Titus
Titus front
तितुस का तार्रुफ़
हिस्सा 1: आम तार्रुफ़
तितुस के किताब का ख़ाका
- पौलुस तितुस को दीनदार रहनुमाओं को मुक़र्रर करने की हिदायत देता है (1:1-16)
- पौलुस तितुस को हिदायत करता है के दीनदारी की ज़िन्दगी बसर करने के लिए लोगों की तरबियत करे (2:1-3:11)
- पौलुस अपने बाज़ मन्सूबे बाँटकर और मुख्तलिफ़ ईमानदारों को मुबारकबाद देते हुए ख़त्म करता है (3:12-15)
तितुस की किताब को किसने लिखा? तितुस की किताब को पौलुस ने लिखा। पौलुस तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। एक मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यिसू की बाबत बताते हुए कई दफ़ा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।
तितुस की किताब किस बारे में है?
पौलुस ने यह ख़त अपने साथी कारकुन तितुस को लिखा, जो क्रेते के जज़ीरे में कलीसियाओं की रहनुमाई कर रहा था। पौलुस कलीसिया के रहनुमाओं को मुन्तखिब करने की बाबत उसकी हिदायत किया था। पौलुस यह भी बयान करता है के ईमानदारों को एक दूसरे के साथ किस तरह का सुलूक करना चाहिए। और उसने उन सब को उस तरीक़े की ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए हौसला आफज़ाई किया जो ख़ुदा को ख़ुश करे।
इस किताब के उनवान का तर्ज़ुमा किस तरह किया जाना चाहिए?
मुतर्ज़मीन इस किताब को इसके रिवायती उनवान “तितुस” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या वो एक वाज़े उनवान का इन्तखाब कर सकते हैं, जैसे “तितुस के नाम पौलुस का ख़त” या “तितुस के नाम ख़त”। (देखें : INVALID translate/translate-names)
हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वरात
कलीसिया के अन्दर लोग किस किरदार के तौर पर ख़िदमत कर सकते हैं? तितुस की किताब में बाज़ तालीमात इस बाबत हैं के क्या एक औरत या तलाक़शुदा आदमी कलीसिया के अन्दर रहनुमाई के ओहदों पर ख़िदमत कर सकते हैं। उलेमा इन तालीमात के मानी की बाबत इख्तलाफ़ रखते हैं। इस किताब का तर्जुमा करने से क़ब्ल इन मसाएल पर मज़ीद मुतालआ ज़रूरी हो सकता है
वाहिद और जमा “तुम”
इस किताब में, लफ्ज़ “मैं” पौलुस से मुराद है। साथ ही, लफ्ज़ “तुम” ज़ियादातर हमेशा वाहिद है और तितुस से मुराद है। इसका इस्तिसना 3:15 है। (देखें: INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)
“हमारे मुनज्जी ख़ुदा” से क्या मुराद है?
इस ख़त में यह एक आम जुमला है। पौलुस का मतलब था के क़ारईन इस बाबत सोचें के ख़ुदा ने किस तरह उन्हें उसके ख़िलाफ़ गुनाह करने से मसीह में मुआफ़ कर दिया। और उन्हें मुआफ़ करने के ज़रिए उसने उन्हें सज़ा देने से बचाया जब वह तमाम लोगों की अदालत करता है। “हमारे अज़ीम ख़ुदा और मुनज्जी यिसू मसीह” इस ख़त में एक आम जुमला है।
Titus 1
तितुस 01 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
पौलुस बाक़ायदा तौर पर इस ख़त का आयात 1-4 में तार्रुफ़ करता है। क़दीम मशरिक़ के क़रीब मुसन्निफ़ीन अक्सर ख़तूत को इस तरीक़े से शुरू करते थे।
आयात 6-9 में, पौलुस कई ख़ुसूसियात की फ़ेहरिस्त देता है जो एक आदमी में होना लाज़िम है अगर उसे कलीसिया में एक बुज़ुर्ग होना है। ((देखें : https://git.door43.org/STR/ur-deva_ta/src/branch/master/translate/figs-abstractnouns/01.md) पौलुस 1 तीमुथियुस 3 में इसी तरह की एक फ़ेहरिस्त देता है।
