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1 Peter

1 Peter front

1 पतरस का ता’र्रुफ़

हिस्सा 1:आम ता’र्रुफ़

1 पतरस का ख़ाका

1.ता’र्रुफ़(1:1-2) ईमान वालों के लिए ख़ुदा की नजात के लिए ता’रीफ़(1:3-2:10) 1.मसीही ज़िंदगी(2:11) 1.जब परेशानी में हों तो साबित क़दमी से हौसला अफ़ज़ाई करें(4:12-5:11) 1. बंद करना(5:12-14)

1पतरस की किताब किसने लिखी है?

1पतरस की किताब रसूल पतरस ने लिखी थी। उसने असिया के ‘इलाक़े में फैले ग़ैरक़ौम मसीही को ये ख़त लिखा।

1पतरस की किताब क्या है?

पतरस ने बताया कि उसने ये ख़त, “आपकी हौसला अफ़ज़ाई और इस बात की गवाही के लिए लिखा है कि ये ख़ुदा का सच्चा फ़ज़ल है”(5:12)। उसने मसीही लोगों को ख़ुदा का की मुसलसल फ़रमाबरदारी के लिए हौसला अफ़ज़ाई की यहाँ तक कि वे तकलीफ़ में हैं। उसने यह उनसे इसलिए करने को कहा क्योंकि ‘ईसा ज़ल्द ही लौट कर आयेगा। पतरस ने मसीही लोगों को इख़्तियार में जमा’ होने के बारे में भी हिदायत दी।

इस किताब के उनवान का तर्जुमा कैसा होना चाहिए?

मुतर्जिमीन इस किताब को रिवायती उनवान “1पतरस” या “पहला पतरस” कहना पसंद कर सकते हैं या वे सही उनवान चुन सकते हैं, जैसे “पतरस की तरफ़ से पहला ख़त” या “पतरस का लिखा हुआ पहला ख़त”।(देखें: INVALID translate/translate-names

हिस्सा 2: ख़ास मज़हबी और शक़ाफ़ती ख़याल

रोम में मसीही लोगों के साथ कैसा सुलूक किया गया?

शायद पतरस तब रोम में था जब उसने यह ख़त लिखा। उसने रोम का ‘अलामती नाम “बाबुल” लिखा (5:13)। ऐसा लगता है कि पतरस ने यह ख़त लिखा था, रोमी लोग मसीही लोगों को बुरी तरह से सता रहे थे।

हिस्सा 3: तर्जुमे के ख़ास मसाइल

वाहिद और जमा’ “तुम”

इस किताब में दो जगह को छोड़ कर बाक़ी “मैं” का मतलब पतरस है: 1 पतरस 1:16 और 1 पतरस 2:6. अलफ़ाज़ “तुम” हमेशा जमा’ में है और इसका मतलब पतरस के सुनने वालों से है। (देखें:

पतरस की किताब में सबसे बड़े मसाइल क्या हैं?
  • “तुमने सच की इता’अत करके अपनी जान को पाक कर दिया। यह भाई चारे की सच्ची मुहब्बत के मक़सद के लिए था; इसलिए एक दुसरे से सच्चे दिल से मुहब्बत रखो”(1:22)। ULT, UST और बहुत से मुख़तलिफ़ अंदाज़ इस तरह से पढ़ते हैं। कुछ क़दीम अन्दाज़, “तुमने भाई चारे की सच्ची मुहब्बत के मक़सद के लिए रूह के वसीले से अपनी जान को सच्चाई की इता’अत करके पाक कर लिया है, इसलिए एक दुसरे से सच्चे दिल से मुहब्बत करो।”

    अगर ‘आम ‘इलाक़े में कलाम का तर्जुमा मौजूद हो मुतर्जिमीन को उन अंदाज़ को पढ़ते हुए ग़ौर करना चाहिए। अगर नहीं है, तो मुतर्जिमीन को मशविरा दिया जाता है नया अंदाज़ पढ़ने का ‘अमल करें।

(देखें: INVALID translate/figs-you)

1 Peter 1

1 पतरस 01 ‘आम नुक़ते

ख़ाका और बुनियाद

पतरस ने बाज़ाब्ता तौर पर आयत 1-2 में इस ख़त को पेश किया है। मुसन्निफ़ अक्सर ख़तूत का आग़ाज़ क़दीम मशरिक़ वस्ती में किया करते थे।

कुछ तर्जुमा में अश’आर की हर सतर को बाक़ी तहरीर से कहीं ज़्यादा दाहिनी तरफ़ रखते हैं ताकि पढ़ने में आसानी पैदा हो। ULT ने इसे अश’आर के साथ किया है जो पुराने ‘अहदनामे से लिया गया है 1:24-25

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

जो ख़ुदा ज़ाहिर करता है

जब ‘ईसा दोबारा आएगा तो हर कोई देखेगा कि ख़ुदा के लोगों ने ‘ईसा पर ईमान लाये थे। तब ख़ुदा के लोग देखेंगे कि ख़ुदा ने उनपर कितना अहसान किया है। तब सब लोग ख़ुदा और उसके लोगों दोनों की ता’रीफ़ करेंगे।

पाकीज़गी## ख़ुदा चाहता है कि उसके लोग पाक हों क्योंकि ख़ुदा पाक है(देखें: पाक, पाकीज़गी )### अबदियत

पतरस मसीही लोगों से कहता है कि बे उन चीज़ों के लिए ज़िन्दा रहेंगे जो हमेशा के लिए रहेंगी. और इस दुनिया की चीज़ों के लिए नहीं जीते रहेगे जो फ़ना हो जाएँगी।(देखें: अबदियत, हमेशा के लिए, हमेशा की ज़िन्दगी )

इस बाब के तर्जुमे में दीगर मुमकिन मुश्किलात@@### तज़ाद

तज़ाद एक सच्चा बयान है, जो कुछ नामुमकिन बयान ज़ाहिर करता है। पतरस लिखता है कि उसके पढने वाले एक ही वक़्त में ख़ुश होते हैं और दुखी भी(1 पतरस 1:6). वह ऐसा कहता है क्योंकि वे दुखी इसलिए हैं क्योंकि वे परेशान हैं, लेकिन वे ख़ुश इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने उस ख़ुदा को जान लिया है जो “आख़िरत के वक़्त” उन्हें बचाएगा(1 पतरस 1:5)

1 Peter 1:1

पतरस अपने आपकी शिनाख़्त मुसन्निफ़ के तौर पर करवाता है और उन ईमानदारों की शिनाख़्त और सलाम करता है जिनको वह लिख रहा है।

παρεπιδήμοις διασπορᾶς

पतरस अपने पढने वालों की ऐसे लोगों के तौर पर करता है जो बहुत से मुख़्तलिफ़ मुल्कों में अपने घरों से दूर रहते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

Καππαδοκίας…Βιθυνίας

दीगर मक़ामों के साथ पतरस जिनका ज़िक्र करता है, “कैपडोसिया” और “बिथिनिया” रोमी सूबे थे जो अब तुर्की का मुल्क है।

ἐκλεκτοῖς

जो कोई एक बार ख़ुदा बाप को चुन लेता है। ख़ुदा उन्हें अपने ‘इल्म क़ब्ल के मुताबिक़ चुन लेता है।

1 Peter 1:2

κατὰ πρόγνωσιν Θεοῦ Πατρός

उसके अपने ‘इल्म क़ब्ल के मुताबिक़

πρόγνωσιν Θεοῦ Πατρός

क़यासी इस्म ""’इल्म क़ब्ल वाक़े’"" एक ज़ुबानी जुमले के साथ तर्जुमा किया जा सकता है। मुमकिन मतलब 1 हैं) ख़ुदा ने मुक़र्रर किया था कि वक़्त से पहले क्या होगा। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा बाप ने पहले क्या फ़ैसला लिया था"" या 2) ख़ुदा जानता था कि वक़्त से पहले क्या होगा। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा बाप पहले से क्या जानता था"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ῥαντισμὸν αἵματος Ἰησοῦ Χριστοῦ

यहाँ “ख़ून” का मतलब ‘ईसा की मौत से है। जैसे मूसा ने बनी इस्राईल के पर ख़ुदा के अपने ‘अहद का ख़ून छिड़का था, इस तरह ‘ईसा की मौत की बजह से ईमान वाले ख़ुदा के साथ ‘अहद बाँधे हुए हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metonymyऔर INVALID translate/figs-metaphor)

χάρις ὑμῖν καὶ εἰρήνη πληθυνθείη

इस मज़मून में फ़ज़ल की बात की गयी है जैसे ईमानदारों के पास एक ऐसी चीज़ है जिसमें वे आबाद हो सकते हैं और गोया ये ऐसी चीज़ है जिसकी मिक़दार में इज़ाफ़ा हो सकता है। बेशक, फ़ज़ल हक़ीक़त में ख़ुदा के साथ ईमानदारों के साथ जिस तरह का सुलूक करता है, और अमन वो है जिस तरह ईमानदार ख़ुदा के साथ हिफ़ाज़त और ख़ुशी से रहते हैं।(देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Peter 1:3

पतरस ईमानदारों की नजात और ईमान के बारे में बात करता है। यहाँ वो तम्सील की तफ़सील करता है जिसमें ख़ुदा ने तमाम ईमानदारों लिए जो वा’दा किया है उसके बारे में गोया इस तरह कहा जाता है गोया ये विरासत है कि वह उनको देता है।

τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ…ἀναγεννήσας ἡμᾶς

यहाँ अल्फ़ाज़ “हमें” और “हमारा” का ता’ल्लुक़ पतरस से है और उनसे जिनको वह लिख रहा है।

ἀναγεννήσας ἡμᾶς

उसने हमें दोबारा पैदा करने का सबब बनाया है।

1 Peter 1:4

εἰς κληρονομίαν

तुम किसी फ़े’ल का इस्ते’माल करके इसका तर्जुमा कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “हमें ऐतमाद के साथ मीरास मिलने का भरोसा है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns )

κληρονομίαν

ख़ुदा ने जो ईमानदारों से वा’दा किया है उसको हासिल करने की बात इस तरह की जाती है गोया ये खानदान के फ़र्द से जायदाद और दौलत विरासत में है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor )

ἄφθαρτον, καὶ ἀμίαντον, καὶ ἀμάραντον

विरासत कुछ ऐसी हैसियत को बताने के लिए पतरस ने इस तरह जे तीन जुमलों का इस्ते’माल करता है जो कामिल और अबदी हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor )

τετηρημένην ἐν οὐρανοῖς εἰς ὑμᾶς

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुमको आसमान में महफ़ूज़ कर रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive )

1 Peter 1:5

τοὺς ἐν δυνάμει Θεοῦ φρουρουμένους

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा तुम्हारी हिफ़ाज़त कर रहा है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἐν δυνάμει Θεοῦ

यहाँ “क़ुव्वत” कहने का तरीक़ा है कि ख़ुदा मज़बूत और ईमान वालों की हिफ़ाज़त करने के लायक़ है। (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

διὰ πίστεως

यहाँ “ईमान” का ता’ल्लुक़ उस हक़ीक़त है कि ईमानदार मसीह पर भरोसा करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे ईमान की वजह से” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἑτοίμην ἀποκαλυφθῆναι

