़ीम हिक्मत को कलीसिया के ज़रिए आसमानी मक़ामों में इख्तियार वालों और हुक्मरानों पर ज़ाहिर करेगा

ταῖς ἀρχαῖς καὶ ταῖς ἐξουσίαις

ये अल्फाज़ एक ही मायनी शरीक करते हैं। पौलुस इनका इस्तेमाल एक साथ यह ज़ोर देने के लिए करता है के हर एक रूहानी मख्लूक़ ख़ुदा की हिक्मत को जानेगी

ἐν τοῖς ἐπουρανίοις

फ़ौक़ुलफ़ितरत दुनिया में। लफ्ज़ “आसमानी” उस जगह से मुराद है जहाँ ख़ुदा है। देखें कि आपने इसे इफ़िसियों 1:3. में किस तरह तर्जुमा किया है।

ἡ πολυποίκιλος σοφία τοῦ Θεοῦ

ख़ुदा की पेचीदा हिक्मत (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 3:11

κατὰ πρόθεσιν τῶν αἰώνων

अब्दी मन्सूबे के साथ में या “अब्दी मन्सूबे के साथ यकसां”

Ephesians 3:12

पौलुस अपने दुखों में ख़ुदा का हम्द करता है और इफ़िसुस के ईमानदारों के लिए दुआ करता है।

ἔχομεν τὴν παρρησίαν

हम बग़ैर खौफ़ के हैं या “हमें हिम्मत है”

προσαγωγὴν ἐν πεποιθήσει

यह वाज़ेह तौर पर बयान करना मददगार साबित हो सकता है के यह रसाई ख़ुदा की मौजूदगी में है। मुतबादिल तर्जुमा : “यक़ीन के साथ ख़ुदा की मौजू दगी में रसाई” या “यक़ीन के साथ ख़ुदा की मौजूदगी में दाख़िल होने की आज़ादी” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

πεποιθήσει

यक़ीन या “भरोसा”

Ephesians 3:13

ὑπὲρ ὑμῶν, ἥτις ἐστὶν δόξα ὑμῶν

यहाँ “तुम्हारा जलाल” उस फ़ख्र के लिए इस्तआरा है जो उन्हें महसूस करना चाहिए या मुस्तक़बिल की बादशाहत में महसूस करेंगे। इफ़िसुस के मसीहियों को फ़ख्र होना चाहिए जिसके लिए पौलुस क़ैद में दुःख उठा रहा है। इसे एक नए जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हारी ख़ातिर। यह तुम्हारे फ़ायदे के लिए है” या “तुम्हारी ख़ातिर। तुम्हें इस पर फ़ख्र होना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 3:14

τούτου χάριν

आपको वाज़ेह करने की ज़रुरत हो सकती है कि वजह क्या है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि ख़ुदा ने तुम्हारे लिए यह सब कुछ किया है” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

κάμπτω τὰ γόνατά μου πρὸς τὸν Πατέρα

झुके घुटने पूरे शख्स के दुआ के रवैये में होने की तस्वीर हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मैं बाप के आगे दुआ में झुकता हूँ” या “मैं हलीमी से बाप से दुआ करता हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-synecdoche)

Ephesians 3:15

ἐξ οὗ πᾶσα πατριὰ ἐν οὐρανοῖς καὶ ἐπὶ γῆς ὀνομάζεται

यहाँ नामज़द करने का अमल शायद तख्लीक़ के अमल की भी नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जु मा : “जिसने आसमान और ज़मीन के हर एक ख़ानदान को तख्लीक़ व नामज़द किया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 3:16

δῷ ὑμῖν κατὰ τὸ πλοῦτος τῆς δόξης αὐτοῦ, δυνάμει κραταιωθῆναι

ख़ुदा तुम्हें अपनी ताक़त से मज़बूत बनने की इजाज़त देगा, क्योंके वह बेहद अज़ीम और ताक़तवर है।

δῷ

देगा

Ephesians 3:17

पौलुस अपनी दुआ जारी रखता है जो उसने [इफ़िसियों 3:14] (../03/14.md) में शुरू किया था।

κατοικῆσαι τὸν Χριστὸν διὰ τῆς πίστεως ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν ἐν ἀγάπῃ, ἐρριζωμένοι καὶ τεθεμελιωμένοι

यह दूसरी शै है जिसके लिए पौलुस दुआ करता है जो ख़ुदा “अपने जलाल की दौलत के मुताबिक़” इफ़िसियों को अता करेगा। पहला यह है कि वह “ज़ोरावर हों” [इफ़िसियों 3:16] (../03/16.md)

κατοικῆσαι τὸν Χριστὸν διὰ τῆς πίστεως ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν

यहाँ “दिल” एक शख्स के अन्दरूनी वजूद, और “वसीले” उस ज़राये का बयान करता है जिस से मसीह ईमानदार के अन्दर रहता है। मसीह ईमानदारों के दिलों में रहता है क्योंके ख़ुदा उन्हें रहम के साथ ईमान लाने की इजाज़त देता है। मुतबादिल तर्जुमा \n: “ताके मसीह तुम्हारे अन्दर रह सके क्योकि तुम उस में ईमान रखते हो” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν ἀγάπῃ, ἐρριζωμένοι καὶ τεθεμελιωμένοι

पौलुस उनके ईमान की बाबत इस तरह कहता है गोया यह एक दरख़्त था जिसकी गहरी जड़ें हैं या एक घर जिसे ठोस बुनियाद पर ता’मीर किया गया हो। मुतबादिल तर्जुमा : “ताकि तुम एक मज़बूत जड़ों वाली दरख़्त और पत्थर पर ता’मीर की गयी इमारत की मानिन्द होगे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 3:18

ये अल्फाज़ “ईमान, ताकि तुम उसकी महब्बत में जड़ पकड़ोगे और बुनियाद क़ाइम कर लोगे” से शुरू होने वाले अल्फाज़ के साथ आयत 17 में दो तरीक़े से मुत्तहिद किये जा सकते हैं। मुमकिन मायने 1) “ईमान। मैं दुआ करता हूँ के तुम उसकी महब्बत में जड़ पकड़ोगे और बुनियाद क़ाइम कर लोगे ताके तुम्हें ताक़त हो और समझ सको” या 2) “ईमान ताके तुम उसकी महब्बत में जड़ पकड़ोगे और बुनियाद क़ाइम कर लोगे। मैं यह भी दुआ करता हूँ के तुम्हें ताक़त हो ताकि तुम समझ सको”

καταλαβέσθαι

यह दूसरी शै है जिसके लिए पौलुस अपने घुटने टेकता है और दुआ करता है; पहला यह के ख़ुदा अता करेगा के वो मज़बूत हों ([इफ़िसियों 3:16] (../03/16.md)) और मसीह उनके दिलों में ईमान के ज़रिए रह सके ([इफ़िसियों 3:17] (../03/17.md)). और “समझ” पहली शै है जो पौलुस दुआ करता है के इफ़िसुस के लोग ख़ुद करने के क़ाबिल होंगे।

πᾶσιν τοῖς ἁγίοις

मसीह में तमाम ईमानदार” या “तमाम मुक़द्दसीन”

τὸ πλάτος, καὶ μῆκος, καὶ ὕψος, καὶ βάθος

मुमकिन मायने 1) ये अल्फ़ाज़ ख़ुदा की हिक्मत के अज़मत का बयान करते हैं, मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा कितनी ज़ियादा हिक्मत वाला है” या 2) ये अल्फ़ाज़ हमरे लिए मसीह की महब्बत की शिद्दत का बयान करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “मसीह हमसे कितनी महब्बत रखता है”

Ephesians 3:19

γνῶναί…ἀγάπην τοῦ Χριστοῦ

यह दूसरी शै है जो पौलुस दुआ करता है के इफ़िसुस के लोग ख़ुद करने के क़ाबिल होंगे; पहला यह है के वो “समझें” मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि तुम जान सको के हमारे लिए मसीह की महब्बत कितनी अज़ीम है”

ἵνα πληρωθῆτε εἰς πᾶν τὸ πλήρωμα τοῦ Θεοῦ

यह तीसरी शै है जिसके लिए पौलुस अपने घुटने टेकता है और दुआ करता है ([इफ़िसियों 3:14] (../03/14.md)). पहला यह है के वो “मज़बूत हों” ([इफ़िसियों 3:16] (../03/16.md)), और दूसरा यह के वो “समझ सकें” ([इफ़िसियों 3:18] (../03/18.md)).

