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1 Timothy

1 Timothy front

1 तीमुथियुस का तार्रुफ़

हिस्सा 1: आम तार्रुफ़

1 तीमुथियुस के किताब का ख़ाका
  1. मुबारकबाद (1:1,2)
  2. पौलुस और तीमुथियुस
  3. झूठे उसातज़ा के बाबत तन्बीह (1:3-11)
  4. पौलुस का शुक्रगुज़ार होना उसके लिए जो मसीह ने उसकी ख़िदमत में किया है (1:12-17)
  5. वह तीमुथियुस को इस रूहानी जंग में लड़ने के लिए बुलाता है (1:18-20)
  6. सब के लिए दुआ (2:1-8)
  7. कलीसिया में किरदार और जिम्मेदारियाँ (2:9-6:2)
  8. तन्बीहात
  9. झूटे उसातज़ा की बाबत दूसरी तन्बीह (6:3-5)
  10. दौलत (6:6-10)
  11. ख़ुदा के एक शख्स का तज़करा (6:11-16)
  12. दौलतमन्द लोगों के लिए नोट (6:17-19)
  13. तीमुथियुस के लिए आख़िरी अल्फाज़ (6:20,21)
1 तीमुथियुस की किताब को किसने लिखा?

1 तीमुथियुस पौलुस ने लिखा। पौलुस तरसीस नाम शहर का बाशिन्दा था। वह अपने इब्तदाई ज़िन्दगी में साऊल के नाम से जाना जाता था। एक मसीही बनने से क़ब्ल, पौलुस एक फरीसी था। उसने मसीहियों पर ज़ुल्म किया था। एक मसीही बनने के बाद, उसने लोगों को यीशु की बाबत बताते हुए कई दफा तमाम रोमी सल्तनत का सफ़र किया।

यह किताब तीमुथियुस को लिखा गया पौलुस का पहला ख़त है। तीमुथियुस उसका शागिर्द और क़रीबी दोस्त था। शायद पौलुस ने इसे अपनी ज़िन्दगी के आख़िर के क़रीब लिखा।

1 तीमुथियुस की किताब किस बारे में है?

पौलुस ने तीमुथियुस को इफ़िसुस शहर में वहाँ के ईमानदारों को मदद के वास्ते छोड़ दिया था। पौलुस यह ख़त तीमुथियुस को मुख्तलिफ़ मामलात में हिदायत देने के लिए लिखा था जिन मोज़ूआत का उसने ज़िक्र किया उसमे कलीसियाई इबादत, कलीसिया के रहनुमाओं के लिए क़ाबिलयात, और झूटे उसातज़ा के ख़िलाफ़ तन्बीहात शामिल हैं। यह ख़त ज़ाहिर करता है के किस तरह पौलुस तीमुथियुस को कलीसियाओं के दरमियान एक रहनुमा होने के लिए तरबियत दे रहा था।

इस किताब के उनवान का तर्ज़ुमा किस तरह किया जाना चाहिए?

मुतर्ज़मीन इस किताब को इसके रिवायती उनवान “1 तीमुथियुस” या “पहला तीमुथियुस” कहने का इन्तखाब कर सकते हैं। या वो एक वाज़े उनवान का इन्तखाब कर सकते हैं, जैसे “तीमुथियुस के नाम पौलुस का पहला ख़त”। (देखें : INVALID translate/translate-names)

हिस्सा 2: अहम मज़हबी और तहज़ीबी तसव्वरात

शागिर्दी क्या है? शागिर्दी लोगों को मसीह के शागिर्द होने के लिए तैयार करने का अमल है। शागिर्दी का मक़सद दीगर मसीहियों को ज़ियादा मसीह की मानिन्द होने के लिए हौसला आफज़ाई करना है। यह ख़त इस बाबत कई हिदायात देता है के किस तरह एक रहनुमा को एक कम पुख्ता मसीही की तरबियत करनी चाहिए। (देखें : शागिर्द, शागिर्दों )
हिस्सा 3: अहम तर्ज़ुमा के मसाएल
वाहिद और जमा “तुम”

इस किताब में, लफ्ज़ “मैं” पौलुस से मुराद है। लफ्ज़ “तुम” भी, ज़ियादातर हमेशा वाहिद है और तीमुथियुस से मुराद है। 6:21 इसका इस्तिसना है। (देखें : INVALID translate/figs-exclusive और INVALID translate/figs-you)

पौलुस का इज़हार “मसीह में”, “खुदावंद में” वगैरा से क्या मुराद है?

पौलुस का मतलब मसीह और ईमानदारों के साथ एक बहुत क़रीबी इत्तहाद के ख़याल का इज़हार करना था। बराए मेहरबानी इस तरीके के इज़हार की बाबत ज़ियादा तफ्सीलात के लिए रोमियों की किताब का तार्रुफ़ देखें।

1 तीमुथियुस की किताब के मतन में अहम मसाएल क्या हैं?

दर्ज ए जैल आयत के लिए, बाईबल के जदीद तर्ज़ुमे पुराने तर्ज़ुमे से मुख्तलिफ़ हैं। ULT मतन में जदीद पढ़ाई है और पुराने पढ़ाई को एक हासिए में रखता है। अगर आम इलाक़े में बाईबल का एक तर्ज़ुम मौज़ूद है, मुतर्ज़मीन को उन तर्ज़ुमों में पायी जाने वाली पढ़ाई के इस्तेमाल पर ग़ौर करना चाहिए. अगर नहीं, मुतर्ज़मीन को ज़दीद तर्ज़ुमे की पैरवी करने का मश्वरा दिया जाता है।

  • “दीनदारी ज़ियादा दौलत हासिल करने का एक़ तरीक़ा है”। बाईबल के बाज़ पुराने तर्ज़ुमे इस तरीक़े से पढ़ते हैं, “दीनदारी ज़ियादा दौलत हासिल करने का एक़ तरीक़ा है: ऐसी चीज़ों से दस्तबरदार हो जाओ”। (6:5)

(देखें : INVALID translate/translate-textvariants)

1 Timothy 1

1 तीमुथियुस 01 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

पौलुस बाक़ायदा तौर पर इस ख़त का आयात 1-2 में तार्रुफ़ करता है। क़दीम मशरिक़ के क़रीब मुसन्निफ़ अक्सर ख़तूत को इस तरीक़े से शुरू करते थे।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

रूहानी फ़र्ज़न्द

इस बाब में, पौलुस तीमुथियुस को एक “बेटा” और अपना “फ़र्ज़न्द” कहता है। पौलुस ने तीमुथियुस को एक मसीही और एक कलीसिया के रहबर के तौर पर शागिर्द बनाया था। हो सकता है पौलुस मसीह में ईमान लाने में उसकी रहनुमाई भी किया हो। पस, पौलुस ने तीमुथियुस को अपना “ईमान में बेटा” कहा। (देखें : शागिर्द, शागिर्दों , ईमान और रूह , रूहें , रूहानी और INVALID translate/figs-metaphor)

नसबनामे

नसबनामे ऐसी फ़ेहरिस्तें है जो एक शख्स के आबाओ अजदाद या आल औलाद का रिकॉर्ड रखती हैं। यहूदी नसबनामों का इस्तेमाल बादशाह होने के लिए सहीह आदमी मुन्तखिब करने के लिए करते थे। वो ऐसा इस वजह से करते थे क्योंके सिर्फ़ एक बादशाह का बेटा ही आमतौर पर बादशाह बन सकता था। वो यह भी ज़ाहिर करते थे के किस क़बीले या ख़ानदान से वो आये हैं। मिशाल के तौर पर, काहिन लावी के क़बीले और हारुन के ख़ानदान से आते थे। सबसे ज़ियादा अहम लोग अपने नसबनामों का रिकॉर्ड रखते थे।

इस बाब में अहम तर्ज़ ए इज़हार

अल्फाज़ से खेलना

जुमला “शरीअत अच्छी है अगर कोई उसे शरीअत के तौर पर इस्तेमाल करे” अल्फाज़ से एक खेल है। अल्फाज़ “शरीअत” और “शरीअत के तौर पर” की आवाज़ असल ज़बान में यकसां है।

1 Timothy 1:1

इस किताब में, जब तक दूसरी सूरत ज़िक्र न की गयी हो, लफ्ज़ “हमारा” पौलुस और तीमुथियुस (वह जिसको यह ख़त लिखा गया है) और इसके साथ साथ तमाम ईमानदारों से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

Παῦλος

मैं, पौलुस ने, इस ख़त को लिखा। मैं एक रसूल हूँ। आपकी ज़बान में ख़त के मुसन्निफ़ के तार्रुफ़ का एक ख़ास तरीक़ा हो सकता है। मुसन्निफ़ का तार्रुफ़ करने के फ़ौरन बाद, आप यह इशारा करना चाह सकते हैं के ख़त किसे लिखा गया था, जैसा के UST में।

κατ’ ἐπιταγὴν Θεοῦ

के हुक्म से या “के इख्तियार से”

Θεοῦ Σωτῆρος ἡμῶν

ख़ुदा जो हमें बचाता है

Κυρίου Ἰησοῦ Χριστοῦ τῆς ἐλπίδος ἡμῶν

यहाँ “हमारा उम्मीदगाह” उस सख्स से मुराद है जिसमे हमारा यक़ीन है।मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मसीह यिसू, वह है जिसमे हमें यक़ीन है” या “मसीह यिसू, जिस पर हम ऐतबार करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

1 Timothy 1:2

γνησίῳ τέκνῳ

पौलुस तीमुथियुस के साथ अपने क़रीबी ताल्लुक को इस तरह कहता है गोया वो बाप और बेटे थे। यह पौलुस का तीमुथियुस के लिए बेरिया महब्बत और मंज़ूरी को ज़ाहिर करता है। यह भी हो सकता है के तीमुथियुस पौलुस के ज़रिए मसीह में तब्दील हुआ था, और पस यही वजह है के पौलुस उसे अपने ख़ुद के बेटे की तरह समझा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो वाक़ई मेरे लिए बेटे की तरह है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

χάρις, ἔλεος, εἰρήνη

फ़ज़ल, रहम, और इत्मीनान तुम्हारा रहे, या “मेहरबानी, रहम, और इत्मीनान तुम्हें हासिल होता रहे”

Θεοῦ Πατρὸς

ख़ुदा, जो हमारा बाप है। यहाँ “बाप” ख़ुदा के लिए एक अहम ख़िताब है। (देखें : INVALID translate/guidelines-sonofgodprinciples)

Χριστοῦ Ἰησοῦ τοῦ Κυρίου ἡμῶν

मसीह यिसू, जो हमारा ख़ुदावन्द है

1 Timothy 1:3

σε

लफ्ज़ “तुम” इस ख़त में वाहिद है और तीमुथियुस से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-you)

καθὼς παρεκάλεσά σε

पौलुस तीमुथियुस की शरीअत के ग़लत इस्तेमाल को रद्द करने और ख़ुदा से अच्छी तालीम का इस्तेमाल करने के लिए हौसला आफज़ाई करता है

जिस तरह मैंने तुझसे इल्तजा की या “जिस तरह मैंने तुझसे बहुत ज़ोर देकर कहा”

προσμεῖναι ἐν Ἐφέσῳ

मेरे लिए इफ़िसुस शहर में इन्तज़ार कर

ἑτεροδιδασκαλεῖν

मफ़हूम मालूमात वाज़े तौर पर बयान किये जा सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जिसकी हम तालीम देते हैं उससे मुख्तलिफ़ एक तालीम” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Timothy 1:4

मफ़हूम मालूमात वाज़े तौर पर बयान किये जा सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “और मैं यह भी चाहता हूँ के तू उनको तवज्जो न देने का हुक्म दे” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)

μύθοις

ये उनके बाप दादाओं की कहानियाँ हो सकती हैं।

γενεαλογίαις ἀπεράντοις

लफ्ज़ “बेइन्तहा” के साथ पौलुस मुबालग़ा इस्तेमाल करता है यह ज़ोर देने के लिए के नसबनामे बहुत तवील हैं। (देखें : INVALID translate/figs-hyperbole)

γενεαλογίαις

एक शख्स के वालिदीन और बाप दादा की तहरीरी ज़बानी रिकॉर्ड

αἵτινες ἐκζητήσεις παρέχουσι

ये लोगों में गुस्से में इख्तलाफ़ का बाईस होते हैं। लोग उन कहानियों और नसबनामों की बाबत बहस करते थे जिनकी बाबत कोई यक़ीनी तौर पर सच्चाई न जान सकता था।