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
बुज़ुर्ग
कलीसिया ने कलीसिया के रहबरों के लिए मुख्तलिफ़ ख़िताब इस्तेमाल किये हैं। बाज़ ख़िताब निगहबान, बुज़ुर्ग, चरवाहा, और बिशप शामिल करते हैं।
इस बाब में दीगर तर्ज़ुमा के मुमकिन मुश्किलात
चाहिए, मुमकिन है, लाज़मी
ULT मुख्तलिफ़ अल्फ़ाज़ का इस्तेमाल करता है जो ज़रूरियात या जिम्मेदारियों की निशानदेही करता है। इन फ़अल के साथ मुख्तलिफ़ सतह के ताक़त मुन्सलिक होते हैं। बारीक इख्तलाफ़ात का तर्जुमा करना मुश्किल हो सकता है। UST इन फ़अल का तर्जुमा ज़ियादा आम तरीक़े से करता है।
Titus 1:1
κατὰ πίστιν
के ईमान को मज़बूत करने के लिए
τῆς κατ’ εὐσέβειαν
जो ख़ुदा की इज्ज़त के वास्ते मुनासिब है
Titus 1:2
πρὸ χρόνων αἰωνίων
वक़्त के आग़ाज़ से क़ब्ल
Titus 1:3
καιροῖς ἰδίοις
मुनासिब वक़्त पर
ἐφανέρωσεν…τὸν λόγον αὐτοῦ
पौलुस ख़ुदा के पैग़ाम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे लोगों को ज़ाहिरी तौर पर दिखाया जा सकता था। मुतबादिल तर्जुमा: “उसने मुझे अपना पैग़ाम समझाया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὃ ἐπιστεύθην ἐγὼ
उसने लाने के लिए मुझ पर भरोसा किया या “उसने मुझे मनादी करने की जिम्मेदारी दी”
τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν, Θεοῦ
ख़ुदा, जो हमें नजात देता है
Titus 1:4
γνησίῳ τέκνῳ
अगरचे तितुस पौलुस का जिस्मानी बेटा नहीं था, वो मसीह में एक मुश्तरका ईमान रखते थे। इस तरह, मसीह में, पौलुस तितुस को अपना ख़ुद का बेटा समझता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तू मेरे लिए एक बेटे की तरह है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
κοινὴν πίστιν
पौलुस मसीह में यकसां ईमान का इज़हार करता है जिसे वो दोनों मुश्तरका करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह तालीमात जिस पर हम दोनों ईमान रखते हैं”
χάρις καὶ εἰρήνη
यह एक आम मुबारकबाद था जिसका पौलुस इस्तेमाल करता था। आप मफ़हूम मालूमात को वाज़े तौर पर बयान कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “मेहरबानी और इत्मीनान तुझे हासिल होता रहे” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)
Χριστοῦ Ἰησοῦ τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν
मसीह यिसू जो हमारा मुनज्जी है
Titus 1:5
τούτου χάριν
यही वजह है
ἀπέλιπόν σε ἐν Κρήτῃ
मैंने तुझे क्रेते में रुकने के लिए कहा
ἵνα τὰ λείποντα ἐπιδιορθώσῃ
ताके तू उन चीज़ों का इन्तज़ाम ख़त्म करे जिन्हें करना ज़रूरी है
καταστήσῃς…πρεσβυτέρους
बुज़ुर्गों को मुक़र्रर कर या “बुज़ुर्गों को नाम ज़द कर”
πρεσβυτέρους
इब्तदाई मसीही कलीसियाओं में, मसीही बुज़ुर्ग ईमानदारों की जमायतों को रहनुमाई देते थे।
Titus 1:6
क्रेते के जज़ीरे पर हर शहर में बुजुर्गों को तैनात करने के लिए तितुस को कहकर, पौलुस बुजुर्गों के लिए ज़रूरियात देता है।
εἴ τίς ἐστιν ἀνέγκλητος
“बेइल्ज़ाम” होना को एक ऐसे शख्स के तौर पर जाना जाता है जो बुरी चीज़ें नहीं करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “लाज़िम है के बुज़ुर्ग बदनाम न हो और शौहर हो”
μιᾶς γυναικὸς ἀνήρ