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “वो ख़ुदा ज़ाहिर होने के लिए तैयार है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 1:6

ἐν ᾧ ἀγαλλιᾶσθε

लफ़्ज़ “यह” की मुराद सब बरकतों से है जिनका बयान पतरस ने पिछली आयात में किया है” (देखें: @)

1 Peter 1:7

ἵνα τὸ δοκίμιον ὑμῶν τῆς πίστεως

ठीक उसी तरीक़े से जैसे आग सोने को चमकाती है, मुश्किलें ईमानदारों के ईमान को परखती हैं कि वो मसीह पर कितनी अच्छी तरह भरोसा करते हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ δοκίμιον ὑμῶν τῆς πίστεως

ख़ुदा ईमानदारों की आज़माइश करना चाहता है कि वो कितनी अच्छी तरह से मसीह पर ईमान रखते हैं।

τῆς πίστεως πολυτιμότερον χρυσίου τοῦ ἀπολλυμένου, διὰ πυρὸς…δοκιμαζομένου

ईमान सोने से ज़्यादा क़ीमती है, क्योंकि सोना हमेशा क़ायम नहीं रहता, यहाँ तक कि ये आग में चमकाया गया हो।

εὑρεθῇ εἰς ἔπαινον, καὶ δόξαν, καὶ τιμὴν

मुमकिन मतलब हैं 1) ये कि “ख़ुदा तुमको बहुत बलन्द ‘इज़्ज़त देगा” तुम्हारे ईमान की वजह से या 2) ये कि “तुम्हारा ईमान ता’रीफ़, शान, और इज़्ज़त लायेगा खुदा के लिए।

ἐν ἀποκαλύψει Ἰησοῦ Χριστοῦ

जब ‘ईसा मसीह ज़ाहिर होगा। इसका मतलब ‘ईसा मसीह की वापसी से है। इसका इज़हार भी फ़’आल की शक्ल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ‘ईसा मसीह सब लोगों पर ज़ाहिर होगा” (देखे: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 1:8

χαρᾷ ἀνεκλαλήτῳ καὶ δεδοξασμένῃ

हैरतंगेज़ ख़ुशी जो अलफ़ाज़ ज़ाहिर नहीं कर सकते हैं

1 Peter 1:9

σωτηρίαν ψυχῶν

यहाँ लफ़्ज़ “जानो” का ता’ल्लुक़ सब लोगों से है। ज़हनी इस्म “नजात” का तर्जुमा फ़े’अल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारी नजात” या “ख़ुदा के ज़रिए’ तुमको बचाना” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

σωτηρίαν

ये अल्फ़ाज़ ख़याल को इस तरह पेश करते हैं जैसे ये कोई चीज़ हो। हक़ीक़त में “नजात” से मुराद है ख़ुदा ने हमें बचाया, या इसके नतीज़े के तौर पर क्या होता है।

1 Peter 1:10

σωτηρίας…χάριτος

ये अल्फ़ाज़ दो ख़यालात पेश करते हैं गोया वो चीज़ें या सामान हों। हक़ीक़त में, “नजात” से मुराद ख़ुदा के ज़रिए हमें बचाने के काम से है, या इसके नतीज़े में क्या होता है। इसी तरीक़े से “फ़ज़ल” की मुराद ख़ुदा ईमानदारों के साथ जो सुलूक करता है।

ἐξεζήτησαν καὶ ἐξηραύνησαν

लफ़्ज़ “होशियारी से दरियाफ़्त करना” का मतलब बुनियादी तौर पर वही चीज़ है जो “तलाश किया गया” का है। इन अल्फ़ाज़ मिलकर इस बात पर ज़ोर दिया है कि नबियों ने नजात को समझने की कितनी शिद्दत से कोशिस की है। मुतबादिल तर्जुमा: “बहुत ग़ौर से आज़माना” (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

1 Peter 1:11

पतरस नबियों की नजात बारे में मुसलसल बात करता है

ἐραυνῶντες

उन्होंने फ़ैसला करने की कोशिश की

τὸ…Πνεῦμα Χριστοῦ

यह मज़मून पाक रूह के लिए है।

1 Peter 1:12

οἷς ἀπεκαλύφθη

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “

εἰς ἃ ἐπιθυμοῦσιν ἄγγελοι παρακύψαι

वो फ़रिश्ते समझना चाहते हैं

1 Peter 1:13

διὸ ἀναζωσάμενοι

इसकी वजह से, कमर। पतरस यहाँ लफ़्ज़ “इतना” का इस्ते’माल हर चीज़ का ज़िक्र करते हुए किया जो उसने नजात इनके ईमान रूह नबियों के ज़ाहिर होने के बारे में कहा है।

ἀναζωσάμενοι τὰς ὀσφύας τῆς διανοίας ὑμῶν

कमर कसने का मतलब है सख़्त मेहनत की तैयारी। किसी के लिबास के नीचे कमर के आस-पास पट्टी बाँधते हैं ताकि आसानी से हरकत कर सके। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने ज़हनो को तैयार रखें” (देखे: INVALID translate/figs-idiom)

νήφοντες

यहाँ लफ़्ज़ “सोबर” का मतलब ज़हनी बज़ाहत और होशियार होना है। मुतबादिल तर्जुमा: “अपने ख़यालों पर क़ाबू रखना” या “जो तुम सोच रहे हो उसके बारे में होशियार रहो” (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

τὴν φερομένην ὑμῖν χάριν

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “वह फ़ज़ल जो ख़ुदा तुम्हारे लिए लाया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

τὴν φερομένην ὑμῖν χάριν

यहाँ ख़ुदा ने ईमानदारों के साथ हलीम सुलूक करने के तरीक़े के बारे में बताया गया गोया इस तरह कहा जाता है जैसे ये कोई चीज़ हो कि वो उनके पास लायेगा। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν ἀποκαλύψει Ἰησοῦ Χριστοῦ

इससे मुराद जब मसीह वापस आता है। इसका इज़हार एक फ़’आल शक्ल के साथ ज़ाहिर किया जा सकता है। देखें इसका तर्जुमा तुमने 1 पतरस 1:7 में कैसे किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “जब ‘ईसा मसीह सब लोगों पर ज़ाहिर होता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 1:14

μὴ συνσχηματιζόμενοι ταῖς…ἐπιθυμίαις

एक ही चीज़ की ख़्वाहिश न करो। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़्वाहिशात की तस्कीन के लिए ज़िन्दा न रहो” (देखें:INVALID translate/figs-idiom)

1 Peter 1:16

διότι γέγραπται

इसकी मुराद कलाम में ख़ुदा के पैग़ाम से है। ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के कहने के मुताबिक़” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἅγιοι ἔσεσθε, ὅτι ἐγὼ ἅγιος

यहाँ अल्फ़ाज़ “मैं” का मतल+ख़ुदा है।

1 Peter 1:17

τὸν τῆς παροικίας ὑμῶν χρόνον ἀναστράφητε

पतरस अपने पढ़ने वालों को कहता है कि लोग अपने घर से दूर किसी परदेश में रहते है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम अपने हक़ीक़ी घर से दूर रह कर वक़्त का इस्ते’माल करें” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor )

1 Peter 1:18

ἐλυτρώθητε

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने तुम्हें छुड़ाया है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive )

1 Peter 1:19

τιμίῳ αἵματι…Χριστοῦ

यहाँ “ख़ून” की मुराद ‘ईसा की सलीबी मौत से है।

ὡς ἀμνοῦ ἀμώμου καὶ ἀσπίλου

‘ईसा क़ुर्बानी के तौर पर मर गया ताकि ख़ुदा लोगों के गुनाह मु’आफ़ करे। मुतबादिल तर्जुमा: “यहूदियों ने बेइल्ज़ाम या बेदाग बर्रे की तरह उसे क़ुर्बान किया।” (देखें:INVALID translate/figs-metonymy)

ἀμώμου καὶ ἀσπίλου

पतरस मसीह की पाकीज़गी ज़ाहिर करने के लिए एक ही ख़याल को दो मुख़तलिफ़ तरीकों से इस्ते’माल करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “बिना कमियों के “ (देखें:INVALID translate/figs-simile)

1 Peter 1:20

προεγνωσμένου

ये फ़’आल इस्म में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा ने मसीह को चुना” (देखें:INVALID translate/figs-doublet)

πρὸ καταβολῆς κόσμου

तुम इसका तर्जुमा ज़ुबानी जुमले के साथ कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा के दुनिया की तख़लिक करने से पहले” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

φανερωθέντος…δι’ ὑμᾶς

इसका बयान फ़’आल इस्म में किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “खुदा उसे तुम पर ज़ाहिर किया है” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

φανερωθέντος…δι’ ὑμᾶς

पतरस का मतलब ये नहीं है कि उसके पढने वाले मसीह को देखा है, लेकिन उन्होंने उसके बारे में सच्चाई सीखी है। (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 1:21

τὸν ἐγείραντα αὐτὸν ἐκ νεκρῶν

यहाँ ऊपर उठाने के लिए मुहावरा है जिसमें किसी की इन्तकाल हो गया हो जो फिर से ज़िन्दा हो गया हो। मुतबदिल तर्जुमा: “जिसने उसे दुबारा ज़िन्दा रहने का ज़रिया बनाया ताकि वह अब मुर्दों में से न रहे”

καὶ δόξαν αὐτῷ δόντα

और उसे बरकत दी या “और दिखाया कि वह बाबरकत है। (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Peter 1:22

τὰς ψυχὰς ὑμῶν ἡγνικότες

यहाँ लफ़्ज़ “जान” का मतलब सब लोगों से है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम अपने आपको पाक बनाओ” (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche)

ἡγνικότες

यहाँ पाकीज़गी का ख़याल का मतलब ख़ुदा को क़ुबूल करना है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τῇ ὑπακοῇ τῆς ἀληθείας

तुम इसका तर्जुमा ज़ुबानी जुमले का इस्ते’माल करके कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “सच्चाई का ‘अमल करके” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

φιλαδελφίαν

इसका ता’ल्लुक़ ईमान वालों के बीच मुहब्बत से है।

ἐκ…καρδίας, ἀλλήλους ἀγαπήσατε ἐκτενῶς

यहाँ “दिल” एक इंसान के ख़याल और जज़्बात के लिए लक़ब है। किसी को “दिल से” मुहब्बत करने का मतलब है किसी को पूरी शिद्दत से मुहब्बत करना। मुतबादिल तर्जुमा: “एक दुसरे से सच्चे दिले और पूरी शिद्दत से मुहब्बत करो” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

1 Peter 1:23

ἀναγεγεννημένοι, οὐκ ἐκ σπορᾶς φθαρτῆς, ἀλλὰ ἀφθάρτου

मुमकिन मतलब हैं कि पतरस कलाम के बारे में बात करता है या 1) एक पौदे के बीज की तरह जो बड़ा होता है और ईमानदारों में नई ज़िन्दगी पैदा करता है या 2) जैसा कि एक मर्द ‘औरत के अन्दर छोटे ख़लयात जो एक दुसरे से मिलकर औरत के अंदर बच्चे के बढ़ने का ज़रिया’ बनते हैं.