οἰκονομίαν Θεοῦ

मुमकिन मायने 1) “हमें बचाने के लिए ख़ुदा का मन्सूबा समझने में हमारी मदद करने के बजाय, जो हम ईमान के ज़रिये सीखते हैं” या 2) “ख़ुदा के काम करने के लिए हमारी मदद करने के बजाय, जो हम ईमान से करते हैं”।

1 Timothy 1:5

δὲ

इस लफ़्ज का इस्तेमाल यहाँ अहम तालीम से हटने के लिए एक निशानदेही के तौर पर किया गया है। यहाँ पौलुस उस मक़सद की वज़ाहत करता है जिसके लिए वह तीमुथियुस को हुक्म दे रहा है।

παραγγελίας

यहाँ इसके मानी पुराना अहदनामा या दस अहकाम नहीं है बल्के इसके बजाय हिदायात हैं जो पौलुस 1 तीमुथियुस 1:3 और 1 तीमुथियुस 1:4 में देता है।

ἐστὶν ἀγάπη

मुमकिन मायने 1) “ख़ुदा को महब्बत करना है” या 2) “लोगों को महब्बत करना है”।

ἐκ καθαρᾶς καρδίας

यहाँ “ख़ालिस” का मतलब है के शख्स ग़लत काम करने के पोशीदा मक़सद नहीं रखता है। यहाँ “दिल” एक शख्स के ज़हन और ख़यालात से मुराद है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक ऐसे ज़हन से जो ईमानदार है” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

συνειδήσεως ἀγαθῆς

एक ऐसा ज़मीर जो ग़लत की बजाय सहीह को चुनता है

πίστεως ἀνυποκρίτου

हक़ीक़ी ईमान या “मुनाफ़िक़त के बगैर एक इमान”

1 Timothy 1:6

τινες ἀστοχήσαντες

पौलुस मसीह में ईमान का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह निशाना लगाने के लिए एक हदफ़ हो। पौलुस का मतलब है के बाज़ लोग अपने ईमान का मक़सद पूरा नहीं कर रहे हैं, जो के महब्बत करना है जिस तरह उसने 1:5 में वज़ाहत किया। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐξετράπησαν εἰς

यहाँ “मुँह फेर लेना” एक मुहावरा है जिसका मतलब है उन्होंने वह करना बन्द कर दिया है जिसका ख़ुदा ने हुक्म दिया है। (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

1 Timothy 1:7

νομοδιδάσκαλοι

यहाँ “शरीअत” मूसा की शरीअत से मुराद है।

μὴ νοοῦντες

अगरचे वो नहीं समझते, या “अब तक वो नहीं समझते”

जिस बात को वो इतने यक़ीनी तौर पर बयान करते हैं के सच है

1 Timothy 1:8

οἴδαμεν δὲ ὅτι καλὸς ὁ νόμος

हम समझते हैं के शरिअत मुफ़ीद है या “हम समझते हैं के शरीअत फायदेमन्द है”

ἐάν τις αὐτῷ νομίμως χρῆται

अगर एक शख्स इसे सहीह तरीक़े से इस्तेमाल करता है या “अगर एक शख्स इसे उस तरीक़े से इस्तेमाल करता है जिस तरह ख़ुदा ने इरादा किया”

1 Timothy 1:9

εἰδὼς τοῦτο

क्योंके हम इसे महसूस करते हैं या “हम भी इसे जानते हैं”

δικαίῳ νόμος οὐ κεῖται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “के ख़ुदा ने शरीअत को रास्तबाज़ आदमी के लिए नहीं बनाया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

δικαίῳ

यहाँ “आदमी” मर्द और औरत दोनों को शामिल करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक रास्तबाज़ आदमी” या “एक अच्छा शख्स”

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा ने शरीअत बनाया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 1:10

πόρνοις

यह किसी से भी मुराद है जो किसी के साथ सोता है जिस से उसने शादी नहीं की।

ἀρσενοκοίταις

आदमी जो दूसरे आदमी के साथ सोते हैं

ἀνδραποδισταῖς

वो जो लोगों को अगवा करते हैं एक ग़ुलाम के तौर पर फ़रोख्त करने के लिए या “वो जो लोगों को ग़ुलाम के तौर पर फ़रोख्त करने के लिए लेते हैं”

καὶ εἴ τι ἕτερον τῇ ὑγιαινούσῃ διδασκαλίᾳ ἀντίκειται

वो जो ऐसा कुछ भी करते हैं जो मसीही तालीम के खिलाफ़ है

1 Timothy 1:11

τὸ εὐαγγέλιον τῆς δόξης τοῦ μακαρίου Θεοῦ

उस जलाल की बाबत वह इन्जील जो ख़ुदा ए मुबारक से ताल्लुक रखती है या “जलाली और ख़ुदा ए मुबारक की इन्जील”

ὃ ἐπιστεύθην ἐγώ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो ख़ुदा ने मेरे सुपुर्द किया है और जिसके लिए मुझे जिम्मेदार बनाया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 1:12

पौलुस बताता है के माज़ी में किस तरह उसने अमल किया और ख़ुदा पर ऐतिमाद रखने के लिए तीमुथियुस की हौसला आफजाई करता है।

πιστόν με ἡγήσατο

उसने मुझे क़ाबिल ए ऐतिमाद समझा या “उसने मुझे क़ाबिल ए यक़ीन समझा”

θέμενος εἰς διακονίαν

पौलुस ख़ुदा की ख़िदमत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह कोई जगह थी जहाँ किसी को रखा जा सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उसने मुझे अपनी ख़िदमत के लिए मन्सूब किया” या “उसने मुझे अपने ख़ादिम के तौर पर मुक़र्रर किया”

1 Timothy 1:13

ὄντα βλάσφημον

मैं एक ऐसा शख्स था जो मसीह के ख़िलाफ़ बुरा बोलता था। पौलुस अपने किरदार का हवाला दे रहा है इससे क़ब्ल के वह एक मसीही था।

διώκτην

एक शख्स जिसने मसीह में ईमान रखने वालों पर ज़ुल्म किया

ὑβριστήν

एक शख्स जो दूसरे लोगों के साथ बेरहम था। यह वो शख्स था जो ईमान रखता है के उसे दूसरों को तकलीफ़ देने का हक़ है।

ἠλεήθην, ὅτι ἀγνοῶν, ἐποίησα ἐν ἀπιστίᾳ

मगर क्योंके मैं यिसू में ईमान नहीं रखता था, और मैं नहीं जनता था के मैं क्या कर रहा था, मैंने यिसू से रहम हासिल किया

ἠλεήθην

यिसू ने मुझे रहम दिखाया या “यिसू ने मुझ पर रहम किया”

1 Timothy 1:14

और फ़ज़ल

ὑπερεπλεόνασεν…ἡ χάρις τοῦ Κυρίου ἡμῶν

पौलुस ख़ुदा के फ़ज़ल का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक रक़ीक़ था जो एक ज़र्फ़ को भर सकता था और जब ज़र्फ़ भर जाये तो उसके ऊपर से बाहर छलक सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा ने मुझ पर ज़ियादा फ़ज़ल ज़ाहिर किया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

μετὰ πίστεως καὶ ἀγάπης τῆς ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

यह पौलुस पर ख़ुदा के ज़ियादा फ़ज़ल ज़ाहिर करने का नतीजा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो मेरे लिए मसीह में ऐतिमाद रखने का और उससे महब्बत करने का सबब बना”

यह यिसू की बाबत ज़िक्र करता है गोया वह एक ज़र्फ़ था जो रक़ीक़ को थामे रहता है। यहाँ “मसीह यिसू में” का यिसू के साथ रिश्ता रखने से मुराद है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “के मसीह यिसू मुझे ख़ुदा को देने के क़ाबिल बनाता है क्योंके मैं उसके साथ मुत्तहिद हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 1:15

πιστὸς ὁ λόγος

यह बयान सच है

καὶ πάσης ἀποδοχῆς ἄξιος

हमें इसे बगैर किसी शक़ के क़बूल करना चाहिए या “यह हक़ रखता है के हम इसे मुकम्मल ऐतिमाद के साथ क़बूल करें”

1 Timothy 1:16

ἠλεήθην

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा ने मुझ पर रहम किया” या “मैंने ख़ुदा से रहम हासिल किया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἵνα ἐν ἐμοὶ πρώτῳ

ताके मेरे ज़रिये, बदतरीन गुनाहगार

1 Timothy 1:17

δὲ

लफ्ज़ “अब” का इस्तेमाल यहाँ अहम तालीम से हटने के लिए एक निशानदेही के तौर पर किया गया है। यहाँ पौलुस ख़ुदा की हम्द करता है।

अब्दी बादशाह या “सदर हुक्मरान हमेशा के लिए”

τιμὴ καὶ δόξα

ख़ुलासा इस्म “इज्ज़त” और “जलाल” को फ़अल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अब लोग अज़ली बादशाह जो ग़ैर फ़ानी, नादीदा, और वाहिद ख़ुदा है, की इज्ज़त और तम्जीद अब्द अल आबाद करते रहें” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Timothy 1:18

ταύτην τὴν παραγγελίαν παρατίθεμαί σοι

पौलुस अपने हिदायात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह इन्हें तीमुथियुस के सामने जिस्मानी तौर पर रख सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैं तुझे यह हुक्म सुपुर्द कर रहा हूँ” या “यह वही है जिसका हुक्म मैं तुझे दे रहा हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τέκνον

पौलुस तीमुथियुस के साथ अपने क़रीबी ताल्लुक का ज़िक्र इस तरह कर रहा है गोया पौलुस बाप है और तीमुथियुस फ़र्ज़न्द। यह भी हो सकता है के तीमुथियुस पौलुस के ज़रिए मसीह में तब्दील हुआ था, और पस यही वजह है के पौलुस उसे अपने ख़ुद के बेटे की तरह समझा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो वाक़ई मेरे लिए फ़र्ज़न्द की तरह है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

κατὰ τὰς προαγούσας ἐπὶ σὲ προφητείας

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उस अहद के मुताबिक़ जो दीगर ईमानदारों ने तेरे बाबत पेशीनगोई किया था” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

στρατεύῃ…τὴν καλὴν στρατείαν

पौलुस तीमुथियुस की बाबत ख़ुदावन्द के लिए काम करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह एक जंग लड़ रहा सिपाही था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदावन्द के लिए महनत से काम करना ज़ारी रख” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 1:19

ἀγαθὴν συνείδησιν

एक ऐसा ज़मीर जो ग़लत की बजाय सहीह को चुनता है। देखें आपने इसे 1 तीमुथियुस 1:5 में किस तरह तर्ज़ुमा किया है ।

τινες…περὶ τὴν πίστιν ἐναυάγησαν

पौलुस ईमान का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जहाज़ था जो समन्दर में बार्बाद हो सकता था। उसका मतलब था के वो अपने ईमान को बर्बाद कर सकते थे और यिसू में मज़ीद ईमान न रख सकते थे। आप इसे या एक इसी जैसे इस्तआरे का इस्तेमाल कर सकते हैं अगर यह मन्सूबे की ज़बान में समझा जाएगा। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 1:20

Ὑμέναιος…Ἀλέξανδρος

ये आदमियों के नाम हैं। (देखें : INVALID translate/translate-names)

οὓς παρέδωκα τῷ Σατανᾷ

पौलुस इस तरह ज़िक्र करता है गोया वह जिस्मानी तौर पर इस आदमियों को शैतान को सौंप दिया था। शायद इसके मानी है के पौलुस ने उनको ईमानदारों की बिरादरी से रद्द कर दिया था। क्योंके अब वो बिरादरी का हिस्सा नहीं रहे, शैतान उनके ऊपर ताक़त रख सकता है और उन्हें नुक़सान कर सकता है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἵνα παιδευθῶσι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “के ख़ुदा उनको तालीम दे” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 2

1 तीमुथियुस 02 आम नोट

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

इत्मीनान

पौलुस हर एक के लिए दुआ करने को मसीहियों की हौसला आफजाई करता है। उन्हें हुक्मरानों के लिए दुआ करना चाहिए ताके मसीही एक दीनदार और वक़ार अन्दाज़ में इत्मीनान से रह सकें।