इसके मानी है के उसके सिर्फ़ एक ही बीवी हो, यह के, उसके कोई दीगर बीवियां या हरमें न हों। इसका यह भी मानी हो सकता है के वह ज़िनाकारी न करता हो और वह एक पिछली बीवी को तलाक़ न दिया हो। मुतबादिल तर्जुमा: “एक आदमी जिसकी सिर्फ़ एक ही औरत हो” या “एक आदमी जो अपनी बीवी से वफ़ादार हो” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
τέκνα…πιστά
मुमकिन मायने 1) बच्चे जो यिसू में ईमान रखते हों या 2) बच्चे जो भरोसेमन्द हों।
Titus 1:7
τὸν ἐπίσκοπον
यह रूहानी रहनुमाई के उसी ओहदे का दूसरा नाम है जिसका पौलुस 1:6 में “बुज़ुर्ग” के तौर पर हवाला देता है।
Θεοῦ οἰκονόμον
पौलुस कलीसिया का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह ख़ुदा का घराना था और निगहबान को इस तरह गोया वह घर का इन्तज़ाम संभालने वाला एक ख़ादिम था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
μὴ πάροινον
शराबी नहीं या “वह नहीं जो ज़ियादा शराब पीता है”
μὴ πλήκτην
तशद्दद करने वाला नहीं या “लड़ाई पसन्द करने वाला नहीं”
Titus 1:8
ἀλλὰ
पौलुस अपनी दलील को एक बुज़ुर्ग को क्या नहीं होना है से एक बुज़ुर्ग को क्या होना है की तरफ़ बदल रहा है।
φιλάγαθον
एक शख्स जो अच्छा है से महब्बत रखता है
Titus 1:9
ἀντεχόμενον
पौलुस मसीही ईमान के अक़ीदत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह अपने हाथों से ईमान को पकड़ रहा था। “अक़ीदत मन्द हो” या “अच्छी तरह जनता हो”
τῇ διδασκαλίᾳ τῇ ὑγιαινούσῃ
लाज़िम है के वह ख़ुदा की और दीगर रूहानी मामलात की बाबत जो हक़ है उसी की तालीम देता हो।
Titus 1:10
उनकी वजह से जो ख़ुदा के कलाम की मुखालिफ़त करेंगे, पौलुस तितुस को ख़ुदा के कलाम की मनादी की वजह देता है और झूटे उसातज़ा की बाबत उसे ख़बरदार करता है।
ἀνυπότακτοι, ματαιολόγοι
ये सरकश लोग हैं जो पौलुस के इन्जील के पैग़ाम की मुखालिफ़त करते हैं।
φρεναπάται
यह जुमला पिछले जुमले में ज़िक्र किये गये सरकश लोगों को बयान करता है। यहाँ “ख़ाली” बेकार के लिए एक इस्तआरा है, और “फ़ुज़ूल की बातें करने वाले” वो लोग हैं जो बेकार या बेवक़ूफ़ी की बातें करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “वह लोग जो बेकार की बातें करते हैं और दूसरों को धोका देते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
οἱ ἐκ τῆς περιτομῆς
यह यहूदी मसीहियों से मुराद है जो तालीम देते थे के मसीह की पैरोकारी के लिए मर्दों का ख़तना लाज़मी है। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
Titus 1:11
οὓς δεῖ ἐπιστομίζειν
उन्हें अपनी तालीमात फैलाने से ज़रूर रोका जाना चाहिए या “उन्हें दूसरों को अपने अल्फ़ाज़ से मुतासिर करने से ज़रूर रोका जाना चाहिए”
διδάσκοντες ἃ μὴ δεῖ
ये वो बातें हैं जिनका मसीह और शरीअत के बारे में तालीम देना मुनासिब नहीं है क्योंके वो सच नहीं हैं।
αἰσχροῦ κέρδους χάριν
इससे मुराद वह मुनाफ़ा है जो लोग ऐसे काम करके करते हैं जो क़ाबिल ए इज्ज़त नहीं हैं।
ὅλους οἴκους ἀνατρέπουσιν
पूरे कुन्बे को बर्बाद कर रहे हैं। मसला यह था के वो उनका ईमान बर्बाद करने के ज़रिये कुन्बे को परेशान कर रहे थे। शायद यह कुन्बे के अरकान को एक दूसरे से बहस करने का सबब था।
Titus 1:12
τις ἐξ αὐτῶν, ἴδιος αὐτῶν προφήτης