ἀφθάρτου

बीज जो न सड़ेगा या सूखेगा या मरेगा।

διὰ λόγου ζῶντος Θεοῦ, καὶ μένοντος

पतरस ख़ुदा के कलाम की बात करता है जैसे कि वह हमेशा के लिए ज़िन्दा था। हक़ीक़त में, यह ख़ुदा है जो हमेशा के लिए रहता है, और जिसकी हिदायत और वा’दे अबद तक चलते रहते हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 1:24

इन आयात में पतरस ने यशा’याह नबी के एक मजमून की मिसाल दी है जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने उनके बारे में जो कहा है कि उनकी पैदाइश होना नामुमकिन है।

πᾶσα σὰρξ ὡς χόρτος, καὶ πᾶσα…αὐτῆς

लफ़्ज़ ""जिस्म"" इंसानियत को ज़ाहिर करता है। यशा’याह नबी ने इन्सानित की मिसाल घास से दी जो जल्दी पकती है और मर जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: ""सभी लोग घास की तरह मर जाएंगे, और उनके सभी लोग"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metonymy)

δόξα…ὡς ἄνθος χόρτου

यहाँ ""जलाल"" लफ़्ज़ हुस्न या अच्छाई को ज़ाहिर करता है। यशा’याह उन चीज़ों का मुक़ाबला करता है जिन्हें लोग इंसानियत के बारे में अच्छा या हसीन मानते हैं जो जल्दी मर जाते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""अच्छाई जल्द ही बंद हो जाती है, जैसे फूल जल्द ही मर जाते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-simile)

1 Peter 1:25

τὸ…ῥῆμα Κυρίου

वह पैग़ाम जो ख़ुदा की तरफ़ से है।

τὸ εὐαγγελισθὲν

इसका बयान फ’आल इस्म में किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: “कलाम जो हमने मुक़र्रर किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 2

1 पतरस 02 ‘आम नुक़ते

ख़ाका और बुनियाद

कुछ मुतर्जिम ने अश’आर की हर सतर को बाक़ी तहरीर से कहीं ज़्यादा दाहिनी तरफ़ रखते हैं ताकि पढ़ने में आसानी पैदा हो। ULT ने इसे अश’आर के साथ किया है जो पुराने ‘अहदनामे से 2,6,7,8 और 22 से लिया गया है।

कुछ मुतर्जिम ने अश’आर की हर सतर को बाक़ी तहरीर से कहीं ज़्यादा दाहिनी तरफ़ रखते हैं ताकि पढ़ने में आसानी पैदा हो। ULT ने इसे अश’आर के साथ किया है ULT 2:10

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

पत्थर

कलाम कलीसिया के लिए एक मिसाल के तौर पर बड़े पत्थरों से बनी एक ‘इमारत का इस्ते’माल करता है। ‘ईसा बुनियाद है, सबसे ख़ास पत्थर है। रसूल और नबी नींव हैं, घर का वह हिस्सा जिस पर बाक़ी सभी पत्थर आराम करते हैं। इस बाब में, मसीह ‘इमारत की दीवारों को बनाने वाले पत्थर हैं। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और कोने का पत्थर, ख़ास पत्थर और ता’मीर करना, ता’मीर की, ता’मीर करने वाला, बुनियाद, बुनियादें )

इस बाब में ख़ास अजज़ाये कलाम

दूध और बच्चे

जब पतरस अपने पढ़ने को ""पाक रूहानी दूध के लिए लंबे ’अरसे से कहता है,"" वह मिसाल का इस्ते’माल कर रहा है एक बच्चा अपनी माँ के दूध को तरस रहा था। पतरस चाहता है कि मसीही ख़ुदा के कलाम को उसी तरह तरसें, जिस तरह एक बच्चा दूध को तरसता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:1

पतरस मुसलसल अपने पढ़ने वालों को पाकीज़गी और फ़रमाबरदारी की ता’लीम दे रहा है।

ἀποθέμενοι οὖν πᾶσαν κακίαν, καὶ πάντα δόλον, καὶ ὑποκρίσεις, καὶ φθόνους, καὶ πάσας καταλαλιάς

इन गुनाह के कामो की बात की जाती है जैसे कि वे ऐसी चीज़ें थीं जिन्हें लोग फेंक सकते थे। यहाँ ""इसलिए"" लफ़्ज़ का मतलब उस सब कुछ से है जो पतरस ने पाक और फ़रमाबरदार होने के बारे में कहा है। मुतबादिल तर्जुमा: ""तो फिर, बुराई, और रियाकारी, और हसद, और सभी गालियों से नजात पाएं"" या ""तो फिर, बुराई करना बंद करो, या धोखेबाज़ी, या रियाकारी होने, या हसद, या बदनामी हो रही है"" (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:2

ὡς ἀρτιγέννητα βρέφη τὸ λογικὸν ἄδολον γάλα ἐπιποθήσατε

पतरस अपने पढने से बात करता है जैसे कि वे बच्चे थे। बच्चों को बहुत अच्छे खाने की ज़रूरत होती है, जिसे वे आसानी से पचा सकते हैं। उसी तरह, ईमानदारों को ख़ुदा के कलाम से अच्छी ता’लीम की ज़रूरत है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जैसे बच्चे अपनी माँ की छाती के दूध के लिए लंबे वक़्त तक रहते हैं, इसलिए आपको अच्छे रूहानी दूध के लिए तरसना होगा"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπιποθήσατε

शिद्दत से आरज़ू करना या “के लिए ख्व़ाहिश”

τὸ λογικὸν ἄδολον γάλα

पतरस कलाम के बारे में कहता है गोया ये रूहानी दूध जो जो बच्चे की परवरिश करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor )

αὐξηθῆτε εἰς σωτηρίαν

यहाँ लफ़्ज़ “नजात” का मतलब है जब ख़ुदा अपने लोगों की मुकम्मल नजात करता है जब ‘ईसा वापस आता है। (देखे 1 पतरस 1:5)। वे तेज़ी से इन तरीक़ों पर ‘अमल करते थे जो नजात के मुताबिक़ थे। तुम उसे ज़बानी जुमले में तर्जुमा कर सकते हो। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम तब तक रूहानी तौर पर तरक़्क़ी जाओगे जब तक ख़ुदा तुम्हे मुकम्मल नजात न दे दे” (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns )

αὐξηθῆτε

पतरस ईमानदारों की बात करता है कि वे ख़ुदा के ‘इल्म में आगे बढ़ते हैं और उसके लिए भरोसेमन्द होते हैं जैसे कि वे बड़े हो रहे थे। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:3

εἰ ἐγεύσασθε ὅτι χρηστὸς ὁ Κύριος

यहां ज़ायका का मतलब ज़ाती तौर से कुछ सीखना है। मुतबादिल तर्जुमा: ""अगर तुमने अपने लिए ख़ुदा के रहम का अनुभव किया है"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:4

पतरस ने ‘ईसा और ईमानदारों के ज़िन्दा पत्थरों के बारे में एक मिसाल बताना शुरू’ किया। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

πρὸς ὃν προσερχόμενοι λίθον ζῶντα

पतरस ‘ईसा की बात करता है जैसे कि वह एक ‘इमारत में एक पत्थर था। मुतबादिल तर्जुमा: ""उसके पास आओ जो एक ‘इमारत में पत्थर की तरह है, लेकिन ज़िन्दा है, एक मुर्दा पत्थर नहीं है"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ὃν…λίθον ζῶντα

मुमकिन मतलब 1) ""जो एक पत्थर है जो ज़िन्दा है"" या 2) ""जो एक पत्थर है जो ज़िन्दगी देता है।

ὑπὸ ἀνθρώπων μὲν ἀποδεδοκιμασμένον

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “जो लोग ठुकराए गए” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

παρὰ δὲ Θεῷ ἐκλεκτὸν

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “लेकिन उनको ख़ुदा ने चुन लिया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 2:5

καὶ αὐτοὶ…οἰκοδομεῖσθε, οἶκος πνευματικὸς

जिस तरह लोग पुराने ‘अहदनामे में हैकल बनाने के लिए पत्थरों का इस्ते’माल करते थे, वैसे ही ईमानदार वे हैं चीज़ें जिनका इस्ते’माल ख़ुदा उस घर की ता’मीर में कर रहा है जिसमें वो रहेगा। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

καὶ αὐτοὶ ὡς λίθοι ζῶντες

पतरस अपने पढ़ने वालों की मिसाल उन पत्थरों से करता है जो ज़िन्दा हैं। (देख: INVALID translate/figs-simile)

οἰκοδομεῖσθε, οἶκος πνευματικὸς

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “जो ख़ुदा ने रूहानी घर ता’मीर किया है

ἱεράτευμα ἅγιον ἀνενέγκαι πνευματικὰς θυσίας

यहां काहिनो की हालत काहिनो के लिए है जो अपने ‘आमाल को पूरा करते हैं। (देख: INVALID translate/figs-metonymy)

1 Peter 2:6

διότι περιέχει ἐν Γραφῇ

कलाम की बात की जाती है जैसे कि वे एक डिब्बा थे। यह जुमला उन अल्फ़ाज़ को बयान करता है जो एक इन्सान कलाम में पढ़ता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""यह वही है जो एक पैगंबर ने कलामों में बहुत पहले लिखा था"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἰδοὺ

यहाँ लफ़्ज़ “देखें” हमें

λίθον, ἀκρογωνιαῖον ἐκλεκτὸν ἔντιμον

ख़ुदा वह है जिसने पत्थर को चुना। मुतबादिल तर्जुमा: ""एक सबसे ख़ास बुनियाद, जिसे मैंने चुना है"" (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

λίθον, ἀκρογωνιαῖον

पैगंबर एक ‘इमारत में सबसे ख़ास पत्थर के रूप में मसीहा की बात करते हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:7

पतरस कलाम से बयान करना जारी रखता है।

λίθος ὃν ἀπεδοκίμασαν…ἐγενήθη εἰς κεφαλὴν γωνίας

यह एक मिसाल है जिसका मतलब है कि लोगों ने, मे’मारों की तरह, ‘ईसा को नज़रंदाज़ कर दिया, लेकिन ख़ुदा ने उसे एक ‘इमारत में सबसे ख़ास पत्थर बना दिया है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-explicit)

λίθος ὃν ἀπεδοκίμασαν οἱ οἰκοδομοῦντες

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “पत्थर जो मे’मारों ने ठुकरा दिया था” (देखें:INVALID translate/figs-activepassive)

κεφαλὴν γωνίας

यह एक ‘इमारत में सबसे ख़ास पत्थर का बयान करता है और ख़ास तौर से [1 पतरस 2: 6] (../ 02 / 06.md) में ""बुनियाद"" की तरह है।

1 Peter 2:8

λίθος προσκόμματος, καὶ πέτρα σκανδάλου

ये दो जुमले एक तरह मतलब बताते हैं। साथ में वे ज़ोर देते हैं कि लोग इस ""पत्थर"" पर गुनाह करेंगे, जो ‘ईसा के बारे में बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""एक पत्थर या एक चट्टान जिस पर लोग ठोकर खाएंगे"" (देखें: INVALID translate/figs-explicit और INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-metaphor)

προσκόπτουσιν τῷ λόγῳ ἀπειθοῦντες

यहाँ ""लफ़्ज़"" ख़ुशख़बरी के पैग़ाम को बयान करता है। नाफ़रमानी करने का मतलब है कि वे ईमान नहीं करते हैं। ""ठोकर क्योंकि वे ‘ईसा के बारे में पैग़ाम पर ईमान नहीं कर रहे हैं