कलीसिया में औरतें

उलेमा इस पर मुन्क़सिम हैं के इस पारे को इसके तारीख़ी और तहज़ीबी क़रीने में किस तरह समझें। बाज़ उलेमा यक़ीन रखते हैं के मर्द और औरत हर चीजों में मुकम्मल तौर पर बराबर हैं। दीगर उलेमा यक़ीन रखते हैं के ख़ुदा ने मर्द और औरत को शादी और कलीसिया में साफ़ तौर पर मुख्तलिफ़ किरदारों में ख़िदमत के लिए पैदा किया। मुतर्ज़मीन को मोहतात रहना चाहिए के वो अपनी इस मसअले की समझ से उनके इस पारे के तर्जुमे को मुतासिर न होने दें।

इस बाब में दीगर तर्ज़ुमा के मुमकिन मुश्किलात

“दुआएं, शफ़ाअतें, और शुक्रगुज़ारियां”

ये शराअत एक दूसरे को उनके मानी में मुब्तला करते हैं। उन्हें मुख्तलिफ़ ज़ुमरे के तौर पर देखना ज़रूरी नहीं है।

1 Timothy 2:1

पौलुस तमाम लोगों के लिए दुआ करने को तीमुथियुस की हौसला आफज़ाई करता है।

πρῶτον πάντων

सबसे अहम या “सब चीज़ों से पहले”

ποιεῖσθαι δεήσεις, προσευχάς, ἐντεύξεις, εὐχαριστίας

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैं तमाम ईमानदारों से गुज़ारिश करता हूँ के ख़ुदा को मुनाजातें, दुआएं, शफ़ाअतें, और शुक्रगुज़ारियां करें” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

παρακαλῶ

मैं इल्तिजा करता हूँ या “मैं माँगता हूँ”

1 Timothy 2:2

ἤρεμον καὶ ἡσύχιον βίον

यहाँ “अम्न” और “आराम” एक ही चीज़ के मानी हैं। पौलुस चाहता के तमाम ईमानदार हुक्मरानों की तरफ से बगैर किसी परेशानी के पुर सकून ज़िन्दगी बसर करने के क़ाबिल हों। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

ἐν πάσῃ εὐσεβείᾳ καὶ σεμνότητι

जो ख़ुदा को इज्ज़त देता है और जिसकी दूसरे लोग एहतराम करेंगे

1 Timothy 2:4

ὃς πάντας ἀνθρώπους θέλει σωθῆναι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा तमाम लोगों को बचाने की और उनके लिए हक़ीक़ी इल्म में आने की ख्वाहिश रखता है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

εἰς ἐπίγνωσιν ἀληθείας ἐλθεῖν

पौलुस ख़ुदा के बाबत सच्चाई को सीखने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जगह था जहाँ लोगों को लाया जा सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो सच्चाई है उसे जानने और क़बूल करने के लिए” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 2:5

εἷς καὶ μεσίτης Θεοῦ καὶ ἀνθρώπων

एक सालिस वह शख्स होता है जो दो फ़रीकों के दरमियान पुर अम्न समझौता करने की गुफ़्तगू में मदद करता है जो एक दूसरे से मुत्तफ़िक़ नहीं हैं। यहाँ यिसू ख़ुदा के साथ एक पुर अम्न ताल्लुक़ात में दाख़िल होने के लिए गुनाहगारों की मदद करता है ।

1 Timothy 2:6

δοὺς ἑαυτὸν

अपनी मर्ज़ी से मर गया

ἀντίλυτρον ὑπὲρ πάντων

आज़ादी के एक क़ीमत के तौर पर या “आज़ादी हासिल करने के लिए एक अदायगी के तौर पर”

τὸ μαρτύριον

इसे वाज़े किया जा सकता है के यही गवाही थी के ख़ुदा सारे लोगों को बचाना चाहता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “सहीह वक़्त पर एक सबूत के तौर पर के ख़ुदा सारे लोगों को बचाना चाहता है। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

καιροῖς ἰδίοις

इसके मानी है के यही वह वक़्त था जिसे ख़ुदा ने मुन्तखिब किया था।

1 Timothy 2:7

εἰς ὃ

इसके ख़ातिर या “इस वजह से”

ἐτέθην ἐγὼ κῆρυξ καὶ ἀπόστολος

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मसीह ने मुझे, पौलुस को, एक मनादी करने वाला और एक रसूल बनाया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

διδάσκαλος ἐθνῶν ἐν πίστει καὶ ἀληθείᾳ

मैं ग़ैर क़ौमों को ईमान और सच्चाई के पैग़ाम की तालीम देता हूँ। यहाँ हो सकता है के पौलुस, “ईमान” और “सच्चाई” का इस्तेमाल एक ही ख़याल के इज़हार के लिए कर रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: मैं ग़ैर क़ौमों को सच्चे ईमान की बाबत तालीम देता हूँ” (देखें : INVALID translate/figs-hendiadys)

1 Timothy 2:8

पौलुस दुआ पर अपने हिदायात को ख़त्म करता है फिर औरतों के लिए बाज़ ख़ुसूसी हिदायात देता है।

προσεύχεσθαι…ἐπαίροντας ὁσίους χεῖρας

यहाँ “पाक हाथों” के मानी है पूरा शख्स पाक है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मैं चाहता हूँ के हर जगह मर्द जो पाक हैं अपने हाथों को उठायें और दुआ करें” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

τοὺς ἄνδρας ἐν παντὶ τόπῳ

हर जगह में मर्द या “हर जगह मर्द”। यहाँ लफ्ज़ “मर्दों” ख़ास तौर से मर्दों से मुराद है।

ἐπαίροντας ὁσίους χεῖρας

दुआ करते वक़्त अपने हाथों को उठा लेना लोगों के लिए एक आम अन्दाज़ था।

1 Timothy 2:9

ये दोनों अल्फ़ाज़ बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ के मानी हैं। पौलुस ज़ोर दे रहा है के ख़वातीन को इस तरह के कपड़े पहनने चाहिए जो मुनासिब हो और मर्दों की तरफ से ग़ैर मुनासिब तवज्जो कशिश न करे। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

μὴ ἐν πλέγμασιν

पौलुस के ज़माने में, कई रोमी ख़वातीन खुद को पुर कशिश बनाने के लिए अपने बालों को गूंथती थीं। गूंथना ही एक तरीका है जिससे एक औरत अपने बालों को ग़ैर ज़रूरी तवज्जो दे सकती है। अगर गूंथे बालों का पता न हो, इसे एक ज़ियादा आम तरीक़े से बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उनके बाल बनाने का अन्दाज़ ख़याल आफ़रीन नहीं होना चाहिए” या “उनके बाल बनाने का अन्दाज़ इस तरह दुश्वार नहीं होना चाहिए जो तवज्जो को अपनी तरफ़ खींचे” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

μαργαρίταις

ये ख़ूबसूरत और क़ीमती सफ़ेद गेंदें हैं जो लोग जेवरात के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। उन्हें एक ख़ास क़िस्म के छोटे जानवर के गोले के अन्दर शक्ल दिया जाता है जो समन्दर में रहता है।

1 Timothy 2:10

ἐπαγγελλομέναις θεοσέβειαν, δι’ ἔργων ἀγαθῶν

जो ख़ुदा को इज्ज़त देना चाहते हैं उन अच्छी चीज़ों के ज़रिये जो वो करते हैं

1 Timothy 2:11

ἐν ἡσυχίᾳ

ख़ामोशी में

ἐν πάσῃ ὑποταγῇ

और उसके ताबेदार रहें जो सिखाया जाता है

1 Timothy 2:12

मैं एक औरत को इजाज़त नहीं देता

1 Timothy 2:13

Ἀδὰμ…πρῶτος ἐπλάσθη

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “आदम वह है जिसे ख़ुदा ने पहले बनाया” या “ख़ुदा ने आदम को पहले बनाया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

εἶτα Εὕα

इस मफ़हूमा मालूमात को वाज़े तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “और फिर ख़ुदा ने हव्वा को बनाया” या “फिर ख़ुदा ने हव्वा को पैदा किया” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)

1 Timothy 2:14

Ἀδὰμ οὐκ ἠπατήθη

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “और आदम वह नहीं था जिसे साँप ने फ़रेब दिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἡ δὲ γυνὴ ἐξαπατηθεῖσα, ἐν παραβάσει γέγονεν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बल्के यह औरत थी जिसने ख़ुदा की नाफ़रमानी की जब साँप ने उसे फ़रेब दिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 2:15

σωθήσεται…διὰ τῆς τεκνογονίας

यहाँ “वह” आम तौर पर औरतों से मुराद है। मुमकिन मायने 1) ख़ुदा औरत की जिस्मानी तौर पर हिफ़ाज़त करेगा जबके वो औलाद को पैदा करती है, या 2) ख़ुदा औरतों को उनके औलाद पैदा करने के किरदार के वसीले से उनके गुनाहों से नजात देगा।

σωθήσεται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा उसे नजात देगा” या “ख़ुदा औरतों को नजात देगा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐὰν μείνωσιν

अगर वो क़ाइम रहें या “अगर वो जिंदा रहें”। यहाँ “वो” औरतों से मुराद है।

ἐν πίστει, καὶ ἀγάπῃ, καὶ ἁγιασμῷ

ख़ुलासा इस्म यहाँ फ़ाली जुमलों के साथ तर्ज़ुमा किए जा सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “यिसू पर ऐतबार करने और दूसरों को महब्बत करने और एक पाकीज़ा ज़िन्दगी बसर करने में” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

μετὰ σωφροσύνης

इस मुहावरे के लिए मुमकिन मायने 1) “अच्छे फ़ैसले के साथ”, 2) “शायस्तगी के साथ”, या 3) “खुद पर क़ाबू के ज़रिये” (देखें : INVALID translate/figs-idiom)

अगर इस मुहावरे को तर्ज़ुमे में बरक़रार रखा जाता है, तो ख़ुलासा इस्म “तन्दरुस्ती” को एक सिफ़त के साथ तर्ज़ुमा किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक तन्दरुस्त दिमाग़” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Timothy 3

1 तीमुथियुस 03 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

1 तीमुथियुस 3:16 शायद एक नग़मा, नज़्म, या अक़ीदा था जो इब्तदाई कलीसिया अहम अक़ायद में दर्ज करती थी जिसे तमाम ईमानदार मुश्तरका करते थे।

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

निगहबान और ख़ादिम

कलीसिया ने कलीसिया के रहबरों के लिए मुख्तलिफ़ ख़िताब इस्तेमाल किये हैं। बाज़ ख़िताब बुज़ुर्ग, चरवाहा, और निगहबान शामिल करते हैं। लफ्ज़ “निगहबान” अस्ल ज़बान के मानी को आयात 1-2 में अक्स डालता है। पौलुस “ख़ादिमों” के बाबत आयात 8 और 12 में एक दूसरे क़िस्म के कलीसियाई रहबर के तौर पर लिखता है।

इस बाब में दीगर तर्ज़ुमा के मुमकिन मुश्किलात

किरदार की ख़ुसूसियात

इस बाब में कई ख़ुसूसियात की फेहरिस्त दी गयी है जो एक आदमी में होना ज़रूरी है अगर उसे कलीसिया में एक निगहबान या ख़ादिम होना है। (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

1 Timothy 3:1

पौलुस बाज़ ख़ुसूसी हिदायात देता है के कलीसिया के निगहबानों को किस तरह अमल करना और होना है।

καλοῦ ἔργου

एक क़ाबिल ए इज्ज़त काम

1 Timothy 3:2

μιᾶς γυναικὸς ἄνδρα

एक निगहबान की सिर्फ़ एक बीवी होनी चाहिए। यह वाज़े नहीं है के क्या यह उन मर्दों को शामिल करता है या नहीं जिसकी पहले बीवी मर चुकी हो, या तलाक़शुदा हो, या कभी शादी न किए हों।

δεῖ…εἶναι…νηφάλιον, σώφρονα, κόσμιον, φιλόξενον

उसे कुछ भी बहुत ज़ियादा नहीं करना चाहिए, मुनासिब और अच्छा रवैया होना चाहिए, और अजनबियों के साथ दोस्ताना होना चाहिए

1 Timothy 3:3

μὴ πάροινον, μὴ πλήκτην, ἀλλὰ ἐπιεικῆ, ἄμαχον

उसे न तो बहुत ज़ियादा शराब पीना चाहिए और न ही लड़ाई और बहस पसन्द करने वाला होना चाहिए, बल्के इसके बजाय उसे नरम और अम्न पसन्द होना चाहिए

ἀφιλάργυρον

दौलत का लालची

1 Timothy 3:4

προϊστάμενον

उसे रहनुमाई करना चाहिए या “उसे ख़याल रखना चाहिए”

ἐν ὑποταγῇ, μετὰ πάσης σεμνότητος

मुमकिन मायने 1) निगहबान के बच्चों को अपने वालिद के फरमाँबरदार और इज्ज़त से पेश आना चाहिए या 2) निगहबान के बच्चों को हर एक के साथ इज्ज़त से पेश आना चाहिए या 3) निगहबान को अपने घरवालों का एहतराम करना चाहिए जब वह उनकी रहनुमाई करता है।

मुकम्मल एहतराम या “हर वक़्त एहतराम”

1 Timothy 3:5

क्योंके जब एक आदमी बन्दोबस्त नहीं कर सकता

εἰ δέ τις τοῦ ἰδίου οἴκου προστῆναι οὐκ οἶδεν, πῶς ἐκκλησίας Θεοῦ ἐπιμελήσεται?