Ephesians 3:20

इस किताब में अल्फाज़ “हम” और “हमें” पौलुस और तमाम ईमानदारों को शामिल करना जारी रखते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

पौलुस एक बरकत के साथ अपनी दुआ का इख्तताम करता है

τῷ δὲ

अब ख़ुदा को, जो

ποιῆσαι ὑπέρ ἐκ περισσοῦ ὧν αἰτούμεθα ἢ νοοῦμεν

जो हम मांगते हैं या ख़याल करते हैं उससे कहीं ज़ियादा करना या “वह चीज़ें करना जो उन सब से बहुत ज़ियादा हैं जो हम मांगते हैं या जिसकी बाबत ख़याल करते हैं”

Ephesians 4

इफ़िसियों 04 आम हाशिये

बनावट और तरतीब

बा’ज़ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतनों से दहनी तरफ़ रखती हैं ताकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा आयत 8 में करता है जो पुराने अहदनामे के हवाला है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

रूहानी नेमतें

रूहानी नेमतें ख़ास फ़ौक़ुलफ़ितरत क़ाबिलयतें हैं जो रूह उल क़ुद्स मसीहियों को येसू में ईमान ले आने के बाद देता है। ये रूहानी नेमतें कलीसिया की तरक़क़ी के लिए बुनियादी थीं। पौलुस यहाँ सिर्फ़ कुछ रूहानी नेमतों की फ़ेहरिस्त पेश करता है। (देखें : ईमान )

इत्तहाद

पौलुस इसे बहुत अहम समझता है कि कलीसिया मुत्तहिद है। यह इस बाब का अहम मरकज़ी ख़याल है।

इस बाब में तरजुमे के दीगर मुमकिनात और मुश्किलात

पुराना इंसान और नया इंसान

लफ्ज़ “पुराना इंसान” शायद गुनाहगार फ़ितरत से मुराद है जिसके साथ एक शख्स पैदा होता है। “नया इन्सान” नई फ़ितरत या नई ज़िन्दगी है जो ख़ुदा एक शख्स को मसीह में ईमान लाने के बाद देता है।

Ephesians 4:1

जिसकी वजह से पौलुस इफ़िसियों को लिखता आ रहा है, वह उनको बताता है कि ईमानदारों के तौर पर उन्हें किस तरह की ज़िन्दगी बसर करनी चाहिए और फिर उन्हें ज़ोर देता है कि इफ़िसियों के ईमानदारों को एक दूसरे के साथ राज़ी ख़ुशी होना चाहिए।

ὁ δέσμιος ἐν Κυρίῳ

जिस तरह कोई खुदावंद की ख़िदमत करने के इंतख़ाब के सबब से क़ैद में है

ἀξίως περιπατῆσαι τῆς κλήσεως

चलना किसी के ज़िन्दगी जीने के ख़याल का इज़हार करने के लिए एक आम तरीक़ा है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 4:2

μετὰ πάσης ταπεινοφροσύνης καὶ πραΰτητος

हलीम, नरम, और साबिर होना सीखना

Ephesians 4:3

τηρεῖν τὴν ἑνότητα τοῦ Πνεύματος ἐν τῷ συνδέσμῳ τῆς εἰρήνης

यहाँ पौलुस “सुलह” को इस तरह कहता है गोया यह एक बन्दिश हो जो लोगों को एक साथ बांधता है। यह दूसरे लोगों के साथ सुलह के साथ रहने के ज़रिए मुत्तहिद होने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “एक दूसरे के साथ सुलह से रहना और मुत्तहिद बने रहना जैसा के रूह ने मुमकिन बनाया है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 4:4

ἓν σῶμα

कलीसिया का हवाला अक्सर मसीह के बदन के तौर पर दिया गया है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἓν Πνεῦμα

सिर्फ़ एक रूह उल क़ुद्स

ἐκλήθητε ἐν μιᾷ ἐλπίδι τῆς κλήσεως ὑμῶν

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने तुम्हें तुम्हारे बुलाहट में एक ही यक़ीनी उम्मीद रखने के लिए बुलाया है” या “एक ही चीज़ है जिसमे ख़ुदा ने तुम्हें पुर यक़ीन होने और उसी से करने की उम्मीद रखने के लिए चुना” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 4:6

Πατὴρ πάντων…ἐπὶ πάντων…διὰ πάντων…ἐν πᾶσιν

लफ्ज़ “सब” यहाँ “हर एक शै” से मुराद है।

Ephesians 4:7

हवाला यहाँ एक ज़बूर से है जिसे बादशाह दाऊद ने लिखा।

पौलुस ईमानदारों को उन नेमतों की याद दिलाता है जो मसही ईमानदारों को कलीसिया में इस्तेमाल करने के लिए देता है, जो के ईमानदारों का पूरा बदन है।

ἑνὶ…ἐκάστῳ ἡμῶν ἐδόθη ἡ χάρις

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़ुदा ने हम में से हर एक को फ़ज़ल दिया है” या “ख़ुदा ने हर एक ईमानदार को नेमत बख्शी है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 4:8

ἀναβὰς εἰς ὕψος

जब मसीह आसमान पर चढ़ गया

Ephesians 4:9

ἀνέβη

मसीह ऊपर गया

καὶ κατέβη

मसीह नीचे भी उतरा

εἰς τὰ κατώτερα μέρη τῆς γῆς

मुमकिन मायने 1) नीचे के इलाक़े ज़मीन का एक हिस्सा हैं या 2) “नीचे के इलाक़े” ज़मीन का हवाला देने का एक और तरीक़ा है। मुतबादिल तर्जुमा : “नीचे के इलाकों में, ज़मीन”

Ephesians 4:10

ἵνα πληρώσῃ τὰ πάντα

ताकि वह अपनी क़ुव्वत में हर जगह हाज़िर हो सके

πληρώσῃ

मुकम्मल या “मुत्मइन”

Ephesians 4:12

πρὸς τὸν καταρτισμὸν τῶν ἁγίων

उन लोगों को तैयार करने जिन्हें उसने मख्सूस किया है “ईमानदारों को वह मुहैया करने जिसकी उन्हें ज़रुरत है”

εἰς ἔργον διακονίας

ताकि वो दूसरों की ख़िदमत कर सकें

εἰς οἰκοδομὴν τοῦ σώματος τοῦ Χριστοῦ

पौलुस उन लोगों की बाबत कह रहा है जो इस तरह रूहानी तरक़क़ी करते हैं गोया वो अपने जिस्मानी बदन की ताक़त बढ़ाने के लिए मश्क़ कर रहे थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor) और INVALID translate/figs-idiom)