εἰς ὃ…ἐτέθησαν

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जिसके लिए ख़ुदा ने उन्हें चुना "" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 2:9

आयत 10 में पतरस ने नबी होशे’अ की एक आयत का बयान किया है। कुछ जदीद अंदाज़ ढांचे इस जुमले की शक्ल में ज़ाहिर नहीं करते हैं, जो क़ाबिल-ए-क़ुबूल भी है।

γένος ἐκλεκτόν

आप साबित कर सकते हैं कि ख़ुदा वही है जिसने उन्हें चुना है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ऐसे लोग जिन्हें ख़ुदा ने चुना है"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

βασίλειον ἱεράτευμα

मुमकिन मतलब 1 हैं ""बादशाहों की जमा’अत और काहिनों की एक जमा’अत"" या 2) ""बादशाहों की ख़िदमत करने वाले काहिनों की जमा’अत।

λαὸς εἰς περιποίησιν

एक शख़्स जो ख़ुदा में रहता है।

ἐκ…ὑμᾶς καλέσαντος

तुम्हें बाहर आने को किसने पुकारा।

ἐκ σκότους…εἰς τὸ θαυμαστὸν αὐτοῦ φῶς

यहाँ ""अंधेरा"" उनकी हालत को गुनाहगार लोगों की शक्ल में बताता है जो ख़ुदा को नहीं जानते थे, और ""नूर"" उनकी हालत को उन लोगों की शक्ल में ज़ाहिर करता है जो ख़ुदा को जानते हैं और रास्तबाज़ी की कसरत करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""गुनाह की ज़िन्दगी से और उसे जानने और ख़ुश करने के ज़िन्दगी के लिए ख़ुदा की बे’इल्मी"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:11

पतरस के बारे में बात करना शुरू’ करता है कि कैसे मसीही ज़िन्दगी जीना है।

παροίκους καὶ παρεπιδήμους

इन दो अल्फ़ाज़ का मतलब बुनियादी शक्ल में एक ही बात है। पतरस अपने पढ़ने वालों के बारे में बोलता है जो लोग अपने घर से दूर बैरूनी सरज़मी में रह रहे हैं। देखें कि आपने ""[1 पतरस 1: 1] (..// 01 / 01.md) में"" बैरूनी ""का तर्जुमा कैसे किया। (देखें: INVALID translate/figs-doublet और INVALID translate/figs-metaphor)

ἀπέχεσθαι τῶν σαρκικῶν ἐπιθυμιῶν

यहाँ जिस्म का ख़याल इस गुनाहगार दुनिया में इंसानियत के गुनाहगार के ज़हन को ज़ाहिर है। मुतबादिल तर्जुमा: ""गुनाहगार ख़्वाहिशों को देने के लिए नहीं"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

στρατεύονται κατὰ τῆς ψυχῆς

यहाँ ""रूह"" लफ़्ज़ एक इन्सान के रूहानी ज़िन्दगी को ज़ाहिर है। पतरस गुनाहगार ख़्वाहिशों को फौज़ी की शक्ल में बोलता है जो ईमानदारों की रूहानी ज़िन्दगी को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""अपने रूहानी ज़िन्दगी को ख़त्म करना चाहते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:12

τὴν ἀναστροφὴν ὑμῶν…ἔχοντες καλήν

क़यासी इस्म ""सुलूक"" का तर्जुमा फ़े’अल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""आपको अच्छा सुलूक करना चाहिए"" या ""आपको अच्छे तरीक़े से सुलूक करना चाहिए"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἐν ᾧ καταλαλοῦσιν ὑμῶν ὡς

अगर वे आप पर आरोप लगाते हैं

ἐκ τῶν καλῶν ἔργων ἐποπτεύοντες

क़यासी इस्म ""’अमल"" का तर्जुमा एक फ़े’अल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""वे आपके ज़रिए’ की जाने वाली अच्छी चीज़ों को मुन्तख़ब कर सकते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἐν ἡμέρᾳ ἐπισκοπῆς

जिस दिन वह आएगा। यह उस दिन को ज़ाहिर करता है जब ख़ुदा सभी लोगों का इन्साफ़ करेगा। मुतबादिल तर्जुमा: ""जब वह सबका इन्साफ़ करने के लिए आता है"" (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

1 Peter 2:13

διὰ τὸν Κύριον

मुमकिन मतलब 1) है कि इंसानी इख़्तियार वालों का ‘अमल करते हुए, वे ख़ुदावन्द का फ़रमाबरदारी कर रहे हैं जिन्होंने उन इख़्तियार वालों को ता’मीर किया या 2) कि इंसानी इख़्तियार वालों की फ़रमाबरदारी करने से, वे ‘ईसा की ‘इज़्ज़त करेंगे जिन्होंने इंसानी इख़्तियार वालों की भी फ़रमाबरदारी की।

βασιλεῖ ὡς ὑπερέχοντι

‘आला इंसानी इख़्तियार की शक्ल में बादशाह होता है

1 Peter 2:14

δι’ αὐτοῦ πεμπομένοις, εἰς ἐκδίκησιν

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जिसे बादशाह ने सज़ा देने के लिए भेजा है"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 2:15

ἀγαθοποιοῦντας φιμοῦν τὴν τῶν ἀφρόνων ἀνθρώπων ἀγνωσίαν

अच्छा करने से आप बेवक़ूफ़ लोगों को उन चीज़ों के बारे में बोलने से रोकते हैं जो वे नहीं जानते हैं

1 Peter 2:16

ὡς ἐπικάλυμμα…τῆς κακίας

पतरस अपनी हालत को आज़ाद लोगों की शक्ल में कुछ ऐसा कहता है जिसका इस्ते’माल उन्हें गुनाहगार सुलूक को छिपाने के लिए नहीं करना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: ""बुरे काम करने के बहाने के तौर पर"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 2:17

τὴν ἀδελφότητα

यह सभी मसीही ईमानदारों का बयान करता है।

1 Peter 2:18

पतरस ख़ास तौर से उन लोगों से बात करना शुरू’ करता है जो लोगों के घरों में नौकर हैं।

τοῖς ἀγαθοῖς καὶ ἐπιεικέσιν

यहाँ लफ़्ज़""अच्छा"" और ""हलीम"" एक ही मतलब को को ज़ाहिर करते हैं और इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ऐसे मालिक अपने ख़ादिमों के साथ हलीमी से पेश आते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""बहुत रहमदिल मालिक "" (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

τοῖς σκολιοῖς

बेरहम लोग या ""मतलबी

1 Peter 2:19

τοῦτο…χάρις

यह ता’रीफ़ के लायक़ है या ""यह ख़ुदा को ख़ुश करता है

διὰ συνείδησιν Θεοῦ, ὑποφέρει…λύπας

ख़ास जुमले के मुमकिन मतलब 1 हैं) कि यह इन्सान दुख को क़ुबूल करता है क्योंकि वह जानता है कि वह ख़ुदा की फ़रमा बरदारी करता है या 2) कि यह इन्सान नाइन्साफ़ी सज़ा सहने के लायक़ है क्योंकि वह जानता है कि ख़ुदा जानता है कि वह कैसे मुसीबत में है।

1 Peter 2:20

ποῖον γὰρ κλέος, εἰ ἁμαρτάνοντες καὶ κολαφιζόμενοι ὑπομενεῖτε

पतरस इस सवाल पर ज़ोर देने के लिए कहता है कि कुछ ग़लत करने के लिए दुखी होने के बारे में कुछ भी ता’रीफ़ के लायक़ नहीं है। मुतबादिल तर्जुमा: ""इसके लिए कोई फल नहीं है ... जबकि सज़ावार किया जा रहा है।"" (देख: INVALID translate/figs-rquestion)

κολαφιζόμενοι

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “जब कोई तुमको सज़ा देता है”(देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

πάσχοντες ὑπομενεῖτε

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""तुम दुखी हो जब कोई तुमको सज़ा देता है"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 2:21

पतरस ऐसे लोगों से बात करता रहता है जो लोगों के घरों में नौकर हैं।

εἰς τοῦτο…ἐκλήθητε

यहाँ लफ़्ज़""यह"" अच्छा करने के लिए दुखी होने के दौरान ईमान करने वाले ईमानदारों का बयान करता है, जैसा कि पतरस ने सिर्फ ज़िक्र किया है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा ने तुमको इसके लिए बुलाया है "" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὑμῖν…ἵνα ἐπακολουθήσητε τοῖς ἴχνεσιν αὐτοῦ

इसलिए तुम उसके नक़्शे क़दम पर चलो. पतरस ‘ईसा की मिसाल के ज़रिए’ इस तरीक़े पर चलने की बात करता है जिस तरह उसे तकलीफ़ होती है गोया कोई उसी रस्ते पर चल रहा है जिस पर ‘ईसा ने क़दम उठाया था। मुतबादिल तर्जुमा: “ताकि तुम उसके तर्ज़-ए-‘अमल की तक़लीद।

1 Peter 2:22

οὐδὲ εὑρέθη δόλος ἐν τῷ στόματι αὐτοῦ

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “न ही किसी को उसके मुंह में धोका देही मिली” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

οὐδὲ εὑρέθη δόλος ἐν τῷ στόματι αὐτοῦ

यहां ""फ़रेब"" उन अल्फ़ाज़ का बयान करता है जो एक इन्सान बोलता है जिसका मक़सद और लोगों को धोखा देना है। मुतबादिल तर्जुमा: ""न तो उसने कोई झूठ बोला"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 2:23

ὃς λοιδορούμενος, οὐκ ἀντελοιδόρει

किसी को ""ज़ाहिर"" करने के लिए किसी दूसरे इन्सान को गंदे लफ़्ज़ बोलना है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जब लोगों ने उनका बेइज़्ज़त किया, तो उन्होंने उनका बे’इज़्ज़ती नहीं किया"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

παρεδίδου…τῷ κρίνοντι δικαίως

उसने ख़ुद को उसी के हवाले कर दिया, जो मुंसिफ़ है। इसका मतलब यह है कि उसने ख़ुदा पर भरोसा किया कि वह अपनी शर्म को दूर करे, जो उन लोगों के ज़रिए’ उन पर लगाया गया था जिन्होंने उनके साथ कठोर सुलूक किया था।

1 Peter 2:24

पतरस ‘ईसा मसीह के बारे में बात करना जारी रखता है। वह अभी भी उन लोगों से बात कर रहे हैं जो नौकर हैं।

ὃς…αὐτὸς

यह ‘ईसा का ज़िक्र करता है, ज़ोर देने के साथ। (देख: INVALID translate/figs-activepassive)

τὰς ἁμαρτίας ἡμῶν…ἀνήνεγκεν ἐν τῷ σώματι αὐτοῦ ἐπὶ τὸ ξύλον

यहाँ ""हमारे गुनाह उठा लिए"" का मतलब है कि उसने हमारे गुनाहों की सज़ा अपने सर ले ली। मुतबादिल तर्जुमा: ""पेड़ पर उसके जिस्म में हमारे गुनाहों की सजा भुगतनी पड़ी"" (देखें: INVALID translate/figs-rpronouns)