पौलुस तीमुथियुस को सिखाने के लिए एक सवाल का इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वह ख़ुदा की कलीसिया का ख़याल नहीं रख सकता”। या “वह ख़ुदा की कलीसिया की रहनुमाई के क़ाबिल न होगा”। (देखें : INVALID translate/figs-rquestion)

ἐκκλησίας Θεοῦ

यहाँ “कलीसिया” ख़ुदा के लोगों की एक मक़ामी जमाअत से मुराद है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा के लोगों की एक जमाअत” या “जिन ईमानदारों के ऊपर वह जिम्मेवार है” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

1 Timothy 3:6

μὴ νεόφυτον

“वह एक नया ईमानदार नहीं होना चाहिए या “वह एक कामिल ईमानदार होना चाहिए”

ἵνα μὴ…εἰς κρίμα ἐμπέσῃ τοῦ διαβόλου

पौलुस ग़लत काम करने पर मलामत करने के तजुर्बे का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक सुराख़ था जिसमे एक शख्स गिर सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा उसकी मलामत करे जिस तरह उसने इब्लीस की मलामत की” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 3:7

τῶν ἔξωθεν

जो कलीसिया के बाहर हैं। पौलुस कलीसिया का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जगह थी, और ग़ैर ईमानदारों का इस तरह गोया वो जिस्मानी तौर पर इसके बाहर थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो मसीही नहीं हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ εἰς ὀνειδισμὸν ἐμπέσῃ

रुसवाई और इब्लीस जो किसी को गुनाह कराने का बाईस हैं, पौलुस इनकी बाबत कहता है गोया ये एक सुराख़ या फन्दा थे जिसमे एक शख्स गिर जाता है। यहाँ “में गिरना” का मतलब तजुर्बा करना है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ग़ैर ईमानदारों के सामने उसे कुछ भी शर्मिन्दा नहीं करता और पस इब्लीस उससे गुनाह नहीं करवाता” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 3:8

पौलुस बाज़ ख़ुसूसी हिदायात देता है के कलीसिया के ख़ादिमों और उनकी बीवियों को किस तरह अमल करना और होना चाहिए।

διακόνους ὡσαύτως

ख़ादिम, निगहबानों की मानिन्द

μὴ διλόγους

पौलुस इन लोगों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया ये “दोहरी बात करने वाले” थे या एक ही वक़्त में दो बातें कह सकते थे। उसका मतलब है के शख्स एक बात कहता है मगर उसके मानी कुछ और है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मुनासिब तरीक़े से अमल करना चाहिए और जो वह कहते हैं उसके मानी वही होना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 3:9

ἔχοντας

वह पैग़ाम ए हक़ जिसे ख़ुदा ने हम पर ज़ाहिर किया और जिस पर हम ईमान रखते हैं उन्हें इस पर ईमान ज़ारी रखना चाहिए। यह एक सच्चाई का हवाला है जो कुछ वक़्त के लिए मौजूद था मगर ख़ुदा उन्हें उस लमहे में वह दिखा रहा था। पौलुस ख़ुदा की सच्ची तालीम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जो एक शख्स अपने पास रख सकता था। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

τὸ μυστήριον

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो सच्चाई ख़ुदा ने ज़ाहिर किया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐν καθαρᾷ συνειδήσει

पौलुस एक शख्स के इल्म की बाबत के उसने कुछ ग़लत नहीं किया है, इस तरह कहता है गोया वह इल्म या ज़मीर साफ़ थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ईमान, जानकर उन्होंने जो सहीह है उसे करने की पूरी कोशिश की” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 3:10

οὗτοι…δοκιμαζέσθωσαν πρῶτον

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उन्हें दूसरे ईमानदारों की मंज़ूरी पहले मिलनी चाहिए” या “उन्हें ख़ुद को पहले साबित करना चाहिए” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

इसके मानी है दूसरे ईमानदार उनकी तश्खीस करें जो ख़ादिम बनना चाहता है और तय करें के वह कलीसिया में ख़िदमत करने के क़ाबिल है या नहीं।

1 Timothy 3:11

γυναῖκας

मुमकिन मायने 1) “औरतें” खादिमों की बीवियों से मुराद है या 2) “औरतें” औरत खादिमाओं से मुराद है।

σεμνάς

मुनासिब अमल करे या “एहतराम के क़ाबिल हो”

μὴ διαβόλους

उन्हें दूसरे लोगों की बाबत बुरा नहीं बोलना चाहिए

νηφαλίους

कुछ भी बहुत ज़ियादा नहीं करना चाहिए। देखें आपने इसे 1 तीमुथियुस 3:2 में किस तरह तर्जुमा किया है।

1 Timothy 3:12

μιᾶς γυναικὸς ἄνδρες

एक आदमी की सिर्फ़ एक ही बीवी होनी चाहिए। यह वाज़े नहीं है के क्या यह उन मर्दों को शामिल करता है या नहीं जिसकी पहले बीवी मर चुकी हो, या तलाक़शुदा हो, या कभी शादी न किए हों। देखें आपने इसे 1 तीमुथियुस 3:2 में किस तरह तर्जुमा किया है।

τέκνων καλῶς προϊστάμενοι καὶ τῶν ἰδίων οἴκων

अपने बच्चों और दूसरे जो उसके घर में रहते हैं उनकी रहनुमाई करे और मुनासिब तरीक़े से ख़याल रखे

1 Timothy 3:13

γὰρ

उन खादिमों के लिए या “इन कलीसिया के रहनुमाओं के लिए

खुद के लिए हासिल करें या “खुद के लिए फ़ायदा करें”

βαθμὸν…καλὸν

मफ़हूम मानी को वाज़े तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “दूसरे ईमानदारों के दरमियान अच्छा मर्तबा” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

καὶ πολλὴν παρρησίαν ἐν πίστει τῇ ἐν Χριστῷ Ἰησοῦ

मुमकिन मायने 1) वो यिसू में और ज़ियादा यक़ीन के साथ ऐतिमाद करेंगे या 2) वो दूसरे लोगों से यिसू में अपने ईमान की बाबत ज़ियादा यक़ीन के साथ बोलेंगे।

1 Timothy 3:14

पौलुस तीमुथियुस से उसे लिखने की वजह बताता है और फिर मसीह की दीनदारी का बयान करता है।

1 Timothy 3:15

ἐὰν δὲ βραδύνω

बल्के किसी सूरत में मैं जल्द वहाँ न जा सकूँ या “बल्के अगर कुछ मुझे वहाँ जल्द आने से रोकता है”

ἵνα εἰδῇς πῶς δεῖ ἐν οἴκῳ Θεοῦ ἀναστρέφεσθαι

पौलुस ईमानदारों के जमाअत का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो एक ख़ानदान थे। मुमकिन मायने 1) पौलुस कलीसिया में सिर्फ़ तीमुथियुस के रवैये का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ताके तू जान सके के ख़ुदा के कुन्बे के रुकन की हैसियत से ख़ुद को किस तरह बर्ताव करना है” या 2) पौलुस आम तौर पर ईमानदारों का हवाला दे रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ताके तुम सब जान सको के ख़ुदा के कुन्बे के अरकान की हैसियत से ख़ुद को किस तरह बर्ताव करना है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

οἴκῳ Θεοῦ…ἥτις ἐστὶν ἐκκλησία Θεοῦ ζῶντος

यह जुमला हमें ख़ुदा का घराना जो के कलीसिया है और वह जो कलीसिया नहीं है इनके दरमियान फ़र्क बताने की बजाय “ख़ुदा के घराने” की बाबत मालूमात देता है। इसे एक नए जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा का घराना। वो जो ख़ुदा के कुन्बे से ताल्लुक रखते हैं, ज़िन्दा ख़ुदा में ईमानदारों की जमाअत हैं” (देखें : INVALID translate/figs-distinguish)

στῦλος καὶ ἑδραίωμα τῆς ἀληθείας

पौलुस ईमानदारों का मसीह की सच्चाई के बाबत गवाही देने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो एक सतून और बुनियाद थे जो एक इमारत को सहारा दे रहे हों। इसे एक नए जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो के ज़िन्दा ख़ुदा की कलीसिया है। और, ख़ुदा की सच्चाई की हिफ़ाजत करने और तालीम देने के ज़रिये, कलीसिया के ये अरकान सच को इस तरह सहारा देते हैं जिस तरह सतून और बुनियाद एक इमारत को सहारा देते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

Θεοῦ ζῶντος

हो सकता है यहाँ यह बयान ख़ुदा का ज़िक्र जो सब को ज़िन्दगी देता है के तौर पर कर रहा है, जैसा के UST में।

1 Timothy 3:16

कोई इन्कार नहीं कर सकता

μέγα ἐστὶν τὸ τῆς εὐσεβείας μυστήριον

के ख़ुदा ने जो सच्चाई ज़ाहिर किया है वह अज़ीम है

ὃς ἐφανερώθη ἐν σαρκί, ἐδικαιώθη ἐν Πνεύματι, ὤφθη ἀγγέλοις, ἐκηρύχθη ἐν ἔθνεσιν, ἐπιστεύθη ἐν κόσμῳ, ἀνελήμφθη ἐν δόξῃ

ज़ियादा मुमकिन है के यह एक नग्मा या नज़्म है पौलुस जिसका इक्तबास कर रहा है। अगर आपकी ज़बान में यह इशारा करने का तरीक़ा है के यह एक शायरी है आप यहाँ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर नहीं, आप इसे शायरी की बजाय बाक़ायदा नसर के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं। (देखें : INVALID translate/writing-poetry)

ὃς ἐφανερώθη ἐν σαρκί

यहाँ “वह” मुबहम है। यह “ख़ुदा” का हवाला हो सकता है या “मसीह” का। इसे “वह” के तौर पर तर्जुमा करना बेहतरीन हो सकता है। अगर आप को ज़ियादा ख़ास होना है तो आप इसका तर्जुमा “मसीह जो ख़ुदा है” या “मसीह” के तौर पर कर सकते हैं।

ἐν σαρκί

पौलुस यहाँ “जिस्म” का इस्तेमाल एक इन्सान के मानी के तौर पर करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक सच्चे इन्सान के तौर पर”

ἐδικαιώθη ἐν Πνεύματι

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “रूह उल क़ुद्स ने तस्दीक़ किया के वह वही था जो उसने कहा के वह था” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ὤφθη ἀγγέλοις

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “फिरिश्तों ने उसे देखा” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐκηρύχθη ἐν ἔθνεσιν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “कई अक़वाम में लोगों ने उसके बाबत दूसरों को बताया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐπιστεύθη ἐν κόσμῳ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “दुनिया के कई हिस्सों में लोगों ने उस पर ईमान लाया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἀνελήμφθη ἐν δόξῃ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा बाप ने उसे जलाल में ऊपर आसमान पर उठा लिया” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἀνελήμφθη ἐν δόξῃ

इसके मानी है उसने ख़ुदा बाप से क़ुव्वत हासिल किया और वह इज्ज़त के क़ाबिल है।

1 Timothy 4

1 तीमुथियुस 04 आम नोट

साख्त और वज़ाकारी

1 तीमुथियुस 4:1 एक पेशीनगोई है। (देखें : नबी , नबी , नबूव्वत ,नबूव्वतें ,नबीया , नबीय )