οἰκοδομὴν

तरक्क़ी

σώματος τοῦ Χριστοῦ

“मसीह का बदन” मसीह की कलीसिया के तमाम अरकान से मुराद है।

Ephesians 4:13

καταντήσωμεν…εἰς τὴν ἑνότητα τῆς πίστεως, καὶ τῆς ἐπιγνώσεως τοῦ Υἱοῦ τοῦ Θεοῦ

ईमानदारों को मसीह को ख़ुदा के बेटे के तौर पर जानने की ज़रुरत है अगर उन्हें ईमान में मुत्तहिद होना और ईमानदारों के तौर पर पुख्ता होना है।

καταντήσωμεν οἱ πάντες εἰς τὴν ἑνότητα τῆς πίστεως

ईमान में यकसां तौर पर मज़बूत होना या “ईमान में एक साथ मुततहिद होना”

τοῦ Υἱοῦ τοῦ Θεοῦ

यह येसू के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें : INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

εἰς ἄνδρα τέλειον

कामिल ईमानदार बनें

τέλειον

मुकम्मल तौर पर तैयार या “सियाना” या “कामिल”

Ephesians 4:14

ὦμεν νήπιοι

पौलुस उन ईमानदारों का हवाला जिनकी रूहानी तरक़क़ी नहीं हुई है इस तरह देता है गोया वो बच्चे थे जिनको ज़िन्दगी में बहुत कम तजुर्बा था। मुतबादिल तर्जुमा : “बच्चों की मानिन्द हों” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

κλυδωνιζόμενοι καὶ περιφερόμενοι παντὶ ἀνέμῳ τῆς διδασκαλίας

यह उस ईमानदार की बात करता है जो कामिल नहीं हुआ और ग़लत ता’लीम की पैरवी करता है गोया वह ईमानदार एक कश्ती हो जिसे हवा पानी पर मुख्तलिफ़ सिमतों में उछाल रही हो। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τῇ κυβίᾳ τῶν ἀνθρώπων, ἐν πανουργίᾳ πρὸς τὴν μεθοδίαν τῆς πλάνης

मक्कार लोगों के ज़रिए जो ईमानदारों से चालाकी से झूट बोलते और उन्हें धोका देते हैं

Ephesians 4:15

εἰς αὐτὸν…ὅς ἐστιν ἡ κεφαλή

पौलुस इंसानी जिस्म का इस्तेमाल करता है यह बयान करने के लिए के किस तरह मसीह ईमानदारों को एक साथ इत्तिहाद में काम करने का सबब बनता है जिस तरह सिर जिस्म के हर हिस्से को सेहत की तरक़क़ी के लिए एक साथ काम करने का सबब बनता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν ἀγάπῃ

जिस तरह आ’ज़ा एक दूसरे से महब्बत रखते हैं

Ephesians 4:16

ἐξ οὗ πᾶν τὸ σῶμα…τὴν αὔξησιν τοῦ σώματος ποιεῖται

पौलुस इंसानी जिस्म का इस्तेमाल करता है यह बयान करने के लिए के किस तरह मसीह ईमानदारों को एक साथ इत्तिहाद में काम करने का सबब बनता है जिस तरह सिर जिस्म के हर हिस्से को सेहत की तरक़क़ी के लिए एक साथ काम करने का सबब बनता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

διὰ πάσης ἁφῆς τῆς ἐπιχορηγίας

एक “रबात” एक मज़बूत बन्द है जो जिस्म में हड्डियों या आ’ज़ा को मुनासिब जगह में जोड़ता है।

Ephesians 4:17

पौलुस उनको बताता है के उन्हें अब क्या नहीं करना चाहिए के वो ईमानदारों के तौर पर रूह उल क़ुद्स के ज़रिए मुहरबन्द किये गए हैं।

τοῦτο οὖν λέγω καὶ μαρτύρομαι

क्योंके जो मैंने अभी कहा, मैं सख्ती से तुम्हारी हौसला आफ़ज़ाई करने के लिए कुछ और ज़ियादा कहूँगा क्योंके हम सब ख़ुदावंद से ताल्लुक़ रखते हैं

μηκέτι ὑμᾶς περιπατεῖν, καθὼς καὶ τὰ ἔθνη περιπατεῖ ἐν ματαιότητι τοῦ νοὸς αὐτῶν

ग़ैर क़ौमों की बेहूदा ख़यालात की मानिन्द ज़िन्दगी जीना बन्द करो

Ephesians 4:18

ἐσκοτωμένοι τῇ διανοίᾳ

वो वाज़ेह तौर पर सोचते या वज़ाहत नहीं करते। मुतबादिल तर्जुमा : “उन्होंने अपने ख़यालात को तारीक कर लिया है” या “वो समझने के क़ाबिल नहीं हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἀπηλλοτριωμένοι τῆς ζωῆς τοῦ Θεοῦ, διὰ τὴν ἄγνοιαν τὴν οὖσαν ἐν αὐτοῖς

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंकि वो ख़ुदा को नहीं जानते, वो इस तरह नहीं जी सकते जिस तरह ख़ुदा अपने लोगों से जीने की चाहत रखता है” या उन्होंने ख़ुद को ख़ुदाई ज़िन्दगी से अपने जहालत के ज़रिए ख़ारिज कर दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἀπηλλοτριωμένοι

अलाहिदा या “जुदा”

ἄγνοιαν

इल्म की कमी या “मा’लूमात की कमी”

διὰ τὴν πώρωσιν τῆς καρδίας αὐτῶν

यहाँ “दिलों” लोगों की ज़हन के लिए एक इस्तआरा है। जुमला “उनके दिलों की सख्ती” एक इस्तआरा है जिसके मायनी हैं “ज़िद”। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंके वो ज़िद्दी हैं” या “क्योंके वो ख़ुदा को सुनने से इन्कार करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 4:19

ἑαυτοὺς παρέδωκαν τῇ ἀσελγείᾳ

पौलुस इन लोगों की बाबत कहता है गोया वो चीज़ें थे जो वो ख़ुद दूसरों को दे रहे थे, और वह उस तरीक़े की बाबत कहता है जिससे वो अपनी जिस्मानी ख्वाहिशात को पूरा करना चाहते हैं गोया यह शख्स थे जिसे वो ख़ुद को देते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “सिर्फ़ अपनी जिस्मानी ख्वाहिशात को पूरा करना चाहते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 4:20

ὑμεῖς δὲ οὐχ οὕτως ἐμάθετε τὸν Χριστόν

लफ्ज़ “वह” ग़ैर क़ौमों के जिंदगी जीने के तरीक़े से मुराद है, जिस तरह इफ़िसियों 4:17-19 में बयान किया गया है। यह इस बात पर ज़ोर देता है के ईमानदारों ने जो मसीह की बाबत सीखा है वह उसके बरअक्स था। मुतबादिल तर्जुमा : “मगर तुमने जो मसीह की बाबत सीखा वह उसकी मानिन्द नहीं था”

Ephesians 4:21

εἴ γε αὐτὸν ἠκούσατε καὶ ἐν αὐτῷ ἐδιδάχθητε

पौलुस जानता है के इफ़िसियों ने सुना है और ता’लीम पाए हुए हैं। (देखें : INVALID translate/figs-irony)

ἐν αὐτῷ ἐδιδάχθητε

मुमकिन मायने 1) “येसू, के लोगों ने तुम्हें ता’लीम दी है” या 2) “किसी ने तुम्हें ता’लीम दी है क्योंके तुम येसू के लोग हो” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