ख़ुद क्रेते से एक नबी या “एक क्रेती जिसे वो ख़ुद नबी के तौर पर समझते थे”
Κρῆτες ἀεὶ ψεῦσται
क्रेती हर वक़्त झूट बोलते हैं। यह एक मुबालग़ा है जिसके मानी है कई क्रेती बहुत झूट बोलते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-hyperbole)
κακὰ θηρία
यह इस्तआरा क्रेतियों को ख़तरनाक जंगली जानवरों से मोवाज़ना करता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Titus 1:13
δι’ ἣν αἰτίαν ἔλεγχε αὐτοὺς ἀποτόμως
लाज़िम है के तू सख्त ज़बान का इस्तेमाल कर जो क्रेती समझेंगे जब तू उनको दुरुस्त करेगा
ἵνα ὑγιαίνωσιν ἐν τῇ πίστει
लिहाज़ा उनका ईमान सेहतमन्द होगा या “पस उनका ईमान सच्चा हो सकता है”
Titus 1:14
Ἰουδαϊκοῖς μύθοις
यह यहूदियों की झूटी तालीमात से मुराद है।
ἀποστρεφομένων τὴν ἀλήθειαν
पौलुस सच्चाई का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिससे कोई मुँह फेर सकता था या परहेज़ कर सकता था”। मुतबादिल तर्जुमा: “सच्चाई को रद्द करना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Titus 1:15
πάντα καθαρὰ τοῖς καθαροῖς
अगर लोग अन्दर से ख़ालिस हैं, वो जो कुछ भी करेंगे ख़ालिस होगा
τοῖς καθαροῖς
उन लोगों के लिए जो ख़ुदा को क़बूल हैं
τοῖς…μεμιαμμένοις καὶ ἀπίστοις, οὐδὲν καθαρόν
पौलुस गुनाहगारों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो जिस्मानी तौर पर गन्दे थे। मुतबादिल तर्जुमा: “अगर लोग अख्लाक़ी तौर पर नापाक हों और ईमान नहीं रखते, वो कुछ भी ख़ालिस नहीं कर सकते” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Titus 1:16
τοῖς…ἔργοις ἀρνοῦνται
वो किस तरह रहते हैं साबित करता है के वो उसे नहीं जानते
βδελυκτοὶ ὄντες
वो मकरूह हैं
Titus 2
तितुस 02 आम नोट
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
सन्फ़ी किरदार
उलेमा इस पर मुन्क़सिम हैं के इस पारे को इसके तारीख़ी और तहज़ीबी क़रीने में किस तरह समझें। बाज़ उलेमा यक़ीन रखते हैं के मर्द और औरत हर चीजों में मुकम्मल तौर पर बराबर हैं। दीगर उलेमा यक़ीन रखते हैं के ख़ुदा ने मर्द और औरत को शादी और कलीसिया में साफ़ तौर पर मुख्तलिफ़ किरदारों में ख़िदमत के लिए पैदा किया। मुतर्ज़मीन को मोहतात रहना चाहिए के वो अपनी इस मसअले की समझ से उनके इस पारे के तर्जुमे को मुतासिर न होने दें।
ग़ुलामी
पौलुस इस बाब में इस बाबत नहीं लिखता है के ग़ुलामी अच्छी है या बुरी। पौलुस गुलामों को वफ़ादारी से अपने मालिकों की ख़िदमत करने की तालीम देता है। पौलुस तमाम ईमानदारों को हर हालात में दीनदार होने और रास्त ज़िन्दगी बसर करने की तालीम देता है।
Titus 2:1
पौलुस तितुस को ख़ुदा के कलाम की मनादी करने की वजह देना ज़ारी रखता है, और वज़ाहत करता है के बूढ़े मर्दों, बूढ़ी औरतों, जवान मर्दों, और ग़ुलामों या ख़ादिमों को बतौर ईमानदार किस तरह ज़िन्दगी गुज़ारनी चाहिए।
σὺ δὲ
पौलुस का मतलब है जो इसके बरअक्स में है। मुतबादिल तर्जुमा: “मगर तू, तितुस, झूटे उसातज़ा के बरअक्स, उन बातों को ज़रूर बता जो मुनासिब हैं” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
τῇ ὑγιαινούσῃ διδασκαλίᾳ
मज़बूत अक़ीदे से या “सहीह तालीमात से”
Titus 2:2
νηφαλίους
संजीदा ज़हनी होना या “ख़ुद पर क़ाबू होना”
εἶναι…σώφρονας