इस बाब में दीगर तर्जुमा के मुमकिन मुश्किलात

आइन्दा ज़माने

यह आख़िरी अय्याम का हवाला देने का दूसरा तरीक़ा है। (देखें : आखरी दिन, आख़िरी दिनों, बा’द के दिनों )

1 Timothy 4:1

पौलुस तीमुथियुस को बताता है के जो रूह कहता है वह होगा और उसमे उसकी हौसला आफजाई करता है जिसकी उसे तालीम देनी चाहिए।

δὲ

इस लफ्ज़ का इस्तेमाल यहाँ अहम तालीम से हटने के लिए एक निशानदेही के तौर पर किया गया है। यहाँ पौलुस अपनी तालीम का एक नया हिस्सा बताना शुरू करता है।

ἐν ὑστέροις καιροῖς

मुमकिन मायने 1) यह पौलुस के मरने के बाद के वक़्त से मुराद है या 2) यह पौलुस की अपनी ज़िन्दगी में एक बाद का वक़्त है।

ἀποστήσονταί τινες τῆς πίστεως

पौलुस लोगों का मसीह में भरोसा करना छोड़ने का ज़िक्र करता है गोया वो जिस्मानी तौर पर एक जगह या एक चीज़ को छोड़ रहे थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “यिसू में भरोसा रखना बन्द करना” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

προσέχοντες

और तवज्जो देते है या “क्योंके वो तवज्जो दे रहे हैं”

πνεύμασι πλάνοις καὶ διδασκαλίαις δαιμονίων

रूहें जो लोगों को गुमराह करती हैं और वह चीज़ें जो बदरूहें सिखाती हैं

1 Timothy 4:2

ἐν ὑποκρίσει ψευδολόγων

इसे एक अलग जुमले के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ये लोग रियाकार होंगे और झूट बोलेंगे”

κεκαυστηριασμένων τὴν ἰδίαν συνείδησιν

मुमकिन मायने 1) पौलुस उन लोगों का ज़िक्र कर रहा है जो मज़ीद और बता नहीं सकते के वो ग़लत कर रहे हैं गोया उनके ज़हन इस तरह बर्बाद हो गए हैं जैसे खाल जिसे किसी ने गर्म लोहे से जला दिया हो या 2) पौलुस इन लोगों का ज़िक्र इस तरह कर रहा है गोया शैतान ने इन लोगों को गर्म लोहे से दाग़ दिया है इस निशानदेही के तौर पर के वो उससे ताल्लुक रखते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 4:3

ये लोग

κωλυόντων γαμεῖν

यह मफ़हूम है के वो ईमानदारों को शादी करने से मना करेंगे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ईमानदारों को शादी से मना करना” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ἀπέχεσθαι βρωμάτων

यह मफ़हूम है के वो सिर्फ़ कुछ ख़ास खानों से मना करेंगे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वो ईमानदारों को कुछ खानों से परहेज़ करने का हुक्म देंगे” या “वो लोगों को कुछ ख़ास खानों को खाने की इजाज़त नहीं देंगे” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Timothy 4:4

πᾶν κτίσμα Θεοῦ καλόν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हर एक शय जो ख़ुदा ने पैदा किया अच्छा है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

οὐδὲν ἀπόβλητον μετὰ εὐχαριστίας λαμβανόμενον

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हमें ऐसी किसी चीज़ से इन्कार नहीं करना चाहिए जिसके लिए हम ख़ुदा को शुक्र अदा करते हैं” या “हर एक चीज़ जो हम शुक्रगुजारी के साथ खाते हैं क़ाबिल ए क़बूल है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 4:5

यहाँ “ख़ुदा का कलाम” और “दुआ” का एक साथ इस्तेमाल एक ही ख़याल के इज़हार के लिए किया गया है। दुआ उस सच्चाई के साथ रज़ामन्दी में है जो ख़ुदा ने ज़ाहिर किया है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “इसे ख़ुदा के इस्तेमाल के लिए उसके कलाम के साथ रज़ामन्दी में दुआ के ज़रिये वक्फ़ किया गया है” (देखें : INVALID translate/figs-hendiadys)

ἁγιάζεται

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हम इसे पाक करते हैं” या “हमने इसे मख्सूस किया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

διὰ λόγου Θεοῦ

यहाँ “कलाम” ख़ुदा के पैग़ाम से मुराद है या जो उसने ज़ाहिर किया है। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

1 Timothy 4:6

ταῦτα ὑποτιθέμενος τοῖς ἀδελφοῖς

पौलुस अपने हिदायात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चीज़ें थीं जिन्हें ईमानदारों को जिस्मानी तौर पर पेश किया जा सकता था। यहाँ, आगे रखने का मतलब है हिदायत देना या याद दिलाना। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अगर तू ईमानदारों को ये बातें याद दिलाने में मदद करे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ταῦτα

यह उस तालीम से मुआराद है जो 1 तीमुथियुस 3:16 में शुरू हुआ।

τοῖς ἀδελφοῖς

यह तमाम ईमानदारों से मुराद है ख्वाह मर्द हों या औरत। (देखें : INVALID translate/figs-gendernotations)

ἐντρεφόμενος τοῖς λόγοις τῆς πίστεως, καὶ τῆς καλῆς διδασκαλίας ᾗ παρηκολούθηκας

पौलुस ख़ुदा के कलाम और तालीम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह तीमुथियुस को जिस्मानी तौर पर खिला और उसे मज़बूत बना सकता था। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ईमान के अल्फ़ाज़ और अच्छी तालीम जिसकी तू पैरवी करता आया है, मसीह में तेरे ऐतिमाद को ज़ियादा मज़बूत बना रहे हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor) और INVALID translate/figs-activepassive)

τοῖς λόγοις τῆς πίστεως, καὶ τῆς καλῆς διδασκαλίας

अल्फ़ाज़ जो लोगों को ईमान लाने का बाईस हैं

1 Timothy 4:7

τοὺς…βεβήλους καὶ γραώδεις μύθους

बेहूदा कहानियाँ और बूढ़ियों की कहानियाँ। “कहानियों” के लिए लफ्ज़ वही है जैसा के 1 तीमुथियुस 1:4 में “फ़र्ज़ी दास्तानों” के लिए है, पस आपको इसे यहाँ उसी तरह तर्जुमा करना चाहिए।

τοὺς…γραώδεις μύθους

शायद यह एक बयान है जिसके मानी “बेवक़ूफ़” या “बेहूदा” है। पौलुस अपने “बूढ़ियों” के हवाले में जान बूझकर औरतों की तौहीन नहीं कर रहा है। इसके बजाय, वह और उसके सामईन जानते थे के आदमी औरतों के मुकाबले कम उम्र में मरते हैं, पस वहाँ मर्दों से ज़ियादा औरतें हैं जिनके ज़हन बुढ़ापे की वजह से कमज़ोर हो गए हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

γύμναζε…σεαυτὸν πρὸς εὐσέβειαν

ख़ुदा के एहतराम के लिए अपनी तरबियत कर या “इस तरह की अमल करने के लिए अपनी तरबियत कर जो ख़ुदा को ख़ुश करता है”

1 Timothy 4:8

σωματικὴ γυμνασία

जिस्मानी वर्ज़िश

ἐπαγγελίαν ἔχουσα

इस ज़िन्दगी के लिए फ़ायदेमन्द है

1 Timothy 4:9

καὶ πάσης ἀποδοχῆς ἄξιος

तेरे मुकम्मल ईमान के क़ाबिल या “तेरे पूरे भरोसे के लाइक़”

1 Timothy 4:10

εἰς τοῦτο γὰρ

यही वजह है

κοπιῶμεν καὶ ἀγωνιζόμεθα

अल्फ़ाज़ “जाँफ़िशानी” और “बहुत महनत” बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ के मानी हैं। पौलुस एक साथ उनका इस्तेमाल इस बात पर ज़ोर देने के लिए करता है के वो किस शिद्दत से ख़ुदा की ख़िदमत करते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-doublet और INVALID translate/figs-metaphor)

Θεῷ ζῶντι

यहाँ “ज़िन्दा ख़ुदा” का शायद “ख़ुदा, जो हर शय को ज़िन्दगी देता है” मानी है”।

मफ़हूमा मालूमात वाज़े तौर पर बयान किये जा सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मगर वह ख़ास तौर से उनका नजात दहिन्दा है जो ईमान रखते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)

1 Timothy 4:11

इन चीज़ों की हुक्म और तालीम दे या “इन चीज़ों की हुक्म और तालीम दे जिनका मैंने अभी ज़िक्र किया”

1 Timothy 4:12

μηδείς σου τῆς νεότητος καταφρονείτω

कोई तुझे इस वजह से कम अहम न समझे के तू जवान है

1 Timothy 4:13

πρόσεχε τῇ ἀναγνώσει, τῇ παρακλήσει, τῇ διδασκαλίᾳ

अल्फ़ाज़ “पढ़ना”, “नसीहत करना”, और “तालीम देना” फ़ाली जुमलों के साथ तर्जुमा किये जा सकते हैं। मफ़हूम मालूमात भी तर्जुमे में फ़राहम किये जा सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “लोगों के लिए किताब ए मुक़द्दस पढ़ना, लोगों की नसीहत करना, और लोगों को तालीम देना ज़ारी रख” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns और INVALID translate/figs-explicit)

1 Timothy 4:14

μὴ ἀμέλει τοῦ ἐν σοὶ χαρίσματος

पौलुस तीमुथियुस का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह कोई ज़र्फ़ हो जो ख़ुदा की नेमतें थाम सकता है। इसे मुश्बत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अपने रूहानी नेमतों से ग़फ़लत न कर” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

μὴ ἀμέλει τοῦ ἐν σοὶ χαρίσματος

इसे मुश्बत की शक्ल में बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ज़रूर इस्तेमाल कर” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ὃ ἐδόθη σοι διὰ προφητείας

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जिसे तूने हासिल किया जब कलीसिया के रहनुमाओं ने ख़ुदा का कलाम बोला” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐπιθέσεως τῶν χειρῶν τοῦ πρεσβυτερίου

यह एक रस्म था जिसमे कलीसिया के रहनुमाओं ने तीमुथियुस पर अपने हाथ रखे और दुआ की के ख़ुदा उसे वह काम करने के क़ाबिल बनाये जो उसने उसे करने का हुक्म दिया था।

1 Timothy 4:15

ἐν τούτοις ἴσθι

पौलुस तीमुथियुस के ख़ुदा की नेमतों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वह जिस्मानी तौर पर उनमे हो सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ये सारी चीज़ें कर और उनके मुताबिक़ ज़िन्दगी बसर कर” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

पौलुस ख़ुदा की ख़िदमत में तीमुथियुस की क़ाबिलियत इज़ाफ़े का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक जिस्मानी चीज़ थी जिसे दूसरे देख सकते थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “पस दूसरे लोग जानेंगे के तू ख़ुदा की ख़िदमत बेहतर से बेहतर तौर पर कर रहा है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 4:16

ἔπεχε σεαυτῷ καὶ τῇ διδασκαλίᾳ

ख़ुद को एहतियात से पेश कर और तालीम पर तवज्जो दे या “अपने ख़ुद के रवैये पर क़ाबू कर और तालीम पर तवज्जो दे”

ἐπίμενε αὐτοῖς

ये बातें करना ज़ारी रख

καὶ σεαυτὸν σώσεις καὶ τοὺς ἀκούοντάς σου

मुमकिन मायने 1) तीमुथियुस खुद को और उन्हें जो उसकी सुनते हैं ख़ुदा के अदालत से बचाएगा या 2) तीमुथियुस खुद को और उन्हें जो उसकी सुनते हैं झूटे उसात्ज़ा के असर व रसूख़ से बचाएगा।

1 Timothy 5

1 तीमुथियुस 05 आम नोट

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

इज्ज़त और एहतराम

पौलुस बड़े उम्र रसीदा मसीहियों की इज्ज़त और एहतराम करने के लिए कम उम्र के मसीहियों की हौसला आफजाई करता है। तहज़ीबें मुख्तलिफ़ तरीक़ों से बड़े उम्र के लोगों का इज्ज़त और एहतराम करती हैं।

बेवाएं

क़दीम में मशरिक़ के क़रीब, बेवाओं का ख़याल रखना अहम था, क्योंके वो ख़ुद के लिए फ़राहम नहीं कर सकती थीं।

1 Timothy 5:1

पौलुस ये अहकामात एक शख्स, तीमुथियुस को दे रहा था। वह ज़बानें जिनमे मुख्तलिफ़ क़िस्मों के “तुम” या अहकामात के लिए मुख्तलिफ़ क़िस्में होती है, यहाँ वाहिद क़िस्म का इस्तेमाल करें। (देखें : INVALID translate/figs-you)