καθώς ἐστιν ἀλήθεια ἐν τῷ Ἰησοῦ

जिस तरह येसू की बाबत हर एक बात सच्ची है

Ephesians 4:22

ἀποθέσθαι ὑμᾶς κατὰ τὴν προτέραν ἀναστροφὴν

पौलुस अख्लाक़ी ख़ुसूसियात का ज़िक्र कर रहा है गोया वो कपड़ों के टुकड़े थे” मुतबादिल तर्जुमा : “अपनी ज़िन्दगी के साबिक़ अन्दाज़ के मुताबिक़ जीना बन्द करना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἀποθέσθαι…τὸν παλαιὸν ἄνθρωπον

पौलुस अख्लाक़ी ख़ुसूसियात का ज़िक्र कर रहा है गोया वो कपड़ों के टुकड़े थे” मुतबादिल तर्जुमा : “अपनी साबिक़ नफ़स के तौर पर जीना बन्द करना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὸν παλαιὸν ἄνθρωπον

“पुरानी इंसानियत”, “पुरानी फ़ितरत” या “साबिक़ नफ्स” से मुराद है।

τὸν φθειρόμενον κατὰ τὰς ἐπιθυμίας τῆς ἀπάτης

पौलुस गुनाहगार इन्सानी फ़ितरत का ज़िक्र करता है गोया यह एक मुर्दा जिस्म हो जो अपनी क़ब्र में गिर रहा हो। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 4:23

ἀνανεοῦσθαι…τῷ πνεύματι τοῦ νοὸς ὑμῶν

इसका तर्जुमा ज़ेर -ए- अमल के तौर पर किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हारे नए रवैये और ख़यालात को बदलने के लिए ख़ुदा को इजाज़त देना” या “तुम्हें नए रवैये और ख़यालात देने के लिए ख़ुदा को इजाज़त देना” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 4:24

ἐν δικαιοσύνῃ καὶ ὁσιότητι τῆς ἀληθείας

सच्चाई की रास्तबाज़ी और पाकीज़गी

Ephesians 4:25

ἀποθέμενοι τὸ ψεῦδος

झूट बोलना बन्द करो

ἐσμὲν ἀλλήλων μέλη

हम एक दूसरे से ताल्लुक़ रखते हैं या “हम ख़ुदा के खानदान के रुकन हैं”

Ephesians 4:26

ὀργίζεσθε, καὶ μὴ ἁμαρτάνετε

तुम ग़ुस्सा हो सकते हो, मगर गुनाह न करो या “अगर तुम ग़ुस्सा हो जाओ, तो गुनाह न करो”

ὁ ἥλιος μὴ ἐπιδυέτω ἐπὶ παροργισμῷ ὑμῶν

सूरज का ग़ुरूब होना रात की आमद या दिन के ख़त्म होने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें रात की आमद से क़ब्ल खुफ़गी ज़रूर ख़त्म कर देनी चाहिए” या “दिन खत्म होने के पहले तुम्हारा ग़ुस्सा छोड़ दो” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 4:27

μηδὲ δίδοτε τόπον τῷ διαβόλῳ

इब्लीस को मौक़ा न दो कि तुम्हें गुनाह की तरफ़ ले जाए

Ephesians 4:29

λόγος σαπρὸς

यह उन बातों से मुराद है जो ज़ालिमाना या सख्त हैं।

πρὸς οἰκοδομὴν

दूसरों की हौसला आफ़ज़ाई करने के लिए या “दूसरों को मज़बूत करने के लिए”

τῆς χρείας, ἵνα δῷ χάριν τοῖς ἀκούουσιν

उनकी ज़रूरतें। इस तरह तुम उनकी मदद करोगे जो तुम्हारी सुनते हैं

Ephesians 4:30

μὴ λυπεῖτε

रंजीदा न हो या “परेशान न हो”

ἐν ᾧ ἐσφραγίσθητε εἰς ἡμέραν ἀπολυτρώσεως

रूह उल क़ुद्स ईमानदारों को यक़ीन दिलाता है कि ख़ुदा उनको नजात देगा। पौलुस रूह उल क़ुद्स का ज़िक्र करता है गोया वह एक निशान है जो ख़ुदा ईमानदारों पर यह ज़ाहिर करने के लिए रखता है के वह उनका मालिक है। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंके वह मुहर है जो तुम्हें यक़ीन दिलाता है के ख़ुदा तुम्हें मख़लसी के दिन नजात देगा” या “रूहुल क़ुदुस वो है जो तुम्हें यक़ीन दिलाता है के ख़ुदा तुम्हें मख़लसी के दिन नज़ात देगा” या (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

Ephesians 4:31

पौलुस अपनी हिदायत को इस पर तक्मील करता है कि ईमानदारों को क्या नहीं करना चाहिए और इसके साथ ख़त्म करता है के क्या करना चाहिए।

ἀρθήτω

दूर रखना यहाँ बा’ज़ रवैयों या आमाल को जारी न रखने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “तुम्हें इन चीज़ों को तुम्हारी ज़िन्दगी का हिस्सा बनने की इजाज़त हरगिज़ नहीं देनी चाहिए : तलख़ मिज़ाजी, क़हर, ग़ुस्सा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

πικρία, καὶ θυμὸς, καὶ ὀργὴ

शदीद ग़ुस्सा

Ephesians 4:32

बजाय, मेहरबान हो

εὔσπλαγχνοι

दूसरों की तरफ़ नरम और दर्दमन्द होना

Ephesians 5

इफ़िसियों 05 आम हाशिये

बनावट और तरतीब

बा’ज़ तर्जुमे शायरी की हर क़तार को बाक़ी मतनों से दहनी तरफ़ रखती हैं ताकि उसे पढ़ने में आसानी हो सके। ULT ऐसा आयत 14 के अल्फाज़ के साथ करता है।

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

मसीह की बादशाही की विरासत

यह समझना मुश्किल है। बा’ज़ उलमा यक़ीन रखते हैं के जो इन चीज़ों का अमल करना जारी रखते हैं वो अब्दी ज़िन्दगी के वारिस न होंगे। मगर ख़ुदा इस आयत में दर्ज तमाम गुनाहों को मुआफ़ कर सकता है। पस ग़ैर अख्लाक़ी , नापाक, या लालची लोग अब भी अब्दी ज़िन्दगी हासिल कर सकते हैं अगर वो तौबा करें और येसू में ईमान लायें। एक ज़ियादा क़ुदरती समझ है कि “ऐसा कोई शख्स जो हरामकार या बेशर्म है, या जो लालची है (तो यह बुत परस्ती के बराबर है) ख़ुदा के लोगों में से होगा जिन पर मसीह बादशाह के तौर पर हुकूमत करेगा”। (UST) (देखें : मु’आफ़ करना, मु’आफ़ करता, मु’आफ़ किया, मु’आफ़ी, मु’आफ़ करना, मु’आफ़ किया ),अबदियत, हमेशा के लिए, हमेशा की ज़िन्दगी और ज़िन्दगी, ज़िन्दा रहना, रहा, ज़िन्दगी,जानदार, ज़िन्दा और मीरास होना, वरासत, हिस्सा, वारिस )