τὸ ξύλον

यह उस सलीब का ज़िक्र है जिस पर ‘ईसा की मौत हुई थी, जो लकड़ी से बना था। (देख: INVALID translate/figs-metonymy)

οὗ τῷ μώλωπι ἰάθητε

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा ने आपको शिफ़ा बख़्शी क्योंकि लोगों ने उसे चोट पहुंचाई"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

1 Peter 2:25

ἦτε…ὡς πρόβατα πλανώμενοι

पतरस मसीह में ईमान करने से पहले अपने पढ़ने वालों के बारे में बोलता है, जैसे कि वे बिना मक़सद के इधर-उधर भटकती भेडों की तरह थे। (देख: INVALID translate/figs-activepassive)

τὸν ποιμένα καὶ ἐπίσκοπον τῶν ψυχῶν ὑμῶν

पतरस ‘ईसा की बात करता है जैसे कि वह एक चरवाहा हो। जिस तरह एक चरवाहा अपनी भेड़ों की हिफ़ाज़त करता है, ‘ईसा उन लोगों की हिफ़ाज़त करता है जो उस पर भरोसा करते हैं। (देख: INVALID translate/figs-simile)

1 Peter 3

1 पतरस 03 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ढांचा

कुछ मुतर्जिम अश’आर की हर शतर को अश’आर के बाक़ी हिस्सों के मुक़ाबले में दाईं ओर रखा करते हैं ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। ULT अश’आर को पुराने ‘अहदनामे से 3: 10-12 में लिया गया है।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

""बैरूनी ज़ेवर""

ज्यादातर लोग अच्छे दिखना चाहते हैं ताकि और लोग उन्हें पसंद करेंगे और सोचेंगे कि वे अच्छे लोग हैं। ‘औरतें ख़ास तौर से अच्छे कपड़े और गहने पहनकर अच्छी दिखने के लिए होशियार रहती हैं। पतरस कह रहा है कि एक ‘औरत क्या सोचती है और कहती है और ख़ुदा के लिए ज्यादा ख़ास है कि वह कैसी दिखती है।

एकता

पतरस चाहता था कि उनके पढ़ने वाले एक-दूसरे से मुत्तफ़िक़ हों। इससे भी ख़ास बात, वह चाहता था कि वे एक-दूसरे से प्यार करें और एक-दूसरे के साथ सब्र रखें।

इस बाब में ख़ास अजज़ाये कलाम

तश्बिया

पतरस एक ज़बूर का ज़िक्र करता है जो ख़ुदा का ज़िक्र करता है जैसे कि वह एक इन्सान था आँखें, कान और एक चेहरा। हालाँकि, ख़ुदा एक रूह है, इसलिए उसके पास जिस्मानी आँखें या कान या एक बनावती चेहरा नहीं है। लेकिन वह जानता है कि लोग क्या करते हैं, और वह बुरे लोगों के ख़िलाफ़ काम करता है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 3:1

पतरस ख़ास तौर से उन ‘औरतो से बात करना शुरू’ करता है जो बीवियां हैं।

ὁμοίως, γυναῖκες, ὑποτασσόμεναι τοῖς ἰδίοις ἀνδράσιν

जैसा कि ईमानदारों को ""हर एक इंसानी इख़्तिया की फ़रमबरदारी करना है"" ([1 पतरस 2:13] (../ 02 / 13.md) और ख़ादिम अपने मालिक ([1 पतरस 2:18] के लिए ""ताबे’” होना चाहिए) ../02/18.md)), बीवियों को अपने शौहर को सौंपना है। लफ़्ज़ “फ़रमाबरदारी,” “ताबे’ रहना” और ""जमा’"" एक ही लफ़्ज़ का तर्जुमा करते हैं।

τινες ἀπειθοῦσιν τῷ λόγῳ

यहाँ ""लफ़्ज़"" ख़ुशख़बरी के पैग़ाम का ज़िक्र करता है। नाफ़रमानी करने का मतलब है कि वे ईमान नहीं करते हैं। देखें कि आपने [1 पतरस 2: 8] (../ 02 / 08.md) में एक ‘आम जुमले का तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: ""कुछ लोग ‘ईसा के बारे में पैग़ाम पर ईमान नहीं करते"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

κερδηθήσονται

उन्हें मसीह पर ईमान करने के लिए राज़ी किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि बे-ईमान शौहर ईमानदार बनेंगे। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""वे ईमानदार बन सकते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy और INVALID translate/figs-idiom)

ἄνευ λόγου

एक लफ़्ज़ कहे बिना बीवी यहां ""एक लफ़्ज़"" कुछ भी बयान करता है जो बीवी ‘ईसा के बारे में बोल सकती है। (देख: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 3:2

ἐποπτεύσαντες τὴν ἐν φόβῳ ἁγνὴν ἀναστροφὴν ὑμῶν

क़यासी इस्म ""सुलूक"" का तर्जुमा फ़े’अल के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""उन्होंने देखा होगा कि आप ईमानदारी से और इज़्ज़त के साथ सुलूक करते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-ellipsis)

τὴν ἐν φόβῳ ἁγνὴν ἀναστροφὴν ὑμῶν

मुमकिन मतलब हैं 1) ""उनके लिए आपका ईमानदार सुलूक और जिस तरह से तुम उन्हें ‘इज़्ज़त देते हो"" या 2) ""उनके लिए आपका अच्छा सुलूक और जिस तरह से तुम ख़ुदा की ‘इज़्ज़त करते हो।

1 Peter 3:3

पतरस उन ‘औरतो से बात करना जारी रखता है जो बीवियां हैं।

ἔστω

लफ़्ज़ ""यह"" बीवियों को उनके शौहर की तरफ़ हाज़िर करने और जोड़ने के लिए ज़िक्र करता है।

1 Peter 3:4

ὁ κρυπτὸς τῆς καρδίας ἄνθρωπος

यहां ""अंदरूनी इंसान"" और ""दिल"" लफ़्ज़ किसी इन्सान के अंदरूनी क़िरदार और इन्सानियत का ज़िक्र करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""आप वास्तव में अंदर क्या हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

τοῦ πραέως καὶ ἡσυχίου πνεύματος

एक हलीम और सुकूनत का रवैया। यहाँ ""ख़ामोश"" लफ़्ज़ का मतलब ""सुकूनत"" या ""नर्मी"" है। लफ़्ज़ ""रूह"" एक इन्सान के नज़रिए या ज़हन का ज़िक्र करता है।

ὅ ἐστιν ἐνώπιον τοῦ Θεοῦ πολυτελές

पतरस एक इन्सान के बारे में ख़ुदा की राय के बारे में बात करता है जैसे कि वह इन्सान सीधे उसके सामने खड़ा था। मुतबादिल तर्जुमा: ""जिसे ख़ुदा बेशक़ीमती मानता है"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 3:6

κύριον, αὐτὸν καλοῦσα

कहा कि वह उसका ख़ुदावन्द था, वह है, उसका मालिक

ἧς ἐγενήθητε τέκνα

पतरस का कहना है कि सारा पर ‘अमल करने वाली ‘औरतो पर ईमान करने के बारे में सोचा जा सकता है जैसे कि वे उनके हक़ीक़ी बच्चे थे। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 3:7

पतरस ख़ासकर उन आदमियों के लिए बोलना शुरू’ करता जो शौहर हैं।

ὁμοίως

यह बताता है कि कैसे सारा और दुसरी रास्तबाज़ ‘औरतो ने अपने शौहर की हुक्म की फ़रमाबरदारी की [1 पतरस 3: 5] (../ 03/05 बजे) और [1 पतरस 3:6] (../03/06 बजे)।

συνοικοῦντες κατὰ γνῶσιν, ὡς ἀσθενεστέρῳ σκεύει τῷ γυναικείῳ

पतरस ‘औरतो की बात करते हैं जैसे कि वे डिब्बे थे, जैसा कि मर्दों को भी कभी-कभी कहा जाता है। क़यासी इस्म ""समझ"" का तर्जुमा फ़े’अल की शक्ल में भी किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""बीवियों, यह समझना कि ‘औरत कमज़ोर साथी है"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-abstractnouns)

ἀπονέμοντες τιμήν ὡς…συνκληρονόμοις χάριτος ζωῆς

आप ज़ुबानी जुमलों का इस्ते’माल करके इसका तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""उनकी ‘इज़्ज़त करें क्योंकि वे भी उस अबदी ज़िन्दगी हासिल करेंगे जो ख़ुदा देता है"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

συνκληρονόμοις χάριτος ζωῆς

अबदी ज़िन्दगी के बारे में अक्सर ऐसा ही कहा जाता है जैसे ये कोई ऐसी चीज़ हो जिसे लोग मीरास में रखते है। (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς τὸ

यहां ""यह"" उन तरीक़ों का ज़िक्र करता है जो शौहरों को अपनी बीवियों के साथ सुलूक करना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: ""अपनी बीवियों के साथ इस तरह से रहो"" (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

εἰς τὸ μὴ ἐνκόπτεσθαι τὰς προσευχὰς ὑμῶν

मुश्किलें"" कुछ होने से रोकने के लिए है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ताकि कुछ भी आपकी दु’आ में बाधा न बने"" या ""ताकि कुछ भी आपको दु’आ करने से रोक न दे जैसा कि आपको करना चाहिए"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 3:8

पतरस दुबारा सभी ईमानदारों को बताना शुरू’ करता है।

ὁμόφρονες

एक ही राय हो और होना या “एक ही रवैय्या हो, और हो”

εὔσπλαγχνοι

दूसरों के लिए रहमदिल और हलीम होना।

1 Peter 3:9

μὴ ἀποδιδόντες κακὸν ἀντὶ κακοῦ, ἢ λοιδορίαν ἀντὶ λοιδορίας

पतरस उन कामों की अदायगी के लिए किसी और इन्सान के कामो का जवाब देने की बात करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""किसी ऐसे इन्सान की बुराई न करें जो आपकी बुराई करता है या किसी ऐसे इन्सान की बे’इज़्ज़ती जो आपकी बे’इज़्ज़ती करता है"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

εὐλογοῦντες

आप बरकत की चीज़ को साबित कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""उन लोगों को बरकत देना जारी रखें जो आपकी बुराई करते हैं या आपकी बे’इज़्ज़ती करते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

εἰς τοῦτο ἐκλήθητε

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “ख़ुदा इसके लिए आपको बुलाता है” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ἵνα εὐλογίαν κληρονομήσητε

पतरस एक विरासत हासिल करने की शक्ल में ख़ुदा की बरकत हासिल करने की बात करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जिसे आप अपने मुकम्मल इख़्तियार की शक्ल में ख़ुदा की बरकत बरकत हासिल कर सकते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 3:10

इन आयतों में पतरस ने ज़बूर के बयान दिए हैं। (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

ζωὴν ἀγαπᾶν, καὶ ἰδεῖν ἡμέρας ἀγαθὰς

इन दो जुमलों का मतलब बुनियादी शक्ल में एक ही बात है और एक अच्छे ज़िन्दगी की ख़्वाहिश पर ज़ोर देना है। (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

ἰδεῖν ἡμέρας ἀγαθὰς

यहां अच्छी चीज़ों को आज़माने के साथ अच्छी चीज़ों को देखने की बात की जाती है। लफ़्ज़ ""दिन"" किसी के ज़िन्दगी का ज़िक्र करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ज़िन्दगी के दौरान अच्छी चीज़ों को भी आज़माए करें"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