...अपनी ख्वाहिशात को क़ाबू करना
ὑγιαίνοντας τῇ πίστει
यहाँ लफ्ज़ “सेहतमन्द” के मानी है मज़बूत और साबितक़दम होना। ख़ुलासा इस्म “ईमान”, “महब्बत”, और “सब्र” को फ़अल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और लाज़िम है के वो ख़ुदा की बाबत सच्ची तालीमात पर ईमान रखते हों, दूसरों को वाक़ई महब्बत करते हों, और ख़ुदा की ख़िदमत करना ज़ारी रखते हों यहाँ तक के जब चीज़ें मुश्किल हों” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)
Titus 2:3
πρεσβύτιδας ὡσαύτως
इसी तरह से, बूढ़ी औरतों को तालीम दे या “बूढ़ी औरतों को भी तालीम दे”
διαβόλους
यह लफ्ज़ उन लोगों से मुराद है जो दूसरे लोगों की बाबत बुरी बातें कहते हैं ख्वाह वो सच हो या नहीं।
οἴνῳ πολλῷ δεδουλωμένας
ऐसा शख्स जो ख़ुद पर क़ाबू नहीं कर सकता और ज़ियादा शराब पीता हो उसे इस तरह कहा गया है गोया वह शख्स शराब का ग़ुलाम था। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “और ज़ियादा शराब न पीता हो” या “और शराब का आदी न हो” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)
Titus 2:5
ἵνα μὴ ὁ λόγος τοῦ Θεοῦ βλασφημῆται
कलाम यहाँ “पैग़ाम” के लिए इस्तआरा है जो सिलसिला वार ख़ुद ख़ुदा के लिए इस्तआरा है। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके कोई ख़ुदा के कलाम की तौहीन न करे” या “ताके कोई ख़ुदा की तौहीन उसके कलाम की बाबत बुरी बातें कहने के ज़रिये न करे” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metonymy)
Titus 2:6
ὡσαύτως
तितुस को जवान मर्दों की तरबियत करनी थी जिस तरह उसे बड़ी उम्र के लोगों की तरबियत करनी थी।
Titus 2:7
σεαυτὸν παρεχόμενος
ख़ुद को दिखा
τύπον καλῶν ἔργων
एक ऐसे नमूने के तौर पर जो सहीह और मुनासिब चीज़ें करता हो
Titus 2:8
ἵνα ὁ ἐξ ἐναντίας ἐντραπῇ
यह एक ख़याली हालात की नुमाइंदगी करता है जहाँ कोई तितुस की मुखालिफ़त करता है और फिर ऐसा करने के लिए शर्मिन्दा हो जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: “ताके अगर कोई तेरी मुखालिफत करे, वह शर्मिन्दा हो जाए” या “ताके अगर लोग तेरी मुखालिफ़त करें, वो शर्मिन्दा हो जाएँ” (देखें : INVALID translate/figs-hypo)
Titus 2:9
ἰδίοις δεσπόταις
उनके अपने मालिकों
ἐν πᾶσιν
हर हालात में, या “हमेशा”
εὐαρέστους εἶναι
अपने मालिकों को ख़ुश करें या “अपने मालिकों को मुत्मईन करें”
Titus 2:10
πᾶσαν πίστιν ἐνδεικνυμένους ἀγαθήν
ज़ाहिर करें के वो अपने मालिकों के क़ाबिल ए ऐतिमाद हैं
ἐν πᾶσιν
हर एक चीज़ में जो वो करते हैं
τὴν διδασκαλίαν τὴν τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν, Θεοῦ, κοσμῶσιν
वो ख़ुदा हमारे मुनज्जी की तालीम को पुर कशिश बना सकें या “वो लोगों के लिए यह समझने का सबब बनें के ख़ुदा हमारे मुनज्जी की बाबत तालीम अच्छी है”
τὴν τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν, Θεοῦ
हमारा ख़ुदा जो हमें नजात देता है
Titus 2:11
यिसू की आमद पर नज़र करने और यिसू के वसीले से अपने इख्तियार को याद रखने के लिए पौलुस तितुस की हौसला आफज़ाई करता है।
ἐπεφάνη…ἡ χάρις τοῦ Θεοῦ
पौलुस ख़ुदा के फ़ज़ल का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक शख्स था जो दूसरे लोगों के पास जाता है। (देखें : INVALID translate/figs-personification)