पौलुस तीमुथियुस को बताना ज़ारी रखता है के कलीसिया में मर्दों, औरतों, बेवाओं, और जवान औरतों से किस तरह सुलूक करते हैं।

πρεσβυτέρῳ μὴ ἐπιπλήξῃς

एक बड़े उम्र रसीदा आदमी को सख्ती से न बोल

ἀλλὰ παρακάλει

इसके बजाय, उसकी हौसला आफजाई कर

ὡς πατέρα…ὡς ἀδελφούς

पौलुस इन मिसालात का इस्तेमाल तीमुथियुस को यह बताने के लिए करता है के उसे साथी ईमानदारों से ख़ालिस महब्बत और एहतराम के साथ सुलूक करना चाहिए। (देखें : INVALID translate/figs-simile)

1 Timothy 5:2

ὡς μητέρας…ὡς ἀδελφὰς

पौलुस इन मिसालात का इस्तेमाल तीमुथियुस को यह बताने के लिए करता है के उसे साथी ईमानदारों से ख़ालिस महब्बत और एहतराम के साथ सुलूक करना चाहिए। (देखें : INVALID translate/figs-simile)

मफ़हूमा मालूमात को आप वाज़े तौर पर बयान कर सकते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जवान औरतों की नसीहत कर” या “जवान औरतों की हौसला आफजाई कर” (देखें : INVALID translate/figs-ellipsis)

ἐν πάσῃ ἁγνίᾳ

ख़ालिस ख़यालात और आमाल के साथ या “एक पाकीज़ा तरीक़े से”

1 Timothy 5:3

χήρας τίμα

एहतराम कर और बेवाओं के लिए फ़राहम कर

τὰς ὄντως χήρας

बेवाएं जिनके साथ उनके लिए कोई फ़राहम करने वाला नहीं है

1 Timothy 5:4

πρῶτον

सब से पहले उन्हें सीखना चाहिए या “उन्हें इसे सीखने को तरजीह बनाने दे”

τὸν ἴδιον οἶκον

उनके अपने कुन्बे को या “उनको जो उनके घरों में रहते हैं”

ἀμοιβὰς ἀποδιδόναι τοῖς προγόνοις

उनके वालिदीन ने जो अच्छी चीज़ें उन्हें दी हैं उसके बदले में उन्हें अपने वालिदीन के लिए अच्छा करने दे

1 Timothy 5:5

ἡ…ὄντως χήρα καὶ μεμονωμένη

बल्के वह जो वाक़ई में एक बेवा है जिसका कोई कुन्बा नहीं है

προσμένει ταῖς δεήσεσιν καὶ ταῖς προσευχαῖς

वह मुनाजात और दुआएं करना ज़ारी रखती है

ταῖς δεήσεσιν καὶ ταῖς προσευχαῖς

ये दोनों अल्फ़ाज़ बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ के मानी हैं। पौलुस इनका इस्तेमाल यह ज़ोर देने के लिए करता है के किस तरह बेवाएं दुआ करती हैं। (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

νυκτὸς καὶ ἡμέρας

अल्फ़ाज़ “रात” और “दिन” एक साथ इस्तेमाल किये गए हैं जिसका मतलब है “हर वक़्त” (देखें : INVALID translate/figs-merism)

1 Timothy 5:6

ζῶσα τέθνηκεν

पौलुस उन लोगों का ज़िक्र इस तरह करता है जो ख़ुदा को ख़ुश करने के तालिब नहीं रहते गोया वो मुर्दा थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक मुर्दा शख्स की मानिन्द है, वह ख़ुदा को जवाब नहीं देती” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

यह जिस्मानी ज़िन्दगी से मुराद है

1 Timothy 5:7

καὶ ταῦτα παράγγελλε, ἵνα ἀνεπίλημπτοι ὦσιν

इन बातों का हुक्म दे

ताके उनमे कोई ग़लती न पा सके। “वो” के मुमकिन मायने 1) “ये बेवाएं और इनके कुन्बे” या 2) “ईमानदार”। यह बेहतरीन होना चाहिए के मज़मून को “वो” के तौर पर छोड़ दें।

1 Timothy 5:8

τις τῶν ἰδίων καὶ μάλιστα οἰκείων οὐ προνοεῖ

अपने रिश्तेदारों की ज़रूरतों में मदद न करता हो, ख़ास तौर से ख़ानदान के वो अफ़राद जो उसके घर में रहते हैं

τὴν πίστιν ἤρνηται

उसने उस सच्चाई के खिलाफ़ अमल किया जिस पर हमारा ईमान है

ἔστιν ἀπίστου χείρων

उनसे बदतर है जो यिसू में ईमान नहीं रखते। पौलुस का मतलब है यह शख्स एक ग़ैर ईमानदार से बदतर है क्योंके ग़ैर ईमानदार भी अपने रिश्तेदारों का ख़याल रखते हैं। पस, एक ईमानदार को यक़ीनन अपने रिश्तेदारों का ख़याल रखना चाहिए।

1 Timothy 5:9

χήρα καταλεγέσθω

ऐसा लगता है लिखी हुई या नहीं, बेवाओं की एक फ़ेहरिस्त रही है। कलीसिया के अरकान इन औरतों के पनाह, कपड़े, और खाने की ज़रूरतों को पूरा करते थे, और इन औरतों से उम्मीद किया जाता था के वो अपनी ज़िन्दगी मसीही बिरादरी की ख़िदमत में निसार कर दें।

μὴ ἔλαττον ἐτῶν ἑξήκοντα γεγονυῖα

जिस तरह पौलुस 5:11-16 में वजाहत करेगा, बेवाएं जो 60 बरस से कम की हो दोबारा शादी कर सकती हैं। पस मसीही बिरादरी को सिर्फ़ उन बेवाओं का ख़याल रखना था जो 60 बरस से ज़ियादा की थीं। (देखें : INVALID translate/translate-numbers)

ἑνὸς ἀνδρὸς γυνή

मुमकिन मायने 1) वह हमेशा अपने शौहर के साथ वफ़ादार थी या 2) उसने अपने शौहर को तलाक़ नहीं दिया था फिर दूसरे आदमी से शादी नहीं की थी।

1 Timothy 5:10

ἐν ἔργοις καλοῖς μαρτυρουμένη

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “लोगों को लाज़िम है के वह उसके अच्छे कामों की तस्दीक़ कर सकें” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐξενοδόχησεν

अजनबियों का अपने घर में खैर मक़दम किया हो

ἁγίων πόδας ἔνιψεν

उन लोगों के मैले पाँव धोना जो धूल और कीचड़ में चल रहे हों और ज़िन्दगी को उनके लिए क़ाबिल ए लुत्फ़ बनाना दूसरों की ज़रुरत पूरा करने का एक तरीक़ा है। शायद इसके मानी यह है के उसने आम तौर पर शायस्ता काम किया। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “दीगर ईमानदारों की मदद के लिए आम काम किया हो। (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἁγίων

बाज़ तर्जुमे इस लफ्ज़ को “ईमानदारों” या “ख़ुदा के मुक़द्दसों” के तौर पर तर्जुमा करते हैं। ज़रूरी ख़याल मसीही ईमानदारों का हवाला देना है।

θλιβομένοις ἐπήρκεσεν

यहाँ “मुसीबत ज़दा” एक बराए नाम सिफ़त है जिसे एक सिफ़त के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उनकी मदद की हो जो तकलीफ़ में हैं” (देखें : INVALID translate/figs-nominaladj)

παντὶ ἔργῳ ἀγαθῷ ἐπηκολούθησεν

खुद को तमाम क़िस्म के अच्छे कामों के लिए दे दिया हो

1 Timothy 5:11

νεωτέρας δὲ χήρας παραιτοῦ

मगर फ़ेहरिस्त में जवान बेवाओं को शामिल न करना। मसीही बिरादरी उनकी मदद करती थी जिन बेवाओं की उम्र 60 बरस और उससे से ज़ियादा थी।

ὅταν…καταστρηνιάσωσιν τοῦ Χριστοῦ

क्योंके जब वो अपने जिन्सी ख्वाहिशात को पूरा करने और शादी करने को तरजीह देती है, वो एक बेवा के तौर पर मसीह की ख़िदमत करने के वादे के ख़िलाफ़ जाती हैं

1 Timothy 5:12

τὴν πρώτην πίστιν ἠθέτησαν

उनके पहले वादे को बरक़रार नहीं रखतीं या “वह नहीं करती जिसे करने का पहने उन्होंने वादा किया था”

बेवाओं की सुपुर्दगी अपनी बाक़ी की ज़िन्दगी से मसीही बिरादरी की ख़िदमत करने की उनकी रज़ामन्दी थी अगर बिरादरी उनकी ज़रूरतें फ़राहम करेगी।

1 Timothy 5:13

ἀργαὶ μανθάνουσιν

कुछ भी नहीं करने की आदत में पड़ना

φλύαροι καὶ περίεργοι, λαλοῦσαι τὰ μὴ δέοντα

ये तीन जुमले शायद एक ही अमल को तीन तरह से कहने के तरीक़े हैं। इन लोगों को दूसरों के निजी ज़िन्दगी पर गौर करना और उसके बाबत दूसरों को बताना नहीं चाहिए जो सुनने के बाद कोई बेहतर नहीं हैं।

φλύαροι

ऐसे अल्फ़ाज़ जो सुनने वाले की मदद नहीं करते

जो लोग दूसरे लोगों की ज़िन्दगी पर उनकी अपनी भलाई के लिए गौर करते हैं और दूसरों की भलाई के लिए नहीं

1 Timothy 5:14

अपने घर में हर एक का ख़याल रखना

τῷ ἀντικειμένῳ

मुमकिन मायने 1) यह शैतान से मुराद है या 2) यह ग़ैर ईमानदारों से मुराद है जिनकी मसीहियों से दुश्मनी है।

यहाँ “हमें” पूरी मसीही बिरादरी से मुराद है जिसमे तीमुथियुस भी शामिल है। (देखें : INVALID translate/figs-inclusive)

1 Timothy 5:15

ἐξετράπησαν ὀπίσω τοῦ Σατανᾶ

पौलुस मसीह के तरफ़ वफ़ादारी से जीने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह पैरवी करने के लिए एक रास्ता था। इसके मानी है औरत ने यिसू की अताअत करना बन्द कर दिया था और शैतान की अताअत करना शुरू कर दिया था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “शैतान की पैरवी करने के लिए मसीह का रास्ता छोड़ दिया” या “मसीह की बजाय शैतान की अताअत करने का फ़ैसला किया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 5:16

τις πιστὴ

कोई मसीही औरत या “कोई औरत जो मसीह में ईमान रखती है”

ἔχει χήρας

उसके रिश्तेदारों के दरमियान बेवाएं हैं

καὶ μὴ βαρείσθω ἡ ἐκκλησία

पौलुस बिरादरी का अपनी क़ाबिलियत से ज़ियादा लोगों की मदद करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो अपनी पीठ पर बहुत ज़ियादा वजन ले जा रहे थे। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ताके कलीसिया को उससे ज़ियादा काम न करना पड़े जितना वो कर सकती है” या “ताके मसीही बिरादरी को उन बेवाओं की मदद न करनी पड़े जिनके कुन्बे उनके लिए फ़राहम कर सकते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ὄντως χήραις

वो औरतें जिनके पास उनको फ़राहम करने वाला कोई नहीं है

1 Timothy 5:17

पौलुस दोबारा ज़िक्र करता है के किस तरह बुज़ुर्गों (निगहबानों) के साथ सुलूक होना चाहिए और फिर तीमुथियुस को बाज़ ज़ाती हिदायात देता है।

οἱ καλῶς προεστῶτες πρεσβύτεροι…ἀξιούσθωσαν

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तमाम ईमानदारों को उन बजुर्गों को क़ाबिल के तौर पर समझना चाहिए जो अच्छे रहनुमा हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

διπλῆς τιμῆς

मुमकिन मायने 1) “इज्ज़त और अदायगी” या 2) “दूसरे जितना हासिल करते हैं उससे ज़ियादा इज्ज़त”

οἱ κοπιῶντες

पौलुस कलाम का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ है जिसके साथ एक शख्स काम कर सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वो जो ख़ुदा के कलाम की मनादी करते और तालीम देते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 5:18