इस बाब में तर्जुमें के दीगर मुमकिन मुश्किलात

बीवियों, अपने शौहरों के ताबे’ रहो

उलमा इस पर मुखतलिफ़ राये रखते हैं कि इस पारे को इसके तारीख़ी और तहज़ीबी क़रीने में किस तरह समझें। बा’ज़ उलमा यक़ीन रखते हैं के मर्द और औरत हर चीजों में मुकम्मल तौर पर बराबर हैं। दीगर उलमा यक़ीन रखते हैं के ख़ुदा ने मर्द और औरत को शादी और कलीसिया में साफ़ तौर पर मुख्तलिफ़ किरदारों में ख़िदमत के लिए पैदा किया। मुतर्जमीन को मोहतात रहना चाहिए के वो अपनी इस मसले की समझ से उनके इस इबारत के तर्जुमे को मुतासिर न होने दें।

Ephesians 5:1

पौलुस ईमानदारों को यह बताना जारी रखता है के उन्हें ख़ुदा के फर्ज़न्दों के तौर पर किस तरह जीना और किस तरह नहीं जीना चाहिए।

γίνεσθε οὖν μιμηταὶ τοῦ Θεοῦ

पस तुम्हें वह करना चाहिए जो ख़ुदा करता है। पस इफ़िसियों 4:32 का वापस हवाला देता है जो बताता है के क्यों ईमानदारों को ख़ुदा की मानिन्द बनना चाहिए, क्योंके मसीह ने ईमानदारों को मुआफ़ कर दिया है-

ὡς τέκνα ἀγαπητά

ख़ुदा ख्वाहिश रखता है कि हम उसकी मानिन्द बनें या पैरवी करें क्योंके हम उसके फ़र्ज़न्द हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जिस तरह अज़ीज़ फ़र्ज़न्द अपने वालिद की नक़ल करते हैं” या क्योंके तुम उसके फ़र्ज़न्द हो और वह तुम्हें अज़ीज़ रखता है” (देखें : INVALID translate/figs-simile)

Ephesians 5:2

περιπατεῖτε ἐν ἀγάπῃ

चलना किसी के ज़िन्दगी जीने के ख़याल का इज़हार करने के लिए एक आम तरीक़ा है। मुतबादिल तर्जु मा : “महब्बत की ज़िन्दगी जिओ” या “हमेशा एक दूसरे से महब्बत रखो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

προσφορὰν καὶ θυσίαν τῷ Θεῷ εἰς ὀσμὴν εὐωδίας

एक खुशबू की मानिन्द ख़ुदा को नज़र और क़ुर्बानी

Ephesians 5:3

πορνεία δὲ, καὶ ἀκαθαρσία πᾶσα, ἢ πλεονεξία, μηδὲ ὀνομαζέσθω ἐν ὑμῖν

ऐसा कुछ भी न करो जिससे कोई सोचे के तुम हरामकारी, या किसी क़िस्म की नजासत या लालच के मुजरिम हो

ἀκαθαρσία πᾶσα

कोई अखलाक़ी नापाकी

Ephesians 5:4

ἀλλὰ μᾶλλον εὐχαριστία

इसके बजाय तुम्हें ख़ुदा का शुक्र करना चाहिए

Ephesians 5:5

οὐκ ἔχει κληρονομίαν

ख़ुदा ने जो ईमानदारों से वायदा किया है उसे हासिल करने का ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया यह एक ख़ानदानी रुकन की तरफ़ से जायदाद और दौलत का वारिस हो। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:6

κενοῖς λόγοις

अल्फाज़ जिनमे उनके लिए कोई सच्चाई नहीं है

Ephesians 5:8

ἦτε γάρ ποτε σκότος

जिस तरह कोई तारीकी में नहीं देख सकता, उसी तरह जिन लोगों को गुनाह करने से महब्बत है उनमे रूहानी समझ की हाजत है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

νῦν δὲ φῶς ἐν Κυρίῳ

जिस तरह कोई रौशनी में देख सकता है, उसी तरह जिन्हें ख़ुदा ने नजात दी है, समझते हैं के किस तरह ख़ुदा को खुश करना है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ὡς τέκνα φωτὸς περιπατεῖτε

रास्ते पर चलना किसी शख्स के ज़िन्दगी जीने के तरीक़े के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “उन लोगों की तरह जिओ जो समझते हैं कि ख़ुदावंद उनसे क्या चाहता है के वह करें” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:9

ὁ…καρπὸς τοῦ φωτὸς ἐν πάσῃ ἀγαθωσύνῃ, καὶ δικαιοσύνῃ, καὶ ἀληθείᾳ

फल यहाँ “नतीजा” या “अन्जाम” के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “नूर में जीने का नतीजा नेकी, रास्तबाज़ी, और सच्चा बरताव है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:11

μὴ συνκοινωνεῖτε τοῖς ἔργοις τοῖς ἀκάρποις τοῦ σκότους

पौलुस बेकार और गुनाहगार चीज़ें जो ग़ैर ईमानदार करते हैं का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो बुरे काम हैं जो लोग तारीकी में करते हैं ताकि कोई उनको न देखे। मुतबादिल तर्जुमा : “ग़ैर ईमानदारों के साथ बेकार और गुनाह के काम न करो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἔργοις τοῖς ἀκάρποις

आमाल जो कुछ भी अच्छा, मुफ़ीद, या फ़ायदेमंद नहीं करते। पौलुस बुरे आमाल का एक बीमार दरख्त से मवाज़िना कर रहा है जो कुछ भी अच्छा पैदा नहीं करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐλέγχετε

तारीकी के कामों के खिलाफ़ बोलने का ज़िक्र इस तरह किया है जैसे उनको रौशनी में बाहर लाना ताकि लोग उसे देख सकें। मुतबादिल तर्जुमा : “उनको रौशनी में बाहर लाओ” या “उनका पर्दा उठा दो” या “दिखाओ और लोगों को बताओ के ये आमाल कितने ग़लत हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:13

यह नामालूम है कि यह हवाला नबी यसायाह के हवालों का मजमूआ है या ईमानदारों के तरफ़ से गाये जाने वाले एक हम्दिया तराने का हवाला है।

πᾶν…τὸ φανερούμενον φῶς ἐστιν

लोग वाज़ेह तौर पर हर एक चीज़ को देख सकते है जो रौशनी में आता है। पौलुस यह आम बयान ये इशारा करने के मक़सद से करता है के ख़ुदा का कलाम दिखाता है कि लोगों के आमाल अच्छे या बुरे हैं। बाईबल अक्सर ख़ुदा की सच्चाई का ज़िक्र इस तरह करती है गोया यह नूर था जो किसी चीज़ के किरदार को ज़ाहिर कर सकता था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:14

ἔγειρε, ὁ καθεύδων, καὶ ἀνάστα ἐκ τῶν νεκρῶν

मुमकिन मायने 1) पौलुस ग़ैर ईमानदारों से ख़िताब कर रहा है जिन्हें रूहानी तौर पर मुर्दा होने की हालात से उठने की ज़रुरत है जिस तरह एक शख्स जो मर चुका है जवाब देने के लिए दोबारा ज़िन्दा होना ज़रूरी है, या 2) पौलुस इफ़िसुस के ईमानदारों से मुख़ातब हो रहा है और मौत को एक इस्तआरे के तौर पर उनके रूहानी कमज़ोरियों के लिए इस्तेमाल कर रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-apostrophe और INVALID translate/figs-metaphor)

ἐκ τῶν νεκρῶν

उन तमाम के दरमियान से जो मर चुके हैं। यह इज़हार तमाम मुर्दा लोगों को जो आलम ए अर्वाह में हैं एक साथ बयान करता है। उनके दरमियान से उठना मानो दोबारा ज़िन्दा होने जैसा पेश करता है।