Titus 2:12
παιδεύουσα ἡμᾶς
पौलुस ख़ुदा के फ़ज़ल का ज़िक्र (तितुस 2:11) इस तरह करता है गोया यह एक शख्स था जो दूसरे लोगों के पास जाता है और पाक ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए उनकी तरबियत करता है। (देखें : INVALID translate/figs-personification)
τὴν ἀσέβειαν
हमें तालीम देता है के ख़ुदा की बेईज्ज़ती न करें
τὰς κοσμικὰς ἐπιθυμίας
इस दुनिया की चीज़ों के लिए सख्त ख्वाहिशात या “गुनाहगार लज्ज़तों के लिए सख्त ख्वाहिशात”
ἐν τῷ νῦν αἰῶνι
जब के हम इस दुनिया में रहते है या “इस वक़्त के दौरान”
Titus 2:13
προσδεχόμενοι
हम ख़ुशआमदीद के लिए मुन्तज़िर हैं
καὶ ἐπιφάνειαν τῆς δόξης τοῦ μεγάλου Θεοῦ καὶ Σωτῆρος ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ
यहाँ “जलाल” ख़ुद यिसू की नुमाइंदगी करता है जो जलाली तौर पर ज़ाहिर होगा। मुतबादिल तर्जुमा: “अच्छी चीज़ें जिनकी हम उम्मीद करते हैं, यह के, हमारे अज़ीम ख़ुदा और मुनज्जी यिसू मसीह का जलाली ज़हूर” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)
Titus 2:14
ἔδωκεν ἑαυτὸν ὑπὲρ ἡμῶν
यह यिसू का अपनी मर्जी से मरने से मुराद है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुद को हमारे वास्ते मरने के लिए दे दिया” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
λυτρώσηται ἡμᾶς ἀπὸ πάσης ἀνομίας
पौलुस यिसू का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह ग़ुलामों को उनके बुरे मालिक से आज़ाद कर रहा था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
λαὸν περιούσιον
लोगों का एक गिरोह जिसे वह खज़ाने के तौर पर रखता है।
ζηλωτὴν
सख्त ख्वाहिश होना
Titus 2:15
ἔλεγχε, μετὰ πάσης ἐπιταγῆς
इस बयान को वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “पूरे इख्तियार के साथ उन लोगों को दुरुस्त कर जो ये चीज़ें नहीं करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
μηδείς σου περιφρονείτω
किसी को भी इजाज़त न दे
σου περιφρονείτω
इस बयान को वाज़े किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तेरे अल्फ़ाज़ को सुनने से इन्कार करते हैं” या “तेरा एहतराम करने से इन्कार करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)
Titus 3
तितुस 03 आम नोट
साख्त और वज़ाकारी
इस बाब में पौलुस तितुस को ज़ाती हिदायात देता है।
आयात 15 बाक़ायदा तौर पर इस ख़त का इख्तताम करता है। क़दीम में मशरिक़ के क़रीब एक ख़त को इख्तताम करने का यह एक आम तरीक़ा है।
इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात
नसबनामे
नसबनामे ऐसी फ़ेहरिस्तें हैं जो एक शख्स के आबाओ अजदाद या आल औलाद का रिकॉर्ड रखती हैं। यहूदी नसबनामों का इस्तेमाल बादशाह होने के लिए सहीह आदमी मुन्तखिब करने के लिए करते थे। वो ऐसा इस वजह से करते थे क्योंके सिर्फ़ एक बादशाह का बेटा ही आमतौर पर बादशाह बन सकता था। वो यह भी ज़ाहिर करते थे के किस क़बीले या ख़ानदान से वो आये हैं। मिशाल के तौर पर, काहिन लावी के क़बीले और हारुन के ख़ानदान से आते थे।
Titus 3:1
पौलुस तितुस को हिदायत देना ज़ारी रखता के क्रेते में उसकी देखभाल के तहत बुजुर्गों और लोगों को किस तरह तालीम देना है।