παυσάτω τὴν γλῶσσαν ἀπὸ κακοῦ, καὶ χείλη τοῦ μὴ λαλῆσαι δόλον

जीभ"" और ""होंठ"" लफ़्ज़ उस इन्सान के बारे में बताते हैं जो बोल रहा है। इन दो जुमलों का मतलब बुनियादी शक्ल से एक ही बात है और हुक्म पर झूठ न बोलने पर ज़ोर देना। मुतबादिल तर्जुमा: ""बुराई और रियाकारी बातें कहना बंद करें"" (देखें: INVALID translate/figs-parallelism और INVALID translate/figs-synecdoche)

1 Peter 3:11

ἐκκλινάτω…ἀπὸ κακοῦ

यहाँ ""दूर हटना"" एक मुहावरा है जिसका मतलब है कुछ करने से रोकना। मुतबादिल तर्जुमा: ""जो बुरा है उसे करने देना बंद करो"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 3:12

ὀφθαλμοὶ Κυρίου ἐπὶ δικαίους

लफ़्ज़ ""आँखें"" ख़ुदा की चीज़ों को जानने की ताक़त को बताता है। ख़ुदा के रास्तबाज़ों के गुज़ारिश को उनके दीदार के तौर पर कहा जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: "" ख़ुदावन्द रास्तबाज़ को देखता है"" या ""ख़ुदावन्द रास्तबाज़ को क़ुबूल करता है "" (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-metaphor)

ὦτα αὐτοῦ εἰς δέησιν αὐτῶν

लफ़्ज़""कान"" ख़ुदा के ‘इल्म को ज़ाहिर करता है जो लोग कहते हैं। यह सुनकर कि ख़ुदावन्द उनकी गुज़ारिशों को सुनता है कि वह भी उन्हें जवाब देता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""वह उनकी गुज़ारिशों को सुनता है"" या ""वह उनकी गुज़ारिशों को बख़्शिश देता है"" (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-explicit)

πρόσωπον…Κυρίου ἐπὶ

लफ़्ज़ ""चेहरा"" ख़ुदा की मर्ज़ी को ज़ाहिर करता है अपने दुश्मनों की मुख़ालिफ़त करने के लिए। किसी की मुख़ालिफ़त करने पर उस इन्सान के ख़िलाफ़ अपना चेहरा क़ायम करने की बात की जाती है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा मुख़ालिफ़त करता है"" (देखें: INVALID translate/figs-synecdoche और INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 3:13

पतरस मुसलसल ईमानदारों को ता’लीम देता है कि कैसे मसीही ज़िन्दगी जीना है।

τίς ὁ κακώσων ὑμᾶς, ἐὰν τοῦ ἀγαθοῦ ζηλωταὶ γένησθε

पतरस इस सवाल पर जोर देने के लिए कहते हैं कि यह उम्मीद नहीं है कि कोई उन्हें नुकसान पहुंचाएगा अगर वे अच्छी चीज़ें करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""अगर आप अच्छे काम करते हैं तो कोई भी आपको नुकसान नहीं पहुँचाएगा।"" (देख: INVALID translate/figs-rquestion)

1 Peter 3:14

πάσχοιτε διὰ δικαιοσύνην

आप इसे एक ज़ुबानी जुमले के साथ तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""पीड़ित क्योंकि तुम वही करते हो जो सही है"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

μακάριοι

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “

τὸν δὲ φόβον αὐτῶν, μὴ φοβηθῆτε μηδὲ ταραχθῆτε

ये दो जुमले एक तरह के मतलब ज़ाहिर करते हैं और इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ईमानदारों को उन लोगों से डरना नहीं चाहिए जो उन्हें सताते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""इस बात से डरो मत कि लोग आपके साथ क्या कर सकते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

τὸν δὲ φόβον αὐτῶν

यहां ""वे"" लफ़्ज़ किसी का भी ज़िक्र करता है, जो उन लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है जिन्हें पतरस लिख रहा है।

1 Peter 3:15

δὲ…ἁγιάσατε

परेशान होने के बजाय अलग बैठिए

Κύριον…τὸν Χριστὸν ἁγιάσατε ἐν ταῖς καρδίαις ὑμῶν

जुमला ""ख़ुदावन्द के अलावा अलग ... पाकीज़गी की शक्ल में"" मसीह की पाकीज़गी को क़ुबूल करने के लिए एक अलंकार है। यहां ""दिल"" ""अंदरूनी इन्सान"" का एक नाम है। मुतबादिल तर्जुमा: ""अपने आप को क़ुबूल करें कि ख़ुदावन्द मसीह पाक है"" या ""अपने भीतर ख़ुदा मसीह को पाक मानें"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-metonymy)

1 Peter 3:18

पतरस बताता है कि मसीह की तकलीफ़ों में घिरा और मसीह ने तकलीफ़ो को कैसे मुकम्मल किया।

ἵνα ὑμᾶς προσαγάγῃ τῷ Θεῷ

शायद पतरस का मतलब यहाँ है कि मसीह हमारे और ख़ुदा के बीच गहरा ता’ल्लुक़ बनाने के लिए मर गया। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

θανατωθεὶς…σαρκὶ

यहाँ ""मांस"" मसीह के जिस्म को बयान करता है; मसीह को जिस्मानी शक्ल से मौत के घाट उतार दिया गया। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""लोग जिस्मानी शक्ल से मसीह को मौत के घाट उतार देते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ζῳοποιηθεὶς…Πνεύματι

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “रूह ने उसे ज़िन्दा किया” (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

Πνεύματι

मुमकिन मतलब है 1) रूह-उल-क़ुद्दूस की क़ुव्वत के ज़रिए’ 2) एक रूहानी वजूद में।

1 Peter 3:19

ἐν ᾧ…πορευθεὶς

मुमकिन मतलब 1) ""पाक रूह की क़ुव्वत से, वह चला गया"" या 2) ""अपने रूहानी वजूद में, वह चला गया।

τοῖς ἐν φυλακῇ πνεύμασιν

रूह"" लफ़्ज़ के मुमकिन मतलब हैं 1) ""बदरूहें"" या 2) ""मुर्दा लोगों की रूहें

1 Peter 3:20

ὅτε ἀπεξεδέχετο ἡ τοῦ Θεοῦ μακροθυμία

सब्र"" लफ़्ज़ खुद ख़ुदा के लिए एक लक़ब है। पतरस ख़ुदा के सब्र के बारे में लिखता है जैसे कि वह एक इन्सान है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जब ख़ुदा सब्र के साथ इंतज़ार कर रहा था"" (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metonymy)

ἐν ἡμέραις Νῶε, κατασκευαζομένης κιβωτοῦ

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""नूह के वक़्त के दौरान, जब वह एक सन्दूक बना कर रहा था"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

1 Peter 3:21

δι’ ἀναστάσεως Ἰησοῦ Χριστοῦ

‘ईसा मसीह के दुबारा आने की वजह से। यह जुमला ख़याल को पूरा करता है, ""यह उस बपतिस्मा का निशान है जो अब आपको बचाता है।

1 Peter 3:22

ὅς ἐστιν ἐν δεξιᾷ Θεοῦ

ख़ुदा के दाहिने हाथ"" पर होना एक प्रतीक है जो ख़ुदा ने ‘ईसा को सबसे बड़ा सम्मान और अन्य सभी पर अधिकार दिया है। एटी: ""मसीह सम्मान और अधिकार के स्थान पर ख़ुदा के पास है"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὑποταγέντων αὐτῷ

‘ईसा मसीह को प्रस्तुत करें

1 Peter 4

1 पतरस 04 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ढांचा

कुछ तर्जुमा में अश’आर की हर एक शतर तहरीर के बाकी हिस्सों मुक़ाबले में दाईं ओर रखा करते हैं ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। ULT अश’आर को पुराने ‘अहदनामे से 4:18 में लिया गया है।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

बे’आमाल ग़ैरयहूदी

। जो लोग यहूदी नहीं हैं। इसमें ग़ैरक़ौमों को शामिल नहीं किया गया है जो मसीही बन गए हैं। ""ज़िनाकरी, जुनून, नशेबाज़, शोर-ओ-गुल, जंगली जश्न, और बुतपरस्ती के नफ़रती काम"" वे काम थे जो नारास्त ग़ैरक़ौमों की ख़ासियत या उनकी क़िस्में थीं। (देखें: ख़ुदा, ख़ुदाई, बुरा, ख़ुदा की राह , ना क़ाबिल-ए-एतमाद , ख़ुदा परस्ती )

शहादत

यह साफ़ है कि पतरस कई मसीहियों से बात करता है जो बहुत सताव का सामना कर रहे हैं और अपने ईमानों के लिए मौत का सामना कर रहे हैं।

इस बाब में और मुमकिन तर्जुमा कठिनाइयों

। # ""इसे रहने दो"" और ""चलो कोई नहीं"" और ""उसे जाने दो"" और ""उन लोगों को""

पतरस इन जुमलों का इस्ते’माल अपने पढ़ने वालों को बताने के लिए करता है कि वह उन्हें क्या करना चाहता है। वे हुक्मों की तरह हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि उनके पढ़ने वाले हुक्म मानें। लेकिन यह ऐसा है जैसे वह एक इन्सान को बता रहा है कि वह और लोगों को क्या करना चाहता है।

1 Peter 4:1

पतरस मसीहियों के बारे में ईमानदारों को सिखाता रहता है। वह मसीह के दुखों के बारे में पिछले बाब से अपने ख़यालात को नतीजा देकर शुरू’ करता है।

σαρκὶ

उसके जिस्म में

ὑμεῖς τὴν αὐτὴν ἔννοιαν ὁπλίσασθε

जुमला ""अपने आपको"" पढने वालों को उन फौज़ियों के बारे में सोचता है जो जंग के लिए अपने हथियार तैयार करते हैं। यह एक हथियार की शक्ल में या शायद ढाल के टुकड़े की शक्ल में ""उसी इरादे"" का भी बयान करता है। यहाँ इस मुहावरे का मतलब है कि ईमानदारों को ‘ईसा के की तरह दुखी होने के लिए उनके मन में मज़बूत इरादा होना चाहिए। मुतबादिल तर्जुमा: ""अपने आप को उन्हीं ख़यालों से तैयार करें जो मसीह के पास थे"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

σαρκὶ

यहाँ ""ग़ोश्त"" का मतलब है ""जिस्म"" मुतबादिल तर्जुमा: ""उसके जिस्म में"" या ""यहाँ ज़मीन पर

πέπαυται ἁμαρτίας

गुनाहों से रोका है।

1 Peter 4:2

ἀνθρώπων ἐπιθυμίαις

उन चीज़ों के लिए जो गुनाहगार लोग ‘आम तौर पर चाहते हैं

1 Peter 4:3

κώμοις, πότοις

ये लफ़्ज़ उन सरगर्मियों को ज़ाहिर करते हैं जिनमें लोग बहुत ज़्यादा शराब पीने के लिए इकट्ठा होते हैं और शर्मनाक सुलूक करते हैं।

1 Peter 4:4

τῆς ἀσωτίας ἀνάχυσιν

जंगली, बेहद गुनाह के इन मिसालों की बात की जाती है जैसे कि वे पानी के बहुत बड़े बाढ़ थे जो लोगों पर भारी पड़ते हैं।