ἐπιφαύσει σοι

“तुम” के ये मिसाल “सोने वाले” का हवाला देते हैं और वाहिद हैं। (देखें : INVALID translate/figs-you)

ἐπιφαύσει σοι ὁ Χριστός

मसीह एक ईमानदार को समझने के क़ाबिल बनाएगा कि उसके काम कितने बुरे हैं और किस तरह मसीह उसे मुआफ़ करेगा और उसे नई ज़िन्दगी देगा, जिस तरह रौशनी दिखाता है कि असल में वहाँ क्या है जिसे तारीकी ने छुपा रखा था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:15

βλέπετε…ἀκριβῶς πῶς περιπατεῖτε, μὴ ὡς ἄσοφοι, ἀλλ’ ὡς σοφοί

नादान लोग गुनाह के ख़िलाफ़ ख़ुद की निगहबानी नहीं करते। ताहम, दाना लोग गुनाह की शिनाख्त कर सकते है और इससे भाग सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “पस तुम्हें एक बेवक़ूफ़ शख्स के बजाय एक दाना शख्स के तौर पर ज़िन्दगी जीने के लिए होशियार रहना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives और INVALID translate/figs-parallelism)

Ephesians 5:16

ἐξαγοραζόμενοι τὸν καιρόν

वक़्त को दानाई से इस्तेमाल करने का ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया यह वक़्त को छुड़ा रहा था। मुतबादिल तर्जुमा : “अपने वक़्त के साथ बेहतरीन चीज़ें जो तुम कर सकते हो करो” या “वक़्त का दानाई से इस्तेमाल करो” या “वक़्त का बेहतरीन इस्तेमाल करो”

ὅτι αἱ ἡμέραι πονηραί εἰσιν

लफ्ज़ “दिन” एक इस्तआरा है उसके लिए जो लोग उन दिनों के दौरान करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “क्योंके तुम्हारे इर्द गिर्द के लोग हर क़िस्म की बुरी चीज़ें कर रहे हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 5:18

पौलुस अपने हिदायात को इस पर ख़त्म करता है कि तमाम ईमानदारों को किस तरह जीना चाहिए।

καὶ μὴ μεθύσκεσθε οἴνῳ

तुम्हें शराब पीकर मतवाले नहीं होना चाहिए

ἀλλὰ πληροῦσθε ἐν Πνεύματι

इसके बजाय, तुम्हें रूह उल क़ुद्स के ज़रिए क़ाबू किया जाना चाहिए

Ephesians 5:19

ψαλμοῖς, καὶ ὕμνοις, καὶ ᾠδαῖς πνευματικαῖς

मुमकिन मायने 1) पौलुस इन अल्फाज़ का इस्तेमाल एक तर्ज़ -ए- इज़हार के तौर पर “ख़ुदा की हम्द के लिए हर क़िस्म के गीतों” के लिए करता है या 2) पौलुस मौसीक़ी की मख्सूस क़िस्मों की फ़ेहरिस्त दे रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-merism)

ψαλμοῖς

ये शायद पुराने अहदनामे के ज़बूर की किताब के गीत हैं जो मसीही लोग गाते थे।

ὕμνοις

ये हम्द और इबादत के गीत हैं जो ख़ास तौर पर मसीहियों के गाने के लिए लिखे गए होंगे।

ᾠδαῖς πνευματικαῖς

मुमकिन मायने 1) ये वह गीत हैं जिन्हें रूह उल क़ुद्स एक शख्स को उसी लम्हे गाने के लिए इल्हाम कराता है या 2) “रूहानी गीत” और “हम्दिया तराने” जोड़े हैं और बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ के मानी हैं। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

τῇ καρδίᾳ ὑμῶν

यहाँ “दिल” एक शख्स के ख्यालात या बातिनी वजूद के लिए एक इस्तआरा है। जुमला “अपने सारे दिल से” के मानी है कुछ जोश व ख़रोश के साथ करना। मुतबादिल तर्जुमा : “अपने सारे वजूद के साथ” या “जोश व ख़रोश के साथ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 5:20

ἐν ὀνόματι τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ

क्योंके तुम हमारे ख़ुदावंद येसू मसीह से ताल्लुक़ रखते हो या “उन लोगों के तौर पर जो हमारे ख़ुदावंद येसू मसीह से ताल्लुक़ रखते हैं”

Ephesians 5:22

पौलुस वज़ाहत करना शुरू करता है कि किस तरह मसीहियों को एक दूसरे के ताबे’ होना है (इफ़िसियों 5:21). वह बीवियों और शौहरों को हिदायात देने के साथ शुरू करता है कि उन्हें किस तरह एक दूसरे के साथ बरताव करना चाहिए।

Ephesians 5:23

κεφαλὴ τῆς γυναικὸς…κεφαλὴ τῆς ἐκκλησίας

लफ्ज़ “सिर” रहनुमा की नुमाइंदगी करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:25

यहाँ अल्फाज़ “ख़ुद को” और “उसने” मसीह से मुराद हैं। लफ्ज़ “उसके” कलीसिया से मुराद है।

ἀγαπᾶτε τὰς γυναῖκας

यहाँ “महब्बत” बे गर्ज़ ख़िदमत या बीवियों से महब्बत करने या महब्बत से पेश आने से मुराद है।

ἑαυτὸν παρέδωκεν

लोगों को इजाज़त दिया के उसे क़त्ल करें

ὑπὲρ αὐτῆς

पौलुस ईमानदारों की जमाअत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक औरत थी जिससे येसू शादी करेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “हमारी ख़ातिर” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:26

καθαρίσας τῷ λουτρῷ τοῦ ὕδατος ἐν ῥήματι

मुमकिन मायने 1) पौलुस ख़ुदा का हवाला दे रहा है जो मसीह के लोगों को ख़ुदा के कलाम के ज़रिए और मसीह में पानी के बपतिस्मे के ज़रिए साफ़ कर रहा है या 2) पौलुस ज़िक्र कर रहा है कि ख़ुदा हमें हमारे गुनाहों से पैग़ाम के ज़रिए रूहानी तौर पर इस तरह साफ़ कर रहा है गोया ख़ुदा हमारे जिस्मों को पानी से धोने के ज़रिए साफ़ कर रहा हो। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

αὐτὴν ἁγιάσῃ, καθαρίσας

पौलुस ईमानदारों की जमाअत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक औरत थी जिससे येसू शादी करेगा। मुतबादिल तर्जुमा : “हमें मुक़द्दस बनाए ... हमें साफ़ किया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:27

μὴ ἔχουσαν σπίλον, ἢ ῥυτίδα

पौलुस कलीसिया का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक पोशाक था जो साफ़ और अच्छी हालत में है। वह एक ही ख़याल का इस्तेमाल दो तरीक़ों से कलीसिया की पाकीज़्गी पर ज़ोर देने के लिए कर रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-doublet)

ἁγία καὶ ἄμωμος

जुमला “बेऐब” का बुनियावी तौर पर वही मायनी है जैसा “पाक”। पौलुस दोनों का इस्तेमाल एक साथ कलीसिया की पाकीज़्गी पर ज़ोर देने के लिए कर रहा है। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

Ephesians 5:28

ὡς τὰ ἑαυτῶν σώματα

इसे वाज़ेह तौर पर बयान किया जा सकता है कि लोग अपने जिस्मों से महब्बत रखते हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “जिस तरह शौहर अपने जिस्म से महब्बत रखते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