ὑπομίμνῃσκε αὐτοὺς…ὑποτάσσεσθαι
हमारे लोगों को फिर से बता जो वो पहले से जानते हैं, ताबे रहने के लिए या “ताबे रहने के लिए उन्हें याद दिलाता रह”
ἀρχαῖς, ἐξουσίαις, ὑποτάσσεσθαι, πειθαρχεῖν
जैसा सियासी हुक्मरान और सरकारी हक्काम कहते हैं उनकी अताअत करते हुए वैसा ही कर
ἀρχαῖς, ἐξουσίαις
इन अल्फ़ाज़ के मानी यकसां हैं और हुकूमत में इख्तियार रखने वाले हर फ़र्द को शामिल करने के लिए बाहम इस्तेमाल किये गए हैं।
πρὸς πᾶν ἔργον ἀγαθὸν ἑτοίμους εἶναι
जब भी मौक़ा हो नेकी करने के लिए तैयार रह
Titus 3:2
βλασφημεῖν
बुरा बोलना
Titus 3:3
ἦμεν γάρ ποτε καὶ ἡμεῖς
यह इस वजह से है के हम ख़ुद एक वक़्त में
ποτε
साबिक़न या “किसी वक़्त में” या “पेशतर”
ἡμεῖς
यहाँ तक के हम या “हम भी”
ἦμεν…ἀνόητοι
बेवक़ूफ़ थे या “ग़ैर दानिशमन्द थे”
πλανώμενοι, δουλεύοντες ἐπιθυμίαις καὶ ἡδοναῖς ποικίλαις
ऐश ओ इश्रत का ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया वो लोगों के ऊपर मालिक थे और उन लोगों को झूट बोलने के ज़रिए ग़ुलाम बना लिए थे। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “मुख्तलिफ़ ऐश ओ इश्रत ने हमसे झूट बोला था और पस हमें गुमराह किया” या “हमने ख़ुद को झूट पर यक़ीन करने की इजाज़त दी थी के मुख्तलिफ़ ऐश ओ इश्रत हमें ख़ुश कर सकते हैं, और फिर हम अपने जज़्बात को क़ाबू करने में नाकाम थे या वह चीज़ें करने से रोकने में जिसे हम सोचते थे के हमें ख़ुशी देंगी” (देखें : INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-activepassive)
ἐπιθυμίαις
शहवतें या “ख्वाहिशात”
ἐν κακίᾳ καὶ φθόνῳ διάγοντες
यहाँ “बुराई” और “हसद” गुनाह के लिए यकसां अल्फ़ाज़ हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “हम हमेशा बुरी चीज़ें करते थे और जो दूसरों के पास है उसकी चाहत रखते थे” (देखें : INVALID translate/figs-hendiadys)
στυγητοί
हम दूसरों का हमसे नफ़रत करने का बाईस बने
Titus 3:4
ὅτε…ἡ χρηστότης καὶ ἡ φιλανθρωπία ἐπεφάνη τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν, Θεοῦ
पौलुस ख़ुदा की मेहरबानी और महब्बत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो लोग थे जो हमारी नज़र में आ गए। (देखें : INVALID translate/figs-personification)
Titus 3:5
κατὰ τὸ αὐτοῦ ἔλεος
क्योंके उसने हम पर रहम किया
λουτροῦ παλινγενεσίας
पौलुस शायद गुनाहगारों के लिए ख़ुदा की मुआफ़ी का ज़िक्र कर रहा है गोया वह उन्हें जिस्मानी तौर पर धो रहा था। वह उन गुनाहगारों का भी ज़िक्र कर रहा है जो ख़ुदा के जवाबदेह बन गए गोया वह दोबारा पैदा हुए थे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Titus 3:6
οὗ ἐξέχεεν ἐφ’ ἡμᾶς πλουσίως
रूह उल क़ुद्स को एक रक़ीक़ जिसे ख़ुदा बड़ी तादाद में उंडेल सकता है, के तौर पर ज़िक्र करना नए अहदनामे के मुसन्निफ़ीन के लिए आम है। मुतबादिल तर्जुमा: “जिसे ख़ुदा ने हमें फ़य्याज़ी से दिया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
διὰ Ἰησοῦ Χριστοῦ, τοῦ Σωτῆρος ἡμῶν
जब यिसू ने हमें बचाया
Titus 3:7
δικαιωθέντες
इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंके ख़ुदा ने हमें बेगुनाह होने का ऐलान किया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)