λέγει γὰρ ἡ Γραφή

यह तजस्सुम ए शख्सियत है जिसके मानी है के यह वही है जो किसी ने किताब ए मुक़द्दस में लिखा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “क्योंके हम किताब ए मुक़द्दस में पढ़ते हैं के” (देखें : INVALID translate/figs-personification)

βοῦν ἀλοῶντα οὐ φιμώσεις

पौलुस इस इक्तसाब का इस्तेमाल एक इस्तआरे के तौर पर कर रहा है जिसके मानी है के कलीसिया के रहनुमा मसीही बिरादरी से अपने काम के लिए अदायगी हासिल करने का हक़ रखते हैं। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

φιμώσεις

एक आस्तीन जो जानवर के थूथनी और मुँह के ऊपर से जाता है इसे खाने से रोकने के लिए जबके यह काम कर रहा होता है

ἀλοῶντα

और बैल “अनाज को छानता है” जब यह अनाज को शाख से अलग करने के लिए कटे हुए अनाज के ऊपर चलता है या एक भारी चीज़ को खींचता है। बैल को कुछ अनाज खाने की इजाज़त थी जब वो काम करते थे।

ἄξιος ὁ ἐργάτης τοῦ μισθοῦ αὐτοῦ

हक़ रखता है

1 Timothy 5:19

κατηγορίαν μὴ παραδέχου, ἐκτὸς εἰ

पौलुस इलज़ामात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चीज़ें थीं जिन्हें लोग जिस्मानी तौर पर क़बूल कर सकते थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “किसी इलज़ाम को सच के तौर पर क़बूल न कर जो कोई बोलता है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

δύο ἢ τριῶν

कम अज़ कम दो या “दो या ज़ियादा”

1 Timothy 5:20

τοὺς ἁμαρτάνοντας

यह किसी का कोई भी ऐसी चीज़ करने से मुराद है जो ख़ुदा की नाफ़रमानी करे या नाराज़गी करे, यहाँ तक के ऐसी चीज़ें जिनकी बाबत दूसरे लोग न जानते हों।

ἐνώπιον…πάντων

जहाँ हर कोई देख सकता है

ἵνα καὶ οἱ λοιποὶ φόβον ἔχωσιν

ताके दूसरे गुनाह करने से खौफ़ज़दा हों

1 Timothy 5:21

τῶν ἐκλεκτῶν ἀγγέλων

यह फिरिश्तों से मुराद है जिन्हें ख़ुदा और यिसू ने एक ख़ुसूसी तरीक़े से अपनी ख़िदमत के लिए मुन्तखिब किया है।

अल्फ़ाज़ “तरफ़दारी” और “एहसान” बुनियादी तौर पर एक ही चीज़ के मानी हैं। पौलुस ज़ोर दे रहा है के तीमुथियुस को ईमानदारी से और सब के साथ इन्साफ़ करते हुए फ़ैसला करना चाहिए। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “इन क़वानीन को बरक़रार रखना किसी के तरफ़दार हुए या एहसान दिखाए बगैर” (देखें : INVALID translate/figs-doublet)

ταῦτα φυλάξῃς

मुमकिन मायने 1) यह उन क़वानीन से मुराद है जो पौलुस ने तीमुथियुस को अभी बताया था या 2) यह उन क़वानीन से मुराद है जो पौलुस तीमुथियुस को बताने वाला है।

1 Timothy 5:22

χεῖρας ταχέως μηδενὶ ἐπιτίθει

हाथों को रखना एक रस्म था जिसमे कलीसिया के एक या उससे ज़ियादा रहनुमा लोगों पर अपने हाथ रखकर दुआ करते थे के ख़ुदा उन लोगों को कलीसिया की ख़िदमत उस तरीक़े से करने के क़ाबिल बनाये जो ख़ुदा को ख़ुश करे। तीमुथियुस को उस शख्स को मसीही बिरादरी की ख़िदमत के लिए बाज़ाबिता तौर पर अलग करने के पहले एक तवील वक़्त के लिए इन्तजार करना था जब तक वह शख्स अच्छा किरदार दिखा न दे।

μηδὲ κοινώνει ἁμαρτίαις ἀλλοτρίαις

पौलुस किसी के गुनाह का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक चीज़ थी जिसे दूसरों के साथ मुश्तरका किया जा सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “दूसरे शख्स के गुनाह में शरीक न होना” या “शिरकत न करना जब दूसरा शख्स गुनाह करे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

मुमकिन मायने 1) अगर तीमुथियुस कलीसिया का कारकुन होने के लिए किसी ऐसे शख्स का इन्तखाब करता है जो गुनाह का मुजरिम था, ख़ुदा उस शख्स के गुनाह के लिए तीमुथियुस को जिम्मेदार ठहराएगा या 2) तीमुथियुस को वो गुनाह नहीं करने चाहिए जो उसने दूसरों को करते हुए देखा।

1 Timothy 5:23

οἴνῳ ὀλίγῳ χρῶ

यह मफ़हूम है के पौलुस का मतलब है के तीमुथियुस को सिर्फ़ पानी नहीं पीना चाहिए। वह तीमुथियुस को मय का इस्तेमाल दवा के तौर पर करने के लिए कह रहा है। उस इलाक़े में पानी अक्सर बीमारी का सबब था। (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Timothy 5:24

ἀνθρώπων

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बाज़ लोगों के गुनाह बहुत वाज़े हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

πρόδηλοί εἰσιν, προάγουσαι εἰς κρίσιν

उनके गुनाह अदालत में उन लोगों से पहले पहुँच जाते हैं। पौलुस गुनाहों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चल रहे थे। मुमकिन मायने 1) उनके गुनाह इस तरह वाज़े हैं के हर एक जान जायेगा के वो मुजरिम हैं यहाँ तक के उनके ख़िलाफ़ किसी के गवाही देने से पहले या 2) उनके गुनाह वाज़े हैं, और ख़ुदा अब उनकी अदालत करता है। (देखें : INVALID translate/figs-personification)

τισὶν δὲ καὶ ἐπακολουθοῦσιν

मगर बाज़ गुनाह लोगों के पीछे जाते हैं। पौलुस गुनाहों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चल रहे थे। मुमकिन मायने 1) तीमुथियुस और मसीही बिरादरी कुछ गुनाहों के बाबत बाद में जानेंगे या 2) ख़ुदा कुछ गुनाहों की अदालत आख़िरी अदालत तक नहीं करेगा। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 5:25

καὶ τὰ ἔργα τὰ καλὰ πρόδηλα

बाज़ अच्छे काम वाज़े हैं

τὰ ἔργα τὰ καλὰ

काम “अच्छे” समझे गए हैं क्योंके वो ख़ुदा के किरदार, मक़ासद, और मर्ज़ी के मुताबिक़ हैं।

καὶ τὰ ἄλλως ἔχοντα, κρυβῆναι οὐ δύναταί

पौलुस गुनाहों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चीज़ें थीं जिन्हें कोई छिपा सकता था। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मगर बाद में लोग उन नेक आमाल के बाबत जानेंगे जो वाज़े नहीं हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 6

1 तीमुथियुस 06 आम नोट

इस बाब में ख़ुसूसी तसव्वरात

ग़ुलामी

पौलुस इस बाब में इस बाबत नहीं लिखता है के ग़ुलामी अच्छी है या बुरी। पौलुस इज्ज़त, एहतराम, और जाँफ़िशानी से मालिकों की ख़िदमत करने के बाबत तालीम देता है। पौलुस तमाम ईमानदारों को हर हालात में दीनदार और क़नाअत होने की तालीम देता है।

1 Timothy 6:1

पौलुस ग़ुलामों और मालिकों को बाज़ ख़ुसूसी हिदायात देता है और फिर दीनदारी की ज़िन्दगी गुज़ारने के हिदायात देना ज़ारी रखता है।

ὅσοι εἰσὶν ὑπὸ ζυγὸν δοῦλοι

पौलुस लोगों का ग़ुलामों के तौर पर काम करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो जुआ लेकर चल रहे बैल हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तमाम जो ग़ुलामों के तौर पर काम कर रहे हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ὅσοι εἰσὶν

यह मफ़हूम है के पौलुस ईमानदारों की बाबत कह रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “तमाम जो ईमानदार हैं”

ἵνα μὴ τὸ ὄνομα τοῦ Θεοῦ καὶ ἡ διδασκαλία βλασφημῆται

इसे ज़ेर ए अमल और मुश्बत के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ग़ैर ईमानदार ख़ुदा के नाम और तालीम की बाबत हमेशा एहतराम से बोल सकते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive और INVALID translate/figs-litotes)

τὸ ὄνομα τοῦ Θεοῦ

यहाँ “नाम” ख़ुदा की फ़ितरत या किरदार से मुराद है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा का किरदार” या “ख़ुदा” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

ἡ διδασκαλία

ईमान या “इन्जील”

1 Timothy 6:2

ἀδελφοί εἰσιν

यहाँ “भाईयों” के मानी है “साथी ईमानदार”

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मालिकों के लिए जिनकी ग़ुलाम अपने काम के ज़रिये मदद करते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

καὶ ἀγαπητοὶ

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुमकिन मायने 1) “और ग़ुलामों को उनसे महब्बत रखनी चाहिए” या 2) “जिनसे ख़ुदा महब्बत रखता है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 6:4

τετύφωται

यहाँ “वह” आम तौर पर किसी से मुराद है जो सिखाता है के क्या दुरुस्त नहीं है। इसे वाज़े करने के लिए, आप “वह” को “वो” के तौर पर तर्जुमा कर सकते हैं जैसा UST में। (देखें : INVALID translate/figs-genericnoun)

μηδὲν ἐπιστάμενος

ख़ुदा की सच्चाई के बाबत कुछ नहीं समझता

νοσῶν περὶ ζητήσεις

पौलुस उन लोगों का ज़िक्र करता है जो बेकार बहस में शामिल होने पर इस तरह मजबूर महसूस करते हैं गोया वो बीमार थे। ऐसे लोग बहस करने की बड़ी ख्वाहिश रखते हैं, और वो वाक़ई में एक राज़ी होने का तरीक़ा पाना नहीं चाहते। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वह सिर्फ़ बहस ही करना चाहता है” या “वह बहस की चाहत रखता है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ζητήσεις καὶ λογομαχίας

अल्फ़ाज़ की बाबत तनाज़आत और बहस, और इन तनाज़आत और बहस का नतीजा हसद होता है

λογομαχίας

अल्फ़ाज़ के मानी के बाबत

बहस, झगड़े

βλασφημίαι

लोगों का एक दूसरे के बाबत झूटे तौर पर बुरी बातें कहना

ὑπόνοιαι πονηραί

लोगों का इस तरह महसूस करना के दूसरे उनका बुरा करना चाहते हैं

1 Timothy 6:5

διεφθαρμένων ἀνθρώπων τὸν νοῦν καὶ ἀπεστερημένων τῆς ἀληθείας

बदमाश दिमाग़

διεφθαρμένων ἀνθρώπων τὸν νοῦν καὶ ἀπεστερημένων τῆς ἀληθείας

यहाँ लफ्ज़ “उन” किसी से मुराद है जो ऐसा कुछ भी सिखाता है जो यिसू की तालीम से रज़ामन्द नहीं है। जुमला “हक़ से महरूम हैं” इसे नज़रअन्दाज़ करने या भूल जाने की नुमाइंदगी करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उन्होंने सच को नज़रअन्दाज़ कर दिया है” या “वो सच को भूल गए हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 6:6

δὲ

यह तालीम से हटने की निशानदेही करता है। यहाँ पौलुस दौलतों की क़िस्म का फ़र्क़ करता है जो बदमाश लोग दीनदारी के ज़रिए तलाश करते हैं (1 तीमुथियुस 6:5) और सच क़िस्म का नफ़ा जो लोग दीनदारी के ज़रिये हासिल करते हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: ""बिल्कुल”

ἡ εὐσέβεια μετὰ αὐταρκείας

अल्फ़ाज़ “दीनदारी” और “क़नाअत” ख़ुलासा इस्म हैं। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “एक शख्स के लिए वह करना जो दीनदार है और जो उनके पास है उसमे क़नाअत होना बड़ा नफ़ा है” (देखें : INVALID translate/figs-abstractnouns)

बड़े नफ़े फ़राहम करता है या “हमारे लिए कई अच्छी चीज़ें करता है”

1 Timothy 6:7

οὐδὲν…εἰσηνέγκαμεν εἰς τὸν κόσμον

दुनिया में कुछ नहीं लाये जब हम पैदा हुए थे

οὐδὲ ἐξενεγκεῖν τι δυνάμεθα

और दुनिया से बाहर हम कुछ नहीं ले जा सकते जब हम मरते हैं

1 Timothy 6:8

ἀρκεσθησόμεθα

हमें चाहिए

1 Timothy 6:9

δὲ

यह लफ्ज़ तालीम से हटने की निशानदेही करता है। यहाँ पौलुस उन लोगों की बाबत उस मोज़ू पर वापस आता है जो लोग समझते हैं के दीनदार होना उनको दौलतमन्द बना देगा (1 तीमुथियुस 6:5).