Ephesians 5:29

ἀλλὰ ἐκτρέφει

बल्के खिलाता है

Ephesians 5:30

μέλη ἐσμὲν τοῦ σώματος αὐτοῦ

यहाँ पौलुस ईमानदारों का मसीह के साथ क़रीबी इत्तहाद का ज़िक्र करता है गोया वो उसके अपने बदन के आ’ज़ा थे, जिसके लिए वह क़ुदरती तौर पर देख भाल करेगा। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 5:31

यह हवाला पुराने अहदनामे में मूसा के तहरीरों में से है।

अल्फ़ाज़ “अपने” और “ख़ुद” एक मर्द ईमानदार से मुराद है जो शादी करता है।

Ephesians 6

इफ़िसियों 06 आम हाशिये

इस बाब में ख़ुसूसी तसववुरात

ग़ुलामी

पौलुस इस बाब में ग़ुलामी की बाबत नहीं लिखता के यह अच्छा है या बुरा। पौलुस ख़ुदा को ख़ुश करने के लिए काम करने की बाबत ता’लीम देता है ख्वाह ग़ुलाम के तौर पर या मालिक के तौर पर। पौलुस यहाँ जो ग़ुलामी की बाबत ता’लीम देता है हैरान करने वाला रहा होगा। उसके ज़माने में, मालिकों से उम्मीद नहीं की जाती थी के वो अपने गुलामों के साथ इज्ज़त से पेश आयें और उन्हें धमकी न दें।

इस बाब में अहम तर्ज़ -ए- इज़हार

ख़ुदा के हथियार

यह वसी इस्तआरा बयान करता है के किस तरह मसीही ख़ुद की हिफ़ाज़त कर सकते हैं जब उन पर रूहानी हमला हुआ हो। (देखें : रूह , रूहें , रूहानी और INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:1

पहला लफ़ज़ “अपने” जमा है। फिर पौलुस मूसा का इक्तबास करता है। मूसा इस्राईल के लोगों से बात कर रहा था गोया वो एक शख्स थे, पस “तुम्हारा” और “तुम” वाहिद हैं। आपको इसे जमा के तौर पर तर्जुमा करने की ज़रुरत हो सकती है। (देखें : INVALID translate/figs-you)

पौलुस वज़ाहत करना जारी रखता है कि किस तरह मसीहियों को एक दूसरे के ताबे’ होना है। वह बच्चों, वालिदों, कारकुनों, और मालिकों को हिदायात देता है।

ἐν Κυρίῳ

पौलुस बच्चों को उनके जिस्मानी वालिदेन की फ़रमाँबरदारी करने की याद दिलाता है।

Ephesians 6:4

μὴ παροργίζετε τὰ τέκνα ὑμῶν

अपने बच्चों को ग़ुस्सा न दिलाओ या “अपने बच्चों के ग़ुस्सा होने का सबब न बनो”

ἐκτρέφετε αὐτὰ ἐν παιδείᾳ καὶ νουθεσίᾳ Κυρίου

ख़ुलासा इस्म “तरबियत” और “नसीहत” को फ़ेएल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “बालिग़ होने के लिए उन्हें ता’लीम दें इस बात का यक़ीन रखते हुए के ख़ुदावंद जो उनसे चाहता है के करें वो उसे जानें और करें” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

Ephesians 6:5

फ़रमाँबरदारी करें। यह एक हुक्म है।

φόβου καὶ τρόμου

जुमला “गहरा एहतराम और काँपना” एक ही तरह के दो ख़यालात का इस्तेमाल उनके मालिकों को इज्ज़त देने की अहमियत पर ज़ोर देने के लिए करता है। (देखें : INVALID translate/figs-doublet और INVALID translate/figs-idiom)

καὶ τρόμου

यहाँ “काँपना” एक मुबालग़ा है जो इस पर ज़ोर देने के लिए इस्तेमाल किया गया है कि ग़ुलामों के लिए उनके मालिकों की फ़रमाँबरदारी करना कितना अहम है। मुतबादिल तर्जुमा : “और खौफ़” या “जैसा के तुम खौफ़ से काँप रहे थे” (देखें : INVALID translate/figs-hyperbole)

ἐν ἁπλότητι τῆς καρδίας ὑμῶν

यहाँ “दिल” एक शख्स के ज़हन या इरादों के लिए के इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “ईमानदारी के साथ” या “ख़लूस के साथ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 6:6

ὡς δοῦλοι Χριστοῦ

तुम्हारे ज़मीनी मालिक की ख़िदमत इस तरह करो गोया तुम्हारा ज़मीनी मालिक ख़ुद मसीह हो।

ἐκ ψυχῆς

यहाँ “दिल” एक शख्स के ज़हन या इरादों के लिए के इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “ख़लूस के साथ” या “गर्म जोशी से” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 6:7

यहाँ “दिल” एक इस्तआरा है “ख़यालात” या “बातिनी वजूद” के लिए। मुतबादिल तर्जुमा : “अपने सारे वजूद से ख़िदमत करो” या “ख़िदमत करते वक़्त मुकम्मल तौर पर वक्फ़ शुदा रहो” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 6:9

τὰ αὐτὰ ποιεῖτε πρὸς αὐτούς

तुम्हें भी अपने ग़ुलामों के साथ ज़रूर अच्छा सुलूक करना चाहिए या “जिस तरह ग़ुलामों को उनके मालिकों के साथ अच्छा बरताव करना चाहिए, उसी तरह तुम्हें भी अपने ग़ुलामों के साथ अच्छा बरताव करना चाहिए” (इफ़िसियों 6:5)

εἰδότες ὅτι καὶ αὐτῶν καὶ ὑμῶν ὁ Κύριός ἐστιν ἐν οὐρανοῖς

तुम जानते हो के मसीह ग़ुलामों और और उनके मालिकों दोनों का मालिक है, और वह आसमान में है

προσωπολημψία οὐκ ἔστιν παρ’ αὐτῷ

वह हर एक का इन्साफ़ एक ही तरीक़े से करता है

Ephesians 6:10

पौलुस ईमानदारों को ख़ुदा की ख़ातिर जीने के लिए हमारे इस जंग में मज़बूत बनाने के लिए हिदायात देता है।

τῷ κράτει τῆς ἰσχύος αὐτοῦ

उसकी अज़ीम क़ुव्वत। देखें किस तरह “उसके क़ुव्वत की ताक़त” का इफ़िसियों 1:21 के आख़िर में तर्जुमा किया गया है

Ephesians 6:11

ἐνδύσασθε τὴν πανοπλίαν τοῦ Θεοῦ, πρὸς τὸ δύνασθαι ὑμᾶς στῆναι πρὸς τὰς μεθοδίας τοῦ διαβόλου

मसीहियों को ख़ुदा के दिए हुए तमाम हथियार का इस्तेमाल इब्लीस के ख़िलाफ़ साबित क़दम होने के लिए करना चाहिए जिस तरह एक सिपाही दुश्मन के हमलों से ख़ुद की हिफ़ाज़त के लिए हथियार बाँध लेता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὰς μεθοδίας

फ़रेबी मन्सूबे

Ephesians 6:12

αἷμα καὶ σάρκα

इस बयान का लोगों से मुराद है, रूहों से नहीं जिनके इंसानी जिस्म नहीं होते। (देखें : INVALID translate/figs-synecdoche)

πρὸς τοὺς κοσμοκράτορας

यहाँ यह समझा गया है कि “कुव्वतों” का ताक़तवर रूहानी मख्लूक़ से मुराद है। यहाँ “तारीकी” एक इस्तआरा है उन चीज़ों के लिए जो बुरी हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “ताक़तवर रूहानी मख्लूक़ के ख़िलाफ़ जो इस मौजूदा बुरे वक़्त के दौरान लोगों पर हुकूमत करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:13