κληρονόμοι γενηθῶμεν, κατ’ ἐλπίδα ζωῆς αἰωνίου
जिन लोगों से ख़ुदा ने वादा किया किया है उनका ज़िक्र इस तरह किया गया है गोया उन्हें ख़ानदान के किसी फ़र्द से जायदाद और दौलत विरासत में मिलना था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
Titus 3:8
ὁ λόγος
यह ख़ुदा का ईमानदारों को यिसू के वसीले से रूह उल क़ुद्स को तितुस 3:7 में देने से मुराद है।
φροντίζωσιν καλῶν ἔργων, προΐστασθαι
अच्छे काम करने की कोशिश कर सकते हैं
Titus 3:9
पौलुस वज़ाहत करता है के तितुस को क्या परहेज़ करना चाहिए और उनके साथ किस तरह सुलूक करना चाहिए जो ईमानदारों के दरमियान तकरार का सबब हैं।
δὲ…περιΐστασο
पस परहेज़ कर या “लिहाज़ा, परहेज़ कर”
μωρὰς…ζητήσεις
ग़ैर अहम मामलात से मुताल्लिक़ दलाएल
γενεαλογίας
यह खानदानी रिश्तेदारी का मुतालया है।
ἔρεις
हुज्जतें या झगड़े
νομικὰς
मूसवी शरीअत
Titus 3:10
αἱρετικὸν ἄνθρωπον…παραιτοῦ
किसी से भी दूर रह
μετὰ μίαν καὶ δευτέραν νουθεσίαν
जब तूने उस शख्स को एक या दो दफ़ा इन्तिबाह किया हो
Titus 3:11
ὁ τοιοῦτος
उस तरह का शख्स
ἐξέστραπται
पौलुस किसी का ज़िक्र करता है जो इस तरह गलतियाँ करता है गोया वह वो रास्ता छोड़ रहा हो जिस पर वह चलता आ रहा था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)
ὢν αὐτοκατάκριτος
ख़ुद पर फ़ैसला लाता है
Titus 3:12
पौलुस तितुस को यह बताते हुए के क्रेते में बुजुर्गों की तैनाती के बाद उसे क्या करना है और उनकी तरफ से मुबारकबाद देकर जो उसके साथ थे, ख़त को बन्द करता है।
ὅταν πέμψω
मेरे भेजने के बाद
Ἀρτεμᾶν…Τυχικόν
ये आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)
σπούδασον ἐλθεῖν
जल्द आ
παραχειμάσαι
सर्दियों का मौसम गुज़ारने के लिए
Titus 3:13
Ζηνᾶν…Ἀπολλῶν
यह एक आदमी का नाम है। (देखें : INVALID translate/translate-names)
σπουδαίως πρόπεμψον
भेजने में देर न कर
καὶ Ἀπολλῶν
और अपुल्लोस को भी भेज
Titus 3:14
पौलुस वज़ाहत करता है के ज़ेनास और अपुल्लोस के लिए फ़राहम करना क्यों अहम है।
οἱ ἡμέτεροι
पौलुस क्रेते में ईमानदारों का हवाला दे रहा है।
εἰς τὰς ἀναγκαίας χρείας
जिसने उन्हें उन लोगों की मदद करने के क़ाबिल बनाया जिन्हें अहम चीज़ों की फ़ौरी तौर पर ज़रुरत थी
ἵνα μὴ ὦσιν ἄκαρποι
पौलुस लोगों के नेक काम करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो अच्छे फल लगाने वाले दरख़्त थे। इस दोहरे मनफ़ी का मतलब है के उन्हें नतीजा ख़ेज़ और ज़र ख़ेज़ होना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: “ज़रूरियात; इस तरह से वो नतीजा ख़ेज़ होंगे” या “ज़रूरियात, और पस वो नेक काम करेंगे” (देखें : INVALID translate/figs-doublenegatives)
Titus 3:15
पौलुस तितुस के नाम ख़त को ख़त्म करता है।
οἱ μετ’ ἐμοῦ πάντες
सब लोग
τοὺς φιλοῦντας ἡμᾶς ἐν πίστει
मुमकिन मायने 1) “वह ईमानदार जो हमसे महब्बत करते हैं” या 2) “वह ईमानदार जो हमसे महब्बत करते है क्योंके हम एक ही अक़ीदे में शरीक हैं”।
ἡ χάρις μετὰ πάντων ὑμῶν
यह एक आम मसीही मुबारकबाद है। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा का फ़ज़ल तुम पर होता रहे” या “मेरी दुआ है के ख़ुदा तुम सब पर फ़ज़ल करेगा”