τῆς ἀσωτίας

वे सब कुछ कर अपने जिस्म की ख़्वाहिशों को पूरा कर सकते हैं

1 Peter 4:5

τῷ ἑτοίμως ἔχοντι κρῖναι

मुमकिन मतलब हैं 1) “ख़ुदा जो इन्साफ़ करने के लिए तैयार है” या 2) “मसीह, जो इन्साफ़ करने के लिए तैयार है”

ζῶντας καὶ νεκρούς

इसका मतलब सभी लोग हैं, चाहे वे अभी भी ज़िन्दा हों या मर गए हों। मुतबादिल तर्जुमा: ""हर इंसान"" (देखें: INVALID translate/figs-merism)

1 Peter 4:6

καὶ νεκροῖς εὐηγγελίσθη

मुमकिन मतलब 1 हैं """" ख़ुशख़बरी का उन लोगों को भी ‘ऐलान किया गया था जो पहले ही मर चुके थे ""या 2)"" ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान उन लोगों के लिए भी किया गया था जो ज़िन्दा थे लेकिन अब मर चुके हैं

εὐηγγελίσθη

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुमकिन मतलब 1 हैं) मसीह ने ता’लीम दी मुतबादिल तर्जुमा: ""मसीह ने ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान किया"" या 2) मर्दों ने ‘ऐलान किया। मुतबादिल तर्जुमा: ""मर्दों ने ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान किया"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κριθῶσι…κατὰ ἀνθρώπους σαρκὶ

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुमकिन मतलब 1 हैं) ख़ुदा ने ज़मीन पर इस ज़िन्दगी में उनका इन्साफ़ किया। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा ने उन्हें अपने जिस्म में इंसानों की शक्ल में इन्साफ़ दिया"" या 2) मर्दों ने इंसानी मे’यार के मुताबिक़ उनका इन्साफ़ किया। मुतबादिल तर्जुमा: ""इंसानों की शक्ल में मर्दों ने अपने जिस्म में इन्साफ़ किया"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

κριθῶσι…κατὰ ἀνθρώπους σαρκὶ

यह फ़ैसले के आख़िरी शक्ल में मौत कह हवाला है। (देख: INVALID translate/figs-euphemism)

ζῶσι…κατὰ Θεὸν πνεύματι

मुमकिन मतलब 1) ""रूहानी रूप से जीना ख़ुदा की तरह रहता है क्योंकि पाक रूह उन्हें ऐसा करने में लायक़ बनायेगा"" या 2) ""पाक रूह की क़ुव्वत से ख़ुदा के मे’यार के मुताबिक़ जीना

1 Peter 4:7

πάντων…τὸ τέλος

इसका मतलब मसीह के दुबारा आने पर दुनिया की आख़िरत से है।

ἤγγικεν

अंत में जल्द ही होने वाली बात को ऐसे समझा जाता है मानो वह जिस्मानी तौर से दूरी में क़रीब आ रही है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जल्द ही होगा"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

σωφρονήσατε…καὶ νήψατε

इन दो जुमलों का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है। पतरस दुनिया के अंत के क़रीब होने के बा’द ज़िन्दगी के बारे में साफ़ तौर से सोचने की ज़रूरत पर ज़ोर देने के लिए उनका इस्ते’माल करता है। (देख: INVALID translate/figs-parallelism)

νήψατε

यहाँ ""होशियार"" लफ़्ज़ ज़हनी सफ़ाई और होशियारी को ज़ाहिर करता है। देखें कि आपने [1 पतरस 1:13] (../ 01 / 13.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: ""अपने ख़्वाहिशों को क़ाबू करें"" या ""आप जो सोचते हैं उसके बारे में ख़बरदार रहें"" (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

1 Peter 4:8

πρὸ πάντων

सबके लिए बहुत ख़ास है।

ὅτι ἀγάπη καλύψει πλῆθος ἁμαρτιῶν

पतरस ""मुहब्बत"" का ज़िक्र करता है जैसे कि वह एक इन्सान था जो दूसरों के गुनाहों पर एक पर्दा रखता है। मुमकिन मतलब 1) ""ऐसे इन्सान के लिए जो मुहब्बत करता है यह पता लगाने की कोशिश नहीं करेगा कि क्या किसी और इन्सान ने गुनाह किया है"" या 2) ""ऐसे इन्सान के लिए जो मुहब्बत करता है और लोगों के गुनाहों को मु’आफ़ कर देगा, भले ही वे गुनाह कई हों"" (देखें: INVALID translate/figs-personification और INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 4:9

φιλόξενοι

मेहमानों और मुसाफ़िरों के इस्तकबाल के लिए हलीमी दिखाओ।

1 Peter 4:10

ἕκαστος καθὼς ἔλαβεν χάρισμα

इसकी मुराद ख़ास रूहानी हुनर से ही जो ख़ुदा ने ईमानदारों को ‘अता किया है। मुतबादिल तर्जुमा: “क्योंकि तुम में से हर कोई रूहानी हुनर तोहफ़े के तौर पर ख़ुदा से हासिल कर सकता है” (देखें: INVALID translate/figs-explicit)

1 Peter 4:11

ἵνα ἐν πᾶσιν δοξάζηται ὁ Θεὸς

इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ताकि सभी तरीक़ों से आप ख़ुदा की बड़ाई करेंगे"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

δοξάζηται

ता’रीफ़ की, ‘इज़्ज़त दी

1 Peter 4:12

τῇ ἐν ὑμῖν πυρώσει πρὸς πειρασμὸν ὑμῖν γινομένῃ

उसी तरह जो आग सोने को चमकाती है, आज़माती करती है और एक इन्सान के ईमान को आज़माती है। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 4:13

χαρῆτε ἀγαλλιώμενοι

इन दो जुमलों का मतलब बुनियादी तौर से एक ही बात है और ख़ुशी की तेज़ी पर ज़ोर देना है। मुतबादिल तर्जुमा: ""और भी ख़ुशी"" या ""बहुत खुश हो"" (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

ἐν τῇ ἀποκαλύψει τῆς δόξης αὐτοῦ

जब ख़ुदा ने मसीह के जलाल को ज़ाहिर किया

1 Peter 4:14

εἰ ὀνειδίζεσθε ἐν ὀνόματι Χριστοῦ

यहाँ ""नाम"" लफ़्ज़ ख़ुद मसीह के बारे में बताता है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""अगर लोग आपकी बे’इज़्ज़ती करते हैं क्योंकि आप मसीह में ईमान करते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metonymy)

τὸ τῆς δόξης καὶ τὸ τοῦ Θεοῦ Πνεῦμα

ये दोनों पाक रूह का ज़िक्र करते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""जलाल की रूह, जो ख़ुदा की रूह है"" या ""ख़ुदा की जलाली रूह"" (देखें: INVALID translate/figs-parallelism)

ἐφ’ ὑμᾶς ἀναπαύεται

तुम्हारे साथ क़ायम है।

1 Peter 4:15

ἀλλοτριεπίσκοπος

यह एक ऐसे इन्सान का बयान करता है जो ऐसा करने का इख़्तियार न रखते हुए दूसरों के मामलों से जुड़ जाता है।

1 Peter 4:16

ἐν τῷ ὀνόματι τούτῳ

क्योंकि वह मसीही नाम रखता है या ""क्योंकि लोगों ने उसे मसीह की शक्ल में क़ुबूल किया है।"" लफ़्ज़"" वह नाम"" लफ़्ज़ ""मसीह"" का हवाला देता है।

1 Peter 4:17

τοῦ οἴκου τοῦ Θεοῦ

यह जुमला ईमानदारों का बयान करता है, जिन्हें पतरस ख़ुदा के ख़ानदान की शक्ल में बोलता है। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

εἰ δὲ πρῶτον ἀφ’ ἡμῶν, τί τὸ τέλος τῶν ἀπειθούντων τῷ τοῦ Θεοῦ εὐαγγελίῳ

पतरस इस सवाल का इस्ते’माल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है कि जो लोग ईमानदारों के मुक़ाबले ख़ुशख़बरी को नज़रंदाज़ करते हैं उनके लिए ख़ुदा का इन्साफ़ ज़्यादा ख़तरनाक होगा। मुतबादिल तर्जुमा: ""अगर यह हमारे साथ शुरू’ होता है, तो जो लोग ख़ुदा की ख़ुशख़बरी को नहीं मानते हैं उनके लिए नतीजा बहुत बुरा होगा।"" (देख: INVALID translate/figs-rquestion)

τί τὸ τέλος τῶν ἀπειθούντων

उनके लिए क्या होगा?

τῶν ἀπειθούντων τῷ τοῦ Θεοῦ εὐαγγελίῳ

जो लोग ख़ुदा की ख़ुशख़बरी को नहीं मानते हैं। यहाँ ""हुक्म"" लफ़्ज़ का मतलब ईमान करना है।

1 Peter 4:18

ὁ δίκαιος…ὁ ἀσεβὴς καὶ ἁμαρτωλὸς ποῦ φανεῖται

पतरस इस सवाल का इस्ते’माल इस बात पर जोर देने के लिए करते हैं कि गुनाहगार ईमानदारों के मुक़ाबले में ज़्यादा दुखी होंगे। मुतबादिल तर्जुमा: ""रास्तबाज़ इंसान... नतीजा नारास्त और गुनाहगार के लिए बहुत बुरा होगा।"" (देख: INVALID translate/figs-rquestion)

ὁ ἀσεβὴς καὶ ἁμαρτωλὸς ποῦ φανεῖται

नारास्त और गुनाहगार का क्या होगा

εἰ ὁ δίκαιος μόλις σῴζεται

यहाँ लफ़्ज़ ""बचाया"" आख़िरी नजात का ज़िक्र करता है जब मसीह लौटता है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""अगर रास्तबाज़ इन्सान ख़ुदावन्द को बचाने से पहले कई परेशानियों को आज़माता है"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ ἀσεβὴς καὶ ἁμαρτωλὸς

नारास्त"" और ""गुनाहगार"" लफ़्ज़ का बुनियादी तौर से एक ही मतलब है और इन लोगों की बुराई पर ज़ोर देना। मुतबादिल तर्जुमा: "" नारास्त गुनाहगार"" (देखें: INVALID translate/figs-doublet)

1 Peter 4:19

παρατιθέσθωσαν τὰς ψυχὰς αὐτῶν

यहाँ “जानो” का मतलब तमाम लोगों से है। मुतबादिल तर्जुमा: “

ἐν ἀγαθοποιΐᾳ

क़यासी इस्म ""भलाई"" का तर्जुमा ज़ुबानी जुमलों के के साथ किया जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जबकि वे अच्छा करते हैं"" या ""जब वे ठीक से रहते हैं"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Peter 5

1 पतरस 05 ‘आम नुक़ते

बुनियाद और ढांचा

बहुत से लोग क़दीम ज़माने में क़रीब मशरिक में एक ख़त ख़त्म करते जिस तरह पतरस ने इसे ख़त्म किया।

इस बाब में ख़ास तसव्वुरात

ताज़

ताज वह है जो सदर चरवाहा देगा वह एक इनाम है, कुछ ऐसा जो लोग करते हैं जो ख़ास तौर से अच्छा करते हैं। (देखें: बदला, बदले, बदला देना, बदला दिया, बदला देने बाला )