ἐμπίπτουσιν εἰς πειρασμὸν, καὶ παγίδα

पौलुस उन लोगों की बाबत कहता है जो दौलत की आज़माइश की वजह से गुनाह करते हैं गोया वो जानवर हैं जो एक सुराख़ में गिर गए हैं जिसे किसी शिकारी ने फन्दे के तौर पर इस्तेमाल किया है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “दौलतमन्द बनने से जितना वो मुक़ाबला कर सकते हैं उससे ज़ियादा आज़माइशों का सामना करना पड़ेगा, और वो एक जानवर की मानिन्द फन्दे में होंगे (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

καὶ ἐπιθυμίας πολλὰς ἀνοήτους καὶ βλαβεράς

यह फन्दे के इस्तआरे को ज़ारी रखता है। इसके मानी है के उनके अहमक़ाना और नुक़सानदेह जज़्बात उन पर क़ाबू पा लेंगे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “और जिस तरह एक जानवर शिकारी के फन्दे में पड़ता है, वो कई अहमक़ाना और नुक़सानदेह जज़्बात में पड़ेंगे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

αἵτινες βυθίζουσι τοὺς ἀνθρώπους εἰς ὄλεθρον καὶ ἀπώλειαν

पौलुस उनकी बाबत कहता है जो गुनाह से खुद को तबाह करते हैं गोया वो एक कश्ती हैं जो पानी में डूब जाती है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “दूसरे तरह की बुराई में जो लोगों को बर्बाद और तबाह करती है गोया वो पानी में डूबती हुई एक कश्ती थे” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 6:10

ῥίζα…πάντων τῶν κακῶν ἐστιν ἡ φιλαργυρία

पौलुस बुराई की वजह का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक पौदे की जड़ थी। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “यह होता है क्योंके दौलत तमाम क़िस्म की बुराइयों की वजह है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἧς τινες ὀρεγόμενοι

जो ज़र की ख्वाहिश करते हैं

ἀπεπλανήθησαν ἀπὸ τῆς πίστεως

पौलुस ग़लत ख्वाहिशात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो बुरे रहनुमा थे जो जान बूझ कर लोगों की ग़लत रास्ते में रहनुमाई करते हैं। इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उनकी ख्वाहिशात ने उन्हें हक़ से दूर कर दिया है” या “हक़ पर ईमान रखना बन्द कर दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor और INVALID translate/figs-activepassive)

ἑαυτοὺς περιέπειραν ὀδύναις πολλαῖς

पौलुस ग़म का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह एक तलवार थी जिसे एक शख्स ख़ुद को वार करने के लिए इस्तेमाल करता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुद को बहुत ग़मगीन बना लिए हैं” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 6:11

यहाँ “तुम” वाहिद है और तीमुथियुस से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-you)

ὦ ἄνθρωπε Θεοῦ

ख़ुदा का ख़ादिम या “शख्स जो ख़ुदा से ताल्लुक़ रखता है”

ταῦτα φεῦγε

पौलुस इन आज़माइशों और गुनाहों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चीज़ें थीं जिनसे एक शख्स जिस्मानी तौर पर भाग सकता था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “इस बातों से मुकम्मल तौर पर गुरेज़ कर” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ταῦτα

“इन बातों” के मुमकिन मायने 1) “ज़र की महब्बत” या 2) मुख्तलिफ़ तालीमात, ग़ुरूर, बहस, और ज़र की महब्बत।

δίωκε

पीछे भागना या “पीछा करना”। पौलुस रास्तबाज़ी और दीगर अच्छी ख़ूबियों का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो चीज़ें थीं जिनके पीछे एक शख्स भाग सकता था। यह इस्तआरा “से भाग” का बरअक्स है। इसके मानी है किसी चीज़ को हासिल करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करना। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “हासिल करने का तालिब रह” या “अमल में लाने की पूरी कोशिश कर”

1 Timothy 6:12

ἀγωνίζου τὸν καλὸν ἀγῶνα τῆς πίστεως

यहाँ पौलुस एक शख्स की बाबत कहता है जो ईमान में काइम रहता है गोया वो एक खिलाड़ी है जो मुक़ाबला जीतने के लिए लड़ रहा है या एक जंगजू है जो जंग लड़ रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मसीह के तालीमात की फ़रमाँबरदारी के लिए अपनी पूरी कोशिश कर इतनी तवानाई के साथ जितनी एक खिलाड़ी मुक़ाबले में इस्तेमाल करता है”(देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἐπιλαβοῦ τῆς αἰωνίου ζωῆς

यह इस्तआरे को ज़ारी रखता है। पौलुस एक शख्स का अब्दी ज़िन्दगी हासिल करने का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो एक फ़तहमन्द खिलाड़ी या जंगजू हों जो अपना इनआम ले रहे हों। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “अब्दी ज़िन्दगी को अपने इनआम के तौर पर लो जिस तरह एक फ़तहमन्द खिलाड़ी अपना इनआम लेता है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

εἰς ἣν ἐκλήθης

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जिसके लिए ख़ुदा ने तुम्हें बुलाया है” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ὡμολόγησας τὴν καλὴν ὁμολογίαν

तुमने इक़रार किया जो अच्छा है या “तुमने सच का इक़रार किया”

ἐνώπιον πολλῶν μαρτύρων

पौलुस मक़ाम के नज़रिए का इज़हार उन लोगों के ख़याल को इशारा करने के लिए करता है जिनसे तीमुथियुस बोल रहा था। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बहुत से गवाहों को” (देखें : INVALID translate/figs-metonymy)

1 Timothy 6:13

पौलुस मसीह के आने का ज़िक्र करता है, अमीरों को ख़ास हिदायात देता है, और आखिर में तीमुथियुस को एक ख़ास पैग़ाम देने के साथ बन्द करता है

यह है जिसका मैं तुझे हुक्म देता हूँ

τοῦ ζῳοποιοῦντος τὰ πάντα

ख़ुदा की मौजूदगी में, जो हर शय को ज़िन्दगी बख्शता है। यह मफ़हूम है के पौलुस ख़ुदा को अपना गवाह होने के तौर पर कह रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा के साथ, जो हर शय को ज़िन्दगी बख्शता है, मेरे गवाह के तौर पर” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

τοῦ μαρτυρήσαντος ἐπὶ Ποντίου Πειλάτου τὴν καλὴν ὁμολογίαν

मसीह यिसू की मौजूदगी में, जिसने बोला....... पीलातुस। यह मफ़हूम है के पौलुस यिसू को अपना गवाह होने के लिए कह रहा है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “मसीह यिसू के साथ, जिसने बोला ...... पीलातुस, मेरे गवाह के तौर पर” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

1 Timothy 6:14

ἄσπιλον ἀνεπίλημπτον

लफ्ज़ “दाग़” अखलाक़ी ख़ता के लिए एक इस्तआरा है। मुमकिन मायने 1) यिसू तीमुथियुस में ग़लती नहीं पायेगा या उस पर ग़लत करने के लिए इल्ज़ाम लगाएगा 2) दूसरे लोग तीमुथियुस में ग़लती नहीं पाएंगे या उस पर ग़लत करने के लिए इल्ज़ाम लगाएंगे। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

μέχρι τῆς ἐπιφανείας τοῦ Κυρίου ἡμῶν, Ἰησοῦ Χριστοῦ

जब तक हमारा ख़ुदावन्द यिसू मसीह दोबारा आता है

1 Timothy 6:15

यह मफ़हूम है के ख़ुदा यिसू को ज़ाहिर करेगा। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “ख़ुदा यिसू को ज़ाहिर करेगा” (देखें : INVALID translate/figs-explicit)

ὁ μακάριος καὶ μόνος Δυνάστης

जो तारीफ़ के लाइक है जो दुनिया पर हुकूमत करता है

1 Timothy 6:16

ὁ μόνος ἔχων ἀθανασίαν

हमेशा ज़िन्दा रहने की ताक़त सिर्फ़ उसके पास है

φῶς οἰκῶν ἀπρόσιτον

ऐसे नूर में रहता है जिस तक किसी की रसाई नहीं हो सकती

1 Timothy 6:17

τοῖς πλουσίοις

यहाँ “दौलतमन्द” एक बराए नाम सिफ़त है। इसे एक सिफ़त के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जो दौलतमन्द हैं उनको बता” (देखें : INVALID translate/figs-nominaladj)

ἐπὶ πλούτου ἀδηλότητι

बहुत सी चीज़ों में जिनके वो मालिक हैं के वो खो सकते हैं। हवाला यहाँ जिस्मानी चीज़ों के लिए है।

πάντα πλουσίως εἰς ἀπόλαυσιν

तमाम चीज़ें जो हमें सच में ख़ुश बनाएंगी। हवाला यहाँ जिस्मानी चीज़ों को शामिल कर सकता है, मगर ज़यादातर यह महब्बत, ख़ुशी, और इत्मीनान के हालात का हवाला देता है जिन्हें लोग जिस्मानी चीज़ों के ज़रिये हासिल करने की कोशिश करते हैं।

1 Timothy 6:18

πλουτεῖν ἐν ἔργοις καλοῖς

पौलुस रूहानी बरकात का ज़िक्र इस तरह करता है गोया वो ज़मीनी दौलत थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “बहुत से तरीक़ों से दूसरों की ख़िदमत और मदद कर” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 6:19

ἀποθησαυρίζοντας ἑαυτοῖς θεμέλιον καλὸν εἰς τὸ μέλλον

यहाँ पौलुस ख़ुदा की उन बरकात की बाबत कहता है जो वह आसमान में देता है गोया वो दौलतें हैं जिन्हें एक शख्स बाद में इस्तेमाल के लिए ज़ख़ीरा कर रहा है। और, इन बरकात का यक़ीन के लोग इन्हें कभी नहीं खोएंगे, को इस तरह कहा गया है गोया वो एक इमारत की बुनियाद थे। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “यह ऐसा होगा गोया वो अपने लिए बहुत सी चीज़ों का ज़ख़ीरा कर रहे थे जो ख़ुदा उनको देगा” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἵνα ἐπιλάβωνται τῆς ὄντως ζωῆς

यह 1 तीमुथियुस 6:12 के खेलों के इस्तआरे की याद दिलाता है, जहाँ इनआम कुछ इस तरह का है जिसे फ़ातेह अस्ल में अपने हाथों में पकड़ सकता है। “इनआम” यहाँ “हक़ीक़ी” ज़िन्दगी है। (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

1 Timothy 6:20

τὴν παραθήκην

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “वफ़ादारी के साथ पैग़ाम ए हक़ का ऐलान कर जो यिसू ने तुझे दिया है” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

ἐκτρεπόμενος τὰς βεβήλους κενοφωνίας

बेहूदा बकवास की तरफ़ तवज्जो न दे

τῆς ψευδωνύμου γνώσεως

इसे ज़ेर ए अमल के तौर पर बयान किया जा सकता है। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “जिसे बाज़ लोग ग़लती से इल्म कहते हैं” (देखें : INVALID translate/figs-activepassive)

1 Timothy 6:21

περὶ τὴν πίστιν ἠστόχησαν

पौलुस मसीह में ईमान का ज़िक्र इस तरह करता है गोया यह निशाना लगाने के लिए एक हदफ़ हो। मुतबादिल तर्ज़ुमा: “उन्होंने समझा नहीं या इमान ए हक़ पर यक़ीन नहीं किया” (देखें : INVALID translate/figs-metaphor)

ἡ χάρις μεθ’ ὑμῶν

ख़ुदा का फ़ज़ल तुम सब पर होता रहे। “तुम” जमा है और पूरी मसीही बिरादरी से मुराद है। (देखें : INVALID translate/figs-you)