διὰ τοῦτο, ἀναλάβετε τὴν πανοπλίαν τοῦ Θεοῦ

मसीहियों को ख़ुदा के दिए हुए हिफ़ाज़ती वसाएल का इस्तेमाल इब्लीस से लड़ने में करना चाहिए जिस तरह एक सिपाही अपने दुश्मनों के ख़िलाफ़ ख़ुद की हिफ़ाज़त के लिए हथियार बाँध लेता है।

ἵνα δυνηθῆτε ἀντιστῆναι ἐν τῇ ἡμέρᾳ τῇ πονηρᾷ

अल्फाज़ “साबित क़दम” कामयाबी से किसी चीज़ की मुखालिफ़त करने या लड़ाई लड़ने की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ताकि तुम बुराई की मुख़ालिफ़त करने के क़ाबिल हो सको” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:14

στῆτε οὖν

अल्फाज़ “खड़ा होना” कामयाबी से किसी चीज़ की मुख़ालिफ़त करने या लड़ाई लड़ने की नुमाइंदगी करता है। देखें कि आपने इसे इफ़िसियों 6:13 में किस तरह तर्जुमा किया है। “पस बुराई की मुख़ालिफ़त करो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

περιζωσάμενοι τὴν ὀσφὺν ὑμῶν ἐν ἀληθείᾳ

सच्चाई एक ईमानदार के लिए हर चीज़ को एक साथ पकड़कर रखती है जिस तरह कमरबंद एक सिपाही के कपड़ों को एक साथ पकड़ कर रखता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

हमें सच्चाई को जानना है और इस तरह अमल करना है जिससे ख़ुदा ख़ुश होता है।

मुमकिन मायने 1) रास्तबाज़ी की नेमत ईमानदार के दिल को इस तरह पर्दा करता है जैसे एक सीना बन्द सिपाही के सीने की हिफ़ाज़त करता है या 2) ख़ुदा की चाहत के मुताबिक़ हमारा जीना हमें एक साफ़ ज़मीर देता है जो हमारे दिलों की उसी तरह से हिफ़ाज़त करता है जैसे सीनाबन्द सिपाही के सीने की हिफ़ाज़त करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:15

ὑποδησάμενοι τοὺς πόδας ἐν ἑτοιμασίᾳ τοῦ εὐαγγελίου τῆς εἰρήνης

जिस तरह एक सिपाही उसे ठोस बुनियाद देने के लिए जूते पहनता है, ईमानदार को सलामती के इन्जील का ठोस इल्म होना चाहिए इसका ऐलान करने को तैयार रहने के लिए। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:16

ἐν πᾶσιν ἀναλαβόντες τὸν θυρεὸν τῆς πίστεως

ईमानदार को ईमान का इस्तेमाल करना चाहिए जो ख़ुदा उसे इब्लीस के हमलों से हिफ़ाज़त के लिए देता है, जिस तरह सिपाही एक सिपर का इस्तेमाल दुश्मन के हमलों से अपनी हिफ़ाज़त के लिए करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὰ βέλη τοῦ πονηροῦ πεπυρωμένα

ईमानदार के ख़िलाफ़ इब्लीस के हमले जलते हुए तीरों की मानिन्द हैं जो एक सिपाही पर दुश्मन की तरफ़ से ज़र्ब किये जाते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:17

τὴν περικεφαλαίαν τοῦ σωτηρίου δέξασθε

ख़ुदा की तरफ़ से दी गई नजात ईमानदार के ज़हन की हिफ़ाज़त करता है जिस तरह ख़ोद एक सिपाही के सिर की हिफ़ाज़त करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὴν μάχαιραν τοῦ Πνεύματος, ὅ ἐστιν ῥῆμα Θεοῦ

मुसन्निफ़ ख़ुदा के लोगों से उसकी हिदायात का ज़िक्र करता है गोया वह एक तलवार थे जो उसके लोग दुश्मन से लड़ने के लिए इस्तेमाल कर सकते थे, (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Ephesians 6:18

διὰ πάσης προσευχῆς καὶ δεήσεως, προσευχόμενοι ἐν παντὶ καιρῷ ἐν Πνεύματι

हर वक़्त रूह में दुआ करते रहो जैसा के तुम दुआ और मख्सूस दरख्वास्तें करते हो

εἰς αὐτὸ

इस वजह से या “इसे ज़हन में रखते हुए”। यह ख़ुदा के हथियार को लेने के रवैये से मुराद है।

ἀγρυπνοῦντες ἐν πάσῃ προσκαρτερήσει καὶ δεήσει περὶ πάντων τῶν ἁγίων

चौकस होने में साबित क़दम रहो, और ख़ुदा के तमाम मुक़द्दसों के लिए दुआ करो या “तमाम ईमानदारों के लिए मुसलसल चौकसी के साथ दुआ करें”

Ephesians 6:19

अपने इख्तताम में, पौलुस उनसे कहता है कि इन्जील को बताने में जबके वह क़ैद में है उसके दिलेरी के लिए दुआ करें और वह तख़िकुस को उन्हें तसल्ली देने को भेज रहा है।

ἵνα μοι δοθῇ λόγος

इसे ज़ेर -ए- अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा : “ताकि ख़ुदा मुझे कलाम दे सके” या “ख़ुदा मुझे पैग़ाम दे सके” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

जब मैं बोलूँ। दुआ करो कि मैं दिलेरी से वज़ाहत करूँ

ἀνοίξει τοῦ στόματός μου

यह बोलने के लिए एक इस्तआरा है। मुतबादिल तर्जुमा : “बोलना” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

Ephesians 6:20

ὑπὲρ οὗ πρεσβεύω ἐν ἁλύσει

अल्फ़ाज़ “ज़ंजीरों में” क़ैद में होने के लिए इस्तआरा हैं। मुतबादिल तर्जुमा : “मैं अभी क़ैद में हूँ क्योंके मैं इन्जील का नुमाइन्दा हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἵνα ἐν αὐτῷ παρρησιάσωμαι, ὡς δεῖ με λαλῆσαι

लफ्ज़ “दुआ” को आयत 19 से समझाया गया है। मुतबादिल तर्जुमा : “पस दुआ करो के जब भी मैं इन्जील की तालीम दूँ, मैं इसे जितना मुझे चाहिए उतनी दिलेरी से बोलूँ” या “दुआ करो कि मैं इन्जील को जितना मुझे चाहिए उतनी दिलेरी से मनादी कर सकूँ” (देखें :INVALID translate/figs-explicit)

Ephesians 6:21

Τυχικὸς

तख़िकुस उन कई मर्दों में से एक था जो पौलुस के साथ ख़िदमत करता था । (देखें : INVALID translate/translate-names)

Ephesians 6:22

παρακαλέσῃ τὰς καρδίας ὑμῶν

यहाँ “दिलों” एक इस्तआरा है लोगों के बातिनी वजूद के लिए। मुतबादिल तर्जुमा : “ताकि वह तुम्हारी हौसला अफ़ज़ाई कर सके” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

Ephesians 6:23

पौलुस इफ़िसुस के ईमानदारों के लिए अपने ख़त को तमाम ईमानदारों पर जो मसीह से महब्बत रखते हैं इत्मीनान और फ़ज़ल की बरकत के साथ ख़त्म करता है।