इस बाब में ख़ास अजज़ाये कलाम

शेर

सभी जानवर शेर से डरते हैं क्योंकि वे तेज और मजबूत हैं, और वे लगभग हर क़िस्म के जानवर खाते हैं। वे लोग भी खाते हैं। शैतान ख़ुदावन्द के लोगों से डरना चाहता है, इसलिए पतरस अपने पढ़ने वालों को सिखाने के लिए एक शेर की मिसाल का इस्ते’माल करता है कि शैतान उनके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन अगर वे ख़ुदा पर भरोसा करते हैं और उसके हुक्म मानते हैं, तो वे हमेशा ख़ुदा के लोग होंगे, और ख़ुदा उनकी देखभाल करेगा। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

बाबुल

बाबुल बुरा मुल्क था जिसने पुराने ‘अहदनामे में यरूशलीम को बर्बाद कर दिया था, यहूदियों को उनके घरों से निकाल दिया, और उन पर हुकूमत की। पतरस बाबुल का इस्ते’माल उस मुल्क की मिसाल की शक्ल में करता है जो उस मसीही को सता रहा था जिसे वह लिख रहा था। वह यरूशलीम का ज़िक्र कर सकता था क्योंकि यहूदी मसीह को सता रहे थे। या वह रोम का जिक्र कर सकता था क्योंकि रोमन मसीहियों को सता रहे थे। (देखें: बुराई, बदकार, बदकारी और INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 5:1

पतरस ख़ास कर उन आदमियों से बात करता है जो बुज़ुर्ग़ हैं।

τῆς μελλούσης ἀποκαλύπτεσθαι δόξης

यह मसीह के दुबारा आने का हवाला है। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""मसीह की बड़ाई जिसे ख़ुदावन्द ज़ाहिर करेगा"" (देखें: INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-metonymy)

1 Peter 5:2

ποιμάνατε τὸ…ποίμνιον τοῦ Θεοῦ

पतरस ईमानदारों को भेड़-बकरियों के झुंड की शक्ल में और बड़ों को चरवाहे की शक्ल में बोलते हैं जो उनकी देखभाल करते हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 5:3

μηδ’ ὡς κατακυριεύοντες τῶν κλήρων, ἀλλὰ τύποι γινόμενοι

बड़ों को मिसाल के साथ क़यादत करना है और लोगों के के लिए सख़्त मालिक की शक्ल में काम नहीं करना चाहिए। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

τῶν κλήρων

आप ज़ुबानी जुमलों का इस्ते’माल करके इसका तर्जुमा कर सकते हैं। मुतबादिल तर्जुमा: ""जिसे ख़ुदा ने आपकी देखभाल में रखा है"" (देखें: INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Peter 5:4

καὶ φανερωθέντος τοῦ ἀρχιποίμενος

पतरस ‘ईसा की बात करता है जैसे कि वह एक चरवाहा था जिसका और सभी चरवाहों पर इख़्तियार था। इसे फ़’आल की शक्ल में कहा जा सकता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""जब ‘ईसा, सदर चरवाहा, ज़ाहिर होता है"" या ""जब ख़ुदा ‘ईसा को, सदर चरवाहे के तौर पर ज़ाहिर करता है"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

τὸν ἀμαράντινον τῆς δόξης στέφανον

यहां ""ताज"" लफ़्ज़ उस इनाम की क़यादत करता है जो किसी को जीत के निशान की शक्ल में मिलता है। लफ़्ज़ ""लाजवाल"" का मतलब है कि यह अबदी है। मुतबादिल तर्जुमा: ""एक शानदार इन’आम जो हमेशा के लिए चलेगा"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

τῆς δόξης

जलाली

1 Peter 5:5

पतरस ख़ास तौर से छोटे मर्दों को एक हिदायत देता है और फिर सभी ईमानदारों को हिदायत देना जारी रखता है।

ὁμοίως

यह उस तरीक़े को बयान करता है जिस तरह से बुज़ुर्ग़ो को सदर चरवाहे को सौंपना था क्योंकि पतरस ने [1 पतरस 5: 1] (.. / 05 / 01.md) में बयान किया था [1 पतरस 5: 4] (.. / 05 /) के वसीले से। 04.md)।

πάντες

यह सिर्फ़ जवानों के लिए नहीं बल्कि सभी ईमानदारों से मुता’अल्लिक़ है।

τὴν ταπεινοφροσύνην ἐγκομβώσασθε

पतरस कपड़ों के टुकड़े पर डालते हुए हलीमी का इख़लाक़ी ख़ासियत होने की बात करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""एक दूसरे के लिए हलीमी से काम करें"" या ""हलीमी के साथ काम करें"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 5:6

ὑπὸ τὴν κραταιὰν χεῖρα τοῦ Θεοῦ, ἵνα

यहाँ लफ़्ज़ ""हाथ"" हलीम को बचाने और घमंडी को सज़ा देने के लिए ख़ुदा की क़ुदरत का बयान करता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""ख़ुदा की अज़ीम क़ुदरत के मुताबिक़"" या ""ख़ुदा से पहले, यह महसूस करते हुए कि उसके पास अज़ीम क़ुदरत है, इसलिए"" (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

1 Peter 5:7

πᾶσαν τὴν μέριμναν ὑμῶν ἐπιρίψαντες ἐπ’ αὐτόν

पतरस फ़िक्र की बात करता है जैसे कि यह एक भारी बोझ था जिसे एक इन्सान ख़ुद पर ले जाने के बजाय ख़ुदा पर रखता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""उस चीज़ पर भरोसा करें जो आपको फ़िक्रमन्द करती है"" या ""उसे उन सभी चीज़ों का ख़याल रखें जो आपको परेशान करती हैं"" (देखें:)

1 Peter 5:8

νήψατε

यहाँ ""होशियार"" लफ़्ज़ ज़हनी सफ़ाई और होशियारी को ज़ाहिर करता है। देखें कि आपने [1 पतरस 1:13] (../ 01 / 13.md) में इसका तर्जुमा कैसे किया। मुतबादिल तर्जुमा: ""अपने ख़्वाहिशों को क़ाबू करें"" या ""आप जो सोचते हैं उसके बारे में ख़बरदार रहें"" (देखें: INVALID translate/figs-idiom)

διάβολος, ὡς λέων ὠρυόμενος περιπατεῖ, ζητῶν τινα καταπιεῖν

पतरस ने शैतान की मिसाल गरजते हुए शेर से की है। जिस तरह एक भूका शेर अपना शिकार पूरी तरह से खा जाता है, उसी तरह शैतान भी ईमानदारों का ईमान पूरी तरह से ख़त्म कर देता है। (देखें: INVALID translate/figs-simile)

περιπατεῖ

चलना या “चलना और शिकार करना”

1 Peter 5:9

ᾧ ἀντίστητε

लड़ने के लिए खड़े हो जाना एक मा’क़ूलियत है। मुतबादिल तर्जुमा: “दुबारा उससे लड़ना” (देखें: INVALID translate/figs-metonymy)

ὑμῶν ἀδελφότητι

पतरस एक ही जमा’अत के अफ़राद की हैसियत से साथ ईमानदारों के बारे में बात करता है। मुतबादिल तर्जुमा: “तुम्हारे साथी ईमानदार” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

ἐν τῷ κόσμῳ

पूरी दुनियाँ की मुख़्तलीफ़ जगहों में।

1 Peter 5:10

यह पतरस के ख़त का आख़िर है।यहाँ वह अपने ख़त और आख़री मुबारकबाद के बारे में अपनी आख़िरी राय देता है।

ὀλίγον

थोड़े वक़्त के लिए

ὁ…Θεὸς πάσης χάριτος

यहाँ लफ़्ज़ “फ़ज़ल” या तो उन चीज़ों की तरफ़ इशारा करता है जो ख़ुदा देता है, या ख़ुदा का किरदार की तरफ़। मुमकिन मतलब 1) “ख़ुदा हमें देता है जिनकी हमें ज़रूरत होती है” 2) ख़ुदा जो हमेशा अफज़ल है।”

ὁ καλέσας ὑμᾶς εἰς τὴν αἰώνιον αὐτοῦ δόξαν ἐν Χριστῷ

जिसने तुमको आसमान में अपना अबदी फ़ज़ल बाँटने के लिए चुना है, क्योंकि तुम मसीह में शामिल हुए हो।

καταρτίσει

अपने आपको को कामिल बनाओ या “तुम फिरो” या “अपने आप को फिर से अच्छा बनाये”

σθενώσει, θεμελιώσει

इन दो इज़हारों के एक ही मतलब हैं, या’नी, ख़ुदावन्द ईमानदारों को उन पर ईमान करने और उन्हें किसी भी दुख की परवाह किए बिना उन पर ‘अमल करने में लायक़ बनाएगा, जो वे आज़मा सकते हैं। (देख: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 5:12

διὰ Σιλουανοῦ, ὑμῖν…δι’ ὀλίγων ἔγραψα

सिल्वानूस ने वो अल्फ़ाज़ लिखे जो पतरस ने ख़त में उसे ख़त में लिखे थे।

ταύτην εἶναι ἀληθῆ χάριν τοῦ Θεοῦ

मैंने ख़ुदा की सच्चे फ़ज़ल के बारे में लिखा है। यहां ""फ़ज़ल"" लफ़्ज़ का मतलब ख़ुशख़बरी के पैग़ाम से है, जो ईमानदारों के लिए ख़ुदा ज़रिए’ की गई चीज़ों को बताता है। (देख: INVALID translate/figs-metonymy)

εἰς ἣν στῆτε

लफ़्ज़ ""यह"" ""ख़ुदा की सच्चा फ़ज़ल"" का बयान करता है। इस फ़ज़ल के लिए मज़बूती से से क़ायम होने की वजह से एक जगह पर मज़बूती से खड़े होने की बात की जाती है, चलने से इनकार कर दिया जाता है। मुतबादिल तर्जुमा: ""इसके लिए मज़बूती से क़ायम रहें"" (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 5:13

ἡ ἐν Βαβυλῶνι

यहाँ “‘औरत” शायद उन ईमानदारों की जमा’अत से मुराद है जो “बाबुल” में रहते हैं। बाबुल के मुमकिन मतलब हैं 1) यह एक मुल्क रोम के लिए एक निशान है, 2) यह कहीं भी मसीही मुसीबत में होते हैं उसका निशान है, 3) ये लफ़्ज़ी तौर पर रोम का एक शहर है। (देखें: INVALID translate/writing-symlanguage)

συνεκλεκτὴ

ये फ़’आल की शक्ल में भी बताया जा सकता है, मुतबादिल तर्जुमा: “जिसको खुदा ने चुना है जसे उसने तुमको चुना है” (देखे: INVALID translate/figs-activepassive)

ὁ υἱός μου

पतरस मरकुस के बारे में कहता है जैसे कि वह उसका रूहानी बेटा है। मुतबादिल तर्जुमा: “मेरा रूहानी बेटा” या “जो मेरे लिए बेटे की तरह है” (देखें: INVALID translate/figs-metaphor)

1 Peter 5:14

φιλήματι ἀγάπης

एक मुहब्बत का बोसा या “एक दुसरे से मुहब्बत ज़ाहिर करने के लिए बोसा”